Business idea: 1 करोड़ की नौकरी छोड़ भारत लौटा इंजीनियर! सिर्फ ₹90,000 से शुरू किया बिजनेस, 6 साल में हासिल किया बड़ा मुकाम

Business idea: अमेरिका में करोड़ों की सैलरी वाली नौकरी छोड़कर भारत लौटने वाले भारतीयों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बेहतर पारिवारिक जीवन, भारत में बढ़ते स्टार्टअप अवसर और कुछ नया करने की चाह लोगों को वापस देश आने के लिए प्रेरित कर रही है। इसी कड़ी में चेन्नई के युवा उद्यमी विवेक तिरुवेंगडम (Vivek Thiruvengadam) की कहानी इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है।

Qubit Fitness के संस्थापक और CEO विवेक तिरुवेंगदम ने बताया कि उन्होंने अमेरिका में करीब 1 करोड़ रुपये सालाना की नौकरी छोड़ दी और परिवार के साथ चेन्नई लौट आए। उस समय उनके पास सिर्फ 90 हजार रुपये की बचत थी। लेकिन उन्होंने इसी रकम से अपना बिजनेस शुरू करने का फैसला किया।

विवेक ने इंस्टाग्राम पर अपनी छह साल की यात्रा साझा करते हुए लिखा कि यह फैसला अचानक नहीं था। उनका मकसद सिर्फ ज्यादा पैसा कमाना नहीं। बल्कि परिवार के करीब रहना और ऐसा काम करना था, जिसका समाज पर सकारात्मक प्रभाव पड़े।

उन्होंने बताया कि अमेरिका में 14 साल बिताने के बाद उन्होंने और उनकी पत्नी ने अपनी 11 महीने की बेटी के साथ भारत लौटने का निर्णय लिया। उनका मानना था कि परिवार के साथ रहकर कुछ नया और सार्थक बनाना किसी बड़ी नौकरी से ज्यादा महत्वपूर्ण है।

Qubit Fitness की कैसे हुई शुरुआत?

जनवरी 2021 में विवेक ने बिना किसी ऑफिस, निवेशक या टीम के Qubit Fitness की शुरुआत की। उनके पास सिर्फ एक लैपटॉप, अपना समय और 90 हजार रुपये की बचत थी। शुरुआती दौर आसान नहीं था। पहले साल कंपनी का कारोबार करीब 20 लाख रुपये तक ही पहुंच पाया, जो अमेरिका में उनकी सालाना आय की तुलना में काफी कम था।

हालांकि, उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत करते रहे। समय के साथ कंपनी का विस्तार हुआ। नए ग्राहक जुड़े, कामकाज बेहतर हुआ और कारोबार बढ़ता गया। भारत लौटने के छह साल बाद विवेक ने वह वित्तीय लक्ष्य हासिल कर लिया, जिसके लिए उन्होंने यह बड़ा फैसला लिया था।

अपने अनुभव शेयर करते हुए विवेक ने कहा कि उद्यमिता ने उन्हें सिखाया कि लगातार मेहनत, प्रतिभा से भी ज्यादा महत्वपूर्ण होती है। धैर्य का फल देर से मिलता है। लेकिन मिलता जरूर है। उन्होंने यह भी कहा कि उद्देश्य के साथ काम करके कमाया गया पैसा अलग तरह की संतुष्टि देता है।

सफलता का श्रेय परिवार को दिया

विवेक ने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार, ग्राहकों और शुरुआती दिनों में उनका साथ देने वाले लोगों को दिया। उन्होंने कहा कि इन्हीं लोगों के भरोसे और सहयोग की वजह से वह अपने सपने को हकीकत में बदल पाए। सोशल मीडिया पर उनकी कहानी को लोगों ने खूब सराहा। एक यूजर ने लिखा कि आपकी सफलता के पीछे आपकी अच्छाई और सोच सबसे बड़ी ताकत है।

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वहीं, दूसरे यूजर ने कहा कि आपका ब्रांड और सोच लोगों के लिए प्रेरणा है। परिवार के साथ रहकर आगे बढ़ने का आपका फैसला शानदार है। कई अन्य लोगों ने भी विवेक की यात्रा को प्रेरणादायक बताते हुए उन्हें बधाई दी। विवेक का कहना है कि कभी-कभी विश्वास ही आपका इकलौता बिजनेस प्लान होता है। इस यात्रा ने उन्हें सिखाया कि प्रतिभा से ज्यादा निरंतरता मायने रखती है। उद्देश्यपूर्ण काम से मिलने वाली संतुष्टि अलग ही होती है।

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तमिलनाडु में किसानों का 75000 रुपये तक का कर्ज माफ, CM विजय ने किया बड़ा एलान…जानें किन्हें मिलेगा लाभ

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने सोमवार को किसानों के लिए बड़ी घोषणा की। उन्होंने 75,000 रुपये तक के सहकारी कृषि ऋण को पूरी तरह माफ करने का ऐलान किया। वहीं, 75,000 रुपये से 1 लाख रुपये तक के ऋण पर भी 75,000 रुपये तक की राहत दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और देश की तरक्की किसानों के समर्थन पर निर्भर करती है। उन्होंने बताया कि राज्य इस समय आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहा है, इसके बावजूद सरकार ने किसानों को अतिरिक्त मदद देने का फैसला किया है। इसके तहत किसानों को कुल 953.06 करोड़ रुपये की सहायता दी जाएगी।

किसानों के लिए बड़ा ऐलान

विधानसभा में नियम 110 के तहत घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने कहा कि सरकार ने मई में सत्ता संभालने के 15 दिनों के अंदर 50,000 रुपये तक के कृषि ऋण माफ कर दिए थे। इसके बाद सरकार ने राहत बढ़ाते हुए 75,000 रुपये तक के कृषि ऋण पूरी तरह माफ करने का फैसला किया। वहीं, 75,000 रुपये से ज्यादा के ऋण पर 35,000 रुपये तक की छूट दी गई। इस फैसले से 14.44 लाख से ज्यादा किसानों को फायदा हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि 7 अगस्त 2026 को कृषि संगठनों के साथ हुई बातचीत के बाद सरकार ने किसानों को और राहत देने का फैसला किया। उन्होंने बताया कि यह फैसला राज्य की मौजूदा आर्थिक मुश्किलों और भारतीय रिजर्व बैंक के उन दिशा-निर्देशों के बावजूद लिया गया है, जिनमें सहकारी बैंकों के ऋण का जल्द निपटारा करने की जरूरत बताई गई है।

माफ किया जाएगा कर्ज

मुख्यमंत्री की घोषणा के मुताबिक, 75,000 रुपये तक के सहकारी कृषि ऋण को अब पूरी तरह माफ किया जाएगा। वहीं, 75,000 रुपये से 1 लाख रुपये तक के ऋण पर 75,000 रुपये तक की छूट मिलेगी। 1 लाख रुपये से ज्यादा के ऋण पर अधिकतम 35,000 रुपये की राहत दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस फैसले से 1.38 लाख से ज्यादा किसानों को अतिरिक्त मदद मिलेगी। इससे सरकार पर करीब 953.06 करोड़ रुपये का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। इसके बाद 13.34 लाख किसानों को मिलने वाली कुल ऋण राहत की राशि बढ़कर 6,220 करोड़ रुपये हो जाएगी।

HDFC Bank का शेयर कई साल के निचले स्तर पर, लेकिन लोन पर ट्रेडर्स का रिकॉर्ड निवेश

HDFC Bank Share Price: प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े लेंडर एचडीएफसी बैंक के शेयर कई वर्षों के निचले स्तर पर हैं। जून 2026 तिमाही के कारोबारी नतीजे के बाद इसके शेयरों की हालिया तेजी पूरी गायब हो चुकी है। हालांकि दूसरी तरफ इस शेयर में लेवरेज लेकर किए जा रहे निवेश लगातार बढ़ रहे हैं। 13 अगस्त 2026 एनएसई के मार्जिन ट्रे़डिंग फैसिलिटी (MTF) के आंकड़ों के अनुसार एचडीएफसी बैंक में लेवरेज्ड पोजीशन ₹3,000 करोड़ के पार पहुंच गई थी। एमटीएफ बुक में इतनी बड़ी एक्सपोजर वाला यह एकमात्र शेयर बन गया है।

13 अगस्त को इस पर लेवरेज्ड बेट ₹3,212 करोड़ पर पहुंच गया जबकि 31 जुलाई 2026 को यह ₹2,360 करोड़ पर था यानी कि कुछ ही दिनों में इस पर दांव 36% बढ़ गया। जून के आखिरी में यह आंकड़ा ₹1,790 करोड़ था यानी जून के आखिरी से अगस्त के मध्य तक एचडीएफसी बैंक में लेवरेज्ड पोजीशन लगभग 80% बढ़ गई।

क्या है Margin Trading Facility (MTF)?

मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी एक ऐसा तरीका है जिसमें ट्रेडर्स कुल कीमत का एक छोटा हिस्सा देकर शेयरों की डिलीवरी ले सकते हैं। बाकी पैसे ब्रोकर लोन के तौर पर देता है और शेयरों को गिरवी रखकर रोजाना के आधार पर ब्याज वसूलता है। जब स्टॉक की कीमत बढ़ती है, तो कम निवेश लागत के कारण मुनाफा कई गुना बढ़ जाता है, लेकिन स्टॉक की कीमत गिरने पर नुकसान भी कई गुना बढ़ जाता है और ब्याज का खर्च और भी दबाव डालता है। हालांकि अगर स्टॉक की कीमत तेजी से गिरती है और ट्रेडर अतिरिक्त फंड नहीं डाल पाता है, तो ब्रोकर को स्टॉक बेचने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।

कैसी है एचडीएफसी बैंक के शेयरों की स्थिति

एचडीएफसी बैंक के शेयरों के लिए यह साल 2026 शेयरों की तेजी को लेकर अब तक के सबसे खराब वर्षों में से एक रहा है। इस साल इसमें अब तक 25% की गिरावट आ चुकी है। पिछले कम से कम 10 वर्षों से लगातार इस स्टॉक ने सालाना पॉजिटिव रिटर्न दिया है। अभी इसके शेयरों पर जून तिमाही के कमजोर नतीजों ने दबाव बनाया है। जून तिमाही में बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया, जिससे पिछले साल से चली आ रही लोन और डिपॉजिट में मजबूत बढ़ोतरी का असर खत्म हो गया। हालांकि एसेट क्वालिटी अपनी कैटेगरी में सबसे अच्छी बनी रही।

एचडीएफसी बैंक का परफॉरमेंस इतना खराब रहा है कि मार्केट कैप के मामले में आईसीआईसीआई बैंक ने तेजी से उसकी बराबरी कर ली है। जहां एक तरफ एचडीएफसी बैंक के शेयर कई वर्षों के निचले स्तर पर हैं, तो आईसीआईसीआई बैंक के शेयर रिकॉर्ड ऊंचाई के करीब हैं। मार्केट कैप के मामले में दोनों के बीच का अंतर अब दस साल में सबसे कम है। एचडीएफसी बैंक फिलहाल बीएसई पर 0.28% की गिरावट के साथ ₹725.30 पर है तो आईसीआईसीआई बैंक 0.05% की बढ़त के साथ ₹1418.65 पर। एचडीएफसी बैंक का एक साल का हाई ₹1020.35 और आईसीआईसीआई बैंक का 1,479.90 है।

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TVS overtakes Honda for the first time in July scooter sales

TVS overtakes Honda for the first time in July scooter sales
TVS overtakes Honda for the first time in July scooter sales

India’s scooter market came close to the 800,000-unit mark in July 2026, with nine OEMs dispatching 798,190 units, up 24 percent year on year. TVS Motor Co overtook Honda Motorcycle & Scooter India for the first time to lead the market for the month.

  1. TVS scooter sales up 40 percent to 2,56,675 units
  2. Honda sales fall 12 percent to 2,33,337 units
  3. Electric scooters account for 21 percent of July wholesales

TVS overtakes Honda for the first time

TVS Motor Co has overtaken Honda Motorcycle & Scooter India (HMSI) to become India’s largest scooter manufacturer in monthly wholesales for the first time in July 2026. TVS dispatched 2,56,675 units, up 40 percent year on year, while Honda dispatched 2,33,337 units, down 12 percent. The difference between the two stood at 23,338 units.

July’s overall scooter wholesales of 7,98,190 units were just 1,810 units short of the 8 lakh mark. It was the second-highest monthly tally after October 2025, when over 8.24 lakh scooters were dispatched. July was also the sixth month in the past seven to cross 7 lakh units, with April falling short by just 8,007 units.

TVS’ scooter market share increased to 32 percent in July from 28 percent in the same month last year, while Honda’s share fell from 41 percent to 29 percent.

TVS’ EVs drive growth

TVS’ ICE scooter range, comprising the Jupiter, NTorq and Zest, accounted for 1,97,289 units in July, up 23 percent year on year. Its electric scooters, the iQube and Orbiter, contributed 59,386 units, up 158 percent.

Honda’s ICE scooters, comprising the Activa 110/125 and Dio 110/125, accounted for 2,32,073 units, down 12 percent from 265,364 units in July 2025. The company’s Activa-e and QC1 electric scooters together contributed 1,264 units, up 467 percent from 263 units a year ago.

HMSI unveiled its third electric scooter, the QC 3, on July 24. The company remains India’s largest scooter exporter, with 1,56,938 units shipped in July, up 36 percent year on year. TVS was second with 53,254 units, up 43 percent.

Suzuki, Hero and Bajaj follow

Suzuki Motorcycle India dispatched 1,20,998 scooters in July, up 28 percent year on year, taking its market share to 15 percent from 14 percent a year ago. The Access 125 remains its best-selling scooter, ahead of the Avenis and Burgman Street, which also use the same 125cc engine. The new e-Access contributed 825 units.

Hero MotoCorp dispatched 61,347 scooters, up 33 percent, giving it an 8 percent market share. Its ICE scooters, the Destini 125, Pleasure and Xoom, accounted for 38,640 units, up 11 percent, while Vida electric scooters contributed 22,707 units, up 102 percent.

Bajaj Auto dispatched 48,684 units, up 301 percent year on year from 12,134 units in July 2025. The tally comprised 47,184 Chetaks and 1,500 Yulu EVs. Its scooter market share consequently rose to 6 percent from 2 percent.

Yamaha and Ather continue to grow

India Yamaha Motor dispatched 36,783 scooters in July, up 53 percent year on year. The Fascino and Ray ZR together accounted for 31,945 units, up 46 percent, while the 155cc Aerox contributed 4,544 units, up 102 percent. Yamaha also dispatched 294 EC-06 electric scooters to its Blue Square dealerships.

Ather Energy dispatched 31,044 scooters in July, up 106 percent year on year, doubling its market share to 4 percent. The company is set to unveil its first EL platform-based scooter at Ather Community Day on August 29.

River Mobility dispatched a record 6,039 Indie electric scooters in July, up 226 percent year on year. Piaggio Vehicles, which sells the Vespa and Aprilia brands in India, dispatched 3,283 scooters, up 40 percent.

Electric scooters account for 21 percent of sales

Electric scooter wholesales reached 1,70,243 units in July, up 168 percent year on year from 63,560 units in July 2025. Volumes were also up 16 percent over June 2026, when 1,46,668 electric scooters were dispatched.

EVs consequently accounted for 21 percent of total scooter wholesales in July, compared with 10 percent a year ago.

TVS dispatched a record 59,386 iQube and Orbiter scooters in July, giving it an EV penetration of 35 percent for the month. Between January and July 2026, TVS has dispatched 1.52 million scooters, of which 314,104 were electric, meaning roughly one in every five scooters sold by TVS during the period was an EV.

Bajaj Auto’s 48,684-unit July tally included 47,184 Chetaks and 1,500 Yulu EVs, while Ather dispatched 31,044 units and Hero’s Vida range contributed 22,707 units.

The three Japanese electric scooter manufacturers – Honda, Suzuki and Yamaha – together dispatched 2,383 units in July.

Scooter sales on track for record CY2026

Cumulative scooter wholesales for January-July 2026 stood at 5.21 million units, up 32 percent from 3.95 million units during the same period last year. The seven-month tally already represents 69 percent of the record 7.52 million scooters sold in CY2025.

At the current pace, the scooter industry is on track to cross 9 million units in CY2026 for the first time.

Scooters accounted for 41 percent of India’s 1.92 million two-wheeler wholesales in July. Motorcycles accounted for 1.075 million units, or 56 percent, while mopeds contributed 50,497 units, or 3 percent.

Silver Gold Price Today : MCX पर सोने-चांदी में तेजी, जानिए आज कमोडिटी में कहां हो सकती है कमाई

Silver Gold Price Today : सोमवार, 17 अगस्त को MCX पर सोने और चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। अमेरिकी डॉलर में गिरावट और सितंबर में अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदों के कम होने से सोने-चांदी को सपोर्ट मिल रहा है। हांलांकि अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत में गतिरेध और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पूरी तरह से खुलने को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण महंगाई का डर बना हुआ है, जिससे सोने की कीमतों में होने वाली बढ़त सीमित रही है।

11.40 बजे के आसपास एमसीएक्स पर गोल्ड का अक्टूबर वायदा 685 रुपए यानी 0.44 फीसदी की बढ़त के साथ 155,191 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा था। वहीं, सिल्वर का सितंबर वायदा 2,692 रुपए यानी 1.14 फीसदी की तेजी के साथ 238,616 रुपए पर कारोबार कर रहा था।

पृथ्वीफिनमार्ट कमोडिटी रिसर्च के मनोज कुमार जैन का कहना है कि आज के सेशन में सोने के लिए $4,400 और $4,364 पर सपोर्ट है, जबकि $4,470 और $4,500 प्रति ट्रॉय औंस पर रेजिस्टेंस है। वहीं चांदी के लिए $63.40 और $62.60 पर सपोर्ट है, जबकि $65.80 और $67 प्रति ट्रॉय औंस पर रेजिस्टेंस है।

उन्होंने आगे कहा कि MCX गोल्ड के लिए 1,53,650 -1,52,800 रुपए पर सपोर्ट और 1,55,500-1,56,100 रुपए पर रेजिस्टेंस है। जबकि सिल्वर के लिए 2,34,000 -2,31,600 रुपए पर सपोर्ट और 2,38,000- 2,41,000 पर रेजिस्टेंस है।

1,53,000 और 1,52,500 के आस-पास गिरावट पर सोने में खरीदारी की सलाह होगी। जिसमें 1,51,800 रुपए से नीचे स्टॉप लॉस रखकर 1,55,500 और 1,56,000 रुपए का टारगेट रखा जा सकता है। साथ ही, 2,33,300 और 2,32,000 रुपए के आस-पास चांदी में खरीदारी की जा सकती है। इसके लिए 2,29,800 से नीचे स्टॉप लॉस रखकर 2,38,000 और 2,40,000 रुपए का टारगेट रखा जा सकता है।

दूसरी कमोडिटीज पर एक नजर

एमसीएक्स पर कॉपर का अगस्त वायदा 17.80 रुपए यानी 1.30 फीसदी की बढ़त के साथ 1,396.30 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा था। वहीं, क्रूड ऑयल का सितंबर वायदा 36.00 रुपए यानी 0.46 फीसदी की कमजोरी के साथ 7,771 रुपए पर दिख रहा था। वहीं, नैचुरल गैस का अगस्त वायदा 9.30 रुपए यानी 3.53 फीसदी की गिरावट के साथ 254.50 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा था। वहीं, ELECDMBL का अगस्त वायदा 18.00 रुपए यानी 0.39 फीसदी की कमजोरी के साथ 4,581 रुपए पर दिख रहा था।

कमोडिटी में कमाई वाले कॉल

कमोडिटी में कमाई वाले कॉल के लिए आज हमारे साथ हैं कुंवरजी ग्रुप के रवि दियोरा। इनको आज जिंक और नैचुरल गैस में कमाई के मौके दिख रहे हैं। एमसीएक्स जिंक अगस्त वायदा में इनकी 398.5 रुपए के आसपास, 396.0 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ 403 रुपए के टारेगट के लिए खरीदारी की सलाह है। वहीं, एमसीएक्स नैचुरल गैस वायदा में इनकी 264 रुपए के आसपास, 268 रुपए के स्टॉप लॉस के के साथ 256 रुपए के टारेगट के लिए खरीदने की सलाह है।

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Silver Price Today: चांदी की बढ़ी चमक, देश-विदेश में महंगे हुए दाम, चेक करें अपने शहर का ताजा भाव

Silver Price Today:  हफ्ते के पहले दिन घरेलू वायदा बाजार में चांदी की कीमतों में उछाल देखने को मिला। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी की कीमत 1213 रुपए तक चढ़ गई और कीमत 2,37,841 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई थी। जबकि पिछले कारोबारी सत्र में चांदी 2,35,924 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी।

वहीं बुलियन्स के अनुसार चांदी की कीमत 2,38,780 रुपये प्रति किलो हो गई। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में चांदी 65.81 डॉलर प्रति औंस हो गई। जबकि गुडरिटर्न्स के मुताबिक कीमत बढ़कर 2,50,000 रुपये प्रति किलो हो गई।

बाजार एक्सपर्ट्स के अनुसार कारोबारियों की बिकवाली बढ़ने से चांदी के वायदा भाव पर दबाव बना। विदेशी सर्राफा बाजार में कमजोरी का असर घरेलू बाजार पर भी देखने को मिला। इसके चलते शुक्रवार को चांदी की कीमत में तेज गिरावट दर्ज की गई।

भारत के शहरों में चांदी के ताजा भाव (10 ग्राम, 100 ग्राम, प्रति किलो)

शहर10 ग्राम चांदी100 ग्राम चांदी1 किलो चांदी
दिल्ली₹2,360₹23,600₹2,36,000
मुंबई₹2,360₹23,600₹2,36,000
कोलकाता₹2,360₹23,600₹2,36,000
चेन्नई₹2,360₹23,600₹2,36,000
पटना₹2,360₹23,600₹2,36,000
लखनऊ₹2,360₹23,600₹2,36,000
मेरठ₹2,360₹23,600₹2,36,000
अयोध्या₹2,360₹23,600₹2,36,000
कानपुर₹2,360₹23,600₹2,36,000
गाजियाबाद₹2,360₹23,600₹2,36,000
नोएडा₹2,360₹23,600₹2,36,000
गुरुग्राम₹2,360₹23,600₹2,36,000
चंडीगढ़₹2,360₹23,600₹2,36,000
जयपुर₹2,360₹23,600₹2,36,000
लुधियाना₹2,360₹23,600₹2,36,000
गुवाहाटी₹2,360₹23,600₹2,36,000
इंदौर₹2,360₹23,600₹2,36,000
अहमदाबाद₹2,360₹23,600₹2,36,000
वडोदरा₹2,360₹23,600₹2,36,000
सूरत₹2,360₹23,600₹2,36,000
पुणे₹2,360₹23,600₹2,36,000
नागपुर₹2,360₹23,600₹2,36,000
नासिक₹2,360₹23,600₹2,36,000
बैंगलोर₹2,360₹23,600₹2,36,000
भुवनेश्वर₹2,360₹23,600₹2,36,000
रायपुर₹2,360₹23,600₹2,36,000
हैदराबाद₹2,360₹23,600₹2,36,000

 

इंटरनेशनल मार्केट में चढ़े दाम

इंटरनेशनल मार्केट Comex में सोने और चांदी दोनों के दाम में तेजी देखने को मिली है। चांदी (Silver Price on Comex) के दाम 0.94% तक चढ़ गए और कीमत 65.720 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करता दिखा।

पिछले कारोबारी दिन क्या रहा चांदी का वायदा भाव

कारोबारियों की ओर से अपने सौदों का आकार घटाए जाने के कारण शुक्रवार को वायदा बाजार में भी चांदी की कीमतों पर दबाव रहा। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सितंबर डिलीवरी वाली चांदी का कॉन्ट्रैक्ट ₹836 यानी 0.35 प्रतिशत गिरकर ₹2,36,999 प्रति किलोग्राम पर आ गया। हालांकि, न्यूयॉर्क के वैश्विक बाजार में चांदी 0.18 प्रतिशत की तेजी के साथ 65.44 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।

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Delhi Master Plan 2047: नरेला बनेगा दिल्ली का नया एजुकेशन हब; स्कूल से स्टार्टअप तक जुड़ेंगी शिक्षा की कड़ियां

Delhi Master Plan 2047: दिल्ली के मास्टर प्लान-2047 में राजधानी की शिक्षा व्यवस्था को आने वाले समय की जरूरतों के हिसाब से तैयार करने पर जोर दिया गया है। इसमें शिक्षा को सिर्फ स्कूल और कॉलेज तक सीमित रखने के बजाय बच्चों की शुरुआती पढ़ाई से लेकर उच्च शिक्षा, रिसर्च, स्किल डेवलपमेंट, रोजगार और नए बिजनेस तक जोड़ने की योजना है।

नए प्लान के तहत स्कूलों में पढ़ाई के साथ-साथ खेल, कला और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए भी ज्यादा जगह उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया जाएगा। विशेष जरूरत वाले बच्चों के लिए अलग स्कूल और ट्रेनिंग सेंटर विकसित किए जा सकेंगे। इसके अलावा, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और रिसर्च संस्थानों को भविष्य की जरूरतों के मुताबिक अधिक निर्माण और विस्तार की सुविधा देने का भी प्रावधान किया गया है।

मास्टर प्लान के अनुसार, 2047 तक दिल्ली की आबादी करीब 3.2 करोड़ तक पहुंच सकती है। भविष्य में बढ़ने वाली आबादी को देखते हुए शिक्षा समेत दूसरी जरूरी सामाजिक सुविधाओं के लिए अभी से जमीन और बुनियादी ढांचा तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।

इसी दिशा में नरेला में करीब 138 हेक्टेयर क्षेत्र में एक बड़ा एजुकेशन हब विकसित करने की योजना है। यहां विश्वविद्यालयों और रिसर्च संस्थानों के साथ स्किल ट्रेनिंग सेंटर और नए कारोबार से जुड़े संस्थान भी विकसित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य आने वाले समय में दिल्ली की बढ़ती आबादी के लिए शिक्षा, कौशल और रोजगार से जुड़ी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

शिक्षा के हर स्तर को एक-दूसरे से जोड़ने की तैयारी

मास्टर प्लान में दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था को इस तरह विकसित करने की योजना है कि बच्चों की शुरुआती पढ़ाई से लेकर कॉलेज, उच्च शिक्षा, स्किल ट्रेनिंग और रोजगार तक का रास्ता आसान हो सके। इसके लिए शुरुआती शिक्षा केंद्रों और स्कूलों से लेकर आवासीय व विशेष स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय तक की सुविधाओं को एक व्यापक व्यवस्था का हिस्सा बनाया जाएगा।

इसके अलावा रिसर्च एवं डेवलपमेंट सेंटर, ITI, पॉलीटेक्निक, स्किल ट्रेनिंग सेंटर, मैनेजमेंट और टीचर ट्रेनिंग संस्थान, होटल मैनेजमेंट संस्थान और कोचिंग सेंटर भी विकसित किए जाएंगे। इसका मकसद छात्रों को पढ़ाई के साथ जरूरी कौशल देने और आगे बेहतर रोजगार व करियर के अवसर उपलब्ध कराना है।

पढ़ाई के साथ-साथ खेल और दूसरी गतिविधियों पर जोर

इस प्लान के तहत स्कूलों में अब केवल पढ़ाई ही नहीं बल्कि खेल, कला, संस्कृति और अन्य गतिविधियों पर भी जोर दिया जाएगा। इसी वजह से स्कूलों में पर्याप्त स्थान की व्यवस्था के लिए अधिक निर्माण क्षेत्र की अनुमति दी जाएगी। नियमों के मुताबिक, स्कूल के कुल अनुमत निर्माण क्षेत्र का कम से कम 15 फीसदी हिस्सा खेल और अन्य गतिविधियों से जुड़ी सुविधाओं के लिए रखना जरूरी होगा। इसके अलावा, छात्रों के लिए स्विमिंग पूल, टेबल टेनिस और स्क्वैश जैसी सुविधाएं विकसित करने की भी छूट दी जाएगी। इन सुविधाओं के लिए अधिकतम 150 वर्गमीटर का निर्माण क्षेत्र तय निर्माण सीमा से अलग रखा जा सकेगा।

स्कूलों के लिए जमीन और FAR के नए मानक

मास्टर प्लान में स्कूलों के स्तर के अनुसार जमीन, निर्माण और सड़क की चौड़ाई के मानक तय किए गए हैं। शुरुआती शिक्षा केंद्र के लिए कम से कम 500 वर्गमीटर जमीन, अधिकतम 40% जमीन पर निर्माण और 150 FAR की अनुमति होगी। सड़क की न्यूनतम चौड़ाई 12 मीटर और भवन की अधिकतम ऊंचाई 15 मीटर रखी गई है।

  • कक्षा छह तक के स्कूल के लिए कम से कम 2,000 वर्गमीटर जमीन जरूरी होगी। अधिकतम 40% जमीन पर निर्माण और 150 FAR की अनुमति होगी। सड़क कम से कम 18 मीटर चौड़ी होनी चाहिए और भवन की अधिकतम ऊंचाई 18 मीटर होगी।
  • कक्षा 12 तक के स्कूल के लिए न्यूनतम 4,000 वर्गमीटर जमीन, 40% तक निर्माण और 180 FAR की अनुमति होगी। सड़क की न्यूनतम चौड़ाई 18 मीटर रखी गई है। इस श्रेणी के भवनों के लिए अधिकतम ऊंचाई की अलग सीमा तय नहीं की गई है।

दिव्यांग बच्चों के लिए अलग स्कूल और प्रशिक्षण केंद्र

जो स्पेशल चाइल्ड बच्चे हैं (दिव्यांग) उनके लिए अलग स्कूल और प्रशिक्षण केंद्र विकसित किए जाने का प्रावधान है। ऐसे विशेष स्कूलों के लिए कम से कम 2,000 वर्गमीटर जमीन की जरूरत होगी, जबकि अधिकतम 50 फीसदी हिस्से पर निर्माण की अनुमति होगी। यहां 120 FAR रखा गया है। इन स्कूलों तक पहुंचने वाली सड़क की चौड़ाई कम से कम 18 मीटर और भवन की अधिकतम ऊंचाई 18 मीटर तय की गई है।

इन स्कूलों में पढ़ाई के साथ-साथ खेल की सुविधाएं और व्यावसायिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही, नई हो या पहले से बनी स्कूल की इमारत, सभी में दिव्यांगजन अधिकार कानून के नियमों का पालन करना जरूरी होगा। इसके अलावा, बच्चों के लिए आवासीय स्कूल शुरू करने का विकल्प भी मास्टर प्लान में रखा गया है।

कॉलेज और शोध संस्थानों को ज्यादा निर्माण क्षमता

मास्टर प्लान में कॉलेजों, रिसर्च एवं डेवलपमेंट सेंटर और दूसरे उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए ज्यादा निर्माण और विस्तार की सुविधा देने का प्रावधान किया गया है। ऐसे संस्थानों के लिए कम से कम 1,000 वर्गमीटर जमीन या संबंधित मान्यता देने वाली संस्था के तय मानकों में से जो भी ज्यादा होगा, उसे आधार माना जाएगा।

इन परिसरों में अधिकतम 40% जमीन पर निर्माण की अनुमति होगी और 225 FAR तय किया गया है। संस्थान तक पहुंचने वाली सड़क की चौड़ाई कम से कम 18 मीटर रखी गई है।

वहीं, छात्रों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए कैंपस में लाइब्रेरी, लैब, वर्कशॉप, खेल मैदान, इंडोर गेम्स की सुविधा, ऑडिटोरियम और हॉस्टल बनाए जा सकेंगे। जरूरत पड़ने पर छात्रों और जरूरी स्टाफ के लिए कैंपस के अंदर ही रहने की व्यवस्था भी की जा सकेगी।

विश्वविद्यालयों में पढ़ाई के साथ खेल और हरियाली पर भी जोर

विश्वविद्यालयों और अंतरराष्ट्रीय शिक्षा केंद्रों के लिए अधिकतम 225 FAR का प्रावधान है। इनके लिए सड़क की न्यूनतम चौड़ाई 24 मीटर होगी और जमीन का आकार विश्वविद्यालय अनुदान आयोग या अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के मानकों के अनुसार तय किया जाएगा।

छात्रों को पढ़ाई के साथ बेहतर माहौल और दूसरी गतिविधियों के लिए पर्याप्त जगह मिल सके, इसके लिए विश्वविद्यालय परिसर की कुल जमीन का 15 फीसदी हिस्सा खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए रखना होगा। इसके अलावा, 15 फीसदी जमीन पर पार्क और हरियाली विकसित करना जरूरी होगा। यानी बड़े शैक्षणिक परिसरों में पढ़ाई के साथ खेल, संस्कृति और खुले वातावरण के लिए भी पर्याप्त जगह सुनिश्चित की जाएगी।

नरेला बनेगा दिल्ली का नया एजुकेशन हब

नरेला में करीब 138 हेक्टेयर जमीन पर एक बड़ा एजुकेशन हब विकसित करने की योजना है। यहां विश्वविद्यालयों और रिसर्च संस्थानों के साथ स्किल ट्रेनिंग सेंटर और स्टार्टअप शुरू करने वालों के लिए जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इसका मकसद शिक्षा को रिसर्च, कौशल विकास, इनोवेशन और रोजगार से जोड़ना है। इस केंद्र में सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों के अलावा अन्य शैक्षणिक व शोध संस्थानों को भी स्थापित होने की जगह मिल सकेगी।

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स्पेन के सेउता पहुंचना चाहते थे प्रवासी, मोरक्को ने रोका

स्पेन के सेउता पहुंचना चाहते थे प्रवासी, मोरक्को ने रोका

Ceuta migrant crisis

रजत शर्मा

सेउता, उत्तरी अफ्रीका में मोरक्को की सीमा से लगा एक इलाका है और स्पेन का भू-भाग है। करीब दो हफ्ते पहले 72,000 लोग यहां अचानक दाखिल हो गए थे। 15 अगस्त को फिर से प्रवासियों ने सेउता में दाखिल होने की कोशिश की।

 

मोरक्को पुलिस ने शनिवार, 15 अगस्त को सीमा पार करके स्पेन के उत्तरी अफ्रीकी भू-भाग सेउता में जाने की कोशिश करने वाले सैकड़ों लोगों को हिरासत में ले लिया। इससे करीब दो हफ्ते पहले 72,000 प्रवासी सेउता में दाखिल हो गए थे। अचानक आई इस भीड़ ने स्पेन और यूरोपीय संघ के अन्य देशों के बीच तनाव बढ़ा दिया था।

 

ताजा कार्रवाई की जानकारी रखने वाले एक अधिकारी ने अपना नाम न बताने की शर्त पर न्यूज एजेंसी एएफपी को बताया कि सेउता की ओर “यह एक नियमित ऑपरेशन है, जिसका मकसद अवैध प्रवासन की कोशिशों को रोकना है।”  इस बीच, मोरक्को के मीडिया संस्थान लु360 ने एक रिपोर्ट में कहा है कि पुलिस ने 294 लोगों को हिरासत में लिया है।

 

सोशल मीडिया पर घुसपैठ की अपीलें

इस हफ्ते की शुरुआत में मोरक्को प्रशासन ने बताया था कि वह 15 अगस्त को सामूहिक रूप से सीमा पार करने की अपील करने वाले “अज्ञात सोशल मीडिया पोस्ट और मैसेज” पर कड़ी नजर रख रहा है। उसने चेतावनी भी दी थी कि ऐसी अपील करने वालों और इसमें शामिल होने वाले लोगों पर कानूनी कार्रवाई होगी।

 

चश्मदीदों के मुताबिक, सेउता और पूर्व की ओर स्थित दूसरे स्पैनिश इलाके मेलिला के आसपास मोरक्को पुलिस ने भारी सुरक्षा बल तैनात किया था। स्पेन के सरकारी ब्रॉडकास्टर आरटीवीई के मुताबिक, सुरक्षा बलों ने कई चेकपॉइंट बनाए हैं, गश्ती नावें तट की निगरानी कर रही हैं और सीमा पर वॉटर कैनन भी तैनात किए गए

 

स्पैनिश मीडिया को नजदीकी शहर छोड़ने का आदेश

स्पेन की न्यूज एजेंसी ईएफई और आरटीवीई ने बताया कि मोरक्को के गृह मंत्रालय के एक प्रतिनिधि ने बिना कोई वजह बताए उनके पत्रकारों को तुरंत फनिदेक छोड़ने का आदेश दिया। मोरक्को के उस अफसर ने कहा कि वे सिर्फ “ऊपर से मिले निर्देशों का पालन” कर रहे हैं। फनिदेक, सेउता के साथ लगता मोरक्को का इलाका है। यहां से जमीन और समंदर के रास्ते सेउता की सीमा तक कुछ मिनटों में पहुंचा जा सकता है।

 

ईएफई के अध्यक्ष मिगेल एंजेल ओलिवर ने मोरक्को प्रशासन से स्वतंत्र, “जिम्मेदार और गंभीर पत्रकारिता” का सम्मान करने की अपील की। आरटीवीई के अध्यक्ष, होसे पाब्लो लोपेज ने भी मोरक्को प्रशासन से “पूरी सुरक्षा और पूरे सम्मान” की मांग की, ताकि उनके पत्रकार “सीमावर्ती इलाके में कहीं भी आजादी से अपना काम कर सकें।”

 

स्पेन ने बढ़ाई सुरक्षा

30 जुलाई से 31 जुलाई के बीच सेउता में भारी संख्या में लोग आने शुरू हुए थे। अगस्त के शुरुआती दिनों तक यह सिलसिला जारी रहा। आंकड़ों के मुताबिक, करीब 72,000 लोग सेउता में घुस आए थे, हालांकि स्पेन ने इनमें से ज्यादातर लोगों को वापस मोरक्को भेज दिया है।

 

सीमा पर मची इस अफरा-तफरी में करीब 100 लोगों की मौत हो गई थी। तब से स्पेन सरकार ने इस इलाके में सुरक्षा काफी कड़ी कर दी है, समुद्र में बैरियर लगाए गए हैं और स्पेन से 500 से ज्यादा अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को तैनात किया है। स्पेन के गृह मंत्रालय ने कहा है कि जब तक जरूरत होगी, ये सुरक्षा बल वहीं तैनात रहेंगे। गृह मंत्री फर्नांदो ग्रांदे-मार्लास्का ने गुरुवार को कहा, “हम जल्द से जल्द हालात सामान्य करने और 30 जुलाई जैसी घटनाओं को दोबारा होने से रोकने के लिए जितने भी जवानों की जरूरत होगी, उन्हें तैनात रखेंगे।”

 

5 things to know about the Ducati Monster V2

5 things to know about the Ducati Monster V2
Ducati Monster V2 static

The Ducati Monster V2 is the most significant update to the Monster nameplate in several years. It brings a new engine shared with the Panigale V2, Streetfighter V2 and Multistrada V2 families, a new monocoque chassis, and some major design changes, including the return of the muscular big-tank look that defined earlier-generation Monsters. Here are answers to some of the most commonly asked questions about it.

What is the price of the Ducati Monster V2 in India

The Ducati Monster V2 is available in two variants – Monster and Monster+ – across three colour options. The Monster starts at Rs 13.99 lakh for Ducati Red and Rs 14.23 lakh for Iceberg White and Sport Livery. The Monster+ adds a headlight cowl and passenger seat cover over the standard model, and is priced at Rs 14.34 lakh for Ducati Red and Rs 14.45 lakh for Iceberg White and Sport Livery. All prices ex-showroom, India.

What engine does the Ducati Monster V2 use?

The Ducati Monster V2 is powered by a new 890cc, liquid-cooled V-twin engine producing 111hp at 9,000rpm and 91.1Nm at 7,250rpm – the same engine used in the Panigale V2, Streetfighter V2 and Multistrada V2. The engine features variable valve timing, which Ducati says allows 80 percent of peak torque to be available between 4,000 and 9,000rpm.

What features does the Ducati Monster V2 have?

The Monster V2 comes with a 5-inch TFT display, full-LED lighting, a bidirectional quickshifter, dynamic and self-cancelling indicators, and a comprehensive electronics package including ride modes, power modes, traction control, wheelie control, engine brake control and cornering ABS. Cruise control, TPMS, turn-by-turn navigation and heated grips are available as accessories.

What is the seat height and weight of the Ducati Monster V2?

The Ducati Monster V2 has a seat height of 815mm, and the seat is also narrower, making it easier to get your feet on the ground. For riders who need more accessibility, Ducati offers a 795mm low seat as an accessory, and an even lower 775mm seat that requires a lowering suspension kit. Wet weight without fuel is 175kg.

How does the Ducati Monster V2 compare to the older Monster 937?

The most significant change is the engine. The 890cc V2 replaces the 937cc unit and delivers identical peak power of 111hp, but torque drops slightly by 2Nm to 91.1Nm and now arrives 750rpm later in the rev range. The new monocoque chassis replaces the previous aluminium frame and helps shed 4kg from the kerb weight. The design returns to the bigger, more muscular tank look associated with older-generation Monsters, while the TFT display grows from 4.3 inches to 5 inches and the quickshifter has been updated.

पानी से भी सस्ती बीयर! इस देश में सिर्फ ₹32 में मिलता है पूरा ग्लास…खास है ये ट्रेडिशन

आमतौर पर बार या रेस्तरां में लोगों को बीयर पीने के लिए काफी पैसे खर्च करने पड़ते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि दुनिया में कुछ ऐसे देश और शहर भी हैं जहां बीयर काफी सस्ते दाम में मिल जाती है। कई जगहों पर स्थानीय बीयर लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी और खान-पान का हिस्सा है, इसलिए इसकी कीमत भी कम रहती है। इस स्थानीय बीयर की कीमत पानी की बोतल से भी कम हो सकती है। टूरिस्ट भी कम पैसे में वहां की बीयर और स्थानीय माहौल का आनंद ले सकते हैं। वहीं ये ध्यान देने वाली बात है कि, इसकी कीमत जगह और दुकान के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है।

वियतनाम में मिलती है बिया होई बियर

वियतनाम में बिया होई नाम की स्थानीय बीयर काफी मशहूर है। ये हल्की और ताजी बीयर होती है, जो छोटी दुकानों और स्थानीय जगहों पर आसानी से मिल जाती है। इसकी सबसे खास बात इसकी कम कीमत है। कुछ जगहों पर एक गिलास बिया होई की कीमत करीब 10,000 से 15,000 वियतनामी डोंग यानी भारतीय मुद्रा में लगभग 32 से 48 रुपये के बराबर है। कम कीमत और ताजगी के कारण यह बीयर स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों के बीच भी काफी लोकप्रिय है।

इसको लंबे समय तक नहीं रख सकते

बिया होई को सामान्य बोतल या कैन वाली बीयर से अलग माना जाता है, क्योंकि इसे अक्सर ताजा तैयार करके सीधे केग से गिलास में परोसा जाता है। इसे लंबे समय तक रखने के लिए नहीं बनाया जाता, इसलिए इसका स्वाद और ताजगी बनाए रखने के लिए इसे जल्दी इस्तेमाल किया जाता है। बिया होई आमतौर पर हल्की होती है और इसमें अल्कोहल की मात्रा भी कम रहती है। इसी वजह से यह वियतनाम के स्थानीय स्ट्रीट फूड और रोजमर्रा के खाने-पीने के माहौल का एक लोकप्रिय हिस्सा बन गई है।

स्थानीय जीवनशैली का बन चुकी है हिस्सा

हनोई में बिया होई लोगों के लिए सिर्फ कम कीमत वाली बीयर नहीं है, बल्कि यह शहर की स्थानीय जीवनशैली का भी हिस्सा बन चुकी है। शाम के समय कई छोटे बीयर स्टॉल पर स्थानीय लोग और पर्यटक एक साथ नजर आते हैं। लोग ताजी बीयर के साथ स्थानीय स्नैक्स और खाना खाते हैं और दोस्तों के साथ बातचीत करते हैं। वियतनाम में बीयर पीने का ये तरीका काफी साधारण और मिलनसार है। यहां बीयर सिर्फ पीने की चीज नहीं, बल्कि लोगों के साथ बैठने, खाने और समय बिताने का एक तरीका भी है।

ये बीयर भी फेमस

वियतनाम में बिया होई के अलावा बीयर के कई घरेलू ब्रांड भी लोगों के बीच काफी पसंद किए जाते हैं। बिया साइगॉन, 333 और हनोई बीयर वहां के चर्चित नाम हैं, वहीं हाल के वर्षों में क्राफ्ट बीयर का चलन भी बढ़ा है। अलग-अलग स्वाद और बेहतर क्वालिटी की वजह से क्राफ्ट बीयर को प्रीमियम विकल्प माना जाता है। हालांकि बोतल, कैन और क्राफ्ट बीयर की कीमत आमतौर पर बिया होई से ज्यादा होती है, लेकिन बीयर पसंद करने वालों के लिए यहां कई तरह के विकल्प मौजूद हैं।