EPFO Pension Calculation: 10 साल की नौकरी के बाद हर महीने कितनी मिलेगी पेंशन? ₹10,000 और ₹20,000 की सैलरी पर समझें पूरा गणित

EPFO EPS 2026 Pension Calculator: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के सदस्यों के लिए श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने पिछले दिनों नई कर्मचारी पेंशन योजना (EPS 2026) को नोटिफाई कर दिया। इसके बाद से पेंशन कैलकुलेशन को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। करीब 6 करोड़ ईपीएफओ सदस्यों के मन में सबसे बड़ा सवाल यह है कि अलग-अलग सैलरी ब्रैकेट के हिसाब से रिटायरमेंट के बाद हर महीने कितनी गारंटीड पेंशन मिलेगी?

राहत की बात यह है कि नई EPS 2026 में भी मंथली पेंशन निकालने का पुराना फॉर्मूला और न्यूनतम 10 साल की सेवा का नियम पहले जैसा ही बरकरार रखा गया है। आइए बेहद आसान भाषा में समझते हैं कि अगर आपकी पेंशन योग्य सैलरी ₹10,000 या ₹20,000 है, तो 10 साल की नौकरी के बाद आपको हर महीने कितनी पेंशन मिलेगी।

पेंशन पाने का बेसिक नियम: 10 साल की सर्विस जरूरी

ईपीएफओ के नियमों के मुताबिक, हर महीने रेगुलर पेंशन पाने के लिए कर्मचारी को कम से कम 10 साल की पेंशन योग्य नौकरी पूरी करना अनिवार्य है। 58 साल की उम्र पूरी होने पर मासिक पेंशन मिलनी शुरू होती है। हालांकि, 50 साल की उम्र के बाद कुछ कटौती के साथ अर्ली पेंशन का विकल्प भी मिलता है।

10 साल से कम नौकरी पर क्या होगा?

अगर आपकी कुल सर्विस 10 साल से कम है, तो आपको मंथली पेंशन नहीं मिलेगी। ऐसे में आप या तो स्कीम सर्टिफिकेट लेकर अगली नौकरी में सर्विस जोड़ सकते हैं, या फिर ईपीएस का पूरा पैसा एकमुश्त निकाल सकते हैं।

कैसे होती है पेंशन की गणना?

EPFO एक तय फॉर्मूले के आधार पर आपकी मासिक पेंशन तय करता है:

मासिक पेंशन= पेंशन योग्य वेतन×पेंशन योग्य सेवा/70

पेंशन योग्य वेतन: इसका मतलब आपके आखिरी 60 महीनों के औसत मूल वेतन और महंगाई भत्ते (DA) से है।

अधिकतम सीमा (Wage Ceiling): सामान्य तौर पर ईपीएस के लिए अधिकतम पेंशन योग्य सैलरी की सीमा ₹15,000 तय है, लेकिन कई मामलों में यह वास्तविक सैलरी या तय मानक (जैसे- ₹10,000 या ₹20,000) के आधार पर कैलकुलेट की जाती है।

कैलकुलेशन 1: अगर आपकी पेंशन योग्य सैलरी ₹10,000 है

अगर आपकी औसत बेसिक सैलरी और डीए ₹10,000 है, तो नौकरी के वर्षों के हिसाब से आपकी पेंशन इस प्रकार बनेगी:

10 साल की नौकरी पर:

कैलकुलेशन: (10,000×10)÷70=₹1,428

मासिक पेंशन: आपको हर महीने करीब ₹1,428 की पेंशन मिलेगी।

20 साल की नौकरी पर:

कैलकुलेशन: (10,000×20)÷70=₹2,857

मासिक पेंशन: यह बढ़कर करीब ₹2,857 प्रति माह हो जाएगी।

35 साल की अधिकतम नौकरी पर:

कैलकुलेशन: (10,000×35)÷70=₹5,000

मासिक पेंशन: आपको अधिकतम ₹5,000 प्रति माह की पेंशन मिल सकती है।

कैलकुलेशन 2: अगर आपकी पेंशन योग्य सैलरी ₹20,000 है

अगर आपकी वास्तविक सैलरी ₹20,000 है और आपका कंट्रीब्यूशन सीलिंग लिमिट से ऊपर वास्तविक वेतन पर है, तो कैलकुलेशन इस प्रकार होगी:

10 साल की नौकरी पर:

कैलकुलेशन: (20,000×10)÷70=₹2,857

मासिक पेंशन: आपको हर महीने करीब ₹2,857 की गारंटेड पेंशन मिलेगी।

20 साल की नौकरी पर:

कैलकुलेशन: (20,000×20)÷70=₹5,714

मासिक पेंशन: यह राशि बढ़कर करीब ₹5,714 प्रति माह हो जाएगी।

35 साल की अधिकतम नौकरी पर:

कैलकुलेशन: (20,000×35)÷70=₹10,000

मासिक पेंशन: आपको लाइफटाइम ₹10,000 प्रति माह की ठीक-ठाक पेंशन मिल सकती है।

अगर आपकी सैलरी ₹10,000 या ₹20,000 है, तो 10 साल बाद हर महीने कितनी रकम मिलेगी?

न्यूनतम पेंशन का सुरक्षा कवच

ईपीएस के तहत वर्तमान में न्यूनतम पेंशन ₹1,000 प्रति माह तय की गई है। इसका मतलब यह है कि अगर किसी कर्मचारी की 10 साल की नौकरी के बाद ईपीएफओ के फॉर्मूले से पेंशन ₹1,000 से कम यानी मान लीजिए ₹80) बनती है, तो भी सरकार उसे बढ़ाकर न्यूनतम ₹1,000 प्रति माह देना सुनिश्चित करेगी।

हालांकि, देश भर के पेंशनभोगी लंबे समय से इस ₹1,000 की न्यूनतम सीमा को बढ़ाकर ₹5,000 से ₹7,500 करने की मांग कर रहे हैं, जिस पर सरकार की ओर से अभी कोई अंतिम फैसला नहीं आया है।

टैक्सपेयर्स और नौकरी बदलने वालों के लिए जरूरी सलाह

अगर आप करियर के दौरान अपनी नौकरी बदल रहे हैं, तो कभी भी पुराने ईपीएफ (EPF) और ईपीएस (EPS) के पैसे को एकमुश्त निकालने की गलती न करें। हमेशा अपने UAN के जरिए अपने पुराने पीएफ अकाउंट को नई कंपनी में ट्रांसफर कराएं। ऐसा करने से आपकी पेंशन योग्य सेवा लगातार जुड़ती रहती है और बिना किसी रुकावट के आपकी 10 साल की पात्रता आसानी से पूरी हो जाती है।

महंगे पेट्रोल-डीजल से मिलेगी राहत! हर महीने ₹1000 की सीधी बचत, जानें RBL, HDFC और Axis के फ्यूल कार्ड्स में कौन है सबसे बेस्ट?

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Bank Holiday Alert: क्या 17 जुलाई को देश भर में बंद रहेंगे बैंक? घर से निकलने से पहले चेक कर लें RBI की हॉलिडे लिस्ट

Bank Holiday Today on 17 July 2026: अगर आप कल यानी 17 जुलाई को बैंक ब्रांच जाकर पैसे जमा करने, चेक क्लियर कराने या लोन से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के हॉलिडे कैलेंडर के मुताबिक, 17 जुलाई को देश के एक खास राज्य में बैंकों की छुट्टी घोषित की गई है।

ऐसे में ग्राहकों को किसी भी तरह की असुविधा से बचने के लिए यह जान लेना जरूरी है कि उनके शहर या राज्य में बैंक खुले हैं या बंद। आइए जानते हैं कि कल कहां बैंक बंद रहेंगे और कहां सामान्य रूप से काम होगा।

17 जुलाई को किस राज्य में बंद रहेंगे बैंक और क्यों?

आरबीआई (RBI) की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, आज 17 जुलाई को मेघालय राज्य में बैंकों के लिए अवकाश घोषित किया गया है.

छुट्टी का कारण: मेघालय में स्वतंत्रता सेनानी ‘यू तिरोत सिंग’ की पुण्यतिथि मनाई जाती है।

कौन-से बैंक रहेंगे बंद: मेघालय में भारतीय स्टेट बैंक (SBI), पंजाब नेशनल बैंक (PNB), एचडीएफसी (HDFC), आईसीआईसीआई (ICICI) और एक्सिस बैंक सहित सभी सरकारी और प्राइवेट सेक्टर के बैंकों की शाखाएं आज बंद रहेंगी।

कौन थे यू तिरोत सिंग?

यू तिरोत सिंग 19वीं सदी की शुरुआत में मेघालय की खासी पहाड़ियों (Khasi Hills) के एक आदिवासी राजा और देश के वीर स्वतंत्रता सेनानी थे, जिन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ कड़ा संघर्ष किया था।

क्या आपके शहर में खुले हैं बैंक?

अगर आप मेघालय को छोड़ दें, तो देश के अन्य सभी राज्यों और प्रमुख शहरों जैसे- दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, लखनऊ आदि में आज बैंक पूरी तरह से खुले हैं और वहां सामान्य दिनों की तरह कामकाज हो रहा है। इसलिए बाकी राज्यों के ग्राहकों को परेशान होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है।

आज यानी 16 जुलाई, गुरुवार को ओडिशा, उत्तराखंड और मणिपुर जैसे राज्यों में रथ यात्रा और हरेला त्योहार के चलते बैंकों में छुट्टी थी, लेकिन आज वहां भी बैंक खुल चुके हैं।

ब्रांच बंद होने पर भी चालू रहेंगी ये डिजिटल सेवाएं

भले ही मेघालय में आज बैंक शाखाएं बंद हैं, लेकिन ग्राहकों की सहूलियत के लिए सभी वैकल्पिक और डिजिटल बैंकिंग चैनल 24 घंटे काम कर रहे हैं। इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग ऐप्स के जरिए फंड ट्रांसफर हमेशा की तरह चालू रहेगा। आप UPI और ATM का इस्तेमाल कर सकते हैं। चेक क्लीयरेंस, डिमांड ड्राफ्ट (DD) बनवाना, नया खाता खोलना या लॉकर से जुड़े काम जो सिर्फ ब्रांच जाकर होते हैं, वे अगले कार्यदिवस पर ही संभव हो पाएंगे।

कल का मौसम 18 जुलाई: IMD ने इन 17 राज्यों में हैवी रेन का अलर्ट दिया, 5 एक्टिव चक्रवाती सिस्टम से कई इलाकों में मूसलाधार बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी

India Weather Update: देश भर में मानसून की रफ्तार अब बेहद आक्रामक हो चुकी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 18 जुलाई के लिए देश के कई हिस्सों में भारी से अत्यंत भारी बारिश, आंधी-तूफान और तेज बिजली गिरने का बड़ा अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक इस समय देश के आसमान पर 5 एक्टिव मौसमी सिस्टम (एक लो प्रेशर एरिया, एक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस, दो अपर एयर साइक्लोनिक सर्कुलेशन और एक ट्रफ) सक्रिय हैं। ये देश के मौसम को पूरी तरह से नियंत्रित कर रहे हैं। इनके चलते देश के 17 राज्यों में मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिलेगा।

आइए जानते हैं मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार 18 जुलाई को आपके राज्य में मौसम का मिजाज कैसा रहेगा:-

सिक्किम और उप-हिमालयी बंगाल में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक 18 जुलाई को देश के पूर्वोत्तर और हिमालयी इलाकों में बारिश सबसे घातक रूप ले सकती है। सिक्किम और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कहीं-कहीं अत्यधिक भारी बारिश होने की गंभीर आशंका जताई गई है।

इन 4 राज्यों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

IMD ने नीचे दिए गए 5 राज्यों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है:-

उत्तराखंड: देवभूमि में पहाड़ों पर हो रही लगातार बारिश के बीच 18 जुलाई को कुछ हिस्सों में मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहेगा।

छत्तीसगढ़: मध्य भारत के इस राज्य में मानसून की सक्रियता के चलते कई जगहों पर बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है।

असम और मेघालय: पूर्वोत्तर के इन दोनों राज्यों में मौसम विभाग ने भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

अरुणाचल प्रदेश: यहां के पर्वतीय और तलहटी इलाकों में भी भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

यूपी, बिहार और एमपी समेत इन 11 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

18 जुलाई को देश के कुल 11 राज्यों और क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है:-

उत्तर प्रदेश (पूर्वी): पूर्वी यूपी के इलाकों में मानसून सक्रिय रहेगा और यहां भारी बारिश होने की संभावना है।

बिहार और झारखंड: इन दोनों पड़ोसी राज्यों में बादल जमकर बरसेंगे और कई हिस्सों में भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

पूर्वी मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

हिमाचल प्रदेश: पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश के कुछ इलाकों में भारी बारिश होने का अनुमान है।

ओडिशा: यहां भी मानसून की सक्रियता के चलते अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है।

केरल और माहे: दक्षिण भारत के केरल और माहे क्षेत्र में भारी बारिश हो सकती है।

कर्नाटक: कर्नाटक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश का दौर देखने को मिलेगा।

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: पूर्वोत्तर के इन चारों राज्यों में भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

थंडरस्क्वाल और आंधी-तूफान की चेतावनी

बारिश के साथ-साथ मौसम विभाग ने कई राज्यों में तेज रफ्तार हवाओं और बिजली कड़कने का भी पूर्वानुमान व्यक्त किया है। तेलंगाना के अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ थंडरस्क्वाल आने की आशंका है। हवाओं की रफ्तार 50 से 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, झारखंड, मध्य प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, तटीय आंध्र प्रदेश और आंतरिक कर्नाटक के अलग-अलग हिस्सों में गरज-चमक के साथ 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने और बिजली गिरने की प्रबल आशंका है। बिहार, विदर्भ, गांगेय पश्चिम बंगाल, तटीय कर्नाटक, केरल व माहे, रायलसीमा, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।

कपकतर

उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, असम व मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा के विभिन्न हिस्सों में कल गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। कर्नाटक, रायलसीमा और तेलंगाना के कुछ इलाकों में कल काफी तेज सतही हवाएं भी चल सकती हैं।

पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में उमस का कहर जारी रहेगा

एक तरफ जहां देश का एक बड़ा हिस्सा बारिश और बाढ़ जैसी स्थिति से जूझेगा, वहीं उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में लोगों को उमस का सामना करना पड़ेगा। मौसम विभाग के मुताबिक हरियाणा, चंडीगढ़ एवं दिल्ली और पंजाब के अलग-अलग स्थानों पर मौसम बेहद गर्म और उमस भरा बना रहेगा।

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महंगे पेट्रोल-डीजल से मिलेगी राहत! हर महीने ₹1000 की सीधी बचत, जानें RBL, HDFC और Axis के फ्यूल कार्ड्स में कौन है सबसे बेस्ट?

IndianOil Co-branded Credit Cards Comparison: देश में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच हर कोई अपने फ्यूल खर्च पर कुछ न कुछ बचत करना चाहता है। ऐसे में बैंकों द्वारा जारी ‘फ्यूल को-ब्रांडेड क्रेडिट कार्ड्स’ काफी चर्चा में हैं। सोशल मीडिया और विज्ञापनों में दावा किया जा रहा है कि ‘इंडियन ऑयल के फ्यूल स्टेशनों पर ईंधन भराने पर 8.5% तक की एक्स्ट्रा बचत’ मिल सकती है।

क्या यह दावा वाकई सच है? इसका जवाब है- हां, यह पूरी तरह सच है, लेकिन यह लाभ केवल एक खास क्रेडिट कार्ड पर ही उपलब्ध है। मार्केट में इंडियन ऑयल के साथ तीन बड़े बैंकों HDFC Bank, Axis Bank और RBL Bank के क्रेडिट कार्ड उपलब्ध हैं।

8.5% बचत का पूरा गणित: RBL Bank IndianOil XTRA Credit Card

फ्यूल पर 8.5% की सबसे ज्यादा बचत आपको RBL Bank IndianOil XTRA Credit Card पर मिलती है। यह पूरे देश में किसी भी फ्यूल क्रेडिट कार्ड पर मिलने वाली सबसे ऊंची सेविंग्स दरों में से एक है। बैंक के नियमों के अनुसार यह बचत दो हिस्सों में बंटी होती है:

7.5% फ्यूल वैल्यू-बैक: इस कार्ड से इंडियन ऑयल के आउटलेट्स पर प्रति ₹100 खर्च करने पर 15 फ्यूल पॉइंट्स मिलते हैं। चूंकि 1 फ्यूल पॉइंट की वैल्यू ₹0.50 (50 पैसे) होती है, इसलिए यह सीधे तौर पर 7.5% का वैल्यू-बैक बन जाता है।

1% फ्यूल सरचार्ज वेवर: ईंधन भराने पर लगने वाले 1% के सरचार्ज पर पूरी छूट मिलती है। जिससे कुल बचत: 7.5%+1%=8.5% हो जाती है।

कैपिंग और लिमिट: इस कार्ड में हर महीने अधिकतम 2,000 फ्यूल पॉइंट्स (यानी ₹1,000 मूल्य का ईंधन) ही कमाए जा सकते हैं। इस बचत का पूरा फायदा उठाने के लिए हर महीने अधिकतम ₹13,400 तक का फ्यूल इस कार्ड से भराना सबसे बेस्ट रहता है।

HDFC, Axis और RBL के इंडियन ऑयल कार्ड्स में अंतर

क्रेडिट कार्ड डेटा के आधार पर तीनों प्रमुख बैंकों के इंडियन ऑयल को-ब्रांडेड कार्ड्स की तुलना नीचे दी गई टेबल से आसानी से समझी जा सकती है:

HDFC, Axis और RBL के इंडियन ऑयल कार्ड्स में अंतर

तीनों कार्ड्स की खास बातें और लिमिट

1. HDFC Bank IndianOil Credit Card

यह कार्ड उन लोगों के लिए बेहतरीन है जिनका मासिक फ्यूल खर्च ₹3,000 के आसपास रहता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह RuPay नेटवर्क पर उपलब्ध है, जिससे आप इसे अपने Google Pay, PhonePe या Paytm से लिंक करके किसी भी मर्चेंट को सीधे UPI पेमेंट कर सकते हैं। साथ ही ग्रोसरी और यूटिलिटी बिलों पर मिलने वाला 5% का लाभ इसे एक अच्छा ऑल-राउंडर बजट कार्ड बनाता है।

2. Axis Bank IndianOil Credit Card

इसमें आपको कुल 5% की बचत होती है और महीने में अधिकतम ₹200 तक का फ्यूल रिवॉर्ड मिल सकता है। यह कार्ड भी RuPay नेटवर्क पर आता है, जिससे यूपीआई ट्रांजैक्शन आसान हो जाते हैं। इसके अलावा अगर आप बाहर खाना खाने या मूवी टिकट (BookMyShow) बुक करने के शौकीन हैं, तो वहां मिलने वाला 15% का डिस्काउंट इसकी वैल्यू को काफी बढ़ा देता है।

3. RBL Bank IndianOil XTRA Credit Card

सबसे बड़ी खूबी है 8.5% की रिकॉर्डतोड़ बचत जो भारी फ्यूल खर्च करने वालों के लिए वरदान है। इसकी सालाना फीस ₹1,500 (प्लस जीएसटी) है, जो बाकी दोनों कार्ड्स से ज्यादा है। हालांकि, अगर आप सालभर में ₹2.75 लाख रुपये इस कार्ड से खर्च कर देते हैं, तो यह फीस पूरी तरह माफ हो जाती है।

आपके लिए कौन सा कार्ड रहेगा सबसे बेस्ट?

अगर आपका फ्यूल खर्च बहुत ज्यादा है (महीने का ₹8,000 से ₹13,000) तो बिना सोचे समझे RBL Bank IndianOil XTRA कार्ड चुनें, क्योंकि इसकी 8.5% की बचत आपकी सालाना फीस से कहीं ज्यादा पैसा आपको वापस दिला देगी।

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अगर आपका बजट कम है और UPI पेमेंट की सुविधा चाहिए तो HDFC या Axis के इंडियन ऑयल कार्ड्स आपके लिए ज्यादा मुफीद रहेंगे, क्योंकि इनमें सालाना फीस कम है और यूपीआई पेमेंट का एक्स्ट्रा सपोर्ट मिलता है।

Iran-US War Update: फिर बंद होने के कगार पर होर्मुज! ईरान ने जॉर्डन में की मिसाइलों की बौछार, अमेरिका का चाबहार पोर्ट पर अटैक

Iran-US War Update: ब्रिटिश सेना ने शुक्रवार (17 जुलाई) को कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर ओमान के सबसे पास वाले समुद्री रूट्स से गुजर रहे एक टैंकर पर हमला किया गया। ब्रिटेन के यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार, यह हमला शुक्रवार तड़के हुआ, जिसमें एक टैंकर से टकराया। UKMTO  ने बताया कि हमले में टैंकर के बाईं हिस्से को मामूली क्षति पहुंची। उसने कहा, “चालक दल के सभी सदस्य सुरक्षित हैं। सभी का पता लगा लिया गया है। पर्यावरण को किसी प्रकार की क्षति की सूचना नहीं है। पोत अपने अगले गंतव्य की ओर बढ़ रहा है।”

ईरान ओमान के निकट इस समुद्री मार्ग से गुजरने वाले टैंकरों पर हमले करता रहा है। हालांकि, इस घटना के संबंध में ईरान की ओर से तत्काल किसी हमले की पुष्टि नहीं की गई। इस बीच जॉर्डन की सेना ने शुक्रवार को कहा कि उसने ईरान की ओर से दागी गई तीन मिसाइलों को बीच रास्ते में ही मार गिराया।

जॉर्डन की सरकारी समाचार एजेंसी पेट्रा के अनुसार, सेना ने यह जानकारी दी। हमले में किसी के हताहत होने की अभी सूचना नहीं है। जॉर्डन में अमेरिकी सैनिक और सैन्य विमान तैनात हैं। अमेरिका द्वारा ईरान पर हवाई हमलों का अभियान तेज किए जाने के बाद जवाबी कार्रवाई के तहत ईरान कई बार जॉर्डन को निशाना बना चुका है।

होर्मुज में ट्रैफिक कम हुआ

अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बढ़ी लड़ाई ने होर्मुज से होने वाले ट्रैफिक को काफी हद तक रोक दिया है। होर्मुज तेल और गैस के लिए दुनिया का सबसे अहम शिपिंग रूट है। इसके बंद होने से दुनिया भर में एनर्जी की कीमतें बढ़ गई हैं। रिपोर्ट के शुक्रवार सुबह 0513 GMT के डेटा के मुताबिक, फ्यूल ऑयल ले जा रहे ‘मीरान’ (एक सैंक्शन वाला प्रोडक्ट टैंकर) और लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस ले जा रहे छोटे जहाज ‘नोरिता’ ने गुरुवार को ईरानी रूट से जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) को पार किया।

लेकिन ओमान की खाड़ी में रुक गए। वहां US की नाकेबंदी है। LSEG के डेटा से पता चला कि इराकी फ्यूल ऑयल से लदा बंकरिंग टैंकर ‘एरोलिया’ शुक्रवार को खाड़ी से बाहर निकलने के कुछ ही घंटों बाद वापस खाड़ी की ओर मुड़ गया।

अमेरिका का चाबहार पोर्ट पर अटैक

अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने शुक्रवार को एक टावर की तस्वीर शेयर की, जो ईरान पर लगातार हमलों के बाद गिरता हुआ दिख रहा था। न्यूज  एजेंसी AP के अनुसार, यह तस्वीर चाबहार पोर्ट के टावर की है। हालांकि हेगसेथ ने खुद इस टावर या तस्वीर को किसी खास जगह से नहीं जोड़ा। चाबहार पोर्ट पर अमेरिकी हवाई हमले बार-बार होते रहे हैं।

ईरान के सरकारी मीडिया ने इस जगह पर हमलों के तीसरे दौर की बात तो मानी। लेकिन तुरंत यह नहीं बताया कि टावर गिर गया है। हालांकि, ईरान ने कहा कि यह टावर पोर्ट पर आने-जाने वाले कमर्शियल ट्रैफिक पर नजर रखने का काम करता था।

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ईरान का पैरामिलिट्री रिवोल्यूशनरी गार्ड भी देश भर के पोर्ट्स पर काम करता है। इस बीच, तेहरान ने शुक्रवार को दावा किया कि उसने खाड़ी इलाके में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर नए सिरे से हमले किए हैं। यह जवाबी कार्रवाई तब हुई जब अमेरिकी सेना ने लगातार छठी रात ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमले किए। हमलों के इस नए दौर से तनाव और बढ़ गया है। पिछले महीने हुए सीजफायर के बाद अब दोनों तरफ से रोजाना हमले हो रहे हैं।

US Visa Rules Tightened: अमेरिकी वीजा नियमों में भारी बदलाव, विदेशी छात्रों और पत्रकारों के लिए क्या बदलेगा यहां जानिए

US Visa Rules: ट्रंप प्रशासन ने विदेशी छात्रों, कल्चरल एक्सचेंज विजिटर्स और पत्रकारों के लिए वीजा की अवधि को कड़ा करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग के एक नए फाइनल रूल के तहत अब अंतर्राष्ट्रीय छात्रों के लिए F वीजा, कल्चरल एक्सचेंज विजिटर्स के तहत अमेरिका में काम करने की अनुमति देने वाले J वीजा और मीडिया कर्मियों के लिए I वीजा के लिए एक निश्चित समय अवधि तय कर दी गई है।

फिलहाल ये वीजा अमेरिका में कार्यक्रम या रोजगार की अवधि तक के लिए उपलब्ध रहते हैं। लेकिन नए नियमों के लागू होने के बाद विदेशी छात्रों और मीडिया कर्मियों के लिए मुश्किलें काफी बढ़ने वाली हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि इस नए वीजा नियम से विदेशी छात्रों और पत्रकारों के लिए क्या-क्या बदलने जा रहा है।

वीजा की अवधि में क्या हुआ बदलाव?

रायटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक नए नियमों के तहत वीजा की समय सीमा को पूरी तरह से सीमित कर दिया गया है। नए नियमों के अनुसार अंतर्राष्ट्रीय छात्रों (Student Visa) और एक्सचेंज वीजा की अवधि अब अधिकतम 4 वर्ष से ज्यादा नहीं होगी। विदेशी पत्रकारों के लिए वीजा मौजूदा समय में सालों तक चल सकता है पर अब अधिकतम 240 दिनों तक का होगा।

चीनी नागरिकों, पत्रकारों के मामले में इस वीजा की अवधि को और भी कम करके केवल 90 दिन कर दिया गया है। यह नया नियम फेडरल रजिस्टर में प्रकाशित होने के 60 दिनों के बाद प्रभावी होगा। ये फेडरल रजिस्टर कांग्रेस की समीक्षा के अंतर्गत आता है।

विदेशी छात्रों के लिए कड़े हुए नियम

नए वीजा नियमों के कारण अंतर्राष्ट्रीय छात्रों के सामने कई नई पाबंदियां और चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। नए नियम स्पष्ट रूप से स्नातक छात्रों को किसी भी समय अपने शैक्षणिक उद्देश्यों को बदलने या बिना आधिकारिक अनुमति के दूसरे स्कूल में ट्रांसफर लेने से प्रतिबंधित करते हैं।

अपनी डिग्री या ट्रेनिंग पूरी करने के बाद छात्रों को अमेरिका छोड़ने के लिए मिलने वाले समय को 60 दिनों से घटाकर आधा यानी 30 दिन कर दिया गया है। हालांकि गृह सुरक्षा विभाग के मुताबिक अगर वीजा धारक निर्धारित अवधि के बाद भी अमेरिका में रुकना चाहते हैं तो उन्हें एक्सटेंशन के लिए आवेदन करना होगा या फिर विदेश यात्रा कर दोबारा अमेरिका में प्रवेश हासिल करना होगा।

भड़का चीन, दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी

अमेरिकी सरकार के इस कदम पर चीन ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। चीन के विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को अमेरिका के इस कदम को भेदभावपूर्ण कहा है और वाशिंगटन से चीनी पत्रकारों के लिए इस नई वीजा नीति को तुरंत वापस लेने का आग्रह किया है।

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने बीजिंग में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि यह कार्रवाई 2021 में मीडिया मुद्दों पर चीन और अमेरिका के बीच बनी तीन-बिंदु सहमति का गंभीर उल्लंघन करती है और अमेरिका में चीनी मीडिया के सामान्य कामकाज को गंभीर रूप से प्रभावित करती है। इसके साथ ही लिन जियान ने चेतावनी दी कि चीन इसके खिलाफ जवाबी कार्रवाई करने का अधिकार सुरक्षित रखता है।

अमेरिका ने क्यों उठाया यह कदम?

गृह सुरक्षा विभाग (DHS) ने इन नियमों को लागू करने के पीछे वीजा आवेदकों की संख्या में आई भारी उछाल को मुख्य कारण बताया है। विभाग के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2024 में 18 लाख से अधिक छात्र वीजा दाखिले हुए जो पिछले वर्ष की तुलना में 11% से अधिक की वृद्धि दर्शाते हैं। इसके अलावा अमेरिका ने वित्तीय वर्ष 2024 में 5,00,000 से अधिक एक्सचेंज विजिटर्स और 37,300 मीडिया कर्मियों को वीजा जारी किए थे।

DHS का कहना है कि इन आगंतुकों की संख्या में भारी वृद्धि की वजह से संयुक्त राज्य अमेरिका में रहने के दौरान इन गैर-प्रवासियों की निगरानी और ओवरसाइट करने की विभाग की क्षमता के सामने एक चुनौती खड़ी हो गई है। विभाग ने ऐसे कई उदाहरण भी दिए जहां छात्र और एक्सचेंज विजिटर अपने वीजा पर दशकों तक अमेरिका में रुके रहे।

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Daily Mutual Fund SIP Calculator: हम अक्सर सोचते हैं कि निवेश शुरू करने के लिए बहुत बड़ी रकम की जरूरत होती है। लेकिन असलियत यह है कि आपकी छोटी-छोटी दैनिक बचत भी लंबी अवधि में आपको लखपति बना सकती है। चाय-नाश्ते या जेब खर्च के ₹100 या ₹200 रोज बचाकर अगर आप म्यूचुअल फंड की डेली एसआईपी में डालते हैं, तो अगले 10 से 15 सालों में आपके पास एक बड़ा फंड तैयार हो सकता है।

आइए समझते हैं कि रोजाना ₹100 और ₹200 की डेली एसआईपी से 10 और 15 साल में कितना पैसा बनेगा।

1. रोजाना ₹100 की डेली एसआईपी का गणित

अगर आप प्रतिदिन ₹100 बचाते हैं, तो महीने के 30 दिन के हिसाब से आपका कुल मासिक निवेश ₹3,000 होगा।

10 साल के निवेश पर कुल जमा राशि: ₹3,60,000

12% सालाना रिटर्न पर: 10 साल बाद कुल वैल्यू करीब ₹6,97,017 होगी। इसमें ₹3,37,017 का फायदा होगा।

15% सालाना रिटर्न पर: 10 साल बाद कुल वैल्यू करीब ₹8,35,968 होगी। इसमें ₹4,75,968 का फायदा होगा।

15 साल के निवेश पर कुल जमा राशि: ₹5,40,000

12% सालाना रिटर्न पर: 15 साल बाद कुल वैल्यू करीब ₹15,14,272 होगी। इसमें ₹9,74,272 का फायदा।

15% सालाना रिटर्न पर: 15 साल बाद कुल वैल्यू करीब ₹20,17,631 (यानी ₹20 लाख से ज्यादा) होगी। इसमें ₹14,77,631 का फायदा होगा।

2. रोजाना ₹200 की डेली एसआईपी का गणित

अगर आप अपनी बचत को थोड़ा बढ़ाकर रोजाना ₹200 करते हैं, तो आपका मासिक निवेश ₹6,000 हो जाएगा।

10 साल के निवेश पर कुल जमा राशि: ₹7,20,000

12% सालाना रिटर्न पर: 10 साल बाद कुल वैल्यू करीब ₹13,94,034 होगी। (फायदा: ₹6,74,034)

15% सालाना रिटर्न पर: 10 साल बाद कुल वैल्यू करीब ₹16,71,936 होगी। (फायदा: ₹9,51,936)

15 साल के निवेश पर कुल जमा राशि: ₹10,80,000

12% सालाना रिटर्न पर: 15 साल बाद कुल वैल्यू करीब ₹30,28,544 होगी। (फायदा: ₹19,48,544)

15% सालाना रिटर्न पर: 15 साल बाद कुल वैल्यू करीब ₹40,35,262 (यानी ₹40 लाख से ज्यादा) होगी। (फायदा: ₹29,55,262)

₹100-₹200 की डेली SIP का पूरी कैलकुलेशन

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छोटी बचत और डेली एसआईपी के फायदे

रोजाना ₹100 या ₹200 बचाना किसी भी छात्र, नौकरीपेशा या छोटे दुकानदार के लिए बहुत आसान है। इससे बजट पर कोई दबाव नहीं पड़ता। जेब पर कम बोझ होने पर आप इसे लंबे समय तक जारी रख सकते हैं। क्योंकि 10 साल के मुकाबले 15 साल में फंड लगभग दोगुना से भी ज्यादा हो जाता है। आप जितना लंबा समय देंगे, आपका पैसा उतनी ही तेजी से बढ़ेगा।

रोज निवेश करने से ‘रुपी कॉस्ट एवरेजिंग’ का फायदा मिलता है। इसका मतलब है कि जब बाजार गिरता है तो आपको ज्यादा यूनिट्स मिलती हैं और चढ़ने पर कम, जिससे आपका औसत निवेश सुरक्षित रहता है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Viral News: राजस्थान का यह मंदिर क्यों कहलाता है कारोबारियों का ‘बिजनेस पार्टनर’? हर महीने चढ़ते हैं 30-40 करोड़ रुपये दान

Viral News: एक ओर अयोध्या के राम मंदिर में दान राशि में कथित अनियमितताओं का मामला सुर्खियों में है। वहीं राजस्थान के मेवाड़ इलाके में स्थित मशहूर श्री सांवलिया सेठ मंदिर अपनी पारदर्शी दान व्यवस्था और सख्त लेखा-जोखा सिस्टम को लेकर चर्चा में है। मेवाड़ क्षेत्र में स्थित भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित इस प्रसिद्ध मंदिर को देशभर के कारोबारी अपना ‘बिजनेस पार्टनर’ मानते हैं। वे अपने कारोबार के मुनाफे का एक हिस्सा यहां अर्पित करते हैं। 13 जुलाई को जब मंदिर की दान पेटियां खोली गईं तो पहले ही दिन 10.11 करोड़ रुपये की नकदी गिनी गई। दान की गिनती की प्रक्रिया छह दिनों तक चलनी है।

हर महीने 30 से 40 करोड़ रुपये का चढ़ावा

मंदिर प्रशासन के अनुसार, श्री सांवलिया सेठ मंदिर में हर महीने औसतन 30 से 40 करोड़ रुपये का चढ़ावा आता है। इतनी बड़ी राशि के सुरक्षित प्रबंधन के लिए मंदिर में मजबूत सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था लागू है। दान पेटियां, दान कक्ष और प्रशासनिक कार्यालय 24 घंटे सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में रहते हैं। दान वाले रूम में श्रद्धालु जैसे ही दान करते हैं। फिर उन्हें तुरंत आधिकारिक रसीद जारी की जाती है, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहती है।

साल में 11 बार खुलती हैं दान पेटियां

मंदिर की सबसे खास व्यवस्था यह है कि दान पेटियां साल में 11 बार खोली जाती हैं। दान पेटियां खोलने से लेकर कैश की गिनती तक पूरी प्रक्रिया सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में होती है। गिनती के दौरान प्रतिदिन की राशि मीडिया के माध्यम से सार्वजनिक की जाती है। वहीं, कैश गिनने वाले कर्मचारियों की मंदिर में एंट्री और एग्जिट के समय सघन जांच की जाती है, ताकि किसी तरह की गड़बड़ी की संभावना न रहे।

दान की राशि से होते हैं विकास कार्य

मंदिर बोर्ड के अध्यक्ष हजारी दास वैष्णव के अनुसार, श्रद्धालुओं द्वारा दान किए गए हर रुपये का विस्तृत हिसाब रखा जाता है। उन्होंने बताया कि मंदिर में आने वाला चढ़ावा केवल मंदिर के खजाने के लिए नहीं, बल्कि सामाजिक कल्याण और विकास कार्यों में भी खर्च किया जाता है। फिलहाल मंदिर प्रशासन करीब 100 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं पर काम कर रहा है। इनमें मंदिर परिसर का विस्तार और सौंदर्यीकरण, श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं तथा आसपास के 16 गांवों में विकास कार्य शामिल हैं।

पांच बैंकों में हैं मंदिर के अकाउंट

मंदिर प्रशासन के अनुसार, पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मंदिर के मंडफिया स्थित पांच बैंकों में खाते संचालित हैं। सत्संग भवन में दान की गिनती पूरी होने के बाद इन बैंकों के प्रतिनिधि मौके पर पहुंचकर राशि का सत्यापन करते हैं, मंदिर बोर्ड को रसीद सौंपते हैं और पूरी रकम संबंधित बैंक खातों में जमा कर दी जाती है।

मंदिर प्रशासन का कहना है कि यह व्यवस्था श्रद्धालुओं के विश्वास और प्रशासन की जवाबदेही का प्रतीक है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि दान की गई प्रत्येक राशि का सही रिकॉर्ड रखा जाए और उसका उचित उपयोग हो। मंदिर के अधिकारियों का कहना है कि यह व्यवस्था भक्तों की आस्था और प्रशासन की जवाबदेही के प्रति प्रतिबद्धता, दोनों को दिखाती है। इससे यह पक्का होता है कि हर दान का सही तरीके से रिकॉर्ड और मैनेजमेंट किया जाए।

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Ram Mandir Chanda Chori Update: अयोध्या स्थित श्री राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान में कथित हेराफेरी का मामला उस समय सामने आया, जब मंदिर परिसर के एक शौचालय में 40 हजार रुपये कैश छिपे मिले। ‘टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI)’ की रिपोर्ट के अनुसार, एक सुरक्षा गार्ड की सतर्कता से हुई इस बरामदगी ने ऐसे संगठित गिरोह का खुलासा किया, जो पिछले कई महीनों से दान की रकम में कथित तौर पर सेंध लगा रहा था।

शौचालय में कैश मिलने के बाद मंदिर प्रशासन ने दान गिनने वाले रूम की सीसीटीवी फुटेज खंगाली। जांच में कथित तौर पर सामने आया कि दान की गिनती में लगे कुछ कर्मचारी नोटों को अपने कपड़ों और शरीर में छिपा रहे थे। इसके बाद पूरे दान प्रबंधन तंत्र की जांच शुरू की गई।

ऐसे की जाती थी दान की रकम की चोरी

जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी दान की गिनती के दौरान कैश निकालकर पहले उसे मंदिर परिसर के शौचालयों में छिपा देते थे। बाद में सुरक्षा कर्मियों और अन्य कर्मचारियों की नजर से बचते हुए उस रकम को थोड़ी-थोड़ी मात्रा में बाहर ले जाया जाता था। पुलिस का मानना है कि इसी तरीके से लंबे समय तक चोरी को अंजाम दिया जाता रहा।

SIT जांच में बड़ा खुलासा

शुरुआती जांच में मंदिर ट्रस्ट ने लगभग 80 लाख रुपये की बरामदगी दर्ज की। मामला तूल पकड़ने के बाद जांच स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) को सौंप दी गई। अब तक दान की गिनती से जुड़े आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से बड़ी मात्रा में नकदी, आभूषण और कथित तौर पर चोरी के पैसों से खरीदी गई एक गाड़ी भी बरामद की है। इसके अलावा आरोपियों और उनके परिजनों से जुड़े करीब 50 बैंक खातों की जांच कर धन के लेन-देन का पता लगाया जा रहा है।

कई महीनों से चल रही थी कथित हेराफेरी

जांच अधिकारियों का मानना है कि दान की रकम में यह कथित चोरी कई महीनों से जारी थी। हालांकि, मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में आने वाले दान और रिकॉर्ड की सीमाओं के कारण यह तय कर पाना मुश्किल है कि कुल कितनी राशि का गबन हुआ। TOI की रिपोर्ट के मुताबिक, यह अहम खुलासा तब हुआ जब एक सिक्योरिटी गार्ड को मंदिर परिसर के अंदर एक वॉशरूम में छिपे हुए ₹40,000 मिले। इस खोज से तुरंत शक पैदा हुआ, जिसके बाद मंदिर प्रशासन ने डोनेशन गिनने वाली जगह के CCTV फुटेज की जांच की। उन्हें जो मिला, वह छिपे हुए कैश के एक बंडल से कहीं ज़्यादा गंभीर मामला था।

दान व्यवस्था में मिलीं खामियां, ट्रस्ट ने बदली पूरी सिस्टम

SIT की जांच में यह भी सामने आया कि मुख्य आरोपियों में से एक के पास दान पेटियों की चाबियों तक अनधिकृत पहुंच थी। इससे मंदिर की आंतरिक निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हुए हैं। यह भी जांच की जा रही है कि क्या अन्य कर्मचारी या अधिकारी इस कथित गड़बड़ी से अनजान थे या उन्होंने इसे नजरअंदाज किया।

मामले के सामने आने के बाद ‘श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट’ ने दान संग्रह और गिनती की पूरी व्यवस्था में व्यापक बदलाव किए हैं। अब दान की गिनती के दौरान सुरक्षा बढ़ा दी गई है, सीसीटीवी निगरानी को मजबूत किया गया है, सख्त मॉनिटरिंग प्रोटोकॉल लागू किए गए हैं और नकदी प्रबंधन प्रणाली में बदलाव कर मानवीय हस्तक्षेप को कम करने की कोशिश की गई है। इन सुधारों का उद्देश्य लाखों श्रद्धालुओं का भरोसा दोबारा कायम करना है।

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