Asian Market Today: सेमीकंडक्टर स्टॉक्स में तेजी से कोस्पी 5% से ज्यादा उछला, जानें एशिया मार्केट में और कहां है आज हलचल

Asian Market Today: आज ग्लोबल बाजार में तेजी देखने को मिली। सेमीकंडक्टर स्टॉक्स में लगातार बढ़त की वजह से बुधवार को एशियाई मार्केट लगातार दूसरे सेशन में आगे बढ़े। यह तेजी तब आई जब US और ईरान के बीच लड़ाई में हालिया बढ़ोतरी के बाद वेस्ट एशिया में नए टेंशन के बाद क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़ीं।

जापान का निक्केई 225 1.81% बढ़ा। वहीं, स्ट्रेट टाइम्स में 0.45 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा है। ताइवान का बाजार 1.85 फीसदी चढ़कर 45,050.66 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। जबकि हैंगसेंग 0.86 फीसदी की गिरावट के साथ 24,901.00 के स्तर पर नजर आ रहा है। वहीं, कोस्पी में 5.24 फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार हो रहा है। वहीं शंघाई कम्पोजिट 0.41 फीसदी की बढ़त के साथ 3,880.99 के स्तर पर दिख रहा है।

वॉल स्ट्रीट

US स्टॉक मार्केट मंगलवार को बढ़त के साथ बंद हुआ, जिसमें नैस्डैक सबसे ज़्यादा बढ़त पर रहा, जिसे सेमीकंडक्टर शेयरों में तेजी से बढ़ावा मिला। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 385.38 पॉइंट्स या 0.74% बढ़कर 52,224.64 पर पहुंच गया, जबकि S&P 500 65.92 पॉइंट्स या 0.89% बढ़कर 7,509.20 पर पहुंच गया। नैस्डैक कंपोजिट 329.13 पॉइंट्स या 1.29% बढ़कर 25,837.21 पर बंद हुआ।

एनवीडिया के स्टॉक प्राइस में 1.97% की बढ़ोतरी हुई, AMD के शेयर 8.11% बढ़े, इंटेल के शेयर 8.64% बढ़े, माइक्रोन टेक्नोलॉजी के शेयर 12.17% बढ़े, ब्रॉडकॉम 2.21% बढ़ा, माइक्रोसॉफ्ट के शेयर 1.13% गिरे, टेस्ला के स्टॉक प्राइस में 2.53% की बढ़ोतरी हुई और स्पेसएक्स के शेयर 3.08% बढ़े।

US-ईरान युद्ध

US मिलिट्री ने कहा कि उसने ईरान पर लगातार 11वें दिन हमला किया है, जिसमें ईरानी मिलिट्री ऑपरेशन सेंटर, समुद्री क्षमताएं, एयरक्राफ्ट हैंगर, ड्रोन स्टोरेज फैसिलिटी और मिलिट्री लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया गया है। इससे पहले, US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि US जल्द ही पिकैक्स माउंटेन के पास के इलाके को निशाना बनाएगा।

ट्रंप टैरिफ

US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने अगस्त 2028 से इम्पोर्टेड जेनेरिक दवाओं पर भारी टैरिफ लगाने का ऐलान किया। ट्रंप ने कहा कि 1 अगस्त से, US दो साल तक देश में लाई जाने वाली सभी जेनेरिक दवाओं पर 0% टैरिफ लगाए रखेगा, जिसके बाद इसे एक साल के लिए 100% और उसके बाद 200% कर दिया जाएगा।

जापान ट्रेड डेफिसिट

कमजोर येन के बीच जून में जापान का ट्रेड डेफिसिट बढ़ गया। जून में वैल्यू के हिसाब से कुल एक्सपोर्ट में YoY 19.3% की बढ़ोतरी हुई। जून में इम्पोर्ट में एक साल पहले के मुकाबले 25.4% की बढ़ोतरी हुई। इस वजह से, जून में जापान का ट्रेड डेफिसिट 406.9 बिलियन येन ($2.49 बिलियन) रहा, जबकि डेफिसिट का अनुमान 120 बिलियन येन था।

जापानी बॉन्ड यील्ड

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, देश के सबसे लंबे समय के कर्ज की बिक्री से पहले महंगाई की चिंता बढ़ने से जापानी सरकारी बॉन्ड (JGB) की यील्ड बढ़ी। बेंचमार्क 10-साल की JGB यील्ड 2.5 bps बढ़कर 2.745% हो गई। पांच-साल की यील्ड 2 bps बढ़कर 1.960% हो गई और दो-साल की यील्ड 1.435% पर स्थिर रही। 40-साल के बॉन्ड पर यील्ड 3.89% पर बिना बदले रही।

क्रूड में उछाल

US के ईरानी मिलिट्री ठिकानों पर हमले तेज करने के बाद सप्लाई में और रुकावट की आशंका से कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गईं। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 1.22% बढ़कर $92.12 प्रति बैरल हो गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 1.09% बढ़कर $85.26 प्रति बैरल हो गया।

आज का सोने का रेट

पिछले सेशन में लगभग 2% की तेज़ी के बाद सोने की कीमतों में बढ़त जारी रही। स्पॉट गोल्ड की कीमत 0.1% बढ़कर $4,080.79 प्रति औंस हो गई, जबकि चांदी की कीमत $58.83 प्रति औंस पर स्थिर रही।

डॉलर

डॉलर एक हफ़्ते के हाई के पास रहा। US डॉलर इंडेक्स, जो छह करेंसी के मुकाबले डॉलर की ताकत को मापता है, 101.20 पर था। येन के मुकाबले डॉलर 0.1% गिरकर 163.06 येन पर आ गया। यूरो आखिरी बार $1.1401 पर था, और स्टर्लिंग $1.3385 पर आ गया।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, कमजोर हो सकती है बाजार की शुरुआत 

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : कच्चे तेल में उछाल से भारतीय बाजारों के सेंटिमेंट कमजोर दिख रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी में करीब 60 प्वाइंट का दबाव देखने को मिल रहा है। हालांकि FIIs और ग्लोबल मार्केट से पॉजिटिव संकेत हैं। जापान का बाजार निक्केई दो फीसदी तो कोरिया मार्केट कॉस्पी 6 फीसदी ऊपर है। उधर चिप शेयरों में खरीदारी के बीच US के बाजारों में अच्छी बढ़त दिखी है,सोने-चांदी की भी चमक बढ़ी है।

करेंसी और इक्विटी बाजारों में आज क्या हो रहा है यह जानने के लिए मनीकंट्रोल के साथ बने रहें। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

21 जुलाई को उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बीच भारतीय इक्विटी बेंचमार्क लगातार दूसरे दिन गिरावट के साथ बंद हुए। बड़ी प्राइवेट बैंकों में कमजोरी और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों का असर,कंपनियों के अच्छे नतीजों और व्यापक बाजार की मजबूती पर भारी पड़ा। बाजार की शुरुआत धीमी रही और बाद में सुबह के कारोबार के दौरान दबाव में आ गया,जिससे निफ्टी गिरकर 24,135.65 के इंट्राडे निचले स्तर पर पहुंच गया। मिडिल ईस्ट में बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव के बीच कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को लेकर निवेशक सतर्क रहे। हालांकि,आखिरी घंटे में आई खरीदारी से इंडेक्स को कुछ नुकसान की भरपाई करने और 24,200 के स्तर के आसपास बंद होने में मदद मिली।

कारोबार के अंत में सेंसेक्स 238.41 अंक या 0.31 प्रतिशत गिरकर 77,470.11 पर और निफ्टी 50.80 अंक या 0.21 प्रतिशत गिरकर 24,187.70 पर बंद हुआ।

अमेरिकी बाजार

मंगलवार को वॉल स्ट्रीट के मेन इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। इसमें नैस्डैक सबसे आगे रहा। डाऊ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 385.38 अंक या 0.74% बढ़कर 52,224.64 पर पहुंच गया, S&P 500 में 65.92 अंक या 0.89% की बढ़त हुई और यह 7,509.20 पर आ गया। वहीं, नैस्डैक कम्पोजिट 329.13 अंक या 1.29% बढ़कर 25,837.21 पर पहुंच गया।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली थमी

21 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 1,650 करोड़ रुपये के भारतीय शेयर खरीदकर लगातार छह सत्रों से चली आ रही बिकवाली का सिलसिला तोड़ दिया। इसके उलट,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार नौ सत्रों से जारी खरीदारी का सिलसिला खत्म किया और 656 करोड़ रुपये के शेयर बेचकर वे नेट सेलर बन गए।

ईरान पर अमेरिका का 11वें दिन हमला, कच्चे तेल में तेजी,ब्रेंट $92 के पार

ईरान पर अमेरिका का 11वें दिन भी हमला जारी रहा। ट्रंप ने ईरान के परमाणु ठिकाने को निशाना बनाने की चेतावनी दी है। तेहरान ने युद्ध का दायरा बढ़ाने का एलान किया है। इधर जंग बढ़ने और हूतियों के रेड सी के नाकेबंदी से कच्चे तेल में उछाल आया है। ब्रेंट 92 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया है।

Market View : निफ्टी में गिरावट पर खरीदारी की रणनीति करेगी काम, इस कैपिटल मार्केट शेयर में हो सकती है बंपर कमाई

जेनेरिक दवाओं के टैरिफ पर ट्रंप का बड़ा एलान

आज फार्मा सेक्टर के लिए निगेटिव खबर है। अमेरिका में जेनेरिक दवा के इंपोर्ट पर पहले दो साल तक टैरिफ नहीं लगेगा। लेकिन ट्रंप ने तीसरे साल से 100% और चौथे साल से 200% टैरिफ लगाने का एलान किया है। यह टैरिफ स्ट्रक्चर इस साल 1 अगस्त से लागू होगा।

बंधन बैंक Q1: मुनाफा 35% बढ़ा, NIMs फ्लैट

बंधन बैंक में आज दबाव दिख सकता है। कंपनी के नतीजे मिलेजुले रहे हैं। लेकिन मैनेजमेंट की कमेंट्री खराब रही है। पहली तिमाही में बैंक का मुनाफा 35 फीसदी बढ़ा है। NIMs बिलकुल फ्लैट रही है लेकिन कमजोर आउटलुक ने सेंटिमेंट बिगाड़ दिया है। मैनेजमेंट ने रिटर्न ऑन असेट्सका लक्ष्य घटाते हुए कहा है कि आगे मार्जिन पर भी दबाव दिख सकता है।

इंडियन होटल्स का मुनाफा 21% बढ़ा

पहली तिमाही में इंडियन होटल्स का मुनाफा 21% बढ़ा है। रेवेन्यू में भी 15% की बढ़त दिखी है। कंपनी के EBITDA में 17% का उछाल दिखा है। साथ ही मार्जिन में भी हल्का सुधार हुआ है।

DRL, नेस्ले और इटरनल के नतीजे आज, वायदा के नतीजों की लंबी लिस्ट

नतीजों के लिहाज से आज बड़ा दिन है। निफ्टी की तीन कंपनियां डॉ रेड्डीज, इटरनल और नेस्ले के रिजल्ट आएंगे। डॉक्टर रेड्डीज का मुनाफा 53% घट सकता है। मार्जिन पर तगड़ी मार संभव है। साथ ही युनाइटेड स्पिरिट्स,HPCL,BPCL समेत वायदा की नौ कंपनियों के नतीजों का भी इंतजार रहेगा।

GABRIEL INDIA की बड़ी शॉपिंग

Gabriel India,दक्षिण कोरिया की ऑटो एंसिलरी कंपनी HL Mando Anand में करीब 29% हिस्सेदारी खरीदेगी। यह सौदा 2231 करोड़ रुपये में होगा। प्रोमोटर यह शेयर 1305 रुपये प्रति शेयर के भाव पर खरीदेगी।

Crude Oil Price: 2 महीने के हाई पर पहुंचा कच्चा तेल, ब्रेंट क्रूड $92 के पार, जानें वो वजह जिनके कारण बढ़ रही है कीमतें

Crude Oil Price: वेस्ट एशिया में मीडिएशन बातचीत में कोई खास प्रोग्रेस नहीं होने और US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के भी इसकी उम्मीदों को कम आंकने और साथ ही और हमलों की धमकी देने के बाद, क्रूड ऑयल की कीमतों में रात भर और बुधवार, 22 जुलाई को एशिया के शुरुआती ट्रेडिंग में भी बढ़त जारी रही।

ब्रेंट क्रूड की कीमतें $92 प्रति बैरल के लेवल को पार कर गईं, जो जून की शुरुआत में देखे गए लेवल तक पहुंच गईं। US क्रूड, वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI), अब $85 प्रति बैरल के लेवल के पास ट्रेड कर रहा है, जो लगातार चौथे सेशन में चढ़ रहा है।

यमन में हूतियों की इस धमकी के बाद कि अगर और हमले हुए तो वे रेड सी और बाब अल-मंडेब स्ट्रेट में शिपिंग को रोक देंगे, तेल की कीमतों में बढ़त जारी रही। उन्होंने सऊदी अरब पर मैरीटाइम बैन भी लगा दिया है, और शिप मालिकों को सऊदी पोर्ट्स पर न आने के लिए ईमेल भेजे हैं।

US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने इन धमकियों का जवाब देते हुए कहा कि अगर यमन रेड सी में ट्रैफिक को रोकने की कोशिश करता है तो US जवाब देगा। उन्होंने जल्द ही पिकैक्स माउंटेन पर हमला करने की अपनी धमकी भी दोहराई, जिस पर US को शक है कि वह ईरान की न्यूक्लियर साइट है।

सालों में अपनी सबसे खराब तिमाही के बाद तेल की कीमतों में तेज़ी आई है, क्योंकि US और ईरान के बीच सीज़फ़ायर और होर्मुज़ स्ट्रेट में ट्रैफ़िक बढ़ाने के लिए MoU साइन करने के बाद ईरान युद्ध से हुई सारी कमाई खत्म हो गई थी। हालांकि, हाल के दिनों में कमर्शियल जहाजों पर ईरानी हमलों और US सेना की लगातार 10 रातों तक बमबारी ने रिस्क प्रीमियम को वापस ला दिया है।

ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, हूथी धमकियों के बाद मंगलवार को लाल सागर में तीन तेल टैंकरों ने यू-टर्न ले लिया। एक चीन के लिए दो मिलियन बैरल सऊदी क्रूड ले जा रहा था, दूसरा मैंगलोर के लिए 7,00,000 बैरल ले जा रहा था और फिर स्वेज़ नहर की ओर मुड़ गया, जबकि तीसरा पाकिस्तान जा रहा था और उसने भी अपनी यात्रा छोड़ दी।

ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान US से मिलने के लिए बेताब है, लेकिन जब तक वे बात करने के लिए सही मायने में तैयार नहीं हो जाते, तब तक वे ऐसा करने में दिलचस्पी नहीं रखते। तेल की कीमतें और किस वजह से बढ़ रही हैं।

कीमतों में उछाल की ओर क्या है वजह

वेस्ट एशिया के अलावा, तेल की कीमतें और बढ़ने की एक और वजह यह है कि कज़ाकिस्तान को रूस के ब्लैक सी कोस्ट पर अपने मेन एक्सपोर्ट टर्मिनल पर क्रूड भेजना बंद करना पड़ रहा है, क्योंकि वहां कई हमले हुए हैं।

ब्लूमबर्ग के मुताबिक, कैस्पियन पाइपलाइन कंसोर्टियम टर्मिनल सप्लाई लेना बंद करने वाला था क्योंकि कंपनियां अपने जहाज इस जगह पर भेजने से कतरा रही थीं।

कज़ाकिस्तान का लगभग 80% क्रूड एक्सपोर्ट इसी टर्मिनल से होता है। यह देश यूरोप को दूसरा सबसे बड़ा तेल सप्लायर भी है। यूक्रेन ने इन हमलों की ज़िम्मेदारी नहीं ली है।

क्रूड पर गोल्डमैन सैक्स की चेतावनी

एनालिस्ट का मानना ​​है कि रेड सी के बंद होने से तेल की कीमतें फिर से $100 प्रति बैरल के पार जा सकती हैं, क्योंकि होर्मुज की गैर-मौजूदगी में यह सऊदी अरब के लिए एक ज़रूरी एक्सपोर्ट रूट बन गया था और ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन इसके लिए एक ज़रूरी सोर्स के तौर पर काम करती थी।

गोल्डमैन सैक्स ने चेतावनी दी है कि अगर ये रुकावटें जारी रहीं, तो कच्चे तेल की कीमतें साल की चौथी तिमाही तक वापस $120 प्रति बैरल पर आ सकती हैं, लेकिन उनका बेस केस अभी इसी समय के दौरान कच्चे तेल के $80 पर रहने को ही मान रहा है।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Anant Raj Demerger: अनंत राज दो हिस्सों में बंटेगी, डेटा सेंटर कारोबार के लिए अलग लिस्टेड कंपनी बनेगी

Anant Raj Demerger: रियल एस्टेट कंपनी Anant Raj Ltd ने अपने कारोबार में बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है। कंपनी के बोर्ड ने एक कॉम्पोजिट स्कीम ऑफ अरेंजमेंट को मंजूरी दी है। इसके तहत डेटा सेंटर और क्लाउड सर्विसेज बिजनेस को रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर कारोबार से अलग किया जाएगा। इस प्रक्रिया के बाद ग्रुप की दो अलग-अलग लिस्टेड कंपनियां होंगी।

हालांकि, इस योजना को लागू करने से पहले NCLT, SEBI, स्टॉक एक्सचेंज, शेयरधारकों और अन्य नियामकीय मंजूरियां मिलना जरूरी होगा।

किस कंपनी के पास कौन सा कारोबार रहेगा?

डिमर्जर के बाद Anant Raj Ltd रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर कारोबार पर फोकस करेगी। कंपनी का ध्यान रेजिडेंशियल टाउनशिप, लग्जरी हाउसिंग, कमर्शियल प्रोजेक्ट्स और हॉस्पिटैलिटी बिजनेस पर रहेगा।

वहीं, Ashok Cloud Private Limited डेटा सेंटर, क्लाउड सर्विसेज और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का कारोबार संभालेगी। कंपनी AI वर्कलोड, को-लोकेशन सर्विस, सॉवरेन पब्लिक क्लाउड, डिजास्टर रिकवरी, क्लाउड माइग्रेशन और डेटा बैकअप जैसी सेवाएं देगी।

शेयरधारकों को क्या मिलेगा?

कंपनी ने बताया कि डिमर्जर लागू होने के बाद योग्य शेयरधारकों को Anant Raj Ltd के हर एक ₹2 फेस वैल्यू वाले शेयर के बदले Ashok Cloud Private Limited का ₹2 फेस वैल्यू वाला एक शेयर मिलेगा।

हालांकि, डिमर्जर के बाद भी Ashok Cloud, Anant Raj Ltd की सब्सिडियरी बनी रहेगी। कंपनी की मौजूदा हिस्सेदारी रद्द नहीं की जाएगी।

कंपनी ने क्यों लिया यह फैसला?

कंपनी का कहना है कि दोनों कारोबार अब अलग-अलग दिशा में बढ़ रहे हैं। दोनों की पूंजी जरूरत, बिजनेस मॉडल और ग्रोथ स्ट्रेटजी भी अलग है। ऐसे में अलग कंपनियां बनने से दोनों बिजनेस अपने-अपने क्षेत्र पर ज्यादा फोकस कर सकेंगे।

कंपनी का मानना है कि इससे डेटा सेंटर बिजनेस को अलग पहचान मिलेगी। उसकी वैल्यू बेहतर तरीके से सामने आएगी। साथ ही सेक्टर-फोकस्ड निवेशकों को आकर्षित करने, रणनीतिक साझेदारी करने और नए निवेश जुटाने में भी आसानी होगी।

Anant Raj के एमडी ने क्या कहा?

Anant Raj के मैनेजिंग डायरेक्टर अमित सरीन ने कहा कि रियल एस्टेट और डेटा सेंटर कारोबार अब दो अलग प्लेटफॉर्म बन चुके हैं। दोनों की जरूरतें और ग्रोथ का रास्ता अलग है। ऐसे में डिमर्जर से दोनों कंपनियों को स्वतंत्र रणनीति बनाने और तेजी से विस्तार करने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि डेटा सेंटर और क्लाउड कारोबार को एक ही प्लेटफॉर्म के तहत लाने से कॉरपोरेट स्ट्रक्चर सरल होगा। इससे फैसले तेजी से लिए जा सकेंगे और निवेशकों के लिए पारदर्शिता भी बढ़ेगी।

यह घोषणा बाजार बंद होने के बाद हुई। Anant Raj का शेयर मंगलवार को BSE पर 1.50% की गिरावट के साथ ₹609.60 पर बंद हुआ।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

₹12 करोड़ से बने ₹700 करोड़, जानिए Myntra के मुकेश बंसल ने 8 साल में कैसे 60 गुना रिटर्न कमाया

18 जुलाई 2026 को श्रीहरिकोटा से Vikram-1 रॉकेट ने उड़ान भरी। यह सिर्फ एक लॉन्च नहीं था, बल्कि भारत की पहली निजी कंपनी का सफल ऑर्बिटल लॉन्च था। इसके साथ ही Skyroot Aerospace ने इतिहास रच दिया। लेकिन इस सफलता की कहानी करोड़ों की लैब से नहीं, बल्कि हैदराबाद के एक छोटे से ऑफिस से शुरू हुई थी।

सरकारी नौकरी छोड़कर लगा दिया दांव

साल 2017 में पवन कुमार चंदाना और नागा भरत डाका ISRO में वैज्ञानिक थे। इसी दौरान उन्होंने Space Activities Bill का ड्राफ्ट पढ़ा। उन्हें लगा कि आने वाले समय में निजी कंपनियों को भी रॉकेट बनाने और लॉन्च करने का मौका मिल सकता है। दोनों ने जोखिम उठाया, सरकारी नौकरी छोड़ी और 2018 में Skyroot Aerospace की शुरुआत कर दी।

उस समय भारत का स्पेस सेक्टर लगभग पूरी तरह सरकार के हाथ में था। इसलिए निवेशकों को भी इस आइडिया पर भरोसा नहीं था। ज्यादातर लोगों को लगता था कि किसी भारतीय स्टार्टअप के लिए रॉकेट लॉन्च करना सिर्फ सपना है।

जब किसी ने भरोसा नहीं किया

ऐसे समय में Myntra और Cult.fit के फाउंडर मुकेश बंसल कंपनी के साथ खड़े हुए। उन्होंने 2018 में Skyroot में पहला निवेश किया। उस समय कोई बड़ा वेंचर कैपिटल फंड कंपनी में पैसा लगाने को तैयार नहीं था।

Tracxn के मुताबिक, मुकेश बंसल ने अलग-अलग फंडिंग राउंड में करीब 13 लाख डॉलर, यानी लगभग ₹12 करोड़ लगाए। लंबे समय तक वही कंपनी के इकलौते एंजेल निवेशक रहे। उन्होंने उस स्टार्टअप पर दांव लगाया, जिसके भविष्य को लेकर किसी के पास भरोसेमंद जवाब नहीं था।

2020 में बदल गई तस्वीर

साल 2020 में सरकार ने स्पेस सेक्टर निजी कंपनियों के लिए खोल दिया। इसके बाद Skyroot की रफ्तार बदल गई। बड़े निवेशक जुड़ने लगे और कंपनी को तेजी से फंडिंग मिलने लगी।

नवंबर 2022 में कंपनी ने Vikram-S लॉन्च किया। यह अंतरिक्ष तक पहुंचने वाला भारत का पहला निजी रॉकेट बना। इसके बाद मई 2026 में Skyroot ने करीब 570 करोड़ रुपये जुटाए और 1.1 अरब डॉलर के वैल्यूएशन के साथ भारत की पहली स्पेसटेक यूनिकॉर्न बन गई।

₹12 करोड़ से बन गए ₹700 करोड़

मुकेश बंसल का शुरुआती भरोसा अब बड़ी कमाई में बदल चुका है। Tracxn के मुताबिक, उनके पास अभी भी Skyroot में 5.7% हिस्सेदारी है, जिसकी मौजूदा कीमत 600 करोड़ रुपये से ज्यादा है। इसके अलावा वह अपनी कुछ हिस्सेदारी बेचकर 100 करोड़ रुपये से ज्यादा पहले ही निकाल चुके हैं।

यानी उनकी बची हिस्सेदारी और अब तक की कमाई को जोड़ दें तो उनकी कुल वैल्यू 700 करोड़ रुपये से ज्यादा हो चुकी है। दूसरे शब्दों में कहें तो करीब ₹12 करोड़ का निवेश लगभग 60 गुना बढ़ गया।

सिर्फ एक कंपनी नहीं, पूरे सेक्टर की कहानी

Skyroot की सफलता सिर्फ एक स्टार्टअप की सफलता नहीं है। यह भारत के स्पेस सेक्टर में आए बड़े बदलाव की भी कहानी है। सरकार के दरवाजे खोलने के बाद देश में स्पेस स्टार्टअप्स की संख्या 2014 में सिर्फ एक से बढ़कर 2026 में 400 से ज्यादा हो गई है।

सरकार का लक्ष्य 2033 तक भारत की स्पेस इकोनॉमी को 8.4 अरब डॉलर से बढ़ाकर 44 अरब डॉलर तक पहुंचाने का है। Skyroot की उड़ान इस बदलाव की सबसे बड़ी मिसाल बन चुकी है।

मुकेश बंसल का सबसे बड़ा दांव

मुकेश बंसल पहले Myntra के जरिए फैशन ई-कॉमर्स और फिर Cult.fit के जरिए फिटनेस सेक्टर में अपनी पहचान बना चुके थे। लेकिन Skyroot में किया गया निवेश अलग था।

यह सिर्फ किसी स्टार्टअप में पैसा लगाना नहीं था, बल्कि भारत के निजी अंतरिक्ष कार्यक्रम के भविष्य पर जताया गया भरोसा था। आज वही भरोसा भारतीय स्पेस सेक्टर की सबसे बड़ी सफलता की कहानियों में गिना जा रहा है।

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मुंबई में ऐमजॉन की 35 लाख की नौकरी छोड़ सान्या देशमुख ने पुणे में चुना ये काम, आज अपने फैसले पर बेहद खुश

अच्छी सैलरी और बड़ी कंपनी में नौकरी हर किसी का सपना होती है। वहीं 31 वर्षीय सान्या देशमुख ने इससे बिल्कुल अलग रास्ता चुना। सान्या देशमुख ने कई साल तक बड़ी टेक कंपनियों में काम करते हुए अपना सफल करियर बनाया। 31 वर्षीय सान्या डिजिटल मार्केटिंग के क्षेत्र में बाइटडांस, इनमोबी और अमेजन जैसी नामी कंपनियों से जुड़ी रहीं। अमेजन में काम करते हुए उनकी सालाना सैलरी करीब 30 से 35 लाख रुपये थी। वहीं उनके पति की भी लगभग इतनी ही कमाई थी, जिससे दोनों की कुल सालाना आय 60 से 65 लाख रुपये के आसपास पहुंच गई थी।

लेकिन सान्या देशमुख के पास अच्छी नौकरी के बाद भी उन्हें धीरे-धीरे महसूस होने लगा कि मुंबई की भागदौड़ भरी जिंदगी उनके लिए सही नहीं है। इसके बाद उन्होंने कॉर्पोरेट नौकरी छोड़ने का फैसला किया। अब वह नासिक में रहकर अपने बिजनेस पार्टनर के साथ डिजिटल मार्केटिंग का काम करती हैं।

कई जगहों पर किया काम

पुणे से कंप्यूटर इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल करने के बाद सान्या देशमुख ने पारंपरिक इंजीनियरिंग की नौकरी करने के बजाय डिजिटल मार्केटिंग को अपना करियर बनाया। शुरुआत में उन्होंने फूड से जुड़ा एक सोशल मीडिया प्रोजेक्ट शुरू किया, जिसकी लोकप्रियता ने उन्हें एक बड़ी डिजिटल मार्केटिंग एजेंसी में नौकरी दिलाने में मदद की। इसके बाद उन्होंने लगातार अपने करियर में तरक्की की और कई बड़ी कंपनियों में काम किया। सान्या पहले बाइटडांस से जुड़ीं, फिर भारत में बाइटडांस का कारोबार बंद होने के बाद उन्हें नौकरी छोड़नी पड़ी। इसके बाद वह इनमोबी पहुंचीं और बाद में अमेजन के विज्ञापन कारोबार से जुड़े विभाग में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।

करियर में आगे बढ़ते हुए सान्या ने शुरुआती पद से शुरुआत की और धीरे-धीरे टीम लीडर की जिम्मेदारी तक पहुंचीं। अमेजन में सान्या देशमुख को अपना काम पसंद था, लेकिन कॉर्पोरेट लाइफ की भागदौड़ धीरे-धीरे उनके लिए थकाऊ होती गई। उनके माता-पिता औरंगाबाद में और पति नासिक में रहते थे।

काफी त्योहार मिस किए

सान्या देशमुख ने मनीकंट्रोल से कहा, “अब मुझे सोमवार आने से पहले रविवार वाली घबराहट या तनाव महसूस नहीं होता।” सान्या देशमुख ने बताया, “शुरुआत में हमें हफ्ते में दो दिन ऑफिस आना होता था। बाद में यह तीन दिन और फिर पूरे पांच दिन हो गया। मैं हर रविवार शाम मुंबई के लिए निकलती थी, ऑफिस से काम करती थी और फिर वापस घर लौट आती थी।” उन्होंने बताया कि शादी के बाद लगातार शहरों के बीच सफर करना और परिवार की जिम्मेदारियों को निभाना उनके लिए धीरे-धीरे काफी मुश्किल और थकाने वाला हो गया था।

सान्या देशमुख ने कहा, “परिवार के कार्यक्रमों, त्योहारों और दूसरे खास मौकों पर शामिल होने के लिए हमें अक्सर छुट्टी लेनी पड़ती थी। ऐसे में कई बार हमें अपनों के साथ समय बिताने और भविष्य की यात्रा के लिए अपनी छुट्टियां बचाकर रखने के बीच चुनाव करना पड़ता था। हम परिवार के कई कार्यक्रम और त्योहार मिस कर रहे थे।”

किराए के लगते थे 65 हजार

सान्या देशमुख ने बताया कि उनकी आर्थिक स्थिति को लेकर भी पति-पत्नी के बीच गंभीर बातचीत होने लगी थी। ऑफिस आने-जाने का समय बचाने के लिए दोनों ने मुंबई में ऑफिस के पास एक बेडरूम का फ्लैट किराए पर लिया था, जिसका किराया करीब 65 हजार रुपये प्रति माह था। वे ये खर्च उठा सकते थे, लेकिन उन्हें लगने लगा कि लंबे समय तक ये व्यवस्था सही नहीं है। उन्होंने कहा, “हम अपनी कमाई, किराए, रोजमर्रा के खर्च और आखिर में कितनी बचत हो रही है, इन सभी बातों पर ध्यान देने लगे थे।”

मुंबई में बढ़ते खर्चों और बच्चों की परवरिश को लेकर सोचने के बाद सान्या और उनके पति ने नासिक में परिवार के साथ रहने का फैसला किया। यहां उन्हें किराया नहीं देना पड़ता, जिससे घर के खर्च में काफी कमी आई और उनकी बचत भी बढ़ गई।

पैसों को लेकर काफी कुछ सीखा

सान्या ने कहा कि, आय पहले से कम होने के बावजूद अब उनकी बचत पहले के मुकाबले ज्यादा हो रही है। सान्या देशमुख ने कहा, “जब हम मुंबई में रह रहे थे, तब मैं ठीक तरह से निवेश भी नहीं कर पा रही थी।” उन्होंने बताया कि उस समय उनकी ज्यादातर बचत PPF, कभी-कभी यात्रा और सोना खरीदने जैसे खर्चों में चली जाती थी। लेकिन अब उन्होंने SIP शुरू की, PPF में निवेश जारी रखा और पैसों के बेहतर प्रबंधन के लिए कई फाइनेंशियल लिटरेसी कोर्स भी किए। उन्होंने कहा, “मैंने निवेश और पैसों को मैनेज करने के बारे में काफी कुछ सीखा। इससे मेरा पूरा नजरिया बदल गया।”

नासिक आने के बाद सान्या की जिंदगी बदल गई। अब वह अपनी सेहत पर पूरा ध्यान देती हैं, नियमित जिम जाती हैं, खेलती हैं और पर्याप्त नींद व आराम भी करती हैं। सान्या देशमुख ने कहा, “अब काम का तनाव पहले के मुकाबले काफी कम हो गया है।”

किसी बड़े प्लान के लिए नहीं छोड़ी नौकरी

उन्होंने कहा, “ऐसे भी दिन आए जब बढ़ते दबाव की वजह से मैं ऑफिस के वॉशरूम में जाकर खुद को बंद कर लेती थी और रोने लगती थी।” सान्या ने पहले से तय किसी बड़े प्लान के तहत नौकरी नहीं छोड़ी। उन्होंने अपनी तय समय-सीमा से करीब एक साल पहले ही इस्तीफा देने का फैसला कर लिया। नौकरी छोड़ने के बाद उन्होंने कुछ समय का ब्रेक लिया और फिर एक प्रोफेशनल साथी के साथ मिलकर डिजिटल मार्केटिंग का अपना कारोबार शुरू किया। धीरे-धीरे उन्हें क्लाइंट मिलने लगे और अब उनका यह बिजनेस पिछले आठ महीनों से सफलतापूर्वक चल रहा है।

फैसले पर कोई अफसोस नहीं

सान्या ने कहा कि, नौकरी छोड़ने के बाद उन्हें सबसे बड़ी खुशी अपना समय वापस मिलने की है। अब वह परिवार के साथ ज्यादा समय बिताती हैं। सान्या देशमुख ने कहा, “कमाई भले ही पहले से कम हो गई हो, लेकिन मुझे लगता है कि यह फैसला सही था। मौके हमेशा मिलते रहते हैं। लोगों को सबसे ज्यादा डर हर महीने मिलने वाली सैलरी छोड़ने का होता है। लेकिन जब आपके आर्थिक लक्ष्य साफ होते हैं, तो आप अपनी जिंदगी के लिए अलग फैसले लेने की हिम्मत जुटा लेते हैं।”

Stocks to Watch: 22 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 16 स्टॉक्स, दिख सकती है बड़ी हलचल

Stocks to Watch: बुधवार 22 जुलाई को शेयर बाजार में 15 कंपनियों के शेयर फोकस में रह सकते हैं। कुछ कंपनियों ने जून तिमाही के नतीजे जारी किए हैं, जबकि कुछ ने कारोबार से जुड़े बड़े ऐलान किए हैं। वहीं, कई दिग्गज कंपनियां आज अपने Q1 नतीजे पेश करेंगी। ऐसे में इन शेयरों में पूरे कारोबारी सत्र के दौरान अच्छी-खासी हलचल देखने को मिल सकती है।

Aurobindo Pharma

फार्मा कंपनी Aurobindo Pharma की सहयोगी कंपनी CuraTeQ को हैदराबाद स्थित बायोसिमिलर्स मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के लिए ब्राजील की हेल्थ रेगुलेटर ANVISA से मंजूरी मिल गई है। इस मंजूरी से कंपनी को ब्राजील के बाजार में कारोबार बढ़ाने में मदद मिलेगी।

JSW Infrastructure

पोर्ट और लॉजिस्टिक्स सेक्टर की कंपनी JSW Infrastructure का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 8.2% घटकर ₹357.6 करोड़ रह गया। हालांकि, रेवेन्यू 18.1% बढ़कर ₹1,444.8 करोड़ हो गया। EBITDA 15.9% बढ़कर ₹673.7 करोड़ रहा। वहीं, EBITDA मार्जिन 47.5% से घटकर 46.6% पर आ गया।

Aditya Birla Capital

फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी Aditya Birla Capital ने अपनी सहयोगी कंपनी Aditya Birla Health Insurance में राइट्स इश्यू के जरिए ₹123.89 करोड़ का निवेश किया है। कंपनी ने यह निवेश कारोबार बढ़ाने और पूंजी आधार मजबूत करने के लिए किया है।

Trident Ltd

टेक्सटाइल और पेपर सेक्टर की कंपनी Trident Ltd का जून तिमाही में कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 12.9% बढ़कर ₹158 करोड़ रहा। इस दौरान ऑपरेशंस से रेवेन्यू 4.7% बढ़कर ₹1,786.8 करोड़ और EBITDA 2.7% बढ़कर ₹299.6 करोड़ हो गया। हालांकि, EBITDA मार्जिन पिछले साल की तरह 17% पर स्थिर रहा।

Bandhan Bank

प्राइवेट सेक्टर के Bandhan Bank का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 34.8% बढ़कर ₹501.6 करोड़ हो गया। नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 6% बढ़ी। बैंक की एसेट क्वालिटी में भी सुधार हुआ। ग्रॉस NPA 3.15% और नेट NPA 0.93% पर आ गया। तिमाही के दौरान बैंक ने ₹682.5 करोड़ का प्रावधान किया।

IndiaMART InterMESH

ऑनलाइन B2B ई-कॉमर्स कंपनी IndiaMART InterMESH ने जून तिमाही में अच्छे नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 12.18% बढ़कर ₹172.20 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹153.50 करोड़ था। तिमाही आधार पर कंपनी का मुनाफा 243.03% उछला है।

TVS Holdings

ऑटो सेक्टर की कंपनी TVS Holdings का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 73.8% बढ़कर ₹1,173.5 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 34% बढ़कर ₹17,076.1 करोड़ रहा। EBITDA 38.6% बढ़ा। वहीं, EBITDA मार्जिन बढ़कर 16.3% हो गया।

Welspun Specialty

मेटल सेक्टर की कंपनी Welspun Specialty जून तिमाही में घाटे से मुनाफे में लौट आई। कंपनी ने ₹5.16 करोड़ का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया। पिछले साल इसी अवधि में ₹0.75 करोड़ का घाटा हुआ था। हालांकि, रेवेन्यू 3.8% घटकर ₹194 करोड़ रहा। EBITDA बढ़कर ₹10.54 करोड़ और मार्जिन 5.4% पर पहुंच गया।

Cyient DLM

इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग कंपनी Cyient DLM का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा बढ़कर ₹16.2 करोड़ हो गया। पिछले साल यह ₹7.4 करोड़ था। रेवेन्यू 34.3% बढ़कर ₹373.8 करोड़ रहा। EBITDA 56.4% बढ़कर ₹39 करोड़ हो गया। वहीं, EBITDA मार्जिन 10.5% पर पहुंच गया।

Indian Hotels

टाटा ग्रुप की हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की कंपनी Indian Hotels का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 20.8% बढ़कर ₹358 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 14.6% बढ़कर ₹2,339 करोड़ रहा। EBITDA 16.8% बढ़कर ₹672 करोड़ पहुंच गया। वहीं, EBITDA मार्जिन 28.8% रहा।

MedPlus Health Services

फार्मेसी रिटेल चेन MedPlus Health Services का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 21.8% घटकर ₹33 करोड़ रह गया। हालांकि, कंपनी का रेवेन्यू 21.8% बढ़कर ₹1,879.6 करोड़ हो गया, जो पिछले साल की समान तिमाही में ₹1,542.6 करोड़ था।

Aavas Financiers

हाउसिंग फाइनेंस कंपनी Aavas Financiers की जून तिमाही में नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 16.6% बढ़कर ₹324 करोड़ हो गई। शुद्ध मुनाफा 23% बढ़कर ₹171 करोड़ रहा। पिछले साल इसी अवधि में यह ₹139 करोड़ था।

Sagility India

हेल्थकेयर BPO कंपनी Sagility India का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 46% बढ़कर ₹217 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 27.6% बढ़कर ₹1,963 करोड़ रहा। EBITDA 26.6% बढ़कर ₹438 करोड़ पहुंच गया। हालांकि, EBITDA मार्जिन 23% से घटकर 22.3% रह गया।

Mastek

आईटी सेक्टर की कंपनी Mastek का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 15% बढ़कर ₹106 करोड़ हो गया। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू 7.7% बढ़कर ₹985.3 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही में ₹914.7 करोड़ था।

Sunteck Realty

रियल एस्टेट सेक्टर की कंपनी Sunteck Realty का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 26.4% बढ़कर ₹42.3 करोड़ हो गया। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू 1.7% बढ़कर ₹191.6 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही में ₹181.3 करोड़ था।

Hatsun Agro

डेयरी कंपनी Hatsun Agro का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 1.1% घटकर ₹133.6 करोड़ रह गया। हालांकि, रेवेन्यू 19.3% बढ़कर ₹3,090 करोड़ हो गया। EBITDA 5.1% घटकर ₹350.5 करोड़ रहा। वहीं, EBITDA मार्जिन घटकर 11.3% पर आ गया।

22 जुलाई को आने वाले तिमाही नतीजे

बुधवार को जून तिमाही के नतीजों पर बाजार की नजर रहेगी। कई बड़ी कंपनियां अपने Q1 रिजल्ट जारी करेंगी। इनमें Adani Green Energy, Adani Power, Aye Finance, Dr. Reddy’s Laboratories, Bharat Petroleum Corporation (BPCL) और CSB Bank जैसी कंपनियां शामिल हैं। इनके नतीजों के बाद इन शेयरों में हलचल देखने को मिल सकती है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Aastha Spintex: 23 जुलाई को बोर्ड मीटिंग होगी, 1:1 बोनस शेयर के साथ डिविडेंड देने के प्रस्ताव पर विचार करेगा बोर्ड

Aastha Spintex: गुजरात की इंटीग्रेटेड कॉटन यार्न निर्माता Aastha Spintex Ltd अपने कारोबार के अगले चरण की तैयारी में जुट गई है। कंपनी का बोर्ड 23 जुलाई 2026 को होने वाली बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर विचार करेगा। इनमें 1:1 बोनस शेयर, 100% तक फाइनल डिविडेंड और वैल्यू-एडेड टेक्सटाइल प्रोडक्ट्स में विस्तार शामिल है।

बोनस शेयर और डिविडेंड पर फैसला

Aastha Spintex के बोर्ड के सामने 1:1 बोनस इश्यू का प्रस्ताव रखा जाएगा। इसके तहत हर एक इक्विटी शेयर पर एक अतिरिक्त बोनस शेयर मिलेगा। इसके अलावा, ₹10 फेस वैल्यू वाले प्रत्येक शेयर पर ₹10 तक के फाइनल डिविडेंड पर भी विचार किया जाएगा। हालांकि, इन प्रस्तावों को शेयरधारकों की मंजूरी मिलना जरूरी होगा।

टेक्सटाइल वैल्यू चेन में आगे बढ़ने की तैयारी

Aastha Spintex के मुताबिक, वह अब सिर्फ कॉटन यार्न तक सीमित नहीं रहना चाहती। कंपनी अपने ब्रांड के तहत ग्रे फैब्रिक और दूसरे वैल्यू-एडेड फैब्रिक प्रोडक्ट्स के कारोबार में उतरने की योजना बना रही है। इस कदम से कंपनी टेक्सटाइल वैल्यू चेन में अपनी मौजूदगी और मजबूत करना चाहती है। साथ ही मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग क्षमता का बेहतर इस्तेमाल भी हो सकेगा।

मैनेजिंग डायरेक्टर क्या बोले?

Aastha Spintex के मैनेजिंग डायरेक्टर दिव्यांग जसवंत पटेल ने कहा कि कंपनी लंबे समय से एक मजबूत और इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल बिजनेस बनाने की दिशा में काम कर रही है। उनके मुताबिक, अब टेक्सटाइल वैल्यू चेन में आगे बढ़ने का सही समय है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित बोनस इश्यू और डिविडेंड शेयरधारकों के साथ कंपनी की बनाई गई वैल्यू साझा करने की प्रतिबद्धता को भी दिखाते हैं।

हाल में बढ़ी उत्पादन क्षमता

हाल ही में NSE और BSE के मेन बोर्ड पर लिस्टिंग के बाद कंपनी ने Falcon Yarns Pvt Ltd का अधिग्रहण पूरा किया है। कंपनी का दावा है कि अब उसकी सालाना स्पिनिंग क्षमता 7,700 मीट्रिक टन से बढ़कर 17,457 मीट्रिक टन हो गई। वहीं, स्पिंडल क्षमता 25,920 से बढ़कर 61,824 तक पहुंच गई। कंपनी का मानना है कि वैल्यू-एडेड फैब्रिक सेगमेंट में विस्तार इस बढ़ी क्षमता का बेहतर इस्तेमाल करने में मदद करेगा।

वित्तीय प्रदर्शन कैसा रहा

पिछले दो वित्त वर्षों में कंपनी की वित्तीय स्थिति में भी सुधार हुआ है। वित्त वर्ष 2023 में ₹240 करोड़ रहा रेवेन्यू बढ़कर वित्त वर्ष 2025 में ₹352 करोड़ हो गया। इस दौरान कंपनी ने 21.2% की CAGR दर्ज की। ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन 5.87% से बढ़कर 14.16% हो गया। वहीं, EBITDA मार्जिन 6.05% से बढ़कर 14.45% पहुंच गया।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Trident Q1 Results: टेक्सटाइल कंपनी का मुनाफा 13% बढ़ा, शेयरधारकों को मिला डिविडेंड

Trident Q1 Results: टेक्सटाइल और पेपर सेक्टर की कंपनी Trident Ltd ने जून तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का मुनाफा दोहरे अंक में बढ़ा है। रेवेन्यू और ऑपरेटिंग प्रॉफिट में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि, EBITDA मार्जिन पिछले साल के स्तर पर ही स्थिर रहा।

मुनाफा और रेवेन्यू दोनों बढ़े

अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 12.9% बढ़कर ₹158 करोड़ हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह ₹140 करोड़ था। कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू 4.7% बढ़कर ₹1,786.8 करोड़ पहुंच गया। एक साल पहले यह ₹1,706.8 करोड़ था।

इस दौरान EBITDA 2.7% बढ़कर ₹299.6 करोड़ रहा। पिछले साल यह ₹291.7 करोड़ था। हालांकि, EBITDA मार्जिन 17% पर स्थिर रहा।

किस कारोबार का कैसा प्रदर्शन रहा?

जून तिमाही में यार्न बिजनेस कंपनी का सबसे बड़ा रेवेन्यू देने वाला कारोबार रहा। इस सेगमेंट का रेवेन्यू ₹902 करोड़ से बढ़कर ₹954.2 करोड़ हो गया। पेपर और केमिकल्स कारोबार का रेवेन्यू ₹259.8 करोड़ से बढ़कर ₹297.4 करोड़ पहुंच गया, जो सबसे तेज ग्रोथ वाला सेगमेंट रहा।

वहीं, टॉवल बिजनेस का रेवेन्यू लगभग स्थिर रहा। यह ₹638.9 करोड़ से मामूली घटकर ₹638.5 करोड़ रह गया। दूसरी ओर, बेडशीट कारोबार का रेवेन्यू ₹309.4 करोड़ से घटकर ₹302.8 करोड़ हो गया।

मुनाफे में किसका सबसे ज्यादा योगदान?

यार्न कारोबार का प्री-टैक्स प्रॉफिट ₹70.1 करोड़ से बढ़कर ₹145.8 करोड़ हो गया। यानी इस सेगमेंट का मुनाफा दोगुने से भी ज्यादा बढ़ा। बेडशीट बिजनेस का प्री-टैक्स प्रॉफिट ₹44.8 करोड़ से बढ़कर ₹49.3 करोड़ रहा।

हालांकि, पेपर और केमिकल्स सेगमेंट का प्री-टैक्स प्रॉफिट ₹73.3 करोड़ से घटकर ₹52.4 करोड़ रह गया। वहीं, टॉवल कारोबार का प्री-टैक्स प्रॉफिट ₹47.6 करोड़ से घटकर ₹33.7 करोड़ हो गया।

अंतरिम डिविडेंड और नई सब्सिडियरी

कंपनी ने अप्रैल-जून तिमाही के दौरान ₹1 फेस वैल्यू वाले प्रत्येक शेयर पर ₹0.50 प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड दिया।

इसके अलावा, बोर्ड ने ब्रांड की मौजूदगी मजबूत करने और सेल्स, मार्केटिंग, बिजनेस डेवलपमेंट एक्टिविटीज को बढ़ाने के लिए नई सब्सिडियरी बनाने को मंजूरी दी है। यह सब्सिडियरी विदेशी बाजारों में भी Trident के प्रोडक्ट्स की मार्केटिंग का काम करेगी।

Trident के शेयरों का हाल

Trident का शेयर 21 जुलाई को NSE पर 0.28% गिरकर ₹25.24 पर बंद हुआ। पिछले 1 साल में स्टॉक 19.97% नीचे आया है। कंपनी का मार्केट कैप 12.67 हजार करोड़ रुपये है।

Indian Hotels Q1 Results: टाटा ग्रुप की होटल कंपनी का मुनाफा 21% बढ़ा, शेयरों पर रहेगी नजर

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।