Direct vs Regular: एक ही म्यूचुअल फंड स्कीम, फिर भी एक को मिला ₹50 लाख ज्यादा रिटर्न! समझें एक्सपेंस रेशियो का असली खेल

Direct vs Regular Mutual Funds Comparison: म्युचुअल फंड में निवेश करने वाले हर निवेशक के सामने दो विकल्प होते हैं- डायरेक्ट प्लान और रेगुलर प्लान। हाल ही में ऑनलाइन ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म ग्रो द्वारा रेगुलर म्यूचुअल फंड सेगमेंट में ‘MF Prime’ सर्विस लॉन्च करने के बाद यह बहस एक बार फिर तेज हो गई है। यह नई सर्विस उन निवेशकों के लिए है जो अपने पोर्टफोलियो को रीबैलेंस करने और सही फंड चुनने के लिए एक्सपर्ट्स की सलाह चाहते हैं।

वहीं, जेरोधा के को-फाउंडर नितिन कामथ का कहना है कि खुद से निवेश करने वाले निवेशकों के लिए डायरेक्ट प्लान एक ‘नो-ब्रेनर’ यानी सबसे आसान और समझदारी भरा विकल्प है, क्योंकि इसमें डिस्ट्रीब्यूटर कमीशन नहीं देना पड़ता। उन्होंने बताया कि उनके प्लेटफॉर्म ‘कॉइन’ पर निवेशकों ने कमीशन न देकर अब तक हजारों करोड़ रुपये बचाए हैं। आइए समझते हैं कि डायरेक्ट और रेगुलर फंड्स में क्या अंतर है और कैसे डायरेक्ट प्लान आपके पोर्टफोलियो में ₹50 लाख तक एक्स्ट्रा जोड़ सकता है।

डायरेक्ट और रेगुलर म्यूचुअल फंड में क्या अंतर है?

इन दोनों प्लान्स में सबसे बड़ा और मुख्य अंतर एक्सपेंस रेशियो यानी फंड मैनेजमेंट के खर्च का होता है:

डायरेक्ट प्लान: इसमें निवेशक सीधे एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) यानी म्यूचुअल फंड हाउस से यूनिट्स खरीदता है। इसमें बीच में कोई ब्रोकर, एजेंट या डिस्ट्रीब्यूटर नहीं होता, इसलिए कोई कमीशन नहीं कटता। नतीजा यह होता है कि इसका एक्सपेंस रेशियो काफी कम होता है।

रेगुलर प्लान: इसमें निवेशक किसी डिस्ट्रीब्यूटर, ब्रोकर या फाइनेंशियल एडवाइजर के माध्यम से निवेश करता है। फंड हाउस इन मध्यस्थों को कमीशन देता है, जिसे एक्सपेंस रेशियो में जोड़ दिया जाता है। इसलिए, रेगुलर प्लान का खर्च डायरेक्ट प्लान से थोड़ा ज्यादा होता है।

रिटर्न पर असर: अगर दो अलग-अलग निवेशक एक ही म्यूचुअल फंड स्कीम में एक जितनी रकम और एक जितनी अवधि के लिए निवेश करते हैं, तो डायरेक्ट प्लान वाले निवेशक को कम लागत के कारण रेगुलर प्लान की तुलना में थोड़ा अधिक रिटर्न मिलेगा।

डायरेक्ट और रेगुलर म्यूचुअल फंड में क्या अंतर है?

लॉन्ग टर्म में कैसे जुड़ सकते हैं ₹50 लाख एक्स्ट्रा?

दिखने में डायरेक्ट और रेगुलर प्लान के एक्सपेंस रेशियो में महज 0.50% से 1% तक का ही अंतर नजर आता है, लेकिन लॉन्ग टर्म में कंपाउंडिंग यानी ब्याज पर ब्याज के कारण यह मामूली अंतर एक विशाल रकम में बदल जाता है।

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मान लीजिए कि आप 30 साल के लिए एक बड़ी रकम निवेश करते हैं। रेगुलर प्लान में जहां आपका डिस्ट्रीब्यूटर कमीशन कटता रहेगा, वहीं डायरेक्ट प्लान में वह बचा हुआ 1% कमीशन हर साल आपके पोर्टफोलियो में दोबारा निवेश होता रहेगा। 30 साल की लंबी अवधि में यही बची हुई रकम कंपाउंड होकर आपके कुल फंड में ₹30 लाख से ₹50 लाख तक का अतिरिक्त मुनाफा जोड़ सकती है।

क्या कम खर्च का मतलब हमेशा बेहतर रिटर्न है?

फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स का कहना है कि सिर्फ कम एक्सपेंस रेशियो देखकर डायरेक्ट प्लान चुन लेना ही समझदारी नहीं है, क्योंकि निवेश में सबसे बड़ा रोल इन्वेस्टर बिहेवियर का होता है।

म्युचुअल फंड रिसर्च फर्म फंड्सइंडिया के रिसर्च सीनियर मैनेजर जीरल मेहता के मुताबिक, ‘आंकड़े बताते हैं कि कई बार फंड्स जितना रिटर्न कमा कर देते हैं, आम निवेशकों को उतना रिटर्न नहीं मिल पाता। इसकी वजह यह है कि निवेशक बाजार में गिरावट आने पर डरकर अपने पैसे निकाल लेते हैं या फिर बाजार के बहुत ऊंचे होने पर निवेश करते हैं।’

इसे ‘बिहेवियर गैप’ कहा जाता है। यह गैप डायरेक्ट और रेगुलर प्लान के खर्चों के अंतर से कहीं ज्यादा बड़ा होता है। एक डायरेक्ट प्लान का निवेशक अगर 30 साल के सफर में सिर्फ दो बार भी गलत समय पर बाजार से बाहर निकलता है, तो वह डायरेक्ट प्लान से मिलने वाले सारे कॉस्ट-बेनिफिट को पूरी तरह बर्बाद कर देता है।

फाइनेंशियल एडवाइजर की भूमिका और सही चुनाव

यहीं पर एक रेगुलर प्लान और फाइनेंशियल एडवाइजर की भूमिका अहम हो जाती है:

रेगुलर प्लान किसके लिए सही है? – ऐसे निवेशक जिन्हें मार्केट की गहरी समझ नहीं है, जो उतार-उढ़ाव देखकर घबरा जाते हैं और जिन्हें समय-समय पर पोर्टफोलियो की समीक्षा और रीबैलेंसिंग के लिए किसी गाइड की जरूरत होती है, उनके लिए रेगुलर प्लान बेहतर है। यहां थोड़ा ज्यादा एक्सपेंस रेशियो देना अंततः फायदेमंद साबित होता है क्योंकि एडवाइजर आपको गलत फैसले लेने से रोकता है।

डायरेक्ट प्लान किसके लिए सही है? – अगर आप एक ‘डू-इट-योरसेल्फ’ (DIY) इन्वेस्टर हैं, जो खुद रिसर्च कर सकते हैं, बाजार की गिरावट में शांत रह सकते हैं और बिना किसी बाहरी मदद के अनुशासित रहकर निवेश जारी रख सकते हैं, तो डायरेक्ट प्लान आपके लिए सबसे ज्यादा कॉस्ट-इफेक्टिव और मुनाफेमंद साबित होगा।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल पर विशेषज्ञों द्वारा व्यक्त किए गए विचार और निवेश टिप्स उनके अपने हैं, वेबसाइट या उसके प्रबंधन के नहीं। मनीकंट्रोल यूजर्स को सलाह देता है कि वे कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट्स से जांच कर लें।

Bank Holiday: कल से अगले 2 दिन तक बैंकों पर लगेगा ताला! घर से निकलने से पहले देख लें ये छुट्टियों की लिस्ट

Bank Holiday Alert: अगर आपको अगले दो दिनों में बैंक शाखा जाकर कोई जरूरी काम निपटाना है, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। कल और परसों यानी 16 और 17 जुलाई 2026 को देश के कुछ राज्यों में बैंकों में कामकाज नहीं होगा।

हालांकि, आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है क्योंकि यह छुट्टियां पूरे देश में नहीं हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के हॉलिडे कैलेंडर के अनुसार, ये छुट्टियां केवल चुनिंदा राज्यों में ही लागू रहेंगी। आइए जानते हैं कि इन दो दिनों में किन राज्यों में बैंक बंद रहने वाले हैं और इसकी वजह क्या है।

16 जुलाई, गुरुवार को कहां बंद रहेंगे बैंक?

16 जुलाई, गुरुवार को देश के दो राज्यों में स्थानीय त्योहारों और विशेष दिवस के कारण बैंक शाखाएं बंद रहेंगी:

उत्तराखंड: इस दिन उत्तराखंड में हरेला (Harela) पर्व बेहद धूमधाम से मनाया जाता है। इस कारण राज्य के सभी सरकारी और प्राइवेट बैंक बंद रहेंगे।

मेघालय: मेघालय में यू तिरोत सिंह डे (U Tirot Sing Day) के अवसर पर बैंकों में छुट्टी घोषित की गई है।

अन्य राज्य: इन दो राज्यों को छोड़कर देश के बाकी सभी राज्यों में बैंक सामान्य दिनों की तरह खुले रहेंगे और काम सुचारू रूप से चलेगा।

17 जुलाई, शुक्रवार को कहां रहेगी छुट्टी?

17 जुलाई, शुक्रवार को भी एक राज्य में बैंक हॉलिडे रहने वाला है:

मेघालय: यू तिरोत सिंह डे के अवसर पर लगातार दूसरे दिन भी मेघालय में बैंक बंद रहेंगे।

अन्य राज्य: मेघालय को छोड़कर भारत के अन्य सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बैंक खुले रहेंगे, जिससे आम जनता को कोई परेशानी नहीं होगी।

क्या ऑनलाइन बैंकिंग और एटीएम सेवाओं पर पड़ेगा असर?

बैंक शाखाएं बंद रहने के बावजूद ग्राहकों की सहूलियत के लिए डिजिटल सेवाएं पूरी तरह चालू रहेंगी। यूपीआई पेमेंट सेवाएं बिना किसी रुकावट के चलती रहेंगी। मोबाइल बैंकिंग और नेट बैंकिंग के जरिए आप आसानी से फंड ट्रांसफर कर सकेंगे। पैसे निकालने या जमा करने के लिए एटीएम (ATM) और डिजिटल डिपॉजिट मशीनें हमेशा की तरह काम करेंगी।

New IRCTC Website: आज लाइव हो रही है आईआरसीटीसी की नई वेबसाइट, 5 गुना तेजी से बुक होंगे तत्काल टिकट! मिलेंगे ये स्मार्ट फीचर्स

New IRCTC Website: भारतीय रेलवे के जरिए सफर करने वाले करोड़ों यात्रियों के लिए आज का दिन बेहद खास है। इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) आज यानी 15 जुलाई को अपनी नए सिरे से डिजाइन की गई टिकट बुकिंग वेबसाइट को लाइव करने जा रहा है। इस नए और अपग्रेडेड प्लेटफॉर्म से यात्रियों के लिए टिकट बुकिंग को बेहद तेज, आसान और सुलभ एक्सपीरियंस वाला होने का दावा किया जा रहा है।

भारतीय रेलवे डिजिटल सेवाओं को आधुनिक बनाने के प्रयासों के तहत यह बड़ा अपग्रेड करने जा रहा है। दरअसल पीक आवर्स (खास तौर पर तत्काल बुकिंग के समय) के दौरान वेबसाइट के धीमे होने और टिकट बुकिंग फेल होने को लेकर यात्री लगातार शिकायतें कर रहे थे। दावा किया जा रहा है कि नई वेबसाइट इन सभी समस्याओं को काफी हद तक दूर कर देगी। आइए जानते हैं कि नई वेबसाइट में क्या बदलाव किए गए हैं और यात्रियों को कौन से नए स्मार्ट फीचर्स मिलेंगे।

5 गुना तेज बुकिंग और भारी-भरकम ट्रैफिक संभालने की क्षमता

नई वेबसाइट का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण सुधार इसकी ट्रैफिक संभालने की क्षमता में किया गया है। रेलवे से मिली जानकारी के मुताबिक नया प्लेटफॉर्म अब हर मिनट 1.5 लाख से अधिक टिकट बुकिंग प्रोसेस करने के लिए पूरी तरह सक्षम है। यह मौजूदा सिस्टम की तुलना में लगभग पांच गुना अधिक है। अभी का सिस्टम प्रति मिनट सिर्फ 32000 बुकिंग ही संभाल पाता था।

पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) के बैकएंड को भी मजबूत किया गया है। अब यह प्रति मिनट 40 लाख से अधिक पूछताछ को सपोर्ट कर सकता है। पुराना सिस्टम सिर्फ 4 लाख पूछताछ ही संभाल पाता था। टिकट बुकिंग और दूसरी कैपिसिटी में हुई इस बढ़ोतरी के बाद पीक आवर्स में वेबसाइट के धीमे होने, पेमेंट फेल होने और बुकिंग एरर जैसी समस्याओं में भारी कमी आएगी।

यात्रियों के लिए नए और बेहद स्मार्ट फीचर्स

प्रदर्शन में सुधार के अलावा आईआरसीटीसी की इस नई वेबसाइट में यात्रियों की सुविधा के लिए कई नए फीचर्स जोड़े गए हैं। अब यात्री टिकट बुकिंग के दौरान अपनी पसंद की सीट चुन सकेंगे। पहले यात्रियों को पूरी तरह से ऑटोमैटिक सीट आवंटन पर निर्भर रहना पड़ता था। इसमें एक फेयर कैलेंडर फीचर जोड़ा गया है। इसकी मदद से यात्री टिकट बुक करने से पहले अलग-अलग तारीखों के किरायों की तुलना कर सकेंगे। यह उन यात्रियों के लिए बेहद फायदेमंद होगा जिनके सफर की तारीखें फ्लेक्सिबल हैं और जो कम किराये में सफर करना चाहते हैं।

बुकिंग इंटरफेस को इस तरह डिजाइन किया गया है कि अब स्लीपर, एसी 3 टियर और एसी 2 टियर जैसी कई श्रेणियों की सीट उपलब्धता को एक ही स्क्रीन पर देखा जा सकेगा। इसके लिए यात्रियों को बार-बार अलग-अलग टैब बदलने की जरूरत नहीं होगी।

आसान पहुंच और बेहतर यूजर एक्सपीरियंस

नई वेबसाइट कई भारतीय भाषाओं को सपोर्ट करेगी। इससे देश के अलग-अलग हिस्सों के लोगों के लिए अपनी भाषा में टिकट बुक करना आसान हो जाएगा। छात्रों, दिव्यांगजनों और मरीजों के लिए दी जाने वाली कंसेशन बुकिंग सेवाओं को अब एक ही यूनीफाइड सिस्टम में जोड़ दिया गया है।

वेबसाइट के इंटरफेस को काफी सुव्यवस्थित और साफ-सुथरा बनाया गया है। अब टिकट बुक करते समय यात्रियों को गैर-जरूरी पॉप-अप विज्ञापनों, बैनरों और बार-बार आने वाले कैप्चा वेरिफिकेशन से परेशान नहीं होना पड़ेगा। इससे बुकिंग की प्रक्रिया बेहद आसान हो जाएगी।

रेलवे के बड़े डिजिटल कायाकल्प का हिस्सा

आईआरसीटीसी की इस नई वेबसाइट का लॉन्च होना भारतीय रेलवे में चल रहे एक बड़े डिजिटल बदलाव का हिस्सा है। यात्री सेवाओं में सुधार के साथ-साथ रेलवे ने हाल ही में बुनियादी ढांचे, माल ढुलाई संचालन और प्रोजेक्ट्स को पूरा करने से जुड़े कई बड़े सुधारों का भी ऐलान किया है।

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Middle East War: बहरीन में US नेवी बेस पर ईरान का भीषण हमला! अमेरिका से दो-दो हाथ करने को तैयार, तेल सप्लाई रोकने का दिया अल्टीमेटम

Iran US Conflict Middle East Oil Gas Crisis: मिडिल ईस्ट में तनाव एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बहरीन में मौजूद अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े पर बड़े हमले का दावा किया है। इस हमले के तुरंत बाद ईरान ने अमेरिका और उसके सहयोगी देशों को खुली चेतावनी देते हुए कहा है कि इस क्षेत्र से तेल और गैस का निर्यात या तो सभी के लिए होगा या फिर किसी के लिए भी नहीं।

दूसरी तरफ, अमेरिका ने भी इस हमले का करारा जवाब देते हुए ईरान के तटीय इलाकों में भारी बमबारी की है। आइए इस पूरे घटनाक्रम और इसके पीछे की बड़ी वजहों को समझते हैं।

ईरान ने अमेरिकी नेवी बेस पर कैसे किया हमला?

ईरानी सेना IRGC के आधिकारिक बयान के मुताबिक, उन्होंने ‘ऑपरेशन नसर 2’ के तहत पांचवें चरण के हमलों को अंजाम दिया है। इस ऑपरेशन को ‘मुबारक या अली इब्न अबी तालिब (AS)’ कोडनेम दिया गया था।

ईरान का दावा है कि बहरीन में अमेरिकी पांचवें बेड़े के बेस पर किए गए इस हमले में वहां के एनएसआई मैनेजमेंट सेंटर, कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, सैन्य उपकरणों और पुर्जों से भरे बड़े गोदामों और ईंधन टैंकों को पूरी तरह तबाह कर दिया गया है।

ईरान ने अमेरिका पर आरोप लगाया है कि उसने हिंद महासागर में अपने नौसैनिक बल तैनात कर दिए हैं और हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण का दावा करके दुनिया के लिए तेल-गैस का रास्ता बंद कर दिया है। ईरान का कहना है कि यह हमला अमेरिका की इसी ‘गुंडागर्दी’ का जवाब है।

अमेरिका की जवाबी कार्रवाई: 7 घंटे तक बरसे बम

बहरीन में अपने बेस पर हुए हमले के बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने भी ईरान के खिलाफ बेहद आक्रामक रुख अपनाया है। अमेरिकी सेना ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य और ईरान के तटीय इलाकों के पास मौजूद ईरानी सैन्य ठिकानों पर लगातार 7 घंटे तक हवाई हमले किए।

इस कार्रवाई में अमेरिकी लड़ाकू विमानों, ड्रोनों और युद्धपोतों ने सटीक मार करने वाले हथियारों से ईरान की मिसाइल और ड्रोन साइटों, नौसैनिक क्षमताओं और तटीय रक्षा प्रणालियों को निशाना बनाकर नष्ट कर दिया। अमेरिका ने घोषणा की है कि उसने ईरानी बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों से आने-जाने वाले जहाजों के खिलाफ फिर से समुद्री नाकेबंदी शुरू कर दी है।

क्या रुक जाएगी मिडिल ईस्ट से तेल की सप्लाई?

ईरान की इस नई धमकी ने दुनिया भर के बाजारों में खलबली मचा दी है। ईरान के सैन्य संगठन IRGC ने साफ तौर पर कहा है कि अगर अमेरिका हिंद महासागर के रास्ते तेल और गैस के निर्यात को बाधित कर उसके आर्थिक प्रतिद्वंद्वियों के हितों को नुकसान पहुंचाएगा, तो अमेरिका और उसके सहयोगियों के तेल निर्यात वाले रास्तों को भी बंद कर दिया जाएगा।

एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर ईरान और अमेरिका के बीच यह जंग और खिंचती है, तो हॉर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाली तेल सप्लाई पूरी तरह ठप हो सकती है, जिससे दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं और एक नया ऊर्जा संकट खड़ा हो सकता है।

Amrit Bharat Station Scheme: मध्य प्रदेश को मिलने जा रहे 13 आधुनिक रेलवे स्टेशन, देखिए फुल लिस्ट

13 New Amrit Bharat Stations: मध्य प्रदेश के रेल यात्रियों के लिए एक बेहद अच्छी खबर है। ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत राज्य के 13 रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प कर उन्हें आधुनिक और विश्वस्तरीय बनाया गया है। इन्हें जल्द ही जनता को समर्पित किया जा रहा है। न्यूज एजेंसी ANI की रिपोर्ट के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 जुलाई को देश भर के 75 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों का वर्चुअली उद्घाटन करेंगे। इन 75 स्टेशनों में मध्य प्रदेश के 13 अत्याधुनिक रेलवे स्टेशन भी शामिल हैं।

मध्य प्रदेश के इन 13 नए अमृत भारत रेलवे स्टेशनों की फुल लिस्ट

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत इस चरण में मध्य प्रदेश के जिन 13 रेलवे स्टेशनों को नया रूप देकर तैयार किया गया है, उनके नाम यहां नीचे देखिए:-

विदिशा

सांची

अशोकनगर

शिवपुरी

ब्यौहारी

भिंड

हरपालपुर

छतरपुर

टीकमगढ़

जुन्नारदेव

बालाघाट

छिंदवाड़ा

नैनपुर

भोपाल डिवीजन के 4 स्टेशन शामिल

भोपाल डिवीजन के सीनियर डिविजनल कमर्शियल मैनेजर सौरभ कटारिया ने बताया कि 17 जुलाई को होने वाले कार्यक्रम में भोपाल डिवीजन के तहत आने वाले चार प्रमुख स्टेशनों विदिशा, सांची, अशोकनगर और शिवपुरी का उद्घाटन किया जाएगा।

कार्यक्रम में शामिल होंगे ये VIPs

17 जुलाई को होने वाले इस भव्य उद्घाटन समारोह में राज्य और केंद्र सरकार के कई बड़े नेता अलग-अलग स्टेशनों से हिस्सा लेंगे। राज्यपाल मंगूभाई पटेल सांची स्टेशन से इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री टीकमगढ़ में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान विदिशा रेलवे स्टेशन पर मौजूद रहेंगे। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया अशोकनगर स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे।

₹3000 करोड़ की लागत से बदल रही है MP के स्टेशनों की सूरत

अधिकारियों ने बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पूरे मध्य प्रदेश में कुल 80 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। इस पूरी महापरियोजना पर लगभग 3000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत आ रही है। इनमें से कुछ स्टेशनों का उद्घाटन पहले ही चरण में किया जा चुका है। अब इस चरण में 13 और स्टेशन जनता को समर्पित किए जा रहे हैं। जैसे-जैसे अन्य स्टेशनों के पुनर्विकास का कार्य पूरा होता जाएगा, आने वाले महीनों में उनका भी उद्घाटन किया जाएगा।

कैसी हैं नई सुविधाएं और क्या है इसका कॉन्सेप्ट?

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक इन पुनर्विकसित स्टेशनों को अगले 40 से 50 वर्षों की बुनियादी ढांचे की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। इनमें यात्रियों के लिए कई आधुनिक सुविधाएं जोड़ी गई हैं। स्टेशनों पर अपग्रेडेड सर्कुलेटिंग एरिया, विशाल वेटिंग हॉल, आधुनिक ट्रेन इंडिकेटर बोर्ड और कोच गाइडेंस सिस्टम लगाए गए हैं।

दिव्यांग यात्रियों की सुविधा के लिए स्टेशनों पर उचित प्रबंध किए गए हैं। यात्रियों की सुरक्षा और उनके आने-जाने को आसान बनाने के लिए स्टेशनों पर फुट ओवरब्रिज को चौड़ा किया गया है। पहले जो फुट ओवरब्रिज लगभग 4.5 मीटर चौड़े होते थे उन्हें अब बढ़ाकर 12 मीटर कर दिया गया है।

इन स्टेशनों को कमर्शियल स्पेस (व्यावसायिक क्षेत्रों) के साथ विकसित किया गया है ताकि ये सिटी सेंटर के रूप में काम कर सकें। इससे व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और जनता इसका अधिक उपयोग कर सकेगी।

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ये सभी अमृत भारत स्टेशन योजना के मूल कॉन्सेप्ट हैं जो अब धरातल पर आकार ले रहे हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि ये पुनर्विकसित रेलवे स्टेशन आने वाले समय में शहरों के विकास और प्रगति के लिए एक बड़े कैटेलिस्ट के रूप में उभरेंगे।

EPS Scheme 2026: अब चुटकियों में क्लेम होगा पेंशन का पैसा! नियमों में हुआ बड़ा बदलाव, परिवार को मिलेंगे ये 5 बड़े फायदे

EPFO EPS Scheme 2026 Rules: नौकरीपेशा लोगों के लिए रिटायरमेंट के बाद नियमित आय का सबसे बड़ा सहारा इंप्लॉइज पेंशन स्कीम (EPS) होती है। हाल ही में सरकार ने पुराने नियमों को बदलते हुए EPS 2026 को लागू कर दिया है, जो पुराने EPS-95 की जगह लेगा। नए नियमों के तहत अब पेंशन क्लेम की प्रक्रिया को बेहद आसान और समयबद्ध बना दिया गया है।

आइए बेहद आसान भाषा में समझते हैं कि आप अपना ईपीएस पेंशन क्लेम कैसे कर सकते हैं और इस नई स्कीम में आपके परिवार को कौन से 5 बड़े पेंशन फायदे मिलते हैं।

EPS क्लेम करने से पहले चेक करें अपनी योग्यता

ईपीएस पेंशन का लाभ उठाने के लिए आपका योग्य होना जरूरी है। इसके लिए मुख्य शर्तें ये हैं:

10 साल की सेवा: ईपीएस के तहत मासिक पेंशन पाने के लिए कर्मचारी की न्यूनतम पेंशन योग्य सेवा 10 वर्ष होनी चाहिए।

उम्र सीमा: सामान्य तौर पर सदस्य 58 वर्ष की आयु पूरी होने पर मासिक पेंशन पाने का हकदार होता है। हालांकि, 10 साल की सेवा पूरी करने वाले सदस्य 50 वर्ष की उम्र से ही ‘अंतिम राहत’ के तौर पर अर्ली पेंशन ले सकते हैं, लेकिन इसमें पेंशन की राशि थोड़ी कम हो जाती है।

विड्रॉल बेनिफिट: जिन कर्मचारियों की सेवा 10 वर्ष से कम है, वे पेंशन के बजाय एकमुश्त विड्रॉल बेनिफिट का दावा कर सकते हैं।

KYC अपडेट रखना है सबसे जरूरी

पेंशन क्लेम में किसी भी तरह की देरी से बचने के लिए आपका ईपीएफओ रिकॉर्ड बिल्कुल अपडेट होना चाहिए।

आपके ईपीएफ खाते में आधार, बैंक खाता संख्या, पैन और जन्म तिथि बिल्कुल सही होनी चाहिए।

आपका यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) एक्टिवेट होना चाहिए और वह आधार से लिंक होना चाहिए। अगर आपके दस्तावेजों और ईपीएफ खाते की जानकारियों में थोड़ा भी अंतर होगा, तो आपका क्लेम रिजेक्ट हो सकता है।

सही फॉर्म का चुनाव करें

आप किस तरह का लाभ लेना चाहते हैं, फॉर्म का चुनाव उसी पर निर्भर करता है:

फॉर्म 10D (Form 10D): अगर आप अपनी पात्रता पूरी कर चुके हैं और हर महीने मिलने वाली नियमित पेंशन का दावा करना चाहते हैं, तो आपको फॉर्म 10D भरना होगा।

फॉर्म 10C (Form 10C): अगर आपकी सेवा 10 वर्ष से कम है और आप पेंशन फंड में जमा पूरी रकम एकमुश्त निकालना चाहते हैं, तो आपको फॉर्म 10C भरना होगा।

पेंशन क्लेम की ऑनलाइन प्रक्रिया और नया 20-डे रूल

अब आपको ईपीएस क्लेम के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है। आप ईपीएफओ मेंबर पोर्टल पर जाकर अपने यूएएन और पासवर्ड के जरिए लॉगिन करके सीधे ऑनलाइन क्लेम फॉर्म भर सकते हैं और इसे आधार ओटीपी के जरिए सत्यापित कर सकते हैं।

20 दिनों का सख्त नियम: EPS 2026 के नए नियमों के तहत अब कमिश्नर को आपका पेंशन क्लेम आवेदन मिलने के 20 दिनों के भीतर निपटाना होगा। अगर बिना किसी ठोस वजह के क्लेम सेटल होने में 20 दिनों से ज्यादा की देरी होती है, तो देरी की अवधि के लिए 12% सालाना की दर से ब्याज दिया जाएगा और यह ब्याज संबंधित अधिकारी की सैलरी से भी वसूला जा सकता है।

EPS 2026: परिवार को मिलने वाले 5 बड़े पेंशन बेनिफिट्स

ईपीएस स्कीम का सबसे खूबसूरत पहलू यह है कि यह केवल कर्मचारी को ही नहीं, बल्कि उसके न रहने पर परिवार को भी सामाजिक सुरक्षा देती है। स्कीम के तहत मिलने वाले 5 बड़े फायदे ये हैं:

1. विधवा/विधुर पेंशन: ईपीएफ सदस्य की मृत्यु होने पर उसकी पत्नी या पति को आजीवन पेंशन मिलती है। यह पेंशन उनके दोबारा शादी करने या मृत्यु होने तक जारी रहती है।

2. बच्चों के लिए पेंशन: सदस्य की मृत्यु के बाद पत्नी के साथ-साथ दो बच्चों को भी (25 वर्ष की आयु पूरी होने तक) मासिक पेंशन का लाभ मिलता है। यह राशि विधवा पेंशन की 25% के बराबर होती है।

3. अनाथ बच्चों के लिए पेंशन: अगर सदस्य और उसकी पत्नी दोनों की मृत्यु हो जाती है, तो बच्चों को अनाथ पेंशन दी जाती है। यह राशि सामान्य बाल पेंशन से काफी अधिक (विधवा पेंशन की 75% तक) होती है।

4. नॉमिनी पेंशन: अगर सदस्य अविवाहित है या उसका कोई परिवार नहीं है, तो सदस्य द्वारा ई-नॉमिनेशन में फॉर्म 2 के जरिए तय किए गए नामांकित व्यक्ति को आजीवन पेंशन दी जाती है।

5. आश्रित माता-पिता को पेंशन: अगर मृत सदस्य का कोई परिवार, बच्चे या नॉमिनी नहीं है, तो उसके आश्रित माता-पिता (पहले मां और फिर पिता) को पेंशन का लाभ दिया जाता है।

SIP Calculator: सिर्फ ₹2,000 की मंथली SIP से तैयार करें ₹1 करोड़ का फंड! समझें म्यूचुअल फंड कंपाउंडिंग का पूरा गणित

Mutual Fund SIP Calculator: करोड़पति बनने का सपना हर किसी का होता है, लेकिन बहुत से लोग सोचते हैं कि इसके लिए बहुत बड़ी सैलरी या किसी बड़े बिजनेस की जरूरत होती है। हकीकत यह है कि अगर आप सही समय पर और सही अनुशासन के साथ निवेश की शुरुआत करें, तो बहुत मामूली रकम से भी यह जादुई आंकड़ा छुआ जा सकता है।

म्युचुअल फंड में सिर्फ ₹2,000 प्रति महीने की सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) शुरू करके आप ₹1 करोड़ से ज्यादा का फंड तैयार कर सकते हैं। लेकिन, इस गणित के पीछे एक बड़ा पेंच भी है, जिसे समझे बिना निवेश करना आपको नुकसान पहुंचा सकता है। आइए जानते हैं इसका पूरा गणित और इसके पीछे की हकीकत।

₹2,000 की SIP से ₹1.1 करोड़ बनाने का गणित

म्युचुअल फंड में लॉन्ग टर्म निवेश के लिए 12% का औसत सालाना रिटर्न एक मानक माना जाता है। अगर आप इस औसत रिटर्न के साथ हर महीने मात्र ₹2,000 बचाते हैं, तो देखिए समय के साथ आपकी वेल्थ कैसे बढ़ती है:

₹2,000 की SIP से ₹1.1 करोड़ बनाने का गणित

  • मंथली निवेश: ₹2,000
  • निवेश की अवधि: 35 वर्ष
  • कुल निवेशित रकम: ₹8.4 लाख
  • अनुमानित सालाना रिटर्न: 12%
  • केवल ब्याज से कमाई: ₹1.02 करोड़
  • मैच्योरिटी पर कुल वैल्यू: ₹1.1 करोड़

₹2,000 की SIP से ₹1.1 करोड़ बनाने का गणित

कंपाउंडिंग का जादू: इस पूरे गणित में सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि आपकी जेब से सिर्फ ₹8.4 लाख रुपये ही जमा होते हैं, लेकिन ब्याज के ऊपर ब्याज यानी कंपाउंडिंग मिलने के कारण आपको ₹1 करोड़ से अधिक का मुनाफा मिल जाता है।

लेकिन… इस जादुई आंकड़े के पीछे ‘कैच’ क्या है?

करोड़पति बनने का यह रास्ता दिखने में जितना आसान लगता है, असल में उतना ही धैर्य मांगता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इसके पीछे दो सबसे बड़े रियल्टी चेक हैं:

1. अनुशासन और 35 साल की लंबी मैराथन

पैसे बनाने का यह सफर कोई स्प्रिंट यानी छोटी दौड़ नहीं बल्कि एक लंबी मैराथन है। ₹2,000 की छोटी रकम को ₹1 करोड़ बनाने के लिए आपको 35 साल तक लगातार बिना रुके निवेश करना होगा। सबसे बड़ी चुनौती यही है कि कई लोग बाजार में गिरावट आने पर या पर्सनल पैसों की तंगी होने पर अपनी एसआईपी बीच में ही बंद कर देते हैं या पैसे निकाल लेते हैं। ऐसा करने से कंपाउंडिंग का चक्र टूट जाता है और आप लक्ष्य से पीछे रह जाते हैं।

2. रिटर्न की कोई गारंटी नहीं

लॉन्ग टर्म में इक्विटी फंड्स शानदार रिटर्न दे सकते हैं, लेकिन यह कोई फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) नहीं है जिसमें रिटर्न तय हो। बाजार के चक्र के कारण कभी आपको एक साल में भारी मुनाफा मिल सकता है, तो कभी आपका पोर्टफोलियो घाटे में भी जा सकता है। इसलिए आपको उतार-चढ़ाव झेलने के लिए तैयार रहना होगा।

अगर देर से शुरुआत की, तो क्या करें?

अगर आप 35 साल तक इंतजार नहीं करना चाहते या आपने निवेश की शुरुआत थोड़ी देर से की है, तो फाइनेंशियल प्लानर्स स्टेप-अप एसआईपी (Step-up SIP) की सलाह देते हैं।

इसका मतलब यह है कि आप अपनी मासिक SIP को हमेशा ₹2,000 पर ही फिक्स रखने के बजाय, हर साल अपनी सैलरी या आय बढ़ने के साथ-साथ इसमें 5% या 10% की बढ़ोतरी करते रहें। इससे आप ₹1 करोड़ का यह माइलस्टोन बहुत कम समय में और बहुत आसानी से हासिल कर सकते हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Delhi Power Cut: दिल्ली में आज कई इलाकों में बिजली रहेगी गुल, BSES का अलर्ट; घर से निकलने से पहले देखें पूरी लिस्ट

Delhi Power Cut: दिल्ली में बुधवार यानी 15 जुलाई को भीषण गर्मी और उमस के बीच राजधानी के कई इलाकों में लोगों को बिजली कटौती का सामना करना पड़ेगा। बिजली कंपनी BSES ने मेंटेनेंस, ट्रांसफॉर्मर अपग्रेड, अंडरग्राउंड केबल बिछाने और अन्य तकनीकी कार्यों के कारण कई सेक्टरों में कुछ घंटों के लिए बिजली आपूर्ति बाधित रहने की जानकारी दी है। कंपनी ने उपभोक्ताओं को मोबाइल, लैपटॉप और अन्य जरूरी उपकरण पहले से चार्ज रखने तथा अपने दैनिक काम बिजली कटौती के निर्धारित समय के अनुसार करने की सलाह दी है।

11 बजे से शुरू होगी कटौती

BSES के मुताबिक, राजधानी के विभिन्न डिवीजनों में तय समय के अनुसार बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद रहेगी ताकि बिजली नेटवर्क को मजबूत किया जा सके और आवश्यक रखरखाव कार्य पूरे किए जा सकें। छतरपुर डिवीजन में डॉ. आंबेडकर कॉलोनी, छतरपुर में सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक ट्रांसफॉर्मर नेटवर्क अपग्रेड का काम होगा।

वहीं, रात 11 बजे से 12:30 बजे तक 11 केवी फीडर पर पेड़ों की छंटाई के कारण आया नगर, आया नगर एक्सटेंशन, गड़ईपुर DLF फार्म्स, सुल्तानपुर, आदर्श एन्क्लेव और आसपास के कई इलाकों में बिजली बंद रहेगी। निजामुद्दीन डिवीजन में लाजपत नगर-2 के एच और एल ब्लॉक में सुबह 11 बजे से 1 बजे तक HVDS ट्रांसफॉर्मर पर काम होगा।

यहां 3 बजे से 3:45 बजे तक रहेगा अंधेरा

इसके अलावा निजामुद्दीन टाइप-2 क्षेत्र में दोपहर 3 बजे से 3:45 बजे तक RMU मेंटेनेंस के चलते बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी। टैगोर गार्डन डिवीजन में सुबह 11 बजे से 1:07 बजे तक जनता कॉलोनी (EF ब्लॉक), टैगोर गार्डन (FB ब्लॉक) और मुखर्जी पार्क, चौखंडी तथा विष्णु गार्डन (WZD ब्लॉक) में नई अंडरग्राउंड केबल और LTAB सर्किट बिछाने के कारण बिजली कटौती होगी।

पालम डिवीजन के सागरपुर (RZ ब्लॉक), पालम गांव और महावीर एन्क्लेव के मिर्जापुर क्षेत्र में सुबह 11 बजे से 12:37 बजे तक नेटवर्क अपग्रेड के चलते बिजली नहीं रहेगी। नांगलोई डिवीजन के ज्वालापुरी और पश्चिम विहार के बी ब्लॉक में सुबह 11:07 बजे से दोपहर 2:07 बजे तक ट्रांसफॉर्मर और नेटवर्क अपग्रेड का काम चलेगा, जिसके कारण करीब तीन घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी।

मोहन गार्डन डिवीजन के ओम विहार (फेज-5, हस्तसाल) में सुबह 11 बजे से 1 बजे तक नई अंडरग्राउंड LT केबल कनेक्शन के लिए बिजली बंद रहेगी। जनकपुरी डिवीजन के राजौरी गार्डन के जी और जे ब्लॉक में सुबह 10:07 बजे से 12:07 बजे तक LT सर्किट और RMU मेंटेनेंस के कारण बिजली कटौती होगी।

10 बजे से 12 बजे तक होगा नेटवर्क अपग्रेड

मुंडका क्षेत्र के जय विहार और कमरुद्दीन नगर में सुबह 10 बजे से 12 बजे तक नेटवर्क अपग्रेड के चलते बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। नजफगढ़ डिवीजन की अग्रवाल कॉलोनी और हैबतपुर में सुबह 9 बजे से 11 बजे तक ट्रांसफॉर्मर और नेटवर्क अपग्रेड के कारण बिजली नहीं रहेगी।

दिल्ली बिजली कटौती की पूरी डिटेल्स टाइम के साथ

1. सुबह और दोपहर के स्लॉट (Morning & Afternoon Slots)

सुबह 9:00 से 11:00 बजे तक (नजफगढ़ डिवीजन)

अग्रवाल कॉलोनी और हैबतपुर (ट्रांसफॉर्मर और नेटवर्क अपग्रेडेशन कार्य के कारण)।

सुबह 10:00 से दोपहर 12:00 बजे तक (मुंडका डिवीजन)

जय विहार और कमरुद्दीन नगर (LT सर्किट और नेटवर्क अपग्रेडेशन)।

सुबह 10:07 से दोपहर 12:07 बजे तक (जनकपुरी डिवीजन)

राजौरी गार्डन के ब्लॉक G और J (LT सर्किट और RMU मेंटेनेंस)।

सुबह 11:00 से दोपहर 12:37 बजे तक (पालम डिवीजन)

ब्लॉक RZ (सागरपुर), पालम गांव, और मिर्जापुर (महावीर एनक्लेव) (LT सर्किट और नेटवर्क अपग्रेडेशन)।

सुबह 11:00 से दोपहर 1:00 बजे तक (छतरपुर और मोहन गार्डन डिवीजन)

डॉ. आंबेडकर कॉलोनी, छतरपुर।

ओम विहार फेज 5, हस्तसाल (नए अंडरग्राउंड LT केबल कनेक्शन का काम)।

सुबह 11:00 से दोपहर 1:00 बजे तक (निजामुद्दीन डिवीजन)

लाजपत नगर II के ब्लॉक H और L (HVDS ट्रांसफॉर्मर का काम)।

सुबह 11:00 से दोपहर 1:07 बजे तक (टैगोर गार्डन डिवीजन)

EF ब्लॉक (जनता कॉलोनी), FB ब्लॉक (टैगोर गार्डन), और WZD ब्लॉक (मुखर्जी पार्क, चौखंडी, विष्णु गार्डन) (नए अंडरग्राउंड केबल बिछाने का काम)।

सुबह 11:07 से दोपहर 2:07 बजे तक (नांगलोई डिवीजन)

ब्लॉक B (ज्वालापुरी, पश्चिम विहार) (3 घंटे की कटौती – ट्रांसफॉर्मर और नेटवर्क अपग्रेड)।

दोपहर 3:00 से 3:45 बजे तक (निजामुद्दीन डिवीजन)

निज़ामुद्दीन टाइप-II क्षेत्र (RMU मेंटेनेंस कार्य के कारण 45 मिनट की कटौती)।

2. देर रात का स्लॉट (Wednesday Night Slot)

रात 11:00 से मध्यरात्रि 12:30 बजे तक (छतरपुर डिवीजन -पेड़ों की छंटाई का काम)

अया नगर ब्लॉक G

अया नगर एक्सटेंशन और ब्लॉक E

गदईपुर DLF फार्म्स

मंगलापुरी गांव (सुलतानपुर)

आंबेडकर कॉलोनी (अया नगर)

आदर्श एनक्लेव

अया नगर फेज 1 और अया नगर गांव

सुलतानपुर

BSES की अपील

बिजली कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे निर्धारित समय से पहले मोबाइल फोन, लैपटॉप, इनवर्टर और अन्य जरूरी उपकरण चार्ज कर लें। साथ ही, बिजली कटौती के समय को ध्यान में रखते हुए अपने जरूरी कार्यों की योजना पहले से बना लें, ताकि असुविधा से बचा जा सके।Delhi Power Cut: मेंटेनेंस और नेटवर्क अपग्रेड के चलते 15 जुलाई को राजधानी के कई इलाकों में अलग-अलग समय पर बिजली कटौती होगी।

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Mausam Update 15 July: बिहार, बंगाल और ओडिशा में मूसलाधार बारिश की चेतावनी, ये 3 चक्रवाती सिस्टम एक्टिव! IMD ने इन 14 राज्यों के लिए जारी किया अलर्ट

Mausam Update 15 July: देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर पूरी रफ्तार पकड़ चुका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 15 जुलाई के लिए एक नया वेदर बुलेटिन जारी कर बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा समेत देश के 14 राज्यों में भारी से अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में एक नया कम दबाव का क्षेत्र बन गया है। इसके साथ ही तीन बड़े चक्रवाती सिस्टम और सक्रिय हो गए हैं। इनके प्रभाव से मूसलाधार बारिश के साथ-साथ तेज आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने का भी गंभीर खतरा बना हुआ है।

आइए जानते हैं 15 जुलाई को लेकर मौसम विभाग का विस्तृत पूर्वानुमान और इसके पीछे काम कर रहे एक्टिव चक्रवाती सिस्टम।

देश में अभी एक्टिव वेदर सिस्टम: बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र

मौसम विभाग के मुताबिक इस समय देश में कई मजबूत चक्रवाती प्रणालियां सक्रिय हैं। ये मानसून को रफ्तार दे रही हैं।

लो प्रेशर एरिया और चक्रवाती परिसंचरण: उत्तर बंगाल की खाड़ी और उससे सटे दक्षिण बांग्लादेश के ऊपर सक्रिय वेदर सिस्टम के प्रभाव से आज उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, उत्तरी ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटों के पास एक कम दबाव का क्षेत्र बन गया है। इससे संबद्ध चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर तक फैला हुआ है और ऊंचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम की ओर झुका हुआ है। इसके अगले 2 दिनों के दौरान उत्तरी ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल से होते हुए पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने की प्रबल संभावना है।

गुजरात और राजस्थान में सिस्टम: उत्तरी गुजरात और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के ऊपर समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई पर एक चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) बना हुआ है।

उत्तर प्रदेश में चक्रवाती प्रणाली: पूर्वी उत्तर प्रदेश और उसके आस-पास के इलाके में भी समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई पर एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।

पश्चिमी विक्षोभ: उत्तरी पाकिस्तान और उससे सटे जम्मू के ऊपर समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई पर चक्रवाती परिसंचरण के रूप में एक पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है।

मानसून ट्रफ: समुद्र तल पर मानसून ट्रफ वर्तमान में जम्मू, देहरादून, बरेली, गोरखपुर, पटना, बांकुरा और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी (उत्तरी ओडिशा-पश्चिम बंगाल तटों के पास) में बने कम दबाव के क्षेत्र के केंद्र से होते हुए दक्षिण-पूर्व दिशा में पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी की ओर गुजर रही है।

ओडिशा में अत्यंत भारी बारिश की रेड वॉर्निंग, बिहार और गांगेय बंगाल में ऑरेंज वॉर्निंग

मौसम विभाग ने ओडिशा के अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ हिस्सों में अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका जताई है। बिहार और गांगेय पश्चिम बंगाल के अलग-अलग हिस्सों में 15 जुलाई को भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।

इन 11 राज्यों में होगी भारी बारिश

मौसम विभाग के मुताबिक 15 जुलाई को देश के नीचे दिए राज्यों में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने की पूरी संभावना है:-

उत्तराखंड

झारखंड

छत्तीसगढ़

तटीय आंध्र प्रदेश

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम

अरुणाचल प्रदेश

असम और मेघालय

नागालैंड

मणिपुर

मिजोरम

त्रिपुरा

आंधी-तूफान, बिजली चमकने और तेज हवाओं की चेतावनी

सक्रिय चक्रवाती सिस्टम के कारण देश के बड़े हिस्से में तेज आंधी और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, गांगेय पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख और झारखंड में अलग-अलग जगहों पर बिजली चमकने और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं (झोंकों) के साथ आंधी चलने की संभावना है।

आंध्र प्रदेश, बिहार, कर्नाटक, केरल और माहे तथा तेलंगाना में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं का अलर्ट है। इसके साथ ही कर्नाटक, केरल और माहे, रायलसीमा तथा तेलंगाना में अलग-अलग स्थानों पर तेज सतही हवाएं भी चलेंगी।

अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मरठवाड़ा, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम संग उत्तराखंड में अलग-अलग जगहों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।

इन राज्यों में दिखेगा हीट वेव और उमस का डबल अटैक

एक तरफ जहां देश के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश हो रही है वहीं कुछ राज्यों में गर्मी और उमस का प्रकोप भी जारी रहेगा। तटीय आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में अलग-अलग जगहों पर लू की स्थिति बनी रहने की संभावना है। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, तटीय कर्नाटक, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा, तेलंगाना और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराईकल में मौसम काफी गर्म और उमस भरा रहने की संभावना है।

समुद्र में मौसम का हाल: मछुआरों के लिए अलर्ट

पश्चिम-मध्य अरब सागर के अधिकांश हिस्सों, उससे सटे पूर्व-मध्य, उत्तर और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों, सोमालिया व ओमान तटों के साथ-साथ उत्तरी गुजरात और उससे सटे दक्षिणी गुजरात तटों पर 45-55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं (जो बढ़कर 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं) चलने की संभावना है। मन्नार की खाड़ी, दक्षिण श्रीलंका और उससे सटे दक्षिण व पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में 45-55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार (झोंके 65 किमी प्रति घंटे) से तेज हवाएं चल सकती हैं।

ओडिशा, गांगेय पश्चिम बंगाल के तटों के पास और अंडमान सागर में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) से चलने वाली तूफानी हवाओं के साथ प्रतिकूल मौसम रहने का अनुमान है। मछुआरों को इन क्षेत्रों में समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

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LPG Price Today: गैस सिलेंडर के ग्राहकों को बड़ी राहत! बुकिंग से पहले जानें आपके शहर में क्या है नया रेट

LPG Price Today 15 July 2026: अगर आप आज यानी 15 जुलाई को घरेलू एलपीजी (LPG) गैस सिलेंडर बुक कराने की योजना बना रहे हैं, तो पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर जान लें। सरकारी तेल कंपनियों ने 15 जुलाई 2026 के लिए एलपीजी सिलेंडर की कीमतें जारी कर दी हैं। आम आदमी के लिए राहत की बात यह है कि 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में आज कोई बदलाव नहीं किया गया है।

वहीं, 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में 1 जुलाई से पहले ही ₹183.50 की कटौती लागू की जा चुकी है, जिसका फायदा होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक उपभोक्ताओं को मिल रहा है। भले ही आज की कीमतें स्थिर हैं। लेकिन व्यावसायिक उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं (जैसे होटल और रेस्तरां) को 1 जुलाई 2026 से प्रभावी ₹183.50 की बड़ी कटौती का सीधा लाभ मिल रहा है।

घरेलू LPG सिलेंडर (14.2 किलोग्राम) के ताजा रेट

दिल्ली- ₹942

नोएडा- ₹939.50

मुंबई- ₹941.50

कोलकाता- ₹968

पटना- ₹1,031.50

लखनऊ- ₹979.50

चेन्नई- ₹957.50

चंडीगढ़- ₹951.50

जयपुर- ₹945.50

हरियाणा- ₹943.50

असम- ₹991

कमर्शियल LPG सिलेंडर (19 किलोग्राम) के ताजा रेट

दिल्ली- ₹2,930

नोएडा- ₹2,930

मुंबई- ₹2,885.50

कोलकाता- ₹3,081.50

पटना- ₹3,227

लखनऊ- ₹3,052.50

चेन्नई- ₹3,106

चंडीगढ़- ₹2,954.50

जयपुर- ₹2,957.50

हरियाणा- ₹2,932

असम- ₹3,173.50

1 जुलाई को मिली थी राहत

घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में भले ही आज कोई बदलाव नहीं हुआ हो, लेकिन 1 जुलाई 2026 से 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में ₹183.50 की कटौती की गई थी। इससे होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की लागत में कमी आई है।

कब बदलती हैं LPG की कीमतें?

सरकारी तेल कंपनियां आमतौर पर हर महीने की पहली तारीख को एलपीजी सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा करती हैं। नई कीमतें तय करते समय अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमत, डॉलर-रुपया विनिमय दर, परिवहन लागत और अन्य परिचालन खर्चों को ध्यान में रखा जाता है।

अपने शहर का ताजा रेट कैसे देखें?

उपभोक्ता इंडेन, भारत गैस और एचपी गैस की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर जाकर अपने शहर की एलपीजी कीमत देख सकते हैं। सिलेंडर बुकिंग के समय भी अपडेटेड कीमत दिखाई जाती है।

क्या अगले महीने बदल सकते हैं दाम?

फिलहाल, घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतें स्थिर हैं। हालांकि, अगले महीने अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार की स्थिति, डॉलर-रुपया रेट और सरकार की नीति की समीक्षा के बाद कीमतों में बढ़ोतरी या कटौती की घोषणा की जा सकती है। हाल ही में 1 जुलाई 2026 को तेल कंपनियों ने व्यावसायिक (Commercial) सिलेंडरों में ₹183.50 की बड़ी कटौती की थी, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में थोड़ी नरमी देखी गई थी।

यदि वैश्विक बाजार में यह राहत जारी रहती है, तो अगले महीने भी कीमतों में गिरावट या स्थिरता देखने को मिल सकती है। इसके विपरीत, यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में दोबारा तनाव या सप्लाई की कमी होती है, तो मामूली बढ़ोतरी से भी इनकार नहीं किया जा सकता।