कुरुक्षेत्र ITI क्लस्टर को मिलेंगे 320 करोड़ रुपये, जिंदल नवीन अवसर करेगा हरियाणा सरकार के साथ पार्टनरशिप

प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड ITIs (PM-SETU) स्कीम के तहत नेशनल स्टीयरिंग कमेटी (NSC) ने हरियाणा में कुरुक्षेत्र ITI क्लस्टर के लिए ₹320 करोड़ के स्ट्रेटेजिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) को मंजूरी दे दी है। इस क्लस्टर के लिए जिंदल नवीन अवसर लिमिटेड एंकर इंडस्ट्री पार्टनर के तौर पर हरियाणा सरकार के साथ पार्टनरशिप करेगी।

इस मंजूरी के साथ, पीएम-सेतु के तहत 10 इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (ITI) क्लस्टर में मंजूर कुल इन्वेस्टमेंट बढ़कर ₹2,491 करोड़ हो गया है। इससे आईटीआई को उद्योग का नेतृत्व करने, भविष्य के लिए तैयार सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में बदलने के सरकार की प्रतिबद्धता को और मजबूती मिली है। यह मंजूरी सरकारी आईटीआई के इंडस्ट्री-लेड ट्रांसफॉर्मेशन को मजबूत करने और ज्यादा मांग वाले वोकेशनल ट्रेनिंग इकोसिस्टम बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम है।

इस मौके पर कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी ने कहा, “उद्योग को आईटीआई के करीब लाने से हमारे युवाओं के लिए रोजगार के मजबूत रास्ते बनेंगे। पीएम सेतु के तहत कुरुक्षेत्र क्लस्टर को मंजूरी देना, कौशल विकास को उद्योगों की बदलती जरूरतों के हिसाब से ज्यादा काम का, उम्मीदों पर खरा उतरने वाला और रिस्पॉन्सिव बनाने के हमारी प्रतिबद्धता को दिखाता है।”

एक हब और छह स्पोक आईटीआई को बदला जाएगा

कुरुक्षेत्र क्लस्टर को PM-SETU के तहत सोचे गए हब-एंड-स्पोक मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा और इसमें सात सरकारी ITIs शामिल होंगी।

सरकारी ITI, कुरुक्षेत्र हब ITI के तौर पर काम करेगा, जबकि नीचे दिए गए इंस्टिट्यूट स्पोक ITI के तौर पर काम करेंगे:

सरकारी ITI (महिला), कुरुक्षेत्र

सरकारी ITI, कैथल

सरकारी ITI (महिला), कैथल

सरकारी ITI, पेहोवा

सरकारी ITI, पबनावा

सरकारी ITI (महिला), अंबाला शहर

मजबूत ढांचे के विकास में मदद करेगा निवेश

₹320 करोड़ का यह निवेश पूरे क्लस्टर में एक इंटीग्रेटेड और इंडस्ट्री-रिस्पॉन्सिव स्किलिंग इकोसिस्टम के विकास में मदद करेगा। PM-SETU के तहत, इंडस्ट्री पार्टनर करिकुलम डेवलपमेंट, इंफ्रास्ट्रक्चर एन्हांसमेंट, ट्रेनिंग डिलीवरी, फैकल्टी एंगेजमेंट, अप्रेंटिसशिप, इंडस्ट्री एक्सपोजर और प्लेसमेंट सपोर्ट के जरिए ITI के ट्रांसफॉर्मेशन को आकार देने में मुख्य भूमिका निभाते हैं। इस स्कीम का मकसद यह पक्का करना है कि वोकेशनल ट्रेनिंग नई तकनीक और श्रम बाजार की बदलती मांगों के साथ रेखांकित रहे।

एंकर इंडस्ट्री पार्टनर के तौर पर, जिंदल नवीन अवसर लिमिटेड हरियाणा सरकार और इसमें शामिल ITI के साथ मिलकर काम करेगी ताकि इंडस्ट्री के साथ जुड़ाव को मजबूत किया जा सके और छात्रों को प्रैक्टिकल ट्रेनिंग, अप्रेंटिसशिप और नौकरी के मौकों तक बेहतर पहुंच मिल सके। कंपनी पहले से ही ओडिशा के बारबिल आईटीआई क्लस्टर से जुड़ी हुई है, जहां पीएम-सेतु के तहत ₹240 करोड़ की रणनीति निवेश योजना को मंजूरी दी गई है। दोनों क्लस्टर में कंपनी की भागीदारी इस योजना के इंडस्ट्री-लेड कौशल विकास की सोच में उद्योग के बढ़ते भरोसे को दिखाती है।

भारत सरकार की एक खास पहल है PM-SETU 

PM-SETU भारत सरकार की एक खास पहल है जिसका मकसद आधुनिक ढांचा, उन्नत प्रयोगशाला और उपकरण, उद्योगों के साथ तालमेल वाला पाठ्यक्रम, उभरते क्षेत्रों में कोर्स शुरू करने और मजबूत औद्योगिक साझेदारी के जरिए वोकेशनल ट्रेनिंग की क्वालिटी, रेलिवेंस और नतीजों को बेहतर बनाना है।

इस स्कीम का कुल खर्च ₹60,000 करोड़ है और इसमें इंडस्ट्री के हब-एंड-स्पोक मॉडल के जरिए 1,000 सरकारी आईटीआई को अपग्रेड करने का लक्ष्य है, जिसमें देश भर में 200 हब ITI और 800 स्पोक ITI शामिल हैं।

Stock in Focus: इंफ्रा कंपनी को राजस्थान सरकार से ₹241 करोड़ का प्रोजेक्ट मिला, 10 साल तक ITI को ऑपरेट करेगी

Stock in Focus: इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी HG Infra Engineering को राजस्थान सरकार से नया प्रोजेक्ट मिला है। कंपनी को इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (ITI), भिवाड़ी क्लस्टर के संचालन और मैनेजमेंट के लिए लेटर ऑफ अवॉर्ड (LOA) मिला है। यह प्रोजेक्ट प्रधानमंत्री PM-SETU योजना के तहत दिया गया है।

प्रोजेक्ट में कंपनी की हिस्सेदारी ₹17.1 करोड़

इस प्रोजेक्ट में HG Infra Anchor Industry Partner की भूमिका निभाएगी। कंपनी के हिस्से की वैल्यू करीब 17.1 करोड़ रुपये है। यह अनुमानित 241 करोड़ रुपये के कुल प्रोजेक्ट कॉस्ट का करीब 7% है।

प्रोजेक्ट को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर चलाया जाएगा। HG Infra को ITI के संचालन और मैनेजमेंट की जिम्मेदारी 10 साल तक निभानी होगी। कंपनी को LOA 11 अगस्त 2026 को मिला है।

पहले के दो महाराष्ट्र प्रोजेक्ट ऑर्डर बुक से बाहर

HG Infra ने मई 2026 में महाराष्ट्र के दो प्रोजेक्ट्स को अपनी ऑर्डर बुक में शामिल नहीं करने का फैसला किया था। कंपनी ने इसके पीछे प्रोजेक्ट के समय पर शुरू होने को लेकर अनिश्चितता बताई थी।

ये दोनों प्रोजेक्ट नागपुर-चंद्रापुर एक्सेस सुपर कम्युनिकेशन एक्सप्रेसवे से जुड़े थे। कंपनी को मई 2024 में दोनों पैकेज के लिए L1 bidder घोषित किया गया था। HG Infra के मुताबिक, इन दोनों प्रोजेक्ट्स के लिए जमा की गई बैंक गारंटी MSRDC ने वापस कर दी। हालांकि, इसकी कोई वजह नहीं बताई गई।

HG Infra के शेयरों का हाल

मंगलवार को HG Infra Engineering का शेयर 0.97%% गिरकर 548 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 21.29% गिरा है। वहीं, 1 साल में इसने करीब 45% का नेगेटिव रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 3.58 हजार करोड़ रुपये है।

HG Infra का बिजनेस क्या है

HG Infra Engineering इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी है, जो मुख्य तौर पर सड़क, हाईवे, एक्सप्रेसवे और रेलवे से जुड़े EPC प्रोजेक्ट्स पर काम करती है। कंपनी सड़क निर्माण, पुल, फ्लाईओवर और दूसरी सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं तैयार करती है। इसके अलावा, कंपनी अब इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (ITI) के संचालन और मैनेजमेंट जैसे प्रोजेक्ट्स में भी कदम बढ़ा रही है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।