Share Market Crash: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव की आंच में एक बार फिर स्टॉक मार्केट झुलस गया। इसकी आंच में फिसलकर सेंसेक्स 354 प्वाइंट्स टूट गया तो निफ्टी भी टूटकर 23800 के नीचे आ गया। हालांकि ब्रोडर लेवल पर मिला-जुला रुझान है और स्मॉलकैप स्पेस में थोड़ी रौनक है। फिलहाल निफ्टी मिडकैप 100 में गिरावट है तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 में मजबूती दिख रही है। अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 10:43 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 330.92 प्वाइंट्स यानी 0.43% की गिरावट के साथ 76,184.51 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 102.65 प्वाइंट्स यानी 0.43% की फिसलन के साथ 23,795.05 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 354.00 प्वाइंट्स टूटकर 76,161.43 और निफ्टी 109.70 प्वाइंट्स गिरकर 23,788.00 तक आ गया था।
Share Market Crash: ये है वजह
कच्चे तेल में उबाल
अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की बढ़ती आंच में कच्चा तेल फिर उबल पड़ा। ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स उछलकर प्रति बैरल $97 के करीब पहुंचा तो मार्केट पर दबाव पड़ा। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव की बात करें तो अमेरिकी नौसेना के दो जहाजों पर ईरान ने बैलिस्टिक मिसाइलें दागी तो अमेरिका ने भी शनिवार को ईरान के तीन टैंकरों पर हमला किया। इसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली
शुक्रवार 4 सितंबर को विदेशी निवेशकों ने लगातार दूसरे कारोबारी दिन नेट बिकवाली की तो मार्केट पर दबाव पड़ा। FIIs यानी विदेशी निवेशकों ने शुक्रवार को ₹3111.94 करोड़ और गुरुवार को ₹2345.87 करोड़ के शेयरों की नेट बिक्री की।
India VIX में उछाल
मार्केट की घबराहट को मापने वाले वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया विक्स में उछाल से मार्केट पर दबाव पड़ा। फिलहाल यह 5.22% की बढ़त के साथ 11.24 पर है। इसके अधिक होने का मतलब शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी बढ़ने की आशंका और कम होने का मतलब शॉर्ट टर्म में उठा-पटक कम होने की संभावना है।
आईटी, मेटल और सरकारी बैंकिंग स्टॉक्स का भारी दबाव
मार्केट पर आज आईटी और मेटल कंपनियों के साथ-साथ सरकारी बैंकों ने भारी दबाव बनाया है। निफ्टी आईटी फिलहाल करीब 2% कमजोर है तो निफ्टी मेटल में भी 1% से अधिक कमजोरी है और निफ्टी पीएसयू बैंक भी करीब 1% टूट गया है।
टेक्निकल आउटलुक
जियोजीत इंवेस्टमेंट्स के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट आनंद जेम्स का कहना है कि 23800 के ऊपर निफ्टी फिर संभलने की कोशिश कर सकता है, लेकिन ऊपर की तरफ 24,150-24215 का जोन बड़ी रुकावट बना हुआ है। आनंद के मुताबिक नीचे की तरफ अगर 23800 का लेवल कायम नहीं रह पाता है तो इसमें और गिरावट देखने को मिल सकती है और पहला टारगेट 23570 हो सकता है।
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