Onam Bumper Lottery: सिर्फ 500 का टिकट और लॉटरी जीतने पर अब मिलेंगे 30 करोड़ रुपये! CM सतीशन ने कर दिया बड़ा ऐलान

Onam Bumper Lottery: केरल सरकार ने इस साल की बहुप्रतीक्षित ‘ओणम बंपर लॉटरी 2026’ लॉन्च कर दी है। मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने गुरुवार 16 जुलाई को मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में आयोजित एक समारोह में इसका शुभारंभ किया। इस बार लॉटरी का पहला इनाम 30 करोड़ रुपये रखा गया है। यह केरल राज्य लॉटरी विभाग के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा जैकपॉट है।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर एक पोस्ट में बताया कि ओणम बंपर लॉटरी के टिकटों की बिक्री 20 जुलाई से शुरू होगी। पिछले साल इस लॉटरी का पहला इनाम 25 करोड़ रुपये था, जिसे इस बार बढ़ाकर 30 करोड़ रुपये कर दिया गया है।

टिकट की कीमत में कोई बदलाव नहीं

दिलचस्प बात यह है कि पहले इनाम में 5 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी के बावजूद टिकट की कीमत 500 रुपये ही रखी गई है। यानी लोगों को अधिक इनाम जीतने का मौका मिलेगा। लेकिन टिकट खरीदने के लिए अतिरिक्त राशि नहीं चुकानी पड़ेगी। हालांकि, सरकार ने आधिकारिक तौर पर यह नहीं बताया है कि पहले इनाम की राशि क्यों बढ़ाई गई। माना जा रहा है कि हर साल ओणम से पहले इस लॉटरी की भारी मांग को देखते हुए इसे और आकर्षक बनाने के लिए यह फैसला लिया गया है।

इनामों में किया गया बदलाव

पहले इनाम में बढ़ोतरी के साथ इनामों में भी कुछ बदलाव किए गए हैं। तीसरा इनाम पहले 50 लाख रुपये था, जिसे घटाकर 25 लाख रुपये कर दिया गया है। इससे संकेत मिलता है कि कुल पुरस्कार राशि का पुनर्वितरण किया गया है, न कि केवल उसमें वृद्धि की गई है।

टिकट की बिक्री कब शुरू होगी?

राज्य लॉटरी निदेशक अंजू के.एस. के अनुसार, मुख्यमंत्री वी.डी. सथीसन 17 जुलाई को तिरुवोणम बंपर लॉटरी 2026 को आधिकारिक तौर पर लॉन्च करेंगे। डायरेक्टरेट ने 90 लाख तक टिकट जारी करने की योजना बनाई है। हालांकि छापे जाने वाले टिकटों की अंतिम संख्या बाजार की मांग पर निर्भर करेगी।

ओणम बंपर 2026 की प्रमुख बातें

पहला इनाम: 30 करोड़ रुपये (1 विजेता)

दूसरा इनाम: 1 करोड़ रुपये (20 विजेता)

तीसरा इनाम: 25 लाख रुपये (20 विजेता)

चौथा इनाम: 5 लाख रुपये (10 विजेता)

पांचवां इनाम: 2 लाख रुपये (10 विजेता)

छठा इनाम: 5,000 रुपये (54,000 विजेता)

सातवां इनाम: 2,000 रुपये (81,000 विजेता)

आठवां इनाम: 1,000 रुपये (1,24,000 विजेता)

नौवां इनाम: 500 रुपये (2,75,400 विजेता)

सांत्वना पुरस्कार: 5 लाख रुपये (9 विजेता)

इस साल ओणम बंपर लॉटरी की कुल पुरस्कार राशि 125.54 करोड़ रुपये होगी।

लॉन्च की तारीख: मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन 17 जुलाई को आधिकारिक तौर पर इस लॉटरी को लॉन्च करेंगे। इसके तुरंत बाद टिकटों की बिक्री शुरू हो जाएगी।

टिकटों की संख्या: मांग को देखते हुए सरकार ने 90 लाख तक टिकट जारी करने की योजना बनाई है।

आगामी परिणाम: इस लॉन्च के अगले ही दिन, यानी 18 जुलाई को दोपहर 2 बजे, केरल मानसून बंपर लॉटरी 2026 के नतीजों की घोषणा की जाएगी।

90 लाख टिकट जारी करने की योजना

राज्य लॉटरी निदेशक अंजू के. एस. के अनुसार, इस बार बाजार की मांग को देखते हुए 90 लाख तक टिकट जारी किए जा सकते हैं। हालांकि, अंतिम संख्या बिक्री की मांग पर निर्भर करेगी। ओणम बंपर केरल की सबसे लोकप्रिय और सबसे बड़ी उत्सवी लॉटरी मानी जाती है। हर साल ओणम से पहले इसकी टिकटों की जबरदस्त बिक्री होती है।

इससे पहले साल 2022 में पहले इनाम को 12 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 25 करोड़ रुपये किया गया था। अब 2026 में इसे बढ़ाकर 30 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो एक नया रिकॉर्ड है। ओणम बंपर लॉटरी के लॉन्च के बाद अब लोगों की नजर केरल मॉनसून बंपर लॉटरी 2026 के नतीजों पर रहेगी। इनकी घोषणा 18 जुलाई दोपहर 2 बजे की जाएगी।

केरल लॉटरी के ओणम बंपर 2026 में क्या बदलाव हुए हैं?

पहला इनाम ₹25 करोड़ से बढ़कर ₹30 करोड़ हो गया है।

टिकट की कीमत ₹500 पर ही बरकरार है।

तीसरा इनाम ₹50 लाख से घटकर ₹25 लाख कर दिया गया है।

कुल इनाम राशि ₹125.54 करोड़ है।

मांग के आधार पर 90 लाख तक टिकट जारी करने की योजना है।

IMD की चेतावनी: 7 दिन यूपी समेत इन राज्यों में भारी बारिश, 3 चक्रवाती सिस्टम एक्टिव और 72 घंटों में नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस भी बढ़ाएगा आफत!

India Weather Update: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के मौसम को लेकर एक बड़ा और व्यापक साप्ताहिक पूर्वानुमान जारी किया है। मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में बने एक बेहद मजबूत वेल-मार्कड लो-प्रेशर एरिया (कम दबाव का क्षेत्र) और देश के विभिन्न हिस्सों में सक्रिय 3 चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulations) की वजह से अगले 7 दिनों के दौरान उत्तर-पूर्वी भारत, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है।

इसके अलावा अगले 72 घंटों के भीतर (19 जुलाई से) उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) दस्तक देने जा रहा है। ये बारिश की रफ्तार को और तेज कर देगा। मौसम विभाग ने ये भी बताया है कि अगले 3 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों और अगले 7 दिनों तक पश्चिम-मध्य व दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बारिश की गतिविधियों में थोड़ी कमी देखी जा सकती है।

मौसम विभाग के वेदर बुलेटिन के आधार पर आइए जानते हैं पूरे हफ्ते (16 से 22 जुलाई तक) आपके राज्य के मौसम का पूरा हाल।

एक्टिव वेदर सिस्टम्स का विश्लेषण

मौसम विभाग के मुताबिक इस समय वायुमंडल में कई ताकतवर वेदर सिस्टम एक साथ काम कर रहे हैं:-

वेल-मार्कड लो-प्रेशर एरिया: उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी ओडिशा व पश्चिम बंगाल के तटों पर एक मजबूत कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। यह अगले 2 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए उत्तरी ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल को पार करेगा। इसी सिस्टम से लेकर पूर्व-मध्य अरब सागर तक मध्य क्षोभमंडल स्तर में एक ट्रफ लाइन भी गुजर रही है।

इसके अलावा अभी 3 चक्रवाती परिसंचरण एक्टिव हैं। पहला चक्रवाती सिस्टम जम्मू संभाग और उसके आस-पास के क्षेत्र में मध्य क्षोभमंडल स्तर पर सक्रिय है। दूसरा चक्रवाती सिस्टम पूर्वी उत्तर प्रदेश और उससे सटे बिहार के ऊपर निचले क्षोभमंडल स्तर पर बना हुआ है। तीसरा चक्रवाती सिस्टम दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और उसके आस-पास के इलाके में मौजूद है। इसके अलावा उत्तर हरियाणा के ऊपर भी एक लोअर ट्रॉपोस्फेरिक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। 19 जुलाई से एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करना शुरू करेगा। इससे पहाड़ों से लेकर मैदानों तक मौसम बदलेगा।

पूरे हफ्ते का राज्यवार वेदर फोरकास्ट और अलर्ट (16-22 जुलाई)

उत्तर-पश्चिम भारत (यूपी, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और पहाड़ी राज्य)

पूर्वी उत्तर प्रदेश में 16-17 जुलाई को छिटपुट बारिश होगी लेकिन 18 से 22 जुलाई के बीच यहां व्यापक बारिश का दौर चलेगा। 17-18 जुलाई और 22 जुलाई को पूर्वी यूपी में भारी बारिश जबकि 19 से 21 जुलाई के बीच बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 16-18 जुलाई तक छिटपुट बारिश के बाद 19 से 22 जुलाई तक व्यापक बारिश और भारी बारिश होने की संभावना है।

दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में 16 से 19 जुलाई तक छिटपुट बारिश की संभावना है। इसके बाद 20 से 22 जुलाई के बीच मौसम करवट लेगा और व्यापक बारिश के साथ कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। उत्तराखंड में पूरे हफ्ते (16-22 जुलाई) व्यापक बारिश होगी। यहां 16-17 जुलाई व 22 जुलाई को भारी बारिश और 18 से 21 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश की चेतावनी है। हिमाचल में 18-22 जुलाई को व्यापक बारिश होगी जिसमें 19-22 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश का अलर्ट शामिल है।

जम्मू-कश्मीर में 18-22 जुलाई को भारी बारिश होगी। यहां 21 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश की आशंका है। पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में 16 से 22 जुलाई तक छिटपुट से लेकर बिखरी हुई बारिश का दौर जारी रहेगा।

पूर्वी भारत (बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल)

ओडिशा में आज (16 जुलाई) कुछ स्थानों पर बहुत भारी से लेकर अत्यंत भारी मूसलाधार बारिश होने की चेतावनी है। इसके बाद 16-18 जुलाई को व्यापक बारिश होगी और 18-20 जुलाई को फिर से भारी बारिश का दौर लौटेगा। 17 जुलाई को यहां बहुत भारी बारिश की संभावना है। बिहार में 17 से 21 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी। 16-17 जुलाई और 21-22 जुलाई को भारी बारिश जबकि 18 से 20 जुलाई के दौरान बिहार में बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। झारखंड में 16 से 22 जुलाई तक व्यापक बारिश का अनुमान है जिसमें 16-18 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है।

गांगेय पश्चिम बंगाल और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 16 से 22 जुलाई तक पूरे हफ्ते भारी और व्यापक बारिश की गतिविधि जारी रहेगी। उप-हिमालयी क्षेत्र में 18-20 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है।

मध्य भारत (मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ)

छत्तीसगढ़ में 16 से 22 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश होगी। 16 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 17-21 ⁠जुलाई के दौरान भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 17-22 जुलाई और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 21-22 जुलाई को व्यापक बारिश होगी। पूर्वी मध्य प्रदेश में 17-21 जुलाई के दौरान भारी बारिश का अलर्ट है। विदर्भ में 20-22 जुलाई को व्यापक बारिश और 17-18 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है।

पूर्वोत्तर भारत (असम, मेघालय और अन्य राज्य)

असम और मेघालय में पूरे हफ्ते (16-22 जुलाई) व्यापक बारिश जारी रहेगी जिसमें 16 से 19 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी पूरे हफ्ते व्यापक बारिश के साथ भारी बारिश की चेतावनी है। अरुणाचल प्रदेश में 17-19 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

पश्चिम और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत

कोंकण और गोवा में 16 से 22 जुलाई तक पूरे हफ्ते व्यापक से बहुत व्यापक बारिश का दौर जारी रहेगा जिसमें 16 जुलाई को भारी बारिश शामिल है। गुजरात और मध्य महाराष्ट्र में छिटपुट बारिश होगी। तटीय कर्नाटक में 17 से 22 जुलाई तक और केरल में 17 से 21 जुलाई तक व्यापक बारिश होने का अनुमान है। दक्षिण के अन्य राज्यों (तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिल नाडु) में पूरे हफ्ते केवल छिटपुट या बिखरी हुई बारिश ही देखने को मिलेगी।

आंधी-तूफान, बिजली और उमस भरी गर्मी का डबल अटैक

जम्मू-कश्मीर में 16-22 जुलाई तक 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलेंगी। राजस्थान में 20-22 जुलाई को धूलभरी आंधी और बिजली चमकने की संभावना है। झारखंड, पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश में भी 16-20 जुलाई के दौरान तेज हवाओं (40-50 किमी/घंटा) के साथ बिजली गिरने का अलर्ट है।

तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा में 16 जुलाई को और तमिलनाडु, पुडुचेरी में 16-17 जुलाई को लू जैसी स्थिति रहेगी। इसके अलावा दिल्ली, हरियाणा, पंजाब में 16-18 जुलाई तक तथा उत्तर प्रदेश (पूर्वी और पश्चिमी) व तेलंगाना में 16 जुलाई को अत्यधिक उमस और पसीने वाली गर्म हवाएं लोगों को परेशान करेंगी।

मछुआरों के लिए समंदर में नो-एंट्री की सलाह

खराब मौसम और तूफानी हवाओं के मद्देनजर मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी है। 16 से 21 जुलाई के दौरान सोमालिया, ओमान के तटों और पश्चिम-मध्य व दक्षिण-पश्चिम अरब सागर में जाने पर रोक है। गुजरात तट पर 18-21 जुलाई और उत्तरी महाराष्ट्र तट पर 19-20 जुलाई तक मछुआरों को न जाने की हिदायत है।

16 से 18 जुलाई के दौरान गांगेय पश्चिम बंगाल, ओडिशा तट और उत्तर व मध्य बंगाल की खाड़ी में जाने से बचें। अंडमान सागर में भी 16-17 जुलाई तक समंदर में उतरने पर पूरी तरह पाबंदी लगाई गई है।

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Koel Mallick Resign: ममता बनर्जी को एक और बड़ा झटका, अब TMC सांसद एवं बंगाली अभिनेत्री कोएल मलिक ने राज्यसभा से दिया इस्तीफा

Koel Mallick Resign: तृणमूल कांग्रेस (TMC) की राज्यसभा सांसद कोयल मल्लिक ने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा राज्यसभा के सभापति को सौंप दिया है। हालांकि, इस्तीफे के पीछे की वजह को लेकर अभी तक आधिकारिक तौर पर कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। कोएल मलिक के इस्तीफे के बाद राज्यसभा में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसदों की संख्या घटकर 9 रह गई है। इससे पहले भी पार्टी के कुछ सांसद विभिन्न कारणों से सदन की सदस्यता छोड़ चुके हैं।

कोयल मल्लिक का इस्तीफा ऐसे समय आया है, जब संसद का मानसून सत्र शुरू होने वाला है और राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। ऐसे में उनके इस फैसले को राजनीतिक हलकों में अहम माना जा रहा है। हालांकि, तृणमूल कांग्रेस की ओर से अभी तक इस इस्तीफे पर कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं, यह भी स्पष्ट नहीं है कि पार्टी उनकी जगह किसे राज्यसभा भेजेगी।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में पार्टी इस मुद्दे पर अपना आधिकारिक रुख स्पष्ट कर सकती है। फिलहाल सभी की नजर इस बात पर है कि राज्यसभा सचिवालय इस्तीफा स्वीकार करने के बाद आगे की प्रक्रिया कब पूरी करता है। कोएल मलिक का असली नाम रुक्मिणी मल्लिक है। वह कई बंगाली फिल्मों में काम कर चुकी हैं। खास बात यह है कि वह इसी साल अप्रैल में सांसद बनी थीं।

मदन मित्रा ने भी छो़ड़ा साथ

तृणमूल कांग्रेस प्रमुख एवं पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी माने जाने वाले विधायक मदन मित्रा बुधवार को नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी की अगुवाई वाले बागी गुट में शामिल हो गए। विधायक ने दावा किया कि उन्होंने पार्टी नहीं छोड़ी थी। कामरहाटी से विधायक मित्रा ने घोषणा की है कि वह ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस की सभी राष्ट्रीय और संगठनात्मक समितियों से इस्तीफा दे रहे हैं। इसके अलावा, उन्होंने पश्चिम बंगाल विधानसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक पद से भी तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया है।

इस घटनाक्रम को ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, जो बीते कुछ महीने से अभूतपूर्व बगावत का सामना कर रहा है। उन्होंने घोषणा की है कि वह ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट में अब कोई संगठनात्मक जिम्मेदारी नहीं संभालेंगे। हालांकि, वह तृणमूल कांग्रेस के विधायक बने रहेंगे। पिछले कुछ महीनों से ऋतब्रत बनर्जी गुट ने पूर्व मुख्यमंत्री के नेतृत्व को लगातार चुनौती दी है।

मित्रा ने कहा कि गुट बदलने से पहले उन्होंने अपने फैसले के बारे में ममता बनर्जी को सूचित कर दिया था। मित्रा ने यह भी घोषणा की है कि वह 21 जुलाई को ऋतब्रत बनर्जी गुट द्वारा आयोजित किए जा रहे शहीद दिवस कार्यक्रम में शामिल होंगे। बागी नेताओं ने एक समानांतर संगठनात्मक ढांचे की घोषणा की है। पार्टी मुख्यालय पर अपना नियंत्रण होने का दावा किया है। जबकि ममता बनर्जी गुट ने इन दावों को खारिज कर दिया है।

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मित्रा के इस कदम को लेकर अटकलें मंगलवार रात से ही तेज हो गई थीं, जब उन्होंने बागी विधायक संदीपन साहा के आवास का दौरा किया था। मित्रा ने इस बात को खारिज किया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के कारण उन्होंने गुट बदला। उन्होंने अभिषेक बनर्जी पर निशाना साधा और तृणमूल कांग्रेस के पतन के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया।

Bank Holiday: आज 16 जुलाई, गुरुवार को कई राज्यों में बंद हैं बैंक, घर से निकलने से पहले चेक कर लें RBI के छुट्टियों की लिस्ट

Bank Holiday on Thursday 16 July 2026: अगर आज गुरुवार, 16 जुलाई को आप बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाने के लिए शाखा जाने का मन बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए ही है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के आधिकारिक हॉलिडे कैलेंडर के अनुसार, आज देश के कुछ चुनिंदा राज्यों में रथ यात्रा, कांग (रथयात्रा) और हरेला त्योहार के कारण बैंकों में छुट्टी घोषित की गई है।

हालांकि, राहत की बात यह है कि यह छुट्टी पूरे देश में लागू नहीं है, बल्कि केवल कुछ विशेष राज्यों और शहरों में ही सभी सरकारी और निजी बैंक बंद रहेंगे। देश के बाकी सभी हिस्सों में बैंकों में सामान्य रूप से कामकाज जारी रहेगा।

आज किन शहरों और राज्यों में बंद रहेंगे बैंक?

आरबीआई की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, आज 16 जुलाई को इन राज्यों और उनके प्रमुख सर्कलों (जैसे- भुवनेश्वर, देहरादून और इंफाल) में बैंक शाखाएं पूरी तरह बंद रहेंगी:

ओडिशा (भुवनेश्वर): पवित्र जगन्नाथ पुरी रथ यात्रा (Ratha Yatra) उत्सव के कारण आज पूरे राज्य में बैंकों में सार्वजनिक अवकाश है।

उत्तराखंड (देहरादून): लोक पर्व ‘हरेला’ (Harela) के पावन अवसर पर आज राज्य के सभी बैंकों में छुट्टी रहेगी।

मणिपुर (इंफाल): पारंपरिक कांग रथयात्रा (Kang Rathajatra) उत्सव के चलते आज यहां भी बैंकों में कामकाज नहीं होगा।

बाकी राज्यों में क्या है स्थिति?

ऊपर बताए गए तीन राज्यों (ओडिशा, उत्तराखंड और मणिपुर) को छोड़कर उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, बिहार, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान समेत देश के अन्य सभी राज्यों में आज बैंक सामान्य दिनों की तरह खुले हुए हैं। अगर आप इन राज्यों में रहते हैं, तो बिना किसी हिचकिचाहट के बैंक जाकर अपने काम निपटा सकते हैं।

घर बैठे निपटाएं काम, चालू रहेंगी ये डिजिटल सेवाएं

भले ही आपके शहर या राज्य में आज बैंक की शाखाएं बंद हों, लेकिन आपको परेशान होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। तकनीकी युग में बैंक बंद होने के बावजूद यूपीआई, नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और एटीएम (ATM) सेवाएं 24 घंटे काम करती हैं।

US Iran War: ईरान पर ट्रंप के तेवर कड़े! तेहरान पर अमेरिका ने पहली बार दिन के उजाले में बरसाए बम, बेहद खतरनाक फेज में पहुंचा युद्ध

US Launches First Daylight Airstrikes On Iran: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा सैन्य टकराव अब और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कड़े रुख के बीच, अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ अपनी रणनीति बदलते हुए पहली बार दिन के उजाले में हवाई हमले (Daylight Airstrikes) शुरू कर दिए हैं। इसके साथ ही यह युद्ध अब एक बिल्कुल नए फेज में प्रवेश कर चुका है।

पिछले कई दिनों से ट्रंप प्रशासन के निर्देश पर अमेरिकी वायुसेना सिर्फ रात के अंधेरे में ईरान पर बमबारी कर रही थी, लेकिन बुधवार को अचानक दिन में हुए हमलों ने सबको चौंका दिया है। दोनों देशों के बीच हुआ अंतरिम समझौता (Interim Deal) पूरी तरह टूट चुका है, जिसके बाद दोनों महाशक्तियां आमने-सामने आ गई हैं। आइए जानते हैं क्या है मिडिल ईस्ट में भड़के इस महायुद्ध की मौजूदा स्थिति।

CENTCOM ने की दिन में हवाई हमलों की पुष्टि

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बुधवार को एक आधिकारिक बयान जारी कर इस नए सैन्य ऑपरेशन की पुष्टि की है:

सुबह 6 बजे शुरू हुए हमले: सेंटकॉम के अनुसार, अमेरिकी सेना ने ईस्टर्न टाइम (ET) के मुताबिक सुबह 6 बजे ईरान पर हवाई हमलों की नई लहर शुरू की।

रणनीति में बड़ा बदलाव: रात के बजाय दिन के उजाले में हमला करना अमेरिकी सेना की आक्रामक रणनीति और बढ़ते सैन्य दबाव को साफ दर्शाता है।

आखिर क्यों ईरान पर बम बरसा रहा है अमेरिका?

इस पूरे सैन्य टकराव के केंद्र में दुनिया का सबसे व्यस्त समुद्री ऊर्जा गलियारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज है:

कमर्शियल जहाजों पर हमला: अमेरिकी सेंट्रल कमांड के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर के मुताबिक, पिछले सात दिनों में ईरान ने जानबूझकर सात कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाया है, जिसमें लगभग एक दर्जन नागरिक क्रू मेंबर्स की मौत हुई है या वे लापता/घायल हैं।

पड़ोसी देशों पर मिसाइल दागना: ईरान ने अपने पड़ोसी खाड़ी देशों की तरफ भी दर्जनों मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं। अमेरिका का कहना है कि इन हमलों का मकसद अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा करना और ईरान की आक्रामकता का करारा जवाब देना है।

समझौता टूटने के बाद बिगड़े हालात

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए जो राजनयिक प्रयास चल रहे थे, वे अब पूरी तरह ठप हो चुके हैं:

इंटरिम डील हुई तबाह: दोनों देशों के बीच हुआ अंतरिम समझौता पूरी तरह से बिखर चुका है, जिससे कूटनीति के रास्ते बंद हो गए हैं और दोनों देश सीधे सैन्य टकराव के रास्ते पर लौट आए हैं।

बढ़ेगा ग्लोबल एनर्जी संकट: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर दुनिया का एक बड़ा तेल और गैस का कारोबार गुजरता है। यहां लगातार हो रहे हमलों और अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति ठप होने और क्रूड ऑयल की कीमतें आसमान छूने का खतरा मंडराने लगा है।

कुल मिलाकर अमेरिकी सेना के इस कदम से साफ है कि वाशिंगटन अब तेहरान पर किसी भी तरह का सैन्य दबाव कम करने के मूड में नहीं है। रात के बाद अब दिन में भी शुरू हुई इस बमबारी ने मिडिल ईस्ट में एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध की आहट को और तेज कर दिया है।

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कल का मौसम 16 जुलाई: 5 एक्टिव चक्रवाती सिस्टम और लो प्रेशर एरिया लाएंगे भारी बारिश, आंधी-तूफान! IMD ने बंगाल से बिहार तक ये अलर्ट दिया

Mausam Update: देश भर में मानसून ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 16 जुलाई के मौसम को लेकर एक बेहद गंभीर चेतावनी जारी की है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक इस समय एक कम दबाव का क्षेत्र और 5 से अधिक सक्रिय चक्रवाती सिस्टम एक साथ काम कर रहे हैं। इन मजबूत वेदर सिस्टम्स के चलते 16 जुलाई को पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार और पूर्वोत्तर राज्यों में मूसलाधार बारिश के साथ-साथ तेज आंधी-तूफान चलने का हाई अलर्ट जारी किया गया है।

आइए विस्तार से समझते हैं कि मौसम में इस बड़े बदलाव के पीछे कौन से वैज्ञानिक कारण हैं और आपके राज्य में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज…

देश में ये वेदर सिस्टम एक्टिव

आईएमडी के बुलेटिन के मुताबिक इस समय देश में कई मौसमी प्रणालियां सक्रिय हैं। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी ओडिशा व पश्चिम बंगाल के तटों पर बना कम दबाव का क्षेत्र लगातार बना हुआ है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर तक फैला हुआ है। मौसम विभाग के मुताबिक इसके अगले 2 दिनों के दौरान और अधिक मजबूत होने के साथ उत्तरी ओडिशा व गांगेय पश्चिम बंगाल से होते हुए उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की पूरी संभावना है।

ये हैं 5 एक्टिव चक्रवाती परिसंचरण

उत्तरी पाकिस्तान और उससे सटे इलाकों के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण के रूप में सक्रिय है।

उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उसके आस-पास के इलाके में समुद्र तल से 0.9 किमी ऊपर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है।

पूर्वी उत्तर प्रदेश और उससे सटे बिहार के ऊपर 0.9 किमी की ऊंचाई पर एक और चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।

पूर्वी उत्तर प्रदेश के ही ऊपर 5.8 किमी की ऊंचाई पर एक अन्य उच्च वायु चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है।

पूर्वी असम और उसके पड़ोस में 1.5 किमी की ऊंचाई पर और उत्तरी गुजरात व दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के ऊपर 3.1 से 5.8 किमी की ऊंचाई पर चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं।

मानसून ट्रफ और नया विक्षोभ

मानसून की ट्रफ लाइन इस समय जम्मू, देहरादून, शाहजहाँपुर, बस्ती, पटना, बांकुरा और बंगाल की खाड़ी के लो प्रेशर एरिया के केंद्र से होते हुए दक्षिण-पूर्व की ओर पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी तक जा रही है। इसके साथ ही 19 जुलाई से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने वाला है।

16 जुलाई को कहां होगी सबसे भारी बारिश?

16 जुलाई को देश के तीन राज्यों में मूसलाधार से अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है। इससे निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है:

गांगेय पश्चिम बंगाल

ओडिशा

अरुणाचल प्रदेश

इन इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी

इसके अलावा देश के कई अन्य राज्यों में भी बादलों की भारी गर्जना के साथ तेज बारिश होने का अनुमान है:-

बिहार और झारखंड

उत्तराखंड

छत्तीसगढ़

असम और मेघालय

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा

आंधी-तूफान और बिजली गिरने का अलर्ट

मौसम विभाग ने भारी बारिश के साथ-साथ देश के कई हिस्सों में तेज आंधी और आकाशीय बिजली गिरने की दोहरी चेतावनी जारी की है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड और मध्य प्रदेश में 40 से 50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटा तक) की रफ्तार से धूलभरी आंधी चलने और बिजली गिरने की संभावना है। बिहार, कर्नाटक और तेलंगाना में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी और गरज-चमक के साथ बिजली गिर सकती है।

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अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और उत्तराखंड में 16 जुलाई को तेज बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है।

कुछ राज्यों में हीटवेव और उमस भरी गर्मी का सितम

एक तरफ जहां देश का आधा हिस्सा बारिश से सराबोर रहेगा, वहीं कुछ राज्यों को कल भीषण गर्मी और उमस का सामना करना पड़ेगा। आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराईकल के अलग-अलग हिस्सों में 16 जुलाई को लू चलने की स्थिति बनी रहेगी। उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, तेलंगाना और तटीय कर्नाटक के इलाकों में कल मौसम काफी गर्म और उमस भरा रहने वाला है।

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नो कंजूसी, ओनली सेविंग्स! लाइफस्टाइल से बिना समझौता किए हर महीने होगी तगड़ी बचत, अपनाएं ये 5 स्मार्ट हैक्स

Save Money Without Sacrificing Lifestyle: अक्सर लोगों को लगता है कि पैसे बचाने का मतलब है अपनी सभी खुशियों और शौक का गला घोंट देना। लेकिन यह सोच बिल्कुल गलत है। अगर आप जबरदस्ती अपने सारे शौक बंद कर देंगे, तो कुछ ही दिनों में हताश हो जाएंगे और बचत करने का यह सिलसिला बीच में ही टूट जाएगा। असल में समझदारी से खर्च करने का मतलब अपनी जिंदगी के मजे को खत्म करना नहीं, बल्कि फाइनेंशियल प्लानिंग और लाइफ के एन्जॉयमेंट के बीच एक सही बैलेंस बनाना है।

स्मार्ट मनी मैनेजमेंट के जरिए बचत और मनोरंजन दोनों साथ-साथ चल सकते हैं। अगर सही रणनीति अपनाई जाए, तो बिना किसी समझौते या कमी के अहसास के वित्तीय स्थिरता हासिल की जा सकती है। आइए जानते हैं रोजमर्रा की जिंदगी में पैसे बचाने के वो 5 स्मार्ट तरीके, जो आपकी लाइफस्टाइल को प्रभावित किए बिना आपकी जेब भरेंगे।

1. अपने खर्चों के पैटर्न को समझें

पैसा बचाने की शुरुआत इस बात को समझने से होती है कि आपका पैसा असल में जा कहां रहा है। कई बार छोटी-छोटी चीजें जैसे- बिना इस्तेमाल वाले ओटीटी सब्सक्रिप्शन, आए दिन बाहर से खाना ऑर्डर करना या बिना सोचे-समझे की गई शॉपिंग, आपके बजट को बिगाड़ देती हैं।

जब आप अपने खर्चों के पैटर्न को ट्रैक करना शुरू करते हैं, तो आपको पता चलता है कि कहाँ फिजूलखर्ची हो रही है। इससे आपको सही जगह पर कटौती करने में मदद मिलती है।

2. दिखावे की जगह ‘वैल्यू’ को अहमियत दें

बिना सोचे-समझे की गई खरीदारी अक्सर अस्थायी खुशी देती है, जबकि स्मार्ट शॉपिंग हमेशा उस चीज पर आधारित होती है जो आपको लंबे समय तक फायदा या वैल्यू दे। ऐसी चीजों या अनुभवों जैसे- घूमना या कोई नई स्किल सीखने पर खर्च करना जो आपको लंबे समय तक खुशी दें, उन ढेर सारी सस्ती या कम महत्व वाली चीजों को खरीदने से कहीं बेहतर है जो सिर्फ घर में जगह घेरती हैं। किसी भी चीज को खरीदने से पहले उसका बजट तय करने से गैर-जरूरी खर्चों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

3. ‘फन बजट’ तय करें, पछतावे से बचें

बचत करने का यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि आप दोस्तों के साथ घूमना या पार्टी करना पूरी तरह छोड़ दें। अपने महीने के बजट में से एक निश्चित हिस्सा मनोरंजन और घूमने-फिरने के लिए पहले से ही अलग निकाल दें। ऐसा करने से आप बिना किसी गिल्ट या डर के अपनी लाइफ को एन्जॉय कर पाएंगे। जब आप अपने मनोरंजन को अपनी सेविंग्स प्लानिंग का हिस्सा बना लेते हैं, तो आपकी बचत की आदत लंबे समय तक बिना टूटे जारी रहती है।

4. लाइफस्टाइल इन्फ्लेशन से बचें

जैसे-जैसे लोगों की आमदनी या सैलरी बढ़ती है, वैसे-वैसे उनके खर्च भी अपने आप बढ़ने लगते हैं। इसे फाइनेंशियल भाषा में ‘लाइफस्टाइल इन्फ्लेशन’ कहा जाता है। वित्तीय रूप से सफल होने के लिए इस जाल से बचना बेहद जरूरी है। सैलरी बढ़ने पर तुरंत महंगे शौक पालने के बजाय, अपनी बचत और निवेश के अनुपात को भी उसी रफ्तार से बढ़ाएं। आमदनी और खर्च के बीच का यह संतुलन ही आपको भविष्य के लिए आर्थिक रूप से सुरक्षित बनाएगा।

5. छोटे-छोटे स्मार्ट हैक्स अपनाएं

रोजमर्रा की जिंदगी में मामूली बदलाव करके भी बड़ी बचत की जा सकती है, और इसके लिए आपको अपनी क्वालिटी ऑफ लाइफ से कोई समझौता नहीं करना पड़ता। किसी भी सामान को खरीदने से पहले ऑनलाइन कीमतों की तुलना करना, डिस्काउंट या ऑफर्स का फायदा उठाना और गैजेट्स के हर नए मॉडल पर तुरंत अपग्रेड न करना कुछ ऐसे तरीके हैं जो आपके हजारों रुपये बचा सकते हैं। हर वीकेंड पर महंगे रेस्टोरेंट में जाने के बजाय कभी-कभी घर पर ही कुकिंग का आनंद लें। यह आपकी सेहत और जेब दोनों के लिए बेहतर होगा।

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एक सस्टेनेबल यानी लंबे समय तक चलने वाली बचत की आदत विकसित करने के लिए बजट बनाना, खर्चों की समीक्षा करना और वित्तीय लक्ष्य तय करना बेहद जरूरी है। जब आप खर्च और बचत के बीच एक सही संतुलन बना लेते हैं, तो आप आज का दिन भी पूरी आजादी से जीते हैं और अपने आने वाले कल को भी सुरक्षित कर लेते हैं।

बड़ी चेतावनी! अगर आप भी पीते हैं सिगरेट या शराब, तो आज ही जान लें हेल्थ इंश्योरेंस का यह नियम वरना फंस जाएगा क्लेम!

Smoking Impact Health Insurance Premium & Claims: जब भी लोग अपने लिए कोई नया हेल्थ इंश्योरेंस खरीदते हैं, तो उनका पूरा ध्यान पॉलिसी के कवरेज, प्रीमियम की लागत और कैशलेस अस्पतालों के नेटवर्क पर ही होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इंश्योरेंस कंपनियां पॉलिसी देने से पहले एक और बेहद महत्वपूर्ण चीज पर पैनी नजर रखती हैं? वह है आपका लाइफस्टाइल।

स्मोकिंग और अत्यधिक शराब पीने जैसी आदतें इंश्योरेंस कंपनियों के लिए जोखिम का आकलन करने में बहुत बड़ी भूमिका निभाती हैं। अधिकांश लोगों को यह अंदाजा नहीं होता कि ये आदतें प्रीमियम की कीमतों और पॉलिसी की शर्तों को कितना प्रभावित कर सकती हैं। आइए समझते हैं कि सिगरेट और शराब की लत से आपके हेल्थ इंश्योरेंस पर क्या असर पड़ता है।

धूम्रपान करने वालों के लिए क्यों महंगा होता है इंश्योरेंस?

मेडिकल साइंस में धूम्रपान को कई गंभीर बीमारियों की मुख्य वजह माना गया है। सिगरेट पीने से दिल की बीमारी, स्ट्रोक, कैंसर और सांस से जुड़ी कई खतरनाक बीमारियां होने का खतरा काफी बढ़ जाता है।

चूंकि धूम्रपान करने वाले व्यक्तियों के बीमार होने की संभावना गैर-धूम्रपान करने वालों से अधिक होती है, इसलिए इंश्योरेंस कंपनियां उनसे समान कवरेज के लिए भी ज्यादा प्रीमियम वसूलती हैं।

कई मामलों में कंपनियां पॉलिसी जारी करने से पहले मेडिकल टेस्ट कराने की मांग भी कर सकती हैं। यह एक्स्ट्रा लागत आपकी उम्र, पहले से मौजूद बीमारियों और आप कितनी मात्रा में धूम्रपान करते हैं, इस पर निर्भर करती है।

शराब पीने की आदत का पॉलिसी पर क्या असर होता है?

अल्कोहल का सेवन करने वाले हर व्यक्ति के लिए प्रीमियम हमेशा बढ़े, ऐसा जरूरी नहीं है। इंश्योरेंस कंपनियां रिस्क का आकलन करते समय आपकी ड्रिंकिंग फ्रीक्वेंसी और वॉल्यूम की जांच करती हैं। अत्यधिक शराब पीने से लिवर, दिल और शरीर के अन्य अंगों से जुड़ी गंभीर बीमारियां होने का जोखिम रहता है।

अगर मेडिकल इवैल्यूएशन में शराब की वजह से स्वास्थ्य जोखिम अधिक पाया जाता है, तो कंपनियां प्रीमियम की रकम को बढ़ा देती हैं। आप कितनी भी कम मात्रा में शराब पीते हों, इसका खुलासा फॉर्म में करना बेहद अनिवार्य है।

पॉलिसी लेते समय सच बताना क्यों है बेहद जरूरी?

हेल्थ इंश्योरेंस खरीदते समय सबसे महत्वपूर्ण नियम है पूरी ईमानदारी। प्रपोजल फॉर्म भरते समय आवेदकों को तंबाकू, धूम्रपान और शराब के सेवन से जुड़ी सभी आदतों का बिल्कुल सही-सही जानकारी देना चाहिए।

अगर कोई निवेशक अपनी इन आदतों को छुपाता है, तो भविष्य में क्लेम के समय बड़ी मुश्किल खड़ी हो सकती है। गैर-प्रकटीकरण की स्थिति में कंपनियां क्लेम को रोककर मामले की गहन जांच शुरू कर देती हैं।

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शुरुआत में ही सही और पूरी जानकारी देने से पॉलिसी सही शर्तों पर जारी होती है, जिससे भविष्य में क्लेम सेटलमेंट के दौरान किसी भी तरह के विवाद या क्लेम रिजेक्ट होने की संभावना खत्म हो जाती है।

क्या स्मोकिंग या शराब पीने वालों का क्लेम रिजेक्ट हो जाता है?

केवल स्मोकिंग या शराब पीने की आदत होने की वजह से ही आपका क्लेम खारिज नहीं किया जाता है। असल समस्या तब आती है जब आपने पॉलिसी लेते समय इस बात को छिपाया हो। अगर आपने आवेदन के दौरान अपनी आदतों की बिल्कुल सटीक जानकारी दी है और आप पॉलिसी के नियमों व शर्तों का पालन कर रहे हैं, तो इंश्योरेंस कंपनी बिना किसी रुकावट के आपके क्लेम को पास करेगी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. क्या धूम्रपान करने वालों के लिए हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम हमेशा ज्यादा होता है?

जवाब: हां, अधिकांश मामलों में ऐसा ही होता है। धूम्रपान की वजह से होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों के कारण कंपनियों की नजर में ऐसे लोग ‘हाई-रिस्क’ केटेगरी में आते हैं, जिससे उनका प्रीमियम बढ़ जाता है।

2. क्या कभी-कभार शराब पीने से भी प्रीमियम पर असर पड़ता है?

जवाब: इसका सीधा असर इस बात पर निर्भर करता है कि आपके शराब पीने की मात्रा से आपके बीमार होने की संभावना कितनी बढ़ रही है। हालांकि, इसकी जानकारी देना हर हाल में जरूरी है।

3. क्या क्लेम के समय धूम्रपान की आदत छिपाना भारी पड़ सकता है?

जवाब: बिल्कुल, अगर क्लेम के दौरान यह पाया गया कि आपने अपनी इस आदत को कंपनी से छिपाया था, तो आपकी क्लेम प्रक्रिया बेहद जटिल हो सकती है और क्लेम रिजेक्ट भी हो सकता है।

Home Loan Tips: नया घर खरीदने का है प्लान? होम लोन से जुड़े ये 5 फैसले बचाएंगे आपके लाखों रुपए

Taking A Home Loan: नया घर खरीदना हर किसी के जीवन का सबसे बड़ा सपना और सबसे बड़ा वित्तीय फैसला होता है। होम लोन आमतौर पर किसी भी व्यक्ति की जिंदगी की सबसे बड़ी वित्तीय प्रतिबद्धता होती है, जिसकी ईएमआई (EMI) सालों या दशकों तक साथ चलती है। ऐसे में लोन एग्रीमेंट पर साइन करने से पहले लिए गए फैसले आपकी जेब पर बहुत बड़ा असर डालते हैं।

अक्सर लोग सिर्फ इस बात पर ध्यान देते हैं कि लोन किसी तरह मंजूर हो जाए, लेकिन यह इस लंबी प्रक्रिया का सिर्फ एक छोटा सा हिस्सा है। जून 2026 में भी बैंक और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां अलग-अलग ब्याज दरों और शर्तों पर होम लोन दे रही हैं। इसलिए, नया घर लेने से पहले सही प्लानिंग करना बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं वे 5 बड़े फैसले, जो आपके लाखों रुपये बचा सकते हैं।

1. सिर्फ ब्याज दर न देखें, कुल खर्च का हिसाब लगाएं

होम लोन लेते समय हर किसी की नजर सबसे पहले ब्याज दर पर जाती है। कम ब्याज दर बेशक आकर्षक लगती है, लेकिन यही सब कुछ नहीं है:

छिपे हुए चार्ज: लोन की कुल लागत केवल ब्याज दर से तय नहीं होती, बल्कि इसमें प्रोसेसिंग फीस, लीगल चार्ज, जरूरी इंश्योरेंस और फोरक्लोजर के नियम भी शामिल होते हैं।

पूरी तस्वीर देखें: कई बार थोड़ा अधिक ब्याज दर वाला लोन भी बेहतर साबित होता है, बशर्ते उसके अन्य एडिशनल चार्ज कम हों। इसलिए हमेशा ‘लोन की कुल लागत’ की तुलना करें।

2. उतनी ही रकम का लोन लें जितनी जरूरत हो, न कि जितनी ऑफर की जा रही हो

अक्सर बैंक आपकी रीपेमेंट क्षमता को देखते हुए आपकी जरूरत से ज्यादा का लोन ऑफर या अप्रूव कर देते हैं। लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आप पूरा का पूरा लोन ले लें। आप जितना बड़ा लोन लेंगे, आपकी मासिक ईएमआई उतनी ही भारी होगी और आपको लोन अवधि के दौरान उतना ही अधिक ब्याज चुकाना पड़ेगा।

समझदारी इसी में है कि आप अपना डाउन पेमेंट बढ़ा दें या अपने बजट के अनुकूल प्रॉपर्टी चुनें ताकि लोन की राशि को कम से कम रखा जा सके।

3. टैक्स बेनेफिट्स का पूरा फायदा उठाएं

होम लोन लेने का एक बड़ा फायदा यह भी है कि इसके जरिए आप हर साल टैक्स में अच्छी-खासी बचत कर सकते हैं। इनकम टैक्स एक्ट के नियमों के तहत, योग्य बोरोअर्स होम लोन के मूलधन और चुकाए गए ब्याज दोनों पर टैक्स डिडक्शन का दावा कर सकते हैं।

टैक्स सेविंग का सटीक फायदा इस बात पर निर्भर करता है कि प्रॉपर्टी किस तरह की है, उसका मालिकाना हक किसके पास है और आपने कौन सा टैक्स व्यवस्था चुना है। लोन फाइनल करने से पहले इसे समझने से लॉन्ग टर्म प्लानिंग में मदद मिलती है।

4. जब भी हाथ में अतिरिक्त पैसा हो, पार्ट-प्रीपेमेंट करें

यह जरूरी नहीं है कि अगर आपने 20 साल के लिए होम लोन लिया है, तो आप उसे 20 साल तक ही चलाएं। अधिकांश बैंक और लेंडर्स फ्लोटिंग-रेट लोन पर बिना किसी पेनल्टी के पार्ट-प्रीपेमेंट करने की अनुमति देते हैं।

जब भी आपको सालाना बोनस मिले या किसी अन्य स्रोत से अतिरिक्त आमदनी हो, तो उस लंप-सम राशि को लोन चुकाने में लगा दें। इससे आपका आउटस्टैंडिंग बैलेंस कम होता है और लोन की अवधि के साथ-साथ ब्याज का बोझ उम्मीद से कहीं ज्यादा घट जाता है।

5. अपनी जेब और बजट के हिसाब से लोन की अवधि चुनें

होम लोन की अवधि तय करते समय जल्दबाजी न करें, क्योंकि इसका सीधा संबंध आपके मासिक बजट से होता है। लोन की अवधि जितनी लंबी होगी, आपकी हर महीने की ईएमआई उतनी ही छोटी होगी, लेकिन लोन के पूरे जीवनकाल में आपको कुल ब्याज बहुत अधिक देना पड़ेगा।

लोन की अवधि कम रखने से ईएमआई का बोझ मासिक रूप से बढ़ जाता है, लेकिन आप लोन से जल्दी मुक्त हो जाते हैं और कुल ब्याज का भारी पैसा बचा लेते हैं। अपनी आय और भविष्य के खर्चों को देखते हुए बीच का सही रास्ता चुनें।

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कुल मिलाकर होम लोन कोई ऐसी चीज नहीं है जिसे आप हर दो-चार साल में बदलते रहें। एक बार जब कागजी कार्रवाई पूरी हो जाती है, तो चुकाने का एक लंबा सफर शुरू होता है। इसलिए लोन लेने से पहले थोड़ा अतिरिक्त समय देकर तुलना करना और सोच-समझकर फैसला लेना आपकी रीपेमेंट यात्रा को बेहद आसान और सस्ता बना सकता है।

कुवैत ने अपना पहला 15 साल का गोल्डन वीजा भारतीय अरबपति एमए यूसुफ अली को सौंपा! जानिए लुलु ग्रुप के चेयरमैन की पूरी कहानी

MA Yusuff Ali news: खाड़ी देशों में अपने बिजनेस का लोहा मनवाने वाले भारतीय मूल के दिग्गज कारोबारी और लुलु ग्रुप के चेयरमैन एमए यूसुफ अली के नाम एक और बड़ी ऐतिहासिक उपलब्धि जुड़ गई है। कुवैत सरकार ने अपने नए लॉन्च किए गए 15 साल के गोल्डन रेजिडेंसी (गोल्डन वीजा) का पहला रिसीपिंट भारतीय अरबपति एमए यूसुफ अली को चुना है। यह सम्मान कुवैत द्वारा निवेशकों, बिजनेस लीडर्स और वैश्विक प्रतिभाओं को आकर्षित करने के उद्देश्य से शुरू किए गए लॉन्ग-टर्म वीजा कार्यक्रम के औपचारिक रोलआउट के क्रम में किया गया है।

हमारे सहयोगी ‘न्यूज 18’ की रिपोर्ट के मुताबिक कुवैत सिटी में आयोजित एक विशेष समारोह के दौरान कुवैत के प्रथम उप प्रधानमंत्री और आंतरिक मंत्री शेख फहद यूसुफ सऊद अल-सबा ने लुलु ग्रुप इंटरनेशनल के चेयरमैन और एमडी यूसुफ अली को यह सम्मान सौंपा।

कौन हैं एमए यूसुफ अली?

एमए यूसुफ अली खाड़ी क्षेत्र के सबसे प्रसिद्ध और प्रभावशाली भारतीय मूल के व्यवसायियों में से एक हैं। यूसुफ अली रिटेल क्षेत्र की दिग्गज कंपनी ‘लुलु ग्रुप इंटरनेशनल’ के संस्थापक हैं। केरल में जन्मे यूसुफ अली ने अपनी कड़ी मेहनत के दम पर लुलु को मिडिल ईस्ट की सबसे बड़ी रिटेल चेन में से एक बना दिया है। लुलु ग्रुप का बिजनेस आज खाड़ी देशों, एशिया और उससे आगे कई देशों में फैला हुआ है।

यह ग्रुप मुख्य रूप से हाइपरमार्केट्स, सुपरमार्केट्स, शॉपिंग मॉल्स और लॉजिस्टिक्स के कारोबार चलाता है। यूसुफ अली का यह बिजनेस नेटवर्क दुनिया भर में हजारों लोगों को रोजगार देता है। रिटेल के अलावा खाड़ी क्षेत्र के हॉस्पिटैलिटी और रियल एस्टेट क्षेत्रों में भी उनका भारी निवेश है।

कुवैत ने एमए यूसुफ अली को ही क्यों चुना?

कुवैती अधिकारियों के मुताबिक, यह ऐतिहासिक फैसला देश की अर्थव्यवस्था में यूसुफ अली के लंबे समय से चले आ रहे योगदान को ध्यान में रखकर लिया गया है। लुलु ग्रुप ने कुवैत के रिटेल सेक्टर में अपनी एक बेहद मजबूत उपस्थिति स्थापित की है। इसके साथ ही इस ग्रुप ने कुवैत में फूड सप्लाई चेन को मजबूत करने, कंज्यूमर मार्केट का विस्तार करने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा करने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

क्या है कुवैत का नया गोल्डन रेजिडेंसी प्रोग्राम?

यह गोल्डन रेजिडेंसी कार्यक्रम कुवैत की अर्थव्यवस्था को सिर्फ तेल पर निर्भर न रखकर उसका डाइवर्सिफाई करने की कोशिश से जुड़ा एक इनिशिएटिव है। इसके जरिए देश में बड़े निवेश और कुशल प्रतिभाओं को आकर्षित करने की योजना है। पारंपरिक निवास परमिट अक्सर एंप्लॉयर स्पॉन्सरशिप से जुड़े होते हैं और उन्हें बार-बार रिन्यू कराना पड़ता है। इनके उलट कुवैत का यह नया कार्यक्रम निवेशकों को लंबे समय की स्थिरता और अधिक फ्लेक्सिबिलिटी देता है।

कुवैती अधिकारियों के मुताबिक इस पहल को इंटीरियर मिनिस्ट्री, कुवैत प्रत्यक्ष निवेश संवर्धन प्राधिकरण और नागरिक सूचना के लिए सार्वजनिक प्राधिकरण (PACI) के बीच आपसी समन्वय के जरिए तैयार किया गया है।

इस गोल्डन वीजा की खासियतें जान लीजिए

कुवैत का यह नया वीजा कार्यक्रम प्रमुख रूप से बड़े निवेशकों, उद्यमियों, वरिष्ठ अधिकारियों और अत्यधिक कुशल पेशेवरों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

15 साल का परमिट: इसके तहत योग्य लोगों को 15 साल का रिन्यूएबल (नवीकरणीय) रेजिडेंसी परमिट दिया जाता है।

लॉन्ग-टर्म स्थिरता: बार-बार वीजा रिन्यू कराने की झंझटों से मुक्ति मिलती है।

एंप्लॉयर पर निर्भरता नहीं: यह वीजा एंप्लॉयर स्पॉन्सर्ड वीजा पर निर्भरता को काफी कम करता है।

परिवार को भी लाभ: इस योजना के तहत मिलने वाले रेजिडेंसी के लाभ मुख्य लाभार्थी के साथ-साथ उसके करीबी परिवार के सदस्यों को भी मिल सकते हैं।

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