Gold Silver Prices Today: दिल्ली में सोना लगातार दूसरे दिन चढ़ा, चांदी की कीमतों में बदलाव नहीं

Gold Silver Prices Today: दिल्ली सर्राफा बाजार में 4 सितंबर को सोने में लगातार दूसरे दिन तेजी आई। यह 1,400 रुपये चढ़कर 1,60,900 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। चांदी की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी दोनों की कीमतों में गिरावट देखने को मिली।

चांदी की कीमत 2,40,500 रुपये पर स्थिर

दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी की कीमतें 2,40,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर बनी रहीं। ट्रेडर्स का कहना है कि सोने में तेजी की वजह घरेलू बाजार में इसकी अच्छी खरीदारी है। हालांकि, अमेरिका में नॉन-फॉर्म पेरोल्स डेटा आने से पहले इनवेस्टर्स सावधानी बरत रहे हैं। इस डेटा का असर सोने और चांदी की कीमतों पर पड़ सकता है।

रिकॉर्ड ऊंचाई से 40 फीसदी गिरी है चांदी

सोने और चांदी की कीमतें इस साल जनवरी के आखिर में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थीं। उसके बाद दोनों में तेज गिरावट दिखी। चांदी की कीमत जनवरी में 4 लाख रुपये के पार हो गई थी। तब से यह करीब 40 फीसदी गिर चुकी है। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के रिसर्च हेड सिद्धार्थ खेमका ने कहा, “इनवेस्टमेंट डिमांड कमजोर है, जिससे डीलर इनवेंट्रीज को लेकर चिंता पैदा होती है।”

कमजोर डिमांड से चांदी पर बढ़ सकता है दबाव 

उन्होंने कहा कि अगर डिमांड नहीं बढ़ती है तो भारतीय डीलरों की तरफ से दिए गए करीब 2,000 टन सिल्वर के आने से इनवेंट्री पर दबाव और बढ़ सकता है। सिल्वर का इस्तेमाल कई इंडस्ट्रीज में भी होता है। इनमें इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल शामिल हैं। इसके अलावा इसमें इनवेस्टमेंट डिमांड भी होती है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी में गिरावट 

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी में गिरावट आई। सोना हल्की गिरावट के साथ 4,465 डॉलर प्रति औंस था, जबकि चांदी 0.38 फीसदी गिरकर 66.72 डॉलर प्रति औंस थी। एचडीएफसी सिक्योरिटीज में सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा कि अगस्त की नॉन-फॉर्म पेरोल रिपोर्ट से पहले ट्रेडर्स सावधानी बरत रहे हैं। इससे सोने और चांदी की कीमतें सीमित दायरे में बनी हुई हैं।

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अमेरिका में इनफ्लेशन के डेटा पर करीबी नजर

अगले हफ्ते अमेरिका में इनफ्लेशन के डेटा आने वाले हैं। इसका असर अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की पॉलिसी पर पड़ेगा। फेड 16 सितंबर को अपनी पॉलिसी पेश करेगा। अगर इनफ्लेशन में इजाफा होता है तो वह इंटरेस्ट रेट बढ़ाने का ऐलान कर सकता है। फेड चेयरमैन केविन वॉर्श पहले ही संकेत दे चुके हैं कि उनका फोकस इनफ्लेशन को काबू करने पर है। अगर अमेरिका में इंटरेस्ट रेट बढ़ता है तो इसका खराब असर सोने पर पड़ेगा।

591 करोड़ अलर्ट मैसेज से बाढ़ के दौरान यूपी में बचाई लाखों की जान, एक भी जनहानि नहीं

591 करोड़ अलर्ट मैसेज से बाढ़ के दौरान यूपी में बचाई लाखों की जान, एक भी जनहानि नहीं

CM Yogi flood problem

disaster management UP: उत्तर प्रदेश में भारी बारिश, आंधी-तूफान, वज्रपात और बाढ़ के बीच योगी सरकार का मजबूत चेतावनी एवं राहत-बचाव तंत्र लोगों के लिए जीवनरक्षक साबित हुआ है। राहत आयुक्त कार्यालय की ओर से बड़े पैमाने पर भेजे गए 591 करोड़ से अधिक अलर्ट मैसेज ने लाखों लोगों को समय रहते मौसम और बाढ़ के संभावित खतरे से सतर्क किया। समय पर मिली चेतावनी, स्थानीय प्रशासन की तत्परता और आमजन की सजगता का नतीजा रहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अब तक एक भी जनहानि नहीं हुई है।

करोड़ों संदेशों से समय रहते मिली चेतावनी

प्रदेश में लोगों को भारी बारिश, आंधी-तूफान, वज्रपात और बाढ़ से बचाव के लिए मोबाइल संदेशों के माध्यम से लगातार अलर्ट भेजे गए। जुलाई में 306 करोड़ और अगस्त में 285 करोड़ यानी कुल 591 करोड़ अलर्ट मैसेज प्रसारित किए गए। इसके अलावा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से एक करोड़ से अधिक लोगों तक मौसम संबंधी सूचनाएं और चेतावनियां पहुंचाई गईं। इस व्यापक सूचना तंत्र ने लोगों को समय रहते सावधान होने, सुरक्षित स्थानों पर जाने और जरूरी सुरक्षा उपाय अपनाने में मदद की।

चेतावनी मिलते ही खुद सुरक्षित हुए लोग

अलर्ट सिस्टम की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि मौसम और नदियों के जलस्तर से जुड़ी सूचनाएं लोगों तक समय पर पहुंचीं। इससे प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोग संभावित खतरे को समझकर स्वयं भी सुरक्षित स्थानों की ओर जाने में सक्षम हुए। स्थानीय प्रशासन ने भी इन चेतावनियों के आधार पर लगातार लोगों को जागरूक किया। इस तरह तकनीक, प्रशासनिक सतर्कता और आमजन की सजगता ने मिलकर जनसुरक्षा को मजबूत किया।

3.52 लाख से अधिक लोगों तक पहुंची मदद

अलर्ट और राहत-बचाव व्यवस्था के जरिए बाढ़ की स्थिति में अब तक 3.52 लाख से अधिक लोगों तक मदद पहुंचाई गई। वहीं राहत एवं बचाव अभियानों के दौरान समय रहते 17.54 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।

CM Yogi flood problem

1070 हेल्पलाइन से तत्काल राहत

राहत आयुक्त कार्यालय की 1070 हेल्पलाइन भी संकट के समय लोगों के लिए महत्वपूर्ण सहारा बनी। सूचना मिलते ही संबंधित जिला प्रशासन को जानकारी उपलब्ध कराई गई और जरूरत के अनुसार राहत एवं बचाव दलों को मौके पर भेजा गया। चित्रकूट, प्रयागराज और मिर्जापुर समेत अन्य प्रभावित जिलों में बाढ़ में फंसे लोगों की लोकेशन प्राप्त कर बचाव दलों तक पहुंचाई गई, जिसके बाद नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने की कार्रवाई की गई। यही प्रयास बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अब तक शून्य जनहानि सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण साबित हुआ है।

चित्रकूट में घटा मंदाकिनी का जलस्तर

चित्रकूट में बाढ़ की चुनौती के बीच योगी सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन राहत और बचाव कार्यों को लेकर पूरी तरह सतर्क है। मंदाकिनी नदी का जलस्तर 29 अगस्त को 135.20 मीटर के उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद अब घटकर 128.00 मीटर पर आ गया है। उत्तर प्रदेश राहत आयुक्त कार्यालय के मुताबिक जलस्तर में गिरावट के बावजूद प्रशासन ने निगरानी और राहत कार्यों में कोई ढिलाई नहीं की है। अब तक 688 लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा चुका है। वहीं जिले में बाढ़ से कोई भी जनहानि या पशुहानि नहीं हुई है।

 

मंदाकिनी नदी में बढ़े जलस्तर से कर्वी के रामघाट सहित 19 गांव, राजापुर के 7 गांव और मानिकपुर के 10 गांव, यानी कुल 36 गांव प्रभावित हुए। इन क्षेत्रों में 13,906 लोगों तक मदद पहुंचाई गई। प्रशासन प्रभावित आबादी तक भोजन, राहत सामग्री और स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के काम में जुटा हुआ है। तहसील कर्वी में 24,530, राजापुर में 4,043 और मानिकपुर में 230 यानी कुल 28,803 लंच पैकेट वितरित किए जा चुके हैं।

12 चरवाहों और 2 हजार से अधिक भेड़ों को बचाया

गाजीपुर में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से डूहिया सरैया के पास नदी के टापू पर फंसे 12 चरवाहों और 2 हजार से अधिक भेड़ों को पुलिस और प्रशासन ने बचाया। करीब छह घंटे चले जोखिमपूर्ण अभियान के बाद यह सफलता मिली। देर रात में सूचना मिलते ही पुलिस-प्रशासन की संयुक्त टीम ददरी घाट पहुंची। नाइट विजन ड्रोन से फंसे लोगों और भेड़ों की लोकेशन चिन्हित की गई। 

प्रदेश के बाढ़ प्रभावित जिले

अमरोहा, अयोध्या, आजमगढ़, बदायूं, बलिया, बाराबंकी, बस्ती, चंदौली, फर्रुखाबाद, गाजीपुर, गोंडा, गोरखपुर, हरदोई, कासगंज, कानपुर, लखीमपुर खीरी, मिर्जापुर, मुरादाबाद, पीलीभीत, प्रयागराज, रायबरेली, रामपुर, संत कबीर नगर, शाहजहांपुर, उन्नाव और वाराणसी।

Air India ने फुकेट-दिल्ली फ्लाइट के पायलट को निकाला, Psychoactive Substance टेस्ट आया Non-Negative, AAIB रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

Air India ने फुकेट-दिल्ली फ्लाइट के पायलट को निकाला, Psychoactive Substance टेस्ट आया Non-Negative,  AAIB रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

air india plane diverted

एयर इंडिया ने 4 अगस्त को संचालित फुकेट-दिल्ली उड़ान के पायलट-इन-कमांड (PIC) की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी हैं। इस विमान को उड़ान के दौरान अचानक ऊंचाई में बदलाव का सामना करना पड़ा था, जिसमें 20 यात्री और 4 क्रू सदस्य घायल हुए थे। एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की शुक्रवार को जारी प्रारंभिक रिपोर्ट के मुताबिक, पायलट के कन्फर्मेटरी टेस्ट में साइकोएक्टिव पदार्थ के लिए नतीजा ‘नॉन-नेगेटिव’ आया।

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एयर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा कि सुरक्षा कंपनी की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कंपनी ने विमानन सुरक्षा, फिटनेस या नियामकीय आवश्यकताओं के उल्लंघन को लेकर अपनी जीरो-टॉलरेंस नीति के तहत पायलट की नौकरी तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी है।

372 फुट ऊपर गया, फिर 292 फीट नीचे आया विमान

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AAIB के मुताबिक, इस दौरान विमान को अचानक altitude upset का सामना करना पड़ा। घटना के दौरान विमान अपनी निर्धारित FL360 ऊंचाई से पहले करीब 372 फीट ऊपर गया और फिर 292 फीट नीचे आया।

 

रिपोर्ट के अनुसार, करीब 9:32 बजे ब्लू हाइड्रोलिक सिस्टम को बहाल कर दिया गया। इसके कुछ सेकंड बाद येलो और ग्रीन हाइड्रोलिक सिस्टम भी बहाल हो गए। इससे फ्लाइट-कंट्रोल सरफेस का नियंत्रण वापस आया और विमान सामान्य परिचालन स्थिति में लौट सका। AAIB ने कहा है कि घटना के तकनीकी और अन्य पहलुओं की विस्तृत जांच अभी जारी है।

 

AAIB रिपोर्ट में क्या कहा गया?

 

AAIB की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, घटना के समय PIC विमान को सीधे नियंत्रित नहीं कर रहे थे, बल्कि वे पायलट मॉनिटरिंग की भूमिका में थे। दो पायलटों वाले विमान में पायलट मॉनिटरिंग वह क्रू सदस्य होता है जो उस समय प्राथमिक नियंत्रण नहीं संभाल रहा होता।

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वहीं, को-पायलट के दोनों टेस्ट नेगेटिव आए।

 

AAIB ने अपनी रिपोर्ट में यह नहीं कहा है कि पायलट के शरीर में साइकोएक्टिव पदार्थ पाए जाने और विमान की ऊंचाई में अचानक बदलाव के बीच कोई संबंध था। रिपोर्ट में कहा गया है कि विमान के तकनीकी और अन्य पहलुओं की विस्तृत जांच अभी जारी है।

 

AAIB ने विमानन नियामक डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) को साइकोएक्टिव पदार्थों के दुरुपयोग को रोकने के लिए उचित कार्रवाई करने की सलाह दी है। रिपोर्ट में ऐसे पदार्थों के इस्तेमाल को गंभीर चिंता का विषय बताया गया है।

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उड़ान के दौरान हाइड्रोलिक सिस्टम में आई खराबी

 

फुकेट से यह उड़ान सुबह 7:11 बजे IST रवाना हुई थी। शुरुआत में विमान ने किसी समस्या की सूचना नहीं दी। सुबह करीब 9:10 बजे विमान कोलकाता फ्लाइट इंफॉर्मेशन रीजन में दाखिल हुआ। इसके करीब 22 मिनट बाद, सुबह 9:32 बजे, विमान के फ्लाइट-कंट्रोल सिस्टम ने सबसे पहले ग्रीन हाइड्रोलिक सिस्टम के काम नहीं करने का संकेत दिया। इसके चार सेकंड बाद ब्लू और येलो हाइड्रोलिक सिस्टम के भी बंद होने का पता चला।

 

विमान में हाइड्रोलिक सिस्टम कई महत्वपूर्ण हिस्सों को संचालित करने में मदद करते हैं। इनमें व्हील ब्रेक, नोज-व्हील स्टीयरिंग, लैंडिंग गियर, फ्लाइट-कंट्रोल सरफेस, विंडशील्ड वाइपर और प्रोपेलर पिच कंट्रोल जैसे सिस्टम शामिल हैं। इसके बाद विमान का ऑटोपायलट डिस्कनेक्ट हो गया और लगातार दोहराने वाली चेतावनी की आवाज आने लगी। तीन सेकंड बाद करीब दो सेकंड के लिए स्टॉल वार्निंग भी सक्रिय हुई।

Janmashtami 2026 Tulsi Upay: आज कान्हा के जन्मोत्सव पर तुलसी के कुछ उपाय चमका सकते हैं आपकी किस्मत, मां लक्ष्मी होगी कृपा

Janmashtami 2026 Tulsi Upay: हमारे देश में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का पर्व उल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। यह दिन धार्मिक और आध्यात्मिक रूप से जितना महत्वूर्ण है उतना ही ज्योतिषीय दृष्टि से भी अहम है। माना जाता है इस दिन तुलसी से जुड़े कुछ उपाय करने से किस्मत के दरवाजे खुल सकते हैं और मां लक्ष्मी की कृपा से जीवन से कंगाली दूर हो सकती है।

कान्हा को तुलसीदल अत्यंत प्रिय है और उनके बिना लड्डू गोपाल का कोई भी भोग अधूरा माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तुलसी के बिना कान्हा की पूजा अधूरी मानी जाती है। कृष्ण जन्माष्टमी के दिन तुलसी से जुड़े कुछ विशेष उपाय करने से घर में सुख, समृद्धि और मां लक्ष्मी व भगवान विष्णु का आशीर्वाद बना रहता है। वहीं, इस दिन तुलसी से जुड़ी कुछ भूल करने से बचना भी आवश्यक है।

जन्माष्टमी पर तुलसी को लाल चुनरी ओढ़ाएं : श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन तुलसी जी को नई लाल चुनरी ओढ़ाने और उनके तने में कलावा बांधने से मनोकामना पूरी होती है और भगवान श्रीकृष्ण का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

श्रीकृष्ण के भोग में तुलसी अर्पित करें : जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण को पंजीरी, माखन-मिश्री या पंचामृत का भोग लगाते समय उसमें तुलसी का पत्ता अवश्य रखें। मान्यता है कि तुलसी के बिना श्रीकृष्ण भोग स्वीकार नहीं करते।

तुलसी की मंजरी का उपाय : यदि तुलसी के पौधे पर मंजरी आई हुई है, तो जन्माष्टमी के दिन थोड़ी सी मंजरी तोड़कर भगवान श्रीकृष्ण के चरणों में अर्पित करें। ऐसा करने से धन से जुड़ी समस्याएं दूर होती हैं और आर्थिक स्थिति में सुधार होता है।

वैवाहिक जीवन में मधुरता के लिए : यदि पति-पत्नी के बीच तनाव रहता है, तो जन्माष्टमी के दिन तुलसी के पौधे के पास बैठकर राधा-कृष्ण का ध्यान करें और तुलसी जी को सुहाग की सामग्री अर्पित करें।

तुलसी की परिक्रमा और दीपक : जन्माष्टमी की शाम को तुलसी के पौधे के सामने शुद्ध घी का दीपक जलाएं और ऊं नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करते हुए तुलसी जी की 11 या 21 बार परिक्रमा करें। इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सुख-शांति आती है।

इन गलतियों से बचना भी है जरूरी

  • जन्माष्टमी या किसी भी बड़े पर्व/रविवार/एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते तोड़ना वर्जित माना गया है। पूजा या भोग के लिए तुलसी एक दिन पहले ही तोड़कर रख लें या स्वयं गिरे हुए पत्तों का उपयोग करें।
  • बिना स्नान किए या अशुद्ध वस्त्र पहनकर तुलसी के पौधे को स्पर्श न करें।
  • तुलसी के पत्ते कभी बासी नहीं माने जाते, फिर भी ध्यान रखें कि पत्ता खंडित न हो।
  • जहां तुलसी का पौधा लगा हो, वहां जूते-चप्पल, झाड़ू या कूड़ा न रखें। जन्माष्टमी के दिन तुलसी के आसपास की जगह को अच्छी तरह साफ रखें।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई सामग्री जानकारी मात्र है। हम इसकी सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता का दावा नहीं करते। कृपया किसी भी कार्रवाई से पहले विशेषज्ञ से संपर्क करें

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Kia Sorento hybrid vs MG Tomahawk PHEV: Specifications comparison

Kia Sorento hybrid vs MG Tomahawk PHEV: Specifications comparison
MG Hector Tomahawk PHEV and Kia Sorento PHEV quick comparison

Kia’s ICE (internal combustion engine) flagship SUV offering in India, the Sorento, is based on the Hyundai Motor Group’s N3 platform. While the Kia SUV is also available with a diesel powertrain, our focus will be on the strong hybrid version for this comparison. As its segment rival, the MG Hector Tomahawk PHEV (plug-in hybrid) is also a three-row SUV, and is built around the brand’s new ADAPT platform. Let’s have a quick look on how these SUVs compare in terms of their dimensions, powertrain specifications and prices.

Explore full specs, features and a price breakdown in our Kia Sorento hybrid vs MG Hector Tomahawk PHEV comparison.

Kia Sorento hybrid vs MG Hector Tomahawk PHEV: Dimensions

The Sorento has the overall size advantage over the Hector Tomahawk

Kia Sorento hybrid vs MG Hector Tomahawk PHEV dimensions

 

Kia Sorento hybrid

MG Hector Tomahawk PHEV

Length (mm)

4,815

4,745

Width (mm)

1,900

1,850

Height (mm)

1,785

1,770

Wheelbase (mm)

2,815

2,810

Boot space (litres)

179

192

Wheel size (inches)

18-19

18

Neither of these are small SUVs. However, the Kia Sorento hybrid is longer, wider and taller (and has a larger wheelbase) than the MG Hector Tomahawk PHEV. The Sorento hybrid can be had with 19-inch alloy wheels at the top end, while the Hector Tomahawk PHEV only gets 18-inch wheels. However, the MG SUV’s boot can accommodate an additional 13 litres worth of cargo behind its third row of seats.

Kia Sorento hybrid vs MG Hector Tomahawk PHEV: Powertrain

The MG comes with a plug-in hybrid system compared to the Kia’s strong-hybrid setup

Kia Sorento hybrid vs MG Hector Tomahawk PHEV powertrain options

 

Kia Sorento hybrid

MG Hector Tomahawk PHEV

Engine

1.6-litre turbocharged petrol

1.5-litre naturally aspirated petrol

Battery size

TBA

20.5kWh

Electric motor type

Permanent magnet synchronous motor

Permanent magnet synchronous motor

Drive configuration

FWD / AWD

FWD

Total system output

TBA

198hp, 230Nm

Transmission

6AT

DHT

0-100kph

TBA

9.0 seconds

Claimed mileage

TBA

50kpl

Fuel tank

67 litres

52 litres

AC charging

7.5 hrs at 3.3kW (10-100%)

DC fast charging

35 mins at 25kW (30-80%)

Unlike the Sorento’s strong-hybrid setup, where the battery can only be charged by the internal combustion engine, the battery pack of the Hector Tomahawk PHEV can also be topped up by plugging it into either a DC fast charger or a slower AC charger. The Hector Tomahawk’s plug-in hybrid system allows the car to be driven in pure-electric mode over a distance of up to 115km (claimed), with Kia yet to disclose the Sorento hybrid’s EV-only range. Depending on the state of charge (SoC) of its battery pack, the MG SUV can also be driven using different powertrain modes.

In series-hybrid mode, the engine charges the battery while the electric motor drives the wheels. Then there’s the parallel-hybrid mode, where the engine and electric motor both power the driven wheels. Finally, the Hector Tomahawk PHEV can also be driven in engine-only mode with no assistance from the electric motor. The Hector Tomahawk PHEV employs a naturally aspirated petrol engine running the Atkinson cycle, plus a relatively high-capacity battery pack and a single electric motor.

Under the bonnet of the India-spec Kia Sorento hybrid sits a punchier 1.6-litre four-cylinder turbo-petrol engine with direct injection, developing 180hp and 265Nm. There’s a compact battery pack and an electric motor whose output is rated at 65hp and 264Nm. Kia is yet to specify the combined output of this hybrid powertrain, alongside its mileage and performance figures. The Hector Tomahawk PHEV gets what MG calls a  “Dedicated Hybrid Transmission (DHT)”, while the Sorento hybrid is equipped with a conventional 6-speed automatic gearbox (AT). Furthermore, the Kia’s fuel tank can carry an additional 13 litres of petrol. The Kia Sorento hybrid gets Eco, Sport and Smart drive modes, along with Snow, Mud and Sand terrain modes. While the Sorento hybrid is available in both front-wheel drive (FWD) and all-wheel drive (AWD) configurations, the Hector Tomahawk PHEV is exclusively FWD.

Kia Sorento hybrid vs MG Hector Tomahawk PHEV: Prices

Where the pricier Sorento is available in four different trims, the MG is limited to just two

Kia Sorento hybrid vs MG Hector Tomahawk PHEV prices

 

Kia Sorento hybrid

MG Hector Tomahawk PHEV

Price range (In Rs, lakh)

29.49-40.19

25.70-27.79

Even the base-spec trim of the Kia Sorento hybrid costs Rs 3.79 lakh more than the entry-level MG Hector Tomahawk PHEV. On the higher end of the line-up, the Sorento hybrid with all-wheel drive costs a staggering Rs 12.40 lakh more than the fully loaded Hector Tomahawk PHEV (which is front-wheel drive only). While the Hector Tomahawk PHEV has a 7-seat configuration, the Sorento hybrid is also available in a 6-seat format with individual captain seats in the second row. The Kia also offers more power and also has a larger physical footprint. However, if you want the flexibility offered by a plug-in hybrid system and a long list of standard equipment at a lower asking price, then the MG Hector Tomahawk PHEV could be the right three-row mass-market hybrid SUV for you.

महिला की इज्जत बचाने को टूट पड़े कुत्ते, लोग बोले-इन्हें तो मेडल दिया जाना चाहिए

कोयंबटूर में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां पर कुछ स्ट्रीट डॉग्स ने ऐसा कारनामा अंजाम दिया कि लोग उनके लिए मेडल मांगने लगे हैं। सोशल मीडिया पर इस घटना का सीसीटीवी फुटेज वायरल हो रहा है।

Asian Games के लिए इन दो शहरों ने भारतीय निशानेबाजों के लिए शुरु किया आखिरी प्रशिक्षण

 

नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनआरएआई) ने आइची-नागोया में होने वाले 2026 एशियाई खेलों से पहले भारतीय निशानेबाजी टीम के लिए आखिरी प्रशिक्षण शिविर की घोषणा की है। राइफल और पिस्टल निशानेबाज 5 से 14 सितंबर तक भोपाल में एमपी स्टेट शूटिंग अकादमी में ट्रेनिंग करेंगे, जबकि शॉटगन टीम नई दिल्ली में करणी सिंह शूटिंग रेंज में ट्रेनिंग करेगी। स्कीट शिविर चार से 14 सितंबर तक और ट्रैप कैंप 10 से 18 सितंबर तक चलेगा।

एशियाई खेलों में निशानेबाजी प्रतियोगिता 17 सितंबर से 3 अक्टूबर तक जापान में आइची प्रीफेक्चुरल जनरल शूटिंग रेंज में होंगे। एनआरएआई के अध्यक्ष कलिकेश नारायण सिंह देव ने कहा कि ये कैंप निशानेबाजों को खेलों की तैयारी का आखिरी मौका देंगे। उन्होंने कहा, “ये तैयारी शिविर पोडियम तक पहुंचने के हमारे सफर में एक अहम कदम हैं। हमें अपने एथलीटों पर पूरा भरोसा है और हम उन्हें देश का नाम रोशन करने के लिए ज़रूरी वर्ल्ड-क्लास संसाधन उपलब्ध कराने के अपने वादे पर कायम हैं।”

एनआरएआई के महासचिव पवन कुमार ने कहा कि इन दो जगहों से निशानेबाजों को अपने-अपने इवेंट के हिसाब से बनी सुविधाओं में ट्रेनिंग करने का मौका मिलेगा।उन्होंने कहा, “भोपाल और नई दिल्ली में एक साथ इन कैंपों का आयोजन यह पक्का करता है कि हमारे एथलीट अपने-अपने इवेंट के हिसाब से सबसे अच्छे माहौल में ट्रेनिंग कर सकें। एडमिनिस्ट्रेटिव टीम ने लॉजिस्टिक्स, इंफ्रास्ट्रक्चर और सपोर्ट स्टाफ के बीच बेहतर तालमेल बिठाने के लिए बहुत मेहनत की है, जिससे टीम अपनी आखिरी तैयारियों पर पूरी तरह ध्यान दे सके।” एनआरएआई के हाई परफॉर्मेंस डायरेक्टर पियरे ब्यूचैम्प ने कहा , “इस अहम चरण में, हमारा ध्यान मात्रा से हटकर सटीकता, मानसिक तैयारी और तकनीकी सुधार पर केंद्रित हो जाता है। इन आखिरी कैंपों का स्ट्रक्चर हमारी स्पोर्ट्स साइंस और कोचिंग टीमों को हर एथलीट के परफॉर्मेंस मेट्रिक्स पर बारीकी से नज़र रखने और यह पक्का करने की सुविधा देता है कि एशियाई खेलों में रेंज पर उतरते समय वे अपनी बेहतरीन फॉर्म में हों।”

नेपाल के इकलौते अरबपति और नूडल किंग पर भारत में बड़ा एक्शन! जानिए FSSAI ने Wai Wai बनाने वाली कंपनी पर क्यों कसा शिकंजा

भारत में फूड सेफ्टी को लेकर चल रही मेगा ड्राइव में एक और बड़ा एक्शन देखने को मिला है और इस बार इसकी जद में नेपाल के एकमात्र अरबपति आ गए हैं। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने नेपाल के इकलौते अरबपति की कंपनी पर बड़ा एक्शन लिया है। मशहूर वाई-वाई नूडल्स बनाने वाली इस कंपनी की फैक्ट्री में जांच के बाद कुछ प्रोडक्ट्स को बंद करने का आदेश जारी किया गया है। जांच में पाया गया कि यह फैक्ट्री भारत में स्नैक्स बनाने में अनहेल्दी तरीके से जमीन पर गिरे और टूटे हुए नूडल्स का इस्तेमाल कर रही थी।

राजस्थान में कंपनी की फैक्ट्री पर गिरी गाज

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक FSSAI का यह आदेश राजस्थान में सीजी फूड्स इंडिया की फैक्ट्री को जारी किया गया है। आपको बता दें कि यह कंपनी सीजी कॉर्प ग्लोबल का हिस्सा है, जिसके प्रमुख नेपाल के एकमात्र अरबपति बिनोद चौधरी हैं। बिनोद चौधरी को नूडल किंग के उपनाम से भी जाना जाता है। FSSAI की इस जांच का मुख्य फोकस वाई-वाई ब्रांड के तहत बेचे जाने वाले भुजिया के 2 प्रोडक्ट्स पर था। ये भारत में कई कंपनियों द्वारा छोटे पैकेटों में बेची जाने वाली मशहूर फ्राइड स्नैक है।

बिना हीट ट्रीटमेंट फर्श के नूडल्स से बन रही थी भुजिया

FSSAI) ने अपने एक सोशल मीडिया पोस्ट में इस एक्शन की जानकारी दी है। रिपोर्ट के मुताबिक अधिकारियों और जांच करने वालों ने पाया कि फैक्ट्री में बिना किसी हीट ट्रीटमेंट के फर्श से इकट्ठा किए गए टूटे हुए नूडल्स को दोबारा प्रोसेस करके भुजिया बनाई जा रही थी। रॉयटर्स ने इस संबंध में रिएक्शन लेने के लिए जब संपर्क करने की कोशिश की, तो सीजी फूड्स इंडिया की ओर से कोई जवाब नहीं आया। FSSAI के पोस्ट को यहां नीचे देखा जा सकता है।

32000 किलो स्टॉक और एक्सपायर्ड सामान जब्त

कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने फैक्ट्री से 32000 किलोग्राम का स्टॉक जब्त किया है। इसके अलावा, परिसर से 1925 बॉक्स ऐसे तैयार सामान के मिले हैं जिनकी एक्सपायरी डेट निकल चुकी थी। FSSAI ने जानकारी दी है कि संबंधित फूड बिजनेस ऑपरेटर के खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी गई है और प्रयोगशाला जांच के लिए प्रोडक्स्ट के सैंपल भी लिए गए हैं।

देशव्यापी फूड सेफ्टी ड्राइव का हिस्सा

इस समय देशभर में फूड सेफ्टी को लेकर केंद्र और अलग अलग राज्य सरकारों के अधिकारी अभियान चला रहे हैं। फूड सेफ्टी, स्वच्छता या लेबलिंग में किसी भी कमी के लिए बड़े-छोटे रेस्टोरेंट्स और ब्रांड्स पर काफी कार्रवाई हो रही हैं। हाल के समय में डोमिनोज, पिज्जा हट से लेकर डियाजियो जैसे बड़े ब्रांड्स पर भी सख्त कार्रवाइयां देखने को मिली हैं। इसी कड़ी में पिछले हफ्ते भारतीय अधिकारियों ने मुंबई में एक अवैध नेटवर्क पर भी छापेमारी की थी। वहां पेप्सिको और नेस्ले जैसी दिग्गज कंपनियों के मूल उत्पादों पर फर्जी तरीके से एक्सपायरी डेट और न्यूट्रिशनल जानकारी बदलकर दूसरे देशों में एक्सपोर्ट करने का फर्जीवाड़ा पकड़ा गया था।

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बेल्जियम PM बोले- मोदी ने हमें पहले ही चेताया था:तब हमने नहीं सुनी, अमेरिका-चीन के भरोसे रहने का खतरा अब समझ आ रहा

बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर ने गुरुवार को कहा कि यूरोप को अब आर्थिक निर्भरता का खतरा समझ आ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूरोप को इस बारे में काफी पहले चेताया था। दिल्ली में CII के कार्यक्रम में उन्होंने कहा- दुनिया तेजी से बदल रही है, लेकिन यूरोप इस बदलाव के साथ कदम नहीं मिला पा रहा। वह बूढ़ा हो चुका है। वेबर के मुताबिक, चीन और अमेरिक यूरोप से बहुत आगे निकल चुके हैं। इनोवेशन और प्रोडक्टिविटी में यूरोप बहुत पीछे चला गया है, इसलिए उसे हर तरफ से झटके लग रहे हैं। ‘हम अपनी रक्षा करने में सक्षम नहीं’ डी वेवर ने कहा कि यूरोप की कमजोरी सिर्फ अर्थव्यवस्था तक सीमित नहीं है। यूरोपीय देश अपनी सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी खुद उठाने की स्थिति में भी नहीं हैं। यूरोप को हर समय अपमानित होना पड़ता है। वेबर का यह बयान ऐसे समय आया है, जब यूरोपीय देशों पर रक्षा के लिए ज्यादा खर्च करने और अपनी सुरक्षा में ज्यादा जिम्मेदारी लेने का दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, आप इस इतिहास से गुजर चुके हैं। आपके प्रधानमंत्री ने यूरोप को बहुत पहले चेताया था, लेकिन उन्हें नजरअंदाज कर दिया गया। अब हम सुन रहे हैं। यूरोप को यह समझ थोड़ी देर से आई है, लेकिन अब यह बदलाव हो रहा है। डी वेवर ने यूरोप की इस स्थिति को ‘रूड अवेकनिंग’ यानी कड़वी हकीकत से जागना बताया।
सस्ते आयात से कमजोर हुई यूरोप की इंडस्ट्री वेवर ने कहा कि यूरोप ने लंबे समय तक विदेशी कंपनियों को बड़े पैमाने पर अपने बाजार में जगह दी। कम कीमत पर आने वाले सामान ने यूरोप की स्थानीय कंपनियों के लिए मुश्किलें बढ़ाईं और धीरे-धीरे वहां की इंडस्ट्री कमजोर होती गई। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था का सबसे ज्यादा फायदा जिस देश को हुआ, वह यूरोप का करीबी पड़ोसी है और उसे सभी जानते हैं। डी वेवर ने देश का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके इस बयान को चीन की ओर इशारा माना जा रहा है। भारत को बताया ‘नंबर-1’ रणनीतिक पार्टनर डी वेवर ने भारत को यूरोप के लिए सबसे अहम रणनीतिक साझेदार बताया। उन्होंने कहा कि यूरोप को ऐसे देशों के साथ रिश्ते मजबूत करने चाहिए, जो सहयोग और बहुपक्षीय व्यवस्था में भरोसा रखते हों और ताकत के बजाय आपसी सम्मान के आधार पर संबंध बनाते हों। उन्होंने कहा, “अगर भारत उस सूची में नहीं है तो आपने कुछ बहुत बुनियादी बात मिस कर दी है। भारत उस सूची में है। नंबर-1।” डी वेवर ने भारत की तेज आर्थिक growth, बड़ी टैलेंट पूल और टेक्नोलॉजी क्षमता को दोनों पक्षों के लिए बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि भारत और यूरोप के बीच व्यापार, निवेश, टेक्नोलॉजी और सप्लाई चेन जैसे क्षेत्रों में सहयोग की बड़ी संभावनाएं हैं। बेल्जियम खुद भी बजट के दबाव में डी वेवर की ये चिंताएं ऐसे समय सामने आई हैं, जब बेल्जियम सरकार खुद बड़े बजट कटौती के फैसलों की तैयारी कर रही है। सरकार का लक्ष्य 2029 तक करीब 10 अरब यूरो यानी 11.7 अरब डॉलर की बचत करना है। प्रधानमंत्री ने माना कि इन फैसलों का असर देश के लगभग हर वर्ग पर पड़ेगा। उन्होंने कहा, “मैं अच्छी नींद नहीं ले पा रहा हूं और इस बारे में बहुत सोचता हूं।” डी वेवर ने कहा कि बजट का घाटा सिर्फ अमीरों पर ज्यादा टैक्स लगाकर पूरा नहीं किया जा सकता। वहीं, खर्च में कटौती को लेकर उन्होंने कहा कि आम तौर पर हर कोई चाहता है कि बचत का असर किसी और पर पड़े, उस पर नहीं। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा, “हर कोई सोचता है कि अगर बचत करनी है तो उसका खर्च मेरे पड़ोसी पर पड़े, मुझ पर नहीं।”

क्या NSE के IPO से पहले BSE के शेयरों में निवेश करना समझदारी है?

बीएसई के शेयरों में 4 सितंबर को जोरदार तेजी आई। यह 3 फीसदी से ज्यादा चढ़कर 3,411 रुपये पर बंद हुआ। 3 सितंबर को भी शेयर में तेजी आई थी। इस तेजी की बड़ी वजह बीएसई के एमडी और सीईओ का यह बयान है कि आईपीओ के बाद एनएसई अपने शेयर अपने ही प्लेटफॉर्म पर लिस्ट नहीं करा सकता। 4 सितंबर को एनएसई के आईपीओ को सेबी की क्लियरेंस मिल गई। सवाल है कि क्या अभी बीएसई के शेयरों में निवेश करना समझदारी है?

ऑल-टाइम हाई पर पहुंचने के बाद बिकवाली दबाव

शेयर डॉट मार्केट बाय फोनपे के मार्केट एनालिस्ट मयंक जैन ने कहा कि बीएसई के शेयर इस साल की शुरुआत में 4,500 रुपये के सबसे हाई लेवल पर पहुंच गए थे। उसके बाद शेयरों पर लगातार बिकवाली का दबाव दिखा है। हालांकि, करीब 3,265 रुपये के 200-डे सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) को टेस्ट करने के बाद शेयर में फिर से खरीदारी शुरू हुई।

रेसिस्टेंस लेवल को पार करने के बाद आ सकती है तेजी

उन्होंने कहा, “डेली चार्ट पर शेयर 3,265 रुपये के अपने 200-डे एसएम के करीब सपोर्ट लेवल को टेस्ट कर रहा है। यह शेयरों में निवेश बढ़ाने का भरोसेमंद बेस है। हालांकि, 3,550 रुपये के नजदीक 50-डे एसएम पर अगला रेसिस्टेंस है।” उन्होंने कहा कि अगर शेयर इस लेवल को पार करने के बाद लगातार इसके ऊपर बना रहता है तो इसका ट्रेंड बदलने की पुष्टि हो जाएगी। इसके बाद इसमें तेजी दिखेगी।

CAS पर सेबी के बयान से बीएसई के शेयरों में तेजी

सेबी के इस बयान से भी बीएसई के शेयर को मजबूती मिली है कि वह क्लोजिंग ऑक्शन सेशन यानी CAS पर विचार करेगा। CAS की शुरुआत 3 अगस्त को हुई थी। उसके बाद शेयरों में काफी ज्यादा खासकर एक्सपायरी के दिन उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। सेबी को सीएएस के बारे में काफी फीडबैक मिले हैं। वह उन पर विचार करने के बाद CAS सिस्टम में कुछ बदलाव कर सकता है।

शॉर्ट टर्म में दिख सकता है शेयर में पुलबैक

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज में वाइस प्रेसिडेंट रुचित जैन ने कहा कि बीएसई का शेयर 4,400 रुपये के हाई लेवल से करेक्ट हुआ है। यह 3,200 रुपये पर आ गया है। RSI से शेयर के ओवरसोल्ड जोन में होने का संकेत मिलता है। अगर यह शेयर 3,200-3,150 रुपये के सपोर्ट लेवल से ऊपर बना रहता है तभी शॉर्ट टर्म में इसमें पुलबैक दिख सकता है।

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एनएसई के शेयर अपने प्लेटफॉर्म पर लिस्ट नहीं होंगे

पीएल कैपिटल ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अगर एनएसई के शेयर उसके खुद के प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होते हैं तो इससे FY27 में बीएसई की अर्निंग्स पर असर पड़ सकता है। हालांकि, ऐसा लगता है कि एनएसई के शेयर अपने खुद के प्लेटफॉर्म पर लिस्ट नहीं होंगे। स्टॉक एक्सचेंज के शेयर को अपने ही प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होने की इजाजत नहीं है।

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