MP में 25 सितंबर से शुरू होगी मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा, CM मोहन यादव 351 बसों को दिखाएंगे हरी झंडी

MP में 25 सितंबर से शुरू होगी मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा, CM मोहन यादव 351 बसों को दिखाएंगे हरी झंडी

मध्यप्रदेश के नागरिकों को सुलभ, सुरक्षित, आधुनिक  एवं पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा प्रदेश सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। परिवहन विभाग की महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ का 25 सितंबर 2026 को शुभारंभ होगा। भोपाल के दशहरा मैदान में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुरुआती चरण में 351 बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। प्रदेश सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के विभिन्न शहरों के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करना, दैनिक यात्रियों को राहत पहुंचाना और पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना है। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा अंतर्गत प्रदेश में लगभग 1500 बसें चलना शुरू हो जाएंगी। 

 

दो श्रेणियों में शुरू होंगी बस सेवाएं

 

कार्यक्रम के दौरान 351 बसों को एक साथ हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा। इसे दो श्रेणियों में विभाजित किया गया है। इसमें 120 इंटरसिटी बसें हैं। ये बसें दो या दो से अधिक शहरों के बीच आवागमन को सुगम और तीव्र बनाएंगी। 231 इंट्रासिटी बसें शहरों के भीतर नागरिकों को सुरक्षित, सुलभ और सस्ती यात्रा सुविधा प्रदान करेंगी।

 

7 शहरों की 351 बसों को दिखाई जाएगी हरी झंडी

 

मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा अंतर्गत प्रथम चरण में प्रदेश के 7 प्रमुख शहरों  की बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा। इसमें इदौर, भोपाल, जबलपुर, रीवा, देवास, कटनी और भिंड शामिल है। इंदौर में 145 बस, जिसमें 50 इंटरसिटी, 95 इंट्रासिटी,  भोपाल के लिए 106 बसें, जिसमें  23 इंटरसिटी, 83 इंट्रासिटी, जबलपुर के लिए 67 बसें, जिसमें  14 इंटरसिटी, 53 इंट्रासिटी। रीवा की 18 इंटरसिटी बस, देवास की 10 इंटरसिटी बस, कटनी की 3 और भिंड की  2 इंटरसिटी बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा।

 

लगभग 15,000 सार्वजनिक बसें की जाएंगी संचालित

 

मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के अंतर्गत वर्ष 2031 तक 75 प्रतिशत ग्राम पंचायतों को बस सेवा से जोड़कर ग्रामीण कनेक्टिविटी को नई मजबूती दी जाएगी। प्रदेशभर में लगभग 15,000 से अधिक आधुनिक सार्वजनिक बसें संचालित की जाएंगी। इससे प्रतिदिन 30 लाख से ज्यादा यात्रियों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा प्रदान होगी। साथ ही 180 से अधिक आधुनिक बस स्टैंड्स, टर्मिनल्स और डिपो का कायाकल्प किया जाएगा। 

 

इलेक्ट्रिक बसों के विस्तार पर विशेष जोर 

 

प्रदेश सरकार द्वारा पर्यावरण संरक्षण और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के उद्देश्य से स्वच्छ ईंधन और इलेक्ट्रिक बसों के विस्तार पर विशेष जोर दिया जाएगा। 

 

 

इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) के माध्यम से की जाएगी निगरानी

 

मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के अंतर्गत संचालित बसों की निगरानी इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) के माध्यम से की जाएगी। इसके लिए मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एण्ड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (MPYPIL) एवं उसकी 7 सहायक कंपनियों में अत्याधुनिक कमांड-कंट्रोल सेंटर स्थापित किए गए हैं। इन सेंटरों के माध्यम से बसों के संचालन, लोकेशन, समयबद्धता एवं अन्य महत्वपूर्ण गतिविधियों की रियल टाइम निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही सार्वजनिक बसों में महिला और बाल सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। इससे यात्री परिवहन व्यवस्था अधिक सुरक्षित, सुगम, पारदर्शी और प्रभावी बनाने में भी मदद मिलेगी। सभी बसों को 07 सीसीटीवी कैमरों, पैनिक बटन और रियल-टाइम व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग (VLTD) सिस्टम से लैस किया जा रहा है। इसके अलावा, पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम (PIS), ड्राइवरों की तकनीकी ट्रेनिंग और त्वरित शिकायत निवारण तंत्र के जरिए सुरक्षित एवं समयबद्ध यात्रा सुनिश्चित की जाएगी। 

 

पीपीपी मॉडल के जरिए निजी ऑपरेटरों की सशक्त भागीदारी

जन-निजी भागीदारी (PPP) को गति देने के लिए पारदर्शी अनुबंध प्रणाली और प्रोत्साहन योजनाएं लागू की जाएगी। इस मॉडल से निजी बस ऑपरेटरों को राजस्व रिसाव रोकने, नॉन-फेयर रेवेन्यू (जैसे विज्ञापन व कार्गो सेवाएं) बढ़ाने और आधुनिक डिपो व टर्मिनलों के उपयोग की सुविधाएं मिलेंगी साथ ही प्रशासन का पूर्ण सहयोग भी मिलेगा। 

 

परिवहन क्षेत्र में रोजगार और निवेश को मिलेगा बढ़ावा

 

प्रदेश में सुगम यात्री परिवहन सेवा शुरू होने से परिवहन क्षेत्र में रोजगार और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। यात्री परिवहन के विस्तार से प्रदेश में बस संचालन, वाहन निर्माण, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, तकनीकी सेवाओं और अन्य संबद्ध क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी। इससे परिवहन क्षेत्र से जुड़े उद्योगों को प्रोत्साहन मिलने के साथ युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

चीन का AI में बड़ा निवेश, लेकिन अर्थव्यवस्था कमजोर:कार-घर की बिक्री घटी, युवाओं में बेरोजगारी 18.9%

चीन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में तेजी से पैसा लगा रहा है। लेकिन दूसरी तरफ देश की अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी पड़ रही है। 2026 की पहली छमाही में घरेलू कारों और घरों की बिक्री घट गई। वहीं अगस्त में युवाओं में बेरोजगारी 18.9% रही। ऐसे में कई चीनी अर्थशास्त्रियों को चिंता है कि सरकार AI जैसे सेक्टर में ज्यादा पैसा लगा रही है, जबकि अर्थव्यवस्था को नौकरियां और लोगों की खरीदारी बढ़ाने के लिए ज्यादा मदद की जरूरत है। चीन की अर्थव्यवस्था की हालत समझिए चीन की आर्थिक परेशानी आंकड़ों से साफ दिख रही है। कारों की बिक्री 2026 के पहले 6 महीनों में घरेलू कारों की बिक्री पिछले साल के मुकाबले 20% घट गई। घरों की बिक्री इसी दौरान घरों की बिक्री में 14% की गिरावट आई। अर्थशास्त्री बोले- अर्थव्यवस्था को ज्यादा सहारे की जरूरत जुलाई में चीन के पूर्व केंद्रीय बैंक सलाहकार ली दाओकुई ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था जरूरत से ज्यादा धीमी चल रही है। एक और पूर्व सलाहकार लियू शिजिन ने ग्रामीण लोगों की पेंशन बढ़ाने का सुझाव दिया। उन्होंने पेंशन को करीब 2,800 रुपए से बढ़ाकर 14,000 रुपए महीने करने की बात कही। केंद्रीय बैंक के सलाहकार हुआंग हाइजौ ने कहा कि टेक्नोलॉजी में आगे बढ़ने से पहले देश में थोड़ी महंगाई और कंपनियों की कमाई बढ़ना जरूरी है। सरकार का पूरा फोकस AI पर जुलाई में पोलितब्यूरो की बैठक के बाद चीन के नेताओं ने AI से जुड़ी नई अर्थव्यवस्था को बढ़ाने पर जोर दिया। सरकार ने सीमित आर्थिक मदद जारी रखने का फैसला भी किया। AI में सरकारी निवेश लगातार बढ़ रहा है। स्टैनफोर्ड के अर्थशास्त्री शू चेंगगांग का कहना है कि इससे रोजगार और लोगों की खरीदारी बढ़ाने वाले क्षेत्रों के लिए कम पैसा बच सकता है। उनके मुताबिक, AI कंपनियों को सिर्फ सरकारी मदद नहीं, बल्कि ऐसे ग्राहक और कारोबार भी चाहिए जो उनके उत्पाद खरीदें। चीन की हालत की तुलना सोवियत संघ से क्यों? बीजिंग के प्रमुख समाजशास्त्री सन लिपिंग ने चीन की मौजूदा आर्थिक स्थिति की तुलना सोवियत संघ से की है। उनके मुताबिक, सोवियत संघ के सबसे मजबूत दौर में उसकी अर्थव्यवस्था अमेरिका के आकार की करीब 70% थी। विज्ञान और टेक्नोलॉजी के कुछ क्षेत्रों में वह अमेरिका से आगे भी था। लेकिन मजबूत विज्ञान और तकनीक के बावजूद सोवियत संघ की अर्थव्यवस्था आखिरकार कमजोर पड़ गई। AI और डेटा सेंटरों पर लाखों करोड़ का निवेश स्टैनफोर्ड की AI इंडेक्स रिपोर्ट के मुताबिक, 2000 से 2023 के बीच सरकारी पहल पर बनाए गए निवेश फंडों ने AI कंपनियों में करीब 15 लाख करोड़ रुपए लगाए। अब चीन AI के लिए जरूरी डेटा सेंटर भी तेजी से बना रहा है। ब्लूमबर्ग के मुताबिक, चीन अगले 5 साल में देशभर में डेटा सेंटर बनाने पर करीब 28 लाख करोड़ रुपए खर्च करने की तैयारी कर रहा है। इन डेटा सेंटरों को सरकारी कंपनियां चलाएंगी। इसलिए इसे ‘AI ग्रेट लीप फॉरवर्ड’ कहा जा रहा चीन के कुछ इंटरनेट यूजर्स सरकार के बड़े AI अभियान को ‘AI ग्रेट लीप फॉरवर्ड’ कह रहे हैं। इसका नाम चीन के पूर्व नेता माओ जेडोंग के ‘ग्रेट लीप फॉरवर्ड’ अभियान से लिया गया है। माओ ने 1958 में चीन को तेजी से औद्योगिक और ताकतवर बनाने के लिए बड़े पैमाने पर उद्योग और खेती में बदलाव शुरू किए थे। लेकिन यह अभियान बुरी तरह नाकाम रहा और इसके कारण चीन में भयानक अकाल पड़ा। आज चीन सरकार भी AI को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर पैसा लगा रही है। इसलिए कुछ लोग इसकी तुलना पुराने अभियान से कर रहे हैं। सवाल है कि जब देश की अर्थव्यवस्था सुस्त है, युवाओं को नौकरी नहीं मिल रही, तब सरकार AI पर इतना बड़ा पैसा क्यों लगा रही है। ————————- ये खबर भी पढ़ें… AI की गलती से अमेरिका-चीन में जंग हो जाती: चैटबॉट ने चीनी जहाज में परमाणु उपकरण होने की फेक खबर दी अमेरिका आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चैटबॉट की गलती से चीन से जंग के करीब पहुंच गया था। खबर यहां पढ़ें…

कुरुक्षेत्र ITI क्लस्टर को मिलेंगे 320 करोड़ रुपये, जिंदल नवीन अवसर करेगा हरियाणा सरकार के साथ पार्टनरशिप

प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड ITIs (PM-SETU) स्कीम के तहत नेशनल स्टीयरिंग कमेटी (NSC) ने हरियाणा में कुरुक्षेत्र ITI क्लस्टर के लिए ₹320 करोड़ के स्ट्रेटेजिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) को मंजूरी दे दी है। इस क्लस्टर के लिए जिंदल नवीन अवसर लिमिटेड एंकर इंडस्ट्री पार्टनर के तौर पर हरियाणा सरकार के साथ पार्टनरशिप करेगी।

इस मंजूरी के साथ, पीएम-सेतु के तहत 10 इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (ITI) क्लस्टर में मंजूर कुल इन्वेस्टमेंट बढ़कर ₹2,491 करोड़ हो गया है। इससे आईटीआई को उद्योग का नेतृत्व करने, भविष्य के लिए तैयार सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में बदलने के सरकार की प्रतिबद्धता को और मजबूती मिली है। यह मंजूरी सरकारी आईटीआई के इंडस्ट्री-लेड ट्रांसफॉर्मेशन को मजबूत करने और ज्यादा मांग वाले वोकेशनल ट्रेनिंग इकोसिस्टम बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम है।

इस मौके पर कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी ने कहा, “उद्योग को आईटीआई के करीब लाने से हमारे युवाओं के लिए रोजगार के मजबूत रास्ते बनेंगे। पीएम सेतु के तहत कुरुक्षेत्र क्लस्टर को मंजूरी देना, कौशल विकास को उद्योगों की बदलती जरूरतों के हिसाब से ज्यादा काम का, उम्मीदों पर खरा उतरने वाला और रिस्पॉन्सिव बनाने के हमारी प्रतिबद्धता को दिखाता है।”

एक हब और छह स्पोक आईटीआई को बदला जाएगा

कुरुक्षेत्र क्लस्टर को PM-SETU के तहत सोचे गए हब-एंड-स्पोक मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा और इसमें सात सरकारी ITIs शामिल होंगी।

सरकारी ITI, कुरुक्षेत्र हब ITI के तौर पर काम करेगा, जबकि नीचे दिए गए इंस्टिट्यूट स्पोक ITI के तौर पर काम करेंगे:

सरकारी ITI (महिला), कुरुक्षेत्र

सरकारी ITI, कैथल

सरकारी ITI (महिला), कैथल

सरकारी ITI, पेहोवा

सरकारी ITI, पबनावा

सरकारी ITI (महिला), अंबाला शहर

मजबूत ढांचे के विकास में मदद करेगा निवेश

₹320 करोड़ का यह निवेश पूरे क्लस्टर में एक इंटीग्रेटेड और इंडस्ट्री-रिस्पॉन्सिव स्किलिंग इकोसिस्टम के विकास में मदद करेगा। PM-SETU के तहत, इंडस्ट्री पार्टनर करिकुलम डेवलपमेंट, इंफ्रास्ट्रक्चर एन्हांसमेंट, ट्रेनिंग डिलीवरी, फैकल्टी एंगेजमेंट, अप्रेंटिसशिप, इंडस्ट्री एक्सपोजर और प्लेसमेंट सपोर्ट के जरिए ITI के ट्रांसफॉर्मेशन को आकार देने में मुख्य भूमिका निभाते हैं। इस स्कीम का मकसद यह पक्का करना है कि वोकेशनल ट्रेनिंग नई तकनीक और श्रम बाजार की बदलती मांगों के साथ रेखांकित रहे।

एंकर इंडस्ट्री पार्टनर के तौर पर, जिंदल नवीन अवसर लिमिटेड हरियाणा सरकार और इसमें शामिल ITI के साथ मिलकर काम करेगी ताकि इंडस्ट्री के साथ जुड़ाव को मजबूत किया जा सके और छात्रों को प्रैक्टिकल ट्रेनिंग, अप्रेंटिसशिप और नौकरी के मौकों तक बेहतर पहुंच मिल सके। कंपनी पहले से ही ओडिशा के बारबिल आईटीआई क्लस्टर से जुड़ी हुई है, जहां पीएम-सेतु के तहत ₹240 करोड़ की रणनीति निवेश योजना को मंजूरी दी गई है। दोनों क्लस्टर में कंपनी की भागीदारी इस योजना के इंडस्ट्री-लेड कौशल विकास की सोच में उद्योग के बढ़ते भरोसे को दिखाती है।

भारत सरकार की एक खास पहल है PM-SETU 

PM-SETU भारत सरकार की एक खास पहल है जिसका मकसद आधुनिक ढांचा, उन्नत प्रयोगशाला और उपकरण, उद्योगों के साथ तालमेल वाला पाठ्यक्रम, उभरते क्षेत्रों में कोर्स शुरू करने और मजबूत औद्योगिक साझेदारी के जरिए वोकेशनल ट्रेनिंग की क्वालिटी, रेलिवेंस और नतीजों को बेहतर बनाना है।

इस स्कीम का कुल खर्च ₹60,000 करोड़ है और इसमें इंडस्ट्री के हब-एंड-स्पोक मॉडल के जरिए 1,000 सरकारी आईटीआई को अपग्रेड करने का लक्ष्य है, जिसमें देश भर में 200 हब ITI और 800 स्पोक ITI शामिल हैं।

वोट के लालच में गिरगिट की तरह रंग बदल रही है सपा: मायावती

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष मायावती ने सोमवार को तंज कसते हुये कहा कि समाजवादी पार्टी (सपा) ने प्रचारित ‘पीडीए रथ’ में अपने लाल रंग का कम और आरएसएस/भाजपा के ‘भगवा’ रंग का ज्यादा इस्तेमाल किया है।

सुश्री मायावती ने एक्स पर लिखा यूपी के आगामी विधानसभा आमचुनाव की तैयारी के लिये सपा प्रमुख का प्रचारित ‘पीडीए रथ’ में लाल रंग का कम तथा आरएसएस/भाजपा के भगवा रंग का (भगवाकरण) ज्यादा है, तो ऐसे में लोगों में चर्चा यही है कि यह सब उनका वोटों के स्वार्थ की खातिर गिरगिट की तरह लगातार रंग बदलना है या फिर मुसलमानों पर से सपा प्रमुख का वोट पाने का भरोसा उठ जाना है।

उन्होने कहा वैसे भी यूपी के खासकर मुस्लिम समाज को इस कड़वी हकीकत का पूरी तरह से एहसास है कि पिछले चुनावों में सपा को उनके द्वारा अधिकांश एकतरफा वोट देने के बावजूद भी यह पार्टी यूपी व केन्द्र की सत्ता में भाजपा को सरकार बनाने से नहीं रोक पाती है तो इस पार्टी को बार-बार वोट देकर अपना वोट खराब क्यों किया जाये और इस मामले में अब वे अपरकास्ट में से खासकर ब्राह्मण समाज की तरह ही अपना रवैया काफी तेजी से बसपा के पक्ष में बदल रहे हैं।

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सुश्री मायावती ने कहा क्योंकि बसपा यूपी में खासकर अपराध नियंत्रण व शान्ति-व्यवस्था के मामलों में कानून द्वारा कानून के राज के साथ ही व्यापक जनहित, जनकल्याण एवं विकास के मामलों में भी बेहतरीन आयरनलेडी राज यहाँ कई बार स्थापित करके दिखा चुकी है और जिसकी सर्वसमाज के हित व कल्याण में प्रदेश को सख्त जरूरत भी है।

बसपा सुप्रीमो ने कहा इसके साथ ही सपा को यह भी जनता को जरूर बता देना चाहिये कि अब इनके ‘पीडीए’ की असली वास्तविकता क्या है क्योंकि चुनावी स्वार्थ में अब तक इन्होंने कभी ‘पीडी’ को ‘पिछड़ा, दलित’ बताया तो कभी ‘पीडी’ को ‘पण्डित’ बताया है।

उन्होंने कहा कभी अपने आपको ‘अम्बेडकरवादी’ दर्शाने के चक्कर में बसपा का ‘नीला’ रंग वाला वस्त्र धारण कर तस्वीरें खिंचवाई है, किन्तु इसको लोगों ने फौरन ही फेक अम्बेडकरवादी कहकर रिजेक्ट भी कर दिया। बसपा सर्वसमाज हेतु ‘सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ की नीति व सिद्धान्त वाली अम्बेडकरवादी पार्टी है तथा सभी को रोटी-रोजगार-युक्त आत्म-सम्मान व स्वाभिमान आदि का जीवन जीने की पक्षधर है। इसीलिये सर्वसमाज में बीएसपी का अपना सम्मान है।

Pic Credit : UNI

EPFO के तहत सैलरी लिमिट बढ़कर ₹25,000 हुई, आपके वेतन और पेंशन पर क्या असर होगा?

EPFO salary Hike: सरकार ने एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन (EPFO) के तहत अनिवार्य सोशल सिक्योरिटी कवरेज के लिए वेज सीलिंग यानी सैलरी सीमा को मौजूदा 15,000 रुपये प्रति माह से बढ़ाकर ₹25,000 प्रति माह कर दी है। इसका मकसद ज्यादा कर्मचारियों को प्रोविडेंट फंड बचत और पेंशन सुरक्षा के दायरे में लाना है। सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया, “प्रोविडेंट फंड कटौती के लिए नई वेतन सीमा अब ₹25,000 प्रति माह होगी। केंद्रीय मंत्रिमंडल के इस फैसले से 51 लाख से ज्यादा अतिरिक्त कर्मचारी अनिवार्य EPFO ​​कवरेज के दायरे में आ सकते हैं।”

श्रम और रोजगार मंत्रालय ने कहा, “संशोधित वेतन सीमा 17 सितंबर, 2026 से लागू हो गई है।” EPFO वेतन सीमा 2004 और 2014 के बीच बदली नहीं गई थी। सितंबर 2014 में इसे बढ़ाकर ₹15,000 प्रति माह कर दिया गया था। सितंबर 2014 से पहले वेतन सीमा ₹6,500 प्रति माह थी। सरकार ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में सैलरी और आय में लगातार बढ़ोतरी और संगठित क्षेत्र में रोज़गार बढ़ने को देखते हुए अब सीमा को बढ़ाकर ₹25,000 कर दिया गया है।

₹11,339 करोड़ का अतिरिक्त खर्च

इस फ़ैसले से सालाना लगभग ₹11,339 करोड़ का अतिरिक्त खर्च होने का अनुमान है। जबकि मौजूदा सालाना बजटीय सहायता लगभग ₹10,250 करोड़ है। पांच वर्षों में अनुमानित खर्च लगभग ₹56,696 करोड़ होगा। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, “यह फैसला ज्यादा कर्मचारियों को प्रोविडेंट फंड बचत एम्प्लॉइज पेंशन स्कीम (EPS) के तहत पेंशन सुरक्षा और एम्प्लॉइज डिपॉजिट लिंक्ड इंश्योरेंस स्कीम (EDLI) के तहत बीमा कवरेज का लाभ उठाने में सक्षम बनाएगा।”

सैलरी बढ़ने से नौकरीपेशा को क्या होगा फायदा?

यह बदलाव प्रोविडेंट फंड योगदान और पेंशन योग्य सैलरी इंफ्रास्ट्रक्चर को मौजूदा वेतन स्तरों के अनुरूप बनाने में भी मदद करेगा। अभी, ₹15,000 से ज्यादा मासिक वेतन वाली नौकरी शुरू करने वाला कोई नया कर्मचारी अपने आप EPF के दायरे में नहीं आता है। लेकिन अब वेतन सीमा (wage ceiling) बढ़ने से हर महीने ₹15,000 से ₹25,000 कमाने वाले कर्मचारियों का एक बड़ा हिस्सा अनिवार्य सोशल सिक्योरिटी दायरे में आ जाएगा।

सरकार ने कहा कि सितंबर 2014 में पिछली बार सैलरी सीमा बढ़ाए जाने के बाद से देश भर में वेतन और आय में लगातार बढ़ोतरी हुई है। साथ ही संगठित क्षेत्र में रोजगार का विस्तार भी हुआ है। कई राज्यों और क्षेत्रों में न्यूनतम वेतन भी मौजूदा सीमा के करीब पहुंच गया है। केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री मनसुख मंडाविया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “कैबिनेट का यह फैसला देश के श्रमिकों को व्यापक सोशल सिक्योरिटी देगा और संगठित क्षेत्र में रोजगार को भी बढ़ावा देगा।”

वेज सीलिंग बढ़ने पर पेंशन पर क्या असर होगा?

इसका सबसे बड़ा और लंबे समय का असर एंप्लॉय पेंशन स्कीम (EPS) के तहत मिलने वाले पेंशन फायदों पर पड़ सकता है। स्टैंडर्ड EPS फ्रेमवर्क के तहत पेंशन-योग्य वेतन की सीमा 2014 से ₹15,000 तय की गई है। एक अधिकारी ने कहा कि इससे असल में एम्प्लॉयर का EPS योगदान पेंशन-योग्य वेतन के 8.33% के हिसाब से लगभग ₹1,250 प्रति माह तक सीमित हो गया था। अब जब यह सीमा बढ़कर ₹25,000 हो रही है, तो इसके हिसाब से 8.33% योगदान लगभग ₹2,083 प्रति माह होगा।

इसका मतलब है कि जिन कर्मचारियों पर नई लिमिट लागू होती है, उनके लिए EPS में ज्यादा से ज्यादा योगदान में हर महीने लगभग 833 रुपये की बढ़ोतरी होगी। स्टैंडर्ड EPS पेंशन फॉर्मूले के तहत पेंशन मुख्य रूप से पेंशन योग्य सैलरी और पेंशन योग्य सर्विस से जुड़ी होती है।

अधिकारी का अनुमान है कि 35 साल की पेंशन योग्य सर्विस वाले कर्मचारी की मासिक पेंशन, नई लिमिट के हिसाब से गिनी गई सर्विस के लिए लगभग 7,500 रुपये से बढ़कर 12,500 रुपये हो सकती है। यह पुरानी 15,000 रुपये की लिमिट के आधार पर गिनी गई पेंशन की तुलना में लगभग 66% की बढ़ोतरी होगी।

EPFO क्या है?

EPFO दुनिया के सबसे बड़े सोशल सिक्योरिटी सिस्टम में से एक का मैनेजमेंट करता है। यह एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड (EPF), एम्प्लॉइज पेंशन स्कीम (EPS) और एम्प्लॉइज डिपॉजिट लिंक्ड इंश्योरेंस (EDLI) स्कीम का संचालन करता है। लेटेस्ट EPFO ​​आंकड़ों के अनुसार, लगभग 7.98 करोड़ सदस्य करीब 7.68 लाख कंपनियों से जुड़े हैं। EPS के तहत लगभग 82 लाख पेंशनभोगियों को लाभ मिलता है। EDLI स्कीम EPF सदस्यता से जुड़ा इंश्योरेंस कवर प्रदान करती है।

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राहुल के इंदौर कार्यक्रम के बाद बढ़ा विवाद

नई दिल्ली। इंदौर में राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के बाद विवाद तेज हो गया है। भाजपा ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर बड़ा हमला किया है। राहुल गांधी के मंच पर एक कॉमेडियन की मौजूदगी और नरेंद्र मोदी का मजाक बनाए जाने को ल कर भाजपा हमलावर है।  भाजपा ने कांग्रेस को जोकरों की पार्टी कहा है। यहां तक कि भाजपा ने यह आरोप भी लगाया है कि राहुल के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी की मां का अपमान किया गया।

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, ‘कांग्रेस पार्टी कॉमेडियंस और जोकर्स की पार्टी बन गई है। वे हमेशा के लिए बाहर हो गए हैं… रेस्ट इन पीस’। केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने भी कांग्रेस पर हमला किया और एक्स पर लिखा, ‘राहुल और कांग्रेस पार्टी नैतिक दिवालियापन के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए हैं। छात्र संवाद का इस्तेमाल पीएम मोदी की दिवंगत मां का मजाक उड़ाने और उनका अपमान करने के लिए करना बुनियादी मानवीय संवेदना और राजनीतिक संस्कृति की चौंकाने वाली कमी दिखाता है’।

दूसरी ओर कांग्रेस ने इसका जवाब दिया और भाजपा व आरएसएस पर शिक्षा व्यवस्था को खोखला और भ्रष्ट करने का आरोप लगाया। कांग्रेस महासचिव और संचार विभाग के प्रमुख जयराम रमेश ने कहा कि राहुल गांधी छात्रों के साथ खड़े हैं, इसलिए सरकार से सवाल पूछ रहे हैं और जवाबदेही मांग रहे हैं। गौरतलब है कि राहुल गांधी ने शनिवार को इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम की थीम ‘सिस्टम बनाम स्टूडेंट्स’ रखी गई थी। यह कार्यक्रम इससे पहले कोटा, देहरादून, प्रयागराज और पुणे में हो चुका है। इंदौर में छात्रों ने शिक्षा, भर्ती, परीक्षा, आरक्षण, हॉस्टल और रोजगार से जुड़े मुद्दे उठाए।

इस कार्यक्रम में राहुल गांधी ने कहा कि शिक्षा बच्चों का अधिकार है, कोई अहसान या सुविधा नहीं। कार्यक्रम में स्टैंडअप कॉमेडियन पुलकित मणि ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अंदाज से मिलते जुलते हाव भाव और संवाद किए। राहुल गांधी भी उनके साथ हंसते नजर आए। वे राहुल से जबरदस्ती गले लगते दिखे, जिसक बाद राहुल ने परेशान होने की एक्टिंग की। गौरतलब है कि इस तरह का एक एक्ट राहुल गांधी और पूर्व सांसद संदीप दीक्षित पहले दिल्ली में भी कर चुके हैं। उसे इंदौर में एक स्टैंडअप कॉमेडियन के जरिए दोहराया गया। उसी एक्ट को लेकर भाजपा सबसे ज्यादा आहत है और कांग्रेस पर हमलावर है।

PDA कार्यकर्ता सम्मेलन में शाहिद मंजूर का शक्ति प्रदर्शन, किठौर से 2027 के चुनावी अभियान का आगाज

PDA कार्यकर्ता सम्मेलन में शाहिद मंजूर का शक्ति प्रदर्शन, किठौर से 2027 के चुनावी अभियान का आगाज

Shahid Manzoor's show of strength at PDA workers conference

किठौर विधानसभा क्षेत्र के जई गांव में आयोजित समाजवादी पार्टी के PDA कार्यकर्ता सम्मेलन में सपा विधायक शाहिद मंजूर ने 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए चुनावी तैयारियों का आगाज करते हुए कार्यकर्ताओं में जोश भरा। सम्मेलन में बड़ी संख्या में समर्थक जुटे। इस दौरान शाहिद मंजूर को नोटों की माला और चांदी का मुकुट पहनाकर सम्मानित किया गया। भीड़ के बीच से रेलिंग फांदकर मंच तक पहुंचे विधायक का कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया।

 

सम्मेलन को संबोधित करते हुए शाहिद मंजूर ने कहा कि PDA में पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यकों के साथ अगड़े, ब्राह्मण, जाट और हर धर्म-जाति के लोग शामिल हैं। उन्होंने कहा कि हर क्षेत्र के चुनावी समीकरण अलग होते हैं और PDA समाज के सभी वर्गों को जोड़ने का माध्यम है। 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा के PDA फॉर्मूले का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि इसी रणनीति के चलते सपा देश की तीसरी सबसे बड़ी पार्टी बनी और 2027 में भी PDA प्रभावी भूमिका निभाएगा।

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शाहिद मंजूर ने चुनावी नतीजों को लेकर कहा, “हार-जीत अल्लाह के हाथ में है, ऊपर वाले के हाथ में है, जो होगा ठीक होगा।” उन्होंने अपने हालिया वायरल बयान का जिक्र करते हुए कहा कि वह बयान अकस्मात था, लेकिन सच था। इसके बाद उन्होंने शायराना अंदाज में कहा, “उनका जो काम है अहले सियासत जानें, मेरा पैगाम मोहब्बत है जहां तक पहुंचे।”

 

शाहिद ने भाजपा पर साधा निशाना

सपा विधायक ने भाजपा सरकार पर चुनावी वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाते हुए कहा कि 15 लाख रुपए खाते में आने, युवाओं को दो करोड़ रोजगार देने और कालाधन वापस लाने जैसे वादे पूरे नहीं हुए। उन्होंने कहा कि 2027 में जनता इन मुद्दों पर जवाब मांगेगी। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार में रुकी योजनाओं को सपा सरकार बनने पर फिर से पूरा कराया जाएगा।

 

उन्होंने कहा कि युवा वर्ग नौकरी और पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर नाराज है। शाहिद मंजूर ने ‘जेन-जी’ का जिक्र करते हुए कहा कि इसी वर्ग ने सरकार पर दबाव बनाया और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे जैसे घटनाक्रम सामने आए।

 

जयंत चौधरी और चंद्रशेखर आजाद पर भी बोले शाहिद मंजूर 

RLD अध्यक्ष जयंत चौधरी के संबंध में पूछे गए सवाल पर शाहिद मंजूर ने कहा कि जयंत चौधरी देश के बड़े नेता हैं। पिछली बार वे सपा के साथ थे, जबकि इस बार दूसरे गठबंधन में हैं। उन्होंने कहा कि सपा अपने पुराने साथियों के लिए भी अच्छा सोचती है।

 

नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद के चुनाव लड़ने और सपा से संभावित गठबंधन के सवाल पर शाहिद मंजूर ने कहा कि संविधान हर व्यक्ति को चुनाव लड़ने का अधिकार देता है। सपा छात्रसभा की नीली टी-शर्ट को लेकर उन्होंने कहा कि लाल और नीला रंग हमेशा से साथ रहा है और दोनों ही वर्ग बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर में विश्वास रखने वाले हैं।

 

शाहिद ने नोटों की माला और चांदी के मुकुट पर दी सफाई

सम्मेलन में शाहिद मंजूर को नोटों की माला और चांदी का मुकुट पहनाए जाने पर उन्होंने इसे क्षेत्र की जनता का प्यार और स्नेह बताया। उन्होंने कहा कि जनता जिस रूप में सहयोग और सम्मान देती है, वह उसे स्वीकार करते हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वह किसी कार्यकर्ता के वाहनों में डीजल नहीं डलवाते हैं।

 

4 बार विधायक रह चुके हैं शाहिद मंजूर

किठौर विधानसभा सीट का राजनीतिक इतिहास भी शाहिद मंजूर के पक्ष में लंबा रहा है। वह इस सीट से 2002, 2007, 2012 और 2022 में चार बार विधायक चुने जा चुके हैं। 1989 के बाद इस सीट पर भाजपा को दो बार (1993 और 2017) जीत मिली है। 2017 में भाजपा के सत्यवीर त्यागी ने शाहिद मंजूर को चुनाव हराया था, जबकि 2022 में शाहिद मंजूर ने वापसी करते हुए सीट पर जीत दर्ज की।

 

जई गांव में हुए इस सम्मेलन को शाहिद मंजूर के 2027 के चुनावी अभियान की शुरुआत और शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि सम्मेलन में उमड़ी भीड़ का चुनाव में कितना असर पड़ेगा और यह समर्थन वोट में कितना तब्दील होगा, इसका फैसला आने वाला विधानसभा चुनाव ही करेगा।

आरक्षण की चोरी करने वाले ज्ञान दे रहे, अंबेडकर को अपमानित करने वाले सम्मान की बात करते हैं: अनिल राजभर

आरक्षण की चोरी करने वाले ज्ञान दे रहे, अंबेडकर को अपमानित करने वाले सम्मान की बात करते हैं: अनिल राजभर

Uttar Pradesh Cabinet Minister Anil Rajbhar targeted Akhilesh Yadav

– ‘सपा मुखिया राजधानी में बैठकर जनता को गुमराह कर रहे, चार सरकारों में पिछड़ों-दलितों का आरक्षण चुराया, एक जाति विशेष को मलाई दी’

– 2012-17 में बाबा साहेब की मूर्तियां खंडित करने का आरोप, जांच होगी, आजम खान ने अंबेडकर को सबसे बड़ा भूमाफिया बताया था

– उनके पास जनता के बीच जाने का समय नहीं है, जनता के बीच जाएंगे भी नहीं

Cabinet Minister Anil Rajbhar : समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरक्षण, दलित समाज और बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर को लेकर भाजपा सरकार पर लगे आरोपों का उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने तीखा जवाब दिया है। एएनआई से बातचीत में राजभर ने कहा कि सपा के मुखिया प्रदेश की राजधानी में बैठकर प्रतिदिन प्रदेश और सम्मानित जनता को गुमराह करने की कोशिश करते हैं। उनके पास जनता के बीच जाने का समय नहीं है, जनता के बीच जाएंगे भी नहीं।

 

राजभर ने कहा कि आज सपा आरक्षण की बात कर रही है, जबकि उनकी चार सरकारों में पिछड़ों और दलितों के आरक्षण की जितनी डकैती हुई, उतनी शायद ही कभी हुई हो। उन्होंने आरोप लगाया कि आरक्षण की चोरी करने वाले आज आरक्षण पर ज्ञान दे रहे हैं। सपा ने सारे पिछड़ों और अति पिछड़ों का आरक्षण चुराया। जब-जब समाजवादी पार्टी की सरकार बनी, तब-तब आरक्षण की मलाई एक जाति विशेष के लोगों को दी गई। पूरी मलाई खाकर आज ये आरक्षण और बाबा साहब की बात कर रहे हैं।

 

आजम खान पर अनिल राजभर का हमला 

उन्होंने कहा कि 2012 से 2017 का दौर याद करना चाहिए। यह साजिश है। समाजवादी पार्टी गुंडों को आगे करके समाज में वैमनस्यता पैदा करने की कोशिश कर रही है। राजभर ने कहा कि अब इसकी भी जांच होगी कि समाजवादी पार्टी के किस गुंडे ने कहां मूर्ति खंडित की। उन्होंने सपा से अपने गिरेबान में झांकने को कहा और आरोप लगाया कि 2012 से 2017 के बीच सपा के संरक्षण में बाबा साहब की मूर्तियों को खंडित करने का काम हुआ।

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दोहरे चरित्र के लोग हैं सपाई

मंत्री ने सवाल किया कि बाबा साहब को भूमाफिया किसने बताया? उन्होंने कहा कि सपा के तत्कालीन मंत्री आजम खान ने बाबा साहब को प्रदेश का सबसे बड़ा भूमाफिया बताया था। जहां बाबा साहब की मूर्तियां लगी हैं और उनके नाम के पार्क बने हैं, वहां यह कहा गया मानो दलित समाज ने उन पर कब्जा कर लिया हो और बाबा साहब सबसे बड़े भूमाफिया हों।

राजभर ने कहा कि आज इन्हीं लोगों को बाबा साहब और दलित समाज याद आ रहे हैं। ये दोहरे चरित्र के लोग हैं। आरक्षण की चोरी करने वाले आज आरक्षण पर ज्ञान दे रहे हैं और बाबा साहब को अपमानित करने वाले आज उनके सम्मान की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सपा और उसके नेता जनता को कितना नासमझ समझते हैं, यह उनके बयानों और प्रेस कॉन्फ्रेंस से निकलकर आता है।

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प्रतिदिन बदल रहे पीडीए का परिभाषा

राजभर ने कहा कि चिंता न करें, समाज गुमराह होने वाला नहीं है। प्रदेश उनके असली चेहरे को अच्छी तरह जानता है। पीडीए में दलित का ‘डी’ है, कल क्या कहेंगे पता नहीं। अखिलेश पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि इतना कन्फ्यूज नेता तो हम लोगों ने देखा ही नहीं। प्रतिदिन पीडीए की परिभाषा बदल रहे हैं। जनता सब कुछ देख और समझ रही है। समाजवादी पार्टी की दाल नहीं गलने वाली, निश्चिंत रहें।

Vande Bharat Depot: टाटानगर में बनेगा वंदे भारत मेंटेनेंस डिपो, जानिए ₹383 करोड़ के प्रोजेक्ट से क्या बदलेगा

Vande Bharat Depot: बीजेपी सांसद विद्युत बरन महतो ने शुक्रवार को बताया कि रेलवे बोर्ड ने जमशेदपुर के टाटानगर रेलवे स्टेशन पर वंदे भारत ट्रेन कोच के लिए 383.78 करोड़ रुपये के मेंटेनेंस डिपो को मंज़ूरी दे दी है। इस प्रोजेक्ट से स्टेशन के मौजूदा मेंटेनेंस इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार होगा और हाई-स्पीड ट्रेन ऑपरेशन के लिए सपोर्ट मजबूत होगा।

महतो ने कहा कि रेलवे बोर्ड के डायरेक्टर (प्रोजेक्ट्स एंड डेवलपमेंट) सुमित कुमार ने एक औपचारिक सूचना के जरिए यह मंज़ूरी दी। यह डिपो लोको कॉलोनी इलाके में टाटानगर के मौजूदा कोचिंग डिपो का विस्तार करके बनाया जाएगा। रेलवे अधिकारियों को उम्मीद है कि इस सुविधा से मेंटेनेंस क्षमता में काफी बढ़ोतरी होगी।

महतो ने बताया कि साउथ ईस्टर्न रेलवे के चक्रधरपुर डिवीजन द्वारा जमा किए गए टेक्निकल प्रपोजल की रेलवे बोर्ड द्वारा समीक्षा के बाद इस प्रोजेक्ट को मंज़ूरी दी गई। इस सुविधा में वंदे भारत चेयर कार और स्लीपर रेक के टेक्निकल इंस्पेक्शन, रूटीन मेंटेनेंस और जल्दी धुलाई के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल होगा।

अभी वंदे भारत एक्सप्रेस सर्विस टाटानगर से बिहार में पटना और ओडिशा में बेरहामपुर के लिए चलती हैं। प्रस्तावित डिपो इन ट्रेनों के लिए खास मेंटेनेंस इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराएगा और भविष्य में टाटानगर से हाई-स्पीड सर्विस के विस्तार में मदद कर सकता है।

रोजगार और क्षमता में बढ़ोतरी

महतो ने कहा कि इस प्रोजेक्ट से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के मौके पैदा होंगे और इलाके में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश से ट्रेनों के रखरखाव और संचालन से जुड़ी सेवाओं को भी मदद मिलने की उम्मीद है।

इसके अलावा स्टेशन पर बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए महतो ने ‘पीएम गति शक्ति’ योजना के तहत टाटानगर में चार और प्लेटफॉर्म और एक लूप लाइन बनाने का प्रस्ताव दिया है। 482 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रस्तावित प्रोजेक्ट पर अभी रेलवे बोर्ड विचार कर रहा है।

झूठ की गूंज में कांग्रेस के युवराज का आचरण नारी शक्ति का अपमान : योगी आदित्यनाथ

झूठ की गूंज में कांग्रेस के युवराज का आचरण नारी शक्ति का अपमान : योगी आदित्यनाथ

Chief Minister Yogi Adityanath targeted Rahul Gandhi in Greater Noida

– ग्रेटर नोएडा में दो दिवसीय ‘प्रेरणा विमर्श-2026’ के समापन समारोह को मुख्यमंत्री योगी ने किया संबोधित

– मुख्यमंत्री योगी ने राहुल गांधी पर साधा निशाना, बोले- देश को उनसे उम्मीद करना छोड़ देना चाहिए, ये पथभ्रष्ट और मार्ग से भटके हुए लोग

– मुख्यमंत्री योगी ने कहा- समाज में भ्रम पैदा कर अव्यवस्था और अराजकता फैलाना इनका एकमात्र लक्ष्य

– मुख्यमंत्री योगी ने हामिद अंसारी पर भी साधा निशाना, बोले- भारत की समदृष्टि समझते तो हिंदू दृष्टि को नहीं कोसते

– मुख्यमंत्री योगी बोले- बीमारू राज्य से रेवेन्यू सरप्लस स्टेट बना यूपी, अर्थव्यवस्था, प्रति व्यक्ति आय और बजट हुआ तीन गुना

– मुख्यमंत्री योगी ने कहा- 9.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी, 96 लाख एमएसएमई इकाइयों में सवा तीन करोड़ को काम

– मुख्यमंत्री योगी बोले- यूपी में 24 हजार से अधिक स्टार्टअप, इनमें आधे महिलाओं के हाथ, महिला वर्कफोर्स 12 से बढ़कर 36-37 फीसदी

– मुख्यमंत्री योगी ने कहा- अगले तीन-चार महीने में यूपी पुलिस में 50 हजार से अधिक होगी महिलाओं की संख्या

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी पर निशाना साधा। राहुल गांधी का नाम लिए बिना उन्हें ‘कांग्रेस का युवराज’ बताते हुए कहा कि अपने झूठ की गूंज में उन्होंने जिस प्रकार का आचरण किया, वह पूरी नारी शक्ति का अपमान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश को ऐसे लोगों से उम्मीद करना छोड़ देना चाहिए। ये पथभ्रष्ट और मार्ग से भटके हुए लोग हैं, जिनका लक्ष्य समाज में भ्रम पैदा कर अव्यवस्था और अराजकता फैलाना है।

 

ग्रेटर नोएडा में दो दिवसीय ‘प्रेरणा विमर्श-2026’ के समापन समारोह में मुख्यमंत्री योगी ने पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के वक्तव्य को दुर्भाग्यपूर्ण और डरावना बताया। उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण संवैधानिक पद पर रहे व्यक्ति से पद की गरिमा के अनुरूप आचरण की अपेक्षा होती है। काश वह भारत की समदृष्टि को समझ पाते तो भारत, भारतीयता और हिंदू दृष्टि को नहीं कोसते। मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तीकरण, युवाओं को रोजगार, स्टार्टअप और प्रदेश की अर्थव्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि बीमारू कहा जाने वाला उत्तर प्रदेश अब रेवेन्यू सरप्लस स्टेट और देश का ग्रोथ इंजन बन चुका है।

 

नारी सशक्तीकरण भाषण से नहीं, काम से होगा

मुख्यमंत्री ने कहा कि नारी गरिमा की रक्षा और महिला सशक्तीकरण केवल भाषणों से नहीं होगा। सरकार ने योजनाओं में महिलाओं को प्राथमिकता दी है। देश में तीन करोड़ परिवारों को घरौनी के माध्यम से मकान का मालिकाना अधिकार दिया गया, जिसमें पहला अधिकार महिलाओं का है। 12 करोड़ परिवारों को एलपीजी कनेक्शन और 12 करोड़ घरों में शौचालय की सुविधा दी गई। यूपी में 54 हजार बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट सखी गांवों में बैंकिंग सेवाएं दे रही हैं।

 

उन्होंने झांसी के बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर का उदाहरण देते हुए कहा कि 2019 में पांच महिलाओं से शुरू समूह से आज 62 हजार महिलाएं जुड़ी हैं। इसका टर्नओवर 115 करोड़ रुपए है और प्रत्येक महिला आठ से 10 हजार रुपए महीने कमा रही है। आगरा, काशी, गोरखपुर और लखनऊ में भी मिल्क प्रोड्यूसर काम कर रहे हैं। इनसे करीब चार लाख महिलाएं जुड़ी हैं।

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महिला पुलिस 10 हजार से बढ़कर 44 हजार

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 में यूपी पुलिस में केवल 10 हजार महिलाएं थीं, जिनकी संख्या अब 44 हजार हो गई है। अगले तीन-चार महीने में यह आंकड़ा 50 हजार के पार होगा। प्रदेश में महिला वर्कफोर्स की भागीदारी भी 12 प्रतिशत से बढ़कर 36-37 प्रतिशत हो गई है। डिजिटल एंटरप्रेन्योरशिप की नई योजना के तहत आठ हजार न्याय पंचायतों में से चार हजार में महिला उद्यमियों को जोड़कर प्रशिक्षण दिया जाएगा।

 

9.5 लाख सरकारी नौकरियां, सवा तीन करोड़ को एमएसएमई में काम

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत में सबसे बड़ी युवा शक्ति उत्तर प्रदेश के पास है और प्रदेश में 56 प्रतिशत युवा हैं। पिछले साढ़े नौ वर्ष में 9.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई। 96 लाख एमएसएमई इकाइयों में सवा तीन करोड़ युवा काम कर रहे हैं। बेहतर सुरक्षा व्यवस्था के कारण प्रदेश को 50 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले। इनमें 15 लाख करोड़ रुपए से अधिक का निवेश धरातल पर उतरा और इससे 65 लाख से अधिक युवाओं को नौकरी मिली।

 

अब यूपी को कोई बीमारू राज्य नहीं कहता

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था, प्रति व्यक्ति आय और बजट तीन गुना हुआ है। नौ-दस वर्ष पहले बीमारू कहा जाने वाला उत्तर प्रदेश आज रेवेन्यू सरप्लस स्टेट और भारत का ग्रोथ इंजन है। अब प्रदेश के सामने पहचान का संकट नहीं है। यह बदलाव विरासत के सम्मान और अपराध व भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति से आया है।

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विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग पहले यूपी के सामने पहचान का संकट खड़ा करते थे, वे फिर दंगा, कर्फ्यू, समाज को बांटने, भेदभाव, अव्यवस्था और अराजकता का दौर लाना चाहते हैं।

 

120 से कम थे स्टार्टअप, अब 24 हजार से अधिक

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले यूपी में 120 से भी कम स्टार्टअप थे, जबकि आज इनकी संख्या 24 हजार से अधिक है। इनमें करीब आधे महिलाओं द्वारा संचालित हैं। उन्होंने पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह, चंद्रशेखर आजाद, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और वीर सावरकर का उल्लेख करते हुए युवाओं से राष्ट्रीय नायकों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए राष्ट्र प्रथम है। देश सुरक्षित है तो धर्म, उपासना पद्धति, जाति, परिवार और व्यक्ति भी सुरक्षित हैं। नारी और युवा शक्ति का स्वावलंबन ही उत्तर प्रदेश और भारत के स्वावलंबन का आधार बनेगा।

 

भूतकाल जानेंगे तभी भविष्य के सपने गढ़ेंगे

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वांत रंजन ने महर्षि अरविंद का उल्लेख करते हुए कहा कि जो समाज अपने भूतकाल के गौरव, वर्तमान की पीड़ा और भविष्य के सपनों को समझता है, वही उन्नति के मार्ग पर आगे बढ़ता है। आचार्य धर्मपाल की पुस्तक ‘द ब्यूटीफुल ट्री’ का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं को अपने देश, संस्कृति और उपलब्धियों को जानकर भविष्य के सपने गढ़ने चाहिए।

 

2020 में शुरू हुई प्रेरणा विमर्श की यात्रा

संसद टीवी के संपादक श्याम किशोर ने कहा कि कृपा शंकर के मार्गदर्शन में 2020 में प्रेरणा विमर्श की यात्रा शुरू हुई। इसके तहत स्मारिका, पुस्तकें और ‘केशव संवाद’ प्रकाशित होते हैं। विषय आधारित प्रदर्शनी भी इसका प्रमुख हिस्सा है। समाज और राष्ट्रहित में सकारात्मक पत्रकारिता करने वाली एक महिला को हर वर्ष सम्मानित किया जाता है। उन्होंने बताया कि प्रेरणा विमर्श-2026 का विषय ‘उत्कर्ष नारी सम्मान, युवा स्वाभिमान’ है।

 

दीप प्रज्ज्वलन से हुआ समापन समारोह का शुभारंभ

मुख्यमंत्री योगी ने दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में ‘केशव संवाद’ और ‘प्रेरणा विचार’ की वैचारिक यात्रा पर वीडियो दिखाया गया और मुख्यमंत्री को दोनों पत्रिकाओं की प्रतियां सौंपी गईं। एक अन्य वीडियो में प्रदेश की नारी और युवा शक्ति की बदलती तस्वीर प्रस्तुत की गई।

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कार्यक्रम में ये रहे मौजूद

समारोह में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वांत रंजन, गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह, प्रेरणा विमर्श के कार्यकारी अध्यक्ष वीके गुप्ता, अध्यक्ष अनिल त्यागी, डॉ. मनमोहन सिंह सिसोदिया, प्रेरणा शोध संस्थान की अध्यक्ष प्रीति दादू, सचिव मोनिका चौहान, गौतम बुद्ध नगर के जनप्रतिनिधि और स्वयंसेवक मौजूद रहे।