Trent Q1 Results: टाटा ग्रुप की कंपनी का मुनाफा 21% बढ़ा, रेवेन्यू में 18% का इजाफा

टाटा ग्रुप की कंपनी ट्रेंट लिमिटेड का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर करीब 21 प्रतिशत बढ़कर 519 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले मुनाफा 429.69 करोड़ रुपये था। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू लगभग 17.8 प्रतिशत बढ़कर 5754.71 करोड़ रुपये हो गया। जून 2025 तिमाही में रेवेन्यू 4883.48 करोड़ रुपये था। ट्रेंट, टाटा ग्रुप का फैशन और लाइफस्टाइल बिजनेस है। कंपनी के Westside, Zudio और Star जैसे ब्रांड्स के तहत रिटेल स्टोर हैं।

कंपनी ने शेयर बाजारों को बताया है कि जून 2026 तिमाही में उसके कुल खर्च 5,082.96 करोड़ रुपये के रहे, जो एक साल पहले 4,368.59 करोड़ रुपये के थे। ट्रेंट में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 37.01 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। कंपनी के शेयर की फेस वैल्यू 1 रुपये है।

ट्रेंट ने जून 2026 तिमाही में 19 जूडियो स्टोर खोले। वहीं वेस्टसाइड स्टोर्स में 1 का इजाफा किया। इसके बाद जूडियो स्टोर्स की कुल संख्या 982 और वेस्टसाइड स्टोर्स की कुल संख्या 301 हो गई है।

ट्रेंट के शेयरों में तेजी

6 अगस्त को ट्रेंट के शेयरों में तेजी है। दिन में कीमत BSE पर पिछले बंद भाव से 4.5 प्रतिशत तक चढ़कर 3246.65 रुपये के हाई तक गई। कंपनी का मार्केट कैप 1.7 लाख करोड़ रुपये के करीब है। शेयर 2 सप्ताह में 11 प्रतिशत चढ़ा है। 3 साल में कीमत 180 प्रतिशत से ज्यादा उछली है। 5 साल का रिटर्न लगभग 420 प्रतिशत है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Firstsource Solutions Q1 Results: नतीजों के बाद शेयर 16% टूटा, मुनाफा 19% गिरा, रेवेन्यू और मार्जिन का अनुमान बरकरार

Firstsource Solutions Q1 Results: सॉफ्टवेयर एंड आईटी सेक्टर की कंपनी फर्स्टसोर्स सोल्युशंस (Firstsource Solutions) ने अपने तिमाही नतीजे घोषित कर दिए है। नेट प्रॉफ़िट 19% गिरकर ₹166 करोड़ हो गया, जो पहले ₹205 करोड़ था। नतीजों के ऐलान के बाद शेयर 16 फीसदी से ज्यादा टूटा।

कंपनी ने पूरे फाइनेंशियल ईयर के लिए, Firstsource ने अपने कॉन्स्टेंट करेंसी रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान 10% से 13% के बीच बनाए रखा है, जबकि EBIT मार्जिन 12.25% से 12.75% के बीच रहने की उम्मीद है।

जून तिमाही के दौरान, Firstsource के रेवेन्यू में 4.5% की गिरावट आई और यह पिछली तिमाही के ₹2,853 करोड़ से घटकर ₹2,725 करोड़ हो गया।

इस तिमाही में EBIT (ब्याज और टैक्स से पहले की कमाई) ₹337 करोड़ रही, जो पिछली तिमाही के मुकाबले 7.2% ज़्यादा है, जबकि EBIT मार्जिन पिछली तिमाही के 12.2% से बढ़कर 12.3% पर स्थिर रहा। इस अवधि के लिए नेट प्रॉफ़िट 19% गिरकर ₹166 करोड़ हो गया, जो पहले ₹205 करोड़ था।

US डॉलर के हिसाब से, Firstsource ने $288 मिलियन का रेवेन्यू दर्ज किया, जिसका मतलब है कि कॉन्स्टेंट करेंसी ग्रोथ पिछली तिमाही के मुकाबले 2.2% रही।

तिमाही के दौरान, Firstsource को UK की एक प्रमुख बेनिफिट्स और पेंशन एडमिनिस्ट्रेशन प्रोवाइडर कंपनी से एंड-टू-एंड बैक-ऑफ़िस ट्रांसफॉर्मेशन और रिसोर्स ऑप्टिमाइज़ेशन के लिए एक बड़ा ट्रांसफॉर्मेटिव डील मिला।

कंपनी ने US के एक प्रमुख एकेडमिक मेडिकल सेंटर से भी इंश्योरेंस फ़ॉलो-अप, डिनायल्स मैनेजमेंट और कॉम्प्लेक्स क्लेम रिज़ॉल्यूशन के लिए एक बड़ा डील हासिल किया। कंपनी की इन्वेस्टर प्रेजेंटेशन के अनुसार, यह कंपनी के लिए एक नया क्लाइंट (नया लोगो) है। कुल डील की जानकारी का खुलासा नहीं किया गया है।

जून तिमाही के अंत में, कंपनी में कर्मचारियों की कुल संख्या 36,875 थी; पिछली तिमाही के मुकाबले 670 और साल-दर-साल आधार पर 2,380 कर्मचारी बढ़े। पिछले 12 महीनों में कर्मचारियों के छोड़ने की दर (एट्रिशन रेट) 33.1% रही। यह उन कर्मचारियों के लिए है जो 180 दिनों से ज़्यादा समय से नौकरी कर रहे थे।

नतीजों की घोषणा के बाद Firstsource Solutions के शेयर 16% गिरकर ₹283.70 पर ट्रेड कर रहे हैं। पिछले एक महीने में स्टॉक 28% बढ़ा है।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Shiprocket IPO: 12 अगस्त को खुलेगा आईपीओ! ₹92-₹97 तय हुआ प्राइस बैंड, निवेश से पहले जानिए पूरी डिटेल

Shiprocket IPO Price Band and Date: एमएसएमई, डी2सी ब्रांड्स और बड़े रिटेलर्स को ई-कॉमर्स सॉल्यूशन मुहैया कराने वाली टेक प्लेटफॉर्म शिपरॉकेट अपना आईपीओ ला रही है। कंपनी ने अपने ₹1,617.5 करोड़ के इश्यू के लिए प्राइस बैंड ₹92 से ₹97 प्रति शेयर तय किया है। अपर प्राइस बैंड पर कंपनी का वैल्यूएशन ₹7,057.5 करोड़ बैठ रहा है। अगर आप भी इस टेक प्लेटफॉर्म के आईपीओ में पैसा लगाने की सोच रहे हैं, तो आवेदन करने से पहले इश्यू से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण डिटेल्स जान लें।

Shiprocket IPO: कब से कब तक कर सकेंगे आवेदन?

  • एंकर बुक ओपनिंग: 11 अगस्त 2026
  • आईपीओ ओपनिंग-क्लोजिंग डेट: 12-14 अगस्त 2026
  • न्यूनतम निवेश: ₹97 के अपर प्राइस बैंड के हिसाब से रिटेल निवेशकों को 1 लॉट के लिए कम से कम ₹14,938 लगाने होंगे।
  • अलॉटमेंट की तारीख: 17 अगस्त 2026
  • शेयर लिस्टिंग डेट: 19 अगस्त 2026

इश्यू का साइज 

गुड़गांव बेस्ड इस कंपनी के कुल ₹1,617.5 करोड़ के इश्यू में फ्रेश इश्यू और ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल हैं। कंपनी ₹885.5 करोड़ मूल्य के नए शेयर जारी करेगी। साथ ही मौजूदा निवेशक और प्रमोटर्स जैसे- Lightrock, Tribe Capital, Moore Strategic Ventures, साहिल गोयल, गौतम कपूर आदि ₹732 करोड़ के शेयर बेचेंगे। कंपनी ने अपने कर्मचारियों को अंतिम इश्यू प्राइस पर ₹9 प्रति शेयर की विशेष छूट दी है, जिनके लिए ₹1 करोड़ के शेयर आरक्षित रखे गए हैं।

आईपीओ से जुटाए पैसों का क्या करेगी कंपनी?

शिपरॉकेट नेट फ्रेश इश्यू से मिलने वाले पैसों का इस्तेमाल इस प्रकार करेगी:

₹365.6 करोड़: अपने प्लेटफॉर्म के विकास और विस्तार में खर्च करेगी।

₹210 करोड़: मौजूदा कर्ज को चुकाने में इस्तेमाल किया जाएगा। (10 जुलाई 2026 तक कंपनी पर ₹244.5 करोड़ का कुल कर्ज था)।

बकाया राशि: अधिग्रहण और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए उपयोग होगी।

कैसी है कंपनी की वित्तीय सेहत?

कंपनी का प्रदर्शन रेवेन्यू के मामले में मजबूत रहा है। वित्त वर्ष 2026 (FY26) में कंपनी का रेवेन्यू साल-दर-साल (YoY) 24% बढ़कर ₹2,024.1 करोड़ पर पहुंच गया। हालांकि कंपनी अभी भी घाटे में है, लेकिन FY24 के ₹595.1 करोड़ के शुद्ध घाटे के मुकाबले FY26 में घाटा काफी घटकर ₹79.2 करोड़ रह गया है। इस आईपीओ के मर्चेंट बैंकर्स एक्सिस कैपिटल, बोफा सिक्योरिटीज इंडिया, जेएम फाइनेंशियल और कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: Sensex की एक्सपायरी; दो लिस्टिंग और PB Fintech-Biocon समेत इन स्टॉक्स पर रहेगा फोकस

Stocks to Watch: एशियाई बाजारों से मिले-जुले रुझानों के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू मार्केट में ग्रीन शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 52.00 प्वाइंट्स यानी 0.21% की बढ़त के साथ 24,686.50 पर है। चूंकि आज सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी है तो मार्केट में तेज हलचल दिख सकती है। एक कारोबारी दिन पहले 05 अगस्त को सेंसेक्स (Sensex) 152.05 प्वाइंट्स यानी 0.19% की मजबूती के साथ 78,581.00 और निफ्टी 9.75 प्वाइंट्स यानी 0.04% की हल्की बढ़त के साथ 24,624.65 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

आज इन कंपनियों के नतीजे होंगे पेश

हीरो मोटोकॉर्प, एलआईसी, ल्यूपिन, ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज, अपोलो टायर्स, ब्लू स्टार, क्रॉम्पटन ग्रीव्स कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल्स, एडलवाइस फाइनेंशियल सर्विसेज, ईआईएच, एमक्योर फार्मा, फिनोलेक्स इंडस्ट्रीज, संवर्धन मदरसन इंटरनेशनल, मुथूट माइक्रोफिन, एनसीसी, प्रीमियर एनर्जीज, साई लाइफ साइंसेज, ट्रेंट, विजया डायग्नोस्टिक सेंटर और विक्रम सोलर आज कारोबारी नतीजे पेश करेंगी।

इन कंपनियों के नतीजे पेश

Aurobindo Pharma Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर अरबिंदो फार्मा का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 25.2% बढ़कर ₹1,032.6 करोड़ और रेवेन्यू 16.3% उछलकर ₹9,150.4 करोड़ पर पहुंच गया।

Cummins India Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर कमिंस इंडिया का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 0.9% बढ़कर ₹609.3 करोड़ और रेवेन्यू 17.9% उछलकर ₹3,426 करोड़ पर पहुंच गया।

PB Fintech Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर पीबी फिनटेक का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 92.6% बढ़कर ₹162.9 करोड़ और रेवेन्यू 40.1% उछलकर ₹1,888.3 करोड़ पर पहुंच गया।

Biocon Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर बायोकॉन का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 349.4% बढ़कर ₹141.1 करोड़ और रेवेन्यू 10% उछलकर ₹4,336 करोड़ पर पहुंच गया।

Godrej Agrovet Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर गोदरेज एग्रोवेट का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 13.8% गिरकर ₹128.3 करोड़ पर आ गया लेकिन इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू 9.2% उछलकर ₹2,855.2 करोड़ पर पहुंच गया।

Aster DM Quality Care Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर एस्टर डीएम क्वालिटी केयर का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 81.2% घटकर ₹16.06 करोड़ रह गया लेकिन रेवेन्यू 21.6% उछलकर ₹1,310.7 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी का एक्सपेश्नल लॉस ₹4.4 करोड़ से ₹114.4 करोड़ पर पहुंच गया।

Navin Fluorine International Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर नवीन फ्लोरीन इंटरनेशनल का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 107.7% बढ़कर ₹243.3 करोड़ और रेवेन्यू 44.1% उछलकर ₹1,045.1 करोड़ पर पहुंच गया।

Cohance Lifesciences Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर कोहेंस लाइफसाइंसेज ₹48.9 करोड़ के कंसालिडेटेड प्रॉफिट से ₹24.12 करोड़ के घाटे में आ गई तो रेवेन्यू भी 23.1% घटकर ₹422.3 करोड़ रह गया।

GMM Pfaudler Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर जीएमएम फॉडलर का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 114.3% बढ़कर ₹23.9 करोड़ और रेवेन्यू 16.4% उछलकर ₹924.8 करोड़ पर पहुंच गया।

JK Lakshmi Cement Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर जेके लक्ष्मी सीमेंट का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 28.1% बढ़कर ₹108 करोड़ और रेवेन्यू 9.4% उछलकर ₹1,904.8 करोड़ पर पहुंच गया।

Neuland Laboratories Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर नियूलैंड लैब का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 10 गुना बढ़कर ₹13.9 करोड़ से ₹147.7 करोड़ और रेवेन्यू 119.2% उछलकर ₹641.6 करोड़ पर पहुंच गया।

Meenakshi India Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर मीनाक्षी इंडिया का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 15.4% बढ़कर ₹321.6 करोड़ पर पहुंच गया लेकिन रेवेन्यू 4.2% फिसलकर ₹1,835 करोड़ पर आ गया।

SIS Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर एसआईएस का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 9.4% बढ़कर ₹101.7 करोड़ और रेवेन्यू 29.7% उछलकर ₹4,603.6 करोड़ पर पहुंच गया।

Automotive Axles Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर ऑटोमोटिव एक्सल्स का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 27.6% बढ़कर ₹45.6 करोड़ और रेवेन्यू 5.6% उछलकर ₹516.8 करोड़ पर पहुंच गया।

Stocks to Watch: इन स्टॉक्स पर भी रहेगी नजर

Cohance Lifesciences

अमेरिकी दवा नियामक एफडीए ने 27 जुलाई से 5 अगस्त, 2026 के बीच हैदराबाद के पशामिलाराम में कोहेंस लाइफसाइंसेज की मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद कंपनी को पांच ऑब्जर्वेशन के साथ फॉर्म 483 मिला।

RMC Switchgears

आरएमसी स्विचगियर्स को कुल ₹344.10 करोड़ के ऑर्डर मिले हैं। इनमें सबसे बड़ा ऑर्डर पश्चिम गुजरात विज कंपनी (PGVCL) से मिले 12 LoA (लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस) हैं, जिनकी वैल्यू ₹333.80 करोड़ है।

बल्क और ब्लॉक डील्स

Meenakshi India

एल्केमी कैपिटल मैनेजमेंट की एल्केमी लॉन्ग टर्म वेंचर्स फंड-सीरीज 3 ने ₹4.56 करोड़ में मीनाक्षी इंडिया के 1.15 लाख शेयर (1.02% हिस्सेदारी) ₹396.65 के भाव पर खरीदे।

Sapphire Foods India

रैम्स इक्विटीज पोर्टफोलियो फंड ने हर शेयर ₹200.6 के भाव पर सफायर फूड्स के 17.7 लाख शेयर (0.55% हिस्सेदारी) ₹35.41 करोड़ में खरीदे। वहीं पीआई अपॉर्च्युनिटीज एआईएफ V एलएलपी ने ₹33.16 करोड़ के 16.57 लाख शेयर ₹200.10 के भाव पर तो पायनियर इन्वेस्टमेंट फंड स्कीम II ने ₹34 करोड़ के 17 लाख शेयर ₹200 के भाव पर बेचे। प्रेमजी इन्वेस्ट की इन दोनों एंटिटीज ने मिलकर कंपनी में 1% से अधिक हिस्सेदारी बेची।

Apollo Pipes

प्रमोटर ध्रुव गुप्ता ने हर शेयर ₹536.20 के भाव पह ₹12.6 करोड़ में अपोलो पाइप्स के 2.35 लाख अतिरिक्त शेयर (0.53% हिस्सेदारी) खरीदे।

Prataap Snacks

ऑथम इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर ने हर शेयर ₹1,169.99 के भाव पर प्रताप स्नैक्स के 2.17 लाख शेयर (0.91% हिस्सेदारी) ₹ 25.45 करोड़ में खरीदे।

Rajgor Castor Derivatives

यूनिकॉर्न फंड ने राजगोर कैस्टर डेरिवेटिव्स में अपनी बाकी बची 2% हिस्सेदारी (4.8 लाख शेयर) ₹1.57 करोड़ में हर शेयर पर ₹32.80 के भाव पर बेच दिए। इससे पिछले सेशन में फंड ने 3.75% हिस्सेदारी बेची थी। ये शेयर रमेशचंद्र मदनलाल राठी ने खरीदे, जिन्होंने ₹1.55 करोड़ की डील में 4.74 लाख शेयर खरीदे।

Silky Overseas, Invicta Diagnostic

पाइन ओक ग्लोबल फंड ने सिल्की ओवरसीज में अपनी पूरी 2.61% हिस्सेदारी (1.66 लाख शेयर) ₹1.2 करोड़ में ₹72.26 के भाव पर बेच दिए। ये शेयर बर्चवुड मल्टी स्ट्रेटेजी फंड ओपन एंडेड पीसीसी लिमिटेड-बर्चवुड ग्लोबल अल्फा फंड ने खरीदे।

इसके अलावा बर्चवुड ग्लोबल अल्फा फंड ने पाइन ओक ग्लोबल फंड से इनविक्टा डायग्नोस्टिक में 1.54% हिस्सेदारी (1.93 लाख शेयर) ₹1.42 करोड़ में ₹73.79 के भाव पर हासिल की।

IndiGrid Infrastructure Trust

सिंगापुर सरकार ने इंडिग्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट में अपनी 2.93% हिस्सेदारी ₹486.14 करोड़ में प्रति यूनिट ₹174 के भाव में बेच दी। जून 2026 तिमाही तक सिंगापुर सरकार के पास इंडिग्रिड में 7.36% हिस्सेदारी थी और वह ट्रस्ट की सबसे बड़ी यूनिट-होल्डर थी। सिंगापुर सरकार से ये यूनिट्स नियो ग्रुप, नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) ट्रस्ट, निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड, गोल्डमैन सैक्स बैंक यूरोप, अस्क्वा इनकम अपॉर्चुनिटीज AIF, IEX, अल्फा अल्टरनेटिव्स एमएसएआई, केआरबीएल, भारती एक्सा लाइफ इंश्योरेंस कंपनी और सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स मॉरीशस जैसे घरेलू इंस्टीट्यूशंस और एसेट मैनेजर्स ने खरीदे।

लिस्टिंग

आज जुनिपर ग्रीन एनर्जी और एमवी इलेक्ट्रोसिस्टम्स की बीएसई और एनएसई पर एंट्री होगी तो वनइंडिग टेक और धवल पैकेजिंग के शेयर बीएसई एसएमई पर लिस्ट होंगे।

एक्स-डिविडेंड

आज बेमको हाइड्रोलिक्स, भारत गियर्स, ब्लैक रोज इंडस्ट्रीज, हरक्यूलिस इन्वेस्टमेंट्स, इन्फोबीन्स टेक्नोलॉजीज, इन्वेस्टमेंट एंड प्रिसिजन कास्टिंग्स, लिंडे इंडिया, लुमैक्स इंडस्ट्रीज, लुमैक्स ऑटो टेक्नोलॉजीज, माइंडटेक (इंडिया), प्राज इंडस्ट्रीज, राणे होल्डिंग्स, और टेस्टी बाइट ईटेबल्स के शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड करेंगे तो जेनेसिस इंटरनेशनल कॉर्पोरेशन के राइट्स और नेक्सस सेलेक्ट ट्रस्ट के इनकम डिस्ट्रीब्यूशन की भी आज एक्स-डेट है।

F&O Ban

एलआईसी में आज एफएंडओ की नई पोजिशन नहीं ले पाएंगे।

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टोल फ्री हुई कानपुर-लखनऊ एक्‍सप्रेसवे! NHAI ने सड़क बनाने वाली कंपनी पर लिया ये एक्शन

कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर सड़क में आई खराबी के बाद नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने बड़ा फैसला लिया है। रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर फिलहाल टोल वसूली बंद कर दी है। ये फैसला एक्सप्रेसवे के करीब 300 मीटर लंबे हिस्से पर सड़क के फिसलन भरे होने की शिकायत सामने आने के बाद लिया गया। सड़क की स्थिति को देखते हुए मरम्मत का काम तेजी से कराया जा रहा है। टोल बंद रहने से होने वाले रेवेन्यू नुकसान की भरपाई निर्माण कंपनी PNC इंफ्राटेक लिमिटेड से कराई जाएगी।

शुरू किए जांच

NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने कहा है कि जब तक सड़क का खराब हिस्सा पूरी तरह ठीक नहीं हो जाता, तब तक इस एक्सप्रेसवे पर टोल नहीं वसूला जाएगा। साथ ही, टोल बंद रहने से होने वाले रेवेन्यू नुकसान की भरपाई निर्माण कंपनी PNC इंफ्राटेक लिमिटेड से कराई जाएगी। NHAI ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए निर्माण कंपनी PNC इंफ्राटेक, परियोजना के स्वतंत्र इंजीनियर और निर्माण कार्य की निगरानी से जुड़े अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। NHAI ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कदम उठाए जाएंगे।

NHAI ने कंपनी को जारी किया नोटिस 

प्रभावित हिस्से पर ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया गया है और मरम्मत का पूरा खर्च PNC इंफ्राटेक उठाएगी। वहीं, NHAI ने कंपनी को नोटिस जारी कर उसे ‘नॉन-परफॉर्मर’ घोषित करने का प्रस्ताव रखा है। साथ ही कंपनी पर जुर्माना लगाने और परियोजना से जुड़े जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। प्रोजेक्ट मैनेजर, स्वतंत्र इंजीनियर की टीम के प्रमुख और रेजिडेंट इंजीनियर को उनके पद से हटा दिया गया। साथ ही उन्हें अगले दो साल तक सड़क परिवहन मंत्रालय, NHAI और NHIDCL की परियोजनाओं में काम करने से रोक दिया गया है। इसके अलावा, लापरवाही के आरोप में मौजूदा और पूर्व प्रोजेक्ट डायरेक्टर के खिलाफ भी चार्जशीट जारी करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

सड़क बनने के बाद लगेगा टैक्स

NHAI ने बताया कि, परियोजना के स्वतंत्र इंजीनियर थीम इंजीनियरिंग सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है और उसे भविष्य की परियोजनाओं से बाहर किया जा सकता है। वहीं, सड़क में आई खराबी की वजह पता लगाने के लिए IIT खड़गपुर के प्रोफेसर के. एस. रेड्डी की अगुवाई में विशेषज्ञों की टीम बनाई गई है। NDTV ने बताया कि इसके अलावा, एक्सप्रेसवे की सड़क की स्थिति की जांच के लिए लेजर प्रोफाइलोमीटर तकनीक का भी इस्तेमाल किया जाएगा। NHAI ने स्पष्ट किया है कि सड़क के खराब हिस्से की पूरी तरह मरम्मत होने के बाद ही एक्सप्रेसवे पर दोबारा टोल वसूली शुरू की जाएगी।

300 मीटर हिस्सा होगा रिपेयर

NHAI के अनुसार, 26 जुलाई को एक्सप्रेसवे के दाहिने कैरिजवे पर किलोमीटर 64 के पास सड़क में फिसलन की समस्या सामने आई। ये मामला 13 जुलाई को एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद सामने आया। उन्नाव जिले के कोरारी गांव के पास हुई भारी बारिश के बाद सड़क के इस हिस्से के खराब होने की तस्वीरें भी सामने आई थीं। शुरुआती रिपोर्ट में 5 से 7 मीटर तक सड़क प्रभावित होने की बात कही गई थी, लेकिन NHAI की जांच में करीब 300 मीटर लंबे हिस्से में फिसलन मिलने की पुष्टि हुई।

PM Surya Ghar Yojana: रूफटॉप सोलर योजना 50 लाख घरों तक पहुंची, टाटा पावर समेत इन 3 शेयरों पर रखें नजर

PM Surya Ghar Yojana: प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत देश में अब तक 50.06 लाख घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं। इससे रूफटॉप सोलर लगाने, फाइनेंसिंग करने और सोलर मॉड्यूल बनाने वाली कंपनियों के लिए बड़ा बाजार तैयार हो रहा है। इस वजह से Tata Power, Waaree Energies और Premier Energies जैसे शेयर निवेशकों के रडार पर हैं।

Tata Power

टाटा ग्रुप की Tata Power सोलर वैल्यू चेन के लगभग हर हिस्से में मौजूद है। कंपनी सोलर सेल और मॉड्यूल बनाती है, रूफटॉप सोलर इंस्टॉल करती है और फाइनेंसिंग की सुविधा भी देती है। टाटा पावर को लेकर अधिकांश ब्रोकरेज हाउस भी बुलिश हैं। मोतीलाल ओसवाल, इलारा कैपिटल और एम्बिट ने टाटा पावर को खरीदने की सलाह दी है।

वित्त वर्ष 2026 में कंपनी ने 1.7 गीगावॉट पीक (GWp) रूफटॉप सोलर क्षमता स्थापित की। 2.2 लाख से ज्यादा घरों तक पहुंच बनाई और कुल रेजिडेंशियल ग्राहकों की संख्या 3 लाख के पार पहुंच गई। हालांकि, रूफटॉप सोलर कंपनी के कुल कारोबार का सिर्फ एक हिस्सा है। इसलिए इसका असर पूरे बिजनेस में बंट जाता है।

Waaree Energies

सोलर मॉड्यूल निर्माता Waaree Energies सोलर सेक्टर की सबसे बड़ी खिलाड़ी है। इसने जून तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया। कंपनी की रेवेन्यू 79.2% बढ़कर 7,932 करोड़ रुपये रही। EBITDA 44.4% बढ़कर 1,440 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 15.4% बढ़कर 892 करोड़ रुपये हो गया। 28 जुलाई 2026 तक कंपनी की ऑर्डर बुक 61,500 करोड़ रुपये पर पहुंच गई थी।

Premier Energies

प्रीमियर एनर्जीज ने भी PM Surya Ghar Yojana को अपने लिए बड़ा ग्रोथ ड्राइवर बताया है। 31 मार्च 2026 तक कंपनी की ऑर्डर बुक 14,010 करोड़ रुपये थी। पहली तिमाही में उसे 3,011 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर मिले। कंपनी 6 अगस्त को जून तिमाही के नतीजे जारी करेगी।

निवेशकों को किन बातों पर नजर रखनी चाहिए?

Tata Power के लिए रिन्यूएबल क्षमता में बढ़ोतरी, रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन, बैटरी स्टोरेज और मुंद्रा प्रोजेक्ट से जुड़े घटनाक्रम अहम रहेंगे। वहीं, Waaree Energies और Premier Energies जैसी कंपनियों के लिए ऑर्डर बुक, मांग, क्षमता उपयोग और प्राइसिंग आने वाले समय में सबसे बड़े ट्रिगर होंगे।

Stocks to Watch: 6 अगस्त को इन 18 स्टॉक्स पर रखें नजर, दिख सकती है बड़ी हलचल

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Stocks to Watch: 6 अगस्त को इन 18 स्टॉक्स पर रखें नजर, दिख सकती है बड़ी हलचल

Stocks to Watch: गुरुवार, 6 अगस्त के कारोबार में कई शेयरों पर निवेशकों की खास नजर रहेगी। इनमें तिमाही नतीजे, बड़े ऑर्डर, शेयर बायबैक, USFDA अपडेट और मैनेजमेंट की अहम घोषणाओं से जुड़े स्टॉक्स शामिल हैं। ऐसे में इन 18 कंपनियों के शेयरों में बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है।

HDFC Bank

प्राइवेट सेक्टर के HDFC Bank ने कहा कि HDFC लिमिटेड के मर्जर का असर कम होने के साथ अगले 2-3 वर्षों में बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) और CASA रेशियो बेहतर होगा। बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन राजीव कुमार ने AGM में कहा कि मर्जर के बाद बैलेंस शीट की संरचना बदली है, जिसका असर खत्म होने में कुछ समय लगेगा।

Aurobindo Pharma

फार्मा कंपनी Aurobindo Pharma का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट जून तिमाही में 25.2% बढ़कर 1,032 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 16.3% बढ़कर 9,150.3 करोड़ रुपये और EBITDA 1,881 करोड़ रुपये रहा। कंपनी के नतीजे बाजार के अनुमान से बेहतर रहे, जबकि EBITDA मार्जिन बढ़कर 21% हो गया।

Neuland Laboratories

फार्मा कंपनी Neuland Laboratories का शुद्ध मुनाफा जून तिमाही में 14 करोड़ रुपये से बढ़कर 148 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 292.7 करोड़ रुपये से बढ़कर 641.5 करोड़ रुपये रही। EBITDA 34.4 करोड़ रुपये से बढ़कर 222.7 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA मार्जिन भी 11.8% से बढ़कर 34.7% पर पहुंच गया।

Bikaji Foods International

पैकेज्ड फूड कंपनी Bikaji Foods International का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा जून तिमाही में मामूली 0.4% बढ़कर 60.1 करोड़ रुपये रहा। हालांकि, रेवेन्यू 12.5% बढ़कर 734.3 करोड़ रुपये हो गई। बढ़ती ऑपरेटिंग लागत की वजह से कंपनी के मुनाफे की रफ्तार सीमित रही।

Biocon

फार्मा कंपनी Biocon का शुद्ध मुनाफा 31.4 करोड़ रुपये से बढ़कर 141 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 10% बढ़कर 4,336 करोड़ रुपये रही। EBITDA 10.6% बढ़कर 847.2 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 19.43% से बढ़कर 19.54% हो गया।

JK Lakshmi Cement

सीमेंट कंपनी JK Lakshmi Cement का शुद्ध मुनाफा 150 करोड़ रुपये से घटकर 108 करोड़ रुपये रह गया। रेवेन्यू 9.4% बढ़कर 1,905 करोड़ रुपये रही। EBITDA 311.2 करोड़ रुपये से घटकर 258.7 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 17.9% से घटकर 13.6% पर आ गया।

PB Fintech

फिनटेक कंपनी PB Fintech का शुद्ध मुनाफा 85 करोड़ रुपये से बढ़कर 163 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 40.1% बढ़कर 1,888.2 करोड़ रुपये रही। EBITDA 34.22 करोड़ रुपये से बढ़कर 139.1 करोड़ रुपये पहुंच गया। EBITDA मार्जिन 2.54% से बढ़कर 7.37% हो गया।

Navin Fluorine

स्पेशलिटी केमिकल कंपनी Navin Fluorine का शुद्ध मुनाफा 117.2 करोड़ रुपये से बढ़कर 243.3 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 44.1% बढ़कर 1,045.1 करोड़ रुपये रही। EBITDA 206 करोड़ रुपये से बढ़कर 357 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 28.5% से बढ़कर 34.2% हो गया।

Godrej Agrovet

एग्री-इनपुट कंपनी Godrej Agrovet का शुद्ध मुनाफा 149 करोड़ रुपये से घटकर 128.3 करोड़ रुपये रह गया। रेवेन्यू 9.2% बढ़कर 2,855.2 करोड़ रुपये रही। EBITDA 269.6 करोड़ रुपये से घटकर 240.1 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 10.32% से घटकर 8.41% पर आ गया।

Bayer CropScience

एग्रोकेमिकल कंपनी Bayer CropScience का शुद्ध मुनाफा 278.7 करोड़ रुपये से बढ़कर 321.6 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 4.2% घटकर 1,835 करोड़ रुपये रही। EBITDA 5.5% बढ़कर 367.6 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 18.2% से बढ़कर 20% हो गया।

Aster DM

हेल्थकेयर कंपनी Aster DM का शुद्ध मुनाफा 85.5 करोड़ रुपये से घटकर 16.1 करोड़ रुपये रह गया। रेवेन्यू 21.6% बढ़कर 1,311 करोड़ रुपये रही। EBITDA 27.5% बढ़कर 264.3 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 19.2% से बढ़कर 20.2% हो गया।

GMM Pfaudler

इंजीनियरिंग कंपनी GMM Pfaudler का शुद्ध मुनाफा 55.1 करोड़ रुपये से घटकर 4.8 करोड़ रुपये रह गया। रेवेन्यू 16.4% बढ़कर 924.8 करोड़ रुपये रही। EBITDA 7.1% घटकर 94 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 12.7% से घटकर 10.1% पर आ गया।

NBCC

सरकारी कंपनी NBCC को 801.20 करोड़ रुपये के दो नए प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी (PMC) ऑर्डर मिले हैं। इनमें RBI से 780.38 करोड़ रुपये का सबसे बड़ा ऑर्डर मिला है, जिसके तहत अमरावती में ऑफिस और आवासीय परिसर बनाए जाएंगे। वहीं, ओडिशा में छात्रावास निर्माण के लिए कंपनी को 20.82 करोड़ रुपये का एक और ऑर्डर मिला है।

SIS Ltd

सिक्योरिटी और फैसिलिटी मैनेजमेंट कंपनी SIS Ltd का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट जून तिमाही में 9.4% बढ़कर 101.7 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 29.7% बढ़कर 4,603.6 करोड़ रुपये और EBITDA 36.2% बढ़कर 207.1 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी ने 106 करोड़ रुपये के शेयर बायबैक का भी ऐलान किया।

Cummins India

इंजन निर्माता Cummins India का स्टैंडअलोन शुद्ध मुनाफा 589 करोड़ रुपये से घटकर 543 करोड़ रुपये रह गया। रेवेन्यू 17.9% बढ़कर 3,426 करोड़ रुपये रही। EBITDA 616.2 करोड़ रुपये से घटकर 609.2 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 21.5% से घटकर 18% पर आ गया।

RMC Switchgears

इलेक्ट्रिकल इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी RMC Switchgears को अंडरग्राउंड केबलिंग प्रोजेक्ट्स के लिए 333.8 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर मिले हैं। नए ऑर्डर से कंपनी की ऑर्डर बुक मजबूत होगी। इससे आने वाले समय में कारोबार को सहारा मिलने की उम्मीद है।

Cohance Lifesciences

फार्मा कंपनी Cohance Lifesciences को हैदराबाद स्थित मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के निरीक्षण के बाद अमेरिकी दवा नियामक USFDA से Form 483 मिला है। निरीक्षण के दौरान एजेंसी ने पांच ऑब्जर्वेशन जारी किए हैं। अब कंपनी इन टिप्पणियों का जवाब देगी।

तिमाही नतीजे 5 अगस्त

आज कई कंपनियां जून तिमाही के नतीजे जारी करेंगी। इनमें Advent Hotels International, The Anup Engineering, Aegis Logistics, Apollo Tyres, Bajaj Electricals, BirlaNu, BLS E-Services और Blue Star शामिल हैं। इन कंपनियों के नतीजों पर निवेशकों और बाजार की नजर रहेगी।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Q1 Results: फार्मा कंपनी का प्रॉफिट 10 गुना बढ़ा, रेवेन्यू भी डबल; शेयरों पर रहेगी नजर

Q1 Results: फार्मा कंपनी न्यूलैंड लेबोरेटरीज ने जून तिमाही (Q1 FY27) में शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 10 गुना से ज्यादा बढ़कर 148 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह 14 करोड़ रुपये था।

कंपनी की ऑपरेशंस से रेवेन्यू भी दोगुना से ज्यादा होकर 641.5 करोड़ रुपये पहुंच गया। एक साल पहले इसी तिमाही में यह 292.7 करोड़ रुपये थी।

EBITDA और मार्जिन में जबरदस्त सुधार

जून तिमाही में EBITDA बढ़कर 222.7 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल यह 34.4 करोड़ रुपये था। वहीं, EBITDA मार्जिन 11.8% से बढ़कर 34.7% पर पहुंच गया। इससे साफ है कि कंपनी की ऑपरेटिंग प्रॉफिटेबिलिटी में बड़ा सुधार हुआ है।

कंपनी की कुल आय भी बढ़कर 650.1 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले साल 300.6 करोड़ रुपये थी। टैक्स से पहले मुनाफा (PBT) 17.4 करोड़ रुपये से बढ़कर 197.5 करोड़ रुपये रहा। वहीं, टैक्स के बाद मुनाफा (PAT) 13.7 करोड़ रुपये से बढ़कर 147.4 करोड़ रुपये हो गया।

CMS और GDS कारोबार ने दिखाई दमदार ग्रोथ

मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO सहर्ष दावुलुरी ने कहा कि तिमाही का प्रदर्शन कंपनी की उम्मीदों के मुताबिक रहा। कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (CMS) और जेनेरिक ड्रग सब्सटेंस (GDS) कारोबार ने मजबूत प्रदर्शन किया।

कंपनी ने बताया कि तिमाही के दौरान कमर्शियल प्रोडक्ट्स से सबसे ज्यादा रेवेन्यू आई। साथ ही प्रोजेक्ट पाइपलाइन मजबूत बनी हुई है। ग्राहकों की दिलचस्पी भी कंपनी की व्यापक क्षमताओं में बढ़ रही है।

विस्तार पर रहेगा फोकस

न्यूलैंड लेबोरेटरीज ने कहा कि वह API, जटिल मॉलिक्यूल्स और कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग में अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए लगातार निवेश कर रही है। हालांकि, आने वाले समय में कंपनी का प्रदर्शन नए प्रोजेक्ट्स के समय पर पूरा होने, नए प्रोडक्ट्स के सफल कमर्शियल लॉन्च और ऑपरेशनल एफिशिएंसी बनाए रखने पर निर्भर करेगा।

शेयरों का हाल

नतीजों से पहले बुधवार को NSE पर न्यूलैंड लेबोरेटरीज का शेयर 4.03% की बढ़त के साथ 20,049 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 51.86% चढ़ा है। वहीं, बीते 5 साल में इसने 1,081% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 25.72 हजार करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Biocon Q1 Results: फार्मा कंपनी का मुनाफा 349% बढ़ा, रेवेन्यू में भी उछाल; शेयरों पर रहेगी नजर

Biocon Q1 Results: फार्मा कंपनी बायोकॉन ने 5 अगस्त को जून तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे जारी किए। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर चार गुना से ज्यादा बढ़कर 141 करोड़ रुपये पहुंच गया। एक साल पहले की समान तिमाही में कंपनी का मुनाफा 31.4 करोड़ रुपये था। यानी कंपनी का प्रॉफिट करीब 349% उछला है।

कंपनी की ऑपरेशंस से रेवेन्यू 10% बढ़कर 4,336 करोड़ रुपये रही। पिछले साल की समान तिमाही में यह 3,942 करोड़ रुपये थी।

EBITDA और मार्जिन में सुधार

जून तिमाही में EBITDA 10.6% बढ़कर 847.2 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल यह 766.1 करोड़ रुपये था। EBITDA मार्जिन भी मामूली बढ़कर 19.54% हो गया, जो एक साल पहले 19.43% था।

ग्रॉस EBITDA 902 करोड़ रुपये रहा। इसका मार्जिन 21% रहा। कंपनी ने कहा कि बायोफार्मा कारोबार में बेहतर मुनाफे की वजह से यह सुधार देखने को मिला।

बायोफार्मा कारोबार ने कमाल किया

बायोकॉन का बायोफार्मा कारोबार सबसे बड़ा ग्रोथ इंजन रहा। इस कारोबार की रेवेन्यू 17% बढ़कर 3,615 करोड़ रुपये पहुंच गई। बायोसिमिलर कारोबार की रेवेन्यू 16% बढ़कर 2,855 करोड़ रुपये हो गई। वहीं, जेनेरिक दवाओं की रेवेन्यू 21% बढ़कर 760 करोड़ रुपये रही।

कंपनी ने कहा कि नए बायोसिमिलर और जेनेरिक प्रोडक्ट लॉन्च होने से यह बढ़त मिली। हालांकि, सर्विसेज कारोबार दबाव में रहा। इस सेगमेंट की रेवेन्यू 16% घटकर 736 करोड़ रुपये रह गई।

फाइनेंस कॉस्ट घटी, R&D खर्च बढ़ा

बैलेंस शीट मजबूत करने की रणनीति के चलते कंपनी का ब्याज खर्च 23% घटकर 213 करोड़ रुपये रह गया। वहीं, रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) पर खर्च 17% बढ़कर 240 करोड़ रुपये हो गया।

अमेरिका और यूरोप में कई नए प्रोडक्ट लॉन्च

बायोकॉन के CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर श्रीहास तांबे ने कहा कि कंपनी ने तिमाही के दौरान अमेरिका और यूरोप समेत विकसित बाजारों में कई प्रो़डक्ट लॉन्च किए। साथ ही उभरते बाजारों में नए प्रोडक्ट और साझेदारियों के जरिए अपनी मौजूदगी बढ़ाई। उन्होंने कहा कि कि कंपनी को उम्मीद है कि पूरे वित्त वर्ष में ग्रोथ की रफ्तार और तेज होगी। इसका असर दूसरी छमाही के नतीजों में साफ दिखाई देगा।

बायोकॉन की एग्जीक्यूटिव चेयरपर्सन किरण मजूमदार-शॉ ने कहा कि कंपनी अब रणनीतिक निवेश को टिकाऊ ग्रोथ में बदलने पर फोकस कर रही है। उन्होंने कहा कि बायोसिमिलर के लिए बेहतर नीति माहौल और अमेरिका में बढ़ी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता से लंबी अवधि की ग्रोथ को मजबूती मिलेगी।

बायोकॉन के शेयरों का हाल

नतीजों से पहले बुधवार को बायोकॉन का शेयर 0.76% की बढ़त के साथ 425.20 रुपये पर बंद हुआ। साल 2026 में अब तक यह करीब 10% चढ़ चुका है। वहीं, पिछले एक साल में इसने 14% से ज्यादा का रिटर्न दिया है।

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Air India new CEO: टाटा ग्रुप की एयर इंडिया को नया CEO मिला, अब टेवोल्डे गेबरमरियम संभालेंगे कमान

Air India new CEO: टाटा ग्रुप की एयरलाइन एयर इंडिया ने टेवोल्डे गेबरमरियम (Tewolde Gebremariam) को नया चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) और मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) नियुक्त किया है। वह कैंपबेल विल्सन की जगह लेंगे। कंपनी ने 5 अगस्त को इसकी आधिकारिक घोषणा की।

एयर इंडिया ने बयान में कहा कि यह बदलाव कंपनी के ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम का अहम हिस्सा है। इसका मकसद एयर इंडिया को वर्ल्ड क्लास दिग्गज एयरलाइन बनाना है।

बोर्ड ने किया व्यापक चयन

एयर इंडिया के बोर्ड ने बताया कि नए CEO के चयन के लिए व्यापक प्रक्रिया अपनाई गई। दुनिया भर के आंतरिक और बाहरी उम्मीदवारों का मूल्यांकन किया गया। सभी विकल्पों पर विचार करने के बाद बोर्ड ने सर्वसम्मति से टेवोल्डे गेबरमरियम के नाम पर मुहर लगाई।

कंपनी के अनुसार, उनके पास मजबूत नेतृत्व क्षमता है। साथ ही ऑपरेशनल मैनेजमेंट और स्ट्रैटजी को लागू करने का लंबा तजुर्बा भी है। यही वजह है कि उन्हें एयर इंडिया के अगले ग्रोथ स्टेज के लिए सबसे काबिल उम्मीदवार माना गया।

कौन हैं एयर इंडिया के नए CEO टेवोल्डे गेबरमरियम?

इथियोपिया के टेवोल्डे गेबरमरियम (Tewolde Gebremariam) एविएशन इंडस्ट्री के सबसे काबिल वरिष्ठ अधिकारियों में गिने जाते हैं। टेवोल्डे ने अदीस अबाबा यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स में स्नातक और ब्रिटेन की ओपन यूनिवर्सिटी से MBA किया है। वह इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स समेत कई वैश्विक एविएशन संस्थाओं से भी जुड़े रहे हैं। उन्होंने 1985 में इथियोपियन एयरलाइंस से अपने विमानन करियर की शुरुआत की थी।

टेवोल्डे ने इथियोपियन एयरलाइंस में ट्रैफिक ऑफिसर के रूप में काम शुरू किया। इसके बाद कार्गो, मार्केटिंग, सेल्स और ऑपरेशंस समेत कई अहम जिम्मेदारियां संभालीं। 2006 में उन्हें चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) बनाया गया। 2011 में वह इथियोपियन एयरलाइंस ग्रुप के CEO बने।

उनके कार्यकाल में चार गुना बढ़ी रेवेन्यू

CEO के रूप में टेवोल्डे गेबरमरियम के नेतृत्व में इथियोपियन एयरलाइंस ने रिकॉर्ड विस्तार किया। कंपनी की रेवेन्यू 1 अरब डॉलर से बढ़कर 4.5 अरब डॉलर से अधिक पहुंच गई। एयरलाइन का फ्लीट 33 विमानों से बढ़कर करीब 130 विमान हो गया। वहीं, यात्रियों की संख्या 30 लाख से बढ़कर 1.2 करोड़ तक पहुंच गई। इसी दौरान इथियोपियन एयरलाइंस अफ्रीका की सबसे बड़ी और सबसे अधिक मुनाफा कमाने वाली एयरलाइन बन गई।

एयर इंडिया मैनेजमेंट ने क्या कहा

टाटा संस और एयर इंडिया के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने कहा, “कैंपबेल विल्सन के नेतृत्व में एयर इंडिया ने बदलाव के शुरुआती दौर का बड़ा काम पूरा कर लिया है। अब कंपनी तेजी से विस्तार और योजनाओं को जमीन पर उतारने के अगले चरण में प्रवेश कर रही है।”

उन्होंने कहा कि टेवोल्डे गेबरमरियम ने दुनिया की सबसे सफल और सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने वाली एयरलाइन कंपनियों में से एक को आगे बढ़ाया है। उनके अनुभव और नेतृत्व पर हमें पूरा भरोसा है कि वह एयर इंडिया को विकास की अगली ऊंचाई तक ले जाएंगे।

शेयर मार्केट में आनी वाली है बहुत बड़ी गिरावट, दिग्गज फंड मैनेजर माइकल बरी ने किया आगाह

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।