हरियाणवी युवक की स्पेन में मौत:इकलौता बेटा 11 साल पहले गया था विदेश, परिवार जल्द शादी की तैयारी में था; पिता जर्मनी में

हरियाणा में करनाल के रहने वाले एक युवक की स्पेन में अचानक मौत हो गई। सीने में दर्द होने के बाद उसके साथी उसे अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिवार को फोन पर उसकी मौत की सूचना मिली। महमल थ्रोटा गांव निवासी रविंद्र (28) इकलौता बेटा था। वह 11 साल पहले स्पेन गया था। वहां उसकी परमानेंट रेजिडेंसी (PR) होने वाली थी। परिवार उसकी शादी के बारे में भी सोच रहा था। रविंद्र के पिता गुरमुख सिंह भी जर्मनी में रहते हैं। बेटे की मौत की सूचना मिलने के बाद वह जर्मनी से स्पेन के लिए रवाना हो गए हैं। 2015 में 12 लाख रुपए खर्च कर विदेश भेजा था गुरमीत सिंह ने बताया कि परिवार ने वर्ष 2015 में करीब 12 लाख रुपए खर्च करके रविंद्र को विदेश भेजा था। वहां कागजी दिक्कतों के कारण उसे पहले पुर्तगाल जाना पड़ा। कुछ दिनों बाद वह स्पेन चला गया। रविंद्र स्पेन में एक रेस्टोरेंट में काम करता था और अपना खर्च चलाता था। उसे वहां किसी तरह की परेशानी नहीं थी। स्पेन में उसके कागज की प्रक्रिया चल रही थी और परिवार को उम्मीद थी कि जल्द ही वह वहां स्थायी हो जाएगा। दोस्तों ने अस्पताल पहुंचाया, डॉक्टरों ने मृत घोषित किया रविंद्र के चाचा गुरमीत सिंह ने बताया कि शुक्रवार को रविंद्र को अचानक सीने में दर्द हुआ था। इसके बाद उसके साथी उसे अस्पताल लेकर गए। वहां डॉक्टरों ने रविंद्र को मृत घोषित कर दिया। शाम करीब 6 बजे रविंद्र के मामा के बेटे का फोन आया। वह भी स्पेन में रविंद्र के पास ही रहता है। उसने परिवार को बताया कि रविंद्र की मौत हार्ट अटैक से हुई। रविंद्र के पिता जर्मनी से स्पेन रवाना चाचा के मुताबिक, रविंद्र के पिता गुरमुख सिंह पिछले कई सालों से जर्मनी में रह रहे हैं। बेटे की मौत की सूचना मिलने के बाद वह जर्मनी से स्पेन के लिए रवाना हो गए। रविंद्र के शव को भारत लाने के लिए कागजी कार्रवाई की जा रही है। गांव में रविंद्र की मां और छोटी बहन रहती हैं। जल्द ही रविंद्र की शादी के लिए लड़की देखने की तैयारी थी। बेटे के भविष्य और शादी को लेकर परिवार ने जो उम्मीदें लगा रखी थीं, उसकी अचानक मौत से वे भी टूट गईं। परिवार ने सरकार से शव भारत लाने में मदद मांगी रविंद्र के चाचा गुरमीत सिंह ने सरकार से शव जल्द भारत लाने में मदद करने की अपील की है, ताकि परिवार उसे अंतिम विदाई दे सके। अचानक हुई मौत से परिवार सदमे में है। ———————————— ये खबर भी पढ़ें :- करनाल के युवक की जर्मनी में संदिग्ध मौत:11 साल पहले रोजगार के लिए गया था; परिजनों को शव भारत आने का इंतजार करनाल के रहने वाले 32 वर्षीय रिंकू की जर्मनी में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। करीब 11 साल पहले बेहतर रोजगार और परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने का सपना लेकर विदेश गया रिंकू अब कभी घर नहीं लौटेगा। मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। परिजन शव के भारत पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर…

कैसा होगा मुंबई की धारावी का नया अवतार? 22500 वर्ग फुट के एक्सपीरियंस सेंटर में दिखा भविष्य के घरों का 3D मॉडल

मुंबई की धारावी की तस्वीर बदलने वाली है। अब लोगों के लिए धारावी के रीडेवलपमेंट की योजना को समझना पहले से ज्यादा आसान होगा। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को 22,500 वर्ग फुट में बने ‘धारावी एक्सपीरियंस सेंटर’ का उद्घाटन किया। इस सेंटर में प्रस्तावित नए घरों के मॉडल, कामकाज के लिए जगह, सड़कें, परिवहन व्यवस्था, स्कूल, अस्पताल, पार्क और दूसरी सार्वजनिक सुविधाओं की जानकारी दी गई है। इससे लोग रीडेवलपमेंट की योजना को आसानी से समझ सकते हैं।

सीएम ने जारी किया एंथम

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने धारावी से जुड़ी एक खास एंथम भी जारी की और एक कॉफी-टेबल बुक भी जारी किया। इस किताब में धारावी के पुराने इतिहास, संस्कृति और लोगों की खास पहचान को हाईलाइट किया गया है। धारावी मुंबई का एक महत्वपूर्ण इलाका है और एशिया की सबसे बड़ी इनफॉर्मल बस्तियों में से एक है। गांधी जयंती पर शुरू किए गए इस एक्सपीरियंस सेंटर में धारावी में बनने वाले नए घरों के मॉडल दिखाए गए हैं।इस सेंटर में रीडेवलपमेंट के बाद पूरी धारावी कैसी दिखेगी इसे 3डी मॉडल के जरिए दिखाया जाएगा। यहां 350 और 500 वर्ग फुट के नए घरों के मॉडल दिखाए गए हैं, ताकि लोग उनकी जगह और बनावट समझ सकें। धारावी में दस लाख से ज्यादा लोग रहते हैं।

क्या है पूरी योजना

अडानी ग्रुप की धारावी रीडेवलपमेंट योजना में करीब 600 एकड़ के इलाके को आधुनिक सुविधाओं से विकसित करने का प्रस्ताव है। इसमें नए घर, बेहतर दुकानें और कारोबार की जगह, स्कूल, अस्पताल, बेहतर परिवहन, पार्क और खुले स्थान शामिल हैं। साथ ही मीठी नदी को साफ करने और करीब 3.3 किलोमीटर लंबे रिवरफ्रंट को विकसित करने की भी योजना है। वहीं एक्सपीरियंस सेंटर में लोगों को धारावी के प्रस्तावित नए स्वरूप की जानकारी आसान और रोचक तरीके से दी जा रही है।

धारावी के पुराने इतिहास, यहां चलने वाले कारोबार और छोटे उद्योगों को भी खास जगह दी गई है। धारावी के इतिहास और कारोबार को ध्यान में रखते हुए योजना में मौजूदा रोजगार को बनाए रखने, करीब 40 हजार पेड़ लगाने और नए पार्क व सार्वजनिक जगहें बनाने का प्रस्ताव है।

देख सकेंगे घर की बनावट

डिजिटल स्क्रीन और इंटरैक्टिव मॉडल के जरिए आने वाले समय में इलाके में किस तरह की सुविधाएं विकसित की जाएंगी ये दिखाया जाएगा। इसमें नए आवासीय भवनों के साथ सड़कें, सार्वजनिक परिवहन, स्कूल, अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्र, धार्मिक स्थल और लोगों के लिए सामुदायिक स्थान शामिल हैं। एक्सपीरियंस सेंटर में आने वाले लोग प्रस्तावित घरों के सजे हुए और खाली दोनों तरह के मॉडल देख सकते हैं, जिससे उन्हें घर की बनावट और जगह के इस्तेमाल का बेहतर अंदाजा मिल सके। सेंटर में स्थानीय निवासियों को सर्वे, पात्रता, जरूरी कागजात और पुनर्वास की पूरी प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी भी दी जाएगी।

दिल्ली पुलिस नहीं रोक सकी प्रदर्शन

नई दिल्ली। जंतर मंतर पर पिछली बार हुए प्रदर्शन से सबक लेकर इस बार दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के भरपूर प्रयास किए। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग प्रदर्शन के लिए इकट्ठा हुए। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग करते हुए हजारों की संख्या में लोग नई दिल्ली में अलग अलग जगहों पर जमा हुए। पुलिस ने लोगों को जंतर मंतर पर पहुंचने से रोकने के लिए कई किलोमीटर पहले से रास्ते बंद कर दिए थे और 11 मेट्रो स्टेशन भी बंद कर दिए थे। फिर भी देर शाम तक हजारों लोग कनॉट प्लेस और आसपास के इलाके में जमा रहे। कई जगह पुलिस के साथ लोगों की झड़प हुई और कई जगह जम कर बवाल हुआ।

शुक्रवार की सुबह से ही जंतर मंतर के आसपास हजारों की संख्या में पुलिसकर्मी और अर्धसैनिक बलों के जवान तैनात थे। सुबह सबसे पहले आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज और पार्टी के विधायक संजीव झा पहुंचे थे। पुलिस ने उनको तत्काल हिरासत में लेकर बस में बैठाया और वहां से हटा दिया। आप की नेता व पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी, सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव और आईसा की नेता नेहा बोरा को भी पुलिस ने हिरासत में लेकर वहां से हटाया। पुलिस ने करीब सात सौ लोगों को हिरासत में लिया। सबको जबरदस्ती बसों में भर कर जंतर मंतर से हटाया गया।

पुलिस ने इस प्रदर्शन को रोकने के लिए जंतर मंतर से पांच किलोमीटर दूर कर रास्ते बंद किए थे। लोगों को लोधी रोड पर रोका जा रहा था तो तीन मूर्ति के पास भी रास्ता बंद कर दिया गया था। सेंट्रल दिल्ली के आसपास के सारे मेट्रो स्टेशन बंद थे। कनॉट प्लेस से लेकर पटेल चौक, जीपीओ, टॉल्स्टॉय मार्ग, जंतर मंतर रोड, संसद मार्ग और आसपास की सड़कों पर ट्रैफिक बंद कर दिया गया था।

गौरतलब है कि 30 सितंबर को विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ ब्लॉक के नेताओं की बैठक हुई थी, जिसमें दो से आठ अक्टूबर तक चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन का फैसला हुआ था। शुक्रवार को गांधी जयंती के मौके पर युवाओं, छात्रों और अलग अलग समूहों के लोगों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इसमें एसआईआर के जरिए वोट काटने से लेकर रोजगार की समस्या तक का मुद्दा उठाया गया। पुलिस ने हालांकि इस प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी थी। तब भी देर शाम तक हजारों नौजवान कनॉट प्लेस और आसपास के इलाके में जमा रहे।

इस प्रदर्शन में आम आदमी पार्टी और वामपंथी दलों के अलावा सीपीआई माले के छात्र संगठन आइसा, सीपीएम के छात्र संगठन एसएफआई और कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई के सदस्य शामिल हुए। इसके अलावा कई और सामाजिक समूहों के लोग प्रदर्शन में शामिल होने के लिए पहुंचे थे। प्रदर्शन में लोगों की मुख्य मांग मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की थी। गौरतलब है कि एसआईआर में अब तक 13 करोड़ से ज्यादा नाम कट चुके हैं। राजनीतिक दल इसे चुनौती दे रहे हैं।

यूपी रेरा ने 5 जिलों की 11 रियल एस्टेट परियोजनाओं को दी हरी झंडी, नोएडा-गाजियाबाद से लखनऊ तक इतने प्रोजेक्ट

उत्तर प्रदेश में अपना खुद का घर खरीदने और दुकान का सपना देखने वालों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। राज्य में रियल एस्टेट सेक्टर को गति देने और निर्माण कार्यों में तेजी लाने के मकसद से उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (यूपी रेरा) ने प्रदेश के 5 प्रमुख जिलों की 11 नई रियल एस्टेट परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है। इन सभी प्रोजेक्ट्स के जरिए कुल ₹2086.06 करोड़ का भारी-भरकम निवेश होगा। इसके तहत 1873 नए मकान और व्यावसायिक दुकानें बनाई जाएंगी। इन नई परियोजनाओं को हरी झंडी मिलने से न केवल घर खरीदारों का इंतजार खत्म होगा बल्कि निर्माण क्षेत्र से जुड़ी तमाम आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी और स्थानीय स्तर पर हजारों लोगों के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे।

यूपी रेरा की 215वीं बैठक में हुआ बड़ा फैसला

यह बड़ा फैसला लखनऊ स्थित यूपी रेरा मुख्यालय में आयोजित प्राधिकरण की 215वीं अथॉरिटी बैठक में लिया गया। बैठक के दौरान बिल्डरों द्वारा सौंपे गए तमाम प्रोजेक्ट प्रस्तावों की बारीकी से समीक्षा और जांच-पड़ताल की गई। सभी कायदे-कानून और मानकों पर खरे उतरने के बाद ही इन 11 परियोजनाओं के पंजीकरण और निर्माण को अंतिम स्वीकृति दी गई। प्राधिकरण ने साफ कर दिया है कि इन प्रोजेक्ट्स के निर्माण में रेरा कानून के हर एक नियम का सख्ती से पालन कराया जाएगा ताकि काम तय समय पर पूरा हो सके।

नोएडा-ग्रेटर नोएडा में सबसे बड़ा दांव: लगेगा ₹1800 करोड़ से अधिक का फंड

निवेश के आंकड़े के मामले में गौतमबुद्ध नगर (नोएडा और ग्रेटर नोएडा) जिला सबसे आगे रहा। इस जिले में कुल 2 बड़ी आवासीय परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। अकेले गौतमबुद्ध नगर जिले में ही करीब ₹1800.36 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है। इन दोनों प्रोजेक्ट्स के तहत 1398 नए और आधुनिक आवासीय फ्लैट्स बनाए जाएंगे। इससे एनसीआर में घर की तलाश कर रहे लोगों को बड़ा फायदा मिलेगा।

सबसे ज्यादा प्रोजेक्ट्स लखनऊ को मिले, जानें गाजियाबाद और बाकी जिलों का हाल

अगर बात मंजूर की गई परियोजनाओं की कुल संख्या की करें, तो इस सूची में राजधानी लखनऊ सबसे ऊपर है। राजधानी में कुल 5 नई परियोजनाओं पर मुहर लगी है। इनमें 2 आवासीय और 3 कॉमर्शियल प्रोजेक्ट शामिल हैं। लखनऊ के इन प्रोजेक्ट्स में लगभग ₹169.53 करोड़ का खर्च आएगा और 198 नई इकाइयां (घर और दुकानें) बनकर तैयार होंगी। दिल्ली से सटे गाजियाबाद जिले में 2 आवासीय प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिली है। इनमें करीब ₹106.84 करोड़ का निवेश किया जाएगा और 211 नए मकान तैयार किए जाएंगे। लखनऊ के नजदीकी जिले बाराबंकी में 1 आवासीय परियोजना को हरी झंडी दी गई है। ₹5.78 करोड़ के बजट वाली इस परियोजना के तहत 53 नए घर बनाए जाएंगे। पश्चिमी यूपी के मुरादाबाद में 1 व्यावसायिक परियोजना पास की गई है। ₹3.55 करोड़ के अनुमानित निवेश से बनने वाले इस प्रोजेक्ट में 13 दुकानें और व्यावसायिक दुकानें तैयार होंगी।

रोजगार के बढ़ेंगे अवसर, ईंट-सीमेंट से लेकर ट्रांसपोर्ट तक को मिलेगी रफ्तार

इन 11 प्रोजेक्ट्स के शुरू होने का असर सिर्फ रियल एस्टेट और मकानों के निर्माण तक ही सीमित नहीं रहेगा। जब ₹2000 करोड़ से अधिक की राशि बाजार में लगेगी, तो ईंट, सीमेंट, सरिया, ट्रांसपोर्ट, इंजीनियरिंग और मजदूरी से जुड़े तमाम सेक्टरों में काम की रफ्तार अचानक बढ़ जाएगी। इससे न सिर्फ स्थानीय स्तर पर व्यापारियों को फायदा होगा, बल्कि राजमिस्त्री, मजदूर, इंजीनियर और टेक एक्सपर्ट्स के लिए रोजगार के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष अवसर बनेंगे।

तय समय पर मिलेगा घर, खरीदारों के हितों की होगी पूरी सुरक्षा

यूपी रेरा के अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी ने कहा कि प्रदेश में रियल एस्टेट बाजार को पारदर्शी, भरोसेमंद और जिम्मेदार बनाना प्राधिकरण की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट्स को मंजूरी देने के साथ-साथ अब उन पर लगातार निगरानी रखी जाएगी ताकि बिल्डर समय पर काम पूरा करके दें। उन्होंने घर खरीदारों को भरोसा दिलाया कि रेरा कानून के तहत प्रमोटरों और ग्राहकों दोनों के लिए स्पष्ट व्यवस्था बनाई गई है। किसी भी खरीदार के साथ धोखाधड़ी नहीं होने दी जाएगी और ग्राहकों के हितों की रक्षा करते हुए समय सीमा के भीतर प्रोजेक्ट्स का कब्जा दिलाना सुनिश्चित किया जाएगा।

(नोएडा से पवन गुप्ता की रिपोर्ट)

Gold Silver Price: सोने-चांदी का चढ़ा भाव, अमेरिकी जॉब्स डेटा से रेट हाइक की चिंता घटी

Gold Silver Price: अमेरिका में सितंबर का जॉब्स डेटा उम्मीद से कमजोर रहा। इसके बाद सोने में शुक्रवार को 1% से ज्यादा तेजी आई। कमजोर रोजगार आंकड़ों से इस महीने अमेरिकी फेडरल रिजर्व के रेट बढ़ाने की चिंता कम हुई है। हालांकि, मजबूत डॉलर और ऊंची ट्रेजरी यील्ड अभी भी सोने पर दबाव बना रही हैं।

1% से ज्यादा चढ़ा सोना

शुक्रवार को स्पॉट गोल्ड 1.1% बढ़कर 4,223.49 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स भी 1.2% चढ़कर 4,254.10 डॉलर प्रति औंस हो गया।

हालांकि, पूरे हफ्ते की बात करें तो सोना अभी करीब 1.5% नीचे है। यानी शुक्रवार की तेजी के बावजूद साप्ताहिक नुकसान की भरपाई नहीं हो पाई है।

सितंबर में सिर्फ 29,000 नौकरियां बढ़ीं

अमेरिका में सितंबर के दौरान नॉन-फार्म पेरोल में सिर्फ 29,000 की बढ़ोतरी हुई। अगस्त के आंकड़े को भी घटाकर 1.33 लाख कर दिया गया है।

रॉयटर्स के सर्वे में अर्थशास्त्रियों ने सितंबर में 90,000 नई नौकरियां जुड़ने का अनुमान लगाया था। यानी असल आंकड़ा अनुमान से काफी कम रहा।

फेड की रेट हाइक की उम्मीद घटी

कमजोर जॉब्स डेटा के बाद अक्टूबर में अमेरिकी फेड की ब्याज दर बढ़ने की संभावना भी कम हो गई है। CME FedWatch Tool के मुताबिक, अब ट्रेडर्स रेट हाइक की सिर्फ 14% संभावना देख रहे हैं।

जॉब्स डेटा से पहले यह संभावना 28% थी। हफ्ते की शुरुआत में तो यह करीब 70% थी। रेट हाइक की उम्मीद घटने से डॉलर थोड़ा कमजोर हुआ और सोने को सहारा मिला।

Marex के एनालिस्ट एडवर्ड मेयर ने कहा कि ब्याज दर बढ़ने की उम्मीद कम होने से डॉलर पर दबाव आया। इसका फायदा सोने को मिला। उन्होंने यह भी कहा कि सोने में पहले काफी बिकवाली हो चुकी थी, इसलिए इसमें उछाल आना स्वाभाविक था।

फिर भी सोने पर दबाव क्यों?

सोने के लिए अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड अभी बड़ी चिंता है। 10 साल और 30 साल की अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड गुरुवार को 2002 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई थी।

ऊंची यील्ड आमतौर पर सोने के लिए चुनौती होती है। इसकी वजह यह है कि सोने से ब्याज नहीं मिलता। ऐसे में बॉन्ड यील्ड बढ़ने पर निवेशकों के लिए सोने की आकर्षकता कम हो सकती है।

युद्ध शुरू होने के बाद 20% गिरा सोना

फरवरी के अंत में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद से सोना करीब 20% गिर चुका है। युद्ध के कारण महंगाई बढ़ने की चिंता ने अमेरिकी ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रखने की उम्मीद बढ़ाई थी।

हालिया महंगाई के आंकड़े भी उम्मीद से नरम रहे हैं। इसके अलावा, कम से कम दो बड़े फेड अधिकारियों ने अक्टूबर में एक और रेट हाइक का विरोध किया है। इससे बाजार में रेट को स्थिर रखने की उम्मीद बढ़ी है।

आगे क्या देखना होगा?

Bybit के चीफ मार्केट एनालिस्ट हान टैन के मुताबिक, सोने में आगे भी तेजी की गुंजाइश हो सकती है। इसके लिए अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड का अपने ऊंचे स्तर पर पहुंचना अहम होगा।

दूसरी ओर, Marex के एडवर्ड मेयर ने कहा कि सोने का चार्ट अभी कमजोर दिख रहा है। अगर ब्याज दरों का चक्र फिर ऊपर जाता है, तो सोने में और गिरावट आ सकती है।

चांदी भी 2% चढ़ी

सोने के साथ दूसरे कीमती मेटल्स में भी शुक्रवार को तेजी रही। स्पॉट सिल्वर 2% बढ़कर 62.07 डॉलर प्रति औंस हो गया।

प्लैटिनम 1% चढ़कर 1,740.53 डॉलर और पैलेडियम 2.2% बढ़कर 1,197.47 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। हालांकि, ये तीनों मेटल्स भी इस हफ्ते अब तक गिरावट में हैं।

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‘आंध्र के प्यारे बेटे’, सीएम चंद्रबाबू नायडू ने की अनंत अंबानी की तारीफ, कही ये बात

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने शुक्रवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी की जमकर तारीफ की। उन्होंने अनंत को प्यार से “आंध्र का प्यारा बेटा” कहा। ग्लोबल हॉर्टिकल्चर हब और इंडियन स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर की नींव रखे जाने के बाद आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायडू ने ये बातें कहीं। कार्यक्रम में सीएम ने कहा कि राज्य में खेती और बागवानी के क्षेत्र में इस तरह की पहल से नई संभावनाएं बनेंगी। इस मौके पर मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और अनंत अंबानी मौजूद रहे।

ग्लोबल हॉर्टिकल्चर हब और इंडियन स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर की नींव के बाद सीएम नायडू ने इसे आंध्र प्रदेश के लिए गर्व का पल बताया। वहीं, अनंत अंबानी ने भी इस प्रोजेक्ट का हिस्सा बनने पर खुशी जताई और आंध्र प्रदेश में इसके लिए नींव रखे जाने को अपने लिए खास अनुभव बताया।

हर संभव मदद करेगा रिलायंस-अनंत

अनंत अंबानी ने प्रोजेक्ट पर भरोसा जताने और रिलायंस के साथ मिलकर काम करने के लिए मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि, रिलायंस इंडस्ट्रीज इंडियन स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर को पूरा सपोर्ट देगी। उन्होंने यह भी कहा कि संस्थान को आगे बढ़ाने के लिए अगर किसी और मदद की जरूरत होगी, तो कंपनी उसके लिए भी तैयार है। उन्होंने मुख्यमंत्री से जरूरी मदद के बारे में उन्हें गाइड करने के लिए कहा।

पीएम मोदी की तारीफ की

अनंत अंबानी ने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लीडरशिप में आंध्र भूमि एक “स्वर्ण भूमि” में बदल रही है। उन्होंने कहा, देश के अलग-अलग हिस्सों में बदलाव देखने को मिल रहे हैं और विकास के भी नए काम हो रहे हैं। अनंत ने लोगों से अपील की कि वे देश को आगे बढ़ाने और ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को पूरा करने में अपनी भूमिका निभाएं।

1 लाख करोड़ रुपए की किया निवेश

रिलायंस इंडस्ट्रीज के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी ने आंध्र प्रदेश में कंपनी की बड़ी निवेश योजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि, रिलायंस राज्य में करीब 1 लाख करोड़ रुपये निवेश करने की तैयारी कर रही है। इस निवेश से कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) प्लांट लगाए जाएंगे और 3 लाख से ज्यादा रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। अनंत के मुताबिक, इस पहल से आंध्र प्रदेश को करीब 60 हजार करोड़ रुपये का राजस्व भी मिल सकता है।

मदनपल्ले में रायलसीमा हॉर्टिकल्चर हब और इंडियन स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर के शिलान्यास कार्यक्रम में अनंत अंबानी ने कहा कि रिलायंस इस नए संस्थान को आगे बढ़ाने के लिए सरकार और किसानों के साथ मिलकर काम करेगी। उन्होंने कहा कि कंपनी संस्थान को जरूरी सहयोग देने के लिए पूरी तरह तैयार है।

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Copper News: कमोडिटी ट्रेडर्स के लिए बिग अलर्ट, कॉपर में मई के बाद की सबसे बड़ी वीकली गिरावट

Copper News: शेयर मार्केट में हाहाकार मचा हुआ ही है, कमोडिटी मार्केट में भी स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। निफ्टी (Nifty) वीकली लेवल पर लगातार आठ हफ्ते कमजोर हुआ है और इतनी लंबी गिरावट 25 साल बाद दिखी है। अब कमोडिटी मार्केट में बात करें तो कॉपर जो धड़ाधड़ ऊपर भाग रहा था, अब मई के बाद से सबसे बड़ी वीकली गिरावट की तरफ बढ़ रहा है। शुक्रवार को डॉलर में गिरावट के साथ लंदन मेटल एक्सचेंज पर इसके फ्यूचर्स प्रति टन $14,300 प्रति टन से ऊपर चले गए, लेकिन फिर भी वीकली लेवल पर हफ्ते की समाप्ति पर इसमें लगभग 2% की गिरावट रहने के आसार हैं।

क्यों फीका पड़ा Copper?

एनर्जी की लागत में बढ़ोतरी और चीन के लड़खड़ाते इंडस्ट्रियल सेक्टर की वजह से मांग कम होने के डर से कॉपर को झटका लगा। एनर्जी की लागत इसलिए बढ़ रही है क्योंकि पश्चिमी एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध ने तेल की सप्लाई को बुरी तरह प्रभावित किया हुआ है, जिससे यह उबल पड़ा और कॉपर को भी इसकी आंच महसूस हुई। इसके अलावा चीन में इंडस्ट्रियल कमजोरी के आंकड़ो ने भी कॉपर पर दबाव बनाया।

अभी कितना टूटेगा भाव?

चीन में इंडस्ट्रियल एक्टिविटीज की कमजोर और कच्चे तेल में उबाल ने कॉपर को नरम किया है लेकिन सप्लाई की कमी के कारण कीमतें ऊपरी लेवल पर बनी हुई है यानी कि इसमें अधिक गिरावट की गुंजाइश नहीं दिख रही है। रिफाइंड मेटल पर अमेरिकी टैरिफ के डर से ट्रेडर्स ने लाखों टन मेटल अमेरिका भेजा है, जिससे दूसरी जगहों पर कमी का खतरा पैदा हो गया है। चिली की एक बड़ी खदान में भी हड़ताल चल रही है।

बैंक ऑफ अमेरिका कॉरपोरेशन के एनालिस्ट्स ने अपने नोट में जिक्र किया है कि जब तक पश्चिमी एशिया में युद्ध जारी रहेगा, बेस मेटल्स में बढ़ोतरी सीमित हो सकती है लेकिन एल्युमीनियम, कॉपर और निकेल की सप्लाई में कमी से कीमतों को सपोर्ट मिलना चाहिए।

अभी अमेरिका में सितंबर महीने का रोजगार डेटा आना है, जिसमें मार्केट का अनुमान है कि हायरिंग में बड़ी सुस्ती देखने को मिल सकती है। यह आंकड़ा आज शुक्रवार को आना है। इसमें सुस्ती का असर ये होगा कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की अपनी मौद्रिक नीतियों को और सख्त करने की संभावना फीकी होगी, जो कॉपर के लिए पॉजिटिव हो सकता है।

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से की भेंट, ग्लोबल इन्वेस्टर्स सम्मिट 2027 के लिए किया आमंत्रित

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से की भेंट, ग्लोबल इन्वेस्टर्स सम्मिट 2027 के लिए किया आमंत्रित

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से भेंट कर उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर मध्यप्रदेश में जारी विकास कार्यों, जनकल्याणकारी पहलों, उपलब्धियों, निवेश और प्रदेश की प्रगति से जुड़े विभिन्न विषयों की जानकारी प्रधानमंत्री को दी।

 

इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अगले साल भोपाल में आयोजित होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को आमंत्रित किया। उन्होंने प्रदेश में निवेश के लिए तैयार किए जा रहे अनुकूल वातावरण, औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी साझा की। उन्होंने प्रदेश में प्रारंभ की गई मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के संबंध में भी प्रधानमंत्री को अवगत कराया। 

 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 17 सितंबर से प्रदेश में संचालित ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत प्रदेशभर में आयोजित की जा रही विभिन्न गतिविधियों और कार्यक्रमों की जानकारी भी प्रधानमंत्री मोदी को दी। उन्होंने अभियान के माध्यम से जनभागीदारी, सेवा और जनकल्याण से जुड़े विभिन्न आयोजनों के बारे में अवगत कराया ।

बालाघाट में बच्चों की मौत पर राहुल गांधी ने सरकार को घेरा, पीड़ित परिवारों से जमीन पर बैठकर की बात

बालाघाट में बच्चों की मौत पर राहुल गांधी ने सरकार को घेरा, पीड़ित परिवारों से जमीन पर बैठकर की बात

लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने गुरुवार को बालाघाट में हुई बच्चों की मौत के मामले में पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। राहुल गांधी ने परिवारजनों के साथ जमीन पर बैठकर बातचीत की और स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, मुआवजा, मनरेगा तथा वन अधिकार कानून से जुड़े मुद्दों के साथ जमीनी स्थिति की जानकारी ली। 

 

परिवारों से बातचीत के बाद मीडिया से चर्चा में राहुल गांधी ने कहा कि क्षेत्र में बीमारी और कुपोषण के कारण कई बच्चों की मौत हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि आदिवासी क्षेत्रों में सरकार की ओर से स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाओं का पर्याप्त समर्थन नहीं मिल रहा है।

मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा बहुत बच्चे मरे हैं। मुआवजा तक नहीं मिला है। आधे लोगों को मुआवजा अभी तक नहीं मिला है। उन्होंने सरकार से वन अधिकार कानून के तहत पात्र लोगों को जमीन के पट्टे देने और मनरेगा को प्रभावी ढंग से संचालित करने की मांग की।

 

उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों की जमीन, वन अधिकार और पट्टे से जुड़े मामले हैं तथा अस्पताल और स्कूल जैसी सुविधाओं की जरूरत है। राहुल गांधी ने सरकारी योजनाओं के लाभ को लेकर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति को दो योजनाओं के तहत पात्रता है तो उसे दोनों योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए।

 

राहुल गांधी ने मध्यप्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए प्रदेश में पूरा गर्वेमेंट फैलियर होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष और कांग्रेस पार्टी की ओर से वे इन मुद्दों को उठाएंगे।

 

राहुल गांधी ने कहा वह लोकसभा में पूरा मुद्दा उठाएंगे। उन्होंने काह कि  सिर्फ इनका ही नहीं, सारे के सारे आदिवासियों के साथ जो किया जा रहा है, मैं इसका मुद्दा उठाऊंगा।

 

राहुल गांधी ने आदिवासी समुदाय के अधिकारों की बात करते हुए कहा कि कांग्रेस आदिवासी समुदाय को वनवासी नहीं बल्कि आदिवासी कहती है और उनके अनुसार उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार तथा जमीन पर अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस की सरकार बनने पर इन परिवारों की मदद की जाएगी।

 

 

नोएडा-ग्रेटर नोएडा में विकास की रफ्तार तेज! 8,000 हेक्टेयर में बनेगा इंडस्ट्रियल नोड, रोजगार और निवेश को मिलेगा बड़ा बूस्ट

Development in Noida-Greater Noida: यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने की तैयारी तेज हो गई है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के दक्षिणी क्षेत्र में करीब 8,000 हेक्टेयर क्षेत्रफल में इंडस्ट्रियल नोड विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। प्राधिकरण की ओर से तैयार की जा रही महायोजना और औद्योगिक विकास की योजनाओं में इसे महत्वपूर्ण परियोजना के तौर पर आगे बढ़ाया जा रहा है। इंडस्ट्रियल नोड के विकसित होने से क्षेत्र में औद्योगिक निवेश, रोजगार और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

एयरपोर्ट के आसपास औद्योगिक विकास को मिलेगी गति

YEIDA की ओर से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के दक्षिणी क्षेत्र में करीब 8,000 हेक्टेयर में इंडस्ट्रियल नोड विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। प्राधिकरण के निदेशक मंडल की ओर से भी इस प्रस्ताव का अवलोकन किया गया है। इसके लिए महायोजना तैयार करने की दिशा में कंसल्टेंट के चयन की कार्रवाई की जा रही है।

प्राधिकरण के मुताबिक, इंडस्ट्रियल नोड के विकसित होने से क्षेत्र में औद्योगिक निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इसके साथ ही लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है। एयरपोर्ट के आसपास योजनाबद्ध तरीके से औद्योगिक गतिविधियां विकसित होने से क्षेत्र में कारोबार के लिए बेहतर माहौल तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है।

इंटरनेशनल ट्रेड सिटी की भी तैयारी

YEIDA क्षेत्र में औद्योगिक विकास के साथ-साथ इंटरनेशनल ट्रेड सिटी विकसित करने की दिशा में भी पहल की जा रही है। प्राधिकरण की योजना Yiwu International Trade City की तर्ज पर अंतरराष्ट्रीय व्यापार केंद्र विकसित करने की है। प्रस्तावित ट्रेड सिटी में क्षेत्र के औद्योगिक उत्पादों की प्रदर्शनी, बिक्री और निर्यात के लिए बाजार उपलब्ध कराने की परिकल्पना की गई है।

इससे स्थानीय उद्योगों को नए बाजारों तक पहुंच बनाने और वैश्विक व्यापार के अवसर हासिल करने में मदद मिल सकती है। एयरपोर्ट, औद्योगिक क्षेत्र और लॉजिस्टिक्स सुविधाओं के साथ ट्रेड सिटी को जोड़ने की योजना क्षेत्र के कारोबारी ढांचे को विस्तार देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

295 औद्योगिक भूखंडों में तेजी से बढ़ रहा काम

YEIDA क्षेत्र में औद्योगिक निवेश को जमीन पर उतारने के लिए भूखंड आवंटन के बाद निर्माण और उत्पादन की प्रक्रिया को भी तेज किया जा रहा है। प्राधिकरण के मुताबिक 4,000 वर्गमीटर से अधिक आकार के 295 औद्योगिक भूखंडों में 181 भूखंडों के लीज डीड का निपटारा हो चुका है। इनमें 152 आवंटियों को कब्जा दिया जा चुका है। जबकि 69 भूखंडों पर निर्माण कार्य शुरू हो गया है। वहीं 13 इकाइयों में उत्पादन भी शुरू हो चुका है।

सेक्टर-28 के मेडिकल डिवाइस पार्क में भी औद्योगिक गतिविधियों को आगे बढ़ाया जा रहा है। यहां 203 भूखंडों के सापेक्ष 123 भूखंड आवंटित किए गए हैं। इनमें 75 भूखंडों पर कब्जा दिया जा चुका है और 28 पर निर्माण शुरू हो गया है।

आधुनिक सुविधाओं पर भी जोर

मेडिकल डिवाइस पार्क में 3D Prototype Lab, Electronics Assembly Facility, IoMT, Biomaterial, Common IT Facility और Tooling Room जैसी आधुनिक सुविधाओं के विकास पर भी काम चल रहा है। इसका उद्देश्य औद्योगिक इकाइयों को जरूरी तकनीकी और साझा सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

इसके अलावा सेक्टर-29 के अपैरल पार्क में 159, एमएसएमई पार्क में 503 और हैंडीक्राफ्ट पार्क में 188 भूखंडों का आवंटन हो चुका है। अपैरल पार्क में 110 और हैंडीक्राफ्ट पार्क में 83 आवंटियों को कब्जा भी मिल चुका है। सेक्टर-33 के टॉय पार्क में 148 भूखंड आवंटित किए गए हैं।

महायोजना से तय होगी भविष्य की दिशा

YEIDA की ओर से आगरा-अर्बन सेंटर की महायोजना-2041 को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया भी जारी है। संशोधित महायोजना रिपोर्ट प्राधिकरण की 88वीं बोर्ड बैठक में प्रस्तुत की गई थी, जिसके बाद आम लोगों से आपत्तियां और सुझाव मांगे गए। प्राप्त सुझावों की जांच के बाद उनके निस्तारण की संस्तुति की गई है। संशोधित ड्राफ्ट महायोजना तैयार की जा रही है, जो क्षेत्र के भविष्य के भूमि उपयोग और विकास की दिशा तय करेगी।

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साथ ही औद्योगिक भूखंडों पर निर्माण और उत्पादन की गति बढ़ाने के लिए साप्ताहिक समीक्षा व्यवस्था के माध्यम से लीज डीड, कब्जा, मानचित्र स्वीकृति, निर्माण और पूर्णता प्रमाण-पत्र से जुड़े लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण किया जा रहा है।

(ग्रेटर नोएडा से पवन गुप्ता की रिपोर्ट)