CJP का 5 सितंबर को दिल्ली में बड़ा विरोध मार्च, वादाखिलाफी पर सरकार को घेरा

CJP का 5 सितंबर को दिल्ली में बड़ा विरोध मार्च, वादाखिलाफी पर सरकार को घेरा

CJP Delhi march: जंतर-मंतर पर एक महीने से अधिक समय तक आंदोलन चलाने वाली कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 5 सितंबर को नई दिल्ली में एक बड़े शांतिपूर्ण विरोध मार्च का ऐलान किया है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि सरकार ने 25 जुलाई को युवाओं से किए गए अपने वादों को पूरा नहीं किया है।

5 सितंबर को दिल्ली में शांतिपूर्ण विरोध मार्च

राजधानी दिल्ली में एक बार फिर युवाओं और छात्र संगठनों का बड़ा जुटान देखने को मिल सकता है। CJP के नेतृत्व में यह मार्च 5 सितंबर को इंडिया गेट से शुरू होकर नई दिल्ली पुलिस मुख्यालय की ओर बढ़ेगा। CJP के सह-संयोजक सौरव दास के अनुसार, इस मार्च का नेतृत्व नीट (NEET) परीक्षा से जुड़े मामलों में जान गंवाने वाले छात्रों और पुलिस की बर्बरता के शिकार लोगों के परिवार करेंगे। ALSO READ: CJP के दीपके ने लिखा शिक्षा मंत्रियों को पत्र, सरकारी स्कूलों की बदहाली पर उठाए 6 तीखे सवाल

सरकार परलापरवाही का आरोप

CJP ने हाल ही में हुई ऑनलाइन कार्यसमिति की बैठक में यह समीक्षा की कि एक महीना बीत जाने के बाद भी सरकार ने मुआवजे और मुकदमे वापस लेने के अपने वादों पर अमल नहीं किया है। पार्टी का कहना है कि उनके धैर्य और सद्भावना को कमजोरी न समझा जाए, इसलिए अब वे एक बार फिर सड़कों पर उतरने के लिए विवश हैं। ALSO READ: जयपुर में CJP के स्कूल दौरे पर बवाल, ग्रामीणों ने कार्यकर्ताओं को गांव से निकाला; क्या बोले आशुतोष रांका?

क्या है पूरा मामला और क्यों हो रहा है विरोध?

पिछले दिनों नीट पेपर लीक के खिलाफ जंतर-मंतर पर CJP के नेतृत्व में बड़ा आंदोलन चला था। उस दौरान सरकार के आश्वासन और सद्भावना के चलते 25 जुलाई को देशव्यापी विरोध प्रदर्शन वापस ले लिया गया था। हालांकि प्रदर्शनकारियों की मांग के अनुरूप शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा हो चुका है। सीजेपी की अन्य मांगों में नीट पेपर लीक के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को 1 करोड़ रुपए का मुआवजा, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मुकदमों को पूरी तरह रद्द करना भी शामिल है।

अपोलो माइक्रो सिस्टम्स ने नई डिफेंस कंपनी में 34% हिस्सेदारी खरीदी, वैज्ञानिक वीके सारस्वत करेंगे अगुवाई

Apollo Micro Systems: डिफेंस और एयरोस्पेस सेक्टर की कंपनी Apollo Micro Systems ने नई रक्षा तकनीक कंपनी ShauryAstra Defence Systems में 34% हिस्सेदारी खरीदी है। कंपनी ने इसके लिए ₹34,000 का निवेश किया है। ShauryAstra का फोकस ऐसी रक्षा तकनीकों पर रहेगा, जिनकी जरूरत भारतीय सेना को है, लेकिन अभी उनके स्वदेशी समाधान उपलब्ध नहीं हैं।

ShauryAstra में 34% हिस्सेदारी

Apollo Micro Systems ने ShauryAstra के 3,400 इक्विटी शेयर खरीदे हैं। इनकी फेस वैल्यू ₹10 प्रति शेयर है। इस निवेश के बाद ShauryAstra में Apollo Micro Systems की हिस्सेदारी 34% हो गई है।

ShauryAstra को 21 अगस्त 2026 को शामिल किया गया था। अब यह Apollo Micro Systems की एसोसिएट कंपनी बन गई है।

डॉ. वी.के. सारस्वत का मिलेगा अनुभव

नई कंपनी का वैज्ञानिक नेतृत्व डॉ. वी.के. सारस्वत करेंगे। वह DRDO के पूर्व महानिदेशक और रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के पूर्व सचिव रह चुके हैं। वह रक्षा मंत्री के पूर्व वैज्ञानिक सलाहकार भी रहे हैं।

डॉ. सारस्वत भारत के कई बड़े रक्षा कार्यक्रमों से जुड़े रहे हैं। इनमें पृथ्वी, धनुष, प्रहार और अग्नि-5 मिसाइल कार्यक्रम शामिल हैं। वह भारत के बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस कार्यक्रम, तेजस और INS अरिहंत से भी जुड़े रहे हैं।

फोकस होगा अगली पीढ़ी की रक्षा तकनीक पर

ShauryAstra संपूर्ण हथियार प्रणालियों, लंबी दूरी की प्रणालियों और मानव रहित प्लेटफॉर्म्स पर काम करेगी। कंपनी का फोकस एडवांस्ड डिफेंस टेक्नोलॉजी विकसित करने पर रहेगा।

खास बात यह है कि कंपनी सिर्फ मौजूदा जरूरतों पर काम नहीं करेगी। वह भविष्य के युद्धक्षेत्र में आने वाली तकनीकी जरूरतों और संभावित कमियों की भी पहचान करेगी।

Apollo की मौजूदा क्षमता का मिलेगा फायदा

Apollo Micro Systems पिछले चार दशक से डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबार में है। कंपनी मिशन-क्रिटिकल इलेक्ट्रॉनिक्स, एवियोनिक्स, रग्ड कंप्यूटिंग, फ्यूज, एक्ट्यूएटर्स और वेपन इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में काम करती है।

ShauryAstra रिसर्च और सिस्टम डिजाइन पर ज्यादा फोकस करेगी। वहीं Apollo Group की इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग और सिस्टम इंटीग्रेशन क्षमता का इस्तेमाल उत्पादन के लिए किया जा सकेगा।

कंपनी का लक्ष्य क्या है?

Apollo Micro Systems अब सिर्फ कंपोनेंट और सबसिस्टम बनाने तक सीमित नहीं रहना चाहती। कंपनी संपूर्ण स्वदेशी हथियार प्रणालियों और प्लेटफॉर्म्स के विकास में बड़ी भूमिका बनाना चाहती है।

कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर बी. करुणाकर रेड्डी के मुताबिक ShauryAstra इसी दिशा में अगला कदम है। यह पहल भारत के स्वदेशी रक्षा उत्पादन और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य के मुताबिक भी है।

Apollo Micro Systems के शेयर NSE पर 0.14% गिरकर ₹384 प्रति शेयर पर बंद हुए।

Hyundai Motor India पर नोमुरा बुलिश, दोहराई ‘बाय’ रेटिंग; कहा- नई लॉन्चिंग्स से वॉल्यूम को मिलेगा बूस्ट

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Sugar Price: अगले 7 दिनों में चीनी की बढ़ती कीमतें क्या करवट लेंगी? ISMA ने पैनिक बाइंग को लेकर ये जानकारी दी

Sugar Price in India: देश में चीनी की बढ़ती कीमतें लोगों की जेब पर भारी पड़ रही हैं। त्योहारों का मौसम होने की वजह से लोग पहले ही खर्चों से घिरे हैं और ऊपर से ये कीमतें उन्हें और परेशान कर रही हैं। इस बीच चीनी उद्योग की सर्वोच्च संस्था इंडियन शुगर एंड बायो एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ISMA) का बड़ा बयान सामने आया है। इसमा ने स्पष्ट किया है कि भारत में चीनी की कोई कमी नहीं है और घरेलू बाजार में इसकी उपलब्धता सामान्य है। संस्था का अनुमान है कि सरकार द्वारा बिना शुल्क आयात की अनुमति देने और व्यापारियों व थोक उपभोक्ताओं पर स्टॉक होल्डिंग लिमिट लागू करने के फैसलों के बाद अगले कुछ दिनों में चीनी के खुदरा दामों में गिरावट देखने को मिलेगी।

खुदरा कीमतों का मौजूदा गणित और बाजार का हाल

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश भर में चीनी की औसत खुदरा कीमत 63.05 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज की गई। ये एक महीने पहले 48.73 रुपये किलोग्राम थी। यानी एक महीने में चीनी की कीमतों में करीब 29 फीसदी इजाफा देखा गया है। सोमवार को चीनी का अधिकतम खुदरा मूल्य 75 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया जबकि इसका मॉडल प्राइस 65 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास बना हुआ है।

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक इसमा अध्यक्ष नीरज शिरगावकर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि कीमतों में आई यह तेजी किसी एक वजह से नहीं, बल्कि कई कारणों के एक साथ आने से हुई है। इसमें व्यापारियों और थोक खरीदारों द्वारा की गई सट्टा खरीदारी (पैनिक बाइंग) और अनुमान से कम उत्पादन मुख्य वजहें हैं। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि भारत के पास चीनी की कोई कमी नहीं है और देश में उत्पादन और स्टॉक की स्थिति बुनियादी रूप से बेहद मजबूत है।

सट्टा खरीदारी और पैनिक बाइंग ने बनाई आर्टिफिशियल कमी

इसमा अध्यक्ष ने बताया कि कीमत बढ़ने की सबसे बड़ी वजह सट्टा खरीदारी रही। कारोबारियों के एक वर्ग ने बाजार में चीनी की सप्लाई की किल्लत का भ्रामक माहौल पैदा किया। इसके जवाब में बड़े थोक खरीदारों ने डेढ़ दो महीने का अडवांस स्टॉक जमा करना शुरू कर दिया।

नीरज शिरगावकर ने कहा कि इस सट्टा खरीदारी की वजह से चीनी बाजार में सर्कुलेशन से बाहर होकर गोदामों में बंद हो गई। इसी वजह से बाजार में एक आर्टिफिशियल तंगी की स्थिति पैदा हो गई। उन्होंने यह भी कहा कि उद्योग पर ex-mill कीमतें बढ़ाने या कृत्रिम किल्लत पैदा करने का आरोप लगाना गलत है। हालांकि कुछ मिलों द्वारा स्टॉक रोके जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इसकी जांच सरकार कर रही है।

देश में उत्पादन, खपत और ओपनिंग स्टॉक का आंकड़ा भी जानिए

मार्केटिंग वर्ष 2025-26 (अक्टूबर-सितंबर) में एथेनॉल के लिए इस्तेमाल की गई चीनी को घटाने के बाद देश का शुद्ध चीनी उत्पादन करीब 279 लाख टन रहने का अनुमान है। इस सीजन की शुरुआत में 50 लाख टन का ओपनिंग स्टॉक मौजूद था। देश में चीनी की वार्षिक घरेलू मांग लगभग 280 से 285 लाख टन है। ये भी जानना जरूरी है कि सरकार द्वारा निर्यात पर प्रतिबंध लगाने से पहले देश से 8 लाख टन चीनी का निर्यात किया जा चुका था।

इसमा का अनुमान है कि सितंबर के अंत में देश के पास लगभग 35 लाख टन का क्लोजिंग स्टॉक बचेगा। एथेनॉल में डाइवर्ट की गई चीनी का हिसाब लगाने के बाद भी यह क्लोजिंग स्टॉक सामान्य घरेलू मांग को पूरा करने के लिए एक काफी सेफ बफर है। मौसम के असर, कम पैदावार और महाराष्ट्र में पेराई दर और उत्तर प्रदेश में रेड-रॉट की समस्या की वजह से इस सीजन में ग्रॉस चीनी उत्पादन (एथेनॉल डाइवर्जन से पहले) प्रारंभिक अनुमान 345 लाख टन से घटकर 309 लाख टन रह गया।

कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने 10 लाख टन कच्चे चीनी (रॉ शुगर) के बिना शुल्क आयात की अनुमति दी है और डीलरों तथा थोक उपभोक्ताओं पर स्टॉक सीमा तय की है। इसमा अध्यक्ष ने कहा कि सरकार का यह कदम बाजार में घबराहट को रोकने और सेंटिमेंट को स्टेबल करने के लिए उठाया गया एक एहतियाती कदम है। इससे ये नहीं समझा जाना चाहिए कि चीनी की किल्लत है। संस्था ने मांग की है कि व्यापारियों के लिए मौजूदा 400 टन की स्टॉक सीमा को घटाकर 200 टन किया जाना चाहिए।

रिपोर्ट के मुताबिक ये फैसले लेने के बाद पिछले कुछ दिनों में चीनी की एक्स मिल कीमतों में गिरावट आई है। दो प्रमुख चीनी उत्पादक राज्यों महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में एक्स मिल कीमतें फिलहाल 55 से 56 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास आ गई हैं। आने वाले दिनों में खुदरा दामों में भी और नरमी आने की पूरी उम्मीद है।

एथेनॉल डाइवर्जन और नए पेराई सीजन की तैयारी

इसमा अध्यक्ष ने उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया कि एथेनॉल बनाने के लिए चीनी का उपयोग किए जाने की वजह से कीमतें बढ़ी हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि एथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम खाने योग्य चीनी के साथ कंपीटिशन नहीं कर रहा है और न ही यह कीमत बढ़ने के लिए जिम्मेदार है। इस वर्ष तीसरी तिमाही तक लगभग 29 लाख टन चीनी एथेनॉल के लिए डाइवर्ट की गई है और पूरे सीजन में यह आंकड़ा 30 लाख टन रहने की उम्मीद है। ये ऐतिहासिक रूप से 20 से 40 लाख टन के दायरे में ही है। इसके अलावा 2025-26 में एथेनॉल आपूर्ति में चीनी क्षेत्र की हिस्सेदारी घटकर 25 प्रतिशत रह गई है। इसका बड़ा हिस्सा अनाज क्षेत्र से आ रहा है।

अक्टूबर से शुरू होने वाले अगले मार्केटिंग वर्ष 2026-27 के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि ISMA और NFCSF पेराई सत्र की शुरुआत को 10 से 15 दिन पहले करने पर काम कर रहे हैं। तमिलनाडु और कर्नाटक में विशेष पेराई पहले से ही जारी है। नए सीजन की जल्दी शुरुआत और आयातित चीनी के आने से अक्टूबर में चीनी का उत्पादन बढ़कर लगभग 10 लाख टन होने की उम्मीद है (जो सामान्यतः 4 लाख टन रहता है)। इससे त्योहारों के सीजन में मांग के पीक पर रहने के दौरान बाजार में नई आपूर्ति उपलब्ध हो जाएगी। आयातित रॉ शुगर अक्टूबर तक भारत पहुंचने की संभावना है।

यह भी पढ़ें: रेल यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी! 25 अगस्त से दक्षिण से पूर्व भारत को जोड़ेगी नई अमृत भारत ट्रेन, जानिए रूट, स्टॉपेज और टाइमिंग

हत्‍या में मदद के लिए 22 लाख में बिका दोस्‍त, एक ने गला दबाया, दूसरे ने मारा चाकू, श्रेया मर्डर की सनसनीखेज दास्‍तां

हत्‍या में मदद के लिए 22 लाख में बिका दोस्‍त, एक ने गला दबाया, दूसरे ने मारा चाकू, श्रेया मर्डर की सनसनीखेज दास्‍तां

Shreya Upadhyay

वाराणसी की 22 साल की श्रेया उपाध्याय के मर्डर में सनसनीखेज खुलासा पुलिस ने किया है। श्रेया की हत्‍या की कहानी उसके बॉयफ्रेंड और उसके दोस्‍त ने मिलकर लिखी और जिस दर्दनाक तरीके से हत्‍या को अंजाम दिया गया, उसे जानकर हर किसी की रूह कांप गई है।

वाराणसी पुलिस ने सोमवार को मुठभेड़ के बाद इस हत्याकांड में शामिल आरोपी पुनीत को गिरफ्तार किया है। पुनित ने पुलिस को हत्‍या की पूरी कहानी बताई है। हालांकि मुख्य आरोपी विवेक चौबे अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।

प्‍यार, छुटकारा और हत्‍या की साजिश : इस साजिश की शुरुआत विवेक चौबे से हुई। विवेक और श्रेया के बीच अफेयर था। पुलिस ने बताया कि विवेक श्रेया की हरकतों और डिमांड से परेशान था और उससे छुटकारा पाना चाहता था। हत्या की साजिश रचने के लिए उसे एक ऐसे साथी की जरूरत थी, जो इस काम में उसका साथ दे सके। इसके लिए विवेक ने अपने पुराने दोस्त पुनीत को इस साजिश में शामिल किया। बता दें कि दोनों मिर्जापुर में बी-फार्मा की पढ़ाई साथ में करते थे और अच्छे दोस्त थे। पुनीत मऊ जिले का रहने वाला है। पुलिस के मुताबिक, पुनीत खुद आर्थिक परेशानी से गुजर रहा था।

गर्लफ्रेंड के शौक और कर्ज का बोझ : पुलिस जांच में सामने आया है कि पुनीत अपनी प्रेमिका के महंगे शौक पूरे करने के चक्कर में ऑनलाइन लोन ऐप्स से लाखों रुपए का कर्ज ले चुका था। कर्ज के बोझ और पैसों की परेशानी के बीच विवेक ने उसे श्रेया की हत्या के बदले 22 लाख रुपए देने का ऑफर दिया। इसी रकम के लालच में पुनीत हत्या की साजिश में शामिल हो गया। हत्या की योजना को अंजाम देने के लिए विवेक ने बनारस के बच्छांव पश्चिमपुरा, रोहनिया इलाके में एक कमरा किराए पर लिया। यह कमरा खास तौर पर श्रेया को वहां बुलाने के लिए लिया गया था। कमरे में घर की तरह रहने के लिए कोई सामान नहीं था।

मौत के लिए बुक किया कमरा : 17 अगस्त की रात विवेक और पुनीत पहले ही इस कमरे में पहुंच गए थे। दोनों सुबह होने का इंतजार कर रहे थे। 18 अगस्त की सुबह विवेक श्रेया को बहाने से उस कमरे तक लेकर आया। कमरे के अंदर पहुंचते ही विवेक ने पीछे से श्रेया का गला पकड़ लिया, ताकि वह शोर न कर सके। इसी दौरान वहां पहले से मौजूद पुनीत ने चाकू से श्रेया के पेट पर वार कर दिया। श्रेया अचेत होकर गिर गई और पुनीत ने उसका गला रेत दिया।

22 लाख लेकर नहीं लौटा विवेक : हत्या के करीब 20 मिनट बाद विवेक ने पुनीत से कहा कि वह बाहर से 22 लाख रुपए लेकर लौटता है। इसके बाद विवेक कमरे से चला गया। पुनीत वहीं कमरे में श्रेया के शव के पास विवेक के लौटने का इंतजार करता रहा, लेकिन विवेक वापस नहीं आया और उसका फोन भी बंद आने लगा, तो पुनीत को शक हुआ कि उसके साथ भी धोखा हुआ है। इसके बाद पुनीत ने वहां से निकलने के लवहां से निकलने के लिए एक कैब बुक की और मौके से फरार हो गया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद पुलिस और भी खुलासे कर सकती है।

Gold Price Today: 5 महीने के हाई पर सोना, दिल्ली में ₹1.64 लाख के पार; चांदी ₹3500 उछली

Gold Price Today: दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोमवार, 24 अगस्त को सोने की कीमत 5 महीने से ज्यादा के ऊंचे स्तर पर पहुंच गई। 24 कैरेट वाला सोना ₹900 बढ़कर ₹1,64,400 प्रति 10 ग्राम हो गया। शुक्रवार को इसका भाव ₹1,63,500 प्रति 10 ग्राम था।

5 महीने के हाई पर सोना

ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, सोना आखिरी बार इस स्तर के आसपास 9 मार्च को था। उस समय इसका भाव ₹1,64,300 प्रति 10 ग्राम था।

सोने में तेजी के पीछे वैश्विक बाजार में मजबूत संकेत और सुरक्षित निवेश की मांग को अहम वजह माना जा रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ाई है।

चांदी भी लगातार तीसरे दिन चढ़ी

चांदी की कीमत में भी सोमवार को तेजी रही। यह लगातार तीसरा कारोबारी सत्र था, जब चांदी महंगी हुई। इसकी कीमत ₹3,500 बढ़कर ₹2,53,500 प्रति किलो हो गई।

पिछले सत्र में चांदी ₹2,50,000 प्रति किलो पर बंद हुई थी। यह स्तर आखिरी बार 17 अप्रैल को देखा गया था, जब चांदी ₹2,53,000 प्रति किलो पर थी।

कमजोर डॉलर से मिला सोने को सहारा

Lemonn Markets Desk के रिसर्च हेड गौरव गर्ग ने कहा कि घरेलू बाजार में सोने की तेजी के पीछे कमजोर अमेरिकी डॉलर और सुरक्षित निवेश की मांग बड़ी वजह रही। अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने से निवेशकों का रुझान सुरक्षित एसेट्स की तरफ बढ़ा है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमत बढ़ी। स्पॉट गोल्ड 42.45 डॉलर यानी करीब 1% बढ़कर 4,646.54 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं चांदी करीब 69 डॉलर प्रति औंस पर स्थिर रही।

अब महंगाई पर होगी नजर

विश्लेषकों के मुताबिक सोने की अगली चाल सिर्फ भू-राजनीतिक तनाव से तय नहीं होगी। अब महंगाई और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के रुख पर भी बाजार की नजर रहेगी।

Kotak Securities की AVP Commodity Research कायनात चेनवाला के मुताबिक, ईरान तनाव के कारण अगर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो फेडरल रिजर्व के सामने महंगाई को लेकर चुनौती बढ़ सकती है। बाजार यह देखेगा कि फेड इस बढ़ोतरी को अस्थायी मानता है या इससे महंगाई का बड़ा जोखिम पैदा होता है।

FD vs Lump Sum: ₹10 लाख की FD या ₹10 लाख का लंप सम, 10 साल बाद किसमें ज्यादा पैसा बनेगा?

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

School Holiday Tomorrow: क्या कल बंद रहेंगे स्कूल? जानें यूपी, बिहार, झारखंड और दिल्ली-एनसीआर पर क्या है ताजा अपडेट

School Holiday Tomorrow: देश के कई हिस्सों में मॉनसून के एक बार फिर तेज होने की खबरें आ रही हैं। कई राज्यों में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। इंडिया मेटियोरोलॉजिकल डिपार्टमेंट (IMD) ने कई राज्यों के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस वजह से, अभिभावक और छात्र दुविधा में हैं कि मंगलवार, 25 अगस्त, 2026 को स्कूल बंद रहेंगे या नियमित क्लास चलती रहेंगी।

क्या 25 अगस्त को स्कूल बंद रहेंगे?

अभी 25 अगस्त को स्कूल बंद करने का कोई एक देशव्यापी ऑर्डर नहीं है। खराब मौसम की वजह से स्कूल की छुट्टियां आम तौर पर स्थानीय स्तर पर तय की जाती हैं। अगर भारी बारिश, बाढ़ या पानी भरने से खतरनाक हालात बनते हैं, तो जिलाधिकारी या स्थानीय प्रशासन छुट्टी का ऐलान कर सकता है। इसलिए अभिभावकों को ताजा जानकारी के लिए अपने बच्चे के स्कूल के WhatsApp ग्रुप, ऑफिशियल नोटिस, वेबसाइट या डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन से मिली जानकारी देखनी चाहिए।

25 अगस्त मौसम का अनुमान

मौसम के ताजा अनुमान के मुताबिक, 25 अगस्त को देश के कई हिस्सों में बारिश होने का अनुमान है।

दिल्ली-एनसीआर : आसमान में बादल छाए रहने की उम्मीद है, सुबह से शाम तक हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। दिल्ली के लिए अभी कोई बड़ा रेड अलर्ट जारी नहीं किया गया है।

उत्तर प्रदेश : पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में 25 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है।

बिहार और झारखंड : 25 और 26 अगस्त को बड़े पैमाने पर बारिश होने की उम्मीद है, कुछ इलाकों में भारी बौछारें और गरज के साथ बारिश हो सकती है।

बारिश और पानी भरने से कई शहरों में ट्रैफिक पर भी असर पड़ सकता है।

अभिभावकों और छात्रों को क्या करना चाहिए?

अक्सर बारिश की वजह से स्कूल खुले या बंद होने को लेकर भ्रम हो सकता है। खासकर जब सोशल मीडिया पर जानकारी तेजी से फैलती है। अभिभावकों और छात्रों को इन बातों का ध्यान रखना चाहिए : असत्यापित सोशल मीडिया पोस्ट या मैसेज के आधार पर फैसला लेने से बचें। माता-पिता को अपने बच्चे के स्कूल के WhatsApp ग्रुप, ऑफिशियल नोटिस और डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन के अनाउंसमेंट को फॉलो करना चाहिए।

अगर आपके इलाके में भारी बारिश हो रही है या पानी भर गया है, तो स्कूल जाने से पहले मौसम और सड़क की हालत देख लें। जब तक स्कूल या लोकल एडमिनिस्ट्रेशन छुट्टी का ऐलान न करे, स्टूडेंट्स को स्कूल के रेगुलर इंस्ट्रक्शन्स मानने चाहिए।

GATE 2027 Registration: 27 अगस्त से शुरू होगा गेट 2027 के लिए रजिस्ट्रेशन, इस बार से डिजीलॉकर पर अकाउंट होगा अनिवार्य

ईरान की सड़कों पर बदल गई तस्वीर! महिलाएं खुलेआम निकल रहीं बिना हिजाब, सरकार क्यों है परेशान?

Iran Hijab Controversy: ईरान की सड़कों पर हिजाब एक बार फिर सरकार और आम महिलाओं के बीच नए टकराव का केंद्र बनता जा रहा है। देश के रूढ़िवादी नेता महिलाओं को इस्लामिक ड्रेस कोड के दायरे में वापस लाने के लिए कड़े कदम उठाने की मांग कर रहे हैं लेकिन शासन के लिए यह फैसला आसान नजर नहीं आ रहा है। अधिकारियों को डर है कि जबरन कार्रवाई करने से देश में एक बार फिर विरोध प्रदर्शनों की नई लहर खड़ी हो सकती है और इसकी भारी राजनीतिक कीमत चुकानी पड़ सकती है।

सड़कों पर बदला नजारा और व्यवसायों पर सख्त कार्रवाई

सीएनएन की एक रिपोर्ट के मुताबिक ईरान की राजधानी तेहरान और दूसरे बड़े शहरों की सड़कों पर महिलाएं अब खुलेआम बिना अनिवार्य हिजाब के घूमती नजर आ रही हैं। इस स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने अब तक सीधे महिलाओं से टकराने के बजाय कैफे और रेस्टोरेंट जैसे व्यवसायों को निशाना बनाया है। ड्रेस कोड का पालन कराने में नाकाम रहने के आरोप में कई कैफे और रेस्टोरेंट को सील कर दिया गया है और दुकानदारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है। इसके बावजूद सार्वजनिक स्थानों पर बिना सिर ढके निकलने वाली महिलाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है।

रूढ़िवादी नेताओं का बढ़ता दबाव और सरकार की दुविधा

ईरान में दशकों से हिजाब इस्लामिक गणराज्य के सामाजिक नियमों का एक प्रमुख प्रतीक रहा है और कानूनन महिलाओं के लिए सार्वजनिक रूप से अपने बाल ढकना अनिवार्य है। हालांकि अब रूढ़िवादी राजनेता और धर्मगुरु सरकार पर दबाव बना रहे हैं कि वह ड्रेस कोड के इस खुले उल्लंघन के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करे। उनका तर्क है कि सरकार इस्लामिक मूल्यों के इस तरह क्षरण को चुपचाप नजरअंदाज नहीं कर सकती।

लेकिन तेहरान के लिए बड़े पैमाने पर इस कानून को लागू करना बहुत बड़ी राजनीतिक चुनौती है। ईरानी अधिकारियों को पता है कि हिजाब का मुद्दा सिर्फ कपड़ों तक सीमित नहीं है बल्कि यह सरकार विरोधी जनाक्रोश का रूप ले सकता है।

2022 के प्रदर्शन और महसा अमीनी का मामला भी यादों में है

सड़कों पर फिर से गश्ती पुलिस की तैनाती 2022 के उन जख्मों को हरा कर सकती है जब 22 वर्षीय कुर्द-ईरानी महिला महसा अमीनी की हिरासत में मौत हो गई थी। अमीनी को हिजाब नियम का ठीक से पालन न करने के आरोप में मोरल पुलिस ने हिरासत में लिया था। महसा अमीनी की मौत के बाद पूरे ईरान में ‘महिला, जीवन, स्वतंत्रता’ आंदोलन छिड़ गया था। यह प्रदर्शन दशकों में ईरान के धार्मिक नेतृत्व के सामने आई सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बन गया था जहां महिलाओं ने खुलेआम अपने हिजाब जलाए थे। अधिकारियों ने बाद में इन प्रदर्शनों को दबा दिया था लेकिन जनता के भीतर से अभी इसकी यादें मिटी नहीं हैं।

चार साल बाद आज कई महिलाएं फिर उसी राह पर हैं। तेहरान में युवा महिलाएं बिना सिर ढके स्कूटर चलाती, खरीदारी करती और सार्वजनिक समारोहों में शामिल होती देखी जा सकती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अब नियमों को पहले जितना सख्त तरीके से लागू नहीं किया जा रहा है। इस स्थिति ने सरकार को एक अजीब मोड़ पर खड़ा कर दिया है। अधिकारी किसी कैफे को बंद कर सकते हैं या किसी दुकान पर ताला लगा सकते हैं, लेकिन भारी संख्या में महिलाओं का सीधे सामना करना जोखिम भरा है। सोशल मीडिया के दौर में एक छोटी सी घटना भी तुरंत विरोध का प्रतीक बन सकती है।

क्या बल प्रयोग से बदलेगी सोच?

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने भी इस बात पर सवाल उठाया है कि क्या लोगों के व्यवहार और मान्यताओं को बल प्रयोग के जरिए बदला जा सकता है। उन्होंने संकेत दिया है कि बढ़ती वैचारिक खाई को पाटने के लिए दबाव बनाना एक स्थायी समाधान नहीं हो सकता। इसके उलट रूढ़िवादी गुट देश के इस्लामिक मूल्यों को बहाल करने के लिए कठोर कदम उठाने की मांग पर अड़े हैं। फिलहाल स्थिति यह है कि एक तरफ महिलाएं अपने पहनावे की आजादी को लेकर आगे बढ़ रही हैं तो दूसरी तरफ सरकार इस सोच में पड़ी है कि बिना किसी नए संकट को जन्म दिए इस स्थिति पर कैसे नियंत्रण पाया जाए।

यह भी पढ़ें: Iran-US War Update: ‘एक बूंद भी तेल नहीं निकलेगा’; होर्मुज में तनाव के बीच ईरान की अमेरिका को सबसे बड़ी धमकी

Lumino Industries IPO: 27 अगस्त से खुलेगा ₹700 करोड़ का आईपीओ, GMP दे रहा 58% मुनाफे का संकेत

Lumino Industries IPO: कोलकाता की कंडक्टर, पावर केबल और इलेक्ट्रिकल वायर बनाने वाली कंपनी Lumino Industries का IPO 27 अगस्त को खुलेगा। कंपनी इस इश्यू से करीब ₹700 करोड़ जुटाने की तैयारी में है। IPO का प्राइस बैंड ₹78 से ₹82 प्रति शेयर तय किया गया है।

इसमें ₹500 करोड़ का फ्रेश इश्यू होगा। वहीं करीब 2.44 करोड़ शेयरों का OFS होगा। IPO 31 अगस्त को बंद होगा।

Lumino Industries IPO की पूरी डिटेल

पैमानाडिटेल
IPO खुलने की तारीख27 अगस्त 2026
IPO बंद होने की तारीख31 अगस्त 2026
फेस वैल्यू
₹5 प्रति इक्विटी शेयर

IPO प्राइस बैंड₹78 से ₹82 प्रति शेयर
इश्यू साइजकरीब ₹700 करोड़
फ्रेश इश्यूकरीब ₹500 करोड़
ऑफर फॉर सेल (OFS)करीब 2,43,90,242 इक्विटी शेयर

Lumino Industries IPO का GMP

ग्रे मार्केट में Lumino Industries के IPO को शानदार रिस्पॉन्स मिल रहा है। इनवेस्टरगेन के मुताबिक, Lumino Industries का लेटेस्ट GMP ₹48 है।

यह अपर प्राइस बैंड से 58.54% के लिस्टिंग गेन का संकेत देता है। हालांकि, GMP लिस्टिंग गेन की गारंटी नहीं होता और लगातार बदलता भी रहता है।

प्रमोटर बेचेंगे ₹200 करोड़ के शेयर

IPO में ₹500 करोड़ का फ्रेश इश्यू होगा। इसके अलावा प्रमोटर देवेंद्र गोयल और उनके बेटे जय गोयल ₹200 करोड़ तक के शेयर OFS के जरिए बेचेंगे।

कंपनी ने पहले ₹1,000 करोड़ का IPO लाने की योजना बनाई थी। तब ₹600 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹400 करोड़ का OFS प्रस्तावित था। बाद में इश्यू का आकार घटाकर करीब ₹700 करोड़ कर दिया गया।

IPO से मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल

Lumino Industries फ्रेश इश्यू से मिलने वाली रकम का बड़ा हिस्सा कर्ज चुकाने में लगाएगी। कंपनी करीब ₹337 करोड़ का इस्तेमाल कर्ज के भुगतान के लिए करेगी।

जुलाई 2026 तक कंपनी पर कुल ₹1,856.7 करोड़ का कर्ज था। इसके अलावा ₹15 करोड़ मशीनरी और उपकरण खरीदने, सिविल वर्क और मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के विकास पर खर्च किए जाएंगे।

कंपनी का कारोबार क्या है?

Lumino Industries कंडक्टर, पावर केबल और दूसरे स्पेशलाइज्ड इलेक्ट्रिकल प्रोडक्ट बनाती है। कंपनी के ग्राहक बड़े EPC प्लेयर हैं।

इनमें Kalpataru Projects International, Jackson और R S Infraprojects जैसे नाम शामिल हैं। कंपनी अमेरिका, माली, बुर्किना फासो, नेपाल, बांग्लादेश, केन्या, घाना, रवांडा और इथियोपिया जैसे देशों में भी अपने प्रोडक्ट बेचती है।

कारोबार का हाल कैसा है?

वित्त वर्ष 2025-26 में Lumino Industries का मुनाफा ₹160 करोड़ रहा। एक साल पहले यह ₹124.6 करोड़ था। यानी मुनाफे में 28.4% की बढ़ोतरी हुई। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू भी बढ़ा।

FY26 में रेवेन्यू ₹2,041 करोड़ रहा, जो FY25 में ₹1,918 करोड़ था। यानी इसमें 6.4% की बढ़ोतरी हुई। FY26 में कंपनी की कुल बिक्री में घरेलू कारोबार की हिस्सेदारी 98% रही। वहीं वित्त वर्ष के अंत में कंपनी की ऑर्डर बुक ₹3,149.8 करोड़ थी।

Hyundai Motor India पर नोमुरा बुलिश, दोहराई ‘बाय’ रेटिंग; कहा- नई लॉन्चिंग्स से वॉल्यूम को मिलेगा बूस्ट

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

स्कूली बच्चियों ने CM योगी को बांधी राखी, सीएम ने दिया उज्जवल भविष्य का आशीर्वाद

स्कूली बच्चियों ने CM योगी को बांधी राखी, सीएम ने दिया उज्जवल भविष्य का आशीर्वाद

CM Yogi Adityanath

CM Yogi Adityanath Raksha Bandhan: रायबरेली में आयोजित लोकार्पण/शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान स्कूली बच्चियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को तिलक लगाकर राखी बांधी। मुख्यमंत्री ने भी बच्चियों को स्नेह के साथ आशीर्वाद दिया और उन्हें उपहार भी प्रदान किए। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में सीएम योगी ने सपेरा समुदाय के प्रतिनिधियों को आवासीय पट्टे प्रदान किए। उन्होंने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड, लैपटॉप, स्वीकृति पत्र, चाबी आदि का भी वितरण किया। इस दौरान रायबरेली के विकास में प्रदेश सरकार द्वारा किए गए कार्यों को लघु फिल्म के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। 

सपेरा समुदाय के प्रतिनिधियों को दिया आवासीय पट्टा

सपेरा समुदाय के 60 लोगों को आवासीय पट्टे दिए जा चुके हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने समुदाय के पांच प्रतिनिधियों को मंच पर आवासीय पट्टे प्रदान किए। सीएम के हाथों सपेरा समुदाय की संजू, अंशिका, वंदना, किरण कुमारी व राजनंदिनी को आवासीय पट्टे मिले। 

बच्चों का कराया अन्नप्राशन, महिलाओं को दी फलों की टोकरी 

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर खीर खिलाकर कई बच्चों का अन्नप्राशन कराया। उन्होंने नन्हे-मुन्नों को दुलारा-पुचकारा और उन्हें चॉकलेट व खिलौने भी दिए। सीएम ने महिलाओं को फलों की टोकरी प्रदान की। मुख्यमंत्री ने यहां विभिन्न विभागों की ओर से लगाए गए स्टॉल का अवलोकन किया और योजनाओं की प्रगति के बारे में जानकारी भी ली। 

विभिन्न योजनाओं से किया गया लाभान्वित 

सीएम योगी के हाथों मंच पर विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को भी सम्मानित किया गया। निम्नलिखित लोग सीएम के हाथों सम्मान पाने वालों में शामिल रहे।

  • जगदंबिका सिंह- कृषि यंत्र के तहत चाबी  
  • धर्मेंद्र मौर्य- कृषि यंत्र के तहत चाबी 
  • सावित्री- आयुष्मान कार्ड 
  • मधुलता- आयुष्मान कार्ड 
  • रामनरेश- आयुष्मान कार्ड 
  • अनुज कुमार- सीएम युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत 4.50 लाख रुपये का चेक 
  • वंदना पांडेय- सीएम युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत 4.37 लाख रुपये से अधिक का चेक
  • अयाज अहमद खान- ओडीओपी के अंतर्गत 15 लाख रुपये का चेक 
  • विशंभर जीवनानी (कृष्णा देवी प्राइवेट लिमिटेड)- एमएसएमई के तहत राइस मिल के लिए 96 लाख रुपये से अधिक का चेक 
  • सिम्मी सिंह- लैपटॉप
  • निर्मला, निशा तिवारी व रामवती- राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत 17.97 करोड़ रुपये से अधिक का चेक

आलिया भट्ट और शाहीन भट्ट की ‘डोंट बी शाय’ का 25 सितंबर को प्राइम वीडियो पर होगा ग्लोबल प्रीमियर

प्राइम वीडियो, भारत की सबसे बड़ी एक्सक्लूसिव ओरिजिनल्स स्ट्रीमिंग सर्विस, ने अपनी अपकमिंग प्राइम ओरिजिनल फिल्म ‘डोंट बी शाय’ के वर्ल्डवाइड प्रीमियर की तारीख 25 सितंबर घोषित कर दी है। श्रीति मुखर्जी द्वारा लिखित और निर्देशित इस फिल्म को आलिया भट्ट और शाहीन भट्ट ने अपने बैनर इंटरनल सनशाइन प्रोडक्शंस के तहत प्रोड्यूस किया है, जबकि ग्रिश्मा शाह और विकेश भूटानी इसके को-प्रोड्यूसर हैं।

यह कमिंग-ऑफ-एज रोमांटिक कॉमेडी चार नए चेहरों आरुषि बजाज, पीयूष खाटी, बियांका अरोड़ा और अंश दुग्गल की कहानी है, जो दोस्ती, पहला प्यार, दिल टूटने, सपनों और एक युवा के तौर पर जिंदगी को समझने की उलझी हुई प्रक्रिया को दिखाते हैं। फिल्म में कुणाल रॉय कपूर, अनुराग बसु, नेहा धूपिया और अंजू अल्वा नाइक भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे।

प्राइम वीडियो और अमेजन MGM स्टूडियोज इंडिया के ओरिजिनल्स के डायरेक्टर और हेड निखिल माधोक ने कहा, “डोंट बी शाय हमारी सबसे खास फिल्मों में से एक है और हम आखिरकार इसके ग्लोबल स्ट्रीमिंग प्रीमियर की घोषणा करके बहुत खुश हैं।

यह फिल्म चार शानदार नए कलाकारों आरुषि, अंश, बियांका और पीयूष को पेश करती है, जो अपने किरदारों में एक नई ताजगी और सच्चाई लेकर आए हैं। श्रीति मुखर्जी के निर्देशन और आलिया व शाहीन भट्ट की क्रिएटिव सोच से बनी ‘डोंट बी शाय’ दोस्ती, प्यार और बड़े होने के खूबसूरत लेकिन उलझे सफर का दिल से जश्न मनाती है। हम चाहते हैं कि दर्शक शाय की दुनिया में डूब जाएं।”

आलिया भट्ट और शाहीन भट्ट, इंटरनल सनशाइन प्रोडक्शंस की को-फाउंडर्स ने एक जॉइंट स्टेटमेंट में कहा, “डोंट बी शाय शुरुआत से ही हमारे लिए बेहद खास रही है और हमें इसे इस तरह आकार लेते देखकर बहुत गर्व हो रहा है। यह फिल्म युवा होने के उस दौर की सच्चाई को दिखाती है—वे दोस्तियां जो आपको बदल देती हैं, पहला प्यार जो आपकी जिंदगी पर असर छोड़ता है, वो दिल टूटना जिसे आप लंबे समय तक याद रखते हैं और धीरे-धीरे यह समझने की कोशिश कि आप असल में कौन हैं।

हमें सबसे ज्यादा खुशी इस शानदार यंग कास्ट को लेकर है। उनकी एनर्जी, कमजोरी और आपसी केमिस्ट्री बेहद खास है और उन्होंने अपने किरदारों में जान डाल दी है। हम इंतजार नहीं कर सकते कि भारत और दुनियाभर के दर्शक शाय से मिलें और उसकी खूबसूरत, थोड़ी उलझी हुई दुनिया का हिस्सा बनें।” ‘डोंट बी शाय’ का प्रीमियर 25 सितंबर 2026 को भारत समेत दुनियाभर के 240 से ज्यादा देशों और क्षेत्रों में सिर्फ प्राइम वीडियो पर होगा। फिल्म हिंदी में अंग्रेजी सबटाइटल्स के साथ स्ट्रीम की जाएगी।