राम मंदिर चढ़ावा विवाद में नया मोड़, ड्यूटी आदेश मिलते ही कर्मचारी ने दिया इस्तीफा, कर्मचारियों में क्यों फैला खौफ?

राम मंदिर चढ़ावा विवाद में नया मोड़, ड्यूटी आदेश मिलते ही कर्मचारी ने दिया इस्तीफा, कर्मचारियों में क्यों फैला खौफ?

अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की गणना की निगरानी के लिए नियुक्त ट्रस्ट के कर्मचारी विजय पाठक ने गुरुवार को ड्यूटी का आदेश जारी होते ही अपना इस्तीफा दे दिया। उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन को व्हाट्सएप के जरिए इस्तीफा भेजा। हालांकि, उन्हें नियमानुसार ईमेल से इस्तीफा भेजने और प्रवेश पत्र समेत अन्य जरूरी सामान जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं।

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​चढ़ावा चोरी के बाद कर्मचारियों में खौफ

 

​चढ़ावा चोरी की घटना और आठ आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मामले के तूल पकड़ने से कर्मचारियों में डर का माहौल है। कोई भी कर्मचारी गणना स्थल के आसपास ड्यूटी नहीं करना चाहता।

 

​तैनातीयों का गणित : ट्रस्ट द्वारा निगरानी के लिए तैनात 6 में से केवल 4 कर्मचारियों ने कार्यभार संभाला है। 1 कर्मचारी ने आदेश का अनुपालन नहीं किया है और 1 ने इस्तीफा दे दिया।

 

​अंतरिम व्यवस्था: खौफ के कारण शुरुआती दिनों में पूर्व सैनिकों से सेवा ली गई थी। अब एसबीआई (SBI) प्रबंधन ने पूरी व्यवस्था अपने हाथों में ले ली है।

 

​जांच का दायरा : एसओपी (SOP) के उल्लंघन से उपजे इस विवाद की जांच अब सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में चल रही है। ड्यूटी से बचने वाले कर्मचारियों को अंतरिम महासचिव द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किए जा रहे हैं।

 

​वेतन संकट से जूझ रहीं कार्यरत एजेंसियां

 

​राम मंदिर में सफाई से लेकर ड्रेनेज तक की व्यवस्था में करीब एक दर्जन एजेंसियां लगी हुई हैं। जहां मेसर्स शंकर इलेक्ट्रिकल्स जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियां अपने कर्मचारियों को नियमित वेतन दे रही हैं, वहीं कई छोटी कंपनियों की आर्थिक स्थिति खस्ता है। सफाई व्यवस्था संभालने वाली एजेंसी 'बीवीजी' ने कर्मचारियों का पिछले चार महीनों (अप्रैल, मई, जून और जुलाई) का वेतन बकाया रखा है।