रोमांचक मैच में भारत बेल्जियम से पेनल्टी शूटआउट से हारकर रहा आठवें स्थान पर

भारत बेल्जियम का मैच किसी भी हॉकी प्रेमी के लिए बहुत रोमांचक मैच रहा लेकिन यह मैच कभी इस तरफ तो कभी उस तरफ होता रहा। इसके साथ ही दोनों ही टीम के खिलाड़ियों को चोटों से जूझना पड़ा। खासकर मनप्रीत सिंह जिन्होंने अपने माथे पर चोट खा ली और खेल को काफी वक्त के लिए रोकना पड़ा उन्होंने स्ट्रेचर से जाने से मना कर दिया और चलकर मैदान छोड़ा। इसके बाद जरमनप्रीत की स्टिक बेल्जियम के खिलाड़ी के नाक पर लग गई। लेकिन भारत को रेड कार्ड नहीं मिला।

भारत ने इस मैच में पहले बढ़त बनाई। इसके बाद बेल्जियम ने दो गोल दागे। लेकिन भारत ने फिर से पलटवार कर बराबरी हासिल की। चौथे क्वार्टर में बेल्जियम ने मैदानी गोल दागा। भारत के लिए समय निकलता जा रहा था। लेकिन अंतिम 2.50 मिनट में भारत ने गोलकीपर सूरज करकेरा को बाहर बैठाकर दांव खेला जो अंतिम 30 सेकेंड में काम आया। पेनल्टी स्ट्रोक मिला जिस पर हरमनप्रीत सिंह ने गोल दागकर बराबरी की। हालांकि पेनल्टी शूटआउट की पटकथा भारत के खिलाफ रही।

भारतीय पुरुष हॉकी टीम को एफआईएच विश्व कप सह-मेजबान बेल्जियम के खिलाफ सातवें / आठवें स्थान के क्लासीफिकेशन के रोमांचक मुकाबले में शूटआउट में 3-4 से हार का सामना करना पड़ा।निर्धारित समय में दोनों टीमें 3-3 से बराबरी पर रहीं, लेकिन शूटआउट में बेल्जियम ने बाजी मारकर भारत को एफआईएच विश्व कप में आठवें स्थान पर रहने के लिए मजबूर कर दिया।

शूटआउट में भारत की ओर से शिलानंद लाकड़ा, दिलप्रीत सिंह और अभिषेक ने गोल किए, लेकिन यह टीम को जीत दिलाने के लिए पर्याप्त नहीं रहा।इससे पहले निर्धारित समय में भारत के लिए अभिषेक ने शुरुआती गोल किया, जबकि हरमनप्रीत सिंह ने दो गोल दागे। बेल्जियम की ओर से रोमन डुवेकोट, ह्यूगो लाबूशे और निकोलस डी केरपेल ने गोल किए।शूटआउट में बेल्जियम के खिलाड़ियों ने दबाव के बीच बेहतर संयम दिखाया और 4-3 से जीत दर्ज कर ली।

क्या दिल्ली की 21 साल की मॉडल मुस्कान को उसके जिम ट्रेनर इमरान ने मारा? घुर में घुस ऐसे की गई जघन्य वारदात

Muskan Murder Case: दिल्ली के पश्चिमी इलाके तिलक नगर में बुधवार शाम एक 21 साल की छात्रा और मॉडल मुस्कान की कथित तौर पर चाकू मारकर हत्या कर दी गई। TOI की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस को शक है कि इस वारदात में उसके पूर्व जिम ट्रेनर इमरान का हाथ हो सकता है।

बताया जा रहा है कि घटना के समय मुस्कान घर में अकेली थी। आरोप है कि इमरान घर में घुसा और उस पर चाकू से कई बार हमला किया। इसके बाद वह मौके से फरार हो गया। वहीं, मुस्कान की चीखें सुनकर पड़ोसी उसके घर पहुंचे, जहां वह गंभीर हालत में खून से लथपथ पड़ी मिली।

पड़ोसी उसे तुरंत अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस को घटना के बारे में PCR कॉल मिली और आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।

ADCP ने दी जानकारी

एडिशनल डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस अभिषेक गुप्ता ने पत्रकारों को बताया, “हम दोषी की तलाश कर रहे हैं और आस-पास के इलाके के CCTV फुटेज की जांच की जा रही है।”

वहीं, पुलिस के एक सीनियर अधिकारी ने कहा, “लगभग 21 साल की एक महिला की उसके घर पर अकेले होने के दौरान चाकू मारकर हत्या कर दी गई। CCTV फुटेज की जांच की जा रही है और पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।”

TOI की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने इमरान का पता लगाने के लिए कई टीमें बनाई हैं और सुराग पाने के लिए मुस्कान के फोन की भी जांच कर रही है।

जांचकर्ताओं ने उस जिम में छापेमारी की है जहां इमरान काम करता था और उसके घर पर भी तलाशी ली है, साथ ही उसके परिवार वालों और दोस्तों से भी पूछताछ की है।

कौन है संदिग्ध?

रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि मुस्कान और इमरान एक-दूसरे को करीब डेढ़ साल से जानते थे। कुछ रिश्तेदारों और पड़ोसियों ने जांच करने वालों को बताया कि इमरान अक्सर उस इलाके में देखा जाता था और कथित तौर पर मुस्कान का पीछा करता था। माना जाता है कि मुस्कान ने उसे ठुकरा दिया था।

TOI के अनुसार, मुस्कान के दोस्त अमन ने बताया कि वह तीन बहनों में सबसे छोटी थी। उसकी एक बड़ी बहन, जो अभी चंडीगढ़ में है, ने हमले के बारे में पता चलने पर कथित तौर पर उसे फोन किया और मुस्कान के घर तुरंत पहुंचने को कहा।

अमन ने कहा, “मुझे एक फोन आया था, लेकिन मुझे ठीक-ठीक समय याद नहीं है। उन्होंने मुझे बताया कि वे घर पर नहीं थे और कोई घर में घुसकर मुस्कान को चाकू मार गया।”

उन्होंने बताया कि उन्होंने तुरंत एक और दोस्त से संपर्क किया और उससे घर पहुंचकर मुस्कान को मेडिकल मदद दिलाने को कहा। जब तक वह वहां पहुंचा, तब तक एम्बुलेंस मौके पर पहुँच चुकी थी और उसे अस्पताल ले जा चुकी थी।

अमन ने यह भी आरोप लगाया कि मुस्कान की बहनों ने पहले ही इमरान द्वारा उसे परेशान किए जाने को लेकर चिंता जताई थी। अमन ने कहा, “उसने पहले भी उसे परेशान किया था, और इस घटना के बाद तुरंत उसी पर शक गया।”

पुलिस की नजर में जिम

जिस जिम में इमरान काम करता था, वह भी पुलिस की जांच के दायरे में आ गया। ‘सेवन ज़ोन फिटनेस डेस्टिनेशन’ की रिसेप्शनिस्ट डिंपल ने बताया कि इमरान को उसके बर्ताव को लेकर हुई शिकायतों के बाद करीब एक-दो महीने पहले नौकरी से निकाल दिया गया था।

डिंपल ने कहा, “उसके बात करने का तरीका ठीक नहीं था, और इसी वजह से उसे नौकरी से निकाल दिया गया। उसे नौकरी छोड़े हुए 1-2 महीने हो चुके हैं। यहां उनके बीच कुछ भी नहीं था। हां, उसने एक-दो बार उससे बात करने की कोशिश की थी, लेकिन उसे ऐसा न करने के लिए कहा गया और फिर सब ठीक हो गया।”

फिलहाल, पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या मुस्कान और इमरान के बीच कथित उत्पीड़न और पहले हुई बातचीत का संबंध बुधवार को हुए हमले से है।

इलाके में फैला तनाव

इस हत्या के कारण इलाके में तनाव भी फैल गया है क्योंकि मुस्कान और आरोपी अलग-अलग धर्मों से हैं। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

TOI की रिपोर्ट के मुताबिक, मुस्कान के शव को मुर्दाघर में रखा गया है और गुरुवार सुबह उसका पोस्टमार्टम किया जाएगा। पुलिस अपनी जांच जारी रखे हुए है और इमरान को गिरफ्तार करने की कोशिशें चल रही हैं।

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Kanpur Plane Crash: कानपुर में बड़ा विमान हादसा, गंगा बैराज के पास ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट क्रैश; 2 पायलटों की मौत

Kanpur Plane Crash: गुरुवार सुबह कानपुर में नत्था खेड़ा गंगा बैराज के पास एक दो इंजन वाले चार सीटर प्राइवेट ट्रेनिंग विमान के क्रैश होने से बड़ा हादसा हो गया। इस हादसे में विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, हादसे के बाद कानपुर नगर से आग बुझाने वाली और इमरजेंसी रेस्क्यू टीमें नत्था खेड़ा गंगा बैराज के पास दुर्घटना स्थल पर भेजी गईं, जहां चीफ फायर ऑफिसर (CFO) की देखरेख में राहत और बचाव कार्य चल रहा है।

बता दें कि हादसे में मारे गए ट्रेनी पायलट की पहचान अभिषेक पुजारी के तौर पर हुई, जबकि ट्रेनर पायलट सचिन भाटिया थे।

जानकारी के मुताबिक, यह विमान ‘गर्ग एविएशन’ का था, जो एक लोकल फ्लाइट ट्रेनिंग स्कूल के तौर पर काम करता है।

पुलिस ने दी जानकारी

पुलिस ने बताया कि पायलट के पास 3,000 घंटे से ज्यादा की फ्लाइंग का अनुभव था और वह गुजरात का रहने वाला था, जबकि को-पायलट कर्नाटक का रहने वाला था।

फिलहाल, पुलिस ने दुर्घटना वाली जगह को सुरक्षित कर लिया है और वहां घेराबंदी कर दी है। साथ ही, इस घटना के बारे में डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) को भी जानकारी दे दी गई है। उम्मीद है कि DGCA की एक टीम दुर्घटना की जांच के तहत घटनास्थल का मुआयना करेगी। हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि दुर्घटना किन हालात में हुई।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने जताया दुख

वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर दुख जताया और पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की और शोक संतप्त परिवारों को इस दुख को सहने की हिम्मत देने की कामना की।

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Asian Games में नीरज चोपड़ा करेंगे 55 भारतीय एथलीटों की अगुवाई

Neeraj Chopra

दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा, जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक होने वाले एशियन गेम्स 2026 में 73 सदस्यों वाली भारतीय एथलेटिक्स दल की अगुवाई करेंगे। भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर (भाला फेंकने वाले खिलाड़ी) नीरज चोपड़ा एशियन गेम्स में दो बार के डिफेंडिंग चैंपियन के तौर पर हिस्सा लेंगे। उन्होंने जकार्ता 2018 और हांगझोऊ 2023 में गोल्ड मेडल जीता था। भारतीय जैवलिन थ्रोअर के साथ रोहित यादव भी होंगे, जिन्होंने शनिवार को भुवनेश्वर में वर्ल्ड एथलेटिक्स कॉन्टिनेंटल टूर सिल्वर मीट में जीत हासिल करते हुए अपना पर्सनल बेस्ट 87.68 मीटर किया।

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के कांस्य पदक विजेता यश वीर सिंह इसमें शामिल नहीं हो पाए हैं, क्योंकि इस प्रतियोगिता के लिए केवल दो भारतीयों को चुना गया है। आइची-नागोया 2026 के लिए चुनी गई भारत की एथलेटिक्स टीम के 16 खिलाड़ी हांगझोऊ में हुए पिछले एशियन गेम्स में मेडलिस्ट रहे थे।

नीरज के अलावा, अविनाश साबले, तजिंदरपाल सिंह तूर, पारुल चौधरी और अन्नू रानी उन खिताबों को बचाने के लिए वापसी करेंगे जो उन्होंने तीन साल पहले व्यक्तिगत इवेंट्स में जीते थे।राजेश रमेश, जो हांगझोऊ में भारत की गोल्ड मेडल जीतने वाली पुरुषों की 4×400 मीटर रिले टीम का हिस्सा थे, वे भी वापसी करने वाले चैंपियंस में शामिल हैं।

साबले ने हांगझोऊ में 3000 मीटर स्टीपलचेज में स्वर्ण और 5000 मीटर में रजत पदक जीता था। नेशनल रिकॉर्ड होल्डर साबले को पिछले साल अपने दाहिने घुटने की सर्जरी के बाद चोटों से जूझना पड़ा और वे ग्लासगो में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में हिस्सा नहीं ले पाए थे।

वहीं, दो बार के डिफेंडिंग चैंपियन तजिंदरपाल सिंह तूर लगातार तीसरी बार शॉट पुट का खिताब जीतने की कोशिश करेंगे; उन्होंने जकार्ता 2018 और हांगझोऊ 2023, दोनों में टॉप स्थान हासिल किया था। पारुल चौधरी, जिन्होंने तीन साल पहले 5000 मीटर में स्वर्ण और 3000 मीटर स्टीपलचेज में रजत पदक जीता था, उन्हें 1500 मीटर, 5000 मीटर और 3000 मीटर स्टीपलचेज़ के लिए चुना गया है।

ज्योति याराजी ग्लासगो में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा नहीं ले पाई थीं, लेकिन वे एशियन गेम्स में 100 मीटर हर्डल्स (बाधा दौड़) में हिस्सा लेंगी। उन्होंने हांगझोऊ में इस स्पर्धा में रजत पदक जीता था। ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में लॉन्ग जंप में दूसरा रजत पदक जीतने के बाद मुरली श्रीशंकर जापान जा रहे हैं। उन्होंने पिछले एशियन गेम्स में भी रजत पदक जीता था।

तेजस्विन शंकर, गुलवीर सिंह, मोहम्मद अफसल, एंसी सोजन, प्रवीण चित्रवेल और विथ्या रामराज एशियन गेम्स में पदक जीतने वाले वे अन्य खिलाड़ी हैं जिन्हें आइची-नागोया के लिए चुना गया है। ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान बाएं पैर में दो स्ट्रेस फ्रैक्चर होने के बावजूद तेज शिर्से को 110 मीटर हर्डल्स स्पर्धा में शामिल किया गया है।

झगझोऊ में हुए एशियन गेम्स में भारत का एथलेटिक्स में अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन रहा, जिसमें उसने कुल 29 पदक जीते – छह स्वर्ण, 14 रजत और नौ कांस्य। कुल मेडल की संख्या के हिसाब से 2023 के गेम्स में एथलेटिक्स भारत का सबसे सफल खेल रहा।

एशियाई खेल 2026 के लिए भारतीय एथलेटिक्स टीम इस प्रकार है:-

पुरुषों:-गुरिंदरवीर सिंह (100मी), अनिमेष कुजूर (100 मीटर, 200 मीटर, मिश्रित 4×100 मीटर रिले), राजेश रमेश (400 मीटर, 4×400 मीटर रिले), विशाल थेनारासु कयालविझी (400 मीटर, 4×400 मीटर रिले), कृष्ण कुमार (800 मी), मोहम्मद अफसल पुलिककलाकथ (800मी), यूनुस शाह (1500 मी), अभिषेक पाल (5000 मी, 10000 मी), गुलवीर सिंह (1500 मीटर, 5000 मीटर, 10000 मीटर)। सावन बरवाल (मैराथन), कार्तिक कारकेरा (मैराथन), तेजस शिरसे (110 मीटर बाधा दौड़), यशस पलाक्ष (400 मीटर बाधा दौड़), संतोष कुमार तमिलारासन (400 मीटर बाधा दौड़), अविनाश साबले (3000 मीटर स्टीपलचेज), प्रणव प्रमोद गुरव (मिश्रित 4×100 मीटर रिले), मोहम्मद अशफाक (4×400 मीटर रिले), धर्मवीर चौधरी (4×400 मीटर रिले), जय कुमार (4×400 मीटर रिले, मिश्रित 4×400 मीटर रिले), मनु थेक्किनालिल साजी (4×400 मीटर रिले, मिश्रित 4×400 मीटर रिले), आदर्श राम ज्योति शंकर (ऊंची कूद), सर्वेश कुशारे (ऊंची कूद) , कुलदीप कुमार (पोल वॉल्ट), देव मीना (पोल वॉल्ट), मुरली श्रीशंकर (लंबी कूद), शाहनवाज खान (लंबी कूद), प्रवीण चित्रवेल (ट्रिपल जंप) कार्तिक उन्नीकृष्णन (ट्रिपल जंप), करणवीर सिंह (गोला फेंक), तजिंदरपाल सिंह तूर (गोला फेंक), दमनीत सिंह (हथौड़ा फेंक), नीरज चोपड़ा (भाला फेंक), रोहित यादव (भाला फेंकने का खेल), तौफीक नौशाद (डेकाथलॉन), तेजस्विन शंकर (डेकाथलॉन)

(Image Source : X/Athletics Federation of India)

महिला:– प्राची चौधरी (400 मी), गौतमी जयारमन (800 मी), पूजा (800मी, 1500मी), पारुल चौधरी (1500 मीटर, 5000 मीटर, 3000 मीटर स्टीपलचेज़), सीमा (5000 मी, 10000 मी), प्रियंका गोस्वामी (मैराथन रेस वॉक), मंजू रानी (मैराथन रेस वॉक), ज्योति याराजी (100 मीटर बाधा दौड़), नंदिनी कोंगन (100 मीटर बाधा दौड़), उन्नति अयप्पा बोलैंड (200मी), अनु राघवन (400 मीटर बाधा दौड़), विथ्या रामराज (400 मीटर बाधा दौड़), अंकिता ध्यानी (3000 मीटर स्टीपलचेज), तमन्ना (4×100 मीटर रिले, मिश्रित 4×100 मीटर रिले), नित्या गंधे (4×100 मीटर रिले), सरबानी नंदा (4×100 मीटर रिले), अबिनया राजराजन (4×100 मीटर रिले) स्नेहा सत्यनारायण (4×100 मीटर रिले, मिश्रित 4×100 मीटर रिले), सुदेशना शिवंकर (4×100 मीटर रिले), रशदीप कौर (4×400 मीटर रिले, मिश्रित 4×400 मीटर रिले), अनसा बाबू (4×400 मीटर रिले, मिश्रित 4×400 मीटर रिले),

3400 किस वाली कार की रील हुई वायरल, 55 लाख व्यूज के बाद पुलिस ने काटा 5500 रुपये का चालान

3400 किस वाली कार की रील हुई वायरल, 55 लाख व्यूज के बाद पुलिस ने काटा 5500 रुपये का चालान

kiss car

सोशल मीडिया पर वायरल होने और ज्यादा से ज्यादा व्यूज पाने का जुनून एक युवक को भारी पड़ गया। ग्वालियर में एक युवक ने अपनी कार को ही ‘किसिंग कार’ बना दिया। कार की पूरी बॉडी पर उसकी महिला मित्र ने लिपस्टिक से करीब 3400 होठों के निशान बनाए। इसके बाद युवक ने कार का वीडियो बनाकर इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर दिया। वीडियो वायरल हुआ तो मामला पुलिस तक पहुंच गया और यातायात पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कार को जब्त कर 5500 रुपये का चालान काट दिया। ALSO READ: कूड़े में फेंकी गई थीं एक्सपायरी चॉकलेट-टॉफियां, उठाने के लिए टूट पड़े लोग; वीडियो वायरल

 

3400 किस वाली कार का वीडियो हुआ वायरल

यातायात पुलिस के मुताबिक, करीब दो दिन पहले एमपी 07 सीसी 9452 नंबर वाली कार का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। वीडियो में कार सड़क पर तेज रफ्तार से दौड़ती दिखाई दे रही थी। खास बात यह थी कि कार की पूरी बॉडी पर लाल रंग की लिपस्टिक से बने सैकड़ों होठों के निशान नजर आ रहे थे।

 

वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने कार की पहचान शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने कार को थाटीपुर इलाके से बरामद कर लिया और उसे यातायात थाने ले आई।
 

पुलिस ने काटा 5500 रुपये का चालान

कार मालिक को थाने बुलाकर पुलिस ने वायरल वीडियो के बारे में पूछताछ की। युवक ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए पुलिस से माफी मांगी और आगे ऐसी गलती नहीं दोहराने की बात कही।

 

इसके बाद मोटर व्हीकल एक्ट के विभिन्न प्रावधानों के तहत कार का 5500 रुपये का चालान किया गया। पुलिस के सामने कार की बॉडी पर लगे लिपस्टिक के निशानों को पानी से साफ भी कराया गया।

 

यातायात थाना प्रभारी अभिषेक रघुवंशी ने बताया कि वायरल वीडियो में कार तेज रफ्तार में चलती दिखाई दे रही थी। वीडियो के आधार पर वाहन की पहचान कर कार्रवाई की गई। ALSO READ: मौत के बाद खुला भिखारी महिला का राज! 30 से ज्यादा बोरियों में मिले नोट-सिक्के, निकले 8.40 लाख रुपये

 

साढ़े तीन घंटे में बनाए गए थे 3400 निशान

पूछताछ में कार मालिक आदित्य सिकरवार ने बताया कि वह इंस्टाग्राम के लिए रील बनाता है और कार के इस अनोखे वीडियो को वायरल करने की उम्मीद थी। उसके मुताबिक, वीडियो को एक दिन में करीब 55 लाख व्यूज भी मिल गए।

 

आदित्य ने पुलिस को बताया कि कार पर लिपस्टिक के निशान उसने खुद नहीं बनाए थे। कार खड़ी होने के दौरान उसकी एक महिला मित्र ने पूरी बॉडी पर किस किए थे। करीब 3400 निशान बनाने में लगभग साढ़े तीन घंटे लगे।

 

इसके बाद कार का वीडियो बनाकर इंस्टाग्राम पर अपलोड किया गया। उसका मकसद एक अलग तरह की रील तैयार करके सोशल मीडिया पर ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाना था।

 

वायरल रील के चक्कर में नियम न तोड़ें

इस मामले के सामने आने के बाद यातायात पुलिस ने लोगों को सोशल मीडिया पर वायरल होने के लिए सड़क पर तेज रफ्तार से वाहन चलाने या यातायात नियमों की अनदेखी नहीं करने की चेतावनी दी है। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर कुछ सेकंड की लोकप्रियता के लिए सड़क पर लापरवाही करना न केवल कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है, बल्कि सड़क पर दूसरे लोगों की सुरक्षा के लिए भी खतरा पैदा कर सकता है।

Sawan Purnima 2026: जीवन में लाना चाहते हैं सुख-समृद्धि तो सावन के अंतिम दिन करें ये 7 उपाय, मां लक्ष्मी की कृपा से नहीं होगी किसी चीज की कमी

Sawan Purnima 2026: सावन का महीना अब समापन की ओर बढ़ रहा है। हिंदू पंचांग के अनुसार, उत्तर भारत में मुख्य रूप से प्रचलित पूर्णिमान्त कैलेंडर में श्रावण मास का समापन श्रावण पूर्णिमा के दिन होता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र यानी राखी बांधती हैं और भाई उनकी रक्षा का वचन देते हैं। इसी दिन ब्राह्मण और द्विज समाज के लोग पुराना यज्ञोपवीत उतार कर नया धारण करते हैं। साथ ही, श्रावण पूर्णिमा को ‘विश्व संस्कृत दिवस’ के रूप में भी मनाया जाता है।

सावन पूर्णिमा के दिन सिर्फ रक्षाबंधन का पर्व ही नहीं, गायत्री जयंती, वरलक्ष्मी व्रत और नारली पूर्णिमा भी मनाई जाती है। इस साल सावन का अंतिम दिन और भी खास है, क्योंकि इस दिन चंद्र ग्रहण भी लग रहा है। हालांकि ये ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, जिस कारण से इसका यहां कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। बता दें, हर हिंदू माह में पूर्णिमा का दिन माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा के लिए भी खास माना जाता है। सावन की पूर्णिमा पर भगवान शिव की भी पूजा की जाती है। इसलिए इस दिन को जीवन में खुशहाली और सुख समृद्धि लाने के लिए बेहद अहम माना जाता है। अगर आप इस दिन कुछ खास उपाय करते हैं तो घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है।

कब है श्रावण पूर्णिमा 2026?

सावन महीना 28 अगस्त 2026 को खत्म हो रहा है। इस दिन श्रावण पूर्णिमा है, जो 27 अगस्त 2026 की सुबह 09:08 बजे से 28 अगस्त 2026 की सुबह 09:48 बजे तक रहेगी।

सावन पूर्णिमा के उपाय

  • श्रावण पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधि विधान पूजा जरूर करें, उन्हें मखाने की खीर का भोग लगाएं। साथ ही कनकधारा स्तोत्र या विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें। कहते हैं ऐसा करने से धन-धान्य में वृद्धि के रास्ते खुलते हैं।
  • सावन के आखिरी दिन मां लक्ष्मी के चरणों में 5 साबुत पीली कौड़ियां और थोड़ा अक्षत अवश्य चढ़ाएं। पूजा के बाद इन कौड़ियों और चावल को एक लाल रेशमी कपड़े में बांधकर घर की तिजोरी या धन रखने के स्थान पर रख दें। मान्यता है इस उपाय को करने से घर में धन-धान्य की कभी कमी नहीं होती।
  • सावन के अंतिम दिन शिवलिंग का पंचामृत से अभिषेक करें। इसके बाद शिवलिंग पर शुद्ध जल भी जरूर चढ़ाएं। इसके बाद शिवजी को बेलपत्र और शमी के पत्ते चढ़ाएं। मान्यता है कि सावन के आखिरी दिन भक्तिभाव से यह उपाय करने से जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं।
  • सावन के अंतिम दिन यानी श्रावण पूर्णिमा की रात में चंद्र देव की पूजा भी जरूर करें। रात में चांदी के पात्र में साफ जल, थोड़ा सा कच्चा दूध, अक्षत और सफेद फूल मिलाकर चंद्र देव को अर्घ्य दें। अर्घ्य देते समय चंद्र देव के मंत्र को 3 बार जरूर बोलें। मंत्र है ‘ॐ चंद्राय नमः’।
  • सावन के आखिरी दिन पीपल के वृक्ष पर जल अर्पित करना अत्यंत शुभ फलदायी माना जाता है। साथ ही पीपल के पेड़ पर सरसों के तेल का दीपक भी जलाएं। कहते हैं इससे सभी देवी-देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त हो जाता है।
  • सावन के अंतिम दिन किसी जरूरतमंद या ब्राह्मण को तिल, सफेद वस्त्र, चावल, दूध या भोजन का दान जरूर करें। कहते हैं इससे माता लक्ष्मी की असीम कृपा प्राप्त होती है।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई सामग्री जानकारी मात्र है। हम इसकी सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता का दावा नहीं करते। कृपया किसी भी कार्रवाई से पहले विशेषज्ञ से संपर्क करें

Rakshabandhan 2026: इस रक्षाबंधन पर एक नहीं बल्कि 7 शुभ योग बन रहे हैं, जानें रक्षाबंधन की तारीख और राखी बांधने के शुभ मुहूर्त

राम मंदिर चंदे में ‘चोरी’ की खबर करने वाले पत्रकार अभिषेक उपाध्याय पहुंचे SC, गाजियाबाद में रोड-रेज की FIR का मामला

पत्रकार और कंटेंट क्रिएटर अभिषेक उपाध्याय ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। उन्होंन गाजियाबाद में ‘रोड-रेज’ (सड़क पर झगड़े) की एक कथित घटना को लेकर अपने खिलाफ दर्ज FIR को चुनौती दी है। उपाध्याय ने अयोध्या में राम मंदिर के लिए मिले दान के प्रबंधन में चोरी और गड़बड़ी के आरोपों की रिपोर्ट सबसे पहले करने वालों में से एक थे।

उपाध्याय का आरोप है कि यह मामला झूठे और मनगढ़ंत आरोपों पर आधारित है और इसका मकसद उनकी स्वतंत्र खोजी पत्रकारिता के लिए उन्हें परेशान करना है। उन्होंने FIR को रद्द करने और गिरफ्तारी व अन्य कठोर कार्रवाई से सुरक्षा की मांग की है। इसके अलावा, उन्होंने अनुरोध किया है कि मामले की जांच उत्तर प्रदेश पुलिस के अलावा किसी अन्य एजेंसी, जैसे CBI या दिल्ली पुलिस को सौंपी जाए।

यह FIR 18 अगस्त को इंदिरापुरम पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थी। शिकायत के अनुसार, शिप्रा मॉल के पास एक बलेनो कार ने एक मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी थी। इसके बाद शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि ड्राइवर ने उसे गाली दी और धमकी दी और कार के संबंध में उपाध्याय का नाम लिया।

उपाध्याय ने आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि 18 अगस्त को अपनी बेटी के स्कूल से लौटते समय, शिप्रा मॉल के पास एक मोटरसाइकिल सवार उनकी कार के पास आया और हंगामा किया। उनके अनुसार, कोई टक्कर या हाथापाई नहीं हुई थी और वह उस जगह से चले गए क्योंकि उनकी बेटी उनके साथ थी।

उन्होंने मोटरसाइकिल के रजिस्ट्रेशन नंबर में भी गड़बड़ी का आरोप लगाया है। जबकि FIR में ‘स्प्लेंडर’ का जिक्र है। उनका दावा है कि शिकायत में दिया गया नंबर किसी दूसरी मोटरसाइकिल का है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से CCTV फुटेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सबूतों को सुरक्षित रखने का निर्देश देने की मांग की है। उनका आरोप है कि पुलिसकर्मी उस जगह के पास की दुकानों पर गए और दुकानदारों पर CCTV रिकॉर्डिंग डिलीट करने या न देने का दबाव डाला।

पत्रकार ने यह भी आरोप लगाया है कि बार-बार अनुरोध करने के बावजूद उन्हें पूरी FIR नहीं दी गई। उन्होंने यह भी दावा किया कि ‘यूथ बार एसोसिएशन’ मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार FIR को पुलिस की वेबसाइट पर अपलोड नहीं किया गया था।

उपाध्याय ने यह भी आरोप लगाया है कि 20 अगस्त की देर रात पुलिसकर्मी उनके गाजियाबाद स्थित घर पर आए थे। उनके अनुसार, रात करीब 10:20 बजे, जब वे दिल्ली में थे, उनकी पत्नी ने उन्हें बताया कि आठ या नौ पुलिसकर्मी घर पर आए हैं। याचिका में यह संख्या लगभग एक दर्जन बताई गई है और कहा गया है कि उस समय उनकी पत्नी और दो बेटियां घर पर मौजूद थीं। उन्होंने आरोप लगाया है कि पुलिस टीम में कोई महिला अधिकारी शामिल नहीं थी।

‘द हिंदू’ ने यह भी रिपोर्ट किया कि 19 अगस्त को उपाध्याय ने एक IAS अधिकारी के खिलाफ आरोपों से जुड़ी एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी। यह मामला 2023 में खरीदे गए करोड़ों रुपये मूल्य के दो कृषि भूखंडों और उन पर स्कूल के निर्माण से संबंधित था। उन्होंने आरोप लगाया कि धमकाने और परेशान करने से संबंधित प्रावधानों के तहत उनके YouTube वीडियो को लगभग आधे घंटे के भीतर हटा दिया गया था, लेकिन कानूनी चुनौती के बाद 20 अगस्त को उसे बहाल कर दिया गया।

उपाध्याय ने पुलिस की इस कार्रवाई को उत्तर प्रदेश में कथित भ्रष्टाचार पर अपनी रिपोर्टिंग से जोड़ा है। उनके YouTube चैनल पर लोक निर्माण विभाग, अवैध खनन, परीक्षा में अनियमितताओं, राज्य राजस्व विभाग और राम मंदिर दान विवाद से जुड़ी रिपोर्टें दिखाई गई हैं।

‘द वायर’ से बात करते हुए उपाध्याय ने कहा, “मैंने 7 जून को राम मंदिर में चोरी की खबर ब्रेक की थी, तब से मेरे खिलाफ ऐसी शिकायतें और FIR दर्ज होना एक आम बात हो गई है। मैं उनके भ्रष्टाचार का पर्दाफाश कर रहा हूं, यही उनकी समस्या है।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया, “हिंदू-मुस्लिम राजनीति की आड़ में उत्तर प्रदेश के सरकारी विभागों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हो रहा है।”

अपनी याचिका में उपाध्याय ने कहा कि उन्हें “जल्द गिरफ्तारी और शारीरिक नुकसान” की आशंका है और दावा किया कि “राज्य तंत्र द्वारा भेजे गए गुंडों” से उन्हें नुकसान पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इसी वजह से वे सुरक्षित रूप से इलाहाबाद हाईकोर्ट नहीं जा पा रहे हैं।

उन्होंने FIR रद्द करने, गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा और इसके विकल्प के तौर पर एक स्वतंत्र जांच की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा है कि वे किसी भी कानूनी जांच में सहयोग करने को तैयार हैं। उपाध्याय को इससे पहले 2024 में लखनऊ के हजरतगंज पुलिस स्टेशन में दर्ज एक FIR के सिलसिले में पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा था, जो उनकी रिपोर्टिंग के बाद दर्ज की गई थी। ‘द वायर’ के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने 4 अक्टूबर 2024 को आदेश दिया था कि उस मामले में उनके खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई न की जाए।

Shadowfax में क्वालकॉम ने बेची ₹184 करोड़ की हिस्सेदारी, सोमवार को शेयर में दिख सकता है जबरदस्त एक्शन

अमेरिकी मल्टीनेशनल कंपनी क्वालकॉम इनकॉरपोरेटेड ने ओपन-मार्केट ट्रांजेक्शन के जरिए लॉजिस्टिक्स फर्म शैडोफैक्स टेक्नोलॉजीज में 184 करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं। स्टॉक एक्सचेंज पर उपलब्ध बल्क डील डेटा के अनुसार, क्वालकॉम की सब्सिडियरी क्वालकॉम एशिया पैसिफिक पीटीई ने शैडोफैक्स टेक्नोलॉजीज में 75 लाख शेयर बेचे। ये कंपनी की कुल हिस्सेदारी के 1.28 प्रतिशत के बराबर हैं। शेयर 245.13 रुपये प्रति शेयर के भाव पर बेचे गए, जिससे इस ट्रांजेक्शन की कुल वैल्यू 183.8 करोड़ रुपये रही।

जून 2026 तक क्वालकॉम एशिया पैसिफिक पीटीई के पास शैडोफैक्स की 2.26 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। इस डेवलपमेंट के बाद सोमवार, 24 अगस्त को शैडोफैक्स के शेयरों में तेज हलचल दिख सकती है। जुलाई-सितंबर तिमाही में अब तक कुछ और बड़े इनवेस्टर्स भी शैडोफैक्स में अपनी हिस्सेदारी कम कर चुके हैं। न्यूवेस्ट एशिया फंड IV (सिंगापुर) ने 6 अगस्त को 2.13 प्रतिशत हिस्सेदारी बेची, जबकि फ्लिपकार्ट इंटरनेट ने 5.48 प्रतिशत और एट रोड्स इन्वेस्टमेंट्स मॉरीशस II ने 24 जुलाई को 7.67 प्रतिशत हिस्सेदारी बेची।

शैडोफैक्स, फ्लिपकार्ट के मुख्य लास्ट-माइल डिलीवरी पार्टनर्स में से एक है। यह हाइपरलोकल और ई-कॉमर्स शिपमेंट संभालती है, खासकर पीक डिमांड के समय जब कंपनी का अपना लॉजिस्टिक्स नेटवर्क दबाव में होता है। शैडोफैक्स के प्रमोटर अभिषेक बंसल और वैभव खंडेलवाल हैं। अभिषेक मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ हैं। वहीं वैभव होल टाइम डायरेक्टर और चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर हैं।

जनवरी 2026 में लिस्ट हुई थी Shadowfax Technologies

शुक्रवार, 21 अगस्त को BSE पर शैडोफैक्स के शेयर 255.45 रुपये पर बंद हुए। शैडोफैक्स टेक्नोलोजिज जनवरी 2026 में शेयर बाजारों में लिस्ट हुई थी। इसका IPO 1,907.27 करोड़ रुपये का था। कंपनी का मार्केट कैप 14900 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। शेयर 6 महीनों में 120 प्रतिशत और 3 महीनों में 24 प्रतिशत बढ़ा है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 16.51 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

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शैडोफैक्स कई तरह के एंटरप्राइज क्लाइंट्स को सर्विस देती है। इनमें हॉरिजॉन्टल और नॉन-हॉरिजॉन्टल ई-कॉमर्स, क्विक कॉमर्स, फूड मार्केटप्लेस और ऑन-डिमांड मोबिलिटी कंपनियां शामिल हैं। कंपनी एक्सप्रेस फॉरवर्ड पार्सल डिलीवरी, रिवर्स पिकअप, ऑन-डिमांड हाइपरलोकल और क्रिटिकल लॉजिस्टिक्स सॉल्यूशन उपलब्ध कराती है।

कंपनी की वित्तीय सेहत

शैडोफैक्स टेक्नोलॉजीज का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 1,323.85 करोड़ रुपये रहा। शुद्ध मुनाफा 66.20 करोड़ रुपये रहा। वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू 4,080.35 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 115.18 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

वंदे मातरम पर राष्ट्रवाद की सियासत!, किसका फायदा, किसका नुकसान?

वंदे मातरम पर राष्ट्रवाद की सियासत!, किसका फायदा, किसका नुकसान?

भारतीय जनता पार्टी के वंदे मातरम पर देश में सियासी घमासान मचा हुआ है। कांग्रेस के वंदे मातरम के केवल एक अंतरे (दो पद) को पार्टी के कार्यक्रमों के गाने के फैसले को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के तीखे हमले के बाद इस पर सियासी बयानबाजी थमने का नाम नहीं ले  रही है। कांग्रेस ने वंदे मातरम को लेकर यह फ़ैसला ऐसे समय किया जब स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में भाजपा ने सोनिया गांधी पर वंदे मातरम का अपमान करने का आरोप लगाया था। 
 
कांग्रेस वर्किंग कमेटी में वंदे मातरम के गाने के फैसले पर गृहमंत्री अमित शाह की आपत्ति पर  कांग्रेस ने भाजपा पर पलटवार करते हुए दिखावटी राष्ट्रवाद का आरोप लगाया। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह जनता से जुड़े मुद्दों पर अपनी नाकामियों से ध्यान भटकाने के लिए वंदे मातरम के मुद्दे को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे है।
 
वंदे मातरम पर विवाद की शुरुआत कैसे?- वंदे मातरम पर नए विवाद पर स्वतंत्रता दिवस पर नई दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय में हुए कार्यक्रम मे वंदे मातरम के गायन के दौरान सोनिया गांधी के व्यवहार को लेकर हुई। भाजपा ने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी ने वंदे मातरम को बीच में रोकने की कोशिश की। इसके बाद बुधवार को हुई कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में पार्टी के नेताओं ने वंदे मातरम के गायन का मुद्दा उठाया था।
 
बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पार्टी का रुख स्पष्ट करते हुए पार्टी के कार्यक्रमों में वंदे मातरम के दो पद गाने की बात कही। इसके लिए खरगे ने  28 अक्टूबर 1937 को कांग्रेस कार्यसमिति की ओर से पारित प्रस्ताव का हवाला दिया।
 
दरअसल 1937 में कोलकाता मे हुई कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में वंदेमातम को लेकर चर्चा हुई और एक प्रस्ताव तैयार किया गया। इस प्रस्ताव को तैयार करने में जवाहरलाल नेहरू, सरदार वल्लभभाई पटेल, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, मौलाना अबुल कलाम आजाद, गोविंद बल्लभ पंत और आचार्य नरेंद्र देव जैसे नेताओं की भूमिका थी। यह प्रस्ताव गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की सलाह पर तैयार किया गया था।
 
25 जनवरी 1950 को संविधान सभा की आखिरी बैठक में संविधान सभा के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद ने घोषणा की थी कि ‘जन गण मन’ देश का राष्ट्रगान और ‘वंदे मातरम’ राष्ट्रीय गीत होगा। उन्होंने कहा कि ‘जन गण मन’ में भी पांच में से केवल एक अंतरे को राष्ट्रगान के तौर पर अपनाया गया है।
 
अमित शाह ने कांग्रेस की तुष्टिकरण की सियासत से जोड़ा- कांग्रेस कार्यसमिति में वंदेमातरम पर हुए इस फैसले को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कांग्रेस की तुष्टिकरण की सियासत से जोड़ दिया। मीडिया एजेंसी से चर्चा करते हुए अमित शाह ने कहा कि “कांग्रेस पार्टी की कार्यसमिति ने एक आश्चर्यजनक और देशविरोधी फैसला लिया है। उन्होंने अपनी पार्टी के 1937 के रिजोल्यूशन को फॉलो करते हुए महान वंदे मातरम् गीत के दो ही छंद गाने का फैसला लिया है”।
 
अमित शाह ने आगे कहा कि “मैं पूरे देश को याद दिलाना चाहता हूं, 1937 में कांग्रेस पार्टी ने मुस्लिम तुष्टिकरण के लिए वंदे मातरम् के दो टुकड़े कर देश के विभाजन की नींव डाली थी और वहीं से द्वि-राष्ट्र सिद्धांत को ताकत मिली थी। अंततोगत्वा देश का विभाजन हुआ और पाकिस्तान का जन्म हुआ। आज जब उस ऐतिहासिक गलती को वंदे मातरम् गीत के प्राकट्य के 150वें साल में सुधार कर बंकिम बाबू की इस अमर कृति को पूरा गीत गाकर राष्ट्रीय एकात्मता को सुदृढ़ करने का प्रयास किया गया है, और सभी सरकारी कार्यक्रमों में इसे पूर्ण रूप से गाने का निर्णय किया गया है और इस निर्णय को कानूनी जामा भी पहनाया गया है। इसी की अवहेलना करने का निर्णय कांग्रेस ने कल किया है”।

अमित शाह ने आगे कहा कि “कांग्रेस का यह निर्णय केवल और केवल इनकी घोर तुष्टिकरण की नीति की पुष्टि करता है। वोट बैंक के लिए इन्होंने न सिर्फ बंकिम बाबू की इस अमर कृति का अपमान किया, बल्कि उन लाखों शहीदों का भी अपमान किया, जो वंदे मातरम् का नारा लगाते हुए देश की आजादी के लिए फांसी पर चढ़ गए।  आज कांग्रेस पार्टी 1937 के अपनी पार्टी के रिजोल्यूशन को मान रही है और पार्लियामेंट के एक्ट को नकार रही है। राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी फिर एक बार तुष्टिकरण की राजनीति को पुरजोर तरीके से आगे बढ़ा रही है”।
 
वहीं केंद्रीय शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस के खिलाफ तीखा राजनीतिक प्रहार करते हुए कहा कि वंदे मातरम को अधूरा गाने का फैसला देश की भावना और राष्ट्रगीत का अपमान है। उन्होंने कहा  कि यह किसी पार्टी का नहीं बल्कि भारत माता के सम्मान का प्रश्न है। शिवराज सिंह ने कहा कि जो गीत स्वतंत्रता आंदोलन की प्रेरणा रहा, उसे पूरा गाना हर भारतीय का कर्तव्य है। उन्होंने कांग्रेस पर वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि कुछ दल देश की एकता और संस्कृति से जुड़े प्रतीकों को भी राजनीतिक लाभ के लिए तोड़-मरोड़ देते हैं।
 
कांग्रेस का भाजपा पर पलटवार-भाजपा के वंदे मातरम के मुद्दें को राजनीतिक तूल देने पर कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा ने बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय और रवींद्रनाथ टैगोर को लेकर एक अलग राजनीतिक नैरेटिव बनाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि यह मुद्दे का राजनीतिकरण है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके जरिए जनता से जुड़े वास्तविक मुद्दों और सरकार की कथित नाकामियों से ध्यान भटकाने की कोशिश हो रही है, जिसमें छात्रों से जुड़े मुद्दे भी शामिल हैं।
 
कांग्रेस के कानूनी प्रकोष्ठ के प्रमुख और राज्यसभा सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने इस पूरे विवाद में कानूनी पहलू सामने रखा है। कानून को उसकी मौजूदा स्थिति के हिसाब से देखा जाना चाहिए। उन्होंने सार्वजनिक और निजी कार्यक्रमों के बीच अंतर बताया। सिंघवी के मुताबिक मौजूदा कानून सरकारी आधिकारिक कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत के गायन से जुड़ी बात करता है। पार्टी के आंतरिक कार्यक्रमों के बारे में उसमें वैसी स्पष्ट व्यवस्था नहीं है। यही तर्क कांग्रेस के उस फैसले को समझने की कोशिश में अहम हो जाता है, जिस पर अब पार्टी के भीतर ही अलग-अलग राय सामने आ रही है।

‘मिर्जापुर द मूवी’ के लिए कालीन भैया उर्फ पंकज त्रिपाठी जाएंगे पटना, बिहार में दिखाएंगे भौकाल

‘मिर्जापुर: द मूवी’ को लेकर फैंस के बीच एक्साइटमेंट लगातार बढ़ती जा रही है। 11 अगस्त को रिलीज हुए फिल्म के मच अवेटेड ट्रेलर को दर्शकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है। ट्रेलर में बड़े भौकाल, गद्दी की जंग और ‘मिर्जापुर’ की दमदार दुनिया की झलक देखने के बाद अब फिल्म को लेकर बज और भी बढ़ गया है।

ट्रेलर को मिले इस शानदार रिस्पॉन्स के बीच फिल्म की स्टारकास्ट 22 अगस्त को लखनऊ पहुंची। अली फजल, दिव्येंदु शर्मा और जितेंद्र कुमार ने शहर में फिल्म का प्रमोशन किया और मीडिया से बातचीत की।

‘मिर्जापुर’ की कहानी और इसकी दुनिया का उत्तर प्रदेश से खास कनेक्शन रहा है। ऐसे में लखनऊ में फिल्म का प्रमोशन करना टीम के लिए भी खास रहा। जिसके बाद अब ‘मिर्जापुर: द मूवी’ के स्टार्स पंकज त्रिपाठी, अली फजल, दिव्येंदु शर्मा और जितेंद्र कुमार 22 अगस्त 2026 को पटना का दौरा करेंगे। ट्रेलर और पहले गाने ‘दो नंबरी’ को मिले शानदार रिस्पॉन्स के बाद अब फिल्म की रिलीज को लेकर दर्शकों की एक्साइटमेंट अपने चरम पर है।

फिल्म की स्टारकास्ट में अली फज़ल, पंकज त्रिपाठी, दिव्येंदु शर्मा, अभिषेक बनर्जी, रसिका दुगल, मोहित मलिक, शीबा चड्ढा, राजेश तैलंग, प्रमोद पाठक, श्रिया पिलगांवकर, हर्षिता शेखर गौर, श्वेता त्रिपाठी और सोनल एस. चौहान भी शामिल हैं।

‘मिर्जापुर: द मूवी’ का निर्देशन गुरमीत सिंह ने किया है और इसकी कहानी पुनीत कृष्णा ने लिखी है। फिल्म को अमेज़न MGM स्टूडियोज और एक्सेल एंटरटेनमेंट प्रस्तुत कर रहे हैं। रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर ने इसे एक्सेल एंटरटेनमेंट के बैनर तले प्रोड्यूस किया है। फिल्म 4 सितंबर 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में हिंदी और तेलुगु में रिलीज होगी।