Kia Sorento : भारत में लॉन्च हुई नई प्रीमियम SUV, कीमत ₹27.99 लाख से शुरू; हाइब्रिड और डीजल इंजन के साथ मिलेगी AWD की सुविधा

Kia Sorento : भारत में लॉन्च हुई नई प्रीमियम SUV, कीमत ₹27.99 लाख से शुरू; हाइब्रिड और डीजल इंजन के साथ मिलेगी AWD की सुविधा

kia santro

किआ ने भारतीय बाजार में अपनी प्रीमियम SUV Kia Sorento को लॉन्च कर दिया है। इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत ₹27.99 लाख रखी गई है। कंपनी इस SUV को आंध्र प्रदेश के अनंतपुर स्थित अपने मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में स्थानीय स्तर पर असेंबल कर रही है। Kia Sorento को भारत में 6-सीटर और 7-सीटर दोनों कॉन्फिगरेशन में पेश किया गया है।

 

हाइब्रिड और डीजल इंजन का विकल्प

Kia Sorento में भारतीय ग्राहकों को दो पावरट्रेन विकल्प मिलेंगे। इसमें पहला 1.6-लीटर टर्बो पेट्रोल स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड इंजन है, जबकि दूसरा 2.2-लीटर डीजल इंजन है। दोनों इंजन विकल्पों के साथ ग्राहक फ्रंट-व्हील ड्राइव (FWD) और ऑल-व्हील ड्राइव (AWD) का विकल्प चुन सकते हैं।

 

हाइब्रिड सेटअप में पेट्रोल इंजन 180 bhp की पावर और 265 Nm का टॉर्क जनरेट करता है। इसके साथ इलेक्ट्रिक मोटर 65 bhp और 264 Nm का टॉर्क देती है। यह सिस्टम 6-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स से जुड़ा है। वहीं, 2.2-लीटर डीजल इंजन 193 bhp की पावर और 442 Nm का टॉर्क देता है। इसे 8-स्पीड डुअल-क्लच ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन के साथ जोड़ा गया है।

 

दमदार और प्रीमियम डिजाइन

 

Kia Sorento को कंपनी की लेटेस्ट डिजाइन लैंग्वेज के अनुसार तैयार किया गया है। इसके फ्रंट में Kia की पहचान वाली बड़ी Tiger Nose ग्रिल दी गई है। ग्रिल पर क्रोम सराउंड और हनीकॉम्ब पैटर्न मिलता है। SUV में वर्टिकली अरेंज्ड LED हेडलैंप दिए गए हैं, जिनके साथ Y-शेप LED DRLs मिलते हैं। फ्रंट बंपर में बड़े एयर इनटेक, LED फॉग लैंप और सिल्वर फिनिश वाला स्किड-प्लेट जैसा एलिमेंट दिया गया है।

 

साइड प्रोफाइल में SUV को लंबा और सीधा सिल्हूट दिया गया है। इसमें 19-इंच डुअल-टोन अलॉय व्हील्स, व्हील आर्च पर ब्लैक क्लैडिंग, रूफ रेल्स और क्रोम विंडो सराउंड मिलते हैं।

 

पीछे की तरफ L-शेप LED टेल-लैंप दिए गए हैं, जो SUV के साइड हिस्से तक फैले हुए हैं। टेलगेट के बीच में Kia की ब्रांडिंग है, जबकि नीचे डुअल एग्जॉस्ट आउटलेट और सिल्वर फिनिश वाला स्किड-प्लेट एलिमेंट दिया गया है।

 

इंटीरियर में मिलेंगी प्रीमियम सुविधाएं

 

Sorento के केबिन को ग्रे-ब्लैक और बेज-ब्लैक कलर थीम में पेश किया गया है। डैशबोर्ड पर दो बड़े 12.3-इंच डिस्प्ले दिए गए हैं। इनमें से एक डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर और दूसरा इंफोटेनमेंट सिस्टम के लिए है। किआ ने इंटरफेस को पर्सनलाइज करने के लिए Marvel, Disney और Pixar आधारित 9 डिस्प्ले थीम भी दिए हैं।

 

क्लाइमेट कंट्रोल के लिए अलग 5-इंच स्क्रीन नहीं दी गई है। इसके बजाय इंफोटेनमेंट स्क्रीन के नीचे टच-सेंसिटिव पैनल दिया गया है, जिसमें रोटरी कंट्रोल और क्लाइमेट व मीडिया के बीच स्विच करने की सुविधा मिलती है।

 

6 और 7 सीट का विकल्प

 

Kia Sorento को ग्राहक अपनी जरूरत के हिसाब से 6 या 7 सीट के साथ चुन सकेंगे। 6-सीटर मॉडल में दूसरी रो में कैप्टन सीट्स दी गई हैं, जबकि 7-सीटर वर्जन में बेंच सीट मिलती है। फ्रंट सीटों में 10-वे पावर एडजस्टमेंट, वेंटिलेशन और लंबर सपोर्ट दिया गया है। को-ड्राइवर सीट में 'बॉस मोड' मिलता है, जिससे पीछे बैठे यात्रियों के लिए ज्यादा लेगरूम बनाया जा सकता है। दूसरी रो की सीटों को इलेक्ट्रिकली फोल्ड किया जा सकता है। 6-सीटर मॉडल में दूसरी रो की कैप्टन सीटों के लिए वेंटिलेशन की सुविधा भी मिलती है।

 

फीचर्स की लंबी लिस्ट

 

Kia Sorento में कई प्रीमियम फीचर्स दिए गए हैं। इनमें:

 

  • 12-स्पीकर Bose ऑडियो सिस्टम
  • पैनोरमिक सनरूफ
  • हेड-अप डिस्प्ले
  • पावर्ड टेलगेट
  • वायरलेस स्मार्टफोन चार्जिंग
  • डिजिटल इनसाइड रियर-व्यू मिरर
  • फ्रंट और रियर डैशकैम
  • ऑटोमेटेड पार्किंग असिस्टेंस
  • Level 2+ ADAS

 

शामिल हैं।

 

कंपनी ने Sorento में रियल-टाइम जनरेटिव AI फंक्शन भी पेश किया है। Kia का दावा है कि यह फीचर वैश्विक स्तर पर इस मॉडल में पहली बार दिया गया है।

 

चार ड्राइविंग मोड और AWD के लिए Terrain Mode

 

SUV में Normal, Eco, Sport और Smart चार ड्राइविंग मोड दिए गए हैं। AWD वेरिएंट में Snow, Sand और Mud जैसे अतिरिक्त टेरेन मोड भी मिलते हैं।

 

सेफ्टी के लिहाज से Sorento में 10 एयरबैग, डिजिटल इनसाइड रियर-व्यू मिरर, ऑटोमेटेड पार्किंग असिस्टेंस, फ्रंट-रियर डैशकैम और Level 2+ ADAS जैसे फीचर्स दिए गए हैं।

 

Kia Sorento: एक नजर में

 

शुरुआती कीमत: ₹27.99 लाख (एक्स-शोरूम)

  • सीटिंग: 6-सीटर/7-सीटर
  • इंजन: 1.6-लीटर टर्बो पेट्रोल स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड और 2.2-लीटर डीजल
  • ड्राइव: FWD/AWD
  • हाइब्रिड पावर: 180 bhp + इलेक्ट्रिक मोटर
  • डीजल पावर: 193 bhp
  • हाइब्रिड गियरबॉक्स: 6-स्पीड ऑटोमैटिक
  • डीजल गियरबॉक्स: 8-स्पीड DCT
  • सेफ्टी: 10 एयरबैग और Level 2+ ADAS

अमेरिकी राजदूत बोले- भारत-अमेरिका रिश्तों से दूसरे देश जलते हैं:PM मोदी उन नेताओं में सबसे ऊपर, जिनसे ट्रम्प मिलना चाहते हैं

भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच मजबूत होते रिश्तों से कई दूसरे देश ‘जलते’ हैं। गोर ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प प्रधानमंत्री मोदी को अपना दोस्त मानते हैं और दिसंबर में होने वाले G20 समिट के दौरान जिन नेताओं से वह मिलना चाहते हैं, उनमें मोदी का नाम सबसे ऊपर होगा। G20 में मोदी-ट्रम्प की अलग मुलाकात संभव सर्जियो गोर ने इंडिया टुडे को दिए इंटरव्यू में कहा कि ट्रम्प और मोदी के बीच अच्छे व्यक्तिगत रिश्ते हैं। ऐसे में दिसंबर में G20 समिट के लिए मोदी के फ्लोरिडा पहुंचने पर दोनों नेताओं की अलग से मुलाकात भी हो सकती है। हालांकि, मोदी और ट्रम्प के बीच अलग से द्विपक्षीय बैठक की अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। गोर ने ट्रम्प के 2027 में भारत दौरे की संभावना के भी संकेत दिए। उन्होंने कहा कि ट्रम्प 2020 में अपनी भारत यात्रा को अब भी याद करते हैं। अमेरिकी राजदूत के मुताबिक, जब भी ट्रम्प भारत की बात करते हैं तो वह यहां के लोगों से मुलाकात और प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपने रिश्तों को याद करते हैं। गोर ने कहा कि अगला साल आने में ज्यादा समय नहीं है। हालांकि, उन्होंने ट्रम्प के भारत दौरे की कोई तारीख या आधिकारिक कार्यक्रम नहीं बताया। ट्रेड डील पर बोले- समझौते के काफी करीब भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील को लेकर गोर ने कहा कि दोनों देश समझौते के काफी करीब हैं। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद डील से जुड़े मुद्दों पर दोबारा काम किया जा रहा है। उन्हें उम्मीद है कि अगले कुछ महीनों में दोनों देश समझौते को अंतिम रूप दे सकते हैं। गोर ने कहा कि इतने बड़े व्यापार समझौते में समय लगना सामान्य है। उन्होंने अमेरिका और यूरोपीय संघ के बीच लंबे समय से चल रही व्यापार वार्ता का उदाहरण देते हुए कहा कि बड़े व्यापारिक समझौतों में कई साल लग सकते हैं। 240 अरब डॉलर का व्यापार, 500 अरब डॉलर का लक्ष्य गोर के मुताबिक, भारत और अमेरिका के बीच अभी करीब 240 अरब डॉलर का व्यापार है। दोनों देशों का लक्ष्य आने वाले वर्षों में इसे बढ़ाकर 500 अरब डॉलर करना है। उन्होंने कहा कि ट्रेड डील से दोनों देशों को आर्थिक फायदा हो सकता है। अमेरिका एक मजबूत और स्थिर भारत के साथ मिलकर काम करना चाहता है। गोर के बयान से साफ है कि भारत-अमेरिका के रिश्तों में व्यापार के साथ दोस्ती और रणनीतिक साझेदारी भी अहम है। ————————– यह भी पढ़ें….. पीएम मोदी ने मेलोनी को बधाई दी: सबसे लंबे समय तक इटली की प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को सबसे लंबे समय तक लगातार प्रधानमंत्री रहने पर बधाई दी है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

क्या आज बदल जाएगा पूरी दुनिया का नक्शा? UN में 450 साल पुरानी व्यवस्था पर बड़ी वोटिंग, जानिए मर्केटर मैप का पूरा विवाद

UN Map Voting Controversy: क्या आपने कभी सोचा है कि जिस दुनिया के नक्शे को हम बचपन से स्कूलों, किताबों और गूगल मैप्स पर देखते आ रहे हैं, वह असल में सही है ही नहीं? संयुक्त राष्ट्र महासभा में आज एक ऐसे मसौदे पर ऐतिहासिक वोटिंग होने जा रही है, जो 450 साल पुरानी नक्शा प्रणाली को बदलकर पूरी दुनिया का भूगोल देखने का जरिया ही बदल सकती है।

अफ्रीकी देश टोगो की अगुवाई में और 55 देशों वाले अफ्रीकी संघ के समर्थन से यह प्रस्ताव लाया गया है। मांग यह है कि 1569 से चले आ रहे पारंपरिक मर्केटर मैप को हटाकर वास्तविक आकार दर्शाने वाले ‘इक्वल अर्थ मैप’ को वैश्विक रूप से अपनाया जाए।

आइए आसान भाषा में समझते हैं कि सदियों पुराना नक्शा गलत क्यों माना जा रहा है और इसको लेकर UN में इतना बड़ा विवाद क्यों खड़ा हुआ है।

क्या है 450 साल पुराना मर्केटर मैप और विवाद की असली वजह?

सन 1569 में फ्लेमिश मानचित्रकार गेरार्डस मर्केटर ने एक नक्शा तैयार किया था। उस समय इसका मुख्य मकसद समुद्री नाविकों को सीधी रेखा में दिशा दिखाना था। लेकिन इस गोल पृथ्वी को चपटे कागज पर ढालने के चक्कर में एक बड़ी गड़बड़ी हो गई।

भूमध्य रेखा के पास के देश छोटे दिखने लगे: अफ्रीका, भारत और दक्षिण अमेरिका जैसे भूमध्य रेखा के पास स्थित क्षेत्रों का आकार नक्शे में उनकी असली सीमा से काफी छोटा हो गया।

ध्रुवों के पास के देश बड़े दिखने लगे: यूरोप, उत्तरी अमेरिका और ग्रीनलैंड जैसे ध्रुवों के पास वाले देश अपनी असली सीमा से कई गुना ज्यादा विशाल दिखाई देने लगे।

ग्रीनलैंड बनाम अफ्रीका: असली सच चौंका देने वाला है

नक्शे की इस गड़बड़ी का सबसे हैरान करने वाला उदाहरण ग्रीनलैंड और अफ्रीका का मुकाबला है। मर्केटर मैप पर ग्रीनलैंड और पूरा अफ्रीका महाद्वीप लगभग एक ही साइज के दिखाई देते हैं। जबकि कड़वी सच्चाई ये है कि अफ्रीका महाद्वीप असल में ग्रीनलैंड से 14 गुना ज्यादा बड़ा है।

अफ्रीका का क्षेत्रफल (3.03 करोड़ वर्ग किमी) इतना बड़ा है कि इसके भीतर अमेरिका, चीन, भारत, जापान, मैक्सिको और लगभग पूरा यूरोप एक साथ समा सकते हैं। इसी गैर-बराबरी को लेकर अफ्रीकी संघ ने #CorrectTheMap अभियान शुरू किया है। टोगो के विदेश मंत्री रॉबर्ट डुसे ने कहा, ‘अफ्रीका कोई विशेषाधिकार या दया की भीख नहीं मांग रहा। हम बस दुनिया के भूगोल में अपनी असली जगह और सही आकार मांग रहे हैं।’

‘कार्टोग्राफिक उपनिवेशवाद’ और ‘इक्वल अर्थ मैप’ का विकल्प

आलोचकों और भूगोलवेत्ताओं का कहना है कि मर्केटर मैप का यह गलत फैलाव पश्चिमी देशों को ज्यादा शक्तिशाली और समृद्ध दिखाने का एक जरिया बना, जिसे ‘कार्टोग्राफिक कोलोनियलिज्म’ कहा जाता है। इससे दुनिया की सोच में ग्लोबल साउथ का दबदबा कम आंका गया।

क्या है ‘Equal Earth’ मैप?

संयुक्त राष्ट्र में जिस नए नक्शे को अपनाने की बात हो रही है, उसे 2018 में कार्टोग्राफर्स की टीम ने विकसित किया था। इसे ‘इक्वल अर्थ मैप’ कहा जाता है। यह नक्शा बिना किसी देश की आकृति को ज्यादा बिगाड़े, हर महाद्वीप और देश को उसके वास्तविक अनुपातिक आकार में दिखाता है।

अगर UN में प्रस्ताव पास हो गया तो क्या-क्या बदलेगा?

संयुक्त राष्ट्र महासभा का यह प्रस्ताव कानूनी रूप से बाध्यकारी तो नहीं होगा, लेकिन यदि यह पास हो जाता है तो:

स्कूल और किताबें: दुनिया भर के स्कूलों, प्रकाशकों और शैक्षणिक संस्थानों में नए और सही आकार वाले नक्शे पढ़ाए जाने लगेंगे।

टेक कंपनियां: गूगल मैप्स और अन्य डिजिटल नेविगेशन कंपनियां अपनी वैश्विक मैपिंग में ‘इक्वल अर्थ’ प्रोजेक्शन को प्राथमिकता दे सकती हैं।

वैश्विक नजरिया: अफ्रीका और एशिया जैसे बड़े महाद्वीपों के असली आकार को देखकर दुनिया का उनके प्रति भौगोलिक और रणनीतिक दृष्टिकोण बदलेगा।

कृष्ण वाणी: मन को मजबूत कैसे बनाये? भगवान श्री कृष्ण ने भगवत गीता में बताया मुश्किलों से लड़ने का सीक्रेट!

भगवान श्री कृष्ण की भगवद गीता की सीख हमें जीवन को एक अलग नजरिए से देखने की राह दिखाती है। जीवन में कई बार ऐसा समय आता है, जब नौकरी को लेकर चिंता बनी रहती है, पैसों की परेशानी जल्दी खत्म नहीं होती या किसी रिश्ते को ठीक करने की कोशिश के बावजूद हालात वैसे ही रहते हैं। ऐसे समय में मन बार-बार यही सोचता है कि आखिर बदलाव कब आएगा और हमें कोई रास्ता या संकेत कब मिलेगा। हर दिन एक जैसा लगने लगता है और इंतजार करना भी मुश्किल हो जाता है। गीता का यह संदेश हमें याद दिलाता है कि जीवन में कोई भी सिचुएशन हमेशा एक जैसी नहीं रहती।

geeta

1. लोगों से अटैचमेंट छोड़ें

जब कोई परेशानी लंबे समय तक चलती है, तो हमें लगने लगता है कि अब जिंदगी शायद हमेशा ऐसी ही रहेगी। करियर में बार-बार निराशा मिलना, पैसों की कमी या किसी अपने का साथ न होना उस समय बहुत बड़ी परेशानी लग सकती है। धीरे-धीरे इंसान उसी सिचुएशन को अपनी जिंदगी का हिस्सा मान लेता है और सोचने लगता है कि इसमें अब कुछ नहीं बदलेगा। लेकिन श्री कृष्ण की सीख हमें याद दिलाती है कि जिंदगी में कोई भी सिचुएशन हमेशा एक जैसी नहीं रहती। जैसे मौसम बदलता है, वैसे ही सुख-दुख और जिंदगी के हालात भी बदलते रहते हैं।2. नई आदतें और हुनर अपनाएं

कई बार हम सिर्फ नतीजे देखकर तय करते हैं कि हमारी जिंदगी आगे बढ़ रही है या नहीं। प्रमोशन नहीं मिला, तो लगता है कि करियर रुक गया है। सैलरी नहीं बढ़ी, तो लगता है कि मेहनत का कोई फायदा नहीं हुआ। असल जिंदगी में बदलाव धीरे-धीरे होता है और उसका असर तुरंत दिखाई नहीं देता। हो सकता है कि इस दौरान आपका एक्सपीरियंस बढ़ रहा हो, आप नई चीजें सीख रहे हों या आपको अपनी जिंदगी और जरूरतों को पहले से बेहतर समझ आने लगा हो।3. करियर रीसेट करें

मुश्किल दौर से गुजरना और पूरी जिंदगी को मुश्किल मान लेना, दोनों अलग बातें हैं। कोई रिश्ता खत्म हो गया, तो इसका मतलब यह नहीं कि आपको आगे कभी अच्छा रिश्ता नहीं मिलेगा। करियर में रुकावट आई है, तो इसका मतलब यह भी नहीं कि आप आगे सफल नहीं हो सकते। इसी तरह आज पैसों की परेशानी है, तो जरूरी नहीं कि आगे भी हालात वैसे ही रहें। श्री कृष्ण की सीख है कि बाहर की सिचुएशन चाहे जैसी हों, हमें खुद को अंदर से मजबूत और शांत रखने की कोशिश करनी चाहिए।4. बदलाव की शुरुआत खुद से करें

समय बदलने का इंतजार करना ठीक है, लेकिन इसके लिए हाथ पर हाथ रखकर बैठना जरूरी नहीं है। अगर नौकरी नहीं मिल रही है, तो नई जगह कोशिश की जा सकती है या कोई नया हुनर सीखा जा सकता है। पैसों की परेशानी है, तो खर्चों पर ध्यान देकर बचत शुरू की जा सकती है। किसी रिश्ते में परेशानी है, तो अपनी सीमाएं तय करने या सही तरीके से बात करने की जरूरत हो सकती है। कई बार जिंदगी में आगे बढ़ने के लिए कुछ पुरानी आदतों, लोगों या कामों को छोड़ना भी जरूरी होता है।

5. कल की चिंता छोड़ें

मुश्किल समय में हमारा ध्यान अक्सर इस बात पर लगा रहता है कि चीजें कब ठीक होंगी। लेकिन श्री कृष्ण की सीख है कि हमें फ्यूचर के नतीजे की चिंता में अपना आज खराब नहीं करना चाहिए। जो काम इस समय हमारे हाथ में है, उसे पूरी ईमानदारी और मेहनत से करते रहें।

श्री कृष्ण की यह सीख उन लोगों के लिए बहुत खास है, जो काफी समय से किसी मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। गीता हमें यह उम्मीद नहीं देती कि हर परेशानी एक पल में खत्म हो जाएगी, बल्कि यह समझाती है कि आज की मुश्किल को अपने पूरे जीवन की सच्चाई न मानें। सही दिशा में छोटे-छोटे कदम उठाते रहें, क्योंकि समय और हालात हमेशा एक जैसे नहीं रहते।

नेपाल की टनल से 9 दिन बाद जिन संजय शाह को निकाला गया क्या वो मंत्र के सहारे जिंदा रहे?

नेपाल में आई तबाही के असर अब तक वहां दिख रहा है। इस विनाशकारी बाढ़ में अब तक एक हजार से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है और 2000 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं। वहीं इस भीषण तबाही के बीच ऐसी भी कहानियां भी सामने आ रही हैं, जिससे लोगों को हौसला मिल रहा है। ऐसी ही कहानी नेपाल के एक पावर प्लांट में काम करने वाले संजय साह की सामने आई है। संजय साह को नौ दिनों बाद टनल से रेस्क्यू किया गया है।

कमाल की है संजय साह की कहानी 

बता दें कि, पावर प्लांट में काम करने वाले संजय साह के सामने उस वक्त मुश्किल फैसला था, जब प्लांट के पास पहाड़ का बड़ा हिस्सा टूटकर गिर गया। वह चाहते तो अपनी जान बचाने के लिए वहां से निकल सकते थे, लेकिन उन्होंने रुककर दूसरे लोगों की मदद करने का फैसला किया। करीब नौ दिन तक बर्फ, पत्थरों और मलबे के बीच फंसे रहने के बाद शुक्रवार को संजय और एक अन्य कर्मचारी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस बचाव से इस बड़ी आपदा के बाद लापता लोगों की तलाश कर रही टीमों को भी नई उम्मीद मिली है।

टनल से नौ दिन बाद किया गया रेस्क्यू

नेपाल के अधिकारियों की ओर से जारी किए गए एक वीडियो में 30 वर्षीय संजय साह स्ट्रेचर पर लेटे नजर आए। उनके चेहरे पर ऑक्सीजन मास्क लगा हुआ था। उन्होंने सेना के अधिकारियों को बताया, “मैं टनल के कंट्रोल रूम में था। आमतौर पर वहां चार से छह लोग रहते हैं, लेकिन उस दिन करीब 40 से 45 लोग मौजूद हो सकते थे। मेरी जिम्मेदारी सभी की जान बचाना थी। जब इतना बड़ा हादसा हुआ, तब मेरा वहां से भागना सही नहीं होता।”

लगातार किया मंत्रों का जाप

उन्होंने बताया कि जैसे ही उन्हें ऊपर पहाड़ पर हादसा होने की जानकारी मिली, उन्होंने सुरंग में मौजूद लोगों को तुरंत सतर्क किया और बाहर निकलने के लिए कहा। हालांकि, खुद बाहर जाने का मौका उन्हें नहीं मिल पाया और जब तक उन्होंने निकलने की कोशिश की, तब तक रास्ता बंद हो चुका था। अधिकारियों के मुताबिक, त्रिशूली नदी के किनारे बने छह हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स की सुरंगों में करीब 900 लोगों के फंसे होने की आशंका है। साह ने बताया कि उन्होंने सुरंग में बिताए उन नौ दिनों के दौरान हिम्मत बनाए रखने के लिए मंत्रों का जाप किया।

फिलहाल हॉस्पिटल में कराया गया भर्ती 

सुरंग के अंदर तीन-चार अन्य मजदूरों से संपर्क बनाए रखा और बताया कि कुछ लोग अभी भी पहाड़ के अंदर फंसे हो सकते हैं। साह और उनके साथ बचाए गए कबीर महारजन, जो मैकेनिकल सुपरवाइजर हैं, इस हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट से सुरक्षित निकाले गए पहले मजदूर हैं। हादसे के कुछ घंटे बाद कुछ मजदूर दूसरी सुरंग से बाहर निकलने में सफल रहे थे। नेपाली सेना की ओर से जारी वीडियो में साह को एक मजदूर की पीठ पर ले जाकर बाहर लाते हुए देखा गया, इस दौरान उनका चेहरा मिट्टी और कीचड़ से भरा हुआ था। बचाए गए संजय साह और कबीर महारजन को इलाज के लिए काठमांडू के एक आर्मी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां दोनों को आईसीयू में रखा गया है।

 

BLA : बलूचिस्‍तान बना पाकिस्‍तानी सेना का कब्रिस्‍तान बीएलए ने मचाई तबाही, मुनीर के 25 सैनिकों को किया ढेर

BLA : बलूचिस्‍तान बना पाकिस्‍तानी सेना का कब्रिस्‍तान बीएलए ने मचाई तबाही, मुनीर के 25 सैनिकों को किया ढेर

पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में अलगाववादी संगठन बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने पाकिस्तानी सेना के खिलाफ दो हमलों की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। संगठन के मुताबिक, इन हमलों में कुल 25 सैन्यकर्मी मारे गए और तीन सैन्य वाहन नष्ट किए गए। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और पाकिस्तानी अधिकारियों की ओर से अभी आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

 

जियारत क्रॉस पर सैन्य काफिले को बनाया निशाना

 

BLA के प्रवक्ता के हवाले से बताया गया है कि उसके लड़ाकों ने जियारत क्रॉस के पास पाकिस्तानी सैन्य काफिले पर हमला किया। संगठन का दावा है कि इस हमले में दो सैन्य वाहन नष्ट कर दिए गए, जिनमें एक सैन्य ट्रक भी शामिल था। BLA के अनुसार, शुरुआती तौर पर हमले में 18 सैन्यकर्मियों के मारे जाने की बात कही गई थी, लेकिन बाद में मृतकों की संख्या बढ़कर 25 हो गई।

 

संगठन ने दावा किया कि हमले के दौरान सैन्य वाहनों में आग लगा दी गई और मारे गए जवानों के हथियार भी कब्जे में लिए गए।

हमले का वीडियो ट्रेलर जारी

 

BLA ने अपने आधिकारिक मीडिया चैनल Hakkal के जरिए जियारत क्रॉस हमले का करीब 1 मिनट 11 सेकंड का वीडियो ट्रेलर भी जारी किया है। संगठन का कहना है कि इसमें हमले से जुड़े दृश्य दिखाए गए हैं।

 

वीडियो में कथित तौर पर हथियारबंद लड़ाके जलते हुए पाकिस्तानी सैन्य वाहनों के पास दिखाई दे रहे हैं। घटनास्थल पर शव और हथियार भी नजर आने का दावा किया गया है। BLA ने कहा है कि हमले का पूरा वीडियो बाद में जारी किया जाएगा।

 

सुराब के हजीका इलाके में दूसरा हमला

BLA ने बलूचिस्तान के सुराब जिले के हजीका इलाके में एक अलग हमले का भी दावा किया है। संगठन के मुताबिक, उसके Special Tactical Operations Squad (STOS) ने विस्फोटकों से लदे वाहन को रिमोट के जरिए विस्फोट कर पाकिस्तानी सेना के एक वाहन को निशाना बनाया। BLA का दावा है कि इस हमले में 7 सैन्यकर्मी मारे गए और सैन्य वाहन पूरी तरह नष्ट हो गया।

 

बलूचिस्तान में लगातार बढ़ रहा संघर्ष

 

बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और बलोच अलगाववादी संगठनों के बीच लंबे समय से संघर्ष जारी है। BLA समेत कई बलोच समूह पाकिस्तान से स्वतंत्रता की मांग करते रहे हैं। हाल के वर्षों में इन संगठनों ने पाकिस्तानी सेना, सुरक्षा प्रतिष्ठानों और अन्य सरकारी ठिकानों को निशाना बनाकर हमले तेज किए हैं। जियारत क्रॉस और सुराब में हुए ताजा हमले भी इसी जारी विद्रोह की कड़ी माने जा रहे हैं।

 

हालांकि, 25 सैन्यकर्मियों की मौत समेत BLA के सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पाकिस्तानी अधिकारियों ने जियारत क्रॉस और सुराब हमलों को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

BLA : बलूचिस्‍तान बना पाकिस्‍तानी सेना का कब्रिस्‍तान, बीएलए ने मचाई तबाही, मुनीर के 25 सैनिकों को किया ढेर

BLA : बलूचिस्‍तान बना पाकिस्‍तानी सेना का कब्रिस्‍तान, बीएलए ने मचाई तबाही, मुनीर के 25 सैनिकों को किया ढेर

पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में अलगाववादी संगठन बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने पाकिस्तानी सेना के खिलाफ दो हमलों की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। संगठन के मुताबिक, इन हमलों में कुल 25 सैन्यकर्मी मारे गए और तीन सैन्य वाहन नष्ट किए गए। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और पाकिस्तानी अधिकारियों की ओर से अभी आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

 

जियारत क्रॉस पर सैन्य काफिले को बनाया निशाना

 

BLA के प्रवक्ता के हवाले से बताया गया है कि उसके लड़ाकों ने जियारत क्रॉस के पास पाकिस्तानी सैन्य काफिले पर हमला किया। संगठन का दावा है कि इस हमले में दो सैन्य वाहन नष्ट कर दिए गए, जिनमें एक सैन्य ट्रक भी शामिल था। BLA के अनुसार, शुरुआती तौर पर हमले में 18 सैन्यकर्मियों के मारे जाने की बात कही गई थी, लेकिन बाद में मृतकों की संख्या बढ़कर 25 हो गई।

 

संगठन ने दावा किया कि हमले के दौरान सैन्य वाहनों में आग लगा दी गई और मारे गए जवानों के हथियार भी कब्जे में लिए गए।

हमले का वीडियो ट्रेलर जारी

 

BLA ने अपने आधिकारिक मीडिया चैनल Hakkal के जरिए जियारत क्रॉस हमले का करीब 1 मिनट 11 सेकंड का वीडियो ट्रेलर भी जारी किया है। संगठन का कहना है कि इसमें हमले से जुड़े दृश्य दिखाए गए हैं।

 

वीडियो में कथित तौर पर हथियारबंद लड़ाके जलते हुए पाकिस्तानी सैन्य वाहनों के पास दिखाई दे रहे हैं। घटनास्थल पर शव और हथियार भी नजर आने का दावा किया गया है। BLA ने कहा है कि हमले का पूरा वीडियो बाद में जारी किया जाएगा।

 

सुराब के हजीका इलाके में दूसरा हमला

BLA ने बलूचिस्तान के सुराब जिले के हजीका इलाके में एक अलग हमले का भी दावा किया है। संगठन के मुताबिक, उसके Special Tactical Operations Squad (STOS) ने विस्फोटकों से लदे वाहन को रिमोट के जरिए विस्फोट कर पाकिस्तानी सेना के एक वाहन को निशाना बनाया। BLA का दावा है कि इस हमले में 7 सैन्यकर्मी मारे गए और सैन्य वाहन पूरी तरह नष्ट हो गया।

 

बलूचिस्तान में लगातार बढ़ रहा संघर्ष

 

बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और बलोच अलगाववादी संगठनों के बीच लंबे समय से संघर्ष जारी है। BLA समेत कई बलोच समूह पाकिस्तान से स्वतंत्रता की मांग करते रहे हैं। हाल के वर्षों में इन संगठनों ने पाकिस्तानी सेना, सुरक्षा प्रतिष्ठानों और अन्य सरकारी ठिकानों को निशाना बनाकर हमले तेज किए हैं। जियारत क्रॉस और सुराब में हुए ताजा हमले भी इसी जारी विद्रोह की कड़ी माने जा रहे हैं।

 

हालांकि, 25 सैन्यकर्मियों की मौत समेत BLA के सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पाकिस्तानी अधिकारियों ने जियारत क्रॉस और सुराब हमलों को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

Market Outlook : बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 7 सितंबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook : कारोबारी हफ्ते के आखिरी दिन बाजार ने सीमित दायरे में कारोबार किया। सेंसेक्स और निफ्टी बढ़त पर बंद हुए। हालांकि,मिडकैप शेयरों पर दबाव देखने को मिला और मिडकैप इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुआ। वहीं,निफ्टी बैंक में लगभग फ्लैट क्लोजिंग रही। आज सेंसेक्स 363 प्वाइंट चढ़कर 76,515 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 24 प्वाइंट चढ़कर 23,898 पर बंद हुआ। कैपिटल मार्केट और मेटल शेयरों में खरीदारी रही। रियल्टी,फार्मा और IT शेयरों पर दबाव रहा।

बैंक निफ्टी 11 प्वाइंट गिरकर 57,370 पर बंद हुआ। वहीं, मिडकैप 156 प्वाइंट गिरकर 63,079 पर बंद हुआ। निफ्टी के 50 में से 28 शेयरों में बिकवाली रही। सेंसेक्स के 30 में से 19 शेयरों में खरीदारी दिखी। बैंक निफ्टी के 14 में से 9 शेयरों में बिकवाली रही। रुपया बिना किसी बदलाव के 94.49/$ पर बंद हुआ।

बाजार पर एक्सपर्ट्स की राय

कोटक सिक्योरिटीज के हेड इक्विटी रिसर्च,श्रीकांत चौहान का कहना है कि शुक्रवार को भारतीय बेंचमार्क निफ्टी 50 और बीएसई सेंसेक्स ने लगातार चार दिनों की गिरावट का सिलसिला तोड़ा और मामूली रिकवरी की। पूरे हफ्ते बाजार का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। निफ्टी मिडकैप 100 गिरावट के साथ बंद हुआ। जबकि निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स ने बेहतर मजबूती दिखाई। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण ग्लोबल इक्विटी मार्केट में बिकवाली का दबाव देखा गया। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़ीं। इससे भारत के लिए फिस्कल और महंगाई से जुड़े जोखिम और बढ़ गए।

इसी दौरान,ग्लोबल बॉन्ड मार्केट में भारी बिकवाली हुई,जिससे सॉवरेन बॉन्ड यील्ड कई सालों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। US ट्रेजरी यील्ड में हुई इस बढ़ोतरी ने भारत समेत दुनिया भर के इक्विटी मार्केट में उतार-चढ़ाव को बढ़ावा दिया।

घरेलू मैक्रो-इकोनॉमिक मोर्चे पर भारत की Q1FY27 रियल GDP ग्रोथ शानदार 7.8% पर रही। इसने एक्सपोर्ट और इन्वेस्टमेंट में मजबूत ग्रोथ के दम पर बाजार की उम्मीदों को पीछे छोड़ दिया। हालांकि हाई-फ्रीक्वेंसी इंडिकेटर्स उत्साहजनक बने हुए हैं,लेकिन त्योहारों के बाद की रफ्तार अहम बनी रहेगी।

इस हफ्ते भारतीय रुपये ने क्रूड ऑयल और यील्ड के दबाव के बावजूद मजबूती दिखाई,जिसे फॉरेन करेंसी नॉन-रेसिडेंट (FCNR) डिपॉजिट इनफ्लो का सहारा मिला।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ़ रिसर्च,विनोद नायर का कहना है कि अमेरिकी फ़ेडरल रिज़र्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की आशंका कम होने से भारतीय शेयर बाज़ार में तेजी रही। हालांकि,ऊंचे स्तरों पर मुनाफ़ा वसूली और मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण तेज़ी सीमित रही। निवेशकों की नज़र आज आने वाले अमेरिकी रोज़गार के आंकड़ों पर है,जबकि ब्याज दरों की आगे की चाल का अंदाज़ा लगाने के लिए अगले हफ़्ते आने वाले अमेरिकी CPI के आंकड़े अहम होंगे।

अगस्त में कोर महंगाई में मामूली गिरावट की उम्मीदों से फेड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने में कुछ समय के लिए रोक लगने की संभावना मजबूत हो सकती है और इससे बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव को काबू में रखने में मदद मिल सकती है।

घरेलू स्तर पर,पूरे बाजार में खास शेयरों और सेक्टरों में खरीदारी देखी गई और स्मॉल-कैप इंडेक्स ने इंट्राडे में अब तक के नए उच्चतम स्तर को छुआ। मजबूत अर्निंग ग्रोथ, टिकाऊ आर्थिक विकास और घरेलू स्तर पर मजबूत मांग से ब्रॉडर मार्केट में निवेशकों का भरोसा बना हुआ है।

निफ्टी टेक्निकल व्यू

SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च हेड सुदीप शाह का कहना है कि शुक्रवार को निफ्टी में 107 अंको की सीमित ट्रेडिंग रेंज देखी गई और यह 0.10% की बढ़त के साथ सपाट स्तर पर बंद हुआ। डेली टाइमफ्रेम पर इंडेक्स ने अपर शैडो के साथ एक छोटी बॉडी वाली बेयरिश कैंडल बनाई। यह बाजार में अनिश्चितता और किसी स्पष्ट दिशा के बारे में पक्के संकेत न होने का इशारा है। पिछले पांच सेशन में निफ्टी लगभग 348 अंको की रेंज में ट्रेड कर रहा है। यह जब तक कि किसी भी तरफ कोई निर्णायक ब्रेकआउट न हो जाए तब तक लगातार कंसोलिडेशन होने के संकेत दे रहा है।

टेक्निकल नजरिए से निफ्टी अभी भी अपने 20-डे और 50-डे EMA के नीचे ट्रेड कर रहा है,जिससे निकट अवधि का स्ट्रक्चर सतर्कता वाला बना हुआ है। डेली RSI 30–50 ज़ोन में बना हुआ है,जो स्पष्ट मोमेंटम की कमी को दिखाता है। जबकि MACD ज़ीरो लाइन के नीचे ट्रेड कर रहा है,जिससे नेगेटिव रुझान बना हुआ है। वहीं,बढ़ता ADX ट्रेंड की तेजी में धीरे-धीरे बढ़ोतरी का संकेत है,जिससे पता चलता है कि उतार-चढ़ाव अधिक रह सकता है और दोनों तरफ के उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है।

आगे 23750–23700 का जोन जो 61.8% फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल के बराबर है, निफ्टी के लिए एक अहम सपोर्ट एरिया का काम कर सकता है। अगर यह लेवल 23700 टूटता है तो 23600–23570 के लेवल तक और गिरावट आ सकती है। ऊपर की तरफ,24050–24080 तत्काल रेजिस्टेंस का काम करेगा। लगातार 24080 के ऊपर बने रहने पर निफ्टी में 24200 के लेवल तक वापसी हो सकती है।

बैंक निफ्टी टेक्निकल व्यू

सुदीप शाह का कहना है कि बैंक निफ्टी लगभग 24 सेशन से एक ही दायरे में बना हुआ है,जिससे पता चलता है कि इसमें किसी खास दिशा में बढ़ने की गति की कमी है। इंडेक्स 0.02% की मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ और डेली चार्ट पर एक छोटी बॉडी वाली ‘बेयरिश कैंडल’ बनाई,जिसके दोनों तरफ विक्स (wicks) थीं। यह बाजार में अनिश्चितता का संकेत है। डेली RSI 50 के स्तर के आसपास न्यूट्रल बना रहा, जो मजबूत डायरेक्शनल मोमेंटम की कमी को दिखाता है।

आगे 56900–56800 का जोन एक अहम सपोर्ट एरिया के तौर पर काम कर सकता है। अगर यह इस स्तर से ऊपर बना रहता है तो मौजूदा कंसोलिडेशन का दौर जारी रह सकता है। ऊपर की तरफ,57800–57900 का जोन तत्काल रेजिस्टेंस एरिया का काम कर सकता है। इस जोन से ऊपर ब्रेकआउट या 56800 से नीचे ब्रेकडाउन मौजूदा कंसोलिडेशन के दौर को खत्म कर सकता है और किसी खास दिशा में बड़ी चाल की शुरुआत हो सकती है।

 

Trading plan :ये बाजार पोजीशन लेकर जाने वाला नहीं, अपनी पोजिशन्स समेटें और सोमवार को नया नजरिया लेंगे

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

UPSC NDA 2 Admit Card 2026: आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड करें एनडीए 2 का एडमिट कार्ड, 13 सितंबर को आयोजित होगी परीक्षा

UPSC NDA 2 Admit Card 2026: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) 2 परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड 2026 जारी कर दिया है। यूपीएससी एनडीए 2 2026 के पंजीकृत उम्मीदवार अपने लॉगइन क्रेडेंशियल की मदद से आयोग की आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर जाकर अपने एडमिट कार्ड चेक और डाउनलोड कर सकते हैं।

यूपीएससी एनडीए 2 परीक्षा में शामिल होने वाले सभी उम्मीदवार ध्यान दें कि एडमिट कार्ड एक जरूरी डॉक्यूमेंट है जिसे उन्हें परीक्षा के दिन साथ रखना होगा। एडमिट कार्ड के बिना, किसी भी कैंडिडेट को परीक्षा केंद्र में एंट्री नहीं दी जाएगी। उम्मीदवारों यूपीएससी एनडीए 2 परीक्षा में शामिल होने के लिए एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के बाद उसका प्रिंटआउट लेना होगा। एग्जाम अथॉरिटी एडमिट कार्ड की डिजिटल कॉपी स्वीकार नहीं करेगी। एनडीए 2 एडमिट कार्ड प्राप्त करने के लिए, उम्मीदवारों को लॉगिन पोर्टल पर दिए गए फील्ड में अपनी पंजीकरण संख्या और जन्मतिथि डालनी होगी। यूपीएससी एनडीए परीक्षा साल में दो बार आयोजित कराता है। एनडीए 2 परीक्षा 2026, 13 सितंबर को होगी।

यूपीएससी एनडीए 2 एडमिट कार्ड 2026: जरूरी जानकारी

यूपीएससी एनडीए 2 एडमिट कार्ड में उम्मीदवारों के बारे में जरूरी जानकारी होती है, जिसमें उनका नाम, रोल नंबर, जन्म की तारीख, कैटेगरी, एग्जाम सेंटर का पता, एग्जाम की तारीख और समय, फोटो, सिग्नेचर और जेंडर शामिल हैं। कैंडिडेट्स को एडमिट कार्ड पर दी गई सभी जानकारी को ध्यान से चेक करना चाहिए। किसी भी तरह की गड़बड़ी या गलती होने पर, उन्हें तुरंत संबंधित अथॉरिटी से संपर्क करना चाहिए और एग्जाम के दिन से पहले उसे ठीक करवाना चाहिए।

यूपीएससी एनडीए 2 एडमिट कार्ड 2026: जरूरी निर्देश

कैंडिडेट्स को नीचे दी गई जरूरी गाइडलाइंस देखनी चाहिए:

आखिरी समय में देरी या भ्रम से बचने के लिए उम्मीदवारों को हर सत्र शुरू होने से कम से कम 30 मिनट पहले परीक्षा केंद्र पर पहुच जाना चाहिए।

गेट बंद होने के बाद किसी भी हालत में एग्जाम की जगह पर देर से एंट्री की इजाजत नहीं होगी।

एग्जाम हॉल में मोबाइल फ़ोन, स्मार्टवॉच, ब्लूटूथ डिवाइस और इसी तरह के गैजेट जैसे इलेक्ट्रॉनिक आइटम ले जाने की इजाजत नहीं है।

बैन चीजें रखने पर सख्त कार्रवाई हो सकती है या आगे की परीक्षाओं से बैन किया जा सकता है। कैंडिडेट्स को सलाह दी जाती है कि वे परीक्षा की जगह पर कीमती या महंगी चीजें न ले जाएं।

एडमिट कार्ड के साथ, कैंडिडेट्स को जरूरी चीजें जैसे एक वैलिड फोटो ID प्रूफ, एक पासपोर्ट-साइज फोटो और एक काला बॉलपॉइंट पेन ले जाना होगा।

Bank of India Recruitment 2026: बैंक ऑफ इंडिया ने 205 ऑफिसर पदों पर भर्ती के लिए जारी किया नोटिफिकेशन, जानें कब से शुरू होगी आवेदन प्रक्रिया

कुमार मंगलम बिड़ला का नया धमाका! लॉन्च किया अल्ट्रावोल्ट वायर और केबल का बिजनेस, जानिए क्या है ग्रुप का बड़ा प्लान

Aditya Birla Group Wires and Cables Launch: आदित्य बिड़ला ग्रुप ने भारतीय वायर और केबल मार्केट में धमाकेदार एंट्री मारी है। ग्रुप ने ‘अल्ट्रावोल्ट’ ब्रांड नाम से अपने नए वायर और केबल बिजनेस को लॉन्च किया है। इसके लिए बिड़ला ग्रुप ने शुरुआती तौर पर ₹1800 करोड़ के भारी-भरकम निवेश का ऐलान किया है।

इस नए बिजनेस को समूह की प्रमुख कंपनी अल्ट्राटेक सीमेंट के तहत शुरू किया गया है। कैपेसिटी के मामले में लॉन्च होते ही ‘अल्ट्रावोल्ट’ देश के वायर सेगमेंट में दूसरा सबसे बड़ा प्लेयर बन गया है। कंपनी का लक्ष्य अगले 5 सालों के भीतर इस सेक्टर के टॉप 2 खिलाड़ियों में शामिल होना है।

3 सालों में बिड़ला ग्रुप का चौथा बड़ा दांव

आदित्य बिड़ला ग्रुप का पिछले 3 सालों में यह चौथा नया बिजनेस दांव है। सीमेंट, रेडी-मिक्स कंक्रीट और बिल्डिंग प्रोडक्ट्स के बाद अब वायर और केबल सेगमेंट में कदम रखकर अल्ट्राटेक अपने ‘बिल्डिंग सॉल्यूशंस’ पोर्टफोलियो को और मजबूत कर रहा है। इसके लिए गुजरात के भरूच में एक अत्याधुनिक मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित किया गया है।

‘डाटा सेंटर और अर्बनाइजेशन से आएगा बूम’

आदित्य बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने इस लॉन्चिंग पर कहा कि वायर और केबल भारत के विकास के नए चरण के केंद्र में हैं। चेयरमैन ने कहा, ‘केबल और वायर सेगमेंट भारतीय अर्थव्यवस्था के तीन बड़े ट्रेंड्स अर्बनाइजेशन, इलेक्ट्रिफिकेशन और डिजिटाइजेशन के मुहाने पर खड़ा है। अगले दशक में 10 करोड़ से ज्यादा नए घर, बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार और तेजी से बढ़ते डाटा सेंटर्स इस सेक्टर में बड़ा बूम लाने वाले हैं। नए बिजनेस बनाना अब हमारे ग्रुप के DNA का अहम हिस्सा बन चुका है।’

देश के 500 जिलों और 1 लाख रिटेलर्स तक पहुंचेगा नेटवर्क

कंपनी ने लॉन्च के साथ ही देशव्यापी डिस्ट्रीब्यूशन का तगड़ा प्लान बनाया है। शुरुआत में ही 500 से ज्यादा जिलों और 6,000 से अधिक पिन कोड्स तक नेटवर्क फैलाया जाएगा। 1 लाख से अधिक रिटेलर्स तक पहुंच बनाने और अल्ट्राटेक बिल्डिंग सॉल्यूशंस के 5,000 से ज्यादा आउटलेट्स के जरिए बिक्री बढ़ाने का लक्ष्य है।

अल्ट्रावोल्ट के डायरेक्टर दिलीप गौड़ के अनुसार, देश भर में 20 से अधिक वेयरहाउस का नेटवर्क बनाया गया है, जिससे होम बिल्डर्स, ठेकेदारों और रियल एस्टेट डेवलपर्स को तुरंत सप्लाई दी जा सकेगी।

घरों के साथ-साथ इंडस्ट्रियल और कमर्शियल केबल्स भी शामिल

अल्ट्रावोल्ट के सीईओ श्रीराम रंगराजन ने बताया कि कंपनी उपभोक्ता-केंद्रित एप्रोच के साथ काम करेगी। शुरुआती पोर्टफोलियो में होम वायर्स, फ्लेक्सिबल वायर्स, रेजिडेंशियल, कमर्शियल, इंडस्ट्रियल और इंफ्रास्ट्रक्चर एप्लीकेशन्स के लिए केबल्स शामिल हैं। भविष्य में कंपनी का इरादा अन्य इलेक्ट्रिकल एक्सेसरीज के सेगमेंट में भी विस्तार करने का है।