Weather Forecast: साइक्लॉनिक सर्कुलेशन एक्टिव, इन राज्यों में 23 अक्टूबर तक होगी ताबड़तोड़ बारिश! IMD ने जारी किया अलर्ट

Weather Forecast: देश के मौसम में लगातार हो रहे बदलावों के बीच दक्षिण भारत के कई राज्यों में मानसून और मौसमी प्रणालियों का असर एक बार फिर आक्रामक हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा मौसम बुलेटिन के मुताबिक उत्तर भारत से लेकर दक्षिण प्रायद्वीप तक कई स्थानों पर चक्रवाती परिसंचरण यानी साइक्लॉनिक सर्कुलेशन और ट्रफ रेखाएं एक्टिव हैं। इन मौसमी प्रणालियों के असर से दक्षिण भारत में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर आगामी 23 अक्टूबर तक लगातार जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटों के दौरान गोवा, तमिलनाडु और केरल में कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश हुई है, जबकि तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा तथा तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी भारी बारिश रिकॉर्ड की गई है।

दक्षिण भारत में 23 अक्टूबर तक ताबड़तोड़ बारिश का अलर्ट

अभी उत्तर तमिलनाडु और उससे लगे दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश, उत्तरी लक्षद्वीप और दक्षिण-पूर्व राजस्थान से लेकर मध्य प्रदेश, उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश तक कई ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण बने हुए हैं। इसके अलावा लक्षद्वीप से दक्षिण बंगाल की खाड़ी और कर्नाटक तट से कोमोरिन क्षेत्र तक ट्रफ रेखाएं फैली हुई हैं। इन मजबूत प्रणालियों के असर से दक्षिण भारत में 23 अक्टूबर तक भारी बारिश का तांडव देखने को मिलेगा। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 17 से 23 अक्टूबर के दौरान व्यापक बारिश होगी। विशेष रूप से आज 17 अक्टूबर और 20 अक्टूबर को कुछ जगहों पर बहुत भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने की चेतावनी दी गई है।

केरल, माहे और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 17 से 23 अक्टूबर तक लगातार भारी बारिश का दौर चलेगा। आज 17 अक्टूबर को तटीय कर्नाटक, केरल, माहे और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश दर्ज की जाएगी, जबकि तटीय कर्नाटक में 20 से 22 अक्टूबर के दौरान भी भारी बारिश का अनुमान है। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में आज 17 अक्टूबर को बहुत भारी बारिश होने की संभावना है जबकि 18 से 21 अक्टूबर के दौरान भी भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। इस दौरान इन तटीय क्षेत्रों में तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी। दक्षिण भारत के इन हिस्सों में 30 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलेंगी और आकाशीय बिजली कड़केगी।

पश्चिम भारत में गरज-चमक के साथ आंधी की चेतावनी

दक्षिण भारत के अलावा पश्चिम भारत के राज्यों में भी मौसमी हलचल देखने को मिलेगी। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, कोंकण और गोवा संग मराठवाड़ा में 17 से 19 अक्टूबर के दौरान जबकि मध्य महाराष्ट्र में 17 से 20 अक्टूबर के बीच 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तेज आंधी-तूफान, बिजली चमकने और छिटपुट बौछारें पड़ने की संभावना है। कोंकण और गोवा के कुछ हिस्सों में आज मौसम उमस भरा बना रह सकता है।

उत्तर, मध्य, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में मौसम सामान्य

उत्तर-पश्चिम भारत, मध्य भारत, पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर भारत के अधिकांश राज्यों में इस पूरे सप्ताह किसी बड़े या गंभीर मौसमी बदलाव की संभावना नहीं है। यहां मौसम मुख्य रूप से शांत और सामान्य बना रहेगा।

मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी

समुद्र में लगातार बन रही मौसमी हलचल को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों के लिए चेतावनी जारी की है। कर्नाटक और केरल के तटीय इलाकों और उससे लगे अरब सागर और लक्षद्वीप क्षेत्र में 17 से 19 अक्टूबर के दौरान समुद्र की स्थिति अशांत रह सकती है। इसे ध्यान में रखते हुए मछुआरों को सलाह दी गई है कि वे इन तारीखों के दौरान समुद्र में उतरने से बचें।

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पश्चिमी विक्षोभ का बड़ा असर! IMD ने दिल्ली-यूपी से लेकर पहाड़ों तक दिया बारिश का अलर्ट, जानें कैसा रहेगा आपके राज्य का मौसम

IMD Rain Forecast: देश भर से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई की प्रक्रिया के बीच एक नया और मजबूत पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर भारत के मौसम में भारी उथल-पुथल मचा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा मंगलवार 6 अक्टूबर की दोपहर जारी वेदर बुलेटिन के मुताबिक इस पश्चिमी विक्षोभ के असर से 10 अक्टूबर तक पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी जारी रह सकती है। इसके साथ ही दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में बारिश और तेज आंधी का सिलसिला शुरू हो चुका है।

बीते 24 घंटों के दौरान मौसम के मिजाज की बात करें तो तमिलनाडु में अलग-अलग जगहों पर 12 से 20 सेमी तक अत्यधिक भारी बारिश हुई है। इसके अलावा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, केरल, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा और बिहार में 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश हुई है।

उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ का असर: दिल्ली, यूपी और पंजाब में 60 kmph की आंधी

मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ मध्य और ऊपरी क्षोभमंडलीय पछुआ हवाओं में ट्रफ रेखा के रूप में बना हुआ है। इसके साथ ही दक्षिण हरियाणा पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है, जबकि एक अन्य चक्रवाती परिसंचरण दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश पर सक्रिय है। इन मौसमी प्रणालियों के असर से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 6 अक्टूबर को भारी बारिश और बर्फबारी का अनुमान है, जबकि 7 से 12 अक्टूबर के दौरान छिटपुट बारिश जारी रहेगी। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 6 से 12 अक्टूबर तक बारिश और बर्फबारी के आसार हैं। हिमाचल, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में 6 और 7 अक्टूबर को आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी।

मैदानी इलाकों की बात करें तो पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 6 से 7 अक्टूबर के दौरान और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 6 से 8 अक्टूबर तक 40 से 50 किमी/घंटे की गति से झोंकेदार हवाएं चलने और बारिश होने का अलर्ट है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 6 अक्टूबर को दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश में पृथक स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। 11 और 12 अक्टूबर को पश्चिमी राजस्थान तथा 12 अक्टूबर को पूर्वी राजस्थान में भी हल्की बारिश हो सकती है।

मध्य भारत और पूर्वी राज्यों में भारी बारिश और तूफानी हवाएं

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के इलाकों में भी मौसमी चक्र सक्रिय है। 6 अक्टूबर को पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 6 से 10 अक्टूबर के दौरान गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी। 6 और 7 अक्टूबर को मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बिजली कड़कने के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।

पूर्वी भारत में बिहार और झारखंड में 6 से 10 अक्टूबर के दौरान और ओडिशा में 6 से 12 अक्टूबर तक बारिश होने की संभावना है। बिहार में 6 और 7 अक्टूबर को आकाशीय बिजली चमकने और 40 से 50 किमी/घंटे की गति से हवाएं चलने का अनुमान है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 8 अक्टूबर को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

पूर्वोत्तर भारत और तटीय इलाकों में उथल-पुथल

पूर्वोत्तर के राज्यों में भी बारिश तेज रहेगी। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 6 अक्टूबर को भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया गया है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 6 और 7 अक्टूबर को भारी बारिश के साथ बादलों की तेज गड़गड़ाहट और बिजली कड़कने की आशंका जताई गई है।पश्चिम भारत की बात करें तो कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र में 6 और 7 अक्टूबर को बारिश और बिजली कड़कने की संभावना है, जिसके बाद मौसम में सुधार देखने को मिलेगा।

दक्षिण भारत में जारी रहेगा मूसलाधार बारिश का दौर

दक्षिण भारत के राज्यों में समुद्र और धरातल के ऊपर एक साथ कई चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र सक्रिय हैं। एक चक्रवाती परिसंचरण दक्षिण केरल तट के पास दक्षिण-पूर्व अरब सागर पर और दूसरा उत्तरी तमिलनाडु पर बना हुआ है। इसके साथ ही मन्नार की खाड़ी से मध्य महाराष्ट्र तक एक ट्रफ रेखा फैली हुई है। इनके असर से केरल व माहे में 6 से 11 अक्टूबर के दौरान काफी बारिश होगी।

केरल और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 6 अक्टूबर और 8 से 10 अक्टूबर के दौरान भारी बारिश का नया दौर आएगा। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी 6 अक्टूबर को भारी बारिश दर्ज हो सकती है। तमिलनाडु, केरल और लक्षद्वीप में 6 से 10 अक्टूबर के दौरान आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी। तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में 6 से 8 अक्टूबर तक दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

कल का मौसम 27 सितंबर: उत्तराखंड, दिल्ली-NCR, यूपी संग इन राज्यों में आंधी के साथ मूसलाधार बारिश की चेतावनी

IMD Weather Update: सितंबर के आखिरी हफ्ते में देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बिगड़ सकता है। मौसम विभाग ने 27 सितंबर को उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं कई राज्यों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती है। आईएमडी ने बारिश के दौरान लोगों को सावधानी बरतने की अपील की है। अचानक हो रही बारिश से लोगों को उमस भरी गर्मा से राहत मिली है।

कैसा होगा मौसम

मौसम विभाग के अनुसार, 27 सितंबर को हिमाचल प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और मध्य प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। वहीं उत्तराखंड में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है, जबकि कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश की भी आशंका है। वहीं उत्तराखंड में भारी बारिश की वजह से चार धाम यात्रा दो दिनों के लिए रोक दी गई है।

दिल्ली में कैसा होगा मौसम

27 सितंबर को हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, मध्य प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गरज-चमक के साथ भारी बारिश हो सकती है। वहीं इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। इसके अलावा अंडमान-निकोबार, आंध्र प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, झारखंड, राजस्थान और तेलंगाना में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाओं के साथ बारिश और बिजली गिरने की आशंका है।

असम-मेघालय और पूर्वोत्तर के कुछ राज्यों में भी गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। आंध्र प्रदेश में तेज हवाएं चलने का अनुमान है। वहीं दक्षिण-पश्चिम अरब सागर से लगे सोमालिया तट के पास हवाओं की रफ्तार 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जो बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है।

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UP Weather Update: यूपी में अगले कुछ घंटे आसमान से होगी आफत की बारिश! IMD का इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

UP Weather Update: उत्तर प्रदेश में एक बार फिर मौसम का मिजाज बिगड़ने वाला है। मानसून की विदाई से पहले बादल एक बार फिर जमकर बरसने वाले हैं। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के लखनऊ स्थित क्षेत्रीय मौसम केंद्र ने 25 सितंबर 2026 को जारी पूर्वानुमान में प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी दी है। आईएमडी के मुताबिक, 25 और 27 सितंबर को प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश की भी संभावना जताई गई है। इसके साथ ही आंधी जैसी तेज हवाएं और बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा। बारिश से लोगों को उमसभरी गर्मी से राहत मिलेगी।

मौसम विभाग के मुताबिक, 28 और 29 सितंबर को प्रदेश में कहीं-कहीं बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। वहीं इन दोनों दिनों के लिए मौसम विभाग ने कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की है।

इन शहरों में होगी ज्यादा बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, 25 सितंबर को सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती और बहराइच में बहुत भारी से अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। वहीं बांदा, प्रयागराज, लखनऊ, अयोध्या, सीतापुर, बस्ती, सुल्तानपुर समेत कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। वहीं 26 सितंबर को भी उत्तर प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहेगा। श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, रामपुर, बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर में बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं लखनऊ, बस्ती, गोंडा, बाराबंकी, मुरादाबाद, संभल और बदायूं समेत कई जिलों में भी भारी बारिश का अनुमान है।

कई जिलों में फ्लैश फ्लड का खतरा

यूपी के कई जगहों पर गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। हवा की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। ऐसे में लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है। लगातार बारिश के चलते कुछ इलाकों में अचानक बाढ़ यानी फ्लैश फ्लड का खतरा है। आजमगढ़, गोरखपुर, लखनऊ, अयोध्या, बहराइच, सीतापुर, बांदा, चित्रकूट समेत कई जिलों में मध्यम जोखिम बताया गया है। ऐसे में निचले इलाकों में पानी भरने, सड़कों पर जलभराव और कुछ स्थानों पर यातायात प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है।

27 सितंबर को भी बारिश और तेज हवा

27 सितंबर को बारिश का असर कुछ कम हो सकता है, लेकिन कई जिलों में भारी बारिश का खतरा बना रहेगा। श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल और बदायूं में भारी बारिश की संभावना है। इन इलाकों में गरज-चमक और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की हवाओं के झोंके 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। मौसम विभाग ने लोगों को बारिश और गरज-चमक के दौरान घर में रहने, पेड़ों के नीचे न जाने और वाहन चलाते समय सावधानी बरतने की सलाह दी है। जलभराव वाली सड़कों और नालों से भी दूर रहने को कहा गया है।

लोगों को सावधानी बरतने की सलाह

मौसम विभाग ने किसानों को भी बारिश के दौरान खेतों में जलभराव से बचाने के लिए पानी की निकासी की व्यवस्था करने की सलाह दी है। फसल के हिसाब से अलग-अलग सावधानियां बताई गई हैं। खासकर गन्ना, अरहर, मक्का, धान, मूंगफली, तिल और सब्जियों की फसलों पर ज्यादा बारिश का असर पड़ सकता है। कुल मिलाकर उत्तर प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने वाला है। 26 सितंबर को सबसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि इन दिनों कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश, तेज हवाओं, बिजली गिरने और कुछ इलाकों में अचानक बाढ़ का खतरा बताया गया है।

Cyclone Arnab threat: ओडिशा-आंध्र तट से टकराया ‘अर्नब’ तूफान! इन राज्यों में भारी बारिश का रेड अलर्ट, स्कूलों में छुट्टी का ऐलान, पुरी में बरसात शुरू

Cyclone Arnab threat: बंगाल की खाड़ी में बना गहरा दबाव अब उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तट के बेहद करीब पहुंच गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, यह सिस्टम 23 सितंबर की रात विशाखापत्तनम और गोपालपुर के बीच, कलिंगपट्टनम के दक्षिण-पश्चिम के करीब तट पार करने की स्थिति में पहुंच गया था। इसके प्रभाव से ओडिशा और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज हवाओं और समुद्र में बेहद खराब परिस्थितियों का खतरा बना हुआ है।

न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटों से ‘अर्नब’ तूफान के टकराने की खबर है। IMD ने बताया कि ‘अर्नब’ तूफान के कारण ओडिशा में हो रही बारिश की तीव्रता बढ़ गई है। पिछले 24 घंटे में कोरापुट जिले के सेमिलीगुडा में सबसे अधिक 230 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। पुरी में कई हिस्सों में तेज बारिश हो रही है।

तट के बेहद करीब पहुंचा डीप डिप्रेशन

IMD के बुलेटिन के अनुसार, डीप डिप्रेशन उत्तर आंध्र प्रदेश के तट के पास कलिंगपट्टनम से करीब 30 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण-पश्चिम, विशाखापत्तनम से करीब 90 किलोमीटर पूर्व-उत्तर-पूर्व और गोपालपुर से करीब 160 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में केंद्रित था। वेदर सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रही थी। अगले कुछ घंटों में विशाखापत्तनम और गोपालपुर के बीच उत्तर आंध्र प्रदेश-दक्षिण ओडिशा तट को पार करने की संभावना जताई गई थी।

ओडिशा में सबसे ज्यादा असर की आशंका

ओडिशा के दक्षिणी और तटीय हिस्सों में पहले से ही भारी बारिश हो रही है। मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए राज्य प्रशासन ने कई जिलों में एहतियाती कदम उठाए हैं। दक्षिण ओडिशा के तटीय इलाकों में IMD ने भारी से बहुत भारी और कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी है। दक्षिणी तट पर समुद्र की स्थिति भी बहुत खराब से अत्यधिक खराब रहने की चेतावनी दी गई थी।

इन जिलों में रेड अलर्ट और भारी बारिश का खतरा

ओडिशा के दक्षिणी जिलों में बारिश को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। पहले जारी पूर्वानुमानों में कोरापुट, गजपति और गंजाम में भारी से बहुत भारी बारिश और कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई गई थी। इसके अलावा कालाहांडी, नबरंगपुर, कोरापुट और मलकानगिरी में भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई थी। IMD के अलर्ट के बाद राज्य प्रशासन ने कई जिलों के कलेक्टरों को हाई अलर्ट पर रखा है। संभावित जलभराव, बाढ़, भूस्खलन और मिट्टी खिसकने जैसी घटनाओं को देखते हुए राहत और बचाव की तैयारियां बढ़ाई गई हैं।

ओडिशा में स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बंद

खराब मौसम को देखते हुए ओडिशा के कई जिलों में स्कूल बंद करने का फैसला लिया गया है। रिपोर्टों के अनुसार खुर्दा, जगतसिंहपुर, गंजाम, गजपति, पुरी, कोरापुट, नबरंगपुर और मलकानगिरी समेत प्रभावित जिलों में 24 सितंबर तक शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। आंगनवाड़ी केंद्रों को भी बंद रखने का आदेश दिया गया है। हालांकि, स्कूल बंद रहने के बावजूद कई जगहों पर शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों को अपने तैनाती वाले जिले में मौजूद रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर प्रशासनिक और राहत कार्यों में मदद मिल सके।

‘चिल्का झील’ में फेरी सेवा भी रोकी गई

मौसम खराब होने और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चिल्का झील में सतपड़ा-जाह्निकुड़ा के बीच फेरी सेवा को भी अस्थायी रूप से रोकने का फैसला लिया गया है। प्रशासन की कोशिश है कि खराब मौसम के दौरान संवेदनशील इलाकों में लोगों की आवाजाही कम से कम हो। तटीय क्षेत्रों में समुद्र में जाने पर भी रोक और चेतावनी जारी की गई है। पुरी में समुद्र तटों पर लाल झंडे लगाए गए हैं। समुद्र में स्नान पर प्रतिबंध लगाया गया था।

आंध्र प्रदेश में भी तेज हवाओं और भारी बारिश का खतरा

डीप डिप्रेशन का सबसे सीधा प्रभाव उत्तर आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों पर पड़ रहा है। सिस्टम के कलिंगपट्टनम और विशाखापत्तनम के बीच से गुजरने के कारण तटीय जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश की स्थिति बनी हुई है। IMD के तटीय मौसम बुलेटिन के मुताबिक, दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तट के आसपास तेज हवाएं चलने और समुद्र के बहुत खराब स्थिति में रहने की चेतावनी दी गई थी। 24 सितंबर की शाम तक हवाओं के झोंके करीब 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना जताई गई थी। ऐसे में तटीय इलाकों में लोगों को समुद्र से दूर रहने और प्रशासन की सलाह का पालन करने को कहा गया है।

क्या यह ‘साइक्लोन अर्नब’ है?

‘बंगाल की खाड़ी’ में बने इस सिस्टम को लेकर सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्टों में ‘साइक्लोन अर्नब’ नाम का इस्तेमाल किया जा रहा है। लेकिन यहां स्थिति को सही तरीके से समझना जरूरी है। IMD के अनुसार, 23 सितंबर को यह सिस्टम डीप डिप्रेशन था और इसके तट पार करने का पूर्वानुमान भी डीप डिप्रेशन के रूप में दिया गया था।

‘Arnab’ नाम उस क्षेत्र के अगले चक्रवाती तूफान के लिए नामों की सूची में है। यह नाम बांग्लादेश ने दिया है और इसका अर्थ बंगाली में ‘समुद्र’ बताया गया है। इसलिए जब तक IMD किसी सिस्टम को आधिकारिक तौर पर चक्रवाती तूफान घोषित नहीं करता। उसे सीधे ‘साइक्लोन अर्नब’ कहना सही नहीं होगा।

बाढ़ और भूस्खलन को लेकर प्रशासन अलर्ट

ओडिशा के कई जिलों में भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। पहाड़ी और संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन और मिट्टी खिसकने की आशंका भी बनी हुई है। मलकानगिरी समेत कई जिलों में प्रशासन ने बचाव दलों को तैयार रखा है। संवेदनशील स्थानों पर भारी मशीनरी तैनात की गई है। जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी की गई है।

आगे क्या रहेगा मौसम का हाल?

डीप डिप्रेशन के तट पार करने के बाद भी इसके प्रभाव से ओडिशा और आंध्र प्रदेश में बारिश का दौर जारी रह सकता है। खासकर तटीय और दक्षिणी ओडिशा तथा उत्तर आंध्र प्रदेश के इलाकों में अगले चरण में भी तेज बारिश और हवाओं पर नजर रखी जा रही है। मौसम विभाग (IMD), लगातार सिस्टम की दिशा और तीव्रता पर नजर बनाए हुए है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे समुद्र, नदियों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें, अनावश्यक यात्रा से बचें और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी गाइडलाइंस का पालन करें।

देश के दूसरे हिस्सों पर भी असर

इस मौसम प्रणाली का प्रभाव केवल तटीय ओडिशा और आंध्र प्रदेश तक सीमित नहीं रह सकता। पूर्वी भारत के कुछ अन्य हिस्सों में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। इससे पहले के पूर्वानुमानों में तेलंगाना, छत्तीसगढ़, झारखंड और पश्चिम बंगाल समेत आसपास के क्षेत्रों में भी बारिश की संभावना जताई गई थी। फिलहाल, सबसे ज्यादा निगाह उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा पर है, जहां डीप डिप्रेशन के तट पार करने के दौरान भारी बारिश, तेज हवाओं और समुद्र की खराब स्थिति का खतरा बना हुआ है।

बंगाल की खाड़ी में डीप डिप्रेशन! ओडिशा-आंध्र प्रदेश समेत 20 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

बंगाल की खाड़ी में डीप डिप्रेशन! ओडिशा-आंध्र प्रदेश समेत 20 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

deep depression in bay of bengal

बंगाल की खाड़ी का डिप्रेशन डीप डिप्रेशन में बदल गया है। इसके चक्रवाती तूफान अर्नब में बदलने और 23 सितंबर की रात उत्तर आंध्र प्रदेश-दक्षिण ओडिशा तट को पार कर सकता है। डीप डिप्रेशन की वजह से ओडिसा, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र, कर्नाटक अरुणाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश समेत 20 राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। ALSO READ: Top News 23 September: बंगाल की खाड़ी में डीप डिप्रेशन, मध्य प्रदेश में नो यूपीआई डे, क्रूड के दाम गिरे

 

ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश

ओडिशा के तटीय और दक्षिणी हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो रही है। भारी बारिश के चलते ओडिशा में ODRAF टीमें तैनात की गई हैं। समुद्र में मछुआरों के जाने पर रोक और पुरी में समुद्र स्नान पर प्रतिबंध लगाया गया है। राज्य के 7 जिलों में 24 सितंबर तक शिक्षण संस्थानों को बंद रखने का फैसला किया गया है, जबकि सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर उन्हें ड्यूटी पर लौटने को कहा गया है। 

 

आईएमडी ने 23 और 24 सितंबर को कोरापुट, गजपति और गंजाम में रेड अलर्ट जारी किया है। यहां 20 सेंटीमीटर से ज्यादा बारिश होने की संभावना है। 24 और 25 सितंबर के लिए कालाहांडी, नबरंगपुर, कोरापुट और मलकानगिरी में भी रेड अलर्ट जारी किया गया है। दक्षिण ओडिशा में 23 और 24 सितंबर को बहुत भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अनुमान है। 25 और 26 सितंबर को भी कुछ इलाकों में भारी बारिश जारी रह सकती है।

राजस्थान से मानसून की विदाई

उत्तर पश्चिम भारत से दक्षिण पश्चिम मानसून की विदाई शुरू हुई। मौसम विभाग के मुताबिक, राजस्थान के कई हिस्सों से मानसून लौटने लगा है और अगले 3-4 दिनों में राज्य के कुछ और हिस्सों से मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। 23 से 25 सितंबर तक मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। ALSO READ: अभी खत्म नहीं हुआ मानसून! लौट आया बारिश का दौर, 24 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

 

दिल्ली में कैसा रहेगा मौसम

मौसम विभाग ने दिल्ली-NCR के लिए फिलहाल कोई अलर्ट नहीं जारी किया है। यहां बुधवार को मौसम सामान्य तौर पर सूखा रहने का अनुमान है। आसमान साफ रहने से दिन के तापमान में ज्यादा राहत नहीं मिलेगी और अधिकतम तापमान करीब 34 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है।

IMD मौसम अलर्ट: राजस्थान से मानसून की वापसी शुरू, उधर बंगाल की खाड़ी में डीप डिप्रेशन बनने से कई राज्यों में भारी बारिश के आसार

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 19 सितंबर को देश भर के मौसम को लेकर एक विस्तृत बुलेटिन जारी किया है। एक तरफ जहां देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी का सिलसिला शुरू हो चुका है, वहीं दूसरी ओर बंगाल की खाड़ी में एक मजबूत मौसमी सिस्टम आकार ले रहा है। इसके असर से आने वाले दिनों में ओडिशा और आंध्र प्रदेश समेत कई राज्यों में भीषण बारिश और आंधी-तूफान का दौर देखने को मिलेगा।

दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की शुरुआत

सामान्य तिथि 17 सितंबर के मुकाबले, दक्षिण-पश्चिम मानसून 19 सितंबर को पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से वापस लौट गया है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 3-4 दिनों के दौरान राजस्थान के कुछ और हिस्सों तथा पंजाब एवं सौराष्ट्र व कच्छ के कुछ भागों से मानसून की आगे वापसी के लिए स्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं।

बंगाल की खाड़ी में बनेगा डीप डिप्रेशन: जानिए सिस्टम का पूरा ट्रैक

मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तरी अंडमान सागर पर बना ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इसके प्रभाव से 19 सितंबर की शाम तक इसी क्षेत्र में एक कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। 21 सितंबर तक यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में डिप्रेशन में बदल जाएगा। 22 सितंबर को यह और मजबूत होकर पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में डीप डिप्रेशन का रूप ले लेगा। पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए यह 23 सितंबर की सुबह तक दक्षिण ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश तट के पास पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी पहुंचेगा।

पूर्वी भारत: ओडिशा में 23 और 24 सितंबर को अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी

22 और 25 सितंबर को ओडिशा में बहुत भारी बारिश होगी। 23 और 24 सितंबर को ओडिशा में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। 23 सितंबर को राज्य में 50-60 किमी/घंटे से लेकर 70 किमी/घंटे की गति से थंडरक्वाल आंधी चलने की संभावना है। 19 सितंबर को बहुत भारी बारिश और 20 और 21 सितंबर को भारी बारिश होगी। 19 से 25 सितंबर तक 40-50 किमी/घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। गांगेय पश्चिम बंगाल में 22 से 25 सितंबर तक भारी बारिश होगी। झारखंड में 23 से 25 सितंबर और बिहार व उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल-सिक्किम में 24 और 25 सितंबर को भारी बारिश का पूर्वानुमान है।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में भारी तबाही के आसार

22 से 24 सितंबर के दौरान अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। 21 और 22 सितंबर को 50-60 किमी/घंटे (झोंके 70 किमी/घंटे) की गति से थंडरक्वाल आंधी चलेगी। 19 से 23 सितंबर तक तेज सतही हवाएं भी चलेंगी। तेलंगाना में 22 से 25 सितंबर के दौरान बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। 24 और 25 सितंबर को 50-60 किमी/घंटे (झोंके 70 किमी/घंटे) की गति से आंधी-तूफान आएगा। तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 19 से 21 सितंबर, केरल व माहे में 19-21 सितंबर और 24-25 सितंबर, तटीय व उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 20 से 25 सितंबर और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 19 से 25 सितंबर तक भारी बारिश का अनुमान है।

मध्य और पश्चिम भारत का मौसम

छत्तीसगढ़ में 23 से 25 सितंबर और विदर्भ में 24 सितंबर को बहुत भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 24 और 25 सितंबर को भारी बारिश होगी। कोंकण और गोवा में 19 सितंबर तथा 22-23 सितंबर को भारी बारिश होगी। मध्य महाराष्ट्र में 21 से 23 सितंबर तक भारी बारिश का अलर्ट है।

उत्तर-पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत

पूर्वी राजस्थान में 19 सितंबर को भारी बारिश होने की संभावना है। उत्तराखंड में 19 से 25 सितंबर तक; उत्तर प्रदेश में 19-20 और 23-25 सितंबर; तथा हिमाचल प्रदेश में 19 से 21 सितंबर के दौरान हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

इसके अलावा सम व मेघालय में 23 से 25 सितंबरस नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में 22 से 24 सितंबर और अरुणाचल प्रदेश में 25 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है।

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अंडमान से उठ रहा नया चक्रवाती सिस्टम, एमपी से दिल्ली-यूपी, बिहार 24 सितंबर तक इन राज्यों में आंधी-तूफान और बारिश का अलर्ट

IMD Weather Update: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 18 सितंबर को देश के मौसम को लेकर एक विस्तृत बुलेटिन जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के ऊपर एक नया मौसमी सिस्टम आकार ले रहा है। इसके से 24 सितंबर तक देश के अधिकांश राज्यों में आंधी-तूफान, बिजली चमकने और भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने ये भी बताया है कि 19 सितंबर के आसपास पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए स्थितियां अनुकूल बनती जा रही हैं।

अंडमान सागर में बनेगा लो प्रेशर, ओडिसा-आंध्र की तरफ बढ़ेगा सिस्टम

मौसम विभाग के मुताबिक उत्तरी थाईलैंड के ऊपर बना चक्रवाती परिसंचरण 18 सितंबर की शाम तक उत्तरी अंडमान सागर में उभरने की संभावना है। इसके असर से 19 सितंबर की शाम तक इसी क्षेत्र में एक कम दबाव का क्षेत्र बनने की उम्मीद है। इसके बाद यह धीरे-धीरे और मजबूत होकर अगले 3-4 दिनों के दौरान पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए दक्षिण ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों की ओर रुख करेगा। इसके अलावा उत्तरी गुजरात, सिक्किम और पूर्वी बांग्लादेश पर चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र सक्रिय हैं। वहीं, सिक्किम से उत्तरी बंगाल की खाड़ी तक और मराठवाड़ा से दक्षिण-पूर्वी अरब सागर तक ट्रफ रेखाएं गुजर रही हैं।

उत्तर-पश्चिम भारत और दिल्ली-एनसीआर का मौसम (18 से 24 सितंबर)

हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, पश्चिमी राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 18 से 19 सितंबर के दौरान छिटपुट बारिश और गरज-चमक की संभावना है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में 18 से 20 सितंबर तक हल्की से छिटपुट बारिश के आसार हैं। पूर्वी राजस्थान में 18 सितंबर को व्यापक बारिश होगी और बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। 19 सितंबर को भी यहां भारी बारिश हो सकती है जबकि 19 से 22 सितंबर के बीच छिटपुट बारिश जारी रहने की संभावना है।

जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में 18 सितंबर और 23-24 सितंबर को छिटपुट बारिश हो सकती है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 18 से 24 सितंबर तक गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी।

मध्य और पूर्वी भारत: एमपी, बिहार और ओडिशा का हाल

पश्चिम और पूर्वी मध्य प्रदेश में 18 से 19 सितंबर तक व्यापक बारिश की संभावना है। 18 और 24 सितंबर को पश्चिम मध्य प्रदेश में तथा 24 सितंबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट है। विदर्भ में 18-19 सितंबर और 21-24 सितंबर तक जबकि छत्तीसगढ़ में 19 से 24 सितंबर तक व्यापक बारिश होगी। छत्तीसगढ़ में 22 से 24 सितंबर के बीच भारी बारिश का अनुमान है।

बिहार में 18 से 24 सितंबर के बीच छिटपुट बारिश का अनुमान है जिसमें 18 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 18 सितंबर को बहुत भारी बारिश और 19 व 24 सितंबर को भारी बारिश की चेतावनी है। गांगेय पश्चिम बंगाल में 18 सितंबर को बहुत भारी बारिश और 23-24 सितंबर को भारी बारिश होगी। ओडिशा में 18-19 सितंबर और 22 सितंबर को भारी बारिश तथा 23-24 सितंबर को अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट है।

18 सितंबर को ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल में मध्यम से तीव्र आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है।

पूर्वोत्तर भारत और पश्चिम भारत में मौसम का मिजाज

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 20 और 24 सितंबर को तथा अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय में 24 सितंबर को व्यापक बारिश होगी। 18 सितंबर को असम-मेघालय में और 19-20 सितंबर को नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में भारी बारिश का अलर्ट है। कोंकण और गोवा में 18 सितंबर तथा 21 से 24 सितंबर के दौरान व्यापक बारिश होगी। गुजरात क्षेत्र में 18 सितंबर को बहुत भारी बारिश का अनुमान है। मध्य महाराष्ट्र में 18 सितंबर को तथा 20 से 22 सितंबर तक भारी वर्षा हो सकती है।

दक्षिण भारत: 40-50 kmph की रफ्तार से आंधी का अलर्ट

केरल व माहे और लक्षद्वीप में 18 से 24 सितंबर तक व्यापक बारिश जारी रहेगी। तटीय कर्नाटक में 20 से 24 सितंबर, आंतरिक कर्नाटक व तेलंगाना में 19 से 24 सितंबर तक व्यापक बारिश का पूर्वानुमान है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 18 से 22 सितंबर तक, केरल-माहे में 18-20 सितंबर व 24 सितंबर, तटीय व आंतरिक कर्नाटक में 20-24 सितंबर, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 18-24 सितंबर, तटीय आंध्र प्रदेश में 18-20 सितंबर व 23-24 सितंबर और तेलंगाना में 19 से 24 सितंबर तक भारी बारिश की संभावना है।

तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 18 से 22 सितंबर के बीच 40 से 50 किमी/घंटे की गति से (झोंके 60 किमी/घंटे तक) तेज हवाएं चल सकती हैं। तटीय आंध्र प्रदेश व रायलसीमा में 18 से 22 सितंबर तक तेज सतही हवाएं चलेंगी। केरल और माहे में 18 सितंबर को मौसम गर्म और उमस भरा बना रहने का अनुमान है।

मछुआरों के लिए अलर्ट और समुद्री स्थिति

सोमालिया तट के पास और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में 23 सितंबर तक तथा पश्चिम-मध्य अरब सागर में 18 सितंबर को मछुआरों को न जाने की सलाह दी गई है। दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के इलाकों में 23 सितंबर तक, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 19 से 23 सितंबर तक और पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी व म्यांमार तट के पास 21-22 सितंबर को तूफानी मौसम रहेगा।

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बंगाल की खाड़ी में बढ़ा डिप्रेशन! MP-गुजरात से ओडिशा तक हैवी बारिश का अलर्ट, इन राज्यों के लिए IMD ने जारी की चेतावनी

IMD Heavy Rain Alert: उत्तर-पश्चिम और उससे सटे मध्य-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और दक्षिण ओडिशा व उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों पर बना कम दबाव का क्षेत्र अब और सक्रिय हो गया है। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 11 सितंबर को ताजा अलर्ट जारी करते हुए देश के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश, तेज आंधी और बिजली गिरने की गंभीर चेतावनी दी है। यह मानसूनी प्रणाली अगले 24 घंटों के दौरान अधिक प्रभावी होकर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा की ओर बढ़ेगी। इससे मध्य, पश्चिमी और पूर्वी भारत के विस्तृत हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां तेज होंगी।

बदले हुए मौसमी तंत्र का असर देश के मैदानी और तटीय इलाकों पर साफ देखने को मिलेगा, जहां हवा की गति 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

पिछले 24 घंटों का हाल जानिए

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक बीते 24 घंटों में पूर्वी मध्य प्रदेश, ओडिशा, बिहार और छत्तीसगढ़ के अलग-अलग हिस्सों में अत्यंत भारी बारिश (12 से 20 सेमी) दर्ज की गई है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश, पश्चिम मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में भी 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश हुई है।

वर्तमान में मानसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर में और पूर्वी सिरा दक्षिण में स्थित है। इसके साथ ही उत्तर राजस्थान से लेकर बंगाल की खाड़ी के कम दबाव के क्षेत्र तक एक ट्रफ रेखा फैली हुई है। मध्य उत्तर-पूर्वी अरब सागर से लेकर दक्षिण कोंकण तट तक और उत्तर पंजाब के ऊपर चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है, जिससे कई राज्यों में एक साथ बारिश के अनुकूल माहौल तैयार हुआ है।

मध्य भारत: छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में 11 से 15 सितंबर के बीच मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिलेगा। 11 सितंबर को छत्तीसगढ़ में अति भारी बारिश का अनुमान है जबकि 12 सितंबर को भी यहां भारी बारिश जारी रहेगी। पश्चिम मध्य प्रदेश में 13 और 14 सितंबर को अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ में 11 से 12 सितंबर के दौरान मध्यम से भारी बारिश होगी। इसके साथ ही 11 और 12 सितंबर को विदर्भ में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने की संभावना है।

पश्चिमी भारत: गुजरात और मध्य महाराष्ट्र में 13-14 सितंबर को बड़ा अलर्ट

पश्चिम भारत के राज्यों में 12 सितंबर से बारिश का जोर बढ़ेगा। कोंकण और गोवा में 11 से 17 सितंबर तक लगातार व्यापक बारिश होगी। मध्य महाराष्ट्र में 13 सितंबर को, गुजरात क्षेत्र में 13 व 14 सितंबर को, सौराष्ट्र और कच्छ में 14 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर मूसलाधार से अति भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। मराठवाड़ा में 12 और 13 सितंबर को भारी बारिश के साथ 60 किमी प्रति घंटे तक की गति से हवाएं चल सकती हैं।

उत्तर-पश्चिम भारत: उत्तराखंड और पंजाब समेत मैदानी इलाकों में बारिश का पूर्वानुमान

उत्तराखंड में 11 से 14 सितंबर तक और जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश में 15 से 17 सितंबर के दौरान व्यापक स्तर पर बारिश होने की संभावना है। उत्तराखंड में 11 से 13 सितंबर के बीच भारी बारिश होगी। पंजाब में 13 से 15 सितंबर तक और हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पूर्वी राजस्थान में 13 और 14 सितंबर को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। उत्तर प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में 11 सितंबर को गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: ओडिशा और असम-मेघालय में मौसम रहेगा सख्त

पूर्वी भारत में ओडिशा के लिए 11 सितंबर को बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है जिसके साथ ही 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी। गंगीय पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड में 11 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है। सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 11 से 13 सितंबर तथा 16-17 सितंबर को मूसलाधार बारिश हो सकती है। पूर्वोत्तर के राज्यों में असम और मेघालय में 11 सितंबर को बहुत भारी बारिश होने के आसार हैं। इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 11 से 14 सितंबर के बीच गरज-चमक के साथ मूसलाधार पानी बरस सकता है।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: आंध्र प्रदेश में थंडरस्क्वाल और आंधी का खतरा

दक्षिण भारत में तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 11 और 12 सितंबर को थंडरस्क्वाल का खतरा है। हवा की स्पीड 50 से 60 किमी प्रति घंटे से बढ़कर 70 किमी प्रति घंटे की झोंकेदार रफ्तार छू सकती है। तेलंगाना और तटीय आंध्र प्रदेश में 11 और 12 सितंबर को भारी वर्षा का अनुमान है। तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराइकल और रायलसीमा में भी 11 से 13 सितंबर के दौरान तेज हवाओं और बिजली चमकने के साथ हल्की से मध्यम बारिश होगी। केरल, माहे और दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश में 11 से 13 सितंबर तक गर्म और आर्द्र मौसम बना रहने की संभावना है।

समुद्र में स्थिति चिंताजनक: मछुआरों के लिए रेड चेतावनी

समुद्र में उठती ऊंची लहरों और तूफानी हवाओं के कारण मौसम विभाग ने मछुआरों के लिए विशेष अलर्ट जारी किया है। अरब सागर में सोमालिया तट, दक्षिण-पश्चिम अरब सागर और गुजरात तट से सटे उत्तर-पूर्वी अरब सागर में 13 से 16 सितंबर तक मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

बंगाल की खाड़ी में पश्चिम बंगाल, बांग्लादेश, ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में 11 और 12 सितंबर को समुद्र की स्थिति बेहद खराब रहेगी। मछुआरों को तटीय और गहरे समुद्री इलाकों में जाने से पूरी तरह से मना किया गया है।

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उत्तर भारत में एक्टिव हुआ लो-प्रेशर सिस्टम! अगले 6 दिनों तक दिल्ली-यूपी समेत इन राज्यों में होगी मूसलाधार बारिश, यहां-यहां बदलेगा मौसम

IMD Weather Alert: उत्तर भारत में मानसूनी गतिविधियों ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर एक नया लो प्रेशर सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा 5 सितंबर को जारी वेदर बुलेटिन के अनुसार, इस मौसमी तंत्र की वजह से अगले दो दिनों के दौरान यह प्रणाली पूर्व-उत्तर-पूर्व दिशा की ओर बढ़ेगी। इसके प्रभाव से दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश और बिहार सहित कई राज्यों में अगले छह से सात दिनों तक व्यापक रूप से गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इस दौरान दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में मानसूनी बारिश की गतिविधियां काफी सुस्त बनी रहेंगी।

पिछले 24 घंटों का हाल और राज्यों में दर्ज की गई रिकॉर्ड बारिश

मौसम विभाग के मुताबिक 24 घंटों के दौरान देश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। इस दौरान पूर्वी राजस्थान, पश्चिमी मध्य प्रदेश और अरुणाचल प्रदेश में अलग-अलग जगहों 12 से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा दिल्ली, उत्तराखंड, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, असम, नागालैंड और तमिलनाडु में 7 से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश दर्ज की गई है।

दिल्ली-एनसीआर, यूपी और उत्तर-पश्चिम भारत का वेदर अपडेट

उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में 5 सितंबर से मानसूनी हवाएं काफी मजबूत रहने वाली हैं। पश्चिमी मध्य प्रदेश और उससे सटे उत्तर प्रदेश पर बने लो-प्रेशर सिस्टम के चलते दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 5 और 6 सितंबर को अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम तथा कुछ इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है। इसके बाद 6 से 8 सितंबर के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में व्यापक स्तर पर बारिश और बिजली कड़कने की गतिविधियां बनी रहेंगी।

उत्तराखंड में 5 से 11 सितंबर तक लगातार बारिश, आंधी और बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया गया है, जहां 5 से 7 सितंबर और 10 व 11 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी राजस्थान में 5 सितंबर को बहुत भारी बारिश की संभावना है, जबकि 6 सितंबर को भी भारी बारिश की स्थिति बनी रहेगी। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में 5 सितंबर को तेज आंधी और बारिश का अनुमान है।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में झमाझम बारिश के आसार

मध्य भारत में लो-प्रेशर एरिया के सीधे असर के कारण पश्चिमी मध्य प्रदेश में 5 सितंबर को अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद 6 और 7 सितंबर को भी इस इलाके में भारी बारिश जारी रहेगी। पूर्वी मध्य प्रदेश में 5 से 8 सितंबर के दौरान अधिकांश स्थानों पर बादल बरसेंगे और भारी बारिश दर्ज की जाएगी। छत्तीसगढ़ में 8 से 11 सितंबर के बीच मानसूनी बारिश में तेजी आएगी और भारी बारिश होने का अनुमान है, जबकि विदर्भ क्षेत्र में 11 सितंबर को भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

बिहार, झारखंड और पूर्वी भारत में कैसा रहेगा मौसम

पूर्वी भारत के राज्यों में मानसूनी हलचल बनी रहेगी। बिहार में 5 सितंबर को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है, जिसके बाद 6 से 8 सितंबर और 11 सितंबर को भी अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश दर्ज हो सकती है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 5 से 7 सितंबर और 11 सितंबर को मूसलाधार बारिश का अनुमान है। इसके अलावा गांगेय पश्चिम बंगाल में 8 और 9 सितंबर, झारखंड में 9 सितंबर तथा ओडिशा में 9 से 11 सितंबर के बीच भारी बारिश की संभावना है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 5 से 11 सितंबर के दौरान मध्यम से तेज बारिश का दौर लगातार जारी रहेगा।

पूर्वोत्तर भारत: अरुणाचल, असम समेत सभी 7 राज्यों में मूसलाधार बारिश

पूर्वोत्तर भारत में मानसून का असर अगले एक हफ्ते तक बेहद मजबूत रहने वाला है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 5 से 11 सितंबर के दौरान लगातार बारिश, आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। इन सभी राज्यों के अलग-अलग हिस्सों में 5 से 11 सितंबर के बीच भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना जताई गई है।

पश्चिमी और दक्षिण भारत का हाल: तेज हवाओं का दौर, बारिश धीमी

पश्चिम भारत में कोंकण और गोवा के इलाकों में 5 से 9 सितंबर तक अधिकांश स्थानों पर बारिश जारी रहेगी जबकि गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और सौराष्ट्र व कच्छ में 5 से 11 सितंबर के दौरान हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश देखने को मिलेगी। दक्षिण भारत की बात करें तो प्रायद्वीपीय हिस्सों में बारिश काफी सुस्त रहेगी।

तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, केरल, माहे, कर्नाटक, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और तेलंगाना में 5 से 11 सितंबर तक हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 5 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा, तमिलनाडु और आंतरिक कर्नाटक में 5 और 6 सितंबर को 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चलने और तूफानी झोंके आने की चेतावनी जारी की गई है।

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