वाराणसी में देश के पहले अर्बन रोपवे का काम कहां तक पहुंचा? इसके स्टेशन, किराया और 15 मिनट वाले नए रूट की पूरी डिटेल जानिए

Varanasi Ropeway Project: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में देश का पहला अर्बन रोप वे ट्रांसपोर्ट तैयार हो रहा है। कैंट से गोदौलिया तक बन रहे इस रोप वे ट्रांसपोर्ट से 4 किलोमीटर का सफर आसान होगा। अब तक रोप वे ट्रांसपोर्ट का 95 फीसदी काम करीब पूरा हो चुका है। इस रोपवे ट्रांसपोर्ट से गोदौलिया-कैंट रूट पर गाड़ियों का प्रेशर कम होगा और इससे रोजाना करीब 90 हजार लोग सफर कर पायेंगे। इस रोप वे ट्रांसपोर्ट की शुरुआत के बाद काशी में टूरिज्म को नया आयाम भी मिले गा। रोपवे इस प्राचीन शहर में पर्यटकों को बिलकुल अलग अनुभूति कराएगा। अब तक पहाड़ी इलाकों में तो लोग रोपवे का सफर करते है लेकिन शहरी इलाके में पब्लिक ट्रांसपोर्ट के तौर पर पहली बार लोग ऐसे सफर का एक्सपीरियंस उठाया जा सकेगा।

वाराणसी में बन रहें रोप वे ट्रांसपोर्ट के लिए शहर में कुल 5 स्टेशन बनाए गए है। इसमें कैंट, विद्यापीठ, रथयात्रा, गिरजाघर और गोदौलिया शामिल हैं। हर एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन के बीच सफर के लिए स्थानीय लोगों और पर्यटकों को 10 रूपये प्रति व्यक्ति किराया देना होगा। जो लोग कैंट से सीधे गोदौलिया तक का सफर करेंगे उन्हें इसके लिए 50 रूपये खर्च करने होंगे। फिलहाल सड़क मार्ग से भी कैंट से गोदौलिया तक के सफर के लिए करीब इतना ही किराया लोगों को देना होता है। रोपवे से इस सफर को सिर्फ 15 से 16 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। फिलहाल सड़क मार्ग से इस सफर के लिए लोगों को अभी 35 से 45 मिनट का समय लगता है।

इस रोपवे को कौन बना रहा?

वाराणसी में नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक मैंनेजमेंट लिमिटेड इस काम को पूरा कर रही है। कैंट, विद्यापीठ और रथयात्रा के स्टेशन के साथ यहां रोप वे ट्राली के ट्रायल का काम भी लगभग पूरा हो चुका है। वहीं गिरजाघर और गोदौलिया स्टेशन का काम फिलहाल तेजी से जारी है। यहां तारों पर गंडोला की टेस्टिंग भी हो रही है। वाराणसी के कमिश्नर एस राजलिंगम ने बताया की रोपवे ट्रांसपोर्ट का 95 फीसदी काम पूरा हो चुका है। अगले महीने तक बाकी बचे काम को भी पूरा किया जा सकता है।

इस प्रोजेक्ट पर कितना हो रहा खर्च, ये भी जानिए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस ड्रीम प्रोजेक्ट पर कुल 807 करोड़ रूपये खर्च हो रहे हैं। वाराणसी में बन रहा देश का पहला अर्बन रोपवे ट्रांसपोर्ट को भी वाराणसी के थीम पर ही बनाया जा रहा है। यहां के स्टेशन पर आप भगवान शिव के साथ घाटों का खूबसूरत थीम भी दिखेगी। इसके अलावा जिस ट्राली (गंडोला) से यात्री सफर करेंगे उनमें भी घाट और मंदिर की झलक पर्यटकों को दिखेगी। रोप वे ट्रांसपोर्ट के लिए वाराणसी में 29 टॉवर बनाए गए है। इन टॉवर की ऊंचाई 55 मीटर तक है। यानी पर्यटक काशी की खूबसूरत छठा को 150 फीट की ऊंचाई से निहार सकेंगे।

पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

हर स्टेशन पर 2 से 3 मिनट के अंतराल पर रोपवे ट्राली मिलेगी। इसमें एक बार 10 यात्री सफर कर पाएंगे। हर घंटे करीब 6 हजार लोग इससे सफर करेंगे। पुरे दिन में करीब 16 घंटे इसका संचालन होगा। यानी एक दिन में करीब 90 हजार से ज्यादा लोग इससे सफर कर पाएंगे। रोप वे ट्रांसपोर्ट तैयार होने के बाद पर्यटक आसानी से काशी विश्वनाथ धाम पहुंच सकेंगे।

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टूरिज्म वेलफेयर एसोशिसन के अध्यक्ष राहुल मेहता ने बताया की रोप वे ट्रांसपोर्ट से सफर करना यहां आने वाले लाखों पर्यटकों के लिए बिलकुल नया अनुभव होगा। इसलिए इसकी शुरुआत के बाद यहां टूरिज्म इंड्रस्टी को एक बार फिर बूस्टअप मिलेगा।

(वाराणसी से अभिषेक जायसवाल की रिपोर्ट)

Drishyam 3 advance booking: ‘दृश्यम 3’ की एडवांस बुकिंग का ऐलान, इस डेट से बुक कर सकेंगे फर्स्ट डे शो के लिए टिकिट

Drishyam 3 advance booking: अजय देवगन की फिल्म ‘दृश्यम 3’ का काफी बज बना हुआ है। 2 अक्टूबर को रिलीज होने से पहले ही इसे लेकर काफी उत्साह है। मेकर्स ने शुक्रवार को ऐलान करते हुए बताया कि एडवांस बुकिंग 27 सितंबर से शुरू होगी।

पैनोरमा स्टूडियोज ने इंस्टाग्राम पर फिल्म का नया पोस्टर शेयर करते हुए कन्फर्म किया कि प्री-बुकिंग रविवार से शुरू हो जाएगी। कैप्शन में लिखा था- “आखिरी हिस्से की शुरुआत के लिए पहले से तैयार रहें! बुकिंग 27 सितंबर को खुलेगी। #DrishyamTheConclusion 2 अक्टूबर को सिनेमाघरों में। #DrishyamDay #2ndOct।”

एडवांस बुकिंग शुरू होने से पता चलेगा कि दर्शक इस फ्रैंचाइजी के आखिरी चैप्टर पर कैसी प्रतिक्रिया देते हैं। पिछली फिल्मों की मजबूत फैन-फॉलोइंग को देखते हुए थिएटर में रिलीज से पहले एडवांस बुकिंग के आंकड़ों पर सबकी नजर रहेगी।

इस बीच ‘दृश्यम द कन्क्लूज़न’ के डिस्ट्रीब्यूशन के मामले में भी एक बड़ी बात सामने आई है। पैनोरमा स्टूडियोज और जी स्टूडियोज ने फिल्म के ओवरसीज (विदेशों में) थिएटर डिस्ट्रीब्यूशन के लिए हाथ मिलाया है। इस सहयोग का मकसद अजय देवगन की इस फिल्म को बड़े अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचाना है और मेकर्स इसे दुनिया भर में 8,000 से ज्यादा स्क्रीन्स पर रिलीज करने की योजना बना रहे हैं।

इस फ्रैंचाइजी ने पिछले कुछ सालों में दर्शकों के बीच अपनी मजबूत जगह बनाई है और इसकी पिछली फिल्म सिनेमाघरों में बहुत सफल रही थी। तीसरी फिल्म में विजय सलगांवकर और उनके परिवार की कहानी आगे बढ़ेगी, जिसमें अजय देवगन मुख्य भूमिका में नजर आएंगे।

अभिषेक पाठक के निर्देशन में बनी ‘दृश्यम: द कन्क्लूज़न’ में कई कलाकार शामिल हैं। अजय के अलावा इसमें तब्बू, श्रिया सरन, रजत कपूर, जयदीप अहलावत, प्रकाश राज, कमलेश सावंत, इशिता दत्ता और मृणाल जाधव जैसे नाम शामिल हैं।

इस फिल्म को स्टार स्टूडियो18 ने पेश किया है और पैनोरमा स्टूडियोज ने प्रोड्यूस किया है। अभिषेक पाठक ने इस फिल्म का निर्देशन किया है और आमिल कीयन खान व परवेज शेख के साथ मिलकर इसकी कहानी भी लिखी है। इसे आलोक जैन, अजीत अंधारे, कुमार मंगत पाठक और अभिषेक पाठक ने प्रोड्यूस किया है। ‘दृश्यम: द कन्क्लूज़न’ 2 अक्टूबर 2026 को दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

‘काम छोड़ने की सोच रहा था, तभी हो गया चमत्कार!’ काशी की 400 साल पुरानी कला के मुरीद हुए US, कनाडा और सिंगापुर

Gulabi Meenakari Handicraft: वाराणसी के कई हस्तशिल्पियों की कलाकारी का डंका विदेशों में बज रहा है। मुगलों के जमाने की 400 साल पुरानी कलाकारी भी उनमें से एक है। बीते कुछ सालों से यूएस, कनाडा, सिंगापुर जैसे देशों में अचानक गुलाबी मीनाकारी की डिमांड बढ़ गई है। बनारस की गलियों में रहने वाले हस्तशिल्पी अब एक्सपोर्टर बनकर अपने इन हैंडीक्राफ्ट्स को विदेशों में बेच रहे हैं। हर महीने करीब 20 लाख से ज्यादा के ऑर्डर अलग-अलग कारीगरों के पास आ रहे हैं, जिससे इन कारीगरों के अच्छे दिन आ गए हैं।

हाल के दिनों में गुलाबी मीनाकारी से बने चेस सेट का ऑर्डर गाय घाट इलाके में रहने वाले आर्टिजन रमेश कुमार विश्वकर्मा को मिला। चेस सेट के अलावा गुलाबी मीनाकारी की ज्वेलरी और लक्ष्मी-गणेश की खूबसूरत प्रतिमा की डिमांड भी विदेशों में है। नेशनल अवार्डी रमेश विश्वकर्मा ने बताया कि 2014 से पहले काशी की इस कलाकारी से जुड़े आर्टिजन के पास न तो ऑर्डर थे और न ही बाजार में उनके बनाए प्रोडक्ट की डिमांड थी। जो कारीगर पीढ़ियों से इस काम को कर रहे थे, वे भी इसे छोड़कर दूसरे कामों में जुट गए थे। मेरा हौसला भी टूट रहा था। लेकिन जब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी काशी के सांसद बने, उन्होंने इस आर्ट को पूरी दुनिया में नई पहचान दिलाई। वे हम आर्टिजन के भगवान से कम नहीं हैं।

'काम छोड़ने की सोच रहा था, तभी हो गया चमत्कार!' काशी की 400 साल पुरानी कला के मुरीद हुए US, कनाडा और सिंगापुर

पीएम मोदी ने बाइडेन को दिया था गिफ्ट

कई विशेष अवसरों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुलाबी मीनाकारी से बने अलग-अलग उत्पादों को अलग-अलग देशों के राष्ट्राध्यक्षों को सौंपा। साल 2021 में पहली बार उन्होंने अमेरिका की उपराष्ट्रपति कमला हैरिस को अपने अमेरिकी दौरे के दौरान इसी गुलाबी मीनाकारी से बने चेस सेट को तोहफे के रूप में भेंट किया था। उस वक्त पूरी दुनिया में इस खूबसूरत आर्ट की चर्चा शुरू हुई थी। इसके बाद उन्होंने जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान उस समय के तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और उनकी पत्नी को इसी आर्ट से बने पिकॉक ब्रोच और कफलिंग सेट उपहार स्वरूप भेंट किए थे। जिसके बाद से कलाकारों के पास इनके प्रोडक्ट के ऑर्डर आने का सिलसिला शुरू हो गया, जो आज भी जारी है।

पूरे साल रहते हैं ऑर्डर

नेशनल अवार्डी रमेश कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि अब इस आर्ट से जुड़े कारीगरों के पास पूरे साल ऑर्डर रहते हैं। वर्तमान समय में दीपावली से जुड़े ऑर्डर कारीगरों के पास हैं, जिसे तैयार करने में वे दिन-रात जुटे हैं। उन्होंने बताया कि बीते कुछ सालों में जो कारीगर इस काम को छोड़ चुके थे, वे भी वापस लौट आए हैं। वर्तमान समय में उनकी अगली पीढ़ी भी इस काम को कर रही है। स्टेट अवार्डी रोहन विश्वकर्मा ने बताया कि अब युवा कलाकार भी इसमें दिलचस्पी दिखा रहे हैं। युवा कलाकारों को तैयार करने के लिए बाकायदा उन्हें ट्रेनिंग भी दी जा रही है, ताकि भविष्य में यह खूबसूरत आर्ट न सिर्फ जिंदा रह सके बल्कि वे बनारस की इस खूबसूरत थाती को सहेज सकें।

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ऐसे होता है तैयार

वर्तमान समय में कारीगर इस खूबसूरत आर्ट से हाथी और मोर जैसे शो-पीस के साथ ज्वेलरी सहित कई अन्य चीजें भी बना रहे हैं। इस आर्ट के तहत 400 डिग्री सेल्सियस पर चांदी को तपाकर उसे अलग-अलग स्टेप्स में पहले आकार दिया जाता है। उसके बाद इस पर गुलाबी मीनाकारी का खूबसूरत रंग भरा जाता है, जिसकी खूबसूरती सबको खूब पसंद आती है। बता दें कि गुलाबी मीनाकारी को साल 2015 में जीआई टैग भी मिल चुका है। इसके साथ ही ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ODOP) में भी इसका नाम शामिल है।

रिपोर्ट – अभिषेक जायसवाल

Mahakavya Shri Ramayan Katha: भाव, भक्ति और मर्यादा के साथ बड़े पर्दे पर लौटी देव शर्मा-अंजलि अरोड़ा स्टारर ‘रामायण’

Mahakavya Shri Ramayan Katha: कुछ कहानियां हमें विरासत में मिलती हैं। ‘महाकाव्य श्री रामायण कथा’ कुछ ऐसी है। रामायण सिर्फ एक महाकाव्य नहीं, बल्कि भारतीय समाज और संस्कृति का ऐसा हिस्सा है, जिसकी कहानियां पीढ़ियों से घरों, मंदिरों, रामलीलाओं और परिवारों के बीच आगे बढ़ती रही है।

निर्देशक अभिषेक सिंह रामायण को किसी ऐसी कहानी के तौर पर पेश करने की कोशिश नहीं करते, जिसे नए सिरे से बदलने की जरूरत हो। फिल्म को उसी भरोसे, प्यार, आस्था, त्याग, मर्यादा, कर्तव्य और भक्ति की भावना के साथ बनाया गया है, जो इसे लेकर हर भारतीय अनुभव करता है।

फिल्म की खास बात यह है कि यह ऑरिजनल रामायण के इमोशन को बरकरार रखते हुए आज के दर्शक से कनेक्ट करने की कोशिश करती है। कथा की मूल पहचान को बदले बिना फिल्म के कई प्रसंगों में ऐसे भाव उभरते हैं, जिनसे वर्तमान पीढ़ी भी आसानी से जुड़ सकती है।

‘महाकाव्य श्री रामायण कथा’ का फोकस सिर्फ रॉयल सीन्स या बड़े पैमाने पर कहानी दिखाने के बजाय उन रिश्तों पर अधिक है, जो रामायण की आत्मा हैं। श्री राम और माता सीता का प्रेम, लक्ष्मण की अपने बड़े भाई के प्रति अटूट निष्ठा, हनुमान की श्री राम के प्रति पूर्ण भक्ति और राम की मर्यादा के सामने रावण का अहंकार — यही फिल्म की नींव हैं।

देव शर्मा ने श्री राम के किरदार को काफी संयम और गरिमा के साथ निभाया है। उनके एक्सप्रेशन सिर्फ वीरता दिखाने तक सीमित नहीं , बल्कि श्री राम के धैर्य, करुणा और मर्यादा को भी सामने लाते हैं। उनके किरदार में एक ठहराव दिखाई देता है। अंजलि अरोड़ा के किरदार को लेकर दर्शकों शक था, लेकिन माता सीता उन्होंने शानदार तरीके से निभाया हैं। फिल्म सीता के किरदार को सिर्फ राम की कहानी का हिस्सा बनाकर नहीं रखती, बल्कि उनके विश्वास, आत्मसम्मान और आंतरिक शक्ति को भी महत्व देती है।

शील वर्मा लक्ष्मण के रूप में राम परिवार की कहानी में एक महत्वपूर्ण इमोशनल परत जोड़ते हैं। श्री राम और माता सीता के प्रति उनका समर्पण और अपने बड़े भाई के साथ उनका रिश्ता फिल्म की यात्रा में लगातार महत्वपूर्ण बना रहता है। वहीं निर्भय वाधवा हनुमान के किरदार में ऊर्जा और भक्ति लेकर आते हैं। हनुमान की मौजूदगी वाले हिस्सों में उनका उत्साह कहानी को अलग गति देता है। जबकि राजनेश दुग्गल रावण के रूप में जच रहे हैं।

फिल्म का संगीत सुनने में अच्छा लगता है। संगीत कहानी के माहौल के साथ सटीक बैठता है। ‘सिया राम’ को जावेद अली ने अपनी आवाज दी है। वहीं फरहाद बिवंडीवाला की आवाज में ‘राम जी की सेना’ फिल्म में ऊर्जा और उत्साह लेकर आता है। कैलाश खेर का ‘हे हनुमान’ हनुमान से जुड़े सीन्स में भक्ति और जोश को बढ़ाता है। इसके अलावा शान, शाहिद मल्ल्या और वैशाली सामंत जैसे गायकों की आवाजें भी साउंडट्रैक का हिस्सा हैं।

बात वीएफएक्स की करें तो कुछ बड़े सीन्स में और बेहतर काम किया जा सकता था। खास कर युद्ध वाले सीन या लंका से जुड़े सीन थोड़े फीके लगते हैं। फिर भी यह कमी फिल्म की कहानी से जुड़ाव को पूरी तरह कमजोर नहीं करती है। अयोध्या से वनवास, सीता हरण, हनुमान के आगमन, लंका की ओर बढ़ती कहानी रावण के अंत तक की जर्नी दिखाती है।

शायद फिल्म की सबसे बड़ी खासियत यही है कि यह अपने दर्शकों को अच्छी तरह समझती है। महाकाव्य श्री रामायण कथा रामायण को किसी चौंकाने वाले या पूरी तरह अलग रूप में पेश करने की कोशिश नहीं करती। यह आस्था और उन मूल्यों को केंद्र में रखती है, जिनके कारण यह कथा आज भी लोगों के जीवन का हिस्सा बनी हुई है। फिल्म को हम 3.5 रेटिंग देते हैं।

फिल्म का निर्देशन अभिषेक सिंह ने किया है और इसका निर्माण प्रकाश महोबिया और संजय बुंदेला ने महोबिया फिल्म्स प्रोडक्शन के बैनर तले किया है। फिल्म को एजे फिल्म एंटरटेनमेंट वर्ल्ड और अजय कनोजिया प्रस्तुत कर रहे हैं, जबकि हनी कुलदीप अग्रवाल और मोनिका सेन सह-निर्माता हैं।

Mirzapur The Movie box office collection day 21: पंकज त्रिपाठी का भौकाल बरकरार, ‘मिर्जापुर द मूवी’ ने 21वें दिन किया 1.50 करोड़

Mirzapur The Movie box office collection day 21: पंकज त्रिपाठी, दिव्येंदु, अली फजल और जितेंद्र कुमार स्टारर एक्सेल एंटरटेनमेंट और अमेजन MGM स्टूडियोज की मिर्जापुर द मूवी, वर्ल्डवाइड शानदार परफॉर्मेंस करते हुए 300 करोड़ का आंकड़ा अपने नाम कर लिया है।

दुनिया भर में कुल 300 करोड़ की कमाई करने के बाद फिल्म अब थमती नजर आ रही है । यहां तक कि फिल्म ने वीकडेज पर भी अच्छी कमाई करते हुए अपना मोमेंटम शानदार आंकड़ों के साथ बनाए रखा है। इस तरह से फिल्म ने सोमवार को ₹1.65 करोड़, मंगलवार को ₹1.40 करोड़ और गुरुवार को ₹1.20 करोड़ की कमाई अपने नाम की है।

कई नई फिल्म रिलीज के बावजूद मिर्जापुर द मूवी’ बॉक्स ऑफिस पर कलेक्शन कर रही है। इतना ही नहीं यह फिल्म साल की तीसरी ओवरसीज सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन गई है। एक OTT-ओरिजिनेटेड फ्रैंचाइजी द्वारा दुनिया भर में ₹300 करोड़ का मुकाम छूना एक बहुत बड़ी अचीवमेंट है।

फिल्म की अपील किसी बड़े स्टार पावर से आगे बढ़ती जा रही है, इसकी दिलचस्प दुनिया और कहानी, शानदार डायलॉग, कभी न भूले जाने वाले किरदार और फ्रेंचाइजी के सफर के दौरान बनी बड़ी फैन फॉलोइंग, दर्शकों को अपने साथ बांधे हुए है और सिनेमाघरों में लगातार दर्शकों को अपनी तरफ आकर्षित कर रहे हैं।

फिल्म में इस बार अभिषेक बनर्जी, रसिका दुग्गल, मोहित मलिक, शीबा चड्डा, राजेश तैलंग, प्रमोद पाठक, श्रिया पिलगांवकर, हर्षिता शेखर गौर, श्वेता त्रिपाठी और सोनल एस चौहान जैसे जाने माने चेहरे नजर आने वाले हैं। ऐसे में फिल्म की कास्ट में शामिल होते हुए कहना होगा कि यह सभी कलाकार ‘मिर्जापुर’ की दुनिया को पहले से भी ज्यादा भव्य और कभी न भूलने वाला अनुभव बनाने वाले हैं।

अमेजन MGM स्टूडियोज और एक्सेल एंटरटेनमेंट द्वारा प्रेजेंटेड ‘मिर्जापुर द मूवी’ का डायरेक्शन गुरमीत सिंह ने किया है, जबकि इसकी कहानी पुनीत कृष्णा ने लिखी है और फिल्म को एक्सेल एंटरटेनमेंट के बैनर तले रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर ने प्रोड्यूस किया है। वहीं फिल्म के कासिम जगमगिया और विशाल रामचंदानी ने को-प्रोड्यूसर किया है। ‘मिर्जापुर द मूवी’ 4 सितंबर 2026 को हिंदी और तेलुगु में सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है।

IND vs WI: खत्म हुआ इंतजार! इस दिन एक्शन में दिखेंगे रोहित शर्मा-विराट कोहली, जानें शेड्यूल

IND vs WI: वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम वनडे और टी20 सीरीज के लिए भारत दौरे पर आ रही है। इस दौरे पर दोनों टीमों के बीच तीन वनडे और पांच टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले जाएंगे। वेस्टइंडीज का भारत दौरा 27 सितंबर से शुरू होकर 17 अक्टूबर तक चलेगा। इस दौरान पहले तीन मैचों की वनडे सीरीज खेली जाएगी, वहीं इसके बाद 5 मैचों की टी20 सीरीज खेली जाएगी। फैंस वनडे सीरीज का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इसकी वजह रोहित शर्मा और विराट कोहली है। टेस्ट और टी20 से रिटायरमेंट लेने के बाद रोहित शर्मा और विराट कोहली अब वनडे मैच में ही नजर आते हैं। ऐसे में वेस्टइंडीज के खिलाफ मुकाबले में ये दोनों खिलाड़ी मैदान पर नजर आएंगे। आइए जानते हैं कब और कहां पर खेला जाएंगे मुकाबले

कब खेला जाएगा वनडे मुकाबला

भारत और वेस्टइंडीज के बीच वनडे सीरीज का पहला मुकाबला 27 सितंबर को तिरुवनंतपुरम में खेला जाएगा। इसके बाद 30 सितंबर को गुवाहाटी और 3 अक्टूबर को न्यू चंडीगढ़ में वनडे मुकाबले होंगे। वनडे सीरीज में टीम इंडिया की कमान शुभमन गिल संभालेंगे, वहीं टी20 सीरीज के लिए श्रेयस अय्यर को कप्तान बनाया गया है। वहीं, वेस्टइंडीज की टीम दोनों फॉर्मेट में शाई होप की कप्तानी में मैदान पर उतरेगी।

वनडे का पूरा शेड्यूल

  • पहला वनडे: 27 सितंबर (शनिवार) – भारत और वेस्टइंडीज- तिरुवनंतपुरम 01:30 PM
  • दूसरा वनडे: 30 सितंबर (बुधवार)- भारत और वेस्टइंडीज-गुवाहाटी 01:30 PM
  • तीसरा वनडे: 3 अक्टूबर (शनिवार)- भारत और वेस्टइंडीज- न्यू चंडीगढ़ 01:30 PM

कब खेला जाएगा टी20 मुकाबला

वहीं टी20 सीरीज की शुरुआत 6 अक्टूबर को लखनऊ से होगी। इसके बाद दोनों टीमें 9 अक्टूबर को रांची, 11 अक्टूबर को इंदौर, 14 अक्टूबर को हैदराबाद और 17 अक्टूबर को बेंगलुरु में टी20 मैच खेलेंगी। भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने वाली सीरीज में टीम इंडिया मजबूत तैयारी के साथ उतरेगी। आठ मैचों के बाद टीम को न्यूजीलैंड का दौरा भी करना है।

टी20 का पूरा शेड्यूल

  • पहला टी20: 6 अक्टूबर (मंगलवार), लखनऊ 07:00 PM
  • दूसरा टी20: 9 अक्टूबर (शुक्रवार), रांची 07:00 PM
  • तीसरा टी20: 11 अक्टूबर (रविवार), इंदौर 07:00 PM
  • चौथा टी20: 14 अक्टूबर (बुधवार), हैदराबाद 07:00 PM
  • पांचवा टी20: 17 अक्टूबर (शनिवार), बेंगलुरु 07:00 PM

कब होगा मुकाबले का टॉस

भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने वाले वनडे मुकाबले दोपहर में खेले जाएंगे। तीनों ODI मैच दोपहर 1:30 बजे शुरू होंगे और इससे आधे घंटे पहले 1 बजे टॉस होगा। वहीं पांच मैचों की T20I सीरीज के सभी मुकाबले शाम 7 बजे से शुरू होंगे। इन मैचों के लिए शाम 6:30 बजे टॉस किया जाएगा।

भारत बनाम वेस्टइंडीज सीरीज 2026 के लिए टीमें

भारत की वनडे टीम: शुभमन गिल (C), रोहित शर्मा, विराट कोहली, ऋतुराज गायकवाड़, केएल राहुल (VC और WK), ध्रुव जुरेल (WK), नीतीश कुमार रेड्डी, रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, मोहम्मद सिराज, औकिब नबी, यशस्वी जायसवाल, नमन धीर।

भारत की टी20 टीम: श्रेयस अय्यर (C), अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन [WK], संजू सैमसन (WK), तिलक वर्मा (VC), शिवम दुबे, कुलदीप यादव, अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, रवि बिश्नोई, नीतीश कुमार रेड्डी, अर्शदीप सिंह, प्रिंस यादव, मयंक यादव।

Oman Cricket Team: 11 में से 7 खिलाड़ियों का एक ही सरनेम! ओमान की प्लेइंग इलेवन देखकर चकराया सबका सिर

मछली में कीड़े की खबर ने बढ़ाई चिंता, अब ICAR ने बताया टूना मछली खाने वालों को क्या करना चाहिए

Tuna Fish: अटलांटिक महासागर की टूना मछली में परजीवियों (पैरासाइट्स या कीड़े) की मौजूदगी से जुड़ी रिपोर्ट सामने आने के बाद मछली खाने वालों में बढ़ी चिंताओं पर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के केंद्रीय समुद्री मात्स्यिकी अनुसंधान संस्थान (CMFRI) ने बड़ा स्पष्टीकरण जारी किया है। ICAR-CMFRI ने लोगों को सलाह दी है कि वे किसी विशेष भौगोलिक क्षेत्र की खबरों के आधार पर टूना या दूसरी मछलियों को खाना बंद न करें। प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (पीआईबी) की रिलीज के मुताबिक संस्थान ने स्पष्ट किया है कि टूना समेत भारतीय तटों से पकड़ी गई मछलियों में हानिकारक परजीवी संक्रमण के कोई बाहरी लक्षण या असर नहीं देखे गए हैं। इसलिए किसी दूसरे क्षेत्र की रिपोर्ट को भारतीय समुद्री क्षेत्र की मछलियों पर लागू नहीं किया जा सकता।

ब्राजील की स्टडी पर आधारित थी रिपोर्ट

यह एडवाइजरी उन खबरों के बाद आई है जिनमें ब्राजील के तट के पास अटलांटिक महासागर में पाई जाने वाली स्किपजैक टूना (Skipjack Tuna) में परजीवियों की मौजूदगी की बात कही गई थी। इस पर ICAR-CMFRI ने स्पष्ट किया कि मछलियों में परजीवियों की मौजूदगी और उनकी संख्या पारिस्थितिक स्थितियों और कोपेपोड्स जैसे मध्यवर्ती या द्वितीयक पोषकों की उपलब्धता के आधार पर अलग-अलग मछलियों और भौगोलिक क्षेत्रों में भिन्न हो सकती है। अलग-अलग क्षेत्रों में परजीवियों की यह भिन्नता वैश्विक स्तर पर मछलियों की विभिन्न प्रजातियों या आबादी को अलग पहचानने के एक संकेतक के रूप में भी इस्तेमाल की जाती है।

भारतीय समुद्री क्षेत्र की मछलियां पूरी तरह सुरक्षित

ICAR-CMFRI के निदेशक डॉ. ग्रिंसन जॉर्ज ने बताया कि संस्थान के वैज्ञानिक मछली जीव विज्ञान अध्ययन के तहत नियमित रूप से स्किपजैक टूना सहित अन्य मछलियों की जांच करते हैं। जरूरत पड़ने पर किसी भी असामान्यता या परजीवी की निगरानी करते हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि संस्थान द्वारा जांची गई भारतीय मछलियों में किसी भी हानिकारक परजीवी संक्रमण के बाहरी लक्षण नहीं पाए गए हैं।

फूड सेफ्टी और सावधानी के लिए क्या करें?

फूड सेफ्टी के अतिरिक्त एहतियात के तौर पर ICAR-CMFRI ने मछली की सफाई, हैंडलिंग और पकाने से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। मछली की प्रोसेसिंग और सफाई के दौरान उसकी अंतड़ियों और दूसरे अंदरूनी अंगों को सही तरीके और समय पर निकालना बेहद महत्वपूर्ण है। सफाई के दौरान इन हिस्सों को आमतौर पर हटा दिया जाता है। मछली को सही टेंप्रेचर पर अच्छी तरह से पकाने से सभी परजीवी नष्ट हो जाते हैं।

संस्थान ने यह भी कहा है कि कुछ देशों में सांस्कृतिक परंपराओं के तहत सीफूड को कच्चा या हल्का पकाकर खाया जाता है। ऐसे में अगर इनपर कोई पैरासाइट हुआ तो स्वास्थ्य जोखिम बढ़ सकता है। इसके उलट भारत में सीफूड को आमतौर पर हाई टेंप्रेचर पर अच्छी तरह से पकाकर तैयार किया जाता है। ऐसे में यह खुद ब खुद सेफ हो जाता है।

लोगों को घबराने की जरूरत नहीं

ICAR-CMFRI ने जोर देकर कहा है कि मछली खाने वाले लोगों को किसी एक क्षेत्र की रिपोर्ट के आधार पर टूना या अन्य बाजार में मिलने वाली मछलियों को खाने से परहेज करने की कोई जरूरत नहीं है। लोगों को सही सफाई, हैंडलिंग और पकाने की तकनीकों का पालन करने की सलाह दी है ताकि किसी भी संभावित जोखिम को खत्म किया जा सके।

दुबई से लौटते ही एयरपोर्ट पर धरा गया किंगपिन! CBI ने महादेव बेटिंग ऐप के मास्टरमाइंड अभिषेक कुमार को किया अरेस्ट

दुबई से लौटते ही एयरपोर्ट पर धरा गया किंगपिन! CBI ने महादेव बेटिंग ऐप के मास्टरमाइंड अभिषेक कुमार को किया अरेस्ट

Mahadev Betting App Case: महादेव बेटिंग ऐप मामले में सीबीआई के हाथ आज एक बड़ी सफलता लगी। इस मामले में किंगपिन और वांटेड आरोपी अभिषेक कुमार को सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया। दुबई से उसके हैदराबाद पहुंचते ही सीबीआई ने उसे पकड़ लिया गया। ऑनलाइन बेटिंग और जुआ संचालन में अभिषेक कुमार की अहम भूमिका सामने आई है। उस पर बेटिंग से अर्जित अवैध रकम से दुबई में अचल संपत्तियां खरीदने का भी आरोप है। गिरफ्तारी के तुरंत बाद तलाशी में उसके पास से महत्वपूर्ण आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई। अभिषेक के ऊपर सौरभ चंद्राकर और शुभम सोनी के साथ काम करने का आरोप है।

सीबीआई के मुताबिक, तलाशी के दौरान बरामद सामग्री से प्रथमदृष्टया महादेव बेटिंग ऐप के संचालन में अभिषेक कुमार की भूमिका सामने आई है। जांच एजेंसी के अनुसार वह मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर और शुभम सोनी के साथ मिलकर काम करता था।

रायपुर कोर्ट ने 2 दिन की पुलिस रिमांड दी

गिरफ्तारी के बाद अभिषेक कुमार को हैदराबाद की स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड मिली। इसके बाद उसे रायपुर कोर्ट में पेश किया गया। रायपुर कोर्ट ने आरोपी को 2 दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड में भेज दिया।

महादेव ऐप केस में 100 आरोपियों के खिलाफ 8 चार्जशीट

सीबीआई के अनुसार, छत्तीसगढ़ सरकार ने महादेव बेटिंग ऐप से जुड़े विभिन्न थानों में दर्ज 13 एफआईआर को सीबीआई को ट्रांसफर किया था। अब तक सीबीआई इस मामले में करीब 100 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। इनमें महादेव बेटिंग ऐप के प्रमोटर, ऐप ऑपरेटर, हवाला ऑपरेटर और छत्तीसगढ़ सरकार के कुछ सरकारी कर्मचारी शामिल हैं। अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

सौरभ चंद्राकर समेत आरोपियों को भारत लाने की कोशिश

सीबीआई के मुताबिक, महादेव बेटिंग ऐप के मुख्य प्रमोटरों को भारत लाकर ट्रायल का सामना कराने की प्रक्रिया भी जारी है। अब तक 7 रेड कॉर्नर नोटिस और 2 एक्सट्राडिशन प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं और 2 आरोपियों के खिलाफ प्रत्यर्पण की कार्यवाही चल रही है। सीबीआई ने कहा है कि अवैध बेटिंग ऑपरेशन से जुड़े सभी लोगों को कानून के दायरे में लाने और अपराध से अर्जित रकम का पता लगाने की जांच जारी है।

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पूरे विपक्ष का ज्ञानेश पर हमला

नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के ऊपर विपक्ष ने जोरदार हमला बोला है। ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट सामने आने के बाद राहुल गांधी सहित सभी विपक्षी पार्टियों ने चुनाव आयोग पर वोट चोरी के आरोप दोहराए। राहुल गांधी ने एक वीडियो जारी कर वोट चोरी को संविधान के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि समय आने पर किसी को छोड़ा नहीं जाएगा। अखिलेश यादव से लेकर अरविंद केजरीवाल और उद्धव ठाकरे सबने ज्ञानेश कुमार को निशाना बनाया। कांग्रेस ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग चलाने की मांग की।

असल में ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट में बताया गया है कि ज्ञानेश कुमार अपने संवैधानिक दायरे से बाहर निकल कर फैसले करते हैं और दो अन्य चुनाव आयुक्तों को फैसलों में शामिल नहीं करते हैं। दोनों आयुक्तों ने 10 महीने में 14 बार इसकी शिकायत की है। दोनों आयुक्तों ने ‘अवैध और अनधिकृत’ काम करने का आरोप भी मुख्य चुनाव आयुक्त पर लगाया है। इस रिपोर्ट को लेकर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अपने एक वीडियो में कहा है, ‘मैं इलेक्शन कमीशन और इलेक्शन ऑफिसर्स को साफ कह रहा हूं कि आप जो कर रहे हो गलत कर रहे हो। ये राजद्रोह है, देश के खिलाफ है। टाइम आएगा। हम आपको पकड़ेंगे। बचने वाले नहीं हो’। कांग्रेस के सांसद और सुप्रीम कोर्ट के जाने माने वकील अभिषेक सिंघवी ने इस मामले पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा कि इस खुलासे के बाद ज्ञानेश कुमार को पद पर रहने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने महाभियोग की भी मांग की।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सुप्रीम कोर्ट से इस मामले की जांच की मांग करते हुए कहा है, ‘सभी चुनाव आयुक्त अपना सही काम नहीं कर पा रहे हैं। एक स्वतंत्र निकाय के सदस्यों को अगर न्यायपूर्ण कार्य करने की स्वतंत्रता नहीं है या उनकी कोई सुनवाई नहीं है तो ये लोकतंत्र के लिए बेहद घातक और खतरनाक हालात हैं। कुछ लोगों द्वारा सत्ता की कठपुतली बनकर लोकतंत्र को धोखा देना घोर सांविधानिक अपराध है। ये लोकतंत्र को मिटाने के किसी षड्यंत्र से कम नहीं है’।

आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने अखबार की रिपोर्ट को लेकर चुनाव आयोग पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने और हटाने का अधिकार सिर्फ ईआरओ को है, फिर दिल्ली में बैठे लोग पूरे देश की वोटर लिस्ट कैसे बदल रहे हैं’? महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने चुनाव आयोग की आलोचना करते हुए कहा, ‘महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में बैलट पेपर का उपयोग करके फिर से चुनाव होने चाहिए’।

सुक्खू सर्वाइवर हैं तभी कांग्रेस को उम्मीद

हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनाव में एक साल से थोड़ा ज्यादा समय बचा है। अगले साल के अंत में गुजरात के साथ हिमाचल में चुनाव होगा। भाजपा की ओर से चुनाव में प्रो इन्कम्बैंसी को स्थापित कर देने के समय में भी राजस्थान के साथ साथ हिमाचल प्रदेश ऐसे गिने चुने राज्यों में है, जहां अब भी पांच साल में सत्ता बदलती है। हिमाचल में पिछली बार भाजपा अपनी सरकार नहीं बचा पाई थी। यह भी एक तथ्य है कि भाजपा जहां सरकार बनाती है वहां उसके दोबारा जीतने के चांस बहुत ज्यादा होते हैं लेकिन कांग्रेस कही भीं दोबारा नहीं जीतती है। सवाल है कि क्या सुखविंदर सिंह सुक्खू इस जिंक्स को तोड़ेंगे? यह सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि कांग्रेस उनको लेकर बहुत भरोसे में है और पार्टी के नेता मान रहे हैं कि वे सर्वाइवर हैं।

उनका संघर्ष पहले दिन से चल रहा है। वीरभद्र सिंह के परिवार के भारी दबाव के बावजूद वे मुख्यमंत्री बने। उसके तुरंत बाद राज्य में प्राकृतिक आपदा आई, जिसमें 10 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान हुआ। उन्होंने इस मुश्किल को पार किया। मुख्यमत्री बनने के दो साल पूरे होने से पहले ही पार्टी में बगावत हुई औऱ 2024 के राज्यसभा चुनाव में पार्टी के छह विधायकों ने पाला बदल कर भाजपा के उम्मीदवार हर्ष महाजन को वोट कर दिया, जिसकी वजह से अभिषेक सिंघवी चुनाव हारे। लेकिन छह सीटों पर हुए उपचुनाव में बड़ी जीत हासिल करके उन्होंने फिर से अपनी पार्टी का मजबूत बहुमत बनाया। राज्य पर कर्ज का भारी बोझ है और उनको कर्मचारियों के वेतन देने में मुश्किल आ रही है। उन्होंने इसको भी पार किया है। सात राज्यों के बीच हाल में हुए किशाऊ बांध समझौते ने उनको नई ताकत दी है। इस परियोजना में बिना कोई पैसा दिए हिमाचल प्रदेश सबसे बड़ा लाभार्थी बना है। सुक्खू ने अभी से चुनावी राजनीति को साधना शुरू कर दिया है। वे दूरदराज के इलाकों के लिए योजनाएं बना रहे हैं और वंचितों, दलितों पर फोकस कर रहे हैं।