Trading Plan: दायरे में फंसा बाजार, ICICI सिक्योरिटीज के जय ठक्कर से जाने निफ्टी-बैंक निफ्टी में कैसे होगी कमाई

Trading Plan: मार्केट एक्सपर्ट्स की राय है कि निफ्टी में कंसोलिडेशन जारी रह सकता है। बाजार को साफ दिशा पकड़ने के लिए सोमवार के ट्रेडिंग रेंज (24,150–24,300) से साफ तौर पर बाहर निकलना होगा। मंथली F&O एक्सपायरी से पहले बाजार में सावधानी का माहौल होने के बावजूद, मोमेंटम इंडिकेटर्स ने अंडरलाइंग मोमेंटम में कुछ सुधार के संकेत दिए हैं। अगर इंडेक्स 24,300 के ऊपर मजबूती दिखाता है तो यह 24,500 की ओर बढ़ सकता है। वहीं,अगर यह 24,150–24,100 के नीचे गिरता है तो 24,000 के स्तर की ओर गिरावट की संभावना बढ़ सकती है।

उधर बैंक निफ्टी के 57,235 पर अपने 50-डे EMA को बनाए रखने की संभावना है,जो इस महीने क्लोजिंग बेसिस पर अच्छी तरह से टिका हुआ है। जानकारों के अनुसार,अगर यह लेवल टूटता है तो इंडेक्स 57,000–56,700 की ओर जा सकता है,जबकि 57,900 के ऊपर जाने पर यह 58,250 की ओर बढ़ सकता है।

निफ्टी आउटलुक और रणनीति

ICICI सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट और हेड ऑफ डेरिवेटिव्स एंड क्वांट रिसर्च, जय ठक्कर का कहना है कि निफ्टी पिछले हफ्ते और इस हफ्ते के पहले दिन भी गिरावट के साथ बंद हुआ,जिससे पता चलता है कि ऊपरी स्तरों पर बिकवाली का दबाव है। बैंक निफ्टी ऊंचे स्तरों से तेजी से गिरा,जिसका असर निफ्टी पर भी पड़ा। निफ्टी का सबसे ज्यादा पुट बेस 24,000 के स्तर पर है,जो इसे निचले स्तरों पर एक अहम सपोर्ट बनाता है,जबकि 24500 का स्तर तुरंत रेजिस्टेंस का काम कर रहा है। इसलिए,इंडेक्स के लिए निकट-अवधि की रेंज 24,000–24,500 है। जब तक इस रेंज से ब्रेकआउट नहीं होता,तब तक बाजार के साइडवेज रहने की संभावना है।

अब तक रोलओवर का स्तर ठीक-ठाक रहा है। पिछले शुक्रवार तक,पूरे मार्केट में रोलओवर 40 प्रतिशत था। जबकि सोमवार तक निफ्टी में गिरावट का रुख बना रहा। इससे पता चलता है कि FIIs शॉर्ट पोजीशन बढ़ा रहे हैं या उन्हें रोलओवर कर रहे हैं (कम से कम इंडेक्स में),क्योंकि हाल ही में नेट इंडेक्स शॉर्ट्स 1.5 लाख कॉन्ट्रैक्ट्स से बढ़कर 2.10 लाख कॉन्ट्रैक्ट्स हो गए हैं।

हालांकि,India VIX निचले स्तरों पर ट्रेड कर रहा है,लेकिन पिछले कुछ ट्रेडिंग सेशन में इसमें इंट्राडे उछाल देखा गया है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें निकट भविष्य में ग्लोबल इक्विटी के लिए एक निगेटिव फैक्टर बनी हुई हैं। जब तक कच्चे तेल की कीमतें कम नहीं होतीं,महंगाई का जोखिम इंडेक्स पर ऊपरी स्तरों पर दबाव बनाए रखता है।

अहम रेजिस्टेंस: 24,500

अहम सपोर्ट: 24,000

रणनीति: 24,100 के आस-पास गिरावट आने पर निफ्टी फ्यूचर्स खरीदें। स्टॉप-लॉस 23,950 के नीचे रखें और टारगेट 24,400 व 24,500 रखें।

बैंक-निफ्टी आउटलुक और रणनीति

जय ठक्कर का कहना है कि निफ्टी की तरह ही बैंक निफ्टी भी एक दायरे में फंसा हुआ है। ऊपर की तरफ,58,000 स्ट्राइक पर सबसे ज्यादा कॉल बेस है, जबकि स्विंग रेजिस्टेंस 58,500 पर है। नीचे की तरफ,57,000 स्ट्राइक पर सबसे ज़्यादा पुट ओपन इंटरेस्ट है,जिससे यह एक तत्काल सपोर्ट लेवल बन गया है, जबकि 56,000 अगला सपोर्ट लेवल है। ऐसे में इसका शॉर्ट-टर्म रेंज 57,000–58,000 है,जबकि मीडियम-टर्म रेंज 56,000–58,500 है। निफ्टी PSU बैंक नेगेटिव ट्रेंड के साथ ट्रेड कर रहे हैं और इनमें काफी संख्या में शॉर्ट पोजीशन बनी हैं। वहीं,पिछले कुछ ट्रेडिंग सेशन में प्राइवेट-सेक्टर बैंक इंडेक्स का प्रदर्शन PSU बैंक इंडेक्स से बेहतर रहा है। हालांकि एक्सिस बैंक और HDFC बैंक इसके अपवाद रहे हैं,क्योंकि बाकी ज्यादातर स्टॉक अपेक्षाकृत बेहतर ट्रेड कर रहे हैं। इसलिए,अगर बैंकिंग सेक्टर में शॉर्ट-कवरिंग होती है तो तेजी से ब्रेकआउट हो सकता है, जिससे इंडेक्स 60,000 और उससे ऊपर जा सकता है।

अहम रेजिस्टेंस: 58,000, 58,500

अहम सपोर्ट: 57,000

स्ट्रेटेजी: 58,000 के ऊपर बैंक निफ्टी फ्यूचर्स खरीदें,57,000 के नीचे स्टॉप-लॉस रखें और 60,000 का टारगेट रखें।

 

 

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Gold Price Today: चारों महानगरों में सबसे महंगा गोल्ड दिल्ली में, चेक करें 10 शहरों में 24 से 18 कैरट सोना कहां सबसे सस्ता

Gold Rate Today in India: कमजोर अमेरिकी डॉलर और ग्लोबल बाजार में तेजी के चलते गोल्ड की चमक आज लगातार दूसरे दिन मजबूत हुई है तो इंडस्ट्रियल डिमांड में नरमी से चांदी पर दबाव दिखा। गोल्ड की बात करें तो एक दिन की स्थिरता के बाद लगातार दो दिनों में 10 ग्राम 24 कैरट वाला गोल्ड ₹890 और 22 कैरट वाला ₹810 महंगा हुआ है। 23 अगस्त की स्थिरता से पहले लगातार तीन दिनों में 10 ग्राम 24 कैरट की शुद्धता वाला गोल्ड ₹8120 और 22 कैरट वाला ₹7450 महंगा हुआ है। अब आज की बात करें तो राजधानी दिल्ली में आज 24 कैरट और 22 कैरट वाला 10 ग्राम गोल्ड ₹10 मजबूत हुआ है। चांदी की बात करें तो आज इसकी चमक फीकी हुई है। लगातार तीन दिनों की स्थिरता के बाद आज इसके भाव नीचे आए हैं। एक किलो चांदी आज ₹100 सस्ती हुई है।

सिटीवाइज गोल्ड के भाव

देश के 10 बड़े शहरों में 18 कैरट, 22 कैरट और 24 कैरट शुद्धता वाले 10 ग्राम सोने की कीमत क्या है, आइए जानते हैं…

शहर 24 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव 22 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव 18 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव
दिल्ली₹1,64,130₹1,50,460₹1,23,090
मुंबई₹1,63,980 ं₹1,50,310₹1,22,940
कोलकाता₹1,63,980₹1,50,310₹1,22,940
चेन्नई₹1,63,980₹1,50,310₹1,28,010
बेंगलुरू₹1,63,980₹1,50,310₹1,22,940
हैदराबाद₹1,63,980₹1,50,310₹1,22,940
लखनऊ₹1,64,130₹1,50,460₹1,23,090
पटना₹1,64,030₹1,50,360₹1,22,990
जयपुर₹1,64,130₹1,50,460₹1,23,090
अहमदाबाद₹1,64,030₹1,50,360₹1,22,990

तीन दिनों की स्थिरता के बाद फिसली चांदी

चांदी की बात करें तो लगातार तीन दिनों की स्थिरता के बाद आज इसके भाव कम हुए हैं। इन तीन दिनों की स्थिरता से पहले लगातार दो दिनों में एक किलो चांदी ₹10,500 ऊपर चढ़ी थी तो उससे भी एक दिन पहले 19 अगस्त को एक किलो चांदी ₹5000 नीचे आई थी। अब आज की बात करें तो दिल्ली में एक किलो चांदी ₹100 सस्ती होकर ₹2,59,900 के भाव में बिक रही है। बाकी अहम महानगरों की बात करें तो मुंबई और कोलकाता में भी यह इसी भाव पर बिक रही है। हालांकि चेन्नई में एक किलो चांदी का भाव ₹2,75,100 है यानी कि चारों बड़े महानगरों में सबसे महंगी चांदी चेन्नई में बिक रही है।

क्या कहना है एक्सपर्ट का

लेमन मार्केट्स डेस्क के रिसर्च हेड गौरव गर्ग का कहना है कि कमजोर अमेरिकी डॉलर और सुरक्षित निवेश की मांग के चलते घरेलू बाजार में सोना तेजी से ऊपर चढ़ा। अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने से निवेशकों का रुझान सुरक्षित एसेट्स की तरफ बढ़ा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमत बढ़ी है। स्पॉट गोल्ड $42.45 यानी करीब 1% बढ़कर प्रति औंस $4,646.54 पर पहुंच गया। वहीं चांदी प्रति औंस करीब $69 पर स्थिर रही।

एनालिस्ट्स के मुताबिक अब गोल्ड की चाल सिर्फ जियो-पॉलिटिकल टेंशन से नहीं तय होगी बल्कि महंगाई और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के रुख पर भी बाजार की नजर रहेगी। कोटक सिक्योरिटीज में कमोडिटी रिसर्च की एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट (AVP) कायनात चेनवाला का कहना है कि पश्चिमी एशिया में तनाव के कारण अगर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो फेडरल रिजर्व के सामने महंगाई को लेकर चुनौती बढ़ सकती है। मार्केट की नजर इस बात पर रहेगी कि फेड इस बढ़ोतरी को अस्थायी मानता है या इससे महंगाई का बड़ा रिस्क पैदा होता है।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Price Today: 5 महीने के हाई पर सोना, दिल्ली में ₹1.64 लाख के पार; चांदी ₹3500 उछली

Gold Price Today: दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोमवार, 24 अगस्त को सोने की कीमत 5 महीने से ज्यादा के ऊंचे स्तर पर पहुंच गई। 24 कैरेट वाला सोना ₹900 बढ़कर ₹1,64,400 प्रति 10 ग्राम हो गया। शुक्रवार को इसका भाव ₹1,63,500 प्रति 10 ग्राम था।

5 महीने के हाई पर सोना

ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, सोना आखिरी बार इस स्तर के आसपास 9 मार्च को था। उस समय इसका भाव ₹1,64,300 प्रति 10 ग्राम था।

सोने में तेजी के पीछे वैश्विक बाजार में मजबूत संकेत और सुरक्षित निवेश की मांग को अहम वजह माना जा रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ाई है।

चांदी भी लगातार तीसरे दिन चढ़ी

चांदी की कीमत में भी सोमवार को तेजी रही। यह लगातार तीसरा कारोबारी सत्र था, जब चांदी महंगी हुई। इसकी कीमत ₹3,500 बढ़कर ₹2,53,500 प्रति किलो हो गई।

पिछले सत्र में चांदी ₹2,50,000 प्रति किलो पर बंद हुई थी। यह स्तर आखिरी बार 17 अप्रैल को देखा गया था, जब चांदी ₹2,53,000 प्रति किलो पर थी।

कमजोर डॉलर से मिला सोने को सहारा

Lemonn Markets Desk के रिसर्च हेड गौरव गर्ग ने कहा कि घरेलू बाजार में सोने की तेजी के पीछे कमजोर अमेरिकी डॉलर और सुरक्षित निवेश की मांग बड़ी वजह रही। अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने से निवेशकों का रुझान सुरक्षित एसेट्स की तरफ बढ़ा है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमत बढ़ी। स्पॉट गोल्ड 42.45 डॉलर यानी करीब 1% बढ़कर 4,646.54 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं चांदी करीब 69 डॉलर प्रति औंस पर स्थिर रही।

अब महंगाई पर होगी नजर

विश्लेषकों के मुताबिक सोने की अगली चाल सिर्फ भू-राजनीतिक तनाव से तय नहीं होगी। अब महंगाई और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के रुख पर भी बाजार की नजर रहेगी।

Kotak Securities की AVP Commodity Research कायनात चेनवाला के मुताबिक, ईरान तनाव के कारण अगर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो फेडरल रिजर्व के सामने महंगाई को लेकर चुनौती बढ़ सकती है। बाजार यह देखेगा कि फेड इस बढ़ोतरी को अस्थायी मानता है या इससे महंगाई का बड़ा जोखिम पैदा होता है।

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Iran-US War Update: ‘एक बूंद भी तेल नहीं निकलेगा’; होर्मुज में तनाव के बीच ईरान की अमेरिका को सबसे बड़ी धमकी

Iran-US War Update: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब उस मोड़ पर पहुंच गया है, जिसका असर सिर्फ दोनों देशों तक सीमित नहीं रह सकता। ईरान ने साफ चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने उसके खिलाफ कथित ‘आर्थिक युद्ध’ जारी रखा, तो वह होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) समेत फारस की खाड़ी से तेल का निर्यात पूरी तरह रोक सकता है। ईरान की इस धमकी ने दुनिया के सबसे अहम तेल आपूर्ति मार्गों में से एक को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

सवाल यह है कि अगर Hormuz से तेल की आवाजाही वास्तव में रुकती है तो इसका असर भारत समेत पूरी दुनिया के पेट्रोल, डीजल, LPG और दूसरे ईंधनों की कीमतों पर कितना पड़ेगा?

‘एक बूंद तेल भी निर्यात नहीं होगा’

ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहन रेजाई ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है। न्यूज एजेंसी ANI के अनुसार, रेजाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि अगर आर्थिक युद्ध जारी रहता है तो होर्मुज के रास्ते या फारस की खाड़ी के किसी अन्य हिस्से से एक बूंद तेल भी निर्यात नहीं होगा।

रेजाई ने केवल अमेरिका को ही चेतावनी नहीं दी, बल्कि उन देशों को भी निशाने पर लिया जो ईरान के खिलाफ अमेरिकी आर्थिक अभियान में शामिल होते हैं या उसका समर्थन करते हैं। उनके मुताबिक, ईरान ऐसे किसी भी देश की भागीदारी या समर्थन को युद्ध की कार्रवाई के रूप में देखेगा।

अमेरिका करने जा रहा है बड़ा आर्थिक हमला

ईरान की यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब अमेरिका उसके खिलाफ नए और कड़े आर्थिक प्रतिबंधों की तैयारी कर रहा है। न्यूज एजेंसी Reuters के मुताबिक, अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले हैं। इसमें ईरान और उसके साथ व्यापार करने वाले देशों को निशाना बनाने वाली नई आर्थिक कार्रवाई का ऐलान किया जा सकता है।

Financial Times में लिखे एक लेख में बेसेंट ने आने वाले कदमों को किसी विरोधी के खिलाफ अब तक की गई सबसे बड़ी वित्तीय कार्रवाई बताया है। अमेरिका ने अभी इन संभावित प्रतिबंधों की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। लेकिन संकेत दिया है कि ईरान के साथ आर्थिक और वित्तीय संबंध बनाए रखने वाले देशों पर भी दबाव डाला जा सकता है।

चीन को भी अमेरिका की चेतावनी

अमेरिका ने ईरान के साथ कारोबार करने वाले देशों को लेकर दबाव बढ़ाना शुरू कर दिया है। Reuters के अनुसार, बेसेंट ने चीन से भी अमेरिका के साथ सहयोग करने का आग्रह किया है। यह मुद्दा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि चीन की ऊर्जा जरूरतों में खाड़ी क्षेत्र की बड़ी भूमिका है। रिपोर्ट के मुताबिक, चीन अपने तेल आयात का करीब आधा हिस्सा खाड़ी क्षेत्र से प्राप्त करता है।

चीन ने हालांकि अमेरिकी प्रतिबंधों की नीति पर आपत्ति जताई है। वॉशिंगटन स्थित चीनी दूतावास के प्रवक्ता ने कहा कि प्रतिबंध और दबाव समस्या के समाधान में मदद नहीं करते और कूटनीति का रास्ता अपनाने की जरूरत है। ईरान के नेताओं ने अमेरिकी दबाव के खिलाफ बयानबाजी तेज कर दी है।

ईरानी सेना यानी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के प्रवक्ता सरदार मोहेबी ने अमेरिकी आर्थिक दबाव को लेकर कहा कि यह सैन्य मोर्चे पर अमेरिका की कथित हार की स्वीकारोक्ति है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने भी अमेरिकी प्रतिबंधों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि ईरान के लिए युद्ध और प्रतिबंध कोई नई चीज नहीं हैं। ईरान करीब दो दशकों से प्रतिबंधों का सामना कर रहा है।

होर्मुज पर क्यों टिकी है पूरी दुनिया की नजर?

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल रूट्स में से एक है। फारस की खाड़ी से निकलने वाले तेल और गैस के लिए यह प्रमुख समुद्री रास्ता है। इसलिए यहां किसी भी बड़े सैन्य या राजनीतिक संकट का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है।

Reuters के मुताबिक, ईरान पहले से ही अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के कारण आर्थिक दबाव में है। इसके अलावा हालिया हमलों के कारण उसके बुनियादी ढांचे को नुकसान, व्यापार में बाधा, उत्पादन में कमी और पुनर्निर्माण की लागत का दबाव भी बढ़ा है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ईरान के पास अब भी पर्याप्त मिसाइल और ड्रोन क्षमता मौजूद है, जिससे वह खाड़ी के पड़ोसी देशों को निशाना बना सकता है। होर्मुज से गुजरने वाले तेल टैंकरों के लिए खतरा पैदा कर सकता है।

भारत के लिए क्यों अहम है यह संकट?

ईरान-अमेरिका तनाव का असर भारत के लिए भी महत्वपूर्ण है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़ी मात्रा में कच्चे तेल और LPG का आयात करता है। ऐसे में अगर होर्मुज के जरिए तेल की आपूर्ति लंबे समय तक प्रभावित होती है तो अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं।

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इसका असर आगे चलकर पेट्रोल-डीजल, LPG, CNG और परिवहन लागत पर पड़ सकता है। खासकर LPG के मामले में भारत के लिए आयात और अंतरराष्ट्रीय कीमतें महत्वपूर्ण हैं। यही वजह है कि होर्मुज में बढ़ता तनाव भारत के लिए केवल विदेश नीति या सुरक्षा का मुद्दा नहीं है, बल्कि आम आदमी की रसोई और वाहन के खर्च से भी जुड़ा हुआ मामला है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : कच्चे तेल में नरमी से भारतीय बाजारों के सेंटिमेंट सुधरे हैं। गिफ्ट निफ्टी में करीब 70 प्वाइंट की बढ़त दिख रही है। FIIs की कैश और वायदा मिलाकर करीब 680 करोड़ की नेट खरीदारी देखने को मिली है। नेट शॉर्ट कॉन्ट्रैक्ट भी थोड़े कम हुए हैं। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

21 अगस्त को उतार-चढ़ाव भरे सेशन में मार्केट पिछले सेशन की जबरदस्त रिकवरी को आगे नहीं बढ़ा पाए और सपाट बंद हुए। मेटल,PSU बैंक और रियल्टी शेयरों में बढ़त का असर ऑटो,IT,मीडिया और फार्मा शेयरों में बिकवाली से खत्म हो गया। मिले-जुले ग्लोबल संकेतों के बावजूद,मार्केट बढ़त के साथ खुला लेकिन उस बढ़त को बनाए नहीं रख पाया और पूरे सेशन के दौरान एक सीमित दायरे में ही घूमता रहा। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और दुनिया भर में बनी अनिश्चितताओं के बीच इन्वेस्टर्स सतर्क नजर आए। कारोबार के अंत में,सेंसेक्स 3.11 अंक बढ़कर 77,540.83 पर और निफ्टी 20.15 अंक या 0.08 प्रतिशत बढ़कर 24,252 पर बंद हुआ।

ईरान के खिलाफ आर्थिक D-Day का एलान, ईरान की तेल निर्यात थामने की चेतावनी

वेस्ट एशिया में अब आर-पार की लड़ाई दिख रही है। अमरिका ने ईरान के खिलाफ सबसे बड़ी इकोनॉमिक स्ट्राइक शुरू कर दी है। US के वित्त मंत्री ने कहा है कि ईरान के खिलाफ वॉर अब आखिरी चरण में है। ईरान का भी पलटवार हुआ है। उसने कहा कि ये प्रतिबंध एक्ट ऑफ वॉर की कटेगरी में आते हैं। अमेरिका का साथ देने वाले देशो को भी निशाना बनाते हुए एक्सपोर्ट ठप करेंगे।

कच्चे तेल में मामूली नरमी, $91 के नीचे, सोना 4600 डॉलर के पार

वेस्ट एशिया तनाव बढ़ने के बावजूद कच्चे तेल में नरमी है। यह 91 डॉलर के नीचे है। इधर सोना-चांदी चमके हैं। सोना 4600 डॉलर के पार चला गया है। 10 साल की US बॉन्ड यील्ड भी 4.7 के अहम लेवल के ऊपर है। हलांकि डॉलर इंडेक्स 99 डॉलर के नीचे है।

अमेरिकी बाजारों में रही बढ़त, निक्केई और कॉस्पी में दबाव

शुक्रवार को अमेरिकी बाजारों में जोरदार तेजी दिखी। डाओ जोंस में 500 प्वाइंट से ज्यादा का उछाल आया। नैस्डैक और S&P में भी हल्की बढ़त रही। वहीं एशिया में मिला-जुला कारोबार देखने को मिल रहा है। कॉस्पी में करीब 1.25 फीसदी की गिरावट के साथ कारोबार हो रहा है। निक्केई फ्लैट कारोबार कर रहा है।

एशियाई करेंसी

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ज़्यादातर एशियाई करेंसी में बढ़त देख रही है। इसमें इंडोनेशियाई रुपिया सबसे आगे है, जिसमें 0.305% की बढ़त हुई है। इसके बाद दक्षिण कोरियाई वॉन (0.216%),ताइवान डॉलर (0.154%),थाई बाहत (0.141%),चीनी रेनमिनबी (0.051%),जापानी येन (0.044%) और मलेशियन रिंगित (0.017%)का नंबर है। सिंगापुर डॉलर में कोई बदलाव नहीं हुआ है। जबकि फिलीपींस पेसो में डॉलर के मुकाबले 0.092% की गिरावट आई है।

लेंसकार्ट और मीशो में बड़ी ब्लॉक डील संभव

लेंसकार्ट में आज 2800 करोड़ रुपये की ब्लॉक डील हो सकती है। 4% डिस्कउंट पर 635 रुपये फ्लोर प्राइस तय की गई है। इसके साथ मीशो में भी करीब 957 करोड़ रुपये की ब्लॉक डील हो सकती है। इसके लिए 4 फीसदी तक के डिस्काउंट पर 197 रुपये के करीब फ्लोर प्राइस तय है। दोनों में बड़े निवेशक हिस्सेदारी बेच रहे हैं।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, मजबूत हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

शुरू हुई मोबाइल PLI 2.0 स्कीम, सरकार ने जारी किया नोटिफिकेशन

डिक्सन और अंबर जैसी कंपनियों पर आज फोकस रखें। सरकार ने मोबाइल PLI 2.0 स्कीम का नोटिफिकेशन जारी किया है। सरकार 62500 करोड़ रुपये के इंसेंटिव देगी। यह स्कीम एक अप्रैल 2026 से ही लागू होगी और वित्त वर्ष 2031 तक चलेगी। इसके तहत सरकार 5% तक के इंसेंटिव देगीएफआईआई और

डीआईआई फंड फ्लो

21 अगस्त को घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार नौवें सेशन में भी खरीदारी जारी रखी और ₹2,124 करोड़ के शेयर खरीदे, जबकि विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) लगातार दूसरे सेशन में भी नेट सेलर बने रहे और ₹543 करोड़ के शेयर बेचे।

GIFT Nifty Indicator: क्रूड में नरमी से क्या सुधरेगा बाजार का सेंटिमेंट, गिफ्ट निफ्टी दे रहा मजबूत शुरुआत के संकेत

GIFT Nifty Indicator:  लगातार दो हफ़्तों की गिरावट के बाद, सोमवार को इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के मामूली बढ़त के साथ खुलने की उम्मीद है। हालांकि, बाज़ार का मूड सतर्क रहेगा क्योंकि निवेशक ईरान पर अमेरिका द्वारा लगाए जा सकने वाले प्रतिबंधों के बारे में और जानकारी का इंतज़ार कर रहे हैं।

सुबह 8:30 बजे (IST) GIFT निफ्टी फ़्यूचर्स 24,378 पॉइंट्स पर था, जो बेंचमार्क निफ्टी 50 इंडेक्स के लिए अच्छी शुरुआत का संकेत देता है; यह इंडेक्स शुक्रवार को 24,252 पर बंद हुआ था।

पिछले सेशन में घरेलू इक्विटी इंडेक्स फ्लैट बंद हुए थे, जिसमें बेंचमार्क निफ्टी 50 24,300 के लेवल से नीचे बंद हुआ था। सेंसेक्स 3.11 पॉइंट या 0.00% बढ़कर 77,540.83 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 20.15 पॉइंट या 0.08% गिरकर 24,252 पर बंद हुआ।

ग्लोबल संकेत

एशियाई बाज़ार ज़्यादातर स्थिर रहे क्योंकि निवेशक ईरान पर संभावित अमेरिकी प्रतिबंधों और इस हफ़्ते के आखिर में आने वाले Nvidia के नतीजों का इंतज़ार कर रहे थे। इस बीच, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने इस महीने भारतीय इक्विटी में खरीदारी तेज़ कर दी है। अगस्त में अब तक उन्होंने 23,544 करोड़ रुपये का निवेश किया है, क्योंकि बेहतर तिमाही नतीजों, स्थिर रुपये और बाज़ार की बेहतर संभावनाओं ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी के विजयकुमार ने कहा, “FPIs को भारतीय बाज़ार की ओर वापस लाने वाले कारक ये हैं: Q1 नतीजों में दिखी कमाई में बढ़ोतरी, ‘चिप ट्रेड’ से FPIs का बाहर निकलना, रुपये में स्थिरता और व्यापक बाज़ार की कंपनियों की शानदार ग्रोथ की संभावनाएँ।”

यह निवेश तब आया है जब FPIs ने जुलाई में 20,200 करोड़ रुपये का निवेश किया था। यह लगातार चार महीनों की भारी बिकवाली के बाद एक बड़ा बदलाव है और भारतीय इक्विटी में फिर से भरोसा बढ़ने का संकेत है।

इंडेक्स पर किन लेवल पर दें ध्यान

Enrich Money के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि भारतीय इक्विटी बाज़ार सावधानी के साथ हफ़्ते की शुरुआत करने के लिए तैयार हैं, क्योंकि मिडिल ईस्ट में लगातार तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतें रिस्क लेने की इच्छा को कम कर रही हैं। कच्चे तेल की कीमतें मज़बूत बनी हुई हैं। WTI $86 प्रति बैरल के आसपास ट्रेड कर रहा है क्योंकि बाज़ार ईरान पर नए अमेरिकी प्रतिबंधों की तैयारी कर रहे हैं, जबकि पहले से ही लंबे समय से जियोपॉलिटिकल तनाव चल रहा है। GIFT Nifty फ्यूचर्स के शुरुआती संकेत – जो Nifty की पिछली क्लोजिंग 24,252 के मुकाबले 24,300–24,350 की रेंज में ट्रेड कर रहे हैं – घरेलू इक्विटी के लिए काफी हद तक सपाट या थोड़ी बढ़त वाली शुरुआत का संकेत देते हैं।

आज Bank Nifty के आउटलुक पर, Enrich Money के CEO पोनमुडी आर का मानना ​​है कि Bank Nifty का टेक्निकल सेटअप तुलनात्मक रूप से मज़बूत रहने की उम्मीद है, और इंडेक्स में लगातार मज़बूती दिख रही है। हालांकि, व्यापक स्ट्रक्चर एक रेंज में ही बना हुआ है, और इंडेक्स को ऊंचे लेवल पर रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ रहा है। टेक्निकल नज़रिए से, 57,800–58,000 का ज़ोन तुरंत रेजिस्टेंस वाला एरिया बना हुआ है। 58,000 के ऊपर लगातार बने रहने से खरीदारी का मोमेंटम मज़बूत हो सकता है और 58,300–58,500 के लेवल की ओर बढ़ने का रास्ता खुल सकता है।

नीचे की तरफ, 57,400–57,300 तुरंत सपोर्ट ज़ोन बना हुआ है, और उसके बाद 57,100–57,000 का मज़बूत एरिया है। मौजूदा रिकवरी स्ट्रक्चर को बनाए रखने के लिए इन लेवल के ऊपर बने रहना ज़रूरी होगा, जबकि 57,000 के नीचे निर्णायक रूप से टूटने पर फिर से बिकवाली का दबाव बन सकता है और निकट अवधि का टेक्निकल रुझान कमज़ोर हो सकता है। कुल मिलाकर, Bank Nifty के लिए निकट अवधि का आउटलुक सावधानी के साथ सकारात्मक बना हुआ है, जिसमें 58,000 तुरंत ब्रेकआउट ट्रिगर के रूप में और 57,000 मुख्य डाउनसाइड सपोर्ट के रूप में काम कर रहा है।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, मजबूत हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Petrol Diesel Price Today: पेट्रोल-डीजल की कीमतों में राहत या झटका? जानें 24 अगस्त के ताजा रेट

Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 24 आगस्त 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट

नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर।

मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर।

कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 जबकि डीजल ₹99.82 प्रति लीटर।

चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 और डीजल ₹99.55 प्रति लीटर।

गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 तथा डीजल ₹95.44 प्रति लीटर।

नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.56 प्रति लीटर।

बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 जबकि डीजल ₹98.80 प्रति लीटर।

भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 और डीजल ₹100.92 प्रति लीटर।

चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 तथा डीजल ₹86.09 प्रति लीटर।

हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 और डीजल ₹103.82 प्रति लीटर।

जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 जबकि डीजल ₹97.78 प्रति लीटर।

लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 और डीजल ₹95.55 प्रति लीटर।

पटना: पेट्रोल ₹113.35 तथा डीजल ₹99.36 प्रति लीटर।

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49 और डीजल ₹104.40 प्रति लीटर।

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

Market Outlook: इस हफ्ते कैसी रहेगी शेयर बाजार की चाल; कच्चे तेल की कीमत, पश्चिम एशिया के हालात समेत इन फैक्टर्स से होगा तय

नए शुरू हो रहे सप्ताह में भारतीय शेयर बाजार की दिशा कच्चे तेल की कीमत और अमेरिका-ईरान संघर्ष से जुड़े घटनाक्रमों जैसे प्रमुख फैक्टर्स से तय होगी। पिछले सप्ताह सेंसेक्स में 468.42 अंकों की गिरावट रही। निफ्टी 114 अंक फिसला। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के सीनियर वाइस प्रेसिडेंड (रिसर्च) अजीत मिश्रा का कहना है कि निवेशक जैक्सन होल आर्थिक संगोष्ठी (Jackson Hole Symposium) पर करीबी नजर रखेंगे, खासकर अमेरिकी फेडरल रिजर्व के प्रमुख की टिप्पणियों पर। इससे बेंचमार्क ब्याज दरों की आगे की दिशा के संकेत मिलने की उम्मीद है।

आगे कहा कि अमेरिका के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के अनुमान, ड्यूरेबल गुड्स के ऑर्डर और कंज्यूमर कॉन्फिडेंस से भी अमेरिकी अर्थव्यवस्था की मजबूती और फेडरल रिजर्व की नीतिगत दिशा के बारे में महत्वपूर्ण संकेत मिलेंगे। भारत को लेकर बात करें तो निवेशकों की नजर रुपये की चाल, विदेशी संस्थागत निवेशकों के रुख और घरेलू बाजार में नकदी की स्थिति पर रहेगी।

छाए रहेंगे 3 प्रमुख मुद्दे

ऑनलाइन ट्रेडिंग एंड वेल्थ टेक फर्म एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर का कहना है कि वैश्विक बाजारों में इस सप्ताह 3 प्रमुख मुद्दे छाए रहेंगे। इनमें अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति की दिशा, एनवीडिया के तिमाही नतीजे और अमेरिका-ईरान के बीच जारी तनाव शामिल हैं। लंबी अवधि के अमेरिकी बॉन्ड पर यील्ड में उतार-चढ़ाव के बीच जैक्सन होल संगोष्ठी में फेड के प्रमुख केविन वॉर्श के संबोधन पर करीबी नजर रहेगी। सितंबर में होने वाली पॉलिसी मीटिंग से पहले निवेशक संकेत तलाशेंगे कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक लगातार बनी हुई महंगाई के जोखिमों और श्रम बाजार के नरम पड़ने के संकेतों को कैसे तौल रहा है।

पोनमुडी ने आगे कहा कि कच्चे तेल की कीमतें भी एक बड़ा बाहरी जोखिम बनी हुई हैं। उनके मुताबिक, ‘‘अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिन का समझौता किसी स्थायी समाधान के बिना समाप्त हो गया है। इससे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज एक बार फिर जारी तनाव का केंद्र बन गया है और क्षेत्र में ऊर्जा की सामान्य आपूर्ति प्रभावित हुई है।’’

Meesho Block Deal: ₹957 करोड़ के शेयर बेच सकती है Y Combinator, सोमवार को दिख सकता है बड़ा उतार-चढ़ाव

FPI की गतिविधियां

नए सप्ताह में निवेशक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) के रुख पर भी नजर रखेंगे। इन निवेशकों ने अगस्त में भारतीय शेयर बाजार में अपनी खरीद तेज की है। कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजों, रुपये की स्थिरता और बाजार की बेहतर संभावनाओं से निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है। FPI ने अगस्त में अब तक भारतीय शेयर बाजार में 23,544 करोड़ रुपये डाले हैं। इससे पहले जुलाई में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयरों में 20,200 करोड़ रुपये का निवेश किया था। जुलाई से पहले लगातार 4 महीने सेलिंग की थी।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के रिसर्च हेड (वेल्थ मैनेजमेंट) सिद्धार्थ खेमका का मानना है कि निफ्टी में बीते लगातार दो सप्ताह गिरावट रही। अब भारतीय शेयर बाजार में इस सप्ताह कुछ स्थिरता आ सकती है और निकट अवधि में मामूली रिकवरी की उम्मीद है। बाजार की निगाह ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतों पर भी रहेगी, जो 90 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं। इसके अलावा वैश्विक घटनाक्रम भी महत्वपूर्ण रहेंगे।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Petrol Diesel Price Today: सुबह 6 बजे अपडेट हुई कीमतें, जानिए पेट्रोल-डीजल के ताजा दाम

Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 23 आगस्त 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट

नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर।

मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर।

कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 जबकि डीजल ₹99.82 प्रति लीटर।

चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 और डीजल ₹99.55 प्रति लीटर।

गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 तथा डीजल ₹95.44 प्रति लीटर।

नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.56 प्रति लीटर।

बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 जबकि डीजल ₹98.80 प्रति लीटर।

भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 और डीजल ₹100.92 प्रति लीटर।

चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 तथा डीजल ₹86.09 प्रति लीटर।

हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 और डीजल ₹103.82 प्रति लीटर।

जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 जबकि डीजल ₹97.78 प्रति लीटर।

लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 और डीजल ₹95.55 प्रति लीटर।

पटना: पेट्रोल ₹113.35 तथा डीजल ₹99.36 प्रति लीटर।

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49 और डीजल ₹104.40 प्रति लीटर।

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

Petrol Diesel Price Today: पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी, दिल्ली समेत इन शहरों में पेट्रोल 100 रुपये के पार

Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 22 आगस्त 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट

नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर।

मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर।

कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 जबकि डीजल ₹99.82 प्रति लीटर।

चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 और डीजल ₹99.55 प्रति लीटर।

गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 तथा डीजल ₹95.44 प्रति लीटर।

नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.56 प्रति लीटर।

बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 जबकि डीजल ₹98.80 प्रति लीटर।

भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 और डीजल ₹100.92 प्रति लीटर।

चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 तथा डीजल ₹86.09 प्रति लीटर।

हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 और डीजल ₹103.82 प्रति लीटर।

जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 जबकि डीजल ₹97.78 प्रति लीटर।

लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 और डीजल ₹95.55 प्रति लीटर।

पटना: पेट्रोल ₹113.35 तथा डीजल ₹99.36 प्रति लीटर।

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49 और डीजल ₹104.40 प्रति लीटर।

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।