Amitabh Bachchan: अमिताभ बच्चन ने शेयर किया मजेदार किस्सा, बोले- इटली में आधी रात को 2000 लोगों ने देखी थी ‘शोले’

Amitabh Bachchan: मेगास्टार अमिताभ बच्चन ने अपनी मशहूर फिल्म ‘शोले’ की ज़बरदस्त ग्लोबल लोकप्रियता को याद करते हुए इटली में हुई एक हैरान करने वाली घटना का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि बोलोग्ना में एक ओपन-एयर स्क्वेयर पर करीब 2,000 इटैलियन लोग जमा हुए और उन्होंने रात 11 बजे से सुबह 3 बजे तक हिंदी क्लासिक फिल्म ‘शोले’ का रिस्टोर किया हुआ वर्शन देखा।

‘कौन बनेगा करोड़पति’ सीजन 18 के हालिया एपिसोड में हॉट सीट पर बैठे डॉ. गणेश बारैया के साथ बातचीत के दौरान, होस्ट ने अपनी 1975 की मशहूर फ़िल्म के रिस्टोरेशन और इटली में उसे मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बारे में बात की।

हालिया रिलीज एनिवर्सरी के बारे में बोलते हुए, बिग बी ने याद किया कि कैसे इटली के बोलोग्ना में ऐतिहासिक केंद्रीय चौराहे पर शोले का एक नया पुनर्स्थापित प्रिंट प्रदर्शित किया गया था। फिल्म का विश्व प्रीमियर 27 जून, 2025 को बोलोग्ना में अपनी 50वीं वर्षगांठ के जश्न के हिस्से के रूप में किया गया था।

83 वर्षीय सिने आइकन ने कहा, “हाल ही में, उन्हें जब शोले फिर से, उसका निर्धारण हुआ, अच्छे प्रिंट में पता चलेगा, तो वो फिल्म हेरिटेज में शिवेंद्र सिंह जी हैं जो इसका काम कर रहे हैं। ये ले गए इसको इटली में, भाईसाहब बोलोग्ना एक जगह है, शहर का नाम हैं, वाह एक बहुत बड़ा आंगन है। जैसे बड़े-बड़े शहरो में बीच में एक आंगन होता है ना, वाहा पर 2000 इटालियन, रात के 11 बजे से सुबह 3 बजे तक शोले देखा।”

इस कल्ट क्लासिक फ़िल्म की बात करें तो यह 15 अगस्त 1975 को रिलीज़ हुई थी। रमेश सिप्पी के निर्देशन में बनी यह फ़िल्म भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे असरदार और मशहूर फ़िल्मों में से एक बन गई। इसे जी.पी. सिप्पी ने प्रोड्यूस किया था और इसकी कहानी मशहूर लेखक जोड़ी सलीम खान और जावेद अख्तर (जिन्हें सलीम-जावेद के नाम से जाना जाता है) ने लिखी थी।

फ़िल्म की कहानी रिटायर्ड पुलिस अफ़सर ठाकुर बलदेव सिंह (संजीव कुमार) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो बेरहम डाकू गब्बर सिंह (अमजद खान) को पकड़ने के लिए दो छोटे-मोटे अपराधियों, जय और वीरू (अमिताभ बच्चन और धर्मेंद्र) को काम पर रखते हैं। हेमा मालिनी ने बेबाक मिज़ाज वाली बसंती का किरदार निभाया, जबकि जया भादुड़ी ने शांत और गरिमापूर्ण विधवा राधा की भूमिका निभाई।

फ़िल्म में कई यादगार सहायक कलाकार भी थे, जिनमें ए.के. हंगल, सत्येन कप्पू, मैक मोहन, सचिन, जगदीप, असरानी, ​​विजू खोटे, केष्टो मुखर्जी, हेलेन और सचिन पिलगांवकर शामिल थे।

फ़िल्म का संगीत आर.डी. बर्मन ने तैयार किया था और गाने के बोल आनंद बख्शी ने लिखे थे। इसके साउंडट्रैक में हिंदी सिनेमा के कुछ सबसे सदाबहार गाने शामिल थे, जैसे ‘ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे’, ‘होली के दिन’, ‘कोई हसीना जब रूठ जाती है’, ‘महबूबा महबूबा’ और ‘जब तक है जान’।

कर्नाटक के रामनगर के पथरीले इलाकों में बड़े पैमाने पर शूट की गई यह फ़िल्म एक महत्वाकांक्षी प्रोडक्शन थी, जिसमें एक्शन, ड्रामा, रोमांस, कॉमेडी और ट्रेजेडी का मिश्रण था। जो लोग नहीं जानते, उन्हें बता दें कि रिलीज़ के समय इस फ़िल्म को देखने के लिए थिएटर में कोई दर्शक नहीं आया और इसे लगभग फ्लॉप घोषित कर दिया गया था। लेकिन जल्द ही लोगों की बातचीत और चर्चाओं के ज़रिए यह सुपर-हिट बन गई और थिएटर में सबसे लंबे समय तक चलने वाली कुछ फ़िल्मों में से एक बन गई, साथ ही इसे ‘कल्ट स्टेटस’ भी मिला। बाद में इस फ़िल्म के डायलॉग, किरदार और संगीत पॉपुलर कल्चर का अहम हिस्सा बन गए।

80th Independence Day: कॉम्पिटीटिव एग्जाम्स की तैयारी करने वाले छात्रों को मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग, PM मोदी ने किया ऐलान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को घोषणा की कि कॉम्पिटीटिव एग्जाम्स (प्रतियोगी परीक्षा) की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था की जाएगी। ऐसा छात्रों के परिवारों पर आर्थिक बोझ कम करने के लिए किया जा रहा है। 15 अगस्त 2026 को देश अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। इस मौके पर दिल्ली में ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “कोचिंग क्लास से गरीब और मध्यम वर्ग पर बोझ पड़ता है। हम अलग-अलग परीक्षाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराएंगे।”

पीएम ने कहा कि हर माता-पिता को लगता है कि अगर वे अपने बच्चे को कोचिंग क्लास नहीं भेजेंगे तो वे प्रतिष्ठित परिवार नहीं कहलाएंगे। प्रधानमंत्री ने इन परिवारों को भरोसा दिलाया कि वे कोचिंग पर खर्च होने वाले हजारों करोड़ रुपये बचा सकते हैं, अपने बच्चों के करीब रह सकते हैं और उनकी देखभाल कर सकते हैं।

पीएम मोदी ने कहा, “इसलिए, हमने युवाओं के लिए अलग-अलग परीक्षाओं की मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराने का फैसला किया है। हमारे पास डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर है, हमारे पास बेहतरीन टैलेंट और शिक्षक हैं। इन संसाधनों को एक साथ लाकर, हम देश के युवाओं को मुफ्त कोचिंग देने के लिए एक पूरा नेटवर्क बनाने जा रहे हैं।”

एक साल में 1 करोड़ युवाओं को AI की ट्रेनिंग

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि हमने तय किया है कि अगले एक वर्ष में एक करोड़ युवाओं को आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस (AI) कौशल की ट्रेनिंग दी जाएगी। यह भी कहा कि युवाओं की क्षमताओं का इस्तेमाल राष्ट्र निर्माण में किया जाएगा। इसके साथ ही पीएम मोदी ने युवाओं से अपील की कि वे देश में जारी जनगणना प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लें। साथ ही जनगणना को त्रुटिरहित (जिसमें कोई गलती न हो) बनाने के लिए अपने परिवार की सही डिजिटल जानकारी उपलब्ध कराने में सहयोग करें।

इस वर्ष का समारोह ‘वंदे मातरम्’ के 150 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय गीत को विशेष रूप से समर्पित है। लाल किले के स्वतंत्रता दिवस समारोह में आज, शनिवार को पहली बार ‘वंदे मातरम्’ गाया गया।

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5,000 विशेष अतिथियों ने लिया हिस्सा

लाल किले पर शनिवार को आयोजित 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में लगभग 5,000 विशेष अतिथियों ने हिस्सा लिया। इनमें महिला उद्यमी, युवा इनोवेटर्स, किसान और विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों सहित समाज के कई क्षेत्रों से जुड़े लोग शामिल रहे। समारोह में सांस्कृतिक रंग भरने के लिए विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से पारंपरिक वेशभूषा में सजे 1,500 से अधिक लोग भी उपस्थित रहे।

Independence Day: 21 तोपों की सलामी और ‘वंदे मातरम्’ की गूंज… इस बार लाल किले पर दिखेगा नया अंदाज

Independence Day: अब से कुछ ही घंटों बाद देश अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 अगस्त 2026 को दिल्ली के लाल किले से 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह की अगुवाई करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यहां राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और लगातार 13वीं बार देश को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर संबोधित करेंगे। इस साल स्वतंत्रता दिवस समारोह की थीम ‘विकसित भारत@2047 के लिए युवा शक्ति’ रखी गई है। इसके साथ ही ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे होने के मौके पर भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

समारोह में भारत में बनी 105 मिमी हल्की फील्ड गन से स्वदेशी 21 तोपों की सलामी दी जाएगी। इसके बाद एमआई-17 हेलीकॉप्टरों से फूलों की बारिश भी की जाएगी। प्रधानमंत्री के भाषण का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से 22 भारतीय भाषाओं में तुरंत अनुवाद भी किया जाएगा। स्वतंत्रता दिवस समारोह का सीधा प्रसारण सुबह 6:30 बजे से शुरू होगा। इसे डीडी नेशनल के साथ कई डिजिटल मंचों पर भी लाइव देखा जा सकेगा।

स्वतंत्रता दिवस 2026: पहली बार होंगी ये खास बातें

  • लाल किले पर पहली बार गूंजेगा ‘वंदे मातरम’: ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे होने के मौके पर इस साल स्वतंत्रता दिवस समारोह में इसे पहली बार लाइव गाया जाएगा। आजादी के बाद लाल किले पर होने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोहों के इतिहास में यह पहली बार होगा।
  • स्वदेशी तोपों से 21 तोपों की सलामी: इस बार 21 तोपों की सलामी में इस्तेमाल होने वाले सभी प्रमुख उपकरण भारत में बने होंगे। समारोह में स्वदेशी 105 मिमी हल्की फील्ड गन से पारंपरिक 21 तोपों की सलामी दी जाएगी। इसके लिए औपचारिक 1721 फील्ड बैटरी का इस्तेमाल किया जाएगा।
  • प्रधानमंत्री की मदद करेंगी कैप्टन सोनिया सिंह चौहान: ध्वजारोहण के दौरान कैप्टन सोनिया सिंह चौहान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मदद करेंगी। वह लाल किले की प्राचीर पर प्रधानमंत्री के साथ रहेंगी।
  • हेलिकॉप्टर से होगी फूलों की बारिश: तिरंगा फहराने के तुरंत बाद दो एमआई-17 हेलीकॉप्टर लाल किले के ऊपर से फूलों की पंखुड़ियों की बारिश करेंगे।
  • 5,000 विशेष अतिथि होंगे शामिल: स्वतंत्रता दिवस समारोह में करीब 5,000 विशेष अतिथियों के साथ 2,500 राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) कैडेट भी शामिल होंगे।
  • 22 भाषाओं में होगा भाषण का लाइव अनुवाद: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से 22 भारतीय भाषाओं में तुरंत अनुवाद किया जाएगा। इसके लिए ‘डिजिटल इंडिया भाषिणी’ ऐप का इस्तेमाल किया जाएगा। इसका मकसद प्रधानमंत्री का संदेश देश के ज्यादा से ज्यादा लोगों तक उनकी अपनी भाषा में पहुंचाना है।

स्वतंत्रता दिवस 2026: मुख्य विषय

इस साल स्वतंत्रता दिवस समारोह में देश के इतिहास और भविष्य, दोनों पर खास जोर दिया गया है। समारोह के दो मुख्य विषय रखे गए हैं।

  • ‘वंदे मातरम’ के 150 साल: इस साल राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे होने के मौके पर इसकी विरासत को खास सम्मान दिया जाएगा। पहली बार प्रधानमंत्री के भाषण के तुरंत बाद लाल किले पर राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के कैडेट और ‘मेरा भारत’ के स्वयंसेवक मिलकर औपचारिक रूप से ‘वंदे मातरम’ का गायन करेंगे।
  • 2047 तक विकसित भारत के लिए युवा शक्ति: इस विषय के तहत 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने में युवाओं की भूमिका पर जोर दिया जाएगा। इसमें खास तौर पर जेन-जी युवाओं और युवा उद्यमियों की प्रतिभा, मेहनत और नए विचारों को देश के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया गया है।

Gold Silver Prices Today: दिल्ली में सोना लगातार दूसरे दिन गिरा, चांदी की कीमतें अपरिवर्तित

Gold Silver Prices Today: दिल्ली सर्राफा बाजार में 14 अगस्त यानी शुक्रवार को सोने में लगातार दूसरे दिन गिरावट आई। हालांकि, चांदी की कीमतों में स्थिरता रही। सोना 800 रुपये गिरकर 1,56,200 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। चांदी बगैर किसी बदलाव के 2,40,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बनी रही।

अंतरराष्ट्रीय बाजार से कमजोर संकेतों का असर

एचडीएफसी सिक्योरिटीज में सीनियर कमोडिटीज एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार के कमजोर संकेतों का असर घरेलू बाजार में सोने की कीमतों पर पड़ा। हालांकि, अमेरिका में प्रोड्यूसर प्राइस डेटा उम्मीद के मुकाबले नरम रहे। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सोने में गिरावट की दूसरी वजह मुनाफावसूली रही।

लगातार 7 सत्रों की तेजी के बाद सोने में मुनाफावसूली

13 अगस्त से पहले लगातार सात सत्रों में सोने में तेजी दिखी थी। इससे इसका भाव 12000 रुपये प्रति 10 ग्राम से ज्यादा चढ़ गया था। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इतनी तेजी आने के बाद मुनाफावसूली स्वाभाविक है। इनवेस्टर्स सोने में उछाल के बाद नई खरीदारी करने से हिचक रहे हैं। इसका असर भी सोने की कीमतों पर पड़ा।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने में नरमी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में हल्की नरमी दिखी। इसका भाव 4,351 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। हालांकि, चांदी में तेजी दिखी। इसका भाव 0.33 फीसदी की तेजी के साथ 64.68 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। एक्सपर्ट्स का कहना है कि क्रूड की कीमतों में 14 अगस्त को तेजी दिखी। जब तक क्रूड की कीमतें हाई लेवल पर बनी रहेगी, महंगाई बढ़ने का डर बना रहेगा। इससे फेडरल रिजर्व अनुमान से पहले इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकता है।

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क्रूड में उछाल जारी रहने से महंगाई बढ़ने का डर

अमेरिका और ईरान के बीच समझौते के कोई संकेत नहीं दिखे हैं। इसका सीधा असर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर पड़ रहा है। इस रास्ते ऑयल टैंकर्स की आवाजाही नाममात्र की हो रही है। इससे क्रूड की सप्लाई में कमी दिखी रही है। अगर यह स्थिति बनी रहती है तो क्रूड की कीमतों में बड़ा उछाल आ सकता है। इसका निगेटिव असर सोने की कीमतों पर पड़ेगा।

Independence Day 2026 : लालकिले की सुरक्षा के लिए एंटी-ड्रोन शील्ड तैनात, 20 हजार से ज्यादा लोगों की जांच; दिल्ली में ट्रैफिक डायवर्जन

Independence Day 2026 : लालकिले की सुरक्षा के लिए एंटी-ड्रोन शील्ड तैनात, 20 हजार से ज्यादा लोगों की जांच; दिल्ली में ट्रैफिक डायवर्जन

15 अगस्त को होने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोह को लेकर राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। लालकिले और उसके आसपास के इलाकों में दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा की कई परतें तैयार की हैं। सुरक्षा व्यवस्था के तहत बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ एंटी-ड्रोन सिस्टम भी लगाए गए हैं।

 

सुरक्षा एजेंसियों ने लाल किले के आसपास रहने और काम करने वाले 20 हजार से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग और वेरिफिकेशन भी किया है। किसी भी संभावित सुरक्षा चूक या व्यवधान को रोकने के लिए दिल्ली के कई हिस्सों में ट्रैफिक डायवर्जन और भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लागू किए गए हैं।

 

 लाल किले के आसपास कड़ी सुरक्षा

 

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, स्वतंत्रता दिवस समारोह के मद्देनजर लाल किले और आसपास के संवेदनशील इलाकों में व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए लगातार निगरानी कर रही हैं। सुरक्षा व्यवस्था के तहत एंटी-ड्रोन शील्ड तैनात की गई है ताकि आसमान से आने वाले किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।

 

20 हजार से ज्यादा लोगों का वेरिफिकेशन

 

सेंट्रल दिल्ली के डीसीपी रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि लाल किले के आसपास के संवेदनशील क्षेत्र में रहने या काम करने वाले 20,000 से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग और पहचान सत्यापन किया गया है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान लाल किला सबसे संवेदनशील स्थानों में से एक माना जाता है। इसलिए सुरक्षा व्यवस्था को कई स्तरों पर मजबूत किया गया है।

 

DTC बसों के रूट में बदलाव

 

दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्रता दिवस को लेकर DTC बसों और अन्य बसों के संचालन के संबंध में भी एडवाइजरी जारी की है। अधिकारी के मुताबिक, प्रभावित मार्गों पर इस अवधि के दौरान DTC या अन्य बसें सामान्य रूप से संचालित नहीं होंगी। बसों के रूट डायवर्ट किए जाएंगे और उनके टर्मिनेशन पॉइंट रामलीला मैदान और तीस हजारी कोर्ट में निर्धारित किए गए हैं।

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मेहमानों के लिए पार्किंग की व्यवस्था

 

स्वतंत्रता दिवस समारोह में आने वाले आमंत्रित मेहमानों के लिए निर्धारित पार्किंग स्थानों को Google Maps पर चिह्नित किया गया है। लोगों से ट्रैफिक और पार्किंग से जुड़ी ताजा जानकारी के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के आधिकारिक X अकाउंट को फॉलो करने की अपील की गई है।

 

सुबह 4 बजे से 11 बजे तक ट्रैफिक डायवर्जन

 

दिल्ली पुलिस के अनुसार, लाल किले के आसपास आम लोगों के लिए ट्रैफिक डायवर्जन सुबह 4 बजे से 11 बजे तक लागू रहेगा। इसके बाद ट्रैफिक प्रतिबंध हटा दिए जाएंगे। चांदनी चौक क्षेत्र की कुछ सड़कें प्रतिबंधित समय के दौरान बंद रहेंगी। हालांकि, पुलिस के मुताबिक दुकानों, बाजारों और शॉपिंग मॉल पर कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा।

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भारी वाहनों की आवाजाही पर भी रोक

 

स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए दिल्ली के कई हिस्सों में भारी वाहनों की आवाजाही पर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं। पुलिस का लक्ष्य समारोह के दौरान किसी भी तरह की सुरक्षा चूक और ट्रैफिक व्यवधान को रोकना है।

Vodafone Idea share Price: 3 दिन में 11% चढ़ा वोडाफोन आइडिया का शेयर, क्या आपको खरीदना चाहिए?

Vodafone Idea share Price: वोडाफोन आइडिया का शेयर तीन दिन में करीब 11 फीसदी चढ़ा है। 14 अगस्त को यह 4.37 फीसदी उछलकर 14.10 रुपये पर पहुंच गया। शेयरों में तेजी की वजह कंपनी के टैरिफ बढ़ाने की चर्चा है। दरअसल, भारती एयरटेल ने हाल में अपनी कई स्कीम के टैरिफ बढ़ाए हैं। इससे यह माना जा रहा है कि वोडाफोन आइडिया भी टैरिफ बढ़ा सकती है।

वोडाफोन आइडिया की सेहत में दिख रहा सुधार

अगर वोडाफोन आइडिया टैरिफ बढ़ाती है तो उसका प्रति यूजर औसत रेवेन्यू (ARPU) बढ़ जाएगा। मास्टर कैपिटल सर्विसेज में एवीपी विष्णु कांत उपाध्याय ने कहा कि वोडाफोन आइडिया के टैरिफ बढ़ाने से उसका रेवेन्यू भी बढ़ेगा। वोडाफोन आइडिया की वित्तीय सेहत में सुधार दिख रहा है। इसका असर उसके शेयरों पर दिखा है। बीते एक साल में यह शेयर 129 फीसदी चढ़ा है।

शेयरों में तेजी जारी रहने का अनुमान 

उपाध्याय ने कहा, “निवेशकों को वोडाफोन आइडिया के शेयर अपने पास बनाए रखना चाहिए। इसकी वजह यह है कि कंपनी की स्थिति अब बदल रही है।” उनका मानना है कि यह शेयर 15 रुपये तक जा सकता है। उसके बाद यह 15.50 रुपये की तरफ बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि निवेशकों को कंपनी के एग्जिक्यूशन, सब्सक्राइबर ग्रोथ और प्रॉफिटेबिलिटी पर नजर रखनी चाहिए।

टैरिफ बढ़ाने से बढ़ सकता है रेवेन्यू 

IIFL का कहना है कि वोडाफोन आइडिया के लिए दो संभावनाएं दिख रही हैं। पहला, अगर यह टैरिफ बढ़ाती है तो इसका ARPU FY27 में करीब 4 रुपये बढ़ सकता है। दूसरा, अगर यह टैरिफ नहीं बढ़ाती है तो इसके सस्ते प्लान में यूजर्स की दिलचस्पी बढ़ सकती है। इसका मतलब है कि दोनों ही स्थितियों में वोडाफोन आइडिया को फायदा होगा।

18.70 रुपये तक जा सकता है शेयर 

ब्रोकरेज फर्म एंबिट कैपिटल ने बताया कि वोडाफोन आइडिया का शेयर 18.70 रुपये तक जा सकता है। जून तिमाही में कंपनी के सब्सक्राइबर्स की संख्या 3 लाख बढ़ी है। लंबे समय बाद कंपनी के यूजर्स की संख्या बढ़ी है। एंबिट का कहना है कि कंपनी दिसंबर 2026 तक टैरिफ 15 फीसदी तक बढ़ा सकती है।

कंपनी का तीन साल में 45000 करोड़ निवेश का प्लान

कंपनी पहले ही डबल डिजिट रेवेन्यू ग्रोथ हासिल करने का ऐलान कर चुकी है। इसके लिए वह अगले तीन साल में अपने नेटवर्क में 45,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। कंपनी के सीईओ अभिजीत किशोर ने कहा था कि प्रमोटर्स से मिलता सहयोग और बैंकों से फंड के लिए चल रही बातचीत से हमारा आत्मविश्वास बढ़ा है।

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सरकार की हिस्सेदारी बढ़कर 50 फीसदी हुई

वोडाफोन आइडिया देश की तीसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी है। पहले नंबर पर रिलायंस जियो है। दूसरे नंबर पर भारती एयरटेल है। तीसरे पर वोडाफोन आइडिया है। रिलायंस जियो शेयर बाजार में सूचीबद्ध नहीं है। वोडाफोन में सरकार की हिस्सेदारी बढ़कर करीब 50 फीसदी हो गई है।

इटली में भारतीय फोटोग्राफरों का 40 लाख रुपये का कैमरा गियर चोरी, पुलिस बोली- संडे है, कल आना!

दो भारतीय फ़ोटोग्राफ़रों की इटली यात्रा तब बुरे सपने में बदल गई, जब 40 लाख रुपये से ज़्यादा कीमत का उनका प्रोफ़ेशनल कैमरा इक्विपमेंट चोरी हो गया। उन्होंने आरोप लगाया कि शाम के समय एक शॉपिंग आउटलेट की पार्किंग में उनकी किराए की कार का शीशा तोड़कर चोरी की गई। उन्होंने पुलिस में शिकायत तो की, लेकिन रविवार होने के कारण उन्हें कोई मदद नहीं मिली।

गणेश बागल नाम के फ़ोटोग्राफ़र ने इंस्टाग्राम पर इस घटना की जानकारी दी। यह घटना 9 अगस्त को नोवेंता डि पियावे में मैकआर्थरग्लेन डिज़ाइनर आउटलेट की फ़्री पार्किंग एरिया में हुई थी। उन्होंने अपनी किराए की कार दोपहर करीब 3:30 बजे पार्क की थी और 1 घंटे 40 मिनट बाद वापस लौटे थे।

तब तक गाड़ी की पिछली खिड़की तोड़ी जा चुकी थी और कार से उनके कैमरे के बैग और सामान गायब थे। उन्होंने बताया कि चोरी हुआ सामान उन दोनों का था और उसकी कीमत 40 लाख रुपये (यानी 40,000 यूरो) से ज़्यादा थी; इसमें कई प्रोफेशनल सोनी कैमरा बॉडी और लेंस शामिल थे। अच्छी बात यह थी कि उनके कुछ सामान में ट्रैकिंग डिवाइस लगे हुए थे।

रविवार होने के कारण पुलिस ने मदद करने से मना कर दिया

उन्होंने कहा, “हम सबसे पहले पुलिस के पास गए, उन्हें ट्रैकर की लोकेशन दिखाई और मदद मांगी। चूंकि रविवार था और शाम के करीब 7 बज रहे थे, इसलिए हमें बताया गया कि वे हमारे साथ नहीं जा सकते।” लाइव ट्रैकर की जानकारी से पता चला कि उनका सामान एक इंडस्ट्रियल एरिया में ले जाया गया था। पुलिस से मनाही मिलने के बाद, उन्होंने खुद उस जगह जाने का फैसला किया, भले ही वे किसी दूसरे देश में थे और भाषा की दिक्कत भी थी।

उन्होंने लिखा, “यह एक जोखिम भरा काम था,” और बताया कि उन्हें यह फैसला इसलिए लेना पड़ा क्योंकि चोरी हुआ सामान वापस मिलने की उम्मीद अभी भी थी। जब वे उस जगह पहुंचे, तो उन्हें अपने दो पासपोर्ट, सामान, कई निजी चीज़ें और एक खाली कैमरा बैग वहां पड़ा हुआ मिला। कैमरे और लेंस गायब थे।

उन्होंने कहा, “सबसे निराशाजनक बात यह थी कि हमारे पास ऐसी जानकारी थी जिस पर तुरंत कार्रवाई की जा सकती थी। हमारे पास एक ट्रैकर था जो एक खास जगह दिखा रहा था जहां हमारा चोरी हुआ सामान ले जाया गया था। उस जगह खुद जाने से पहले हम पुलिस के पास गए, उन्हें ट्रैकर की जानकारी दिखाई और मदद मांगी।”

उन्होंने बताया कि सबसे ज़्यादा निराशाजनक बात क्या थी

फ़ोटोग्राफ़र ने आगे कहा, “हम समझते हैं कि पुलिस की प्रक्रियाएं और कानूनी सीमाएं होती हैं, और हम यह दावा नहीं कर रहे हैं कि हमें पता है कि अधिकारी कानूनी तौर पर क्या कर सकते थे या क्या नहीं। लेकिन एक पर्यटक के तौर पर, हमारे लिए यह समझना बहुत मुश्किल था कि हाल ही में हुई चोरी से जुड़ी लाइव ट्रैकर लोकेशन के बावजूद तुरंत मदद क्यों नहीं मिल सकी। हमारे लिए सबसे बड़ी निराशा सिर्फ़ चोरी की घटना नहीं थी। बल्कि कीमती समय का नुकसान होना था, जबकि चोरी हुए सामान को वापस पाने की अभी भी संभावना थी।”

फ़ोटोग्राफ़रों ने कहा कि वे पूरे इटली को दोष नहीं दे रहे हैं, बल्कि वे अपना अनुभव इसलिए साझा करना चाहते हैं ताकि दूसरों को आगाह कर सकें। उन्होंने इटली, भारत और फ़ोटोग्राफ़ी समुदाय के लोगों से यह भी अपील की है कि अगर चोरी हुआ सामान बिक्री के लिए पेश किया जाए या सर्विसिंग के लिए भेजा जाए, तो वे सतर्क रहें।

इस घटना पर इंटरनेट पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं

इस घटना पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आई हैं। कुछ लोग मामले की जांच न करने के लिए इटैलियन पुलिस की आलोचना कर रहे हैं, जबकि दूसरों का कहना है कि उन्हें अपने सामान के प्रति ज़्यादा सावधान रहना चाहिए था। एक यूज़र ने कहा, “दोस्त, अगर आप 40,000 यूरो का सामान लेकर यात्रा कर रहे हैं, तो सलाह यह नहीं है कि ‘ट्रैकर का इस्तेमाल करें’, बल्कि सलाह यह होनी चाहिए कि ‘सामान अपने साथ रखें और उसे पार्क की हुई कार में न छोड़ें!!’ और यह बात दुनिया भर में लागू होती है।”

एक और यूज़र ने तंज कसते हुए कहा, “संक्षेप में कहें तो यही इटैलियन सिस्टम है। दुख की बात है कि इटैलियन पुलिस उतनी ही काम की है जितना कि किसी सुनसान जगह पर गैस स्टेशन के टॉयलेट में रखा टॉयलेट ब्रश। साथ ही, अगर आपकी कार की खिड़कियों पर टिंटेड ग्लास नहीं है, तो अपना सामान कभी भी कार में न छोड़ें… यह बात दुनिया में कहीं भी लागू होती है; अच्छी बात यह है कि कम से कम आपके डॉक्यूमेंट्स तो वापस मिल गए।”

एक व्यक्ति ने मज़ाक में कहा, “इटली में आपका स्वागत है। एक इटैलियन होने के नाते, मुझे इसके लिए खेद है। दुर्भाग्य से, हमारे लिए यह कोई नई बात नहीं है।” किसी और ने टिप्पणी की, “यह पढ़कर काफी डर और दुख होता है। इटली और कुछ अन्य यूरोपीय संघ के देशों में भी ऐसे मामले सुने हैं, जहाँ ट्रैकर उपलब्ध होने के बावजूद पुलिस मदद करने को तैयार नहीं थी।”

अफ्रीका में भारत का गौरव! गुजरात के भाई-बहन ने केन्या पुलिस को कराया ऐतिहासिक योग, बना दिया नया विश्व कीर्तिमान

अफ्रीका में भारत का गौरव! गुजरात के भाई-बहन ने केन्या पुलिस को कराया ऐतिहासिक योग, बना दिया नया विश्व कीर्तिमान

जब पूरा भारत 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस उत्साहपूर्वक मना रहा था, उसी समय अफ्रीका की धरती पर भी भारतीय संस्कृति और योग की गूंज सुनाई दे रही थी। ह्रिम योगशाला, संतरामपुर की संस्थापक राजवी शैलेष मेहता (युवा योगिनी) एवं सह-संस्थापक राज शैलेष मेहता (युवा उद्यमी, संस्कृति प्रचारक एवं विश्व के सबसे युवा ऑटोमोबाइल कंपनी के संस्थापक) ने केन्या में विशाल योग सत्र आयोजित कर भारत का गौरव बढ़ाया।

 

योग दिवस के अवसर पर आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में केन्या गणराज्य के राष्ट्रपति माननीय डॉ. विलियम रूटो के नेतृत्व में केन्या पुलिस सेवा द्वारा प्रथम सत्र में लगभग 4000 पुलिस अधिकारियों को लगातार 72 मिनट तक योग कराया गया। इसके बाद दूसरे सत्र में 260 वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों (नैरोबी सिटी काउंटी अधिकारी) को 150 मिनट तक योगाभ्यास करवाकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया गया।

 

कार्यक्रम की शुरुआत भारतीय संस्कृति की झलक प्रस्तुत करते हुए भरतनाट्यम की मनमोहक प्रस्तुति से हुई। इसके साथ ही योग के माध्यम से भारतीय परंपरा और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस अवसर पर राज शैलेष मेहता ने भारतीय पारंपरिक परिधान धोती धारण कर भारतीय संस्कृति एवं वेशभूषा का भी प्रचार-प्रसार किया।

 

राजवी शैलेष मेहता और राज शैलेष मेहता सगे भाई-बहन हैं। दोनों मूल रूप से गुजरात के छोटे से कस्बे संतरामपुर के निवासी हैं। उच्य शिक्षा के लिए वे अहमदाबाद में बस गए, लेकिन अपनी भारतीय संस्कृति और योग की परंपरा को विश्वभर में पहुँचाने का संकल्प निरंतर निभा रहे हैं।

राज शैलेष मेहता ने बताया कि जैसा की आदरणीय मोदी जी ने लगातार 12 वर्षो से अधिक भारतवर्ष मे योगा के प्रति अलख जगाई उसी प्रकार हमने उन पुलिस अधिकारियों को योग कराया जो दिन-रात समाज की सुरक्षा के लिए अनेक मानसिक तनाव और चुनौतियों का सामना करते हैं। योग उनके मानसिक तनाव को कम करने और उन्हें शारीरिक एवं मानसिक रूप से सशक्त बनाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। इसी उद्देश्य से हमने अफ्रीका की धरती पर लगभग 3,27,000 मिनट के सामूहिक योग अभ्यास का यह ऐतिहासिक आयोजन किया, जिसमें सभी अधिकारी अपनी आधिकारिक यूनिफॉर्म में शामिल हुए। ओर इस तरीके के आयोजनो से दोनों देशो के मध्य रिश्ते ओर मजबूत होंगे ओर हमारा लक्ष्य है की वैश्विक स्तर पर रक्षा दलो को कुल 60 लाख मिनिट का योग समर्पित करना है। 

 

इस आयोजन ने न केवल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर योग की महत्ता को नई पहचान दिलाई, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और “योग से विश्व कल्याण” के संदेश को भी पूरी दुनिया तक पहुँचाने का कार्य किया। भाई-बहन की इस उपलब्धि पर भारत और गुजरात के लोगों में गर्व और हर्ष का वातावरण है।

RBI का लोन प्राइसिंग प्रपोजल: कर्ज लेने वालों पर इसका क्या हो सकता है असर?

RBI loan pricing proposal: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने लोन प्राइसिंग के लिए एक नया फ़्रेमवर्क प्रस्तावित किया है। इसका मकसद छोटे लोन के लिए फ़्लोटिंग इंटरेस्ट रेट, स्प्रेड और कुल लागत में बदलाव को उधार लेने वालों के लिए ज़्यादा पारदर्शी बनाना है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (लोन और एडवांस पर इंटरेस्ट रेट) निर्देश, 2026 का ड्राफ़्ट कमर्शियल बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, को-ऑपरेटिव बैंकों, ऑल-इंडिया फ़ाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन और नॉन-बैंकिंग फ़ाइनेंशियल कंपनियों (NBFCs) – जिनमें हाउसिंग फ़ाइनेंस कंपनियां भी शामिल हैं उनपर लागू होगा। प्रस्तावित निर्देश 1 अप्रैल, 2027 से लागू होने वाले हैं।

यहां वे मुख्य प्रस्ताव दिए गए हैं जिनके बारे में कर्ज लेने वालों को पता होना चाहिए।

फ़्लोटिंग लोन रेट के लिए साफ रीसेट फ़्रेमवर्क

प्रस्तावित फ़्रेमवर्क के तहत, लेंडर को फ़िक्स्ड और फ़्लोटिंग-रेट लोन की कीमत तय करने के लिए इंटरनल या एक्सटर्नल बेंचमार्क के साथ रिस्क-बेस्ड स्प्रेड का इस्तेमाल करना होगा। बेंचमार्क, रीसेट फ़्रीक्वेंसी और रीसेट की तारीख लोन एग्रीमेंट में बताई जानी चाहिए।

फ़्लोटिंग-रेट लोन के लिए, बेंचमार्क रीसेट की अवधि तीन महीने से ज़्यादा नहीं हो सकती। हालांकि, यह जरूरत कुछ छोटी रेगुलेटेड संस्थाओं(जिनमें बेस लेयर की NBFCs शामिल हैं) के लिए अनिवार्य नहीं होगी।

इजी होम फाइनेंस के चीफ फ़ाइनेंशियल ऑफ़िसर विकास कुमार मिश्रा ने कहा कि प्रस्तावित फ़्रेमवर्क से फ़्लोटिंग-रेट पर लोन लेना ज़्यादा अनुमान लगाने लायक हो सकता है। मिश्रा ने कहा, “हर फ़्लोटिंग रेट को ज़्यादा से ज़्यादा तीन महीने के रीसेट साइकल वाले साफ़ बेंचमार्क से जोड़ने से उन उधार लेने वालों के लिए ज़रूरी अनुमान लगाने की सुविधा मिलती है जिन्होंने पहले असमान ट्रांसमिशन देखा है।”

कर्ज लेने वालों के लिए, इसका मतलब यह नहीं है कि EMI में कोई बदलाव नहीं होगा। फ़्लोटिंग-रेट लोन तब भी महंगा हो सकता है जब बेस बेंचमार्क बढ़ता है। इसके बजाय, प्रस्तावित नियमों का मकसद बेंचमार्क और रीसेट मैकेनिज़्म को ज़्यादा साफ़ बनाना है।

लेंडर के लिए लोन स्प्रेड बदलने पर सीमाएं

RBI ने इस बात पर पाबंदियां प्रस्तावित की हैं कि लेंडर बेंचमार्क पर लिए जाने वाले स्प्रेड में कैसे बदलाव कर सकते हैं।

स्प्रेड में क्रेडिट रिस्क प्रीमियम, ऑपरेटिंग कॉस्ट, टर्म प्रीमियम और बिज़नेस स्ट्रैटेजी से जुड़ी बातें शामिल हो सकती हैं। क्रेडिट रिस्क प्रीमियम में तब बदलाव किया जा सकता है जब उधार लेने वाले का क्रेडिट प्रोफाइ बदलता है, बशर्ते उसकी समीक्षा की जाए। हालांकि, फ़्लोटिंग-रेट लोन पर स्प्रेड के अन्य हिस्सों में तीन साल तक कोई बदलाव नहीं किया जा सकता है। तीन साल की अवधि की गिनती पहली बार लोन की रकम मिलने या पिछली बार स्प्रेड में बदलाव होने (जो भी बाद में हुआ हो)से की जाएगी। मिश्रा ने कहा कि ज़्यादातर स्प्रेड कंपोनेंट्स में तीन साल की प्रस्तावित स्थिरता से कर्जदाता के लिए EMI में होने वाले बदलावों को समझना आसान हो सकता है।

उन्होंने कहा, “लोन स्प्रेड पर तीन साल की प्रस्तावित स्थिरता एक अहम बदलाव है।” “लोन मिलने या उसमें बदलाव के बाद ज़्यादातर स्प्रेड कंपोनेंट्स को तीन साल के लिए फिक्स करने से अनिश्चितता कम होनी चाहिए और EMI में होने वाले बदलावों को समझना आसान हो जाना चाहिए।”

JSA एडवोकेट्स एंड सॉलिसिटर्स के पार्टनर सिद्धार्थ मनचंदा ने भी ‘स्प्रेड’ से जुड़े प्रावधान को ड्राफ्ट के अहम हिस्सों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि तीन साल की अवधि के दौरान स्प्रेड के नॉन-क्रेडिट-रिस्क वाले हिस्से को बढ़ाने की इजाज़त नहीं होगी, जबकि इसमें कटौती बिना किसी भेदभाव के करनी होगी।

₹50,000 तक के लोन के लिए APR की एक तय सीमा (सीलिंग) हो सकती है

प्रस्तावित फ्रेमवर्क में छोटे लोन (स्मॉल-टिकट बॉरोइंग) के लिए भी एक खास प्रावधान है। RBI चाहता है कि लेंडर माइक्रोफाइनेंस लोन और कम रकम वाले लोन के लिए सालाना ब्याज दर (APR) की एक तय सीमा (सीलिंग) लागू करें। APR में ब्याज दर के साथ-साथ बाकी सभी चार्ज और फीस भी शामिल होंगे। कम रकम वाले लोन का मतलब ₹50,000 तक का पर्सनल लोन है।

इससे लोन लेने की कुल लागत की तुलना करना आसान हो सकता है, खासकर तब जब फीस और दूसरे चार्ज लागत का एक बड़ा हिस्सा हों। मनचंदा ने कहा कि छोटे लोन के मामले में, बताई गई ब्याज दर (हेडलाइन इंटरेस्ट रेट) से हमेशा उधार लेने वाले की कुल लागत का पता नहीं चलता।

उन्होंने कहा, “उस सेगमेंट में हेडलाइन रेट कभी भी असल बात नहीं होती थी। असल बात फीस का पूरा ढांचा होती थी। सब कुछ एक ही नंबर में समेटना ही वह बदलाव है जिसे असल में महसूस किया जाएगा।”

ब्याज की गणना का तरीका होगा एक जैसा

RBI ने ब्याज की गणना के लिए एक कॉमन तरीका भी सुझाया है। ज़्यादातर लोन के लिए, ब्याज हर महीने के आधार पर लिया जाएगा और इसकी गणना ‘एक्चुअल/एक्चुअल डे-काउंट कन्वेंशन’ का इस्तेमाल करके रोजाना कम होते बैलेंस पर की जाएगी। खेती से जुड़े लोन के लिए कुछ खास छूट होंगी। इस कदम से रेगुलेटेड लेंडर्स (कर्ज़ देने वाली संस्थाओं) के बीच ब्याज की गणना का तरीका एक जैसा हो जाएगा।

मौजूदा लोन 2029 तक नए फ्रेमवर्क में आ जाएंगे

सुझाए गए बदलावों का असर आखिरकार मौजूदा बेंचमार्क-लिंक्ड लोन पर भी पड़ेगा। RBI ने सुझाव दिया है कि इंटरनल या एक्सटर्नल बेंचमार्क से जुड़े सभी मौजूदा लोन को 1 अप्रैल 2029 तक एक बार की मैपिंग प्रक्रिया के ज़रिए नए फ्रेमवर्क में बदल दिया जाए। इस बदलाव के लिए उधार लेने वाले की मंज़ूरी ज़रूरी होगी।

बदली हुई ब्याज दर, बदलाव से ठीक पहले लागू दर से ज़्यादा नहीं हो सकती, और लेंडर्स बदलाव के लिए कोई फ़ीस नहीं ले सकते।

मिश्रा ने कहा कि नए लोन के लिए प्रस्तावित लागू होने की तारीख और मौजूदा लोन के लिए बदलाव की समय-सीमा के बीच दो साल का समय लेंडर्स को अपने सिस्टम और कम्युनिकेशन प्रोसेस को अपडेट करने का मौका देता है। उन्होंने कहा, “समय-सीमा भी महत्वपूर्ण है। नए नियम 1 अप्रैल 2027 से नए लोन पर लागू करने का प्रस्ताव है, जबकि सभी मौजूदा फ्लोटिंग रेट लोन के 1 अप्रैल 2029 तक नए फ्रेमवर्क में बदलने की उम्मीद है।”

NBFC लोन अपने-आप रेपो-लिंक्ड नहीं होंगे

ड्राफ़्ट में सभी लेंडर्स के लिए एक्सटर्नल बेंचमार्क का इस्तेमाल करना ज़रूरी नहीं है।

कमर्शियल बैंकों को फ्लोटिंग-रेट पर्सनल लोन और फ्लोटिंग-रेट MSME लोन को एक्सटर्नल बेंचमार्क से जोड़ना होगा। NBFC, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, को-ऑपरेटिव बैंकों और अखिल भारतीय वित्तीय संस्थानों के लिए, एक्सटर्नल बेंचमार्क से जुड़ना वैकल्पिक रहेगा।

इसलिए, NBFC से फ्लोटिंग-रेट लोन लेने वालों को यह नहीं सोचना चाहिए कि लोन अपने-आप RBI रेपो रेट से जुड़ जाएगा। ड्राफ़्ट अभी फ़ाइनल नहीं है। प्रस्तावित निर्देश 1 अप्रैल 2027 से लागू होने हैं, बशर्ते RBI फ्रेमवर्क को फ़ाइनल कर ले।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Falguni Pathak: मुंबई में फाल्गुनी पाठक के नवरात्रि शो का टिकट प्राइस 2.04 लाख, फैंस बोले-‘ये तो खुल्लम-खुल्ला लूट’

Falguni Pathak: मुंबई में नवरात्रि का माहौल अभी से बनने लगा है, लेकिन इस बार सिर्फ़ फाल्गुनी पाठक का गरबा म्यूज़िक ही चर्चा में नहीं है। सिंगर के ‘नवरात्रि उत्सव 2026’ के टिकट की कीमतों ने ऑनलाइन बहस छेड़ दी है। टिकट की कीमत 2,200 से शुरू होकर 2.04 लाख तक है। नौ रातों तक चलने वाला यह इवेंट मुंबई के जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में 11 अक्टूबर से 19 अक्टूबर तक होगा।

कई फ़ैन्स के लिए, फाल्गुनी पाठक के मशहूर गरबा गानों पर डांस करने का उत्साह इवेंट में शामिल होने की लागत की वजह से थोड़ा कम हो गया है। हालांकि टिकट की कई कैटेगरी मौजूद हैं, लेकिन प्रीमियम कीमतों ने सोशल मीडिया यूजर्स को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि वे नवरात्रि सेलिब्रेशन पर कितना खर्च करना चाहते हैं।

फाल्गुनी पाठक नवरात्रि उत्सव 2026 के टिकट की कीमतें

BookMyShow के अनुसार, सभी नौ रातों के लिए ‘फेज 1 अर्ली-बर्ड सीजन पास’ की कीमत 16,000 प्रति व्यक्ति थी, जबकि ‘फेज 2 सीजन पास’ की कीमत ₹18,000 थी। मौजूदा सीजन पास की कीमत ₹20,000 प्रति व्यक्ति है। जो लोग सिर्फ एक रात के लिए शामिल होना चाहते हैं, उनके लिए ‘फेज 1 सिंगल-डे टिकट’ की कीमत ₹2,200 (टैक्स के बिना) से शुरू हुई थी।

कीमतों के मामले में दूसरी तरफ ‘POD पैकेज’ है, जिसकी कीमत एक रात के लिए 2.04 लाख है। इसमें 12 लोग शामिल हो सकते हैं और यह सिर्फ उसी खास दिन के लिए मान्य है। इसमें ₹10,000 का फ़ूड और बेवरेज कूपन भी शामिल है, जिससे यह इवेंट का सबसे महंगा ऑप्शन बन जाता है।

महंगी टिकटों पर लोगों की प्रतिक्रिया

बुकिंग शुरू होते ही टिकट की कीमतें ऑनलाइन चर्चा का विषय बन गईं। कई यूजर्स ने इतनी ज़्यादा कीमत देखकर हैरानी जताई। बहुत से लोगों ने ऑर्गनाइज़र के इंस्टाग्राम कमेंट सेक्शन में अपनी निराशा ज़ाहिर करते हुए कहा, “मुझे फाल्गुनी पाठक बहुत पसंद हैं और मैं नवरात्रि का इंतज़ार सिर्फ़ उनके गरबा शो में शामिल होने के लिए करती हूँ। लेकिन जियो कन्वेंशन सेंटर जैसी जगह चुनने से कई मिडिल-क्लास परिवारों के लिए इस अनुभव का खर्च उठाना बहुत मुश्किल हो जाता है। नवरात्रि और गरबा लोगों को एक साथ लाने के लिए होने चाहिए, न कि ज़्यादा खर्च की वजह से उन्हें अलग-थलग महसूस कराने के लिए। मुझे उम्मीद है कि भविष्य के इवेंट्स में लोगों की जेब का भी ध्यान रखा जाएगा।”

एक और इंस्टाग्राम यूज़र ने कमेंट किया, “हमेशा की तरह ‘बुक माय शो’ पर कैसा मजाक है… इवेंट कंपनियां बड़ी संख्या में पास बुक कर लेती हैं और फिर हमें ब्लैक में बेचती हैं, जबकि पास की शुरुआती कीमत ही 16,000 रुपये है।”

एक यूज़र ने कहा, “मैडम, जब आप बोरीवली आती थीं, तो 30,000 लोग आपके गानों पर नाचते थे। नवरात्रि में आपके संगीत का मजा लेने के लिए हमें जियो या किसी महंगे एसी वाले वेन्यू की ज़रूरत नहीं है। हमें बस आपकी परफॉर्मेंस, आपका संगीत और सस्ते पास चाहिए ताकि हर कोई उन्हें खरीद सके और आपको लाइव परफॉर्म करते हुए देख सके! अगर 9 दिनों के लिए 23,000 रुपये देने हों, तो हम पार्किंग, पास की कीमत और खाने-पीने का खर्च कैसे उठाएंगे? किसी भी ऑर्गनाइजर के साथ जुड़ने से पहले कृपया अपने फ़ैसले पर विचार करें – आपके एक बहुत बड़े फ़ैन की ईमानदार गुज़ारिश।”

एक इंस्टाग्राम यूज़र ने फाल्गुनी पाठक की पोस्ट पर कमेंट करते हुए लिखा, “फालू, आप बहुत महंगी हो गई हैं!” एक और यूज़र ने कहा, “अब, 365 दिनों के लिए 23,000 रुपये चार्ज कर रहे हैं… वे सच में पास से जितना हो सके उतना पैसा वसूल रहे हैं… जल्द ही, वे 9 दिनों का ऑप्शन भी नहीं देंगे… आने वाले सालों में… अगर वे इसी तरह खुली लूट जारी रखते हैं।”

नवरात्रि उत्सव 2026 से क्या उम्मीद करें

फाल्गुनी पाठक फ़ेस्टिवल के सभी नौ दिनों में लाइव परफॉर्म करेंगी। नौ दिनों का यह इवेंट ‘ट्राइबवाइब एंटरटेनमेंट’ (TribeVibe Entertainment) और ‘अल्फ़ोंसो स्टूडियोज़’ (Alphonso Studios) द्वारा आयोजित किया जाएगा, और ‘वेस्ट एवेन्यू रियल्टी’ (West Avenue Realty) इसका टाइटल स्पॉन्सर होगा। टिकट बुकिंग की शुरुआत 12 अगस्त को उन मेहमानों के लिए एक खास प्री-सेल के साथ हुई जो पिछले साल के इवेंट में शामिल हुए थे, और आम लोगों के लिए बिक्री 13 अगस्त को शुरू हुई।

फाल्गुनी पाठक के बारे में

फाल्गुनी पाठक भारत की सबसे मशहूर पॉप आर्टिस्ट में से एक हैं, जो अपने इंडिपेंडेंट और पारंपरिक संगीत के काम के लिए जानी जाती हैं। वह कई दशकों से नवरात्रि उत्सवों से जुड़ी रही हैं। ‘गरबा क्वीन’ के नाम से मशहूर फाल्गुनी 90 के दशक में तब लोकप्रिय हुईं, जब उन्होंने ‘चूड़ी जो खनकी हाथों में’, ‘मैंने पायल है छनकाई’ और ‘याद पिया की आने लगी’ जैसे हिट गाने रिलीज़ किए।

फाल्गुनी पाठक अपनी खास आवाज़, स्टेज पर अपनी मौजूदगी और गुजरात के संगीत से जुड़ाव के लिए मशहूर हैं। उन्होंने नवरात्रि उत्सव को अपनी सालाना परंपरा बना लिया है, जिसे वे खास तौर पर मुंबई में बहुत धूमधाम से मनाती हैं।