लो प्रेशर सिस्टम से अगले 4 दिन भारी! यूपी, बिहार, MP समेत इन राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट, मौसम को लेकर IMD ने दी ये चेतावनी

IMD Heavy Rain Alert: देश के कई हिस्सों में मानसूनी सिस्टम एक बार फिर बेहद एक्टिव हो गया है। गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड और उत्तरी ओडिशा के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र के असर की वजह से मौसम विभाग (IMD) ने अगले तीन से चार दिनों के दौरान देश के अलग अलग राज्यों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी जारी की है। IMD के मुताबिक इस नए मौसमी तंत्र के उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने से उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और झारखंड में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके उलट दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में अगले एक सप्ताह के दौरान बारिश की गतिविधियां काफी सुस्त रह सकती हैं।

बीते 24 घंटों में बदला मौसम का मिजाज

आपको बता दें कि पिछले 24 घंटों के दौरान देश के कई राज्यों में भीषण बारिश दर्ज की गई है। ओडिशा, छत्तीसगढ़ और पश्चिमी मध्य प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में 12 से 20 सेंटीमीटर तक की बहुत भारी बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, पूर्वी राजस्थान, केरल, कर्नाटक, अरुणाचल प्रदेश, असम, नागालैंड, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, तमिलनाडु और तेलंगाना में 7 से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश दर्ज की गई है।

उत्तर भारत का मौसम: यूपी और उत्तराखंड में तेज बारिश की संभावना

उत्तर भारत में मानसून की ट्रफ रेखा अपने सामान्य स्थान से उत्तर की ओर बनी हुई है। इसके असर से उत्तराखंड में 24 से 30 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश होगी जबकि 24 अगस्त तथा 29 से 30 अगस्त के दौरान भारी बारिश की संभावना है।

उत्तर प्रदेश की बात करें तो 24 से 26 अगस्त के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में व्यापक बारिश और भारी बौछारें पड़ने की उम्मीद है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 25 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में भी 24 अगस्त को अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश के इलाकों में भी 30 अगस्त तक हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक का सिलसिला जारी रहेगा।

मध्य भारत का हाल: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में मूसलाधार बारिश का अलर्ट

मध्य भारत में कम दबाव का क्षेत्र सीधा असर डाल रहा है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 24 से 26 अगस्त तक व्यापक बारिश के साथ-साथ अत्यंत भारी बारिश होने की चेतावनी दी गई है। इसके बाद 27 अगस्त को भी भारी बारिश की संभावना है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 24 से 26 अगस्त तक भारी से बहुत भारी बारिश होगी और यह सिलसिला 29 से 30 अगस्त तक जारी रहेगा। छत्तीसगढ़ में 24 और 25 अगस्त को बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है जबकि विदर्भ क्षेत्र में 24 से 26 अगस्त के बीच भारी बारिश और बिजली कड़कने की आशंका जताई गई है।

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: ओडिशा और बिहार में आंधी-तूफान के साथ बारिश

पूर्वी भारत में बने इस सिस्टम के चलते 24 अगस्त को ओडिशा और झारखंड के अलग-अलग हिस्सों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। बिहार में अगले 3 से 4 दिनों यानी 24 से 27 अगस्त तक भारी बारिश होने का अनुमान है। इसके साथ ही अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, गांगेय पश्चिम बंगाल, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 30 अगस्त तक तेज हवाओं के साथ बारिश जारी रहेगी।

अंडमान में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। पूर्वोत्तर भारत के राज्यों जैसे अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 24 से 30 अगस्त के दौरान भारी बारिश और आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है।

पश्चिमी और दक्षिण भारत का पूर्वानुमान

पश्चिम भारत के कोंकण और गोवा में 30 अगस्त तक व्यापक बारिश जारी रहेगी जबकि मध्य महाराष्ट्र में 24 से 26 अगस्त के बीच भारी बारिश का अनुमान है। दक्षिण भारत की स्थिति देखें तो तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु और तेलंगाना में 24 और 25 अगस्त को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। केरल और माहे में 24 अगस्त को बहुत भारी बारिश तथा 25 व 26 अगस्त को भारी बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल के तटीय क्षेत्रों में 24 से 28 अगस्त के दौरान तेज सतही हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।

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Monsoon 2026: भारत में मानसून पड़ा सुस्त और कर गया ड्राई फेज में एंटर! समझिए महंगाई से लेकर कहां-कहां पड़ेगा इसका असर

Monsoon 2026: देश में मानसून सीजन के दौरान अब बारिश की रफ्तार सुस्त पड़ती नजर आ रही है। इस वजह से भारत अब सामान्य से अधिक सूखे दौर का सामना कर रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक कम से कम 2 सितंबर तक देश भर में औसतन सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। हमारी सहयोगी वेबसाइट News18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक पिछले शनिवार तक पूरे भारत में मानसूनी बारिश का घाटा लंबी अवधि के औसत (LPA) से 14 फीसदी नीचे दर्ज किया गया है। मानसूनी ट्रफ के मध्य भारत की ओर दक्षिण में जाने के बजाय हिमालय की तलहटी के करीब बने रहने की वजह से यह घाटा और अधिक बढ़ सकता है।

क्या होता है मानसूनी ट्रफ और क्यों बढ़ रही है चिंता?

मानसूनी ट्रफ कम दबाव का एक लंबा वायुमंडलीय क्षेत्र होता है जहां उत्तरी और दक्षिणी गोलार्ध की हवाएं आपस में मिलती हैं। यह नमी से भरी हवाओं को खींचता है और भारत के गंगा के मैदानी इलाकों में बारिश लाता है। इस साल यह ट्रफ पूरे उत्तर भारत में ठीक से फैलने की बजाय हिमालय के करीब ही बना हुआ है।

आईएमडी द्वारा 20 अगस्त को जारी एक्सटेंडेंट रेंज के पूर्वानुमान के मुताबिक हाल के हफ्तों में बोई गई फसलों को लेकर चिंता बढ़ गई है। मौसम कार्यालय ने कहा है कि नए मौसमी सिस्टम बनने के बावजूद पूर्वानुमान के दोनों हफ्तों के दौरान पूरे भारत में बारिश सामान्य से कम ही रहेगी।

देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का गणित

हिमालयी क्षेत्र के साथ-साथ पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। हालांकि आने वाले सप्ताह में प्रायद्वीपीय भारत में मानसूनी गतिविधियां कमजोर बनी रह सकती हैं। पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तट के पास उत्तर बंगाल की खाड़ी के ऊपर 24 घंटे के भीतर एक कम दबाव का क्षेत्र बनने की उम्मीद है। इससे 26 अगस्त तक ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। आमतौर पर जब ट्रफ दक्षिण की ओर बढ़ता है तो मध्य भारत में अगस्त की सबसे महत्वपूर्ण बारिश होती है, लेकिन इसके ऐसा न करने से प्रमुख कृषि क्षेत्रों में पानी की कमी हो सकती है।

स्काईमेट ने जताया सूखे का अंदेशा

निजी मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट वेदर ने पिछले सोमवार को अपने मानसूनी पूर्वानुमान को काफी घटा दिया है। स्काईमेट ने अब मौसमी बारिश के एलपीए का 85 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है, जबकि अप्रैल में उसने इसे 94 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया था। स्काईमेट का कहना है कि देश में सूखे की 70 प्रतिशत अधिक संभावना दिख रही है।

एजेंसी ने चेतावनी दी है कि अगस्त के बाकी बचे दिनों में भारत के चार समरूप क्षेत्रों में बारिश का वितरण असमान रहेगा। इसके अलावा मजबूत होते अल नीनो और कमजोर इंडियन ओशन डिपोल की वजह से सितंबर में स्थिति और बिगड़ सकती है। आमतौर पर एक सकारात्मक इंडियन ओशन डिपोल अल नीनो के निगेटिव असर को कुछ हद तक बेअसर कर देता है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियां वैसा सपोर्ट नहीं दे रही हैं।

कहां कितना पहुंचा बारिश का घाटा?

बारिश की कमी का सबसे बड़ा असर पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत में देखने को मिल रहा है, जहां बारिश एलपीए से 26 प्रतिशत कम है। दक्षिण प्रायद्वीप में सामान्य से 23 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जबकि उत्तर-पश्चिम भारत में यह घाटा 11 प्रतिशत दर्ज किया गया है। पूर्व में बने कम दबाव के सिस्टम्स की वजह से सुधार देखने के बाद सिर्फ मध्य भारत ही सामान्य स्तर के सबसे करीब है, जहां बारिश एलपीए से केवल 3 प्रतिशत कम है।

फसलों के नुकसान और महंगाई का खतरा

स्काईमेट द्वारा अपने अप्रैल के अनुमान में 9 प्रतिशत अंकों की कटौती हाल के वर्षों में मध्य-सीजन के दौरान की गई सबसे बड़ी कटौतियों में से एक है। आईएमडी ने भी अपने मौसमी अनुमान को घटाया है, हालांकि उसकी कटौती का दायरा छोटा है। आईएमडी ने अप्रैल में बारिश के एलपीए का 92 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था जिसे जून में घटाकर 90 प्रतिशत कर दिया गया था।

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IMD ने उसके बाद से अपने पूर्वानुमान में संशोधन नहीं किया है। लेकिन वर्तमान में मौजूद 14 प्रतिशत का घाटा और सितंबर की शुरुआत तक कमजोर बारिश का जारी रहना इस अनुमान पर दबाव बना सकता है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि बारिश में और गिरावट आने से फूड इंफ्लेशन बढ़ सकती है, खासकर ऐसे समय में जब वैश्विक आपूर्ति में रुकावटें पहले से ही कमोडिटी पर भारी असर डाल रही हैं।

weather update : कमजोर पड़ा मानसून, अगले 2 हफ्ते बारिश को तरसेंगे कई इलाके, IMD ने जताई बड़ी चिंता, बढ़ सकता है फसलों पर संकट

weather update : कमजोर पड़ा मानसून, अगले 2 हफ्ते बारिश को तरसेंगे कई इलाके, IMD ने जताई बड़ी चिंता, बढ़ सकता है फसलों पर संकट

भारत में मानसून अब उस समय कमजोर पड़ता नजर आ रहा है, जब इस मौसम में बारिश अपने चरम पर होनी चाहिए। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले कम से कम दो सप्ताह यानी 2 सितंबर तक देशभर में सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान जताया है। शनिवार तक देश में कुल बारिश लंबी अवधि के औसत से 14 फीसदी कम दर्ज की गई थी और आने वाले दिनों में यह कमी और बढ़ सकती है।

 

IMD के 20 अगस्त के विस्तारित अवधि पूर्वानुमान (Extended Range Forecast) के मुताबिक, मानसून ट्रफ के मध्य भारत की ओर बढ़ने के बजाय लगातार हिमालय की तलहटी के पास बने रहने की संभावना है। इसका सीधा असर देश के उन हिस्सों पर पड़ सकता है, जहां अगस्त में कृषि के लिए महत्वपूर्ण बारिश की जरूरत होती है।

 

हिमालय और पूर्वोत्तर में भारी बारिश, मध्य भारत में संकट

 

मौसम विभाग के अनुसार, अगले दोनों सप्ताह देशभर में बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना है। हालांकि, हिमालयी क्षेत्र तथा पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं, प्रायद्वीपीय भारत में अगले सप्ताह भी बारिश की स्थिति कमजोर रहने का अनुमान है।

 

अगले 24 घंटे में पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तट के पास उत्तरी बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके प्रभाव से ओडिशा और छत्तीसगढ़ में 26 अगस्त तक भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।

 

स्वतंत्र मौसम विशेषज्ञ नवदीप दहिया के मुताबिक, मानसून ट्रफ का हिमालयी क्षेत्र में केंद्रित रहना देश के बाकी हिस्सों में बारिश को प्रभावित करेगा। उनके अनुसार, ट्रफ के कम से कम एक सप्ताह तक हिमालय की तलहटी में बने रहने की संभावना है।

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मध्य भारत में बारिश की कमी बढ़ा सकती है कृषि की चिंता

 

मानसून ट्रफ का दक्षिण की ओर मध्य भारत में नहीं आना बड़ी चिंता का कारण है। अगस्त के दौरान मध्य भारत में यही ट्रफ आमतौर पर सबसे अधिक और कृषि के लिहाज से महत्वपूर्ण बारिश कराता है। ऐसे में जिन क्षेत्रों को बारिश की सबसे ज्यादा जरूरत है, वहां आने वाले दिनों में पर्याप्त बारिश नहीं होने का खतरा बढ़ गया है।

 

एक्सपर्ट्‍स के अनुसार मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, राजस्थान और गुजरात के वर्षा आधारित इलाकों में 2026 का मानसून अनियमित रहा है। वर्तमान में बारिश की कमी करीब 14 फीसदी है और अगस्त के बाकी दिनों में कमजोर बारिश के साथ यह घाटा 15 फीसदी से अधिक हो सकता है। अरहर (तूर), सोयाबीन और मक्का जैसी फसलों पर निगरानी और उपज के आकलन की जरूरत बताई है।  मानसून में आगे भी कमी रहने से आने वाले दिनों में खाद्य महंगाई बढ़ने का दबाव बन सकता है।

 

वैश्विक सप्लाई चेन की चुनौतियां भी स्थिति को और जटिल बना सकती हैं। रूस-यूक्रेन क्षेत्र से कार्गो आपूर्ति में बाधा के कारण लॉजिस्टिक्स संबंधी समस्याएं पहले से बनी हुई हैं। ऐसे में कमजोर मानसून के बीच सरकार के लिए मजबूत सप्लाई चेन बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा।

 

अल नीनो भी बढ़ा रहा चिंता

 

इस साल मानसून के कमजोर प्रदर्शन से जुड़ा अल नीनोभी लगातार मजबूत हो रहा है। ब्रिटेन के Met Office ने शुक्रवार को कहा कि यह घटना एक सदी से अधिक समय में सबसे शक्तिशाली अल नीनो बनने की दिशा में बढ़ रही है। प्रशांत महासागर में समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से 3 डिग्री सेल्सियस से अधिक ऊपर जाने का अनुमान है। इसका वैश्विक मौसम पर व्यापक असर पड़ सकता है और 2027 के दुनिया के सबसे गर्म वर्ष बनने की संभावना भी बढ़ सकती है।

Weather Update: एमपी में भारी बारिश का दौर जारी, दिल्ली-UP में भी बरसेंगे बादल, इन राज्यों में 27 अगस्त तक होगी मूसलाधार बारिश

India Weather Update: उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और उसके आसपास बने निम्न दबाव के क्षेत्र के असर से देश के कई हिस्सों में मानसून सुपर एक्टिव मोड में है और जबर्दस्त बारिश का दौर देखने को मिल रहा है। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के मुताबिक मध्य प्रदेश, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक झमाझम बारिश का दौर जारी रहेगा। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि पूर्वी मध्य प्रदेश और उड़ीसा जैसे राज्यों में बहुत भारी बारिश हो सकती है जबकि देश के अलग-अलग हिस्सों में 27 अगस्त तक मूसलाधार बारिश का सिलसिला बना रहेगा। बीते 24 घंटों के दौरान भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, मिजोरम और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में 12 से 20 सेमी तक भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है।

मध्य भारत में बारिश का तांडव, मध्य प्रदेश में मूसलाधार का अलर्ट

मौसम प्रणालियों के सक्रिय होने से मध्य भारत में मानसूनी बारिश का असर सबसे अधिक देखने को मिल रहा है। उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश पर बना कम दबाव का क्षेत्र अब भी सक्रिय है। इसकी वजह से 21 और 22 अगस्त को पूर्वी मध्य प्रदेश में कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा पश्चिमी मध्य प्रदेश में 21 से 25 अगस्त के बीच, पूर्वी मध्य प्रदेश में 23 से 26 अगस्त तक और छत्तीसगढ़ में 21 से 27 अगस्त तक कई स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इस दौरान इन राज्यों में गरज-चमक और बिजली गिरने की भी आशंका बनी हुई है।

उत्तर-पश्चिम भारत में बदलेगा मौसम, दिल्ली-यूपी में बरसेंगे बादल

उत्तर-पश्चिम भारत में मानसून ट्रफ के सामान्य स्थिति के आसपास रहने और उत्तरी हरियाणा में एक चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र के चलते दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश में मौसम में बड़ा बदलाव देखा जाएगा। दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में 22 अगस्त को भारी बारिश के आसार हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 22 से 24 अगस्त के बीच व्यापक स्तर पर बारिश होगी। पहाड़ी राज्यों की बात करें तो उत्तराखंड में 21 से 27 अगस्त तक लगातार मूसलाधार बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में भी 21 और 22 अगस्त को भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है।

पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत का हाल, उड़ीसा और बंगाल में अलर्ट

उत्तरी बंगाल की खाड़ी, बांग्लादेश और दक्षिण गांगेय पश्चिम बंगाल के ऊपर बने ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण की वजह से पूर्वी और उत्तर-पूर्वी राज्यों में बारिश की गतिविधियां तेज रहेंगी। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 21 से 26 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना है। उड़ीसा में 24 से 27 अगस्त के बीच बेहद भारी बारिश हो सकती है। बिहार और झारखंड में भी 22 से 25 अगस्त के दौरान तेज बारिश का दौर जारी रहेगा। उत्तर-पूर्वी भारत के राज्यों जैसे असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 27 अगस्त तक रुक-रुक कर भारी बारिश होने का अनुमान है।

दक्षिण भारत में कम होगी बारिश की रफ्तार, तटीय इलाकों में तेज हवाएं

एक तरफ जहां उत्तर और मध्य भारत में झमाझम बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में अगले एक सप्ताह के दौरान मानसूनी बारिश की गतिविधियां स्लो रहने का पूर्वानुमान दिया है। केरल, माहे और तटीय कर्नाटक में 21 से 27 अगस्त तक हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी। केरल और तमिलनाडु में 23 से 25 अगस्त के दौरान कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और कर्नाटक के इलाकों में 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।

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El Nino Impact On Monsoon: अल-नीनो के साये में मानसून, समझिए कम बारिश से इकॉनमी पर पड़ सकता है कैसा असर

भारत में मानसून पर मंडराते अल-नीनो के खतरे ने आम लोगों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। ग्लोबल रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने चेतावनी दी है कि अल-नीनो के मजबूत होने की वजह से मानसूनी बारिश कमजोर पड़ सकती है। इसका सीधा असर कृषि उत्पादन पर पड़ेगा। इससे खाद्य पदार्थों की कीमतें बढ़ सकती हैं और हाइड्रोपावर उत्पादन पर भी असर पड़ सकता है। वसे एजेंसी का यह भी मानना है कि अगर मौसम का यह झटका बहुत ज्यादा गंभीर नहीं होता है तो भारत की समग्र अर्थव्यवस्था पर इसका असर सीमित रहने की उम्मीद है।

एसएंडपी के मुताबिक भारत एशिया-प्रशांत क्षेत्र की उन इकॉनमी (जैसे वियतनाम, इंडोनेशिया और फिलीपींस) में शामिल है, जहां के लोग कीमतों में होने वाले उछाल के प्रति बेहद संवेदनशील हैं। इसकी बड़ी वजह यह है कि इन देशों में घरेलू बजट का एक बड़ा हिस्सा भोजन पर खर्च होता है और कृषि काफी हद तक मौसम की स्थितियों पर निर्भर करती है।

12% कम हुई बारिश, अगस्त में भी सुस्त रह सकता है मानसून

भारत के मानसूनी बारिश की स्थिति फिलहाल अच्छी नजर नहीं आ रही है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक 11 अगस्त तक 2026 के मानसून सीजन के दौरान बारिश औसत से 12 प्रतिशत कम दर्ज की गई है। इसके अलावा भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) का अनुमान है कि आने वाले हफ्तों में पश्चिमी, मध्य और दक्षिणी क्षेत्रों में मानसून और कमजोर हो सकता है।

भारत में सालाना होने वाली कुल बारिश का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा मानसून से ही मिलता है। ये खेती-किसानी के लिए बेहद जरूरी है। देश की लगभग आधी कृषि भूमि में सिंचाई की उचित व्यवस्था नहीं है, जिससे अधिकांश फसलें नियमित बारिश पर ही निर्भर रहती हैं।

दालों, सोयाबीन और मक्के की पैदावार पर पड़ सकता है असर

अगर बारिश में कमी का यह दौर लंबा खींचता है तो इससे दालों, सोयाबीन, कपास और मक्के जैसी फसलों की पैदावार में गिरावट आ सकती है। इस सीजन में किसानों को पहले से ही असमान बारिश का सामना करना पड़ा है। हालांकि जुलाई में हुई बेहतर बारिश ने शुरुआती सुस्त मानसून से हुए नुकसान की कुछ हद तक भरपाई की थी, लेकिन अब फिर से जोखिम बढ़ गया है।

मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमानों ने इन चिंताओं को और गहरा कर दिया है। विभाग ने अगस्त महीने में औसत से कम बारिश होने का अंदेशा जताया है जबकि इसी दौरान अल-नीनो की स्थिति और मजबूत होने की संभावना है। ऐतिहासिक रूप से देखा जाए तो भारत में अल-नीनो का संबंध कमजोर या अनिश्चित मानसूनी बारिश से रहा है।

बिजली आपूर्ति और जलाशयों पर भी पड़ेगा प्रभाव

कम बारिश का असर सिर्फ भोजन और फसलों तक ही सीमित नहीं रहेगा। बारिश कम होने से देश के प्रमुख जलाशय खाली रह सकते हैं, जिससे हाइड्रो पावर प्रोडक्शन में कमी आ सकती है। इसका सीधा असर बारिश पर निर्भर रहने वाले क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति पर पड़ेगा और ऊर्जा संकट की स्थिति खड़ी हो सकती है।

सबसे बड़ा जोखिम आम परिवारों के बजट पर है। कृषि उत्पादन में कमी आने से बाजार में खाद्य पदार्थों की आपूर्ति घट जाएगी और कीमतें ऊपर चढ़ जाएंगी। इसका सीधा असर उपभोक्ताओं पर पड़ेगा, खासकर तब जब रोजमर्रा की जरूरी चीजें महंगी हो जाएंगी।

भारत के पास चावल का पर्याप्त स्टॉक, लेकिन चुनौतियां बरकरार

तमाम जोखिमों के बावजूद भारत के पास खाद्य आपूर्ति के बड़े झटके से निपटने के लिए कुछ मजबूत सुरक्षा चक्र मौजूद हैं। देश के पास वर्तमान में चावल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। इसके अलावा पिछले अल-नीनो दौर की तुलना में भारत की खेती के तरीकों, सिंचाई सुविधाओं और फसल तकनीकों में काफी सुधार हुआ है। इससे भी देश की खाद्य उत्पादन क्षमता मजबूत हुई है।

एसएंडपी का कहना है कि मौसम से जुड़ी अस्थायी रुकावट का मतलब यह नहीं है कि इकॉनमी को तुरंत कोई बड़ा नुकसान पहुंचेगा। नुकसान का पैमाना इस बात पर निर्भर करेगा कि मौसम कितना प्रतिकूल होता है और सरकार इससे निपटने के लिए कितनी प्रभावी कार्रवाई करती है। भारतीय उपभोक्ताओं के लिए तत्काल चिंता यही है कि अगर बारिश और कमजोर होती है तो रोजमर्रा के खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ सकते हैं। यह दबाव कितने समय तक रहेगा, यह काफी हद तक मानसून, फसल उत्पादन और आने वाले महीनों में अल-नीनो की ताकत पर निर्भर करेगा।

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rain update 8 july

Weather update 14 August 2026: स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून पूरी तरह मेहरबान और आक्रामक नजर आ रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज (14 अगस्त 2026, शुक्रवार) उत्तर, मध्य और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में व्यापक से काफी व्यापक बारिश की चेतावनी जारी की है। बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र (Depression) के कारण मध्य और पूर्वी भारत में मानसून की रफ्तार बेहद तेज हो गई है। कई इलाकों में 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, बिजली गिरने और भीषण आंधी-तूफान की आशंका जताई गई है।

दिल्ली-NCR में झमाझम, राजस्थान में आफत

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद) में आज बादल छाए रहेंगे और कई दौर की तेज बारिश हो सकती है। दिल्ली में अधिकतम तापमान 34°C और न्यूनतम 26-27°C के आसपास रहने का अनुमान है। 
 

पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया गया है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में व्यापक और भारी बारिश की संभावना है, जबकि पश्चिमी यूपी में मानसून सक्रिय रहेगा। पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में भारी बारिश को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

पहाड़ी राज्यों में लैंडस्लाइड का खतरा, रेड/ऑरेंज अलर्ट

जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में कुछ स्थानों पर बहुत भारी से अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। प्रशासन ने पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन (Landslide) और नदियों में उफान की चेतावनी जारी की है। पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

छत्तीसगढ़ में हो सकती है भारी बारिश

बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम का सीधा असर मध्य भारत पर देखने को मिल रहा है। छत्तीसगढ़ में मौसम का सबसे भीषण रूप देखने को मिल सकता है। राज्य में अति-भारी बारिश (Extremely Heavy Rainfall) की आशंका को देखते हुए हाई अलर्ट जारी किया गया है। मध्य प्रदेश में भोपाल समेत राज्य के अधिकांश हिस्सों में झमाझम बारिश जारी रहेगी, जिससे निचले इलाकों में जलभराव की समस्या पैदा हो सकती है।

पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में ओलावृष्टि 

बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल (गंगा के तटीय क्षेत्रों) और ओडिशा में अगले 24 घंटों के दौरान मूसलाधार बारिश का अनुमान है। इन क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ-साथ कुछ जगहों पर ओलावृष्टि (Hailstorm) की भी संभावना है। पूर्वोत्तर भारत के असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में भी मानसून के पूरी तरह सक्रिय रहने से भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

 

कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र और विदर्भ में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। मुंबई में तापमान 30°C के आसपास रहेगा। तटीय कर्नाटक और केरल के कई जिलों में भारी बारिश को देखते हुए 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है। तमिलनाडु में छिटपुट बारिश के आसार हैं।

कल का मौसम: दिल्ली-NCR समेत इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी, हिमाचल में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी, IMD ने बताया मौसम का हाल

Weather Update 11 August: देश के ज्यादातर हिस्सों में मानसून की सक्रियता बनी हुई है। इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आने वाले दिनों में कई राज्यों में बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। दिल्ली-NCR, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं, उत्तराखंड में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।

राजधानी दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र यानी NCR की बात करें तो यहां अगले कुछ दिनों तक आसमान में बादल छाए रहने और रुक-रुककर हल्की बारिश होने की आशंका है। हालांकि, बारिश के बावजूद उमस से राहत पूरी तरह मिलने की उम्मीद नहीं है, क्योंकि तापमान सामान्य से अधिक बना रह सकता है।

दिल्ली-NCR में कल कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली में, 13, 14 और 15 अगस्त को कई इलाकों में हल्की से बहुत हल्की बारिश होने का अनुमान है। इस दौरान हवा की रफ्तार करीब 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे रहने की संभावना है। 14 अगस्त को पश्चिमी हवाएं भी चल सकती हैं। जबकि 15 अगस्त को उत्तर-पश्चिमी हवाओं का प्रभाव रहने का अनुमान है।

IMD के मुताबिक, पूरे सप्ताह दिल्ली में मौसम मुख्य रूप से बादल छाए रहने वाला रहेगा। इस दौरान बीच-बीच में हल्की बारिश हो सकती है। हालांकि, इन बारिश की बौछारों से उमस में बड़ी राहत मिलने की संभावना कम है। मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि अगले सात दिनों के दौरान दिल्ली के अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। ऐसे में बारिश के बीच भी गर्म और उमस भरा मौसम लोगों को परेशान कर सकता है।

उत्तराखंड में अधिकांश जगह बारिश और गरज-चमक

उत्तराखंड में मानसून सक्रिय रहने की संभावना है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार, पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश की तीव्रता लगातार बनी रह सकती है। वहीं, मैदानी जिलों हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में बारिश कुछ चुनिंदा स्थानों तक सीमित रहने की संभावना है। पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के कारण स्थानीय स्तर पर फिसलन, जलभराव और यातायात प्रभावित होने जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं।

तमिलनाडु में इन इलाकों में होगी मूसलाधार बारिश

तमिलनाडु के मौसम पर उत्तर तमिलनाडु के तटीय क्षेत्र के ऊपर बने वायुमंडलीय परिसंचरण का असर पड़ने की आशंका है। 12 और 13 अगस्त को पश्चिमी घाट से लगे इलाकों और उत्तरी तटीय जिलों में बारिश की गतिविधियां ज्यादा सक्रिय रह सकती हैं। इन क्षेत्रों में मध्यम बारिश होने की संभावना है। नमी से भरी हवाओं और मौजूदा वायुमंडलीय परिस्थितियों के कारण बारिश वाले बादल बनने के लिए अनुकूल स्थिति रह सकती है।

तमिलनाडु के अन्य हिस्सों में भी कुछ स्थानों पर छिटपुट बारिश हो सकती है। हालांकि, बारिश की तीव्रता अलग-अलग इलाकों में अलग रह सकता है। दूसरी ओर, राज्य के उत्तरी आंतरिक हिस्सों में बारिश के बावजूद गर्मी बनी रह सकती है। यहां 13 अगस्त तक अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 3 डिग्री सेल्सियस तक अधिक रहने की संभावना है।

राजस्थान में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी

राजस्थान में अगले कुछ दिनों के दौरान बारिश का दौर तेज रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने दक्षिणी और पूर्वी राजस्थान के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश का अनुमान जताया है। कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश भी हो सकती है। राज्य में बारिश की गतिविधियां 13 अगस्त तक जारी रहने की संभावना है। इसके बाद पश्चिमी राजस्थान में 14 अगस्त से मौसम में सुधार शुरू हो सकता है, जबकि पूर्वी राजस्थान में बारिश की गतिविधियों में 15 अगस्त से कमी आने का अनुमान है।

उत्तर-पूर्वी राजस्थान में चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय

मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर-पूर्वी राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों में एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इसके प्रभाव से 11 अगस्त को दक्षिणी और पूर्वी राजस्थान के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश भी होने की संभावना है। इसके बाद 13 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। 14 अगस्त से पश्चिमी राजस्थान में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क होने की संभावना है, जबकि पूर्वी राजस्थान में बारिश की गतिविधि 15 अगस्त से कमजोर पड़ सकती है।

हिमाचल प्रदेश में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी

हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश को लेकर मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मंगलवार को राज्य के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। खास तौर पर कांगड़ा और मंडी जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

IMD ने राज्य में बारिश का दौर 15 अगस्त तक जारी रहने का पूर्वानुमान लगाया है। पहाड़ी राज्य में लगातार बारिश के कारण कुछ इलाकों में भूस्खलन, सड़क बाधित होने, नदियों-नालों के जलस्तर बढ़ने और स्थानीय स्तर पर जलभराव जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। लोगों को मौसम की स्थिति को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

उत्तर और दक्षिण भारत में मानसून सक्रिय

IMD के ताजा पूर्वानुमान से साफ है कि देश के कई हिस्सों में मानसून की गतिविधियां फिलहाल सक्रिय बनी हुई हैं। उत्तर भारत में उत्तराखंड, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश, जबकि दक्षिण भारत में तमिलनाडु के कई हिस्सों में आने वाले दिनों में बारिश जारी रहने की आशंका है। वहीं, दिल्ली में लगातार बारिश भले ही तापमान को कुछ हद तक कंट्रोल कर रही हो। लेकिन उमस और अपेक्षाकृत अधिक तापमान के कारण लोगों को पूरी तरह आराम मिलने की उम्मीद नहीं है।

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Heavy Rain Alert: मौसम फिर बदलेगा करवट! 15 अगस्त तक कई राज्यों में भारी बारिश, 13 से बढ़ेगा मानसून का जोर

राजधानी दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में मानसून की बारिश हो रही है। वहीं देश के कई हिस्सों में मानसून इस सप्ताह भी सक्रिय रहने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के 9 अगस्त के पूर्वानुमान के मुताबिक, 9 से 15 अगस्त के बीच पश्चिमी हिमालयी राज्यों में कई जगह भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं अगले दो दिनों में राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में भी भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।

सबसे अहम बदलाव 13 अगस्त के आसपास बंगाल की खाड़ी और उससे लगे पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तट के पास देखने को मिल सकता है। यहां 11 अगस्त के आसपास साइक्लोन सर्कुलेशन बनने और 13 अगस्त के आसपास कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके असर से 13 अगस्त से पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़ और बिहार में बारिश बढ़ सकती है।

उत्तर भारत में पूरे सप्ताह बारिश

उत्तर-पश्चिम भारत में इस सप्ताह बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड में 9 से 15 अगस्त तक कई जगह बारिश हो सकती है। उत्तराखंड में इस दौरान गरज-चमक और बिजली गिरने की भी संभावना है। पंजाब में 10-11 और 13-14 अगस्त को कई जगह बारिश हो सकती है। हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 10-11 अगस्त और 13 अगस्त को बारिश की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 13-14 अगस्त को बारिश हो सकती है। राजस्थान के पूर्वी हिस्से में 9 से 13 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रह सकता है।

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और आसपास के इलाकों में 11 अगस्त को बहुत भारी बारिश हो सकती है। हिमाचल प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में 10-11 अगस्त तथा उत्तराखंड में 9-10 अगस्त को भी बहुत भारी बारिश की संभावना है।

मध्य भारत में भी तेज बारिश

मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में इस सप्ताह बारिश का असर देखने को मिलेगा। पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश तथा विदर्भ में 9 से 11 अगस्त के बीच कई जगह बारिश हो सकती है। छत्तीसगढ़ में 9-10 अगस्त और फिर 13-15 अगस्त को बारिश बढ़ सकती है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 9-10 अगस्त, जबकि छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ में 9 अगस्त को बहुत भारी बारिश की संभावना है।

पूर्वी भारत में 13 अगस्त से बदलेगा मौसम

पूर्वी भारत में भी इस सप्ताह मानसून सक्रिय रहेगा। पश्चिम बंगाल, झारखंड और सिक्किम में 9 से 15 अगस्त तक कई जगह बारिश हो सकती है। ओडिशा में 9-10 अगस्त और फिर 13-15 अगस्त के दौरान बारिश की संभावना है। आईएमडी के अनुसार, 13 अगस्त के बाद बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। बिहार में 13-15 अगस्त के दौरान कई जगह बारिश होने की संभावना है।

पूर्वोत्तर राज्यों में भी बारिश और बिजली का अलर्ट

अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में भी बारिश का दौर जारी रहेगा। अरुणाचल प्रदेश में 12-15 अगस्त के दौरान कई जगह बारिश हो सकती है। असम और मेघालय में 9 अगस्त तथा 12-15 अगस्त को बारिश की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश में 14-15 अगस्त और असम-मेघालय में 14-15 अगस्त को बहुत भारी बारिश हो सकती है। इन राज्यों में 9 से 13 अगस्त के बीच गरज-चमक और बिजली गिरने की भी संभावना है।

पश्चिम और दक्षिण भारत में कैसा रहेगा मौसम?

महाराष्ट्र के कोंकण और गोवा में 9 से 15 अगस्त तक कई जगह बारिश हो सकती है। गुजरात में 10-12 अगस्त के दौरान बारिश बढ़ सकती है। 11 अगस्त को गुजरात में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है। मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 9-10 अगस्त को गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। दक्षिण भारत में केरल, कर्नाटक के तटीय हिस्सों और लक्षद्वीप में 9-15 अगस्त के बीच कई जगह बारिश होने की संभावना है। केरल, लक्षद्वीप और तमिलनाडु में 9-10 अगस्त को गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 40-50 किलोमीटर प्रति घंटा और झोंकों के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।

दिल्ली में 12 अगस्त तक बारिश का दौर

दिल्ली में 9 से 12 अगस्त तक मौसम आमतौर पर बादलों से घिरा रहेगा। 9 और 10 अगस्त को कई जगह हल्की बारिश और कुछ जगह मध्यम बारिश हो सकती है। 11 अगस्त को सुबह से दोपहर तक बारिश के साथ शाम या रात में भी हल्की बारिश की संभावना है। 12 अगस्त को दोपहर से शाम के बीच हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान अधिकतम तापमान करीब 32 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है।

इन 16 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, ओडिशा-केरल में मूसलाधार बारिश का खतरा! दिल्ली, यूपी और राजस्थान में ऐसा रहेगा मौसम

देशभर में मानसूनी मौसम की गतिविधियों में जबरदस्त तेजी देखी जा रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के लेटेस्ट मौसम बुलेटिन के मुताबिक देश के अलग अलग क्षेत्रों में बने कई मजबूत चक्रवातीय प्रणालियों और कम दबाव के क्षेत्रों की वजह से देश के कम से कम 16 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भारी से बहुत भारी और अत्यंत भारी बारिश का संकट मंडरा रहा है। मौसम विभाग ने ओडिशा और उत्तरी केरल के लिए अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी दी है। दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी मूसलाधार बारिश का दौर जारी है।

ओडिशा और गंगातटीय पश्चिम बंगाल में कम दबाव का क्षेत्र, रेड अलर्ट जारी

मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण गंगातटीय पश्चिम बंगाल और उससे सटे बांग्लादेश पर एक ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण बना हुआ है, जो समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर तक फैला है। इसके असर से अगले 24 घंटों के दौरान गंगातटीय पश्चिम बंगाल और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के तटीय क्षेत्रों में एक कम दबाव का क्षेत्र बनने की पूरी संभावना है। इसके बाद यह मानसूनी ट्रफ के साथ पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए उत्तर ओडिशा, झारखंड और उत्तरी छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ेगा।

इस मौसमी तंत्र की वजह से पूर्वी भारत में व्यापक बारिश होगी। विशेष रूप से 7 अगस्त को ओडिशा के अलग-अलग जगहों पर अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। इसके साथ ही 7 अगस्त को गंगातटीय पश्चिम बंगाल में और 8 अगस्त को ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा झारखंड, बिहार और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में भी अगले तीन दिनों तक भारी बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी।

दिल्ली, हरियाणा और यूपी में कम दबाव के क्षेत्र का असर

उत्तर-पश्चिम मध्य भारत में भी मौसमी चक्र काफी सक्रिय है। दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और इसके आसपास के क्षेत्र में एक कम दबाव का क्षेत्र बन चुका है। इससे जुड़ा चक्रवातीय परिसंचरण समुद्र तल से 4.5 किमी ऊपर तक फैला हुआ है। इसके असर से 7 अगस्त को हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के साथ-साथ पश्चिमी मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

7 अगस्त को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तथा 9 से 11 अगस्त के दौरान भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 8 से 10 अगस्त के दौरान कई स्थानों पर मूसलाधार बारिश देखने को मिलेगी। दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा में 7 और 8 अगस्त को अधिकांश स्थानों पर व्यापक वर्षा दर्ज की जाएगी।

राजस्थान और मध्य भारत का मौसम पूर्वानुमान

राजस्थान और मध्य प्रदेश में मानसूनी बादल जमकर बरस रहे हैं। 7 और 8 अगस्त को पूर्वी राजस्थान में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना ह, जबकि 9 और 10 अगस्त को भी भारी बारिश की स्थिति बनी रहेगी। पश्चिमी राजस्थान में 7 अगस्त को और 11 से 13 अगस्त के दौरान गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान है।

मध्य भारत में पश्चिमी मध्य प्रदेश में 7 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है जबकि 10 और 11 अगस्त को भी तेज बारिश का दौर जारी रहेगा। पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 7 से 11 अगस्त के दौरान रुक-रुक कर भारी वर्षा होगी, वहीं विदर्भ में 7 अगस्त को भारी बारिश के आसार हैं।

केरल और कर्नाटक में मूसलाधार बारिश: उत्तरी केरल में आफत का अलर्ट

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में मानसूनी हवाओं की तीव्रता बेहद खतरनाक स्तर पर है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि 7 अगस्त को उत्तरी केरल में अलग-अलग जगहों पर अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा केरल और माहे, तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में अगले दो दिनों के दौरान पृथक स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराइकल और लक्षद्वीप में भी भारी बारिश और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं की चेतावनी दी गई है। 7 से 8 अगस्त के दौरान तटीय और आंतरिक कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप और तेलंगाना में तेज सतह हवाएं चलेंगी।

पहाड़ी राज्यों और पूर्वोत्तर भारत का हाल

पहाड़ी राज्यों में उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में 7 से 13 अगस्त के दौरान लगभग रोजाना व्यापक बारिश होगी। हिमाचल प्रदेश में 10 और 11 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है जबकि उत्तराखंड में पूरे सप्ताह भारी बारिश और आकाशीय बिजली कड़कने का जोखिम बना रहेगा। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 8 अगस्त और 11 से 13 अगस्त के बीच मध्यम से भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

पूर्वोत्तर भारत में असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और अरुणाचल प्रदेश में पूरे सप्ताह यानी 7 से 13 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश, गरज-चमक और अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

बीते 24 घंटों में हुई मूसलाधार बारिश का ब्योरा

मौसम विभाग के 24 घंटों के आंकड़ों के मुताबिक देश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। उत्तराखंड, पूर्वी राजस्थान, मध्य महाराष्ट्र, ओडिशा और केरल में 12 से 20 सेमी तक भारी से बहुत भारी बारिश हुई। वहीं असम, नागालैंड, अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, कोंकण, तटीय कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश रिकॉर्ड की गई है।

आज भारी बारिश की चेतावनी: IMD ने ओडिशा के लिए रेड, दिल्ली के लिए ऑरेंज कलर वॉर्निंग जारी की! यूपी से बिहार तक मौसम का तांडव चेक करें

IMD Alert for 7th August: देशभर में मानसूनी हवाओं की आक्रामकता और चक्रवातीय प्रणालियों के असर से आज 7 अगस्त को मौसम का रुख बेहद सख्त बना हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के विभिन्न राज्यों के लिए भारी से बहुत भारी और अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा बुलेटिन और नाउकास्ट चेतावनी के मुताबिक ओडिशा में जहां भारी तबाही मचाने वाली अत्यंत भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है, वहीं राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश और दक्षिण भारत के राज्यों में भी मूसलाधार बारिश का दौर जारी है।

ओडिशा के लिए अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट

मौसम विभाग ने 7 अगस्त को ओडिशा के लिए सबसे सख्त चेतावनी यानी रेड अलर्ट जारी किया है। आईएमडी के अनुसार ओडिशा के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। इसके अलावा अगले दो से तीन घंटों के लिए जारी नाउकास्ट चेतावनी में ओडिशा के कालाहांडी, कंधमाल और नुआपाड़ा जिलों में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं, गरज-चमक और मध्यम बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश और 60 किमी की रफ्तार से हवाएं

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सुबह से ही बादलों का डेरा जमा हुआ है और मौसम विभाग ने दिल्ली के कई हिस्सों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। सेंट्रल दिल्ली, ईस्ट दिल्ली, नई दिल्ली, साउथ दिल्ली और साउथ ईस्ट दिल्ली में अगले दो-तीन घंटों के भीतर तेज आंधी, 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं, गरज-चमक और 15 मिमी प्रति घंटे से अधिक की मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

नॉर्थ वेस्ट दिल्ली, शाहदरा, साउथ वेस्ट दिल्ली और वेस्ट दिल्ली के इलाकों के लिए मध्यम बारिश का ऑरेंज अलर्ट दिया गया है। पूरे दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ क्षेत्र में आज दिन भर भारी बारिश की चेतावनी बनी हुई है।

राजस्थान और मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान

मध्य भारत और उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में मानसूनी बादल जमकर बरस रहे हैं। पूर्वी राजस्थान और पूर्वी मध्य प्रदेश में पृथक स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। नाउकास्ट चेतावनी के मुताबिक राजस्थान के चूरू, दौसा, जयपुर, झुंझुनूं और सीकर जिलों के साथ-साथ मध्य प्रदेश के दतिया, ग्वालियर, मुरैना, शेवपुर कलां और शिवपुरी जिलों में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, बिजली कड़कने और मध्यम बारिश का ऑरेंज अलर्ट दिया गया है। इसके अतिरिक्त पश्चिमी मध्य प्रदेश के जिलों में भी पृथक स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है।

यूपी, बिहार और पहाड़ी राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट

उत्तर प्रदेश और बिहार के मैदानी इलाकों में भी बारिश का दौर जारी रहने वाला है। मौसम विभाग ने पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का पूर्वानुमान दिया है। इसके साथ ही बिहार में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है।

पहाड़ी राज्यों की बात करें तो हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में तेज बारिश दर्ज की जाएगी, जहां उत्तराखंड में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की विशेष चेतावनी दी गई है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख के इलाकों में भी हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान है।

दक्षिण भारत: केरल और कर्नाटक में मूसलाधार बारिश और अलर्ट

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में मानसूनी हवाओं की तीव्रता काफी अधिक बनी हुई है। तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल और माहे में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। केरल के अलाप्पुझा, एरनाकुलम, कन्नूर, कासरगोड, कोट्टायम, पलक्कड़ और त्रिशूर जिलों में 60 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं और भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी है जबकि इडुक्की, कोझिकोड, मलप्पुरम, पथनमथिट्टा और वायनाड जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। तेलंगाना के हनमकोंडा, जनगांव, महबूबाबाद, सिद्दीपेट, सूर्यापेट और वारंगल जिलों में भी मध्यम बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराइकल, लक्षद्वीप और उत्तर आंतरिक कर्नाटक में भारी बारिश की आशंका है।

पूर्वोत्तर भारत और अन्य तटीय क्षेत्रों का हाल

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, गंगातटीय पश्चिम बंगाल, झारखंड, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान है। मध्य महाराष्ट्र में भी भारी वर्षा के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप, रायलसीमा और तेलंगाना के तटीय और मैदानी क्षेत्रों में मजबूत सतह हवाएं चलने का पूर्वानुमान जताया गया है।

मौसम विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों को सतर्क रहने, पेड़ों या कमजोर ढांचों के नीचे शरण न लेने, अनावश्यक यात्रा से बचने और यातायात व संबंधित एजेंसियों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।

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