Torrent Gas IPO: टोरेंट गैस आईपीओ के अपडेटेड पेपर्स फाइल करेगी, ₹4000 करोड़ का हो सकता है इश्यू

टोरेंट गैस आईपीओ के लिए अपडेटेड ड्राफ्ट पेपर्स फाइल करेगी। वह इसे इस हफ्ते ही फाइल कर सकती है। कंपनी का प्लान 4,000 करोड़ रुपये का आईपीओ पेश करने का है। इस मामले से जुड़े दो सूत्रों ने रायटर्स को यह जानकारी दी।

8 राज्यों में पीएनजी सप्लाई करती है कंपनी

Torrent Gas 8 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में घरों और इंडस्ट्रीज को पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) सप्लाई करती है। यह कंपनी गुजरात के टोरेंट ग्रुप का हिस्सा है, जिसका हेडक्वार्टर अहमदाबाद है। इस समूह की दो कंपनियां- टोरेंट पावर और टोरेंट फार्मा पहले से शेयर बाजार में लिस्टेड हैं।

500 CNG स्टेशंस ऑपरेट करती है

टोरेंट गैस 2,00,000 से ज्यादा घरों और 1,300 से ज्यादा इंडस्ट्रीज को गैस सप्लाई करती है। यह 500 कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) स्टेशंस भी ऑपरेट करती है। यह जानकारी कंपनी की वेबसाइट पर आधारित है। आईपीओ के प्लान के बारे में पूछने पर कंपनी ने रायटर्स के सवालों के जवाब नहीं दिए।

इस हफ्ते अपडेटेड पेपर्स होंगे फाइल

सेबी ने जून में टोरेंट गैस के आईपीओ को मंजूरी दे दी थी। कंपनी ने कॉन्फिडेंशियल रूट से आईपीओ के पेपर्स फाइल किए थे। अपडेटेड रेट हेरिंग प्रॉस्पेक्टस इस हफ्ते फाइल होने की उम्मीद है। यह कंपनी का पहला पब्लिक आईपीओ डॉक्युमेंट होगा। इस साल की पहली छमाही में सुस्ती के बाद आईपीओ बाजार में गतिविधियां काफी बढ़ी हैं।

जुलाई से अब तक आ चुके हैं 27 आईपीओ

इस साल फरवरी के आखिर में अमेरिका और ईरान में लड़ाई शुरू हुई थी। इसका असर आईपीओ बाजार पर भी पड़ा था। जुलाई से अब तक 27 कंपनियां आईपीओ पेश कर चुकी हैं या उसे लॉन्च करने का ऐलान कर चुकी हैं। इस साल की पहली छमाही में करीब 28 कंपनियों ने आईपीओ लॉन्च किए।

आईपीओ के कॉन्फिडेंशियल रूट का मतलब

सेबी के पास कॉन्फिडेंशियल रूट से आईपीओ के पेपर्स फाइल करने पर कंपनी को तब तक इस बारे में सार्वजनिक रूप से कुछ बताने की जरूरत नहीं पड़ती है जब तक वह इश्यू लॉन्च करने के प्लान पर आगे बढ़ने का फैसला नहीं कर लेती। टोरेंट फार्मा का शेयर 18 अगस्त को 1.57 फीसदी चढ़कर 4,977 रुपये पर बंद हुआ। टोरेंट पावर का शेयर 3.76 फीसदी गिरकर 1,263.50 रुपये पर बंद हुआ।

Kia dealer sets national record delivering 150 Syros EVs in one day

Kia dealer sets national record delivering 150 Syros EVs in one day
kia syros ev delivery record

Kia India dealer partner Incheon Kia has set a new national record for the most electric cars of a single model delivered in a single day. 150 units of the recently launched Syros EV were handed over to customers by Incheon Kia in Kochi on August 17.

Incheon Kia sets a completely fresh record with the Syros EV

Coinciding with Malayalam New Year, Incheon Kia’s mega-delivery feat was certified by the India Book of Records. This is an entirely new record, as India Book of Records does not have any prior records for maximum single-model EVs delivered in a single day. The 150 cars formed the first batch of Kia Syros EVs delivered to customers in Kochi.

Following the deliveries, the Syros EVs were flagged off individually by senior Kia India executives, including MD and CEO Gwanggu Lee (pictured). Incheon Kia said it has received more than 650 bookings for the Syros EV, with 150 of those cars now delivered. The dealer is also closing on 50,000 sales since its inception seven years ago, with 10,000 sales projected for this year alone.

Kia Syros EV details

Launched on July 23, the Syros EV is Kia’s second mass-market electric model for the Indian market. The compact SUV is offered with 42kWh and 51.4kWh battery options, both of which are wired up to a 255Nm front-mounted motor producing 135hp and 171hp, respectively. In terms of MIDC-claimed range, the 42kWh battery manages 443km, while the 51.4kWh pack is rated at 526km. Pricing for the Syros EV starts at Rs 13.5 lakh and top off at Rs 30 lakh (ex-showroom), and it rivals the Tata Nexon EV and Mahindra XUV 3XO.

PM E-DRIVE Scheme : इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स पर बढ़ी सब्सिडी की अवधि, जानें किसे मिलेगा कितना फायदा

PM E-DRIVE Scheme : इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स पर बढ़ी सब्सिडी की अवधि, जानें किसे मिलेगा कितना फायदा

electric scooter

केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने वाली PM E-DRIVE Scheme की अवधि दो साल के लिए बढ़ा दी है। सरकार ने योजना को अब 31 मार्च 2028 तक जारी रखने का फैसला किया है। साथ ही योजना का कुल बजट भी 1,000 करोड़ रुपये बढ़ाकर 11,900 करोड़ रुपये कर दिया गया है।

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सरकार ने इस योजना को सितंबर 2024 में 10,900 करोड़ रुपये के बजट के साथ अधिसूचित किया था। उस समय योजना की अवधि 31 मार्च 2026 तक तय की गई थी। अब इसे दो साल और बढ़ाने से इलेक्ट्रिक वाहनों को मिलने वाला सरकारी प्रोत्साहन जारी रहेगा।

 

इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स पर खास फोकस

 

नई अधिसूचना में Electric Two-Wheelers (e-2Ws) के लिए प्रोत्साहन की अवधि को विशेष रूप से स्पष्ट किया गया है। पंजीकृत इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स के लिए यह सहायता 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2028 तक जारी रहेगी। हालांकि, सब्सिडी पाने के लिए इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की कीमत और प्रोत्साहन की अधिकतम सीमा तय की गई है।

1.5 लाख रुपये तक की एक्स-फैक्ट्री कीमत जरूरी

 

संशोधित PM E-DRIVE योजना के तहत केवल वे पंजीकृत इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स प्रोत्साहन के लिए पात्र होंगे, जिनकी अधिकतम एक्स-फैक्ट्री कीमत 1.5 लाख रुपये है। यानी इससे अधिक एक्स-फैक्ट्री कीमत वाले इलेक्ट्रिक दोपहिया इस प्रोत्साहन के दायरे में नहीं आएंगे। सरकार ने इस योजना के तहत अधिकतम 45,79,120 पंजीकृत इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स को सहायता देने का लक्ष्य रखा है।

 

प्रति kWh 2,500 रुपये का इंसेंटिव

 

योजना के तहत इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर के लिए 2,500 रुपये प्रति kWh की दर से इंसेंटिव दिया जाएगा। हालांकि, प्रति वाहन अधिकतम प्रोत्साहन राशि 5,000 रुपये निर्धारित की गई है। लेकिन यहां एक और महत्वपूर्ण सीमा लागू होगी। मिलने वाला इंसेंटिव वाहन की एक्स-फैक्ट्री कीमत के 15 फीसदी से अधिक नहीं हो सकता। उदाहरण के तौर पर, अगर बैटरी क्षमता के हिसाब से किसी वाहन का इंसेंटिव 5,000 रुपये बनता है, लेकिन वाहन की एक्स-फैक्ट्री कीमत का 15 फीसदी इससे कम है, तो कम राशि ही इंसेंटिव के रूप में मिलेगी।

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हर इलेक्ट्रिक स्कूटर को 5,000 रुपये की सब्सिडी नहीं

 

इसका मतलब यह है कि पात्र इलेक्ट्रिक स्कूटर या इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल खरीदने पर हर ग्राहक को अपने आप 5,000 रुपये का इंसेंटिव नहीं मिलेगा। वास्तविक प्रोत्साहन राशि बैटरी की क्षमता और वाहन की एक्स-फैक्ट्री कीमत, दोनों के आधार पर तय होगी। इस तरह PM E-DRIVE योजना के संशोधित नियमों के तहत इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर खरीदारों को राहत मिलती रहेगी, लेकिन इंसेंटिव पाने के लिए वाहन को तय कीमत सीमा और अन्य पात्रता शर्तों को पूरा करना जरूरी होगा।

Heart Health: सिगरेट ही नहीं, ये 4 चीजें भी हैं दिल की दुश्मन! 8000 हार्ट सर्जरी कर चुके डॉक्टर ने बताया किन चीजों से रहें दूर

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में काम का दबाव, घंटों बैठे रहना, बाहर का खाना और लगातार तनाव हमारी रोजमर्रा की लाइफस्टाइल का हिस्सा बनते जा रहे हैं। इन आदतों का असर धीरे-धीरे दिल की सेहत पर भी पड़ सकता है। हालांकि, दिल को स्वस्थ रखने के लिए अपनी पूरी लाइफस्टाइल बदलने की जरूरत नहीं है। छोटी-छोटी अच्छी आदतें भी बड़ा फर्क डाल सकती हैं। कार्डियोवस्कुलर सर्जन डॉ. जेरेमी लंदन ने 8,000 से ज्यादा हार्ट ऑपरेशन किए हैं। उन्होंने अपने अनुभव के आधार पर ऐसी 5 चीजों के बारे में बताया है, जिनसे वह खुद दूरी बनाए रखते हैं।

इनमें स्मोकिंग, ज्यादा प्रोसेस्ड खाना, लंबे समय तक बैठे रहना, अकेलापन और लगातार तनाव जैसी रोज की आदतें शामिल हैं। खास बात यह है कि इनसे बचने के लिए किसी कठिन रूटीन की जरूरत नहीं है। बस अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में थोड़े बदलाव करके दिल की सेहत का बेहतर ख्याल रखा जा सकता है।

  1. धूम्रपान से रहें दूर

डॉ. Jeremy  लंदन सिगरेट, वेप और गांजा पीने से बचने की सलाह देते हैं। धुएं में मौजूद हानिकारक पदार्थ दिल और रक्त वाहिकाओं पर बुरा असर डाल सकते हैं। इसलिए दिल की सेहत के लिए धूम्रपान छोड़ना सबसे जरूरी कदमों में से एक है।

  1. ज्यादा पैकेट वाला खाना न खाएं

चिप्स, पैकेज्ड स्नैक्स, फास्ट फूड और दूसरे अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड में अक्सर ज्यादा नमक, चीनी और खराब फैट होता है। डॉक्टर की सलाह है कि खाने में ताजे फल, सब्जियां, दाल, साबुत अनाज और घर का बना खाना ज्यादा शामिल करें।

  1. घंटों बैठे न रहें

आजकल काम के दौरान कई लोग लंबे समय तक कुर्सी पर बैठे रहते हैं। डॉ. लंदन के मुताबिक, हमारा शरीर लगातार बैठे रहने के लिए नहीं बना है। रोज थोड़ा चलना भी अच्छी शुरुआत है। खाने के बाद 10 मिनट की वॉक जैसी छोटी आदत भी फायदेमंद हो सकती है।

  1. अकेलेपन को नजरअंदाज न करें

दिल की सेहत का संबंध सिर्फ खान-पान और एक्सरसाइज से नहीं है। लंबे समय तक अकेलापन भी शरीर और दिमाग पर असर डाल सकता है। परिवार, दोस्तों और करीबी लोगों के साथ समय बिताना और उनसे जुड़े रहना जरूरी है।

  1. लंबे समय तक तनाव न पालें

लगातार तनाव रहने से ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है और दिल पर दबाव पड़ सकता है। इसलिए तनाव को नजरअंदाज करने के बजाय उसे कम करने की कोशिश करनी चाहिए। अच्छी नींद, एक्सरसाइज, आराम और अपनों के साथ समय बिताना इसमें मदद कर सकता है।

खतरा पूरी तरह खत्म नहीं होता

डॉ. लंदन का कहना है कि इन आदतों को अपनाने से हार्ट अटैक या स्ट्रोक का खतरा पूरी तरह खत्म नहीं होता। लेकिन स्वस्थ जीवनशैली और जोखिम कारकों पर नियंत्रण दिल को बेहतर स्थिति में रखने में मदद कर सकता है।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य स्वास्थ्य सुझावों पर आधारित है। इसे किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प न मानें। किसी भी नए व्यायाम को शुरू करने से पहले विशेषज्ञ या डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

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मोदी की टिप्पणी के बाद ‘दिमागी नक्सल पार्टी’ इंस्टाग्राम पर 4 लाख से अधिक फॉलोअर्स के साथ हुई लोकप्रिय

मोदी की टिप्पणी के बाद 'दिमागी नक्सल पार्टी' इंस्टाग्राम पर 4 लाख से अधिक फॉलोअर्स के साथ हुई लोकप्रिय

Dimagi naxal Party

dimagi naxal party: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषण में इस्तेमाल किया गया शब्द 'दिमागी नक्सल' सोशल मीडिया पर एक बड़े राजनीतिक व्यंग्य में बदल गया है। पीएम के भाषण के ठीक एक दिन बाद इंस्टाग्राम पर 'दिमागी नक्सल पार्टी' नाम से बना एक पेज महज कुछ घंटों में 4,00,000 से अधिक फॉलोअर्स के साथ इंटरनेट पर छा गया है।

एक शब्द से खड़ा हुआ नया ऑनलाइन मूवमेंट

सोशल मीडिया की दुनिया में कब क्या ट्रेंड कर जाए, कोई नहीं जानता! स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से पीएम मोदी ने जैसे ही 'दिमागी नक्सल' शब्द का जिक्र किया, इंटरनेट पर एक नया डिजिटल आंदोलन खड़ा हो गया। 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) की तर्ज पर शुरू हुआ यह व्यंग्यात्मक इंस्टाग्राम पेज युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।

अपने ही नेता से असहमत होना पहली शर्त

इस व्यंग्यात्मक पेज ने अपनी कार्यशैली और सदस्यता के नियमों को काफी अनोखे अंदाज में पेश किया है। इस पेज पर पहली शर्त रखी गई है कि कि “आप हमारी पार्टी में तभी शामिल हो सकते हैं जब आप अपने ही नेताओं से असहमत होने की हिम्मत रखते हों।” बायो में इस ग्रुप ने लिखा— “हम सोचते हैं। हम शोध करते हैं। हम विरोध करते हैं।”

भगत सिंह से प्रेरणा

इस पेज के संचालकों का दावा है कि वे शहीद-ए-आजम भगत सिंह की सोच पर चलते हैं। उन्होंने लिखा कि अगर उन्हें देश विरोधी बताया गया या उनका अकाउंट बंद किया गया, तो यह भगत सिंह की विचारधारा का अनादर होगा।

ऑरवेल के '1984' और 'थॉट क्राइम' से तुलना

पेज पर कई ऐसे पोस्ट शेयर किए गए हैं जिनमें पीएम मोदी की टिप्पणी की तुलना जॉर्ज ऑरवेल के प्रसिद्ध उपन्यास 1984 की 'थॉट क्राइम' (सोच से जुड़े अपराध) की अवधारणा से की गई है। पेज ने 'दिमागी नक्सल' की परिभाषा देते हुए लिखा— “एक ऐसा दिमाग जो दमनकारी शासनों के व्यवस्थित पैटर्न को पहचान सकता है।”

साइबर हमला या बैन का डर?

सोमवार को जब फॉलोअर्स का आंकड़ा 2 लाख पार कर गया, तो यह पेज अचानक कुछ समय के लिए दिखना बंद हो गया। इसके संचालकों ने 'एक्स' (ट्विटर) पर दावा किया कि उन्हें साइबर हमलों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बाद इंटरनेट यूजर्स ने “हटाए जाने से पहले फॉलो करें” की अपील के साथ इस पेज को तेजी से रीपोस्ट करना शुरू कर दिया।

पीएम मोदी ने भाषण में क्या कहा था?

दरअसल, 15 अगस्त के भाषण में प्रधानमंत्री ने कहा था कि सरकार ने सशस्त्र माओवादी उग्रवाद पर तो लगभग काबू पा लिया है, लेकिन अब इस विचारधारा ने अपना रूप बदल लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि माओवादी सोच वाले लोग लंबे समय से व्यवस्था के भीतर, सरकारी समितियों और सलाहकार मंडलों में बैठकर नीतियों को प्रभावित करते रहे हैं।

 

पीएम मोदी की इसी टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर एक तरफ राजनीतिक बहस छिड़ गई है, तो दूसरी तरफ 'दिमागी नक्सल पार्टी' के रूप में इंटरनेट का नया 'मीम कल्चर' भी देखने को मिल रहा है।

Ferrari Luce ‘Chassis 0’ sells for record USD 40 million at auction

Ferrari Luce 'Chassis 0' sells for record USD 40 million at auction
Ferrari Luce

Ferrari’s first production Luce, known as ‘Chassis 0’, has been sold for USD 40 million (around Rs 382 crore) at the RM Sotheby’s Monterey auction. The sale sets a new record for the highest price paid for a new vehicle at auction, surpassing the USD 26 million raised by a one-off Daytona SP3 at the same event last year. The entire amount will go to the Ferrari Foundation after RM Sotheby’s waived the buyer’s premium. The buyer will take delivery in the first quarter of 2027 after the car returns to Maranello for final assembly.

  1. Sets new record for highest-priced new car sold at auction
  2. Entire proceeds donated to the Ferrari Foundation
  3.  ‘Chassis 0’ sells for over 60 times the starting price of standard Luce

The Luce is Ferrari’s first production electric car and its first five-seat model. It uses a quad-motor all-wheel-drive powertrain producing 1,050hp and 990Nm, has a claimed top speed of 310kph and a claimed driving range of 530km. Ferrari has already confirmed that its planned 2026 allocation has been fully reserved.

Ferrari Luce ‘Chassis 0’: what makes it special?

The car sold at auction is the first production example of Ferrari’s first all-electric model. Called ‘Chassis 0’, it has been created through Ferrari’s Tailor Made programme and features several bespoke elements that will not be offered on regular production cars.

Its exterior is finished in a unique Madreperla Semi-Gloss paint developed specifically for this car. Ferrari says the finish uses a special pigment that changes appearance depending on the angle and intensity of light. Other unique touches include white five-spoke alloy wheels, bespoke brake callipers and special Ferrari badging.

Inside, the cabin features Le Mans metallic leather in Perla, with Grigio Corvara trim replacing the standard black interior elements. The upholstery has been designed to reflect and diffuse light, matching the car’s overall theme.

Ferrari Luce ‘Chassis 0’:Auction and delivery

RM Sotheby’s auctioned the car without reserve and waived the buyer’s premium, meaning the full USD 40 million sale price will be donated to the Ferrari Foundation to support educational initiatives. The car will now return to Ferrari’s Maranello headquarters before being delivered to its owner in early 2027.

The final bid was far higher than the pre-sale estimate of just over USD 1.1 million and more than 60 times the Luce’s 550,000-euro (USD 640,000) starting price. The winning bidder was American billionaire investor and Ferrari collector Herbert A. Wertheim.

Image credit : RM Sotheby’s

350 विकेट और 4 हजार रन टेस्ट ऑलराउंडर के इस विशेष क्लब में शामिल हुए सर जडेजा

Ravindra Jadeja

रविंद्र जड़ेजा ने सोमवार को श्रीलंका के केसरा का विकेट लेकर टेस्ट क्रिकेट में अपना 350 वां शिकार पूरा किया। इसके बाद वह 4 हजार रन बनाने वाले और 350 टेस्ट विकेट लेने वाले टेस्ट क्रिकेट में चौथे ऑलराउंडर बन गए।

इस फहरिस्त में न्यूजीलैंड के स्पिन ऑलराउंडर डेनियल वेट्टोरी है जिन्होंने 362 विकेट लिए हैं और 4531 रन बनाए हैं। वहीं इंग्लैंड के पेस ऑलराउंडर इयान बॉथम है जो 383 विकेट ले चुके हैं और 5200 रन बना चुके हैं। 5248 रन बनाने वाले कपिल देव हैं जिन्होंने 434 विकेट चटकाए हैं।

सफेद गेंद की क्रिकेट से भले ही रविंद्र जड़ेजा दूर हों लेकिन टेस्ट क्रिकेट में उनकी उपयोगिता को नकारा नहीं जा सकता। साल 2012 से शुरु हुआ रविंद्र जड़ेजा का क्रिकेट करियर अब ढलान पर है। 89 मैचों में उन्होंने 38.3 की औसत से 4095 रन बनाए हैं। जिसमें 6 शतक और 28 अर्धशतक लगाए हैं। गेंदबाजी की बात करें तो उन्होंने 25 की औसत से 348 विकेट चटकाए हैं। इस दौरान उन्होंने 17 बार 4 विकेट और 15 बार 5 विकेट चटकाए हैं।टेस्ट क्रिकेट में उनको कितना मौका मिलता है यह देखने वाली बात होगी।

Oberoi Realty की Delhi NCR में एंट्री का रास्ता साफ! पहले प्रोजेक्ट पर बढ़ी बात लेकिन शेयर लाल

Oberoi Realty Shares Fall: मुंबई की रियल एस्टेट डेवलपर ओबेराय रियल्टी की दिल्ली एनसीआर में एंट्री पर लगा ग्रहण अब हट गया है। इसके बावजूद कंपनी के शेयर धड़ाम हो गए। एक्सचेंज फाइलिंग में कंपनी की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक ग्रुरुग्राम में इसके थ्री सिक्स्टी नॉर्थ प्रोजेक्ट पर पंजाब एंड हरियाण हाईकोर्ट के अस्थायी रोक को हटा दिया है। हालांकि कमजोर मार्केट सेंटिमेंट में इसका शेयरों पर पॉजिटिव असर नहीं दिखा। फिलहाल बीएसई पर यह 1.13% की गिरावट के साथ ₹1910.60 पर है। इंट्रा-डे में यह 2.82% टूटकर ₹1,878.00 तक आ गया था।

Oberoi Realty को किस मामले में मिली है राहत

ओबेराय रियल्टी ने 18 अगस्त को एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि उसके गुरुग्राम के थ्री सिक्स्टी नॉर्थ प्रोजेक्ट पर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट की लगाई गई अस्थायी पाबंदी अब प्रभावी नहीं है। कंपनी ने सोमवार को स्टॉक एक्सचेंजों को बताया कि DTCP (हरियाणा डिपार्टमेंट ऑफ टाउन एंड कंट्री प्लानिंग) के डायरेक्टर ने ATPL (एडवांस इंडिया प्रोजेक्ट्स लिमिटेड) की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें ओबेराय रियल्टी के लाइसेंस को रद्द करने और डेवलपर बदलने की मंजूरी को रद्द करने की मांग की गई थी। DTCP का कहना है कि यह याचिका बिना किसी मेरिट के दायर की गई थी। इसका मतलब है कि Three Sixty North Project में नए अलॉटमेंट और थर्ड-पार्टी राइट्स पर पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट की लगाई गई अस्थायी रोक अब लागू नहीं है।

कंपनी के लिए यह फैसला इसलिए खास है क्योंकि यह मुंबई की रियल एस्टेट डेवलपर का दिल्ली-एनसीआर में पहला प्रोजेक्ट है। पिछले महीने कंपनी ने बताया था कि इस प्रोजेक्ट के लिए उसे लगभग ₹8,109 करोड़ की ग्रॉस बुकिंग मिल चुकी है, जबकि प्रोजेक्ट की कुल अनुमानित वैल्यू करीब ₹16,000 करोड़ है।

कैसी है सेहत

ओबेराय रियल्टी के लिए चालू वित्त वर्ष 2027 की शुरुआत धमाकेदार रही। जून 2026 तिमाही में कंपनी का कंसालिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 29% बढ़कर ₹544 करोड़ और ऑपरेशंस से रेवेन्यू 31.7% उछलकर ₹1,301 करोड़ पर पहुंच गया। ऑपरेटिंग लेवल पर कंपनी का ईबीआईटीडीए 41.1% बढ़कर ₹734.1 करोड़ और ईबीआईटीडीए मार्जिन 52.7% से 56.4% पर पहुंच गया।

अब एक साल में इसके शेयरों की चाल की बात करें तो ओबेराय रियल्टी के शेयर 23 मार्च 2026 को ₹1,390.15 के भाव पर थे जोकि इसके लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। इस निचले स्तर से चार ही महीने में यह 42.79% उछलकर 6 जुलाई 2026 को ₹1,985.00 पर पहुंच गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है।

23 Hours Trading: लगातार 23 घंटे शेयरों का लेन-देन, सिर्फ 1 घंटे आराम, इस स्टॉक एक्सचेंज की जोरदार तैयारी

Milky Mist IPO Listing: मिल्की मिस्ट की क्रीम एंट्री, ₹165 पर लिस्ट ₹140 का शेयर

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Tata Sons: नोएल टाटा जल्द कर सकते हैं RBI अधिकारियों से मुलाकात, टाटा संस की लिस्टिंग पर हो सकता है अंतिम फैसला

Noel Tata RBI Meeting: टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा इस महीने के अंत से पहले भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के शीर्ष अधिकारियों के साथ एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक कर सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, इस मुलाकात का मुख्य एजेंडा टाटा संस को अनलिस्टेड कंपनी के रूप में बनाए रखने और लिस्टिंग से जुड़ी अनिश्चितताओं को खत्म करना है।

एन चंद्रशेखरन के फरवरी 2027 में चेयरमैन पद छोड़ने के ऐलान के बाद, अब नोएल टाटा खुद रेगुलेटरी के साथ बातचीत की कमान संभालने जा रहे हैं।

वार्ता की कमान अब नोएल टाटा के हाथों में

अब तक टाटा संस के अधिकारी और कुछ बोर्ड मेंबर्स आरबीआई के साथ लिस्टिंग से जुड़े मुद्दों पर बातचीत कर रहे थे। लेकिन अब नोएल टाटा बोर्ड मेंबर और बहुसंख्यक शेयरधारक के प्रतिनिधि के रूप में सीधे आरबीआई से बात करेंगे। नोएल टाटा मई 2025 में ही आरबीआई को पत्र लिखकर टाटा संस को अनलिस्टेड रखने की अपनी इच्छा जाहिर कर चुके हैं। अब वे पिछले तीन साल से चले आ रहे इस मुद्दे का स्थाई समाधान चाहते हैं।

NBFC-CIC डी-रजिस्ट्रेशन और लिस्टिंग का पूरा गणित

साल 2022 में रिजर्व बैंक ने टाटा संस को ‘Upper Layer NBFC’ के रूप में वर्गीकृत किया था, जिसके तहत कंपनी के लिए 3 साल के भीतर (सितंबर 2025 तक) शेयर बाजार में लिस्ट होना अनिवार्य था। हालांकि, टाटा संस ने लिस्टिंग से बचने के लिए कई कदम उठाए हैं:

कर्ज मुक्त हुई कंपनी: टाटा संस ने बैंकिंग सेक्टर से लिया गया अपना पूरा बाहरी कर्ज चुका दिया है।

आरबीआई को आश्वासन: कंपनी ने गारंटी दी है कि वह समूह की अन्य कंपनियों को लोन देने के लिए कोई नया कर्ज नहीं लेगी और न ही फीस लेकर कोई कॉर्पोरेट गारंटी देगी।

NBFC दर्जा रद्द करने की अर्जी: टाटा संस ने दिसंबर 2024 में आरबीआई को आवेदन सौंपकर कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी (NBFC-CIC) का दर्जा रद्द करने की मांग की थी। यदि आरबीआई इस अर्जी को स्वीकार कर लेता है, तो टाटा संस पर अनिवार्य IPO/लिस्टिंग की शर्त अपने आप खत्म हो जाएगी।

SP ग्रुप की हिस्सेदारी का मुद्दा भी आ सकता है सामने

शापूरजी पालोनजी (SP Group) की टाटा संस में लगभग 18% हिस्सेदारी है। 31 मार्च 2026 तक एसपी ग्रुप पर करीब 60,000 करोड़ रुपये का कर्ज दर्ज था। अपने कर्ज से राहत पाने के लिए एसपी ग्रुप टाटा संस के आईपीओ या शेयर बाय-बैक के जरिए लिक्विडिटी हासिल करने की कोशिश में है। अगर बैठक के दौरान आरबीआई इस विषय को उठाता है, तो एसपी ग्रुप की हिस्सेदारी से बाहर निकलने की योजना पर भी चर्चा की जा सकती है।

आरबीआई की यह शर्त रही है कि टाटा संस को अनलिस्टेड रखने के लिए टाटा ग्रुप के भीतर पूर्ण सहमति होनी चाहिए। नए नेतृत्व के गठन और एन चंद्रशेखरन के इस्तीफे के बीच नोएल टाटा की यह बैठक टाटा संस के भविष्य के कॉर्पोरेट ढांचे के लिहाज से सबसे निर्णायक मानी जा रही है।

दुनिया का सबसे ‘बदसूरत’ कुत्ता कौन? लटकी जीभ बनी खासियत, मालिक को मिले 5 लाख रुपये

दुनिया में खूबसूरती के मुकाबले तो आपने कई देखे होंगे, लेकिन अमेरिका में होने वाली एक अनोखी प्रतियोगिता का मकसद बिल्कुल अलग है। यहां खूबसूरत नहीं, बल्कि सबसे अलग और ‘बदसूरत’ दिखने वाले कुत्ते को विजेता चुना जाता है। हालांकि, इसके पीछे किसी जानवर का मजाक उड़ाना नहीं, बल्कि रेस्क्यू डॉग्स की ओर लोगों का ध्यान खींचना है। साल 2026 में इस अनोखे मुकाबले का खिताब 6 साल की पग कुतिया जिन्नी लू ने जीता है। उसकी उभरी हुई आंखें और बाहर निकली बड़ी जीभ उसकी पहचान बन गई हैं। खास बात यह है कि जिन्नी लू की कहानी सिर्फ उसके अजीबोगरीब लुक तक सीमित नहीं है।

कभी दक्षिण कोरिया में मुश्किल हालात में मिली यह कुतिया आज अमेरिका में सुरक्षित और खुशहाल जिंदगी जी रही है। उसकी जीत यह संदेश भी देती है कि किसी जानवर की खूबसूरती उसके चेहरे से नहीं, बल्कि उसके संघर्ष और जज्बे से देखी जानी चाहिए।

6 साल की जिन्नी लू बनी विजेता

2026 के World’s Ugliest Dog Contest का खिताब 6 साल की पग कुतिया जिन्नी लू ने अपने नाम किया। उसकी बड़ी-बड़ी उभरी आंखें और मुंह से बाहर निकली लंबी जीभ उसके लुक को बेहद अनोखा बनाती हैं। यही ‘परफेक्टली इंपर्फेक्ट’ अंदाज जजों को पसंद आया। जिन्नी लू को जीत के लिए 5,000 डॉलर की इनामी राशि मिली। इसके साथ उसे टीवी शो में नजर आने और एक स्पेशल एडिशन प्रोडक्ट पर अपनी तस्वीर छपने का मौका भी मिला।

कभी ठंड में लकड़ी के बक्से में मिली थी

जिन्नी लू की कहानी उसके लुक से कहीं ज्यादा भावुक है। वह दक्षिण कोरिया के एक पहाड़ी इलाके में बेहद खराब हालत में मिली थी। उसे ठंड में एक लकड़ी के बक्से में छोड़ दिया गया था। बाद में उसे रेस्क्यू किया गया और अमेरिका में एक नया परिवार मिला। आज वही कुतिया न सिर्फ सुरक्षित और खुशहाल जिंदगी जी रही है, बल्कि दुनिया का ध्यान भी अपनी ओर खींच रही है।

प्रतियोगिता का मकसद सुनकर बदल जाएगा नजरिया

इस प्रतियोगिता का उद्देश्य किसी कुत्ते का मजाक बनाना नहीं है। आयोजक ऐसे रेस्क्यू डॉग्स को पहचान दिलाना चाहते हैं, जिन्होंने बीमारी, चोट, उपेक्षा या मुश्किल परिस्थितियों का सामना किया है।जिन्नी लू की जीत भी इसी संदेश को मजबूत करती है कि किसी जानवर की कीमत उसके चेहरे से नहीं, बल्कि उसकी जिंदगी और संघर्ष से तय होनी चाहिए।

पग की शक्ल के पीछे छिपी है स्वास्थ्य की कहानी

पग कुत्तों की चपटी नाक, बड़ी आंखें और छोटी कद-काठी उन्हें अलग पहचान देती है। हालांकि, उनकी शारीरिक बनावट के कारण कुछ पग्स को सांस लेने जैसी स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। जिन्नी लू की उभरी आंखें और बाहर निकली जीभ भी उसकी अनोखी शारीरिक बनावट का हिस्सा हैं। इसके बावजूद वह एक सक्रिय और खुश कुतिया है। शायद यही वजह है कि इस बार जजों को उसमें ‘बदसूरती’ से ज्यादा संघर्ष के बाद मिली जिंदगी की खूबसूरती नजर आई।

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