दिल्ली से यूपी तक आज भारी बारिश का तांडव, IMD ने कई राज्यों में जारी किया हैवी रेन का अलर्ट, आंधी-तूफान का भी खतरा, ऐसा रहेगा मौसम

Heavy Rain Alert: देशभर में इस वक्त कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता आम जनजीवन पर भारी पड़ रही है। ओडिशा-झारखंड-छत्तीसगढ़ से निकले डीप डिप्रेशन के प्रभाव से पूर्वी और मध्य भारत में भारी बारिश जारी है। उत्तर भारत के मैदानी और पहाड़ी इलाकों में भी मध्यम से भारी बारिश हो रही है। दिल्ली से लेकर उत्तराखंड, हिमाचल समेत कई राज्यों के लिए रेड और ऑरेंड अलर्ट जारी किया गया है।

इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 29 जुलाई के लिए वेदर बुलेटिन जारी करते हुए चेतावनी दी है कि दिल्ली, उत्तर प्रदेश से लेकर मध्य प्रदेश और दक्षिण भारत तक कई राज्यों में मूसलाधार बारिश का तांडव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने मध्य भारत के कई हिस्सों में अत्यंत भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है, जिससे दैनिक जनजीवन और यातायात प्रभावित होने की आशंका है।

मौसम विभाग के अनुसार, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ के इलाकों में सबसे ज्यादा बारिश का खतरा बना हुआ है, जबकि देश के 20 से अधिक राज्यों में आंधी-तूफान और गरज-चमक के साथ मूसलाधार पानी गिरेगा।

इन 3 राज्यों में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट

IMD के वेदर बुलेटिन के मुताबिक, तीन प्रमुख राज्यों के अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश और कुछ इलाकों में अत्यंत भारी बारिश (21 सेमी या उससे अधिक) होने की प्रबल संभावना है:

छत्तीसगढ़

पूर्वी मध्य प्रदेश

विदर्भ (महाराष्ट्र)

इन राज्यों में बारिश के प्रचंड रूप को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और निवासियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और पहाड़ों में बहुत भारी बारिश

मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत और पूर्वोत्तर के कई हिस्सों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में आज दिन भर गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहेगा। पंजाब के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के संवेदनशील और पहाड़ी इलाकों में मूसलाधार बारिश से भूस्खलन का खतरा बना रहेगा। पश्चिम मध्य प्रदेश और ओडिशा में कई जगहों पर बहुत भारी बारिश दर्ज हो सकती है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

यूपी, राजस्थान से लेकर दक्षिण भारत तक: यहां होगी भारी बारिश

देश के कई अन्य हिस्सों में भी आज हल्की से मध्यम और कई जगहों पर भारी बारिश का अनुमान जताया गया है:-

उत्तर भारत: उत्तर प्रदेश, पूर्वोत्तर राजस्थान और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख।

पूर्वी भारत: झारखंड, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय।

पश्चिम व मध्य भारत: कोंकण व गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा।

दक्षिण व तटीय भारत: तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल और माहे।

आंधी-तूफान, बिजली और तेज हवाओं की चेतावनी

मौसम विभाग ने बारिश के साथ-साथ तेज आंधी और आकाशीय बिजली गिरने का भी जोखिम जताया है। आंध्र प्रदेश, गुजरात राज्य, कोंकण व गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल के अलग-अलग इलाकों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की गति से चलने वाली हवाओं के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने का अनुमान है।

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बिहार, तटीय कर्नाटक, गांगेय पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, केरल व माहे, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना और विदर्भ में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चलेंगी और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के विभिन्न क्षेत्रों में गरज-चमक और वज्रपात की चेतावनी दी गई है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल व माहे, लक्षद्वीप और तेलंगाना में दिन भर मजबूत सतही हवाएं चलती रहेंगी।

एक लोकेशन ने खड़ा कर दिया विवाद! गुरुग्राम में Rapido राइड का वीडियो वायरल

गुरुग्राम में Rapido राइड के बाद यात्री और बाइक राइडर के बीच हुआ विवाद अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। वायरल वीडियो में महिला यात्री और राइडर के बीच ड्रॉप लोकेशन को लेकर बहस होती दिखाई दे रही है। महिला का आरोप है कि उसे तय जगह पर नहीं छोड़ा गया, जबकि राइडर का कहना है कि उसने ऐप में दिख रही लोकेशन के अनुसार ही ट्रिप पूरी की। इस घटना ने एक बार फिर ऑनलाइन कैब और बाइक टैक्सी सेवाओं में सही लोकेशन पिन, यात्री की सुविधा और राइडर की जिम्मेदारी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स भी इस मामले पर अपनी अलग-अलग राय दे रहे हैं और यह बहस तेज हो गई है कि ऐसी स्थिति में गलती आखिर किसकी मानी जाए।

ड्रॉप पॉइंट को लेकर शुरू हुआ विवाद

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शेयर किए गए वीडियो में देखा जा सकता है कि महिला यात्री राइडर पर आरोप लगाती है कि उसे गलत जगह उतारा गया। महिला का कहना था कि उसकी असली मंजिल परिसर के अंदर थी, लेकिन राइडर उसे बेसमेंट के रास्ते ले जाकर किसी दूसरी जगह छोड़ गया। गुस्से में महिला ने सवाल किया कि जब उसे सही जगह जाना था तो राइडर वहां तक क्यों नहीं पहुंचा।

राइडर ने दी अपनी सफाई

वहीं Rapido राइडर ने अपनी गलती मानने से इनकार करते हुए कहा कि उसने वही किया जो ऐप में लोकेशन दिखाई गई थी। उसका कहना था कि उसने स्क्रीन पर दिख रहे डेस्टिनेशन के हिसाब से ही यात्री को वहां छोड़ा। राइडर ने सफाई देते हुए कहा कि वह ऐप की बताई हुई लोकेशन को फॉलो कर रहा था और उसी के आधार पर ट्रिप पूरी की।

वीडियो बनाने वाला शख्स भी बहस में कूदा

इस दौरान एक अन्य व्यक्ति वीडियो रिकॉर्ड करता हुआ नजर आया, जिसने बीच में आकर महिला से किराया देने के लिए कहा। उसकी बार-बार दखलअंदाजी से माहौल और तनावपूर्ण हो गया। महिला ने उसे बीच में बोलने से रोकने की कोशिश की, लेकिन बहस लगातार बढ़ती चली गई।

आखिर में महिला ने किया पेमेंट

काफी देर तक चली बहस के बाद महिला ने अपना फोन निकाला और Rapido राइडर के QR कोड को स्कैन कर किराया चुका दिया। हालांकि, पेमेंट करने के बाद भी उसने राइडर और वीडियो बना रहे व्यक्ति से अपनी नाराजगी जाहिर की। इसके बाद महिला वहां से चली गई, लेकिन यह मामला सोशल मीडिया पर ऐप की लोकेशन और राइडर की जिम्मेदारी को लेकर नई बहस छेड़ गया है।

सोशल मीडिया पर लोग दे रहे अलग-अलग राय

वीडियो वायरल होने के बाद कुछ लोग राइडर के पक्ष में नजर आए और बोले कि अगर ऐप में गलत लोकेशन पिन थी तो पूरी जिम्मेदारी राइडर की नहीं हो सकती। वहीं कुछ यूजर्स का मानना है कि राइडर को यात्री से पुष्टि करके ही अंतिम ड्रॉप करना चाहिए था।

भारतीय रेलवे के कुछ डिब्बे नीले और कुछ लाल क्यों होते हैं? वजह जानकर रह जाएंगे हैरान

वह बाघिन जिसने 3 राज्यों के जंगल पार कर बदल दी भारत के वन्यजीव संरक्षण की कहानी | Tigress Zeenat

भारत में हजारों बाघ हैं, लेकिन कुछ बाघ अपनी अनोखी यात्रा की वजह से इतिहास में दर्ज हो जाते हैं। Tigress Zeenat ऐसी ही एक बाघिन है।
उसकी कहानी सिर्फ एक जंगल से दूसरे जंगल में जाने की नहीं है। यह कहानी है एक जंगली जानवर की हिम्मत, उसकी आज़ादी की चाह और इंसानों द्वारा प्रकृति को समझने की कोशिश की।
आखिरकार ज़ीनत ने 4 शावकों को जन्म देकर ना केवल बाघों की आबादी बढ़ाई, बल्कि सिमिलिपाल टाइगर रिजर्व में Genetic Diversity लाकर आने वाली पीढ़ियों को मज़बूत और स्वस्थ बना दिया। 

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Gift Nifty Indicator: क्रूड में उबाल से क्या लाल होगा बाजार या बुल्स भरेगा आज नई उड़ान, जानें गिफ्ट निफ्टी क्या दे रहा है संकेत

Gift Nifty Indicator: बुधवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के तेजी के साथ खुलने की उम्मीद है। GIFT निफ्टी गैप-अप शुरुआत का संकेत दे रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि एशियाई बाज़ार मंगलवार की भारी बिकवाली से उबर गए हैं। US फेडरल रिज़र्व के पॉलिसी फैसले और बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों की कमाई की रिपोर्ट से पहले आई उम्मीद ने ग्लोबल रिस्क सेंटीमेंट को बेहतर बनाया है।

सुबह 8:15 बजे GIFT निफ्टी 245 अंक या 1.02 फीसदी बढ़कर 24,230 पर ट्रेड कर रहा था, जिससे संकेत मिलता है कि निफ्टी 50 मंगलवार की क्लोजिंग 23,985.35 से काफी ऊपर खुल सकता है। यह सकारात्मक संकेत तब आया है जब मंगलवार को भारतीय शेयर बाज़ार में ज़्यादातर सपाट कारोबार हुआ था। सेंसेक्स 69.86 अंक या 0.09 प्रतिशत गिरकर 76,765.92 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 10.60 अंक या 0.04 प्रतिशत गिरकर 23,985.35 पर बंद हुआ। IT, ऑटो और रियल्टी शेयरों में बढ़त के बावजूद एनर्जी, FMCG, मेटल और बैंकिंग शेयरों में कमजोरी के कारण बाज़ार में गिरावट रही।

भारी बिकवाली के बाद एशियाई बाजारों में रिकवरी

पिछले सेशन में भारी नुकसान के बाद बुधवार को एशियाई शेयरों में रिकवरी हुई, क्योंकि निवेशक US फेडरल रिज़र्व के पॉलिसी फ़ैसले और बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों की कमाई का इंतज़ार कर रहे थे।

मंगलवार को 3.6 प्रतिशत गिरने के बाद MSCI का एशिया-पैसिफिक शेयरों (जापान को छोड़कर) का सबसे बड़ा इंडेक्स 0.8 प्रतिशत बढ़ा। दक्षिण कोरिया के कोस्पी में 1 प्रतिशत से ज़्यादा की बढ़त हुई, जबकि जापान के निक्केई में लगभग 1 प्रतिशत की तेज़ी आई। नैस्डैक फ्यूचर्स 0.5 प्रतिशत बढ़े और यूरोपीय फ्यूचर्स ने भी मज़बूत शुरुआत का संकेत दिया।

यह रिकवरी AI से जुड़े खर्च, चिप-सेक्टर के वैल्यूएशन और बढ़ती प्रतिस्पर्धा को लेकर बनी चिंताओं के बावजूद हुई, जिनकी वजह से इस हफ़्ते की शुरुआत में टेक्नोलॉजी शेयरों में भारी बिकवाली हुई थी।

मिडिल ईस्ट में नए तनाव के कारण क्रूड में उछाल

मिडिल ईस्ट में नए तनाव के कारण हाल के दिनों में देखी गई शांति खत्म हो गई और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 3 प्रतिशत बढ़कर $86.80 प्रति बैरल हो गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 3 प्रतिशत से ज़्यादा बढ़कर $81.95 पर पहुंच गया। यह बढ़त तब हुई जब US सेना ने कहा कि ईरान ने कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं जिन्हें सफलतापूर्वक रोक दिया गया। मंगलवार को अमेरिकी बाज़ार मिले-जुले रुख के साथ बंद हुए। एप्पल और दूसरी बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों के नतीजे आने से पहले, सेमीकंडक्टर शेयरों में आई गिरावट की भरपाई डिफेंसिव हैवीवेट शेयरों में हुई बढ़त से हो गई।

S&P 500 में 0.21 प्रतिशत की बढ़त हुई, जबकि डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 1.03 प्रतिशत चढ़ा। नैस्डैक कंपोजिट 0.22 प्रतिशत गिरा क्योंकि निवेशक टेक्नोलॉजी शेयरों को लेकर सतर्क रहे।

उम्मीद है कि फेडरल रिजर्व बुधवार को बाद में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा; बाज़ार में दरों में कोई बदलाव न होने की संभावना 71 प्रतिशत और 25-बेसिस-पॉइंट की बढ़ोतरी की संभावना 29 प्रतिशत मानी जा रही है।

निफ्टी- बैंक निफ्टी पर क्या बनाए रणनीति

HDFC सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी ने कहा कि सोमवार को आई ज़बरदस्त तेज़ी के बाद, कमज़ोर ग्लोबल मार्केट संकेतों के बीच मंगलवार को निफ्टी 50 कंसोलिडेशन के दौर में चला गया। उन्होंने बताया कि डेली चार्ट पर इंडेक्स ने एक छोटी बुलिश कैंडलस्टिक बनाई है, जिसमें ऊपर की तरफ़ एक छोटी शैडो (upper shadow) है। यह 24,000–24,100 के अहम रेजिस्टेंस ज़ोन के पास उतार-चढ़ाव वाली चाल (choppy price action) का संकेत देता है, जो ‘पोलैरिटी में बदलाव’ (change in polarity) के कॉन्सेप्ट के अनुरूप है।

शेट्टी के अनुसार, जारी कंसोलिडेशन के बावजूद निफ्टी का शॉर्ट-टर्म ट्रेंड पॉज़िटिव बना हुआ है। हालांकि, इंडेक्स के एक अहम ओवरहेड रेजिस्टेंस के पास होने की वजह से, उन्हें उम्मीद है कि 24,100 के लेवल के ऊपर निर्णायक ब्रेकआउट की कोशिश करने से पहले, मार्केट में निकट भविष्य में और कंसोलिडेशन या मामूली पुलबैक देखने को मिल सकता है।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, मजबूत हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

LIVE: भारत पर फिर खतरा, लगेगा 100 प्रतिशत टैरिफ, बिल पर मुहर, देशभर में बारिश, चारधाम यात्रा पर रोक

trump 200 percent tariff on generic medicines

अमेरिका की सीनेट ने एक ऐसे बिल पर चर्चा की मंजूरी दे दी है जिसका भारत पर बड़ा असर हो सकता है। अमेरिकी संसद के इस उच्च सदन ने मंगलवार, 28 जुलाई को रूस की तेल और गैस बेचने से होने वाली कमाई को निशाना बनाने वाले बड़े प्रतिबंध (सैंक्शन) वाले बिल को आगे बढ़ा दिया। बिल पास करने की ओर पहला कदम उठा लिया गया है। अगर अब यह बिल निचले सदन से भी पास हो जाता है तो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को यह पावर मिल जाएगा कि वह रूस से तेल खरीदने वाले भारत जैसे देशों पर 100 प्रतिशत का टैरिफ लगा सकते हैं। जब सीनेट में इस बिल पर वोटिंग हो रही थी तब यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लोडिमिर जेलेंस्की सीनेट गैलरी से देख रहे थे। रूस से जंग के बीच जेलेंस्की वॉशिंगटन पहुंचे थे, उन्होंने ट्रंप से मुलाकात की है और रूस के खिलाफ और सख्त कदम उठाने की मांग की है।

बारिश का कहर, तीर्थयात्रा पर रोक : इसके असर को देखते हुए IMD ने अगले 4-5 दिनों में उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में सामान्य से ज्यादा और अगले 5-6 दिनों में पूर्वी भारत में भारी बारिश की चेतावनी दी है। गुजरात में भारी बारिश और बाढ़ से देश की सबसे बड़ी ऑटो कंपनियों में से एक टाटा मोटर्स भी प्रभावित है। कंपनी के साणंद प्लांट और आसपास मौजूद कई सप्लायर की यूनिट पानी भरने के कारण बंद करानी पड़ीं। इधर, उत्तराखंड में लैंडस्लाइड से तीर्थयात्रा के रास्ते बंद हो गए। खराब मौसम के चलते चारधाम यात्रा 2 दिनों के लिए रोक दी गई है। चंपावत, बागेश्वर और टिहरी में क्लास 1 से 12वीं तक के सभी स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बंद कर दिए गए हैं।

Delhi Weather: झमाझम बारिश से राजधानी में मौसम हुआ सुहाना, 24 घंटे में 9°C तक लुढ़का तापमान, IMD ने जारी किया रेड अलर्ट

Delhi Weather: मौसम की कई स्थितियों के एक साथ बनने की वजह से मंगलवार को दिल्ली-NCR में जबरदस्त बारिश हुई, जिससे यह जुलाई के सबसे ज्यादा बारिश वाले दिनों में से एक बन गया। मौसम विभाग के मुताबिक, बारिश की वजह से तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की गई, जिसके चलते उमस और गर्मी झेल रहे लोगों को काफी राहत मिली।

राजधानी के मुख्य मौसम केंद्र सफदरजंग में सुबह 8:30 बजे से शाम 5:30 बजे के बीच 57.6 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि पूसा में सबसे ज्यादा 88.5 मिमी बारिश हुई। इसके बाद महरौली (79 मिमी), जनकपुरी (77 मिमी) और लोधी रोड (68.8 मिमी) बारिश रिकॉर्ड की गई।

इस महीने मंगलवार से ज्यादा बारिश सिर्फ एक बार हुई थी, जब 8 जुलाई की सुबह 8:30 बजे से अगले दिन सुबह 8:30 बजे तक 24 घंटों में 72.66 मिमी बारिश दर्ज की गई थी।

मंगलवार शाम तक, दिल्ली में इस जुलाई में 258.2 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो इसके 209.7 मिमी के मासिक औसत से ज्यादा है।

बीते कई दिनों से राजधानी में उमस इतनी ज्यादा थी कि ‘फील्स लाइक’ (महसूस होने वाला) तापमान 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। लेकिन मंगलवार की झमाझम बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। महज 24 घंटे में अधिकतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस गिरकर 29 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। इसके साथ ही यह पिछले तीन वर्षों का सबसे ठंडा जुलाई का दिन बन गया।

इससे पहले जुलाई में इससे कम अधिकतम तापमान 8 जुलाई 2023 को दर्ज किया गया था, जब पारा 28.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मंगलवार दोपहर दिल्ली के लिए रेड अलर्ट जारी किया। विभाग के अनुसार, बुधवार को मध्यम बारिश और गुरुवार को हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय कई मौसम प्रणालियां एक साथ सक्रिय हैं। बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम पूर्वी हवाएं, अरब सागर से आने वाली पश्चिमी हवाएं, ओडिशा के ऊपर बना गहरा निम्न दबाव (डीप डिप्रेशन) और पश्चिमी हिमालय में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ मिलकर उत्तर भारत के बड़े हिस्से में जोरदार बारिश करा रहे हैं।

स्काईमेट के उपाध्यक्ष महेश पलावत ने बताया, “ओडिशा के ऊपर बना गहरा निम्न दबाव अब उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत की ओर बढ़ रहा है। इसके असर से दिल्ली और आसपास के इलाकों में अगले दो से तीन दिनों तक रुक-रुक कर हल्की बारिश होने की संभावना है।”

उन्होंने लोगों को सलाह दी कि अगले कुछ दिनों तक उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की यात्रा करने से बचें, क्योंकि वहां भारी बारिश के कारण हालात बिगड़ सकते हैं। वहीं, उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) आने का भी खतरा बना हुआ है।

वहीं, लगातार हुई बारिश का असर तापमान पर भी साफ दिखाई दिया। मंगलवार को सफदरजंग में अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 6 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया गया। वहीं, न्यूनतम तापमान 25.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से करीब 2 डिग्री सेल्सियस कम था। इससे दिल्लीवासियों को उमस भरी गर्मी से काफी राहत मिली।

यह भी पढ़ें: कल भारी बारिश का तांडव: 22+ राज्यों में अलर्ट, IMD ने इन 3 राज्यों में रेड कलर वॉर्निंग जारी की, दिल्ली से यूपी तक ऐसा रहेगा मौसम

Petrol Diesel Price Today: पेट्रोल-डीजल के नए रेट लागू, देखें आपके शहर में क्या है भाव

Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 29 जुलाई 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट

नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर।

मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर।

कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 जबकि डीजल ₹99.82 प्रति लीटर।

चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 और डीजल ₹99.55 प्रति लीटर।

गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 तथा डीजल ₹95.44 प्रति लीटर।

नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.56 प्रति लीटर।

बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 जबकि डीजल ₹98.80 प्रति लीटर।

भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 और डीजल ₹100.92 प्रति लीटर।

चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 तथा डीजल ₹86.09 प्रति लीटर।

हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 और डीजल ₹103.82 प्रति लीटर।

जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 जबकि डीजल ₹97.78 प्रति लीटर।

लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 और डीजल ₹95.55 प्रति लीटर।

पटना: पेट्रोल ₹113.35 तथा डीजल ₹99.36 प्रति लीटर।

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49 और डीजल ₹104.40 प्रति लीटर।

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

Global Market Today: चिप शेयरों में बिकवाली जारी, एशिया बाजारों में गिरावट, कोस्पी 5% से ज्यादा टूटा

Global Market Today: चिप शेयरों में बिकवाली जारी है। Sandisk 14 परसेंट लुढ़का है। Micron, SK Hynix ADR, Seagate, Intel जैसे दिग्गज भी 10 परसेंट तक नीचे फिसले। कल की बड़ी गिरावट के बाद कोरिया का बाजार आज भी दबाव में नजर आ रहा है। US में नैस्डैक में भी प्रेशर दिखा। हालांकि OLD ECONOMY को Reflect करने वाला डाओ जोंस 500 प्वाइंट ऊपर बंद हुआ।

निक्केई करीब 1.30 फीसदी की गिरावट के साथ 61,555.00 के आसपास दिख रहा है। वहीं, स्ट्रेट टाइम्स में 0.27 फीसदी की बढ़त दिखा रहा है। ताइवान का बाजार 1.81 फीसदी गिरकर 40,865.50 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। जबकि हैंगसेंग 1.49 फीसदी की बढ़त के साथ 25,688.00 के स्तर पर नजर आ रहा है। वहीं, कोस्पी में 5.11 फीसदी की गिरावट के साथ कारोबार हो रहा है। वहीं शंघाई कम्पोजिट 0.75 फीसदी की गिरावट के साथ 3,784.70 के स्तर पर दिख रहा है।

वॉल स्ट्रीट

मंगलवार रात अमेरिकी स्टॉक इंडेक्स फ्यूचर्स में सुस्ती रही, जबकि ईरान के हमले को अमेरिकी सेना द्वारा रोके जाने के बाद तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई।S&P 500 फ्यूचर्स में कोई खास बदलाव नहीं हुआ, नैस्डैक 100 फ्यूचर्स सपाट स्तर के आसपास रहे और डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज फ्यूचर्स 38 अंक या लगभग 0.1% नीचे आए।

मंगलवार के रेगुलर सेशन के दौरान, डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में 500 अंकों से ज़्यादा की रैली देखी गई, क्योंकि निवेशकों ने आने वाले फैसले से पहले अपनी स्थिति मज़बूत की। तेल की कीमतों में हालिया गिरावट के कारण इस ब्लू-चिप इंडेक्स में लगातार तीसरे दिन बढ़त दर्ज की गई। वहीं, सेमीकंडक्टर शेयरों में कमजोरी के कारण नैस्डैक कम्पोजिट लगातार पांचवें सेशन में गिरावट के साथ बंद हुआ।

क्रूड में तेजी

बुधवार, 29 जुलाई को तेल की कीमतों में 3% से ज़्यादा की रिकवरी हुई। पिछले सेशन में हुई भारी गिरावट के बाद यह सुधार हुआ, जब अमेरिका और ईरान ने तनावपूर्ण गतिविधियों को रोक दिया था। अमेरिकी कच्चे तेल के भंडार में उम्मीद से ज़्यादा कमी आने से भी इस रिकवरी को बल मिला।

पिछले तीन सेशन में 14% से ज़्यादा गिरने के बाद ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स $2.71 या 3.2% बढ़कर $86.80 प्रति बैरल हो गया। वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड $2.26 या 3.4% बढ़कर $81.95 प्रति बैरल पर पहुंच गया। US-Iran युद्ध

X पर एक पोस्ट के अनुसार, अमेरिकी सेना ने कहा कि उसने मध्य पूर्व में अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाने के लिए ईरान द्वारा किए गए “अचानक हमले की कोशिश” को सफलतापूर्वक रोक दिया।

इस बीच, इराक में ईरान समर्थित मिलिशिया ने लगातार दूसरे दिन सऊदी अरब के पूर्वी क्षेत्र में तेल सुविधाओं पर ड्रोन से हमला किया, जिससे देश पर दबाव बढ़ गया। सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसने मंगलवार को हमले को रोक दिया, लेकिन यह नहीं बताया कि क्या किसी सुविधा को नुकसान पहुंचा है। सरकारी IRIB न्यूज़ के अनुसार, ईरान ने इस घटना में किसी भी तरह की भागीदारी से इनकार किया।

US Fed की बैठक

निवेशकों की नजर US फेडरल रिज़र्व के ब्याज दरों पर आने वाले फ़ैसले और बुधवार, 29 जुलाई को होने वाली चेयरमैन केविन वॉर्श की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर भी है।CME के ​​FedWatch टूल के अनुसार, Fed फंड्स फ़्यूचर्स से संकेत मिलता है कि लगभग 70% संभावना है कि केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को मौजूदा 3.5% से 3.75% की टारगेट रेंज में ही बनाए रखेगा।

आज सोने की कीमत

दिन में बाद में आने वाले फ़ेडरल रिज़र्व के ब्याज दर के फ़ैसले से पहले बुधवार को सोने की कीमतों में गिरावट आई।

पिछले सेशन में 1.1% की गिरावट के बाद शुरुआती कारोबार में सोना $4,020 प्रति औंस के आसपास ट्रेड कर रहा था। इंटरेस्ट-रेट स्वैप से संकेत मिलता है कि Fed द्वारा 25-बेसिस-पॉइंट की दर बढ़ोतरी की संभावना लगभग तीन में से एक है, जो पॉलिसी की घोषणा से पहले अनिश्चितता के असामान्य रूप से उच्च स्तर को उजागर करता है। आम तौर पर ऊंची ब्याज दरें सोने पर दबाव डालती हैं, क्योंकि इस कीमती धातु से कोई ब्याज आय नहीं होती।

पांच महीने पहले US-Iran संघर्ष शुरू होने के बाद से सोने में लगभग 25% की गिरावट आई है, क्योंकि ऊर्जा की ऊंची कीमतों ने महंगाई की चिंताओं को बढ़ा दिया है। भारी गिरावट के बावजूद, निवेशकों की ओर से मज़बूत ‘डिप-बाइंग’ (कीमत गिरने पर खरीदारी) के कारण यह धातु जून के आखिर से $4,000 प्रति औंस के अहम सपोर्ट लेवल से ऊपर बनी हुई है।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Guru Purnima 2026: आज गुरु पूर्णिमा के साथ मनाया जाएगा व्यास जयंति और शिव शयनोत्सव का पर्व, जानें आज मनाए जा रहे त्योहारों का महासंगम

Guru Purnima 2026: आज आषाढ़ माह की पूर्णिमा तिथि है। धार्मिक मान्यतओं के अनुसार, आज के दिन गुरु पूर्णिमा मनाई जाती है, जो जीवन में मार्ग दर्शन करने वाले सभी गुरुओं को समर्पित है। साथ ही, पौराणिक मान्यताओं के अनुसार महाभारत के रचयिता महर्षि वेद वयास का जन्म भी आषाढ़ पूर्णिमा के दिन हुआ था। इसलिए आज व्यास जयंति भी मनाते हैं। इसके अलावा, आज के दिन भागवान शिव का शयनोत्सव भी मनाया जाता है। आषाढ़ पूर्णिमा के दिन आषाढ़ी पूर्णिमा, सत्यनारायण व्रत और बुधवार व्रत का पावन संयोग भी बन रहा है। ज्योतिष और धर्मशास्त्र के अनुसार एक ही दिन इन सभी पर्वों का संगम साधना, ज्ञान, भक्ति और पुण्य प्राप्ति के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। श्रद्धालुओं को इस दिन गुरु पूजन, भगवान विष्णु और भगवान शिव की आराधना के साथ व्रत एवं दान-पुण्य करने का अवसर मिल रहा है। आइए जानें आज कौन-कौन से पर्व मनाए जाएंगे

गुरु पूर्णिमा : गुरु पूर्णिमा भारतीय संस्कृति में गुरु के प्रति श्रद्धा और सम्मान का सबसे बड़ा पर्व माना जाता है। इस दिन अपने गुरु का पूजन, आशीर्वाद प्राप्त करना तथा शिक्षा और आध्यात्मिक उन्नति का संकल्प लेना विशेष फलदायी माना जाता है।

आषाढ़ी पूर्णिमा : आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि को आषाढ़ी पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है। यह दिन स्नान, जप, तप, दान और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। साथ ही पितरों के नाम का भोजन और दान करने का भी विशेष महत्व बताया गया है।

व्यास पूजा : गुरु पूर्णिमा को महर्षि वेदव्यास की जयंती के रूप में भी मनाया जाता है। उन्होंने वेदों का विभाजन, महाभारत और अनेक पुराणों की रचना कर सनातन ज्ञान को जन-जन तक पहुंचाया। इसलिए इस दिन व्यास पूजा कर उन्हें आदिगुरु के रूप में स्मरण किया जाता है।

सत्यनारायण व्रत : पूर्णिमा तिथि भगवान विष्णु के सत्यनारायण स्वरूप की पूजा के लिए सर्वोत्तम मानी जाती है। इस दिन सत्यनारायण व्रत और कथा का सुनने के बाद श्रद्धालु पंचामृत, फल और प्रसाद अर्पित करते हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से श्रीहरि और माता लक्ष्मी की कृपा रहती है।

शिव शयनोत्सव : धार्मिक मान्यताओं के अनुसार आषाढ़ पूर्णिमा पर भगवान शिव का शयनोत्सव भी मनाया जाता है। जैसे देवशयनी एकादशी पर भगवान विष्णु योग निद्रा में जाते हैं, उसी तरह भगवान शिव भी शयन के लिए चले जाते हैं और सृष्टि का कार्यभार रूद्र संभालते हैं। इस दिन शिव मंदिरों में विशेष श्रृंगार, रुद्राभिषेक और शयन आरती की जाती है।

बुधवार व्रत : इस बार पूर्णिमा तिथि बुधवार के दिन पड़ रही है। बुधवार का दिन प्रथम पूज्य भगवान गणेश और ग्रहों के राजकुमार बुधदेव को समर्पित है। मान्यत है कि इस दिन गणपति की पूजा करने से बुद्धि, विवेक, व्यापार, शिक्षा और वाणी से जुड़े कार्यों में सफलता प्राप्त होती है और कुंडली में बुध ग्रह की स्थिति मजबूत होती है।

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NPS Pension Calculation: NPS से रिटायरमेंट पर कितनी पेंशन मिलेगी? उम्र और निवेश के हिसाब से समझिए पूरा कैलकुलेशन

NPS Pension Calculation: रिटायरमेंट के बाद हर महीने नियमित आमदनी हो, ये हर नौकरीपेशा और निवेशक की सबसे बड़ी चिंता होती है। इसी जरूरत को पूरा करने के लिए नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) बनाया गया है। इसमें आप नौकरी के दौरान थोड़ा-थोड़ा निवेश करते हैं। रिटायरमेंट के समय एक हिस्सा एकमुश्त मिलता है। बाकी रकम से एन्युटी (Annuity) खरीदी जाती है, जिससे हर महीने पेंशन मिलती है।

लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि अगर हर महीने 2,000, 5,000 या 10,000 रुपये जमा करें, तो रिटायरमेंट के बाद कितनी पेंशन मिल सकती है? आइए आसान कैलकुलेशन से समझते हैं।

NPS में रिटायरमेंट पर पैसा कैसे मिलता है?

NPS में 60 साल की उम्र पर रिटायरमेंट के समय निकासी के अलग-अलग विकल्प उपलब्ध हैं। हमने यह कैलकुलेशन 60% रकम एकमुश्त निकालने और 40% रकम से एन्युटी खरीदने के मॉडल के आधार पर किया गया है। इसी एन्युटी से हर महीने पेंशन मिलती है।

हमने कैलकुलेशन के लिए NPS पर 10% सालाना औसत रिटर्न और एन्युटी पर 7% सालाना रिटर्न का अनुमान लिया है। हालांकि, NPS एक मार्केट-लिंक्ड स्कीम है। इसमें कोई तय ब्याज दर या गारंटीड रिटर्न नहीं मिलता। यानी असव रिटर्न शेयर बाजार के प्रदर्शन के हिसाब से कम या ज्यादा हो सकता है।

अगर 25 साल की उम्र से निवेश शुरू करें

25 साल की उम्र में निवेश शुरू करने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि निवेश के लिए लंबा समय मिलता है। इससे कंपाउंडिंग को अपना असर दिखाने का पूरा मौका मिलता है। यही वजह है कि कम मासिक निवेश से भी बड़ा रिटायरमेंट फंड और बेहतर मासिक पेंशन बनाई जा सकती है।

मासिक निवेश60 साल पर अनुमानित कॉर्पस60% एकमुश्त40% एन्युटी
अनुमानित मासिक पेंशन

₹2,000₹76 लाख₹45.6 लाख₹30.4 लाख₹17,700
₹5,000₹1.90 करोड़₹1.14 करोड़₹76 लाख₹44,300
₹10,000₹3.80 करोड़₹2.28 करोड़₹1.52 करोड़₹88,700

अगर 30 साल की उम्र से निवेश शुरू करें

30 साल की उम्र में भी NPS की शुरुआत करने पर अच्छा रिटायरमेंट फंड बनाया जा सकता है। हालांकि, 25 साल की तुलना में निवेश के लिए पांच साल कम मिलते हैं। इसका असर अंतिम कॉर्पस और रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली पेंशन पर साफ दिखाई देता है।

मासिक निवेश60 साल पर अनुमानित कॉर्पस60% एकमुश्त40% एन्युटी
अनुमानित मासिक पेंशन

₹2,000₹45 लाख₹27 लाख₹18 लाख₹10,500
₹5,000₹1.13 करोड़₹67.8 लाख₹45.2 लाख₹26,300
₹10,000₹2.26 करोड़₹1.36 करोड़₹90.4 लाख₹52,700

अगर 35 साल की उम्र से निवेश शुरू करें

35 साल की उम्र में निवेश शुरू करने पर भी अच्छा रिटायरमेंट फंड बनाया जा सकता है। लेकिन रिटायरमेंट तक निवेश के लिए सिर्फ 25 साल बचते हैं। इसलिए समान मासिक निवेश के बावजूद कॉर्पस और पेंशन, कम उम्र में निवेश शुरू करने वालों की तुलना में काफी कम हो जाते हैं।

मासिक निवेश60 साल पर अनुमानित कॉर्पस60% एकमुश्त40% एन्युटी
अनुमानित मासिक पेंशन

₹2,000₹26 लाख₹15.6 लाख₹10.4 लाख₹6,100
₹5,000₹65 लाख₹39 लाख₹26 लाख₹15,200
₹10,000₹1.30 करोड़₹78 लाख₹52 लाख₹30,300

उदाहरण से समझिए

मान लीजिए आपकी उम्र 30 साल है और आप हर महीने 5,000 रुपये NPS में जमा करते हैं। अगर अगले 30 साल तक औसतन 10% सालाना रिटर्न मिलता है, तो रिटायरमेंट तक आपका फंड करीब 1.13 करोड़ रुपये हो सकता है।

इसमें से करीब 67.8 लाख रुपये आप एकमुश्त निकाल सकते हैं। बाकी 45.2 लाख रुपये से एन्युटी खरीदनी होगी। अगर एन्युटी पर 7% सालाना रिटर्न मिलता है, तो आपको करीब 26,300 रुपये महीने पेंशन मिल सकती है।

उम्र का कितना असर पड़ता है?

NPS में सबसे बड़ा फायदा कंपाउंडिंग का है। जितनी जल्दी निवेश शुरू करेंगे, उतना बड़ा रिटायरमेंट फंड तैयार होगा।

उदाहरण के लिए, अगर कोई व्यक्ति 25 साल की उम्र से हर महीने 5,000 रुपये निवेश करता है, तो उसकी अनुमानित मासिक पेंशन करीब 44,300 रुपये हो सकती है। वहीं, अगर यही निवेश 35 साल की उम्र से शुरू किया जाए, तो पेंशन घटकर करीब 15,200 रुपये रह सकती है। यानी सिर्फ 10 साल की देरी से रिटायरमेंट फंड और पेंशन, दोनों में बड़ा अंतर आ सकता है।

NPS में कौन निवेश कर सकता है?

नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में 18 से 70 साल तक का कोई भी भारतीय नागरिक निवेश कर सकता है। इसमें सरकारी और प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारी, स्वरोजगार करने वाले, कारोबारी और फ्रीलांसर भी शामिल हैं। अगर आप केंद्रीय कर्मचारी हैं, तो सरकार भी आपके NPS खाते में योगदान करती है।

वहीं, प्राइवेट सेक्टर में सरकार कोई योगदान नहीं देती। हालांकि, अगर कंपनी चाहे तो वह भी अपने कर्मचारियों के NPS खाते में योगदान कर सकती है। निवेशक अपनी सुविधा के हिसाब से हर महीने, तिमाही या सालाना निवेश कर सकते हैं।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।