मध्यप्रदेश में सिस्टम के खिलाफ मुखर हो रहे जेन-जी से जेन-अल्फा तक, स्कूलों के मर्जर के खिलाफ खोला मोर्चा

मध्यप्रदेश में सिस्टम के खिलाफ मुखर हो रहे जेन-जी से जेन-अल्फा तक, स्कूलों के मर्जर के खिलाफ खोला मोर्चा

दिल्ली के जंतर-मंतर पर जेन-जी के आंदोलन के अब मध्यप्रदेश में जेन-जी और जेन-अल्फा सिस्टम के खिलाफ पूरी मुखरता के साथ अपनी आवाज बुलंद करने लगे है। इन दिनों मध्यप्रदेश में जेन-जी और जेन-अल्फा के विरोध का नया ट्रेंड दिख रहा है। स्कूली बच्चे आंदोलन कर नेतृत्व कर रहे है और सरकार की नीतियों और फैसलों पर सवाल उठा रहे है। ताजा मामला भोपाल में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए स्कूलों बच्चों के प्रदर्शन का है। राजधानी के नीलम पार्क में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए स्कूली बच्चों ने स्कूलों के मर्जर के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। इससे पहले उज्जैन में इसी तरह का प्रदर्शन देखने को मिल चुका है।
 
गांवों के स्कूलों के मर्जर का विरोध-प्रदेश में सरकारी स्कलों के मर्जर के खिलाफ रविवार को नीलम पार्क में जेन अल्फा का बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला। नीलम पार्क में प्रदेश भर के अलग-अलग जिलों से स्कूली बच्चे मर्जर के खिलाफ धरना दिया और एक अलग ही अंदाज में अपना विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन करने पहुंचे बच्चों ने मांग की कि सरकार की तरफ से स्कूलों क मर्जर का जो फैसला लिया जा रहा है उसके चलते काफी परेशानियां हो रही है।

गांव-गांव में चल रहे स्कूलों का सांदीपनी स्कूल में मर्जर किया जा रहा है सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों का जबरन ट्रांसफर सांदीपनि स्कूलों में किया जा रहा है। बच्चों का कहना है कि संदीपनि स्कूल गांव से काफी दूर है और इसके लिए उन्हें कही-कही 10 से 15 किलोमीटर दूर पढ़ने  के लिए जाना पड़ा रहा है। बच्चों की मांग है कि स्कूलों को मर्जर करने का फैसला वापस लिया जाए और उन्हें गांव के स्कूलों में ही पढ़ने का मौका दिया जाए।
 
ऐसा नहीं स्कूलों के मर्जर के खिलाफ यह कोई पहला प्रदर्शन हुआ है। भोपाल में इसी माह 18 अगस्त को डीएमएस को केवी में मर्ज करने के खिलाफ बच्चों ने सड़क पर उतरकर अपना विरोध दर्ज कराया था। भोपाल में एनसीईआरटी के डेमोंस्ट्रेशन मल्टीपर्पज स्कूल (डीएमएस) को केंद्रीय विद्यालय में मर्ज करने के प्रस्ताव के खिलाफ विद्यार्थी सड़क पर उतरे। 'सेव डीएमएस' के पोस्टर लेकर स्कूल की अलग पहचान बचाने की मांग की और ज्ञापन सौंपा था। ।
 
वहीं दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शन के बाद उज्जैन में शासकीय सराफा कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल को 6 किमी दूर दाउदखेड़ी शिफ्ट करने के प्रस्ताव के विरोध सैकड़ों छात्राएं कलेक्ट्रेट पहुंच कर अपना विरोध दर्ज जताया था। बच्चों के  प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने स्कूलों की शिफ्टिंग रोक दी।
 
जेन-अल्फा के विरोध प्रदर्शन पर सियासत- भोपाल में स्कूलों के मर्जर के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शन पर अब सियासत भी गर्मा गई है। विपक्षी दल कांग्रेस ने बच्चों के साथ आते हुए स्कूलों के मर्जर पर सवाल उठा दिए। पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल ने कहा कि जिन हाथों में पढ़ने के लिए कॉपी किताब होनी चाहिए उनमें आंदोलन के बैनर पोस्टर हैं। यह मध्य प्रदेश और देश का दुर्भाग्य है। कांग्रेस ने टीला, गांव स्तर पर स्कूल बनाने का काम किया। भाजपा की सरकारे उन्हें खत्म कर रही हैं। शालाओं में इंफ्रास्ट्रक्चर और टीचर्स नहीं है। कांग्रेस ने हर जिले ब्लॉक और गांव में स्कूल खोलने का काम किया। भाजपा सरकार इन स्कूलों को बंद करने का काम कर रही है। यह देश और प्रदेश के भविष्य के लिए अच्छे संकेत नहीं है।
 
वहीं भाजपा प्रवक्ता हितेश वाजपेयी ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस के समय मजरे टोले में स्कूल इसलिए खोले जाते थे की कांग्रेस सरकार में सड़के नहीं थी अब सड़के गांव-गांव तक पहुंच चुकी है। परिवहन सुविधा काफी बेहतर है। गांव-गांव तक सरकार की तरफ से बस सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है बेहतर शिक्षा के लिए हम सीएम राइज और सांदीपनि स्कूल खोल रहे हैं जहां पर आधुनिक शिक्षा दी जा रही है।
 

Rakshabandhan 2026: इस रक्षाबंधन पर एक नहीं बल्कि 7 शुभ योग बन रहे हैं, जानें रक्षाबंधन की तारीख और राखी बांधने के शुभ मुहूर्त

Rakshabandhan 2026: रक्षाबंधन 2026 शुक्रवार, 28 अगस्त को मनाया जाएगा। पंचांग के अनुसार, इस साल यह त्योहार खास तौर पर शुभ माना जा रहा है क्योंकि एक ही दिन सात अत्यंत दुर्लभ और शुभ योग बन रहे हैं। ग्रहों और नक्षत्रों का ऐसा मेल होने की उम्मीद है, जिसका परिणाम बहुत शुभ होगा। इससे भी जरूरी बात यह है कि भद्रा त्योहार पर असर नहीं डालेगी, जिससे बहनों को अपने भाइयों की कलाई पर पवित्र धागा बांधने के लिए ज्यादा समय मिलेगा।

रक्षाबंधन पर भद्रा नहीं

पंचांग के अनुसार, भद्रा गुरुवार, 27 अगस्त को सुबह 9:08 बजे शुरू होगी और उसी दिन रात 9:27 बजे खत्म होगी। इसलिए, 28 अगस्त को भद्रा नहीं होगी, जिससे परिवार बिना इस रोक के रक्षाबंधन मना सकेंगे। भद्रा को राखी बांधने के लिए अशुभ समय माना जाता है। हालांकि, इस साल यह त्योहार से एक दिन पहले खत्म हो जाएगी।

रक्षाबंधन पर सात शुभ योग

रक्षाबंधन 2026 को खास बनाने के लिए कई अच्छे ज्योतिषीय संयोग बनने की उम्मीद है। इनमें शतभिषा नक्षत्र, सुकर्मा योग, त्रिपुष्कर योग और सर्वार्थ सिद्धि योग के साथ-साथ दूसरे शुभ ग्रहों की स्थिति शामिल है।

शतभिषा नक्षत्र के प्रभाव में चंद्रमा कुंभ राशि में रहेगा। ज्योतिष में, यह नक्षत्र वरुण देव से जुड़ा है और राहु इसका स्वामी है। इस दौरान की जाने वाली पूजा, दान और दूसरे आध्यात्मिक कामों का खास महत्व माना जाता है।

कर्क राशि में बृहस्पति का होना भी अच्छा माना जाता है। इसके अलावा, भद्रा का न होना भी उन वजहों में गिना जा रहा है जो इस दिन को रक्षाबंधन की रस्में करने के लिए ज़्यादा सही बनाती हैं।

सावन पूर्णिमा तिथि कब से कब तक है?

पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त को सुबह करीब 9:09 बजे शुरू होने और 28 अगस्त को सुबह करीब 9:48 बजे खत्म होने की उम्मीद है। पूर्णिमा 28 अगस्त को सूर्योदय के समय रहेगी, इसलिए उदया तिथि की परंपरा के अनुसार उसी दिन रक्षाबंधन मनाया जाएगा। पूर्णिमा का व्रत करने वाले श्रद्धालु 27 अगस्त को उपवास कर सकते हैं, जबकि बहनें 28 अगस्त को राखी बांध सकती हैं।

राखी बांधने का सबसे अच्छा समय

सुबह का मुहूर्त : सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक

शुभ चौघड़िया के आधार पर एक और शुभ समय इस समय रहने की उम्मीद है:

शुभ चौघड़िया : सुबह 11:45 बजे से दोपहर 1:19 बजे तक

राहु काल में राखी बांधने से बचें

राहु काल सुबह 10:11 बजे से 11:45 बजे तक रहने की उम्मीद है। ज्योतिष के हिसाब से समय मानने वाले परिवार इस दौरान राखी बांधने से बच सकते हैं।

पंचांग का समय शहर और कैलेंडर के हिसाब से थोड़ा अलग हो सकता है। इसलिए परिवार यह रस्म करने से पहले लोकल मुहूर्त देख सकते हैं।

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मस्जिद के बाहर भीख मांगती थी महिला, मौत के बाद घर से मिले ₹30 लाख! नोटों की गिनती देख उड़े होश

कर्नाटक के मांड्या जिले से एक हैरान करने वाली खबर आ रही है। मांड्या में भीख मांगने वाली एक बुजुर्ग महिला की मौत के बाद उसके घर में मिले नोटों से भरे बोरियों को देख हर किसी की आंखे फटी की फटी रह गई। बुजुर्ग महिला काफी समय से मस्जिद के बाहर बैठकर लोगों से भीख मांगती थीं। बुजुर्ग महिला की मौत के बाद जब उसके घर की तलाशी ली गई तो वहां कई बोरियों में सिक्के और नोट रखे मिले। इस बोरियों में 10, 20 और 50 के कई नोट मिले। बोरियों में मिले नोटों की गिनती करने पर कुल रकम 30 लाख रुपये से ज्यादा निकली। बुजुर्ग महिला के पास से मिली इतनी रकम देखकर हर कोई हैरान रह गया।

कई सालों से मांग रही थी भीख

हूर नाम की ये बुजुर्ग महिला मांड्या शहर के गुट्टालू लेआउट में रहती थीं। वह कई सालों से पास की एक मस्जिद के बाहर बैठकर लोगों से भीख मांगती थीं और इलाके में उनका चेहरा जाना-पहचाना था। हूर लोगों से कहती थीं कि परिवार की ओर से उनकी देखभाल नहीं की जा रही है, इसलिए वह अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए भीख मांगती हैं। हूर की हाल ही में उम्र से जुड़ी बीमारी के चलते मौत हो गई। आसपास के लोग उनके अंतिम संस्कार में शामिल हुए। इसके बाद जब कुछ लोग उनके घर पहुंचे, तो वहां रखे पैसों को देखकर सभी हैरान रह गए। बताया गया कि हूर ने कई सालों में बड़ी रकम जमा कर रखी थी।

कैश देख हैरान रह गए लोग

इलाके की रहने वाली नूर ने News18 को बताया कि, जब वे हूर के घर पहुंचीं तो वहां कैश से भरी बोरियां देखकर हैरान रह गईं। नूर ने कहा कि किसी को अंदाजा नहीं था कि हूर ने इतने पैसे जमा कर रखे थे। गिनती करने पर रकम 30 लाख रुपये से ज्यादा निकली, जो करीब 30 से 40 लाख रुपये के बीच बताई जा रही है। हूर के घर से बड़ी रकम मिलने के बाद आसपास के लोगों और उनके रिश्तेदारों के बीच यह चर्चा शुरू हुई कि इन पैसों का क्या किया जाए। कुछ लोगों ने सुझाव दिया कि हूर ने कई साल मस्जिद के बाहर भीख मांगी थी, इसलिए पैसे मस्जिद को दान कर दिए जाएं।

वहीं, स्थानीय लोगों के अनुसार मस्जिद कमिटी ने यह प्रस्ताव ठुकरा दिया। कमिटी का कहना था कि वह भीख मांगकर जमा किए गए पैसे नहीं लेना चाहती।

परिवार ने नहीं की देखभाल

बताया जा रहा है कि हूर के दो भाई थे। इनमें से एक भाई ने पैसे में हिस्सा लेने से इनकार कर दिया, क्योंकि उसकी आर्थिक स्थिति ठीक थी। इसके बाद दूसरा भाई अपने परिवार के साथ वहां पहुंचा। लोगों के बीच बातचीत के बाद कथित तौर पर उसने हूर के घर से मिले पैसे अपने पास रख लिए। इस पर कुछ लोगों ने नाराजगी भी जताई है। कुछ लोगों का कहा कि हूर ने अपनी जिंदगी में परिवार की ओर से देखभाल न मिलने की बात कही थी, लेकिन उनकी मौत के बाद उनकी जमा पूंजी को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ गई। यह मामला मांड्या ईस्ट पुलिस स्टेशन के इलाके का है। लेकिन, पुलिस के पास इस रकम को लेकर कोई शिकायत दर्ज नहीं हुई, इसलिए पुलिस ने मामले में हस्तक्षेप नहीं किया।

Kia Sonet vs Toyota Taisor turbo-petrol automatic performance compared

Kia Sonet vs Toyota Taisor turbo-petrol automatic performance compared
Kia Sonet vs Toyota Taisor turbo-petrol automatic performance compared

The Kia Sonet and Toyota Taisor are among the several compact SUVs you can buy with a turbo-petrol automatic powertrain. Both come with identically sized engines, but are quite different in the power output and gearbox departments. We put the Sonet and Taisor through our instrumented real-world performance testing to see which compact SUV comes out on top.

Explore full specs, features, and a price breakdown in our Kia Sonet vs Toyota Taisor comparison.

Kia Sonet vs Toyota Taisor turbo-petrol automatic: Specifications

 SonetTaisor
Engine998cc, 3 cyl, turbo-petrol998cc, 3 cyl, turbo-petrol
Fuel injection systemDirectDirect
Power (hp)120100
Torque (Nm)172147.6
Gearbox7-speed DCT6-speed AT
Kerb weight (kg)1,210*1,060
Drive layoutFWDFWD
Power-to-weight99.2hp per tonne*94.4hp per tonne
Torque-to-weight142.1Nm per tonne*139.2Nm per tonne

*Estimated figures or based on estimated figures.

As noted above, both the Sonet and Taisor come with 1.0-litre 3-cylinder direct-injection turbo-petrol engines. However, the Sonet is considerably more powerful than the Taisor. The Sonet also pairs its engine with a 7-speed dual-clutch automatic, while the Taisor comes with a 6-speed torque converter. A DCT is usually favoured for performance on account of its quick shifts, whereas torque converters swap cogs slightly slower but smoother thanks to their fluid coupling. That said, the Taisor is lighter than the Sonet.

Kia Sonet vs Toyota Taisor turbo-petrol automatic: 0-100kph sprint

Despite the Sonet’s power advantage and quicker-shifting DCT, the Taisor is quicker from standstill to 100kph. Specifically, the Toyota SUV completed the sprint nearly a full second before the Sonet did. Evidently, the Taisor’s lower kerb weight looks to have offset its power deficit compared to the Sonet.

Kia Sonet vs Toyota Taisor turbo-petrol automatic: Rolling acceleration

20-80kph acceleration times (in kickdown)

Speed from 20kphSonetTaisor
30kph (seconds)0.811.00
40kph (seconds)1.861.89
50kph (seconds)3.032.58
60kph (seconds)4.143.35
70kph (seconds)5.894.54
80kph (seconds)7.436.48

In the 20-80kph kickdown test, the Sonet is off to a stronger start than the Taisor. After the 40kph mark, however, the Taisor pulls ahead and keeps expanding its lead, which stands at almost a full second by the end of the run.

40-100kph acceleration times (in kickdown)

Speed from 40kphSonetTaisor
50kph (seconds)1.131.02
60kph (seconds)2.452.11
70kph (seconds)4.213.34
80kph (seconds)5.754.85
90kph (seconds)7.506.58
100kph (seconds)9.808.40

Unlike the 20-80kph test, the Sonet was slower than the Taisor at every speed in the 40-100kph kickdown sprint. By the end, the Taisor was ahead of the small Kia by 1.4 seconds – the largest gap recorded in all three of our tests for these compact SUVs. Per our testing, then, the Toyota Taisor is clearly faster than the Kia Sonet across the board.

Prices for the Sonet turbo-petrol DCT start at Rs 10 lakh and top off at Rs 13.8 lakh, whereas the Taisor turbo-petrol AT is priced from Rs 11.86 lakh to Rs 12.78 lakh.

Autocar India’s performance testing standards

Before we conduct our performance tests, we check and maintain tyre pressures based on the manufacturer’s recommendations and ensure the car has a full tank of fuel. The car is then tested in a controlled environment with two people on board, and the data is collected via highly accurate GPS-based timing equipment.

All prices are ex-showroom, India.

Maruti Dzire vs Honda Amaze: Top variants compared

Maruti Dzire vs Honda Amaze: Top variants compared
Maruti Dzire vs Honda Amaze: Top variants compared

The Maruti Suzuki Dzire and Honda Amaze are two of the most affordable sedans in India, priced at around Rs 10 lakh (ex-showroom). Both the top-spec Dzire ZXi+ and Amaze ZX offer a 1.2-litre engine with similar specifications and a similar feature suite, albeit with a couple of segment-only amenities. But what should you choose? We find out. 

Maruti Dzire vs Honda Amaze: Dimensions

Sizes are almost similar, but the Amaze offers a slightly larger boot

Maruti Dzire vs Honda Amaze: Dimensions and other specifications

 

Maruti Dzire

Honda Amaze

Difference

Length (mm)

3,995

3,995

Width (mm)

1,735

1,733

+2

Height (mm)

1,525

1,500

+25

Wheelbase (mm)

2,450

2,470

-20

Ground clearance (mm)

163

172

-9

Boot space (litres)

382

416

-34

The Maruti Suzuki Dzire and Honda Amaze have similar dimensions, but the Amaze has a 34-litre larger boot space, which enables it to carry a backpack more than the Dzire. Moreover, unlike the Dzire, which gets a fixed rear seatback, the Amaze’s rear seat can be folded to accommodate more luggage if needed.

Maruti Dzire vs Honda Amaze: Powertrain

Dzire’s 3-cylinder engine offers higher fuel economy than the Amaze’s 4-cylinder unit

Maruti Dzire ZXi+ vs Honda Amaze ZX: Powertrain options

 

Dzire ZXi+

Amaze ZX

Engine

1.2-litre 3-cyl petrol

1.2-litre 4-cyl petrol

Power (hp)

82

90

Torque (Nm)

112

110

Transmission

5MT | 5AMT

5MT | CVT

Claimed mileage (kpl)

24.79 | 25.71

18.65 | 19.46

The major difference in the powertrains of the two compact sedans is the number of cylinders: 3 in the Dzire’s naturally aspirated engine and 4 in the Amaze’s. The Honda Amaze produces 8hp more than the Dzire, but 2Nm less. In our real-world experience, we found that the Amaze’s engine loves to be revved. It has weak low-end performance, especially under 2,000rpm, but offers a strong mid-range. The Dzire’s engine, on the other hand, has a crisp throttle response and offers strong low-end torque.

Both sedans get a 5-speed manual transmission, but the Dzire offers a 5-speed AMT while the Amaze has a CVT. The Dzire’s AMT, in our real-world experience, has a prominent lag while shifting gears, which hampers the overall drive experience. The Amaze’s CVT is better in this regard and offers smoother shifts, but has a rubberband effect, something that is generally associated with CVTs.

It is the fuel efficiency where the Dzire really shines, offering an additional 6.14kpl and 6.25kpl claimed fuel efficiency over the Amaze’s manual and automatic transmission options, respectively. 

Maruti Dzire vs Honda Amaze: Exterior

Both compact sedans get all-LED lighting, powered ORVMs, and 15-inch wheels

Maruti Dzire ZXi+ vs Honda Amaze ZX: Exterior

 

Dzire ZXi+

Amaze ZX 

Headlights

LED

Projector LED

Taillights

LED

LED

DRLs

LED

LED

Front fog lamps

LED

Projector LED

Wheels

15-inch

15-inch

Powered ORVMs

Yes

Yes

Sharkfin antenna

Yes

Yes

Both the top-spec Maruti Dzire ZXi+ and Amaze ZX are offered with all-LED lighting, 15-inch dual-tone alloy wheels, and powered outside rearview mirrors (ORVMs). 

Maruti Dzire vs Honda Amaze: Interior, features

Dzire has a sunroof and a larger infotainment system, but Amaze offers paddle shifters

Maruti Dzire ZXi+ vs Honda Amaze ZX: Interior and features

 

Dzire ZXi+

Amaze ZX 

Instrument cluster

Analogue dials with MID

Part-digital with 7-inch MID

Infotainment screen

9-inch

8-inch

Android Auto, Apple CarPlay

Wireless

Wireless

Audio system

6-speaker

6-speaker

On-board navigation

Yes

No

Sunroof

Single-pane

No

Wireless phone charger

Yes

Yes

Climate control

Automatic with rear vents

Automatic with rear vents

Paddle shifters

No

CVT only

Cruise control

Yes

Yes

Seat upholstery

Fabric

Fabric

Steering wheel adjustment

Tilt, telescopic

Tilt

Driver seat adjustment

Manual

Manual

Co-driver’s seat adjustment

Manual

Manual

Rear window sunshade

No

No

The top-spec Maruti Dzire is offered with a single-pane sunroof, a segment-only feature, and a larger 9-inch touchscreen infotainment system compared to the 8-inch unit on the Honda Amaze. The Dzire’s steering column also allows for telescopic adjustments. However, the Amaze offers paddle shifters with the CVT, which is missing on the Dzire AMT, and gets a larger multi-information display (MID) on the instrument cluster than the Dzire. 

Maruti Dzire vs Honda Amaze: Safety

Dzire offers a 360-degree camera, while Amaze offers Level-1 ADAS

Maruti Dzire ZXi+ vs Honda Amaze ZX: Safety features

 

Dzire ZXi+

Amaze ZX 

BNCAP rating

5 stars

5 stars

Airbags

6

6

ADAS

No

Level-1

Camera setup

360-degree

Rear, LaneWatch

Parking sensors

Rear

Rear

Electronic parking brake

No

No

Disc brakes

Front wheels only

Front wheels only

TPMS

Yes

Yes

IRVM

Day/night adjustable 

Day/night adjustable 

Rear wiper, washer

No

No

Hill hold assist

Yes

Yes

ESC

Yes

Yes

While both the Maruti Dzire and Honda Amaze have a 5-star Bharat NCAP crash safety rating, there are a couple of changes in the safety suite of both sedans. The Amaze ZX offers Level-1 advanced driver assistance systems (ADAS), a segment-only feature, while the Dzire offers a 360-degree camera system. The Amaze gets a traditional rear camera and a LaneWatch camera mounted on the left ORVM. Other safety features are the same on both sedans.

Maruti Dzire vs Honda Amaze: Prices

The top-spec Dzire is more affordable than the Amaze

Maruti Dzire ZXi+ vs Honda Amaze ZX: Variant-wise ex-showroom price 

 

Dzire ZXi+

Amaze ZX

Difference

Petrol MT

Rs 8.96 lakh

Rs 9.39 lakh

– Rs 43,000

Petrol AMT

Rs 9.41 lakh

Rs 10 lakh

– Rs 59,000

Both manual and automatic versions of the top-spec Maruti Dzire ZXi+ are more affordable than the fully-loaded Honda Amaze ZX. At a lower price point, the Dzire offers a fuel-efficient engine that also offers good low-end torque, it offers a customer-favourite sunroof and a 360-degree camera, making it feel more complete than the top-spec Amaze. 

Sugar Stock: शुगर शेयरों में आज फिर तेजी, 52 हफ्ते के हाई पर पहुंचा Dwarikesh, Bajaj Hind

Sugar Stock: चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच सरकार द्वारा स्टॉक रखने की सीमा सख्त किए जाने के बाद सोमवार के ट्रेडिंग सेशन में चीनी कंपनियों के शेयरों में तेजी आई और कई शेयरों ने अपने 52-हफ़्ते के उच्चतम स्तर को छुआ।

बजाज हिंदुस्तान शुगर के शेयरों में 12 फीसदी से अधिक की बढ़त हुई और उन्होंने अपने 52-हफ़्ते का उच्चतम स्तर छुआ।

अवध शुगर एंड एनर्जी, डालमिया भारत शुगर एंड इंडस्ट्रीज, धामपुर शुगर मिल्स, द्वारिकेश शुगर इंडस्ट्रीज, मगध शुगर एंड एनर्जी, मवाना शुगर्स, पोन्नी शुगर्स (इरोड), उगर शुगर वर्क्स और उत्तम शुगर मिल्स के शेयरों ने भी इंट्रा-डे ट्रेडिंग के दौरान अपने-अपने 52-हफ़्ते के उच्चतम स्तर को छुआ।श्री रेणुका शुगर्स, ईआईडी पैरी इंडिया, त्रिवेणी इंजीनियरिंग एंड इंडस्ट्रीज और बलरामपुर चीनी मिल्स के शेयरों में भी तेजी देखी गई और इनमें 3 से 8 फीसदी तक की बढ़त हुई।

सरकार ने भरोसा दिलाया है कि अनुमान से कम उत्पादन के बावजूद देश में घरेलू मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त चीनी स्टॉक उपलब्ध है।

शुक्रवार को, सरकार द्वारा 1 मिलियन टन कच्ची चीनी के ड्यूटी-फ्री आयात की अनुमति देने के बाद चीनी शेयरों में 5 प्रतिशत तक की गिरावट आई थी, जिससे त्योहारों के समय मांग के बीच घरेलू बाजार में तंगी का संकेत मिला था।

चीनी की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी को देखते हुए, सरकार ने चीनी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और उपभोक्ताओं के लिए कीमतें स्थिर रखने के लिए कई कदम उठाए हैं। उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने कहा है कि वह स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रहा है।

इस साल 1 अगस्त से 30 नवंबर तक देश भर में चीनी डीलरों पर 400 टन की स्टॉक सीमा लगाई गई है। इसके अलावा, थोक उपभोक्ताओं को 1 सितंबर से 15 दिनों की खपत से अधिक चीनी स्टॉक रखने की अनुमति नहीं होगी।

राज्यों और चीनी मिलों को 15 अक्टूबर से पेराई (क्रशिंग) शुरू करने की सलाह दी गई है। इससे अक्टूबर में चीनी का उत्पादन सामान्य 3-4 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 10 लाख मीट्रिक टन से अधिक होने की उम्मीद है, जिससे त्योहारों के मौसम में उपलब्धता और बेहतर होगी।

Apollo Tyres Share Price: ब्रोकरेज ने रेटिंग की अपग्रेड, शेयर 5% चढ़ा, दिया 34% अपसाइड का टारगेट

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Delhi Weather: दिल्ली-एनसीआर में मूसलाधार बारिश, कई जिलों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट! यहां जानिए मौसम पर क्या है अपडेट

Delhi-NCR Heavy Rain: दिल्ली एनसीआर में सावन के आखिरी सोमवार को अचानक मौसम का मिजाज एकदम बदल गया और कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश देखने को मिली। सुबह करीब 10:30 बजे ही काले बादलों की वजह से अंधेरा छा गया। इस भारी बारिश की वजह से पूरे एनसीआर में जगह जगह में जलभराव और ट्रैफिक को लेकर दिक्कतें दिखने लगी हैं। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अलग-अलग इलाकों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

दिल्ली-एनसीआर में बादलों का डेरा और अलर्ट

हमारी सहयोगी News 18 की रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली, नई दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम में आज दिन भर रुक-रुक कर बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। दिल्ली में आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ-साथ अलग-अलग इलाकों में गरज-चमक के साथ अचानक बारिश के स्पेल देखने को मिल सकते हैं।

नोएडा और गुरुग्राम में भी पूरे एनसीआर में फैले मानसूनी पैटर्न की वजह से इसी तरह का मौसम बना रहेगा। बारिश के चलते विजिबिलिटी में कमी आ सकती है और सड़कों पर ट्रैफिक की स्पीड स्लो रह सकती है।

तेज हवाओं के साथ दिल्ली के तापमान का हाल

मौसम विभाग के अनुसार इस दौरान 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की उम्मीद है। अगर बीते 24 घंटों की बात करें तो सोमवार सुबह 8:30 बजे तक दिल्ली के विभिन्न सेंटरों पर हल्की बारिश दर्ज की गई थी। सफदरजंग में 3.4 मिमी, पालम में 10.6 मिमी और लोधी रोड पर 2.7 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

उत्तराखंड, ओडिशा और तेलंगाना समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अनुमान

मौसम विभाग ने सोमवार को सिर्फ दिल्ली ही नहीं, बल्कि उत्तराखंड, ओडिशा और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश का पूर्वानुमान दिया है। खासकर ओडिशा में अत्यधिक तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है, जबकि कई दूसरे क्षेत्रों में गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने का अलर्ट है। दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम के निवासियों को सलाह दी गई है कि वे मौसम में होने वाले अचानक बदलावों के लिए तैयार रहें और बारिश के दौरान यात्रा करते समय खास सावधानी बरतें।

Vishal Mega Mart Share Price: गिरते बाजार में हाइपरमार्केट चेन का शेयर 11% भागा, MD गुनेंदर कपूर के रीअपॉइंटमेंट से ​निवेशक खुश

हाइपरमार्केट चेन विशाल मेगा मार्ट के शेयरहोल्डर्स के लिए 24 अगस्त का दिन बेहद अच्छा बीत रहा है। शेयर की कीमत में दिन में 11 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई। बीएसई पर भाव 115.40 रुपये के हाई तक गया। कंपनी ने शुक्रवार, 21 अगस्त को बाजार बंद होने के बाद जानकारी दी थी कि उसके मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) गुनेंदर कपूर को अगले 5 सालों के लिए रीअपॉइंट किया गया है। उनका नया कार्यकाल 1 सितंबर 2026 से शुरू होगा और 31 अगस्त 2031 तक रहेगा।

कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में कहा कि कपूर को 27 जून 2024 को 3 साल के लिए विशाल मेगा मार्ट का MD और CEO नियुक्त किया गया था। उनका मौजूदा कार्यकाल 26 जून 2027 को खत्म हो रहा है। उनके रीअपॉइंटमेंट पर अभी शेयरहोल्डर्स की मंजूरी लिया जाना बाकी है।

शेयर एक साल में 25 प्रतिशत गिरा

विशाल मेगा मार्ट दिसंबर 2024 में शेयर बाजारों में लिस्ट हुई थी। इसका IPO 8000 करोड़ रुपये का था। कंपनी का मार्केट कैप 52900 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। यह BSE 200 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर एक साल में 25 प्रतिशत नीचे आया है। साल 2026 में अब तक यह 16 प्रतिशत की गिरावट देख चुका है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 40.09 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 157.75 रुपये और निचला स्तर 98.70 रुपये है।

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कंपनी की वित्तीय सेहत

कंपनी का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 1,887.31 करोड़ रुपये रहा। शुद्ध मुनाफा 173.19 करोड़ रुपये और प्रति शेयर अर्निंग 37 लाख रुपये दर्ज की गई। वित्त वर्ष 2026 के दौरान विशाल मेगा मार्ट का स्टैंडअलोन रेवेन्यू 6,631.38 करोड़ रुपये, शुद्ध मुनाफा 656 करोड़ रुपये और प्रति शेयर अर्निंग 1.41 करोड़ रुपये रही।

जून तिमाही में विशाल मेगा मार्ट ने 24 नए स्टोर खोले, जिससे इसके कुल स्टोर्स की संख्या 819 हो गई। कंपनी ने अपनी क्विक-कॉमर्स पहल का विस्तार 520 शहरों में 767 स्टोर तक किया है। इसके रजिस्टर्ड यूजर्स की संख्या 1.41 करोड़ है।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

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होम सर्विसेज देने वाली अर्बन कंपनी के शेयरों में 24 अगस्त को अच्छी तेजी है। BSE पर शेयर की कीमत शुरुआती कारोबार में पिछले बंद भाव से 6.8 प्रतिशत तक उछलकर 169.45 रुपये के हाई तक गई। कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर 25900 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। इस उछाल की अहम वजह है- कंपनी और केंट RO सिस्टम के बीच हुए विवाद का नतीजा और UBS की ओर से ‘बाय’ रेटिंग के साथ शुरू किया गया कवरेज। दरअसल अर्बन कंपनी ने केंट RO सिस्टम के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में मानहानि और अपमानजनक प्रचार का केस दायर किया था।

कंपनी का आरोप था कि Kent RO के विज्ञापनों और सोशल मीडिया कंटेंट में उसके ‘Native’ वॉटर प्योरिफायर्स के बारे में गलत और गुमराह करने वाले दावे किए गए। मुकदमेबाजी के बाद केंट ने कहा है कि वह ‘Native’ वॉटर प्योरिफायर के बारे में अपमानजनक विज्ञापन हटा लेगी।

Urban Company ने शेयर बाजारों को बताया है कि उसने 11 अगस्त को यह केस दायर किया था। आरोप लगाया कि Kent RO का विज्ञापन कैंपेन उसके ‘Native’ M0, M1, M2, M1 Pro और M2 Pro वॉटर प्योरिफायर की दो साल की फिल्टर लाइफ और दो साल की सर्विस लाइफ वाली खूबियों को निशाना बना रहा है। Kent RO के विज्ञापनों में इन खूबियों को “मार्केटिंग का हथकंडा” बताया गया और दावा किया गया कि ग्राहकों के लिए ‘Native’ वॉटर प्योरिफायर का इस्तेमाल असुरक्षित और जोखिम भरा है।

12 अगस्त को हुई हाई कोर्ट में सुनवाई

इस मामले की सुनवाई 12 अगस्त को हाई कोर्ट में हुई। Kent RO से कहा गया कि वह 15 दिनों के अंदर विवादास्पद विज्ञापन और सोशल मीडिया कंटेंट हटा ले। इसके बाद Kent RO ने कहा कि वह केस से जुड़े विज्ञापनों को हटा लेगी और ऐसे ही या मिलते-जुलते दावे करने वाले दूसरे विज्ञापन या प्रमोशनल कंटेंट नहीं चलाएगी।

अर्बन कंपनी भारत, UAE, सिंगापुर और सऊदी अरब में एक मल्टी कैटेगरी होम सर्विस प्लेटफॉर्म के तौर पर काम करती है। इसके प्लेटफॉर्म पर क्लीनिंग, प्लंबिंग, इलेक्ट्रिक वर्क, अप्लायंसेज रिपेयर, ब्यूटी ट्रीटमेंट और मसाज थेरेपी जैसी सर्विसेज मिलती हैं। इसका InstaHelp वर्टिकल बुकिंग के 10-15 मिनट के अंदर सफाई, बर्तन धोने, कपड़े धोने और खाना बनाने के लिए लोग मुहैया कराने जैसी सर्विसेज देता है।

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UBS ने Urban Company पर दी ‘बाय’ रेटिंग

अर्बन कंपनी 17 सितंबर 2025 को ​लिस्ट हुई थी। इसका IPO 1,900.24 करोड़ रुपये का था। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 19.02 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। ब्रोकरेज फर्म UBS ने इस शेयर पर कवरेज शुरू किया है और इसे “बाय” रेटिंग दी है। टारगेट प्राइस 180 रुपये प्रति शेयर रखा है। मॉर्गन स्टेनली ने स्टॉक की रेटिंग को “अंडरवेट” से डबल अपग्रेड कर सीधा “ओवरवेट” कर दिया है। टारगेट प्राइस 128 रुपये से बढ़ाकर 165 रुपये प्रति शेयर कर दिया है।

अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कंपनी को कंसोलिडेटेड बेसिस पर 92.12 करोड़ रुपये का घाटा हुआ। एक साल पहले कंपनी 6.94 करोड़ रुपये के मुनाफे में थी। जून 2026 तिमाही में ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 43.85 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 528.34 करोड़ रुपये रहा।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।