Duleep Trophy में वैभव का गेंद से कमाल 4 गेंदों में झटके 2 विकेट (Video)

बिहार के वैभव सूर्यवंशी आईसीसी टूर्नामेंट्स और इंडियन प्रीमियर लीग में अपनी बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं लेकिन दिलीप ट्रॉफी में उन्होंने दिखाया कि वह गेंद से भी उतना ही कमाल कर सकते हैं। ईस्ट जोन के उपकप्तान वैभव सूर्यंवशी ने आज दलीप ट्रॉफी क्वार्टरफाइनल में नॉर्थ इस्ट जोन के खिलाफ 4 गेंदों में 2 विकेट चटकाए। उन्होंने नॉर्थ ईस्ट के किशन को 25 रनों पर और इमलिवती को 4 रनों पर आउट किया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

15 साल के इस खिलाड़ी के लिए यह सीज़न शानदार रहा है। इस उभरते हुए बल्लेबाज ने इंग्लैंड में तीन टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 14, 13 और 15 रन बनाए। इनमें से दो पारियों में सूर्यवंशी जोफ्रा आर्चर की शॉर्ट गेंद पर आउट हुए। इंग्लैंड दौरे पर भारत के लिए अपने डेब्यू में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन न कर पाने के बाद, सूर्यवंशी ने ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ़ टी20 सीरीज़ में प्रभावित किया। वहाँ उन्होंने कई मैचों में जीत दिलाने वाला प्रदर्शन किया और ‘प्लेयर ऑफ़ द सीरीज़’ चुने गए।

हालांकि इस 15 वर्षीय खिलाड़ी ने बिहार के लिए आठ प्रथम श्रेणी मैचों की 12 पारियों 17 से अधिक के औसत से रन बनाए हैं जो कि आकर्षक नहीं हैं। उनका सर्वोच्च स्कोर 93 रन है।ईस्ट ज़ोन ने एक मज़बूत टीम चुनी है जिसमें कई अनुभवी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी शामिल हैं। चुने गए प्रमुख खिलाड़ियों में भारत के अनुभवी तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद शमी, बंगाल के कप्तान अभिमन्यु ईश्वरन, तेज़ गेंदबाज़ मुकेश कुमार, ऑलराउंडर शाहबाज़ अहमद और विकेटकीपर-बल्लेबाज़ कुमार कुशाग्र शामिल हैं।

कभी भारत की टीम में जगह बनाने की चाह रखने वाले खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण टूर्नामेंट रहे दलीप ट्रॉफी अब महज बीसीसीआई के कैलेंडर में एक और टूर्नामेंट बनकर रह गया है क्योंकि अधिकतर खिलाड़ी टेस्ट टीम में जगह बनाने की दौड़ में नहीं हैं।

रणजी ट्रॉफी की तरह ही दलीप ट्रॉफी भी भारत ए की टीम में जगह बनाने का जरिया रह गया है। इसमें अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी सितंबर के आखिर और अक्टूबर की शुरुआत में पुडुचेरी में ऑस्ट्रेलिया ए टीम के खिलाफ होने वाले दो चार दिवसीय ‘टेस्ट’ मैचों के लिए दावेदार हो सकते हैं।

देवदार के घने जंगलों में विराजते हैं ताड़केश्वर महादेव, सावन में जरूर करें दर्शन

देवदार के घने जंगलों में विराजते हैं ताड़केश्वर महादेव, सावन में जरूर करें दर्शन

tarkeshwar mahadev

उत्तराखंड की पहाड़ियों में कई ऐसे शिव धाम हैं, जहां आस्था के साथ प्रकृति की खूबसूरती भी मन मोह लेती है। पौड़ी गढ़वाल के लैंसडाउन क्षेत्र में देवदार और बलूत के घने जंगलों के बीच स्थित ताड़केश्वर महादेव मंदिर भी ऐसा ही एक पवित्र स्थल है। समुद्र तल से करीब 2092 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह मंदिर शांत वातावरण, प्राकृतिक झरनों और भगवान शिव से जुड़ी पौराणिक मान्यताओं के कारण श्रद्धालुओं के साथ-साथ पर्यटकों के बीच भी खास आकर्षण रखता है। खासकर सावन के महीने में यहां भक्तों की भीड़ उमड़ती है। ALSO READ: उत्तराखंड में 50 रोपवे परियोजनाओं को मिलेगी रफ्तार, सीएम धामी ने दिए प्राथमिकता के आधार पर प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश

 

सीएम धामी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, जनपद पौड़ी गढ़वाल में देवदार के घने जंगल के बीच स्थित श्री ताड़केश्वर महादेव मंदिर अपनी प्राकृतिक सुंदरता, शांत वातावरण और आध्यात्मिक आभा के लिए प्रसिद्ध है। भगवान शिव को समर्पित यह पावन धाम श्रद्धालुओं को आत्मिक शांति और दिव्य अनुभूति प्रदान करता है। श्रावण मास में यहां विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। पौड़ी गढ़वाल की यात्रा के दौरान श्री ताड़केश्वर महादेव के दर्शन अवश्य करें।

 

टिहरी गढ़वाल जिले के लैंसडाउन क्षेत्र में स्थित ताड़केश्वर महादेव मंदिर भगवान् शिवजी को समर्पित है। यह मंदिर समुद्री तल से 2092 मीटर ऊंचाई पर स्थित है। 5 किमी की चौड़ाई में फैला हुआ यह मंदिर बलूत और देवदार के पेड से घिरा हुआ है। यहां कई पानी के छोटे छोटे झरने बहते हैं। मान्यता है कि ताड़कासुर का अंत करने के बाद शिवजी यहां ठहरे थे। ALSO READ: बागेश्वर का बागनाथ मंदिर: उत्तर भारत का अनोखा दक्षिणमुखी शिव धाम, सावन में दर्शन का विशेष महत्व

 

वर्षभर यहां दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है, जबकि सावन, महाशिवरात्रि और अन्य धार्मिक अवसरों पर हजारों श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ALSO READ: उत्तराखंड का छोटा अमरनाथ! प्राकृतिक बर्फ से बनता है यहां शिवलिंग, दर्शन के लिए उमड़ती है भारी भीड़

 

कैसे पहुंचें ताड़केश्वर मंदिर?

हवाई मार्ग- लैंसडाउन पहुंचने के लिए सबसे नजदीकी एयरपोर्ट देहरादून का जॉली ग्रांट एयरपोर्ट है। यहां से लैंसडाउन की दूरी करीब 177 किलोमीटर है। यहां से आपको टैक्सी या बसें मिल जाएंगी।

ट्रेन से- सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन कोटद्वार है। यहां से लैंसडाउन की दूरी करीब 70 किलोमीटर है। यहां से भी आपको बस और टैक्सी आराम से मिल जाएंगी।

सड़क मार्ग से- अगर आप कार से आ रहे हैं तो दिल्ली, देहरादून या हरिद्वार से सड़कें लैंसडाउन के लिए कनेक्टेड हैं।

निफ्टी और बैंक निफ्टी में सपोर्ट के पास गिरावट में खरीदारी की रणनीति करेगी काम, यह रियल्टी शेयर कर सकता है कमाल

बाजार में कमजोरी के साथ कारोबार हो रहा है। 11.10 बजे के आसपास सेंसेक्स 147.21 अंक या 0.19 प्रतिशत गिरकर 77,221.90 पर और निफ्टी 72.95 अंक या 0.30 प्रतिशत गिरकर 24,146.10 पर कारोबार कर रहा था। मेटल ,IT और डिफेंस शेयर बाजार पर दबाव बना रहे हैं। ऑटो रियल्टी और सीमेंट में भी कमजोरी है। हालांकि कैपिटल मार्केट शेयरों में खरीदारी आई है। फर्टिलाइजर शेयरों में जोरदार एक्शन देखने को मिल रहा है। FACT,मद्रास फर्टिलाइजर और RCF में 5 से 13 फीसदी तक की दमदार तेजी देखने को मिली है। NFL और चंबल जैसे दूसरे फर्टिलाइजर शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिल रही है। रूसी राष्ट्रपति पुतिन के भारत को फर्टिलाइजर सप्लाई बढ़ाने के भरोसे के बाद इन शेयरों का जोश बढ़ा है।

10 फीसदी डिस्काउंट में OFS आने के चलते हिंदुस्तान कॉपर में 7 फीसदी की बड़ी गिरावट आई है। मार्केट रेगुलेटर सेबी से फ्रॉड और गड़बड़ी के आरोपों के मामले में क्लीन चिट मिलने से मैक्स फाइनेंशियल में भी तेजी है। यह शेयर एक फीसदी से ज्यादा ऊपर दिख रहा है। साथ ही LIC,न्यू इंडिया इंश्योरेंस और SBI LIFE में भी हल्की बढ़त है।

बाजार पर बात करते हुए www.sethamit.com के अमित सेठ ने कहा कि अगर हम निफ्टी की बात करें तो पिछले कुछ दिनों से यहां पर थोड़ा सा साइडवेज टू नेगेटिव मोमेंटम रहा है। अच्छी बात ये है कि पिछले दो-तीन दिनों में निफ्टी ने 24100 पर एक सपोर्ट लिया और यहां से थोड़ी रिकवरी दिखाने की कोशिश की है। निफ्टी के लिए 24100 का लेवल अब मेक और ब्रेक लेवल बन गया है। अगर यह लेवल तो दिक्कतें बढ़ सकती है। हाल में इसमें थोड़ी रिकवरी आई है लेकिन अगर हम इंट्राडे मूवमेंट की बात करें तो मार्केट थोड़ा सा ड्रैग डाउन कर रहा है। ऊपर की तरह 24350 पर स्थित 200 डेमा निफ्टी के लिए अहम रेजिस्टेंस है। उसके ऊपर निकलने पर ही नई तेजी आएगी।

इस समय बाजार 24100-24300 की एकदम टाइट रेंज में है। निफ्टी समय काफी अच्छे सपोर्ट के पास है। इसको ध्यान में रखते हुए अभी भी गिरावट पर खरीदारी की सलाह होगी। निफ्टी में कोई डिप मिलने पर 24100 के स्टॉप लॉस के साथ खरीदारी की जा सकती है। अगर निचले लेवल से 100-1010 पॉइंट की इंट्राडे बढ़त मिले तो वहां पर मुनाफा बांधना चाहिए।

Market Trend : बाजार में कमजोरी कायम, शॉर्ट टर्म में अच्छे रिटर्न के लिए इन दो शेयरों पर रहे नजर

बैंक निफ्टी व्यू

इसी तरह बैंक निफ्टी भी अपने अहम मूविंग एवरेजेज के आसपास ही है। यहां पर भी मोमेंटम थोड़ा सा कमजोर है। बैंक निफ्टी के लिए 57,000 का लेवल मेक ऑर ब्रेक लेवल है। जब तक 57,000 का स्तर कायम है बैंक निफ्टी में गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपनाने की सलाह होगी। लेकिन ओवरऑल नजरिए से देखें तो मार्केट में मोमेंटम गायब है।

अपने पसंदीदा शेयरों पर बात करते हुए अमित सेठ ने कहा कि इस समय रियलस्टेट सेक्टर काफी अच्छा लग रहा है। यहां पर एक-डेढ़ महीने पहले एक स्ट्रांग अप ट्रेंड देखने को मिला था। उसके बाद यह सेक्टर थोड़ा सा पुलबक मोड में चला गया था। चार्ट्स देख कर लग रहा है कि इस सेक्टर के अधिकांश स्टॉक्स में पुलबैक पूरा हो चुका और यह सेक्टर फिर से तेजी के लिए तैयार है। इस सेक्टर में गोदरेज प्रॉपर्टीज काफी अच्छा लग रहा है। इस स्टॉक ने पुलबैक में लगभग 50 डेमा के आसपास एक अच्छा सपोर्ट बेस बनाया और कल के सत्र में इसने एक बार फिर 10 और 20 डेमा क्रॉस कर लिया। यह स्टॉक अच्छा-खासा रिवर्सल दिखा रहा है। इंट्राडे में कोई भी गिरावट आती है तो भी गोदरेज प्रॉपर्टीज में 2040 रुपए के आसपास, 2020 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ 2080 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की जा सकती है।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

गुरुग्राम में बारिश का ऐसा कहर कि करोड़ों के फ्लैट और लग्जरी कारें भी बेकार! स्कूल चलेंगी ऑनलाइन, ऑफिसों में WFH

Gurugram Rain: देश के सबसे महंगे और आधुनिक शहरों में गिने जाने वाले गुरुग्राम की चमक तेज बारिश के सामने फीकी पड़ गई है। हरियाणा के इस प्रमुख शहर में भारी जलभराव ने आम लोगों से लेकर करोड़ों रुपये की प्रॉपर्टी और लग्जरी कारों तक सबको एक ही कतार में ला खड़ा कर दिया है। हालत यह रही कि महंगे इलाकों में रहने वाले लोगों को भी पानी से भरी सड़कों पर निकलने में भारी परेशानी हुई।

बारिश के कारण गुरुग्राम की कई प्रमुख सड़कें और अंडरपास पानी में डूब गए। ट्रैफिक व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई। कई जगह स्कूल बसें तथा एंबुलेंस तक जलभराव में फंस गईं। हालात को देखते हुए प्रशासन ने आज यानी 25 अगस्त को जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में क्लासेस ऑनलाइन कराने का निर्देश दिया है। वहीं कॉरपोरेट और निजी कंपनियों को कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम (WFH) की सुविधा देने की सलाह दी गई है।

75 MM बारिश ने बिगाड़े हालात

जिला प्रशासन ने बताया कि सोमवार को गुरुग्राम में 70 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। राजीव चौक, इफ्को चौक, रेलवे रोड, सेक्टर-5, पुरानी दिल्ली रोड, महरौली रोड और बसई रोड समेत प्रमुख इलाके बुरी तरह प्रभावित हुए। नाहरपुर अंडरपास में भी पानी भर गया। कई सड़कों पर ट्रैफिक की रफ्तार धीमी रही। लोग पानी से भरी सड़कों से गुजरते दिखाई दिए। पुराने गुरुग्राम के सदर बाजार, गुरुद्वारा रोड और पुरानी दिल्ली रोड समेत कई इलाकों में जलभराव के कारण घंटों तक भारी जाम लगा रहा।

ट्रैफिक जाम से हाहाकार

ट्रैफिक पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सिरहौल बॉर्डर, राजीव चौक, नरसिंहपुर और कुछ अन्य जगहों पर वाहनों की आवाजाही बाधित रही। उन्होंने कहा कि स्थिति संभालने के लिए ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। ‘साइबर हब’ के पास गेटवे टावर मेट्रो स्टेशन के सामने एक्सप्रेसवे का एक बड़ा हिस्सा पानी में डूब गया, जिससे प्रमुख मार्ग पर ट्रैफिक प्रभावित हुआ।

शीतला माता रोड पर बुरा हाल

शीतला माता रोड भी सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में शामिल रहा। इस सड़क पर मानसून में अक्सर बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है। बारिश के दौरान नगर निगम के अधिकारी मौके पर सक्रिय रहे। नगर निगम कमिश्नर प्रदीप दहिया और अतिरिक्त नगर निगम आयुक्त यश जालुका ने गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और नगर निगम के अधिकारियों के साथ जलभराव वाले इलाकों का निरीक्षण किया।

स्कूल बसों में फंसे बच्चे, 5-6 घंटे की देरी

बारिश का सबसे बड़ा असर स्कूली बच्चों पर देखने को मिला। कई स्कूल बसें पानी में फंस गईं और बच्चों को घर पहुंचने में सामान्य से 5 से 6 घंटे ज्यादा समय लगा। जलभराव के कारण कई परिवारों को अपने बच्चों के घर लौटने को लेकर घंटों चिंता में रहना पड़ा। यही वजह है कि प्रशासन ने 25 अगस्त को स्कूलों को ऑनलाइन करने का फैसला लिया।

करोड़ों की प्रॉपर्टी भी नहीं बचा पाई

गुरुग्राम की पहचान देश के सबसे महंगे रियल एस्टेट बाजारों में होती है। गोल्फ कोर्स रोड जैसे इलाकों में करोड़ों रुपये की प्रॉपर्टी मौजूद है। लेकिन सोमवार 24 अगस्त को हुई बारिश ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया- क्या करोड़ों रुपये की प्रॉपर्टी भी खराब इंफ्रास्ट्रक्चर और जलभराव से बचा सकती है?

सोशल मीडिया पर लोगों ने इस स्थिति को लेकर कई पोस्ट किए। कुछ लोगों ने यह तक कहा कि शहर में करोड़ों रुपये के फ्लैट और महंगी कारें होने के बावजूद अगर सड़कें पानी में डूब जाएं तो इन संपत्तियों की असली उपयोगिता कितनी रह जाती है।

एक सोशल मीडिया यूजर ने शेयर किया कि उसने कार खरीदने के बजाय अपना पैसा शेयर बाजार में निवेश किया था। लेकिन बारिश के दौरान उसे एक बाइक सवार ने मदद करके सुरक्षित जगह तक पहुंचाया। इस घटना ने गुरुग्राम के जलभराव और शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर पर बहस को और तेज कर दिया।

तीसरी बार बारिश ने रोका गुरुग्राम

इस मानसून में यह पहली बार नहीं है जब गुरुग्राम की रफ्तार थमी हो। इससे पहले 9 जुलाई को भी लगातार बारिश के बाद निजी संस्थानों और कॉरपोरेट ऑफिसों के लिए WFH की सलाह दी गई थी। अगस्त के पहले सप्ताह में भी लगातार बारिश के बाद दो दिन के लिए WFH एडवाइजरी जारी की गई थी। उस दौरान 24 घंटे में गुरुग्राम में करीब 97 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी। IMD ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया था। कई निचले इलाकों में पानी भर गया था।

₹1,400 करोड़ खर्च के बावजूद उठे सवाल

बारिश के बाद गुरुग्राम के इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने हरियाणा सरकार पर निशाना साधते हुए शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर को ध्वस्त बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि गुरुग्राम पर करीब ₹1,400 करोड़ खर्च किए जाने के बावजूद शहर बारिश के दौरान जलभराव से जूझ रहा है। सुरजेवाला ने स्कूल बसों के फंसने, सड़कों पर पानी भरने और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। गुरुग्राम समेत दिल्ली-एनसीआर में आज भी भारी बारिश हो रही है।

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Viral Video: कानपुर में कचरे के ढेर पर फेंकी गई एक्सपायर्ड चॉकलेट्स के लिए मची भयंकर लूट, क्या इसे बच्चों को खिलाएंगे?

Kanpur expired chocolate dump: सोशल मीडिया पर उत्तर प्रदेश के कानपुर का एक चौंकाने वाला वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में दावा किया जा रहा है कि कानपुर के पनकी में कचरे के ढेर पर फेंकी गई एक्सपायर्ड टॉफियों और चॉकलेट्स को उठाने के लिए लोगों में होड़ मची हुई है। एक फैक्ट्री द्वारा कचरे में फेंकी गई इन मिठाइयों और चॉकलेट्स को इकट्ठा करने के लिए पुरुषों और महिलाएं टूट पड़े हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही फूड सेफ्टी, वेस्ट मैनेजमेंट और गरीबी को लेकर बहस छिड़ गई है कि कोई एक्सपायर्ड चॉकलेट के लिए कैसे क्रेजी हो सकता है और क्या लोग इसे घर ले जाकर अपने बच्चों को खिलाएंगे?

न्यूज18 की रिपोर्ट के मुताबिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर @Delhiite नाम के यूजर ने इस वीडियो को शेयर करते हुए इसे अजीब होड़ बताया है। यूजर का कहना है कि एक्सपायर्ड चॉकलेट लूटने के लिए टूट पड़े लोगों में बुनियादी कॉमन सेंस पूरी तरह से गायब नजर आया।

वीडियो के वायरल होते ही इंटरनेट पर लोगों की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ लोगों ने जहां एक्सपायर्ड चीजों को उठाने वालों की आलोचना की और इसके हेल्थ पर पड़ने वाले खराब असर की बात कही, तो दूसरे कुछ लोगों का मानना था कि इस घटना को गरीबी और महंगाई के नजरिए से भी देखा जाना चाहिए।

महंगाई और गरीबी पर छिड़ी तीखी बहस

कचरे के ढेर पर मची इस लूट को लेकर कई यूजर्स ने देश में बढ़ती महंगाई और आर्थिक तंगी पर चिंता जताई। एक यूजर ने कमेंट करते हुए तंज कसा कि भाई महंगाई इतनी बढ़ गई है कि अब कचरा भी बजट शॉपिंग डेस्टिनेशन बन गया है। वहीं दूसरे यूजर ने सहानुभूति जताते हुए लिखा कि यह सामान्य समझ की कमी से ज्यादा गरीबी और असमर्थता को दर्शाता है। इसी गरीबी ने लोगों को कचरे से खाना उठाने पर मजबूर किया होगा। एक दूसरे व्यक्ति ने लिखा कि सोचिए उस स्तर तक पहुंचने के लिए कितनी तंगी रही होगी कि लोग इस जोखिम को उठाने के लिए तैयार हो गए।

कुछ यूजर्स ने लोगों के पहनावे को लेकर सवाल उठाए। एक यूजर ने लिखा कि जिस तरह से लोगों ने कपड़े पहने हैं, उससे लगता है कि वे सभी स्कूल और कॉलेज गए होंगे। समझ नहीं आता कि उन्हें क्या सिखाया गया है कि वे एक्सपायर्ड सामान उठा रहे हैं। दूसरे यूजर ने लिखा कि लोग फ्री की टॉफियों के लिए इंफेक्शन का खतरा मोल ले रहे हैं, ऐसा लगता है जैसे कॉमन सेंस गायब हो चुका है।

कंपनी और FSSAI पर उठे सवाल, नियमों के उल्लंघन का आरोप

इस पूरी घटना के बाद कंपनियों द्वारा खराब और एक्सपायर्ड सामान को नष्ट करने के तरीके पर भी सवाल उठे हैं। सोशल मीडिया पर एफएसएसएआई और संबंधित अधिकारियों को टैग करते हुए एक यूजर ने लिखा कि उस फैक्ट्री मालिक को जल्द से जल्द पकड़ा जाना चाहिए और सजा मिलनी चाहिए क्योंकि एक्सपायर्ड सामान को नष्ट करने की एक तय प्रक्रिया होती है। एक दूसरे यूजर ने कहा कि एक्सपायर्ड आइटम को निपटाने का यह मानक तरीका नहीं है और इसके लिए दोषी ब्रांड के खिलाफ मामला दर्ज किया जाना चाहिए।

(डिस्क्लेमर: यह लेख यूजर-जनरेटेड कंटेंट और सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है। ओरिजिनल पोस्ट में किए गए दावों की मनीकंट्रोल द्वारा स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है।)

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कूड़े में फेंकी गई थीं एक्सपायरी चॉकलेट-टॉफियां, उठाने के लिए टूट पड़े लोग; वीडियो वायरल

कूड़े में फेंकी गई थीं एक्सपायरी चॉकलेट-टॉफियां, उठाने के लिए टूट पड़े लोग; वीडियो वायरल

expired chocolate

कानपुर में एक्सपायरी हो चुकी चॉकलेट, टॉफी और बिस्किट को लेकर हैरान करने वाला मामला सामने आया है। एक दुकानदार ने बड़ी मात्रा में एक्सपायरी खाद्य सामग्री को कूड़े के ढेर में फेंकवा दिया। लेकिन इसके बाद वहां ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने लोगों को चौंका दिया। ALSO READ: मौत के बाद खुला भिखारी महिला का राज! 30 से ज्यादा बोरियों में मिले नोट-सिक्के, निकले 8.40 लाख रुपये

 

कूड़े में पड़े चॉकलेट और टॉफियों के पैकेट देखकर कई लोग उन्हें उठाने के लिए पहुंच गए। देखते ही देखते लोगों में इन्हें अपने घर ले जाने की होड़ मच गई। इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

कचरे के ढेर पर पड़े थे चॉकलेट और बिस्किट

बताया जा रहा है कि कानपुर के एक इलाके में बड़ी मात्रा में एक्सपायरी डेट पार कर चुके चॉकलेट, टॉफी और बिस्किट के डिब्बे कूड़े के ढेर पर फेंके गए थे। कुछ लोगों की नजर जब इन खाद्य उत्पादों पर पड़ी तो उन्होंने उन्हें उठाना शुरू कर दिया।

 

इसके बाद कई अन्य लोग भी वहां पहुंच गए और कचरे के बीच से चॉकलेट-टॉफियां निकालकर अपने साथ ले जाने लगे। वायरल वीडियो में लोगों को कूड़े के ढेर से खाद्य सामग्री इकट्ठा करते हुए देखा जा सकता है। ALSO READ: राम मंदिर चढ़ावा विवाद में नया मोड़, ड्यूटी आदेश मिलते ही कर्मचारी ने दिया इस्तीफा, कर्मचारियों में क्यों फैला खौफ?
 

एक्सपायरी खाद्य पदार्थ उठाना कितना खतरनाक?

एक्सपायरी डेट पार कर चुके खाद्य पदार्थों का सेवन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। खासतौर पर गर्मी और नमी में लंबे समय तक पड़े रहने से ऐसे उत्पादों की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।

 

ऐसे में कूड़े के ढेर से एक्सपायरी चॉकलेट, टॉफी या बिस्किट उठाकर घर ले जाना स्वास्थ्य के लिहाज से गंभीर चिंता का विषय है। इन उत्पादों की पैकेजिंग खराब या दूषित होने की स्थिति में जोखिम और बढ़ सकता है।

 

घटना ने उठाए जागरूकता पर सवाल

इस पूरे मामले ने खाद्य सुरक्षा के साथ-साथ लोगों की स्वास्थ्य जागरूकता और सार्वजनिक व्यवहार पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। दुकानदारों और खाद्य कारोबारियों की जिम्मेदारी है कि एक्सपायरी उत्पादों को खुले कचरे में फेंकने के बजाय उन्हें सुरक्षित तरीके से नष्ट किया जाए, ताकि कोई व्यक्ति उन्हें दोबारा इस्तेमाल न कर सके।

 

वहीं, लोगों को भी कूड़े में पड़े किसी खाद्य पदार्थ को केवल इसलिए घर नहीं ले जाना चाहिए क्योंकि वह पैकेट में बंद दिखाई दे रहा है। वायरल वीडियो के बाद यह घटना सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है।

 

Stock Market Holiday: क्या रक्षाबंधन पर 28 अगस्त को बंद रहेगा शेयर बाजार? जानिए NSE और BSE का आधिकारिक अपडेट

Raksha Bandhan Holiday 2026: रक्षाबंधन का त्योहार इस हफ्ते शुक्रवार, 28 अगस्त को मनाया जाएगा। ऐसे में शेयर बाजार के निवेशकों और ट्रेडर्स के मन में यह सवाल है कि क्या 28 अगस्त को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) में कारोबार होगा या छुट्टी रहेगी।

अगर आप भी 28 अगस्त को ट्रेडिंग का प्लान बना रहे हैं, तो NSE और BSE की आधिकारिक हॉलीडे लिस्ट का यह अपडेट जरूर जान लें।

क्या 28 अगस्त, रक्षाबंधन को खुला रहेगा शेयर बाजार?

BSE और NSE के आधिकारिक हॉलीडे कैलेंडर के मुताबिक, 28 अगस्त 2026 शुक्रवार को रक्षाबंधन के अवसर पर शेयर बाजार में कोई छुट्टी नहीं है। बाजार सामान्य रूप से अपने तय समय पर खुला रहेगा और ट्रेडिंग चालू रहेगी।

किन सेगमेंट्स में होगा कारोबार: इक्विटी, इक्विटी डेरिवेटिव्स, करेंसी डेरिवेटिव्स, NDS-RST और ट्राई पार्टी रेपो समेत सभी सेगमेंट्स में सामान्य दिनों की तरह ट्रेडिंग होगी।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) के कैलेंडर के अनुसार, रक्षाबंधन के दिन कमोडिटी मार्केट में भी मॉर्निंग और इवनिंग दोनों सेशंस में कामकाज चालू रहेगा।

साल 2026 के बचे हुए महीनों में कब-कब बंद रहेगा शेयर बाजार?

स्टॉक एक्सचेंज कैलेंडर के अनुसार, साल 2026 के बाकी बचे महीनों में भारतीय शेयर बाजार में कुल 6 ट्रेडिंग हॉलीडे शेड्यूल हैं:

सितंबर: 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी के मौके पर अगला ट्रेडिंग हॉलीडे रहेगा।

अक्टूबर: 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी जयंती और 20 अक्टूबर को दशहरा पर बाजार बंद रहेगा।

नवंबर: 10 नवंबर को दिवाली-बलिप्रतिपदा और 24 नवंबर को प्रकाश गुरुपर्व श्री गुरु नानक देव जी के अवसर पर छुट्टी रहेगी।

दिसंबर: 25 दिसंबर को क्रिसमस के उपलक्ष्य में बाजार में कारोबार स्थगित रहेगा।

28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन शेयर बाजार पूरी तरह चालू रहेगा। निवेशकों और ट्रेडर्स के लिए शुक्रवार का दिन सामान्य कारोबारी दिन रहेगा। ट्रेडर अपनी ट्रेडिंग और इनवेस्टमेंट प्लानिंग बिना किसी रुकावट के बना सकते हैं।

3-5 से अर्जेंटीना से हारकर भारतीय हॉकी टीम हुई विश्वकप से बाहर

एम्सटेलवीन में अपने सबसे ज़रूरी पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप 2026 पूल ई मुकाबले में भारत निराशाजनक प्रदर्शन करते हुए सोमवार को अर्जेंटीना से 3-5 से हारकर सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गया। हालांकि भारत ने आखिरी मिनटों में दो गोल दागे लेकिन शुरूआती लड़खड़ाहट ने भारत का काम खराब किया।

मैच के पहले तीनों गोल पहले क्वार्टर में हुए। अर्जेंटीना ने दो गोल की बढ़त बना ली थी, लेकिन भारत ने एक गोल वापस कर लिया। अर्जेंटीना के जोकिन टोस्कानी ने सिर्फ़ 39 सेकंड में गोल किया, और निकोलस डे ला टोरे ने छठे मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर गोल कर बढ़त दोगुनी कर दी। हालांकि, सुखजीत सिंह ने 34वें मिनट में भारत के लिए पहला गोल करके बढ़त कम कर दी।

टॉमस डोमेन ने 33वें और 45वें मिनट में दो गोल दागकर बढ़त को 4-1 पहुंचकर भारत का संघर्ष समाप्त कर दिया। डोमेन ने तीसरा गोल मैदानी किया और उनका चौथा गोल पेनल्टी स्ट्रोक पर आया। लुकास टोस्कानी ने 53वें मिनट में अर्जेंटीना का पांचवां गोल दाग दिया। हालांकि भारत ने सुखजीत सिंह के जरिये 58वें मिनट में अपना दूसरा गोल किया लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। भारत को आखिरी मिनट में पेनल्टी स्ट्रोक मिला जिस पर हार्दिक सिंह ने भारत का तीसरा गोल किया।

पिछले मैच में नीदरलैंड से हारने के बाद भारत पूल ई से अंतिम चार की दौड़ से लगभग बाहर ही हो गया था लेकिन अर्जेंटीना की इंग्लैंड पर जीत के बाद तकनीकी तौर पर उसके रास्ते खुले थे । इसके लिये उसे कम से कम तीन गोल के अंतर से जीत दर्ज करनी थी । भारत ने पहले छह मिनट में ही दो गोल गंवा दिये और इस दबाव से टीम निकल ही नहीं सकी । खराब पासिंग, गेंद पर कब्जा गंवाने और डिफेंस में ढिलाई का खामियाजा भारत को भुगतना पड़ा । आखिर में भारत ने दो मिनट के भीतर दो गोल किये लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी ।

इस पूल से नीदरलैंड पहले ही सेमीफाइनल में पहुंच चुका है और अब दूसरी टीम का फैसला इंग्लैंड और नीदरलैंड के बीच होने वाले आखिरी पूल मैच से होगा ।

मौत के बाद खुला भिखारी महिला का राज! 30 से ज्यादा बोरियों में मिले नोट-सिक्के, निकले 8.40 लाख रुपये

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Mandya Beggar Woman

कर्नाटक के मांड्या से सामने आई एक घटना ने हर किसी को हैरान कर दिया। यहां 68 साल की एक महिला लंबे समय से भीख मांगकर अपना जीवन गुजार रही थी। अचानक उसकी मौत के बाद उसके घर से लाखों रुपये नकद बरामद हुए। महिला की पहचान नूर के रूप में हुई है।

 

घर की तलाशी में मिले पैसों से भरे बोरे

नूर मांड्या में अपनी बहन के साथ किराए के मकान में रहती थीं। दोनों बहनों ने शादी नहीं की थी। करीब दो साल पहले उसकी बहन की भी मौत हो गई थी। इसके बाद वह अकेले ही रह रही थीं।

नूर की मौत के बाद जब स्थानीय लोगों ने उनके घर की तलाशी ली तो वहां का नजारा देखकर हर कोई हैरान रह गया। घर में 30 से ज्यादा प्लास्टिक की बोरियां मिली। इन बोरियों में बड़ी संख्या में सिक्के और 10, 20 और 50 रुपये के नोट भरे हुए थे। स्थानीय लोगों ने इन पैसों को बाहर निकालकर गिनना शुरू किया। इस पूरी प्रक्रिया का वीडियो भी सामने आया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में लोग बोरियों से नोट और सिक्के निकालते तथा रकम की गिनती करते दिखाई दे रहे हैं।

कुल 8.40 लाख रुपये निकले

काफी मशक्कत के बाद जब पूरी रकम की गिनती की गई तो कुल 8 लाख 40 हजार रुपये निकले। बताया गया कि नूर के पास यह रकम लंबे समय से जमा थी। इतनी बड़ी राशि सामने आने के बाद स्थानीय लोगों के साथ-साथ उनके रिश्तेदार भी हैरान रह गए।

पैसों के बंटवारे को लेकर हुआ विवाद

महिला की मौत के बाद उसके घर से बड़ी मात्रा में नकदी मिलने की खबर फैलते ही रिश्तेदारों के बीच रकम के बंटवारे को लेकर तनातनी भी हुई। हालांकि बाद में रकम को परिवार के सदस्यों के बीच बांट दिया गया। एक भाई को 6 लाख रुपये मिले, जबकि दूसरे भाई के हिस्से में 2 लाख 40 हजार रुपये आए। बताया गया कि दूसरे भाई ने मिली रकम मस्जिद में दान कर दी।