Retail Inflation : लगातार चौथे महीने महंगाई बढ़ी, रिटेल इंफ्लेशन जुलाई में 4.45% हुई; RBI के लिए बढ़ेगी मुश्किल

Retail Inflation : रिटेल महंगाई जुलाई में लगातार चौथे महीने बढ़ी है। कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) आधारित महंगाई सालाना आधार पर बढ़कर 4.45% हो गई। जून में यह 4.38% थी। खाने-पीने की चीजों की कीमतों में बढ़ोतरी इसका बड़ा कारण रही।

जुलाई में महंगाई लगातार दूसरे महीने RBI के 4% के लक्ष्य से ऊपर रही। अप्रैल में महंगाई 3.48% थी। इसके बाद मई में 3.93%, जून में 4.38% और जुलाई में 4.45% हो गई। यानी अप्रैल से अब तक महंगाई करीब 1 प्रतिशत अंक बढ़ चुकी है।

खाने-पीने की चीजों ने बढ़ाई महंगाई

जुलाई में Consumer Food Price Index (CFPI) आधारित महंगाई 5.52% रही। जून में यह 5.32% थी। ग्रामीण इलाकों में खाने-पीने की महंगाई ज्यादा रही। यहां यह 5.79% रही। शहरी इलाकों में यह 5.05% थी।

इसी वजह से आने वाले महीनों में भी महंगाई बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। ICRA के मुताबिक, अगस्त में रिटेल महंगाई 4.7% तक पहुंच सकती है।

गांवों में महंगाई का ज्यादा दबाव

ग्रामीण भारत में कुल रिटेल महंगाई जुलाई में 4.84% रही। जून में यह 4.74% थी। वहीं, शहरी महंगाई 3.93% से मामूली बढ़कर 3.96% हो गई। खाने-पीने की चीजों के अलावा कपड़े और जूते भी ग्रामीण इलाकों में ज्यादा महंगे हुए। ग्रामीण क्षेत्रों में इनकी महंगाई 3.97% रही। शहरी क्षेत्रों में यह 2.41% थी।

कुछ सेवाओं की कीमतों में भी तेज बढ़ोतरी हुई। जुलाई में रेस्टोरेंट और होटल से जुड़ी सेवाओं की महंगाई 7.72% रही। ट्रांसपोर्ट की महंगाई 4.43% और पर्सनल केयर, सोशल प्रोटेक्शन, अन्य सेवाओं की महंगाई 14.77% रही।

अदरक, लहसुन और प्याज ने रुलाया

रसोई में इस्तेमाल होने वाली कुछ चीजें जुलाई में काफी महंगी हुईं। अदरक की कीमतों में सालाना आधार पर 83.62% की बढ़ोतरी हुई। जून में यह 50.41% थी। लहसुन की महंगाई भी 17.93% से बढ़कर 35.36% हो गई। प्याज की कीमतें भी तेजी से बढ़ीं। प्याज की महंगाई जून के 4.73% से बढ़कर जुलाई में 22.54% हो गई।

हालांकि, कुछ सब्जियों ने राहत दी। जुलाई में टमाटर की कीमत सालाना आधार पर 4.59% घटी। जून में टमाटर 31.92% महंगा था। आलू की कीमत 16.56% और भिंडी की कीमत 5.52% घटी।

सोना-चांदी भी महंगे

महंगाई के आंकड़ों में कीमती धातुओं की कीमतों में भी तेज बढ़ोतरी दिखी। जुलाई में चांदी के आभूषणों की कीमत सालाना आधार पर 109.84% बढ़ी। सोने, हीरे और प्लैटिनम के आभूषण भी महंगे हुए। इनकी कीमतों में क्रमशः 32.98% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

आगे ब्याज दरों पर क्या होगा?

महंगाई बढ़ने से RBI के लिए ब्याज दरों को लेकर फैसला थोड़ा मुश्किल हो सकता है। RBI ने हाल में रेपो रेट को 5.25% पर बरकरार रखा था। कोटक महिंद्रा बैंक की चीफ इकोनॉमिस्ट उपासना भारद्वाज के मुताबिक, बारिश, कच्चे तेल की कीमत और इनपुट लागत पर नजर रखना जरूरी होगा। उनका मानना है कि वित्त वर्ष 2027 की तीसरी तिमाही से महंगाई 5% के ऊपर जा सकती है।

ICRA की चीफ इकोनॉमिस्ट अदिति नायर ने कहा कि वित्त वर्ष 2027 में औसत CPI महंगाई करीब 5% रह सकती है। पश्चिम एशिया में तनाव और मानसून इसके लिए बड़े जोखिम हैं। अगर महंगाई का दबाव दूसरी चीजों तक भी फैलता है, तो दिसंबर 2026 की बैठक में RBI ब्याज दर बढ़ाने पर विचार कर सकता है।

तेलंगाना में सबसे ज्यादा महंगाई

राज्यों की बात करें तो जुलाई में तेलंगाना में महंगाई सबसे ज्यादा 6.32% रही। इसके बाद आंध्र प्रदेश में 5.72% और तमिलनाडु में 5.44% रही। वहीं, मिजोरम में महंगाई सबसे कम 1.84% रही। मेघालय में यह 2.31% और त्रिपुरा में 2.32% रही। दिल्ली में भी महंगाई अपेक्षाकृत कम 2.68% रही।

कुल मिलाकर, जुलाई के आंकड़े बताते हैं कि महंगाई का दबाव धीरे-धीरे बढ़ रहा है। अभी इसकी बड़ी वजह खाने-पीने की चीजें और कुछ सप्लाई से जुड़ी समस्याएं हैं। अगर यह दबाव आगे भी बना रहता है, तो इसका असर RBI की ब्याज दरों की अगली रणनीति पर पड़ सकता है।

Lenskart Q1 Results: आईवियर कंपनी का मुनाफा 270% बढ़ा, रेवेन्यू ₹2714 करोड़ पहुंचा

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

सोना ₹1.54 लाख के पार, चांदी ₹3600 चढ़ी, निवेशकों को अब किस बात पर करना चाहिए फोकस!

Gold Silver Price: ग्लोबल बाजार में सोने-चांदी की कीमतों में बढ़त के चलते भारत में बुधवार 12 अगस्त को सोने-चांदी की कीमतों में तेजी जारी रही। हालांकि अब निवेशक जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता, तेल की बढ़ती कीमतों और अमेरिकी ब्याज दरों के भविष्य पर नजर बनाए हुए थे। MCX पर अक्टूबर डिलीवरी वाले सोने के वायदा 0.66% बढ़कर ₹1.54 लाख प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहे थे, जबकि सितंबर डिलीवरी वाली चांदी के वायदा 1.50% बढ़कर ₹2.39 लाख प्रति किलोग्राम हो गए।

घरेलू बुलियन मार्केट में यह बढ़त ग्लोबल स्तर पर सोने और चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण आई। जियोपॉलिटिकल तनाव के बीच ‘सेफ-हेवन’ (सुरक्षित निवेश) के तौर पर सोने की मांग बनी रही, जबकि चांदी को औद्योगिक मांग की उम्मीदों से अतिरिक्त सहारा मिला।

कीमतों को क्या दे रहा सहारा

सोना निवेशकों के फोकस में बना हुआ है क्योंकि वे जियोपॉलिटिकल जोखिमों का आकलन कर रहे हैं और फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति के बारे में संकेत पाने के लिए अमेरिका के लेटेस्ट महंगाई के आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं।

पश्चिम एशिया और उसके आसपास शिपिंग से जुड़े नए तनाव ने तेल की कीमतों को बढ़ा दिया है, जिससे ग्लोबल मार्केट में अनिश्चितता बढ़ गई है। ब्रेंट क्रूड $90 प्रति बैरल की ओर बढ़ गया, जबकि अमेरिकी क्रूड $83 प्रति बैरल से ऊपर ट्रेड कर रहा था।

जियोपॉलिटिकल और आर्थिक अनिश्चितता के समय में अक्सर सोने की मांग बढ़ती है क्योंकि निवेशक इस धातु का इस्तेमाल वैल्यू स्टोर करने और पोर्टफोलियो में विविधता लाने के लिए करते हैं।

आज आने वाले अमेरिकी कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) के आंकड़ों पर कड़ी नजर रखी जाएगी, क्योंकि इनका अमेरिकी मॉनेटरी पॉलिसी की उम्मीदों पर असर पड़ सकता है। महंगाई के आंकड़े कम रहने से आसान मॉनेटरी स्थितियों की उम्मीदें मजबूत हो सकती हैं, जबकि उम्मीद से ज्यादा आंकड़े आने पर ब्याज दरों को लेकर अधिक सतर्क रुख अपनाने की संभावना बढ़ सकती है।

सोने से ज्यादा चांदी में बढ़त

बुधवार (12 अगस्त) के घरेलू कारोबार में चांदी ने सोने से बेहतर प्रदर्शन किया, जिसमें MCX पर सितंबर वायदा में 1.50% की बढ़त देखी गई।

चांदी की मांग दो तरह की होती है । पहला निवेश की मांग के साथ-साथ औद्योगिक कामों में भी इसका इस्तेमाल होता है। इससे चांदी को सोने की तरह ‘सेफ-हेवन’ वाले कारकों के अलावा मांग का एक अतिरिक्त सहारा भी मिलता है।

और कितनी तेजी संभव

एस्पेक्ट बुलियन एंड रिफाइनरी के CEO दर्शन देसाई ने कहा, “सोने और चांदी को लगातार मजबूत सहारा मिल रहा है, जो कीमती धातुओं में निवेशकों के मजबूत भरोसे को दर्शाता है।” देसाई के अनुसार, कीमतें अधिक होने के बावजूद दोनों धातुओं की फिजिकल मांग अच्छी बनी हुई है। उन्होंने कहा कि निवेश की दिलचस्पी और लगातार औद्योगिक मांग के कारण चांदी में भी तेजी आई है। साथ ही, देसाई ने चेतावनी दी कि बुलियन की कीमतों में ज़बरदस्त तेज़ी के बाद, कुछ समय के लिए कंसोलिडेशन और प्रॉफ़िट-बुकिंग की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।

गोल्ड और सिल्वर ETF में निवेश का प्रवाह पॉज़िटिव है, लेकिन इसकी रफ़्तार धीमी है।एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ETF) के ज़रिए निवेश का प्रवाह भी मददगार रहा है, हालांकि इसकी रफ़्तार धीमी हुई है।

मिरे एसेट इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स के जुलाई के आंकड़ों के अनुसार, गोल्ड और सिल्वर ETF में निवेश का प्रवाह पॉज़िटिव बना रहा, जबकि जुलाई में सिल्वर ETF में निवेश का प्रवाह लगभग ₹1,285 करोड़ रहा, जो जून में ₹4,286 करोड़ था।

इस धीमी रफ़्तार से पता चलता है कि निवेश की मांग खत्म नहीं हुई है, लेकिन नए निवेश की रफ़्तार पिछले महीने की तुलना में कम हुई है।

भारतीय निवेशकों के लिए, घरेलू स्तर पर ऊंची कीमतें, दुनिया भर में भू-राजनीतिक घटनाक्रम, तेल की कीमतें और अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर बदलती उम्मीदें – ये सभी बातें आने वाले समय में बुलियन की कीमतों के लिए अहम रहेंगी।

Gold Silver Price: सोने-चांदी की कीमतों में बढ़त, आगे क्या हो सकता है असर?

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock Market: क्रूड की तेजी क्या बिगाड़ेगी बाजार का खेल, गिफ्ट निफ्टी से लेकर जानें संकेत दे रहे है ग्लोबल बाजार

GIFT Nifty Indicator: भारतीय बाजारों के लिए आज भी सुस्त संकेत मिल रहे है। गिफ्ट निफ्टी फ्लैट कामकाज कर रहा है।  FIIs की कैश में हल्की खरीदारी हुई, लेकिन वायदा में बिकवाली रही।  नेट शॉर्ट कॉन्ट्रैक्ट भी थोड़े बढ़े है।  हालांकि निवेशक US महंगाई के अहम आंकड़ों से पहले सतर्क हैं। मिले-जुले एशियाई बाज़ार, वॉल स्ट्रीट में रात भर की गिरावट और कच्चे तेल की कीमतों में और बढ़ोतरी से बढ़त सीमित रह सकती है।

सुबह 7:50 बजे GIFT Nifty 40 अंक या 0.16 फीसदी बढ़कर 24,555.5 पर ट्रेड कर रहा था, जिससे संकेत मिलता है कि Nifty 50 मंगलवार के 24,471.70 के क्लोजिंग स्तर से ऊपर खुल सकता है। घरेलू बाज़ार पिछले सत्र में गिरावट के बाद रिकवरी की कोशिश करेगा। मंगलवार को कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच Sensex 388.19 अंक या 0.49 प्रतिशत गिरकर 78,154.25 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 112.10 अंक या 0.46 प्रतिशत गिरकर 24,471.70 पर आ गया।

US महंगाई के आंकड़ों पर सबकी नजर

ग्लोबल निवेशक जुलाई के लिए US कंज्यूमर प्राइस इन्फ्लेशन (महंगाई) रिपोर्ट का इंतज़ार कर रहे हैं, जो बुधवार को आएगी। इससे फेडरल रिज़र्व के अगले ब्याज दर कदम के बारे में नए संकेत मिल सकते हैं। इस अनिश्चितता के कारण बुधवार को एशियाई कारोबार में US इक्विटी-इंडेक्स फ्यूचर्स में कोई खास बदलाव नहीं हुआ।

एशियाई बाज़ार मिले-जुले, टेक्नोलॉजी शेयरों में बढ़त

US महंगाई के आंकड़ों से पहले भू-राजनीतिक तनाव और अनिश्चितता के बीच एशियाई बाज़ारों में सतर्कता के साथ कारोबार हुआ, हालांकि टेक्नोलॉजी शेयरों में बढ़त से कुछ सहारा मिला। MSCI का एशिया-पैसिफिक इक्विटी गेज 0.4 प्रतिशत बढ़ा, जबकि दक्षिण कोरिया का टेक्नोलॉजी-हैवी कोस्पी (Kospi) मज़बूत कॉर्पोरेट नतीजों की बदौलत 2.8 प्रतिशत उछला।

अन्य जगहों पर, जापान का Topix 0.4 प्रतिशत बढ़ा, जबकि Nikkei 225 फ्यूचर्स 0.3 प्रतिशत गिर गया। ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 0.5 प्रतिशत गिरा, हांगकांग का Hang Seng 0.8 प्रतिशत गिरा और शंघाई कंपोजिट में कोई खास बदलाव नहीं हुआ। मिडिल ईस्ट में तनाव की चिंताओं के बीच

वॉल स्ट्रीट में गिरावट

मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट आई क्योंकि निवेशकों को उस समझौते की उम्मीद कम हो गई जिससे मिडिल ईस्ट में तनाव कम हो सकता था और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) फिर से खुल सकता था। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के नए नियुक्त सेक्रेटरी ने कहा कि जब तक अमेरिका अपना व्यवहार नहीं बदलता और युद्ध खत्म करने के लिए तेहरान की शर्तें नहीं मानता, तब तक यह जलडमरूमध्य बंद रहेगा। इससे समझौते की उम्मीदें और कम हो गई।

S&P 500 में 0.32 प्रतिशत, नैस्डैक कम्पोजिट में 0.6 प्रतिशत और डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में 0.34 प्रतिशत की गिरावट आई।

ब्रेंट क्रूड $90 के करीब पहुंचा

भारतीय शेयरों के लिए कच्चा तेल (क्रूड ऑयल) एक बड़ा जोखिम बना हुआ है। बुधवार को कीमतों में हालिया तेजी जारी रही, क्योंकि अमेरिका-ईरान शांति समझौते की उम्मीदें कम हो रही हैं और दो जहाजों पर हमलों के बाद सप्लाई में रुकावट की चिंताएं हैं। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.81 प्रतिशत बढ़कर $89.63 प्रति बैरल हो गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 0.85 प्रतिशत बढ़कर $83.91 पर पहुंच गया।

मंगलवार को दोनों बेंचमार्क $1 से अधिक बढ़कर 31 जुलाई के बाद के अपने उच्चतम क्लोजिंग स्तर पर बंद हुए थे। सोमवार को इनमें लगभग 5 प्रतिशत की तेजी आई थी, जिसके बाद यह बढ़त जारी रही।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, फ्लैट हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Asian Market Today: एशिया में मिला-जुला कारोबार, कोस्पी 4% चढ़ा, क्रूड में तेजी जारी

Asian Market Today: एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार देखने को मिल रहा है। निक्केई में हल्की नरमी है। लेकिन कोस्पी 3.94 फीसदी से ज्यादा ऊपर है। वहीं US INDICES में दूसरे दिन भी दबाव दिखा। डाओ जोंस दिन की ऊंचाई से 400 प्वाइंट से ज्यादा फिसला। नैस्डैक में आधे परसेंट से ज्यादा की गिरावट आई।निवेशक दिन में बाद में आने वाले अहम US कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) डेटा और वेस्ट एशिया में चल रही बातचीत पर नजर बनाए हुए थे।

दक्षिण कोरिया का बाज़ार सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला रहा। कोस्पी (Kospi) में इंट्राडे ट्रेडिंग के दौरान 3.94% की बढ़त हुई, जबकि इससे पहले इसमें 1.5% की तेज़ी आई थी। सार्वजनिक छुट्टी के बाद कारोबार शुरू करने वाले जापानी शेयरों में मामूली बढ़त देखी गई। निक्केई 225 (Nikkei 225) 0.43% ऊपर रहा और व्यापक टॉपिक्स (Topix) में 0.34% की बढ़त हुई।वहीं, ऑस्ट्रेलिया का बेंचमार्क S&P/ASX 200 इंडेक्स 0.52% गिर गया।

वॉल स्ट्रीट

मंगलवार, 11 अगस्त को US बेंचमार्क इंडेक्स में लगातार दूसरे दिन गिरावट देखी गई। टेक्नोलॉजी शेयरों में लगातार कमज़ोरी ने बाज़ार के सेंटीमेंट पर असर डाला, जबकि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने बाज़ार पर दबाव और बढ़ा दिया।

डाऊ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज (Dow Jones Industrial Average) अपने इंट्राडे के उच्चतम स्तर से 430 अंक से ज़्यादा नीचे आया और अंत में 180 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ। S&P 500 और नैस्डैक कम्पोजिट (Nasdaq Composite) ने भी अपनी शुरुआती बढ़त गंवा दी और सत्र का समापन क्रमशः 0.3% और 0.6% की गिरावट के साथ किया।

आज के सत्र में बाज़ार के लिए मुख्य ट्रिगर जुलाई के लिए US कंज्यूमर प्राइस इन्फ्लेशन (CPI) डेटा का जारी होना होगा। निवेशक फेडरल रिज़र्व के ब्याज-दर आउटलुक के बारे में संकेत पाने के लिए इस पर बारीकी से नज़र रखेंगे।

कच्चे तेल की कीमतें

बुधवार को तेल की कीमतों में बढ़त हुई। इसकी वजह US-ईरान के बीच संभावित शांति समझौते को लेकर बढ़ती अनिश्चितता और दो जहाजों पर हुए हमले थे, जिनसे मिडिल ईस्ट से तेल की सप्लाई में रुकावट की आशंका पैदा हुई। यह बढ़त तब हुई जब इंडस्ट्री डेटा से US में कच्चे तेल के स्टॉक में बढ़ोतरी का पता चला।

ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 72 सेंट या 0.81% बढ़कर $89.63 प्रति बैरल हो गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 71 सेंट या 0.85% बढ़कर $83.91 प्रति बैरल हो गया।

पिछले सत्र में दोनों बेंचमार्क $1 से ज़्यादा की बढ़त के साथ बंद हुए थे और 31 जुलाई के बाद अपने उच्चतम क्लोजिंग स्तर पर पहुंच गए थे। यह बढ़त सोमवार को लगभग 5% की तेज़ी के बाद आई, क्योंकि US और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते को लेकर उम्मीद कमज़ोर पड़ गई थी

अमेरिका-ईरान युद्ध

मंगलवार को अमेरिका और यमन में ईरान के समर्थक हूथी गुटों ने होर्मुज जलडमरूमध्य और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य में जहाजों पर अलग-अलग हमलों की जानकारी दी।इस बीच, ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी मोहसेन रेज़ाई ने कहा कि रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज जलडमरूमध्य तब तक बंद रहेगा जब तक वॉशिंगटन युद्ध खत्म करने के लिए तेहरान की शर्तों को नहीं मान लेता। इन मांगों में ईरान की फ्रीज़ की गई संपत्ति को बहाल करना और क्षेत्र में चल रहे अन्य संघर्षों को खत्म करना शामिल है।

आज सोने की कीमत

सोने की कीमतें ज़्यादातर स्थिर रहीं क्योंकि ट्रेडर्स होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के समझौते की संभावना का आकलन कर रहे थे, साथ ही वे फेडरल रिज़र्व के भविष्य के ब्याज-दर फैसलों के संकेत के लिए अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों का भी इंतज़ार कर रहे थे।

मंगलवार को दो महीने के उच्चतम स्तर से नीचे आने (जब यह 0.5% गिरकर बंद हुआ था) के बाद, शुरुआती कारोबार में बुलियन की कीमत लगभग $4,370 प्रति औंस रही।

स्पॉट गोल्ड 0.1% गिरकर $4,367.56 प्रति औंस हो गया, जबकि चांदी 0.1% बढ़कर $64.72 प्रति औंस हो गई।

Crude Oil Price: पश्चिम एशिया में तनाव कायम, छठे दिन भी जारी तेजी, $90 के करीब पहुंचा भाव

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

Gold Silver Prices Today: दो महीने की ऊंचाई पर पहुंचा सोना, चांदी भी 2000 रुपये उछली

Gold Silver Prices Today: दिल्ली सर्राफा बाजार में 11 अगस्त को तेजी दिखी। सोने की कीमतें चढ़कर दो महीने की ऊंचाई पर पहुंच गई। चांदी में भी 2000 रुपये का उछाल आया। सोने में आज लगातार छठे सत्र तेजी जारी रही। आज सोने का भाव 1,200 रुपये चढ़कर 1,57,200 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।

सोने में स्ट्रॉन्ग डिमांड

ऑल इंडिया सर्राफ एसोसिएशन के मुताबिक, 10 अगस्त को सोना 1,56,200 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। खास बात यह है कि क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी के बावजूद सोने की कीमतें चढ़ रही है। ट्रेडर्स का कहना है कि सोने में डिमांड स्ट्रॉन्ग है। इसका असर कीमतों पर दिखा है।

6 सत्र में 6.65 फीसदी तेजी

आज से पहले 12 जून को सोने का भाव इस लेवल पर था। तब यह 1,56,900 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। पिछले छह कारोबारी सत्रों में सोना करीब 6.65 फीसदी यानी 9,800 रुपये चढ़ा है। इससे सोने के निवेशकों को राहत मिली है। गोल्ड ईटीएफ के निवेशक भी इससे खुश हैं।

चांदी में भी उछाल 

11 अगस्त को चांदी में भी अच्छी तेजी दिखी। इसका भाव 2000 रुपये के उछाल के साथ 2,42,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया। इससे चांदी भी दो महीने से ज्यादा समय की ऊंचाई पर पहुंच गई है। इससे पहले चांदी का भाव इस लेवल पर 30 अप्रैल को था।

इनफ्लेशन डेटा पर नजरें 

लेमन मार्केट डेस्क के रिसर्च हेड गौरव गर्ग ने कहा कि अमेरिका में इनफ्लेशन का डेटा आने से पहले इनवेस्टर्स सोने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। इस वजह से सोने में लगातार छठे दिन तेजी दिखी। चांदी में भी इनवेस्टमेंट और इंडस्ट्रियल डिमांड स्ट्रॉन्ग है। चांदी इस मामले में सोने से अलग है, क्योंकि इसका इस्तेमाल कई इंडस्ट्रीज में होता है।

विदेश में सोने में तेजी

ग्लोबल मार्केट्स में स्पॉट गोल्ड 0.38 फीसदी चढ़कर 4,373.43 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। हालांकि, चांदी में गिरावट थी। यह करीब 1.3 फीसदी की कमजोरी के साथ 64.90 डॉलर प्रति औंस पर चल रही थी। एक्सपर्ट्स का कहना है कि क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी के बावजूद बुलियन में अच्छी डिमांड दिख रही है।

कल आएंगे इनफ्लेशन के डेटा

इनवेस्टर्स की नजरें अमेरिका में इनफ्लेशन के डेटा पर लगी हैं। 12 अगस्त को ये डेटा आएंगे। इससे पता चलेगा कि अमेरिका में महंगाई का ट्रेंड कैसा है। अगर महंगाई में ज्यादा उछाल आता है तो फेडरल रिजर्व की पॉलिसी पर असर पड़ सकता है। 12 अगस्त को भारत में भी इनफ्लेशन के डेटा आने वाले हैं।

Gold Silver Price: 10 हफ्ते के हाई पर सोना, 1 हफ्ते में 11% चढ़ी चांदी, जानिए इस तेजी के पीछे क्या है वजह

Gold – Silver Price: सोने और चांदी की कीमतों में हालिया तेजी जारी है। सोना 10 हफ्ते के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है जबकि चांदी में पिछले हफ्ते 11% से ज़्यादा की बढ़त हुई है। इस हफ्ते स्पॉट गोल्ड की कीमत लगभग USD 4,435 प्रति औंस तक पहुंच गई, जो जून के मध्य के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। खबर लिखे जाने के समय USD 4,375 के आसपास थी।

Comex सिल्वर में इस हफ्ते 11% से ज्याजा की तेजी आई। स्पॉट सिल्वर की कीमत लगभग USD 64 प्रति औंस हो गई। भारत में, सोना 10 ग्राम के लिए लगभग 1,55,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास ट्रेड कर रहा था, जबकि MCX सिल्वर में हफ्ते भर में लगभग 6.58% की बढ़त हुई और यह प्रति किलोग्राम लगभग 2,31,804 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास ट्रेड कर रहा था।

सोने-चांदी की कीमतों के पीछे तेजी के एक नहीं बल्कि कई वजह है। इनमें से US में कमजोर रोजगार डेटा, फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की कम होती उम्मीदें, सेंट्रल बैंक द्वारा लगातार सोने की खरीद, ETF में फिर से निवेश आना और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता – इन सभी ने मिलकर कीमती धातुओं की मांग को मजबूत किया है।

US में कमजोर जॉब्स डेटा से कम हुई ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदें

हालिया तेजी की एक मुख्य वजह US जॉब मार्केट से आई। US ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिस्टिक्स ने 7 अगस्त, 2026 को रिपोर्ट दी कि जुलाई में नॉन-फ़ार्म पेरोल में 23,000 की गिरावट आई, जबकि बाजार को लगभग 80,000 नई नौकरियों की उम्मीद थी। जून के आंकड़ों को भी नीचे की ओर संशोधित किया गया, जबकि मई और जून के संयुक्त संशोधनों से पहले के अनुमानों में लगभग 103,000 नौकरियों की कमी आई।

इस रिपोर्ट के आने के बाद, स्पॉट गोल्ड 2.67% बढ़कर USD 4,352.60 हो गया, जबकि चांदी 4.20% बढ़कर USD 63.97 हो गई, क्योंकि ट्रेडर्स ने सितंबर में फ़ेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदें कम कर दीं।

बाजार अब सितंबर में 25 बेसिस पॉइंट की ब्याज दर बढ़ोतरी की संभावना लगभग 44% मान रहा है, जबकि एक हफ्ते पहले यह संभावना 67% थी। सोने पर कोई ब्याज या डिविडेंड नहीं मिलता है, इसलिए ब्याज दरें कम रहने की उम्मीद से इस मेटल को रखने की ‘अपॉर्चुनिटी कॉस्ट’ कम हो सकती है और इसकी मांग को बढ़ावा मिल सकता है।

फेडरल रिजर्व के ब्याज दर पर फैसले पर नजर

फेडरल ओपन मार्केट कमेटी ने 29 जुलाई को अपनी बेंचमार्क ब्याज दर को 3.50% से 3.75% के दायरे में बनाए रखने के लिए 9-3 से वोट किया। हालांकि फेडरल रिजर्व ने पॉलिसी में किसी बड़े बदलाव का साफ संकेत नहीं दिया है, लेकिन कमजोर रोजगार डेटा और दरों को स्थिर रखने के फैसले ने निकट भविष्य में ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीदों को कम कर दिया है।

कीमती धातुओं के लिए अगला बड़ा ट्रिगर इस सप्ताह के आखिर में आने वाला अमेरिकी महंगाई का डेटा है। कमजोर पेरोल रिपोर्ट से सितंबर में ब्याज दरें बढ़ाने के लिए फेडरल रिजर्व पर दबाव कम हो सकता है, हालांकि उम्मीद से ज्यादा महंगाई दर बढ़ने की उम्मीदों को फिर से जगा सकती है और सोने-चांदी पर दबाव डाल सकती है।

सेंट्रल बैंक की रिकॉर्ड खरीदारी से सोने को मिला सहारा

कीमतों में अल्पकालिक उतार-चढ़ाव के अलावा, सेंट्रल बैंक की मजबूत मांग ने सोने को एक मजबूत आधार दिया है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की ‘गोल्ड डिमांड ट्रेंड्स Q2 2026’ रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल-जून तिमाही के दौरान सेंट्रल बैंकों की शुद्ध सोने की खरीदारी 289 टन ​​तक पहुंच गई। यह Q1 2026 के स्तर से पांच गुना अधिक और रिकॉर्ड पर दूसरी तिमाही का सबसे अधिक आंकड़ा था।

सेंट्रल बैंक की खरीदारी एक साल पहले की इसी अवधि की तुलना में 62% अधिक थी। पोलैंड के नेशनल बैंक ने Q2 के दौरान 51 टन सोना जोड़ा, जिससे उसका भंडार 632 टन हो गया, जबकि पीपल्स बैंक ऑफ चाइना ने 33 टन सोना जोड़ा, जो Q4 2023 के बाद से उसकी सबसे बड़ी तिमाही खरीदारी थी।

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के नवीनतम सर्वेक्षण में भी सेंट्रल बैंक की मांग जारी रहने की मजबूत उम्मीदें दिखाई दीं। लगभग 89% उत्तरदाताओं को उम्मीद थी कि अगले वर्ष वैश्विक स्वर्ण भंडार में वृद्धि होगी, जबकि रिकॉर्ड 45% लोगों को उम्मीद थी कि वे अपने स्वयं के स्वर्ण भंडार में वृद्धि करेंगे।

ETF में फिर से निवेश बढ़ा

सोने को ETF की खरीदारी से भी सहारा मिला है। 20 जुलाई के बाद से एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ETF) में कुल बुलियन होल्डिंग में 24 टन की वृद्धि हुई है, जो अप्रैल की शुरुआत के बाद से निवेश के प्रवाह की सबसे तेज गति है।

ETF की मांग में यह वापसी ऐसे समय में हुई है जब सेंट्रल बैंक की खरीदारी अधिक बनी हुई है, जिससे इस पीली धातु के लिए निवेश की मांग का एक और स्रोत मिल रहा है। संस्थागत खरीदारी और ETF में फिर से निवेश बढ़ने से कीमतों को सहारा मिला है, भले ही ऊंची कीमतों के कारण गहनों की मांग पर दबाव बना हुआ है।

ब्रोकरेज हाउस क्या दे रहे अनुमान

जेपी मॉर्गन को उम्मीद है कि सोने की कीमतें $6,000 प्रति औंस तक पहुंच सकती है। गोल्डमैन सैक्स का अनुमान है कि इस साल के आखिर तक कीमते $5,400 के स्तर पर पहुंच सकती है। वहीं मेटल फोकस का अनुमान है कि कीमतें $6,000 प्रति औंस तक पहुंच सकती है। वहीं डॉयचे बैंक, एचएसबीसी और ING जैसे कई बैंक इस कैलेंडर साल की चौथी तिमाही तक सोने की कीमत $4,600 से $4,900 के बीच रहने का अनुमान लगा रहे है।

 

MCX पर सोना ₹1.53 लाख के पार, चांदी ₹2.36 के नीचे फिसली, जानें किस कारण बढ़ी मांग

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Silver Price Today: हफ्ते के दूसरे दिन फिर उछली चांदी, ₹2.39 पर भाव, खरीदारी से पहले जानें आपके अपने शहर का भाव

Silver Price Today: चांदी की कीमतों में हफ्ते के दूसरे दिन भी तेजी जारी है। भारत में चांदी के भाव लगभग ₹2,40,340 लाखप्रति किलोग्राम के आसपास ट्रेड करता दिखा। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी का वायदा सुबह 10 बजे 2242 रुपये की बढ़त के साथ 2,39,074 रुपये पर ट्रेड करती नजर आई। जबकि पिछले कारोबारी सत्र में चांदी 2,36,867 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी।

इंटरनेशनल मार्केट में क्या है भाव

इंटरनेशनल मार्केट Comex में सोने और चांदी के दाम में तेजी देखी गई है। सुबह करीब 9 बजे सोना comex पर 1.22% तक चढ़ा (Gold Price on Comex) और कीमत 4473.50 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई हैं। वहीं चांदी (Silver Price on Comex) के दाम 1.02 % चढ़कर 65.940 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करता दिखा।

अब अगर आप ऐसे में सिल्वर में निवेश करना चाहते हैं, तो आपको अपने शहर के ताजा भाव जानने होंगे:

भारत के शहरों में चांदी के ताजा भाव (10 ग्राम, 100 ग्राम, प्रति किलो)

शहर10 ग्राम चांदी100 ग्राम चांदी1 किलो चांदी
दिल्ली₹2,360₹23,600₹2,36,000
मुंबई₹2,360₹23,600₹2,36,000
कोलकाता₹2,360₹23,600₹2,36,000
चेन्नई₹2,360₹23,600₹2,36,000
पटना₹2,360₹23,600₹2,36,000
लखनऊ₹2,360₹23,600₹2,36,000
मेरठ₹2,360₹23,600₹2,36,000
अयोध्या₹2,360₹23,600₹2,36,000
कानपुर₹2,360₹23,600₹2,36,000
गाजियाबाद₹2,360₹23,600₹2,36,000
नोएडा₹2,360₹23,600₹2,36,000
गुरुग्राम₹2,360₹23,600₹2,36,000
चंडीगढ़₹2,360₹23,600₹2,36,000
जयपुर₹2,360₹23,600₹2,36,000
लुधियाना₹2,360₹23,600₹2,36,000
गुवाहाटी₹2,360₹23,600₹2,36,000
इंदौर₹2,360₹23,600₹2,36,000
अहमदाबाद₹2,360₹23,600₹2,36,000
वडोदरा₹2,360₹23,600₹2,36,000
सूरत₹2,360₹23,600₹2,36,000
पुणे₹2,360₹23,600₹2,36,000
नागपुर₹2,360₹23,200₹2,36,000
नासिक₹2,360₹23,200₹2,36,000
बैंगलोर₹2,360₹23,200₹2,36,000
भुवनेश्वर₹2,360₹23,600₹2,36,000
रायपुर₹2,360₹23,600₹2,36,000
हैदराबाद₹2,360₹23,600₹2,36,000

पिछले दिन क्या रहा चांदी का वायदा भाव

वैश्विक बाजार में मजबूती के रुख के बीच वायदा कारोबार में सोमवार को चांदी की कीमत 1.09 फीसदी बढ़कर 2.33 लाख रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सितंबर वायदा 2,514 रुपये यानी 1.09 फीसदी की बढ़त के साथ 2,33,980 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी।

वहीं इंटरनेशनल मार्केट में चांदी का वायदा भाव 0.41 फीसदी बढ़कर 63.81 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। विश्लेषकों ने कहा कि सटोरियों की तरफ से नए सौदे किए जाने से चांदी की कीमतों में तेजी को समर्थन मिला। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी तेजी का रुख देखा गया।

इन फैक्टर्स पर रखें नजर

सोने को लंबे समय से संकट और युद्ध के समय सुरक्षित निवेश माना जाता रहा है, लेकिन अब इसकी कीमत पर सिर्फ जियो-पॉलिटिकल टेंशन का असर नहीं पड़ रहा है। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (MOFSL) की रिपोर्ट के मुताबिक, निवेशक अब यह भी देख रहे हैं कि महंगाई के आंकड़े, ब्याज दरों और सेंट्रल बैंकों की नीतियों पर क्या असर पड़ेगा। युद्ध और सोने की कीमत के बीच संबंध पहले जितना सीधा नहीं रहा है । रिपोर्ट के अनुसार, इस साल की पहली छमाही में बढ़ती बॉन्ड यील्ड सोने के लिए बड़ी चुनौती बनी रही। जियो-पॉलिटिकल टेंशन के बावजूद हाई बॉन्ड यील्ड ने सोने की तेजी पर दबाव डाला है।

कैसा है सोने का हाल

इस बीच सोने की कीमतों में भी जोरदार उछाल देखने को मिला है। MCX पर सोना (Gold Price) चढ़कर करीब ₹1.55 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास ट्रेड करता दिखा है। 11 अगस्त को दिल्ली में 22K सोने की कीमत करीब ₹13,944 प्रति ग्राम है जबकि मुंबई और केरल में यह लगभग ₹13,929 प्रति ग्राम, जबकि चेन्नई में करीब ₹13,949 प्रति ग्राम है। यानी शहर के हिसाब से सोने के रेट में थोड़ा फर्क नजर आया है।

Gold Price Today: लगातार दूसरे दिन सोना फीका, दिल्ली से पटना तक 10 शहरों में सबसे सस्ता बिक रहा यहां

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Trend : ब्रेंट क्रूड की बढ़ती कीमत बाजार के लिए सबसे बड़ा निगेटिव फैक्टर, आज इन दो शेयरों में हो सकती है बंपर कमाई

Market Trend : मिलेजुले ग्लोबल संकेतों के बीच 11 अगस्त को भारतीय बाजार मामूली गिरावट के साथ खुले हैं। ऐसे में जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट, वीके विजयकुमार का कहना है कि बाजार के दूसरे फंडामेंटल्स मजबूत होने के बावजूद,ब्रेंट क्रूड की बढ़ती कीमतें बाजार के लिए परेशानी का सबब बनी हुई हैं। बाजार में एक अहम बदलाव यह हुआ है कि FIIs अब खरीदार बन रहे हैं। Q1 के नतीजे उम्मीद से बेहतर रहे हैं और रुपये में स्थिरता आई है, इससे विदेशी निवेशक पसंद कर रहे हैं। इन बातों से बाजार को सपोर्ट मिल सकता है। घरेलू खपत मजबूत रहने से FY27 तक अर्निंग्स में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी रह सकता है।

FCNR(B)में आ रहे भारी निवेश से रुपये को सहारा मिल सकता है,जिससे और ज्यादा FII निवेश आ सकता है। FIIs दक्षिण कोरिया और ताइवान में चिप ट्रेड से अपना पैसा निकालकर भारतीय शेयरों में डाल रहे हैं। यह ट्रेंड जारी रहने की उम्मीद है। दिलचस्प बात यह है कि FIIs अच्छे वैल्यूएशन वाले बड़े बैंकों के बजाय टेलीकॉम, रिन्यूएबल एनर्जी,कैपिटल गुड्स और फार्मास्यूटिकल्स जैसे सेक्टर के महंगे शेयरों में पैसे लगा रहे हैं।

चॉइस ब्रोकिंग में टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट, हितेश टेलर का कहना है कि भारतीय इक्विटी मार्केट में सुस्ती के संकेत हैं। ग्लोबल संकेत मिलेजुले हैं। निवेशक अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर कम होती चिंता और दूसरी तरफ कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और मिडिल ईस्ट में जारी जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता के बीच संतुलन साधने की कोशिश कर रहे हैं। इस हफ्ते अमेरिका में जुलाई के रिटेल महंगाई आंकड़े आने वाले हैं। ऐसे में मार्केट महंगाई और ब्याज दरों को लेकर सतर्क रह सकता है।

निफ्टी पर रणनीति

बाजार में आज की कमाई की रणनीति पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज के वीरेंद्र कुमार ने कहा कि निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 24632-24678 पर और बड़ा रजिस्टेंस 24711-24767/24788 पर है। इसके लिए पहला बेस 24471-24509 पर और बड़ा बेस 24383-24411 पर है। कल बेस-1 से रजिस्टेंस-1 के बीच रेंज ने अच्छा काम किया। FIIs कैश में खरीदारी रही,लेकिन इंडेक्स में बिकवाली हुई। नेट शॉर्ट 1.52 लाख पर रहे,नई शॉर्ट पोजिशन जुड़ी।

आज एक्सपायरी है और ग्लोबल सेटअप साइडवेज है। कच्चा तेल फिलहाल मजबूत निगेटिव फैक्टर है। 24600-24700-24800 पर कॉल और 24500-24400 पर पुट राइटिंग हुई है। 24471 पर 10 DEMA और 24383 पर 200 DEMA है। एक्सपायरी को देखते हुए फिलहाल रेंज में ट्रेड करना बेहतर रहेगा। बेस-1 पर गिरावट में खरीदें,रजिस्टेंस-1 पर निकलें। 24471 के नीचे फिसलने पर दबाव बढ़ेगा,फिर बेस-2 का टेस्ट संभव है। बेस-1 से रिवर्सल मिले तो रजिस्टेंस-1 पर मुनाफा बुक करें।

24711 के ऊपर रेंज ब्रेकआउट हो सकता है,दिन में 70-80 अंक की अतिरिक्त चाल संभव है।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

वीरेंद्र कुमार ने कहा कि बैंक निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 57941-58086 पर और बड़ा रजिस्टेंस 58278-58389/58534 पर है। इसके लिए पहला बेस 57432-57550 पर और बड़ा बेस 56959-57117/57236 पर है। बैंक निफ्टी अभी छोटी रेंज में फंसा हुआ है। कल भी कारोबार साइडवेज रहा। PSU बैंकों में तेज दबाव देखने को मिला। 58000-58100-58200 पर कॉल राइटिंग दिखी। 57000 पुट में अच्छा OI है, यहां 10/20DEMA भी है।

शुरुआत में रेंज ट्रेड करने की रणनीति रखें। क्रूड में तेजी है,इसलिए बेस-1 टूटने पर दबाव संभव है। बेस-1 टूटने पर बेस-2 तक गिरावट संभव है। बेस-1 से रिवर्सल मिले तो रजिस्टेंस-1 के पास निकलें।

चकाचक चार्ट वाले शेयर

चकाचक चार्ट वाले शेयर बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं Mantri FinMart के अरुण कुमार मंत्री। आज इनकी जेएसडब्ल्यू एनर्जी और मारुति में खरीदारी की सलाह है। जेएसडब्ल्यू एनर्जी में इनकी 577 रुपए के आसपास, 571 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ, 586 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। वहीं, मारुति में इनकी 14090 रुपए के आसपास,13910 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ, 14545 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है

 

Trading Plan: ICICI सिक्योरिटीज के जय ठक्कर से जाने आज कैसी रह सकती है बाजार की चाल, क्या हो कमाई की रणनीति

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Trading Plan: ICICI सिक्योरिटीज के जय ठक्कर से जाने आज कैसी रह सकती है बाजार की चाल, क्या हो कमाई की रणनीति

Trading Plan: आने वाले सेशन में निफ्टी 50 के 24,500-24,650 की सीमित रेंज में ट्रेड करने की संभावना है। हालांकि,इंडेक्स की अंदरूनी मजबूती बनी हुई है और यह अपने 200-डे EMA, 21 डे EMA और 24,482 के ब्रेकआउट जोन के ऊपर ट्रेड कर रहा है। अगर इंडेक्स इस रेंज से नीचे गिरता है,तो अगला डाउनसाइड टारगेट 24,400 हो सकता है। ऊपर की तरफ,24,700-24,800 का जोन रेजिस्टेंस का काम करेगा।

उधर बैंक निफ्टी के लिए 57,500 का लेवल एक अहम सपोर्ट का काम कर सकता है। अगर यह लेवल टूटता है और इसमें बड़ी गिरावट आती है तो और बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। ऊपर की तरफ इसके लिए 58,100-58,250 का जोन रेजिस्टेंस का काम करेगा। बाजार जानकारों का कहना कि अगर बैंक निफ्टी इस रेंज से ऊपर जाता है तो 58,500 और उसके बाद 58,700 तक के लेवल देखने को मिल सकते हैं।

निफ्टी आउटलुक और रणनीति

ICICI सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट और हेड ऑफ डेरिवेटिव्स एंड क्वांट रिसर्च,जय ठक्कर का कहना है कि सोमवार को वीकली सेटलमेंट से पहले आखिरी ट्रेडिंग सेशन में निफ्टी लगभग सपाट बंद हुआ,लेकिन कुल मिलाकर स्थिति पॉजिटिव दिख रही है। डेली क्लोजिंग अब लगभग सामान्य हो गई है और इम्प्लाइड वोलैटिलिटी भी कम हुई है,जो एक अच्छी बात है। पिछली वीकली एक्सपायरी में दोपहर 3:15 बजे तक कोई ‘थीटा डिके'(समय बीतने के साथ ऑप्शन की कीमत में कमी)नहीं हुआ क्योंकि क्लोजिंग प्राइस को लेकर अनिश्चितता थी,लेकिन पिछले कुछ दिनों के आंकड़े बताते हैं कि दोपहर 3:15 बजे और 3:30 बजे के बीच का अंतर कम हुआ है,जो एक अच्छा संकेत है।

ऑप्शन डेटा से पता चलता है कि शॉर्ट-टर्म रिवर्सल 24,200 से 24,000 के लेवल पर है, जो कुल पुट बेस है। वहीं,24,600-24,800 का जोन रेसिस्टेंस का काम कर रहा है,क्योंकि वीकली एक्सपायरी के लिए यहां सबसे ज्यादा कॉल बेस है और यह 200 DMA के भी करीब है। अगर निफ्टी इसके ऊपर जाता है तो इसके 25,000 की ओर बढ़ने की संभावना है,जहां कुल मिलाकर सबसे ज्यादा कॉल बेस है।

इन बातों को ध्यान में रखकर देखें तो निफ्टी की शॉर्ट टर्म रेंज 24,200-24,800 पर दिख रही है। इसके बाद 24,000-25,000 का लेवल है। इंडिया VIX स्थिर हो गया है और इक्विटी कैश सेगमेंट और इंडेक्स फ्यूचर्स,दोनों में FIIs की तरफ से बिकवाली का दबाव भी कम हुआ है।

मिडिल ईस्ट में जियोपॉलिटिकल तनाव कम होने और इंटरनेशनल क्रूड ऑयल की कीमतें घटने से भारतीय इक्विटी मार्केट के लिए अच्छे संकेत मिल रहे हैं। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए निफ्टी के लिए शॉर्ट-टर्म में नजरिया पॉजिटिव बना हुआ है।

अहम रेजिस्टेंस: 24,600, 24,800

अहम सपोर्ट: 24,200, 24,000

स्ट्रैटेजी: वर्तमान भाव पर निफ्टी फ्यूचर्स खरीदें और 24,400 के आस-पास गिरावट आने पर और खरीदारी करें। क्लोजिंग बेसिस पर 24,200 के नीचे स्टॉप-लॉस रखें और 24,800 और 25,000 का टारगेट रखें।

बैंक निफ्टी आउटलुक और रणनीति

जय ठक्कर का कहना है कि प्राइवेट सेक्टर के बैंकों के नतीजों और हाल ही में बढ़े जियो-पॉलिटिकल तनाव (जिससे ब्याज दरें बढ़ने का डर पैदा हुआ था) के बाद से बैंक निफ्टी कंसोलिडेशन मोड में आ गया है। हालांकि,अमेरिका से नौकरियों और महंगाई को लेकर आए अच्छे मैक्रो डेटा,जियो-पॉलिटिकल तनाव में कमी और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने बैंकिंग शेयरों में आ रही गिरावट को रोकने में मदद की है।

ऑप्शंस डेटा से पता चलता है कि 58,000 का स्ट्राइक अहम है क्योंकि यहां सबसे ज्यादा कॉल और पुट बेस है। ऐसे में इसके ऊपर जाने पर इंडेक्स पॉजिटिव हो जाएगा। ऐसा होने तक यह कंसोलिडेट होता रह सकता है। चूंकि हाल ही में काफी कंसोलिडेशन हुआ है और ओवरऑल मार्केट की स्थिति भी पॉजिटिव है,इसलिए ऐसा लगता है कि इंडेक्स में ऊपर की ओर ब्रेकआउट होगा,जिससे यह 59,000 और 60,000 के लेवल तक पहुंच सकता है।

नीचे की तरफ बैंक निफ्टी के लिए 57,000 पर तत्काल सपोर्ट है क्योंकि 58,000 स्ट्राइक के बाद यहीं सबसे ज्यादा पुट बेस है।

अहम रेजिस्टेंस: 58,000

अहम सपोर्ट: 57,000

स्ट्रैटेजी: 58,000 के ऊपर बैंक निफ्टी अगस्त फ्यूचर्स खरीदें। स्टॉप-लॉस 57,000 के नीचे रखें और टारगेट 59,000 और 60,000 पर सेट करें।

 

 

Market cues : मोमेंटम इंडिकेटर दे रहे कंसोलीडेशन जारी रहने के संकेत, 24500-24700 का दायरा टूटने पर ही आएगी तेजी

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

8th Pay Commission पर केन्द्रीय मंत्री ने संसद में दिया बड़ा अपडेट! जानें रिपोर्ट और सैलरी हाइक को लेकर पूरी डिटेल

8th Pay Commission News: देश के करीब 70 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में एक लिखित सवाल के जवाब में 8वें वेतन आयोग के गठन, इसकी समयसीमा और मौजूदा स्थिति पर संसद में ताजा अपडेट शेयर किया है।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि आयोग को अपनी सिफारिशें सौंपने के लिए गठन की तारीख से 18 महीने का समय दिया गया है। हालांकि, नई सैलरी, भत्ते और लागू होने की तारीख को लेकर सस्पेंस अभी बरकरार है।

कब तक आएगी 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट?

संसद में दिए गए सरकारी बयान के मुताबिक, ‘सरकार ने 3 नवंबर 2025 को एक संकल्प जारी करके 8वें वेतन आयोग का आधिकारिक गठन किया था। आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए 18 महीने दिए गए हैं। इसका मतलब है कि रिपोर्ट सौंपने की अंतिम समयसीमा मई 2027 है।

कब से लागू होंगी सिफारिशें?

वेतन वृद्धि और पेंशन संशोधन किस तारीख से प्रभावी होंगे, इस पर सरकार ने कहा कि जब तक आयोग अपनी अंतिम रिपोर्ट नहीं सौंप देता, तब तक लागू होने की तारीख तय नहीं की जा सकती।

कौन हैं 8वें वेतन आयोग के अध्यक्ष और सदस्य?

सरकार ने इस आयोग की जिम्मेदारी अनुभवी पैनल को सौंपी है। इसकी अध्यक्ष जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई है और अन्य सदस्य प्रोफेसर पुलक घोष, पंकज जैन हैं। यह आयोग केंद्रीय कर्मचारियों के मौजूदा वेतन ढांचे, सेवा शर्तों और भत्तों की विस्तृत समीक्षा करेगा।

किन-किन चीजों में होगा बदलाव?

3 नवंबर 2025 को अधिसूचित ‘टर्म्स ऑफ रेफरेंस’ के तहत आयोग इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों की समीक्षा कर अपनी सिफारिशें देगा:

  • वेतन संशोधन: बेसिक सैलरी और पे-मैट्रिक्स का नया ढांचा।
  • महंगाई भत्ता: डीए (DA) और डीआर (DR) का विलय व कैलकुलेशन।
  • अन्य भत्ते: मकान किराया भत्ता (HRA), ट्रेवल अलाउंस (TA) और अन्य भत्तों में संशोधन।
  • पेंशन व पारिवारिक पेंशन: सेवानिवृत्त कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए पेंशन में बढ़ोतरी।
  • सेवा शर्तें: कार्यस्थल के माहौल और सर्विस रूल्स में सुधार।

करीब 70 लाख लोगों को मिलेगा सीधा फायदा

सरकार द्वारा दिए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस कदम से एक बड़ी आबादी प्रभावित होगी। 1 मार्च 2026 तक देश में लगभग 35.77 लाख नागरिक केंद्रीय कर्मचारी सेवा में हैं। साथ ही 31 दिसंबर 2025 तक लगभग 33.76 लाख पेंशनभोगी और पारिवारिक पेंशनभोगी हैं। दोनों को मिलाकर करीब 70 लाख कर्मचारियों और पेंशनरों की जेब पर इसका सीधा असर पड़ेगा।

क्या राज्यों में भी लागू होंगी ये सिफारिशें?

संसद में जब पूछा गया कि क्या केंद्र सरकार राज्यों को भी इसे अपनाने का कोई निर्देश या दिशानिर्देश जारी करेगी, तो सरकार ने साफ किया कि अभी राज्यों को ऐसा कोई परामर्श जारी नहीं किया गया है। आयोग की रिपोर्ट आने के बाद ही इस दिशा में आगे विचार किया जाएगा।

फिलहाल सभी की निगाहें 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट पर टिकी हैं। आयोग के समीक्षा पूरी करने और रिपोर्ट सौंपने के बाद ही नई सैलरी, एरियर और पेंशन हाइक की तस्वीर पूरी तरह साफ हो पाएगी।