Dividend Stocks: RVNL और HUDCO समेत 4 सरकारी कंपनियां दे रहीं डिविडेंड का तोहफा, जानिए रिकॉर्ड डेट समेत पूरी डिटेल

Dividend Stocks: अगले हफ्ते डिविडेंड पर नजर रखने वाले निवेशकों के लिए अच्छी खबर है। HUDCO, NBCC, RVNL और Mazagon Dock Shipbuilders समेत चार सरकारी कंपनियां 17 से 20 अगस्त के बीच एक्स-डिविडेंड होने जा रही हैं। इन चारों कंपनियों ने जून तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे भी जारी किए हैं। कहीं मुनाफे में मजबूत बढ़ोतरी हुई है तो कहीं रेवेन्यू और ऑपरेटिंग प्रदर्शन ने निवेशकों का ध्यान खींचा है।

HUDCO

सरकारी हाउसिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस कंपनी HUDCO 17 अगस्त को एक्स-डिविडेंड होगी। कंपनी ने ₹1.50 प्रति शेयर फाइनल डिविडेंड का ऐलान किया है।

इस सरकारी कंपनी का जून तिमाही में नेट प्रॉफिट 35% बढ़कर ₹851 करोड़ हो गया। वहीं, रेवेन्यू 26.6% बढ़कर ₹3,717 करोड़ पहुंच गया। बेहतर लोन ग्रोथ और मजबूत एसेट क्वालिटी ने कंपनी के नतीजों को सहारा दिया।

NBCC

सरकारी कंस्ट्रक्शन कंपनी NBCC (India) भी 17 अगस्त को एक्स-डिविडेंड होगी। कंपनी ₹0.15 प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड दे रही है।

NBCC का जून तिमाही में नेट प्रॉफिट 17.2% बढ़कर ₹154.83 करोड़ रहा। हालांकि, रेवेन्यू 5.6% घटकर ₹2,259.53 करोड़ पर आ गया। इसके बावजूद कंपनी का मजबूत ऑर्डर बुक आगे के कारोबार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

RVNL

सरकारी रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी RVNL 18 अगस्त को एक्स-डिविडेंड होगी। कंपनी ने ₹0.71 प्रति शेयर फाइनल डिविडेंड घोषित किया है।

इस सरकारी कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 18.5% बढ़कर ₹159 करोड़ हो गया। वहीं, रेवेन्यू 10.6% बढ़कर ₹4,321 करोड़ पहुंच गया। EBITDA में भी मजबूत बढ़त दर्ज हुई, जिससे ऑपरेटिंग प्रदर्शन बेहतर रहा।

Mazagon Dock Shipbuilders

सरकारी डिफेंस शिपबिल्डिंग कंपनी Mazagon Dock Shipbuilders 20 अगस्त को एक्स-डिविडेंड होगी। कंपनी अपने शेयरधारकों को ₹4.62 प्रति शेयर फाइनल डिविडेंड देगी।

जून तिमाही में मझगांव डॉक का नेट प्रॉफिट 21.5% बढ़कर ₹549.41 करोड़ रहा। वहीं, रेवेन्यू 12.1% बढ़कर ₹2,942.70 करोड़ हो गया। EBITDA में करीब 48% की बढ़त और बेहतर मार्जिन ने तिमाही प्रदर्शन को मजबूत बनाया।

एक नजर में पूरी लिस्ट

कंपनीडिविडेंडEx-Date
HUDCO₹1.5017 अगस्त
NBCC₹0.1517 अगस्त
RVNL₹0.7118 अगस्त
Mazagon Dock₹4.6220 अगस्त

डिविडेंड पाने के लिए क्या करना होगा?

डिविडेंड का फायदा लेने के लिए निवेशकों के पास Ex-Date से पहले संबंधित कंपनी के शेयर डीमैट खाते में होने चाहिए। भारत में T+1 सेटलमेंट नियम लागू है, इसलिए एक्स-डेट वाले दिन शेयर खरीदने पर डिविडेंड का लाभ नहीं मिलेगा। आपको एक दिन पहले ही शेयर खरीदना होगा।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

नए हफ्ते में कैसी रहेगी निफ्टी की चाल, कौन से शेयरों में बन सकता है पैसा? एक्सपर्ट सुदीप शाह की ये है राय

भले ही मोमेंटम कमजोर हुआ है, लेकिन जब तक कोई नई नकारात्मक खबर नहीं आती, निफ्टी में 24,200-24,000 के सपोर्ट जोन से नीचे बड़ी गिरावट की संभावना कम है। ऐसा मानना है SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह का। उन्होंने नए शुरू हो रहे हफ्ते के लिए निफ्टी और बैंक निफ्टी को लेकर क्या उम्मीद जताई, नए सप्ताह के लिए उनके टॉप स्टॉक आइडियाज क्या हैं, आइए जानते हैं…

क्या आपको लगता है कि धीरे-धीरे आ रही कमजोरी अगले हफ्ते निफ्टी 50 को 24,200–24,000 के जोन से नीचे ले जाएगी?

इस समय, जब तक कोई नई नकारात्मक खबर या ट्रिगर सामने नहीं आता, निफ्टी के 24,200-24,000 के सपोर्ट जोन से नीचे जाने की संभावना कम ही लगती है। हालांकि मोमेंटम धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है, लेकिन इस गिरावट में बड़ी गिरावट वाले लक्षण नहीं दिख रहे हैं। अगस्त की शुरुआत से ही निफ्टी 500 पॉइंट की एक सीमित ट्रेडिंग रेंज में फंसा हुआ है और उतार-चढ़ाव में भी काफी कमी आई है। डेली ATR (एवरेज ट्रू रेंज) गिरकर 192 पॉइंट पर आ गया है, जो जनवरी 2026 की शुरुआत के बाद से इसका सबसे निचला स्तर है। इंडेक्स में ज्यादातर सेशंस में एक जैसा पैटर्न देखा जा रहा है- शुरुआती घंटे में कुछ हलचल होती है और उसके बाद लंबे समय तक कंसोलिडेशन होता है। इससे पता चलता है कि किसी एक दिशा में लगातार मोमेंटम नहीं है।

टेक्निकल नजरिए से देखें तो निफ्टी अपने 20-दिन और 200-दिन के EMA (एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज) के आसपास घूम रहा है। लंबे समय तक कंसोलिडेशन के कारण ये दोनों ही फ्लैट हो गए हैं। डेली RSI (रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स) 52 के आसपास है और नीचे की ओर जा रहा है। यह अपसाइड मोमेंटम में कुछ कमी का संकेत देता है। हालांकि, यह अभी भी 50 के अहम स्तर से ऊपर बना हुआ है, जो बताता है कि मंदी का मोमेंटम (बेयरिश मोमेंटम) पूरी तरह हावी नहीं हुआ है।

आगे 24,200-24,150 का जोन एक मजबूत सपोर्ट एरिया के तौर पर काम कर सकता है। जब तक निफ्टी इस जोन के नीचे साफ तौर पर बंद नहीं होता, तब तक निचले स्तरों की ओर तेज गिरावट के बजाय कंसोलिडेशन जारी रहने की संभावना ज्यादा है। ऊपर की ओर 24,550-24,600 का स्तर इमीडिएट रेजिस्टेंस बैंड बना हुआ है।

इसलिए, मोमेंटम निश्चित रूप से कमजोर हुआ है, लेकिन मौजूदा टेक्निकल सेटअप 24,200-24,000 से नीचे बड़ी गिरावट के बजाय एक सीमित दायरे में घूमने वाले बाजार (रेंज-बाउंड मार्केट) का संकेत देता है। 24,150-24,600 की रेंज के किसी भी तरफ एक निर्णायक ब्रेक से निफ्टी की अगली अहम दिशा तय हो सकती है।

अगले हफ्ते के लिए आपके टॉप 2 स्टॉक आइडिया क्या हैं?

Hindustan Aeronautics: स्टॉक ने पिछले हफ्ते वीकली टाइमफ्रेम पर नीचे की ओर झुकी हुई ट्रेंडलाइन से ब्रेकआउट दिया, जिसके बाद इस हफ्ते एक मजबूत चाल देखने को मिली। वीकली RSI ने 4 मई के बाद पहली बार 60 के निशान को पार किया है, जो बुलिश मोमेंटम में अहम सुधार का संकेत है। डेली टाइमफ्रेम पर बढ़ता ADX, ट्रेंड की मजबूती और खरीदारी के बढ़ते भरोसे को दिखाता है। स्टॉक वीकली टाइमफ्रेम पर ऊपरी बोलिंगर बैंड के ऊपर भी बंद हुआ है। ऐसा अक्सर मजबूत ट्रेंड वाले दौर की शुरुआत में देखा जाता है।

कुल मिलाकर टेक्निकल सेटअप मजबूती (बुलिश) वाला बना हुआ है। स्टॉक में आगे और बढ़त का संकेत है। इसलिए ₹4,990-5,045 के जोन में ₹4,840 के स्टॉप-लॉस के साथ शेयर जमा करने (एक्युमुलेशन) की सलाह है। ऊपर की तरफ, इसके शॉर्ट टर्म में ₹5,400 के लेवल तक पहुंचने की संभावना है।

Mazagon Dock Shipbuilders: मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स ने 6 अगस्त को डेली टाइमफ्रेम पर नीचे की ओर झुकी हुई ट्रेंडलाइन से ब्रेकआउट दिया, जिसके बाद स्टॉक कंसोलिडेशन के दौर में चला गया। वीकली ADX पर DI+ ने DI- को पार कर लिया है, जो बताता है कि खरीदार धीरे-धीरे विक्रेताओं पर हावी हो रहे हैं। पिछले 6 ट्रेडिंग सेशंस में कंसोलिडेशन देखने के बावजूद, स्टॉक अहम शॉर्ट और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेजेज के ऊपर ट्रेड कर रहा है। यह इसकी अंदरूनी मजबूती को दिखाता है।

कंसोलिडेशन रेंज से ब्रेकआउट बुलिश सेटअप को और मजबूत कर सकता है। इसलिए, ₹2,480 के स्टॉप-लॉस के साथ ₹2,560-2,590 के जोन में शेयर जमा करने की सलाह दी जाती है। ऊपर की ओर, यह शॉर्ट टर्म में ₹2,770 के लेवल को टेस्ट कर सकता है।

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क्या बैंक निफ्टी 24 जुलाई से 3 अगस्त तक की अपनी हालिया रैली के 50 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल को बचा पाएगा?

बैंक निफ्टी पिछले 9 हफ्तों से 58,706-56,023 की बड़ी रेंज में फंसा हुआ है, जिससे किसी साफ दिशा वाले ट्रेंड की कमी का पता चलता है। खास बात यह है कि पिछले तीन हफ्तों में ट्रेडिंग रेंज काफी कम हो गई है और इंडेक्स 1,576-पॉइंट के दायरे में सिमट गया है। कंसोलिडेशन के इस दौर में, इंडेक्स ने दोनों तरफ शैडो वाली छोटी बॉडी की कैंडल्स की एक सीरीज बनाई है। यह खरीदारों और विक्रेताओं के बीच लगातार बरकरार अनिश्चितता को दिखाती है।

लंबे समय तक एक ही रेंज में उतार-चढ़ाव के कारण मुख्य मूविंग एवरेज सपाट हो गए हैं। यह ट्रेंड की मजबूती की कमी का संकेत है। मोमेंटम इंडिकेटर भी सुस्त बने हुए हैं; डेली RSI पिछले 28 ट्रेडिंग सेशन से 60-44 जोन में घूम रहा है। डेली ADX गिरकर 8.99 पर आ गया है। यह मार्च 2019 के बाद से इसकी सबसे निचली रीडिंग है। इतनी कम ADX रीडिंग दिशात्मक मजबूती की भारी कमी की ओर इशारा करती है और बताती है कि इंडेक्स अभी गहरे कंसोलिडेशन के दौर में है।

आगे 58,000-58,100 का जोन बैंक निफ्टी के लिए एक अहम रुकावट का काम कर सकता है। नीचे की तरफ 57,200-57,100 का 50-दिन का EMA क्षेत्र एक अहम सपोर्ट एरिया बना हुआ है। किसी भी तरफ ब्रेकआउट होने से अगले ट्रेंडिंग मूव के लिए रास्ता बन सकता है।

क्या आप Apollo Hospitals पर बुलिश नजरिया बनाए हुए हैं?

अपोलो हॉस्पिटल्स ने डेली चार्ट पर अपने 50-दिन के EMA से जबरदस्त रिकवरी देखी है। RSI 40 से तेजी से ऊपर आया है, जो फिर से बुलिश मोमेंटम का संकेत है। स्टॉक बोलिंगर बैंड की मिडलाइन के ऊपर भी बंद हुआ है, जो शॉर्ट-टर्म बुलिश फेज की ओर शिफ्ट का संकेत देता है। ₹8,650–8,600 का जोन अहम सपोर्ट बना हुआ है।

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क्या आप Bharti Airtel में नया निवेश करने की सलाह देंगे, जिसमें शुक्रवार को जबरदस्त तेजी आई थी?

भारती एयरटेल ने अपने 50-दिन के EMA से जबरदस्त रिकवरी देखी है। RSI ऊपर की ओर बढ़ा है, जो मजबूत बुलिश मोमेंटम का संकेत है। धीरे-धीरे बढ़ता ADX ट्रेंड की मजबूती में सुधार का संकेत देता है। MACD लाइन भी बुलिश क्रॉसओवर के करीब है। यह पॉजिटिव रुख को और मजबूत करता है। ₹1,940–1,930 का जोन अहम सपोर्ट बना हुआ है।

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FPI की भारतीय शेयरों में दिलचस्पी बरकरार, अगस्त में अब तक ₹16621 करोड़ की खरीद

भारतीय शेयर बाजार में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की ओर से खरीदारी का सिलसिला अगस्त में लगातार दूसरी महीने जारी है। मौजूदा महीने के पहले 15 दिनों में FPI ने भारतीय शेयरों में ₹16,621 करोड़ का निवेश किया है। बेहतर वैल्यूएशंस, कंपनियों के अच्छे वित्तीय नतीजों और अमेरिका में ब्याज दरों में नरमी की उम्मीद ने निवेशकों के रुख को सकारात्मक बनाने में अहम भूमिका निभाई है। इससे पहले जुलाई में FPI ने भारतीय शेयरों में ₹20,200 करोड़ का निवेश किया था। जुलाई से पहले लगातार 4 महीने सेलिंग की थी।

सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज (इंडिया) लिमिटेड (CDSL) के आंकड़ों के मुताबिक, FPI ने जून में ₹49,340 करोड़, मई में ₹32,963 करोड़, अप्रैल में ₹60,847 करोड़ और मार्च में रिकॉर्ड ₹1.17 लाख करोड़ की बिकवाली की थी। फरवरी में उन्होंने भारतीय शेयरों में ₹22,615 करोड़ का निवेश किया था।

हालिया खरीदारी के बावजूद FPI की ओर से साल 2026 में अब तक भारतीय शेयर बाजारों में सेलिंग का आंकड़ा करीब ₹2.4 लाख करोड़ रहा है। साल 2025 में उन्होंने ₹1.66 लाख करोड़ की सेलिंग की थी। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अन्य बाजारों के मुकाबले भारत की वैल्यूएशंस के आकर्षक होने, कंपनियों के अच्छे नतीजों, अमेरिका में बेंचमार्क ब्याज दर में कटौती की संभावना, कच्चे तेल की नरम कीमतों और रुपये में कम उतार-चढ़ाव ने विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है।

सिलेक्टिव होती जा रही है FPI की खरीद

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, इनवेस्टमेंट प्लेटफॉर्म Trackk के को-फाउंडर और CEO वेदांत गुप्ते का कहना है कि अगस्त में FPI की खरीदारी से संकेत मिलता है कि पहले की बिकवाली मुख्य रूप से वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों से प्रेरित थी, न कि भारत को लेकर किसी बड़ी चिंता के कारण। अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद, कच्चे तेल की नरम कीमतों और रुपये में स्थिरता ने विदेशी निवेशकों के लिए भारत से दूरी बनाए रखने को काफी हद तक कम कर दिया है।

गुप्ते के मुताबिक, FPI की खरीद अब ज्यादा सिलेक्टिव होती जा रही है और निवेशक घरेलू खपत से जुड़े सेक्टर्स में ज्यादा दिलचस्पी दिखा रहे हैं। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और हेल्थकेयर सेक्टर में दिलचस्पी बढ़ रही है। विदेशी निवेशक भारतीय परिवारों पर दांव लगा रहे हैं, न कि भारतीय इनवॉइस पर।

विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी भारतीय ऋण या बॉन्ड बाजार में भी बनी हुई है। अगस्त में अब तक FPI ने फुली एक्सेसिबल रूट (FAR) के जरिए ₹972 करोड़ और जनरल रूट से ₹69 करोड़ का निवेश किया है।

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आगे के लिए क्या अनुमान

आने वाले दिनों में विदेशी निवेशकों का रुख वैश्विक संकेतकों पर निर्भर रहेगा। अमेरिकी बॉन्ड पर यील्ड, डॉलर सूचकांक, कच्चे तेल की कीमतें और कंपनियों की कमाई FPI का निवेश तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। बजाज ब्रोकिंग में डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट-रिसर्च पबित्रो मुखर्जी का कहना है कि आने वाले हफ्ते में निवेशक कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिका-ईरान के बीच चल रहे भूराजनीतिक तनाव से जुड़ी गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखेंगे।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

7 साल में ₹5 लाख से बनाया ₹1.30 करोड़ का पोर्टफोलियो! ट्रेडर की इस एक सीक्रेट ट्रिक ने बदली किस्मत, जानिए पूरा फॉर्मूला

Share Market Success Story: शेयर बाजार और ट्रेडिंग को लोग अक्सर रातों-रात अमीर बनने की ‘जैकपॉट मशीन’ समझते हैं। लेकिन बिना सोचे-समझे लगाया गया दांव आपको अमीर बनाने के बजाय कंगाल भी कर सकता है! इसी धारणा को पूरी तरह से झुठलाते हुए एक ट्रेडर ने साबित कर दिया कि बाजार में असली पैसा तुक्के से नहीं, बल्कि अनुशासन और सही सिस्टम से बनता है।

महज ₹5 लाख की शुरुआती पूंजी से सफर शुरू करने वाले इस ट्रेडर ने 7 सालों के उतार-चढ़ाव, भारी घाटे और अपनी गलतियों से सीखते हुए ₹1.30 करोड़ का विशाल पोर्टफोलियो खड़ा कर दिया। आइए आपको बताते हैं बिना किसी शॉर्टकट के शेयर बाजार में मिली इस शानदार कामयाबी की पूरी इनसाइड स्टोरी।

₹5 लाख से शुरुआत और ‘स्टॉक टिप्स’ की शुरुआती नाकामी

ट्रेडर ने अपने बाजार के सफर की शुरुआत साल 2018-19 में करीब ₹5 लाख के साथ की थी। नए निवेशकों की तरह वे भी शुरुआत में लोगों के दिए ‘स्टॉक टिप्स’ पर आंख मूंदकर भरोसा करते थे और मार्केट खुलते ही शेयर्स में शॉर्टिंग करते थे। हालांकि इस रणनीति से कुछ पैसे जरूर बने, लेकिन ब्रोकरेज और टैक्स चुकाने के बाद हाथ में कुछ खास नहीं बचा।

ऑप्शन बाइंग से सेलिंग का सफर और ₹10 लाख के कर्ज का झटका

शुरुआती दौर के बाद उन्होंने फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) सेगमेंट में कदम रखा और ऑप्शन बाइंग शुरू की। यूट्यूब पर वित्तीय एक्सपर्ट्स का वीडियो देखने के बाद उनके सोचने का तरीका बदला और वे ‘ऑप्शन बायर’ से ‘ऑप्शन सेलर’ बनने की तरफ बढ़े।

ऑप्शन सेलिंग के लिए ज्यादा पैसों की जरूरत थी, इसलिए उन्होंने अपने दोस्त से ₹10 लाख उधार लिए। दुर्भाग्य से यह रणनीति पूरी तरह से फेल हो गई और उन्हें भारी नुकसान हुआ। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी, दोस्त का पूरा कर्ज चुकाया और अपनी गलतियों से सीख लेकर नए सिरे से पढ़ाई शुरू की।

‘StockMock’ पर बैकटेस्टिंग ने बदली पूरी किस्मत

उनकी ट्रेडिंग जर्नी में असली टर्निंग प्वाइंट तब आया जब उन्होंने StockMock प्लेटफॉर्म पर अपने ट्रेडिंग सिस्टम की नियमबद्ध बैकटेस्टिंग शुरू की। उन्होंने ‘टाइम-बेस्ड शॉर्ट स्ट्रैडल्स’ का टेस्टिंग किया और बिना किसी इमोशन में बहे कड़े अनुशासन से नियमों का पालन किया:

    • 2020 का रिटर्न: 86% का बंपर मुनाफा।
    • 2021 का रिटर्न: 83% का शानदार रिटर्न हासिल किया।
    • उन्होंने जेरोधा का 60-डे चैलेंज लगातार 17 विन के साथ अपने नाम किया।

‘सफल ट्रेडिंग रोमांचक नहीं, बल्कि बोरिंग होती है’

ओवरट्रेडिंग और लालच से बचने के लिए उन्होंने किताबें पढ़ना शुरू किया। जोएल ग्रीनब्लाट की मशहूर किताब ‘The Little Book That Beats the Market’ से प्रेरणा लेकर उन्होंने सिस्टमैटिक इन्वेस्टिंग का तरीका समझा।

आज वे F&O से मिलने वाले मुनाफे को इक्विटी में अपने बनाए सिस्टमैटिक फ्रेमवर्क के जरिए लंबे समय के लिए इन्वेस्ट करते हैं। पिछले 7 सालों में उनका वास्तविक CAGR लगभग 48% रहा है। उनका सबसे बड़ा गुरुमंत्र है, ‘मैंने सब कुछ किताबों, यूट्यूब, वेबिनार और आर्टिकल्स से सीखा है, सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता।’

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़

X पर उनकी यह कहानी सामने आते ही लोगों की जबरदस्त प्रतिक्रियाएं आने लगीं। एक यूजर ने लिखा, ‘₹10 लाख के कर्ज में फेल होने के बाद आम तौर पर लोग ट्रेडिंग छोड़ देते हैं, लेकिन इन्होंने कर्ज चुकाया और सीखते रहे। यही असली कहानी है।’ दूसरे यूजर ने कहा, ‘ऑप्शन बाइंग के जाल से निकलकर सिस्टमैटिक ऑप्शन सेलिंग और बैकटेस्टिंग अपनाना ही सबसे समझदारी भरा कदम था।’

नए निवेशकों के लिए क्या है सीख?

ट्रेडर का यह सफर यह साबित करता है कि शेयर बाजार में टिके रहने के लिए ‘टिप्स’ नहीं, बल्कि ‘सिस्टम और अनुशासन’ काम आता है। अगर आप भी बाजार में लंबे समय के लिए टिकना चाहते हैं, तो बिना सीखे दांव लगाने के बजाय बैकटेस्टिंग, रिस्क मैनेजमेंट और सब्र को अपनी ताकत बनाएं।

Disclaimer: मनीकंट्रोल ने संबंधित व्यक्ति द्वारा किए गए दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है। यह जानकारी पूरी तरह से  X पर उनके बयानों/पोस्ट पर आधारित है और केवल सूचना के उद्देश्यों के लिए है, इसे निवेश की सलाह न माना जाए।

Ather Energy प्रेफरेंशियल इश्यू से जुटाएगी ₹1200 करोड़, शेयरहोल्डर्स से ग्रीन सिग्नल; चढ़ सकता है शेयर

इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बनाने वाली एथर एनर्जी लिमिटेड प्रेफरेंशियल इश्यू के जरिए ₹1200 करोड़ तक का फंड जुटाना चाहती है। इस प्रपोजल पर कंपनी के शेयरहोल्डर्स की मंजूरी मिल गई है। 14 अगस्त को कंपनी की असाधारण आम बैठक थी। इसी में प्रपोजल पास हुआ। इसके पक्ष में 97.72 प्रतिशत वोट रहे। इस डेवलपमेंट के चलते सोमवार, 17 अगस्त को एथर एनर्जी के शेयर में तेजी देखने को मिल सकती है।

कंपनी ने जून महीने में कई तरीकों से ₹2,500 करोड़ तक जुटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। कहा गया था कि इन तरीकों में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP), राइट्स इश्यू, प्रेफरेंशियल इश्यू और फॉरेन करेंसी कनवर्टिबल बॉन्ड (FCCB) जारी करना शामिल है। कंपनी हाल ही में ₹1,300 करोड़ का QIP लाई थी। इसे ₹10,000 करोड़ से ज्यादा की बोलियां मिलीं। QIP में देश और दुनिया के बड़े इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स ने हिस्सा लिया।

प्रेफरेंशियल इश्यू के तहत हीरो मोटोकॉर्प, एथर एनर्जी के को-फाउंडर तरुण मेहता और स्वप्निल जैन के साथ मिलकर, ₹1,260 प्रति वॉरंट के हिसाब से निवेश करेगी। यह कीमत ₹1,175.74 के फ्लोर प्राइस से 7.2 प्रतिशत ज्यादा है। स्ट्रैटेजिक इनवेस्टर इंडिया-जापान फंड ₹1,230 प्रति शेयर के हिसाब से इक्विटी शेयर खरीदेगा, जो फ्लोर प्राइस से 4.6% ज्यादा है। हीरो मोटोकॉर्प लगभग ₹960 करोड़ का निवेश करेगी, जबकि इंडिया-जापान फंड ₹200 करोड़ का निवेश करेगा। को-फाउंडर तरुण मेहता और स्वप्निल जैन दोनों ₹20-20 करोड़ का निवेश करेंगे।

Ather Energy का शेयर एक साल में 263 प्रतिशत चढ़ा

एथर एनर्जी के शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर ₹1511.05 है। कंपनी का मार्केट कैप ₹59600 करोड़ से ज्यादा है। यह मई 2025 में शेयर बाजार में लिस्ट हुई थी। इसका IPO 2980.76 करोड़ रुपये का था। एक साल में शेयर 263 प्रतिशत और 6 महीनों में 113 प्रतिशत चढ़ा है। 3 महीनों में कीमत 60 प्रतिशत और 2 सप्ताह में करीब 20 प्रतिशत उछली है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 39.58 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

Dividend Stock: हर शेयर पर ₹45 का डिविडेंड, 27 अगस्त रिकॉर्ड डेट; कीमत 6 महीनों में 20% चढ़ी

जून तिमाही में घाटे में गिरावट

अप्रैल-जून 2026 ​तिमाही में एथर एनर्जी का शुद्ध कंसोलिडेटेड घाटा सालाना आधार पर कम होकर ₹51.09 करोड़ रह गया। एक साल पहले घाटा 178.23 करोड़ था। थोक बिक्री 81 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 83,173 यूनिट्स की रही, जबकि जून 2025 तिमाही में यह 46,078 यूनिट्स की थी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Share Market New Rule: सिर्फ 3 दिनों के लिए शेयर दें किराए पर, बिना बेचे कमाई, खास स्टॉक्स के लिए आए रहा नया सिस्टम

Share Market New Rule: देश का पहला क्लियरिंग कॉरपोरेशन और एनएसई (NSE) की सब्सिडरी एनएसई क्लियरिंग लिमिटेड 17 अगस्त से सिक्योरिटीज लेंडिंग एंड बॉरोइंग (SLB) स्कीम के तहत कम समय वाले कॉन्ट्रैक्ट शुरू करेगा। इसके तहत महज तीन दिन के सेटलमेंट साइकिल के साथ स्टॉक-लेंडिंग ट्रांजैक्शन हो सकेगा। एनएसई क्लियरिंग ने इससे जुड़ा सर्कुलर 14 अगस्त को जारी किया जिसके मुताबिक नए कॉन्ट्रैक्ट R3 सीरीज के तहत शुरू किए जाएंगे और हर दिन उपलब्ध होंगे। ये कॉन्ट्रैक्ट सिर्फ उन स्टॉक्स के लिए उपलब्ध होंगे जो इक्विटी डेरिवेटिव्स सेगमेंट में ट्रेडिंग के लिए एलिजिबल हैं यानी कि जो F&O सेगमेंट का हिस्सा हैं।

क्या है नियम

नए स्ट्रक्चर के तहत ट्रांजैक्शन वाले दिन यानी T Day पर किए गए SLB ट्रांजैक्शन का पहला हिस्सा T+1 दिन पर यानी अगले दिन सेटल होगा, जबकि उससे जुड़ा रिवर्स हिस्सा T+3 दिन पर सेटल होगा इसमें सेटलमेंट की छुट्टियां शामिल नहीं होंगी। अभी के एसएलबी कॉन्ट्रैक्ट्स के उलट AGM (एनुअल जनरल मीटिंग) या EGM (एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग) होने पर R3 कॉन्ट्रैक्ट्स को समय से पहले बंद नहीं किया जाएगा। साथ ही कम समय वाले इन कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए रीपेमेंट, रिकॉल और रोलओवर की सुविधाएं नहीं मिलेगी। मार्केट खुले रहने के दौरान यानी मार्केट टाइमिंग्स में क्लियरिंग और सेटलमेंट, रिस्क मैनेजमेंट और कॉरपोरेट एक्शन से जुड़े बाकी सभी नियम वैसे ही रहेंगे जैसे मौजूदा एसएलबी कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए हैं।

R3 सीरीज के आने से मार्केट पार्टिसिपेंट्स को सिक्योरिटीज लेंडिंग ट्रांजैक्शन के लिए कम होल्डिंग पीरियड मिलता है, जबकि SLB कॉन्ट्रैक्ट्स का समय ज्यादा होता है यानी कि अगर किसी ट्रेडर को किसी शेयर को शॉर्ट करने के लिए केवल कुछ दिनों के लिए शेयर चाहिए, तो R3 कॉन्ट्रैक्ट उसके लिए लंबी अवधि वाले SLB कॉन्ट्रैक्ट की तुलना में अधिक बेहतर हो सकता है। इससे ट्रेडर्स और निवेशकों को शॉर्ट-टर्म बॉरोइंग और लेंडिंग की जरूरतों को मैनेज करने में अधिक फ्लेक्सिबिलिटी मिल सकती है। इस प्रकार R3 कम अवधि वाला नया SLBM कॉन्ट्रैक्ट है, जिसमें शेयर T+3 पर वापस होंगे।

क्या है SLBM?

सिक्योरिटीज लेंडिंग एंड बॉरोइंग मैकेनिज्म (SLBM) एक ऐसा सिस्टम है जिसके तहत निवेशक अपनी सिक्योरिटीज जैसे कि शेयर को एक तय समय के लिए दूसरे मार्केट पार्टिसिपेंट्स को उधार दे सकता है। इसके बदले में उन्हें लेंडिंग फीस मिलती है। यह सिस्टम उन निवेशकों के लिए बहुत काम का है जो अपनी सिक्योरिटीज से अतिरिक्त कमाई करना चाहते हैं, और उन ट्रेडर्स के लिए भी जिन्हें शॉर्ट-सेलिंग को लेकर शेयर उधार लेने की जरूरत होती है। इसके तहत उधार लेने वाला सिक्योरिटीज का इस्तेमाल करने के बदले उधार देने वाले को लेंडिंग फीस देता है। एक्सचेंज और क्लियरिंग कॉर्पोरेशन ट्रांजैक्शन को मैच करने और कोलेटरल, सेटलमेंट व अन्य रिस्क को मैनेज करने के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर देते हैं।

Dividend Stock: हर शेयर पर ₹45 का डिविडेंड, 27 अगस्त रिकॉर्ड डेट; कीमत 6 महीनों में 20% चढ़ी

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Dividend Stock: हर शेयर पर ₹45 का डिविडेंड, 27 अगस्त रिकॉर्ड डेट; कीमत 6 महीनों में 20% चढ़ी

Procter & Gamble Health Ltd के शेयरहोल्डर्स को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 45 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड मिलने वाला है। रिकॉर्ड डेट 27 अगस्त है। इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज होंगे, वे डिविडेंड के हकदार होंगे।

फाइनल डिविडेंड की घोषणा मई महीने में हुई थी। इस पर 3 सितंबर 2026 को कंपनी की सालाना आम बैठक में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। उसके बाद पेमेंट होगा। इससे पहले P&G Health वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 110 रुपये का अंतरिम और 50 रुपये का स्पेशल डिविडेंड दे चुकी है।कंपनी ने वित्त वर्ष 2025 के लिए 80 रुपये का अंतरिम और 45 रुपये का फाइनल डिविडेंड दिया था।

प्रॉक्टर एंड गैंबल हेल्थ लिमिटेड भारत की सबसे बड़ी VMS कंपनियों में से एक है। यह विटामिन, मिनरल्स और सप्लीमेंट्स प्रोडक्ट्स बनाती और बेचती है। जैसे कि न्यूरोबियन, लिवोजेन, सेवनसीज, एवियन, पॉलीबियन, नेसिवियन।

P&G Health का शेयर 6 महीनों में 20 प्रतिशत चढ़ा

प्रॉक्टर एंड गैंबल हेल्थ के शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 5933.70 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप 9800 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर 6 महीनों में करीब 20 प्रतिशत मजबूत हुआ है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 51.82 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर BSE 1000 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 6,955 रुपये और एडजस्टेड लो 4,699.70 रुपये है।

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कंपनी की वित्तीय सेहत

अप्रैल-जून 2026 तिमाही में P&G Health का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 363.71 करोड़ रुपये रहा। शुद्ध मुनाफा 96.15 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान स्टैंडअलोन रेवेन्यू 1,407.97 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 326.91 करोड़ रुपये रहा।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Solar Industries Share Price: शानदार तिमाही नतीजों के बाद 4% टूटा शेयर, ब्रोकरेज ने भी घटाई रेटिंग, आखिर क्या है वजह

Solar Industries Share Price: केमिकल सेक्टर की कंपनी सोलर इंडस्ट्रीज़ इंडिया लिमिटेड (Solar Industries) के शेयरों में 14 अगस्त को गिरावट देखने को मिली। अच्छे तिमाही नतीजों के बाद भी शेयर 4 फीसदी टूटा है। कंपनी के नतीजों के बाद शेयर पर ब्रोकरेज फर्मों की अलग-अलग प्रतिक्रिया आई है। एक तरफ मॉर्गन स्टेनली ने स्टॉक को ‘ओवरवेट’ रेटिंग दी है तो दूसरी तरफ कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने बिकवाली की राय दी है।

ओवरवेट’ रेटिंग की राय

मॉर्गन स्टेनली ने सोलर इंडस्ट्रीज़ पर अपनी ‘ओवरवेट’ रेटिंग बनाए रखी है और इसका प्राइस टारगेट ₹20,270 तय किया है। इसका मतलब है कि गुरुवार के क्लोजिंग प्राइस ₹20,325 से इसमें किसी तरह के बढ़त की उम्मीद नहीं है। ब्रोकरेज ने कहा कि कंपनी की कमाई उम्मीद से बेहतर रही। रेवेन्यू, EBITDA और एडजस्टेड PAT में क्रमशः 70%, 88% और 93% की बढ़ोतरी हुई।

सभी प्रमुख सेगमेंट में रेवेन्यू ग्रोथ उम्मीद से ज़्यादा रही। डिफेंस रेवेन्यू में 123% की बढ़ोतरी हुई (जबकि मॉर्गन स्टेनली का अनुमान 70% था), इंटरनेशनल एक्सप्लोसिव्स में 65% की बढ़ोतरी हुई (अनुमान 35% था) और घरेलू एक्सप्लोसिव्स में 52% की बढ़ोतरी हुई (अनुमान 19% था)।

ग्रॉस मार्जिन 110 बेसिस पॉइंट्स बढ़कर 49.2% हो गया, जबकि EBITDA मार्जिन 265 बेसिस पॉइंट्स बढ़कर 27.5% हो गया। मॉर्गन स्टेनली ने मार्जिन में सुधार का कारण डिफेंस मिक्स में अनुकूलता, इंटरनेशनल एक्सप्लोसिव्स में बेहतर प्रॉफिटेबिलिटी और इन्वेंट्री से होने वाले फायदे को बताया।

कंपनी का ऑर्डर बुक लगभग ₹21,350 करोड़ का था, जिसमें डिफेंस बिज़नेस से ₹18,000 करोड़ से ज़्यादा का ऑर्डर शामिल था।FY27 के लिए, मॉर्गन स्टेनली को लगभग ₹14,000 करोड़ के रेवेन्यू और ₹2,050 करोड़ के नियोजित कैपिटल एक्सपेंडिचर (कैपेक्स) की उम्मीद है। कंपनी Q1 के दौरान कैपेक्स पर पहले ही लगभग ₹450 करोड़ खर्च कर चुकी है।

45% की गिरावट संभव

कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज़ ने सोलर इंडस्ट्रीज पर अपनी ‘Sell’ रेटिंग बनाए रखी है और इसका प्राइस टारगेट ₹11,200 तय किया है। इसका मतलब है कि गुरुवार के क्लोजिंग प्राइस से इसमें लगभग 45% की गिरावट आ सकती है।

कोटक ने Q1 के शानदार प्रदर्शन को माना। बेहतर काम-काज और प्रॉफिटेबिलिटी के कारण PAT उनके अनुमान से 18% ज़्यादा रहा। डिफेंस, इंटरनेशनल एक्सप्लोसिव्स और घरेलू एक्सप्लोसिव्स में ज़बरदस्त ग्रोथ के कारण रेवेन्यू सालाना आधार पर 70% बढ़कर लगभग ₹3,670 करोड़ हो गया। ब्रोकरेज के अनुसार, EBITDA मार्जिन सालाना आधार पर लगभग 170 बेसिस पॉइंट्स बढ़कर 27.9% हो गया।

हालांकि ₹21,400 करोड़ का ऑर्डर बुक खास तौर पर डिफेंस बिजनेस के लिए मीडियम-टर्म में अच्छी संभावना दिखाता है, लेकिन कोटक ने तिमाही के दौरान बेहतर काम-काज को देखते हुए FY27-29 के लिए EPS अनुमानों को 2-6% तक बढ़ा दिया है।

Solar Ind का Q1 परफॉर्मेंस

Solar Industries ने नेट प्रॉफिट में सालाना आधार पर 92.7% की बढ़ोतरी दर्ज की, जो ₹338.7 करोड़ से बढ़कर ₹652.6 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 71.2% बढ़कर ₹3,688.2 करोड़ हो गया, जबकि EBITDA 93.6% बढ़कर ₹1,035.2 करोड़ हो गया।

EBITDA मार्जिन पिछले साल की इसी तिमाही के 24.8% से बढ़कर 28.1% हो गया।कंपनी ने FY27 के लिए ₹14,000 करोड़ का रेवेन्यू टारगेट तय किया है।

मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO मनीष नुवाल ने कहा कि कंपनी ने Q1FY27 में अब तक का सबसे ज़्यादा तिमाही रेवेन्यू, EBITDA, PBT और PAT हासिल किया।नुवाल ने कहा कि ₹21,350 करोड़ से ज़्यादा के ऑर्डर बुक के दम पर कंपनी FY27 के लिए ₹14,000 करोड़ के रेवेन्यू गाइडेंस को हासिल करने की राह पर है। कंपनी इस साल कैपेक्स (capex) में ₹2,050 करोड़ निवेश करने की योजना बना रही है, जिसमें से ₹450 करोड़ Q1 में पहले ही लगाए जा चुके हैं।

Solar Industries India के शेयर शुक्रवार को सुबह 10.33 बजे 3.17% गिरकर ₹19694 पर ट्रे़ड कर रहे है। 2026 में अब तक इनमें 67% से ज़्यादा की बढ़त हुई है।

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Stock Market Fall: सेंसेक्स 357 अंक तक फिसला, निवेशकों के ₹2.32 लाख करोड़ साफ

शेयर बाजार में शुक्रवार, 14 अगस्त को बिकवाली का दबाव है। सेंसेक्स की ओपनिंग लाल निशान में हुई। कुछ ही देर में यह पिछले बंद भाव से 357 अंक टूटकर 77,722.93 के लो तक चला गया। इस बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 2.32 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा घट गया। इसी तरह निफ्टी भी गिरावट के साथ खुला और फिर ​पिछली क्लोजिंग से 91.55 अंक तक टूटकर 24,304.30 के लो तक गया।

गुरुवार, 13 अगस्त को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,94,13,560.799 करोड़ रुपये रहा था। शुक्रवार को कुछ ही देर में यह घटकर 4,91,81,511.05 करोड़ रुपये हो गया। यानि कि 2,32,049.749 करोड़ रुपये की कमी।

गुरुवार को कारोबार के अंतिम घंटे में हुई बाइंग से सेंसेक्स 113.61 अंक या 0.15 प्रतिशत की बढ़त के साथ 78,079.96 पर बंद हुआ था। वहीं, निफ्टी 40.10 अंक या 0.16 प्रतिशत टूटकर 24,395.85 पर बंद हुआ था। निफ्टी में लगातार तीसरे दिन गिरावट देखी गई। BSE मिडकैप सेलेक्ट सूचकांक में 0.53 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जबकि स्मॉलकैप सेलेक्ट में 0.35 प्रतिशत का लाभ रहा।

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