CM योगी ने महिला को गाय देने और दिव्यांग की भूमि से अवैध कब्जा हटाने का दिया निर्देश

CM योगी ने महिला को गाय देने और दिव्यांग की भूमि से अवैध कब्जा हटाने का दिया निर्देश

CM Yogi Adityanath Janata Darshan: सीतापुर के गुरुदेव नगर हरगांव की रहने वाली पूनम देवी ‘जनता दर्शन’ में मुख्यमंत्री से मिलीं और गोपालन की अभिलाषा बताई। इस पर मुख्यमंत्री ने तत्काल उनकी मांगों पर विचार करते हुए अपर मुख्य सचिव (पशुधन) को निर्देश दिया कि इन्हें निराश्रित गाय उपलब्ध कराई जाए और नियमानुसार योजनाओं का लाभ भी दिलाया जाए। वहीं एक दिव्यांग ने अवैध कब्जे की भी शिकायत की, जिस पर मुख्यमंत्री ने जांच कराकर निराकरण का निर्देश दिया। 

सीएम से बोलीं पूनम- आत्मनिर्भर बनना चाहती हूं 

मुख्यमंत्री को दिए प्रार्थना पत्र में पूनम देवी ने लिखा कि वह गोपालन करके आत्मनिर्भर बनना चाहती हैं। अभी उनके पास 5 गाय हैं और अन्य गोमाता को रखने के लिए पर्याप्त जगह भी है। ऐसे में उन्हें और भी गाय दिला दी जाएं, जिससे वे दूध आदि की बिक्री कर परिवार को समृद्ध करेंगी। इस पर मुख्यमंत्री ने तत्काल अपर मुख्य सचिव (पशुधन) को निर्देश दिया कि इन्हें निराश्रित गाय उपलब्ध कराई जाए और मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत गोवंश की देखभाल के लिए आर्थिक सहायता भी दिलाई जाए। 

गो सेवा करो, बाधाएं और कष्ट मिटेंगे 

‘जनता दर्शन’ में मुख्यमंत्री ने एक-एक कर सभी का हालचाल जाना, फिर सभी की समस्याएं भी पूछीं। पूनम का प्रार्थना पत्र पढ़कर मुख्यमंत्री ने उनकी हौसला अफजाई भी की। मुख्यमंत्री ने पूनम से कहा कि हम आपको सरकार की तरफ से नियमानुसार योजनाओं का लाभ दिलाएंगे। आप गोसेवा कीजिए क्योंकि गोमाता में 33 कोटि देवताओं का वास होता है। मुख्यमंत्री ने उनसे अनुभव साझा किया कि आप मन से गोसेवा करो, सारी बाधाएं और कष्ट दूर होंगे। पूनम ने भी श्रावण मास में इच्छा पूरी करने के लिए मुख्यमंत्री जी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।  

दिव्यांग ने की अवैध कब्जे की शिकायत

‘जनता दर्शन’ में पहुंचे दिव्यांग ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनकी जमीन पर किसी ने कब्जा कर लिया है। इस पर मुख्यमंत्री ने जांच कराकर पीड़ित के यथासंभव मदद करने का आदेश दिया। इसके अतिरिक्त सीएम योगी ने प्रदेश के अन्य जनपदों से आए लोगों की समस्याओं के समयबद्ध निस्तारण का भी निर्देश दिया।

यूपी व देश को अपमानित करने का काम करते हैं राहुल गांधी : CM योगी

यूपी व देश को अपमानित करने का काम करते हैं राहुल गांधी : CM योगी

1857 के प्रथम स्वाधीनता संग्राम के अमर नायक अवध केसरी राना बेनी माधव बख्श सिंह की 222वीं जयंती पर आयोजित भाव समर्पण समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी के मनुस्मृति को लेकर दिए गए बयान पर मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में उनसे लोकतंत्र व संविधान के प्रति जवाबदेही की अपेक्षा की जाती है। यदि मनु को जानना है तो अथर्ववेद, शतपथ ब्राह्मण और मत्स्य पुराण पढ़ना चाहिए। ऐसा कौन व्यक्ति है, जिसे जीवन में मां, बहन, पत्नी या बेटी के रूप में किसी महिला का संरक्षण न मिला हो। महिलाओं व पुरुषों के पारस्परिक संबंधों को लेकर भारत की परंपरा को एकतरफा तरीके से देखने के बजाय उसके व्यापक संदर्भ को समझने की जरूरत है।

भारत की परंपरा-विरासत को कोसना ही राहुल गांधी का काम

सीएम योगी ने कहा कि राहुल गांधी ने संविधान की शपथ ली है, लेकिन इसके बावजूद वह भारत की परंपरा व विरासत को कोसना अपना जन्मसिद्ध अधिकार समझते हैं। राहुल यूपी से बाहर जाकर उत्तर प्रदेश को लांछित और अपमानित करते हैं और भारत से बाहर जाकर देश का अपमान करते हैं। सेना सीमाओं पर दुश्मनों से लड़ती है, लेकिन राहुल जवानों से प्रमाण मांगते हैं। कांग्रेस तो अयोध्या में प्रभु श्रीराम के अस्तित्व पर भी सवाल खड़ा करती रही है। बच्चों व नौजवानों को ऐसी दिशा में नहीं ले जाना चाहिए, जहां बाद में माता-पिता या परिवार को शर्मिंदा होकर माफी मांगनी पड़े।

 

मुख्यमंत्री ने जंतर-मंतर पर प्रधानमंत्री के प्रति कथित अभद्र भाषा के इस्तेमाल का उदाहरण देते हुए कहा कि बाद में उस बेटी और उसकी मां ने अपने शब्द वापस लेते हुए माफी मांगी। सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि भारत की एक संवैधानिक संस्था हैं। जब प्रधानमंत्री के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाता है तो यह केवल व्यक्ति का अपमान नहीं, बल्कि उस संस्था और देश का अपमान है।

भारत की वर्तमान पीढ़ी के भविष्य से खिलवाड़ न करें

मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी पर अर्बन नक्सलियों के हाथों वर्तमान पीढ़ी का भविष्य खराब करने का आरोप लगाते हुए सवाल किया कि वह भारत की विरासत को क्यों बर्बाद करना चाहते हैं? क्यों देश के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं? देश ने राहुल गांधी से नेता प्रतिपक्ष के रूप में सकारात्मक और जिम्मेदार भूमिका की अपेक्षा की थी, लेकिन उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों से स्वयं को पूरी तरह अलग कर लिया है। मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र के प्रति कांग्रेस की निष्ठा पर भी सवाल उठाते हुए 1975 के आपातकाल का उल्लेख किया।

अमेठी-रायबरेली के सामने बनाया पहचान का संकट

मुख्यमंत्री ने गांधी परिवार के राजनीतिक प्रभाव पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अमेठी व रायबरेली ने लंबे समय तक इस परिवार को ढोया, लेकिन इस क्षेत्र के सामने पहचान का संकट भी इसी परिवार ने खड़ा किया। अब जनता को तय करना है कि विकास के लिए किस प्रकार की राजनीति और नेतृत्व की आवश्यकता है।

एक ही परिवार का नाम बढ़ाती रही कांग्रेस

सीएम योगी ने कहा कि कांग्रेस को देश के स्मारकों और संस्थानों का नामकरण एक ही परिवार के नाम पर करने में रुचि रही है। उसने राना बेनी माधव बख्श सिंह, लालचंद स्वर्णकार और महापराक्रमी वीर पासी जैसे महान स्वतंत्रता सेनानियों के नाम पर संस्थानों व स्मारकों के नाम रखने के बारे में कभी नहीं सोचा। देश के वास्तविक नायकों को उचित सम्मान देना कांग्रेस की प्राथमिकता नहीं रही। काकोरी ट्रेन एक्शन को लूट कहकर कांग्रेस सालों तक हमारे स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान करती रही। हमारी सरकार ने स्वंतत्रा सेनानियों के साथ ही सभी महापुरुषों का सम्मान स्थापित किया। प्रभु राम के भव्य मंदिर के निर्माण के साथ महर्षि वाल्मीकि, गोस्वामी तुलसीदास, निषादराज और माता शबरी को भी सम्मान दिया है।

कांग्रेस के परिवार ने भारत नहीं बनाया, विभाजन जरूर कराया

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के शीर्ष परिवार पर देश के विभाजन और उस दौरान हुए बड़े पैमाने पर जनसंहार की जिम्मेदारी है। कांग्रेस ने हमेशा लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का काम किया, जिसके लिए उसे देशवासियों से माफी मांगनी चाहिए। कांग्रेस को वीर सावरकर, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे राष्ट्रनायकों को स्वीकार करने में भी परेशानी रही। वाजपेयी सरकार में पोर्ट ब्लेयर एयरपोर्ट का नाम वीर सावरकर के नाम पर किया गया था, लेकिन बाद में कांग्रेस सरकार ने उसे बदल दिया। कांग्रेस ने ऐसे लोगों को महिमामंडित किया, जिन्होंने अंग्रेजों की मुखबिरी कर क्रांतिकारियों के खिलाफ साजिश रची। वर्तमान पीढ़ी को देश के वास्तविक नायकों का इतिहास बताने की जरूरत है।

सचिंद्र नाथ बख्शी को जेल भिजवाने वाला कांग्रेस नेता

मुख्यमंत्री ने काकोरी ट्रेन एक्शन के क्रांतिकारी सचिंद्र नाथ बख्शी का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें आजीवन कारावास की सजा दी गई थी। आजादी के बाद उन्हें मुक्त किया गया। बाद में वह भारतीय जनसंघ से जुड़े और वाराणसी दक्षिण से विधायक बने। सचिंद्र नाथ बख्शी ने विधानसभा में बताया था कि उनके खिलाफ पैरवी करने वाला एक कांग्रेस नेता था, जिसने अंग्रेजों की मुखबिरी कर उन्हें जेल भिजवाने में भूमिका निभाई थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस की सरकार ने ऐसे व्यक्ति के नाम पर लखनऊ में सड़क का नामकरण किया, जबकि सचिंद्र नाथ बख्शी जैसे क्रांतिकारी को भुला दिया।

हनुमानगढ़ी में दर्शन के बाद मछली की दावत!

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेताओं के कथित दोहरे आचरण पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लोग विरासत का अपमान करने के साथ धार्मिक आस्था को लेकर भी दिखावा करते हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने अयोध्या में हनुमानगढ़ी में दर्शन के बाद मछली की दावत उड़ाई। यही कांग्रेस का दोहरा चरित्र है। मंदिर में राम-राम चिल्लाने और बजरंग बली के सामने दंडवत होने का ढोंग करने के बाद ऐसा आचरण शर्मनाक है। इन लोगों से गिरगिट भी शर्मा जाए। इन प्रदेश अध्यक्ष के भाई की हत्या एक माफिया ने की थी। प्रदेश अध्यक्ष ने उस माफिया के खिलाफ आवाज उठाने के बजाय उसके सामने घुटने टेककर नतमस्तक होने का काम किया।

अवध केसरी राना बेनी माधव बख्श सिंह को किया नमन

मुख्यमंत्री ने कहा कि राना बेनी माधव बख्श सिंह भारत माता के महान सपूत और स्वाधीनता संग्राम के प्रखर हस्ताक्षर थे। उनके अदम्य साहस, शौर्य और बलिदान को देश सदैव स्मरण करता रहेगा। मुख्यमंत्री ने प्रदेश सरकार और उत्तर प्रदेश की जनता की ओर से उनकी स्मृतियों को नमन किया। सीएम योगी ने कहा कि 1857 का प्रथम स्वातंत्र्य समर उत्तर प्रदेश के बगैर अधूरा है। अवध क्षेत्र में इस पूरे आंदोलन को राना बेनी माधव बख्श सिंह ने नेतृत्व प्रदान किया। उन्होंने हजारों स्थानीय नागरिकों को अपनी सेना का हिस्सा बनाकर अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष किया। उनके नेतृत्व में अवध की धरती पर स्वतंत्रता की लड़ाई ने व्यापक रूप लिया। सीएम ने मंगल पांडे, धन सिंह गुर्जर, नाना साहेब, तात्या टोपे, रानी लक्ष्मीबाई, वीरा पासी, राजा माधव सिंह, राजा चंद्रिका बख्श सिंह, लालचंद स्वर्णकार, फतेह बहादुर और बसंत सिंह समेत भारत माता के महान सपूतों को नमन कर श्रद्धांजलि दी।

वीरा पासी की प्रतिमा लगाने का सुझाव

सीएम योगी ने कहा कि राना बेनी माधव बख्श सिंह स्मारक के पहले चरण का काम पूरा हो चुका है। कुल बजट 21 करोड़ रुपये था और करीब 25 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। उन्होंने दूसरे चरण के कार्य में वीरा पासी और उनके सहयोगियों की प्रतिमाएं लगाने का सुझाव दिया। सीएम ने कहा कि पूरे वर्ष कार्यक्रम आयोजित कर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और शहीदों के परिवारों को आमंत्रित कर उनका सम्मान किया जाना चाहिए।

Market Technicals : टेक्निकल एक्सपर्ट्स से जाने कल के लिए क्या हो ट्रेडिंग रणनीति, निफ्टी-बैंक निफ्टी में किन लेवल्स पर रहे नजर

Market Technicals : आज बाजार एक सीमित दायरे में कारोबार करता दिखा। बाजार की चाल सुस्त रही। निफ्टी 0.13% की गिरावट के साथ 24,219.05 पर और सेंसेक्स 0.22% की गिरावट के साथ 77,369.11 पर बंद हुआ। सेक्टर नजरिए से देखें तो मेटल और रियल्टी सेक्टर में बढ़त रही,जबकि डिफेंस,बैंक,सीमेंट और ऑटो सेक्टर में गिरावट देखी गई। निफ्टी 50 में सबसे ज़्यादा बढ़त जेएसडब्ल्यूस्टील, हिंडाल्को और टाटास्टील में रही। वहीं,एसबीआईलाइफ,बजाज फाइनेंस और अदानीपोर्ट्स में गिरावट रही।

पिछले कुछ ट्रेडिंग सेशन से मेटल शेयरों में तेजा देखने को मिल रही है। सप्लाई में दिक्कत,घटते स्टॉक और मज़बूत मांग के कारण स्टील,कॉपर,एल्युमीनियम और जिंक की ग्लोबल कीमतों में उछाल आया है। इसके अलावा डॉलर इंडेक्स में गिरावट से भी इस सेक्टर को सहारा मिला है। आज निफ्टी मेटल्स में 1.59% की तेजी आई।

आज हिंदुस्तान जिंक सुर्खियों में रहा क्योंकि सरकार अगले दो हफ्तो में इसमें ऑफर फ़ॉर सेल लाने की योजना पर काम कर रही है। केंद्र सरकार 1.5-2% हिस्सेदारी बेचकर लगभग 4,000-5,000 करोड़ रुपये जुटाने की सोच रही है,जो ऑफर के फ़ाइनल साइज़ और कीमत पर निर्भर करेगा। आज हिंदुस्तान जिंक 2.2% बढ़त के साथ बंद हुआ। वहीं, पिछले 3 ट्रेडिंग सेशन में इसमें लगभग 7% की तेजी आई है।

सोने की कीमतों में तेजी से मुथूट फाइनेंस और मन्नापुरम जैसी गोल्ड फ़ाइनेंस कंपनियों को भी फायदा हुआ है। इनके शेयरों में 5.72% और 2.21% से ज्यादा की तेजी आई है। सोने की कीमतों में बढ़ोतरी से गोल्ड फ़ाइनेंस कंपनियों को फायदा हो सकता है। इससे गिरवी रखी गई संपत्ति (कोलेटरल) की वैल्यू बढ़ती है,लेंडर की सिक्योरिटी मजबूत होती है और लोन ग्रोथ को भी बढ़ावा मिल सकता है।

एंजेल वन के चीफ मैनेजर-टेक्निकल एंड डेरिवेटिव रिसर्च,ओशो कृष्ण का कहना है कि ग्लोबल मार्केट से मिले अच्छे संकेतों की वजह से भारतीय इक्विटी मार्केट में बढ़त के साथ शुरुआत हुई और बेंचमार्क इंडेक्स ने एक्सपायरी वाले हफ्ते की शुरुआत जोश के साथ की। हालांकि,बाद में फॉलोअप खरीदारी न होने से शुरुआती तेजी कमज़ोर पड़ गई और इंडेक्स नीचे आ गया,जिससे बुलिश गैप का दोबारा टेस्ट हुआ। इसके बाद, CAS सेशन के बाद निफ्टी ने नुकसान की कुछ भरपाई की और 24200 के ऊपर बंद होने में कामयाब रहा,जिससे सेशन का अंत 0.14% की मामूली गिरावट के साथ हुआ।

टेक्निकल नजरिए से देखें तो पोजीशन अभी भी अनिश्चित बनी हुई है। 20-DEMA एक बड़ी रुकावट के तौर पर सामने आ रहा है और लगातार रिजेक्शन का कारण बन रहा है। हालांकि,हाल ही में मंदी के कमजोर पड़ने के संकेतों ने रिवर्सल की उम्मीद जगाई है, लेकिन तेजी या गिरावट की रफ्तार (मोमेंटम)अभी भी धीमी है। बाजार की नजर किसी ऐसे अहम संकेत पर है जिससे खरीदारी में तेजी आए। अगर गिरावट आती है तो 24150-24100 का दायरा तत्काल सपोर्ट का काम करेगा, जबकि 24050-24000 का जोन एक मजबूत सपोर्ट जोन बना रहेगा।

ऊपर की तरफ,24300 के आसपास स्थित 20-DEMA का जोन रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। अगर इस स्तर के ऊपर बढ़त कायम रहती है तो टेक्निकल सेटअप मजबूत होगा और आने वाले समय में 24500 के स्तर तक की रिकवरी का रास्ता खुल सकता है।

फिलहाल,सतर्कता बरतना ही समझदारी होगी। ट्रेडरों को सलाह है कि जब तक बाजार रुझान साफ न हो जाए,तब तक आक्रामक रुख न अपनाएं। अगस्त माह की एक्सपायरी के दौरान वोलैटुलिटी बढ़ने की भी आशंका है। इसलिए,ट्रेडरों के अनुशासित तरीके से रिस्क मैनेज करते हुए सीमित निवेश करना चाहिए और बाजार के अहम संकेतों पर नजर रखनी चाहिए।

SBI सिक्योरिटीज में हेड -टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च, सुदीप शाह का कहना है कि निफ्टी की गैप-अप ओपनिंग टिक नहीं पाई क्योंकि इंडेक्स पर जबरदस्त बिकवाली का दबाव बना और दिन चढ़ने के साथ यह नीचे गिरकर 0.14% की गिरावट के साथ 24219 पर बंद हुआ। डेली चार्ट पर निफ्टी ने लोअर विक के साथ एक बेयरिश कैंडल बनाई। चार्ट पर यह लोअर विक मुख्य रूप से इसलिए बना क्योंकि इंडेक्स ने दूसरे हाफ के आखिर में अपने शुरुआती नुकसान का कुछ हिस्सा रिकवर कर लिया था। इंडेक्स को अपने 20-डे EMA के आसपास रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ा और यह नीचे बंद हुआ। ADX इंडिकेटर पर DI-लगातार DI+ से ऊपर बना हुआ है,जो बुल्स पर बेयर्स के लगातार बने दबदबे को दिखाता है।

मिडकैप इंडेक्स ने एक पतली बॉडी वाली बेयरिश कैंडल बनाई,जिसके दोनों तरफ छोटी विक्स थीं। इससे पता चलता है कि इंट्राडे में कोई साफ दिशा नहीं थी। स्मॉलकैप इंडेक्स ने एक बेयरिश कैंडल बनाई जिसमें ऊपर की तरफ एक छोटी विक थी,जो ऊपरी लेवल पर प्रॉफ़िट बुकिंग को दिखाती है। प्रॉफिट बुकिंग के बावजूद, स्मॉलकैप इंडेक्स मिडकैप और लार्जकैप के मुकाबले बेहतर स्थिति में है,जैसा कि इसके संबंधित रेश्यो चार्ट में बढ़ती रेश्यो लाइन से पता चलता है।

आगे निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 24070-24050 के जोन में है। अगर निफ्टी इस जोन के नीचे टिकता है तो इसमें और कमजोरी आ सकती है और यह शॉर्ट टर्म में 23900 और फिर 23750 तक गिर सकता है। ऊपर की तरफ निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 24350-24370 के जोन में है।

Market Outlook : गिरावट के साथ बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 25 अगस्त को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

बैंक निफ्टी आउटलुक

 सुदीप शाह का कहना है कि  बैंक निफ्टी भी गैप-अप के साथ खुला,लेकिन ऊंचे स्तरों पर टिक नहीं पाया। दिन के दौरान इसमें तेज गिरावट आई,लेकिन बाद में,खासकर दूसरे हाफ के आखिर में इसमें कुछ रिकवरी हुई और इंडेक्स ने नुकसान की कुछ भरपाई की। आखिरकार,यह 0.41% गिरकर 57526 पर बंद हुआ। डेली चार्ट पर इंडेक्स ने एक बेयरिश कैंडल बनाई है,जिसमें नीचे की तरफ एक साफ लोअर विक दिख रही है। अगस्त की शुरुआत से ही बैंक निफ्टी 1246 अंकों की रेंज में ही घूम रहा है जो बाजार में अनिश्चितता और साइडवेज रहने के संकेत है। गिरता हुआ ADX भी इस बात की पुष्टि करता है कि बाजार में कोई मजबूत दिशा वाला ट्रेंड नहीं है।

आगे बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 57100-57000 जोन में है। अगर यह इस जोन के नीचे बना रहता है,तो बैंक निफ्टी में और कमजोरी आ सकती है और यह शॉर्ट टर्म में 56600 और फिर 56200 तक टूट सकता है। ऊपर की तरफ,बैंक निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 57900-58000 जोन में है।

 

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युवाओं को खेती से जोड़ने के लिए सीएम मोहन यादव का बड़ा कदम, संभाग और जिलास्तर पर होंगे कृषि नवाचार संवाद कार्यक्रम

युवाओं को खेती से जोड़ने के लिए सीएम मोहन यादव का बड़ा कदम, संभाग और जिलास्तर पर होंगे कृषि नवाचार संवाद कार्यक्रम

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कृषि को लाभ का व्यवसाय बनाने और युवाओं को खेती से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश में कृषि नवाचार, आधुनिक तकनीक और कृषि आधारित उद्यमिता को बढ़ावा देने एवं किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से अब संभाग एवं जिलास्तर पर कृषि नवाचार संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। यह बात मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने  भोपाल के रविंद्र भवन में आयोजित युवा संवाद के दौरान कहीं। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की पहचान कृषि प्रधान राज्य के रूप में है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश में सिंचाई सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में हर गांव तक स्वच्छ पेयजल और हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचे।  उन्होंने कहा कि आज खेती के स्वरूप में तेजी से बदलाव हो रहा है। नई तकनीक, नई फसलों, आधुनिक कृषि यंत्रों, उद्यानिकी, जैविक एवं प्राकृतिक खेती तथा कृषि आधारित उद्यमिता को अपनाकर युवा कृषि को लाभ का व्यवसाय बना सकते हैं।

 

युवाओं को कृषि नवाचार से जोड़ने पर जोर-मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य के कई विश्वविद्यालयों में कृषि संकाय की पढ़ाई प्रारंभ की गई है। युवा कृषि शिक्षा प्राप्त कर नई संभावनाओं के द्वार खोलें और कृषि की जड़ों से जुड़े रहते हुए नवाचार करें। किसान पॉलीहाउस, वेयरहाउस, फूड प्रोसेसिंग और अन्य कृषि आधारित उद्यम स्थापित कर अपनी आय बढ़ा सकते हैं। उन्होंने कहा कि कम भूमि में अधिक लाभ के लिए उद्यानिकी फसलों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। पॉलीहाउस में गुलाब सहित विभिन्न फूलों की खेती, मशरूम फार्मिंग, पर्ल फार्मिंग और मधुमक्खी पालन जैसे कार्य युवा कम लागत में शुरू कर सकते हैं। मशरूम एवं पर्ल फार्मिंग तो घर के एक कमरे से भी प्रारंभ की जा सकती है।

 

कृषि के साथ पशुपालन और मत्स्य पालन से बढ़ेगी आय-मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान बहुफसलीय खेती के साथ पशुपालन, मत्स्य पालन, बकरी पालन और मुर्गी पालन को भी अपनाएं। मध्यप्रदेश वर्तमान में देश में दूध उत्पादन में तीसरे स्थान पर है। इसे अग्रणी राज्य बनाने के लिए एनडीडीबी के साथ एमओयू किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रतिवर्ष एक लाख गिर नस्ल की बछिया तैयार करने का लक्ष्य है। उन्नत नस्ल के पशुधन से दूध उत्पादन बढ़ेगा और किसानों-पशुपालकों को प्रतिदिन आय का साधन मिलेगा। राज्य सरकार के प्रयासों से किसानों को दूध के प्रति लीटर मूल्य में भी 8 से 10 रुपये तक की वृद्धि का लाभ मिला है।

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के अंतर्गत लगभग 43 लाख रुपये की लागत से 25 गायों की डेयरी स्थापित करने पर राज्य सरकार द्वारा 10 लाख रुपये का अनुदान दिया जा रहा है। ग्राम स्तर पर सहकारी समितियों के माध्यम से दूध संग्रहण की व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। मत्स्य पालन के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पर्याप्त संख्या में तालाब और जलाशय उपलब्ध हैं। पहले मछली का बीज अन्य राज्यों से लाना पड़ता था, लेकिन अब मध्यप्रदेश में ही मछली बीज उत्पादन के लिए तीन हैचरियां प्रारंभ की गई हैं। इससे स्थानीय स्तर पर मत्स्य पालन को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं के लिए रोजगार एवं आय के नए अवसर सृजित होंगे।

 

किसानों के हित में निरंतर निर्णय-मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिले, इसके लिए राज्य सरकार लगातार किसान हितैषी निर्णय ले रही है। किसानों को एमएसपी पर गेहूं खरीदी के साथ बोनस का लाभ दिया गया है और मध्यप्रदेश देश में सर्वाधिक गेहूं खरीदी करने वाले राज्यों में अग्रणी बना है। सोयाबीन उत्पादक किसानों को भावांतर योजना का लाभ भी दिया गया है। उन्होंने कहा कि किसान आधुनिक कृषि यंत्रों और नई तकनीक को अपनाएं तथा एक फसल पर निर्भर रहने के बजाय बहुफसलीय और वैकल्पिक खेती की ओर बढ़ें। इससे खेती से होने वाली आय में वृद्धि होगी। राज्य सरकार ने किसानों के कल्याण के लिए कृषक कल्याण वर्ष प्रारंभ किया है। इस वर्ष कृषि के साथ फूड प्रोसेसिंग और कृषि आधारित उद्यमिता के विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

 

सिंचाई विस्तार को मिली गति-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में सिंचाई क्षमता का निरंतर विस्तार किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में सिंचाई का रकबा तेजी से बढ़े और प्रदेश का कोई भी खेत पानी की कमी के कारण पिछड़े नहीं। उन्होंने कहा कि जल संसाधनों के बेहतर उपयोग के साथ आधुनिक सिंचाई तकनीकों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

 

इस दौरान खेल, युवा कल्याण एवं सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस वर्ष को कृषक कल्याण को समर्पित करते हुए युवाओं को कृषि और कृषि आधारित उद्यमिता से जोड़ने की पहल की है। कृषि क्षेत्र में युवाओं के साथ संवाद मध्यप्रदेश में नई कृषि क्रांति का आधार बनेगा।

 

₹4 लाख के एजुकेशन लोन पर बड़ा अपडेट! जानिए बिहार के छात्रों के लिए क्या बोले सीएम सम्राट चौधरी

Bihar Student Credit Card Scheme: बिहार में उच्च शिक्षा हासिल करने का सपना देख रहे छात्रों और उनके अभिभावकों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। बीते कुछ दिनों से स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को लेकर चल रही तरह-तरह की अफवाहों और संशय की स्थिति पर विराम लगाते हुए सरकार ने स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया है कि उच्च शिक्षा के लिए विद्यार्थियों को दी जाने वाली ₹4 लाख तक की आर्थिक सहायता पहले की तरह ही जारी रहेगी। सीएम ने कहा है कि राज्य के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य और पढ़ाई के रास्ते में पैसों की तंगी को कभी बाधा नहीं बनने दिया जाएगा।

₹4 लाख तक का एजुकेशन लोन रहेगा बरकरार

बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत कॉलेज और यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले छात्रों को ₹4 लाख तक का शिक्षा ऋण दिया जाता है। छात्र इस राशि का उपयोग अपनी फीस, किताबों और रहने-खाने से जुड़े खर्चों को पूरा करने के लिए आसानी से कर सकते हैं।

पिछले कुछ समय से लोन की सीमा घटाने को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही थीं, जिस पर विराम लगाते हुए सरकार ने अभिभावकों और छात्रों को चिंता न करने की सलाह दी है।

शिक्षा ऋण का दायरा घटा नहीं, बल्कि और बढ़ा

शिक्षा विभाग ने इस मामले पर सफाई देते हुए कहा कि योजना को सीमित करने की खबरें पूरी तरह से बेबुनियाद हैं। वास्तव में छात्रों के लिए उच्च शिक्षा पाना अब और भी आसान हो गया है।

अब स्टूडेंट अपनी जरूरत और पात्रता के आधार पर बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम, बैंकों और ‘पीएम विद्यालक्ष्मी योजना’ के जरिए भी लोन ले सकते हैं। सरकार का मकसद हर जरूरतमंद छात्र तक संस्थागत वित्तीय मदद पहुंचाना है, ताकि कोई भी प्रतिभाशाली युवा पैसों के अभाव में पढ़ाई न छोड़े।

बिहार सरकार के इस स्पष्टीकरण से हजारों छात्रों और उनके परिजनों ने राहत की सांस ली है। अगर आप भी बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत ₹4 लाख तक के लोन का लाभ उठाना चाहते हैं, तो बिना किसी हिचकिचाहट के आवेदन कर सकते हैं और अपने बेहतर करियर के सपने को पूरा कर सकते हैं।

विपुल अमृतलाल शाह की एलियन की दुनिया में अक्षय कुमार की एंट्री, ‘समुक’ की शूटिंग हुई शुरू

अक्षय कुमार अब उस दुनिया में कदम रख रहे हैं, जहां वह पहले कभी नहीं गए हैं और वह है एलियन की दुनिया में। अभिनेता ने विपुल अमृतलाल शाह और कनिष्क वर्मा की महत्वाकांक्षी सर्वाइवल-एक्शन थ्रिलर ‘समुक’ की शूटिंग शुरू कर दी है। फिल्म में इंटरनेशनल क्रिएचर और स्टंट टीम को साथ लाया गया है, ताकि भारत की सबसे बड़ी थिएट्रिकल जॉनर फिल्मों में से एक बनाई जा सके।

विपुल अमृतलाल शाह द्वारा प्रोड्यूस, कनिष्क वर्मा द्वारा डायरेक्ट और आशीन ए. शाह द्वारा को-प्रोड्यूस की जा रही यह फिल्म बड़े स्तर पर पैन-इंडियन थिएट्रिकल रिलीज के लिए तैयार की जा रही है, जिसकी प्रोडक्शन एंबिशन ग्लोबल है। यह प्रोजेक्ट दो साल से ज्यादा समय से डेवलपमेंट में है।

कनिष्क वर्मा और शाह ने मिलकर एक ऐसी दुनिया तैयार की है, जिसमें मिलिट्री रियलिज्म, सर्वाइवल हॉरर और एलियन मिथोलॉजी को एक साथ दिखाया जाएगा। शाह ने बतौर प्रोड्यूसर ऐसी कहानियां चुनने की पहचान बनाई है, जो दर्शकों की पसंद को समझती हैं, लेकिन जरूरी नहीं कि हमेशा किसी तय फॉर्मूले पर चलें।

उनकी फिल्मों में थ्रिलर, फैमिली ड्रामा, रोमांस, कॉमेडी, एक्शन और अब एलियन सर्वाइवल जैसे अलग-अलग जॉनर देखने को मिले हैं, लेकिन इन सभी में एक मजबूत हुक वाली कमर्शियल कहानी चुनने की उनकी सोच नजर आती है। उन्होंने ऐसी कहानियों को भी सपोर्ट किया है, जिनके लिए बड़े स्केल और टेक्निकल मेहनत की जरूरत होती है और इसके लिए सही क्रिएटिव टैलेंट को साथ जोड़ा जाता है।

‘समुक’ के साथ उनका यही नजरिया एक अनजान दुनिया में पहुंच रहा है, जहां एक मास इंडियन स्टार को इंटरनेशनल क्रिएचर और एक्शन टीम के साथ जोड़ा गया है और पूरी फिल्म का प्रोडक्शन इसी के हिसाब से तैयार किया जा रहा है।

‘समुक’ को खास बनाता है इसका मॉन्स्टर को लेकर पुराने जमाने वाला तरीका अपनाने का फैसला। ऑस्कर के लिए नॉमिनेट हो चुके क्रिएचर इफेक्ट्स डिजाइनर एलेक गिलिस ने फिल्म के सेंट्रल एलियन को डिजाइन किया है। एलेक गिलिस ‘एलियन’ और ‘प्रिडेटर’ फ्रेंचाइजी के साथ-साथ ‘एलियन: रोमुलस’ पर भी काम कर चुके हैं। फिल्म में ब्रिटिश एक्शन डायरेक्टर ल्यूक टंबर समेत कई इंटरनेशनल टेक्नीशियन्स को भी शामिल किया गया है। ल्यूक फिल्म के एक्शन को डिजाइन करने के साथ उसे डायरेक्ट भी कर रहे हैं, ताकि फिल्म में एक फिजिकली डिमांडिंग और अलग तरह का एक्शन देखने को मिले।

CJP के दीपके ने लिखा शिक्षा मंत्रियों को पत्र, सरकारी स्कूलों की बदहाली पर उठाए 6 तीखे सवाल

CJP के दीपके ने लिखा शिक्षा मंत्रियों को पत्र, सरकारी स्कूलों की बदहाली पर उठाए 6 तीखे सवाल

Deepak letter to Education Ministers

Deepak letter to the Education Ministers: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक और संयोजक अभिजीत दीपके ने देश और राज्यों में सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए संबंधित शिक्षा मंत्री को एक पत्र लिखा है। पत्र में आजादी के 80 साल बाद भी स्कूलों में पीने के पानी, शौचालय और डेस्क जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव पर सवाल उठाए गए हैं।

सरकारी स्कूलों की स्थिति चिंताजनक

CJP ने सरकारी शिक्षा व्यवस्था की स्थिति को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी के संस्थापक और संयोजक अभिजीत दीपके ने सभी राज्यों के शिक्षा मंत्रियों को लिखे पत्र में कहा कि स्वतंत्रता के आठ दशकों बाद भी बच्चे मूलभूत सुविधाओं के बिना पढ़ाई करने को मजबूर हैं। पत्र में उल्लेख किया गया है कि सोशल मीडिया पर सरकारी स्कूलों की जो तस्वीरें सामने आ रही हैं, वे बेहद चिंताजनक हैं। बच्चों को सुरक्षित पेयजल, चालू शौचालय, उचित कक्षाएं और बैठने के लिए बेंच तक उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं।

दीपके के 6 प्रमुख सवाल

  • पिछले पांच वर्षों में राज्य के कितने सरकारी स्कूलों का जीर्णोद्धार (Renovation) किया गया है और कितनों में मरम्मत या पूर्ण सुधार की आवश्यकता है?
  • वर्तमान में शिक्षकों के कितने पद स्वीकृत हैं, कितने भरे गए हैं और कितने पद खाली पड़े हैं?
  • बीते पांच वर्षों में सरकारी स्कूलों के लिए कितना बजट आवंटित किया गया और उसमें से वास्तव में कितना पैसा खर्च हुआ?
  • हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए कितने अतिरिक्त सरकारी स्कूलों की आवश्यकता है?
  • सरकारी स्कूल के शिक्षकों को शिक्षण कार्य के अलावा कौन-कौन से गैर-शैक्षणिक (Non-teaching) काम सौंपे गए हैं?
  • कितने सरकारी स्कूलों में वर्तमान में कंप्यूटर, डिजिटल लर्निंग, साफ शौचालय और खेल सुविधाएं उपलब्ध हैं?

पत्र के अंत में CJP ने स्पष्ट किया कि यह मुद्दा किसी राजनीति या किसी एक सरकार का नहीं है, बल्कि देश के बच्चों के भविष्य से जुड़ा है। उन्होंने मांग की कि सरकार इन जानकारियों को सार्वजनिक करे और बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए तत्काल कदम उठाए ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। ALSO READ: तमिलनाडु CM विजय के यू-टर्न पर भड़के CJP नेता अभिजीत दीपके, कहा डर लग रहा है तो सुधारो व्यवस्था

सीजेपी टीम पर राजस्थान में हुआ था हमला

उल्लेखनीय है कि हाल ही में राजस्थान के जयपुर जिले के रामपुरा-कंवरपुरा गांव में 21 अगस्त 2026 को CJP के कार्यकर्ताओं और समर्थकों पर कथित रूप से हमला और पथराव हुआ था। CJP की टीम अपने 'स्कूल ठीक करो' अभियान के तहत इस सरकारी स्कूल की स्थिति का निरीक्षण करने पहुंची थी। पार्टी के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि यह सरकारी स्कूल सालों से एक मवेशी शेड में चलाया जा रहा था। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके और सह-संयोजक आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि स्कूल पहुंचने से पहले ही स्थानीय उपद्रवियों और विरोधियों ने उनकी गाड़ियों पर पथराव किया, गाड़ियों के शीशे तोड़े और कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की।

पुतिन बोले- रूस-भारत के बीच इस साल कारोबार बढ़ा:दोनों देशों के दशकों से रिश्ते मजबूत; भारत के विदेश मंत्री जयशंकर से मॉस्को में मुलाकात की

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि इस साल रूस और भारत के बीच कारोबार बढ़ा है। उन्होंने यह बात रूसी राष्ट्रपति कार्यालय क्रेमलिन में सोमवार को भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात के दौरान कही। पुतिन ने कहा कि रूस और भारत के बीच दशकों से मजबूत रिश्ते बने हुए हैं। दोनों देश व्यावहारिक तौर पर लगभग सभी क्षेत्रों में अपना सहयोग जारी रखे हुए हैं। उन्होंने कहा, मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि इस साल हमारा कारोबार बढ़ा है। पिछले साल इसमें थोड़ी कमी आई थी, लेकिन इस साल यह बढ़ रहा है। जयशंकर बोले- BRICS समिट के लिए राष्ट्रपति पुतिन का स्वागत है विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी SCO समिट में उनसे मिलने का इंतजार कर रहे हैं। जयशंकर ने कहा कि इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी BRICS समिट के लिए पुतिन का भारत में स्वागत करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों नेताओं की सालाना बैठक भी आपसी सुविधा के मुताबिक जल्द होगी। जयशंकर रविवार को मॉस्को पहुंचे थे। वह रूस के अपने दो दिन के दौरे पर हैं। उनका यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले BRICS समिट में शामिल होने की उम्मीद है। जयशंकर रूसी उपप्रधानमंत्री से भी मिले विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को मॉस्को में रूस के उपप्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत-रूस के बीच व्यापार और आर्थिक सहयोग को और बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की। इस दौरान दोनों देशों के बीच साझेदारी बढ़ाने पर भी बात हुई। खबर लगातार अपडेट हो रही है…

नए PF नियम से बड़ी रहात, कानपुर रीजन में 20 हजार से अधिक लोगों ने किया अप्लाई, क्लेम सेटलमेंट शुरू

ईपीएफओ के नए नियम लागू होने के बाद कानपुर रीजन में पीएफ से आंशिक निकासी के लिए आवेदनों की संख्या तेजी से बढ़ी है। शुरुआती दौर में ही 20 हजार से अधिक सदस्यों ने क्लेम किया है, जिनका निपटारा अब शुरू हो गया है।

कल का मौसम: 25 अगस्त को इन राज्यों में होगी भारी बारिश! MP-छत्तीसगढ़ से यूपी-बिहार तक IMD ने दिया ये अलर्ट

India Weather Alert: देश के अलग-अलग राज्यों में इस वक्त मानसूनी बारिश पूरी रफ्तार से हो रही है। कम दबाव के क्षेत्र और दूसरे वेदर सिस्टम एक्टिव होने की वजह से हैवी बारिश का ये सिलसिला 25 अगस्त को भी जारी रहने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 25 अगस्त को मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के अलग-अलग इलाकों में मूसलाधार यानी भारी से बहुत भारी बारिश की ऑरेंज कलर वॉर्निंग जारी की है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड सहित देश के कई और राज्यों में भी तेज हवाओं और बिजली की कड़क के साथ भारी बारिश होने का पूर्वानुमान दिया गया है।

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में ‘भारी से बहुत भारी’ बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 25 अगस्त को मध्य भारत में बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। इसके अलावा महाराष्ट्र के मध्य महाराष्ट्र और विदर्भ क्षेत्रों में भी भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। इन राज्यों के निचले इलाकों में पानी भर सकता है और नदी-नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड समेत उत्तर-पूर्वी भारत का हाल

उत्तर भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में भी मानसून की तेजी बनी रहेगी। 25 अगस्त को उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, सुदूर उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। वहीं पूर्वोत्तर के राज्यों अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी भारी बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी। दक्षिण भारत की बात करें तो तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी तूफानी हवाएं

बारिश के साथ-साथ कई राज्यों में आंधी-तूफान और तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल और माहे, लक्षद्वीप और तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल के इलाकों में बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। इनकी स्पीड बढ़कर 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसके साथ ही बिहार, पूर्वी राजस्थान, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल व सिक्किम के कुछ हिस्सों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट है।

उत्तराखंड, तेलंगाना, मराठवाड़ा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के अलग-अलग इलाकों में भी बादल गरजने और बिजली कड़कने की संभावना बनी रहेगी।

तटीय इलाकों में तेज हवाओं का अलर्ट और समुद्र में स्थिति

मौसम विभाग ने तटीय और समुद्री क्षेत्रों के लिए भी चेतावनी जारी की है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, माहे और लक्षद्वीप के तटीय इलाकों में तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है। अरब सागर में सोमालिया और ओमान के तटों के पास और मध्य-पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। इनकी स्पीड 65 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।

इसके अलावा कर्नाटक और केरल के तटों तथा लक्षद्वीप के आसपास के समुद्री क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से खराब मौसम बना रहेगा। मौसम विभाग ने मछुआरों और तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्कता बरतने की सलाह दी है।

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