यूपी में बाढ़ प्रभावितों के लिए योगी सरकार का राहत अभियान युद्ध स्तर पर जारी

यूपी में बाढ़ प्रभावितों के लिए योगी सरकार का राहत अभियान युद्ध स्तर पर जारी

उत्तर प्रदेश में बाढ़ की चुनौती के बीच योगी सरकार ने राहत एवं बचाव कार्यों को प्राथमिकता देते हुए प्रशासनिक मशीनरी को पूरी तरह सक्रिय कर दिया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के साथ ही उनके लिए भोजन, आश्रय, स्वास्थ्य सुविधाएं और पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था लगातार की जा रही है। उत्तर प्रदेश राहत आयुक्त कार्यालय के मुताबिक रविवार तक प्रदेश के 17 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। अब तक प्रदेश में कोई जनहानि नहीं व पशुहानि नहीं होने पाई है। योगी सरकार की निगरानी में राहत कार्य प्रभावित क्षेत्रों में लगातार जारी हैं। 

 

वर्तमान में बाढ़ से करीब 1.70 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। ऐसे में सरकार का पूरा जोर प्रभावित आबादी को तत्काल राहत सहायता उपलब्ध कराने और लोगों को सुरक्षित रखने पर है। इसके लिए प्रभावित इलाकों में अब तक कुल 1,633 बाढ़ चौकियां स्थापित की जा चुकी हैं। इन चौकियों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर राहत एवं बचाव गतिविधियों की निगरानी की जा रही है।

बाढ़ पीड़ितों तक भोजन पहुंचाने के लिए व्यापक इंतजाम

बाढ़ जैसी आपदा में सबसे बड़ी जरूरत प्रभावित परिवारों तक भोजन पहुंचाने की है। योगी सरकार ने इस मोर्चे पर भी व्यापक इंतजाम किए हैं। रविवार की स्थिति के मुताबिक 2,024 बाढ़ राहत खाद्यान्न पैकेट और 10,784 लंच पैकेट वितरित किए गए हैं। अब तक कुल 55,572 खाद्यान्न पैकेट और 3.02 लाख लंच पैकेट प्रभावित लोगों तक पहुंचाए जा चुके हैं।

 

इससे राहत शिविरों और प्रभावित क्षेत्रों में रह रहे लोगों को भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिल रही है। प्रशासन द्वारा जरूरत के अनुसार राहत सामग्री का वितरण लगातार किया जा रहा है, ताकि बाढ़ के कारण रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित होने के बावजूद लोगों को भोजन के लिए परेशान न होना पड़े।

स्वास्थ्य सेवाओं को भी रखा गया सक्रिय

राहत कार्यों के साथ सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को भी प्राथमिकता दी है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में 200 मेडिकल टीमें गठित की गई हैं। इसके अलावा स्वच्छता और स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए 5,432 क्लोरीन टैबलेट तथा 5,441 ओआरएस पैकेट वितरित किए गए हैं। बाढ़ के दौरान दूषित पानी और संक्रमण से होने वाली बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में मेडिकल टीमों की तैनाती और क्लोरीन टैबलेट तथा ओआरएस के वितरण से प्रभावित आबादी को तत्काल स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

525 नाव-मोटरबोट से राहत-बचाव अभियान

बाढ़ के कारण जिन क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित हुआ है, वहां राहत एवं बचाव कार्य के लिए 525 नाव एवं मोटरबोट लगाए गए हैं। इनके माध्यम से जरूरतमंद लोगों तक पहुंच बनाने और प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का काम किया जा रहा है।

254 बाढ़ शरणालय स्थापित

प्रशासन ने बाढ़ प्रभावितों के लिए 254 बाढ़ शरणालय स्थापित किए हैं। इनमें से 46 शरणालय वर्तमान में संचालित हैं। संचालित शरणालयों में 1,151 लोग रह रहे हैं, जबकि अब तक लगभग इतनी ही संख्या में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है।

बाढ़ से प्रभावित जिले

30 अगस्त की स्थिति के अनुसार प्रदेश के 17 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। इनमें अयोध्या, आजमगढ़, बलिया, बाराबंकी, बदायूं, चित्रकूट, फर्रुखाबाद, हमीरपुर, हरदोई, कासगंज, कन्नौज, कानपुर नगर, लखीमपुर खीरी, मुरादाबाद, संत कबीर नगर, शाहजहांपुर और वाराणसी शामिल हैं। इन सभी जिलों में प्रशासन की टीमें राहत एवं बचाव अभियान में लगातार जुटी हैं।

पशुओं के लिए भी राहत इंतजाम

योगी सरकार के राहत अभियान में प्रभावित पशुओं को भी शामिल किया गया है। वर्तमान में प्रभावित 20,556 पशुओं के लिए 425.89 क्विंटल भूसा वितरित किया गया है। इससे बाढ़ प्रभावित परिवारों के साथ उनके पशुधन की जरूरतों का भी ध्यान रखा जा रहा है।

क्षतिग्रस्त मकानों के लिए भी सहायता

बाढ़ प्रभावित विभिन्न जिलों में अब तक 12 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। इनमें से 11 मामलों में क्षतिग्रस्त मकानों के सापेक्ष सहायता वितरित की जा चुकी है। वहीं राहत आंकड़ों में बाढ़ से अब तक जनहानि और पशुहानि शून्य दर्ज की गई है।

GATE 2027 Registration: अब तक शुरू नहीं हुई गेट 2027 के लिए आवेदन प्रक्रिया, जानें कब से शुरू होगा रजिस्ट्रेशन

GATE 2027 Registration: ग्रैजुएट एप्टिट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग (GATE) 2027 के लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार कर रहे उम्मीदवारों की परेशानी अब तक खत्म नहीं हुई है। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग (IIT), मद्रास अब तक गेट 2027 के लिए पंजीकरण शुरू नहीं कर सका है। दो बार पंजीरण शुरू होने की तारीख टलने के बाद अब उम्मीदवार नई तारीख घोषित होने का इंतजार कर रहे हैं। समझा जा रहा है कि आईआईटी मद्रास जल्द ही गेट 2027 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर सकता है। रजिस्ट्रेशन की बदली हुई तारीखें आने वाले दिनों में ऑफिशियल वेबसाइट पर जारी होने की उम्मीद है।

पहले जारी किए गए शेड्यूल के अनुसार, गेट 2027 आवेदन प्रक्रिया 14 अगस्त, 2026 को शुरू होने वाली थी। हालांकि, इसे बदलकर 27 अगस्त, 2026 कर दिया गया। लेकिन 27 अगस्त से भी पंजीकरण शुरू नहीं हो चका है। उम्मीदवार अब तक दो बार टल चुकी गेट 2027 पंजीकरण प्रक्रिया के जल्द शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। रजिस्ट्रेशन प्रोसेस की बदली हुई तारीखें जल्द ही ऑफिशियल वेबसाइट पर उपलब्ध होंगी।

गेट 2027 रजिस्ट्रेशन कब शुरू होगा?

ऑफिशियल वेबसाइट पर उपलब्ध शेड्यूल के अनुसार, छात्रों के लिए गेट 2027 आवेदन जमा करने की आखिरी तारीख 27 सितंबर, 2026 है। यह देखते हुए कि कंडक्टिंग बॉडी छात्रों को प्रवेश परीक्षा के लिए पंजीकरण करने के लिए कम से कम एक महीने का समय देती हैं, इस बात की बहुत संभावना है कि गेट 2027 रजिस्ट्रेशन प्रोसेस सितंबर 2026 के पहले हफ्ते में कभी भी शुरू हो जाएगा। यह भी ध्यान दिया जाना चाहिए कि आईआईटी मद्रास ने गेट 2027 रजिस्ट्रेशन पोर्टल खोलने में देरी का कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया है।

गेट 2027 जरूरी तारीखें

गेट 2027 पंजीकरण प्रक्रिया रद्द होने के बाद, कैंडिडेट अब रजिस्ट्रेशन और एप्लीकेशन प्रोसेस की नई तारीखों का इंतजार कर रहे हैं। नीचे दी गई जरूरी तारीखें देखें

एक्टिविटी तारीख

गेट ऑनलाइन एप्लीकेशन प्रोसेसिंग सिस्टम (GOAPS) शुरू होने की तारीख : 14 अगस्त 2026, 27 अगस्त 2026, TBA

रेगुलर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन (बिना लेट फीस के) खत्म होने की तारीख : 21 सितंबर 2026, 27 सितंबर, 2026

एक्सटेंडेड ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन (लेट फीस के साथ) खत्म होने की तारीख : 30 सितंबर 2026, 5 अक्टूबर, 2026

गेट 2027 एप्लीकेशन में सुधार शुरू होने की तारीख : 14 अक्टूबर, 2026

गेट 2027 एप्लीकेशन में सुधार खत्म होने की तारीख : 21 अक्टूबर, 2026

सिटी अलॉटमेंट नोटिफिकेशन : 4 जनवरी, 2027

एडमिट कार्ड डाउनलोड : TBA

गेट 2027 एग्जाम : फरवरी 6, 2027, फरवरी 7, 2027, फरवरी 13, 2027, फरवरी 14, 2027, फरवरी 20, 2027, फरवरी 21, 2027

रिजल्ट की घोषणा : मार्च 19, 2027

गेट 2027 रजिस्ट्रेशन के लिए DigiLocker क्रेडेंशियल जरूरी

गेट 2027 रजिस्ट्रेशन विंडो जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है। इस साल गेट के लिए रजिस्टर करने के लिए, छात्रों के पास वैलिड DigiLocker क्रेडेंशियल होना जरूरी है। कैंडिडेट्स को गेट 2027 के लिए अप्लाई करने से पहले अपने वेरिफाइड DigiLocker अकाउंट बनाने या अपडेट करने होंगे। DigiLocker के जरिए गेट 2027 के लिए रजिस्ट्रेशन सभी भारतीय नागरिकों के लिए जरूरी है।

गेट 2027 के लिए रजिस्टर करने के स्टेप्स

जीओएपीएस पोर्टल पर गेट 2027 के लिए ऑनलाइन पंजीकरण और आवेदन प्रक्रिया खुलने के बाद, योग्य उम्मीदवारों को ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरने और आवेदन शुल्क जमा करने से पहले रजिस्ट्रेशन लिंक में सभी जरूरी क्रेडेंशियल डालने होंगे।

  • गेट 2027 के लिए ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं।
  • गेट 2027 GOAPS पोर्टल पर क्लिक करें।
  • रजिस्ट्रेशन लिंक पर क्लिक करें।
  • सभी जरूरी डिटेल्स डालें।
  • एप्लीकेशन फॉर्म भरने के लिए लॉगिन करें।
  • गेट 2027 एप्लीकेशन फीस जमा करें।
  • सेव करें और सबमिट पर क्लिक करें।

RPSC APO Admit Card 2026: आरपीएससी ने जारी किया 02 सितंबर को होने वाली एपीओ 2026 भर्ती का एडमिट कार्ड, आधिकारिक वेबसाइट से करें डाउनलोड

कल का मौसम: 1 सितंबर को इन राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट! दिल्ली-यूपी समेत इन 15 राज्यों में मौसम की चेतावनी

India Weather Update: देश भर के अलग-अलग इलाकों में इस वक्त जोरदार बारिश और इसकी वजह से खासकर पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की घटनाएं देखने को मिल रही हैं। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 1 सितंबर के लिए मौसम का विस्तृत पूर्वानुमान जारी करते हुए कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की है। दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता की वजह से उत्तर, मध्य, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के अलग-अलग हिस्सों में एक सितंबर को मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार 1 सितंबर को 15 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बारिश और बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है।

छत्तीसगढ़ में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट

मौसम विभाग के अलर्ट के मुताबिक 1 सितंबर को छत्तीसगढ़ के अलग-अलग इलाकों में मूसलाधार बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा। IMD ने छत्तीसगढ़ में कई जगहों पर गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की भी चेतावनी जारी की है।

यूपी, बिहार, झारखंड और MP में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश के निवासियों के लिए भी 1 सितंबर का दिन काफी संभलकर रहने वाला है। IMD के बुलेटिन के मुताबिक पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पूर्वी मध्य प्रदेश और ओडिशा में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के आसार हैं।

दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और पहाड़ी राज्यों का मौसम

दिल्ली समेत आसपास के मैदानी और पहाड़ी राज्यों में भी मानसूनी बारिश का असर बना रहेगा। IMD के मुताबिक हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में 1 सितंबर को गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना व्यक्त की गई है। पहाड़ी राज्यों की बात करें तो उत्तराखंड में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है जबकि हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

पूर्वोत्तर राज्यों और दक्षिण भारत में मौसम की स्थिति

पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भी एक सितंबर को बारिश की रफ्तार तेज रहेगी। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है जबकि असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश होने के आसार हैं। इसके अलावा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, तेलंगाना और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, बिजली कड़कने और तेज सतही हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।

Weather update for September 1: देश के करीब 15 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी हुआ है

समुद्री क्षेत्र की बात करें तो 1 सितंबर को अरब सागर में सोमालिया और ओमान के तटीय इलाकों के साथ-साथ पश्चिम-मध्य और उत्तर-पूर्वी अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाएं 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। मछुआरों और तटीय क्षेत्रों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

ये भी पढ़ें- 5000 अमरीकी सैनिकों की एंट्री से पहले थाईलैंड के पटाया में हड़कंप! जानिए प्रॉस्टिट्यूशन पर पुलिस ने क्यों शुरू किया बड़ा क्रैकडाउन

Hy-Tech Engineers IPO: कल होगी धमाकेदार एंट्री! 80% चढ़ा GMP, लिस्टिंग के बाद बेचें या होल्ड करें? एक्सपर्ट्स से जानें

Hy-Tech Engineers IPO GMP & Listing: प्राइमरी मार्केट में धमाल मचाने के बाद हाई-टेक इंजीनियर्स का आईपीओ कल यानी 1 सितंबर को शेयर बाजार में लिस्ट होने जा रहा है। 244 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हुए इस आईपीओ को लेकर ग्रे मार्केट में जबरदस्त क्रेज है और इसका जीएमपी लगभग 80 फीसदी के करीब पहुंच चुका है।

जिन निवेशकों को आईपीओ में शेयर अलॉट हुए हैं, उनके मन में सबसे बड़ा सवाल यह है कि कल लिस्टिंग वाले दिन क्या करें, मुनाफा वसूल कर निकल जाएं या लॉन्ग टर्म के लिए होल्ड रखें? आइए जानते हैं लिस्टिंग से पहले GMP, सब्सक्रिप्शन डेटा, ब्रोकरेज की राय और कंपनी की वित्तीय स्थिति से जुड़ी पूरी डिटेल्स।

244 गुना से ज्यादा हुआ था सब्सक्राइब

24 अगस्त से 27 अगस्त के बीच खुले इस ₹135.73 करोड़ के आईपीओ में निवेशकों ने रिकॉर्डतोड़ बोलियां लगाई थीं। कुल 1.84 करोड़ उपलब्ध शेयरों के मुकाबले 443.49 करोड़ से ज्यादा शेयरों के लिए बोलियां मिलीं। गैर-संस्थागत निवेशक(NII) कैटेगरी में सबसे ज्यादा 402.29 गुना आवेदन आए। QIB का हिस्सा 255.77 गुना भरा। वहीं खुदरा निवेशकों का कोटा 170.58 गुना सब्सक्राइब हुआ।

कितनी मजबूत है बैलेंस शीट?

हाइड्रॉलिक्स इंडस्ट्री में 40 सालों से ज्यादा का अनुभव रखने वाली हाई-टेक इंजीनियर्स मुख्य रूप से कंस्ट्रक्शन मशीनरी, ऑटोमोबाइल, कृषि उपकरण और इंजेक्शन मोल्डिंग मशीनों के लिए हाइड्रॉलिक फिटिंग्स बनाती है। 31 मार्च 2026 को समाप्त वित्त वर्ष में कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू ₹189.40 करोड़ रहा। कंपनी का नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹22.59 करोड़ पर पहुंच गया, जो पिछले वित्त वर्ष में ₹19.62 करोड़ था।

पब्लिक इश्यू खुलने से पहले कंपनी ने व्हाइटओक कैपिटल जैसे दिग्गजों सहित एंकर निवेशकों से ₹40.72 करोड़ जुटाए थे।

80% लिस्टिंग गेन का इशारा

ग्रे मार्केट पर नजर रखने वाली वेबसाइट InvestorGain के अनुसार, 31 अगस्त को Hy-Tech Engineers का GMP ₹42 प्रति शेयर चल रहा है। इसका इश्यू प्राइस ₹53 था। इस हिसाब से इसका संभावित लिस्टिंग प्राइस ₹53 + ₹42 = ₹95 प्रति शेयर रह सकता है। निवेशकों को लिस्टिंग के दिन करीब 80% का बंपर मुनाफे की उम्मीद है।

Buy, Sell या Hold? ब्रोकरेज हाउसेज की क्या है राय?

कांतिलाल छगनलाल सिक्योरिटीज: ब्रोकरेज के मुताबिक, कंपनी ने पिछले 2 सालों में 17.28% की रेवेन्यू CAGR दर्ज की है और EBIDTA मार्जिन 22% के आसपास बनाए रखा है। कंपनी का डोमेस्टिक मार्केट शेयर मजबूत है। ब्रोकरेज ने कहा, ‘कंपनी लंबे समय में बेहतरीन प्रदर्शन कर सकती है। कल अच्छे लिस्टिंग गेन की उम्मीद है। जिन्हें अलॉटमेंट मिला है, वे इसे मीडियम से लॉन्ग टर्म के लिए HOLD रख सकते हैं।’

आनंद राठी शेयर्स एंड स्टॉक ब्रोकर्स: आनंद राठी ने कंपनी के 11,000 से ज्यादा SKUs, 170 सीधे क्लाइंट्स और रेलवे-डिफेंस में मौजूदगी की तारीफ की। अपर प्राइस बैंड पर FY26 P/E मल्टीपल 22.25x है जो वाजिब वैल्युएशन दिखाता है। इन्होंने भी इस इश्यू को ‘Subscribe – Long Term’ की रेटिंग दी थी।

निवेशकों के लिए फाइनल स्ट्रैटेजी

जिन्हें केवल शॉर्ट-टर्म मुनाफा चाहिए, वे कल बंपर ओपनिंग के बाद अपना प्रॉफिट बुक करके निकल सकते हैं या स्टॉप-लॉस लगाकर चल सकते हैं। वहीं लॉन्ग टर्म इन्वेस्टर्स जिन्हें शेयर अलॉट हुए हैं और वे कंपनी के फंडामेंटल्स व हाइड्रॉलिक्स सेक्टर की ग्रोथ पर भरोसा रखते हैं, वे एक्सपर्ट्स की सलाह के मुताबिक इसे अपने पोर्टफोलियो में होल्ड कर सकते हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

वाराणसी में गंगा का रौद्र रूप! 84 घाट डूबे, नमस्ते’ प्रतिमा भी पानी में समाई, NDRF अलर्ट पर

Varanasi Flood: सोमवार को वाराणसी में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ता रहा, जिससे सभी 84 घाट डूब गए और कई निचले इलाकों में पानी भर गया। वहीं, नदी का जलस्तर करीब 69.40 मीटर दर्ज किया गया, जबकि चेतावनी स्तर 70.262 मीटर और खतरे का निशान 71.26 मीटर है।

गंगा का पानी लगातार बढ़ने से घाटों के किनारे मौजूद कई प्रसिद्ध जगहें भी डूब गई है। नमो घाट पर लगी मशहूर ‘नमस्ते’ प्रतिमा भी लगभग पूरी तरह पानी में समा गई है। कई घाटों पर पानी भरने से वहां आवाजाही प्रभावित हुई है। वहीं, लगातार हो रही भारी बारिश के बीच रिवर पुलिस कमिश्नरेट कार्यालय में भी पानी घुस गया है।

गंगा का जलस्तर करीब 4 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। इसे देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर नावों के संचालन पर रोक लगा दी है।

रविवार को भी गंगा का पानी लगातार बढ़ा था। इसके चलते वरुणा नदी में पानी का बहाव उल्टा हो गया, जिससे नदी के किनारे बसे निचले इलाकों में पानी घुसने लगा। हालात को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोग अब सुरक्षित और ऊंचे स्थानों की ओर जाने लगे हैं।

बाढ़ के खतरे के बीच प्रशासन ने तैयारियां तेज कीं

बाढ़ के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। वाराणसी में कुल 61 बाढ़ राहत कैंपों की पहचान की गई है, जहां रहने, खाने, पीने के पानी, साफ-सफाई, रोशनी और मेडिकल मदद का इंतजाम किया गया है।

बाढ़ की आशंका वाले इलाकों में पानी के स्तर और हालात पर नज़र रखने के लिए 21 बाढ़ चौकियां भी बनाई गई हैं। राहत और बचाव कार्यों के लिए 198 नावें तैनात की गई हैं।

आपातकालीन कार्यों के लिए नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF), वॉटर पुलिस और प्रोविंशियल आर्म्ड कांस्टेबुलरी (PAC) की टीमों को स्टैंडबाय पर रखा गया है।

अगर बाढ़ की स्थिति और बिगड़ती है, तो प्रशासन ने पशुओं के लिए भी जरूरी इंतजाम किए हैं। इनमें चारा, पीने का पानी और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की व्यवस्था शामिल है।

यह भी पढ़ें: ‘8 अरब लोगों के लिए लैपटॉप खरीदने लायक काला धन मौजूद’, ग्लोबल मनी लॉन्ड्रिंग पर बोले CJI सूर्यकांत

थाईलैंड के खिलाफ बल्लेबाजी कैसे ढह गई? एशिया कप के पहले मैच पर क्या बोली शेफाली

Shefali Verma

भारतीय सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा ने कहा कि थाईलैंड की कमजोर टीम के खिलाफ महिला एशिया कप के पहले मैच में 94 रन की आसान जीत के बावजूद टीम की बल्लेबाजी इकाई को टर्न लेती पिचों पर अपनी कमियों का आकलन करना होगा।

शेफाली ने 36 गेंदों में 64 रन बनाकर भारत को अच्छी शुरुआत दी। उनकी पारी में आठ चौके और तीन छक्के शामिल थे। लेकिन भारत के मध्य क्रम के बल्लेबाज नहीं चल पाए। एक विकेट पर 91 रन के बाद उसका स्कोर जल्द ही 6 विकेट पर 127 रन हो गया और 137 रनों पर 9 विकेट हो गया। आखिर में टीम ने क्रांति गौड़ के बल्ले से निकले छक्के और चौक्के के कारण 159 रन बनाए। थाईलैंड की टीम इसके जवाब में 65 रन पर आउट हो गई।

शेफाली ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘‘हम इस पर गौर करेंगे कि बल्लेबाजी में हमसे कहां गलतियां हो रही हैं और हम कहां सुधार कर सकते हैं। आज का मैच खत्म हो गया है और हमने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया। वापस जाने पर हम इस पर विचार विमर्श करेंगे कि हम क्या सुधार कर सकते हैं और टीम के लिए और क्या योगदान दे सकते हैं।’’

हरमनप्रीत कौर (05 रन), भारती फुलमाली (14 गेंदों पर 13 रन), ऋचा घोष (00) और दीप्ति शर्मा (05) ने थाईलैंड के अनुभवहीन गेंदबाजों के खिलाफ निराशाजनक प्रदर्शन किया।

शेफाली ने कहा कि भारत को पता था कि पिच से कुछ टर्न मिलेगा और पारी आगे बढ़ने के साथ बल्लेबाजों को बेहतर ढंग से तालमेल बिठाने की जरूरत होगी।उन्होंने कहा, ‘‘जैसा कि हम सभी जानते हैं कि यहां की पिच टर्न लेगी। हम यहां की परिस्थितियों से अच्छी तरह वाकिफ हैं और हम इस पिच के बारे में जानते थे।’’

शेफाली ने कहा कि नई गेंद बल्ले पर अच्छी तरह से आ रही थी।उन्होंने कहा, ‘‘नई गेंद बल्ले पर बहुत अच्छी तरह से आ रही थी। गेंद पुरानी होने के बाद गेंद टर्न लेने लगती है।’’शेफाली ने कहा, ‘‘दो साल पहले विश्व कप के लिए हम यहां आए थे, इसलिए मुझे यहां की परिस्थितियों का पता है और मैं तैयार थी। स्वदेश में मैं इस तरह की पिच पर खेलने का अभ्यास कर रही थी।’

Cyber Fraud Alert : सोशल मीडिया पर दिख रहे इन खतरनाक ऐप्स से रहें सावधान, एक गलती से खाली हो सकता है बैंक अकाउंट

Cyber Fraud Alert : सोशल मीडिया पर दिख रहे इन खतरनाक ऐप्स से रहें सावधान, एक गलती से खाली हो सकता है बैंक अकाउंट

social media

सोशल मीडिया पर दिखने वाले हर विज्ञापन या लिंक पर क्लिक करना भारी पड़ सकता है। राष्ट्रीय साइबर अपराध खतरा विश्लेषण इकाई (NCTAU) ने सोशल मीडिया विज्ञापनों के जरिए फैलाए जा रहे संदिग्ध पॉर्नोग्राफी ऐप्स को लेकर चेतावनी जारी की है। इन ऐप्स के जरिए साइबर अपराधी मोबाइल फोन का नियंत्रण हासिल कर वित्तीय धोखाधड़ी को अंजाम दे सकते हैं।

 

केंद्रीय गृह मंत्रालय के साइबर अपराध रोधी तंत्र I4C के तहत काम करने वाली NCTAU के मुताबिक, Facebook और Instagram पर कुछ संदिग्ध ऐप्स के विज्ञापन या लिंक दिखाए जा रहे हैं। इनमें ‘नाइट प्ले’, ‘रीलूप’, ‘किस’, ‘वीमो’, ‘रिवो’, ‘नेक्सो’ और ‘विक्सा’ जैसे नामों से प्रचारित किए जा रहे ऐप शामिल हैं।

ALSO READ: YouTube Creators की बल्ले-बल्ले, Amazon के साथ शुरू हुआ नया Affiliate फीचर, वीडियो से होगी अतिरिक्त कमाई

कैसे फंसाते हैं साइबर अपराधी?

 

ऐसे विज्ञापनों पर क्लिक करने के बाद यूजर को ऐसी वेबसाइट पर भेजा जाता है, जहां अश्लील सामग्री दिखाने का दावा किया जाता है। इसके बाद यूजर को Google Play Store के बाहर से APK फाइल डाउनलोड और इंस्टॉल करने के लिए प्रेरित किया जाता है। यही गलती आपके मोबाइल और बैंकिंग सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकती है।

 

ऐप इंस्टॉल करते ही मांगते हैं खतरनाक Permission

NCTAU के अनुसार, ऐप इंस्टॉल होने के बाद ऐसी अनुमतियां मांगी जा सकती हैं, जिनके जरिए ऐप को डिवाइस पर अतिरिक्त एप्लिकेशन इंस्टॉल करने और फोन की पहुंच का गलत इस्तेमाल करने की क्षमता मिल जाती है। इसके बाद साइबर अपराधी फोन का नियंत्रण हासिल कर सकते हैं और इसका इस्तेमाल अनधिकृत वित्तीय लेनदेन के लिए किया जा सकता है।

 

कुछ मामलों में ये ऐप VPN भी इंस्टॉल कर सकते हैं, जिसका इस्तेमाल इंटरनेट गतिविधि की लोकेशन बदलने या संदिग्ध गतिविधियों को छिपाने के लिए किया जा सकता है।

 

फोन से ऐप हटाना भी हो सकता है मुश्किल

सबसे गंभीर खतरा यह है कि कुछ दुर्भावनापूर्ण ऐप यूजर को सामान्य Device Settings के जरिए उन्हें हटाने से रोक सकते हैं। इससे पीड़ित के लिए फोन पर दोबारा नियंत्रण हासिल करना मुश्किल हो सकता है।

 

अगर गलती से APK डाउनलोड कर लिया तो क्या करें?

 

1. इंटरनेट कनेक्शन तुरंत बंद करें

Wi-Fi और Mobile Data को अस्थायी रूप से बंद कर दें।

 

2. संदिग्ध ऐप की Permissions चेक करें

खासकर Accessibility, Device Admin, VPN और अन्य संवेदनशील permissions को देखें।

 

3. अनजान ऐप को हटाने की कोशिश करें

जिस ऐप को आपने खुद इंस्टॉल नहीं किया या पहचानते नहीं हैं, उसे डिवाइस से हटाएं।

 

4. बैंक और UPI तुरंत चेक करें

अपने बैंक अकाउंट, UPI और कार्ड से जुड़े लेनदेन की जांच करें।

 

5. संदिग्ध लेनदेन दिखे तो तुरंत बैंक से संपर्क करें

देरी होने पर वित्तीय नुकसान बढ़ सकता है।

 

6. Google Play Protect चालू रखें

Android फोन में Play Protect को बंद न करें।

 

7. फोन का Software Update करें

Android और सुरक्षा अपडेट हमेशा नवीनतम रखें।

Mirzapur The Movie Advance Booking: 31 अगस्त से शुरू हुई फिल्म की एडवांस बुकिंग, 4 सितंबर को भौकाल दिखाएंगे कालीन भैया

Mirzapur The Movie Advance Booking: ‘मिर्ज़ापुर: द मूवी’ के लिए काउंटडाउन आधिकारिक तौर पर शुरू हो गया है। टीज़र और ट्रेलर से उत्साह बढ़ाने के बाद, मेकर्स ने अब घोषणा की है कि इस बहुप्रतीक्षित फ़िल्म की एडवांस बुकिंग 31 अगस्त से शुरू हो चुकी है। एक्सेल एंटरटेनमेंट और अमेज़न MGM स्टूडियोज़ द्वारा समर्थित, ‘मिर्ज़ापुर: द मूवी’ के साथ बेहद लोकप्रिय मिर्ज़ापुर फ़्रैंचाइज़ी पहली बार स्ट्रीमिंग स्पेस से बड़े पर्दे पर आएगी।

थिएटर में रिलीज़ होने में बस सात दिन बचे हैं, ऐसे में एडवांस बुकिंग की घोषणा से फ़िल्म को लेकर और भी चर्चा बढ़ने की उम्मीद है। सालों से, मिर्ज़ापुर ने अपनी दमदार दुनिया, यादगार किरदारों और ज़बरदस्त कहानी के ज़रिए बड़ी संख्या में फ़ैन बनाए हैं। आने वाली फ़िल्म अब दर्शकों को पहली बार बड़े पर्दे पर उस दुनिया का अनुभव करने का मौका देगी।

फिल्म को लेकर बढ़ती एक्साइटमेंट के बीच हाल ही में डायरेक्टर गुरमीत सिंह से पूछा गया कि इतने सालों से इन किरदारों को विकसित होते देखने और उनके सफर का हिस्सा बनने के बाद क्या फिल्म में किसी खास किरदार की कहानी ने उन्हें एक फिल्ममेकर के तौर पर ‘मिर्जापुर’ की दुनिया को अलग नजरिए से देखने पर मजबूर किया। इस पर उन्होंने बताया कि फिल्म ने उन्हें किरदारों के नए पहलुओं को एक्सप्लोर करने के साथ-साथ ‘मिर्जापुर’ की दुनिया की नई परतें खोजने का मौका दिया।

डायरेक्टर गुरमीत ने कहा, “फिल्म ने हमें एक खास मौका दिया कि हम अपने मुख्य किरदारों की नई परतें सामने लाएं और उनकी कुछ कहानियों को अलग तरीके से पेश करें। हमें उनके ऐसे पहलू देखने को मिलेंगे, जो शो में पहले कभी नहीं दिखे। इन नए पहलुओं से हम उन्हें और बेहतर समझ पाएंगे, उनके साथ जुड़ पाएंगे, उनसे सहानुभूति रख पाएंगे या शायद उन्हें पहले से ज्यादा नापसंद भी कर पाएंगे। हम बाबलू और गुड्डू को देखेंगे, जिनके मन में हमेशा इस हिंसा की दुनिया से बाहर निकलने का एक प्लान था। फिल्म में कालीन भैया और मुन्ना के अतीत से जुड़ी एक रहस्यमयी घटना भी सामने आएगी, जो उनके रिश्ते को परिभाषित करती है। साथ ही, हम बीना की कहानी की शुरुआत भी देखेंगे, जो झूठ और बलिदान से भरी एक ऐसी हलचल पैदा करेगी, जिससे बहुत कुछ बदल जाएगा।”

फिल्म की बड़ी स्टारकास्ट में अभिषेक बनर्जी, रसिका दुग्गल, मोहित मालिक, शीबा चड्ढा, राजेश तैलंग, प्रमोद पाठक, श्रिया पिलगांवकर, हर्षिता शेखर गौर, श्वेता त्रिपाठी और सोनल एस चौहान भी शामिल हैं। ये सभी कलाकार ‘मिर्जापुर’ की दुनिया के एक ऐसे अनकहे अध्याय को पर्दे पर लेकर आ रहे हैं, जिसकी कहानी पहले कभी नहीं दिखाई गई।

अमेजन एमजीएम स्टूडियोज और एक्सेल एंटरटेनमेंट द्वारा प्रस्तुत ‘मिर्जापुर: द मूवी’ का निर्देशन गुरमीत सिंह ने किया है, जबकि इसकी कहानी पुनीत कृष्णा ने लिखी है। फिल्म को एक्सेल एंटरटेनमेंट के बैनर तले रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर ने प्रोड्यूस किया है। कासिम जगमगिया और विशाल रामचंदानी इसके को-प्रोड्यूसर हैं। ‘मिर्जापुर: द मूवी’ 4 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

भोपाल में CJP की बैठक में हंगामा, एंटी नेशनल सवाल पूछने पर झड़प, युवाओं ने लगाए कॉकरोच मुर्दाबाद के नारे

भोपाल में CJP की बैठक में हंगामा, एंटी नेशनल सवाल पूछने पर झड़प, युवाओं ने लगाए कॉकरोच मुर्दाबाद के नारे

भोपाल। कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा मध्यप्रदेश में सरकारी स्कूलों के ऑ़डिट को लेकर राजधानी के गांधी भवन में आयोजित बैठक में जमकर हंगामा हो गया। सवाल जवाब से शुरु हुआ विवाद देखते ही देखते तीखी नोंक-झोंक और झड़प में बदल गगा। CJP की बैठक में विवाद की शुरुआत उस वक्त हुई जब एक युवक ने दिल्ली में हुए प्रोटेस्ट के एंटी नेशनल होने पर सवाल पूछ दिया। इसके बाद जमकर हंगामा हो गया।
 

भोपाल के गांधी भवन में CJP की ओर से स्कूल ऑडिट और संगठन की आगामी गतिविधियों को लेकर बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में पहुंचे कुछ और युवा वहां पहुंचे और उन्हें सवाल जवाब किए। इस दौर एक छात्र ने जब दिल्ली में हुए प्रदर्शन को एंटी नेशनल तत्वों के द्वारा हाईजैक करने को लेकर सवाल किया। युवक ने सवाल करते हुए पूछा कि दिल्ली में हुए प्रोटेस्ट के दौरान क्या कोई एंटी नेशनल गतिविधि हुई थी, साथ ही उसने सवाल किया कि भोपाल में होने वाली गतिविधियों में भी क्या इस तरह की चीजें देखने को मिलेंगी।

 

युवक के इस तरह के सवाल पूछने के दौरान ही विवाद की स्थिति बन गई और बैठक में मौजूद लोगों ने माइक छीनने की कोशिश की। इस पर छात्रों एक गुट ने नारेबाजी शुरु कर दी। प्रदर्शन मेंं शामिल छात्रा गौतम जायसवाल ने कहा कि सरकारी स्कूलों के सर्वे को लेकर ऱखी गई बैठक में जब उन्होंने सवाल किया तो वहां पर उपस्थित लोग भड़क गए और उनके साथ झूमाझटकी की गई। 

 

दरअसल सीजेपी की बैठक का आयोजन मुख्य रूप से स्कूल ऑडिट और CJP की आगे की गतिविधियों को लेकर चर्चा करने के लिए किया गया था। हालांकि, बैठक के दौरान सवाल-जवाब को लेकर हुए विवाद ने कार्यक्रम का रुख बदल दिया और मामला हंगामे तक पहुंच गया और कॉकरोच जनता पार्टी के मुर्दाबाद के नारे लगाए  गए। 

 

वहीं हंगामे के बाद CJP की अभियान कोऑर्डिनेटर माया विश्वकर्मा ने कहा कि मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों  का नागरिक स्तर पर ऑडिट किया जाएघा। स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप के गृह जिले नरसिहपुर से साईखेंड ब्लॉक से 'स्कूल ठीक करो' अभियान के तह स्कूलों के ऑडिट की शुरुआत की जाएगी और इसके  बाद भोपाल समेत प्रदेश के अन्य जिलों मे इसको किया जाएगा।

Market Outlook : लाल निशान में बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 1 सितंबर को कैसी रह सकती है इनकी चाल

Market Outlook : नीचे से सुधार आने के बावजूद भारतीय बाजार आज सोमवार 31 अगस्त को गिरावट लेकर बंद हुए। निफ्टी 95 अंक गिरकर 24080.40 पर और सेंसेक्स 307 अंक गिरकर 76957.27 पर आ गया,जिससे सेशन की क्लोजिंग गिरावट के साथ हुई। सर्विसेज सेक्टर सबसे आगे रहा और इसमें 8.88% की बढ़त देखी गई,जबकि इंजीनियरिंग सर्विसेज सेक्टर को सबसे ज़्यादा नुकसान हुआ और इसमें 3.12% की गिरावट आई। यूटिलिटीज़ और कैपिटल गुड्स और इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट सेक्टर में भी बिकवाली का दबाव रहा,जिससे इंडस्ट्रियल सेक्टर को लेकर सेंटीमेंट कमज़ोर रहा।

ईरान के साथ अमेरिका के बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गईं,जबकि निवेशक MSCI इंडेक्स में बदलाव और CAS से संभावित उतार-चढ़ाव को लेकर सतर्क नजर आए। इसका असर बाजार पर दिखा। अलग-अलग सेक्टरों का मूड काफी कमजोर रहा और बाजार के ज्यादातर हिस्सों में बिकवाली का दबाव दिखा। मेटल और मीडिया सेक्टर में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई। जबकि टेक्नोलॉजी,रियल्टी और फाइनेंशियल सर्विस सेक्टर पर भी काफी दबाव रहा। फार्मा और हेल्थकेयर जैसे डिफेंसिव सेक्टर में भी गिरावट आई। सिर्फ प्राइवेट बैंकों ने ही कुछ हद तक मजबूती दिखाई।

क्लोजिंग ऑक्शन सेशन के बाद बैंक निफ्टी में बड़ा बदलाव देखा गया और यह दोपहर 3:15 बजे के प्री-CAS लेवल से 600 अंक से ज्यादा ऊपर बंद हुआ। इंडेक्स दोपहर 3:15 बजे के करीब 57,397 से बढ़कर CAS के बाद 58,025 पर पहुंच गया। भारतीय शेयर बाज़ार पर दबाव के बावजूद निफ्टी 24,000 के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर बने रहने में कामयाब रहा और 24,080.40 पर बंद हुआ।

MSCI में बदलाव के चलते अदाणी ग्रुप के शेयरों में जबरदस्त बिकवाली देखी गई, जिसमें अदाणी एंटरप्राइजेज और अदाणी पोर्ट्स निफ्टी में सबसे ज़्यादा गिरने वाले शेयरों में शामिल रहे। अदाणी एंटरप्राइजेज़ के शेयरों में भारी गिरावट आई, जबकि अदाणी पोर्ट्स के शेयर करीब 7 प्रतिशत गिरे। रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में ट्रेडिंग के आखिरी घंटे में जबरदस्त तेज़ी देखी गई और यह लगभग 1 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ,जिससे बेंचमार्क इंडेक्स को सहारा मिला।

आनंद राठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स में इक्विटी टेक्निकल रिसर्च के सीनियर मैनेजर जिगर एस पटेल का कहना है कि 24,000 का स्तर निफ्टी के लिए मज़बूत सपोर्ट बना हुआ है। इसे डेली गैप एरिया,बढ़ती ट्रेंडलाइन और 61.8% फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट का सपोर्ट मिल रहा है।

जिगर एस पटेल गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपनाने की सलाह दे रहे हैं। उनका मानना है कि 24,100–24,000 का जोन निफ्टी के लिए अहम सपोर्ट जोन है। उनका मानना ​​है कि जब तक क्लोजिंग बेसिस पर 23,600 का स्तर बना रहता है,तब तक बाजार का ओवरऑल स्ट्रक्चर पॉजिटिव रहेगा।

ऊपर की तरफ,24,400 का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस बना हुआ है। पटेल ने कहा कि अगर इस स्तर के ऊपर ब्रेकआउट होता है तो निफ्टी के लिएृ 24,600–24,750 और उसके बाद 25,000 के सबसे नजदीकी टारेगट की ओर बढ़ने का रास्ता खुल सकता है।

निफ्टी बैंक के लिए, 58,200 के ऊपर निर्णायक ब्रेकआउट से नई तेज़ी आ सकती है,जबकि 57,000 का स्तर अहम सपोर्ट बना हुआ है। पटेल ने कहा कि हमारा उनका नजरिया तेजी का है। ऐसे में 57,000 के ऊपर टिके रहने तक गिरावट पर खरीदारी करने की सलाह होगी।

 

Sugar Stocks : बलरामपुर चीनी 12% तक भागा, दूसरे शुगर शेयरों को भी लगे पंख, जानिए वजह

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।