UP Board Exam 2027: नए पैटर्न का होगा यूपी बोर्ड 12वीं के छात्र का प्रश्न पत्र, 80 नंबर की लिखित परीक्षा में हर यूनिट से आएंगे सवाल

UP Board Exam 2027: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने शैक्षिक सत्र 2026-27 में इंटरमीडिएट यानी 11वीं और 12वीं कक्षा के परीक्षा पैटर्न में बदलाव की घोषणा की है। यह बदलाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020, राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF)-2023 और राष्ट्रीय मूल्यांकन केंद्र (PARAKH) की सिफारिशों के आधार पर नए सत्र से कक्षा 11 में लागू किया जाएगा। इसके तहत यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट कक्षा की लिखित परीक्षा 80 नंबरों की होगी, जबकि 20 नंबर आंतरिक मूल्यांकन के लिए होंगे।

वर्तमान में यूपी बोर्ड की 12वीं कक्षा में भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, गृह विज्ञान जैसे विषयों में 70-70 नंबर की लिखित और 30-30 नंबर की प्रायोगिक परीक्षा होती है। वहीं हिन्दी, अंग्रेजी, संस्कृत, अर्थशास्त्र जैसे गैर प्रायोगिक विषयों में 100-100 नंबर की लिखित परीक्षा होती है। लेकिन इन बदलावों के लागू होने के बाद अब गैर प्रायोगिक विषयों में भी 20-20 नंबर का आंतरिक मूल्यांकन और प्रायोगात्मक परीक्षा 30-30 अंकों की बजाय 20-20 नंबर की कराने का निर्णय लिया गया है। अगले शैक्षणिक सत्र से यह बदलाव कक्षा 11 से लागू करने की तैयारी है।

11वीं-12वीं के पेपर में होंगे 35% अनुप्रयोग आधारित प्रश्न

राज्य शिक्षा संस्थान के विशेषज्ञों ने कक्षा 11 व 12 के लिए इतिहास, भूगोल, इकोनॉमिक्स और सिविक्स के सैंपल पेपर तैयार किए हैं। इनमें परख के सुझावों के अनुसार सबसे ज्यादा 35% अंकों के सवाल एप्लिकेशन बेस्ड होंगे। पहले यूपी बोर्ड में ज्ञान (20%), बोध (30%), एप्लिकेशन बेस्ड (30%) और कौशल (20%) के चार बिन्दुओं आधार पर प्रश्नपत्र सेट किया जाता था और मूल्यांकन होता था। मगर अब नए प्रश्नपत्र के जरिए ज्ञान (17.5%), बोध (17.5%), अनुप्रयोग (35%), विश्लेषण (22%), मूल्यांकन (4%) और सृजन (4%) छह मानकों के आधार पर छात्रों को परखा जाएगा।

हर यूनिट आएगा पेपर में सवाल

यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट के प्रश्नपत्र नए सिरे से तैयार किए जा रहे हैं। इसमें हर यूनिट से प्रश्न पूछना अनिवार्य किया गया है और हर यूनिट का वेटेज भी निर्धारित किया गया है। छात्रों के लिए हर यूनिट को पढ़ना जरूरी होगा, क्योंकि बाहरी विकल्प के प्रश्न पेपर में नहीं रखे गए हैं। वर्णनात्मक प्रश्नों की संख्या कम की गयी है। प्रत्येक विस्तृत उत्तरीय प्रश्नों में आंतरिक विकल्प में रूप में प्रश्न दिए गए हैं जो उसी यूनिट, उसी उद्देश्य और उसी कठिनाई स्तर के होंगे। पेपर में दिए गए सवालों से छात्रों में मूल्यांकन करने की क्षमता, विश्लेषण एक सृजनात्मक शक्ति के विकास को बढ़ावा मिलेगा।

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बांग्लादेश में 35 साल बाद राष्ट्रपति चुनाव आज:349 सांसद वोट डालेंगे, वोटों की गिनती लाइव होगी; रूलिंग पार्टी BNP के उम्मीदवार की जीत तय

बांग्लादेश में 35 साल बाद आज राष्ट्रपति चुनाव होने जा रहे हैं। बांग्लादेश में राष्ट्रपति को जनता सीधे नहीं चुनती। संसद के सदस्य राष्ट्रपति का चुनाव करते हैं। इसमें संसद के कुल 349 सांसद वोट डाल सकेंगे। बांग्लादेश के मुख्य चुनाव आयुक्त एएमएम नासिर उद्दीन ने बताया कि चुनाव में पारदर्शिता के लिए वोटों की गिनती लाइव प्रसारित की जाएगी। राष्ट्रपति पद के लिए रूलिंग पार्टी BNP के उम्मीदवार मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर और मुख्य विपक्षी पार्टी जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले 11 दलों के गठबंधन के प्रत्याशी कर्नल (रिटायर्ड) ओली अहमद आमने सामने होंगे। फरवरी में हुए आम चुनाव में BNP को संसद में दो-तिहाई बहुमत मिली थी। इसलिए फखरुल की जीत लगभग तय मानी जा रही है। दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक मतदान होगा राष्ट्रपति चुनाव के लिए गुरुवार को दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान होगा। वोट राष्ट्रीय संसद के सत्र कक्ष में डाले जाएंगे। मतदान शुरू होने से पहले मुख्य चुनाव आयुक्त एएमएम नासिर उद्दीन सांसदों को वोट डालने का तरीका समझाएंगे। आखिरी बार 1991 में चुनाव में मुकाबला हुआ था बांग्लादेश में अब तक 12 राष्ट्रपति चुनाव हुए हैं। इनमें 8 बार राष्ट्रपति निर्विरोध चुने गए। संविधान लागू होने के बाद पहला राष्ट्रपति चुनाव 1974 में हुआ, जिसमें सांसदों ने वोट देकर मोहम्मद मोहम्मदुल्लाह को चुना। 1975 में संविधान संशोधन के बाद राष्ट्रपति का चुनाव सीधे जनता से कराने की व्यवस्था हुई। इसके तहत 1978, 1981 और 1986 में लगातार तीन बार जनता ने राष्ट्रपति चुना। 1991 में फिर संसदीय व्यवस्था लागू हुई और राष्ट्रपति का चुनाव दोबारा सांसदों के जरिए होने लगा। 1991 में दो उम्मीदवारों के बीच मुकाबला हुआ। इसके बाद 2023 तक सभी चुनाव निर्विरोध रहे, क्योंकि हार के डर से विपक्ष ने उम्मीदवार नहीं उतारा। 1991 के बाद 35 साल में पहली बार बांग्लादेश में राष्ट्रपति पद के लिए मुकाबला हो रहा है। यानी सांसदों को मतदान करना होगा। BNP ने चुनाव से पहले बैठक बुलाई राष्ट्रपति चुनाव से पहले बुधवार को राष्ट्रीय संसद में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के सांसदों की बैठक हुई। प्रधानमंत्री के डिप्टी प्रेस सेक्रेटरी जाहिदुल इस्लाम रोनी ने बताया कि बैठक दोपहर 4 बजे संसद में हुई। बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने की। BNP के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार फखरुल इस्लाम आलमगीर भी बैठक में शामिल हुए। पूर्व राष्ट्रपति शहाबुद्दीन के इस्तीफे के बाद हो रहे चुनाव बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने 24 जुलाई को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने इस्तीफे की वजह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को बताया था। हालांकि, कई रिपोर्टों में दावा किया गया था कि उन्होंने पूर्व पीएम शेख हसीना से फोन पर बातचीत की कोशिश की थी। इस खबर के बाहर आने के बाद प्रधानमंत्री नाराज हो गए थे। पूरी खबर पढ़ें… ——————– बांग्लादेश से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… बांग्लादेश बोला- भारत से गंगा जल समझौते में गारंटी मांगेंगे: जरूरत पड़ी तो अंतरराष्ट्रीय मंच पर जाएंगे; 1996 का समझौता दिसंबर में खत्म होगा बांग्लादेश गंगा जल संधि में भारत से ‘गारंटी क्लॉज’ शामिल करने की मांग कर रहा है। बांग्लादेश के जल संसाधन मंत्री शाहिदुद्दीन चौधरी एनी ने मंगलवार को ढाका में यह बात कही। पूरी खबर पढ़ें…

बांग्लादेशी नेता बोला- हिंदुओं को आसानी से मार सकते हैं:अल-कायदा से जुड़े हारून इजहार का बयान सोशल मीडिया पर वायरल

बांग्लादेश में अल-कायदा से जुड़े नेता हारुन इजहार का हिंदुओं को लेकर धमकी वाला वीडियो सामने आया है। इसमें वह कह रहा है कि हिंदुओं को आसानी से मारा जा सकता है। चटगांव में एक कार्यक्रम के दौरान इजहार हिंदुओं को आसानी से मारे जाने की बात कहता सुनाई दे रहा है। वह यह भी कहता है कि उसे खुद कुछ करने की जरूरत नहीं होगी, उसके समर्थक ही ऐसा करने के लिए काफी हैं। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद से बांग्लादेश में हिंदुओं और दूसरे अल्पसंख्यक समुदायों पर हमलों और भेदभाव के आरोप लगते रहे हैं। ऐसे में यह बयान अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा कर रहा है। हारुन इजहार कौन है? हारुन इजहार बांग्लादेश के चटगांव का कट्टरपंथी इस्लामी नेता है और हेफाजत-ए-इस्लाम से जुड़ा रहा है। वह संगठन की केंद्रीय समिति में शिक्षा और सांस्कृतिक मामलों का सचिव भी रह चुका है। उसके पिता मुफ्ती इजहारुल इस्लाम भी चटगांव के एक प्रभावशाली इस्लामी नेता और मदरसा संचालक रहे हैं। हारुन का नाम पहली बार नहीं बल्कि लंबे समय से कट्टरपंथ और हिंसक गतिविधियों से जुड़े मामलों में सामने आता रहा है। 2013 में चटगांव के लालखान बाजार स्थित मदरसे में विस्फोट हुआ था। इस घटना में तीन लोगों की मौत हुई थी। जांच के दौरान पुलिस ने विस्फोटक बनाने की सामग्री, तेजाब और बिना फटे ग्रेनेड बरामद किए थे। इस मामले में हारुन और उसके पिता समेत कई लोगों पर केस दर्ज हुआ था। अल-कायदा से कनेक्शन का क्या मामला है? हारुन इजहार को लेकर अल-कायदा और दूसरे जिहादी नेटवर्क से संबंधों के आरोप पुराने हैं। बांग्लादेशी मीडिया की रिपोर्टों में उसके पिता के मदरसे को प्रतिबंधित संगठन हरकत-उल-जिहाद-अल-इस्लामी बांग्लादेश के नेटवर्क से जोड़कर देखा गया है। एक रिपोर्ट में उसके पिता के ओसामा बिन लादेन और तालिबान नेता मुल्ला उमर से संपर्क होने के दावे भी किए गए थे। हालांकि इन दावों को खबर में आरोप या सुरक्षा एजेंसियों के आकलन के तौर पर ही लिखना बेहतर होगा। 2025 की एक रिपोर्ट में इंडिया टुडे ने भी हारुन इजहार को कट्टरपंथी संगठन हेफाजत-ए-इस्लाम का वरिष्ठ नेता बताते हुए उसके अंतरराष्ट्रीय जिहादी नेटवर्क से कथित संबंधों का जिक्र किया था। रिपोर्ट के मुताबिक, सुरक्षा एजेंसियां उसे प्रभावशाली कट्टरपंथी व्यक्ति मानती हैं। 2021 में भी हिंसा के मामले में नाम आया मार्च 2021 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बांग्लादेश दौरे के खिलाफ हुए प्रदर्शनों के दौरान चटगांव और दूसरे इलाकों में हिंसा हुई थी। हारुन इजहार को इन हिंसक घटनाओं से जुड़े मामलों में गिरफ्तार किया गया था। 2021 में उसने अदालत के सामने हिंसा के मामले में अपना बयान भी दिया था। पुलिस के मुताबिक, उसने पूछताछ के दौरान हिंसा में अपनी भूमिका स्वीकार की और उन लोगों के नाम भी बताए, जिन्होंने हिंसा भड़काने में कथित तौर पर भूमिका निभाई थी। उसके खिलाफ ढाका, चटगांव और राजशाही में कई मामले दर्ज थे। 2023 में वह चटगांव सेंट्रल जेल से जमानत पर बाहर आया। पुलिस के मुताबिक, उस समय उसके खिलाफ दर्ज 11 मामलों में उसे जमानत मिल गई थी और पुलिस ने कहा था कि वह निगरानी में रहेगा। 2025 में फिर चर्चा में आया दिसंबर 2025 में भारत विरोधी हिंसक प्रदर्शनों के दौरान भी हारुन इजहार का नाम सामने आया। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, चटगांव में भारतीय हितों को निशाना बनाकर हुए प्रदर्शनों के बाद वह एक पुलिस स्टेशन पहुंचा था और वहां भारतीय राजनयिक मिशन पर हमले के आरोपियों के मामले में हस्तक्षेप करता नजर आया। —————- यह खबर भी पढ़ें… बांग्लादेश बोला- भारत से गंगा जल समझौते में गारंटी मांगेंगे:जरूरत पड़ी तो अंतरराष्ट्रीय मंच पर जाएंगे; 1996 का समझौता दिसंबर में खत्म होगा बांग्लादेश, भारत के साथ गंगा जल संधि में ‘गारंटी क्लॉज’ शामिल करना चाहता है। बांग्लादेश के जल संसाधन मंत्री शाहिदुद्दीन चौधरी एनी ने मंगलवार को ढाका में एक कार्यक्रम के दौरान यह बात कही। पूरी खबर पढ़ें…

KTM 390 Duke price and variants explained

KTM 390 Duke price and variants explained
KTM 390 Duke black front left side static in studio

Ever since it burst onto the scene in 2013, the KTM 390 Duke has been synonymous with thrilling performance without breaking the bank. However, today the story has changed and KTM India now offers you two variants of the 390 Duke to choose from – both of which look very similar but have different engines and pricing. Here, we’ll break down what each variant offers and how much it costs.

All prices ex-showroom, Delhi

KTM 390 Duke variant breakdown

Standard

KTM 390 Duke blue right side profile static in studio

Before we elaborate on the differences between the two variants, let’s first recap what’s unchanged. The body panels, styling, chassis and feature-set are shared across both variants. Where the difference lies is primarily in the engine and the different pricing owing to the varying GST rates levied upon the motorcycles.

To benefit from the lower 18 percent GST, Bajaj has downsized the 398cc engine to 349cc via a shorter stroke while keeping the bore intact. The result is that peak output on the standard 390 Duke stands at 41.5hp and 33.5Nm of torque. As a consequence of the lower taxation, the 390 Duke’s price is Rs 2.84 lakh

Another differentiating factor is the different colours and graphics used on the 390 Duke to differentiate it from the higher R variant. You have a choice of three colours – orange, black and blue – which is applicable to the tank and body panels while the frame and wheels are both finished in black.

R

KTM 390 Duke R blue right side profile static in studio

The R variant is the 398cc 390 Duke that came out in 2023 unchanged from before. To recap, the engine is rated for 46hp/39Nm of torque and as a consequence of the 40 percent GST levied here, its price is substantially more, at Rs 3.45 lakh. The most obvious difference between the base model and the 390 Duke R is that the latter comes with an orange frame and wheels as well as a prominent ‘R’ sticker on its side panels.  

इमरान की नौ महीने बाद बहन नूरीन की मुलाकात:सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अडियाला जेल पहुंचीं; पूर्व PM को हॉस्पिटल शिफ्ट किए जाएंगे

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहन नोरीन नियाजी ने मंगलवार को अडियाला जेल में उनसे मुलाकात की। करीब 9 महीने बाद हुई इस मुलाकात के लिए नोरीन सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश के बाद जेल पहुंचीं, जिसमें इमरान को परिवार से हर हफ्ते मिलने की अनुमति दी गई है। करीब 15 मिनट चली मुलाकात में नोरीन ने इमरान की सेहत के बारे में पूछा। उन्होंने उन्हें सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश की जानकारी भी दी, जिसमें इमरान को इलाज के लिए शिफा इंटरनेशनल अस्पताल भेजने को कहा गया है। दोनों ने कुछ कानूनी मामलों पर भी बात की। इमरान ने अपनी पत्नी बुशरा बीबी से भी मुलाकात की। दोनों करीब 30 से 35 मिनट साथ रहे। इससे पहले बुशरा ने अपनी बेटी मुबाशरा शेख और ननद मेहरुन्निसा से मुलाकात की थी। पुलिस सिर्फ ने नोरीन को मिलने दिया नोरीन अपनी बहनों अलीमा खान और उजमा खान के साथ अडियाला जेल के रास्ते में डहगल चेकपॉइंट पहुंची थीं। पुलिस ने तीनों को रोक लिया, लेकिन बाद में सिर्फ नोरीन को इमरान से मिलने के लिए जेल जाने दिया। करीब 15 मिनट की मुलाकात के बाद नोरीन ने इमरान से मिलने की पुष्टि की। हालांकि, कोर्ट में दिए भरोसे के मुताबिक उन्होंने मीडिया से कोई बात नहीं की। कोर्ट ने कहा- परिवार से मिलना अधिकार सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को इमरान के परिवार से हर हफ्ते मुलाकात कराने का आदेश दिया था। कोर्ट ने कहा कि परिवार से मिलना कोई एहसान नहीं, बल्कि मौलिक अधिकार है। अदालत ने पिछले 3 साल में इमरान और उनकी बहनों के बीच हुई मुलाकातों का रिकॉर्ड भी मांगा है। उनके बेटों से हुई बातचीत और फोन कॉल की जानकारी देने को भी कहा गया है। इमरान को अस्पताल भेजने का भी आदेश सुप्रीम कोर्ट ने इमरान को इलाज और मेडिकल जांच के लिए शिफा इंटरनेशनल अस्पताल भेजने का आदेश भी दिया है। कोर्ट ने उनके इलाज के लिए मेडिकल बोर्ड बनाने को कहा है, जिसमें उनके निजी डॉक्टर और बहन डॉ. उजमा खान को शामिल किया जाएगा। अडियाला जेल की मेडिकल रिपोर्ट में इमरान के ब्लड प्रेशर और तनाव को लेकर चिंता जताई गई थी। अगस्त 2023 से जेल में हैं इमरान 73 साल के इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं। उन्हें सबसे पहले तोशाखाना मामले में 3 साल की सजा मिलने के बाद गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उन पर सिफर, अल-कादिर ट्रस्ट और इद्दत निकाह समेत कई मामले दर्ज हुए। बाद में सिफर और इद्दत निकाह मामलों में उन्हें अदालत से राहत मिल गई। तोशाखाना मामले में भी उनकी एक सजा रोक दी गई। इसके बावजूद दूसरे मामलों के चलते वह अभी जेल में हैं। इमरान खान और उनकी पार्टी पीटीआई का कहना है कि 2022 में प्रधानमंत्री पद से हटने के बाद उनके खिलाफ मामले राजनीतिक वजहों से दर्ज किए गए। उनका आरोप है कि उन्हें राजनीति और चुनाव से दूर रखने के लिए ऐसा किया गया। वहीं, पाकिस्तान सरकार और जांच एजेंसियां इन आरोपों को खारिज करती हैं और कहती हैं कि ये मामले कानूनी प्रक्रिया के तहत चल रहे हैं। ————————– ये खबर भी पढ़ें… PAK सुप्रीम कोर्ट बोला-इमरान को 2 दिन में अस्पताल भेजें:कहा- बहनों से मिलना उनका अधिकार; 2023 से जेल में हैं पूर्व PM पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को अस्पताल भेजने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि इमरान को 48 घंटे में शिफा इंटरनेशनल अस्पताल ट्रांसफर किया जाए। पूरी खबर यहां पढ़ें…

अमेरिका में 27 साल रही भारतीय महिला हिरासत में:ICE ने पूछताछ के बाद किया डिटेन; मई में इमिग्रेशन जज ने केस खत्म किया था

अमेरिका में 27 साल से रह रहीं भारतीय मूल की वेंकटा वासमसेट्टी को इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एन्फोर्समेंट (ICE) ने हिरासत में ले लिया। 11 अगस्त को शार्लोट स्थित ICE कार्यालय में नियमित चेक-इन के दौरान पूछताछ के बाद उन्हें डिटेन किया गया। वेंकटा के पास 2013 से ग्रीन कार्ड है और वह नॉर्थ कैरोलिना के सरकारी स्कूल में स्पेशल-नीड्स बच्चों को पढ़ाती हैं। भारत जाने के बाद ग्रीन कार्ड पर सवाल उठा वेंकटा जुलाई 2022 में बीमार माता-पिता की देखभाल के लिए भारत आई थीं। वहां उन्हें कोविड हुआ और करीब दो हफ्ते अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा। स्वास्थ्य समस्याओं के कारण वह फरवरी 2023 में करीब 7 महीने बाद अमेरिका लौटीं। अमेरिकी अधिकारियों ने उनकी लंबी गैर-मौजूदगी को आधार बनाकर सवाल उठाया कि क्या उन्होंने अमेरिका में अपना स्थायी निवास छोड़ दिया था। वेंकटा के वकीलों ने कहा कि उनका घर, नौकरी और परिवार अमेरिका में है और उन्होंने स्थायी रूप से भारत लौटने का इरादा नहीं किया था। ग्रीन कार्डधारक 180 दिन से ज्यादा अमेरिका से बाहर रहें तो इमिग्रेशन अधिकारी यह जांच कर सकते हैं कि उन्होंने अमेरिका को अपना स्थायी घर बनाए रखा है या नहीं। मई में जज ने डिपोर्टेशन केस खत्म किया वेंकटा के खिलाफ डिपोर्टेशन की कार्रवाई चल रही थी और उन्हें नियमित रूप से ICE के सामने पेश होना पड़ता था। 19 मई को इमिग्रेशन जज ने केस खत्म कर दिया। जज ने कहा कि सरकार यह स्पष्ट और ठोस सबूत नहीं दे पाई कि वेंकटा को अमेरिका से बाहर किया जा सकता है। इसके बावजूद 11 अगस्त को ICE कार्यालय में चेक-इन के दौरान उन्हें हिरासत में ले लिया गया। फिलहाल उन्हें जॉर्जिया के इरविन काउंटी डिटेंशन सेंटर में रखा गया है। डायबिटीज की मरीज, वकीलों ने कोर्ट में चुनौती दी वेंकटा को गंभीर डायबिटीज है और उनके वकील के मुताबिक, हिरासत में लिए जाने के समय उनके पास इंसुलिन और जरूरी मेडिकल सप्लाई नहीं थीं। उनके वकीलों ने हिरासत को फेडरल कोर्ट में चुनौती दी है। 13 अगस्त को जज ने ICE से तीन दिन में यह बताने को कहा कि वेंकटा को हिरासत में रखने का कानूनी आधार क्या है। वेंकटा का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। उनकी दो बेटियां और दो पोते-पोतियां अमेरिकी नागरिक हैं।

अमेरिका में 27 साल रही भारतवंशी महिला हिरासत में:ICE ने पूछताछ के बाद किया डिटेन; वेंकटा के पास 2013 से ग्रीन कार्ड

अमेरिका में 27 साल से रह रहीं भारतीय मूल की वेंकटा वासमसेट्टी को इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एन्फोर्समेंट (ICE) ने हिरासत में ले लिया। 11 अगस्त को शार्लोट स्थित ICE कार्यालय में नियमित चेक-इन के दौरान पूछताछ के बाद उन्हें डिटेन किया गया। वेंकटा के पास 2013 से ग्रीन कार्ड है और वह नॉर्थ कैरोलिना के सरकारी स्कूल में स्पेशल-नीड्स बच्चों को पढ़ाती हैं। भारत जाने के बाद ग्रीन कार्ड पर सवाल उठा वेंकटा जुलाई 2022 में बीमार माता-पिता की देखभाल के लिए भारत आई थीं। वहां उन्हें कोविड हुआ और करीब दो हफ्ते अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा। स्वास्थ्य समस्याओं के कारण वह फरवरी 2023 में करीब 7 महीने बाद अमेरिका लौटीं। अमेरिकी अधिकारियों ने उनकी लंबी गैर-मौजूदगी को आधार बनाकर सवाल उठाया कि क्या उन्होंने अमेरिका में अपना स्थायी निवास छोड़ दिया था। वेंकटा के वकीलों ने कहा कि उनका घर, नौकरी और परिवार अमेरिका में है और उन्होंने स्थायी रूप से भारत लौटने का इरादा नहीं किया था। ग्रीन कार्डधारक 180 दिन से ज्यादा अमेरिका से बाहर रहें तो इमिग्रेशन अधिकारी यह जांच कर सकते हैं कि उन्होंने अमेरिका को अपना स्थायी घर बनाए रखा है या नहीं। मई में जज ने डिपोर्टेशन केस खत्म किया वेंकटा के खिलाफ डिपोर्टेशन की कार्रवाई चल रही थी और उन्हें नियमित रूप से ICE के सामने पेश होना पड़ता था। 19 मई को इमिग्रेशन जज ने केस खत्म कर दिया। जज ने कहा कि सरकार यह स्पष्ट और ठोस सबूत नहीं दे पाई कि वेंकटा को अमेरिका से बाहर किया जा सकता है। इसके बावजूद 11 अगस्त को ICE कार्यालय में चेक-इन के दौरान उन्हें हिरासत में ले लिया गया। फिलहाल उन्हें जॉर्जिया के इरविन काउंटी डिटेंशन सेंटर में रखा गया है। डायबिटीज की मरीज, वकीलों ने कोर्ट में चुनौती दी वेंकटा को गंभीर डायबिटीज है और उनके वकील के मुताबिक, हिरासत में लिए जाने के समय उनके पास इंसुलिन और जरूरी मेडिकल सप्लाई नहीं थीं। उनके वकीलों ने हिरासत को फेडरल कोर्ट में चुनौती दी है। 13 अगस्त को जज ने ICE से तीन दिन में यह बताने को कहा कि वेंकटा को हिरासत में रखने का कानूनी आधार क्या है। वेंकटा का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। उनकी दो बेटियां और दो पोते-पोतियां अमेरिकी नागरिक हैं। ———————– ये खबर भी पढ़ें… रिपोर्ट- रूस सीक्रेट रूट से ईरान को हथियार भेज रहा:मिसाइल-ड्रोन पार्ट्स और गोला-बारूद शामिल; ट्रैकिंग सिस्टम बंद कर समुद्री रास्ते का इस्तेमाल रूस सीक्रेट रास्ते के जरिये ईरान के सैन्य भंडार को मजबूत करने में मदद कर रहा है। NBC न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, रूस ईरान को TNT विस्फोटक, ड्रोन के पार्ट्स और गोला-बारूद भेज रहा है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

17 खिलाड़ियों को मिलेगा अर्जुन पुरुस्कार पर एक को भी खेल रत्न नहीं

खेल मंत्रालय ने मंगलवार को वर्ष 2025 के लिए किसी भी खिलाड़ी को प्रतिष्ठित ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार नहीं देने का फैसला किया जबकि 17 खिलाड़ियों को अर्जुन पुरस्कार के लिए चुना।इन पुरस्कारों के लिए छह महीने पहले सिफारिश की गई थी जिनका खेल मंत्रालय ने मूल्यांकन किया और किसी भी खिलाड़ी को खेल रत्न पुरस्कार नहीं देने का फैसला लिया।

उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश अरुण कुमार मिश्रा की अध्यक्षता वाली चयन समिति ने हॉकी स्टार हार्दिक सिंह को देश के सर्वोच्च खेल पुरस्कार के लिए नामित किया था लेकिन आखिर में वह दौड़ से बाहर हो गए। इससे पहले, 2014 में भी खेल रत्न पुरस्कार नहीं दिया गया था।विश्वकप विजेता शतरंज खिलाड़ी दिव्या देशमुख, डेकाथलॉन और ऊंची कूद के एथलीट तेजस्विन शंकर और बैडमिंटन खिलाड़ी गायत्री गोपीचंद उन 17 खिलाड़ियों में शामिल हैं जिन्हें मंगलवार को प्रतिष्ठित अर्जुन पुरस्कार के लिए नामित किया गया।

अर्जुन पुरस्कार के लिए नामित खिलाड़ियों में ग्रैंडमास्टर विदित गुजराती, गायत्री गोपीचंद की महिला युगल जोड़ीदार त्रीसा जॉली, ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों के रजत पदक विजेता मुक्केबाज नरेंद्र और युवा बधिर राइफल निशानेबाज धनुष श्रीकांत भी शामिल हैं।एशियाई खेल 1962 में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रहे फुटबॉलर आई अरुमैनायगम को आजीवन उपलब्धि के लिए अर्जुन पुरस्कार दिया गया है।

इस वर्ष चयन समिति ने अर्जुन पुरस्कार के लिए 24 नामों की सिफारिश की थी, लेकिन मंत्रालय ने केवल 17 नामों को ही मंजूरी दी।पुरस्कारों की घोषणा करने में बहुत देरी हुई। खेल मंत्रालय ने योग के खिलाड़ियों को ही सम्मानित करने के उद्देश्य से पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया अपनाई।

शतरंज खिलाड़ी 19 वर्षीय देशमुख विश्व कप जीतने वाली पहली भारतीय महिला हैं। विदित गुजराती 2024 शतरंज ओलंपियाड में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा थे।एशियाई खेल 2023 में डेकाथलॉन में ऐतिहासिक रजत पदक और पिछले साल एशियाई चैंपियनशिप में दूसरा स्थान हासिल करने वाले तेजस्विन शंकर ने घुटने की समस्या से जूझने के बावजूद राष्ट्रमंडल खेलों में एक कांस्य पदक जीता।

वह उन खिलाड़ियों में शामिल थे जिन्होंने पुरस्कारों की घोषणा में देरी की आलोचना करते हुए इसे खिलाड़ियों के प्रति अनादरपूर्ण बताया।वर्ष 2024 में रिकॉर्ड 32 खिलाड़ियों को अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया था, जिनमें से 17 पैरा-स्पोर्ट्स से थे। इस बार पैरा-स्पोर्ट्स से केवल दो नाम ही अंतिम सूची में शामिल हो पाए।

पैरा विश्व चैंपियनशिप 2024 में स्वर्ण पदक जीतने वाली पैरा क्लब की थ्रोअर एकता भ्याण और पैरा विश्व कप 2024 के स्वर्ण पदक विजेता निशानेबाज रुद्रंश खंडेलवाल को अर्जुन पुरस्कार के लिए चुना गया है। हालांकि, इस सूची में किसी भी क्रिकेटर का नाम नहीं है। मोहम्मद शमी को 2023 में अर्जुन पुरस्कार दिए जाने के बाद कोई भी क्रिकेटर इस पुरस्कार के लिए नहीं चुना गया है।

मंत्रालय ने तीन द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेताओं के नाम घोषित किए हैं।देश का सर्वोच्च खेल सम्मान खेल रत्न में एक पदक, प्रशस्ति पत्र और 25 लाख रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाता है, जबकि अर्जुन पुरस्कार विजेता को 15 लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाता है।

पिछले साल खेल रत्न पुरस्कार चार खिलाड़ियों को दिया गया था। इनमें विश्व चैंपियन शतरंज खिलाड़ी डी गुकेश, पुरुष हॉकी कप्तान हरमनप्रीत सिंह, पैरा-एथलीट प्रवीण कुमार और निशानेबाज मनु भाकर शामिल थे।ये पुरस्कार परंपरागत रूप से हर साल 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस के उपलक्ष्य में प्रदान किए जाते हैं, जो भारत के महानतम खिलाड़ियों में से एक हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती भी है। लेकिन अब इसकी कोई तिथि निश्चित नहीं है।

इस वर्ष पुरस्कार चयनसमिति में भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के उपाध्यक्ष गगन नारंग, पूर्व बैडमिंटन खिलाड़ी अपर्णा पोपट और पूर्व हॉकी खिलाड़ी एम एम सोमैया भी शामिल थे।

अर्जुन पुरस्कार: तेजस्विन शंकर (एथलेटिक्स), प्रियंका गोस्वामी (एथलेटिक्स), नरेंद्र (मुक्केबाजी), विदित गुजराती (शतरंज), दिव्या देशमुख (शतरंज), धनुष श्रीकांत (बधिर शूटिंग), राजकुमार पाल (हॉकी), सुरजीत (कबड्डी), रुद्रांश खंडेलवाल (पैरा-शूटिंग), एकता भ्याण (पैरा-एथलेटिक्स), अरविंद सिंह (रोइंग), अखिल श्योराण (शूटिंग), त्रीसा जॉली (बैडमिंटन), गायत्री गोपीचंद (बैडमिंटन), लालरेम्सियामी (हॉकी), मुहम्मद अजमल (एथलेटिक्स), पूजा (कबड्डी)।

अर्जुन पुरस्कार (जीवनपर्यंत): श्री आई अरुमैनायगम (फुटबॉल)

द्रोणाचार्य पुरस्कार: परवीर सिंह, छोटे लाल यादव, नेहा चव्हाण

द्रोणाचार्य पुरस्कार (जीवनपर्यंत): धर्मेंद्र यादव, वीरेंद्र कुमार।

इमरान खान को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, तुरंत अस्पताल भेजने का आदेश; 16 सितंबर तक रहेंगे भर्ती

इमरान खान को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, तुरंत अस्पताल भेजने का आदेश; 16 सितंबर तक रहेंगे भर्ती

imran khan to be shifted in hospital from jail

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की खराब सेहत पर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जताई है। अदालत ने उन्हें इलाज के लिए तुरंत इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल भेजने और 16 सितंबर तक अस्पताल में रखने का आदेश दिया है।

 

सुप्रीम कोर्ट ने अदियाला जेल में बंद इमरान को इलाज के लिए तुरंत इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल में भर्ती कराने का आदेश दिया है। उन्हें 16 सितंबर तक अस्पताल में रखने का निर्देश दिया गया है। उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने इस फैसले का स्वागत किया है।


पीटीआई और इमरान खान का परिवार लंबे समय से उनकी खराब सेहत को लेकर चिंता जताता रहा है। PTI प्रवक्ता ने कहा कि यह फैसला स्वागत योग्य है लेकिन उनकी पार्टी चाहती है कि इमरान खान को तब तक अस्पताल में रखा जाए, जब तक डॉक्टर उनकी सेहत को पूरी तरह ठीक न मान लें।

 

आंखों की रोशनी जाने का खतरा

गौरतलब है कि 73 वर्षीय इमरान खान अगस्त, 2023 से जेल में हैं। उन्हें कई मामलों में सजा सुनाई गई है। इमरान इन मामलों को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताते हुए आरोपों से इनकार करते रहे हैं। उनके वकीलों के मुताबिक जेल में रहने के दौरान उनकी दाहिनी आंख की रोशनी काफी प्रभावित हुई है। उनके बेटों ने भी पिछले साल उनकी बिगड़ती सेहत को लेकर चिंता जताई थी।