जंतर-मंतर मारपीट मामला : स्वतंत्र भारद्वाज को बुलंद शहर से हिरासत में लिया, CJP ने दिया था 72 घंटे का अल्टीमेटम, पढ़िए क्या था पूरा मामला

जंतर-मंतर मारपीट मामला : स्वतंत्र भारद्वाज को बुलंद शहर से हिरासत में लिया, CJP ने दिया था 72 घंटे का अल्टीमेटम, पढ़िए क्या था पूरा मामला

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जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान छात्र कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता के साथ कथित मारपीट के आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को बुलंद शहर से हिरासत में लिया गया है। स्वतंत्र की गिरफ्तारी के लिए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधियों ने प्रदर्शन कर किया था। शुक्रवार को CJP के प्रतिनिधिमंडल ने संसद मार्ग पुलिस थाने पहुंचकर मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की। प्रतिनिधिमंडल में पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका भी शामिल थे। 

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क्या था पूरा मामला

खुद को 'हिन्दुत्व एक्टिविस्ट' बताने वाले स्वतंत्र भारद्वाज पर आरोप है कि उन्होंने CJP के प्रदर्शन के दौरान निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ मारपीट की थी। वायरल वीडियो क्लिप में भारद्वाज कथित तौर पर यह कहते नजर आए कि उन्होंने प्रदर्शन के दौरान संजय कुमार की 'खोपड़ी फोड़ दी थी' और कथित घटना की गंभीरता के बावजूद जेल जाने से बच गए। CJP ने उस प्रदर्शन का आयोजन किया था, जिसके दौरान कथित मारपीट की घटना हुई थी। संगठन लगातार स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग कर रहा है। CJP का आरोप है कि दिल्ली पुलिस ने उनके खिलाफ पर्याप्त कार्रवाई नहीं की।

दिल्ली पुलिस ने खोपड़ी में फ्रैक्चर के दावे को नकारा

विवाद उस समय और बढ़ गया जब गुरुवार को दिल्ली पुलिस ने कहा कि 38 वर्षीय संजय कुमार को झड़प के दौरान सिर में साधारण चोट लगी थी। पुलिस ने उन दावों को खारिज किया, जिनमें कहा गया था कि संजय कुमार की खोपड़ी में फ्रैक्चर हुआ है।  पुलिस के मुताबिक स्वतंत्र भारद्वाज और एक अन्य आरोपी सूरज कुमार को घटनास्थल पर हिरासत में लिया गया था। दोनों से पूछताछ की गई और उन्हें नोटिस भी जारी किए गए। दिल्ली पुलिस ने यह भी कहा है कि मामले में जांच पूरी होने के बाद चार्जशीट दाखिल की जाएगी।

 

 

कौन हैं स्वतंत्र भारद्वाज?

स्वतंत्र भारद्वाज एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं। उन पर जंतर-मंतर पर हुए एक प्रदर्शन के दौरान निशु आजाद के पिता संजय के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया गया है। यह मामला उस समय फिर चर्चा में आ गया जब भारद्वाज से जुड़े एक पॉडकास्ट की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई।

 

हालांकि, स्वतंत्र भारद्वाज ने संजय पर हमला करने के आरोप से इनकार किया है। उनका कहना है कि उन्होंने आत्मरक्षा में प्रतिक्रिया दी थी। भारद्वाज के मुताबिक, उन्हें करीब 10-15 लोगों ने घेर लिया था और उन्हें डर था कि उनके साथ मारपीट या उनकी हत्या तक की जा सकती है। उन्होंने वायरल पॉडकास्ट क्लिप को भी कथित तौर पर गलत तरीके से पेश किए जाने का दावा किया और कहा कि उनकी राजनीतिक संबद्धता को लेकर लोगों ने उस क्लिप को मजाक या व्यंग्य के तौर पर बनाया था।

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निशु आजाद ने क्या आरोप लगाए?

निशु आजाद ने भारद्वाज के दावों को खारिज करते हुए आरोप लगाया कि आरोपी और उसके समर्थकों ने उन्हें परेशान किया और दुष्कर्म की धमकियां भी दीं। निशु के अनुसार, इन धमकियों को लेकर उन्होंने अलग से FIR भी दर्ज कराई है। आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान संजय के साथ गंभीर मारपीट हुई थी। उन्होंने सवाल उठाया कि आरोपी अब तक बाहर क्यों है और पुलिस से मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की।

पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर संजय की खोपड़ी में फ्रैक्चर होने की बात को लेकर गलत सूचना फैलाई गई थी। पुलिस के अनुसार, संसद मार्ग थाने में मामला दर्ज किया जा चुका है और आरोपी से पूछताछ भी की गई है। दिल्ली पुलिस ने कहा कि जांच और कानूनी प्रक्रिया के तहत आरोपी को अभी कुछ नोटिस दिए जाने बाकी हैं।  जांच पूरी होने के बाद सक्षम अदालत में चार्जशीट दाखिल करने समेत आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मामले को मिला राजनीतिक रंग

निशु आजाद के मामले ने राजनीतिक रूप भी ले लिया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत विपक्ष के कुछ नेताओं ने निशु के प्रति समर्थन जताया है। इसके बाद जंतर-मंतर की घटना और स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़े आरोपों को लेकर राजनीतिक बहस तेज हुई है।

मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में पीएम सूर्य घर योजना में यूपी ने और तेज की रफ्तार


PM Surya Ghar Yojana: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रधानमंत्री सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना के तहत घरेलू रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन में उत्तर प्रदेश तेजी से देश में प्रथम स्थान की ओर बढ़ रहा है। अगस्त 2026 के प्रदर्शन ने प्रदेश की इस बढ़त को और मजबूत किया है।

वर्तमान गति बनी रही तो शीघ्र ही उत्तर प्रदेश घरेलू रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन में भारत में प्रथम स्थान हासिल कर सकता है। अगस्त 2026 तक उत्तर प्रदेश में 7,92,959 संचयी सोलर इंस्टॉलेशन हो चुके हैं। अगस्त माह में ही प्रदेश में 73,716 इंस्टॉलेशन किए गए। इस दौरान उत्तर प्रदेश की औसत दैनिक इंस्टॉलेशन गति 2,378 प्रतिदिन रही, जो देश के प्रमुख राज्यों में सबसे तेज गति में शामिल है।

नंबर वन की रेस में यूपी

संचयी इंस्टॉलेशन में उत्तर प्रदेश 7,92,959 इंस्टॉलेशन में दूसरे स्थान पर है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अगस्त में उत्तर प्रदेश की औसत दैनिक गति 2,378 इंस्टॉलेशन रही। यानी उत्तर प्रदेश प्रतिदिन औसतन 780 इंस्टॉलेशन अधिक कर रहा है। यदि यही रफ्तार बनी रहती है, तो अक्टूबर 2026 के दूसरे सप्ताह के आसपास उत्तर प्रदेश घरेलू रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन में देश का नंबर-1 राज्य बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करेगा।

आंकड़े भी बता रहे उत्तर प्रदेश की रफ्तार

  • संचयी इंस्टॉलेशन : 7,92,959
  • अगस्त 2026 इंस्टॉलेशन : 73,716
  • अगस्त औसत दैनिक गति : 2,378/दिन
  • अनुमानित ओवरटेक समय : लगभग 41 दिन

अमेरिकी नौसैनिकों के लिए पटाया की मशहूर ‘सोई 6’ गली क्यों है बैन? जानें बड़ी वजह

अमेरिकी नौसैनिकों के लिए पटाया की मशहूर 'सोई 6' गली क्यों है बैन? जानें बड़ी वजह

US Navy Pattaya Ban

US Navy Pattaya Ban: थाईलैंड का खूबसूरत शहर पटाया अपनी रंगीन नाइटलाइफ और एडल्ट एंटरटेनमेंट के लिए दुनिया भर में मशहूर है। लेकिन अमेरिका की नौसेना (US Navy) ने अपने अधिकारियों और सैनिकों के पटाया की सबसे प्रसिद्ध रेड-लाइट गली 'सोई 6' (Soi 6) में जाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। यूएस नेवी कमान द्वारा लागू किया गया यह नियम काफी सख्त है और नियम तोड़ने वाले नौसैनिकों के खिलाफ कड़ा अनुशासनत्मक एक्शन लेने की बात भी कही गई है। 

'सोई 6' गली को क्यों घोषित किया 'Off-Limits'?

पटाया की 'सोई 6' (Soi 6) बीच रोड और सेकेंड रोड के बीच स्थित एक बेहद व्यस्त और चर्चित एडल्ट-नाइटलाइफ़ स्ट्रीट है। यहां दर्जनों ओपन-फ्रंट बार, बियर बार और होस्टेस बार मौजूद हैं। अमेरिकी नौसेना कमान द्वारा अपने सैनिकों के लिए इस इलाके को 'Off-Limits' (प्रतिबंधित) घोषित करने के पीछे मुख्य रूप से सुरक्षा, अनुशासन और नौसेना की छवि से जुड़े कई बड़े कारण हैं:

 

झड़प, चोरी और धोखाधड़ी का खतरा : सोई 6 अपनी अत्यधिक भीड़-भाड़, शराब के बेहिसाब उपभोग और एडल्ट एंटरटेनमेंट के लिए जानी जाती है। ऐसे माहौल में अक्सर पर्यटकों के साथ झड़प, सामान या पैसे चोरी होने, स्कैम (धोखाधड़ी) और स्थानीय पुलिस में केस दर्ज होने का बड़ा जोखिम रहता है। ALSO READ: क्या होती है टेस्टोस्टेरोन जांच? अमेरिका में सैनिकों के लिए इसे क्यों किया गया अनिवार्य

 

कानूनी पचड़ों और मेडिकल रिस्क से बचाव : किसी विदेशी धरती पर अमेरिकी सैनिक यदि किसी आपराधिक या कानूनी पचड़े में फंसते हैं, तो इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जटिलताएं पैदा होती हैं। इसके अलावा, ऐसे इलाकों में स्वास्थ्य और मेडिकल से जुड़े खतरे (Medical Risks) भी अधिक होते हैं, जिनसे जवानों को बचाना कमान की प्राथमिकता है।

 

नौसेना की छवि और अनुशासन : अमेरिकी नौसेना की दुनिया भर में एक सख्त अनुशासित बल के रूप में पहचान है। किसी विवाद या पब-लाइफ के झगड़े में सैनिकों का नाम आने से मीडिया में अमेरिकी नौसेना और देश की छवि खराब होने का खतरा रहता है।

कैसे लागू होता है यह नियम और क्या है सजा?

शोर गश्त (Shore Patrol) की तैनाती : जब भी अमेरिकी नौसेना का कोई बड़ा युद्धपोत या बेड़ा (Fleet) थाईलैंड के लाएम चाबांग (Laem Chabang) या सत्थाहिप (Sattahip) बंदरगाह पर रुकता है, तो तट पर तैनात 'US Navy Shore Patrol' की टीम तुरंत सक्रिय हो जाती है।

 

सख्त निगरानी : नेवी की Shore Patrol टीम शहर के इन प्रतिबंधित इलाकों (जैसे सोई 6 और बैंकॉक के कुछ खास संवेदनशील क्षेत्रों) में गश्त करती है।
 

पकड़े जाने पर तुरंत कार्रवाई : यदि कोई भी अमेरिकी सैनिक नियमों की अनदेखी कर 'सोई 6' में घूमता या बार में समय बिताता पाया जाता है, तो Shore Patrol उसे मौके पर ही हिरासत में लेकर सीधे युद्धपोत पर वापस भेज देती है।
 

अनुशासनात्मक कार्रवाई : जहाज पर लौटने के बाद उस सैनिक या अधिकारी के खिलाफ सैन्य अदालत/नियमों के तहत सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाती है।

Teachers Day 2026: हर शिक्षक अपने विद्यार्थियों से कहना चाहता है ये 5 बातें, पढ़कर भावुक हो जाएंगे आप

Teachers Day 2026: हर शिक्षक अपने विद्यार्थियों से कहना चाहता है ये 5 बातें, पढ़कर भावुक हो जाएंगे आप

Teacher day

हर साल 5 सितंबर का दिन हमारे पूर्व राष्ट्रपति, महान दार्शनिक और शिक्षक डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के सम्मान में 'शिक्षक दिवस' के रूप में मनाया जाता है। यह दिन केवल शिक्षकों को बधाई देने का नहीं है, बल्कि उस अनमोल रिश्ते को समझने का भी है जो एक गुरु और शिष्य के बीच होता है। हर शिक्षक अपने विद्यार्थियों से कुछ बुनियादी उम्मीदें रखता है। वे चाहते हैं कि उनके पढ़ाए हर बच्चे का भविष्य उज्ज्वल हो। आइए जानते हैं वे कौन-सी 5 मन की बातें हैं, जो एक टीचर अक्सर अपने छात्रों से कहना चाहता है:

 

1. 'इंटेलिजेंट' कोई जन्म से नहीं होता, यह एकाग्रता का खेल है

शिक्षक का नज़रिया: एक ब्लैकबोर्ड के सामने खड़े होकर जब हम पढ़ाते हैं, तो हमारी नज़र में क्लास का हर बच्चा एक जैसा होता है। कोई छात्र जन्म से 'कमज़ोर' या 'तेज़' नहीं होता।

 

दिल की बात: जो बच्चा क्लास में पढ़ाई जा रही बात को पूरे मन और ध्यान से सुनता है, वह अव्वल आ जाता है। वहीं जिसका ध्यान भटकता है, वह पीछे छूट जाता है। जब कोई छात्र पिछड़ता है, तो सबसे ज़्यादा दर्द एक शिक्षक को होता है क्योंकि समाज उस असफलता का ज़िम्मेदार हमें मान लेता है- जबकि हम आपको बार-बार ध्यान लगाने की सलाह सिर्फ आपके भले के लिए देते हैं।

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2. एक बार पढ़ना काफी नहीं, 'प्रैक्टिस' ही आपको महान बनाएगी

शिक्षक का नज़रिया: सफलता का कोई जादुई मंत्र नहीं होता, उसका सिर्फ एक ही रास्ता है- पुनरावृत्ति (रिवीजन)।

दिल की बात: कई बार छात्र सोचते हैं कि “यह चैप्टर तो मैंने एक बार पढ़ लिया, अब काफी है।” लेकिन सच यह नहीं है। जब तक आप पढ़े हुए पाठ को दोहराएंगे नहीं या गणित के एक ही सवाल को बार-बार हल करके अभ्यास नहीं करेंगे, तब तक वह ज्ञान आपका अपना नहीं बनेगा। अभ्यास ही आपकी असली ताक़त है।

 

3. 'होमवर्क' कोई सजा नहीं, आपकी निरंतरता (Continuity) का ज़रिया है

शिक्षक का नज़रिया: बहुत से बच्चों को होमवर्क एक बोझ लगता है, लेकिन इसके पीछे हमारी एक सोची-समझी रणनीति होती है।

दिल की बात: होमवर्क आपको तीन तरह से मजबूत बनाता है—पहला, जो क्लास में सीखा उसका खुद से अभ्यास करना; दूसरा, छूटे हुए काम को पूरा करना; और तीसरा, छुट्टियों में भी पढ़ाई से आपका जुड़ाव बनाए रखना। यह आपको पढ़ाई की लय (Flow) से अलग नहीं होने देता।

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4. अनुशासन (Discipline) आपके ही उज्ज्वल भविष्य की ढाल है

शिक्षक का नज़रिया: क्लासरूम का अनुशासन केवल नियम पालन के लिए नहीं, बल्कि आपकी जीवनशैली को संवारने के लिए होता है।

दिल की बात: समय पर स्कूल आना, अपना काम पूरा करना और क्लास में शांति बनाए रखना बहुत ज़रूरी है। जब आप क्लास में बेवजह बातें या शोर करते हैं, तो इससे न केवल आपका नुकसान होता है, बल्कि जो बच्चे मन लगाकर पढ़ना चाहते हैं उनका ध्यान भी भटकता है और शिक्षक का लय भी टूटता है।

 

5. आज्ञाकारिता (Obedience) का मतलब आप पर विचार थोपना नहीं है

शिक्षक का नज़रिया: जब हम आपको किसी चीज़ के लिए टोकते हैं या मना करते हैं, तो उसके पीछे हमारा वर्षों का अनुभव होता है।

दिल की बात: हम कभी अपनी सोच आप पर थोपना नहीं चाहते, बल्कि आपको गलतियों और उनके नुकसान से बचाना चाहते हैं। अपने माता-पिता और शिक्षकों के निर्देशों का पालन करके आप किसी और का नहीं, बल्कि खुद अपना ही जीवन सुगम बनाते हैं।

शिक्षक दिवस का सच्चा अर्थ तभी सार्थक होगा जब छात्र अपने गुरुओं की इन छोटी-छोटी लेकिन अमूल्य बातों को समझेंगे। एक शिक्षक की सबसे बड़ी जीत यही होती है कि उसका पढ़ाया हुआ छात्र जीवन के हर दौर में एक सफल और अच्छा इंसान बने।

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क्या नेपाल में कुत्ते ने बच्चे को बाढ़ में डूबने से बचा लिया? वायरल वीडियो का Fact Check

ऐसा कहा जा रहा कि जब बच्चा बाढ़ के पानी में बह रहा था, तब एक बेजुबान जानवर ने अपनी जान की परवाह किए बिना उसकी जिंदगी बचा ली। वीडियो को नेपाल की हालिया बाढ़ और तबाही से जोड़कर बड़ी संख्या में शेयर किया जा रहा है।

अगले 1 महीने में बैंक निफ्टी में आ सकती है 5000 अंकों की तेजी, अगले 12 महीने में डबल हो सकता है सीएनएक्स आईटी

बाजार पर अपनी राय साझा करते हुए केडियानॉमिक्स के फाउंडर सुशील केडिया ने कहा कि बाजार में इस समय पैसा बनाने का टाइम आ गया है। स्वर्ग जाने का रास्ता नरक जैसा दिखता है और नर्क में जाने का रास्ता स्वर्ग जैसा दिखता है। लोग जब शेयर बाजार में सबसे ज्यादा खुश होते हैं तो नर्क की शुरुआत वहीं होती है। अभी जो लोगों के मन में नर्क जैसे हालात बने हुए यही मार्केट का बॉटम है। अब यहीं से स्वर्ग जाने का रास्ता खुलेगा। एक बात ध्यान में रखें की रुपया-डॉलर और भारतीय बाजार का संबंध बड़ा विचित्र सा है।

लॉन्ग रन में डॉलर के मुकाबले भारत की करेंसी कमजोर होती रही है और शेयर मार्केट बढ़ता रहा है। इस गिरावट में रुपया जब भी मजबूत होता है। बाजार बढ़ जाता है। जब भी रुपए में 10% की गिरावट आई है। मार्केट में -5% से लेके प्लस 5% तक का रिटर्न मिला है। लेकिन जब रुपया 10% मजबूत होता है तो निफ्टी में 20 से 25% तक की तेजी देखने को मिली है। अब डॉलर टूटने को कगार पर है। ऐसे में आगे हमारे बाजारों को रुपए में मजबूती का फायदा मिलेगा।

ग्लोबल मार्केट पर नजर डालें तो अब बाजार में तेजी का माहौल बन गया है। लेकिन अभी बाजार में अभी टुकड़े-टुकड़े में खेलना होगा। पर अब वो हालात बन गए हैं जिसमें अच्छी कमाई हो सकती है।

उन्होंने आगे कहा कि इस समय बैंक निफ्टी की दिशा ज्यादा साफ दिख रही है। अगले कुछ ही दिनों में निफ्टी की स्थिति भी साफ हो सकती है। लेकिन अभी के लिए कहा जा सकता है कि एक से सवा महीनें में बैंक निफ्टी में 5000 अंकों की तेजी आ सकती है।

अदाणी ग्रुप के शेयरों पर बात करते हुए सुशील केडिया ने कहा कि अदाणी एंटरप्राइज और अदाणी पोर्ट पर उनकी शॉर्ट करने की सलाह होगी। वहीं, अदाणी पावर और एनडीटीवी में लॉन्ग बेट है। इनमें बने रहने की सलाह होगी। बजाज ऑटो में भी अब शॉर्ट करने के मौके बन रहे है। बैंक शेयरों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, एयू बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा आगे धमाका कर सकते हैं। वहीं, एसबीआई और कोटक बैंक नखरे दिखा सकते हैं।

हिंन्दुस्तान यूनीलीवर और टाटा कंज्यूमर यहां से 50-60 फीसदी की तेजी देखने को मिल सकती है। एशियन पेंट्स भी अच्छे करेक्शन के बाद अब भागने को तैयार है। इसमें 30 फीसदी तक की रैली देखने को मिल सकती है।

उन्होंने आगे कहा कि अगर हम पिछले 30 साल का इतिहास देखें तो पता चलता है कि जब भी रूपया-डॉलर मजबूत होता है तो सबसे ज्यादा रिटर्न एफएमसीजी और आईटी ही देते हैं। अगर मार्केट में तेजी आती है तो सबसे पहले इन्ही सेक्टर्स के शेयर भागेंगे। अगर कोई टीसीएस को 3 साल के नजरिए से खरीदे तो इसमें 7000 रुपए का भाव देखने को मिल सकता है। ट्रेंडिंग के नजरिए से भी इसमें 3200-3300 रुपए का भाव मिल सकता है। इस समय सारे ही आईटी शेयर अच्छे लग रहे हैं। अगर कोई सेक्टोरल इंडेक्स है जो अगले 12 महीनों में डबल हो सकता है तो वह है सीएनएक्स आईटी ही है।

 

Market Outlook : बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 7 सितंबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल

 

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जन्माष्टमी पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि पहुंचे सीएम योगी, चांदी से सजे गर्भगृह में किए ‘लाला’ के दर्शन

जन्माष्टमी पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि पहुंचे सीएम योगी, चांदी से सजे गर्भगृह में किए ‘लाला’ के दर्शन

CM Yogi Adityanath: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने ब्रज प्रवास के दूसरे दिन श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर शुक्रवार सुबह श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने पूरे विधि-विधान व आस्था के साथ मुख्य गर्भगृह में विराजमान 'लाला' (बाल कृष्ण) के दर्शन और विशेष पूजन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री के रूप में श्रीकृष्ण जन्मभूमि का यह उनका 20वां दर्शन रहा। मंदिर परिसर में आगमन पर श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के पदाधिकारियों ने उनका भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया।

चांदी से सजे गर्भगृह की अद्भुत छटा निहारते रहे सीएम

जन्माष्टमी के इस विशेष और दिव्य पर्व पर जन्मभूमि के मुख्य गर्भगृह की दीवारों को चांदी की परत लगाकर बेहद अलौकिक रूप से सजाया गया था। मुख्यमंत्री योगी काफी देर तक चांदी से सजे गर्भगृह की इस अद्भुत छटा और लाला के मनमोहक स्वरूप को भक्तिभाव से निहारते रहे। मुख्य गर्भगृह में दर्शन-पूजन के बाद सीएम ने परिसर में ही स्थित योगमाया मंदिर, केशवदेव मंदिर और भागवत भवन में भी जाकर दर्शन-पूजन किया और देश-प्रदेश की सुख-शांति व समृद्धि की मंगल कामना की।

गोपूजन कर श्रद्धालुओं पर की पुष्प वर्षा

मंदिर में पूजन-अर्चन से पहले मुख्यमंत्री ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर में गोमाता का विधिवत पूजन किया। इस पावन पर्व पर जन्मभूमि परिसर में मौजूद हजारों श्रद्धालुओं का अभिवादन स्वीकार करते हुए सीएम योगी ने उन पर देर तक पुष्प वर्षा की और सभी देशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने जन्मभूमि परिसर में अपनी मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुति दे रहे उज्जैन से आए कलाकारों के मध्य पहुंचकर उनका उत्साहवर्धन किया और साथ में फोटो भी खिंचवाईं। सीएम योगी करीब 30 मिनट तक जन्मभूमि परिसर में रहे।

कोई पल्सर दे रहा तो कोई ऑफर… नीम करोली बाबा पर बनी मूवी हनुमान अंश में गाते ही ऐसे बदली दृष्टिबाधित सिंगर सुनील लोधी की किस्मत!

‘हनुमान अंश’ गाने वाले सिंगर सुनील लोधी को उनके गाने के वायरल होने के बाद बॉलीवुड से ऑफर मिल रहे हैं। एक फैन ने तो इस दृष्टिबाधित (देखने में असमर्थ) सिंगर को पल्सर बाइक भी गिफ्ट की। फिल्म के लिए गाना गाने के बाद से सुनील की ज़िंदगी पूरी तरह बदल गई है।

‘हनुमान अंश’ के बाद सुनील लोधी को बॉलीवुड से ऑफर मिले

सुनील सागर ज़िले के जैसीनगर ब्लॉक के आगरा गांव के रहने वाले हैं। उन्हें पहचान ‘हनुमान अंश’ से पहले ही मिलनी शुरू हो गई थी, जब सोशल मीडिया पर उनका ‘मोरे संकट के कटिया हनुमान जी’ गाते हुए एक रील वायरल हुआ था। ऑनलाइन मिली इस पहचान की वजह से वह मुंबई पहुंचे और बॉलीवुड में उनके आने का रास्ता बना।

‘हनुमान अंश’ को मिले अच्छे रिस्पॉन्स के बाद, सुनील को और भी फ़िल्मी गाने गाने के ऑफ़र मिले हैं। एक लाइव परफॉर्मर के तौर पर भी उनकी माँग बढ़ी है और गणेश उत्सव के दौरान कई शो पहले ही बुक हो चुके हैं। इसके अलावा, उन्होंने चार से ज़्यादा बुंदेली गानों के लिए भी डील पक्की की है।

‘हनुमान अंश’ नीम करौली बाबा की ज़िंदगी पर आधारित है और इसमें चमत्कार से जुड़ी कई घटनाओं को दिखाया गया है। वहीं, सुनील का मानना ​​है कि उनकी अपनी ज़िंदगी की एक अनोखी घटना ने भगवान हनुमान में उनके भरोसे को और मज़बूत किया।

सुनील ने उस घटना को याद किया जिसने हनुमान में उनका भरोसा और गहरा किया

Local18 से बात करते हुए, सुनील ने याद किया कि एक बार वह दोस्तों के साथ गाँव से बाहर गए थे। दोस्तों के जाने के बाद, वह एक नाले (नरवा) के पास रास्ता भटक गए और घर लौटने का रास्ता खोजने में उन्हें मुश्किल हुई। देख न पाने की वजह से, सुनील ने बताया कि उस अनुभव ने उन्हें परेशान कर दिया और वह सोचने लगे कि भगवान ने उन्हें ऐसी ज़िंदगी क्यों दी है जिसमें वह घर लौटने का रास्ता भी नहीं ढूंढ सकते।

उन्होंने याद करते हुए बताया कि तभी उन्हें एक भंवरे की भिनभिनाहट सुनाई दी। सुनील के मुताबिक, वह कीड़ा पहले उनके हाथ पर बैठा और फिर भिनभिनाते हुए आगे बढ़ने लगा, ताकि वह उस आवाज़ का पीछा कर सकें। इसे दैवीय मदद मानते हुए, सुनील उस भिनभिनाहट का पीछा करते रहे जब तक कि वह सड़क तक नहीं पहुंच गए, सड़क पार की और सही रास्ता मिल गया। इसके बाद वह भंवरा गायब हो गया।

MCX में हफ्ते के अंतिम कारोबारी दिन गोल्ड और सिल्वर फ्यूचर्स में गिरावट, जानिए क्या वजह

कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स पर 4 सितंबर को सोने और चांदी में गिरावट दिखी। शाम 4:15 गोल्ड फ्यूचर्स 0.34 फीसदी यानी 531 रुपये गिरकर 1,55,244 रुपये प्रति 10 ग्राम पर चल रहा था। सिल्वर फ्यूचर्स 0.31 फीसदी यानी 734 रुपये गिरकर 2,35,320 रुपये पर चल रहा था।

विदेश में भी सोने और चांदी में गिरावट 

कमोडिटीज के जानकारों का कहना है कि अमेरिका में नॉन-फॉर्म पेरोल्स के डेटा आने से पहले बाजार में सावधानी बरती जा रही है। सोने और चांदी के फ्यूचर्स पर रुपये में मजबूती का भी असर पड़ा। विदेश में भी सोने और चांदी में गिरावट दिखी। सोना मामूली 0.02 फीसदी की गिरावट के साथ 4,472.12 डॉलर प्रति औंस पर था। सिल्वर 0.22 फीसदी की कमजोरी के साथ 66.80 डॉलर प्रति औंस था।

इस हफ्ते सोने में काफी ज्यादा उतार-चढ़ाव

आनंद राठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स में रिसर्च एनालिस्ट वेदिका नार्वेकर ने कहा कि उतार-चढ़ाव वाले इस हफ्ते में सोना 4,480 डॉलर के आसपास बना हुआ है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने आक्रामक रुख के संकेत दिए हैं। डॉलर में कमजोरी से सोने को सपोर्ट मिला है।

अमेरिका में नॉन-फॉर्म पेरोल्स डेटा का असर सोने पर पड़ेगा

उन्होंने कहा कि ग्लोबल मनी मैनेजर्स बीते कुछ हफ्तों से गोल्ड में पोजीशन बना रहे हैं। गोल्ड ईटीएफ में भी दिलचस्पी बनी हुई है। लेमन में रिसर्च हेड गौरव गर्ग ने कहा कि नॉन-फॉर्म पेरोल्स रिपोर्ट का असर डॉलर, बॉन्ड यील्ड और सोने और चांदी पर पड़ सकता है। इधर, 3 सितंबर को रुपये में 0.5 फीसदी मजबूती आई। डॉलर के मुकाबले यह 94.48 के लेवल पर बंद हुआ।

क्रूड की ऊंची कीमतों ने भी बुलियन पर बढ़ाया दबाव 

गोल्ड और सिल्वर फ्यूचर्स पर क्रूड की ऊंची कीमतों का भी असर पड़ रहा है। ब्रेट क्रूड 95 डॉलर से ऊपर है, जबकि WTI क्रूड 90 डॉलर प्रति बैरल के पार है। इस हफ्ते क्रूड करीब 10 फीसदी चढ़ा है। क्रूड के हाई लेवल पर बने रहने से महंगाई बढ़ने का खतरा बढ़ेगा। इससे अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकता है।

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फेडरल रिजर्व की पॉलिसी पर टिकीं निगाहें

इनवेस्टर्स की नजरें फेडरल रिजर्व के फैसले पर टिकी है। फेड 16 सितंबर को अपनी पॉलिसी का ऐलान करेगा। इससे पहले अमेरिका में इनफ्लेशन के डेटा आएंगे। अगर इनफ्लेशन में कमी नहीं दिखती है तो फेडरल रिजर्व इंटरेस्ट रेट में 25 बेसिस प्वाइंट्स का इजाफा कर सकता है। इसका निगेटिव असर सोने की कीमतों पर पड़ेगा।

नेपाल के मलबे में जिंदगी के निशान तलाशने की आखिरी कोशिश! अपने 36 लापता नागरिकों को बचाने ऑस्ट्रेलिया ने भेजी हाई-टेक ‘ड्रोन फौज’

नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद से ही रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। भारत सहित कई देश नेपाल की मदद के लिए अपनी तरफ से हर संभव प्रयास कर रहे हैं और मलबों में फंसे लोगों को निकालने के लिए सर्च अभियान चला रहे हैं। इसी क्रम में ऑस्ट्रेलिया के आपदा राहत विशेषज्ञ भी लोगों की तलाश में शामिल होने के लिए शुक्रवार को नेपाल के लिए रवाना हुए। वहीं, इस भयानक आपदा के बाद ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने अपने 36 लापता नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है।

बता दें कि 26 अगस्त को ग्लेशियर का एक हिस्सा टूटने के बाद नेपाल में आई अचानक बाढ़ में अब तक 1,200 से ज्यादा लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि करीब 5,000 लोग अभी भी लापता हैं। नेपाल सरकार के मुताबिक, लापता लोगों में 583 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं।

अधिकारियों ने बताया कि नेपाल सरकार के अनुरोध पर 15 सदस्यों वाली ‘ऑस्ट्रेलियाई आपदा सहायता प्रतिक्रिया टीम’ को तैनात किया गया है। इस टीम में ज्यादातर सदस्य राज्य की आपातकालीन सेवाओं के ड्रोन पायलट हैं।

ऑस्ट्रेलियाई अधिकारी ने दी जानकारी

न्यू साउथ वेल्स फायर एंड रेस्क्यू के कमिश्नर जेरेमी फ्यूट्रेल ने शुक्रवार को सिडनी एयरपोर्ट पर पत्रकारों से कहा, “हमें अभी भी उम्मीद है कि कुछ जगहों पर लोग जीवित हो सकते हैं और उम्मीद है कि यह टीम ऐसे लोगों का पता लगाने में मदद कर सकेगी।”

उन्होंने कहा, “इस टीम में मुख्य रूप से हमारे खास ड्रोन के पायलट शामिल हैं।” उन्होंने आगे बताया कि उनके पास अलग-अलग तरह के ड्रोन हैं जो हवा से बड़े इलाकों का सर्वे कर सकते हैं और ऐसी तंग जगहों पर भी जा सकते हैं जहां बचाव कर्मियों का पहुंचना मुश्किल हो सकता है।

जेरेमी फ्यूट्रेल ने आगे कहा, “हम जो मदद दे रहे हैं, वह नेपाली अधिकारियों के अनुरोध पर दी जा रही है। इसके तहत उन्हें ऐसे कई साधन और सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिनसे उन्हें वाकई मदद मिलेगी।”

उन्होंने कहा, इसके अलावा, ऑस्ट्रेलियन फेडरल पुलिस के 7 विशेषज्ञ भी शनिवार को नेपाल पहुंचेंगे। ये विशेषज्ञ आपदा में मारे गए या लापता लोगों की पहचान करने में मदद करेंगे।

19 ऑस्ट्रेलियाई अधिकारी पहले से ही नेपाल में मौजूद 

बता दें कि ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने गुरुवार को इनकी तैनाती की घोषणा की थी। विदेश मंत्री पेनी वोंग ने बताया कि 19 ऑस्ट्रेलियाई अधिकारी पहले से ही नेपाल में मौजूद हैं, जिनमें कॉन्सुलर अधिकारी, मानवीय सहायता से जुड़े पुलिसकर्मी और रक्षा व पुलिस के जवान शामिल हैं।

गौरतलब है कि नेपाल के विदेश मंत्री ने पिछले हफ्ते कहा था कि उन्हें विशेष और तकनीकी क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय मदद की जरूरत है।

स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि बचे हुए लोगों के मिलने की उम्मीद कम होती जा रही है, लेकिन चीन की सीमा के पास बचाव कार्य जारी है।

ऑस्ट्रेलियाई मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, लापता ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों के कुछ रिश्तेदार भी खुद तलाश करने के लिए नेपाल गए हैं।

ऑस्ट्रेलिया के ट्रेजरर जिम चाल्मर्स ने शुक्रवार को बताया कि 36 ऑस्ट्रेलियाई नागरिक अभी भी लापता हैं, जबकि रात भर में दो लोगों के सुरक्षित होने की पुष्टि हुई है।

उन्होंने ABC न्यूज ब्रेकफास्ट को बताया, “हमें उन 36 ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों के बारे में अभी भी बहुत चिंता है जिनका अभी तक पता नहीं चल पाया है।”

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