Rhetan TMT Q1 Results: टीएमटी स्टील बार कंपनी को ₹3.16 करोड़ का मुनाफा, क्षमता बढ़ाने पर बड़ा दांव

Rhetan TMT Q1 Results: अहमदाबाद की टीएमटी स्टील बार बनाने वाली कंपनी Rhetan TMT Ltd ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में मुनाफे में बड़ी छलांग लगाई है। कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 315.7% बढ़कर ₹3.16 करोड़ हो गया। पिछले साल की इसी तिमाही में यह ₹76 लाख था। हालांकि, ऑपरेशंस से रेवेन्यू ₹5.04 करोड़ से घटकर ₹4.06 करोड़ रहा।

EBITDA और PBT में भी बड़ी बढ़त

Rhetan TMT का EBITDA 195.5% बढ़कर ₹3.79 करोड़ हो गया। पिछले साल यह ₹1.28 करोड़ था। वहीं, टैक्स से पहले मुनाफा (PBT) 335.5% बढ़कर ₹3.31 करोड़ पहुंच गया। एक साल पहले यह ₹0.76 करोड़ था। कंपनी की प्रति शेयर आय (EPS) भी बढ़कर ₹0.04 हो गई।

मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ा रही कंपनी

कंपनी अब कड़ी प्लांट की सालाना उत्पादन क्षमता 45,000 मीट्रिक टन से बढ़ाकर 75,000 मीट्रिक टन कर रही है। मैनेजिंग डायरेक्टर शालिन शाह ने कहा कि इससे कंपनी को TMT स्टील सेगमेंट में नए अवसरों का फायदा उठाने में मदद मिलेगी।

कंपनी का कहना है कि वह क्षमता बढ़ाने, प्रीमियम प्रोडक्ट्स पर जोर देने और ऑपरेशनल एफिशिएंसी सुधारने के जरिए लंबे समय की ग्रोथ पर फोकस बनाए रखेगी।

सोलर प्रोजेक्ट और नए सर्टिफिकेशन का फायदा

Rhetan TMT ने अपने 1 मेगावाट कैप्टिव सोलर पावर प्रोजेक्ट की टेस्टिंग और कमीशनिंग पूरी कर ली है। जल्द ही इससे कमर्शियल बिजली उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है। इससे ऊर्जा लागत कम करने और ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ाने में मदद मिलेगी।

कंपनी को Fe500D, Fe550 और Fe550D TMT बार्स के लिए BIS सर्टिफिकेशन भी मिल गया है। इससे वह सरकारी और PSU इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में अपनी मौजूदगी और मजबूत करना चाहती है।

Sahana Systems को डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग का कॉन्ट्रैक्ट मिला, CEL के साथ 10 साल की डील

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Gold Silver Rates Today: दिल्ली में सोने में 7 सत्रों से जारी तेजी थमी, चांदी ₹6000 फिसली

Gold Silver Rates Today: दिल्ली सर्राफा बाजार में बीते सात सत्रों से सोने में जारी तेजी पर गुरुवार को ब्रेक लग गया। सोने का भाव 2,800 रुपये गिरकर 1,57,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। चांदी में 6000 रुपये की गिरावट आई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी में गिरावट आई।

विदेश में सोने और चांदी में गिरावट 

दिल्ली सर्राफा बाजार में गुरुवार को चांदी 6000 रुपये गिरकर 2,40,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में बुलियन में कमजोरी का असर भारत में इनकी कीमतों पर पड़ा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 0.43 फीसदी की कमजोरी के साथ 4,389.67 डॉलर प्रति औंस था। स्पॉट सिल्वर भी हल्की कमजोरी के साथ 65.03 डॉलर प्रति औंस था।

बीते सात सत्रों मे सोने में आई थी ₹12400 की तेजी

इससे पहले सोना बीते 7 सत्रों से लगातार चढ़ रहा था। इससे इसकी कीमतें 4400 डॉलर प्रति औंस के पार चली गई थी। दिल्ली में भी बीते सात सत्रों में सोना 12,400 रुपये चढ़ा था। चांदी में भी इस दौरान अच्छी तेजी आई थी। कमोडिटी एक्सपर्ट्स का कहना है कि लगातार तेजी के बाद मुनाफावसूली स्वाभाविक है। देश और विदेश में मुनाफावसूली का असर सोने और चांदी की कीमतों पर पड़ा है।

क्रूड की कीमतें हाई लेवल पर रहने से महंगाई बढ़ने का डर

अमेरिका में 12 अगस्त को इनफ्लेशन के डेटा आए, जो उम्मीद के मुताबिक रहे। इससे फेडरल रिजर्व के सितंबर की पॉलिसी में इंटरेस्ट रेट बढ़ाने की संभावना कम हुई है। इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर सोने की चमक फीकी पड़ जाती है। हालांकि, क्रूड की कीमतें अब भी हाई लेवल पर हैं। ब्रेंट क्रूड अब भी करीब 87 डॉलर प्रति बैरल पर है।

अमेरिका-ईरान के बीच समझौते के संकेत नहीं 

अमेरिका और ईरान के बीच समझौते को लेकर गतिरोध बना हुआ है। इससे क्रूड की कीमतें नीचे नहीं आ रही हैं। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से ऑयल टैंकर्स का आवागमन नाममात्र का हो रहा है। अगर क्रूड लंबे समय तक हाई लेवल पर बना रहता है तो महंगाई बढ़ने का खतरा बढ़ जाएगा। फिर अमेरिका में इंटरेस्ट रेट बढ़ने की संभावना बढ़ जाएगी। इसका निगेटिव असर सोने पर पड़ेगा।

रिपोर्ट- अमेरिकी नौसैनिकों ने जहाज से कूदने की कोशिश की:मानसिक तनाव से जूझ रहे; USS अब्राहम लिंकन वॉरशिप ईरान जंग में 9 महीने से तैनात

अमेरिकी वॉरशिप USS अब्राहम लिंकन पर तैनात अमेरिकी नौसैनिक भारी मानसिक और शारीरिक तनाव से गुजर रहे हैं। नेवी टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, जहाज पर तैनात कई सदस्यों ने समुद्र में कूदने की कोशिश की है। USS अब्राहम लिंकन करीब 9 महीने से समुद्र में है। यह जहाज लगातार 250 से ज्यादा दिन तक बिना किसी पोर्ट पर रुके समूद्र में लगातार चल रहा है। इस पर करीब 5,000 अमेरिकी नौसैनिक और मरीन तैनात हैं। जहाज 21 नवंबर 2025 को सैन डिएगो से रवाना हुआ था। इसे पहले प्रशांत क्षेत्र में जाना था, लेकिन इजराइल और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद इसे पश्चिम एशिया भेज दिया गया। मई में लौटना था, लेकिन मिशन बार-बार बढ़ा इस तैनाती को पहले मई में खत्म होना था। लेकिन इसे कई बार आगे बढ़ाया गया। अब जहाज ईरान के खिलाफ चल रहे युद्ध में पांचवें महीने की लड़ाकू अभियान में है। लगातार बढ़ती तैनाती और लंबे समय तक समुद्र में रहने का असर जहाज पर तैनात लोगों की मानसिक और शारीरिक हालत पर पड़ रहा है। परिवारों ने नेवी नेतृत्व से मांगी मदद पिछले हफ्ते सैन डिएगो में करीब 200 परिवारों ने एक टाउन हॉल में कार्यवाहक नौसेना सचिव हंग काओ के सामने अपनी चिंताएं रखीं। रिपोर्ट के मुताबिक, परिवारों ने बताया कि लंबे मिशन का उनके रिश्तेदारों पर गंभीर असर पड़ रहा है। एक महिला ने हंग काओ को बताया कि उसके पति ने उसी दिन उसे मैसेज किया था कि वह उम्मीद करता है कि अगली सुबह उसकी आंख न खुले। एक अन्य परिवार के सदस्य ने नौसेना के नेतृत्व पर भरोसा तोड़ने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि पहले परिवारों को नौसेना के नेतृत्व पर भरोसा था, लेकिन अब वह भरोसा खत्म हो गया है। कम से कम 6 नौसैनिकों ने समुद्र में कूदने की कोशिश की रिपोर्ट के मुताबिक, USS अब्राहम लिंकन पर तैनात कम से कम 6 अमेरिकी सैन्यकर्मियों ने इस लंबे मिशन के दौरान जहाज से समुद्र में कूदने की कोशिश की। Military Times से एनाबेल लोमा ने बताया कि तैनाती एक बार फिर बढ़ाए जाने के बाद उनके पति ने भी जहाज से कूदने की कोशिश की। उन्होंने बताया कि उनके पति डरे हुए हैं। उन्हें डर है कि उन्हें dishonourable discharge यानी खराब रिकॉर्ड के साथ सेना से निकाला जा सकता है। लोमा के मुताबिक, उनके पति करीब 13 साल से सेना में हैं और उन्हें डर है कि थकान और मानसिक दबाव के कारण उनका पूरा करियर बर्बाद हो जाएगा। एक दूसरे नौसैनिक की पत्नी ने भी बताया कि उसके पति को अपने एक साथी को जहाज के डेक पर वापस खींचना पड़ा। वह साथी समुद्र में कूदने की कोशिश कर रहा था। जहाज पर रहने की हालत को लेकर भी शिकायतें मानसिक तनाव के साथ-साथ जहाज पर रहने की खराब होती सुविधाओं को लेकर भी शिकायतें सामने आई हैं। कैलिफोर्निया के कांग्रेस सदस्य माइक लेविन ने X पर लिखा कि जहाज पर तैनात नौसैनिकों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि जहाज पर शॉवर में फफूंद लगी है, कई टॉयलेट खराब हैं और लॉन्ड्री की सुविधा कई हफ्तों तक बंद रही। लंबे समय तक गर्म पानी भी नहीं मिला। लेविन के मुताबिक, खाने की हालत भी खराब थी। एक समय खाने में सिर्फ आधा कप चावल और दो टॉर्टिला दिए गए। इसके अलावा साबुन, डियोडरेंट और टूथपेस्ट जैसी जरूरी चीजों की भी कमी रही। रक्षा मंत्री ने रिपोर्टों को बताया था फेक न्यूज इन खराब हालात से जुड़ी पहले की रिपोर्टों को अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने खारिज करते हुए इन्हें “फेक न्यूज” बताया था। इसके जवाब में माइक लेविन ने रक्षा मंत्री पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ये पुरुष और महिलाएं अपने देश की सेवा करने के लिए सेना में शामिल हुए हैं। उनके मुताबिक, देश को कम से कम उन्हें गर्म पानी, काम करने वाला टॉयलेट और अच्छा खाना तो देना ही चाहिए। लेविन ने आरोप लगाया कि हेगसेथ ये बुनियादी सुविधाएं तक नहीं दे पा रहे हैं और इसके बावजूद परिवारों के सामने खड़े होकर उन्हें झूठा कह रहे हैं। लंबी तैनाती, लगातार समुद्र में रहने, मिशन के बार-बार बढ़ने और जहाज पर सुविधाओं की कमी की शिकायतों के बीच USS अब्राहम लिंकन पर तैनात अमेरिकी नौसैनिकों की हालत को लेकर सवाल लगातार बढ़ रहे हैं।

Honasa Consumer Q1 Results: ममाअर्थ की पैरेंट कंपनी का मुनाफा 118% उछला, रेवेन्यू भी रिकॉर्ड स्तर पर

Honasa Consumer Q1 Results: FMCG कंपनी Honasa Consumer ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में शानदार नतीजे दर्ज किए हैं। Mamaearth की पैरेंट कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 118.4% बढ़कर ₹90.2 करोड़ हो गया। पिछले साल की इसी तिमाही में यह ₹41.3 करोड़ था।

कंपनी का रेवेन्यू भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। यह 27% बढ़कर ₹756 करोड़ हो गया, जबकि एक साल पहले यह ₹595.2 करोड़ था। कंपनी ने पहली बार 11.5% का PAT मार्जिन हासिल किया। Honasa Consumer का EBITDA बढ़कर ₹110.1 करोड़ हो गया। पिछले साल यह ₹45.7 करोड़ था। वहीं, EBITDA मार्जिन 7.68% से बढ़कर 14.57% हो गया।

दो प्रोडक्ट का दमदार प्रदर्शन

Honasa Consumer ने बताया कि उसकी फोकस कैटेगरी में 35% से ज्यादा ग्रोथ दर्ज हुई। Mamaearth की ग्रोथ हाई-टीन्स में रही। Rice Dewy Bright Face Wash कंपनी का सबसे ज्यादा बिकने वाला फेस क्लींजर बन गया। वहीं Rosemary हेयर रेंज का सालाना रेवेन्यू ₹100 करोड़ के पार पहुंच गया।

The Derma Co. ने भी बड़ा मुकाम हासिल किया। इस ब्रांड का सालाना नेट सेल्स वैल्यू ₹1,000 करोड़ के पार पहुंच गया। कंपनी का दावा है कि पिछले 10 साल में वह भारत की पहली FMCG कंपनी बनी है, जिसने दो ₹1,000 करोड़ के ब्रांड खड़े किए हैं।

नए ब्रांड और ऑफलाइन कारोबार भी बढ़ा

Honasa Consumer के नए ब्रांड्स में 40% से ज्यादा ग्रोथ रही। BTM Ventures का सालाना रेवेन्यू ₹150 करोड़ के पार पहुंच गया। यह अब दक्षिण भारत से बाहर महाराष्ट्र और दूसरे बाजारों में भी विस्तार कर रहा है।

ऑफलाइन कारोबार भी मजबूत रहा। जनरल ट्रेड और मॉडर्न ट्रेड, दोनों में 40% से ज्यादा की बढ़त दर्ज हुई। कंपनी की पहुंच अब करीब 3 लाख FMCG रिटेल आउटलेट तक हो गई है। Honasa ने इसी तिमाही में FIKN नाम से फ्रेगरेंस कैटेगरी में भी एंट्री की है।

आगे क्या है कंपनी का प्लान?

चेयरमैन और CEO वरुण आलाघ ने कहा कि कंपनी की ग्रोथ अब सिर्फ एक ब्रांड पर निर्भर नहीं है। अलग-अलग ब्रांड और कैटेगरी से मजबूत मांग मिल रही है। कंपनी आगे भी नए प्रोडक्ट, डिजिटल विस्तार और ऑफलाइन नेटवर्क पर फोकस रखेगी।

Honasa Consumer का शेयर गुरुवार को 2.48% बढ़कर ₹479 पर बंद हुआ। पिछले 1 साल में स्टॉक ने 67.98% का रिटर्न दिया है।

Solar Industries Q1 Results: डिफेंस कंपनी का मुनाफा 93% बढ़ा, रेवेन्यू भी तगड़ा उछाल

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Kangana Ranaut: कंगना रनौत बोलीं जंतर-मंतर पर जमा भीड़ में ‘शबाना आजमी जैसे’ लोग थे, ‘ये Gen Z कैसे हो सकते हैं?’

Kangana Ranaut: जंतर-मंतर पर हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल लोगों के बारे में की गई अपनी टिप्पणी के लिए आलोचना झेलने के बाद, कंगना रनौत ने अपने विवादित “जेनरेशन गटर” वाले बयान पर एक और स्पष्टीकरण दिया है। एक्टर और बीजेपी सांसद ने जोर देकर कहा कि उन्होंने किसी पूरी पीढ़ी को निशाना नहीं बनाया था और कहा कि उनकी टिप्पणी केवल प्रदर्शनकारियों के एक खास वर्ग के लिए थी, जिन्हें उन्होंने प्रदर्शन के वीडियो में देखा था।

गुरुवार को इंस्टाग्राम स्टोरीज पर एक वीडियो शेयर करते हुए कंगना ने सवाल किया कि इस भीड़ को आम तौर पर ‘जेन जेड’ (Gen Z) का विरोध प्रदर्शन क्यों कहा जा रहा है और तर्क दिया कि असल में देश की युवा आबादी का केवल एक छोटा सा हिस्सा ही इसमें शामिल हुआ था।

कंगना ने ‘जेन ज़ेड प्रोटेस्ट’ लेबल पर सवाल उठाए

अपने वीडियो में कंगना ने इस बात को चुनौती दी कि यह प्रदर्शन पूरे भारत के युवाओं का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने जेन ज़ेड आबादी का अनुमान लगभग 30 से 35 करोड़ लगाया और इस संख्या की तुलना जंतर-मंतर पर जमा हुए लोगों की संख्या से की। उन्होंने कहा, “पूरे देश के युवा? अगर आप सिर्फ जेन जेड की बात करते हैं, तो लगभग 30-35 करोड़ के पास इनकी आबादी होने वाली है।”

कंगना ने दावा किया कि विरोध प्रदर्शन में लगभग 10,000 लोग मौजूद थे और इस सभा में विभिन्न आयु वर्ग के लोग शामिल थे। दिग्गज अभिनेत्री शबाना आज़मी का जिक्र करते हुए, जो मार्च में शामिल हुई थीं, उन्होंने कहा, “जो जंतर-मंतर है वहाँ पर 10,000 लोग एक साथ आए थे जिनमें से आधे से ज्यादा लोग शबाना आज़मी जैसे थे, आपने देखा कि हर तरह के आयु वर्ग के लोग घूम रहे थे।”

इसके बाद उन्होंने दावा किया कि सभा में केवल लगभग 2,000 लोग ही जेनरेशन Z से थे और सवाल किया कि इस विरोध प्रदर्शन को पूरी पीढ़ी का प्रतिनिधि क्यों बताया जा रहा है। कंगना ने कहा कि “अगर हम युवाओं की बात करते हैं, जेन ज़ेड की हम विशेष रूप से बात करते हैं तो लग भाग वाह 2000 जेन ज़ेड पर, तो कैसे ये लोग इसको जेन ज़ेड विरोध कह रहे हैं? क्या पूरे देश की जेन ज़ेड विरोध कर रहे हैं?”

‘मैं युवा-विरोधी नहीं हो सकती’

कंगना ने अपनी बात दोहराते हुए कहा कि उनकी पिछली टिप्पणियां खास तौर पर उन लोगों के बारे में थीं, जिन्हें उन्होंने विरोध प्रदर्शन में देखा था, न कि सभी युवा भारतीयों के बारे में। उन्होंने कहा, “यहां जो भीड़ जमा हुई थी, मैंने खास तौर पर उन्हीं के बारे में कहा था।” इसके बाद एक्ट्रेस ने उन लोगों को “खुली चुनौती” दी जो उन पर पूरी पीढ़ी का अपमान करने का आरोप लगा रहे थे।

उन्होंने कहा, “मैं आपको खुली चुनौती देती हूं, मेरा कोई ऐसा खास बयान बताइए जिसमें मैंने पूरी पीढ़ी को शामिल किया हो? मेरे साथ इस तरह का फालतू एजेंडा मत चलाइए!” कंगना ने इस आरोप को भी खारिज कर दिया कि वह युवाओं के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा, “मैं युवा-विरोधी नहीं हो सकती क्योंकि मैं खुद युवा हूं।”

कंगना ने पहले क्या कहा था

यह विवाद तब शुरू हुआ जब कंगना ने विरोध प्रदर्शन के वीडियो पर तीखी प्रतिक्रिया दी और प्रदर्शन में शामिल कुछ लोगों की भाषा और व्यवहार की आलोचना की। उन्होंने कहा था, “मैंने अपनी ज़िंदगी में कभी एक जगह इतनी बदसूरती नहीं देखी। Gen Z के विरोध प्रदर्शनों की ये रील्स देखकर उल्टी आती है।”

उन्होंने आगे कहा, “जिस तरह से वे बात करते हैं और जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल करते हैं… मैंने अपनी ज़िंदगी में कभी भी हर फ्रेम में सब कुछ इतना अजीब और भद्दा एक साथ नहीं देखा… मैं उन्हें ‘जेनरेशन गटर’ कहती हूँ। उनमें से कुछ के पास सिस्टम को देने के लिए कुछ भी नहीं है। वे पढ़ाई में अच्छे नहीं हैं…”

उनकी इन बातों पर लोगों ने नाराज़गी जताई और आलोचकों ने उन पर युवा प्रदर्शनकारियों के बारे में सामान्य और तीखी टिप्पणी करने का आरोप लगाया। कंगना पहले ही अपनी ‘कॉकरोच’ वाली टिप्पणी पर सफाई दे चुकी थीं। आलोचना के बाद, कंगना ने ANI को बताया था कि उनका मकसद विरोध प्रदर्शन में शामिल सभी लोगों के बारे में कोई सामान्य टिप्पणी करना नहीं था। उन्होंने कहा कि वह “कुछ लोगों या कुछ महिलाओं” के बारे में बात कर रही थीं।

अपनी टिप्पणी के एक और विवादित हिस्से पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा, “जो लोग खुद को कॉकरोच कहते हैं, और हम कहते हैं कि कॉकरोच गटर से निकलते हैं, तो इसमें क्या गलत है?” कंगना ने आगे कहा कि अगर कोई खुद को कॉकरोच बताता है, तो उन्हें उन्हें गटर से जोड़ने में कोई विरोधाभास नहीं दिखता।

उन्होंने कहा, “मैं खुद को कॉकरोच बिल्कुल नहीं मानती। अगर कोई कहे कि मैं गटर में रहती हूँ, तो मैं इससे इनकार करूँगी। लेकिन अगर कोई खुद को कॉकरोच कहता है, तो ज़ाहिर है कि वह गटर में ही रहेगा और कहां रहेगा?” उन्होंने फिर कहा, “लेकिन यह कहना कि मैं सभी युवाओं की बात कर रही थी, बिल्कुल गलत है।”

शबाना आज़मी विरोध प्रदर्शन में शामिल हुई थीं

शबाना आज़मी उन लोगों में शामिल थीं, जो 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए थे। 75 वर्षीय अभिनेत्री ने मार्च की तस्वीरें और वीडियो शेयर किए, जिनमें उन्हें ट्रक में यात्रा करते और प्रदर्शनकारियों के साथ बैरिकेड पार करते हुए देखा जा सकता है।

प्रदर्शन के दौरान अभिनेता प्रकाश राज भी उनके साथ दिखे

कंगना का ताज़ा बयान उनकी पहले दी गई सफाई को ही और मज़बूत करता है। उनका कहना है कि उनकी बातों की आलोचना करते हुए, एक खास ग्रुप पर की गई टिप्पणी को गलत तरीके से देश की पूरी ‘जेन ज़ी’ (Gen Z) आबादी पर हमले के तौर पर पेश किया गया है।

Retirement Planning: रिटायरमेंट के लिए क्या ₹1 करोड़ का फंड काफी है? एक्सपर्ट से समझें महंगाई और रिटर्न का पूरा गणित

Retirement Planning Calculation: भारतीय निवेशकों के बीच सालों से ₹1 करोड़ को रिटायरमेंट का एक मैजिक नंबर माना जाता रहा है। ज्यादातर लोग सोचते हैं कि एक बार बैंक खाते या म्यूचुअल फंड में ₹1 करोड़ आ गए, तो उनका बुढ़ापा आराम से कट जाएगा। लेकिन वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार, आज के दौर में यह सोच बेहद खतरनाक साबित हो सकती है।

किसी व्यक्ति के लिए ₹1 करोड़ का कॉर्पस काफी हो सकता है, तो किसी के लिए ₹5 करोड़ भी कम पड़ सकते हैं। आपका रिटायरमेंट फंड कितना होना चाहिए, यह किसी राउंड फिगर पर नहीं बल्कि आपकी मासिक खर्चों, महंगाई दर, रिटायरमेंट की उम्र और लाइफ एक्सपेक्टेंसी पर निर्भर करता है। आइए एक्सपर्ट्स से समझते हैं रिटायरमेंट प्लानिंग का पूरा गणित।

क्यों फेल हो सकता है ₹1 करोड़ का ‘मैजिक नंबर’?

वाइज फिनसर्व के ग्रुप सीईओ और सीआईओ अजय कुमार यादव के अनुसार, ₹1 करोड़ की समस्या यह नहीं है कि यह छोटा अमाउंट है, बल्कि समस्या यह है कि यह नंबर आपके भविष्य की जीवनशैली के खर्चों को नहीं दर्शाता।

मान लीजिए कोई व्यक्ति 60 साल की उम्र में रिटायर होता है और 90 साल की उम्र (30 साल का रिटायरमेंट) तक का प्लान बनाता है। अगर ₹1 करोड़ पर 7% सालाना रिटर्न मिले, तो व्यक्ति हर महीने ₹66,500 की फिक्स्ड पेंशन ले सकता है।

अगर महंगाई दर केवल 5% सालाना भी मान ली जाए, तो आज का ₹66,500 का खर्च 10 साल बाद बढ़कर ₹1.08 लाख और 20 साल बाद ₹1.76 लाख प्रति माह हो जाएगा। यानी आपके पैसे की क्रय शक्ति तेजी से घटेगी और कुछ ही सालों में ₹1 करोड़ का फंड खत्म हो जाएगा।

इन्फ्लेशन-एडजस्टेड रिटर्न का असली गणित

अगर आपका पोर्टफोलियो 7% का रिटर्न देता है और महंगाई दर 5% रहती है, तो आपका वास्तविक या इन्फ्लेशन-एडजस्टेड रिटर्न केवल 2% ही रह जाता है। इस 2% वास्तविक रिटर्न के हिसाब से देखें, तो ₹1 करोड़ का फंड 30 सालों के लिए केवल ₹37,000 प्रति माह की ही परचेजिंग पावर दे पाएगा।

अगर कोई व्यक्ति हर महीने ₹1 लाख निकालना चाहता है और वह महंगाई को अनदेखा करता है, तो उसका ₹1 करोड़ का कॉर्पस 12.5 साल में खत्म होगा। लेकिन अगर महंगाई जोड़ दी जाए, तो यह फंड मात्र 9.1 साल यानी करीब 69 साल की उम्र तक में ही पूरी तरह खत्म हो जाएगा।

आपको रिटायरमेंट के लिए असल में कितने पैसों की जरूरत है?

रिटायरमेंट कॉर्पस की गणना हमेशा उल्टे क्रम से करनी चाहिए। मान लीजिए एक 40 वर्षीय व्यक्ति का आज का मासिक खर्च ₹1 लाख है और वह 60 साल में रिटायर होना चाहता है। 6% महंगाई दर पर 60 साल की उम्र में वही जीवनशैली बनाए रखने के लिए उसे प्रति माह ₹3.21 लाख यानी साल के करीब ₹38.49 लाख की आवश्यकता होगी।

कितना कॉर्पस चाहिए होगा?

बिना महंगाई एडजस्टमेंट (7% रिटर्न पर) 60 साल की उम्र में कम से कम ₹4.82 करोड़ का फंड चाहिए। 5% पोस्ट-रिटायरमेंट महंगाई जोड़ने पर यही फंड बढ़कर ₹8.68 करोड़ हो जाता है।

क्या है 30X रिटायरमेंट रूल?

ट्रैक (Trackk) के सह-संस्थापक और सीईओ वेदांत गुप्ते और अजय कुमार यादव के अनुसार, 30X रूल एक अच्छा शुरुआती अनुमान हो सकता है:

नियम: अपने रिटायरमेंट के पहले साल के कुल अनुमानित खर्च को 30 से गुणा कर दें।

उदाहरण: अगर रिटायरमेंट के पहले साल का खर्च ₹38.49 लाख है, तो ₹38.49 लाख × 30 = लगभग ₹11.55 करोड़ का कॉर्पस चाहिए।

यह बड़ा फंड आपको शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव, मेडिकल इमरजेंसी और लंबी उम्र जीने के जोखिम से सुरक्षा का बड़ा कवर देता है।

महंगाई के अलावा इन 3 बातों का रखें खास ध्यान

लाइफ एक्सपेक्टेंसी: अब औसतन लोग लंबा जीवन जी रहे हैं। अपनी वित्तीय योजना 75 या 80 साल के बजाय कम से कम 90 साल की उम्र मानकर बनाएं।

हेल्थकेयर कॉस्ट: इलाज का खर्च आम महंगाई की तुलना में दोगुनी तेजी से बढ़ता है। इसके लिए रिटायरमेंट फंड से अलग एक समर्पित मेडिकल एंड इमरजेंसी रिजर्व बनाएं।

कैश फ्लो पर ध्यान दें, गोल नंबर पर नहीं: ₹1 करोड़ या ₹5 करोड़ जैसे गोल नंबरों के पीछे भागने के बजाय यह तय करें कि रिटायरमेंट के बाद आपको हर महीने कितना कैश फ्लो चाहिए और आपका घर कहां मेट्रो शहर या टियर-2 शहर है।

आपके लिए क्या है सही रिटायरमेंट नंबर?

भारतीय निवेशकों के लिए कोई एक फिक्स्ड रिटायरमेंट नंबर नहीं हो सकता। ₹1 करोड़ एक शुरुआत का पड़ाव तो हो सकता है, लेकिन यह पूरा रिटायरमेंट प्लान नहीं है। आपका सही नंबर वह है जो आपकी जीवनशैली, स्वास्थ्य जरूरतों, पेंशन/रेंटल इनकम और महंगाई को जोड़कर तैयार होता है ताकि रिटायरमेंट के बाद आपके पैसे कभी खत्म न हों।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

7,000mAh बैटरी वाला Realme 16x 5G भारत में बिक्री के लिए उपलब्ध, देखें कीमत और ऑफर

अगर आप नया स्मार्टफोन लेने की सोच रहे हैं, तो Realme का Realme 16x 5G फोन में भारत में अब खरीदने के लिए उपलब्ध है। इस हैंडसेट में MediaTek Dimensity 6300 चिपसेट, 6.8-इंच की डिस्प्ले, 50MP रियर कैमरा और 8MP सेल्फी कैमरा दिया गया है। इसके अलावा, Realme 16x 5G में 7,000mAh की बैटरी दी गई है, जो 45W फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है।

Realme 16x 5G की भारत में कीमत और ऑफर

भारत में Realme 16x 5G के बेस वेरिएंट (4GB RAM और 128GB स्टोरेज) की कीमत ₹25,999 से शुरू होती है। जबकि यह 6GB + 128GB और 6GB + 256GB RAM और स्टोरेज कॉन्फ़िगरेशन में भी उपलब्ध है, जिनकी कीमत क्रमशः ₹27,999 और ₹30,999 है।

बता दें कि Realme 16x 5G को Endurance Brown और Glory White कलर ऑप्शन में लॉन्च किया गया है। इसे Flipkart और Realme India की वेबसाइट के जरिए खरीदा जा सकता है।

Realme 16x 5G पर मिल रहे ऑफर्स

पहली सेल के तहत, ग्राहक ₹2,000 की सीधी छूट का फायदा उठा सकते हैं। इससे तीनों वेरिएंट की असल कीमत घटकर क्रमशः ₹23,999, ₹25,999 और ₹28,999 हो जाती है। इसके अलावा, खरीदार क्रेडिट कार्ड EMI ट्रांजैक्शन पर ₹1,000 की छूट या ₹3,000 तक का एक्सचेंज ऑफर भी पा सकते हैं।

इसके साथ ही, कंपनी उन लोगों को 10 महीने तक की नो-कॉस्ट EMI की सुविधा दे रहा है, जो स्मार्टफोन की पूरी कीमत एक बार में नहीं चुकाना चाहते।

Realme 16x 5G के फीचर्स और स्पेसिफिकेशन्स

डुअल-सिम (नैनो) वाला Realme 16x 5G, Android 16 पर आधारित Realme UI 7.0 पर चलता है। इसमें 6.8-इंच की HD+ (720×1,570 पिक्सल) LCD स्क्रीन है, जिसका रिफ्रेश रेट 144Hz तक, टच सैंपलिंग रेट 180Hz और ब्राइटनेस 1200 निट्स (HBM) तक है।

इस हैंडसेट में MediaTek Dimensity 6300 चिपसेट दिया गया है, साथ ही इसमें 6GB तक RAM और 256GB तक ऑनबोर्ड स्टोरेज मिलती है। Realme ने इसमें 5,300 sq mm का AirFlow वेपर चैंबर कूलिंग सिस्टम और GT Boost गेमिंग ऑप्टिमाइजेशन इंजन भी दिया है।

कैमरे की बात करें तो Realme 16x 5G में f/1.8 अपर्चर वाला 50MP का रियर कैमरा है। इसमें सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए f/2.0 अपर्चर वाला 8MP का फ्रंट कैमरा भी दिया गया है।

इसके अलावा, इस हैंडसेट में कनेक्टिविटी के लिए Wi-Fi, 5G, Bluetooth 5.3 और USB Type-C पोर्ट जैसे ऑप्शन मिलते हैं। पावर की बात करें तो, Realme 16x 5G में 7,000mAh की बैटरी है दी गई है, जो 45W फास्ट चार्जिंग, बायपास चार्जिंग और रिवर्स चार्जिंग को सपोर्ट करती है। इसका साइज 166.47 x 78.23 x 8.88mm और वजन 217g है।

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Solar Industries Q1 Results: डिफेंस कंपनी का मुनाफा 93% बढ़ा, रेवेन्यू भी तगड़ा उछाल

Solar Industries Q1 Results: डिफेंस और विस्फोटक बनाने वाली कंपनी Solar Industries India ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में शानदार नतीजे दर्ज किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 92.7% बढ़कर ₹652.6 करोड़ हो गया। पिछले साल की इसी तिमाही में यह ₹338.7 करोड़ था।

कंपनी का रेवेन्यू भी 71.2% बढ़कर ₹3,688.2 करोड़ पहुंच गया। एक साल पहले यह ₹2,154.5 करोड़ था।

EBITDA 94% बढ़ा

सोलर इंडस्ट्रीज का EBITDA 93.6% बढ़कर ₹1,035.2 करोड़ हो गया। पिछले साल यह ₹534.9 करोड़ था। वहीं, EBITDA मार्जिन 24.8% से बढ़कर 28.1% हो गया।

मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO मनीष नुवाल ने कहा कि यह कंपनी का अब तक का सबसे ज्यादा तिमाही रेवेन्यू, EBITDA, प्री-टैक्स प्रॉफिट और नेट प्रॉफिट है।

डिफेंस कारोबार में 123% की छलांग

सोलर इंडस्ट्रीज का डिफेंस कारोबार 123% बढ़ा। यही पहली तिमाही की सबसे बड़ी ग्रोथ का कारण रहा।

कंपनी ने कहा कि स्वदेशी डिफेंस प्रोडक्ट्स की बढ़ती रेंज और भारत के साथ विदेशी ग्राहकों से बढ़ते ऑर्डर का फायदा मिल रहा है। नुवाल ने कहा कि कंपनी को भारत और वैश्विक स्तर पर डिफेंस पार्टनर बनाने की रणनीति अब नतीजों में दिखने लगी है।

₹21,350 करोड़ का ऑर्डर बुक

सोलर इंडस्ट्रीज की कुल ऑर्डर बुक ₹21,350 करोड़ तक पहुंच गई है। कंपनी को उम्मीद है कि आने वाली तिमाहियों में और बड़े ऑर्डर मिल सकते हैं।

सोलर इंडस्ट्रीज का अंतरराष्ट्रीय विस्फोटक कारोबार भी 65% बढ़ा। कंपनी का कहना है कि बढ़ते ऑर्डर, नए बाजार और लगातार निवेश उसकी वैश्विक मौजूदगी को और मजबूत करेंगे।

FY27 का लक्ष्य बरकरार

सोलर इंडस्ट्रीज ने वित्त वर्ष 2027 के लिए ₹14,000 करोड़ के रेवेन्यू लक्ष्य को बरकरार रखा है। मजबूत शुरुआत, बड़ा ऑर्डर बुक और निवेश योजनाओं के दम पर कंपनी को इस लक्ष्य पर भरोसा है।

कंपनी ने FY27 में ₹2,050 करोड़ के कैपेक्स की योजना बनाई है। इसमें से पहली तिमाही में करीब ₹450 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं।

Solar Industries के शेयर

सोलर इंडस्ट्रीज का शेयर गुरुवार को 8.52% उछलकर ₹20,325 पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 55.83% बढ़ा है। वहीं बीते 5 साल में इसने 1,054% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 1.84 लाख करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

SBI Lakhpati Scheme: एसबीआई की सुपरहिट स्कीम! सिर्फ ₹600 महीना जमा करके पाएं ₹1 लाख से ज्यादा का फंड

SBI Har Ghar Lakhpati Scheme: अगर आप अपने बच्चों की उच्च शिक्षा, शादी या किसी बड़े लक्ष्य के लिए बिना जोखिम के फंड तैयार करना चाहते हैं, तो देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की खास योजना ‘हर घर लखपति स्कीम’ आपके लिए बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है।

यह एसबीआई की एक फ्लैगशिप रिकरिंग डिपॉजिट (RD) योजना है, जिसके तहत आप छोटी-छोटी मासिक बचत के जरिए ₹1 लाख या उससे ज्यादा का बड़ा फंड आसानी से बना सकते हैं। आइए इस योजना की पात्रता, ब्याज दरों, मैच्योरिटी नियमों और कैलकुलेशन को आसान भाषा में बताते हैं।

क्या है एसबीआई की ‘हर घर लखपति’ योजना?

यह स्टेट बैंक ऑफ इंडिया द्वारा पेश की गई एक स्पेशल रिकरिंग डिपॉजिट (RD) स्कीम है। इसका मुख्य उद्देश्य आम लोगों और मध्यम वर्ग में नियमित बचत की आदत को बढ़ावा देना है। ग्राहक अपनी सुविधा और वित्तीय लक्ष्य के हिसाब से 3 साल से लेकर 10 साल तक की अवधि चुन सकते हैं। इस योजना में हर महीने एक निश्चित राशि जमा करके मैच्योरिटी पर ₹1 लाख या उससे अधिक का गारंटीड कॉर्पस प्राप्त किया जा सकता है।

कौन खोल सकता है यह खाता?

एसबीआई ने इस योजना को हर वर्ग के लिए बेहद सुलभ बनाया है। इस खाते को कोई भी नागरिक अकेले या किसी के साथ मिलकर सिंगल या जॉइंट अकाउंट खोल सकता है। 10 साल या उससे अधिक उम्र के बच्चे जो स्वतंत्र रूप से हस्ताक्षर कर सकते हैं, वे अपने नाम पर यह खाता खोल सकते हैं। छोटे बच्चों के लिए उनके माता-पिता या कानूनी अभिभावक खाता खोल सकते हैं।

कैसे ₹600 महीना जमा करके बनेंगे ₹1.10 लाख?

एसबीआई के उदाहरण के अनुसार, लंबी अवधि के लिए छोटी-सी मासिक बचत कैसे बड़ा फंड बनाती है, इसे इस कैलकुलेशन से समझें:

  • मासिक किस्त: ₹600 प्रति माह
  • समय अवधि: 10 साल (120 महीने)
  • कुल निवेश: ₹72,000 (10 सालों में)
  • अनुमानित रिटर्न: लगभग 8% (कर्मचारी/वरिष्ठ नागरिक/विशेष दरों के तहत)
  • कुल ब्याज: करीब ₹38,000
  • मैच्योरिटी पर कुल रकम: लगभग ₹1.10 लाख

₹1 लाख का फंड बनाने के लिए हर महीने कितना करना होगा निवेश?

आप जितने कम समय की अवधि चुनेंगे, आपकी मासिक किस्त उतनी ज्यादा होगी। ₹1 लाख का फंड पाने के लिए विभिन्न अवधियों का अनुमानित गणित इस प्रकार है:

₹1 लाख का फंड बनाने के लिए हर महीने कितना करना होगा निवेश?

किस श्रेणी के ग्राहक को कितना मिलेगा ब्याज?

हर घर लखपति योजना में ब्याज दरें आपकी चुनी गई अवधि और आपकी श्रेणी पर निर्भर करती हैं:

सामान्य नागरिक: 3 से 4 साल की अवधि के लिए 6.55% और 5 से 10 साल की अवधि के लिए 6.30% तक ब्याज दर।

वरिष्ठ नागरिक: सामान्य नागरिकों की तुलना में 0.50% अधिक यानी 6.80% से 7.05% तक ब्याज दर।

एसबीआई स्टाफ और रिटायर्ड कर्मचारी: इन्हें आम नागरिकों और वरिष्ठ नागरिकों से भी अधिक विशेष प्रीमियम ब्याज दरें प्रदान की जाती हैं।

प्री-मैच्योर विड्रॉल और जुर्माना

अगर आपको इमरजेंसी में मैच्योरिटी से पहले पैसा निकालना पड़ता है, तो उसके लिए एसबीआई के कुछ नियम लागू होते हैं:

  • 7 दिनों के भीतर: खाता खोलने के 7 दिनों के भीतर पैसा निकालने पर कोई ब्याज नहीं मिलेगा।
  • ₹5 लाख तक के डिपॉजिट पर: मैच्योरिटी से पहले खाता बंद करने पर 0.50% की पेनाल्टी लगेगी।
  • ₹5 लाख से अधिक के डिपॉजिट पर: समय से पहले निकासी पर 1% की पेनाल्टी काटी जाएगी।
  • टैक्स नियम: इस योजना पर मिलने वाले ब्याज पर आयकर नियमों के तहत टीडीएस और टैक्स लागू होगा।

क्या आपको इस स्कीम में निवेश करना चाहिए?

अगर आप बिना किसी मार्केट रिस्क के, निश्चित ब्याज दर के साथ अपने बच्चों या खुद के लिए ₹1 लाख या उससे बड़ा फंड जमा करना चाहते हैं, तो एसबीआई की यह ‘हर घर लखपति’ योजना एक अनुशासित और सुरक्षित रास्ता है। अपनी आय और क्षमता के अनुसार मासिक किस्त तय करके आज ही इसकी शुरुआत की जा सकती है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Copper Price: कॉपर की कीमतों में गिरावट, 2 हफ्ते के निचले स्तर पर फिसला भाव

Copper Price: इंटरनेशनल मार्केट में कॉपर के दाम गिरे। कॉपर वायदा $6.55/पाउंड से नीचे फिसला। कॉपर का भाव करीब 2 हफ्तों के निचले स्तर पर फिसला। ऊंची कीमतों से चीन में मांग कमजोर बना हुआ। चीन में कॉपर की खरीद में गिरावट आई।

यांगशान प्रीमियम में भी गिरावट आई और यांगशान प्रीमियम घटकर 96 डॉलर प्रति टन रहा। पिछले महीने प्रीमियम 115 डॉलर प्रति टन था। Codelco ने उत्पादन लक्ष्य घटाया है। US कॉपर टैरिफ की चिंता बरकरार है। टैरिफ से कॉपर US वेयरहाउस पहुंच रहा है।

क्या है यांगशान प्रीमियम?

यांगशान प्रीमियम LME भाव से ऊपर का प्रीमियम है। चीन में इंपोर्टेड कॉपर की अतिरिक्त लागत का संकेत दिया है।

चीन में यांगशान प्रीमियम का असर

प्रीमियम बढ़े तो कॉपर की मांग मजबूत मानी जाती है। प्रीमियम घटे तो कॉपर की मांग कमजोर मानी जाती है। इंपोर्टेड कॉपर के लिए खरीदार कम दाम देना चाहते हैं। खरीदार पहले जितना प्रीमियम देने को तैयार नहीं हैं। ऊंची कॉपर कीमतों ने चीन में मांग को कमजोर किया।

यांगशान प्रीमियम का गणित

यांगशान प्रीमियम का गणित पर नजर डालें तो LME पर $10,000/टन का अनुमानित भाव है। यांगशान प्रीमियम $96/टन और चीन में इंपोर्टेड कॉपर का अनुमानित भाव $10,096/टन है।

कैसे रहा कॉपर का चाल

इंटरनेशनल मार्केट में कॉपर की चाल पर नजर डालें तो 1 हफ्ते कॉपर की कीमतों में 2 फीसदी की गिरावट आई। वहीं 1 महीने में 3 फीसदी चढ़ा जबकि जनवरी 2026 में अब तक कॉपर में 15 फीसदी चढा। वहीं 1 साल में इसमें 46 फीसदी की तेजी देखने को मिली।

MCX पर कॉपर की चाल पर नजर डालें 1 हफ्ते कॉपर की कीमतों में 1 फीसदी की गिरावट आई। वहीं 1 महीने में 5 फीसदी चढ़ा जबकि 3 महीने में 1 फीसदी गिरा। वहीं 6 महीने में इसमें 13 फीसदी की तेजी आई। इस साल अब तक 8 फीसदी की तेजी आई।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।