Shadowfax में क्वालकॉम ने बेची ₹184 करोड़ की हिस्सेदारी, सोमवार को शेयर में दिख सकता है जबरदस्त एक्शन

अमेरिकी मल्टीनेशनल कंपनी क्वालकॉम इनकॉरपोरेटेड ने ओपन-मार्केट ट्रांजेक्शन के जरिए लॉजिस्टिक्स फर्म शैडोफैक्स टेक्नोलॉजीज में 184 करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं। स्टॉक एक्सचेंज पर उपलब्ध बल्क डील डेटा के अनुसार, क्वालकॉम की सब्सिडियरी क्वालकॉम एशिया पैसिफिक पीटीई ने शैडोफैक्स टेक्नोलॉजीज में 75 लाख शेयर बेचे। ये कंपनी की कुल हिस्सेदारी के 1.28 प्रतिशत के बराबर हैं। शेयर 245.13 रुपये प्रति शेयर के भाव पर बेचे गए, जिससे इस ट्रांजेक्शन की कुल वैल्यू 183.8 करोड़ रुपये रही।

जून 2026 तक क्वालकॉम एशिया पैसिफिक पीटीई के पास शैडोफैक्स की 2.26 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। इस डेवलपमेंट के बाद सोमवार, 24 अगस्त को शैडोफैक्स के शेयरों में तेज हलचल दिख सकती है। जुलाई-सितंबर तिमाही में अब तक कुछ और बड़े इनवेस्टर्स भी शैडोफैक्स में अपनी हिस्सेदारी कम कर चुके हैं। न्यूवेस्ट एशिया फंड IV (सिंगापुर) ने 6 अगस्त को 2.13 प्रतिशत हिस्सेदारी बेची, जबकि फ्लिपकार्ट इंटरनेट ने 5.48 प्रतिशत और एट रोड्स इन्वेस्टमेंट्स मॉरीशस II ने 24 जुलाई को 7.67 प्रतिशत हिस्सेदारी बेची।

शैडोफैक्स, फ्लिपकार्ट के मुख्य लास्ट-माइल डिलीवरी पार्टनर्स में से एक है। यह हाइपरलोकल और ई-कॉमर्स शिपमेंट संभालती है, खासकर पीक डिमांड के समय जब कंपनी का अपना लॉजिस्टिक्स नेटवर्क दबाव में होता है। शैडोफैक्स के प्रमोटर अभिषेक बंसल और वैभव खंडेलवाल हैं। अभिषेक मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ हैं। वहीं वैभव होल टाइम डायरेक्टर और चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर हैं।

जनवरी 2026 में लिस्ट हुई थी Shadowfax Technologies

शुक्रवार, 21 अगस्त को BSE पर शैडोफैक्स के शेयर 255.45 रुपये पर बंद हुए। शैडोफैक्स टेक्नोलोजिज जनवरी 2026 में शेयर बाजारों में लिस्ट हुई थी। इसका IPO 1,907.27 करोड़ रुपये का था। कंपनी का मार्केट कैप 14900 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। शेयर 6 महीनों में 120 प्रतिशत और 3 महीनों में 24 प्रतिशत बढ़ा है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 16.51 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

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शैडोफैक्स कई तरह के एंटरप्राइज क्लाइंट्स को सर्विस देती है। इनमें हॉरिजॉन्टल और नॉन-हॉरिजॉन्टल ई-कॉमर्स, क्विक कॉमर्स, फूड मार्केटप्लेस और ऑन-डिमांड मोबिलिटी कंपनियां शामिल हैं। कंपनी एक्सप्रेस फॉरवर्ड पार्सल डिलीवरी, रिवर्स पिकअप, ऑन-डिमांड हाइपरलोकल और क्रिटिकल लॉजिस्टिक्स सॉल्यूशन उपलब्ध कराती है।

कंपनी की वित्तीय सेहत

शैडोफैक्स टेक्नोलॉजीज का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 1,323.85 करोड़ रुपये रहा। शुद्ध मुनाफा 66.20 करोड़ रुपये रहा। वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू 4,080.35 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 115.18 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

वंदे मातरम पर राष्ट्रवाद की सियासत!, किसका फायदा, किसका नुकसान?

वंदे मातरम पर राष्ट्रवाद की सियासत!, किसका फायदा, किसका नुकसान?

भारतीय जनता पार्टी के वंदे मातरम पर देश में सियासी घमासान मचा हुआ है। कांग्रेस के वंदे मातरम के केवल एक अंतरे (दो पद) को पार्टी के कार्यक्रमों के गाने के फैसले को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के तीखे हमले के बाद इस पर सियासी बयानबाजी थमने का नाम नहीं ले  रही है। कांग्रेस ने वंदे मातरम को लेकर यह फ़ैसला ऐसे समय किया जब स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में भाजपा ने सोनिया गांधी पर वंदे मातरम का अपमान करने का आरोप लगाया था। 
 
कांग्रेस वर्किंग कमेटी में वंदे मातरम के गाने के फैसले पर गृहमंत्री अमित शाह की आपत्ति पर  कांग्रेस ने भाजपा पर पलटवार करते हुए दिखावटी राष्ट्रवाद का आरोप लगाया। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह जनता से जुड़े मुद्दों पर अपनी नाकामियों से ध्यान भटकाने के लिए वंदे मातरम के मुद्दे को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे है।
 
वंदे मातरम पर विवाद की शुरुआत कैसे?- वंदे मातरम पर नए विवाद पर स्वतंत्रता दिवस पर नई दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय में हुए कार्यक्रम मे वंदे मातरम के गायन के दौरान सोनिया गांधी के व्यवहार को लेकर हुई। भाजपा ने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी ने वंदे मातरम को बीच में रोकने की कोशिश की। इसके बाद बुधवार को हुई कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में पार्टी के नेताओं ने वंदे मातरम के गायन का मुद्दा उठाया था।
 
बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पार्टी का रुख स्पष्ट करते हुए पार्टी के कार्यक्रमों में वंदे मातरम के दो पद गाने की बात कही। इसके लिए खरगे ने  28 अक्टूबर 1937 को कांग्रेस कार्यसमिति की ओर से पारित प्रस्ताव का हवाला दिया।
 
दरअसल 1937 में कोलकाता मे हुई कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में वंदेमातम को लेकर चर्चा हुई और एक प्रस्ताव तैयार किया गया। इस प्रस्ताव को तैयार करने में जवाहरलाल नेहरू, सरदार वल्लभभाई पटेल, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, मौलाना अबुल कलाम आजाद, गोविंद बल्लभ पंत और आचार्य नरेंद्र देव जैसे नेताओं की भूमिका थी। यह प्रस्ताव गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की सलाह पर तैयार किया गया था।
 
25 जनवरी 1950 को संविधान सभा की आखिरी बैठक में संविधान सभा के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद ने घोषणा की थी कि ‘जन गण मन’ देश का राष्ट्रगान और ‘वंदे मातरम’ राष्ट्रीय गीत होगा। उन्होंने कहा कि ‘जन गण मन’ में भी पांच में से केवल एक अंतरे को राष्ट्रगान के तौर पर अपनाया गया है।
 
अमित शाह ने कांग्रेस की तुष्टिकरण की सियासत से जोड़ा- कांग्रेस कार्यसमिति में वंदेमातरम पर हुए इस फैसले को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कांग्रेस की तुष्टिकरण की सियासत से जोड़ दिया। मीडिया एजेंसी से चर्चा करते हुए अमित शाह ने कहा कि “कांग्रेस पार्टी की कार्यसमिति ने एक आश्चर्यजनक और देशविरोधी फैसला लिया है। उन्होंने अपनी पार्टी के 1937 के रिजोल्यूशन को फॉलो करते हुए महान वंदे मातरम् गीत के दो ही छंद गाने का फैसला लिया है”।
 
अमित शाह ने आगे कहा कि “मैं पूरे देश को याद दिलाना चाहता हूं, 1937 में कांग्रेस पार्टी ने मुस्लिम तुष्टिकरण के लिए वंदे मातरम् के दो टुकड़े कर देश के विभाजन की नींव डाली थी और वहीं से द्वि-राष्ट्र सिद्धांत को ताकत मिली थी। अंततोगत्वा देश का विभाजन हुआ और पाकिस्तान का जन्म हुआ। आज जब उस ऐतिहासिक गलती को वंदे मातरम् गीत के प्राकट्य के 150वें साल में सुधार कर बंकिम बाबू की इस अमर कृति को पूरा गीत गाकर राष्ट्रीय एकात्मता को सुदृढ़ करने का प्रयास किया गया है, और सभी सरकारी कार्यक्रमों में इसे पूर्ण रूप से गाने का निर्णय किया गया है और इस निर्णय को कानूनी जामा भी पहनाया गया है। इसी की अवहेलना करने का निर्णय कांग्रेस ने कल किया है”।

अमित शाह ने आगे कहा कि “कांग्रेस का यह निर्णय केवल और केवल इनकी घोर तुष्टिकरण की नीति की पुष्टि करता है। वोट बैंक के लिए इन्होंने न सिर्फ बंकिम बाबू की इस अमर कृति का अपमान किया, बल्कि उन लाखों शहीदों का भी अपमान किया, जो वंदे मातरम् का नारा लगाते हुए देश की आजादी के लिए फांसी पर चढ़ गए।  आज कांग्रेस पार्टी 1937 के अपनी पार्टी के रिजोल्यूशन को मान रही है और पार्लियामेंट के एक्ट को नकार रही है। राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी फिर एक बार तुष्टिकरण की राजनीति को पुरजोर तरीके से आगे बढ़ा रही है”।
 
वहीं केंद्रीय शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस के खिलाफ तीखा राजनीतिक प्रहार करते हुए कहा कि वंदे मातरम को अधूरा गाने का फैसला देश की भावना और राष्ट्रगीत का अपमान है। उन्होंने कहा  कि यह किसी पार्टी का नहीं बल्कि भारत माता के सम्मान का प्रश्न है। शिवराज सिंह ने कहा कि जो गीत स्वतंत्रता आंदोलन की प्रेरणा रहा, उसे पूरा गाना हर भारतीय का कर्तव्य है। उन्होंने कांग्रेस पर वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि कुछ दल देश की एकता और संस्कृति से जुड़े प्रतीकों को भी राजनीतिक लाभ के लिए तोड़-मरोड़ देते हैं।
 
कांग्रेस का भाजपा पर पलटवार-भाजपा के वंदे मातरम के मुद्दें को राजनीतिक तूल देने पर कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा ने बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय और रवींद्रनाथ टैगोर को लेकर एक अलग राजनीतिक नैरेटिव बनाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि यह मुद्दे का राजनीतिकरण है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके जरिए जनता से जुड़े वास्तविक मुद्दों और सरकार की कथित नाकामियों से ध्यान भटकाने की कोशिश हो रही है, जिसमें छात्रों से जुड़े मुद्दे भी शामिल हैं।
 
कांग्रेस के कानूनी प्रकोष्ठ के प्रमुख और राज्यसभा सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने इस पूरे विवाद में कानूनी पहलू सामने रखा है। कानून को उसकी मौजूदा स्थिति के हिसाब से देखा जाना चाहिए। उन्होंने सार्वजनिक और निजी कार्यक्रमों के बीच अंतर बताया। सिंघवी के मुताबिक मौजूदा कानून सरकारी आधिकारिक कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत के गायन से जुड़ी बात करता है। पार्टी के आंतरिक कार्यक्रमों के बारे में उसमें वैसी स्पष्ट व्यवस्था नहीं है। यही तर्क कांग्रेस के उस फैसले को समझने की कोशिश में अहम हो जाता है, जिस पर अब पार्टी के भीतर ही अलग-अलग राय सामने आ रही है।

‘मिर्जापुर द मूवी’ के लिए कालीन भैया उर्फ पंकज त्रिपाठी जाएंगे पटना, बिहार में दिखाएंगे भौकाल

‘मिर्जापुर: द मूवी’ को लेकर फैंस के बीच एक्साइटमेंट लगातार बढ़ती जा रही है। 11 अगस्त को रिलीज हुए फिल्म के मच अवेटेड ट्रेलर को दर्शकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है। ट्रेलर में बड़े भौकाल, गद्दी की जंग और ‘मिर्जापुर’ की दमदार दुनिया की झलक देखने के बाद अब फिल्म को लेकर बज और भी बढ़ गया है।

ट्रेलर को मिले इस शानदार रिस्पॉन्स के बीच फिल्म की स्टारकास्ट 22 अगस्त को लखनऊ पहुंची। अली फजल, दिव्येंदु शर्मा और जितेंद्र कुमार ने शहर में फिल्म का प्रमोशन किया और मीडिया से बातचीत की।

‘मिर्जापुर’ की कहानी और इसकी दुनिया का उत्तर प्रदेश से खास कनेक्शन रहा है। ऐसे में लखनऊ में फिल्म का प्रमोशन करना टीम के लिए भी खास रहा। जिसके बाद अब ‘मिर्जापुर: द मूवी’ के स्टार्स पंकज त्रिपाठी, अली फजल, दिव्येंदु शर्मा और जितेंद्र कुमार 22 अगस्त 2026 को पटना का दौरा करेंगे। ट्रेलर और पहले गाने ‘दो नंबरी’ को मिले शानदार रिस्पॉन्स के बाद अब फिल्म की रिलीज को लेकर दर्शकों की एक्साइटमेंट अपने चरम पर है।

फिल्म की स्टारकास्ट में अली फज़ल, पंकज त्रिपाठी, दिव्येंदु शर्मा, अभिषेक बनर्जी, रसिका दुगल, मोहित मलिक, शीबा चड्ढा, राजेश तैलंग, प्रमोद पाठक, श्रिया पिलगांवकर, हर्षिता शेखर गौर, श्वेता त्रिपाठी और सोनल एस. चौहान भी शामिल हैं।

‘मिर्जापुर: द मूवी’ का निर्देशन गुरमीत सिंह ने किया है और इसकी कहानी पुनीत कृष्णा ने लिखी है। फिल्म को अमेज़न MGM स्टूडियोज और एक्सेल एंटरटेनमेंट प्रस्तुत कर रहे हैं। रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर ने इसे एक्सेल एंटरटेनमेंट के बैनर तले प्रोड्यूस किया है। फिल्म 4 सितंबर 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में हिंदी और तेलुगु में रिलीज होगी।

FIH Hockey World Cup में भारत ने पाकिस्तान को 5-3 से हराया

पाकिस्तान के खिलाफ पिछले एक दशक से चले आ रहे अजेय अभियान को जारी रखते हुए भारत ने एफआईएच विश्व कप के अहम मुकाबले में बुधवार को चिर प्रतिद्वंद्वी को 5-3 से हराकर दूसरे दौर में प्रवेश कर लिया जबकि इस हार के साथ पाकिस्तान की पहले दौर से रवानगी तय हो गई।

आठ साल बाद विश्व कप खेल रही पाकिस्तानी टीम पहले क्वार्टर में ही दो गोल गंवाने के बाद दबाव में आ गई थी । दूसरे क्वार्टर में दो गोल करके उसने वापसी की कोशिश की लेकिन पिछले दो ओलंपिक में कांस्य पदक जीत चुकी भारतीय टीम अपेक्षा के अनुरूप उस पर भारी पड़ी।

भारत के लिये कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने (पांचवां और 21वां) पेनल्टी कॉर्नर पर दो गोल किये जबकि अभिषेक (11वां और 24वां) ने दो शानदार फील्ड गोल दागे । हार्दिक सिंह ने 34 वें मिनट में पेनल्टी स्ट्रोक पर गोल किया।पाकिस्तान के लिये हन्नान शाहिद (22वां और 46वां) ने दो फील्ड गोल किये जबकि सूफियान शेख (24वां ) ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला।पूल डी से इंग्लैंड और भारत ने दूसरे दौर के लिये क्वालीफाई कर लिया । इंग्लैंड से पहले दौर में हारने वाली भारतीय टीम दूसरे दौर में कोई अंक लेकर नहीं जायेगी।

भारत और पाकिस्तान विश्व कप में 16 साल बाद आमने सामने थे और पिछली बार दिल्ली में 2010 विश्व कप में भी भारत ने पाकिस्तान को 4-1 से हराया था । वेगनेर स्टेडियम पर दोनों टीमों की टक्कर 1973 में हुई थी जब भारत ने पाकिस्तान को सेमीफाइनल में एक गोल से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी।

पाकिस्तान के लिये यह मैच करो या मरो का था जिसे इंग्लैंड ने 4 -1 से हराया था जबकि वेल्स के खिलाफ मैच ड्रॉ रहा था।भारत ने पहले ही मिनट से आक्रामक खेल दिखाया और शुरूआती पंद्रह मिनट में पूरा खेल पाकिस्तान के सर्कल में हुआ । भारत ने पहले क्वार्टर में चार पेनल्टी कॉर्नर बनाये जिनमें से दूसरे पर पांचवें मिनट में हरमनप्रीत ने गोल करके बढत बना ली । इससे पहले सुखजीत ने बायें फ्लैंक से गेंद सर्कल पर अभिषेक को सौंपी लेकिन पाकिस्तानी गोलकीपर अली रजा ने अच्छा बचाव किया।भारत को अगले मिनट तीसरा पेनल्टी कॉर्नर मिला और इस बार पाकिस्तान के गोलकीपर ने हरमनप्रीत की फ्लिक को भांपकर गोल नहीं होने दिया।

अपना पहला विश्व कप खेल रहे आदित्य लालागे जबर्दस्त ड्रिबलिंग का प्रदर्शन करते हुए गेंद लेकर डी के भीतर घुसे लेकिन शानदार मूव को फिनिशिंग टच नहीं दे सके।शानदार फॉर्म में दिख रहे अभिषेक ने भारत को बढत दिलाई। हरमनप्रीत से हवा में गेंद लेकर अभिषेक ने बेहतरीन नियंत्रण का प्रदर्शन करते हुए गोल पर निशाना साधा जबकि पाकिस्तान का पूरा डिफेंस उन्हें घेरे हुए था । गेंद पाकिस्तानी डिफेंडर की स्टिक से लगकर गोल के भीतर गई।

भारत को 13वें मिनट में चौथा पेनल्टी कॉर्नर मिला जिस पर हरमनप्रीत चूक गए । पहले क्वार्टर में भारत ने दो गोल की बढत बना ली थी।पाकिस्तान ने मैच का पहला मूव 18वें मिनट में बनाया लेकिन भारतीय डिफेंस को भेद नहीं सके। अगले मिनट पलटवार पर भारत ने पेनल्टी कॉर्नर बनाया जिस पर वैरिएशन में कामयाबी मिली।

हरमनप्रीत ने सीधे शॉट लेने की बजाय पीछे खड़े राजिंदर को गेंद सौंपी जिनके शॉट को पाकिस्तानी गोलकीपर ने बचा लिया लेकिन गेंद लौटकर हरमनप्रीत के पास आई जिनके दमदार शॉट पर गेंद सीधे गोल के भीतर जाकर रूकी। इससे पहले दीर्घा में किसी दर्शक को गेंद लगने से कुछ सेकंड खेल रोकना पड़ा।

तीन गोल गंवाने के बाद पाकिस्तानी टीम हरकत में आई और 22वें मिनट में इसका नतीजा पहले गोल के रूप में मिला। हन्नान शाहिद को डी के भीतर गेंद मिली जिनका पहला शॉट भारतीय गोलकीपर सूरज करकेरा ने बचा लिया लेकिन रिबाउंड पर उसे रोक नहीं सके।

अभिषेक ने जबर्दस्त कौशल का प्रदर्शन करते हुए अगले ही मिनट पाकिस्तानी डिफेंस को फिर दबाव में ला दिया। जुगराज से मिले लांग पास पर डी के भीतर बेहतरीन ड्रिबल करते हुए गेंद लेकर गए अभिषेक ने निशाना साधा और गेंद पाकिस्तानी डिफेंडर की स्टिक से टकराकर भीतर गई। पाकिस्तान को मैच का पहला पेनल्टी कॉर्नर 24वें मिनट में मिला जिस पर सूफियान ने गोल दागा।

अगले ही मिनट सुमित की गलती पर पाकिस्तान को एक और पेनल्टी कार्नर मिला लेकिन इस बार सुमित ने ही बचाव करके पाकिस्तान को तीसरा गोल नहीं करने दिया। सुखजीत को ब्रेक से ठीक पहले ग्रीनकार्ड मिला जिससे भारत दो मिनट तक दस खिलाड़ियों के साथ खेला।

भारत ने आक्रामक शुरूआत की लेकिन दूसरे क्वार्टर में पाकिस्तान ने दो गोल करके वापसी की कोशिश की । ब्रेक के समय स्कोर 4 -2 था।

भारत के लिये पांचवां गोल पेनल्टी स्ट्रोक पर हार्दिक सिंह ने किया । आदित्य लालागे को पाकिस्तानी डिफेंडर ने अरशद लियाकत ने बाधा पहुंचाई जिसका खामियाजा उन्हें पेनल्टी स्ट्रोक गंवाकर भुगतना पड़ा । पाकिस्तानी टीम ने दबाव में कई गलतियां की और तीन मिनट बाद फिर पेनल्टी कॉर्नर गंवाया।

हरमनप्रीत मैदान पर नहीं थे और अमित रोहिदास की स्लैप हिट गोलकीपर ने रोक दी । भारत के पास 41वें मिनट में गोल करने का सुनहरा मौका था जब सुखजीत लंबे पास पर गेंद लेकर भीतर गए और सामने सिर्फ पाकिस्तानी गोलकीपर था लेकिन वह सही निशाना नहीं लगा सके।

 अगले मिनट पाकिस्तान को पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन सूफियान की ड्रैग फ्लिक को रोहिदास ने रोक लिया । गेंद भीतर ही थी जिसे भारतीय डिफेंस ने मुस्तैदी से बाहर निकाल दिया । आखिरी क्वार्टर की शुरूआत में ही हार्दिक ने मिडफील्ड में गेंद गंवाई और भारत के खाली पड़े डिफेंस का फायदा उठाते हुए हन्नान ने आसान गोल दागा।

भारत को 49वें मिनट में फिर मौका मिला जब अभिषेक ने गेंद छीनकर दिलप्रीत को सौंपी लेकिन वह उस पर कब्जा बरकरार नहीं रख पाये । इसके दो मिनट बाद सर्कल के भीतर सुखजीत से मिले पास पर अभिषेक निशाना नहीं साध सके।

आदित्य लालागे को 56वें मिनट में पीला कार्ड मिलने से भारत को आखिरी मिनटों में दस खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा । पाकिस्तान को आखिरी सीटी बजने से दो मिनट पहले पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन वैरिएशन नाकाम रहा। 

Hockey World Cup 2026: पाकिस्तान को फिर मिली करारी शिकस्त, भारत ने 5-3 से हराया

IND vs PAK: भारत ने हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में पाकिस्तान के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए 5-3 से जीत दर्ज की। नीदरलैंड्स में एम्सटेलवीन के वागेनर स्टेडियम में खेले गए पूल डी के इस मुकाबले में भारतीय टीम ने शुरुआत से ही दबाव बनाए रखा। कप्तान हरमनप्रीत सिंह और अभिषेक ने शानदार खेल दिखाते हुए दो-दो गोल किए, वहीं भारत की ओर से एक और गोल भी हुआ। भारतीय टीम ने पहले हाफ में बढ़त बना ली थी और बाद में पाकिस्तान की वापसी की कोशिशों को नाकाम करते हुए मैच अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ भारत ने अपना अभियान मजबूत किया और अगले दौर में जगह पक्की कर ली।

पाकिस्तान को हराने के साथ ही भारत ने हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में अपनी दूसरी जीत दर्ज कर ली। इस जीत ने भारतीय टीम का अगले दौर का रास्ता साफ कर दिया है। अब भारत टूर्नामेंट के दूसरे राउंड में पहुंच चुका है और टीम की नजरें आगे के मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन करने पर होंगी। वहीं इस हार के साथ पाकिस्तान का हॉकी वर्ल्ड कप 2026 का सफर यहीं खत्म हो गया है।