Bank Holiday Today: आज 25 अगस्त को देश के कई राज्यों में बंद है बैंक! जानिए आपके शहर का हाल

Bank Holiday Today 25 August: आज यानी 25 अगस्त, मंगलवार को अगर आपका बैंक शाखा जाकर कोई वित्तीय काम निपटाने का प्लान है, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की आधिकारिक हॉलीडे लिस्ट के मुताबिक, आज देश के कुछ खास राज्यों और शहरों में मिलाद-ए-शरीफ (मिलाद-उन-नबी) और पहले ओणम के उपलक्ष्य में बैंकों में अवकाश है।

हालांकि, यह छुट्टी पूरे देश में एक साथ लागू नहीं है। आइए जानते हैं कि आज कहां-कहां बैंक बंद हैं और कहां कामकाज सामान्य रूप से चालू है।

आज 25 अगस्त को कहां-कहां बंद रहेंगे बैंक?

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के कैलेंडर के अनुसार, ‘नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट’ के तहत आज इन क्षेत्रों में बैंक बंद रहेंगे:

केरल (कोच्चि और तिरुवनंतपुरम): फर्स्ट ओणम और मिलाद-ए-शरीफ के कारण।

आंध्र प्रदेश (विजयवाड़ा क्षेत्र): मिलाद-उन-नबी के उपलक्ष्य में।

बाकी राज्यों में क्या है स्थिति?

दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र समेत देश के अधिकांश अन्य राज्यों में आज यानी 25 अगस्त को बैंक खुले रहेंगे और सामान्य कामकाज चलेगा।

इन राज्यों में ईद-ए-मिलाद का मुख्य सरकारी अवकाश कल यानी 26 अगस्त (बुधवार) को निर्धारित है, जिसके चलते कल इन क्षेत्रों में बैंक शाखाएं बंद रहेंगी।

इस हफ्ते आगे भी रहेंगी छुट्टियां

चालू हफ्ते में त्योहारों के कारण कई राज्यों में बैंक शाखाएं प्रभावित रहेंगी:

26 अगस्त (बुधवार): ईद-ए-मिलाद / तिरुओणम (उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश आदि में छुट्टी)।

28 अगस्त (शुक्रवार): रक्षाबंधन (गुजरात, राजस्थान, यूपी, एमपी आदि राज्यों में छुट्टी)।

29 अगस्त (शनिवार): महीने का 5वां शनिवार होने के कारण देशभर में बैंक खुले रहेंगे।

डिजिटल सेवाएं रहेंगी पूरी तरह चालू

जिन क्षेत्रों में आज बैंक शाखाएं बंद हैं, वहां भी डिजिटल बैंकिंग सेवाएं निर्बाध रूप से उपलब्ध हैं। आप यूपीआई (UPI), इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल ऐप और एटीएम (ATM) का इस्तेमाल बिना किसी परेशानी के कर सकते हैं।

अगर आप केरल या आंध्र प्रदेश से बाहर किसी राज्य में हैं, तो आज बैंक शाखा जाकर अपना काम आसानी से निपटा सकते हैं। लेकिन अगर आप कल यानी 26 अगस्त को बैंक जाने का मन बना रहे हैं, तो छुट्टियों की लिस्ट जरूर चेक कर लें क्योंकि कल ज्यादातर राज्यों में ईद-ए-मिलाद की छुट्टी रहेगी।

Market cues : टेक्निकल इंडीकेटर दे रहे मिलेजुले संकेत, 24300-24400 की दीवार पार होने पर ही आएगी तेजी

Trade setup for today : ऊपरी स्तरों पर हुई मुनाफा वसूली के कारण निफ्टी क्लोजिंग बेसिस पर 24,300 के लेवल (20-डे EMA) को बनाए रखने में नाकाम रहा और 24 अगस्त को 0.14 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ। ट्रेडर्स 25 अगस्त को होने वाली मंथली F&O एक्सपायरी से पहले सतर्क नजर आए। मोमेंटम इंडिकेटर्स में बेयरिश क्रॉसओवर घबराहट का संकेत है,लेकिन घटता हुआ रेड हिस्टोग्राम बार बेयरिश मोमेंटम के कमजोर होने का संकेत है।

मार्केट एनालिस्ट्स का कहना है कि सोमवार के निचले स्तर के पास स्थित 24,150-24,100 का जोन निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता है। इसके बाद 24,000 पर बड़ा सपोर्ट होगा। ऊपर की तरफ,24,300-24,400 का जोन रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। इस दीवार को पार होने पर 24,500 की ओर बढ़ने का रास्ता खुल सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

निफ्टी 50 (24,219) के लिए अहम लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,161, 24,121 और 24,057

पिवट प्वांइट पर आधारित रेजिस्टेंस :24,290, 24,330 और 24,394

स्पेशल फॉर्मेशन : निफ्टी ने कल एक बेयरिश कैंडल बनाई जिसमें नीचे की तरफ एक साफ लोअर विक दिखी। इससे पता चलता है कि निचले स्तरों पर खरीदारी की दिलचस्पी के बावजूद बिकवाली का दबाव बना रहा। क्लोजिंग बेसिस पर इंडेक्स 20-डे EMA के नीचे रहा,लेकिन डे EMA के ऊपर बना रहा। RSI गिरकर 47.85 पर आ गया और अपनी सिग्नल लाइन के नीचे रहा,जबकि MACD रेफरेंस लाइन के नीचे बना रहा। हालांकि,लाल हिस्टोग्राम बार छोटा हो गया और स्टोकेस्टिक RSI लगातार तीसरे सेशन में भी बुलिश क्रॉसओवर बनाए रहा,जिससे कुल मिलाकर सतर्क रुख के बावजूद अंडरलाइंग मोमेंटम में कुछ सुधार का संकेत मिला।

बैंक निफ्टी (57,526) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,788, 57,937 और 58,176

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,309, 57,160 और 56,921

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 58,137, 58,714

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 57,400, 57,135

स्पेशल फॉर्मेशन : बैंक निफ्टी ने भी निफ्टी की तरह ही कैंडलस्टिक पैटर्न बनाया और अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से थोड़ा नीचे बंद हुआ। इंडेक्स की दो दिन की बढ़त का सिलसिला टूट गया और इसमें 0.41 प्रतिशत की गिरावट आई। हालांकि,यह अपने मीडियम और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से काफी ऊपर बना रहा जो शॉर्ट-टर्म में थोड़ी सावधानी के बावजूद इसके बेहतर स्ट्रक्चर का संकेत है। RSI गिरकर 50.53 पर आ गया और इसमें नेगेटिव क्रॉसओवर देखा गया,जबकि MACD अपनी सिग्नल लाइन के नीचे ही बना रहा। हालांकि,लाल हिस्टोग्राम बार छोटा होता गया और स्टोकेस्टिक RSI लगातार तीसरे सेशन में भी पॉजिटिव क्रॉसओवर बनाए रखने में कामयाब रहा। इससे मिले-जुले संकेत मिलते हैं। शॉर्ट-टर्म मोमेंटम को लेकर सावधानी के संकेत हैं,लेकिन अंदरूनी मजबूती में सुधार के संकेत भी दिख रहे हैं।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

24 अगस्त को विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) नेट खरीदार रहे और उन्होंने 1,181 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने भी लगातार 10वें सेशन में खरीदारी जारी रखी और 2,493 करोड़ रुपये का निवेश किया।

इंडिया VIX

मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाला India VIX सोमवार को 2.95% बढ़कर 11.525 पर पहुंच गया। यह लगातार दूसरे सेशन में भी ऊपर की ओर बढ़ा जो थोड़ी सावधानी बरतने का संकेत है। हालांकि,यह बढ़त तेजड़ियों के लिए अभी चिंता की बात नहीं है,क्योंकि यह इंडेक्स अभी भी अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज और 12 के लेवल से नीचे बना हुआ है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 24 अगस्त को गिरकर 0.83 हो गया,जबकि पिछले सेशन में यह 1.11 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: सेल (SAIL)

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

LIVE: दिल्ली में झमाझम, भारी बारिश का रेड अलर्ट

LIVE: दिल्ली में झमाझम, भारी बारिश का रेड अलर्ट

delhi rain

Latest News Today Live Updates in Hindi : दिल्ली में भारी बारिश से राजधानी के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बन गई। मौसम विभाग ने आज यहां भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया। पल पल की जानकारी। 

-भारी बारिश से राजधानी दिल्ली के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बन गई। मौसम विभाग ने भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया।
-मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी से गैंगटिक वेस्ट बंगाल से मॉनसून का एक सिस्टम बना है। वहीं, उत्तर भारत में कम दबाव का क्षेत्र बनने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर समेत अन्य स्थानें में आंधी के साथ तेज बारिश हुई।

राम रहीम को फिर मिली 21 दिन की पैरोल, 7 साल में 17वीं बार आया जेल से बाहर

राम रहीम को फिर मिली 21 दिन की पैरोल, 7 साल में 17वीं बार आया जेल से बाहर

parole to gurmit ram rahim

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को एक बार फिर 21 दिन की पैरोल मिल गई है। यौन शोषण के मामले में रोहतक की सुनारिया जेल में 20 साल की सजा काट रहे राम रहीम को 17वीं बार पैरोल पर रिहा किया गया है। वह जेल से बाहर निकलकर सीधे सिरसा जाएगा। ALSO READ: बलात्कारी बाबा, बार-बार पैरोल, क्या भारत में कानून सिर्फ आम लोगों के लिए है?

 

2 साध्वियों से दुष्कर्म मामले में 20 साल की सजा

गुरमीत राम रहीम को 25 अगस्त 2017 को पंचकूला स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने 2 साध्वियों से दुष्कर्म के मामले में दोषी करार दिया था। इसके तीन दिन बाद 28 अगस्त 2017 को अदालत ने दोनों मामलों में 10-10 साल की सजा सुनाई थी। इस तरह उसे कुल 20 साल की कारावास की सजा मिली। राम रहीम इसके अलावा एक पूर्व डेरा प्रबंधक और एक पत्रकार की हत्या के मामलों में भी दोषी ठहराया गया था। हालांकि बाद में उच्च न्यायालय ने इन दोनों मामलों में उसे बरी कर दिया।
 

पैरोल मिलने की अनिवार्य शर्तें

पैरोल मिलने की सबसे बड़ी शर्त जेल के अंदर कैदी का आचरण है। यह भी देखा जाता है कि क्या उसने जेल के नियमों का पालन किया? राम रहीम को अक्सर उसके अच्छे व्यवहार के आधार पर ही पैरोल की रिपोर्ट मिलती है। आमतौर पर पैरोल तभी मिलती है जब कैदी अपनी सजा का एक निश्चित हिस्सा (जैसे 1 या 3 साल) काट चुका हो। स्थानीय पुलिस और प्रशासन से रिपोर्ट ली जाती है कि क्या उस कैदी के बाहर आने से इलाके में 'लॉ एंड ऑर्डर' (कानून-व्यवस्था) बिगड़ने का खतरा तो नहीं है। कैदी को भारी सुरक्षा राशि (Bail Bond) जमा करनी पड़ती है और दो 'जमानतदारों' की गारंटी देनी होती है कि वह समय पर वापस आएगा। 

 

गुरमीत राम रहीम को बार-बार पैरोल मिलने को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। विपक्षी दलों और कई सामाजिक संगठनों ने पहले भी इस पर आपत्ति जताई है। वहीं, प्रशासन का कहना है कि पैरोल नियमों के तहत दी जाती है। 

 

कब कब जेल से बाहर आया राम रहीम?

2020 (अक्टूबर) : 1 दिन

2021 (मई) : 1 दिन

2022 (फरवरी) : 21 दिन

2022 (जून) : 30 दिन

2022 (अक्टूबर) : 40 दिन

2023 (जनवरी) : 40 दिन

2023 (जुलाई) : 30 दिन

2023 (नवंबर) : 21 दिन

2024 (जनवरी) : 50 दिन

2024 (अगस्त) : 21 दिन

2024 (अक्टूबर) : 20 दिन

2025 (जनवरी) : 21 दिन

2025 (मई) : 20 दिन

2025 (सितंबर) : 21 दिन

2026 (फरवरी) : 20 दिन

2026 (मई) : 30 दिन

2026 (अगस्त) : 21 दिन

जर्मनी: बुजुर्गों और बीमारियों पर बढ़ते खर्च का बोझ कौन उठाए

जर्मनी: बुजुर्गों और बीमारियों पर बढ़ते खर्च का बोझ कौन उठाए

Germany healthcare spending

निखिल रंजन

जर्मनी में बुजुर्गों और बीमारियों पर होने वाला खर्च बीते साल सामाजिक खर्च के कुल खर्च का करीब 70 फीसदी तक पहुंच गया। इसकी वजह से देश का सोशल बजट रिकॉर्ड ऊंचाई पर चला गया है। ALSO READ: क्या सूखे की मार से जर्मनी में महंगा होगा भोजन?

 

आईएफओ इंस्टीट्यूट के एक नए विश्लेषण से यह बात पता चली है। इस विश्लेषण की रिपोर्ट सोमवार, 24 अगस्त को प्रकाशित हुई। इस रिपोर्ट के मुताबिक 1992 के बाद से अब तक हुइ खर्चों में बढ़ोतरी का करीब 80 फीसदी हिस्सा बुजुर्गों और बीमारियों पर होने वाला खर्च है।

 

रिपोर्ट के मुताबिक इस जनसंख्या की संरचना में हो रहे बदलाव प्रवृत्ति के पीछे प्रमुख कारण है। इनकी वजह से कल्याणकारी राज्य में एक पीढ़ी का खर्च दूसरी पीढ़ी तक बहुत ज्यादा पहुंच रहा है।

 

जीडीपी से ज्यादा तेज गति से बढ़ रहा है सोशल बजट

आईएफओ की रिसर्चर एमिली होएसलिंगर का कहना है, “देश का सोशल बजट जीडीपी की तुलना में ज्यादा तेजी से बढ़ रहा है। इस वजह से कमजोर अर्थव्यवस्था भी सोशल बजट की हिस्सेदारी बढ़ाने में योगदान दे रही है।”

 

विश्लेषण के बाद जारी रिपोर्ट के मुताबिक 2019 और 2025 के बीच सामाजिक खर्च में 11.5 फीसदी या 104 अरब की बढ़ोत्तरी हुई। यह आंकड़ा कीमतों के असर को शामिल करने के बाद हासिल हुआ है। इसी अवधि में सोशल बजट की हिस्सेदारी 29.6 फीसदी से बढ़ कर 32 हो गई, जो रिकॉर्ड है।

 

खर्च में बढ़ोतरी की मुख्य वजह उन बुजुर्गों की बीमारी और देखभाल पर बढ़ता खर्च है, जिनके पास स्वास्थ्य बीमा है। इसके अलावा, संघीय पेंशन व्यवस्था के लिए किए जा रहे भुगतान भी इस वृद्धि का एक प्रमुख कारण हैं। ALSO READ: शरीर के हर अंग को प्रभावित करता है जंगल की आग का धुआं

 

जर्मनी में क्या है सोशल बजट

जर्मनी में सोशल बजट का मतलब वह धनराशि जो समाज के अलग अलग वर्गों को सहायता के रूप में दी जाती है। इसमें बुजुर्गों को पेंशन से लेकर, स्वास्थ्य बीमा, दीर्घकालिक देखभाल, बेरोजगारी भत्ता, परिवार सहायता, आवास सहायता जैसे खर्चे शामिल हैं। इनके अलावा भी कुछ और खर्चे हैं जो इस धन से किए जाते हैं, मसलन सामाजिक सुरक्षा योजनाएं।

 

जर्मनी के श्रम और सामाजिक मंत्रालय के मुताबिक 2024 में इस सामाजिक बजट पर कुल 1.345 खरब यूरो खर्च किए गए। यह रकम देश की कुल जीडीपी की करीब 31.2 फीसदी है। हर गुजरते साल के साथ यह रकम बढ़ती जा रही है जबकि उस गति से जीडीपी नहीं बढ़ रही। हालत यह है कि कई सालों से इस बजट के लिए अतिरिक्त धन की व्यवस्था दूसरे स्रोतों से करनी पड़ रही है। ALSO READ: जलवायु परिवर्तन से बचने के लिए जर्मन शहर ने उठाए कदम

 

किन लोगों तक पहुंचता है सोशल बजट का फायदा

सोशल बजट से बुजुर्गों को पेंशन और सहायता मिलती है। बीमारी, शारीरिक अक्षमता या किसी और वजह से अपना काम कर पाने में असमर्थ लोग भी लंबी समय की देखभाल या फिर दूसरी जरूरतों के लिए इसी बजट से सहायता पाते हैं।

 

नौकरी छूट जाने या फिर दोबारा रोजगार नहीं मिलने की स्थिति में भी सरकार लोगों की इस बजट से सहायता करती है। जर्मनी में परिवार और बच्चे पालने वाले लोगों को भी कुछ सहायता दी जाती है, इसके लिए भी धन इसी बजट से आता है।

 

जिन लोगों की आमदनी कम होती है और वो अपना खर्च उठा पाने में सक्षम नहीं होते उनके लिए आवास या फिर इसी तरह की सामाजिक सहायता या फिर सब्सिडी इस बजट के जरिए दी जाती है। ALSO READ: इसराइली मंत्री के “टारगेट किलिंग” वाले बयान पर उबाल

 

आबादी में बदलाव का असर

जर्मनी दुनिया के उन देशों में है जहां आबादी में वृद्धि बहुत धीमी है या फिर नहीं हो रही है। इसकी वजह से जनसंख्या में बुजुर्गों की हिस्सेदारी बढ़ती जा रही है और युवा कम हो रहे हैं। बुजुर्ग होने के साथ लोगों की काम करने की क्षमता घटती जाती है। काम कम करने या फिर बंद कर देने के बाद उनके लिए पेंशन और दूसरे खर्चों का इंतजाम सामाजिक बजट के जिम्मे आ जाता है।

 

बच्चे कम पैदा होने की वजह से युवाओं की संख्या कम है ऐसे में इन सब बढ़े खर्चों का बोझ उठाना पड़ता है। यह स्थिति हर गुजरते साल के साथ बिगड़ती जा रही है।

 

जर्मनी में बीते कई वर्षों से आबादी लगभग स्थिर है। आप्रवासन के जरिए आबादी को घटने से रोकने में कुछ मदद मिली है लेकिन अगर यही हाल रहा तो यह उपाय भी कारगर नहीं रहेगा।

Top five CNG cars under Rs 10 lakh

Top five CNG cars under Rs 10 lakh
Best CNG SUVs under Rs 10 lakh

CNG cars are no longer considered budget options like before. Today, they are offered across multiple body styles and price points and even with automatic gearboxes. Moreover, with manufacturers now offering good features across the line-up, along with dual-tank or underbody CNG tank setups that free up boot space, these cars now don’t feel like a compromise made for lower running costs. Here, we have listed the best CNG cars under Rs 10 lakh that you can buy.

1. Maruti Suzuki Dzire CNG 

Price: Rs 8.11 lakh-Rs 9.11 lakh 

The Maruti Dzire is powered by a 1.2-litre 3-cylinder engine that produces 70hp and 102Nm of torque in the CNG spec. While performance is adequate for everyday driving, the Dzire really impresses with its great ride quality and tidy handling manners. The cabin is spacious, and with CNG available on the mid-spec VXi and ZXi trims, most features are covered, too. The Dzire gets a single large CNG tank in the boot but still offers some usable space.   

2. Maruti Suzuki Baleno CNG

Price: Rs 7.77 lakh-Rs 8.67 lakh

The Maruti Baleno uses a 1.2-litre 4-cylinder engine that develops 78hp and 98Nm of torque in the CNG spec. It’s a smooth, refined and efficient CNG powertrain. Like on the Dzire, CNG is available on the mid-spec Delta and Zeta trims that come reasonably well equipped. This car, too, has a very spacious cabin, although its boot space is compromised by a single large CNG tank. One can also consider its Toyota twin, the Glanza, which, too, is available with CNG on the equivalent mid-spec S and G trims. 

3. Hyundai Exter CNG

Price: Rs 6.99 lakh-Rs 9.42 lakh 

The Hyundai Exter has a 1.2-litre 4-cylinder engine that produces 69hp and 95Nm of peak torque. It has a wide spread of CNG variants, with top trims being particularly well equipped. The Exter also gets twin CNG tanks that don’t take up too much boot space, and its smooth engine and compact dimensions make it very user-friendly. However, interior space isn’t as good as some other cars here.

4. Tata Punch CNG

Price: Rs 6.80 lakh-Rs 10.67 lakh 

The Tata Punch uses a 1.2-litre 3-cylinder engine that produces 73hp and 103Nm of torque in CNG mode. The Punch CNG is the only one on this list to offer an AMT gearbox. It’s also the best-equipped CNG model here, with a wide spread of variants, but the top ones are quite expensive. Performance is just about adequate, but ride and handling are good, and twin CNG tanks leave usable boot space. 

5. Nissan Gravite CNG

Price: Rs 6.59 lakh-Rs 8.94 lakh 

The Nissan Gravite is powered by a 1.0-litre 3-cylinder engine. However, since the CNG kit on the Gravite is a dealer-level fitment and has not been homologated, specific power and torque figures aren’t available. The Gravite’s real USP is its excellent packaging and flexible 7-seat configuration. As the CNG kit comes as a dealer fitment, it can be had on all trims. The Gravite is, however, not as well equipped as some other models here; the performance is quite dull, and the twin CNG tanks in the boot leave no usable space.

Top News 25 August: 5 शहरों में 35 रुपये किलो प्याज, दिल्ली-NCR में बारिश; ट्रंप को सुप्रीम कोर्ट से राहत

Top News 25 August: 5 शहरों में 35 रुपये किलो प्याज, दिल्ली-NCR में बारिश; ट्रंप को सुप्रीम कोर्ट से राहत

top news 25 august : onion price, delhi rain and donald trump

Top News 25 August : देशभर में प्याज के बढ़ते दामों पर सख्त हुई सरकार। कांदा एक्सप्रेस से बढ़ाई सप्लाई। दिल्ली एनसीआर में लगातार दूसरे दिन भी झमाझम बारिश हो रही है। डाक मतपत्र पर ट्रंप को सुप्रीम कोर्ट से राहत। गालिबाफ ने अमेरिका पर MOU की शर्तों को बार बार तोड़ने का आरोप लगाया। गृहमंत्री अमित शाह का घुसपैठ पर जीरो टॉलरेंस का आरोप। पल पल की जानकारी…
 

5 शहरों में 35 रुपए किलो 'प्याज' 

देश में प्याज की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। इस बीच सरकार ने महाराष्ट्र के नासिक से प्रमुख खपत वाले शहरों तक प्याज पहुंचाने के लिए समर्पित रेलवे रेक यानी ‘कांदा एक्सप्रेस’ की सप्लाई बढ़ा दी है। NCCF और NAFED के माध्यम से चेन्नई, मदुरै, दिल्ली, एर्नाकुलम और गुवाहाटी के खुदरा बाजारों में प्याज 35 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से उपलब्ध कराया जाएगा। ALSO READ: Onion Price Hike : प्याज महंगा होते ही सरकार का बड़ा एक्शन, इन 5 शहरों में 35 रुपए किलो मिलेगा

 

दिल्ली-एनसीआर में झमाझम बारिश

दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में मंगलवार को भी झमाझम बारिश हो रही है। बारिश की वजह से लोगों को गर्मी से राहत मिली। हालांकि, कुछ क्षेत्रों में जलभराव और यातायात जाम की स्थिति भी देखने को मिली। मौसम विभाग के अनुसार, आज राष्‍ट्रीय राजधानी में मानसून ट्रफ का असर बना रहेगा। यहां भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। ALSO READ: Weather Forecast: 25 अगस्त को कौनसे राज्यों में होगी बारिश, IMD ने किन राज्यों के लिए जारी की चेतावनी

 

डाक मतपत्र पर ट्रंप को सुप्रीम कोर्ट से राहत

सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के डाक मतपत्र से मतदान को प्रतिबंधित करने वाले कार्यकारी आदेश को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ कर दिया। । ट्रंप लंबे समय से डाक मतपत्र मतदान को धोखाधड़ी का जरिया बताते रहे हैं। ट्रंप के कार्यकारी आदेश पर मार्च में हस्ताक्षर किए गए थे। यह उनके प्रशासन से योग्य मतदाताओं की सूची बनाने और अमेरिकी डाक विभाग को केवल उन सूचियों में शामिल लोगों को डाक मतपत्र वितरित करने का आदेश देता है।

 

ईरान का अमेरिका पर बड़ा आरोप

ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने सोमवार को पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर से मुलाकात की। इस दौरान गालिबाफ ने अमेरिका की आलोचना करते हु्ए कहा कि अमेरिका ने जून में हुए 14 बिंदुओं वाले एमओयू की शर्तों को बार-बार तोड़ा है। यह समझौता पश्चिम एशिया में जंग खत्म करने और तकनीकी बातचीत के लिए रास्ता बनाने के लिए हुआ था।

 

शाह का घुसपैठ पर जीरो टॉलरेंस का आदेश

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 9वें राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन 2026 का उद्घाटन किया। इस दौरान अमित शाह ने सुरक्षा एजेंसियों को घुसपैठ और अवैध आव्रजन के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने का निर्देश दिया। उन्होंने आतंकवाद से निपटने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI के अधिक इस्तेमाल पर भी जोर दिया। सम्मेलन में देशभर से करीब 850 अधिकारी शामिल हुए। 

Gold Price Today: विदेश में 3 महीने के हाई के करीब पहुंचा सोना, जैक्सन होल से पहले फेड के कदम पर बाजार की नजर

Gold Price Today: इंटरनेशनल मार्केट में सोने की कीमतें 3 महीने के उच्चतम स्तर के करीब ट्रेड कर रहा है। ट्रेडर्स बॉन्ड मार्केट में US ट्रेजरी के आने वाले कदमों का आकलन कर रहे हैं। यह आकलन एक अप्रत्याशित दखल के बाद हो रहा है जिसने फिस्कल पॉलिसी (राजकोषीय नीति) को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ा दी हैं।

COMEX गोल्ड में 1% यानी 46.90 की बड़ी बढ़त हुई और यह पिछले क्लोज 4,710.10 से बढ़कर 4,744.70 पर पहुंच गया। दूसरी ओर, COMEX सिल्वर 1.26% या 0.861 बढ़कर 69.455 पर पहुंच गई, जबकि पिछला क्लोज 68.96 था।

ट्रेजरी द्वारा लॉन्ग-टर्म सरकारी कर्ज की बायबैक (वापसी खरीद) बढ़ाने के बाद लगातार चार सेशन में 7% से अधिक की बढ़त के साथ बुलियन की कीमत $4,680 प्रति औंस के करीब पहुंच गई है।

इस अप्रत्याशित कदम ने कर्ज लेने की बढ़ती लागत को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं और डॉलर पर दबाव डाला है। जिससे सोना (जिसकी कीमत डॉलर में तय होती है) कई खरीदारों के लिए सस्ता हो गया है।

ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने महंगे कर्ज की बायबैक को और बढ़ाने की अपनी तैयारी का संकेत दिया है, हालांकि सोमवार को उन्होंने कोई अतिरिक्त संकेत नहीं दिया।

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, इन्वेस्टर्स को उम्मीद है कि केविन वॉर्श शुक्रवार को सालाना जैक्सन होल कॉन्फ्रेंस में सेंट्रल बैंक के चेयरमैन के तौर पर लगातार बनी हुई महंगाई पर फेडरल रिजर्व को कैसे प्रतिक्रिया देनी चाहिए, इस पर अपना नजरिया स्पष्ट करेंगे।

US कर्ज की लागत को मैनेज करने के हालिया कदमों ने महंगाई और डॉलर की कमजोरी को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ा दी हैं। इससे उस ‘डीबेसमेंट नैरेटिव’ (मुद्रा के मूल्य में गिरावट की धारणा) की वापसी का संकेत मिलता है, जिसने 2025 में सोने की जबरदस्त तेजी में योगदान दिया था।

सोने की इस उल्लेखनीय रिकवरी ने धातु को महत्वपूर्ण 200-दिन के मूविंग एवरेज से ऊपर पहुंचा दिया है, जिसे अक्सर तेजी का संकेत (बुलिश टेक्निकल इंडिकेटर) माना जाता है।

बढ़ते ग्लोबल ट्रेड टेंशन (व्यापारिक तनाव) से इस धातु की ‘सेफ-हेवन’ (सुरक्षित निवेश) वाली खासियत को भी चुनौती मिल रही है। US ने ईरान को अलग-थलग करने की रणनीति के तहत उसके साथ व्यापार करने वाले किसी भी देश के खिलाफ आर्थिक कार्रवाई की धमकी दी है। इसके अलावा, पिछले हफ्ते बातचीत विफल होने के बाद दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था कनाडा के साथ व्यापारिक संघर्ष की ओर बढ़ रही है।

 

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Price Today: चारों महानगरों में सबसे महंगा गोल्ड दिल्ली में, चेक करें 10 शहरों में 24 से 18 कैरट सोना कहां सबसे सस्ता

Gold Rate Today in India: कमजोर अमेरिकी डॉलर और ग्लोबल बाजार में तेजी के चलते गोल्ड की चमक आज लगातार दूसरे दिन मजबूत हुई है तो इंडस्ट्रियल डिमांड में नरमी से चांदी पर दबाव दिखा। गोल्ड की बात करें तो एक दिन की स्थिरता के बाद लगातार दो दिनों में 10 ग्राम 24 कैरट वाला गोल्ड ₹890 और 22 कैरट वाला ₹810 महंगा हुआ है। 23 अगस्त की स्थिरता से पहले लगातार तीन दिनों में 10 ग्राम 24 कैरट की शुद्धता वाला गोल्ड ₹8120 और 22 कैरट वाला ₹7450 महंगा हुआ है। अब आज की बात करें तो राजधानी दिल्ली में आज 24 कैरट और 22 कैरट वाला 10 ग्राम गोल्ड ₹10 मजबूत हुआ है। चांदी की बात करें तो आज इसकी चमक फीकी हुई है। लगातार तीन दिनों की स्थिरता के बाद आज इसके भाव नीचे आए हैं। एक किलो चांदी आज ₹100 सस्ती हुई है।

सिटीवाइज गोल्ड के भाव

देश के 10 बड़े शहरों में 18 कैरट, 22 कैरट और 24 कैरट शुद्धता वाले 10 ग्राम सोने की कीमत क्या है, आइए जानते हैं…

शहर 24 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव 22 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव 18 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव
दिल्ली₹1,64,130₹1,50,460₹1,23,090
मुंबई₹1,63,980 ं₹1,50,310₹1,22,940
कोलकाता₹1,63,980₹1,50,310₹1,22,940
चेन्नई₹1,63,980₹1,50,310₹1,28,010
बेंगलुरू₹1,63,980₹1,50,310₹1,22,940
हैदराबाद₹1,63,980₹1,50,310₹1,22,940
लखनऊ₹1,64,130₹1,50,460₹1,23,090
पटना₹1,64,030₹1,50,360₹1,22,990
जयपुर₹1,64,130₹1,50,460₹1,23,090
अहमदाबाद₹1,64,030₹1,50,360₹1,22,990

तीन दिनों की स्थिरता के बाद फिसली चांदी

चांदी की बात करें तो लगातार तीन दिनों की स्थिरता के बाद आज इसके भाव कम हुए हैं। इन तीन दिनों की स्थिरता से पहले लगातार दो दिनों में एक किलो चांदी ₹10,500 ऊपर चढ़ी थी तो उससे भी एक दिन पहले 19 अगस्त को एक किलो चांदी ₹5000 नीचे आई थी। अब आज की बात करें तो दिल्ली में एक किलो चांदी ₹100 सस्ती होकर ₹2,59,900 के भाव में बिक रही है। बाकी अहम महानगरों की बात करें तो मुंबई और कोलकाता में भी यह इसी भाव पर बिक रही है। हालांकि चेन्नई में एक किलो चांदी का भाव ₹2,75,100 है यानी कि चारों बड़े महानगरों में सबसे महंगी चांदी चेन्नई में बिक रही है।

क्या कहना है एक्सपर्ट का

लेमन मार्केट्स डेस्क के रिसर्च हेड गौरव गर्ग का कहना है कि कमजोर अमेरिकी डॉलर और सुरक्षित निवेश की मांग के चलते घरेलू बाजार में सोना तेजी से ऊपर चढ़ा। अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने से निवेशकों का रुझान सुरक्षित एसेट्स की तरफ बढ़ा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमत बढ़ी है। स्पॉट गोल्ड $42.45 यानी करीब 1% बढ़कर प्रति औंस $4,646.54 पर पहुंच गया। वहीं चांदी प्रति औंस करीब $69 पर स्थिर रही।

एनालिस्ट्स के मुताबिक अब गोल्ड की चाल सिर्फ जियो-पॉलिटिकल टेंशन से नहीं तय होगी बल्कि महंगाई और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के रुख पर भी बाजार की नजर रहेगी। कोटक सिक्योरिटीज में कमोडिटी रिसर्च की एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट (AVP) कायनात चेनवाला का कहना है कि पश्चिमी एशिया में तनाव के कारण अगर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो फेडरल रिजर्व के सामने महंगाई को लेकर चुनौती बढ़ सकती है। मार्केट की नजर इस बात पर रहेगी कि फेड इस बढ़ोतरी को अस्थायी मानता है या इससे महंगाई का बड़ा रिस्क पैदा होता है।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

‘ईरान ने मेरे बेटे की हत्या की कोशिश की…’; नेतन्याहू का सनसनीखेज दावा, बोले- सुरक्षा हटती तो हमलावर सफल हो जाते

Benjamin Netanyahu: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान को लेकर एक बेहद ही सनसनीखेज दावा किया है। नेतन्याहू ने कहा है कि ईरान ने उनके एक बेटे की हत्या की साजिश रची थी। उन्होंने कहा कि उसे निशाना बनाकर हत्या की कोशिश की गई। प्रधानमंत्री के इस बयान के बाद इजरायल की राजनीति और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हो गई है। नेतन्याहू ने सोमवार (24 अगस्त) को एक इंटरव्यू में कहा, “ईरान ने मेरे परिवार को निशाना बनाया।” उन्होंने यह बात इजरायली चैनल 14 को फोन पर दिए इंटरव्यू में कही।

इजरायली टेलीविजन चैनल चैनल 14 को दिए एक इंटरव्यू में नेतन्याहू ने कहा कि ईरान ने उनके एक बेटे को निशाना बनाया था। उन्होंने दावा किया कि यह केवल धमकी नहीं थी। बल्कि उनके बेटे की हत्या करने की कोशिश की गई थी। नेतन्याहू ने इंटरव्यू में कहा, “ईरान ने मेरे एक बेटे को निशाना बनाया। ईरान ने मेरे एक बेटे की हत्या करने की कोशिश की। उसने उसकी हत्या की साजिश रची और उसे मारने की कोशिश की।”

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी किया बड़ा दावा

नेतन्याहू से पूछा गया कि क्या उनके बेटे को निशाना बनाने की जानकारी किसी खुफिया सूचना के लीक होने के कारण सामने आई थी। इसके जवाब में उन्होंने दोबारा स्पष्ट तौर पर कहा कि ईरान ने उनके एक बेटे की हत्या की कोशिश की थी। इसके बाद नेतन्याहू ने अपने परिवार को दी जा रही कड़ी सुरक्षा व्यवस्था का बचाव किया।

उन्होंने कहा कि उनके परिवार की सुरक्षा किसी दिखावे या विशेष सुविधा के लिए नहीं है, बल्कि वास्तविक खतरे को देखते हुए जरूरी है। नेतन्याहू ने कहा कि अगर यह सुरक्षा व्यवस्था नहीं होती, तो उनके बेटे को निशाना बनाने वाले लोग अपने मकसद में सफल हो सकते थे। उनके मुताबिक, परिवार के सदस्यों को सुरक्षा देना मौजूदा परिस्थितियों में एक आवश्यक कदम है।

किस बेटे को बनाया गया निशाना?

नेतन्याहू ने अपने बयान में यह स्पष्ट नहीं किया कि कथित हत्या की कोशिश में उनके किस बेटे को निशाना बनाया गया था। उनके दो बेटे याइर नेतन्याहू और अवनेर नेतन्याहू हैं। इसलिए यह अभी स्पष्ट नहीं है कि कथित ईरानी साजिश का निशाना याइर थे या अवनेर। नेतन्याहू ने इंटरव्यू के दौरान इस बारे में कोई अतिरिक्त जानकारी शेयर नहीं की।

परिवार की सुरक्षा पहले ही बढ़ाई जा चुकी है

नेतन्याहू का यह दावा ऐसे समय में सामने आया है जब उनके परिवार की सुरक्षा को लेकर पहले ही अतिरिक्त कदम उठाए जा चुके हैं। जुलाई में शिन बेट मामलों से संबंधित मंत्रीस्तरीय समिति ने नेतन्याहू की पत्नी सारा नेतन्याहू और उनके दोनों बेटों याइर तथा अवनेर के लिए व्यक्तिगत सुरक्षा बढ़ाने को मंजूरी दी थी। यह फैसला प्रधानमंत्री के परिवार को लेकर बढ़ती सुरक्षा चिंताओं के बीच लिया गया था। हालांकि, उस समय सुरक्षा बढ़ाने के पीछे कथित तौर पर किस विशेष खतरे का आकलन किया गया था, इसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई थी।

लंबे समय से सुरक्षा मामलों पर गोपनीयता

नेतन्याहू का ताजा बयान ऐसे समय आया है जब सुरक्षा से जुड़े कई मामलों को लेकर लंबे समय से सख्त गोपनीयता और प्रतिबंध लागू रहे हैं। इजरायल में प्रधानमंत्री और उनके परिवार की सुरक्षा से संबंधित खुफिया जानकारी को आम तौर पर सार्वजनिक नहीं किया जाता। ऐसे में नेतन्याहू द्वारा खुद अपने एक बेटे को ईरान की कथित हत्या की कोशिश का निशाना बताए जाने को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

ये भी पढ़ें- Tukaram Mundhe: मुंबई में ‘एक रेड रोज’ से बदल रहे हैं खाने के नियम! महाराष्ट्र के FDA चीफ तुकाराम मुंढे का एक्शन वायरल

हालांकि, उनके बयान में कथित हमले की तारीख, स्थान, हमले के तरीके या उसे विफल करने वाली सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई के बारे में कोई डिटेल्स जानकारी नहीं दी गई। नेतन्याहू के इस दावे से एक बार फिर यह सवाल उठ खड़ा हुआ है कि इजरायल और ईरान के बीच जारी गंभीर तनाव अब प्रधानमंत्री के परिवार तक कितनी दूर पहुंच चुका है। हालांकि, कथित हत्या की कोशिश से जुड़े विस्तृत तथ्य और खुफिया जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।