Crude Oil Price: ट्रंप की मांगों से डील की उम्मीदें हुई कम, कच्चे तेल की कीमतें बढ़ीं, ब्रेंट $90 प्रति बैरल के करीब

Crude Oil Price: कल कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तीसरे दिन उछाल आया। मंगलवार, 11 अगस्त को एशिया में शुरुआती कारोबार में भी ये बढ़त बनी रही। ऐसा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के खिलाफ कड़ी मांगें रखने के बाद हुआ, जिससे होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने की किसी भी संभावित डील की उम्मीदें धुंधली हो गई।

ब्रेंट क्रूड और वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) दोनों में रात भर में 5% की बढ़ोतरी हुई। WTI आज सुबह $82 प्रति बैरल के स्तर पर बना रहा। ब्रेंट $87 प्रति बैरल से ऊपर बंद होने के बाद $90 प्रति बैरल के निशान की ओर बढ़ा।

ट्रंप ने आगे लिखा कि उन्होंने अपने प्रतिनिधियों को निर्देश दिया है कि वे भविष्य की सभी बातचीत में इन नई मांगों को मजबूती से रखें। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पिछली किसी भी बैठक में मुआवजे का मुद्दा कभी नहीं उठा। हालांकि, ईरान के पुनर्वास और आर्थिक विकास के लिए $300 बिलियन का फंड उस 14-सूत्रीय MoU (समझौता ज्ञापन) का हिस्सा है, जिस पर ट्रंप ने खुद जून में फ्रांस में G7 शिखर सम्मेलन के दौरान हस्ताक्षर किए थे।

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि हालांकि ईरान और ओमान इस महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्ग (chokepoint) के भविष्य के प्रशासन पर द्विपक्षीय बातचीत में लगे हुए हैं, लेकिन जब तक अमेरिका ईरानी बंदरगाहों से अपनी नौसैनिक नाकेबंदी नहीं हटाता, तब तक यह जलडमरूमध्य फिर से नहीं खुलेगा।

ब्लूमबर्ग को दिए एक इंटरव्यू में ‘एनर्जी एस्पेक्ट्स’ की फाउंडर और मार्केट इंटेलिजेंस डायरेक्टर अमृता सेन ने बताया कि अभी होर्मुज जलडमरूमध्य से केवल पांच जहाज गुजर रहे हैं। यह संख्या जून में MoU पर हस्ताक्षर के बाद ट्रैफिक के 14 के दैनिक औसत तक पहुंचने की तुलना में काफी कम है।

TD सिक्योरिटीज में कमोडिटी स्ट्रैटेजी के ग्लोबल हेड बार्ट मेलेक ने कहा, “यह देखते हुए कि जलडमरूमध्य अभी भी बंद है, ग्लोबल इन्वेंट्री में भारी कमी आई है और फ्लो सामान्य स्तर के आसपास भी नहीं है, हम ‘शॉर्ट्स कवर’ (short covering) में आक्रामक तेजी देख सकते हैं।” उन्होंने कहा, “हमें उम्मीद है कि ब्रेंट मौजूदा स्तर से $10-15 ऊपर ट्रेड करेगा।”

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

Market cues : मोमेंटम इंडिकेटर दे रहे कंसोलीडेशन जारी रहने के संकेत, 24500-24700 का दायरा टूटने पर ही आएगी तेजी

Trade setup for today : निफ्टी कल लगातार चौथे सेशन में एक दायरे में ट्रेड करता रहा। 10 अगस्त को यह 0.05 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। चूंकि इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज के ऊपर ट्रेड कर रहा है,इसलिए इसका ओवरऑल ट्रेंड पॉजिटिव है। हालांकि,मोमेंटम इंडिकेटर और ऑसिलेटर कंसोलिडेशन फेज के जारी रहने का संकेत दे रहे हैं। जब तक कि इंडेक्स पिछले बुधवार के 24,500-24,700 के दायरे को किसी भी तरफ मजबूती से तोड़ नहीं देगा, बाजार इसी दायरे में ही रहेगा।

इस रेंज से ऊपर जाने पर निफ्टी 24,800-25,000 तक जा सकता है,जबकि इससे नीचे गिरने पर 24,400-24,300 के लेवल देखने को मिल सकते हैं। बाजार की नजर मिडिल ईस्ट में हो रही हलचल और तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव पर भी रहनी चाहिए।

चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट हितेश टेलर का कहना है कि निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 24,450–24,400 के जेन में है। इसके बाद अगला बड़ा सपोर्ट एरिया 24,300–24,250 के आसपास दिख रहा है। जब तक निफ्टी अपने इमीडिएट सपोर्ट जोन के ऊपर बना रहेगा तब तक मार्केट का स्ट्रक्चर पॉजिटिव रहेगा। हालांकि ट्रेडर्स को उतार-चढ़ाव और चुनिंदा शेयरों में हलचल देखने को मिल सकती है।

ऊपर की तरफ निफ्टी के लिए 24,650–24,700 का जोन इमीडिएट रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। उसके बाद 24,800–25,000 पर अगला रेजिस्टेंस होगा। 24,700 के ऊपर टिके रहने से मोमेंटम और मजबूत हो सकता है। दूसरी ओर,24400 के नीचे जाने से शॉर्ट-टर्म प्रॉफिट बुकिंग शुरू हो सकती है और बड़े सपोर्ट जोन पर दबाव बन सकता है।

निफ्टी बैंक आउटलुक

SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह ने कहा कि पिछले चार ट्रेडिंग सेशन से बैंक निफ्टी एक ही दायरे में बना हुआ है। यह 621 अंकों के छोटे दायरे में ऊपर-नीचे हो रहा है और कई ऐसी कैंडलस्टिक बना रहा है जिनसे किसी साफ दिशा का पता नहीं चलता। इसके अलावा,मोमेंटम इंडिकेटर और ऑसिलेटर भी ज्यादातर न्यूट्रल हैं,जिससे संकेत मिलता है कि निकट भविष्य में भी यह इसी दायरे में ट्रेड करता रहेगा।

टेक्निकल नज़रिए से देखें तो 58,000-58,100 का जोन बैंक निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। अगर यह 58,100 के ऊपर निकलता है,तो तेजी का दौर फिर से शुरू होने का संकेत मिलेगा और शॉर्ट टर्म में 58,600 और उसके बाद 59,200 तक की नई रैली की गुंजाइश बन सकती है।

उन्होंने आगे कहा कि 50-डे EMA अभी 57,100-57,000 के आस-पास है और इससे मज़बूत सपोर्ट मिलने की उम्मीद है। जब तक इंडेक्स इस सपोर्ट बैंड के ऊपर बना रहता है,तब तक जारी कंसोलिडेशन के बावजूद तेजी का बड़ा ट्रेंड बरकरार रहने की संभावना है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,530, 24,504 और 24,462

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,614, 24,640 और 24,682

निफ्टी 50 ने डेली चार्ट पर डोजी कैंडलस्टिक पैटर्न बनाया है,जो तेजड़ियों और मंदड़ियों के बीच अनिश्चितता को दिखाता है। असल में,इंडेक्स ने पिछले चार सेशन में 24,500-24,700 के दायरे में अनिश्चितता दिखाने वाली कैंडल बनाई हैं, लेकिन इस प्राइस एक्शन का असर सीमित है क्योंकि यह एक रेंज-बाउंड मूवमेंट में हुआ है। मार्केट का ओवरऑल स्ट्रक्चर मज़बूत बना हुआ है। निफ्टी सभी अहम मूविंग एवरेज के ऊपर है। साथ ही हाल की तेजी के 23.6 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल और डाउनवर्ड स्लोपिंग ट्रेंडलाइन के भी ऊपर बना हुआ है। वहीं,मोमेंटम इंडिकेटर अभी भी कंसोलिडेशन का संकेत दे रहे हैं। इससे पता चलता है कि नियर टर्म में किसी खास दिशा में मज़बूत मोमेंटम की कमी है।

बैंक निफ्टी (57,687) के लिए अहम लेवल

पिवट प्वाइंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,930, 58,045 और 58,232

पिवट प्वाइंट के आधार पर सपोर्ट: 57,557, 57,442 और 57,255

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 59,247, 61,787

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 57,305, 56,441

डेली चार्ट पर बैंक निफ्टी ने ऊपर और नीचे शैडो वाली एक छोटी बेयरिश कैंडल बनाई है। यह उतार-चढ़ाव के बीच मामूली करेक्शन का संकेत है। कुल मिलाकर,इंडेक्स लगातार चौथे सेशन में पिछले मंगलवार की रेंज के अंदर ही ट्रेड कर रहा है। इसलिए,इस पैटर्न का असर सीमित है। कीमतों में उतार-चढ़ाव न होने के बावजूद,इंडेक्स अपने अहम मूविंग एवरेज से काफी ऊपर ट्रेड कर रहा है,जो दिखाता है कि बड़ा ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है। इसके अलावा,मोमेंटम इंडिकेटर और ऑसिलेटर भी ज्यादातर न्यूट्रल हैं,जिससे संकेत मिलता है कि नियर टर्म में एक सीमित दायरे में ही ट्रेडिंग जारी रहने की संभावना है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

एक्सचेंज के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार,10 अगस्त को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs/FPIs) ने ₹1,974.76 करोड़ के शेयर खरीदे और वे भारतीय इक्विटी के नेट बॉयर बन गए,जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने ₹1,290.29 करोड़ के शेयर बेचे और वे नेट सेलर रहे।

इंडिया VIX

मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाले India VIX में 0.72% की बढ़त हुई और यह 12.24 पर पहुंच गया,लेकिन यह अभी भी चिंताजनक स्तर से काफी नीचे है। जब तक यह 14-15 के दायरे से नीचे बना रहता है,तब तक बाजार में बड़ी अनिश्चितता की संभावना कम है और तेजड़ियों के लिए राहत रहेगी।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 10 अगस्त को बढ़कर 0.99 हो गया,जबकि पिछले सेशन में यह 0.89 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: SAIL

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: बंधन बैंक

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया और लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया

 

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

निफ्टी 50 में बड़ा बदलाव! विप्रो 3 दशक बाद इंडेक्स से बाहर होगी, BSE को मिलेगी एंट्री

निफ्टी 50 में एक बड़ा बदलाव होने वाला है। इस इंडेक्स में स्टॉक्स एक्सचेंज BSE को दिग्गज आईटी कंपनी Wipro की जगह शामिल किया जाएगा। यह बदलाव 30 सितंबर से लागू होगा। इसके साथ ही बेंगलुरु की आईटी कंपनी Wipro का भारत के प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स से करीब तीन दशक पुराना सफर खत्म हो जाएगा।

Wipro असल में Nifty 50 की शुरुआत से ही इसका हिस्सा रही है। हालांकि, अप्रैल से सितंबर 2013 के बीच कंपनी इस इंडेक्स से बाहर रही थी। उस समय Wipro के नॉन-आईटी कारोबार के डीमर्जर की वजह से यह बदलाव हुआ था। इसके बाद कंपनी लगातार Nifty 50 में बनी रही।

Wipro से पैसा निकलने का अनुमान

Nuvama के अनुमान के मुताबिक, Wipro के Nifty 50 से बाहर होने पर इंडेक्स को ट्रैक करने वाले फंड करीब 246 मिलियन डॉलर यानी लगभग 2,000 करोड़ रुपये की बिकवाली कर सकते हैं। दूसरी ओर, BSE के इंडेक्स में शामिल होने से करीब 741 मिलियन डॉलर का निवेश आने का अनुमान है।

BSE के लिए यह बदलाव काफी अहम है। पिछले पांच साल में कंपनी के शेयर में 2,600% से ज्यादा की तेजी आई है। ट्रेडिंग वॉल्यूम, डेरिवेटिव्स कारोबार और बाजार में निवेशकों की बढ़ती भागीदारी से कंपनी को फायदा मिला है।

Nifty 500 में भी बदलाव

Nifty 50 में बदलाव के साथ NSE ने दूसरे प्रमुख इंडेक्स में भी बदलाव किए हैं। Nifty 500 से 3M India, Aditya Birla Fashion and Retail, Aditya Birla Lifestyle Brands, Bayer Cropscience, Blue Dart Express, Chalet Hotels, Go Digit General Insurance, Indegene, Jubilant Pharmova, Latent View Analytics, Sonata Software और Travel Food Services जैसी कंपनियां बाहर होंगी।

वहीं, Nifty 500 में Aether Industries, Avanti Feeds, Azad Engineering, Black Box, Brookfield India REIT, Embassy Office Parks REIT, Fractal Analytics, INOX India, Kirloskar Brothers, MTAR Technologies, Sansera Engineering, Sterlite Technologies और Vedanta Aluminium समेत कई कंपनियां शामिल होंगी।

Stocks to Watch: 11 अगस्त को इन 24 शेयरों पर रखें नजर, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Lloyds Metals Q1 Results: मेटल कंपनी का मुनाफा 165% बढ़ा, रेवेन्यू और EBITDA में भी जोरदार उछाल

Lloyds Metals Q1 Results: माइनिंग और मेटल कंपनी Lloyds Metals and Energy ने जून तिमाही में मजबूत प्रदर्शन किया है। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट बढ़कर 1,726 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह 651 करोड़ रुपये था। यानी मुनाफे में करीब 165% की बढ़ोतरी हुई।

कंपनी का रेवेन्यू भी 2,383.5 करोड़ रुपये से बढ़कर 7,354.3 करोड़ रुपये हो गया। इसमें करीब 209% की बढ़ोतरी हुई। वहीं, EBITDA 805.7 करोड़ रुपये से बढ़कर 2,781.4 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन भी 33.80% से बढ़कर 37.82% हो गया।

सब्सिडियरी में ₹625 करोड़ का निवेश

कंपनी के बोर्ड ने अपनी सब्सिडियरी Thriveni Earthmovers and Infra Private Ltd. में 625 करोड़ रुपये तक के निवेश को मंजूरी दी है। यह निवेश राइट्स इश्यू या आगे जारी होने वाली पूंजी के जरिए किया जाएगा। कंपनी यह रकम एक या उससे ज्यादा चरणों में लगा सकती है।

रिन्यूएबल एनर्जी में भी बढ़ेगी हिस्सेदारी

Lloyds Metals ने अपने इस्तेमाल के लिए रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स में निवेश को भी मंजूरी दी है। इसके तहत कंपनी ग्रुप कैप्टिव स्कीम के तहत कम से कम 26% हिस्सेदारी ले सकती है।

यह निवेश विंड और सोलर पावर दोनों प्रोजेक्ट्स में होगा। इसका मकसद कंपनी की बिजली जरूरत का एक हिस्सा रिन्यूएबल एनर्जी से पूरा करना है। इसके लिए कंपनी Amplus Energy और उसकी अलग-अलग इकाइयों के साथ समझौते करेगी।

सब्सिडियरी का कर्ज इक्विटी में बदलेगी

बोर्ड ने कंपनी की सब्सिडियरी Lloyds Global Resources FZCO को दिए गए मौजूदा कर्ज को इक्विटी शेयरों में बदलने की भी मंजूरी दी है।

इसके अलावा कंपनी इस सब्सिडियरी में अलग-अलग तरह की प्रेफरेंस शेयर और अन्य सिक्योरिटीज के जरिए आगे निवेश भी कर सकती है। यह निवेश एक या कई चरणों में किया जा सकता है।

नए इंडिपेंडेंट डायरेक्टर की नियुक्ति

कंपनी ने अविजित घोष को अतिरिक्त निदेशक और नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नियुक्त करने को भी मंजूरी दी है। उनका कार्यकाल 10 अगस्त 2026 से 9 अगस्त 2031 तक पांच साल का होगा। हालांकि, इसके लिए कंपनी के सदस्यों की मंजूरी जरूरी होगी।

Lloyds Metals का शेयर सोमवार को 2% चढ़कर 2,059.10 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में कंपनी ने 64.77% का रिटर्न दिया है।

Lumax Auto Q1 Results: ऑटो कंपोनेंट कंपनी का मुनाफा 109% बढ़ा, रेवेन्यू में भी तगड़ा उछाल

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Lumax Auto Q1 Results: ऑटो कंपोनेंट कंपनी का मुनाफा 109% बढ़ा, रेवेन्यू में भी तगड़ा उछाल

Lumax Auto Q1 Results: ऑटो कंपोनेंट बनाने वाली कंपनी Lumax Auto Technologies ने FY27 की शुरुआत मजबूत नतीजों के साथ की है। जून तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा दोगुने से ज्यादा यानी 109% बढ़कर 86.6 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल की समान तिमाही में यह 41.4 करोड़ रुपये था।

कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू 33% बढ़कर 1,363.6 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले यह 1,026.4 करोड़ रुपये था। वहीं, EBITDA 52.3% बढ़कर 190.1 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA मार्जिन भी 12.2% से बढ़कर 14% पहुंच गया।

नए प्रोडक्ट और ग्राहक जोड़ने पर फोकस

Lumax Auto Technologies नए और एडवांस प्रोडक्ट्स पर फोकस कर रही है। कंपनी मौजूदा ग्राहकों से ज्यादा कारोबार हासिल करना चाहती है। इसके साथ ही नए व्हीकल प्लेटफॉर्म पर जगह बनाने और अलग-अलग बाजारों में नए ग्राहक जोड़ने की योजना है।

Lumax Jopp की हिस्सेदारी बेची

कंपनी ने अपनी सब्सिडियरी Lumax Jopp Allied Technologies में अपनी पूरी 50% हिस्सेदारी जर्मनी की Jopp Holding GmbH को बेच दी है। बोर्ड ने इस सौदे को 8 मई 2026 को मंजूरी दी थी। जून तिमाही में यह सौदा पूरा हो गया।

इसके बाद Lumax Jopp Allied Technologies कंपनी की सब्सिडियरी नहीं रही। जून तिमाही के नतीजों में इस कंपनी का प्रदर्शन 29 जून 2026 तक शामिल किया गया है।

Lumax Auto ने क्या कहा?

Lumax Auto के मैनेजिंग डायरेक्टर अनमोल जैन ने कहा कि चुनौतीपूर्ण माहौल के बावजूद कंपनी ने FY27 की अच्छी शुरुआत की है। रेवेन्यू बढ़ी और मुनाफा उससे भी तेज बढ़ा। उन्होंने कहा कि ग्रोथ कई प्रोडक्ट कैटेगरी में देखने को मिली है। मौजूदा प्रोडक्ट्स की बिक्री बढ़ी है। साथ ही वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स की मांग भी बढ़ी है।

ऑटो इंडस्ट्री ने भी FY27 की शुरुआत मजबूत की है। कंपनी के मुताबिक, व्हीकल प्रोडक्शन सालाना आधार पर 22% बढ़ा। सभी बड़े व्हीकल सेगमेंट में मांग अच्छी रही। प्रीमियम गाड़ियों की बढ़ती मांग और नई तकनीकों के बढ़ते इस्तेमाल से ऑटो कंपोनेंट कंपनियों को फायदा मिल रहा है।

Lumax Auto का शेयर सोमवार को 2.12% की बढ़त के साथ 1,758.90 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 1 साल में इसने 68.59% का रिटर्न दिया है।

Vodafone Idea Q1 Results: वोडा आइडिया का घाटा घटकर ₹3754 करोड़ हुआ, 

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Vodafone Idea Q1 Results: वोडा आइडिया का घाटा घटकर ₹3754 करोड़ हुआ, रेवेन्यू और EBITDA में भी उछाल

Vodafone Idea Q1 Results: देश की तीसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी Vodafone Idea ने जून तिमाही में पिछले साल के मुकाबले घाटा कम किया है। कंपनी को इसका फायदा ARPU यानी प्रति ग्राहक औसत कमाई बढ़ने से मिला। ज्यादा ग्राहक महंगे 4G और 5G प्लान की ओर बढ़े हैं।

कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध घाटा घटकर 3,754 करोड़ रुपये रह गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह 6,608 करोड़ रुपये था।

रेवेन्यू और EBITDA बढ़ा

जून तिमाही में Vodafone Idea की रेवेन्यू 11,660 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले यह 11,000 करोड़ रुपये थी। यानी रेवेन्यू में करीब 6% की बढ़ोतरी हुई।

कंपनी का EBITDA बढ़कर 5,034 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल यह 4,600 करोड़ रुपये था। वहीं, EBITDA मार्जिन 41.84% से बढ़कर 43.17% हो गया।

5G अब 200 से ज्यादा शहरों में

Vodafone Idea के CEO अभिजीत किशोर ने कहा कि FY27 कंपनी के लिए काम को तेजी से जमीन पर उतारने का साल है। उनके मुताबिक, कंपनी के निवेश का असर अब कारोबार में दिखने लगा है।

उन्होंने कहा कि तिमाही के दौरान कंपनी ने कई अहम बिजनेस पैरामीटर में सुधार किया। इनमें सब्सक्राइबर जोड़ना भी शामिल है। यह मर्जर के बाद पहली बार हुआ है। कंपनी की 5G सेवा अब 200 से ज्यादा शहरों में लाइव है।

₹9,000 करोड़ के कैपेक्स ऑर्डर

वोडाफोन आइडिया ने नेटवर्क विस्तार के लिए 9,000 करोड़ रुपये के कैपेक्स ऑर्डर पहले ही दे दिए हैं। मैनेजमेंट ने कहा कि कर्जदाताओं के साथ बातचीत जारी है। उसे उम्मीद है कि कर्ज से जुड़ी चर्चा सफलतापूर्वक पूरी होगी।

कंपनी का फोकस अब नेटवर्क विस्तार, बेहतर ऑपरेशनल प्रदर्शन और AI से जुड़े बदलाव पर है।

Vodafone Idea के शेयर

वोडाफोन आइडिया के शेयर सोमवार को 0.71% की बढ़त के साथ 12.82 रुपये पर बंद हुए। पिछले 6 महीने में स्टॉक ने 11.67% का रिटर्न दिया है। वहीं, 1 साल में यह करीब 95% उछला है। वोडाफोन आइडिया का मार्केट कैप 1.40 लाख करोड़ रुपये है।

निफ्टी में हेरफेर से आखिरी समय में जोरदार तेजी आई? 3 और 4 अगस्त के ट्रेड्स की जांच कर रहा SEBI

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।