पोप लियो को लंग कैंसर, सर्जरी के बाद पता चला:दाएं फेफड़े का निचला हिस्सा निकाला गया; गांठ के लिए हुई थी सर्जरी

पोप लियो XIV को लंग कैंसर होने की पुष्टि हुई है। वेटिकन ने मंगलवार को मेडिकल बुलेटिन जारी कर इसकी जानकारी दी। 71 साल के पोप के फेफड़े में गांठ मिली थी, जिसे निकालने के लिए रोम के एक अस्पताल में उनकी 90 मिनट तक सर्जरी की गई। सर्जरी के दौरान उनके दाएं फेफड़े का निचला हिस्सा निकाला गया। जांच में इसमें कैंसर होने की पुष्टि हुई। वेटिकन के मुताबिक, सर्जरी सफल रही और इस दौरान कोई परेशानी नहीं आई। सर्जरी के बाद पोप को होश भी आ गया था। ऑपरेशन से पहले भी कैंसर का शक था पोप लियो XIV ने रविवार को अपनी सर्जरी की जानकारी दी थी। उन्होंने रोम में सेंट पीटर्स स्क्वायर के सामने बालकनी से लोगों को संबोधित किया था। पोप ने बताया था कि उनके फेफड़े की गांठ सीमित है और शुरुआती चरण में ही इसका पता चल गया। डॉक्टरों ने उन्हें गांठ हटाने के लिए सर्जरी कराने की सलाह दी थी। फेफड़ों में बनने वाली छोटी गांठों को पल्मोनरी नोड्यूल कहा जाता है। ये गांठें आम होती हैं और जरूरी नहीं कि कैंसर वाली हों। वेटिकन ने बताया कि पोप के फेफड़े में गांठ मिलने के बाद हुई जांच में पल्मोनरी एडेनोकार्सिनोमा यानी कैंसर की पुष्टि हुई। ऑपरेशन से पहले की जांच में भी इसी तरह के कैंसर का शक था। कैंसर फैलने की जांच कर रहे डॉक्टर पोप के अस्पताल में भर्ती होने की खबर सुनकर बड़ी संख्या में लोग उनसे मिलने पहुंचे। लोगों ने घंटों इंतजार किया। पोप की कार पहुंचने पर उन्होंने उनका स्वागत किया। पोप ने भी कार की खिड़की से हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन किया।ट AFP के मुताबिक, उनकी सफल सर्जरी के बाद डॉक्टर अब जांच कर रहे हैं कि कैंसर शरीर के दूसरे हिस्सों में तो नहीं फैला है। पोप को उनके स्वास्थ के चलते आराम करने की सलाह दी गई है। उनके सार्वजनिक कार्यक्रम भी 20 अक्टूबर तक रद्द कर दिया गया है। जानिए पोप कौन होते हैं और कैसे चुने जाते हैं… पोप कौन होते हैं? पोप कैथोलिक ईसाई धर्म के सबसे बड़े धर्मगुरु होते हैं। उन्हें दुनिया भर के कैथोलिक ईसाइयों का आध्यात्मिक नेता माना जाता है। जिस तरह हिंदू धर्म में शंकराचार्य जैसे बड़े धार्मिक गुरु होते हैं, उसी तरह कैथोलिक ईसाई धर्म में पोप का बहुत अहम स्थान है। हालांकि, दोनों की भूमिका और अधिकार अलग-अलग हैं। पोप वेटिकन सिटी में रहते हैं। यह इटली की राजधानी रोम के अंदर बसा दुनिया का सबसे छोटा देश है। पोप कैथोलिक चर्च के प्रमुख होते हैं और दुनिया भर के चर्चों, पादरियों और बिशपों का मार्गदर्शन करते हैं। वे धार्मिक नियमों, ईसाई शिक्षाओं और नैतिक मुद्दों पर अपनी बात रखते हैं। वे युद्ध, गरीबी और शांति जैसे वैश्विक मुद्दों पर भी लोगों से अपील करते हैं। पोप कैसे चुने जाते हैं? जब किसी पोप की मृत्यु हो जाती है या वे अपने पद से इस्तीफा दे देते हैं, तब नए पोप को चुनने की प्रक्रिया शुरू होती है। इसके लिए 80 साल से कम उम्र के कार्डिनल वेटिकन में इकट्ठा होते हैं और गुप्त मतदान करते हैं। इस प्रक्रिया को कॉन्क्लेव कहते हैं। दो-तिहाई वोट मिलने पर नए पोप का चुनाव होता है। चुनाव की खबर वेटिकन की सिस्टीन चैपल की चिमनी से निकलने वाले सफेद धुएं के जरिए दुनिया को दी जाती है। काला धुआं निकलने का मतलब है कि अभी नया पोप नहीं चुना गया है। पोप लियो को मई 2025 में चुना गया था पोप लियो XIV का असली नाम रॉबर्ट फ्रांसिस प्रेवोस्ट है। उनका जन्म 14 सितंबर 1955 को अमेरिका के शिकागो शहर में हुआ था। वे कैथोलिक ईसाई धर्म के सबसे बड़े धार्मिक पद पर हैं। 8 मई 2025 को उन्हें कैथोलिक चर्च का 267वां पोप चुना गया था। वे अमेरिका से आने वाले पहले पोप हैं। उनसे पहले पोप फ्रांसिस इस पद पर थे। पोप बनने से पहले लियो XIV ने कई साल तक पादरी, मिशनरी और बिशप के रूप में काम किया। उन्होंने अपनी जिंदगी का लंबा समय दक्षिण अमेरिका के पेरू में बिताया। वहां उन्होंने लोगों के बीच रहकर धार्मिक और सामाजिक काम किए। उन्होंने पेरू के चिक्लायो इलाके में बिशप के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली। 2023 में पोप फ्रांसिस ने उन्हें वेटिकन में बिशप चुनने से जुड़े अहम विभाग का प्रमुख बनाया था। बाद में उन्हें कार्डिनल भी बनाया गया। कार्डिनल कैथोलिक चर्च के वरिष्ठ धर्मगुरु होते हैं, जो नए पोप को चुनने में हिस्सा लेते हैं। ———————— यह खबर भी पढ़ें… अजरबैजान में 96% मुस्लिम, फिर भी हिजाब बैन हुआ मुस्लिम बहुल देश अजरबैजान में स्कूलों में हिजाब पहनने को लेकर विवाद शुरू हो गया है। सरकार ने स्कूलों के ड्रेस कोड में बदलाव किया है। नए नियमों के तहत ऐसे कपड़े पहनने पर रोक लगाई गई है, जिन्हें सरकार धर्मनिरपेक्षता के खिलाफ मानती है। पूरी खबर पढ़ें…

Eastern-Western Freight Corridor: 6 साल में 20 गुना बढ़ी माल ढुलाई,रोजाना दौड़ रहीं 440 मालगाड़ियां! जानिए कैसे लॉजिस्टिक्स का सुपरहब बना न्यू दादरी

ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के बीच स्थित न्यू दादरी स्टेशन देश के लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर रहा है। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन (डीएफसीसी) का यह इंटरचेंज स्टेशन अब केवल भारी उद्योगों के माल परिवहन तक सीमित नहीं है, बल्कि ई-कॉमर्स और आम उपभोक्ताओं से जुड़े पार्सल कारोबार में भी अपनी भूमिका निभा रहा है। पिछले छह वर्षों में यहां से मालगाड़ियों के परिचालन में करीब 20 गुना वृद्धि दर्ज की गई है। इससे देश के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों, बंदरगाहों और वितरण केंद्रों के बीच माल की आवाजाही को नई गति मिली है।

22 से बढ़कर 440 ट्रेनें प्रतिदिन

न्यू दादरी स्टेशन पर मालगाड़ियों के परिचालन में आई वृद्धि इसकी बढ़ती उपयोगिता को दर्शाती है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2020-21 में यहां औसतन 22 ट्रेनें प्रतिदिन संचालित होती थीं। वर्ष 2021-22 में यह संख्या बढ़कर 64 तक पहुंच गई। वर्ष 2022-23 में 170 ट्रेनें प्रतिदिन दर्ज की गईं, जबकि 2023-24 में परिचालन में 41 प्रतिशत की वृद्धि हुई। वर्ष 2024-25 में 48 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ यह संख्या 358 ट्रेनें प्रतिदिन हो गईं। वर्ष 2025-26 में आंकड़ा 406 ट्रेनों तक पहुंचा, जबकि 2026-27 में अब तक औसतन 440 ट्रेनों के प्रतिदिन परिचालन का उल्लेख किया गया है। इस तरह छह वर्षों में स्टेशन की परिचालन क्षमता और माल ढुलाई गतिविधियों में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है।

ईस्टर्न और वेस्टर्न कॉरिडोर का अहम जोड़

न्यू दादरी की भौगोलिक स्थिति इसे विशेष महत्व देती है। यह स्टेशन ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, जो लुधियाना से दानकुनी तक माल परिवहन को जोड़ता है, और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के बीच महत्वपूर्ण इंटरचेंज का काम करता है। इसके माध्यम से उत्तर भारत के औद्योगिक क्षेत्रों से आने वाला माल पश्चिमी बंदरगाहों और देश के अन्य प्रमुख व्यापारिक केंद्रों तक पहुंचाने में मदद मिलती है।

जवाहरलाल नेहरू पोर्ट (जेएनपीटी) और गुजरात के मुंद्रा व पीपावाव बंदरगाहों से आने-जाने वाले आयात-निर्यात कंटेनर, औद्योगिक सामान और विनिर्माण क्षेत्र से जुड़ी खेप इस नेटवर्क का हिस्सा हैं। इससे उद्योगों को माल की आवाजाही के लिए एक वैकल्पिक और अधिक व्यवस्थित रेल नेटवर्क मिलता है।

भारी उद्योगों के साथ ई-कॉमर्स को भी सहारा

न्यू दादरी स्टेशन की भूमिका अब पारंपरिक औद्योगिक माल ढुलाई से आगे बढ़ रही है। यहां रोजाना करीब 350 से 400 टन पार्सल का ट्रांजिट होता है। इसमें ई-कॉमर्स कंपनियों से जुड़ा माल भी शामिल है। स्टेशन पर ज्वाइंट पार्सल प्रोडक्ट-रैपिड कार्गो सर्विस (जेपीआरएस) जैसी सुविधाओं के संचालन से पार्सल परिवहन को बढ़ावा मिला है।

लुधियाना-दानकुनी मार्ग से आने वाला कोयला, स्टील, सीमेंट और कृषि उत्पाद भी इस नेटवर्क के जरिए आगे भेजे जाते हैं। वहीं, एनटीपीसी दादरी पावर प्लांट के लिए समर्पित रेल लाइन से कोयले की आपूर्ति होती है। इसके अलावा एनसीआर के उद्योगों के लिए कच्चे माल, कोल्ड स्टोरेज से जुड़े उत्पादों और तापमान-संवेदनशील वस्तुओं की आवाजाही में भी यह नेटवर्क उपयोगी साबित हो रहा है।

72 घंटे से घटकर 24 घंटे में सफर

माल ढुलाई के समय में कमी इस बदलाव का एक प्रमुख पहलू है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पहले कुछ मार्गों पर माल पहुंचाने में करीब 72 घंटे लगते थे, जबकि अब यह समय घटकर लगभग 24 घंटे रह गया है। कुछ परिस्थितियों में समय 10 से 12 घंटे तक भी बताया गया है। इससे कारोबारियों को माल की समय पर आपूर्ति, भंडारण और वितरण की योजना बनाने में सहूलियत मिलती है। समय की बचत के साथ माल ढुलाई की लागत पर भी सकारात्मक असर पड़ने की संभावना है।

न्यू दादरी में बढ़ता परिचालन देश के लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में फ्रेट कॉरिडोर की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करता है। ईस्टर्न और वेस्टर्न कॉरिडोर के बीच यह स्टेशन उद्योग, बंदरगाह, ई-कॉमर्स और उपभोक्ता बाजारों को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी बन रहा है। आने वाले समय में माल परिवहन की बढ़ती मांग के बीच इसकी भूमिका और महत्वपूर्ण हो सकती है।

ग्रेटर नोएडा से पवन गुप्ता की रिपोर्ट

शुभमन गिल और शेफाली वर्मा ने जीता सितंबर माह का प्लेयर ऑफ द मंथ अवार्ड

Shubhman Gill

पिछले महीने भारतीय क्रिकेट टीम के लिए एशिया कप और एशियन गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन के बाद शेफाली वर्मा ने सितंबर के लिए महिला आईसीसी प्लेयर ऑफ द मंथ का पुरस्कार जीता जबकि भारत के कप्तान शुभमन गिल ने वेस्टइंडीज के खिलाफ एकदिवसीय श्रृंखला में शानदार प्रदर्शन के बाद रिकॉर्ड पांचवें आईसीसी प्लेयर ऑफ द मंथ का पुरस्कार जीता है।

शेफाली के साथ श्रीलंका की कप्तान चामरी अथापथु और भारतीय बाएं हाथ की स्पिनर श्री चरणी भी महिला सम्मान की दौड़ में थीं। वर्मा, जिन्होंने पिछले साल नवंबर में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ महिला एकदिवसीय विश्व कप फाइनल में अपनी मैच विजयी पारी के बाद पुरस्कार जीता था, ने बड़े मैचों में अपने प्रदर्शन के लिए सुर्खियों में आने के बाद दूसरी बार यह सम्मान हासिल किया।

आक्रामक सलामी बल्लेबाज अपनी टीम के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी थी क्योंकि भारत ने महिला एशिया कप जीता था। उन्होंने 184.61 की स्ट्राइक रेट से 360 रन बनाए और इस दौरान छह विकेट भी लिए। एशियाई खेलों में, उन्होंने सेमीफाइनल में बांग्लादेश के खिलाफ नाबाद 100 रन और फाइनल में श्रीलंका के खिलाफ 48 रन बनाये। वर्मा ने कहा, “आईसीसी प्लेयर ऑफ द मंथ का पुरस्कार फिर से जीतना एक अविश्वसनीय सम्मान है। एशिया कप और एशियाई खेलों में हमारी जीत में अपनी भूमिका निभाना बेहद संतोषजनक था और यह पुरस्कार जीतना उन जीतों को और भी खास बनाता है।”

उन्होंने कहा, “मैं आने वाले महीनों को लेकर उत्साहित हूं और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध हूं, अगले साल फरवरी में आईसीसी महिला चैंपियंस ट्रॉफी एक और टूर्नामेंट है। विश्व कप जीतने की यादें अभी भी ताजा और विशेष हैं, और मैं घरेलू धरती पर आईसीसी टूर्नामेंट के लिए मैदान पर वापस आने का इंतजार नहीं कर सकती। यह एक अविस्मरणीय अनुभव होने का वादा करता है।” इस बीच गिल ने वेस्ट इंडीज की कप्तान हेली मैथ्यूज का अनुकरण करते हुए पुरुषों के लिए अपना रिकॉर्ड बढ़ाने के लिए अपना पांचवां पुरस्कार जीता, जो पांच मौकों पर आईसीसी प्लेयर ऑफ द मंथ भी रहे हैं। उनके पिछले पुरस्कार जनवरी और सितंबर 2023 और फरवरी और जुलाई 2025 के महीनों में आए थे।

Shefali Verma

भारत के टेस्ट और एकदिवसीय कप्तान ने तिरुवनंतपुरम में वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले एकदिवसीय मैच में 110 रन बनाए, जिससे मेजबान टीम की आठ विकेट की जीत में योगदान हुआ जिसने उन्हें श्रृंखला में 1-0 से आगे कर दिया।इसके बाद उन्होंने अब तक का सबसे तेज दोहरा शतक जड़ा, 133 गेंदों पर 223 रनों की पारी खेलकर उनकी टीम ने 406 रन के विशाल लक्ष्य को आठ विकेट शेष रहते हासिल कर लिया और 39 गेंदें अभी बाकी थीं।

गिल ने कहा, “मेरा पांचवां आईसीसी प्लेयर ऑफ द मंथ अवॉर्ड जीतना शानदार लग रहा है। उन रनों को स्कोर करना बेहद संतोषजनक था और हमारे घरेलू प्रशंसकों के सामने सफल रन चेज़ का हिस्सा बनना और भी विशेष था, जिनके समर्थन से हमें हमेशा अतिरिक्त बढ़ावा मिलता है। एकदिवसीय क्रिकेट की गति काफी बढ़ गई है, और आपको अपने पैरों पर खड़े होकर सोचना चाहिए, परिस्थितियों का तुरंत आकलन करना चाहिए और पिच और लक्ष्य की मांगों के अनुसार खुद को ढालना चाहिए। अगले साल दक्षिणी अफ्रीका में आईसीसी पुरुष क्रिकेट विश्व कप के साथ, हम अपने मानकों को ऊपर उठाने और एक मजबूत और संतुलित टीम बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं जो आने वाली चुनौतियों का सामना करने में सक्षम हो।”

चीन ने लद्दाख की 28 जगहों को अपना बताया:भारत ने नाम बदले थे; इनमें गोगरा- हॉट स्प्रिंग, जहां दोनों देशों की सेनाएं टकराई थीं

चीन ने लद्दाख की 28 जगहों के नाम तय करने के भारत के फैसले पर आपत्ति जताई है। चीन ने मंगलवार को कहा कि ये इलाके उसके हैं और भारत के नाम बदलने या रखने से जमीन पर मालिकाना हक नहीं बदल जाएगा। भारत ने 2 अक्टूबर को इन जगहों के नाम आधिकारिक तौर पर तय किए थे। इनमें गोगरा और हॉट स्प्रिंग जैसे इलाके भी शामिल हैं, जहां 2020 में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच तनाव हुआ था। चीन ने भारत के नाम बदलने के फैसले को अवैध बताया चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने मंगलवार को कहा कि चीन लद्दाख को भारत की ओर से बनाया गया केंद्र शासित प्रदेश नहीं मानता। चीन ने भारत के इस कदम को गैरकानूनी बताते हुए कहा कि सीमा के पश्चिमी हिस्से के ये इलाके उसके हैं। माओ के मुताबिक, भारत के इस कदम से सीमा के पश्चिमी हिस्से में उन इलाकों पर चीन का दावा नहीं बदल सकता, जिन्हें वह अपना क्षेत्र मानता है। भारत ने 28 जगहों के नाम क्यों तय किए? भारत के गृह मंत्रालय ने 2 अक्टूबर को लद्दाख की 28 जगहों और भौगोलिक क्षेत्रों के नाम आधिकारिक तौर पर तय किए थे। भारत का फैसला 2023 में चीन की ओर से अरुणाचल प्रदेश के इलाकों के नाम बदलने के जवाब में उठाया गया था। चीन अरुणाचल प्रदेश को ‘जांगनान’ यानी दक्षिणी तिब्बत कहता रहा है। भारत सरकार का कहना था कि उसका मकसद सरकारी नक्शों और दस्तावेजों में इन जगहों की पहचान को साफ और एक जैसा रखना है। इससे इन संवेदनशील इलाकों को पहचानना भी आसान होगा। गोगरा और हॉट स्प्रिंग जैसे इलाके भी सूची में थे भारत की सूची में गोगरा और हॉट स्प्रिंग भी शामिल हैं। ये पूर्वी लद्दाख के संवेदनशील इलाके हैं, जहां भारत और चीन के सैनिकों के बीच सीमा पर तनाव रहा है। इन जगहों पर भारतीय सैनिक गश्त भी करते हैं। मई 2020 में पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच सीमा विवाद बढ़ गया था। 5 मई को पैंगोंग झील के पास दोनों देशों के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई थी। उसी साल जून में गलवान घाटी में भी दोनों सेनाओं के बीच हिंसक संघर्ष हुआ था। इसके बाद दोनों देशों ने सीमा पर तनाव कम करने और सैनिकों को पीछे हटाने के लिए बातचीत शुरू की। सैनिकों को पीछे हटाने की प्रक्रिया 2022 में शुरू हुई। 28 जगहों में कौन-कौन से नाम शामिल हैं? भारत की ओर से तय किए गए 28 नामों में पहाड़, दर्रे, ग्लेशियर, जमीन के हिस्से, घाटियां और जल स्रोत शामिल हैं। पहाड़-चोटियां: अतीशा गिरि, कनीष्क पीक, करुण पीर पर्वत, मार्तंड गिरि, द्रक कार्पो, जोलमोरी, रिनचेन जांगपो, साक्यश्री गिरि, मारपा लोत्सावा री, मिलारेपा कांगरी, शिव री, जोरावर पीक और महेश्वर री। दर्रे-ग्लेशियर: चापचिंगल दर्रा, शाचमिरिक दर्रा, पारपिक ग्लेशियर और स्कामरी ग्लेशियर। जमीन के इलाके: ब्रांगसा, कुकसेल, देहरा कम्पास, गोगरा, कुमारायण पॉइंट, पंगलुंग और शमाल लुंगपा। घाटी-जल स्रोत: श्कोर्गा घाटी, गुरु रिनपोछे झील, यांगपा नदी और हॉट स्प्रिंग। इन जगहों के नाम तय कर उन्हें भारतीय सर्वेक्षण विभाग के आधिकारिक नक्शे में शामिल करने का मकसद उनकी पहचान को स्पष्ट करना है। भारत कई बार दावों को खारिज कर चुका है भारत पहले भी चीन के दावों को खारिज करता रहा है। भारत के मुताबिक, चीन के बार-बार दावा करने या बयान देने से जमीन की स्थिति नहीं बदल जाएगी। लद्दाख की 28 जगहों के नाम तय करना भी इन्हें सरकारी नक्शे पर सही पहचान देने की प्रक्रिया का हिस्सा है। ————————– यह खबर भी पढ़ें… अफगानिस्तान ने चीन तक बनाई सड़क, भारत के लिए चिंता: 121 किमी का वाखान कॉरिडोर चीन के लिए सीधा रास्ता अफगानिस्तान ने उत्तर-पूर्वी बदख्शां प्रांत में वाखान कॉरिडोर के जरिए चीन के शिनजियांग तक 121 किलोमीटर लंबी सड़क बना ली है। करीब 55 लाख डॉलर की लागत से बनी इस सड़क का उद्घाटन भी हो गया है। यह सड़क अफगानिस्तान और चीन के बीच पहला सीधा जमीनी रास्ता है। पूरी खबर पढ़ें…

पाकिस्तान के ट्रेन हादसे में 5 की मौत, 30 घायल:पंजाब में रहमान बाबा एक्सप्रेस पटरी से उतरी, कराची से पेशावर जा रही थी

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में मंगलवार सुबह यात्री ट्रेन के पटरी से उतरने से 5 लोगों की मौत हो गई। हादसे में 30 लोग घायल हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, हादसा सुबह करीब 5:15 बजे पंजाब के मुल्तान में शेर शाह ब्रिज के पास हुआ। रहमान बाबा एक्सप्रेस कराची से पेशावर जा रही थी। घायलों को इलाज के लिए मुल्तान के निश्तर हॉस्पिटल ले जाया गया। हादसे वाली जगह पर बचाव दलों का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। रेस्क्यू अधिकारियों के मुताबिक, 13 डिब्बों को हादसे वाली जगह से हटा दिया गया है। एक डिब्बे में बचाव कार्य अभी जारी है। हादसे से जुड़ी 3 तस्वीरें प्रधानमंत्री शहबाज ने रेस्क्यू ऑपरेशन तेज करने को कहा पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हादसे में घायल यात्रियों को लेकर चिंता जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को रेस्क्यू ऑपरेशन तेज करने का निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों से घायलों को बिना देरी के बेहतर से बेहतर इलाज मुहैया कराने को भी कहा। ट्रेन के पटरी से उतरने की वजह अभी आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आई है। रेस्क्यू ऑपरेशन आगे बढ़ने के साथ पाकिस्तान रेलवे और संबंधित अधिकारी ज्यादा जानकारी दे सकते हैं। पाकिस्तान में पहले भी हो चुके हैं बड़े रेल हादसे पाकिस्तान में रेल हादसे होते रहे हैं। देश का रेलवे सिस्टम लंबे समय से कम निवेश, पुरानी पटरियों और पुराने सिग्नल सिस्टम जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। इन वजहों से रेलवे की सुरक्षा और रखरखाव को लेकर सवाल उठते रहे हैं। इससे पहले 2023 में दक्षिणी पाकिस्तान में एक पैसेंजर ट्रेन की 10 बोगियां पटरी से उतर गई थीं। उस हादसे में 30 लोगों की मौत हुई थी और 90 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।

कच्चे तेल और डॉलर का डबल प्रेशर! क्या बाजार पर दिखाएगा आज असर, जानें गिफ्ट निफ्टी से कैसे मिल रहे है संकेत

Gift Nifty Indicator: मंगलवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के हल्के पॉजिटिव नोट पर खुलने की संभावना है। एशियाई बाजारों में तेज बिकवाली के बावजूद GIFT निफ्टी में बढ़त के संकेत हैं। हालांकि, भारत में उम्मीद से ज़्यादा रिटेल महंगाई, कच्चे तेल की बढ़ी कीमतें और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव से सेंटिमेंट पर असर पड़ सकता है। RBI के ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की उम्मीद से भी घरेलू आउटलुक को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं।

GIFT निफ्टी सुबह 8 बजे के आसपास 55 पॉइंट या 0.25 प्रतिशत बढ़कर 22,425 पर ट्रेड कर रहा था। सोमवार को भारतीय इक्विटी बाजार तेजी से नीचे बंद हुए, सेंसेक्स 547.65 पॉइंट या 0.76 प्रतिशत गिरकर 71,924.68 पर और निफ्टी 157.10 पॉइंट या 0.70 प्रतिशत गिरकर 22,363.35 पर आ गया। विदेशी इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर नेट सेलर बने रहे, उन्होंने 1,700 करोड़ रुपये के इक्विटी बेचे, जबकि घरेलू इंस्टीट्यूशन ने 3,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा के शेयर खरीदे।

भारत की रिटेल महंगाई बढ़कर 5.54% हुई

सितंबर में भारत की रिटेल महंगाई उम्मीद से ज़्यादा 5.54 फीसदी हो गई, जो रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया की 6 परसेंट की ऊपरी टॉलरेंस लिमिट के करीब पहुंच गई और आगे इंटरेस्ट-रेट में बढ़ोतरी की उम्मीदों को मज़बूत किया। यह बढ़ोतरी कच्चे तेल की बढ़ी हुई कीमतों और कमज़ोर मॉनसून के लगातार दबाव के बीच हुई है, साथ ही ईरान युद्ध, जो अब अपने आठवें महीने में है, एनर्जी सप्लाई और फ्यूल महंगाई की चिंताओं को भी रोक रहा है।

महंगाई की यह रीडिंग RBI के इस महीने की शुरुआत में रेपो रेट को 25 बेसिस पॉइंट बढ़ाकर 5.50 फीसदी करने के फैसले के बाद आई है, जो फरवरी 2023 के बाद पहली बढ़ोतरी है, और अपनी पॉलिसी को सोच-समझकर सख्ती करने की ओर ले गया है। ज़्यादा महंगाई और सख्त मॉनेटरी हालात के मेल से रेट-सेंसिटिव सेक्टर पर दबाव बढ़ सकता है।

टेक्नोलॉजी स्टॉक्स में गिरावट के कारण एशियाई बाज़ार गिरे

मंगलवार को एशियाई इक्विटीज़ में भारी गिरावट आई क्योंकि मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की बढ़ी हुई कीमतों और मज़बूत डॉलर के बीच टेक्नोलॉजी शेयरों में भारी बिकवाली का दबाव था। कॉर्पोरेट अर्निंग्स सीज़न से पहले इन्वेस्टर्स भी सावधान हो रहे हैं।

जापान के बाहर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स शुरुआती ट्रेडिंग में 2 परसेंट से ज़्यादा गिरा, जबकि साउथ कोरिया का टेक्नोलॉजी-हैवी कोस्पी 6 परसेंट गिरा। जापान का निक्केई 2.6 फीसदी गिरा, जो रीजनल मार्केट में बड़े पैमाने पर रिस्क से बचने को दिखाता है।

वॉल स्ट्रीट मिले-जुले बंद हुआ, नैस्डैक गिरा

US इक्विटी सोमवार को मिले-जुले बंद हुए, जिसमें नैस्डैक पर टेक्नोलॉजी शेयरों का दबाव रहा जबकि डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज बढ़ा। डॉव 195.60 पॉइंट्स या 0.38 परसेंट बढ़कर 51,850.55 पर पहुंच गया, जबकि S&P 500 0.06 परसेंट गिरकर 7,807.24 पर आ गया। नैस्डैक कंपोजिट 0.44 परसेंट गिरकर 27,245.90 पर आ गया।

इंडेक्स पर क्या हो रणनीति

चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड के VP – टेक्निकल रिसर्च, सचिन गुप्ता ने कहा, “कुल मिलाकर, सेंसेक्स आउटलुक सावधानी के साथ साइडवेज़ बना हुआ है। 71,300–71,500 ज़ोन पर नज़र रखना ज़रूरी होगा, क्योंकि इस एरिया को होल्ड करने से इंडेक्स को स्थिर होने और रिकवरी की कोशिश करने में मदद मिल सकती है। ऊपर की तरफ, सेंटिमेंट को बेहतर बनाने और मज़बूत खरीदारी की दिलचस्पी का संकेत देने के लिए 72,500–72,700 से ऊपर लगातार मूव की ज़रूरत है। तब तक, ट्रेडर्स को सेलेक्टिव रहना चाहिए और नई डायरेक्शनल पोज़िशन लेने से पहले मुख्य सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल के आसपास प्राइस एक्शन पर नज़र रखनी चाहिए।”

निफ्टी 50 आउटलुक पर, LKP सिक्योरिटीज़ के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट, रूपक डे ने कहा कि इंडेक्स लाल निशान में बंद हुआ, जिससे एक डार्क क्लाउड कवर पैटर्न बना। यह बनावट बताती है कि पिछले दिन का पॉज़िटिव मोमेंटम कमज़ोर हो रहा है, जिससे मंदी की चाल फिर से शुरू होने की संभावना बढ़ रही है।

डे ने आगे कहा, “कुल मिलाकर सेंटिमेंट कमजोर लग रहा है और इससे और गिरावट आ सकती है, क्योंकि कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर इक्विटी पर पड़ रहा है। निचले स्तर पर, तुरंत सपोर्ट 22,300 पर है, जिसके नीचे निफ्टी 22,100 या उससे भी नीचे जा सकता है। ऊपरी स्तर पर, रेजिस्टेंस 22,420 और 22,650 पर है।”

Asian Market: US अर्निंग्स से पहले AI में बिकवाली बढ़ने से एशियाई स्टॉक्स गिरे, कोस्पी, निक्केई सबसे आगे

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Renault E-Space Concept revives MPV body style for iconic nameplate

Renault E-Space Concept revives MPV body style for iconic nameplate
Renault E-Space Concept revives MPV body style for iconic nameplate

Renault unveiled the E-Space concept at the 2026 Paris Motor Show, hinting at a potential electric MPV comeback for the iconic nameplate. Explicitly pitched as a “real alternative to SUVs and saloons”, the E-Space concept goes back to Renault’s ‘voitures à vivre’ philosophy, which puts the human experience, comfort, and everyday lifestyle at the centre of vehicle design.  

Introduced in 1984, the Renault Espace was Europe’s first MPV and retained this body style till its fourth generation. In 2023, it was transformed into a stretched version of the Austral SUV.

Renault E-Space Concept exterior details

Retro-modern MPV concept has some elements that link it to the previous Espace models

The Renault E-Space concept has an overall clean design, which Renault’s brand design director Alexandre Malval says is “stripped of anything that might distract the eye.”

At the front, it gets U-shaped LED lighting elements on the blanked-off grille. The grille itself features an illuminated Renault logo that appears to float over it. One design cue that links to the original Espace is the heavily raked windscreen, which appears to extend to the bonnet like the French TGV train.

In profile, the E-Space Concept sports huge 24-inch alloy wheels and a large glasshouse that places “natural light at the heart of the concept”. It is 4.70 metres long, 2.02 metres wide and 1.67 metres tall, and Renault says its height- and length-to-width ratios are similar to the original Espace, albeit with shorter overhangs.

At the rear, the rear spoiler appears similar to the roof bars prominent on the 3rd- and 4th-generation Espace. The U-shaped lighting elements mimic the front LED design, and their placement on a gloss-black panel makes the windscreen appear larger.

Renault E-Space Concept interior details

3-row, 6-seater electric MPV aims to maximise interior space and comfort

The E-Space Concept revives Renault’s voitures à vivre philosophy. This approach focuses on the human experience and everyday family life rather than raw performance or luxury, all of which are clearly visible in the electric MPV concept’s cabin. It also brings back the vibrant pop interior colours Renault was known for back in the 70s. 

The concept features an ‘OpenR Panorama’ screen which spans the entire width of the dashboard. Renault says this display will be in the next-generation Rafale and Scenic models. While this expansive display is not touch-enabled, there is a smaller infotainment touchscreen suspended from the dashboard that can be used to control functions such as music and navigation.

The E-Space concept uses a yoke-style steering wheel and a steer-by-wire system, which frees up space for the driver’s footwell due to a missing mechanical steering column. The steering wheel features touch-sensitive buttons to interact with the OpenR display.

It gets 6 seats spread across three rows. There are folding tables mounted on the front-row seatbacks which second-row passengers can use if they do not spin around to face the third row. The second-row seats can also be folded flat to form a table for those in the third row.

With the E-Space concept, Renault appears to be not only considering a return to the model’s MPV roots, but also hopes to replicate the success of its electric revivals of iconic nameplates such as the Twingo, Renault 4 and Renault 5.

अर्जुन रामपाल ने ‘अर्जुन नागा’ की शूटिंग शुरू की

अभिनेता अर्जुन रामपाल ने अपनी अगली फिल्म ‘अर्जुन नागा’ की शूटिंग शुरू कर दी है। अनिल शर्मा के निर्देशन में बन रही इस फिल्म में रामपाल खलनायक की भूमिका में नजर आएंगे। ‘राजनीति’, ‘डॉन’ और ‘धुरंधर’ जैसी फिल्मों में काम कर चुके रामपाल ने शूटिंग शुरू होने पर अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर सोमवार को एक तस्वीर साझा की।

तस्वीर में अभिनेता जीन्स और टी-शर्ट पहने फिल्म के पोस्टर वाले गेट के सामने खड़े नजर आ रहे हैं, साथ ही तस्वीर में लिखा है अनिल शर्मा और उत्कर्ष शर्मा के साथ ‘अर्जुन नागा’ के पहले दिन की शुरुआत। ‘अर्जुन नागा’ शुरू।

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फिल्म में ‘द राजा साब’ की अभिनेत्री निधि अग्रवाल और निर्देशक के बेटे उत्कर्ष शर्मा सहित अन्य कलाकार भी हैं। इससे पहले अनिल और उत्कर्ष 2023 में रिलीज हुई ‘गदर 2’ और 2024 की फिल्म ‘वनवास’ में साथ काम कर चुके हैं।

‘अर्जुन नागा’ के अलावा रामपाल प्राइम वीडियो की सीरीज ‘बिलिनेयर’ में भी नजर आएंगे। हंसल मेहता और रॉबी ग्रेवाल के निर्देशन में बन रही इस सीरीज में वह एक प्रभावशाली कारोबारी की भूमिका निभा रहे हैं और उन्होंने इसकी शूटिंग भी शुरू कर दी है।

Pic Credit : UNI

पटना के महावीर मंदिर की अनूठी पहल, प्रसाद और दान की कमाई से चल रहे अस्पताल, बच्चों के लिए बन रहा बाल कैंसर हॉस्पिटल

बिहार की राजधानी पटना स्थित महावीर मंदिर सिर्फ एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल नहीं है। पटना जंक्शन से लगा यह मंदिर आस्था के साथ-साथ सेवा और जनकल्याण की भी एक बड़ी मिसाल है। यहां बजरंगबली के दर्शन करने के लिए हर दिन हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। लेकिन कम ही लोग जानते हैं कि मंदिर में चढ़ने वाले नैवेद्यम प्रसाद और अन्य माध्यमों से होने वाली कमाई का इस्तेमाल मरीजों के इलाज, शिक्षा और जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराने जैसे कार्यों में भी किया जाता है। महावीर मंदिर न्यास समिति के अंतर्गत कई अस्पताल, चिकित्सा संस्थान, प्रशिक्षण केंद्र और भोजनालय संचालित होते हैं।

प्रसाद की कमाई से होता है मरीजों का इलाज

महावीर मंदिर की आय का एक महत्वपूर्ण हिस्सा नैवेद्यम प्रसाद की बिक्री से होने वाली बचत से आता है। इसके अलावा श्रद्धालुओं के चढ़ावे, कर्मकांड शुल्क, स्वैच्छिक दान, विक्रय केंद्रों की बचत और बैंक से मिलने वाले ब्याज से भी मंदिर को आय होती है। इन्हीं संसाधनों के जरिए महावीर मंदिर न्यास समिति स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण संस्थानों का संचालन करती है। इन संस्थानों में महावीर कैंसर संस्थान, महावीर आरोग्य संस्थान, महावीर वात्सल्य अस्पताल, महावीर नेत्रालय, महावीर हार्ट हॉस्पिटल, महावीर वरिष्ठ नागरिक अस्पताल और विशालनाथ अस्पताल शामिल हैं।

इसके अलावा भीखमदास ठाकुरबाड़ी स्थित महावीर नेत्रालय की शाखा भी संचालित की जाती है। इन संस्थानों के माध्यम से कैंसर, हृदय रोग, आंखों की बीमारियों और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे मरीजों को चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। इस अस्पतालों में बेहद कम दरों पर आधुनिक सुविधाएं दी जाती है।

बन रहा है बाल कैंसर संस्थान

महावीर मंदिर न्यास समिति का स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ा विस्तार लगातार आगे बढ़ रहा है। इसी कड़ी में महावीर किशोर कुणाल बाल कैंसर संस्थान का निर्माण कार्य भी जारी है। 100 बेड का एक नया अस्पताल बनाया जा रहा है। यह पूरी तरह कैंसर पीड़ित बच्चों के इलाज को समर्पित होगा। इसका निर्माण कार्य शुरू हो चुका है और 2027 तक इसके तैयार होने की उम्मीद है। इस अस्पताल में 18 साल तक के बच्चों को निशुल्क इलाज की सुविधा दी जाएगी। यहां जांच और उपचार के लिए सभी आधुनिक उपकरण और तकनीकें होंगी।

इलाज के साथ मेडिकल शिक्षा पर भी जोर

महावीर मंदिर की गतिविधियां केवल अस्पतालों के संचालन तक सीमित नहीं हैं। महावीर पैरा मेडिकल ट्रेनिंग और महावीर एएनएम नर्सिंग ट्रेनिंग सेंटर के माध्यम से चिकित्सा एवं नर्सिंग से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाता है। वहीं, पाणिनि वेद विद्यालय के जरिए पारंपरिक वैदिक शिक्षा को भी बढ़ावा दिया जाता है।

गयाजी से अयोध्या तक जरूरतमंदों के लिए भोजन की व्यवस्था

धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं और जरूरतमंद लोगों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए भी महावीर मंदिर न्यास समिति की ओर से पहल की गई है। इसके तहत गयाजी में विष्णु रसोई, सीतामढ़ी में सीता रसोई और अयोध्या में राम रसोई का संचालन किया जाता है। इन रसोइयों में लोगों को निःशुल्क भोजन उपलब्ध कराया जाता है। धार्मिक यात्राओं पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए ऐसी व्यवस्था काफी उपयोगी साबित होती है।

पूर्वी चम्पारण में में आकार ले रहा विराट रामायण मंदिर

महावीर मंदिर न्यास समिति की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में पूर्वी चंपारण जिले के चकिया क्षेत्र में निर्माणाधीन विराट रामायण मंदिर भी शामिल है। विराट रामायण मंदिर का निर्माण संसार के सबसे बड़े मंदिर के रूप में हो रहा है।

इस भव्य मंदिर परिसर में 33 फीट ऊंचा और लगभग 210 मीट्रिक टन वजनी शिवलिंग स्थापित किया गया है। मंदिर की प्रस्तावित लंबाई 1080 फीट और चौड़ाई 540 फीट है। इसकी संरचना में कुल 18 शिखर और 22 मंदिर शामिल होंगे। मुख्य शिखर की ऊंचाई 270 फीट रखी गई है, जबकि अन्य शिखरों की ऊंचाई 180, 135, 108 और 90 फीट प्रस्तावित है। महावीर मंदिर न्यास समिति के सचिव सायण कुणाल के अनुसार, निर्माण कार्य को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है।

रोजाना करीब 10 लाख रुपये की आय

महावीर मंदिर की आर्थिक गतिविधियों का अंदाजा मई 2023 में महावीर मंदिर न्यास समिति की ओर से जारी आंकड़ों से लगाया जा सकता है। इन आंकड़ों के अनुसार, मंदिर की प्रतिदिन की आय करीब 10 लाख रुपये थी। इस आय में भेंटपात्रों में मिलने वाली चढ़ावे की राशि, कर्मकांड शुल्क, नैवेद्यम प्रसाद से होने वाली बचत, श्रद्धालुओं की ओर से स्वेच्छा से दिए जाने वाले दान, विक्रय केंद्रों की बचत और बैंक ब्याज शामिल थे। इसमें अस्पतालों और अन्य संस्थानों की आय-व्यय राशि शामिल नहीं थी।

पटना से सच्चिदानंद की रिपोर्ट

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