Android फोन की बैटरी लाइफ कैसे बढ़ाएं? देखें स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस

हर तरह के Android स्मार्टफोन की बैटरी समय के साथ जल्दी खत्म होने लगती है, फिर चाहे उसमें कितनी भी बड़ी बैटरी क्यों न लगी हो। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि हर चार्जिंग साइकल के साथ बैटरी अपनी ओरिजिनल क्षमता खो देती है और आखिर में इतनी खराब हो जाती है कि इस्तेमाल के लायक नहीं रहती। हालांकि, अगर आप फोन का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं और आपका Android फोन जरूरत से पहले ही बंद हो जाता है, तो कुछ आसान आदतें अपनाकर आप बैटरी को ज्यादा समय तक चला सकते हैं। इसके अलावा, फोन की कुछ सेटिंग्स में बदलाव करके भी बैटरी लाइफ बढ़ाई जा सकती है। साथ ही, फोन में कुछ ऐप्स और प्रोसेस ऐसे भी होते हैं, जो बैकग्राउंड में चलते रहते हैं और आपको पता भी नहीं चलता कि वे बैटरी खर्च कर रहे हैं। ऐसे में आप इन सेटिंग्स को बदलकर आप फोन के अचानक बंद होने की समस्या से बच सकते हैं।

हमने आपके लिए एक स्टेप-बाय-स्टेप गाइड तैयार की है जिससे आप अपने Android हैंडसेट की बैटरी लाइफ को जितना हो सके उतना बढ़ा सकते हैं।

Android फोन की बैटरी जल्दी खत्म होने की वजहें

आपके एंड्रॉयड फोन की बैटरी उम्मीद से ज्यादा जल्दी खत्म होने के कई कारण हो सकते हैं। अगर आप लगातार अपने फोन को हाई स्क्रीन ब्राइटनेस पर इस्तेमाल करते हैं, तो बैटरी लाइफ पर बुरा असर पड़ सकता है, क्योंकि बैटरी का एक बड़ा हिस्सा डिस्प्ले को पावर देने में खर्च होता है। इसी तरह, अगर फोन के बैकग्राउंड में कई ऐप्स और प्रोसेस चल रहे हैं जिनका आप इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं, तो आपका Android फोन आपकी जानकारी के बिना बैटरी खर्च कर सकता है।

इस तरह, अगर Wi-Fi, मोबाइल डेटा या Bluetooth जैसी कनेक्टिविटी सेटिंग्स जरूरत न होने पर भी ऑन रहती हैं, तो फोन लगातार दूसरे डिवाइस या नेटवर्क को खोजता रहता है। इससे भी बैटरी पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।

एक और वजह स्क्रीन टाइमआउट का सही तरीके से सेट न होना हो सकती है। अगर स्क्रीन लंबे समय तक अपने आप बंद नहीं होती, तो फोन इस्तेमाल न होने पर भी डिस्प्ले जलता रहता है और बैटरी तेजी से खत्म होती है।

इसके अलावा, Google Maps और अन्य नेविगेशन ऐप्स सहित लोकेशन सेवाएं लगातार आपके डिवाइस की लोकेशन ट्रैक करती रहती हैं। Google का कहना है कि इससे आपके Android फोन की बैटरी लगातार खत्म होती रहती है, चाहे आप इसका इस्तेमाल कर रहे हों या नहीं। साथ ही, Light Mode में, आपका स्मार्टफोन हल्के रंगों को दिखाने के लिए ज्यादा बैटरी पावर का इस्तेमाल करता है, खासकर अगर आपके फोन में AMOLED डिस्प्ले है। हालांकि, यह ध्यान देने योग्य है कि इस्तेमाल के साथ-साथ सभी फोन की बैटरी धीरे-धीरे कम होती जाती है।

Android फोन की बैटरी लाइफ कैसे बढ़ाएं

  1. Adaptive Brightness ऑन करें: फोन के Control Centre या Settings में जाकर Adaptive Brightness ऑन कर दें। इससे फोन का सेंसर आसपास की रोशनी के हिसाब से स्क्रीन की ब्राइटनेस अपने आप कम या ज्यादा करेगा। इससे जरूरत के मुताबिक ही बैटरी खर्च होगी।
  2. स्क्रीन की ब्राइटनेस खुद कम करें: अगर Adaptive Brightness के बाद भी स्क्रीन ज्यादा चमकदार लगती है, तो ब्राइटनेस को मैन्युअली कम कर दें। इससे बैटरी ज्यादा देर तक चल सकती है।
  3. Screen Timeout कम करें: Settings में जाकर Screen Timeout का समय कम कर दें। इससे फोन इस्तेमाल न होने पर स्क्रीन ज्यादा देर तक ऑन नहीं रहेगी और बैटरी की बचत होगी।
  4. Keyboard की आवाज और Vibrations बंद करें: कीबोर्ड की आवाज और हर टाइपिंग पर होने वाली वाइब्रेशन भी बैटरी खर्च करती है। इन्हें Settings > Keyboard Settings में जाकर बंद किया जा सकता है।
  5. Notifications को मैनेज करें: फोन में आने वाले गैर-जरूरी नोटिफिकेशन बंद कर दें। सिर्फ जरूरी ऐप्स को नोटिफिकेशन भेजने की अनुमति देने से बैटरी की खपत कम हो सकती है।
  6. Background में चलने वाले ऐप्स को सीमित करें: यह बैटरी बचाने का सबसे जरूरी तरीका है। Background App Activity को सीमित करने से इस्तेमाल न होने वाले ऐप्स बैकग्राउंड में लगातार चलने और रिफ्रेश होने से बचेंगे। इसे Settings में जाकर मैनेज किया जा सकता है।
  7. Battery Saver Mode ऑन करें: अगर फोन की बैटरी तेजी से खत्म हो रही है, तो Battery Saver Mode ऑन कर दें। इसे Quick Settings या Control Centre से आसानी से चालू किया जा सकता है।
  8. Dark Mode का इस्तेमाल करें: बैटरी बचाने के लिए Dark Mode ऑन करना भी फायदेमंद हो सकता है। खासकर AMOLED डिस्प्ले वाले फोन में काले हिस्सों के पिक्सल बंद हो जाते हैं, जिससे पावर की बचत हो सकती है।
  9. बैटरी की लाइफ बेहतर रखने के लिए फोन को बार-बार जरूरत से ज्यादा चार्ज करने से बचें। साथ ही, बैटरी पूरी तरह खत्म होने के बाद फोन बंद होने का इंतजार न करें।
  10. फोन को बहुत ज्यादा गर्मी या ठंड में इस्तेमाल करने से बचें। Extreme Temperature बैटरी की क्षमता और उसकी लाइफ पर असर डाल सकता है।
  11. अगर फोन में ऐसे Google या दूसरे अकाउंट जुड़े हैं जिनका आप इस्तेमाल नहीं करते, तो उन्हें हटा दें। Google के मुताबिक, इससे भी Android फोन की बैटरी लाइफ बेहतर रखने में मदद मिल सकती है।

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राम मंदिर चढ़ावा विवाद में नया मोड़, ड्यूटी आदेश मिलते ही कर्मचारी ने दिया इस्तीफा, कर्मचारियों में क्यों फैला खौफ?

राम मंदिर चढ़ावा विवाद में नया मोड़, ड्यूटी आदेश मिलते ही कर्मचारी ने दिया इस्तीफा, कर्मचारियों में क्यों फैला खौफ?

अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की गणना की निगरानी के लिए नियुक्त ट्रस्ट के कर्मचारी विजय पाठक ने गुरुवार को ड्यूटी का आदेश जारी होते ही अपना इस्तीफा दे दिया। उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन को व्हाट्सएप के जरिए इस्तीफा भेजा। हालांकि, उन्हें नियमानुसार ईमेल से इस्तीफा भेजने और प्रवेश पत्र समेत अन्य जरूरी सामान जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं।

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​चढ़ावा चोरी के बाद कर्मचारियों में खौफ

 

​चढ़ावा चोरी की घटना और आठ आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मामले के तूल पकड़ने से कर्मचारियों में डर का माहौल है। कोई भी कर्मचारी गणना स्थल के आसपास ड्यूटी नहीं करना चाहता।

 

​तैनातीयों का गणित : ट्रस्ट द्वारा निगरानी के लिए तैनात 6 में से केवल 4 कर्मचारियों ने कार्यभार संभाला है। 1 कर्मचारी ने आदेश का अनुपालन नहीं किया है और 1 ने इस्तीफा दे दिया।

 

​अंतरिम व्यवस्था: खौफ के कारण शुरुआती दिनों में पूर्व सैनिकों से सेवा ली गई थी। अब एसबीआई (SBI) प्रबंधन ने पूरी व्यवस्था अपने हाथों में ले ली है।

 

​जांच का दायरा : एसओपी (SOP) के उल्लंघन से उपजे इस विवाद की जांच अब सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में चल रही है। ड्यूटी से बचने वाले कर्मचारियों को अंतरिम महासचिव द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किए जा रहे हैं।

 

​वेतन संकट से जूझ रहीं कार्यरत एजेंसियां

 

​राम मंदिर में सफाई से लेकर ड्रेनेज तक की व्यवस्था में करीब एक दर्जन एजेंसियां लगी हुई हैं। जहां मेसर्स शंकर इलेक्ट्रिकल्स जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियां अपने कर्मचारियों को नियमित वेतन दे रही हैं, वहीं कई छोटी कंपनियों की आर्थिक स्थिति खस्ता है। सफाई व्यवस्था संभालने वाली एजेंसी 'बीवीजी' ने कर्मचारियों का पिछले चार महीनों (अप्रैल, मई, जून और जुलाई) का वेतन बकाया रखा है।

आंदोलित युवा और संवाद की आवश्यकता

आंदोलित युवा और संवाद की आवश्यकता

jharkhand student protest

युवा किसी भी राष्ट्र का वर्तमान और भविष्य होते हैं। किसी देश का युवा उसके भविष्य का निर्माता होता है। विश्व का इतिहास बताता है कि हर दौर में युवा वर्ग ने समाज को दिशा देने और व्यवस्था को चुनौती देने में केंद्रीय भूमिका निभाई है। जब कहीं भी सामाजिक बदलाव की कोई हवा चलती है उसमें युवा वर्ग हमेशा ही आगे रहता है। वह सत्ता के एकाधिकार, सामाजिक विषमता और नीतिगत जड़ता के विरुद्ध एक सशक्त प्रतिरोध दर्ज करता है। इतिहास साक्षी है कि जब-जब समाज में असमानता, अन्याय या दिशाहीनता बढ़ती है, तब-तब युवाओं की ऊर्जा ने नए आंदोलनों की नींव रखी है। युवा आंदोलनों ने समाज को एक नई दिशा देने का काम भी किया है।

 

किसी भी देश की तरुणाई जिस ओर चलती है, जमाना उसी तरफ मुड़ जाता है। इस वर्ग में वह शक्ति होती है कि वह हवा का रूख मोड़ सकता है। ऐसे में इस वर्ग के साथ सतत सकारात्मक संवाद बहुत आवश्यक हो जाता है। युवा वर्ग के सवालों, उनकी समस्याओं और विचारों पर मंथन बहुत आवश्यक है। अगर उसके मन में कोई बात है तो उसे सुनना बहुत जरूरी हो जाता है। कहते भी हैं कि किसी भी समूह के भीतर अगर किसी बात को लेकर कोई सवाल या दबाव है तो उसे तुरंत राहत देना जरूरी है। उसके भीतर के तनाव या दबाव को समाप्त करना जरूरी होता है। व्यवस्था और नेतृत्व उससे संवाद कर उसे सामान्य कर सकते हैं।

 

किसी भी समूह के साथ अगर सकारात्मक संवाद किया जाए तो परिस्थितियों को परिवर्तित किया जा सकता है। दुनियाभर में अलग-अलग ट्रेंडस पर नजर रखने वाली कंपनी स्टैटिस्टा के आंकड़े बताते हैं कि बीते दो बरसों में दुनियाभर के लगभग 10 देशों में युवाओं के प्रदर्शन हुए हैं। कुछ सालों पहले सोशल मीडिया के प्रभाव से ही अरब जगत के कई देशों में अनेकों आंदोलन हुए। वहां तख्तापलट भी हुए। युवाओं के इन आंदोलनों के कारण अलग-अलग जगहों पर भिन्न-भिन्न हो सकते हैं, लेकिन उनमें कुछ बातें, कुछ मांगें अपने मूलस्वभाव में लगभग एक जैसी लगती हैं। और वो हैं, रोजगार के अवसर, बेहतर शिक्षा, भ्रष्टाचारमुक्त शासन व्यवस्था। जब उन्हें लगता है कि उनकी आवाज सुनी ही नहीं जा रही है तो वे सड़कों पर आंदोलित होकर उतर रहे हैं।

 

हाल ही में जेनजी प्रोटेस्ट के बाद आरएसएस प्रमुख ने एक संवाद कार्यक्रम में बातचीत के दौरान कहा कि जेन-जी की जो भी शिकायतें थीं, वो जायज थीं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन भी सहमति बनाने का एक माध्यम है और संवाद से एक सहमति का निर्माण होता है। सीजेपी के नेतृत्व वाला वह आंदोलन दिल्ली में तो खत्म हो गया। दूसरी ओर, रांची का प्रदर्शन भी सरकार के आश्वासन के बाद फिलहाल समाप्त हो गया। दरअसल, छात्र अपनी मांगों पर ठोस निर्णय चाहते हैं। 

 

भारत में दुनिया की बहुत बड़ी युवा आबादी है। देश में युवाओं के आंदोलनों का इतिहास भी अत्यंत समृद्ध रहा है। आजादी के आंदोलन के दौरान भी भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, खुदीराम बोस और नेताजी सुभाष चंद्र बोस जैसे युवा नायकों ने जनमानस को भी बड़े पैमाने पर आंदोलित किया। उनके विचार युवा चेतना की प्रमुख प्रेरणा बने। आजाद भारत में भी युवाओं ने समाज में अपने आंदोलनो से सुधार की मांगे रखीं। 70 के दशक में गुजरात का नवनिर्माण वाला छात्र आंदोलन हो या फिर 1974 में हुआ जेपी आंदोलन, सभी में नेतृत्व करने वाला आम छात्र अपने आंदोलन से  सत्ता में सुधार, उसमें परिवर्तन और व्यवस्था को बेहतर बनाने की मांग करता दिखता है।

 

पूर्व राष्ट्रपति डा. कलाम ने कहा था कि युवा ही वह शक्ति है जो दुनिया को बदल सकती है। आज युवा दुनियाभर में व्यवस्थाओं को बदलने की बात पर सड़कों पर उतर रहा है। आज के युवाओं की बेहतर बात यह है कि उनके पास ग्लोबल इन्फरमेशन का नेटवर्क है। वे हर क्षण सूचनाओं से अपडेट होते रहते हैं। मौजूदा वक्त सूचना क्रांति का है। आज का युवा हर तरह के स्मार्ट गैजेट्स और डिजिटल प्लेटफामर्स से जुड़ा हुआ है। पल-पल की जानकारी उसे स्क्रीन पर मिलती रहती है। समाज में भी व्यापक स्तर पर इस तकनीक के चलते बदलाव आए हैं।

 

आमजन अपनी राय इन डिजिटल माध्यमों में खुलकर रखते हैं। ऐसे  में युवा भी सत्ता से सवाल हो या उसके किसी काम की तारीफ करनी हो, वे खुलकर डिजिटल प्लेटफार्म पर अपनी अभिव्यक्ति देते हैं। अगर किसी तरह उनकी आवाज को दबाने का प्रयास हो या युवाओं को लगता है कि उनका दमन हो रहा है तो वे डरने के बजाय सोशल मीडिया पर धूम मचा देते हैं। रील्स, मीम्स, व्यंग्य चित्रों और गीतों के माध्यम से वे जनता और सरकार के बीच अपनी बात रखते हैं। डिजिटल सूचना के माध्यम से त्वरित प्रसार बिना किसी औपचारिक केंद्रीय नेता के भी आंदोलन बहुत तेजी से बड़े आकार में सामने आ रहे हैं। शिक्षा, रोजगार या पर्यावरण जैसे स्थानीय मुद्दे तुरंत वैश्विक संवाद का हिस्सा बन रहे हैं। 

 

अब जहां आधुनिक युवा आंदोलन लचीले और तात्कालिक प्रभाव वाले दिख रहे हैं, वहीं उनके सामने कुछ गंभीर चुनौतियां भी स्पष्ट रूप से दिखाई पड़ती हैं। इस दौर में साफ दिखता है कि कई आंदोलन सोशल मीडिया पर जितनी तेजी से उभार ले रहे हैं,  उतनी ही तेजी से वे बिखर भी जाते हैं। जानकार मानते हैं कि आभासी मीडिया पर विमर्श से उठ खड़े होने वाले आंदोलनों में ठोस नीतिगत बदलाव के लिए जिस तरह की निरंतरता और वैचारिक गहराई की आवश्यक होती है, उसकी अक्सर इनमें कमी पाई जाती है।

यदि युवा आंदोलनों की ऊर्जा को सकारात्मकता के साथ जोड़ा जा सके, उसमें गंभीरता, ठहराव और वैचारिक परिपक्वता, संवैधानिक मूल्यों की समझ के दायरे में रहकर अभिव्यक्ति करने जैसी बातें जुड़ सकें तो युवाओं की आवाज सत्ता को जवाबदेह बना सकती। युवा अपनी सकारात्मकता के साथ राष्ट्र के समावेशी और न्यायपूर्ण भविष्य का मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं। इसके लिए उनसे सतत प्रभावी संवाद आवश्यक है।

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देश के कई हिस्सों में मानसून की गतिविधियां एक बार फिर तेज हो गई हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मंगलवार, 25 अगस्त को कई राज्यों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का पूर्वानुमान जारी किया है। मध्य प्रदेश, ओडिशा और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। IMD के अनुसार, मंगलवार को देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रहेगा। कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। आने वाले कुछ दिनों में मध्य, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में मानसूनी गतिविधियां सक्रिय रहने की संभावना है।

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मध्य प्रदेश में इन जिलों में बहुत भारी बारिश की संभावना

 

मध्य प्रदेश के कई जिलों में मंगलवार को कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश का अनुमान है। डिंडोरी, बालाघाट, नर्मदापुरम, जबलपुर, नरसिंहपुर, मंडला, दमोह और सागर में भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, चंबल, रीवा, शहडोल और जबलपुर संभागों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है।

महाराष्ट्र में भारी बारिश का अलर्ट

 

IMD के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में एक निम्न दबाव का क्षेत्र बना है। इसके प्रभाव से पूर्वी विदर्भ, मराठवाड़ा और घाट क्षेत्रों में भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।

दिल्ली का मौसम

 

दिल्ली और आसपास के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के कुछ हिस्सों में सोमवार को तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश हुई, जिससे उमस और गर्मी से राहत मिली। हालांकि, मंगलवार को राजधानी में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने की संभावना है। IMD के मुताबिक, मंगलवार दोपहर दिल्ली के कुछ हिस्सों में बहुत हल्की बारिश हो सकती है। बुधवार को दोपहर से पहले हल्की से बहुत हल्की बारिश की संभावना है। वहीं, गुरुवार से रविवार तक बारिश की संभावना नहीं है, हालांकि आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं। राज्य के बाकी हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

 

केरल में बारिश का अलर्ट

 

IMD ने केरल के तीन जिलों के लिए बुधवार को बारिश का अलर्ट जारी किया है। राज्य के कई हिस्सों में मौसम के अस्थिर बने रहने की संभावना है। यह पूर्वानुमान ऐसे समय आया है जब केरल में ओणम उत्सव का दौर शुरू हो रहा है।

 

ओडिशा में 26 अगस्त तक भारी बारिश

 

ओडिशा के कई जिलों में 26 अगस्त तक भारी बारिश होने का अनुमान है। मौजूदा मौसम प्रणाली के प्रभाव से राज्य के कई हिस्सों में मानसून की गतिविधियां सक्रिय रहने की संभावना है।

 

उत्तराखंड में 28 अगस्त तक भारी बारिश

 

मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में 28 अगस्त तक कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान पहाड़ी इलाकों में तेज बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, पश्चिम बंगाल, ओडिशा तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 28 अगस्त तक व्यापक बारिश होने की संभावना है। झारखंड में भी 28 अगस्त तक कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। वहीं, बिहार में 25 और 26 अगस्त को व्यापक बारिश होने का अनुमान है।

UP-Japan Relations: CM योगी का बड़ा प्लान, जापानी निवेश और पर्यटन को मिलेगी नई रफ्तार

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापानी कंपनियों के निवेश और पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सोमवार को इन्वेस्ट यूपी व अन्य विभागों के अधिकारियों की बैठक ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहली बार 240 लोगों के प्रतिनिधिमंडल का प्रदेश में आगमन हुआ। इस यात्रा में जापान व उत्तर प्रदेश के बीच सकारात्मक माहौल का सृजन हुआ। जापान से आए अतिथियों ने उत्तर प्रदेश में आए सकारात्मक बदलावों की सराहना की। ऐसे में जापान व उत्तर प्रदेश के बीच निरंतर संवाद कर निवेश के माध्यम से युवाओं को रोजगार से जोड़ा जाए। 

 

बैठक में मुख्यमंत्री जी को जापान के प्रतिनिधिमंडल की ओर से किए गए सभी एमओयू के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। बताया गया कि इस दौरे का मुख्य फोकस निवेश, मैन्युफैक्चरिंग, ग्रीन एनर्जी, तकनीक, कौशल विकास, शिक्षा और पर्यटन में सहयोग बढ़ाने पर रहा।

 

मुख्यमंत्री जी ने यीडा के अंतर्गत जापानी सिटी के लिए भूमि अधिग्रहण के संबंध में जानकारी ली। अधिकारियों ने अवगत कराया कि 500 एकड़ में से 350 एकड़ से अधिक भूमि का अधिग्रहण पूरा किया जा चुका है। मुख्यमंत्री जी ने इस कार्य को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। 

 

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जापान में सितंबर, अक्टूबर व दिसंबर में होने वाले विभिन्न वैश्विक आयोजन में उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल को भी भेजा जाए। इसमें मंत्रियों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, उद्योगपतियों के साथ ही संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों को भी शामिल किया जाए। 

 

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जापानी भाषा के प्रशिक्षण तथा स्किल डेवलपमेंट के कार्यक्रमों को तेजी से आगे बढ़ाया जाए। यामानाशी प्रांत सहित जापान के विभिन्न क्षेत्रों में प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार की संभावनाओं को सुदृढ़ किया जाए। 

 

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इन्वेस्ट यूपी में अलग से यामानाशी जापान डेस्क बनाई जाए। इसके जरिए निरंतर संवाद होता रहे। उन्होंने हर तीसरे महीने इसकी प्रोग्रेस रिपोर्ट भी लेने का निर्देश दिया। 

 

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जापानी पर्यटकों को उत्तर प्रदेश के बौद्ध स्थलों पर जाने के लिए अच्छी सुविधाएं दी जाएं। एक ऐसा रूट विकसित किया जाए, जिससे वे एक साथ सारनाथ, कुशीनगर, श्रावस्ती, कपिलवस्तु समेत अधिक से अधिक बौद्ध स्थलों का दर्शन कर सकें। 

 

मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिया कि आगामी ट्रेड शो में जापानी विशेषज्ञों के साथ विशेष सत्र आयोजित किए जाएं, जिससे युवाओं को उनके अनुभवों का लाभ प्राप्त हो सके।  मुख्यमंत्री जी ने कहाकि यूनेस्को ने सारनाथ की भांति जापान के नारा को विश्व धरोहर सूची में शामिल किया है। दोनों को परस्पर सांस्कृतिक रूप से जोड़ने के लिए कदम उठाए जाएं।  मुख्यमंत्री जी ने द्विपक्षीय पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए उत्तर प्रदेश एवं यामानाशी प्रांत के टूर ऑपरेटरों के मध्य बढ़ावा देने हेतु आवश्यक कदम उठाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बौद्ध सर्किट में पर्यटन गतिविधियों को व्यापक स्तर पर प्रोत्साहित किया जाए।

बांग्लादेश के PM तारिक रहमान ने रद्द किया दिल्ली दौरा, सामने आया चौंकाने वाला कारण

बांग्लादेश के PM तारिक रहमान ने रद्द किया दिल्ली दौरा, सामने आया चौंकाने वाला कारण

Tariq Rehman

बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान का 3 दिवसीय दिल्ली दौरा टल गया है। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से ठीक पहले अगस्त के तीसरे हफ्ते की तारीखें भी तय मानी जा रही थीं। दोनों तरफ के अधिकारी कूटनीतिक मोर्चे पर पूरी तैयारी में थे और राष्ट्रपति भवन से एक प्रेस विज्ञप्ति ने इस बात पर मुहर भी लगा दी थी। रहमान के रद्द हुए दौरे से पहले उनके एक वरिष्ठ सहयोगी ने कथित तौर पर तथाकथित ‘इस्लामिक NATO’ के प्रति खुलेपन का संकेत दिया था। इसी दौरान ढाका ने भारत से पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग भी दोहराई, ताकि उनके खिलाफ मुकदमा चलाया जा सके।

रिपोर्टों के मुताबिक तारिक रहमान आगामी BRICS Summit में शामिल होने को लेकर भी अनिच्छुक हैं, जबकि भारत ने उन्हें आमंत्रित किया है और चीन तथा रूस के नेता भी इसमें शामिल होने की पुष्टि कर चुके हैं।  ठीक आखिरी वक्त पर, ढाका और कूटनीतिक हलकों के सूत्रों के मुताबिक यह पूरा दौरा अचानक खटाई में पड़ गया। इस पूरे घटनाक्रम के अचानक रुक जाने के पीछे कोई आधिकारिक घोषणा तो नहीं हुई, बल्कि कूटनीतिक गलियारों में असमंजस की स्थिति बन गई।

पर्दे के पीछे बातचीत अभी भी जारी है, लेकिन दौरा फिलहाल अधर में लटक गया है। इसकी सबसे बड़ी वजह ढाका के अंदर चल रही राजनीतिक उथल-पुथल है। सबसे बड़ा और तुरंत उभरने वाला कारण  बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना हैं। बांग्लादेश सरकार चाहती है कि उन्हें वापस भारत से प्रत्यर्पित किया जाए।

रविवार को बांग्लादेशी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एकेएम शाहिदुल करीम ने एक बयान में साफ कर दिया कि तारिक रहमान के दौरे के लिए यह प्रत्यर्पण एक मुख्य शर्त है। खबरों के मुताबिक बांग्लादेशी विपक्षी दल और छात्र आंदोलन से जुड़े नेता भारत के साथ तब तक सामान्य कूटनीतिक संबंधों के पक्ष में नहीं हैं जब तक शेख हसीना के प्रत्यर्पण का मुद्दा हल नहीं हो जाता।

टाटा की TCS ने Porsche की MHP को ₹3573 करोड़ में खरीदा, 10 महीने में तीसरी बड़ी डील

टाटा ग्रुप की Tata Consultancy Services (TCS) ने 24 अगस्त को जर्मन कार कंपनी Porsche की सब्सिडियरी MHP Management- und IT-Beratung GmbH को खरीदने का ऐलान किया। यह सौदा 320 मिलियन यूरो यानी करीब ₹3,573 करोड़ की एंटरप्राइज वैल्यू पर हुआ है। TCS MHP के 100% शेयर खरीदेगी। डील अगले 3-4 महीने में पूरी होने की उम्मीद है।

4,500 कर्मचारियों वाली कंपनी है MHP

MHP ऑटोमोटिव और इंडस्ट्रियल सेक्टर की कंसल्टिंग कंपनी है। इसका काम बिजनेस कंसल्टिंग, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, AI, सॉफ्टवेयर-डिफाइंड मोबिलिटी, SAP और मैन्युफैक्चरिंग डिजिटाइजेशन से जुड़ा है।

CY2025 में MHP का टर्नओवर करीब €742 मिलियन रहा। कंपनी में करीब 4,500 कर्मचारी हैं। MHP की मौजूदगी जर्मनी के अलावा रोमानिया, ब्रिटेन, अमेरिका, भारत और मैक्सिको में भी है।

Porsche के साथ ₹13,959 करोड़ की पार्टनरशिप

MHP के अधिग्रहण के साथ Porsche ने TCS और MHP के साथ 5 साल की रणनीतिक पार्टनरशिप भी की है। इसकी कुल वैल्यू €1.25 अरब यानी करीब ₹13,959 करोड़ है।

इस साझेदारी का फोकस AI ट्रांसफॉर्मेशन पर रहेगा। इसमें नई पीढ़ी की मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी और सॉफ्टवेयर-डिफाइंड मोबिलिटी पर खास ध्यान दिया जाएगा।

10 महीने में TCS की तीसरी बड़ी डील

MHP TCS की पिछले 10 महीनों में तीसरी बड़ी अधिग्रहण डील है। इससे पहले कंपनी ने दिसंबर में Salesforce कंसल्टिंग और AI सॉल्यूशन कंपनी Coastal Cloud को $700 मिलियन में खरीदा था। इससे पहले ListEngage MidCo का करीब $72.8 मिलियन में खरीदा था।

MHP की डील के साथ TCS ने 10 महीनों में अधिग्रहण पर $1 अरब से ज्यादा खर्च कर दिया है।

TCS के शेयरों का हाल

TCS के शेयर सोमवार को 0.91% की गिरावट के साथ 2,281 रुपये पर बंद हुए। पिछले 1 महीने में स्टॉक 1.18% चढ़ा है। हालांकि, 1 साल में यह 27.37% टूट चुका है। कंपनी का मार्केट कैप 8.26 हजार करोड़ रुपये है।

Hindustan Copper OFS: सरकार 6% तक हिस्सेदारी बेचेगी, ₹514 का फ्लोर प्राइस तय; 1 साल 140% चढ़ा स्टॉक

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Sawan Purnima 2026: जीवन में लाना चाहते हैं सुख-समृद्धि तो सावन के अंतिम दिन करें ये 7 उपाय, मां लक्ष्मी की कृपा से नहीं होगी किसी चीज की कमी

Sawan Purnima 2026: सावन का महीना अब समापन की ओर बढ़ रहा है। हिंदू पंचांग के अनुसार, उत्तर भारत में मुख्य रूप से प्रचलित पूर्णिमान्त कैलेंडर में श्रावण मास का समापन श्रावण पूर्णिमा के दिन होता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र यानी राखी बांधती हैं और भाई उनकी रक्षा का वचन देते हैं। इसी दिन ब्राह्मण और द्विज समाज के लोग पुराना यज्ञोपवीत उतार कर नया धारण करते हैं। साथ ही, श्रावण पूर्णिमा को ‘विश्व संस्कृत दिवस’ के रूप में भी मनाया जाता है।

सावन पूर्णिमा के दिन सिर्फ रक्षाबंधन का पर्व ही नहीं, गायत्री जयंती, वरलक्ष्मी व्रत और नारली पूर्णिमा भी मनाई जाती है। इस साल सावन का अंतिम दिन और भी खास है, क्योंकि इस दिन चंद्र ग्रहण भी लग रहा है। हालांकि ये ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, जिस कारण से इसका यहां कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। बता दें, हर हिंदू माह में पूर्णिमा का दिन माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा के लिए भी खास माना जाता है। सावन की पूर्णिमा पर भगवान शिव की भी पूजा की जाती है। इसलिए इस दिन को जीवन में खुशहाली और सुख समृद्धि लाने के लिए बेहद अहम माना जाता है। अगर आप इस दिन कुछ खास उपाय करते हैं तो घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है।

कब है श्रावण पूर्णिमा 2026?

सावन महीना 28 अगस्त 2026 को खत्म हो रहा है। इस दिन श्रावण पूर्णिमा है, जो 27 अगस्त 2026 की सुबह 09:08 बजे से 28 अगस्त 2026 की सुबह 09:48 बजे तक रहेगी।

सावन पूर्णिमा के उपाय

  • श्रावण पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधि विधान पूजा जरूर करें, उन्हें मखाने की खीर का भोग लगाएं। साथ ही कनकधारा स्तोत्र या विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें। कहते हैं ऐसा करने से धन-धान्य में वृद्धि के रास्ते खुलते हैं।
  • सावन के आखिरी दिन मां लक्ष्मी के चरणों में 5 साबुत पीली कौड़ियां और थोड़ा अक्षत अवश्य चढ़ाएं। पूजा के बाद इन कौड़ियों और चावल को एक लाल रेशमी कपड़े में बांधकर घर की तिजोरी या धन रखने के स्थान पर रख दें। मान्यता है इस उपाय को करने से घर में धन-धान्य की कभी कमी नहीं होती।
  • सावन के अंतिम दिन शिवलिंग का पंचामृत से अभिषेक करें। इसके बाद शिवलिंग पर शुद्ध जल भी जरूर चढ़ाएं। इसके बाद शिवजी को बेलपत्र और शमी के पत्ते चढ़ाएं। मान्यता है कि सावन के आखिरी दिन भक्तिभाव से यह उपाय करने से जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं।
  • सावन के अंतिम दिन यानी श्रावण पूर्णिमा की रात में चंद्र देव की पूजा भी जरूर करें। रात में चांदी के पात्र में साफ जल, थोड़ा सा कच्चा दूध, अक्षत और सफेद फूल मिलाकर चंद्र देव को अर्घ्य दें। अर्घ्य देते समय चंद्र देव के मंत्र को 3 बार जरूर बोलें। मंत्र है ‘ॐ चंद्राय नमः’।
  • सावन के आखिरी दिन पीपल के वृक्ष पर जल अर्पित करना अत्यंत शुभ फलदायी माना जाता है। साथ ही पीपल के पेड़ पर सरसों के तेल का दीपक भी जलाएं। कहते हैं इससे सभी देवी-देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त हो जाता है।
  • सावन के अंतिम दिन किसी जरूरतमंद या ब्राह्मण को तिल, सफेद वस्त्र, चावल, दूध या भोजन का दान जरूर करें। कहते हैं इससे माता लक्ष्मी की असीम कृपा प्राप्त होती है।

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8000 रुपये की शर्ट का ब्रांड बनाया और खुद ही बेचने निकला ये 16 साल का लड़का बना स्टार! लोग बोले-यही है भारत का असली Gen Z

बिना किसी फैमिली बैकग्राउंड, बिना किसी बड़े सपोर्ट और बिना किसी मार्केटिंग टीम के एक 16 साल के लड़के ने कुछ अपना अलग खड़ा करने का सपना देखा और उसे पूरा कर दिखाया। मध्य प्रदेश के जबलपुर के रहने वाले महेंद्र ने बेलवारो नाम से अपना एक यूनिक शर्ट ब्रांड लॉन्च किया है। सोशल मीडिया पर जब इस युवा एंटरप्रेन्योर का खुद अपनी शर्ट्स बेचने और कॉन्फिडेंस के साथ लोगों से कनेक्ट करने का वीडियो वायरल हुआ तो उसने लाखों लोगों का दिल जीत लिया।

डिजिटल क्रिएटर के पास पहुंचा 16 साल का महेंद्र

हमारी सहयोगी न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, महेंद्र की कहानी तब सामने आई जब वह एक कपड़े के ब्रांड के मालिक और डिजिटल क्रिएटर शुभम शिवहरे के स्टूडियो के बाहर पहुंचा। महेंद्र ने बेझिझक शुभम से संपर्क किया और सीधे अपनी बात रखी। उसने शुभम से कहा कि उसने अपना खुद का शर्ट ब्रांड बनाया है और वह अपनी शर्ट्स बेचना चाहता है। इसके बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई।

8000 रुपये की शर्ट और ब्रांडिंग का अनोखा गणित

बातचीत के दौरान महेंद्र ने शुभम को अपने ब्रांड बेलवारो का प्रमोशन वीडियो दिखाया। खास बात यह है कि इस 16 साल के लड़के ने अपने ब्रांड का लोगो, पैकेजिंग और सोशल मीडिया अकाउंट सब कुछ खुद ही तैयार किया है। जब शुभम ने उससे एक शर्ट की कीमत पूछी तो महेंद्र ने बताया कि वह एक शर्ट 8000 रुपये में बेच रहा है।

शर्ट की इतनी ज्यादा कीमत सुनकर शुभम हैरान रह गए और उन्होंने पूछा कि यह इतनी महंगी क्यों है? इस पर महेंद्र ने बहुत ही आत्मविश्वास से जवाब दिया कि एक शर्ट को बनाने की लागत लगभग 3000 रुपये आती है जबकि बाकी का खर्च ब्रांडिंग का है। महज 16 साल की उम्र में अपने प्रोडक्ट और बिजनेस को खड़ा करने के लिए महेंद्र की लगन और उसका आत्मविश्वास अब चर्चा का विषय बना हुआ है। पर असल कहानी सिर्फ इतनी नहीं है।

पिता का साया नहीं, मां भी नहीं करतीं काम

पहले वीडियो के वायरल होने के बाद शुभम ने दोबारा महेंद्र से मुलाकात की और उसकी निजी जिंदगी की कहानी लोगों के साथ शेयर की। महेंद्र ने बताया कि उसके सिर पर पिता का साया नहीं है। वह अपनी मां, दो छोटे भाइयों और एक बहन के साथ रहता है। उसकी मां फिलहाल कोई काम नहीं करती हैं। बिना किसी आर्थिक मदद और बिना किसी बिजनेस कनेक्शन के वह अकेले ही अपने ब्रांड को प्रमोट करने की कोशिश में जुटा है।

शुभम ने इंस्टाग्राम पर उसकी कहानी शेयर करते हुए लिखा कि 16 साल की उम्र में जब ज्यादातर बच्चे अपने भविष्य के बारे में सोचना शुरू ही करते हैं तब महेंद्र अपना भविष्य खुद बनाने की कोशिश कर रहा है। उसके पास संसाधन भले कम हैं लेकिन सपने बहुत बड़े हैं।

सोशल मीडिया पर मिली तारीफ और लोगों ने बढ़ाए मदद के हाथ

सोशल मीडिया पर महेंद्र के इस जज्बे और हिम्मत की जमकर सराहना हो रही है। इंटरनेट यूज़र्स उसकी कड़ी मेहनत और लगन देखकर काफी प्रभावित है। कई लोग उसके ब्रांड की मदद के लिए भी आगे आए हैं। एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा कि यही असली Gen Z है जिसका भारत को इंतजार है। वहीं एक दूसरे यूजर ने कहा कि ऐसे ही बच्चे बड़े होकर बिड़ला और टाटा जैसे बड़े ब्रांड बनाते हैं।

शर्ट की क्वॉलिटी पर कमेंट करते हुए एक यूजर ने लिखा कि शर्ट देखने में काफी अच्छी लग रही है, इसकी लाइनिंग, मटीरियल और कॉलर काफी प्रीमियम दिख रहे हैं।

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Hindustan Copper OFS: सरकार 6% तक हिस्सेदारी बेचेगी, ₹514 का फ्लोर प्राइस तय; 1 साल 140% चढ़ा स्टॉक

Hindustan Copper OFS: सरकारी कंपनी Hindustan Copper में भारत सरकार ऑफर ऑफर सेल (OFS) के जरिए 6% तक हिस्सेदारी बेचने जा रही है। इसके लिए OFS का फ्लोर प्राइस ₹514 प्रति शेयर तय किया गया है।

DIPAM के सचिव ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी। सरकार पहले कंपनी की 3% हिस्सेदारी बेचेगी। अगर इश्यू को ज्यादा सब्सक्रिप्शन मिलता है, तो अतिरिक्त 3% हिस्सेदारी ग्रीन शू ऑप्शन के तहत बेची जा सकती है।

सरकार जुटा सकती है ₹3,000 करोड़

अगर ग्रीन-शू ऑप्शन समेत पूरी 6% हिस्सेदारी बिक जाती है, तो ₹514 के फ्लोर प्राइस पर सरकार को करीब ₹3,000 करोड़ मिल सकते हैं। फिलहाल Hindustan Copper में सरकार की हिस्सेदारी करीब 66% है। पूरी 6% हिस्सेदारी बेचने के बाद यह घटकर करीब 60% रह जाएगी।

OFS में 10% हिस्सा रिटेल निवेशकों के लिए रिजर्व होगा। इसके अलावा पात्र कर्मचारियों के लिए 25,000 शेयर अलग रखे गए हैं।

मजबूत नतीजों के बाद हिस्सेदारी बिक्री

सरकार का यह फैसला ऐसे समय आया है, जब जून तिमाही में Hindustan Copper का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा। कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर दोगुने से ज्यादा बढ़कर ₹353 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में मुनाफा ₹134 करोड़ था।

कंपनी का रेवेन्यू भी 81.4% बढ़कर ₹936.5 करोड़ हो गया। एक साल पहले यह ₹516.4 करोड़ था।

कॉपर की कीमतों में तेजी का फायदा

ग्लोबल मार्केट में कॉपर की कीमत पिछले हफ्ते 14,000 डॉलर प्रति टन के पार पहुंच गई थी। यह जनवरी के अंत के बाद का सबसे ऊंचा इंट्राडे स्तर था।

कॉपर की कीमतों में लगातार छह हफ्तों तक तेजी रही। सप्लाई की कमी और अमेरिका में ब्याज दर बढ़ने की चिंता कम होने से कॉपर को सहारा मिला।

शेयर भाव से कितना नीचे है फ्लोर प्राइस?

Hindustan Copper के शेयर सोमवार को 0.25% की बढ़त के साथ ₹574.15 पर बंद हुए। इस हिसाब से OFS का ₹514 का फ्लोर प्राइस सोमवार के बंद भाव से करीब 10.5% नीचे है।

पिछले 1 महीने में स्टॉक 17.54% चढ़ा है। वहीं, 1 साल में इसने करीब 140% का रिटर्न दिया है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।