मोहम्मद शमी का टेस्ट करियर हुआ खत्म? युवा पेसरों पर दांव लगा रहे सेलेक्टर्स

भारत के दिग्गज गेंदबाज मोहम्मद शमी पिछले काफी समय से नेशनल टीम से दूर हैं। वहीं श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज में मोहम्मद शमी को जगह नहीं मिली है। वहीं अब ऐसा लग रहा कि चयनकर्ता अब भविष्य की टीम तैयार करने पर जोर दे रहे हैं। लंबे समय से टीम के अहम गेंदबाज रहे शमी ने वापसी के लिए पूरी मेहनत कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें टीम में मौका नहीं मिला। टीम मैनेजमैंट अब युवा तेज गेंदबाजों को अधिक अवसर देकर आने वाले वर्षों के लिए मजबूत गेंदबाजी आक्रमण तैयार करना चाहता है।

टीम से बाहर होने के बाद मोहम्मद शमी ने रणजी ट्रॉफी में 37 विकेट लेकर अपनी फिटनेस और शानदार फॉर्म साबित की। इसके बावजूद चयनकर्ताओं ने उन्हें भारतीय टेस्ट टीम में मौका नहीं दिया।

युवा खिलाड़ियों को दे रहे हैं मौका

स्पोर्ट्सस्टार की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय चयनकर्ताओं ने सभी फॉर्मेट को ध्यान में रखते हुए 15 युवा तेज गेंदबाजों का एक समूह तैयार किया है। माना जा रहा कि आने वाले वर्षों में यही खिलाड़ी भारतीय तेज गेंदबाजी की जिम्मेदारी संभालेंगे। रिपोर्ट में ये भी कहा गया कि मोहम्मद शमी इस लंबे समय की योजना का हिस्सा नहीं हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय चयनकर्ता अगले विश्व टेस्ट चैंपियनशिप चक्र और 2027 वनडे विश्व कप को ध्यान में रखकर अभी से टीम तैयार करने में जुटे हैं। इसके तहत अनुभवी खिलाड़ियों पर ज्यादा निर्भर रहने के बजाय युवा तेज गेंदबाजों को लगातार इंटरनेशनल मैच खिलाने की योजना है।

बुमराह टीम के अहम खिलाड़ी

जसप्रीत बुमराह भारतीय तेज गेंदबाजी के मुख्य खिलाड़ी हैं, लेकिन उनकी फिटनेस को देखते हुए टीम प्रबंधन उन्हें हर मैच में नहीं खिलाना चाहता। इसलिए चयनकर्ता भविष्य के लिए युवा तेज गेंदबाजों को तैयार करने पर जोर दे रहे हैं। मोहम्मद शमी जैसे अनुभवी गेंदबाज की मौजूदगी से भारतीय टीम को नई तेज गेंदबाजी यूनिट तैयार करने में मदद मिल सकती थी। बुमराह की गैरमौजूदगी में वह गेंदबाजी की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ युवा खिलाड़ियों को अपने अनुभव से मार्गदर्शन भी दे सकते थे। स्पोर्ट्सस्टार की रिपोर्ट के अनुसार, चयनकर्ताओं के मुताबिक, अब भविष्य की टीम बनाने पर पूरा ध्यान देना जरूरी है और पुराने विकल्पों पर निर्भर रहने से इस प्रक्रिया में देरी हो सकती है।

सिराज पर होगी नजर

मोहम्मद शमी के टीम से बाहर रहने और जसप्रीत बुमराह के हर टेस्ट मैच में खेलने की संभावना कम होने के कारण अब तेज गेंदबाजी की बड़ी जिम्मेदारी मोहम्मद सिराज पर आ सकती है। इसके साथ ही चयनकर्ता युवा तेज गेंदबाजों को लगातार मौके देकर एक मजबूत गेंदबाजी समूह तैयार करना चाहते हैं, ताकि आने वाले वर्षों में टीम के पास कई भरोसेमंद विकल्प मौजूद रहें।

Weather Update : देशभर में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, 17 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, कैसा है असम का हाल?

Monsoon gathers momentum across country, heavy rain alert for 17 states

Weather Update News : देशभर में मानसून फिर से बहुत तेज हो गया है। भारत मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने दबाव के कारण उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, दिल्ली और मध्य प्रदेश समेत 17 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। साथ ही कई जगहों पर बिजली गिरने की भी संभावना है। IMD के अनुसार, अगले 4-5 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में मानसून की बारिश सामान्य या सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। देश के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है। असम में बाढ़ का कहर जारी है। पिछले 24 घंटे में 7 लोगों की मौत हुई। अब इससे मरने वालों की संख्या बढ़कर 75 हो गई है। 7 जिले अब भी प्रभावित हैं।

 

देशभर में मानसून फिर से बहुत तेज हो गया है। भारत मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने दबाव के कारण उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, दिल्ली और मध्य प्रदेश समेत 17 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। साथ ही कई जगहों पर बिजली गिरने की भी संभावना है। IMD के अनुसार, अगले 4-5 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में मानसून की बारिश सामान्य या सामान्य से अधिक रहने की संभावना है।

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देश के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, अगले 4 से 5 दिनों तक उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में मानसून सामान्य से अधिक सक्रिय रहेगा। छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, झारखंड, बिहार, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और उत्तर प्रदेश समेत 17 राज्यों में बारिश की चेतावनी है।

बिहार के पटना, गया, नालंदा, नवादा, भोजपुर, बक्सर, रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद, जहानाबाद, अरवल, मुजफ्फरपुर, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी और शिवहर समेत कई जिलों में बारिश की संभावना है। IMD ने 31 जुलाई से 3 अगस्त के बीच राज्य के कई इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी भी जारी की है।

हिमाचल प्रदेश में 29 जुलाई से 3 अगस्त के बीच कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है, जबकि 30 जुलाई के दौरान कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। शिमला, मंडी, कुल्लू, कांगड़ा, चंबा, किन्नौर, लाहौल-स्पीति, ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, सोलन और सिरमौर में बारिश का असर बना रहेगा।

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उत्तर प्रदेश के मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर, बिजनौर, बागपत, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, आगरा, मुरादाबाद, रामपुर, अमरोहा, संभल, बरेली और बदायूं में आज भारी बारिश का अलर्ट है। देश की राजधानी दिल्ली में मंगलवार को हुई झमाझम बारिश के बाद मौसम सुहावना बना हुआ है।

असम में बाढ़ का कहर जारी

असम में बाढ़ का कहर जारी है। पिछले 24 घंटे में 7 लोगों की मौत हुई। अब इससे मरने वालों की संख्या बढ़कर 75 हो गई है। 7 जिले अब भी प्रभावित हैं। सरकार ने मृतकों के परिजनों के लिए अनुग्रह राशि बढ़ाकर 9 लाख रुपए कर दी है और राहत अभियान जारी है। प्रभावित लोगों की संख्या घटकर 3.32 लाख रह गई है। ऊपरी असम में बाढ़ का पानी कम हो रहा है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि राज्य सरकार के मंत्री पुनर्वास कार्यों में तालमेल बिठाने के लिए पूरे राज्य में जाएंगे। 

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MP में भारी बारिश की चेतावनी

मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने प्रदेश के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, नर्मदापुरम और रायसेन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 1 अगस्त तक मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तेज बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का असर बना रहेगा।

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मौसम विभाग ने 29 जुलाई को बारिश का अनुमान जताया है। मौसम विभाग के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में आज से 3 अगस्त तक कई इलाकों में बारिश जारी रह सकती है। मौसम विभाग ने झारखंड में 29 जुलाई और फिर 2 से 3 अगस्त के बीच कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने उत्तराखंड के कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। 

Coal allocation case: कोयला घोटाला मामले में पूर्व PM मनमोहन सिंह को मिली क्लीन चिट, सुप्रीम कोर्ट ने बंद किया केस

Coal allocation case: सुप्रीम कोर्ट ने कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के खिलाफ जारी आपराधिक मामला बुधवार (29 जुलाई) को बंद कर दिया। साथ ही उन्हें आरोपी के रूप में तलब करने वाले आदेश रद्द कर दिए। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची तथा जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की उस क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया, जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री सिंह और अन्य को क्लीन चिट दी गई थी।

शीर्ष अदालत ने कहा कि ट्रायल कोर्ट के जज के पास सीबीआई की ‘क्लोजर रिपोर्ट’ को खारिज कर संज्ञान लेने का कोई कारण नहीं था। पीठ ने कहा, “अपीलकर्ता के दुर्भाग्यपूर्ण निधन के कारण यह अपील निष्फल मानकर समाप्त की जा सकती थी। लेकिन विशेष जज द्वारा संज्ञान लेने और अपीलकर्ता को तलब करने के पहलू पर विचार करने के लिए हमने सीबीआई द्वारा दाखिल दोनों क्लोजर रिपोर्टों का अध्ययन किया।”

अदालत ने आगे कहा, “जांच एजेंसी की रिपोर्ट स्वीकार करने के संबंध में इस अदालत द्वारा लगातार तय किए गए मानकों को ध्यान में रखते हुए हम संतुष्ट हैं कि विशेष जज के पास सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट को अस्वीकार कर संज्ञान लेने का कोई कारण नहीं था। हम अपील स्वीकार करते हैं और विवादित आदेश को रद्द करते हैं। परिणामस्वरूप, हम सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार करते हुए मामले को बंद करते हैं।”

क्या है पूरा मामला?

वर्ष 2005 में ओडिशा के तालाबीरा-II कोयला ब्लॉक आवंटन से संबंधित कथित कोयला घोटाले में एक विशेष अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला, पूर्व कोयला सचिव पी. सी. पारेख और तीन अन्य लोगों को आरोपी के रूप में तलब किया था। हालांकि, अदालत ने इस आदेश में हस्तक्षेप करते हुए इस पर रोक लगा दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने 1 अप्रैल 2015 को सिंह के खिलाफ कार्यवाही पर रोक लगा दी थी।

सिंह ने समन को चुनौती देते हुए कहा था कि आवंटन से जुड़े उनके फैसले में कोई आपराधिकता नहीं थी। उनके वकील ने सरकारी कर्मचारी पर मुकदमा चलाने के लिए ज़रूरी मंजूरी न होने का सवाल भी उठाया था। इससे पहले की कार्यवाही के दौरान सीनियर वकील कपिल सिब्बल ने कोयला ब्लॉक आवंटित करने के मनमोहन सिंह के फैसले का बचाव करते हुए कहा था कि यह कार्रवाई प्रशासनिक प्रकृति की थी।

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कार्यवाही में मनमोहन सिंह का पक्ष रखते हुए सिब्बल ने बेंच से कहा कि ट्रायल कोर्ट द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री के खिलाफ की गई प्रतिकूल टिप्पणियों को रिकॉर्ड पर नहीं रहने दिया जाना चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि भले ही सिंह की मृत्यु से तकनीकी रूप से अपील समाप्त हो सकती है। फिर भी कोर्ट को उनके खिलाफ की गई टिप्पणियों पर विचार करना चाहिए।

मनु भाकर ने कहा बेहतर प्रदर्शन किया, फैंस ने कहा पाषाण युग से ब्रॉंज जीत रही हो

ओलंपिक के बाद ISSF विश्वकप 2026 में 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में कांस्य पदक जीतने वाली मनु भाकर ने कहा कि उन्होंने हर टूर्नामेंट में लगातार बेहतर प्रदर्शन किया है। हालांकि फैंस का मानना है कि वह पाषाण युग से ब्रॉंज मेडल ही जीत रही है। उनके ट्वीट पर बहुत से फैंस यह मांग कर रहे हैं कि उन्हें सिर्फ यह कहना नहीं बल्कि रजत या स्वर्ण पदक जीतकर दिखाना चाहिए।

दो बार की ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर ने कहा कि हांगझोउ में हाल ही में समाप्त हुए विश्व कप में 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में कांस्य पदक जीतने पर उनकी भावनाएं मिली जुली है।भाकर को भारत की ईशा सिंह ने ही पीछे छोड़ दिया था दिया, जिन्होंने स्वर्ण पदक जीतकर इस स्पर्धा में भारत के दो पदक पक्के किए थे।

भाकर अभी भी 2026 में अपना पहला व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतने की तलाश में हैं, जबकि म्यूनिख विश्व कप में सम्राट राणा के साथ 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में रजत पदक जीतना उनका अन्य उल्लेखनीय प्रदर्शन है।इस साल की शुरुआत में दिल्ली में आयोजित एशियाई चैंपियनशिप में उन्होंने शीर्ष स्थान हासिल किया था, लेकिन ये दोनों स्वर्ण पदक टीम स्पर्धाओं में आए थे।

भाकर ने एक्स पर पोस्ट किया, ‘‘एक और कांस्य पदक। इस पदक को लेकर मेरी मिली-जुली भावनाएं हैं। मुझे खुशी है कि मैं अपने प्रदर्शन में सुधार कर पाई, लेकिन साथ ही, मुझे पता है कि मैं इससे भी बेहतर कर सकती थी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे सबसे ज्यादा खुशी इस बात से होती है कि मेरी मेहनत रंग ला रही है। सुधार की अभी भी बहुत गुंजाइश है, और यही बात मुझे प्रेरित करती है। एक-एक कदम आगे बढ़ना है।’’

Adani Ports Q1 Result: 10% उछलकर मुनाफा पहुंचा ₹3650 करोड़ पर, रेवेन्यू में जोरदार तेजी

Adani Ports Q1 Result: अदाणी ग्रुप की पोर्ट कंपनी अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकनॉमिक जोन (APSEZ) ने आज चालू वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही अप्रैल-जून 2026 के कारोबारी नतीजे पेश किए। देशी-विदेशी कारोबार के दम पर रेवेन्यू और ऑपरेटिंग प्रॉफिट की मजबूत ग्रोथ ने इसके मुनाफे को सपोर्ट किया और यह 10% उछल पड़ा।

Adani Ports Q1 Result: खास बातें

जून 2026 तिमाही में अदाणी पोर्ट्स का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर ₹3,311 करोड़ से 10% उछलकर ₹3,650 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान ऑपरेशंस से कंपनी का रेवेन्यू भी 19% बढ़कर ₹10,821 करोड़ पर पहुंच गया। ऑपरेटिंग लेवल पर भी कंपनी का परफॉरमेंस दमदार रहा। अदाणी पोर्ट्स का जून तिमाही में ईबीआईटीडीए ₹6,541 करोड़ रहा जोकि सालाना आधार पर 19% अधिक है लेकिन मार्जिन में इस दौरान हल्की सुधार दिखी और यह 60.2% से 60.4% पर पहुंच गया।

वैसे तो कंपनी का देश-विदेश में कारोबार तेजी से आगे बढ़ा लेकिन घरेलू पोर्ट बिजनेस अहम बना रहा। कंपनी के घरेलू पोर्ट्स बिजनेस से रेवेन्यू सालाना आधार पर 12% बढ़ा। इसे बेहतर कार्गो मिक्स, हाई रियलाइजेशंस और कॉर्गो वॉल्यूम में उछाल से सपोर्ट मिला। जून तिमाही में घरेलू बंदरगाहों ने 115.3 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) कार्गो संभाला। इसके घरेलू पोर्ट्स बिजनेस का ईबीआईटीडीए मार्जिन 74% रहा जिसे इंडस्ट्री में शानदार माना जाता है।

अदाणी पोर्ट्स का कहना है कि यह अब तक के सबसे बड़े पोर्ट कैपेसिटी एक्सपैंशन प्रोग्राम पर काम कर रही है। जून 2026 तक इसकी घरेलू पोर्ट क्षमता 653 MMT थी और कंपनी का लक्ष्य दिसंबर 2030 तक इसे बढ़ाकर 1,000 MMT करने का लक्ष्य है। जून तिमाही के दौरान पूरे भारत में कार्गो मार्केट में इसकी हिस्सेदारी 27.6% थी, जबकि कंटेनर कार्गो मार्केट में हिस्सेदारी 44.8% थी।

जून तिमाही में कंपनी के इंटरनेशनल पोर्ट्स बिजनेस का रेवेन्यू और ईबीआईटीडीए रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गया। इस सेगमेंट से रेवेन्यू सालाना आधार पर 80% बढ़कर ₹1,747 करोड़ हो गया, जबकि ईबीआईटीडीए 256% उछलकर ₹730 करोड़ हो गया। इसे ऑस्ट्रेलिया और कोलंबो में शानदार परफॉरमेंस से सपोर्ट मिला।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

भारतीय गेंदबाजी कोच खतरों के खिलाड़ी में कंटेस्टेंट पर दागेंगे बाउंसर (Video)

भारतीय गेंदबाजी कोच और पूर्व दक्षिण अफ्रीकी तेज गेंदबाज मोर्ने मोर्कल अपनी तेज गेंदों के लिए जाने जाते हैं। यही कारण है कि भारत के युवा तेज गेंदबाजों को जैसे कि गुरुनूर बरार और मयंक यादव जो 150 किमी प्रति घंटे की गति के करीब लगातार गेंदबाजी करते हैं वह टीम इंडिया का हिस्सा बन पाए।

हालांकि भारतीय गेंदबाजी कोच में संन्यास के कई सालों बाद भी 150 किमी प्रति घंटे की गति की गेंद फेंकने की क्षमता है यह दिखा रोहित शेट्टी के शो खतरों के खिलाड़ी में जिसमें वह कंटेस्टेंट पर तेज गेंद फेंक रहे हैं और कंटेस्टेंट लगभग एक हॉकी के गोलकीपर की तरह सुसज्जित हैं। यह देखना होगा कि अपनी तेज गेंदबाजी से कई बल्लेबाजों को परेशान करने वाले मोर्ने मोर्कल किस किस कंटेस्टेंट को परेशान कर पाते हैं।

मोर्कल ने दक्षिण अफ्रीका के लिए 86 टेस्ट, 117 एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय और 44 टी20 अंतरराष्ट्रीय खेले हैं जिसमें उन्होंने कुल 544 अंतरराष्ट्रीय विकेट चटकाए।डेल स्टेन के साथ मिलकर घातक तेज गेंदबाजी जोड़ी बनाने वाले मोर्कल ने भारत में भी काफी क्रिकेट खेला है और उन्हें यहां की परिस्थितियों की अच्छी जानकारी है।

साथ ही IPL टीमों का हिस्सा होने से उन्हें भारत की अगली तेज गेंदबाजी पीढ़ी के बारे में भी अच्छी जानकारी है जिसमें मयंक यादव, आवेश खान और यश ठाकुर जैसे गेंदबाज शामिल हैं।मोर्कल ने पिछले एकदिवसीय विश्व कप 2023 के अंत तक पाकिस्तान टीम के साथ काम किया था लेकिन अपना अनुबंध समाप्त होने से पहले ही पद छोड़ दिया था।

Maruti Brezza Facelift से लेकर Hyundai Venue तक, ये हैं भारत की 6 दमदार 1.0L Turbo-Petrol SUVs

अगर आप कम बजट में एक ऐसी कॉम्पैक्ट SUV खरीदने की सोच रहे हैं, जिसमें दमदार परफॉर्मेंस के साथ बेहतर ड्राइविंग एक्सपीरियंस मिले, तो 1.0-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन वाली गाड़ियां आपके लिए एक अच्छा विकल्प हो सकती हैं। दरअसल, Maruti Suzuki ने नई Brezza फेसलिफ्ट के साथ इस सेगमेंट में अपनी एंट्री कर दी है। बता दें कि नई Brezza में 1.0-लीटर टर्बो बूस्टरजेट इंजन दिया गया है, जो इसी तरह के डिस्प्लेसमेंट वाले टर्बोचार्ज्ड पेट्रोल इंजन के साथ पहले से मौजूद कई अन्य सब-4-मीटर SUV की लिस्ट में शामिल हो गई हैं। अब आइए जानते हैं ऐसी 6 SUVs के बारे में, जिन्हें आप खरीदने पर विचार कर सकते हैं।

Maruti Suzuki Brezza facelift

नई Brezza facelift में 1.0-लीटर टर्बो बूस्टरजेट पेट्रोल इंजन है, जो 110.2 PS की पावर और 170 Nm का पीक टॉर्क देता है। इसके अलावा, इस इंजन के साथ 6-स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशन मिलता है। हालांकि, कंपनी ने इसमें ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन का विकल्प नहीं दिया है। इस कैटेगरी में Brezza के टर्बो वेरिएंट की कीमत 7.40 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) से शुरू होती है, जिससे यह इस कैटेगरी की सबसे सस्ती SUV बन जाती है।

Hyundai Venue

इस SUV में 1.0-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन है, जो 120 PS की पावर और 172 Nm का टॉर्क जनरेट करता है। खरीदार 6-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स और 7-स्पीड डुअल-क्लच ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन में से किसी को भी चुन सकते हैं। कीमत की बात करें तो, Hyundai Venue के टर्बो-पेट्रोल वेरिएंट की शुरुआती कीमत 8.91 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) है।

Kia Sonet

Kia Sonet में 1.0-लीटर स्मार्टस्ट्रीम T-GDi पेट्रोल इंजन मिलता है, जो 120 PS की पावर और 172 Nm का टॉर्क देता है। यह 6-स्पीड iMT और 7-स्पीड डुअल-क्लच ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन के साथ उपलब्ध है। Kia Sonet के टर्बो-पेट्रोल रेंज की शुरुआती कीमत ₹9.25 लाख (एक्स-शोरूम) है।

Skoda Kylaq

अगर आप Skoda Kylaq खरीदने का मन बना रहे हैं तो, आपको यह जानना जरूरी है कि इस SUV में 1.0-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन मिलता है, जो 115 PS की पावर और 178 Nm का टॉर्क जनरेट करता है। इसमें ग्राहकों को 6-स्पीड मैनुअल और 6-स्पीड टॉर्क कन्वर्टर ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन का विकल्प मिलता है। प्राइस देखें तो, Kylaq के टर्बो वेरिएंट की कीमत 7.59 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) से शुरू होती है।

Renault Kiger

Renault Kiger में 1.0-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन मिलता है, जो 100 PS की पावर और 160 Nm का टॉर्क देता है। यह 5-स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशन या CVT ऑटोमैटिक के साथ आती है। टर्बो वेरिएंट की कीमतें ₹7.89 लाख (एक्स-शोरूम) से शुरू होती हैं।

Nissan Magnite

Nissan Magnite में भी 1.0-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन दिया गया है, जो 100 PS की पावर और 160 Nm का टॉर्क जनरेट करता है। इस इंजन के साथ ग्राहकों को 5-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स और CVT ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन का विकल्प मिलता है। Magnite के टर्बो वेरिएंट की शुरुआती कीमत 9.25 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) है।

कौन सी SUV है सबसे पावरफुल?

इन सभी 6 SUV में से, Hyundai Venue और Kia Sonet सबसे ज्यादा पावर (120 PS) देती हैं, जबकि Skoda Kylaq सबसे ज्यादा टॉर्क (178 Nm) देती है। वहीं, Brezza फेसलिफ्ट सबसे सस्ता ऑप्शन है, जिसके टर्बो-पेट्रोल वेरिएंट की कीमत 7.40 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) से शुरू होती है।

जो खरीदार ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन वाले ऑप्शन देख रहे हैं, वे Venue, Sonet, Kylaq, Kiger और Magnite पर विचार कर सकते हैं, जबकि Brezza फेसलिफ्ट का टर्बो इंजन अभी सिर्फ 6-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स के साथ उपलब्ध है।

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भारोत्तोलन में भारत को मिला एक और पदक, हरजिंदर कौर ने जीता सिल्वर

commonwealth games

Commonwealth Games 2026 में भारत के लिए सबसे ज्यादा गोल भारोत्तोलन से आए हैं। अगर आज भारत के 1 दर्जन गोल अंकतालिका पर गढ़े हुए हैं तो 8 भारोत्तोलन से मेडल आए हैं। ऐसे में भारत के लिए एक और बार पदक का बोझ उठाया गया और 69 किग्रा वर्ग में हरजिंदर कौर ने कुल 227 किलो उठाकर रजत पदक पाया।

SEC आर्माडिलो में खेलते हुए, 29 वर्षीय भारतीय वेटलिफ्टर ने कुल 227 किग्रा (101 किग्रा स्नैच 126 किग्रा क्लीन एंड जर्क) का भार उठाकर कॉमनवेल्थ गेम्स में लगातार अपना दूसरा पदक हासिल किया।हरजिंदर ने बर्मिंघम 2022 में महिलाओं के 71 किग्रा कैटेगरी में कुल 212 किग्रा (93 किग्रा स्नैच 119 किग्रा क्लीन एंड जर्क) का भार उठाकर कांस्य पदक जीता था।

कनाडा की शार्लेट सिमोन्यू ने 240किग्रा (108किग्रा 132किग्रा) के राष्ट्रमंडल खेल रिकॉर्ड कुल वजन के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि ऑस्ट्रेलिया की नया फीबे हेमन ने 218किग्रा (97किग्रा 121किग्रा) के साथ कांस्य पदक हासिल किया।

हरजिंदर का स्नैच मुक़ाबला शानदार रहा, जिसमें उन्होंने 95किग्रा, 99किग्रा और 101किग्रा का वजन सफलतापूर्वक उठाया। उनकी आख़िरी लिफ़्ट कुछ समय के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स का रिकॉर्ड बनी, लेकिन फिर सिमोन्यू ने 104किग्रा और 108किग्रा की सफल लिफ़्ट के साथ उसे तोड़ दिया।

भारतीय खिलाड़ी ने क्लीन एंड जर्क में भी अपना शानदार फ़ॉर्म जारी रखा और 120किग्रा, 123किग्रा और 126किग्रा का वजन उठाकर बढ़त बना ली। उनकी आख़िरी लिफ़्ट भी कुछ समय के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स का रिकॉर्ड बनी, लेकिन सिमोन्यू ने क्लीन एंड जर्क की अपनी पहली कोशिश में 127किग्रा का वजन उठाकर जवाब दिया और आखिरकार स्वणै जीतने के सफर में इस रिकॉर्ड को और बेहतर किया।

मुख्‍यमंत्री धामी ने 11 क्लीन फ्यूल वाहनों को दिखाई हरी झंडी, उत्तराखंड सरकार स्वच्छ परिवहन को दे रही बढ़ावा

Chief Minister Pushkar Singh Dhami : उत्तराखंड सरकार ने राज्य में स्वच्छ, आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में 'उत्तराखंड स्वच्छ गतिशीलता परिवर्तन नीति 2024' के तहत 6 प्राथमिक लाभार्थी वाहन स्वामियों को पूंजीगत अनुदान और प्रोत्साहन राशि के सब्सिडी चेक वितरित किए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्वच्छ ईंधन आधारित 11 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना भी किया।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में उत्तराखंड क्लीन मोबिलिटी ट्रांजिशन पॉलिसी-2024 के तहत 6 लाभार्थी वाहन मालिकों को पूंजी अनुदान और प्रोत्साहन राशि के चेक वितरित किए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्वच्छ ईंधन आधारित 11 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना भी किया। परिवहन विभाग ने 5 अन्य लाभार्थियों की सब्सिडी मंजूरी की प्रक्रिया भी पूरी कर ली है।

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कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आधुनिक परिवहन व्यवस्था, स्वच्छ पर्यावरण और सतत विकास के संकल्प के साथ उत्तराखंड को ग्रीन मोबिलिटी की दिशा में अग्रणी राज्य बनाने के लिए हमारी सरकार निरंतर कार्य कर रही है।


मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इस पहल से शहरों में क्लीन फ्यूल आधारित सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिलेगा, डीजल वाहनों से होने वाला प्रदूषण कम होगा और पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि दुनिया इस समय जलवायु परिवर्तन जैसी गंभीर चुनौती का सामना कर रही है। ऐसे में विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है।

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मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह सिर्फ आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि उत्तराखंड में स्वच्छ, आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन व्यवस्था बनाने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ग्रीन एनर्जी और सतत विकास के क्षेत्र में दुनिया में नई पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि इसी सोच के साथ राज्य सरकार ने उत्तराखंड क्लीन मोबिलिटी ट्रांजिशन पॉलिसी-2024 लागू की है।

कार्यक्रम में परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक सविता कपूर, देहरादून के मेयर सौरभ थपलियाल, परिवहन सचिव रविनाथ रमन समेत परिवहन विभाग के अधिकारी और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

Guru Purnima Essay: हिन्दी निबंध: गुरु पूर्णिमा: गुरु के प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता का महापर्व

A photo of a guru imparting teachings to his disciple on the auspicious occasion of Guru Purnima

Essay on Guru Purnima: प्रस्तावना: भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान ईश्वर से भी ऊंचा माना गया है। हमारे शास्त्रों में कहा गया है-ALSO READ: गुरु पूर्णिमा 2026: आधुनिक भारत के 7 महान गुरु, जिनके ज्ञान ने बदल दी लाखों लोगों की जिंदगी

'गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णु र्गुरुदेवो महेश्वरः।

गुरुः साक्षात परं ब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नमः'

– अर्थात् गुरु ही ब्रह्मा हैं, गुरु ही विष्णु हैं और गुरु ही महादेव हैं। वे साक्षात् परमब्रह्म के समान हैं। इसलिए भारतीय परंपरा में गुरु का सम्मान सर्वोच्च माना गया है। इसी सम्मान, श्रद्धा और कृतज्ञता को व्यक्त करने के लिए प्रत्येक वर्ष आषाढ़ मास की पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व मनाया जाता है।

 

गुरु पूर्णिमा का इतिहास

गुरु पूर्णिमा का संबंध महर्षि वेदव्यास से माना जाता है। महर्षि वेदव्यास ने वेदों का संकलन किया तथा महाभारत और अनेक पुराणों की रचना की। इसलिए उन्हें आदि गुरु कहा जाता है। उनके जन्मदिवस के रूप में गुरु पूर्णिमा मनाई जाती है, जिसे व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है।

यह केवल धार्मिक आस्था से ही नहीं, बल्कि ज्ञान, संस्कार और जीवन के सही मार्गदर्शन से भी जुड़ा हुआ है। इस दिन महर्षि वेदव्यास की जयंती भी मनाई जाती है। वेदव्यास जी ने चारों वेदों का विभाजन किया, महाभारत की रचना की और अठारह पुराणों का संकलन किया। इसी कारण उन्हें 'आदि गुरु' और 'व्यास ऋषि' के नाम से सम्मानित किया जाता है। इस पर्व को व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है।

 

गुरु केवल विद्यालय में पढ़ाने वाले शिक्षक ही नहीं होते, बल्कि माता-पिता, आध्यात्मिक गुरु, जीवन में सही दिशा दिखाने वाले मार्गदर्शक और प्रेरणा देने वाले प्रत्येक व्यक्ति गुरु के समान होते हैं। गुरु ही अज्ञान रूपी अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं। वे हमें केवल पुस्तक का ज्ञान नहीं देते, बल्कि जीवन जीने की कला, नैतिक मूल्य, अनुशासन और सही निर्णय लेने की क्षमता भी प्रदान करते हैं। अहंकार को त्यागकर गुरु के चरणों में श्रद्धा अर्पित करना ही इस पावन पर्व का वास्तविक संदेश है।

 

गुरु पूर्णिमा पर क्या करते हैं: गुरु पूर्णिमा के दिन विद्यार्थी अपने शिक्षकों का सम्मान करते हैं, उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं और उन्हें धन्यवाद देते हैं। आश्रमों, विद्यालयों और धार्मिक स्थलों पर विशेष पूजा, सत्संग, भजन-कीर्तन, प्रवचन तथा गुरु वंदना का आयोजन किया जाता है। अनेक लोग अपने गुरु को पुष्प, वस्त्र, पुस्तकें या अन्य उपयोगी उपहार भेंट कर उनके प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। कई स्थानों पर गुरु के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद लेना अत्यंत शुभ माना जाता है।

 

वर्तमान समय में गुरु का महत्व: वर्तमान समय में जब तकनीक और आधुनिक जीवनशैली तेजी से बदल रही है, तब भी गुरु का महत्व पहले की तरह बना हुआ है। आज इंटरनेट और डिजिटल माध्यमों से ज्ञान प्राप्त करना आसान हो गया है, लेकिन सही और गलत का अंतर समझाने, व्यक्तित्व का निर्माण करने तथा जीवन में मूल्यों का विकास करने का कार्य केवल एक सच्चा गुरु ही कर सकता है। इसलिए गुरु का स्थान किसी भी पुस्तक, मशीन या तकनीक से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है।

 

गुरु पूर्णिमा का संदेश: गुरु पूर्णिमा हमें यह संदेश देती है कि हमें अपने जीवन में जिन लोगों ने ज्ञान, प्रेरणा और सही दिशा दी है, उनके प्रति सदैव सम्मान और कृतज्ञता का भाव रखना चाहिए। गुरु का सम्मान केवल एक दिन तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उनके बताए मार्ग पर चलकर अपने जीवन को सफल और सार्थक बनाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।

 

उपसंहार: गुरु पूर्णिमा भारतीय संस्कृति का ऐसा महान पर्व है, जो गुरु और शिष्य के पवित्र संबंध को मजबूत बनाता है। यह दिन हमें विनम्रता, ज्ञान, संस्कार और कृतज्ञता का महत्व सिखाता है। यदि हम अपने गुरु के आदर्शों और शिक्षाओं को जीवन में अपनाएं, तो निश्चित रूप से सफलता, सम्मान और आत्मिक उन्नति प्राप्त कर सकते हैं। यही गुरु पूर्णिमा का वास्तविक संदेश और महत्व है। गुरु पूर्णिमा हमें याद दिलाती है कि हम अपने जीवन में जिनके भी ऋणी हैं- चाहे वे हमारे शिक्षक हों, माता-पिता हों या मार्गदर्शक, उनके प्रति आभार व्यक्त करें। 

 

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