Market Insight : आज इंडेक्स पर रखनी होगी लेवल बेस्ड रणनीति, चुनिंदा शेयरों में शानदार मौके,वहीं करें फोकस

Market Insight :आज निफ्टी की वीकली एक्सपायरी का दिन है। कल निफ्टी और बैंक निफ्टी ने अहम स्तरों को डिफेंड किया। निफ्टी पर 24,150-24,180 का जोन सबसे अहम है। वहीं, बैंक निफ्टी में 57,500 का ऑल इम्पॉर्टेंट लेवल है। ऐसे में अगर गिफ्ट निफ्टी सही हुआ तो वो लेवल्स वापस टेस्ट होंगे। हालांकि ऐसा कोई कारण नहीं दिख रहा जिससे ये टूटें। ये कहना है सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल का।

उन्होंने आगे कहा कि कच्चा तेल वहीं है जहां हम कल छोड़कर गए थे और एशियाई बाजारों में भी कोई गिरावट नहीं है। कल HDFC बैंक ने बैंक निफ्टी का सेंटीमेंट खराब किया। आज शायद IT शेयरों में थोड़ी मुनाफावसूली आ जाए। US में सेमिकंडक्टर शेयर भागे हैं। कोरिया भी ऊपर है। आज MNC पावर से जुड़े शेयर जैसे GE Vernova और Hitachi फोकस में होंगे।

बाजार: आज के संकेत

आज का सबसे बड़ा संकेत है निफ्टी की वीकली एक्सपायरी। ऑप्शन राइटर्स की बेसिक रेंज 24,050-24,350 है। आज इसी रेंज को स्मार्ट तरीके से ट्रेड करने की जरूरत है। FIIs की कल कैश और इंडेक्स फ्यूचर्स में छोटी बिकवाली रही। कच्चा तेल अभी भी $88-89 के बीच बना हुआ है। डॉलर इंडेक्स 101 के आसपास बना हुआ है। कुल मिलाकर संकेत वहीं हैं जहां हम कल छोड़ कर गए थे। ऐसे में आज इंडेक्स पर लेवल बेस्ड रणनीति रखनी होगी। चुनिंदा शेयरों में शानदार मौके हैं,वहीं फोकस करें।

आज SBI फंड्स मैनेजमेंट की लिस्टिंग भी है। अगर अच्छे प्रीमियम पर लिस्ट हो तो मुनाफावसूली करें। RBI स्वाप विंडो के तहत भारत में $17.4 Bn के FCNR(B) डिपॉजिट आए हैं। डिपॉजिट उम्मीद से ज्यादा रहा है,कुल राशि $50-55 Bn से भी ज्यादा हो सकती है। डॉलर-रुपया पर नजर रखें,रिकॉर्ड निचले स्तर के हम काफी करीब हैं।

ट्रंप की टैरिफ धमकियां फिर लौटीं

ट्रंप की कनाडा को टैरिफ लगाने की चेतावनी आई है। कनाडा के कुछ सामानों पर 50% तक टैरिफ लगाने की धमकी आई है। US अल्कोहल,गाड़ियों,डेयरी प्रोडक्ट्स के साथ कनाडा के भेदभाव के जवाब में यह कदम उठाने की बात कही गई है। 50% टैरिफ की लिस्ट में दूध,क्रीम,ऑटो इक्विपमेंट और हॉकी के उपकरण शामिल हैं। एनर्जी,पोटाश,मछली और क्रिटिकल मिनरल्स लिस्ट से बाहर हैं। US-कनाडा-मेक्सिको समझौते के तहत आने वाले प्रोडक्ट्स पर छूट नहीं होगी।

1930 के टैरिफ अधिनियम की धारा 338 के तहत टैरिफ लगेंगे। धारा 338 US प्रेसिडेंट को 50% तक ड्यूटी लगाने का अधिकार देता है। इसके तहत अमेरिकी प्रोडक्ट्स के साथ भेदभाव करने वाले देशों पर टैरिफ का अधिकार है। कनाडा के ऊर्जा मंत्री के बयान में कहा गया है “कोई प्रतिक्रिया नहीं देने जा रहे हैं,हम यह सब पहले भी देख चुके हैं”।

US-ईरान युद्ध: ताजा हालात

US ने ईरान पर हमलों का एक और दिन शुरू किया। सोमवार को 4 PM ET से हमलों का 10वां दिन शुरू हुआ। अमेरिका की तरफ से कहा गया है कि हर बार जब ईरान किसी US सैनिक को मारेगा,उसे उसकी कई गुना कीमत चुकानी होगी

कल दोपहर को ईरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि US के साथ युद्ध को लेकर मध्यस्थों की तरफ से प्रस्ताव मिले हैं। MoU तभी मायने रखता है जब सभी पक्ष उसके लिए प्रतिबद्ध हों। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज पर ईरान के संप्रभु अधिकारों पर कोई समझौता नहीं होगा। ईरान के गृह मंत्री इस्कंदर मौमनी (Eskandar Momeni) सोमवार को पाकिस्तान का दौरा करेंगे। दोरे या किसी प्रस्ताव को लेकर अब तक कोई नई जानकारी नहीं मिली है।

10 दिन का सीजफायर?

रॉयटर्स के मुताबिक कतर और अन्य मध्यस्थों ने 10 दिन के सीजफायर का प्रस्ताव दिया था। एक यूएस अधिकारी ने कहा है कि ट्रंप इस समय जहाजों पर हमले के लिए ईरान को सजा देने पर फोकस कर रहे हैं। US हमले तब तक जारी रहेंगे जब तक राष्ट्रपति कोई दूसरा रास्ता नहीं चुनते। युद्ध खत्म करने के लिए कूटनीतिक कोशिशें जारी हैं।

सऊदी अरब की समुद्री नाकेबंदी

ईरान समर्थित हूती ने सऊदी अरब के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी का ऐलान किया है। ये नाकेबंदी यमन की राजधानी सना पर सऊदी हमलों के जवाब में की गई है। हूती प्रवक्ता याह्या सारी (Yahya Saree) ने कहा है कि सऊदी जहाजों पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लागू है। सऊदी अरब फिलहाल अपने तेल एक्सपोर्ट के बड़े हिस्से के लिए इसी रेड सी रूट का इस्तेमाल करता है। पिछले महीने सऊदी अरब ने 4.19 Mn बैरल प्रतिदिन कच्चे तेल का एक्सपोर्ट किया। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने Bab el-Mandeb स्ट्रेट में जहाजों की सुरक्षा के लिए कदम उठाने शुरू किए हैं। सऊदी विदेश मंत्रालय ने कहा कि 1982 UN Convention on Law of Sea के तहत कदम उठाएंगे।

बैंक: प्राइवेट Vs PSU बैंक

कल निफ्टी PSU बैंक ने 200 DMA से शानदार ब्रेकआउट दिया और निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स कल 200 DMA के नीचे आया। निफ्टी PSU बैंक इंडेक्स अपने हाई से 13% नीचे है। कल HDFC बैंक में 2800 करोड़ रुपए की डिलिवरी सेलिंग हुई है। SBI में कल करीब 900-1000 करोड़ रुपए की डिलिवरी उठी है। ICICI बैंक भी कल शानदार नंबरों पर नहीं चल पाया। ऐसे में बाजार में एक रिस्क ओपन हुआ है। बैंक निफ्टी में एक डबल टॉप का रिस्क ओपन हुआ है। अब शुक्रवार का हाई पार करना बैंक निफ्टी के लिए बहुत मुश्किल है। SBI में मजबूती है मगर इस बार के नतीजे अहम होंगे।

बाजार: क्या हो रणनीति?

एक बात साफ है बाजार अभी भी रेंज में है। शुक्रवार को लगा कि रेंज टूट गई लेकिन वो रिजेक्ट हुआ और अब एक रिस्क रहेगा वापस रेंज में फंसने का है। अगर ब्रेकआउट फेल हो तो लोअर रेंज टेस्ट होने का रिस्क होता है। अगर निफ्टी 24,150 के नीचे सेटल हुआ तो ब्रेकआउट फेल कन्फर्म होगा। ऐसे में वापस 23,800-23,850 जाने का रिस्क रहेगा। लेकिन अगर निफ्टी ने 24,350 फिर पार किया तो ये बड़ा पॉजिटिव होगा। इंडेक्स से बेहतर है इस समय स्टॉक स्पेसिफिक रहना। फार्मा अभी भी बाजार की सबसे मजबूत कड़ी है। IT काफी चल चुका है और अब इस रैली का टेस्ट है। IT में पिछली दो रैलियां इतनी रिकवरी के बाद ही फेल हुई थीं। FMCG में धीरे-धीरे Accumulation हो रहा है। ऑटो और ऑटो एंसिलरी शेयरों में भी निचले स्तरों पर खरीदारी है।

निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 24,100-24,150 (कल का low, 10 DEMA) पर है। इसके लिए अगला बड़ा सपोर्ट 24,000-24,050 (20 DEMA,ऑप्शंस जोन) पर है। इसके लिए पहला रजिस्टेंस 24,250-24,300 पर और बड़ा रजिस्टेंस 24,350-24,400 पर है। खरीदारी का सबसे अच्छा जोन 24,100-24,150 है। इसके लिए स्टॉप लॉस 24,025 पर रखें। बिकवाली का सबसे अच्छा जोन 24,300-24,350 है। इसके लिए स्टॉप लॉस 24,425 पर होना चाहिए।

बैंक निफ्टी पर स्ट्रैटेजी

बैंक निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट जोन 57,750-57,850 (10 DEMA)है। वहीं, अगला बड़ा सपोर्ट 57,500-57,600 (20 DEMA, कल का low) पर है। अगर 57,500 टूटा तो बड़ी गिरावट के लिए तैयार रहें। अगर बैंक निफ्टी 57,500 होल्ड करे तो 57,400 के स्टॉपलॉस के साथ खरीदें। इसके लिए पहला रजिस्टेंस 58,100-58,200 पर और बड़ा रजिस्टेंस 58,300-58,500 पर है।

 

Trading Plan : 24000 के ऊपर टिके रहने तक शॉर्ट-टर्म का रुझान पॉजिटिव, निफ्टी में जल्द ही 24500 का टारगेट मुमकिन

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

SBI Funds Management share: शेयर 7% प्रीमियम पर लिस्ट, खरीदें, बेचें या होल्ड करें?

देश की सबसे बड़ी म्यूचुअल फंड कंपनी एसबीआई फंड मैनेजमेंट के शेयर 21 जुलाई को 6.8 फीसदी प्रीमियम पर लिस्ट हुए। हालांकि, बाद में शेयरों में कुछ तेजी दिखी। 11:10 बजे एनएसई पर शेयर का प्राइस 8.47 फीसदी चढ़कर 622 रुपये पर चल रहा था। कंपनी ने आईपीओ में निवेशकों को शेयर प्रति शेयर 574 रुपये के प्राइस पर शेयर एलॉट किया था। शेयर की लिस्टिंग 613 रुपये पर हुई। बीएसई पर शेयर 610 रुपये पर लिस्ट हुआ।

शेयर की लिस्टिंग अनुमान से कम प्राइस पर

SBI Funds Management के शेयर अनुमान से कम प्राइस पर लिस्ट हुए। ग्रे मार्केट से शेयर के 18-19 फीसदी प्रीमियम पर लिस्ट होने के संकेत मिल रहे थे। लिस्टिंग के बाद कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब 1,25,804 करोड़ रुपये पहुंच गया। कंपनी का आईपीओ 14-16 जुलाई के बीच खुला था। इस इश्यू को 41 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब्शन मिला था।

निवेशकों के सामने अब ये हैं विकल्प

सवाल है कि जिन निवेशकों को आईपीओ में शेयर एलॉट हुए हैं, क्या उन्हें इसे होल्ड करना चाहिए या बेचना चाहिए? दूसरा यह कि क्या जिन निवेशकों को आईपीओ में शेयर एलॉट नहीं हुए, उन्हें शेयर बाजार से इसे खरीदना चाहिए? स्वस्तिका इनवेस्टमार्ट में वेल्थ की हेड शिवानी नयाती ने कहा, “एसबीआई फंड मैनेजमेंट के शेयरों की शुरुआत शेयर बाजार में अच्छी रही। शेयर करीब 6.8 फीसदी प्रीमियम पर लिस्ट हुए।”

लंबी अवधि के निवेश के लिहाज से शेयर अट्रैक्टिव

उन्होंने कहा कि भले ही शेयर ज्यादा प्रीमियम पर लिस्ट नहीं हुए, लेकिन लंबी अवधि में शेयर के लिए अच्छी संभावना दिखती है। एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट देश की सबसे बड़ी म्यूचुअल फंड कंपनी है। इसे SBI जैसे स्ट्रॉन्ग ब्रांड का सपोर्ट है। एसबीआई का डिस्ट्रिब्यूशन नेटवर्क काफी बड़ा है। एसेट मैनेजमेंट कंपनी एसेट लाइट बिजनेस मॉडल का इस्तेमाल करती है। खास बात यह कि दूसरी एएमसी के मुकाबले इसकी वैल्यूएशन कम है।

शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स 585-590 पर लगाएं स्टॉपलॉस

नयाती ने कहा कि जिन निवेशकों को शेयर आईपीओ में एलॉट हुए हैं, उन्हें इसे होल्ड करना चाहिए। उनका नजरिया लंबी अवधि का होना चाहिए। जिन निवेशकों के शेयर आईपीओ में एलॉट नहीं हुए, वे कीमत गिरने पर इसे खरीद सकते हैं। उन्होंने कहा कि शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स को शेयर में करीब 585-590 रुपये पर स्टॉपलॉस मेंटेन करना चाहिए। उनका मानना है कि जिन निवेशकों का भरोसा देश की म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की अच्छी ग्रोथ पर है, वे इस शेयर पर दांव लगा सकते हैं।

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एएमसी का 13 लाख करोड़ रुपये का एयूएम

ब्रोकरेज फर्म Equirus Securities ने इस शेयर को कवर करना शुरू किया है। उसने लंबी अवधि के लिहाज से शेयर को खरीदने की सलाह दी है। एसबीआई फंड्स देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई और अमुंडी का ज्वाइंट वेंचर है। इसका एसेट अंडर मैनेजमेंट 13 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। कंपनी का फोकस अपने इंटरनेशनल एयूएम को बढ़ाकर अगले तीन साल में दोगुना यानी 5 अरब डॉलर करने का है।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

Trading Plan : 24000 के ऊपर टिके रहने तक शॉर्ट-टर्म का रुझान पॉजिटिव, निफ्टी में जल्द ही 24500 का टारगेट मुमकिन

Trading Plan : भारतीय बेंचमार्क इंडेक्सों में आज सुस्ती देखने को मिल रही है। निफ्टी 24225 के आसपास सपाट कारोबार कर रहा है। निफ्टी पर बढ़त बनाने वाले प्रमुख शेयरों में अल्ट्राटेक सीमेंट,श्रीराम फाइनेंस,टाटा स्टील,अदाणी एंटरप्राइजेज और टेक महिंद्रा शामिल हैं। जबकि गिरावट वाले शेयरों में HDFC बैंक,मारुति सुजुकी,एटरनल,सन फार्मा और डॉ. रेड्डीज लैब्स शामिल हैं। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप मामूली बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं। सेक्टरों की बात करें तो कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और फार्मा को छोड़कर बाकी सभी इंडेक्स बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं। PSU बैंक में लगभग 1% की तेजी है।

निफ़्टी आउटलुक और रणनीति

ICICI सिक्योरिटीज में वाइस प्रेसिडेंट और हेड ऑफ डेरिवेटिव्स एंड क्वांट रिसर्च,जय ठक्कर का कहना है कि पिछले ट्रेडिंग वीक में निफ़्टी 24,300 के स्तर से काफी ऊपर बंद हुआ था,लेकिन पिछले ट्रेडिंग सेशन में यह गिरावट के साथ बंद हुआ। हालांकि,इंडेक्स दिन के निचले स्तर से उबरने में कामयाब रहा। इसके साथ ही,पुट-कॉल रेश्यो (PCR) इंट्राडे आधार पर 1.05 से सुधरकर क्लोजिंग के समय 1.36 हो गया, जो 24,000-24,200 स्ट्राइक रेंज में बड़ी संख्या में पुट जुड़ने का संकेत देता है। अब इस जोन के एक अहम सपोर्ट एरिया के तौर पर काम करने की उम्मीद है,जबकि 24,500 का स्तर तत्काल टारगेट बना हुआ है क्योंकि वहां सबसे ज्यादा कॉल बेस है।

India VIX,जो दिन के दौरान 13.84 के उच्चतम स्तर पर पहुंचा था,1.29 प्रतिशत गिरकर 12.98 पर बंद हुआ। इससे संकेत मिलता है कि भू-राजनीतिक तनाव,जिसके कारण कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ी थीं,जल्द ही कम हो सकते हैं। कुल मिलाकर,डेरिवेटिव्स मार्केट का रुख बुल्स के पक्ष में रहा। 120 शेयरों में ‘लॉन्ग बिल्ड-अप’और 34 शेयरों में ‘शॉर्ट कवरिंग’देखी गई,जबकि 52 शेयरों में ‘शॉर्ट बिल्ड-अप’और 7 शेयरों में ‘लॉन्ग अनवाइंडिंग’हुई। इस तरह,बेंचमार्क इंडेक्स के नेगेटिव जोन में बंद होने के बावजूद,F&O मार्केट का दायरा पॉजिटिव बना रहा।

पिछले ट्रेडिंग हफ्ते में कमजोर प्रदर्शन के बाद,ब्रॉडर मार्केट ने अच्छा प्रदर्शन किया। इसलिए,जब तक निफ़्टी 24,000 के स्तर से ऊपर बना हुआ है,तब तक शॉर्ट-टर्म का रुझान पॉजिटिव रहेगा और ऊपर की ओर 24,500 का लक्ष्य रहेगा।

अहम रेजिस्टेंस: 24,300, 24,500

अहम सपोर्ट: 24,100, 24,000

स्ट्रैटेजी: निफ्टी फ्यूचर्स को मौजूदा मार्केट प्राइस पर खरीदें और 24,100 के आस-पास गिरावट आने पर और खरीदारी करें। स्टॉप-लॉस 24,000 के नीचे रखें और टारगेट 24,500 व 24,600 रखें।

बैंक निफ्टी आउटलुक और रणनीति

जय ठक्कर का कहना है कि पिछले कुछ ट्रेडिंग सेशन से बैंक निफ्टी 57,000-58,500 की रेंज में ट्रेड कर रहा है। हालांकि पिछले ट्रेडिंग हफ्ते में इंडेक्स 58,500 के लेवल से थोड़ा ऊपर बंद हुआ था,लेकिन वीकेंड पर बड़े बैंकों के नतीजे आने के बाद यह वापस उसी रेंज में आ गया। ऑप्शन डेटा के मुताबिक 59,000 स्ट्राइक पर सबसे ज्यादा कॉल बेस बना हुआ है,इसके बाद 60,000 और 58,000 स्ट्राइक का नंबर आता है। पुट साइड पर 58,000 स्ट्राइक के अलावा कोई बड़ा बेस नहीं है। इसके बाद 57,000 और 56,000 स्ट्राइक हैं। नतीजतन,बेयर्स का पलड़ा भारी बना हुआ है। इसके साथ ही PCR 0.93 पर है,जो थोड़ा न्यूट्रल-से-बेयरिश रुख दिखाता है।

हालांकि,शॉर्ट कवरिंग की वजह से PSU बैंकिंग शेयरों में अच्छी बढ़त देखी गई है,जिससे बैंकिंग इंडेक्स को कुछ समय के लिए सहारा मिला है। इसलिए,जब तक मौजूदा ट्रेडिंग रेंज ऊपर की ओर नहीं टूटती,तब तक शॉर्ट-टर्म में रुझान के एक ही दायरे में रहने की संभावना है। इसलिए,अभी के लिए कंडीशनल बाय की सलाह दी जाती है।

अहम रेजिस्टेंस: 58,500, 59,000

अहम सपोर्ट: 57,000, 56,000

स्ट्रेटेजी: 58,500 के ऊपर बैंक निफ्टी फ्यूचर्स खरीदें और 59,000 के ऊपर और पोजीशन जोड़ें। स्टॉप-लॉस 58,000 के नीचे रखें और टारगेट 60,000 का रखें।

 

Market cues : सुस्त चाल के साथ एक दायरे में ही ट्रेड करता रहेगा बाजार, आज इन अहम लेवल्स पर रहे नजर

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Alpine Texworld IPO Listing: लिस्ट होते ही लोअर सर्किट, फ्लैट एंट्री के बाद शेयर धड़ाम

Alpine Texworld IPO Listing: देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के साथ-साथ मार्केट में अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड का भी आईपाओ लॉन्च हुआ था। एक तरफ एसबीआई फंड्स के आईपीओ को निवेशकों का धांसू रिस्पांस मिला था और इसे 41 गुना से अधिक बोली मिली थी तो दूसरी तरफ अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड के आईपीओ को ओवरऑल 1.40 गुना बोली मिली थी। अब दोनों के शेयर आज लिस्ट हुए हैं। एसबीआई फंड्स के शेयर तो 6% से अधिक प्रीमियम पर लिस्ट हुए तो अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड के शेयर एकदम फ्लैट।

अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड के शेयर आईपीओ के तहत ₹105 के भाव पर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹105.00 और NSE पर ₹105.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला। आईपीओ निवेशकों को और झटका तब लगा, जब शेयर फिसल गए। टूटकर BSE पर यह ₹99.75 (Alpine Texworld Share Price) के लोअर सर्किट पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 5% घाटे में हैं।

Alpine Texworld IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड का ₹126 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 14-16 जुलाई तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का सुस्त रिस्पांस मिला और ओवरऑल यह 1.40 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 1.09 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 1.09 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 1.54 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 1,20,24,000 नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹32.08 करोड़ प्रोडक्शन क्षमता बढ़ाने के लिए एक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में नई वीविंग यूनिट लगाने, ₹52.20 करोड़ कर्ज हल्का करने और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Alpine Texworld के बारे में

अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड कपड़ों की डाईंग और प्रोसेसिंग के बिजनेस में है। इसके पास दो मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स हैं। इसकी सालाना इंस्टॉल्ड कैपेसिटी 6 हजार टन के कॉटन और ब्लेंडेड यार्न की है। इसके पास 112 हाई-स्पीड लूम हैं जो डेनिम, सूटिंग शर्टिंग, और RFD (रेडी-फॉर-डाईंग) फैब्रिक बनाते हैं। कंपनी को फिलहाल फोकस ग्रीन एनर्जी पर है और रिन्यूएबल एनर्जी सेगमेंट पर भी ध्यान दे रही है। अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड के वित्तीय सेहत की बात करें तो पिछले वित्त वर्ष 2026 में इसका शुद्ध 151.68% बढ़कर ₹21.72 करोड़ और टोटल इनकम 47.34% उछलकर ₹350.18 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 के आखिरी में कंपनी पर ₹177.60 करोड़ का कर्ज था तो रिजर्व और सरप्लस में ₹46.32 करोड़ पड़े थे।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

SBI Funds IPO Listing: 6% प्रीमियम पर शेयर लिस्ट, आईपीओ को तगड़ी बोली के बाद प्रीमियम लिस्टिंग

SBI Funds IPO Listing: देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 41 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹574 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹610.00 और NSE पर ₹613.30 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 6% से अधिक लिस्टिंग गेन (SBI Funds Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर BSE पर यह ₹622.80 (SBI Funds Share Price) पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 8.50% मुनाफे में हैं। एंप्लॉयीज अधिक फायदे में हैं क्योंकि उन्हें हर शेयर ₹54 के डिस्काउंट पर मिला है।

SBI Funds IPO को मिला था तगड़ा रिस्पांस

एसबीआई फंड्स का ₹9813 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 14-16 जुलाई तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का धांसू रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 41.73 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 140.11 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 22.51 गुना खुदरा निवेशकों का हिस्सा 3.76 गुना, एंप्लॉयीज का हिस्सा 4.65 गुना और शेयरहोल्डर्स का हिस्सा 9.52 गुना भरा था।

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के आईपीओ के तहत कोई नया शेयर नहीं जारी हुआ हैं बल्कि ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत ₹1 की फेस वैल्यू वाले 17,09,56,631 शेयरों की बिक्री हुई है। इसमें से 12,83,34,397 शेयर एसबीआई और 7,53,74,842 शेयर एमुंडी इंडिया होल्डिंग ने बेचे हैं। चूंकि यह इश्यू पीरी तरह से ऑफर फॉर सेल का था तो आईपीओ का पैसा कंपनी को नहीं मिला बल्कि शेयर बेचने वाले प्रमोटर्स एसबीआई और एमुंडी इंडिया को मिला।

SBI Funds Management के बारे में

AUM (एसेट्स अंडर मैनेजमेंट) के हिसाब से देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट एसबीआई म्यूचुअल फंड को मैनेज करती है। यह एसबीआई और एमुंडी का ज्वाइंट वेंचर है। यह इक्विटी फंड्स, डेट फंड्स, हाइब्रिड फंड्स, ईटीएफ और PMS (पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज) जैसे निवेश प्रोडक्ट्स ऑफर करती है। 2025 तक के आंकड़ों के मुताबिक यह र्16.32 लाख करोड़ के एसेट्स मैनेज कर रही है जोकि म्यूचुअल फंड्स को कुल एयूएम का करीब 15.5% है। दिसंबर 2025 तक के आंकड़ों के हिसाब से इंडिविजुअल और इंस्टीट्यूशनल मिलाकर इसके 1.60 करोड़ सब्सक्राइबर्स हैं। इसके पोर्टफोलियो में 126 म्यूचुअल फंड स्कीम्स हैं।

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2024-26 के दौरान इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 21% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹3,067.38 करोड़ और टोटल इनकम भी इस दौरान 20% के सीएजीआर से उछलकर ₹4,976.11 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 के आखिरी में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में ₹326.73 करोड़ पड़े थे।

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Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : 21 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स की शुरुआत कमजोर रहने की संभावना है। क्योंकि शुरुआती कारोबार में GIFT निफ्टी करीब 24,141 के निचले स्तर पर ट्रेड कर रहा है। करेंसी और इक्विटी बाजारों में आज क्या हो रहा है यह जानने के लिए मनीकंट्रोल के साथ बने रहें। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

20 जुलाई को भारतीय इक्विटी बेंचमार्क गिरावट के साथ बंद हुए। जून तिमाही के नतीजों के बाद प्राइवेट बैंकिंग शेयरों में भारी बिकवाली और मिडिल ईस्ट में बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव के बीच कमजोर ग्लोबल संकेतों ने बाजार का मूड खराब कर दिया। कारोबार के अंत में,सेंसेक्स 442.93 अंक या 0.57 प्रतिशत गिरकर 77,708.52 पर और निफ्टी 95.80 अंक या 0.39 प्रतिशत गिरकर 24,238.50 पर बंद हुआ।

गिफ्ट निफ्टी

शुरुआती कारोबार में GIFT निफ्टी लगभग 24,141 के निचले स्तर पर ट्रेड कर रहा था,जो घरेलू इक्विटी मार्केट में कमजोर शुरुआत का संकेत है।

एशियाई बाजार

एशियाई शेयर बाज़ारों में मिलाजुला रुख देखने को मिल रहा है। गिफ्ट निफ्टी 0.42 फीसदी की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है। वहीं, जापान के निक्केई में 2.28 फीसदी की तेजी देखने को मिल रही है। स्ट्रेट टाइम्स भी 0.53 फीसदी की तेजी दिखा रहा है। हैंग सेंग में 0.39 फीसदी की कमजोरी नजर आ रही है। वहीं, ताइवानी बाजार में 3.04 फीसदी की तेजी दिख रही है। कोस्पी करीब 3.73 फीसदी भाग गया है। वहीं,शांघाई कंपोजिट में 0.34 फीसदी की तेजी नजर आ रही है।

अमेरिकी बाजार

सोमवार को वॉल स्ट्रीट के तीनों प्रमुख इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 307.16 अंक या 0.59% गिरकर 51,839.26 पर आ गया, S&P 500 में 14.41 अंक या 0.19% की गिरावट हुई और यह 7,443.28 पर बंद हुआ। नैस्डैक कम्पोजिट 12.17 अंक या 0.05% गिरकर 25,508.07 पर बंद हुआ।

डॉलर इंडेक्स

मंगलवार को अमेरिकी डॉलर एक हफ्ते के उच्चतम स्तर के आस-पास आ गया है। बाजार मध्य पूर्व से मिल रहे विरोधाभासी संकेतों के बीच उलझन में है। एक तरफ इस क्षेत्र में तनाव बढ़ने से ऊर्जा आपूर्ति को लेकर नई चिंताएं पैदा हो रही हैं,तो दूसरी तरफ़ युद्धविराम की उम्मीदों से कुछ राहत भी मिल रही है। फिलहाल US डॉलर इंडेक्स 100.96 पर दिख रहा है।

US बॉन्ड यील्ड

10-साल और 2-साल के ट्रेजरी बॉन्ड पर यील्ड में बहुत कम बदलाव हुआ है और यह क्रमशः 4.58% और 4.20% पर दिख रहे हैं।

एशियन करेंसी

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एशियाई करेंसी में मिला-जुला कारोबार हो रहा है। मलेशियन रिंगित सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली करेंसी है, जिसमें 0.108% की बढ़त हुई है। इसके बाद चीनी रेनमिनबी में 0.087% की बढ़ोतरी हुई है। सिंगापुर डॉलर में 0.023% की मामूली बढ़त दिख रही है। जबकि फिलीपीन पेसो में 0.006% की मामूली बढ़त के साथ लगभग कोई बदलाव नहीं हुआ है। जापानी येन में भी कोई बदलाव नहीं हुआ।

दूसरी ओर दक्षिण कोरियाई वॉन सबसे कमजोर करेंसी है। इसमें 0.264% की गिरावट आई है। इसके बाद इंडोनेशियाई रुपिया का नंबर रहा, जो 0.15% गिरा है। ताइवान डॉलर में 0.081% की गिरावट आई है,जबकि थाई बहत 0.056% कमजोर हुआ है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

20 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 1,121 करोड़ रुपये के भारतीय शेयर बेचे। जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 1,312 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

 

 

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GIFT Nifty Indicator: “बुल्स या बीयर” आज किस ओर रुख करेगा बाजार, जानें सेंसेक्स-निफ्टी के लिए गिफ्ट निफ्टी से क्या मिल रहे संकेत

GIFT Nifty Indicator: मिडिल ईस्ट में बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव, लगातार विदेशी इंस्टीट्यूशनल सेलिंग और ग्लोबल ऑयल मार्केट में मामूली गिरावट के बावजूद कच्चे तेल की बढ़ी कीमतों को लेकर निवेशक सतर्क नजर आ रहे है। यहीं कारण है कि निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी मंगलवार को नीचे खुल सकते हैं। GIFT Nifty गैप-डाउन शुरुआत का संकेत दे रहा है।

GIFT Nifty सुबह करीब 8:20 बजे 24,181 पर ट्रेड कर रहा था, जो 112 पॉइंट या 0.46 फीसदी नीचे था, जिससे पता चलता है कि Nifty 50 सोमवार के 24,238.50 के क्लोजिंग से काफी नीचे खुल सकता है। यह कमजोर संकेत तब मिला जब सोमवार को भारतीय इक्विटीज नीचे बंद हुए, जो जून-तिमाही की कमाई और कमजोर ग्लोबल संकेतों के बाद प्राइवेट बैंकिंग स्टॉक्स में भारी बिकवाली की वजह से नीचे आ गए। सेंसेक्स 442.93 पॉइंट्स या 0.57 परसेंट गिरकर 77,708.52 पर आ गया, जबकि निफ्टी 95.80 पॉइंट्स या 0.39 परसेंट गिरकर 24,238.50 पर आ गया।

एशिया बाजारों में तेजी

मंगलवार को एशियाई इक्विटी में बढ़त हुई क्योंकि मिडिल ईस्ट में तनाव कम करने के लिए डिप्लोमैटिक कोशिशों की उम्मीदों से तेल की कीमतें एक महीने के ऊंचे लेवल से नीचे आ गईं, हालांकि इन्वेस्टर्स जियोपॉलिटिकल रिस्क और बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों की लीडरशिप में कॉर्पोरेट अर्निंग्स के बिज़ी हफ़्ते पर फोकस करते रहे।

जापान के बाहर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स लगातार तीन सेशन की गिरावट के बाद 0.25 परसेंट बढ़ा। जापान का निक्केई 1 परसेंट से ज़्यादा बढ़ा, जबकि साउथ कोरिया का KOSPI लगभग 3 परसेंट चढ़ा। US स्टॉक फ्यूचर्स बढ़े, हालांकि यूरोपियन फ्यूचर्स ने कमजोर शुरुआत का इशारा किया।

यमन के ईरान-समर्थित हूतियों के सऊदी अरब पर नेवल ब्लॉकेड की धमकी के बाद भी मार्केट वेस्ट एशिया में हो रहे डेवलपमेंट पर नज़र रखे हुए हैं, जबकि रिपोर्ट्स में बताया गया है कि US और ईरान के बीच नाजुक सीज़फ़ायर को फिर से शुरू करने के लिए मध्यस्थता की कोशिशें चल रही हैं।

क्रूड में दबाव

ब्रेंट क्रूड मंगलवार को फिसल गया, जबकि पिछले सेशन में यह $91.42 पर पहुंच गया था, जो जून के बीच के बाद इसका सबसे ऊंचा लेवल है। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.4 परसेंट गिरकर $88.87 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड थोड़ा बदलकर $82.47 प्रति बैरल पर आ गया। हालाँकि तेल की कीमतें हाल के हाई से कम हुई हैं, लेकिन जियोपॉलिटिकल टेंशन एनर्जी मार्केट को किनारे पर रखे हुए हैं और भारत जैसी इन्फ्लेशन-सेंसिटिव इकॉनमी के लिए एक बड़ा रिस्क बना हुआ है।

US स्टॉक्स सोमवार को गिरावट के साथ बंद हुए क्योंकि इन्वेस्टर्स बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों की कमाई का इंतज़ार कर रहे थे और मिडिल ईस्ट में हो रहे डेवलपमेंट्स पर नज़र रख रहे थे। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.59 परसेंट गिरा, S&P 500 0.19 परसेंट गिरा, जबकि नैस्डैक कंपोजिट 0.05 परसेंट फिसला।

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते जियोपॉलिटिकल टेंशन, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, FII की लगातार बिकवाली और रुपये में लगातार कमजोरी के बीच निवेशक सतर्क बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि जून-तिमाही के कमाई के मौसम में स्टॉक से जुड़े एक्शन की संभावना है, जबकि जियोपॉलिटिकल मोर्चे पर ज़्यादा क्लैरिटी आने तक बड़े मार्केट का सेंटिमेंट ग्लोबल डेवलपमेंट, एनर्जी की कीमतों और कैपिटल फ्लो के प्रति सेंसिटिव रहेगा।

पोनमुडी ने कहा कि निफ्टी में सावधानी से कंस्ट्रक्टिव झुकाव बना हुआ है, जिसमें 24,300-24,400 तुरंत रेजिस्टेंस ज़ोन बना हुआ है। इस बैंड से ऊपर लगातार मूव 24,500-24,600 की ओर रास्ता बना सकता है। उन्होंने कहा कि नीचे की तरफ, 24,100 मुख्य सपोर्ट है, और इससे नीचे जाने पर 24,000 के लेवल पर नई बिकवाली शुरू हो सकती है।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, कमजोर हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

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