Caliber Mining & Logistics Listing: कैलिबर माइनिंग की अच्छी शुरुआत, शेयर 19% तक बढ़त में लिस्ट

Caliber Mining & Logistics की शुक्रवार, 24 जुलाई को लिस्टिंग अच्छी रही। BSE पर शेयर करीब 19 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 504 रुपये पर और NSE पर करीब 18 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 500.25 रुपये पर लिस्ट हुआ। फाइनल IPO प्राइस 424 रुपये था। कंपनी का 450 करोड़ रुपये का IPO 154.66 गुना भरा था। इसमें 400 करोड़ रुपये के 94 लाख नए शेयर जारी हुए। साथ ही 50 करोड़ रुपये के 12 लाख शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) था।

कैलिबर माइनिंग एंड लॉजिस्टिक्स लिमिटेड एक इंटीग्रेटेड सर्विस प्रोवाइडर है। यह कोयला निकालने और कोयले की लॉजिस्टिक्स में विशेषता रखती है। महाराष्ट्र में स्थित यह कंपनी माइनिंग और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी सेवाएं देती है, जिनमें कोयला निकालना, ओवरबर्डन हटाना, कोयले की लोडिंग और अनलोडिंग, सड़क से ट्रांसपोर्टेशन और रेल ट्रांसपोर्टेशन का तालमेल बिठाना शामिल है। यह माइनिंग इंडस्ट्री की जरूरतों को पूरा करते हुए, कोयला माइनिंग और लॉजिस्टिक्स ऑपरेशंस के लिए एंड-टू-एंड समाधान देती है।

कंपनी के प्रमोटर मोहित सतीशकुमार चड्ढा, मनीष कृष्णलाल चड्ढा, राहुल रोशनलाल चड्ढा, अनुज कृष्णलाल चड्ढा और प्रिया अनुज चड्ढा हैं। कंपनी के पब्लिक इश्यू में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 253.88 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 281.99 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 43.40 गुना सब्सक्राइब हुआ था।

IPO के पैसों का कैसे होगा इस्तेमाल

कैलिबर माइनिंग अपने IPO में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल कर्ज को कुछ हद तक या पूरी तरह चुकाने के लिए, मशीनरी की खरीद के लिए, सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए और IPO पर आए खर्च की भरपाई के लिए करेगी। कैलिबर माइनिंग ने IPO की ओपनिंग से पहले एंकर इनवेस्टर्स से 135 करोड़ रुपये जुटाए थे।

Caliber Mining की वित्तीय सेहत

वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी की कुल इनकम 17 प्रतिशत बढ़कर 1,684.66 करोड़ रुपये हो गई। एक साल पहले इनकम 1,435.57 करोड़ रुपये थी। शुद्ध मुनाफा 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 157.90 करोड़ रुपये हो गया, जो वित्त वर्ष 2025 में 131.55 करोड़ रुपये था।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Share Market Crash: सेंसेक्स 778 अंक तक फिसला, निफ्टी 23700 के नीचे; निवेशकों के ₹3.58 लाख करोड़ साफ

शेयर बाजार में शुक्रवार, 24 जुलाई को तेज गिरावट है। सेंसेक्स खुलने के कुछ ही पलों के अंदर 778 अंक तक लुढ़क गया। इस बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 3.58 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा घट गया। सेंसेक्स की ओपनिंग लाल निशान में 75,708.19 पर हुई। फिर यह पिछली क्लोजिंग से करीब 778 अंक गिरकर 75,613.43 के लो तक गया। इसी तरह निफ्टी भी गिरावट के साथ 23,666.35 पर खुला और फिर पिछली क्लोजिंग से 223 अंक तक टूटकर 23,646.90 के लो तक गया।

गुरुवार, 23 जुलाई को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,76,60,985.926 करोड़ रुपये रहा था। शुक्रवार को मार्केट खुलने के कुछ ही पलों के अंदर यह घटकर 4,73,02,449.65 करोड़ रुपये हो गया। यानि कि 3,58,536.276 करोड़ रुपये की गिरावट।

एक दिन पहले कैसी रही थी बाजार की चाल

शेयर बाजार में शुक्रवार को लगातार 5वें दिन गिरावट है। पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण कच्चे तेल के दाम में उछाल से गुरुवार को 363.66 अंक या 0.47 प्रतिशत टूटकर 76,391.39 पर बंद हुआ था। निफ्टी 126.65 अंक या 0.53 प्रतिशत टूटकर 23,869.60 अंक पर बंद हुआ था।

Market cues : बाजार में घबराहट तो बढ़ी लेकिन अभी तक पैनिक की स्थिति नहीं, 23800 का सपोर्ट टूटने पर बढ़ सकती है गिरावट

Trade setup for today : मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल के पार चली गईं,जिससे निफ्टी लगातार चौथे सेशन में दबाव में रहा। 23 जुलाई को इसमें 0.53% की गिरावट आई और यह अपने सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे आ गया। मोमेंटम इंडिकेटर्स भी मंदी के रुझान के मजबूत होने का संकेत दे रहे हैं। हालिया कमजोरी ने इंडेक्स को अहम 23,800 के सपोर्ट लेवल के करीब पहुंचा दिया है।

बाजार जानकारों का कहना है कि अगर निफ्टी 23,800 के सपोर्ट लेवल से नीचे गिरता है तो यह गिरावट 23,650-23,600 के जोन तक बढ़ सकती। अगर यह इस जोन से भी नीचे जाता है तो इंडेक्स 23,500 के लेवल तक गिर सकता है,जो अगला अहम सपोर्ट लेवल बन सकता है। वहीं, ऊपर की तरफ 24,000-24,100 का जोन एक अहम रेजिस्टेंस एरिया बना रह सकता है

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 23,819, 23,776 और 23,706

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 23,959, 24,003 और 24,073

डेली चार्ट पर,निफ्टी ने दोनों तरफ शैडो वाली एक छोटी बॉडी वाली बेयरिश कैंडल बनाई,जो’हाई वेव’कैंडलस्टिक पैटर्न जैसी दिखती है। यह अपने सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे आ गया,जिससे पता चलता है कि मार्केट पर मंदड़ियों का कंट्रोल बढ़ रहा है। इंडेक्स जून के निचले स्तर से जुलाई के ऊंचे स्तर तक की हालिया रैली के 50 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के करीब भी पहुंच गया। इस लेवल को आम तौर पर एक मजबूत सपोर्ट माना जाता है।

रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स(RSI)गिरकर 45.36 पर आ गया,जबकि मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस (MACD) जीरो लाइन के नीचे और गिर गया और रेड हिस्टोग्राम बार और बढ़ गया। कुल मिलाकर,ये इंडिकेटर बताते हैं कि मंदी का रुझान मजबूत हो रहा है।

बैंक निफ्टी

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 56,844, 56,975 और 57,188

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 56,420, 56,289 और 56,077

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,253, 59,247

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 56,441, 55,742

बैंक निफ्टी गैप-डाउन ओपनिंग के बाद 0.94 प्रतिशत गिर गया और दोनों तरफ विक्स (wicks) वाली एक बेयरिश कैंडलस्टिक बनाई। यह ज्यादा उतार-चढ़ाव के बीच कमजोरी का संकेत है। बैंकिंग इंडेक्स अपने 20-दिन, 50-दिन और 100-दिन के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज(EMA)से नीचे गिर गया। हालांकि इंट्राडे में यह 200-दिन के EMA से नीचे चला गया था,लेकिन यह उस लेवल से ऊपर बंद होने में कामयाब रहा।

शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज में गिरावट का ट्रेंड जारी रहा। मोमेंटम इंडिकेटर भी और कमज़ोर हुए और RSI गिरकर 44.2 पर आ गया। MACD में भी गिरावट का रुख बना रहा और रेड हिस्टोग्राम बार और बढ़ गया। कुल मिलाकर,ये इंडिकेटर बताते हैं कि बेयरिश मोमेंटम मज़बूत हो रहा है,हालांकि 200-दिन का EMA अभी भी एक अहम सपोर्ट लेवल बना हुआ है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

23 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार दूसरे सेशन में भी बिकवाली जारी रखी और लगभग 3,000 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार दो सेशन तक बिकवाली करने के बाद खरीदारी की और 2,947 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

इंडिया VIX

मार्केट में उतार-चढ़ाव का अनुमान लगाने वाला इंडिया VIX कल ऊपर की ओर बढ़ा। यह 1.37 प्रतिशत बढ़कर 13.47 पर पहुंच गया,जो,तेजड़ियों के लिए परेशानी का संकेत है। हालांकि,जब तक यह 15 के स्तर से नीचे है,तब तक यह इंडेक्स चिंताजनक स्तर पर नहीं माना जाएगा। अगर यह लगातार 15 के ऊपर बना रहता है,तो बुल्स की बेचैनी बढ़ सकती है। कुल मिलाकर,इससे पता चलता है कि बाजार में घबराहट तो बढ़ रही है,लेकिन अभी तक पैनिक की स्थिति नहीं बनी है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 23 जुलाई को पिछले सेशन के 0.84 से घटकर 0.80 हो गया। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक:कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया

 

 

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : कच्चे तेल में उछाल ने ग्लोबल बाजारों का मूड खराब कर दिया है। गिफ्ट निफ्टी करीब 175 अंक फिसला है। FIIs की कैश में करीब 3000 करोड़ रुपये की बिकवाली देखने को मिली है। लॉन्ग शॉर्ट रेश्यो भी 8% के नीचे फिसल गया है। करेंसी और इक्विटी बाजारों में आज क्या हो रहा है यह जानने के लिए मनीकंट्रोल के साथ बने रहें। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

23 जुलाई को भारतीय बाजार में लगातार चौथे दिन गिरावट जारी रही। मिडिल ईस्ट में बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने भी बाजार पर दबाव डाला। कारोबार के अंत में,सेंसेक्स 363.66 अंक या 0.47 प्रतिशत गिरकर 76,391.39 पर और निफ्टी 126.65 अंक या 0.53 प्रतिशत गिरकर 23,869.60 पर बंद हुआ।

GIFT निफ्टी

GIFT निफ्टी शुरुआती कारोबार में लगभग 23,695 के निचले स्तर पर ट्रेड कर रहा था,जो घरेलू इक्विटी बाजार में कमजो शुरुआत का संकेत है।

एशियाई बाजार और अमेरिकी बाजार

एशियाई बाजारों में भी आज दबाव दिख रहा है। निक्केई और कॉस्पी में तीन फीसदी की गिरावट है। महंगे क्रूड और बॉन्ड यील्ड के इस साल की ऊंचाई पर पहुंचने से US मार्केट में भी तेज बिकवाली दिखी है। डाओ जोंस 500 अंक से ज्यादा गिरा है। नैस्डैक भी दो परसेंट फिसला है।

Market Trend: मार्केट एक्सपर्ट पंकज रांदड़ से जानें, आज निफ्टी-बैंक निफ्टी की कैसी रह सकती है चाल, कहां होगी कमाई

12.5% की जगह भारत पर अब 10% टैरिफ

ट्रंप टैरिफ से भारत को मामूली राहत संभव है। प्रस्तावित 12.5% की जगह भारत पर अब 10% टैरिफ लग सकता है। फोर्स्ड लेबर इनवेस्टिगेशन के तहत 10% टैरिफ का प्रस्ताव है। यह टैरिफ भारत समेत 60 देशों पर लागू होगा।

ईरान पर बड़े हमले की तैयारी में अमेरिका, क्रूड ऊपरी स्तरों से थोड़ा हुआ नरम

अमेरिका, ईरान पर बड़े हमले की तैयारी में है। ईरान में UK की एंबेसी बंद कर दी गई है। फ्रांस ने भी तेहरान में अपना दूतावास खाली करा लिया है। ट्रंप ने कहा है कि हूती के हमलों के लिए ईरान जिम्मेदार होगा। हालांकि, क्रूड ऊपरी स्तरों से थोड़ा नरम पड़ा है। यह 102 डॉलर तक जाकर फिलहाल 99 डॉलर पर ट्रेड कर रहा है।

ट्रंप ने कहा है कि पहले हूती जिम्मेदारी से व्यवहार कर रहे थे। पिछले साल अमेरिका ने हमला किया था। हमले के बाद हूती का व्यवहार जिम्मेदारी भरा था। हूतियों ने बीती रात फिर हमला किया है। इन्होंने सऊदी के 2 जहाजों पर हमला किया है। दोबारा ऐसा करना उनके हित में नहीं होगा। इसके लिए हूती और ईरान दोनों को जिम्मेदार ठहराएंगे। ईरान और हूतियों को कड़ी सैन्य सजा मिलेगी। जहाजों और माल को नुसकान की भरपाई होगी। ईरान के पैसों से नुसकान की भरपाई होगी। नुकसान की राशि बड़ी हो सकती है।

कच्चे तले में लगी आग

कच्चे तेल के भाव 2 महीने की ऊंचाई पर पहुंच गए हैं। कल ब्रेंट $101 के ऊपर बंद हुआ था। आज भी ब्रेंट $100 के ऊपर कायम है। WTI में भी $91 के ऊपर कारोबार हो रहा है। जियो पॉलिटिकल टेंशन बढ़ने से इसमें तेजी आई है। रेड और ब्लैक सी दोनों जगह तनाव बढ़ा है। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को लेकर असमंजस कायम है। फिजिकल में भाव $105/बैरल के पार निकलते दिखे हैं। डीजल वायदा 7 अप्रैल के बाद सबसे ऊंचाई पर दिख रहा है।

इंफोसिस के निराशाजनक Q1 नतीजे

पहली तिमाही में इंफोसिस के नतीजों ने निराश किया है। constant currency Revenue Growth महज 1 परसेंट रही है। यह अनुमान से कम रही है। हालांकि मार्जिन अनुमान के मुताबिक रहे हैं। लेकिन गाइंडेंस में कटौती की गई है। आशीष कुमार दास अगले साल एक अप्रैल से सलिल पारेख की जगह इंफोसिस के नए MD & CEO होंगे। अमेरिका में इंफोसिस का ADR दो परसेंट नीचे बंद हुआ है।

इंडिगो पर पड़ी महंगे कच्चे तेल की मार

इंडिगो के नतीजों पर महंगे कच्चे तेल और रुपये की कमजोरी का असर साफ दिखा है। पहली तिमाही में 20% आय बढ़ने के बावजूद कंपनी को 382 करोड़ रुपए का घाटा हुआ है। जेट फ्यूल खर्च 86% बढ़ा है। मार्जिन भी घटकर आधे हो गए हैं। मैनेजमेंट ने कहा है कि दूसरी तिमाही में हालात सामान्य से कमजोर रहने की उम्मीद है।

Q1 में उम्मीद से बेहतर सोना BLW के नतीजे,14% बढ़ा मोतीलाल ओसवाल का मुनाफा

पहली तिमाही में सोना BLW के नतीजे अनुमान से बेहतर रहे हैं। कंपनी का मुनाफा 47% तो रेवेन्यू 52% बढ़ा है। हालांकि मार्जिन भी उम्मीद से बेहतर रही है। वहीं मोतीलाल ओसवाल का ऑपरेटिंग मुनाफा 14% बढ़ा है। साथ ही असेट एंड प्राइवेट वेल्थ मैनेजमेंट कारोबार का प्रॉफिट 46% बढ़ा है।

नतीजों के लिहाज से आज अहम दिन

नतीजों के लिहाज से आज अहम दिन है। आज निफ्टी की चार कंपनियों,श्रीराम फाइनेंस,टाटा कंज्यूमर,NTPC और SBI LIFE के रिजल्ट आएंगे। श्रीराम फाइनेंस का मुनाफा 52% बढ़ सकता है। इसके नेट इंटरेस्ट मार्जिन में भी सुधार संभव है। साथ ही बैंक ऑफ बड़ौदा,CG पावर,लॉरस लैब समेत वायदा की 13 कंपनियों के नतीजों का भी इंतजार रहेगा।

आज कैबिनेट बैठक में होगा बड़ा फैसला

नीट पेपर लीक के खिलाफ पीएम मोदी का कल रात बड़ा संदेश आया। आज कैबिनेट में सरकार पेपर लीक के खिलाफ और सख्त कदम उठाएगी। इससे जुड़े बिल को जल्द सदन में पास कराने की कोशिश होगी। उधर सोनम वांगचुक ने 26 दिनों बाद अनशन तोड़ा है। जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह से मुलाकात के बाद उन्होंनें अनशन तोड़ने का फैसला लिया

विदेशी निवेशकों ने की बिकवाली

23 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार दूसरे सेशन में भी बिकवाली जारी रखी और लगभग 3,000 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार दो सेशन तक बिकवाली करने के बाद खरीदारी की और 2,947 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

Stocks to Watch: आज 24 जुलाई को Infosys, Indigo, Meesho, NTPC समेत इन शेयरों में दिख सकता है तेज उतार-चढ़ाव

शुक्रवार, 24 जुलाई को इंफोसिस, मीशो, NTPC, बैंक ऑफ बड़ौदा, इंडिगो समेत कई शेयरों में तेज उतारचढ़ाव देखने को मिल सकता है। इनमें से कुछ कंपनियों ने एक दिन पहले तिमाही नतीजे जारी किए थे। वहीं कुछ कंपनियां आज वित्तीय नतीजे जारी करने वाली हैं। कुछ कंपनियां ऐसी भी हैं, जिन्होंने एक दिन पहले नई डील, कॉन्ट्रैक्ट्स और अन्य तरह के ​डेवलपमेंट्स की जानकारी दी थी। इन पर बाजार शुक्रवार को प्रतिक्रिया देगा। इसके अलावा 40 से ज्यादा कंपनियों के शेयर 24 जुलाई को एक्स-डिविडेंड ट्रेड करने वाले हैं। साथ ही मेनबोर्ड सेगमेंट में कैलिबर माइनिंग एंड लॉजिस्टिक्स की लिस्टिंग होने वाली है। आइए डिटेल में जानते हैं किन शेयरों पर रहेगी नजर…

आज इन कंपनियों के तिमाही नतीजे

NTPC, श्रीराम फाइनेंस, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, SBI लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, SBI कार्ड्स एंड पेमेंट सर्विसेज, बैंक ऑफ इंडिया, CG पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस, हिंदुस्तान जिंक, ACC, बैंक ऑफ बड़ौदा, कंटेनर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, क्रेडिटएक्सेस ग्रामीण, डालमिया भारत, जिंदल स्टील, लोढ़ा डेवलपर्स, न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी, डॉ. लाल पैथलैब्स, REC, स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया और वेल्सपन कॉर्प

25 जुलाई को ये कंपनियां जारी करेंगी तिमाही रिजल्ट

AU स्मॉल फाइनेंस बैंक, SBFC फाइनेंस, बिड़ला कॉर्पोरेशन, फाइव-स्टार बिजनेस फाइनेंस, IDFC फर्स्ट बैंक, डोडला डेयरी, शेषासायी पेपर एंड बोर्ड्स और ZEN टेक्नोलोजिज

आज इन शेयरों पर रहेगी नजर

Infosys: Q1 (अप्रैल-जून 2026 तिमाही) में कंपनी का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 12.2% बढ़कर 7,769 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 14% बढ़कर 48,211 करोड़ रुपये हो गया। EBIT 15.4% बढ़कर 10,163 करोड़ रुपये और EBIT मार्जिन बढ़कर 21.1% हो गया। डॉलर रेवेन्यू 2.8% बढ़कर 508.2 करोड़ डॉलर हो गया। कंपनी के बोर्ड ने आशीष कुमार डैश को मार्च 2027 तक के लिए चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) डेजिग्नेट नियुक्त किया है। वह 1 अप्रैल, 2027 से चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर और मैनेजिंग डायरेक्टर होंगे।

Meesho: Q1 में कंपनी का शुद्ध कंसोलिडेटेड घाटा सालाना आधार पर घटकर 132.8 करोड़ रुपये रह गया। रेवेन्यू 48.3% बढ़कर 3,712.8 करोड़ रुपये हो गया।

Interglobe Aviation (Indigo): Q1 में कंपनी ने कंसोलिडेटेड बेसिस पर 238 करोड़ रुपये का घाटा देखा। एक साल पहले यह 2,176.3 करोड़ रुपये के मुनाफे में थी। रेवेन्यू सालाना आधार पर 19.9% ​​बढ़कर 24,584.1 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA 33.2% घटकर 3,832.5 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA मार्जिन 28% से घटकर 15.6% पर आ गया।

Cyient: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 32.3% घटकर 104.1 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 21.3% बढ़कर 2,075.7 करोड़ रुपये हो गया।

Orient Cement: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 62.4% घटकर 77 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 30.3% घटकर 604 करोड़ रुपये रह गया।

Sona BLW Precision Forgings: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 46.7% बढ़कर 178.5 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 52.4% बढ़कर 1,301.2 करोड़ रुपये हो गया।

Motilal Oswal Financial Services: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 9.6% बढ़कर 1,273.1 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 25.1% बढ़कर 3,425.8 करोड़ रुपये हो गया।

Suryoday Small Finance Bank: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 113.1% बढ़कर 75.2 करोड़ रुपये हो गया। नेट इंटरेस्ट इनकम 27.8% बढ़कर 315.7 करोड़ रुपये हो गई। ग्रॉस NPA 6.6% रहा, जबकि नेट NPA 1.27% दर्ज किया गया।

Shadowfax Technologies: एट रोड्स (Eight Roads), फ्लिपकार्ट और कोरिया का IMM इंडिया फंड ब्लॉक डील के जरिए शैडोफैक्स में ₹1,000 करोड़ से ज्यादा के शेयर बेच सकते हैं। इसके लिए फ्लोर प्राइस ₹197 प्रति शेयर तय किया गया है।

Coforge: कंपनी ने ‘कोफोर्ज न्यूरॉन’ लॉन्च करने की घोषणा की है। यह एक AI ऑपरेटिंग सिस्टम है, जिसे कंपनियों को अलग-थलग AI पहलों से आगे बढ़ने और पूरे बिजनेस में AI-बेस्ड नतीजों को बड़े पैमाने पर लागू करने में मदद करने के लिए डिजाइन किया गया है।

बल्क डील्स

धाबरिया पॉलीवुड: आशीष रमेशचंद्र कचोलिया ने ₹22.29 करोड़ में 5,76,000 शेयर बेचकर धाबरिया पॉलीवुड से लगभग पूरी तरह से एग्जिट कर लिया है। सूर्यवंशी कमोट्रेड ने भी 1 लाख शेयर ₹3.87 करोड़ में बेचे हैं। इस बीच अबाकस वेंचर अपॉर्चुनिटीज फंड ने 6,01,341 शेयर खरीदे। कुल कीमत ₹23.32 करोड़ है।

Gandhar Oil Refinery India: सोसाइटे जेनरल ने ₹19.22 करोड़ में गंधार ऑयल रिफाइनरी इंडिया के 6.84 लाख शेयर खरीदे हैं।

Oswal Pumps: VQ फास्टरकैप फंड ने ₹20.54 करोड़ में ओसवाल पंप्स के 5.98 लाख शेयर बेचे हैं।

मेनबोर्ड लिस्टिंग

कैलिबर माइनिंग एंड लॉजिस्टिक्स

Market Trend: मार्केट एक्सपर्ट पंकज रांदड़ से जानें, आज निफ्टी-बैंक निफ्टी की कैसी रह सकती है चाल, कहां होगी कमाई

ये स्टॉक्स करेंगे एक्स-डिविडेंड ट्रेड

भारती एयरटेल

दिविस लैबोरेटरीज

एबॉट इंडिया

हीरो मोटोकॉर्प

एडवांस्ड एंजाइम टेक्नोलॉजीज

भागेरिया इंडस्ट्रीज

बिड़ला कॉर्पोरेशन

CFF फ्लूइड कंट्रोल

केमबॉन्ड केमिकल्स

बॉम्बे साइकिल एंड मोटर एजेंसी

सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट

क्रैवाटेक्स

क्रॉम्पटन ग्रीव्स कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल्स

डेटा पैटर्न्स (इंडिया)

कॉनकॉर्ड बायोटेक

फिएम इंडस्ट्रीज

फोर्टिस हेल्थकेयर

जुबिलेंट इंग्रेविया

EL CID इन्वेस्टमेंट्स

इंटेलेक्ट डिजाइन एरिना

जॉइंडर कैपिटल सर्विसेज

जुबिलेंट फार्मोवा

इन्फो एज (इंडिया)

ओरिएंट बेल

PDS

करूर वैश्य बैंक

लक्ष्मी इलेक्ट्रिकल कंट्रोल सिस्टम्स

मित्सु केम प्लास्ट

किर्लोस्कर ब्रदर्स

न्यूलैंड लैबोरेटरीज

निट्टा जिलेटिन इंडिया

NOCIL

रेडिको खेतान

रिफेक्स इंडस्ट्रीज

सास्केन टेक्नोलोजिज

शेट्रॉन

ऋषभ इंस्ट्रूमेंट्स

सियाराम सिल्क मिल्स

स्टीलकास्ट

श्याम मेटालिक्स एंड एनर्जी

SIL इनवेस्टमेंट्स

जाइडस लाइफसाइंसेज

स्वेलेक्ट एनर्जी सिस्टम्स

वोल्टैम्प ट्रांसफॉर्मर्स

स्प्लिट और बोनस इश्यू के लिए ये स्टॉक करेंगे एक्स-ट्रेड

ज्यूपिटर लाइफ लाइन हॉस्पिटल्स

कालिंद

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Gold Price Today: सोने की तेजी पर ब्रेक, दिल्ली से लेकर चेन्नई तक लुढ़का; अब इतना रह गया भाव

देश में सोने की कीमत में लगातार आ रही तेजी शुक्रवार, 24 जुलाई को थम गई। आज सुबह ज्यादातर शहरों में कीमत गिरी है। राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत फिसलकर 146320 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई। मुंबई में भाव 146170 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया है। एक दिन पहले दिल्ली के सराफा बाजार में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत 400 रुपये घटकर 1,49,200 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई।

रॉयटर्स के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोने की कीमत कम होकर 4,042.77 डॉलर प्रति औंस पर आ गई है। अगस्त में डिलीवरी वाला यूएस गोल्ड फ्यूचर्स 4,045.60 डॉलर प्रति औंस पर है। अमेरिका और ईरान के बीच फिर बढ़े तनाव ने ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचा दी है। इससे महंगाई बढ़ने की चिंता फिर से बढ़ गई है। इसके चलते अमेरिका में फेडरल रिजर्व द्वारा बेंचमार्क ब्याज दरों में इजाफा किए जाने के अनुमानों को बल मिला है। ब्याज दरें बढ़ने पर निवेशक अन्य स्त्रोतों से बेहतर रिटर्न कमा सकते हैं। इसलिए ब्याज दरों का बढ़ना सोने-चांदी जैसी कीमती धातुओं के लिए एक निगेटिव फैक्टर होता है।

CME FedWatch टूल के अनुसार, ऐसी उम्मीद है कि U.S. फेडरल रिजर्व अगले हफ्ते यानि कि 28-29 जुलाई की मीटिंग में दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा, लेकिन ट्रेडर्स सितंबर की मीटिंग में दरों में बढ़ोतरी की लगभग 81% संभावना मानकर चल रहे हैं।

देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट

दिल्ली में सोने की कीमतदिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 146320 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 134140 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 133990 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 146170 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 147290 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 135010 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 146170 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 133990 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
दिल्ली134140146320
मुंबई133990146170
अहमदाबाद134040146220
चेन्नई135010147290
कोलकाता133990146170
हैदराबाद133990146170
जयपुर134140146320
भोपाल134040146220
लखनऊ134140146320
चंडीगढ़134140146320

चांदी की कीमत

सोने की तरह दूसरी कीमती धातु चांदी की कीमत में भी गिरावट है। 24 जुलाई की सुबह चांदी 239900 रुपये प्रति किलोग्राम पर है। रॉयटर्स के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत घटकर 57.56 डॉलर प्रति औंस हो गई है। प्लेटिनम का भाव 1,592.97 डॉलर प्रति औंस पर है। ​

Realty Stocks : निफ्टी रियल्टी इंडेक्स ने लगाई जबरदस्त छलांग, एनालिस्ट्स को इन चुनिंदा शेयरों में अभी नजर आ रहा दम

Real Estate Stocks : पिछले महीने निफ्टी रियल्टी इंडेक्स सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला सेक्टोरल इंडेक्स रहा है। इसमें 10.8% की बढ़त हुई और इसने बाकी सभी सेक्टर इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन किया। मजबूत बिक्री,नए प्रोजेक्ट्स की अच्छी पाइपलाइन और रेजिडेंशियल रियल एस्टेट साइकल के बने रहने की उम्मीदों के चलते इन्वेस्टर्स लिस्टेड डेवलपर्स में रुचि ले रहे हैं। इसके चलते इस सेक्टर में अच्छी तेजी आई है।

निफ्टी रियल्टी इंडेक्स ने इस अवधि में दूसरे सेक्टर इंडेक्सों के मुकाबले काफी बेहतर प्रदर्शन किया है। इसी दौरान,निफ्टी IT इंडेक्स में 3.6% की बढ़त हुई,जबकि बैंकिंग,फाइनेंशियल सर्विस और अधिकांश दूसरे सेक्टर में मामूली बढ़त हुई या फिर उनमें सुस्ती रही। निफ्टी रियल्टी की यह बढ़त व्यापक रही जिसमें लोढ़ा डेवलपर्स,गोदरेज प्रॉपर्टीज़,प्रेस्टीज एस्टेट्स प्रोजेक्ट्स,ब्रिगेड एंटरप्राइजेज,ओबेरॉय रियल्टी,फीनिक्स मिल्स और अनंत राज जैसे शेयरों की अहम भूमिका रही।

मिरे एसेट शेरखान के रिसर्च एनालिस्ट अक्षय शेट्टी का कहना है कि यह तेजी किसी एक वजह से नहीं,बल्कि बेहतर मैक्रो स्थितियों और कंपनियों के मज़बूत होते फंडामेंटल्स के मिले-जुले असर से आ रही है। भू-राजनीतिक तनाव कम होने और कच्चे तेल की कीमतों में सुधार से जोखिम लेने की क्षमता बेहतर हुई है। साथ ही,बड़े लिस्टेड डेवलपर्स लगातार अच्छी प्री-सेल्स,मजबूत बिज़नेस डेवलपमेंट और लॉन्च की मजबूत पाइपलाइन की जानकारी दे रहे हैं,जिससे यह भरोसा मजबूत होता है कि रेजिडेंशियल रियल एस्टेट का साइकिल कायम है।

उन्होंने बताया कि 2026 की पहली छमाही में भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर में संस्थागत निवेशकों ने लगभग 4.3-4.4 अरब डॉलर निवेश किया जो सालाना आधार पर 23-25% की बढ़ोतरी दिखाता है। कुल बैंक क्रेडिट ग्रोथ लगभग 18% रही,जबकि हाउसिंग लोन में सालाना आधार पर लगभग 11% की बढ़ोतरी देखने को मिली जिससे मांग में तेजी के संकेत मिल रहे हैं।

ब्याज दरों के कम रहने की उम्मीद से भी लोगों का भरोसा बढ़ा है। RBI का रेपो रेट 5.25% है और होम लोन की दरें लगभग 7.1% से शुरू हो रही हैं, जिससे घर खरीदना आसान हो गया है।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज की AVP और रिसर्च एनालिस्ट स्नेहा पोद्दार ने कहा कि यह तेजी रेजिडेंशियल रियल एस्टेट मार्केट में आए स्ट्रक्चरल सुधारों को दिखाती है। हाउसिंग सेक्टर की स्थिति अच्छी बनी हुई है। डिमांड अपने पीक लेवल से थोड़ी कम हुई है,लेकिन सप्लाई पर कंट्रोल रहा है,जिससे इन्वेंट्री का बहुत ज्यादा स्टॉक जमा नहीं हुआ है। लिस्टेड डेवलपर्स ने पिछले चार-पांच सालों में अपना कर्ज काफी कम किया है,जिससे कैश जेनरेशन बेहतर हुआ है और उनकी बैलेंस शीट मज़बूत हुई है।

उन्होंने यह भी कहा कि इंडस्ट्री में कंसोलिडेशन की वजह से बड़े ब्रांडेड डेवलपर्स लगातार मार्केट शेयर बढ़ा रहे हैं। साथ ही,प्रीमियम हाउसिंग सेगमेंट में मजबूत डिमांड और बेहतर बैलेंस शीट की वजह से डेवलपर्स जमीन के बड़े सौदे कर रहे हैं और नए इलाकों में अपना कारोबार फैला रहे हैं।

कहां करें निवेश?

पिछले महीने में हुई जबरदस्त बढ़त के बावजूद,एनालिस्ट्स का कहना है कि निवेशकों को इस सेक्टर में अच्छे रिटर्न के लिए अब चुनिंदा क्विलिटी शेयरों पर ही फोकस करना चाहिए। लिस्टेड कंपनियों में एनालिस्ट्स अब मजबूत बैलेंस शीट और समय पर काम पूरा करने की क्षमता वाले बड़े डेवलपर्स को प्राथमिकता दे रहे हैं।

अक्षय शेट्टी को मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में काम करने के तरीके,अच्छे कलेक्शन,प्रीमियम लॉन्च और सोच-समझकर होने वाले कैपिटल एलोकेशन के कारण लोढ़ा डेवलपर्स सबसे ज्यादा पसंद है। इसके अलावी उनको गोदरेज प्रॉपर्टीज भी पसंद है। उनका मानना है कि कंपनी को मज़बूत बिज़नेस डेवलपमेंट पाइपलाइन और एसेट-लाइट विस्तार की रणनीति क फायदा मिलेगा। अनंत राज भी उनकी फेवरिट लिस्ट में शामिल है। उनका कहना है कि इस कंपनी को रियल एस्टेट बिजनेस के साथ-साथ बढ़ते डेटा सेंटर प्लेटफॉर्म का भी फायदा मिलेगा।

स्नेहा पोद्दार ने कहा कि ने कहा कि मोतीलाल ओसवाल की पसंदीदा कंपनियों में लोढ़ा डेवलपर्स,DLF और गोदरेज प्रॉपर्टीज शामिल हैं,क्योंकि इनके पास अच्छा फ्री कैश फ्लो,प्रीमियम प्रोजेक्ट पाइपलाइन और काम करने की मजबूत क्षमता है।

 

 

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Meesho Q1 Results: मीशो का घाटा 54% घटा, रेवेन्यू 48% उछला; शेयरों पर रहेगी नजर

Meesho Q1 Results: ई-कॉमर्स कंपनी मीशो ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के नतीजे जारी कर दिए हैं। इस दौरान कंपनी का घाटा पिछले साल के मुकाबले काफी कम हुआ है, जबकि रेवेन्यू में जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

घाटा आधे से भी कम हुआ

जून 2026 तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट लॉस 54.1% घटकर ₹132.8 करोड़ रह गया। एक साल पहले की समान तिमाही में यह ₹289.4 करोड़ था।

वहीं, ऑपरेशन से रेवेन्यू 48% बढ़कर ₹3,712.8 करोड़ पहुंच गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹2,503.9 करोड़ था।

EBITDA और कारोबार में सुधार

तिमाही के दौरान मीशो का EBITDA लॉस ₹224.7 करोड़ रहा। पिछले साल यह ₹264.4 करोड़ था। यानी इस मोर्चे पर भी सुधार देखने को मिला।

कंपनी का नेट मर्चेंडाइज वैल्यू (NMV) 34% बढ़कर ₹11,614 करोड़ हो गया। यह प्लेटफॉर्म पर बढ़ते ग्राहकों और ज्यादा खरीदारी का संकेत है।

ऑर्डर और ग्राहकों की संख्या बढ़ी

अप्रैल-जून तिमाही में मीशो पर 72.5 करोड़ ऑर्डर दिए गए। यह पिछले साल के मुकाबले 29% ज्यादा है।

कंपनी के एनुअल ट्रांजैक्टिंग यूजर्स (ATUs) की संख्या भी 29% बढ़कर 27.4 करोड़ हो गई। वहीं, हर ग्राहक ने सालाना औसतन 10.3 ऑर्डर किए। प्रीपेड ऑर्डर की हिस्सेदारी बढ़कर 37% हो गई। इससे ऑर्डर कैंसिलेशन और रिटर्न-टू-ओरिजिन (RTO) में कमी आई।

AI पर लगातार बढ़ा रही निवेश

मीशो ने कहा कि वह अपने प्लेटफॉर्म पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा रही है। कंपनी के मुताबिक, AI की मदद से इंजीनियरों की उत्पादकता दोगुने से ज्यादा बढ़ी है।

AI आधारित कैटलॉगिंग, डिमांड इंटेलिजेंस और मल्टीलिंगुअल वॉयस एजेंट्स की मदद से प्लेटफॉर्म पर सक्रिय सेलर्स की संख्या 81% बढ़कर 10.4 लाख से ज्यादा हो गई। इनमें से करीब 45% सेलर्स टियर-2 और उससे छोटे शहरों से हैं।

Meesho Mall में तेज ग्रोथ

मीशो का Meesho Mall अब 1,200 से ज्यादा ब्रांड्स के साथ काम कर रहा है। इस कारोबार में सालाना आधार पर करीब 93% की ग्रोथ दर्ज की गई।

वहीं, Content Commerce NMV में 141% की बढ़ोतरी हुई। कंपनी का कहना है कि AI से जुड़े क्रिएटर टूल्स की वजह से कंटेंट के जरिए आने वाले ऑर्डर तेजी से बढ़े हैं।

मैनेजमेंट ने क्या कहा?

मीशो के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर धीरज बंसल ने कहा कि पहली तिमाही के नतीजे कंपनी के मजबूत ऑपरेटिंग मॉडल को दिखाते हैं। उनके मुताबिक, AI अब कंपनी के हर हिस्से का अहम हिस्सा बन चुका है। इसी तिमाही में मीशो ने करीब 72.5 करोड़ ऑर्डर प्रोसेस किए, यानी औसतन हर सेकेंड 90 से ज्यादा ऑर्डर प्लेटफॉर्म पर आए।

मीशो के शेयरों का हाल

मीशो का शेयर गुरुवार को 0.71% की गिरावट के साथ ₹188.40 पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 10.82% चढ़ा है। इसका मार्केट कैप 87.06 हजार करोड़ रुपये है।

Stocks to Watch: 24 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 10 स्टॉक्स, दिख सकती है बड़ी हलचल

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Velora Impact Q1 Results: वेलोरा इम्पैक्ट को पहली तिमाही में ₹8 करोड़ का मुनाफा, रेवेन्यू ₹140 करोड़ के पार

Velora Impact Q1 Results: वेलोरा इम्पैक्ट लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। पहले इसका नाम प्रतीक्षा केमिकल्स लिमिटेड था। कंपनी ने अप्रैल-जून तिमाही में कारोबार और मुनाफे, दोनों में बढ़त दर्ज की है। कंपनी का कहना है कि बेहतर बिजनेस परफॉर्मेंस और ऑपरेशनल एफिशिएंसी का फायदा नतीजों में दिखा है।

जून 2026 तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू ₹141.92 करोड़ रहा। एक साल पहले की समान तिमाही में यह ₹1.17 करोड़ था। यानी कंपनी की आय में कई गुना बढ़ोतरी हुई है।

EBITDA और मुनाफा भी बढ़ा

कंपनी का EBITDA ₹7.98 करोड़ रहा। वहीं, टैक्स से पहले का मुनाफा (PBT) ₹7.90 करोड़ दर्ज किया गया। तिमाही के दौरान कंपनी का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट भी ₹7.90 करोड़ रहा। कंपनी का कहना है कि बेहतर ऑपरेशनल परफॉर्मेंस और बिजनेस में तेजी की वजह से मुनाफे में बड़ा सुधार देखने को मिला।

अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी का बेसिक और डाइल्यूटेड अर्निंग्स पर शेयर (EPS) ₹14.19 रहा। यह प्रति शेयर कमाई में अच्छी बढ़त को दिखाता है।

मैनेजमेंट ने क्या कहा?

कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर सुमित हरजीभाई गोल ने कहा कि पहली तिमाही के नतीजे कंपनी की ग्रोथ स्ट्रैटेजी की सफलता को दिखाते हैं। उनके मुताबिक, कंपनी बिजनेस को और मजबूत करने, नए अवसरों का फायदा उठाने और शेयरधारकों के लिए लंबे समय तक वैल्यू बनाने पर फोकस कर रही है।

वेलोरा इम्पैक्ट का बिजनेस क्या है

वेलोरा इम्पैक्ट लिमिटेड स्पेशियलिटी केमिकल्स सेक्टर की कंपनी है। कंपनी मुख्य रूप से कलर पिगमेंट बनाती है। इसके प्रमुख उत्पादों में पिगमेंट ग्रीन 7, कॉपर फ्थैलोसाइनिन ग्रीन क्रूड और दूसरे ब्लू व ग्रीन पिगमेंट शामिल हैं। इन पिगमेंट्स का इस्तेमाल कई उद्योगों में होता है। इनमें पेंट, प्रिंटिंग इंक, प्लास्टिक, ग्लास, सिंथेटिक फाइबर, सिरेमिक, टेक्सटाइल, कॉस्मेटिक्स और कलर्ड सीमेंट जैसे सेक्टर शामिल हैं।

कंपनी अपने प्रोडक्ट्स की सप्लाई भारत के साथ-साथ दूसरे देशों में भी करती है। हाल ही में कंपनी ने अपना नाम बदलकर वेलोरा इम्पैक्ट लिमिटेड रखा है। कंपनी का कहना है कि यह बदलाव उसके नए बिजनेस विजन, बढ़ते कारोबार और भविष्य की ग्रोथ स्ट्रैटेजी को ध्यान में रखकर किया गया है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Oil Price: $100 के पार पहुंचा कच्चा तेल, हूती हमले और होर्मुज स्ट्रेट में तनाव से चिंता बढ़ी

Oil Price: कच्चे तेल की कीमतों में गुरुवार को जोरदार उछाल आया। ब्रेंट क्रूड 7% चढ़कर 100.71 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया। यह करीब दो महीने का सबसे ऊंचा स्तर है। वहीं, अमेरिकी WTI क्रूड 6% बढ़कर 92.01 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

तेल की कीमतों में यह तेजी यमन के हूती विद्रोहियों के दावे के बाद आई। हूतियों ने कहा कि उन्होंने लाल सागर में सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों पर हमला किया है। इससे दुनिया में तेल सप्लाई को लेकर चिंता और बढ़ गई है।

क्यों बढ़ रही हैं कीमतें?

मिडिल ईस्ट पहले से ही तनाव में है। ऊपर से होर्मुज स्ट्रेट में तेल की आवाजाही लगभग ठप पड़ गई है। अब लाल सागर में भी हमले शुरू हो गए हैं। ऐसे में बाजार को डर है कि दुनिया में कच्चे तेल की सप्लाई और कम हो सकती है।

मैटाडोर इकोनॉमिक्स के चीफ इकोनॉमिस्ट टिम स्नाइडर का कहना है कि सऊदी टैंकरों पर हमला तेल बाजार के लिए बड़ा झटका है। इससे सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ेगा और कीमतें ऊपर रह सकती हैं।

हूतियों ने क्या दावा किया?

हूती विद्रोहियों ने कहा कि उन्होंने बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट में सऊदी तेल ले जा रहे दो टैंकरों को निशाना बनाया। उनका कहना है कि वे सऊदी अरब के तेल निर्यात पर समुद्री नाकेबंदी लागू करेंगे।

बाद में सऊदी समाचार एजेंसी ने भी पुष्टि की कि दो टैंकरों में से एक पर हमला हुआ और उसमें आग लग गई।

गोल्डमैन सैक्स की बड़ी चेतावनी

गोल्डमैन सैक्स का मानना है कि अगर होर्मुज स्ट्रेट में मौजूदा संकट 2027 तक जारी रहता है, तो इस साल की चौथी तिमाही में ब्रेंट क्रूड 120 डॉलर प्रति बैरल के पार जा सकता है। अगले साल इसका औसत भी करीब 100 डॉलर रह सकता है।

अगर बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट और स्वेज नहर में भी लंबे समय तक रुकावट बनी रही, तो तेल और महंगा हो सकता है।

होर्मुज स्ट्रेट में क्या हो रहा है?

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स का दावा है कि ओमान के पास एक तेल टैंकर में विस्फोट के बाद आग लग गई। दो दूसरे टैंकर वापस लौट गए।

ईरान ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट उसके नियंत्रण में है। जब तक क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी, तब तक उसकी मंजूरी के बिना कोई टैंकर वहां से नहीं गुजर सकेगा।

सप्लाई पर कितना असर?

यूबीएस के मुताबिक, होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले गैर-ईरानी टैंकरों की संख्या तेजी से घटी है। वहीं, अमेरिकी नाकेबंदी के चलते ईरान का तेल निर्यात भी लगभग शून्य पर पहुंच गया है।

पिछले सात दिनों में खाड़ी क्षेत्र से तेल लोडिंग घटकर 25 लाख बैरल प्रतिदिन रह गई। इससे पहले 30 दिनों का औसत 60 लाख बैरल प्रतिदिन था।

अमेरिका भी लगातार कर रहा हमला

अमेरिकी सेना ने बताया कि उसने लगातार 12वीं रात ईरान के ठिकानों पर हमले किए हैं। इससे पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि अगर ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में किसी जहाज को निशाना बनाया, तो अमेरिका उसके अहम ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई करेगा।

(रॉयटर्स से इनपुट के साथ)

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।