पेपर लीक हुआ फिर पीछे पड़ गए कॉकरोच और अब देना पड़ा इस्तीफा! जानिए कौन हैं धर्मेंद्र प्रधान

Who Is Dharmendra Pradhan: देश भर में नीट पेपर लीक विवाद और ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के नेतृत्व में चल रहे छात्र आंदोलनों के भारी दबाव के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज, शनिवार 25 जुलाई को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। कभी खुद छात्र राजनीति के दौरान पेपर लीक और सरकारी व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाने वाले धर्मेंद्र प्रधान के लिए यह एक अजीब ऐतिहासिक मोड़ रहा। जिस राजनीति से वे उभरे थे, अंततः उसी तरह के एक बड़े छात्र आंदोलन ने उन्हें पद छोड़ने पर मजबूर कर दिया।

आइए आपको बताते हैं छात्र आंदोलन से से लेकर मोदी सरकार में कैबिनेट मंत्री तक के धर्मेंद्र प्रधान के सफर की पूरी कहानी।

कौन हैं धर्मेंद्र प्रधान?

26 जून 1969 को ओडिशा के तालचेर में जन्मे धर्मेंद्र प्रधान पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता देबेंद्र प्रधान के पुत्र हैं। राजनीति उन्हें विरासत में जरूर मिली, लेकिन उनकी पहचान छात्र राजनीति से बनी। उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के साथ छात्र राजनीति की शुरुआत की और बाद में भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी बने।

1997 का पेपर लीक आंदोलन

साल 1997 में ओडिशा की तत्कालीन कांग्रेस सरकार के दौरान प्रश्नपत्र लीक विवाद हुआ था। तब ABVP के राष्ट्रीय सचिव रहे धर्मेंद्र प्रधान के नेतृत्व में करीब 1,500 छात्रों ने भुवनेश्वर में मुख्यमंत्री आवास के पास सचिवालय का घेराव किया था। इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने सख्त बल प्रयोग किया था, जिसमें धर्मेंद्र प्रधान को गंभीर चोटें आई थीं और उनके शरीर में कई जगह फ्रैक्चर भी हुए थे। इस घटना ने उन्हें ओडिशा में छात्र राजनीति का एक बड़ा चेहरा बना दिया।

विधायक से सांसद: चुनावी राजनीति का सफर

धर्मेंद्र प्रधान ने साल 2000 में ओडिशा की पल्लहड़ा सीट से विधानसभा चुनाव जीतकर अपनी चुनावी राजनीति की शुरुआत की थी। इसके बाद वे 2004 में ओडिशा की देवगढ़ सीट से पहली बार लोकसभा पहुंचे। उन्होंने बिहार और मध्य प्रदेश से राज्यसभा सदस्य के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं। 2024 के आम चुनाव में वे ओडिशा की संबलपुर लोकसभा सीट से भारी मतों से जीतकर फिर से संसद पहुंचे।

मोदी सरकार में बढ़ा कद, संभाले कई बड़े मंत्रालय

2014 में जब नरेंद्र मोदी सरकार सत्ता में आई, तब से ही धर्मेंद्र प्रधान सरकार के सबसे भरोसेमंद और प्रमुख चेहरों में से एक रहे हैं।

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय: 2014 में स्वतंत्र प्रभार मंत्री के रूप में उन्होंने इस महत्वपूर्ण आर्थिक मंत्रालय की कमान संभाली, जिसमें उन्होंने ‘उज्जवला योजना’ जैसे कई बड़े सुधार लागू किए।

कौशल विकास और इस्पात मंत्रालय: 2017 में उन्हें कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय का प्रभार मिला और 2019 में कैबिनेट मंत्री के रूप में उन्होंने इस्पात मंत्रालय भी संभाला।

जुलाई 2021 में शिक्षा मंत्री की कमान और NEP का क्रियान्वयन

जुलाई 2021 में रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ के हटने के बाद धर्मेंद्र प्रधान को देश का केंद्रीय शिक्षा मंत्री बनाया गया। उनके कार्यकाल का सबसे बड़ा काम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) को जमीनी स्तर पर लागू करना रहा। शिक्षा मंत्री रहते हुए वे नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की साख और परीक्षाओं के प्रबंधन को लेकर लगातार चुनौतियों से घिरे रहे।

नीट-यूजी 2026 परीक्षा में पेपर लीक और धांधली के गंभीर आरोपों के बाद विपक्षी दलों और ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) सहित कई छात्र युवा संगठनों ने उनके इस्तीफे की मांग को लेकर पिछले कई दिनों से मोर्चा खोला हुआ था, जिसके बाद आज उन्होंने पीएम मोदी को अपना इस्तीफा सौंप दिया है।

अगले महीने Moto Pad 70 की भारत में होगी एंट्री, मिलेगा 10,200mAh की बैटरी, जानें कीमत और स्पेसिफिकेशन्स

Moto Pad 70 अगले महीने भारत में लॉन्च होने के लिए तैयार है और इसे Flipkart के जरिए खरीदा जा सकेगा। आधिकारिक लॉन्च से पहले, Flipkart पर इसके लिए एक खास माइक्रोसाइट लाइव भी हो गई है, जिसमें इस Android टैबलेट के कई फीचर्स की जानकारी दी गई है। कंपनी ने कन्फर्म किया है कि इसमें 5G कनेक्टिविटी और 12.1-इंच का डिस्प्ले मिलेगा। इसके अलावा, यह टैबलेट MediaTek Dimensity 6400 चिपसेट से लैस होगा और इसमें 10,200mAh की बड़ी बैटरी दी जाएगी। इसमें Moto Pen भी बंडल के तौर पर मिलेगा।

Moto Pad 70 की लॉन्च डेट का ऐलान

Flipkart ने अपनी वेबसाइट पर Moto Pad 70 के लिए एक खास लैंडिंग पेज लाइव किया है, जिससे यह पता चलता है कि Moto Pad 70 भारत में 9 अगस्त को लॉन्च होगा। कंपनी के टीजर के मुताबिक, यह 5G टैबलेट 12.1 इंच के बड़े डिस्प्ले के साथ आएगा। इसमें 2.5K रेजोल्यूशन, हाई ब्राइटनेस मोड (HBM) में 800 निट्स की पीक ब्राइटनेस और DCI-P3 कलर गैमट का 96% कवरेज मिलेगा।

टीजर से यह भी कन्फर्म हो गया है कि Moto Pad 70 के बॉक्स में Moto Pen भी मिलेगा, जिसमें 4096 लेवल की प्रेशर सेंसिटिविटी और टिल्ट डिटेक्शन और पाम रिजेक्शन जैसे फीचर्स होंगे। इसकी मदद से यूजर्स नोट्स लिखने, ड्रॉइंग करने और क्रिएटिव काम आसानी से कर सकेंगे।

टैबलेट में कई AI फीचर्स भी मिलेंगे। इसमें AI Rewrite, Circle to Search, AI Summary और AI Continue Writing जैसे फीचर्स शामिल हैं। इसके अलावा, Moto Pad 70 में Google Gemini का इंटीग्रेशन भी दिया जाएगा, जिससे यूजर्स को स्मार्ट AI अनुभव मिलेगा।

Moto Pad 70: प्रोसेसर, बैटरी और अन्य फीचर्स

Moto Pad 70 में MediaTek Dimensity 6400 SoC होगा। इसकी मोटाई 6.29mm और वजन 530g है। इसके साथ Moto Folio Keyboard का सपोर्ट भी मिलेगा, जो मैग्नेटिक स्नैप-ऑन और पोगो-पिन कनेक्शन के जरिए आसानी से कनेक्ट हो सकेगा।

पावर बैकअप के लिए Moto Pad 70 में 10,200mAh की बड़ी बैटरी दी जाएगी, जो 68W TurboPower फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करेगी। ऑडियो के लिए इसमें क्वाड स्पीकर सेटअप मिलेगा, जो Dolby Atmos सपोर्ट के साथ आएगा। इसके अलावा, टैबलेट में Smart Connect फीचर भी दिया जाएगा, जिसकी मदद से यूजर्स अलग-अलग डिवाइस के बीच फाइल आसानी से शेयर कर सकेंगे।

सॉफ्टवेयर की बात करें तो, Moto Pad 70 Android 16 ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ आएगा। कंपनी ने इसमें Android 18 तक OS अपडेट देने और साल 2030 तक सिक्योरिटी अपडेट उपलब्ध कराने का वादा किया है।

इस बीच, Motorola 31 जुलाई को भारत में Moto Pad 70 Groove लॉन्च करने जा रही है और कंपनी ने इसके कई खास स्पेसिफिकेशन्स की पुष्टि भी कर दी है।

Moto Pad 70 Groove में 12.1 इंच का 2.5K रेजोल्यूशन वाला डिस्प्ले मिलेगा। इसके अलावा, टैबलेट में 10,200mAh की बड़ी बैटरी दी जाएगी, जो लंबे समय तक इस्तेमाल के लिए बेहतर बैकअप देने में मदद करेगी।

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Dharmendra Pradhan: धर्मेंद्र प्रधान ने पीएम मोदी को भेजी इस्तीफे की चिट्ठी, जानिए क्या है मंत्री के इस्तीफे की संवैधानिक प्रक्रिया

Dharmendra Pradhan Resigns: देश भर में नीट पेपर लीक और परीक्षाओं में धांधली को लेकर चल रहे भारी विरोध-प्रदर्शनों और छात्रों के उग्र आंदोलन के बीच अभी-अभी एक बड़ा अपडेट आया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी देते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि उन्होंने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंप दिया है। उन्होंने कहा कि ‘देशविरोधी ताकतों’ को भ्रम फैलाने और इस स्थिति का अनुचित फायदा उठाने से रोकने के लिए उन्होंने पद छोड़ने का फैसला किया है।

धर्मेंद्र प्रधान ने X पर क्या लिखा?

धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी बात रखते हुए कहा कि नीट विवाद को लेकर जिस तरह से अफवाहें और भ्रम फैलाया जा रहा था, उससे छात्रों के भविष्य और देश की व्यवस्था को नुकसान पहुंच रहा था। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे नहीं चाहते कि कोई भी अवांछित तत्व या देशविरोधी ताकतें इस स्थिति का फायदा उठाकर माहौल खराब करें, इसलिए उन्होंने जिम्मेदारी लेते हुए पद त्यागने का फैसला किया है।

अगर कोई केंद्रीय मंत्री इस्तीफा देता है, तो आगे क्या होती है प्रक्रिया?

भारतीय संविधान के तहत केंद्रीय मंत्रिपरिषद के किसी भी मंत्री के इस्तीफे की एक तय संवैधानिक प्रक्रिया होती है। संविधान के अनुच्छेद 75 के अनुसार, मंत्री अपना त्यागपत्र सीधे प्रधानमंत्री को संबोधित करते हुए या उनके माध्यम से भेजते हैं। प्रधानमंत्री उस इस्तीफे की समीक्षा करते हैं। अगर प्रधानमंत्री उसे स्वीकार करने का निर्णय लेते हैं, तो वे इसे मंजूरी के लिए राष्ट्रपति भवन भेजते हैं।

भारत के राष्ट्रपति संविधान के अनुच्छेद 75(2) के तहत प्रधानमंत्री की सलाह पर मंत्री का इस्तीफा आधिकारिक रूप से स्वीकार करते हैं। इसके बाद राष्ट्रपति भवन से इस संबंध में एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की जाती है।

मंत्री के हटने के बाद, प्रधानमंत्री या तो उस मंत्रालय का प्रभार खुद अपने पास रख लेते हैं या किसी अन्य कैबिनेट मंत्री को अतिरिक्त प्रभार सौंपते हैं। बाद में कैबिनेट फेरबदल के दौरान नए मंत्री की स्थायी नियुक्ति की जा सकती है।

SBI CBO Final Result 2026: आधिकारिक वेबसाइट पर एसबीआई सीबीओ का फाइनल रिजल्ट घोषित, 2050 पदों पर भर्ती के लिए हुई थी परीक्षा

SBI CBO Final Result 2026: देश के सार्वजनिक क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की ओर से आयोजित सर्किल बेस्ड ऑफिसर (CBO) भर्ती परीक्षा में शामिल उम्मीदवारों के लिए बड़ा और अहम अपडेट है। इस परीक्षा में शामिल उम्मीदवार अपने फाइनल रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं। एसबीआई ने इन परीक्षार्थियों का इंतजार खत्म करते हुए सीबीओ भर्ती का अंतिम रिजल्ट घोषित कर दिया है।

योग्य उम्मीदवारों के लिए इंटरव्यू राउंड 13 जुलाई, 2026 को हुआ था। सर्किल-बेस्ड ऑफिसर भर्ती इंटरव्यू में शामिल उम्मीदवार अब चेक कर सकते हैं कि उन्होंने क्वालिफाई किया है या नहीं। वे बैंक की आधिकारिक वेबसाइट sbi.bank.in से फाइनल मेरिट लिस्ट पीडीएफ डाउनलोड कर सकते हैं। फाइनल रिजल्ट में शॉर्टलिस्ट किए गए कैंडिडेट के रोल नंबर हैं। यह भर्ती प्रक्रिया भारत के अलग-अलग सर्किल में 2,050 CBO पदों भरने के लिए चलाई गई थी।

एसबीआई सीबीओ फाइनल रिजल्ट 2026 मेरिट लिस्ट पीडीएफ कैसे डाउनलोड करें?

  • एसबीआई की ऑफिशियल वेबसाइट sbi.bank.in पर जाएं।
  • होमपेज पर मौजूद करियर सेक्शन पर क्लिक करें।
  • सीबीओ भर्ती 2026 फाइनल रिजल्ट लिंक खोजें।
  • स्क्रीन पर दिख रहा रिजल्ट पीडीएफ खोलें।
  • क्वालिफाई करने का स्टेटस चेक करने के लिए अपना रोल नंबर एफ+3 की की मदद से खोजें।
  • पीडीएफ को डाउनलोड करके भविष्य के लिए सेव कर लें।

एसबीआई सीबीओ फाइनल रिजल्ट 2026 में दी गई डिटेल्स की लिस्ट

कैंडिडेट्स को एसबीआई सीबीओ फाइनल रिजल्ट 2026 मेरिट लिस्ट पीडीएफ में ये डिटेल्स देखनी चाहिए :

  • ऑर्गनाइजेशन का नाम
  • पोस्ट का नाम
  • रिजल्ट का नाम
  • सीबीओ के तौर पर अस्थायी रूप से चयनित उम्मीदवारों के रोल नंबर
  • निर्देश

एसबीआई सीबीओ फाइनल रिजल्ट 2026 के बाद आगे क्या?

जिन कैंडिडेट्स के रोल नंबर एसबीआई सीबीओ फाइनल रिजल्ट 2026 मेरिट लिस्ट में हैं, उन्हें डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन, नियुक्ति औपचारिकताओं और जॉइनिंग निर्देशों के बारे में आगे के अपडेट्स के लिए ऑफिशियल वेबसाइट देखते रहना चाहिए। भर्ती प्रक्रिया के अगले चरण में किसी भी देरी से बचने के लिए सभी जरूरी दस्तावेज तैयार रखने की सलाह दी जाती है। बैंक अपने आधिकारिक भर्ती पोर्टल के जरिए चयनित उम्मीदवारों के साथ सही समय पर अतिरिक्त निर्देश साझा करेगा।

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Indian Railways: AC कोच में 2 बेडशीट क्यों देता है? जानिए इसके पीछे की असली वजह

भारतीय रेलवे में AC कोच से सफर करने वाले यात्रियों को मिलने वाली बेडरोल किट में कई चीजें शामिल होती हैं, लेकिन एक बात अक्सर लोगों का ध्यान खींचती है दो बेडशीट। ज्यादातर यात्री इसे अतिरिक्त सुविधा मानते हैं, जबकि इसके पीछे एक खास वजह छिपी है। हाल ही में संसद में इस मुद्दे पर सवाल पूछे जाने के बाद रेलवे ने इसकी पूरी जानकारी दी। साथ ही लिनेन की सफाई, कंबलों के इस्तेमाल और यात्रियों की स्वच्छता से जुड़े नियमों पर भी स्थिति स्पष्ट की गई। इससे यह समझने में मदद मिलती है कि रेलवे सिर्फ सफर को आरामदायक ही नहीं, बल्कि अधिक स्वच्छ और सुरक्षित बनाने के लिए भी कई व्यवस्थाएं अपनाता है।

बेडरोल किट में क्या-क्या मिलता है?

भारतीय रेलवे First AC, Second AC, Third AC और AC Economy में सफर करने वाले यात्रियों को टिकट के साथ बेडरोल किट उपलब्ध कराता है। इसकी अलग से कोई कीमत नहीं ली जाती क्योंकि इसका खर्च टिकट में शामिल होता है।

एक बेडरोल किट में आमतौर पर ये सामान मिलता है

  • 2 बेडशीट
  • 1 तकिए का कवर
  • 1 हैंड टॉवल
  • 1 कंबल

आखिर 2 बेडशीट क्यों दी जाती हैं?

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा में बताया कि दोनों बेडशीट का इस्तेमाल अलग-अलग उद्देश्य के लिए होता है।

  • पहली बेडशीट सीट या बर्थ पर बिछाने के लिए होती है।
  • दूसरी बेडशीट कंबल के नीचे ओढ़ने से पहले इस्तेमाल की जाती है, ताकि कंबल सीधे यात्री के शरीर के संपर्क में न आए।

उन्होंने बताया कि यह अतिरिक्त बेडशीट स्वच्छता बनाए रखने के लिए दी जाती है और इसे हर इस्तेमाल के बाद धोया जाता है।

कंबल हर बार क्यों नहीं धोए जाते?

संसद में यह सवाल भी पूछा गया कि जब बेडशीट हर यात्रा के बाद धुलती है, तो ऊनी कंबलों को महीने में केवल एक बार ही क्यों साफ किया जाता है।

इसके जवाब में रेलवे ने बताया कि यात्रियों और कंबल के बीच अतिरिक्त बेडशीट का इस्तेमाल करने से सीधे संपर्क से बचाव होता है, जिससे स्वच्छता बेहतर बनी रहती है।

अब AI करेगा लिनेन की जांच

रेल मंत्री ने बताया कि रेलवे ने लिनेन की सफाई की गुणवत्ता जांचने के लिए नई तकनीक का इस्तेमाल शुरू कर दिया है।

  • सभी मैकेनाइज्ड लॉन्ड्री में Whito-Meter से बेडशीट की सफाई जांची जाती है।
  • लॉन्ड्री की निगरानी के लिए CCTV कैमरे लगाए गए हैं।
  • पुणे, जयपुर और जोधपुर में AI Camera Stain Detection तकनीक का पायलट प्रोजेक्ट भी शुरू किया गया है, जिससे बेडशीट पर बचे दाग की पहचान की जा सके।

किन ट्रेनों में शुरू हुई नई व्यवस्था?

रेलवे ने यात्रियों की सुविधा और स्वच्छता बढ़ाने के लिए फिलहाल कुछ ट्रेनों में कंबल कवर उपलब्ध कराने की शुरुआत की है।

यह सुविधा अभी North Western Railway की ट्रेनों और कामाख्या-हावड़ा वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू की गई है।

कब बदली जाती हैं बेडशीट और कंबल?

रेलवे के तय नियमों के अनुसार अलग-अलग लिनेन की एक निश्चित उपयोग अवधि होती है। समय पूरा होने या खराब होने पर इन्हें बदल दिया जाता है।

तकिए का कवर 9 महीने तक इस्तेमाल किया जाता है।

फेस टॉवल की निर्धारित अवधि भी 9 महीने है।

हैंडलूम बेडशीट को 12 महीने बाद बदल दिया जाता है।

Polyvastra (KVIC) बेडशीट की उपयोग अवधि 24 महीने तय है।

तकिए को 24 महीने तक इस्तेमाल किया जाता है।

वहीं, ऊनी कंबल भी सामान्य तौर पर 24 महीने की निर्धारित अवधि पूरी होने या खराब होने पर बदल दिए जाते हैं।

रेलवे का फोकस अब सफाई और आराम दोनों पर

भारतीय रेलवे का कहना है कि यात्रियों को साफ-सुथरा और सुरक्षित सफर देने के लिए लिनेन की गुणवत्ता पर लगातार नजर रखी जा रही है। नई तकनीक, नियमित जांच और समय पर लिनेन बदलने जैसी व्यवस्थाओं का उद्देश्य यात्रियों को बेहतर स्वच्छता और आराम उपलब्ध कराना है।

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Google Pixel 11 के लॉन्च से पहले बड़ा झटका! पूरी सीरीज की कीमतों में हो सकती है भारी बढ़ोतरी

Google Pixel 11 Leaks: Google Pixel 11 सीरीज के लॉन्च में अब कुछ ही दिन बाकी रह गए हैं। इस सीरीज में Google Pixel 11, Google Pixel 11 Pro, Google Pixel 11 Pro XL और Google Pixel 11 Pro Fold शामिल होंगे। 9 to 5 Google की एक रिपोर्ट के अनुसार, Google के डिवाइस और सर्विस के वाइस प्रेसिडेंट शकील बरकत ने कहा, “Google ने जहां तक ​​संभव हो सका, अपने ग्राहकों को सप्लाई में होने वाले उतार-चढ़ाव से बचाकर रखा है।”

उन्होंने आगे कहा कि बाजार की आर्थिक परिस्थितियां अब पूरी तरह बदल चुकी हैं और Google भी इससे प्रभावित हो रहा है। इसका असर सिर्फ Pixel 11 सीरीज के बेस मॉडल तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी सीरीज की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

Google ने यह भी कहा कि वह यूजर्स को किफायती कीमत पर प्रीमियम अनुभव देने के लिए प्रतिबद्ध है। शकील बरकत के मुताबिक, ग्राहक अभी भी प्रमोशन, ट्रेड-इन ऑफर और Google One जैसे बंडल बेनिफिट्स का फायदा उठा सकेंगे। ये ऑफर्स Pixel सीरीज को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने की कंपनी की रणनीति का अहम हिस्सा हैं।

Google Pixel 11 Leaks: कैमरा और स्पेसिफिकेशन्स

Google Pixel 11 में 6.3-इंच का OLED डिस्प्ले हो सकता है, जिसमें 120Hz रिफ्रेश रेट और 3000 निट्स की पीक ब्राइटनेस मिलेगी। बताया जा रहा है कि इस फोन में Google Tensor G6 प्रोसेसर और 8GB RAM होगी, साथ ही इसके एंट्री-लेवल वेरिएंट में 256GB इंटरनल स्टोरेज मिलेगी। इसके अलावा, लॉन्च के समय हमें इसके कई RAM और स्टोरेज वेरिएंट भी देखने को मिल सकते हैं। यह भी कहा जा रहा है कि पिछले मॉडल की तुलना में इस डिवाइस में बड़ी बैटरी और फास्ट चार्जिंग का सपोर्ट मिलेगा।

कैमरे की बात करें तो, इस फोन में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप हो सकता है, जिसमें ऑप्टिकल इमेज स्टेबिलाइजेशन (OIS) वाला 48MP का प्राइमरी कैमरा, 100X जूम वाला 48MP का कैमरा और एक और सेंसर शामिल होगा, जिसके बारे में अभी ज्यादा जानकारी नहीं है। कुछ अटकलों के अनुसार, इस डिवाइस में सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए 50MP का फ्रंट कैमरा हो सकता है।

वहीं, कीमत को लेकर सामने आई रिपोर्ट्स के अनुसार, Google Pixel 11 की शुरुआती कीमत भारत में करीब 85,999 रुपये हो सकती है। अगर यह कीमत सही साबित होती है, तो Pixel 11 सीधे प्रीमियम स्मार्टफोन सेगमेंट में मुकाबला करेगा।

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Commonwealth Games में भारत का खाता खोलने वाले झंडू कुमार थे पोलियो से ग्रसित में बेची सब्जियां

Jhandu Kumar

राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का खाता खोलने वाले पैरा भारोत्तोलक झंडु कुमार 5 साल से  पोलियो से ग्रसित थे। उन्होंने कुल 190 किलोग्राम पॉवरलिफ्ट करके भारत को कांस्य पदक जिताया। वह खुद एक सब्जी बेचने वाले के बेटे हैं और कोविड काल के दौरान उन्होंने सब्जी बेचकर अपना घर खर्च चलाया लेकिन आज उनका संघर्ष रंग लाया।

28 वर्षीय झंडु कुमार का जन्म नालंदा के हरनौत में हुआ था। झंडु कुमार का शुरुआती जीवन कई संघर्षों में बीता। उन्होंने गुजर बसर के लिए ई रिक्शा चलाया वहीं खानदानी पेशा सब्जियां भी बेची। लेकिन अंतत जैसे उन्होंने निजी जिंदगी के संघर्षो से पार पाकर जीत हासिल की वैसे ही ग्लासगो में भी भारत का झंडा बुलंद किया।

झंडू कुमार ने 5 सालों में ही अपने पैरों की मजबूती गंवा दी थी। पोलियो के कारण उनको बैसाखी का सहारा लेना पड़ा। सब्जी बेचने के अलावा उन्होंने ई रिक्शा चलाया ताकि घर चल पाए लेकिन यह भी काम नहीं आया। नतीजा यह हुआ कि उन्हें अपना ई रिक्शा भी बेचना पड़ा।झंडू कुमार ने गोला फेंक, भाला फेंक और चक्का फेंक जैसे खेलों में अपना भाग्य आजमाया लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। ऐसे में उन्होंने पॉवरलिफ्टिंग चुना और आज देश का खाता खुलवा गए।

प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर उनको बधाई दी”झंडू कुमार का शानदार प्रदर्शन! उन्होंने पुरुषों के हैवीवेट पैरा पावरलिफ्टिंग इवेंट में ब्रॉन्ज़ मेडल जीतकर #CWG2026 में भारत के लिए मेडल का खाता खोला है। उन्हें बधाई। उनकी यह उपलब्धि उनकी जबरदस्त ताकत, अटूट संकल्प और बरसों की अनुशासित मेहनत का बेहतरीन उदाहरण है। हर चुनौती का सामना करते हुए और इंटरनेशनल मंच पर शानदार प्रदर्शन करके, उन्होंने पूरे देश का मान बढ़ाया है और अनगिनत भारतीयों को प्रेरित किया है।”

देश का पहला REIT-बेस्ड इंडेक्स फंड, Edelweiss Mutual Fund ने किया लॉन्च

एडलवाइज म्यूचुअल फंड (Edelweiss Mutual Fund) ने ‘एडलवाइज निफ्टी REITs एंड रियल्टी इंडेक्स फंड’ लॉन्च किया है। यह एक ओपन-एंडेड पैसिव स्कीम है जो निफ्टी REITs और रियल्टी टोटल रिटर्न इंडेक्स (TRI) इंडेक्स को ट्रैक करती है। इस एक ही निवेश स्कीम के जरिए निवेशकों को लिस्टेड REITs (रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स)) और रियल एस्टेट डेवलपर्स, दोनों में निवेश का मौका मिलेगा। लिंक्डइन पर एक पोस्ट में सीईओ राधिका गुप्ता ने जिक्र किया कि यह अपनी तरह का पहला फंड है और यह निवेशकों को एक महत्वपूर्ण एसेट क्लास में डाईवर्सिफाईड निवेश का मौका देता है, जिसमें पहले से ही बड़े संस्थागत निवेशकों की मजबूत भागीदारी है।

Edelweiss Mutual Fund के नई स्कीम की खास बातें

एडलवाइज म्यूचुअल फंड का एडलवाइज निफ्टी REITs एंड रियल्टी इंडेक्स फंड सब्सक्रिप्शन के लिए अगले महीने 5 अगस्त को खुलेगा और19 अगस्त को बंद होगा। इसमें कम से कम ₹100 का निवेश करना होगा, कोई एग्जिट लोड नहीं लगेगा और इसका अधिकतम TER (टोटल एक्सपेंस रेश्यो) 0.90% होगा। इस स्कीम को भरत लाहोटी (Bharat Lahoti) और मानसी जलगांवकर (Manasi Jalgaonkar) मैनेज करेंगे।

यह फंड निफ्टी रीट्स एंड रियल्टी इंडेक्स को ट्रैक करेगा जिसमें 60% लिस्टेड रीट्स और 40% रियल एस्टेट कंपनियां हैं। एडलवाइज म्यूचुअल फंड का कहना है कि जैसे-जैसे नए REITs लिस्ट होंगे और इंडेक्स में शामिल होंगे, REITs का हिस्सा बढ़ने की संभावना है। इसके पोर्टफोलियो में 15 सिक्योरिटीज शामिल होंगी और कम से कम 60% REITs में लगेगा और बाी लिस्टेड रियल एस्टेट स्टॉक्स में। किसी एक सिक्योरिटीज में अधिकतम 15% तक ही निवेश किया जाएगा और साथ ही प्रमोटर ग्रुप से जुड़ी कंपनियों में निवेश पर भी एग्रीगेट एक्सपोजर लिमिट तय की गई है।

भारत में तेजी से बढ़ रहा REIT मार्केट

एडलवाइज की स्कीम ऐसे समय में लॉन्च हो रही है जब भारत का लिस्टेड REIT मार्केट लगातार बढ़ रहा है। छह लिस्टेड REITs के पास कुल मिलाकर लगभग ₹3.1 लाख करोड़ के ग्रेड-ए कमर्शियल रियल एस्टेट एसेट्स हैं और साल 2019 से उन्होंने निवेशकों को ₹31,700 करोड़ रुपये से अधिक का डिस्ट्रीब्यूशन किया है। REITs को 1 जनवरी, 2026 से इक्विटी इंस्ट्रूमेंट्स के तौर पर रीक्लासिफाई किया गया और 1 जुलाई से वे इक्विटी इंडेक्स का हिस्सा बन गए, जिससे इंस्टीट्यूशनल और रिटेल निवेशकों के बीच उनकी अपील बढ़ी है।

एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) के मुताबिक देश के ग्रेड-ए ऑफिस स्पेस का सिर्फ 13% हिस्सा ही फिलहाल लिस्टेड REITs के तहत आता है, जिससे यह संकेत मिलता है कि आने वाले समय में कमर्शियल एसेट्स के मोनेटाइजेशन की काफी संभावनाएं मौजूद हैं। फंड हाउस का मानना है कि शहरीकरण, इन्फ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ते खर्च, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) के विस्तार, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की ग्रोथ और इंस्टीट्यूशनल कैपिटल के बढ़ते निवेश जैसे जैसे स्ट्रक्चरल ड्राइवर्स से इस एसेट क्लास की लॉन्ग-टर्म ग्रोथ को मजबूती मिलेगी।

विकसित देशों की तुलना में भारत का REIT मार्केट अभी शुरुआती दौर में है। भारत में फिलहाल 6 लिस्टेड REITs हैं, जिनका अनुमानित मार्केट कैप करीब $1900 करोड़ है जबकि अमेरिका में 196 लिस्टेड REITs हैं, जिनका कुल मार्केट कैप करीब $1.4 ट्रिलियन यानी $1.4 लाख करोड़। इससे भारत में भविष्य में इस क्षेत्र के विस्तार की काफी संभावनाएं दिख रही हैं।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।