IMD Alert: उत्तर-पूर्वी मानसून की धमाकेदार शुरुआत, इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, दिल्ली से तमिलनाडु तक दिखेगा मौसम का ये रूप

IMD Alert: देश भर के मौसम में एक बहुत बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा और आधिकारिक बुलेटिन के मुताबिक आज 15 अक्टूबर को दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के बाकी हिस्सों से भी पूरी तरह विदा हो गया है। इसके साथ ही दक्षिण प्रायद्वीप के राज्यों में उत्तर-पूर्वी मानसून की बारिश की औपचारिक और धमाकेदार शुरुआत हो गई है। मौसम विभाग का कहना है कि उत्तर-पूर्वी मानसून के सक्रिय होने की वजह से दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के कई हिस्सों में 21 अक्टूबर तक भारी से बहुत भारी बारिश का एक लंबा और व्यापक दौर जारी रहेगा। पिछले 24 घंटों के दौरान हिमाचल प्रदेश और तमिलनाडु के अलग-अलग जगहों पर 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश दर्ज की गई है।

दक्षिण भारत में उत्तर-पूर्वी मानसून सक्रिय, कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

दक्षिण प्रायद्वीप में मौसमी प्रणालियों के मजबूत होने से बारिश का दौर काफी तेज हो गया है। दक्षिण तटीय तमिलनाडु और उससे लगे इलाकों में एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। जबकि दक्षिणी प्रायद्वीप, मध्य और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के निचले स्तरों पर पूर्वी व उत्तर-पूर्वी हवाएं पूरी तरह सेट हो चुकी हैं। इन प्रणालियों के असर से दक्षिण भारत के विभिन्न राज्यों में आने वाले दिनों में भारी बारिश का कड़ा पहरा रहेगा।

तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 15 से 19 अक्टूबर के दौरान व्यापक बारिश होगी जबकि 15 और 16 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की चेतावनी दी गई है। केरल और माहे में 15 से 21 अक्टूबर के बीच व्यापक बारिश होगी> आज 15 अक्टूबर को यहां कुछ स्थानों पर मूसलाधार से बहुत भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 15 से 21 अक्टूबर के दौरान भारी बारिश होगी जिसमें 16 अक्टूबर को बहुत भारी वर्षा की आशंका है। तटीय कर्नाटक में 16 से 17 अक्टूबर, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम और रायलसीमा में 15 से 16 अक्टूबर के दौरान भारी बारिश का दौर रहेगा। दक्षिण भारत के इन तटीय और अंदरूनी हिस्सों में 15 से 19 अक्टूबर के दौरान 40 से 60 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी और आकाशीय बिजली कड़केगी।

उत्तर-पश्चिम भारत में पश्चिमी विक्षोभ और ओलावृष्टि का प्रकोप

उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों और पर्वतीय क्षेत्रों में उत्तरी पंजाब पर एक पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण के रूप में सक्रिय है, जिससे जुड़ी ट्रफ रेखा बनी हुई है। इसके अलावा दक्षिण हरियाणा पर भी चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र मौजूद है। इन प्रणालियों के असर से आज 15 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली में व्यापक रूप से बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां दर्ज की जा रही हैं। मौसम विभाग ने आज दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में तेज आंधी-तूफान के साथ ओलावृष्टि होने की गंभीर चेतावनी जारी की है। इन मैदानी राज्यों में आज 40 से 60 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी।

देश के अन्य हिस्सों और तटीय क्षेत्रों का मौसम हाल

पश्चिम, मध्य, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक मौसम में कोई विशेष भारी गतिविधि की संभावना नहीं है, हालांकि छिटपुट जगहों पर हल्की फुल्की बौछारें गिर सकती हैं। पश्चिम और दक्षिण भारत के तटीय इलाकों में नमी और तापमान के बने रहने से लोगों को उमस का सामना करना पड़ेगा। मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार, कोंकण व गोवा तथा तटीय कर्नाटक के कुछ हिस्सों में मौसम काफी उमस भरा बना रहेगा।

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IMD Weather Update: 2-3 दिनों में उत्तर-पूर्वी मानसून की दस्तक, IMD ने भारत के इन 6 राज्यों में 5 दिनों तक दिया भारी बारिश का अलर्ट

IMD Weather Update: देश के कई हिस्सों में मौसम एक बार फिर बदलने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, आज दक्षिण भारत के प्रायद्वीपीय इलाकों में अगले 2 से 3 दिनों में उत्तर-पूर्वी मानसून की बारिश शुरू हो सकती है। आईएमडी के मुताबिक, उत्तर-पूर्वी मानसून के सक्रिय होने के बाद दक्षिणी प्रायद्वीपीय इलाकों में अगले पांच से छह दिनों तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। इस दौरान कई क्षेत्रों में लगातार बारिश होने की संभावना है। आइए जानते हैं आपके शहर को लेकर क्या है आईएमडी का अपडेट

इन राज्यों में होगी तेज बारिश

IMD के मुताबिक, 15 से 18 अक्टूबर के बीच केरल और माहे, तटीय और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के साथ-साथ तटीय आंध्र प्रदेश में कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। वहीं, 17 और 18 अक्टूबर को उत्तर आंतरिक कर्नाटक में और 15 व 16 अक्टूबर को रायलसीमा में भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। विभाग के अनुसार, इस दौरान दक्षिण भारत के कई इलाकों में बारिश बढ़ सकती है। वहीं, दक्षिण-पश्चिम मानसून अब देश के बचे हुए हिस्सों से भी धीरे-धीरे वापस लौट रहा है।

दिल्ली में कैसा होगा मौसम

देश की राजधानी दिल्ली-एनसीआर में सोमवार की सुबह भारी बारिश हुई है। वहीं बारिश से प्रदुषण और गर्मी से राहत मिली है। वहीं आने वाले दिनों में भी दिल्ली में बारिश के आसार है। दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा में 12 से 15 अक्टूबर के बीच तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इस दौरान हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि कुछ जगहों पर झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक चल सकते हैं।

कैसा होगा यूपी का मौसम

जम्मू-कश्मीर में 13 और 15 अक्टूबर, जबकि हिमाचल प्रदेश में 14 और 15 अक्टूबर को कई इलाकों में बारिश और बर्फबारी का अनुमान है। उत्तर प्रदेश में भी मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। पश्चिमी यूपी में 11 से 16 अक्टूबर के बीच हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 15 और 16 अक्टूबर को बारिश होने की संभावना जताई गई है।

दो तरह के होते है मानसून

भारत में मानसून मुख्य रूप से दो तरह का होता है, जिनमें दक्षिण-पश्चिम मानसून सबसे अहम माना जाता है। ये आमतौर पर जून से सितंबर के बीच सक्रिय रहता है और केरल के रास्ते देश में प्रवेश करने के बाद धीरे-धीरे अलग-अलग हिस्सों में पहुंचता है। दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के मौसम और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए बेहद जरूरी है। इससे गर्मी से राहत मिलने के साथ बारिश होती है, जिसका सीधा फायदा खेती-किसानी को मिलता है। खासकर खरीफ फसलों के लिए यह बारिश बेहद महत्वपूर्ण होती है और इसका असर देश की अर्थव्यवस्था के साथ-साथ पर्यावरण पर भी पड़ता है।

जानें क्या है लौटता हुआ मानसून

भारत में मानसून का दूसरा प्रमुख दौर उत्तर-पूर्वी मानसून कहलाता है, जिसे लौटता हुआ मानसून भी कहा जाता है। ये आमतौर पर अक्टूबर से दिसंबर के बीच सक्रिय रहता है और इसका असर खासतौर पर दक्षिण भारत के प्रायद्वीपीय इलाकों में देखने को मिलता है। दक्षिण-पश्चिम मानसून की तुलना में इसकी बारिश कम होती है, लेकिन खेती के लिए इसका महत्व काफी ज्यादा है। उत्तर-पूर्वी मानसून से मिलने वाली बारिश दक्षिण भारत के कई हिस्सों में पानी की जरूरत पूरी करती है और रबी फसलों की अच्छी बढ़त में भी मदद करती है।

RBI क्या 7 अक्तूबर को बढ़ाएगा इंटरेस्ट रेट, क्या होम लोन, कार लोन सहित दूसरे लोन होंगे महंगा ?

आरबीआई 7 अक्तूबर यानी बुधवार को अपनी मॉनेटरी पॉलिसी का ऐलान करेगा। मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (एमपीसी) की मीटिंग 5 अक्तूबर को शुरू हुई। इसके नतीजे बुधवार को आएंगे। सवाल है कि क्या केंद्रीय बैंक इसमें रेपो रेट बढ़ाने का ऐलान करेगा?

रेपो रेट एक चौथाई-फीसदी बढ़ सकता है

इकोनॉमिस्ट्स का मानना है कि RBI 7 अक्तूबर को रेपो रेट 25 बेसिस प्वाइंट्स यानी एक चौथाई-फीसदी बढ़ा सकता है। इसकी वजह यह है कि रिटेल इनफ्लेशन लगातार बीते कई महीनों से केंद्रीय बैंक के 4 फीसदी के तय लक्ष्य से ऊपर बना हुआ है। मध्यपूर्व में अमेरिका-ईरान की लड़ाई की वजह से क्रूड की कीमतों में उछाल आया है। इसने इनफ्लेशन पर दबाव बढ़ाया है।

फेडरल रिजर्व ने बढ़ाया था इंटरेस्ट रेट

एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स में ग्लोबल चीफ इकोनॉमिस्ट्स पॉल ग्रुएनवाल्ड ने कहा कि आरबीआई उन केंद्रीय बैंकों की लिस्ट में शामिल है सकता है, जिन्होंने महंगाई को बढ़ने से रोकने के लिए इंटरेस्ट रेट बढ़ाने शुरू कर दिए हैं। हालांकि, उनका मानना है कि दुनिया में इंटरेस्ट रेट में होने वाली वृद्धि सीमित रहेगी।

दिसंबर में भी बढ़ सकता है रेपो रेट 

क्रिसिल के चीफ इकोनॉमिस्ट डी के जोशी का भी मानना है कि आरबीआई अक्तूबर की पॉलिसी में रेपो रेट 25 बेसिस प्वाइंट्स बढ़ा सकता है। हालांकि, उनका कहना है कि फिर दिसंबर की पॉलिसी में भी इंटरेस्ट रेट बढ़ने की काफी उम्मीद है। उसके बाद इंटरेस्ट रेट में वृद्धि इकोनॉमी से जुड़े डेटा पर निर्भर करेगी।

अगले साल आर्थिक डेटा पर निर्भर करेगी वृद्धि

जोशी ने कहा, “हमारा मानना है कि इंटरेस्ट रेट में वृद्धि दिसंबर में भी होगी। उसके बाद इसके बढ़ने की कम उम्मीद है। हालांकि, यह इकोनॉमी से जुड़े डेटा पर निर्भर करेगा।” उनका मानना है कि केंद्रीय बैंक इंटरेस्ट रेट में आक्रामक वृद्धि का साइकिल शुरू करने की जगह नापतौल कर इस बारे में फैसला लेगा।

अगस्त की पॉलिसी के बाद हुए हैं तीन बड़े बदलाव 

उन्होंने अगस्त की आरबीआई की पॉलिसी के बाद हुए तीन बदलावों का जिक्र किया। मानसून की बारिश कम हुई है और असमान रही है। पश्चिम एशिया में स्थिति गंभीर हुई है। ऑयल की कीमतें हाई लेवल पर बनी हुई हैं। इस बीच. पहली तिमाही में देश में जीडीपी की ग्रोथ आरबीआई की उम्मीद से ज्यादा रही है।

इनफ्लेशन पर दबाव जारी रहने के आसार 

उपर्युक्त वजहों से इनफ्लेशन पर दबाव बना रह सकता है। अमेरिका और भारत के इंटरेस्ट रेट के बीच घटता फर्क दूसरी ब़ड़ी वजह है, जिसका असर पॉलिसी से जुड़े आरबीआई के फैसले पर पड़ सकता है। जोशी ने कहा कि 10 साल की भारत और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के बीच का फर्क घटकर 190 बेसिस प्वाइंट्स रह गया है, जो तीन साल पहले करीब 450 बेसिस प्वाइंट्स था। फेडरल रिजर्व भी इस महीने के आखिर में पॉलिसी का ऐलान करेगा। वह लगातार दूसरी बार इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकता है।

रिटेल इनफ्लेशन अगस्त में 4.82 फीसदी पहुंचा

भारतीय युवा शक्ति ट्रस्ट की फाउंडिंग और मैनेजिंग ट्रस्टी लक्ष्मी वेंकटरमण ने कहा कि अगस्त में भारत में रिटेल इनफ्लेशन बढ़कर 4.82 फीसदी पर पहुंच गया। यह जुलाई में 4.45 फीसदी था। हालांकि, इंडस्ट्रियल आउटपुट जुलाई के 6.7 फीसदी से बढ़कर अगस्त में 8 फीसदी रहा। ऐसे में दोनों के बीच बैलेंस जरूरी है। उन्होंने कहा कि आरबीआई की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी का फोकस मैक्रोइकोनॉमिक स्टैबिलिटी पर होगा। हालांकि, केंद्रीय बैंक की कोशिश कर्ज तक आसान पहुंच बनाए रखने पर भी होगी।

कल का मौसम 4 October: रविवार को इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी! IMD ने जारी किया ये अलर्ट

Weather forecast for October 4: मौसम विभाग ने कल यानी 4 अक्टूबर के लिए वेदर का लेटेस्ट बुलेटिन जारी कर दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, अगले 24 घंटे के दौरान दक्षिण भारत के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बिगड़ सकता है। केरल और माहे तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। वहीं, तमिलनाडु में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने का भी अलर्ट है।

IMD बुलेटिन के मुताबिक, दक्षिण भारत के केरल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में कल बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। जबकि पूर्वोत्तर राज्यों में बिजली चमकने की संभावना बनी हुई है। बता दें कि भारत में जून से सितंबर के बीच इस साल 87.4 प्रतिशत बारिश हुई है। यह 2001 के बाद मानसून के मौसम में चौथी सबसे कम बारिश है।

केरल और तमिलनाडु में भारी बारिश की चेतावनी

  • मौसम विभाग ने चार अक्टूबर को केरल एवं माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी तथा कराईकल में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की आशंका जताई है। बारिश के दौरान स्थानीय स्तर पर जलभराव और यातायात प्रभावित होने जैसी स्थिति बन सकती है।

तमिलनाडु में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

  • IMD के मुताबिक, रविवार को तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कुछ स्थानों पर बिजली चमकने और गरज के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
  • लोगों को मौसम खराब होने के दौरान खुले इलाकों में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

आंध्र प्रदेश और केरल में भी आंधी-बारिश का अलर्ट

  • आंध्र प्रदेश तथा केरल और माहे में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
  • आंध्र प्रदेश में कुछ इलाकों में तेज सतही हवाएं चलने की भी आशंका है।

पूर्वोत्तर राज्यों में बिजली गिरने का खतरा

  • मौसम विभाग ने असम और मेघालय, साथ ही नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी कुछ स्थानों पर गरज के साथ बिजली चमकने की चेतावनी जारी की है।
  • ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने की सलाह दी जाती है।

कोंकण-गोवा में गर्म और उमस भरा मौसम

  • दूसरी ओर, कोंकण और गोवा में कुछ स्थानों पर गर्म और उमस भरा मौसम बने रहने की संभावना है। दिन के समय उमस के कारण लोगों को परेशानी महसूस हो सकती है।
  • IMD की ओर से जारी बुलेटिन में मछुआरों के लिए किसी तरह की चेतावनी जारी नहीं की गई है।

2001 के बाद मानसून के दौरान चौथी बार सबसे कम बारिश 

भारत में जून से सितंबर के बीच इस साल 87.4 प्रतिशत बारिश हुई, जो 2001 के बाद मानसून के मौसम में चौथी सबसे कम बारिश है। IMD ने अपने मासिक पूर्वानुमान में कहा कि इस मानसून में बारिश की कमी का एक प्रमुख कारण प्रशांत क्षेत्र में जून में उभरी अल नीनो की स्थिति थी, जो उसके बाद से मजबूत होती गई। आईएमडी ने कहा कि फिलहाल अल नीनो की स्थिति मजबूत है। इसके मार्च 2027 तक बने रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, इस मानसून देश में 759.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। जबकि सामान्य बारिश 868.6 मिलीमीटर होती है। यह सामान्य से 13 प्रतिशत कम है।

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IMD के महानिदेशक मौसम विज्ञान डॉ. मृत्युंजय महापात्र ने एक बयान में कहा कि यदि कम दबाव की प्रणालियों के कारण अतिरिक्त बारिश नहीं हुई होती तो देश में बारिश की कमी और अधिक हो सकती थी। उन्होंने कहा कि इस मौसम में 14 कम दबाव की प्रणालियां बनीं और कुल 77 दिन कम दबाव की प्रणालियां सक्रिय रहीं। जबकि सामान्य तौर पर यह अवधि 57 दिन होती है। मानसून की वापसी के बारे में महापात्र ने कहा कि अब तक पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और पूरी दिल्ली से मानसून की वापसी हो चुकी है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश और गुजरात के कुछ हिस्सों से भी मानसून लौट चुका है।

दिल्ली की हवा में क्यों बढ़ रहा प्रदूषण? मानसून की वापसी से जुड़ा है इसका कनेक्शन

दिल्ली में मौसम बदलने के साथ हवा की क्वालिटी में खराब होने लगी है। बारिश कम होने और हवाओं की रफ्तार धीमी पड़ने से प्रदूषण का असर बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में मौसम ज्यादा सूखा रहने की संभावना है, जिससे दिल्ली की हवा को लेकर चिंता बढ़ सकती है।

मानसून की वापसी से बदला मौसम

भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून दिल्ली से अगले दो-तीन दिनों में पूरी तरह लौट सकता है। इस हफ्ते दिल्ली में बारिश की कोई उम्मीद नहीं है। मानसून की बारिश और तेज हवाओं के कारण पिछले कुछ दिनों से हवा साफ थी, लेकिन अब मौसम के सूखने से प्रदूषक ज्यादा देर तक हवा में रह सकते हैं।

चार दिनों में तेजी से बढ़ा है AQI

दिल्ली का AQI शुक्रवार को 88 था। इसके बाद शनिवार को 118, रविवार को 160 और सोमवार को 169 पहुंच गया। इस दौरान PM2.5 और ओजोन प्रमुख प्रदूषकों में रहे। सोमवार का AQI 19 जुलाई के बाद सबसे ज्यादा बताया गया, जो कि 171 था।

कम हवा और धूल से बढ़ सकती है परेशानी

बारिश कम होने के साथ सड़कों की धूल, गाड़ियों का धुआं और कंस्ट्रक्शन से निकलने वाले कण हवा में ज्यादा फैल सकते हैं। कम हवाएं इन कणों को ज्यादा फैलने नहीं देतीं, जिससे शहर के अलग-अलग हिस्सों में प्रदूषण जमा होने लगता है।

इन आठ जगहों की हवा है खराब

सोमवार को दिल्ली के 42 एक्टिव मॉनिटरिंग स्टेशनों में से आठ जगहों पर AQI 200 से ऊपर रहा।

  • सिरी फोर्ट और चांदनी चौक: दोनों जगह AQI 221 दर्ज किया गया।
  • IGI: यहां AQI 219 रहा।
  • बुराड़ी: यहां AQI 215 दर्ज हुआ।
  • वजीरपुर: यहां AQI 213 रहा।
  • पटपड़गंज: यहां AQI 208 दर्ज किया गया।
  • नरेला: यहां AQI 207 रहा।
  • IIT: यहां AQI 202 दर्ज हुआ।

सर्दियों में बदल जाता है प्रदूषण का असर

अभी दिल्ली में प्रदूषण का वह दौर शुरू नहीं हुआ है, जो आमतौर पर सर्दियों में देखने को मिलता है। टेम्परेचर गिरने और हवाओं के धीरे चलने से सर्दियों में प्रदूषण जमीन पर ही रहता है। पंजाब और हरियाणा में फसल के अवशेष जलाने का असर भी अक्टूबर से नवंबर के बीच ज्यादा दिखाई देता है।

AQI 169 का क्या मतलब है?

CPCB के अनुसार 101 से 200 के बीच AQI को ‘मॉडरेट’ कैटेगरी में रखा जाता है। 201 से 300 के बीच हवा ‘खराब’ मानी जाती है। ऐसे में 169 खराब कैटेगरी में नहीं आता, लेकिन इसका लेवल उस केटेगरी के काफी पास है। प्रदूषण बढ़ने पर बच्चों, बुजुर्गों और सांस या दिल से जुड़ी परेशानी वाले लोगों को बाहर ज्यादा समय बिताने से बचना चाहिए।

पिछले महीनों में बारिश से सुधरी थी हवा की क्वालिटी

मानसून के दौरान बारिश और तेज हवाओं की वजह से दिल्ली की हवा साफ रही थी। सितंबर में अब तक 12 दिन AQI ‘संतोषजनक’ और आठ दिन ‘मॉडरेट’ कैटेगरी में रहा। वहीं 9 जुलाई को दिल्ली का AQI 48 दर्ज हुआ था, जो इस साल का सबसे साफ दिन रहा। इसके बाद 12 जुलाई को AQI 246 तक पहुंचा था और उस समय हवा ‘खराब’ कैटेगरी में थी।

वीकेंड तक ठंड बढ़ने के मिल सकते है संकेत

सोमवार को दिल्ली में अधिकतम तापमान 35.6 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री रहा। मौसम विभाग के मुताबिक अधिकतम तापमान इसी के आसपास रह सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान धीरे-धीरे कम होकर वीकेंड तक 22 से 23 डिग्री तक पहुंच सकता है।

दिल्ली में प्रदूषण का बढ़ता लेवल बताता है कि लोगों को हवा की क्वालिटी पर ज्यादा ध्यान देना होगा। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस से जुड़ी परेशानी वाले लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए। रोज के कामों के दौरान धूल और धुएं से बचना, बाहर निकलते समय जरूरी सावधानी रखना और एयर क्वालिटी का अपडेट देखते रहना चाहिए।

कल का मौसम: 8 सितंबर को फिर बिगड़ेगा मौसम! UP-बिहार से लेकर ओडिशा तक भारी बारिश का अलर्ट, देखें IMD की चेतावनी

Weather Update: देश के कई हिस्सों में मानसूनी बारिश का दौर लगातार जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 8 सितंबर के मौसम को लेकर ताजा अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के नए बुलेटिन के मुताबिक उत्तर प्रदेश, बिहार, पूर्वी मध्य प्रदेश और ओडिशा समेत देश के कम से कम 10 से अधिक राज्यों में झमाझम बारिश होने का अनुमान है। इसके साथ ही कई राज्यों में तेज तूफानी हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने को लेकर चेतावनी जारी की गई है।

यूपी, बिहार और पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी

उत्तर और मध्य भारत के राज्यों में 8 सितंबर को मानसूनी गतिविधियां पूरी तरह से एक्टिव रहेंगी। मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के अलग-अलग स्थानों पर मूसलाधार यानी भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

इसके अलावा पूर्वी मध्य प्रदेश के विभिन्न इलाकों में भी कल भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। उत्तराखंड और मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में दिनभर बादलों की गर्जना के साथ बिजली चमकने की आशंका बनी रहेगी।

ओडिशा, बंगाल और झारखंड में बिगड़ेगा मौसम

पूर्वी भारत के मैदानी व तटीय राज्यों में 8 सितंबर को तेज बारिश और आंधी का असर देखने को मिलेगा। ओडिशा और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। इसके साथ ही ओडिशा, बिहार, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने, गरज-चमक होने और बिजली गिरने की संभावना व्यक्त की गई है।

Weather Update

गांगेय पश्चिम बंगाल और झारखंड के अलग-अलग इलाकों में भी कल बादलों की कड़क और बिजली कड़कने का अलर्ट जारी किया गया है।

पूर्वोत्तर भारत में जारी रहेगा मूसलाधार बारिश का सिलसिला

पूर्वोत्तर भारत में मानसून का असर काफी मजबूत बना हुआ है। 8 सितंबर को अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के अलग अलग हिस्सों में भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने इन सभी पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश के दौरान बिजली गिरने और आंधी-तूफान चलने की चेतावनी दी है।

दक्षिण भारत: तेलंगाना में तेज हवाएं, केरल में उमस और गर्मी का अलर्ट

दक्षिण भारत के राज्यों में बारिश की गतिविधियां थोड़ी सुस्त रहेंगी, लेकिन तूफानी हवाओं का जोर देखने को मिलेगा। तेलंगाना में अलग-अलग जगहों पर गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने और दिनभर तेज सतही हवाएं रहने का अनुमान है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भी बिजली चमकने की आशंका जताई गई है। वहीं, केरल और माहे के अलग-अलग इलाकों में कल मौसम काफी गर्म और उमस भरा बना रहेगा।

समुद्र में मौसम रहेगा प्रतिकूल, मछुआरों को हिदायत

समुद्री सीमाओं पर मौसम का मिजाज खराब रहने का अंदेशा जताया गया है। सोमालिया और ओमान के तटीय इलाकों तथा उससे सटे पश्चिम-मध्य, दक्षिण-पश्चिम और उत्तर-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार बढ़कर 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। मौसम विभाग ने मछुआरों को इन इलाकों में समुद्र में न जाने की सलाह दी है।

GDP Growth: जून तिमाही में 7.8% रही भारत की जीडीपी ग्रोथ, सर्विसेज सेक्टर की ग्रोथ सबसे ज्यादा

GDP Growth: इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भारत की अर्थव्यवस्था का प्रदर्शन अच्छा रहा है। जून तिमाही में जीडीपी की ग्रोथ 7.8 फीसदी रही। यह एनालिस्ट्स और इकोनॉमिस्ट्स के अनुमान से ज्यादा है। खास बात यह है कि जून तिमाही में भारत की जीडीपी ग्रोथ तब 7.8 फीसदी रही, जब वैश्विक स्थितियां काफी चैलेंजिंग थीं।

मार्च तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 8.6 फीसदी

इस साल मार्च तिमाही में भारत में जीडीपी ग्रोथ 8.6 फीसदी थी। मिनिस्ट्री ऑफ स्टैटिस्टिक्स एंड प्रोग्राम इंप्लिमेंटेशन (MoSPI) ने 31 अगस्त को जून तिमाही के जीडीपी के डेटा जारी किए। जीडीपी की ग्रोथ अनुमान से ज्यादा रही। मनीकंट्रोल के पोल में इकोनॉमिस्ट्स ने जून तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 7.3 फीसदी रहने का अनुमान जताया था।

जून तिमाही में जीवीए 8.2 फीसदी रहा

जून तिमाही में ग्रॉस वैल्यू एडेड (GVA) 8.2 फीसदी रहा। मार्च तिमाही में यह 8.7 फीसदी था। जीवीए का मतलब इकोनॉमी में उत्पादित गुड्स और सर्विसेज की कुल वैल्यू से है। इसमें नेट इनडायरेक्ट टैक्स शामिल नहीं होता है। जून तिमाही में अर्थव्यवस्था के शानदार प्रदर्शन में सर्विसेज और इनवेस्टमेंट का बड़ा हाथ है।

पहली तिमाही में सर्विसेज सेक्टर की ग्रोथ सबसे ज्यादा

जून तिमाही में सर्विसेज का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा। इसकी ग्रोथ 10 फीसदी रही। एक साल पहले की समान अवधि में सर्विसेज सेक्टर की ग्रोथ 8 फीसदी थी। मैन्युफैक्चरिंग की ग्रोथ 9.2 फीसदी रही। कंस्ट्रक्शन सेक्टर की ग्रोथ 7.7 फीसदी रही। ट्रेड, होटल्स, ट्रांसपोर्ट, कम्युनिकेशन और ब्रॉडकास्टिंग से संबंधित सर्विसेज सेगमेंट की ग्रोथ 8.5 फीसदी रही।

पहली तीमाही में मध्यपूर्व में लड़ाई का असर इकोनॉमी पर

जून तिमाही का मतलब अप्रैल, मई और जून के महीनों से है। अमेरिका और ईरान के बीच 28 फरवरी को लड़ाई शुरू हुई थी। जून तिमाही में ज्यादातर समय ईरान को अमेरिकी हमले का सामना करना पड़ा। ईरान ने कई खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी हमले किए।

क्रूड ऑयल  की कीमतें काफी समय तक 100 डॉलर से ऊपर रहीं

इस दौरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से क्रूड ऑयल सहित दूसरी कमोडिटीज की सप्लाई पर काफी ज्यादा असर पड़ा। क्रूड की कीमतें आसमान में पहुंच गईं। लेकिन, सरकार के कैपिटल एक्सपेंडिचर जारी रखने से आर्थिक गतिविधियों को काफी सपोर्ट मिला।

प्राइवेट फाइनल कंजम्प्शन एक्सपेंडिचर 7.1 फीसदी बढ़ा 

जून तिमाही में प्राइवेट फाइनल कंजम्प्शन एक्सपेंडिचर 7.1 फीसदी बढ़ा। इससे परिवारों में होने वाली खपत का पता चलता है। ग्रॉस फिक्स्ड कैपिटल फॉर्मेशन 11.9 फीसदी बढ़ा, जबकि सरकार का फाइनल कंजम्प्शन एक्सपेंडिचर 4.3 फीसदी बढ़ा। जून तिमाही के जीडीपी ग्रोथ के डेटा ऐसे वक्त आए हैं, जब इनफ्लशन से जुड़े रिस्क बढ़ रहा है।

FY27 में 5 फीसदी रह सकता है रिटेल इनफ्लेशन 

पिछले हफ्ते मनीकंट्रोल के पोल में शामिल इकोनॉमिस्ट्स का यह मानना था कि FY27 में रिटेल इनफ्लेशन 5 फीसदी रह सकता है। इसकी रेंज 4.7 से 5.2 फीसदी रहने का अनुमान जताया गया। इसकी कई वजहें हैं। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से ऑयल की कीमतें हाई लेवल पर बनी हुई हैं। देश में मानसून की बारिश एक समान नहीं रही है। इसका असर फसल उत्पादन पर पड़ेगा।

El Nino Impact: 2 दशकों में सबसे कमजोर मानसून का खतरा! अल नीनो ने बढ़ाई चिंता, जानिए अर्थव्यवस्था पर क्या होगा असर

El Nino Impact: भारत में इस साल करीब दो दशकों का सबसे कमजोर मानसून रह सकता है। मौसम विभाग के दो वरिष्ठ सूत्रों के मुताबिक, इस साल मानसून सीजन खत्म होने तक बारिश लंबी अवधि के औसत से करीब 15 फीसदी कम रहने का अनुमान है। अगर ऐसा होता है तो 2009 के बाद यह सबसे कम बारिश वाला मानसून होगा।

वहीं, कमजोर मानसून का सीधा असर देश की खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। फसलों की पैदावार घट सकती है, खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ सकते हैं और गांवों में लोगों की आमदनी पर भी दबाव पड़ सकता है। बता दें कि भारत में सालभर होने वाली कुल बारिश का करीब 70 फीसदी हिस्सा मानसून से ही मिलता है, इसलिए अच्छी बारिश खेती के लिए बेहद जरूरी है।

कपास-सोयाबीन की पैदावार पर पड़ेगा असर

अब अगर सितंबर के महत्वपूर्ण महीने में अच्छी बारिश नहीं हुई तो कपास, सोयाबीन, मक्का और दालों जैसी ग्रीष्म ऋतु में बोई जाने वाली फसलों की पैदावार कम हो सकती है, साथ ही गेहूं और रेपसीड जैसी शीतकालीन ऋतु में बोई जाने वाली फसलों के लिए आवश्यक मिट्टी की नमी भी कम हो सकती है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, “हम मानसून की बारिश पर अल नीनो का प्रभाव देख रहे हैं। सितंबर में यह प्रभाव गंभीर होने की संभावना है और बारिश में दो अंकों की कमी देखने को मिल सकती है।”

उन्होंने कहा कि जून-सितंबर के मौसम में भारत में औसत से 15% कम, यानी सामान्य से 85% कम बारिश हो सकती है, जो 2009 के बाद सबसे कम बारिश होगी। यह मौसम विभाग के शुरुआती पूर्वानुमान में अनुमानित 8% की कमी से लगभग दोगुनी होगी।

उन्होंने आगे कहा कि कुछ पूर्वी राज्यों को छोड़कर, देश के अधिकांश हिस्सों में सितंबर में औसत से कम बारिश होने की संभावना है, जिससे मौसमी कमी और बढ़ जाएगी।

हालांकि, IMD इस महीने के अंत तक सितंबर की बारिश को लेकर अपना आधिकारिक पूर्वानुमान जारी कर सकता है।

समय से पहले लौट सकता है मानसून

मौसम विभाग के एक अन्य सूत्र ने आधिकारिक नियमों के अनुसार नाम न बताने की शर्त पर कहा कि यदि कोई नई मौसम प्रणाली विकसित नहीं होती है, तो इस साल मानसून अगले महीने देश के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों से सामान्य से कुछ दिन पहले ही लौटना शुरू कर सकता है।

गौरतलब है कि आमतौर पर मानसून जून में दस्तक देता है और 17 सितंबर के आसपास उत्तर-पश्चिमी हिस्सों से वापस लौटना शुरू करता है। इसके बाद अक्टूबर के मध्य तक पूरे देश से मानसून की विदाई हो जाती है।

उन्होंने बताया कि अल नीनो मजबूत हो रहा है और सितंबर में इसके और तीव्र होने की संभावना है, जिससे भारत में वर्षा कम हो सकती है।

अल नीनो क्या है?

अल नीनो एक जलवायु पैटर्न है जिसमें मध्य और पूर्वी भूमध्यरेखीय प्रशांत क्षेत्र में समुद्र की सतह का तापमान असामान्य रूप से गर्म रहता है। यह वैश्विक मौसम पैटर्न को बाधित करता है और दक्षिण-पूर्व एशिया और अन्य क्षेत्रों में शुष्क परिस्थितियां ला सकता है।

पिछले वर्षों में भारत में अल नीनो वाले ज्यादातर सालों में सामान्य से कम बारिश हुई है। कई बार स्थिति इतनी गंभीर रही कि सूखे की वजह से फसलें बर्बाद हो गईं और सरकार को कुछ अनाज के निर्यात पर रोक या प्रतिबंध लगाने जैसे कदम उठाने पड़े।

इस साल भी मानसून की शुरुआत से अब तक भारत में सामान्य से 13 फीसदी कम बारिश हुई है। 1 जून से शुरू हुए मानसून सीजन में जून में बारिश 35.4 फीसदी कम रही। इसके बाद जुलाई में बारिश सामान्य से 1 फीसदी ज्यादा हुई, जिससे थोड़ी राहत मिली। हालांकि अगस्त में मानसून एक बार फिर कमजोर पड़ गया और अब तक इस महीने में सामान्य से 15 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है।

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Heavy Rain Alert: मौसम फिर बदलेगा करवट! 15 अगस्त तक कई राज्यों में भारी बारिश, 13 से बढ़ेगा मानसून का जोर

राजधानी दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में मानसून की बारिश हो रही है। वहीं देश के कई हिस्सों में मानसून इस सप्ताह भी सक्रिय रहने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के 9 अगस्त के पूर्वानुमान के मुताबिक, 9 से 15 अगस्त के बीच पश्चिमी हिमालयी राज्यों में कई जगह भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं अगले दो दिनों में राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में भी भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।

सबसे अहम बदलाव 13 अगस्त के आसपास बंगाल की खाड़ी और उससे लगे पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तट के पास देखने को मिल सकता है। यहां 11 अगस्त के आसपास साइक्लोन सर्कुलेशन बनने और 13 अगस्त के आसपास कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके असर से 13 अगस्त से पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़ और बिहार में बारिश बढ़ सकती है।

उत्तर भारत में पूरे सप्ताह बारिश

उत्तर-पश्चिम भारत में इस सप्ताह बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड में 9 से 15 अगस्त तक कई जगह बारिश हो सकती है। उत्तराखंड में इस दौरान गरज-चमक और बिजली गिरने की भी संभावना है। पंजाब में 10-11 और 13-14 अगस्त को कई जगह बारिश हो सकती है। हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 10-11 अगस्त और 13 अगस्त को बारिश की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 13-14 अगस्त को बारिश हो सकती है। राजस्थान के पूर्वी हिस्से में 9 से 13 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रह सकता है।

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और आसपास के इलाकों में 11 अगस्त को बहुत भारी बारिश हो सकती है। हिमाचल प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में 10-11 अगस्त तथा उत्तराखंड में 9-10 अगस्त को भी बहुत भारी बारिश की संभावना है।

मध्य भारत में भी तेज बारिश

मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में इस सप्ताह बारिश का असर देखने को मिलेगा। पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश तथा विदर्भ में 9 से 11 अगस्त के बीच कई जगह बारिश हो सकती है। छत्तीसगढ़ में 9-10 अगस्त और फिर 13-15 अगस्त को बारिश बढ़ सकती है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 9-10 अगस्त, जबकि छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ में 9 अगस्त को बहुत भारी बारिश की संभावना है।

पूर्वी भारत में 13 अगस्त से बदलेगा मौसम

पूर्वी भारत में भी इस सप्ताह मानसून सक्रिय रहेगा। पश्चिम बंगाल, झारखंड और सिक्किम में 9 से 15 अगस्त तक कई जगह बारिश हो सकती है। ओडिशा में 9-10 अगस्त और फिर 13-15 अगस्त के दौरान बारिश की संभावना है। आईएमडी के अनुसार, 13 अगस्त के बाद बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। बिहार में 13-15 अगस्त के दौरान कई जगह बारिश होने की संभावना है।

पूर्वोत्तर राज्यों में भी बारिश और बिजली का अलर्ट

अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में भी बारिश का दौर जारी रहेगा। अरुणाचल प्रदेश में 12-15 अगस्त के दौरान कई जगह बारिश हो सकती है। असम और मेघालय में 9 अगस्त तथा 12-15 अगस्त को बारिश की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश में 14-15 अगस्त और असम-मेघालय में 14-15 अगस्त को बहुत भारी बारिश हो सकती है। इन राज्यों में 9 से 13 अगस्त के बीच गरज-चमक और बिजली गिरने की भी संभावना है।

पश्चिम और दक्षिण भारत में कैसा रहेगा मौसम?

महाराष्ट्र के कोंकण और गोवा में 9 से 15 अगस्त तक कई जगह बारिश हो सकती है। गुजरात में 10-12 अगस्त के दौरान बारिश बढ़ सकती है। 11 अगस्त को गुजरात में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है। मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 9-10 अगस्त को गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। दक्षिण भारत में केरल, कर्नाटक के तटीय हिस्सों और लक्षद्वीप में 9-15 अगस्त के बीच कई जगह बारिश होने की संभावना है। केरल, लक्षद्वीप और तमिलनाडु में 9-10 अगस्त को गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 40-50 किलोमीटर प्रति घंटा और झोंकों के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।

दिल्ली में 12 अगस्त तक बारिश का दौर

दिल्ली में 9 से 12 अगस्त तक मौसम आमतौर पर बादलों से घिरा रहेगा। 9 और 10 अगस्त को कई जगह हल्की बारिश और कुछ जगह मध्यम बारिश हो सकती है। 11 अगस्त को सुबह से दोपहर तक बारिश के साथ शाम या रात में भी हल्की बारिश की संभावना है। 12 अगस्त को दोपहर से शाम के बीच हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान अधिकतम तापमान करीब 32 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है।

कल का मौसम 9 अगस्त: आसमान से आफत की बारिश! दिल्ली-NCR समेत इन राज्यों में IMD ने दी चेतावनी

देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता बनी हुई है। मौसम विभाग के 8 अगस्त शाम के पूर्वानुमान के मुताबिक, 9 अगस्त को कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। खास तौर पर छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा और कई पूर्वोत्तर राज्यों में भी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

दिल्ली-NCR में बारिश का दौर रहेगा जारी

दिल्ली और आसपास के इलाकों में 9 अगस्त को भी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में कुछ जगहों पर भारी बारिश की चेतावनी दी है। पिछले 24 घंटे में भी दिल्ली और हरियाणा के कई हिस्सों में अच्छी बारिश रिकॉर्ड की गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, दक्षिण दिल्ली के कुछ इलाकों में 16 सेंटीमीटर तक बारिश दर्ज हुई, जबकि रोहतक, झज्जर,फरीदाबाद और आसपास के इलाकों में भी भारी बारिश हुई।

उत्तराखंड में भारी से बहुत भारी बारिश

9 अगस्त को उत्तराखंड में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग ने राज्य के कुछ इलाकों के लिए खास चेतावनी जारी की है। पहाड़ी क्षेत्रों में तेज बारिश के कारण भूस्खलन, सड़क पर मलबा आने और निचले इलाकों में पानी भरने जैसी स्थिति बन सकती है। हिमाचल प्रदेश में भी कुछ जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर और आसपास के पहाड़ी इलाकों में भी बारिश के साथ गरज-चमक हो सकती है।

उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भी बारिश

पूर्वी उत्तर प्रदेश में 9 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी बारिश का अनुमान है। इसके अलावा पूर्वी राजस्थान में कुछ जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक, राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में 8 और 9 अगस्त को भारी बारिश का दौर रह सकता है। आगे 10 और 11 अगस्त को भी कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश का खतरा बना हुआ है।

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी अलर्ट

मध्य प्रदेश में 9 अगस्त को कई जगहों पर बारिश की संभावना है। छत्तीसगढ़ में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने 9 अगस्त को भी राज्य के कुछ इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। छत्तीसगढ़ में 8-9 अगस्त के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश का दौर रहने का अनुमान है। इसके कारण निचले इलाकों में जलभराव और सड़कों पर पानी जमा होने की स्थिति बन सकती है।

बिहार, झारखंड और ओडिशा में भी बारिश

बिहार में 9 अगस्त को कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। झारखंड और ओडिशा में भी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। ओडिशा में 9 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है, जबकि राज्य में 8 अगस्त को कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश भी दर्ज की गई है। पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश हो सकती है। पूर्वोत्तर भारत में असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना है।

दक्षिण भारत में भी तेज बारिश के आसार

दक्षिण भारत के कई राज्यों में भी मानसून सक्रिय रहेगा। तटीय कर्नाटक, केरल और माहे, लक्षद्वीप तथा दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 9 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की संभावना भी जताई गई है। मौसम विभाग के मुताबिक, कुछ इलाकों में 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। समुद्री इलाकों में भी तेज हवाओं के कारण स्थिति खराब हो सकती है।

बारिश के दौरान सावधानी जरूरी

मौसम विभाग ने भारी बारिश वाले इलाकों में लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। तेज बारिश के कारण जलभराव, बाढ़ जैसी स्थिति, भूस्खलन और सड़क व रेल यातायात प्रभावित हो सकता है। तेज हवाओं से पेड़ और कमजोर ढांचे भी नुकसान की चपेट में आ सकते हैं। लोगों को मौसम बिगड़ने पर सुरक्षित जगह जाने और पेड़ों के नीचे खड़े न होने की सलाह दी गई है। बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान, पानी और बिजली से जुड़ी चीजों से दूर रहना बेहतर होगा।