ब्रिटेन से मेडिकल टूरिज्म के तहत उत्तरी साइप्रस में आईवीएफ कराने वाले ब्रिटेन के 30 परिवारों के साथ बड़ी धोखाधड़ी हुई। आरोप है कि आईवीएफ क्लिनिक ने उनकी पसंद के स्पर्म-एग डोनर इस्तेमाल करने का दावा किया था, लेकिन 11 बच्चों के डीएनए टेस्ट से पता चला कि ये उन स्पर्म-एग डोनर के नहीं हैं, जिसे उनके माता-पिता ने चुना था। आईवीएफ से पैदा इन बच्चों का डीएनए तुर्किये और अरब देशों के लोगों के डीएनए से मिल रहा है, जबकि उनके माता-पिता ने फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड्स, बेल्जियम, स्विट्जरलैंड और ऑस्ट्रिया जैसे पश्चिम यूरोपीय देशों के पूरी तरह से स्क्रीन किए गए और स्वस्थ डोनर्स को चुना था। बीबीसी की खोजी रिपोर्ट के मुताबिक, इस अंतरराष्ट्रीय घोटाले के लगभग आधे मामले अकेले ‘डोगस आईवीएफ सेंटर’ से सामने आए हैं। दुनिया के सबसे बड़े स्पर्म बैंक ‘क्रायोस इंटरनेशनल’ ने स्पष्ट किया है कि उसने 2016 में ही डोगस क्लिनिक को ब्लैकलिस्ट कर दिया था और वहां कभी स्पर्म की सप्लाई ही नहीं की। इसके बावजूद क्लिनिक सालों तक क्रायोस के साथ अपने आधिकारिक जुड़ाव का झूठा विज्ञापन देकर संतान चाहने वाले जोड़ों को ठगता रहा। निजी डेटा की अनदेखी – माता-पिता ने डोनर की मेडिकल हिस्ट्री, रूप-रंग, शिक्षा और शौक के आधार पर चयन किया था, ताकि बच्चा 18 साल की उम्र में अपने जैविक मूल को जान सके। फर्जी डोनर के इस्तेमाल से बच्चों के मूलभूत मानवाधिकारों का हनन हुआ है। ब्रिटिश फर्टिलिटी सोसाइटी के अनुसाार, 30 से अधिक बच्चों के मामलों में ऐसा होना एक संगठित आपराधिक नेटवर्क, गंभीर लापरवाही और संस्थागत धोखाधड़ी है। उत्तरी साइप्रस तुर्किये के कब्जे में है और कानून लचर हैं। वैश्विक फर्टिलिटी रिपोर्ट्स और मेडिकल टूरिज्म डेटा के अनुसार, सस्ता होने से हर साल 5-8 हजार विदेशी जोड़े आईवीएफ ट्रीटमेंट के लिए नार्दन साइप्रस आते हैं और पिछले 10 वर्षों में 50,000 से 70,000 विदेशी नागरिकों ने नॉर्दन साइप्रस के क्लिनिकों में आईवीएफ ट्रीटमेंट कराया है। इनमें बड़ी संख्या ब्रिटेन, जर्मनी और फ्रांस के लोगों की है। रैचेल का दावा – 13 साल बाद डीएनए टेस्ट से शक पक्का हुआ रिपोर्ट में रैचेल नाम की एक मां का केस बताया गया है। रैचेल ने 2012 में डोगस में करीब 4.43 लाख रु. में आईवीएफ कराया। रैचेल ने क्रायोस वेबसाइट से डेनमार्क के एक डोनर को चुना था। प्रोफाइल में लिखा था कि 18 साल बाद बच्चा चाहे तो डोनर की पहचान जान सकता है। रैचेल का कहना है कि क्लिनिक ने बार-बार मेडिकल रिपोर्ट भेजने से इनकार किया, जिससे शक बढ़ा। अब डीएनए टेस्ट से यह सामने आया कि जोना उनका बायोलॉजिकल बेटा है, लेकिन चुना गया डोनर उसका पिता नहीं है। रैचेल ने कहा कि दुख यह है कि जोना भविष्य में अपने डोनर से संपर्क का मौका खो सकता है।
Market Mantra : बाजार पर दबाव बना हुआ है। क्रूड में तेजी है और यह 92 डॉलर के आसपास बना हुआ है। निफ्टी और बैंक निफ्टी रिकवरी की कोशिश के बावजूद ऊपरी स्तरों पर टिक नहीं पा रहे हैं। ऐसे में मार्केट टेक्निकल्स पर चर्चा करते हुए कंप्लीट सर्किल (Complete Circle) के मैनेजिंग पार्टनर और CIO गुरमीत चड्ढा ने कहा कि आज मंथली एक्सपायरी भी है ऐसे में अभी कुछ कहना थोड़ी जल्दबाजी होगी। लेकिन यह कहा जा सकता है कि पिछले 8-10 दिनों में वापस से मार्केट का सेंटीमेंट थोड़ा बदला है। बाजार में फंडामेंटली तो कोई चेंज नहीं हुआ है लेकिन सेंटीमेंट थोड़ा चेंज हुआ है।
लार्ज कैप्स को लेकर थोड़ा सा सरप्राइज लग रहा है। तमाम अच्छे इंडिकेटर्स और अच्छी अर्निंग्स के बावजूद इनमें सुस्ती है। ऑटो नंबर्स बहुत अच्छे रहे हैं। पावर, स्टील का और कमोडिटी का ऑफटेक अच्छे रहे हैं। इकोनमिक मोमेंटम अच्छा है। Q1 जीडीपी के आंकड़े में भी पॉजिटिव सरप्राइज की उम्मीद है। बैंक क्रेडिट ग्रोथ 17-18% पर है। ऐसे में बाजार का न चलना थोड़ा निराश करने वाला है। लेकिन ऐसा लगता है कि यह एफआईआई की पोजीशनिंग का असर है। देर-सबेर बाजार फंडामेंटल्स को जरूर अहमियत देगा। बाजार हमारे धीरज की परीक्षा ले रहा है। बाजार अक्सर ऐसा करता है। लेकिन बार परीक्षा का पीरियड थोड़ा लंबा हो गया। लेकिन उम्मीद है कि इस लंबी परीक्षा के बाद अच्छा रिवॉर्ड मिलेगा।
उन्होंने आगे कहा कि इस समय भी बाजार अच्छे स्टॉक पिकर्स को रिवॉर्ड कर रहा है, चाहे ये फाइनेंशियल्स हो, ऑटो हो, एनर्जी हो डिफेंस हो केमिकल हो हर सेक्टर में विनर्स हैं। आईटी सेक्टर सर्विज में भी मिड कैप आईटी में तमाम विनर्स है। ऐसा लगता है कि कुछ और समय तक स्टॉक पिकर्स मार्केट रहेगा। लेकिन इस साल की दूसरी छमाही काफी बेहतर रहने वाली है। जिन निवेशकों में 2-2.5 तक धीरज रखा है उनको बाजार मीठा फल देगा।
टेलीकॉम स्पेस में क्या Vodafone Idea एक अच्छा बेट हो सकता है? इसके जवाब में गुरमीत चड्ढा ने कहा कि वे इस समय इस शेयर पर दांव लगाने के पक्ष में नहीं हैं। अभी भी इसका नेटवर्थ नेगेटिव है। इससे उबरने के लिए कंपनी के ARPU में लंबे जंप की जरूरत है। इसके अलावा इस सेक्टर में विस्तार के लिए बड़े निवेश की जरूरत होती है। अभी कंपनी ने 5G का रोल आउट शुरू किया है। उसके बाद 6G का नंबर आ जाएगा। लेकिन एक बात है कि अब कंपनी के बंद होने का डर खत्म हो गया है। कंपनी में अब सरकार का 48 49% हिस्सेदारी हो गई है। लेकिन इस सेक्टर में भारती एयरटेल ज्यादा अच्छा लग रहा है।
जब Jio का आईपीओ आएगा तो यह भारती के लिए एक अच्छा रीरेटिंग इवेंट हो सकता है क्योंकि Jio का वैल्यू्यूएशन 110-120 बिलियन डॉलर के आसपास हो सकता है। वहीं, भारती आपको 100-105 बिलियन डॉलर पर मिल रहा है। अभी-अभी कंपनी ने मिनिमम रिचार्ज भी बंद कर दिया है ऐसे में इस क्वार्टर और अगले क्वार्टर में कंपनी के ARPU में थोड़ा और जंप देखने को मिलेगा। शायद अगले दो क्वार्टर में में इसका ARPU 300 रुपए के आसपास जाता दिख सकता है। भारतीय Airtel अफ्रीका बिनेस में मोनेटाइजेशन हो रहा है। यह बिज़नेस भी काफी स्टेबल है। एंटरप्राइज मोबिलिटी का सारा बिज़नेस अच्छा कर रहा है। ऐसे में भारती एयरटेल सबसे बेहतर लॉर्ज कैप शेयरों में से एक है। इस स्टॉक को पोर्टफोलियो में होना चाहिए। किसी गिरावट में इस शेयर में खरीदारी की सलाह होगी।
मर्जर की खबर के बाद इंडियन होटल्स के शेयरों पर बात करते हुए गुरमीत चड्ढा ने कहा कि उनके पोर्टफोलियो में इंडियन होटल्स है। इसमें उनकी पुरानी होल्डिंग है। यह शेयर प्रीमियम कंजम्प्शन का बहुत अच्छा प्ले है। पुनीत जी के आने के बाद इसका कैपिटल एलोकेशन बहुत टाइट हुआ है। लेकिन इस शेयर में अभी खरीदारी करने के सलाह नहीं होगी।
उन्होंने आगे कहा कि कंजम्प्शन थीम में उनको क्विक कॉमर्स और यूपीआई रिलेटेड कंपनियां जैसे Paytm और MSHO अच्छी लग रही हैं। लेंसकार्ट ने भी आईपीओ के बाद में अच्छा प्रदर्शन किया है। इसकी बहुत अच्छी यूनिट इकोनॉमिक्स है। बहुत सारे न्यू बिज़नेस में अगले एक-डेढ़ साल में प्रॉफिटेबिलिटी के मोर्चे पर बहुत बड़ा बदलाव दिखेगा। कंजम्प्शन थीम को ऑटो और न्यू एज बिनेस से प्ले करना ज्यादा बेहतर रहेगा।
गुरमीत चड्ढा ने आगे कहा कि गोल्ड की ज्वेलरी कंपनियां इस समय महंगी लग रही हैं लेकिन गोल्ड एनबीएफी में खरीदारी की जा सकती है। इस समय पोर्टफोलियो में गोल्ड का एलोकेशन 5-7 फीसदी होना चाहिए। इसके अलावा दूसरी कमोडिटीज की बात करें तो कॉपर और एल्यूमीनियम पर फोकस होना चाहिए। इन दोनों मेटल्स को एआई बूम से भी फायदा होगा।
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

मानसून आधे से ज्यादा बीत चुका है, लेकिन मध्यप्रदेश में कोटे की करीब 65 प्रतिशत ही बारिश रिकॉर्ड हुई है। इनमें भोपाल, शहडोल, रीवा और जबलपुर की तस्वीर बेहतर है, लेकिन इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम में पानी कम गिरा है। इनमें भी इंदौर की हालत सबसे ज्यादा नाजुक है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मालवा के ऊपर सिस्टम इतना ताकतवर बन ही नहीं पा रहा है कि बारिश हो सके। उनका अनुमान है कि इंदौर में तो शेष मानसून में भी बारिश होने की उम्मीद नहीं है। इस बार इंदौर सूखा ही रहेगा।
इंदौर में सिर्फ 19 इंच बारिश : मौसम विभाग के अनुसार इंदौर जिले में इस सीजन में अब तक करीब 19.7 इंच पानी गिर चुका है, जो सामान्य औसत से थोड़ा कम है। जबकि इंदौर-उज्जैन संभाग में इस बार मानसून की रफ्तार थोड़ी धीमी रही है और अन्य जिलों (जैसे धार, झाबुआ, बड़वानी) में भी 15 से 20 इंच के बीच ही बारिश दर्ज की गई है। इंदौर में अब तक कुल 19.7 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है, जो कोटे की 58 प्रतिशत है। पिछले सप्ताह यहां तेज बारिश नहीं हुई। इस कारण सूखे जैसे हालात बन रहे हैं। संभाग में सबसे ज्यादा बुरहानपुर में 27.2 इंच बारिश हो चुकी है। यहां कोटे की 94 प्रतिशत बारिश हो चुकी है। आलीराजपुर में सबसे कम पानी गिरा है। अगले सप्ताह तेज बारिश होने के कम आसार है।
भोपाल के मौसम वैज्ञानिक जीडी मिश्रा ने बताया कि मालवा में सिस्टम इतना स्ट्रांग नहीं बन पा रहा है कि यहां बारिश हो सके। यह सिस्टम मालवा में असर नहीं दिखा पा रहा है। आगे भी इंदौर, मालवा के कुछ हिस्सों समेत अलीराजपुर और धार जैसे जिलों में बारिश की कोई उम्मीद नहीं है। हालांकि मध्यप्रदेश में बारिश सामान्य है। बस मालवा के जिले कमजोर रहेंगे। यह सिर्फ इसलिए हो रहा है कि सिस्टम इतना ताकतवर बन ही नहीं पा रहा है।
एमपी के कम ज्यादा बारिश वाले जिले : मध्यप्रदेश के पूर्वी हिस्से- जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में 19% तक कम बारिश हुई है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, डिंडौरी, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी, टीकमगढ़ में 1% से 51% तक कम बारिश हुई है।
आगर- मालवा की स्थिति : वहीं, पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में औसत से 2% से 47% कम पानी गिरा है।
इन 15 जिलों में ज्यादा बारिश : IMD की माने तो अनूपपुर, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, बड़वानी, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, गुना, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन और राजगढ़ में ही औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई।
सितंबर पर टिकी बारिश की आस : मौसम चक्र के अनुसार इंदौर के लिए अगस्त और सितंबर के महीने सबसे महत्वपूर्ण माने जाते हैं, क्योंकि वर्षा का मुख्य कोटा इन्हीं दो महीनों में पूरा होता है। सामान्य परिस्थितियों में अगस्त के दौरान 10 से 11 इंच बारिश दर्ज की जाती है और इस दौरान लगभग 12 से 13 दिन वर्षा वाले होते हैं। इस आधार पर देखा जाए तो अगस्त में हुई बारिश औसत से काफी कम है। अब ऐसे में सितंबर महीने से लोग उम्मीद कर रहे हैं, हालांकि मौसम वैज्ञानिक जीडी मिश्रा का कहना है कि आगे भी इंदौर और मालवा के कुछ क्षेत्रों में बारिश की संभावना नहीं है। अब बचे मानसून में करीब 20 इंच से अधिक बारिश की सख्त जरूरत है। यदि आने वाले दिनों में मूसलाधार बारिश का दौर शुरू नहीं होता है, तो वर्षा के निर्धारित लक्ष्य तक पहुंचना मुश्किल साबित हो सकता है।
Caucasus Jewish Mafia: इजरायल के कैसरिया जंक्शन पर सोमवार को दिनदहाड़े एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई। इजरायल में काकेशियन यहूदी माफिया का कथित सरगना 40 वर्षीय यानीस युशवाएव मारा गया। हमलावर ने बहुत पास से यानीस के सिर में पिस्टल सटाकर गोली मार दी।
माफिया वर्ल्ड से लेकर लग्जरी कारों के शौक तक, आइए जानते हैं कि इजरायल की पुलिस की नाक में दम करने वाला यह अंडरवर्ल्ड डॉन यानीस युशवाएव कौन था।
दिनदहाड़े पेट्रो स्टेशन पर प्वाइंट-ब्लैंक रेंज पर मारी गोली
सीसीटीवी फुटेज में कैद इस हत्याकांड की वारदात बेहद खौफनाक है। यानीस अपने दो साथियों के साथ कैसरिया जंक्शन स्थित एक पेट्रोल स्टेशन के बिजनेस आउटलेट से बाहर निकल रहा था। हुडी और कैप पहने एक नकाबपोश हमलावर पास आया और सीधे प्वाइंट-ब्लैंक रेंज से यानीस के सिर में गोली मार दी। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, हमलावर ने पुलिस से बचने के लिए चेहरे पर एक बेहद रियलिस्टिक सिलिकॉन ह्यूमन मास्क पहन रखा था।
कौन था यानीस युशवाएव?
ऑर अकीवा का रहने वाला 40 वर्षीय यानीस युशवाएव इजरायल के शरोन क्षेत्र में एक खौफनाक नाम बन चुका था। इजरायली मीडिया और पुलिस सूत्रों के अनुसार, वह काकेशियन यहूदी संगठित अपराध गिरोह का कथित चीफ था। यानीस कई बड़े रेस्टोरेंट का मालिक था और बेंटले जैसी लग्जरी गाड़ियों में चलता था।
अक्टूबर में एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में उसने माफिया होने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा था, ‘मैं एक लीगल बिजनेसमैन हूं, बेहद स्थापित हूं और बेंटले चलाता हूं। पुलिस को इसी बात से परेशानी होती है।’
गैंगवार, बम धमाके और दर्जनों गाड़ियों में आगजनी का आरोप
इजरायली पुलिस कई सालों से यानीस के पीछे पड़ी थी, लेकिन वह हर बार कानून के शिकंजे से बच निकलता था। नवंबर 2025 में कोर्ट की सुनवाई के दौरान पुलिस अधिकारियों ने उसे खूनी दुश्मनी में शामिल क्राइम गैंग का मुखिया बताया था।
साल 2023 में ऑर अकीवा और हाडेरा में एक ही महीने के भीतर दर्जनों गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया था, जिसमें यानीस मुख्य संदिग्ध था। उस पर हडेरा के बड़े व्यापारियों के घरों और गाड़ियों पर गोलियां बरसाने, हैंड ग्रेनेड फेंकने और हत्या के प्रयास के दर्जनों केस दर्ज थे।
इसी साल फरवरी में जब वह मॉस्को से लौट रहा था, तब बेन गुरियन एयरपोर्ट से पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था, पर सबूतों के अभाव में कुछ ही दिनों में रिहा कर दिया गया।
पुलिस की जासूसी से भी हमेशा रहता था आगे
पुलिस सूत्रों का कहना है कि यानीस को सजा दिलाना सबसे मुश्किल काम था। वह जानता था कि उसके फोन टैप किए जा रहे हैं, इसलिए वह कभी फोन पर संवेदनशील बात नहीं करता था। उसके गैंग के साथी पुलिस पूछताछ के दौरान कभी मुंह नहीं खोलते थे। करीब 10 साल पहले हाडेरा में एक शोक सभा के दौरान भी उस पर जानलेवा हमला हुआ था, जिसमें वह गोली लगने से घायल हुआ था, लेकिन बच निकला।
सबूतों की कमी के चलते अदालत से बार-बार बरी होने वाले इस ‘काकेशियन क्राइम बॉस’ का अंत अदालत के बजाय गैंगवार की रंजिश में हुआ। यानीस युशवाएव की इस सनसनीखेज हत्या के साथ ही इजरायल के शरोन रीजन में जारी लंबे अंडरवर्ल्ड संघर्ष में एक नया और खतरनाक मोड़ आ गया है।
बाजार में कमजोरी के साथ कारोबार हो रहा है। 11.10 बजे के आसपास सेंसेक्स 147.21 अंक या 0.19 प्रतिशत गिरकर 77,221.90 पर और निफ्टी 72.95 अंक या 0.30 प्रतिशत गिरकर 24,146.10 पर कारोबार कर रहा था। मेटल ,IT और डिफेंस शेयर बाजार पर दबाव बना रहे हैं। ऑटो रियल्टी और सीमेंट में भी कमजोरी है। हालांकि कैपिटल मार्केट शेयरों में खरीदारी आई है। फर्टिलाइजर शेयरों में जोरदार एक्शन देखने को मिल रहा है। FACT,मद्रास फर्टिलाइजर और RCF में 5 से 13 फीसदी तक की दमदार तेजी देखने को मिली है। NFL और चंबल जैसे दूसरे फर्टिलाइजर शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिल रही है। रूसी राष्ट्रपति पुतिन के भारत को फर्टिलाइजर सप्लाई बढ़ाने के भरोसे के बाद इन शेयरों का जोश बढ़ा है।
10 फीसदी डिस्काउंट में OFS आने के चलते हिंदुस्तान कॉपर में 7 फीसदी की बड़ी गिरावट आई है। मार्केट रेगुलेटर सेबी से फ्रॉड और गड़बड़ी के आरोपों के मामले में क्लीन चिट मिलने से मैक्स फाइनेंशियल में भी तेजी है। यह शेयर एक फीसदी से ज्यादा ऊपर दिख रहा है। साथ ही LIC,न्यू इंडिया इंश्योरेंस और SBI LIFE में भी हल्की बढ़त है।
बाजार पर बात करते हुए www.sethamit.com के अमित सेठ ने कहा कि अगर हम निफ्टी की बात करें तो पिछले कुछ दिनों से यहां पर थोड़ा सा साइडवेज टू नेगेटिव मोमेंटम रहा है। अच्छी बात ये है कि पिछले दो-तीन दिनों में निफ्टी ने 24100 पर एक सपोर्ट लिया और यहां से थोड़ी रिकवरी दिखाने की कोशिश की है। निफ्टी के लिए 24100 का लेवल अब मेक और ब्रेक लेवल बन गया है। अगर यह लेवल तो दिक्कतें बढ़ सकती है। हाल में इसमें थोड़ी रिकवरी आई है लेकिन अगर हम इंट्राडे मूवमेंट की बात करें तो मार्केट थोड़ा सा ड्रैग डाउन कर रहा है। ऊपर की तरह 24350 पर स्थित 200 डेमा निफ्टी के लिए अहम रेजिस्टेंस है। उसके ऊपर निकलने पर ही नई तेजी आएगी।
इस समय बाजार 24100-24300 की एकदम टाइट रेंज में है। निफ्टी समय काफी अच्छे सपोर्ट के पास है। इसको ध्यान में रखते हुए अभी भी गिरावट पर खरीदारी की सलाह होगी। निफ्टी में कोई डिप मिलने पर 24100 के स्टॉप लॉस के साथ खरीदारी की जा सकती है। अगर निचले लेवल से 100-1010 पॉइंट की इंट्राडे बढ़त मिले तो वहां पर मुनाफा बांधना चाहिए।
Market Trend : बाजार में कमजोरी कायम, शॉर्ट टर्म में अच्छे रिटर्न के लिए इन दो शेयरों पर रहे नजर
बैंक निफ्टी व्यू
इसी तरह बैंक निफ्टी भी अपने अहम मूविंग एवरेजेज के आसपास ही है। यहां पर भी मोमेंटम थोड़ा सा कमजोर है। बैंक निफ्टी के लिए 57,000 का लेवल मेक ऑर ब्रेक लेवल है। जब तक 57,000 का स्तर कायम है बैंक निफ्टी में गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपनाने की सलाह होगी। लेकिन ओवरऑल नजरिए से देखें तो मार्केट में मोमेंटम गायब है।
अपने पसंदीदा शेयरों पर बात करते हुए अमित सेठ ने कहा कि इस समय रियलस्टेट सेक्टर काफी अच्छा लग रहा है। यहां पर एक-डेढ़ महीने पहले एक स्ट्रांग अप ट्रेंड देखने को मिला था। उसके बाद यह सेक्टर थोड़ा सा पुलबक मोड में चला गया था। चार्ट्स देख कर लग रहा है कि इस सेक्टर के अधिकांश स्टॉक्स में पुलबैक पूरा हो चुका और यह सेक्टर फिर से तेजी के लिए तैयार है। इस सेक्टर में गोदरेज प्रॉपर्टीज काफी अच्छा लग रहा है। इस स्टॉक ने पुलबैक में लगभग 50 डेमा के आसपास एक अच्छा सपोर्ट बेस बनाया और कल के सत्र में इसने एक बार फिर 10 और 20 डेमा क्रॉस कर लिया। यह स्टॉक अच्छा-खासा रिवर्सल दिखा रहा है। इंट्राडे में कोई भी गिरावट आती है तो भी गोदरेज प्रॉपर्टीज में 2040 रुपए के आसपास, 2020 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ 2080 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की जा सकती है।
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Raksha Bandhan Holiday 2026: रक्षाबंधन का त्योहार इस हफ्ते शुक्रवार, 28 अगस्त को मनाया जाएगा। ऐसे में शेयर बाजार के निवेशकों और ट्रेडर्स के मन में यह सवाल है कि क्या 28 अगस्त को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) में कारोबार होगा या छुट्टी रहेगी।
अगर आप भी 28 अगस्त को ट्रेडिंग का प्लान बना रहे हैं, तो NSE और BSE की आधिकारिक हॉलीडे लिस्ट का यह अपडेट जरूर जान लें।
क्या 28 अगस्त, रक्षाबंधन को खुला रहेगा शेयर बाजार?
BSE और NSE के आधिकारिक हॉलीडे कैलेंडर के मुताबिक, 28 अगस्त 2026 शुक्रवार को रक्षाबंधन के अवसर पर शेयर बाजार में कोई छुट्टी नहीं है। बाजार सामान्य रूप से अपने तय समय पर खुला रहेगा और ट्रेडिंग चालू रहेगी।
किन सेगमेंट्स में होगा कारोबार: इक्विटी, इक्विटी डेरिवेटिव्स, करेंसी डेरिवेटिव्स, NDS-RST और ट्राई पार्टी रेपो समेत सभी सेगमेंट्स में सामान्य दिनों की तरह ट्रेडिंग होगी।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) के कैलेंडर के अनुसार, रक्षाबंधन के दिन कमोडिटी मार्केट में भी मॉर्निंग और इवनिंग दोनों सेशंस में कामकाज चालू रहेगा।
साल 2026 के बचे हुए महीनों में कब-कब बंद रहेगा शेयर बाजार?
स्टॉक एक्सचेंज कैलेंडर के अनुसार, साल 2026 के बाकी बचे महीनों में भारतीय शेयर बाजार में कुल 6 ट्रेडिंग हॉलीडे शेड्यूल हैं:
सितंबर: 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी के मौके पर अगला ट्रेडिंग हॉलीडे रहेगा।
अक्टूबर: 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी जयंती और 20 अक्टूबर को दशहरा पर बाजार बंद रहेगा।
नवंबर: 10 नवंबर को दिवाली-बलिप्रतिपदा और 24 नवंबर को प्रकाश गुरुपर्व श्री गुरु नानक देव जी के अवसर पर छुट्टी रहेगी।
दिसंबर: 25 दिसंबर को क्रिसमस के उपलक्ष्य में बाजार में कारोबार स्थगित रहेगा।
28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन शेयर बाजार पूरी तरह चालू रहेगा। निवेशकों और ट्रेडर्स के लिए शुक्रवार का दिन सामान्य कारोबारी दिन रहेगा। ट्रेडर अपनी ट्रेडिंग और इनवेस्टमेंट प्लानिंग बिना किसी रुकावट के बना सकते हैं।
Stock Market Fall: अमेरिका और ईरान की बढ़ती तल्खी से कच्चे तेल में उबाल आया जिसमें स्टॉक मार्केट झुलस गया। इसकी आंच में सेंसेक्स 243 प्वाइंट्स फिसल गया तो निफ्टी भी 24100 के काफी करीब आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी बिकवाली का दबाव आया और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में गिरावट दिख रही है। अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 10:25 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 231.64 प्वाइंट्स यानी 0.30% की गिरावट के साथ 77,137.47 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 99.50 प्वाइंट्स यानी 0.41% की फिसलन के साथ 24,119.55 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 243.20 प्वाइंट्स टूटकर 77,125.91 और निफ्टी भी 103.60 प्वाइंट्स गिरकर 24,115.45 तक आ गया।
Stock Market Fall: ये है वजह
ईरान पर आर्थिक प्रतिबंधों का ऐलान
अमेरिका ने ईरान के ऑयल,डिजिटल एसेट,तकनीक,सोना,एविएशन और शिपिंग सेक्टर पर प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया है। अमेरिकी वित्त मंत्री ने कहा कि ईरान का साथ देने वाले देशों पर भी कार्रवाई होगी। उधर ईरान ने डॉलर सिस्टम से हटने की चेतावनी देते हुए कहा है कि यह एक्ट ऑफ वॉर है।
कच्चे तेल में उबाल
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव गहराने पर कच्चा तेल उबल पड़ा। वैश्विक ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड उछलकर प्रति बैरल $91 के करीब पहुंचा तो स्टॉक मार्केट में भी इसकी आंच महसूस हुई।
Nifty की मंथली एक्सपायरी समेत एक्सपायरीज की बाढ़
आज एनएसई के निफ्टी और बैंक निफ्टी समेत सभी इंडेक्सेज और स्टॉक्स के डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की मंथली एक्सपायरी है। ऐसे में ट्रेडर्स को आज अपनी मंथली पोजिशन को स्क्वेयर ऑफ करना है तो इसका असर मार्केट पर दिख रहा है। यह CAS (क्लोजिंग ऑक्शन सेशन) लागू होने के बाद पहली मंथली एक्सपायरी होगी।
मेटल और आईटी स्टॉक्स का दबाव
मार्केट पर आज मेटल और ऑटी सेक्टर में बिकवाली का दबाव दिख रहा है। निफ्टी मेटल में करीब 1% और निफ्टी आईटी में आधे फीसदी से अधिक की गिरावट है तो निफ्टी ऑटो में भी आधे फीसदी से अधिक फिसलन है।
स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
Trading Plan: मार्केट एक्सपर्ट्स की राय है कि निफ्टी में कंसोलिडेशन जारी रह सकता है। बाजार को साफ दिशा पकड़ने के लिए सोमवार के ट्रेडिंग रेंज (24,150–24,300) से साफ तौर पर बाहर निकलना होगा। मंथली F&O एक्सपायरी से पहले बाजार में सावधानी का माहौल होने के बावजूद, मोमेंटम इंडिकेटर्स ने अंडरलाइंग मोमेंटम में कुछ सुधार के संकेत दिए हैं। अगर इंडेक्स 24,300 के ऊपर मजबूती दिखाता है तो यह 24,500 की ओर बढ़ सकता है। वहीं,अगर यह 24,150–24,100 के नीचे गिरता है तो 24,000 के स्तर की ओर गिरावट की संभावना बढ़ सकती है।
उधर बैंक निफ्टी के 57,235 पर अपने 50-डे EMA को बनाए रखने की संभावना है,जो इस महीने क्लोजिंग बेसिस पर अच्छी तरह से टिका हुआ है। जानकारों के अनुसार,अगर यह लेवल टूटता है तो इंडेक्स 57,000–56,700 की ओर जा सकता है,जबकि 57,900 के ऊपर जाने पर यह 58,250 की ओर बढ़ सकता है।
निफ्टी आउटलुक और रणनीति
ICICI सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट और हेड ऑफ डेरिवेटिव्स एंड क्वांट रिसर्च, जय ठक्कर का कहना है कि निफ्टी पिछले हफ्ते और इस हफ्ते के पहले दिन भी गिरावट के साथ बंद हुआ,जिससे पता चलता है कि ऊपरी स्तरों पर बिकवाली का दबाव है। बैंक निफ्टी ऊंचे स्तरों से तेजी से गिरा,जिसका असर निफ्टी पर भी पड़ा। निफ्टी का सबसे ज्यादा पुट बेस 24,000 के स्तर पर है,जो इसे निचले स्तरों पर एक अहम सपोर्ट बनाता है,जबकि 24500 का स्तर तुरंत रेजिस्टेंस का काम कर रहा है। इसलिए,इंडेक्स के लिए निकट-अवधि की रेंज 24,000–24,500 है। जब तक इस रेंज से ब्रेकआउट नहीं होता,तब तक बाजार के साइडवेज रहने की संभावना है।
अब तक रोलओवर का स्तर ठीक-ठाक रहा है। पिछले शुक्रवार तक,पूरे मार्केट में रोलओवर 40 प्रतिशत था। जबकि सोमवार तक निफ्टी में गिरावट का रुख बना रहा। इससे पता चलता है कि FIIs शॉर्ट पोजीशन बढ़ा रहे हैं या उन्हें रोलओवर कर रहे हैं (कम से कम इंडेक्स में),क्योंकि हाल ही में नेट इंडेक्स शॉर्ट्स 1.5 लाख कॉन्ट्रैक्ट्स से बढ़कर 2.10 लाख कॉन्ट्रैक्ट्स हो गए हैं।
हालांकि,India VIX निचले स्तरों पर ट्रेड कर रहा है,लेकिन पिछले कुछ ट्रेडिंग सेशन में इसमें इंट्राडे उछाल देखा गया है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें निकट भविष्य में ग्लोबल इक्विटी के लिए एक निगेटिव फैक्टर बनी हुई हैं। जब तक कच्चे तेल की कीमतें कम नहीं होतीं,महंगाई का जोखिम इंडेक्स पर ऊपरी स्तरों पर दबाव बनाए रखता है।
अहम रेजिस्टेंस: 24,500
अहम सपोर्ट: 24,000
रणनीति: 24,100 के आस-पास गिरावट आने पर निफ्टी फ्यूचर्स खरीदें। स्टॉप-लॉस 23,950 के नीचे रखें और टारगेट 24,400 व 24,500 रखें।
बैंक-निफ्टी आउटलुक और रणनीति
जय ठक्कर का कहना है कि निफ्टी की तरह ही बैंक निफ्टी भी एक दायरे में फंसा हुआ है। ऊपर की तरफ,58,000 स्ट्राइक पर सबसे ज्यादा कॉल बेस है, जबकि स्विंग रेजिस्टेंस 58,500 पर है। नीचे की तरफ,57,000 स्ट्राइक पर सबसे ज़्यादा पुट ओपन इंटरेस्ट है,जिससे यह एक तत्काल सपोर्ट लेवल बन गया है, जबकि 56,000 अगला सपोर्ट लेवल है। ऐसे में इसका शॉर्ट-टर्म रेंज 57,000–58,000 है,जबकि मीडियम-टर्म रेंज 56,000–58,500 है। निफ्टी PSU बैंक नेगेटिव ट्रेंड के साथ ट्रेड कर रहे हैं और इनमें काफी संख्या में शॉर्ट पोजीशन बनी हैं। वहीं,पिछले कुछ ट्रेडिंग सेशन में प्राइवेट-सेक्टर बैंक इंडेक्स का प्रदर्शन PSU बैंक इंडेक्स से बेहतर रहा है। हालांकि एक्सिस बैंक और HDFC बैंक इसके अपवाद रहे हैं,क्योंकि बाकी ज्यादातर स्टॉक अपेक्षाकृत बेहतर ट्रेड कर रहे हैं। इसलिए,अगर बैंकिंग सेक्टर में शॉर्ट-कवरिंग होती है तो तेजी से ब्रेकआउट हो सकता है, जिससे इंडेक्स 60,000 और उससे ऊपर जा सकता है।
अहम रेजिस्टेंस: 58,000, 58,500
अहम सपोर्ट: 57,000
स्ट्रेटेजी: 58,000 के ऊपर बैंक निफ्टी फ्यूचर्स खरीदें,57,000 के नीचे स्टॉप-लॉस रखें और 60,000 का टारगेट रखें।
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भारत के स्टार क्रिकेटर रिंकू सिंह इस दिनों यूपी टी20 लीग 2026 में खेल रहे हैं। यूपी टी20 लीग 2026 में मेरठ मेवरिक्स के कप्तान मेरठ मेवरिक्स के कप्तान रिंकू सिंह ने अपने तूफानी खेल से सबको चौंका दिया। मुकाबले में रिंकू सिंह ने महज 7 गेंदों पर 29 रन बनाए और इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 414.29 रहा। रिंकू सिंह ने तूफानी पारी गोरखपुर लायंस के खिलाफ लीग के 16वें मैच में खेला। बारिश की वजह से मुकाबला 8-8 ओवर का कर दिया गया।
गोरखपुर ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 8 ओवर में 91 रन बनाए। टारगेट का पीछा करने उतरी मेरठ की टीम ने सिर्फ 6.4 ओवर में बिना कोई विकेट गंवाए जीत दर्ज कर ली। इस मुकाबले में रिंकू सिंह की खेली गई पारी की काफी चर्चा हो रही है।
कैसा था मुकाबला
मेरठ मेवरिक्स की पारी के दौरान अक्षय दुबे पांचवें ओवर की तीसरी गेंद के बाद रिटायर्ड हर्ट होकर बाहर चले गए। इसके बाद कप्तान रिंकू सिंह ने मोर्चा संभाला। मेरठ को आखिरी तीन ओवर में जीत के लिए 36 रन चाहिए थे, लेकिन रिंकू ने कुछ ही गेंदों में मैच का रुख बदल दिया। विशाल निषाद के छठे ओवर में उन्होंने तीन छक्के और दो चौके लगाकर 28 रन बटोर लिए। दूसरी ओर स्वास्तिक चिकारा भी शानदार बल्लेबाजी कर रहे थे और उन्होंने 24 गेंदों में नाबाद 44 रन बनाए। रिंकू ने सिर्फ 7 गेंदों पर 29 रन की नाबाद पारी खेली, जिसमें 3 छक्के और 2 चौके शामिल रहे। उनका स्ट्राइक रेट 414.29 रहा और इसी आक्रामक बल्लेबाजी से मेरठ ने लक्ष्य बेहद आसानी से हासिल कर लिया।
गोरखपुर ने की तेज शुरुआत
गोरखपुर लायंस ने शुरुआत में तेज बल्लेबाजी करते हुए 5 ओवर में 63 रन बना लिए थे और टीम के 100 रन तक पहुंचने की उम्मीद दिख रही थी। लेकिन छठे ओवर में जीशान अंसारी ने लगातार दो विकेट लेकर गोरखपुर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। उन्होंने आर्यन जुयाल और हरदीप सिंह को आउट कर टीम को बड़ा झटका दिया। जीशान ने मैच में सिर्फ 2 ओवर गेंदबाजी की और 10 रन देकर कुल 4 विकेट अपने नाम किए।
टूर्नामेंट में मेरठ का शानदार प्रदर्शन
रिंकू सिंह की कप्तानी में मेरठ मेवरिक्स का यूपी टी20 लीग 2026 में शानदार प्रदर्शन जारी है। टीम ने अब तक खेले अपने सभी 6 मैचों में जीत हासिल की है और 12 अंकों के साथ अंक तालिका में सबसे ऊपर है। वहीं दूसरे नंबर पर लखनऊ फाल्कन्स मौजूद है। लखनऊ को 6 मैच खेलने के बाद उसके खाते में सिर्फ 6 अंक हैं। यानी मेरठ मेवरिक्स ने अपने प्रदर्शन से बाकी टीमों पर मजबूत बढ़त बना रखी है।
Horticulture subsidy rules: केंद्र सरकार ने नेशनल हॉर्टिकल्चर बोर्ड (NHB) की कमर्शियल हॉर्टिकल्चर और कोल्ड स्टोरेज स्कीम के तहत आर्थिक मदद पाने के लिए योग्यता के नियमों को और सख्त कर दिया है। अब संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों के अलावा मौजूदा मंत्रियों, सांसद (MP), विधायक (MLA), मेयर और जिला पंचायत अध्यक्षों समेत कई कैटेगरी के लोग योजना के लाभ से बाहर होंगे। नई गाइडलाइंस 21 अगस्त को जारी की गईं। इसी के साथ ये तुरंत लागू हो गई हैं।
बदली हुई गाइडलाइंस के अनुसार, केंद्र और राज्य सरकार के मंत्रालयों और विभागों, पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग्स, ऑटोनॉमस बॉडीज और लोकल बॉडीज के कर्मचारियों को भी NHB से आर्थिक मदद पाने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया है।
हालांकि, मल्टी-टास्किंग स्टाफ (MTS) और क्लास IV कर्मचारियों को इस नियम से छूट दी गई है। इसके अलावा, ₹10,000 या उससे अधिक की मासिक पेंशन पाने वाले रिटायर्ड कर्मचारी या पेंशनभोगी भी इस स्कीम के तहत योग्य नहीं होंगे।
बदली हुई गाइडलाइंस के तहत, इन कैटेगरी में आने वाले लोगों के परिवार के सदस्य स्कीम के तहत एक बार आर्थिक मदद ले सकते हैं, बशर्ते वे परिवार की नई परिभाषा के तहत योग्यता के नियमों को पूरा करते हों।
‘परिवार’ की इस परिभाषा में आवेदक के जीवनसाथी, माता-पिता, बेटे और बेटियाँ शामिल हैं। NHB स्कीम के तहत आर्थिक मदद के लिए प्रति परिवार केवल एक सदस्य ही योग्य है। गाइडलाइंस के अनुसार, परिवार के किसी भी सदस्य को दी गई आर्थिक मदद को पूरे परिवार को दी गई मदद माना जाएगा।
नियमों में क्यों करने पड़े बदलाव?
NHB ने कहा कि इन बदलावों का मकसद आर्थिक मदद को तर्कसंगत बनाना, फायदों का समान वितरण सुनिश्चित करना, सब्सिडी के दोहराव को रोकना और स्कीम को लागू करने की प्रक्रिया को ज़्यादा पारदर्शी और असरदार बनाना है। ये बदलाव कुछ हफ्ते पहले यह पता चलने के बाद किए गए हैं कि केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी और BJP सांसद लुंबा राम ने NHB स्कीम के तहत फायदा उठाया था।
मंत्री ने सब्सिडी लौटाया
कृषि राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने 28 जुलाई को संसद को बताया था कि चौधरी ने संबंधित बैंक को सब्सिडी की रकम लौटा दी थी। बैंक को निर्देश दिया गया था कि वह फंड NHB को वापस भेज दे। ‘हॉर्टिकल्चर फसलों के उत्पादन और कटाई के बाद के मैनेजमेंट के जरिए कमर्शियल हॉर्टिकल्चर का विकास’ नाम की इस स्कीम का मकसद बड़े पैमाने पर हॉर्टिकल्चर फसलों की कमर्शियल खेती (मुनाफे के लिए) को बढ़ावा देना है।
इस स्कीम में तीन तरह की सब्जियां जैसे शिमला मिर्च, खीरा और टमाटर और आठ तरह के फूल जैसे गुलाब, लिली और गुलदाउदी शामिल हैं। इस स्कीम के तहत प्रोजेक्ट की लागत का 50% सब्सिडी के तौर पर दिया जाता था, जिसकी अधिकतम सीमा प्रति परिवार 1 करोड़ रुपये तय की गई थी।
केंद्र सरकार की बागवानी सब्सिडी स्कीम का पूरा नाम Mission for Integrated Development of Horticulture (MIDH) है। यह केंद्र की अहम योजना है। यह फल, सब्जी, फूल, मसाले, मशरूम, नर्सरी आदि बागवानी गतिविधियों को कवर करती है। सब्सिडी काम और फसल के हिसाब से अलग होती है।


