IND vs NZ: भुवनेश्वर कुमार के बाद अब टीम में होगी शमी की वापसी? इस दिग्गज खिलाड़ी ने रखी मांग

न्यूजीलैंड के खिलाफ अक्टूबर-नवंबर 2026 में होने वाले टी20 मुकाबले के लिए टीम का ऐलान हो गया है। वहीं इस बार टीम में करीब चार साल बाद तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की भारतीय टीम में वापसी हुई है। भुवनेश्वर कुमार ने आईपीएल में शानदार प्रदर्शन करते हुए रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की लगातार दो खिताबी जीत में अहम योगदान दिया। इसी बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर भुवनेश्वर ने एक बार फिर टीम इंडिया में जगह बनाई है। वहीं भुवनेश्वर के टीम में वापसी के बाद से अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी के भी टीम इंडिया में लौटने की उम्मीद बढ़ गई है।

शमी ने आखिरी बार मार्च 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में भारत के लिए मैच खेला था। अब पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज और बंगाल के पूर्व खिलाड़ी लक्ष्मी रतन शुक्ला ने शमी का समर्थन करते हुए उनकी वापसी की उम्मीद जताई है।

नेशनल टीम में होगी शमी की वापसी?

बंगाल के मौजूदा कोच लक्ष्मी रतन शुक्ला ने एक बार फिर मोहम्मद शमी की मेहनत और टीम के प्रति उनके समर्पण की तारीफ की। रतन शुक्ला ने न्यूज एजेंसी PTI से कहा, “शमी इस सीजन में बंगाल के लिए खेल रहे हैं और जिस तरह से वह गेंदबाजी कर रहे हैं, वह किसी युवा खिलाड़ी से कम नहीं लगते। मुझे उम्मीद है कि वह एक बार फिर भारत के लिए खेलेंगे और टीम इंडिया के लिए खेलते हुए ही अपने करियर का अंत करेंगे। शमी विश्व क्रिकेट के महान तेज गेंदबाजों में से एक हैं और वह भारतीय टीम में वापसी के हकदार हैं।”

भारत के लिए खेलना चाहते हैं

शमी की लगातार मेहनत के पीछे एक बड़ी वजह भारतीय चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचना और टीम इंडिया में दोबारा जगह बनाना है। शुक्ला ने कहा, “वह अभी भी भारत के लिए खेलना चाहते हैं। लेकिन इसके अलावा, आपने कितने गेंदबाजों को राज्य की टीम के लिए इस स्तर का समर्पण दिखाते हुए देखा है? मैं उन्हें उस समय से जानता हूं, जब वह सिर्फ नेट गेंदबाज हुआ करते थे। उन्होंने मेरी कप्तानी में बंगाल के लिए अपना डेब्यू किया था।”

उन्होंने आगे कहा, “आज वह एक शानदार खिलाड़ी के साथ-साथ एक अच्छे इंसान भी बन चुके हैं। वह ड्रेसिंग रूम में सभी खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाते रहते हैं। वह हमारे भाई जैसे हैं। मुझे पूरा भरोसा है कि वह इस सीजन में अच्छा प्रदर्शन करेंगे और एक बार फिर भारत के लिए खेलेंगे।”

शमी का रिकॉर्ड

भारत के लिए 64 टेस्ट, 108 वनडे और 25 टी20 इंटरनेशनल मैच खेल चुके मोहम्मद शमी ने टीम में वापसी की उम्मीद अब भी कायम रखी है। 2026 दलीप ट्रॉफी फाइनल के बाद उन्होंने कहा था कि, “खिलाड़ी को खुद को आगे बढ़ाने के लिए हमेशा प्रेरित रहना चाहिए। उनके मुताबिक, इस स्तर पर खेलने वाले खिलाड़ी के अंदर खुद आगे बढ़ने की इच्छा होनी चाहिए और वह जिस भी स्तर पर खेल रहा हो, उसकी नजर हमेशा अगले मुकाम पर होनी चाहिए।”

कमला क्लब का दौर खत्म, अब CSJMU में गढ़े जाएंगे यूपी के क्रिकेट सितारे,UPCA का नया क्रिकेट सेंटर बनेगा विश्वविद्यालय का मैदान, अलग-अलग मिट्टी की पिचों पर तैयार होंगे खिलाड़ी

उत्तर प्रदेश : दशकों तक उत्तर प्रदेश के क्रिकेटरों की नर्सरी रहे कमला क्लब का दौर अब खत्म हो चुका है। कानपुर से अखंड प्रताप सिंह की रिपोर्ट के मुताबिक, अब सूबे के घरेलू क्रिकेट को नया और आधुनिक ठिकाना मिलने जा रहा है। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) परिसर में तैयार हो रहा क्रिकेट स्टेडियम आने वाले समय में उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (UPCA) के लिए बड़ा केंद्र बन सकता है। मैदान के संचालन और उपयोग को लेकर UPCA और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच एमओयू की तैयारी चल रही है. इसके बाद यहां प्रदेश के खिलाड़ियों के लिए अभ्यास, ट्रायल और बड़े घरेलू मुकाबलों का रास्ता खुल सकता

खास अभ्यास का मौका, सात अलग-अलग पिचों पर खिलाड़ी तैयार होंगे

CSJMU का क्रिकेट मैदान अपनी पिचों के कारण खास है. यहां अलग-अलग तरह की मिट्टी का इस्तेमाल कर पिचें तैयार की जा रही हैं. इनमें महाराष्ट्र की लाल मिट्टी, ओडिशा के कालाहांडी की काली कपास मिट्टी और स्थानीय उन्नाव की मिट्टी शामिल है. इससे खिलाड़ियों को अलग-अलग तरह की पिचों पर खेलने का अनुभव मिलेगा. बल्लेबाजों को उछाल और गेंदबाजों को टर्न वाली पिचों पर अभ्यास करने का मौका मिलेगा.

मैदान में आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम भी तैयार किया गया है, जिससे बारिश के बाद पानी जल्दी निकल सके और मैदान को कम समय में खेलने लायक बनाया जा सके. मैदान में पवेलियन और दर्शकों के बैठने की व्यवस्था भी तैयार की गई है. आने वाले समय में इसे घरेलू क्रिकेट के बड़े मुकाबलों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता

रणजी से एज ग्रुप तक के मैचों की तैयारी

UPCA की योजना इस मैदान को सिर्फ अभ्यास तक सीमित रखने की नहीं है. एमओयू होने के बाद यहां रणजी ट्रॉफी, सीके नायडू ट्रॉफी, एज ग्रुप के ट्रायल, कैंप और अन्य घरेलू क्रिकेट गतिविधियां कराई जा सकती हैं. इससे कानपुर और आसपास के जिलों के युवा खिलाड़ियों को दूसरे शहरों में ट्रायल और अभ्यास के लिए कम जाना पड़ेगा.

बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने बताया कि यूपी में क्रिकेट के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर लगातार काम हो रहा है. कमला क्लब का करार खत्म होने के बाद खिलाड़ियों के लिए नए मैदान की जरूरत थी. CSJMU का मैदान इस कमी को पूरा करने में अहम भूमिका निभा सकता

 

खिलाड़ियों को मिलेगा नया प्लेटफॉर्म, ऐसा बताया चेयरमैन ने

UP T20 लीग के चेयरमैन संजय कपूर ने बताया कि CSJMU के मैदान को लेकर UPCA और विश्वविद्यालय के बीच बातचीत चल रही है. यह मैदान खिलाड़ियों के अभ्यास और ट्रायल के लिए बेहतर विकल्प बन सकता है. यहां आधुनिक सुविधाएं होने से युवा क्रिकेटरों को अपने ही शहर में बेहतर तैयारी का मौका मिलेगा.

कमला क्लब लंबे समय तक यूपी क्रिकेट की पहचान रहा है. इसी मैदान से कई खिलाड़ियों ने क्रिकेट की शुरुआत कर आगे का सफर तय किया. अब CSJMU का मैदान उस विरासत को आगे बढ़ाने की दिशा में नया पड़ाव बन सकता है. इसके साथ ही UPCA उन्नाव में भी बड़े स्तर पर क्रिकेट सेंटर विकसित करने की तैयारी कर रहा है. ऐसे में आने वाले समय में कानपुर और आसपास के खिलाड़ियों के लिए क्रिकेट की सुविधाएं पहले से कहीं ज्यादा मजबूत होने की उम्मीद

संसद के सत्रावसान में देरी का नया रिकॉर्ड

भाजपा संसद के दोनों सदनों में दो तिहाई बहुमत की तलाश कर रही है। इस बीच संसद के दोनों सदनों के सत्रावसान का नया रिकॉर्ड बन गया है। ऐसा लग रहा है जिस तरह से क्रिकेट में विराट कोहली सारे रिकॉर्ड तोड़ने का प्रयास कर रहे हैं, यहां तक कि सबसे ज्यादा बार जीरो पर आउट होने के रिकॉर्ड के भी नजदीक पहुंच गए हैं, वैसे ही भाजपा भी अच्छे, बुरे सारे रिकॉर्ड तोड़ देना चाहती है। उसने संसद के दोनों सदनों के सत्रावसान में देरी का रिकॉर्ड़ तोड़ दिया है।

इससे पहले राजीव गांधी की सरकार के समय 1989 में संसद के दोनों सदनों का 53 दिन तक सत्रावसान नहीं हुआ था। अभी मानसून सत्र अनिश्चितकाल तक स्थगित हुए 55 दिन हो गए हैं और सत्रावसान नहीं हुआ है। हालांकि एक सदन के सत्रावसान में देरी का रिकॉर्ड अब भी कांग्रेस के नाम ही है। 2008 में मनमोहन सिंह की सरकार के समय लोकसभा का सत्रावसान 86 दिन तक नहीं किया गया था। उससे पहले का रिकॉर्ड राजीव गांधी की सरकार के नाम था। 1987 में 75 दिन तक लोकसभा का सत्रावसान नहीं हुआ था। देखना है कि भाजपा वह रिकॉर्ड तोड़ पाती है या नहीं। गौरतलब है कि संसद के शीतकालीन सत्र का भी समय नजदीक आता जा रहा है। हालांकि कहा जा रहा है कि इसी महीने संसद का विशेष सत्र बुलाया जा सकता है।

‘दिल्ली को टॉप पर ले जाना है’, हेड कोच बनते ही सौरव गांगुली ने बताया अपना मिशन

दिल्ली कैपिटल्स ने IPL 2027 के लिए सौरव गांगुली को अपना नया हेड कोच बनाया। टीम की जिम्मेदारी संभालने के बाद गांगुली ने कहा कि फ्रेंचाइजी के पास केएल राहुल और ऋषभ पंत जैसे बेहतरीन खिलाड़ी मौजूद हैं और टीम काफी मजबूत है। उन्होंने कहा कि 2019 और 2020 में दिल्ली कैपिटल्स का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा था और अब उनका लक्ष्य टीम को फिर उसी स्तर पर ले जाना है। पिछले सीजन में दिल्ली कैपिटल्स की टीम छठे स्थान पर रही थी। अब सौरव गांगुली की नजर टीम को बेहतर प्रदर्शन कराने पर है। उन्होंने कहा कि उनका पहला लक्ष्य दिल्ली कैपिटल्स को प्लेऑफ में पहुंचाना होगा। टीम अब तक सिर्फ एक बार 2020 में आईपीएल के फाइनल तक पहुंची है, लेकिन खिताब नहीं जीत सकी।

गांगुली की हुई घर वापसी

दिल्ली कैपिटल्स के साथ सौरव गांगुली का रिश्ता काफी पुराना है। साल 2019 में सौरव गांगुली टीम के साथ सलाहकार के तौर पर काम शुरू किया था। इसके बाद वह फ्रेंचाइजी में अलग-अलग अहम जिम्मेदारियां संभालते रहे हैं। गांगुली पुरुष और महिला दोनों टीमों के क्रिकेट डायरेक्टर की भूमिका भी निभा चुके हैं। अब हेड कोच के तौर पर उनकी नियुक्ति को टीम के साथ उनकी एक तरह की घर वापसी के तौर पर देखा जा रहा है।

काफी अच्छी है दिल्ली की टीम

दिल्ली कैपिटल्स के YouTube चैनल पर बात करते हुए गांगुली ने कहा, “ये केएल राहुल, अक्षर पटेल, ऋषभ पंत, मिशेल स्टार्क, लुंगी एनगिडी, डेविड मिलर और ट्रिस्टन स्टब्स जैसे खिलाड़ियों के साथ एक अच्छी टीम है। यह काफी मजबूत टीम है और मुझे उम्मीद है कि हम अपनी पूरी क्षमता के अनुसार खेलेंगे। उम्मीद है कि हर खिलाड़ी समझेगा कि वह कितना अच्छा है और मैदान पर खुलकर अपना खेल दिखाएगा।” गांगुली ने कहा, “मेरा मोटिवेशन दिल्ली को टॉप पर ले जाना है। 2019 और 2020 में दिल्ली की टीम बहुत अच्छी थी। मैं उस टीम को बनाने का हिस्सा था, लेकिन इसके बाद मैंने टीम छोड़ दी और BCCI प्रेसिडेंट बन गया।”

उन्होंने आगे कहा, “इसलिए उस नजरिए से उस टीम को एक अलग स्तर पर ले जाने की प्रेरणा हमेशा बनी रहेगी। मुझे लगता है कि मैं खिलाड़ियों से भी यही उम्मीद करूंगा, क्योंकि ड्रेसिंग रूम में काफी टैलेंट मौजूद है।”

IPL 2027 में बेहतर प्रदर्शन करेगी दिल्ली

भारत के पूर्व क्रिकेटर सौरव गांगुली ने माना कि दिल्ली कैपिटल्स को पिछले कुछ सालों में उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि अपने कार्यकाल के दौरान वह टीम के प्रदर्शन को बेहतर बनाने की कोशिश करेंगे। गांगुली ने कहा, “मुझे लगता है कि अब समय आ गया है कि दिल्ली के लड़कों को अपनी टीम पर गर्व करने का मौका मिले। उन्होंने इस टीम को तैयार करने में काफी समय और एनर्जी लगाई है और मैं चाहता हूं कि आने वाले वर्षों में टीम उन्हें खुशी का मौका दे।”

T-20I टीम में बैंच पर बैठे वैभव सूर्यवंशी बिहार का रणजी मैच भी करेंगें मिस

वेस्टइंडीज के खिलाफ टी-20 टीम में शामिल वैभव सूर्यवंशी बैंच पर बैठे हैं और शायद यह पूरी सीरीज ही वह बैंच पर बैठे क्योंकि मुख्य कोच गौतम गंभीर ने इशारा कर दिया है कि वह विश्व विजेता टीम के संयोजन से खिलवाड़ नहीं करना चाहते। सूर्यवंशी सिर्फ एक वैकल्पिक सलामी बल्लेबाज हैं। ऐसे में वह ना ही राष्ट्रीय टीम के लिए खेल पा रहे हैं और ना ही अपने राज्य बिहार की रणजी टीम के साथ खेल पाएंगे।

वेस्टइंडीज के साथ चल रही पांच मैचों की टी-20 सीरीज के लिए भारतीय राष्ट्रीय टीम में शामिल वैभव सूर्यवंशी रणजी ट्रॉफी में बिहार की ओर से पहले चार मैच नहीं खेल पाएंगे। बिहार क्रिकेट में चल रही भारी उथल-पुथल के बीच भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की ओर से नियुक्त चयनकर्ताओं ने रणजी ट्रॉफी के पहले दो मैचों के लिए बिहार की 17 सदस्यीय टीम का चयन किया है।

बिहार इस बार एलीट ग्रुप में शामिल है और अपने अभियान की शुरुआत 11 अक्टूबर से नवनिर्मित राजगीर क्रिकेट स्टेडियम में उत्तर प्रदेश के खिलाफ करेगा। टीम का दूसरा मैच 18 अक्तूबर से मेजबान बड़ौदा से होगा। बिहार टीम की अगुवाई साकिबुल गनी करेंगे जबकि हिमांशु सिंह को उप-कप्तान बनाया गया है। वेस्टइंडीज और फिर न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज में भारतीय टीम का हिस्सा युवा बल्लेबाज सूर्यवंशी टूर्नामेंट के शुरुआती चरण में टीम के साथ नहीं होंगे।

वेस्टइंडीज के खिलाफ जारी टी-20 सीरीज जहां 17 अक्टूबर तक चलेगी, तो वहीं उसके बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ 22 अक्टूबर से एक नवंबर के बीच होने वाली पांच मैचों की टी-20 सीरीज में भी सूर्यवंशी भारतीय दल के साथ होंगे।

बिहार के पूर्व रणजी कप्तान आशुतोष अमन को प्रमुख कोच बनाया गया है जबकि पूर्व रणजी खिलाड़ी अशोक कुमार एसिस्टेंट कोच की भूमिका में होंगे। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 में सनराइजर्स हैदराबाद (एसआरएच) के लिए शानदार प्रदर्शन करने वाले तेज गेंदबाज साकिब हुसैन टीम के प्रमुख चेहरों में होंगे।

साकिब ने आईपीएल में 11 मैचों में 26.46 की औसत से 15 विकेट झटके थे। उनके अलावा मुंबई इंडियंस (एमआई) का हिस्सा रहे बाएं हाथ के तेज गेंदबाज मोहम्मद इजहार को भी टीम में जगह मिली है। इजहार को आईपीएल में डेब्यू का अवसर नहीं मिल पाया था।

बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (BCA) में प्रशासनिक स्तर पर भी बड़े बदलाव चल रहे हैं। 16 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने पटना हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस अश्विनी कुमार सिंह को बीसीए का प्रशासक नियुक्त किया था। कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने बिहार की महिला और सभी एज-ग्रुप टीमों के चयन के लिए बीसीसीआई से मदद का अनुरोध किया। इसके बाद बीसीसीआई ने बिहार की क्रिकेट टीमों के चयन की जिम्मेदारी पूर्व राष्ट्रीय चयनकर्ताओं और अनुभवी क्रिकेटरों को सौंपी।

इस चयन समिति की अध्यक्षता भारत के पूर्व तेज गेंदबाज हरविंदर सिंह ने की। समिति में तमिलनाडु के पूर्व प्रथम श्रेणी क्रिकेटर शरत श्रीधरण और मध्य प्रदेश के पूर्व प्रथम श्रेणी क्रिकेटर अमिताभ विजयवर्गीय भी शामिल थे। इसके अलावा प्रशासक अश्विनी कुमार सिंह ने बिहार के पूर्व रणजी कप्तान सुनील कुमार, पूर्व रणजी खिलाड़ी और कोच ज़शान उल यक़ीन और बिहार की पूर्व महिला क्रिकेटर शिखा सोनी को बीसीए के साथ मिलकर काम करने वाली समिती में रखा है।

एलीट ग्रुप ए में बिहार का सामना उत्तर प्रदेश के अलावा बड़ौदा, मध्य प्रदेश, गोवा, जम्मू-कश्मीर, विदर्भ और पुडुचेरी से होगा। बिहार घर में अपने सभी मैच राजगीर में खेलेगा, जो पहली बार किसी प्रथम श्रेणी मैच की मेजबानी करने जा रहा है।

राजगीर के नवनिर्मित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में पहली बार रणजी मुकाबले का आयोजन होने से बिहार के क्रिकेट प्रेमियों में भी खासा उत्साह है। यह मुकाबला न केवल बिहार के घरेलू क्रिकेट सत्र की शुरुआत करेगा, बल्कि राजगीर के इस नए क्रिकेट मैदान को भी आधिकारिक बीसीसीआई के घरेलू क्रिकेट नक़्शे पर स्थापित करेगा।

रणजी ट्रॉफ़ी के लिए बिहार की टीम:– साकिबुल गनी (कप्तान), आयुष लोहारुका, मंगल महरौर, नमन गौरव, पीयूष सिंह, बिपिन कुमार सौरभ(विकेटकीपर), श्रमण निग्रोध (विकेटकीपर), आकाश राज, पृथ्वी राज, हिमांशु सिंह (उप-कप्तान), ख़ालिद आलम, सूरज कुमार कश्यप, साकिब हुसैन, मोहम्मद इज़हार, शब्बीर ख़ान, राघवेंद्र सिंह और आमोद यादव।

आगरकर के लिए टीम सर्वोपरि, इतिहास योगदान याद रखेगा, गंभीर ने किया ट्वीट

अजीत आगरकर का कार्यकाल समाप्त हो चुका है और न्यूजीलैंड दौरे की टी-20 सीरीज के लिए भारतीय टीम की घोषणा हो चुकी है। ऐसे में मुख्य कोच गौतम गंभीर ने एक ट्वीट लिखकर अजीत आगरकर और उनकी उपलब्धियों को गिनाते हुए एक ट्वीट किया है।

गंभीर ने पोस्ट किया, ‘‘प्रिय अजीत भाई, आपके साथ काम करना मेरे लिए बेहद सम्मान की बात रही। तीन आईसीसी ट्रॉफियां आपके भरोसे की गवाही देती हैं जिसमें हमेशा टीम को सर्वोपरि रखा गया। मुझे कहना होगा कि इतिहास आपके योगदान को याद रखेगा। हर चीज के लिए धन्यवाद। आपके भविष्य के प्रयासों के लिए मेरी हार्दिक शुभकामनाएं। ’’

कड़े फैसले लेने के लिए बने थे मुख्य चयनकर्ता

अजीत आगरकर के कार्यकाल ने भारत ने साल 2024 और 2026 का टी-20 विश्वकप और साल 2025 की चैंपियन्स ट्रॉफी जीती। बोर्ड ने उनको कड़े फैसले लेने के लिए भेजा था। अजीत आगरकर ने टी-20 विश्वकप  2024 में रोहित और विराट को शामिल कर पहले ही संदेश दे दिया था कि यह विश्वकप उनका आखिरी है। दोनों ने यह बात मान भी ली थी।

वहीं टेस्ट क्रिकेट में दोनों का फॉर्म खराब हो गया और दोनों को संन्यास लेना पड़ा। अजीत आगरकर की यहां भी जीत हुई। लेकिन जब उन्होंने कहा कि एकदिवसीय विश्वकप के लिए रोहित शर्मा और विराट कोहली अनिर्णित है तब से चयनकर्ताओं और खिलाड़ियों में रस्साकशी शुरु हो गई और अंत में अजीत आगरकर की हार हुई। उन्होंने टी-20 विश्वकप विजेता सूर्यकुमार यादव को भी टूर्नामेंट जीतने के तुरंत बाद बाहर का रास्ता दिखा दिया था।

भारत की ओर से 26 टेस्ट और 191 एकदिवसीय मैच खेलने वाले आगरकर ने लाल गेंद की क्रिकेट में 58 और सीमित ओवर की क्रिकेट में 288 विकेट लिए। उन्होंने टीम के लिए दो विश्वकप भी खेले। उनके नाम लॉर्ड्स के मैदान पर एक टेस्ट शतक और लंबे समय तक सबसे सीमित ओवर की क्रिकेट में तेज पजास रन और पचास विकेट का रिकॉर्ड भी उनके नाम रहा।

900 से 3 हजार रुपए तक का टिकट, INDvsPAK WC मैच के लिए आए 75 हजार आवेदन

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने कहा कि अगले साल होने वाले एकदिवसीय विश्व कप में भारत और पाकिस्तान के बीच 10 अक्टूबर को होने वाले मुकाबले के टिकटों के लिए अब तक एक लाख से ज्यादा आवेदन मिल चुके हैं।दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया 2027 वनडे विश्व कप की मेजबानी करेंगे। टूर्नामेंट दो अक्टूबर से 21 नवंबर तक खेला जाएगा। बीते एक अक्टूबर को टिकटों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के बाद अब तक 3.20 लाख से ज्यादा प्रशंसक टिकट के लिए आवेदन कर चुके हैं।

आईसीसी की वेबसाइट के मुताबिक, ‘‘ भारत-पाकिस्तान मुकाबले के टिकटों के लिए सबसे ज्यादा मांग है और इसके लिए एक लाख से अधिक आवेदन मिल चुके हैं। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका-भारत मैच के लिए 86 हजार से ज्यादा और भारत-ऑस्ट्रेलिया मुकाबले के लिए 80 हजार से ज्यादा आवेदन आए हैं।’’

सात नवंबर को होने वाले भारत-पाकिस्तान के सुपर-7 मुकाबले के लिए अब तक करीब 75 हजार आवेदन मिल चुके हैं। यह मांग के मामले में चौथे स्थान पर है।जोहानिसबर्ग के वांडरर्स में होने वाले विश्व कप फाइनल के लिए भी करीब 65 हजार आवेदन आ चुके हैं।

आईसीसी के अनुसार, ‘‘टिकटों की कीमत 9.62 डॉलर (लगभग 930 रुपये) से शुरू होकर सबसे महंगी श्रेणी के लिए 31.31 डॉलर (लगभग 3018 रुपये) तक है। परिवारों के लिए पैकेज, छात्रों और पेंशनभोगियों के लिए विशेष कीमत, स्थानीय लोगों के लिए शुरुआती टिकट और स्कूल-क्लब समूहों के लिए भी अलग व्यवस्था की गई है।’’आईसीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) संजोग गुप्ता ने कहा, ‘‘ टिकट आवेदन शुरू होने के महज 48 घंटे से कुछ अधिक समय में इतनी बड़ी संख्या में आवेदन मिलना विश्व कप की लोकप्रियता को दिखाता है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ आईसीसी के बड़े टूर्नामेंट अब सिर्फ खेल आयोजन नहीं रह गए हैं, बल्कि वे अलग-अलग देशों और संस्कृतियों के लोगों को जोड़ने वाले बड़े मंच बन चुके हैं।’’उन्होंने कहा, ‘‘करीब दो दशक बाद अफ्रीकी महाद्वीप में आईसीसी का कोई बड़ा पुरुष क्रिकेट आयोजन लौट रहा है, ऐसे में यह अफ्रीका के लिए खास मौका है। इस टूर्नामेंट की नजर दुनिया के 120 से ज्यादा देशों के करीब 2.5 अरब क्रिकेट प्रशंसकों पर होगी।टिकटों के लिए आवेदन करने और पसंदीदा मैच चुनने की प्रक्रिया 21 नवंबर तक आईसीसी की वेबसाइट पर जारी रहेगी।

‘अगर दोबारा ड्रॉप भी हुआ तो…’, टीम इंडिया में वापसी के बाद ईशान किशन ने बताया अपना फोकस

भारतीय क्रिकेटर ईशान किशन के लिए साल 2026 काफी खास रहा है। भारतीय टीम में वापसी के बाद से ही ईशान किशन बेहरतीन फॉर्म में नजर आ रहे हैं। ईशान किशन को इस साल जनवरी में भारतीय टीम में वापसी की थी। साल 2023 के अंत में इंटरनेशनल क्रिकेट से ब्रेक लेने के बाद उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया था। उस समय ईशान साउथ अफ्रीका से लौटने के बाद अपनी घरेलू टीम झारखंड के लिए रणजी ट्रॉफी मैच खेलने नहीं उतरे थे। इसके बाद ईशान को बीसीसीआई के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में भी जगह नहीं मिली।

इसके बाद उन्होंने घरेलू क्रिकेट में वापसी की और लगातार अच्छे प्रदर्शन के दम पर टीम में फिर अपनी जगह बनाई। लगातार मेहनत के बाद ईशान ने न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज से टीम में वापसी की और लगातार अच्छे प्रदर्शन से अपनी जगह मजबूत की।

‘मैंने धैर्य बनाए रखा’

ईशान किशन ने JioHotstar पर कहा, “जब मुझे इंटरनेशनल टीम से बाहर किया गया, तो मुझे अपनी कुछ गलतियों के नतीजों का एहसास हुआ। इसलिए, मैंने अपनी फिटनेस और बल्लेबाजी पर काम किया। मैंने धैर्य रखा और घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करके अपनी गलतियों को सुधारने पर ध्यान दिया।” उन्होंने कहा, “मुझे पता था कि अगर मैं घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करता रहा, तो मुझे मौका जरूर मिलेगा और अपनी मेहनत के दम पर मुझे नेशनल टीम में वापस बुलाया गया। एक बार टीम में वापसी करने के बाद आप यह नहीं सोचते कि अगर दोबारा बाहर कर दिया गया तो क्या होगा।”

लगातार रन बनाना मेरा काम

उन्होंने आगे कहा, “सबसे जरूरी है कि क्रिकेट का आनंद लिया जाए और टीम की सफलता में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देने पर ध्यान दिया जाए। मेरा काम लगातार रन बनाना है और अगर मैं ऐसा करता रहा, तो बाकी चीजें अपने आप सही हो जाएंगी।” उन्होंने कहा, “एक बल्लेबाज के तौर पर, जब मैं अच्छी फॉर्म में नहीं होता और दूसरे छोर पर बल्लेबाज अच्छी लय में बल्लेबाजी कर रहा होता है और गेंद को अच्छे से हिट कर रहा होता है, जैसा कि इस मामले में श्रेयस अय्यर कर रहे थे, तो मुझे दूसरे बल्लेबाज को सपोर्ट करने में कोई दिक्कत नहीं होती।”

ईशान ने खेली शानदार पारी

मंगलवार को लखनऊ में वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 मुकाबले में ईशान किशन ने शानदार पारी खेली। भारत को 172 रन का लक्ष्य मिला था, जिसे टीम ने 14.4 ओवर में हासिल कर लिया। इशान ने कप्तान श्रेयस अय्यर के साथ मिलकर 137 रन की नाबाद साझेदारी की। इशान के मुताबिक, जब किसी बल्लेबाज का बल्ला अच्छी तरह चल रहा हो, तो दूसरे बल्लेबाज को उसके लिए अपनी भूमिका बदलने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए।

अय्यर ने ठोका शतक

ईशान ने कहा, “वह (अय्यर) हमारी साझेदारी में ज्यादातर रन बना रहे थे और जब वह शानदार बल्लेबाजी कर रहे हों, तो मेरा काम होता है कि उन्हें विरोधी गेंदबाजों पर दबाव बनाने का मौका दूं। उन्होंने यह काम बहुत अच्छी तरह किया और आखिर में हमने लक्ष्य का सफलतापूर्वक पीछा कर लिया।” श्रेयस अय्यर ने नाबाद शतक लगाकर टी20 इंटरनेशनल में अपनी पहली सेंचुरी पूरी की। इसके साथ ही वह उन चुनिंदा भारतीय बल्लेबाजों की सूची में शामिल हो गए, जिन्होंने क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में शतक लगाने का कारनामा किया है।

VVS लक्ष्मण को मिली बड़ी भूमिका, टीम चयन में रहेगा योगदान

भारतीय क्रिकेट के पूर्व बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण लंबे समय से भारतीय क्रिकेट टीम के साथ बतौर कोच समय बिता चुके हैं। जब राहुल द्रविड़ मुख्य टीम के साथ व्यस्त रहते थे तो राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण युवा टीम के साथ दौरे पर जाते थे। पिछली बार की तरह इस बार भी एशियाड में वीवीएस लक्ष्मण ही कोच थे। अब भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने उनको बड़ी जिम्मेदारी देने का मन बना लिया है।अब टीम का चयन करते वक्त उनकी भी राय ली जाएगी ऐसा बोर्ड सचिव देवाजीत सैकिया ने कहा है।

इंग्लैंड के हालिया दौरे पर दूसरे वनडे से पहले रोहित के करियर खत्म होने की खबरों का बाहर आना, उसके बाद बीसीसीआइ सचिव देवजीत सैकिया का मुख्य चयनकर्ता से बात किए बिना ये कहना कि रोहित जब तक टीम योजना का हिस्सा हैं। इन सब परिस्थितियों ने पहलुओं को बहुत उलझा दिया है।

BCCI पदाधिकारियों को लगता है कि लक्ष्मण की बातों को ज्यादा तवज्जो मिलेगी और रोहित-विराट जैसे सीनियर खिलाड़ी भी उनकी बात को मानेंगे। भारतीय टीम प्रबंधन नहीं चाहता था कि रोहित शर्मा 2027 वनडे विश्व कप खेलें। इसको लेकर इंग्लैंड दौरे के दौरान एक चयनकर्ता ने बोर्ड को शीशे में भी ढाल लिया था लेकिन मामला उल्टा पड़ गया।ऐसा माना जा रहा है कि वीवीएस लक्ष्मण ना केवल गुत्थियों को सुलझाएंगे बल्कि बोर्ड और खिलाड़ियों के बीच एक पुल का काम भी करेंगेँ।

51 वर्ष के लक्ष्मण 5 साल से NCA के प्रमुख हैं और भारतीय क्रिकेटरों की अगली नस्ल को बखूबी जानते हैं। द्रविड़ के अवकाश पर होने पर उन्होंने सीनियर टीम की कोचिंग भी की है। उनके कोच रहते भारत ने एशियाई खेल, आस्ट्रेलिया के खिलाफ द्विपक्षीय टी20 श्रृंखला और इंग्लैंड, न्यूजीलैंड तथा आयरलैंड में श्रृंखलायें खेली है।

लक्ष्मण के चमकदार करियर की विदाई रही कड़वी

द्रविड़ की तरह लक्ष्मण को भी मैदान पर विदाई लेने का मौका नहीं मिला। अपने करियर में अधिकतर समय ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों की नाक में दम करने वाले लक्ष्मण के करियर का अंत आखिर में ऑस्ट्रेलिया दौरे के साथ ही हो गया। लक्ष्मण ने ऑस्ट्रेलिया दौरे में चार टेस्ट मैचों में 19.37 की औसत से 155 रन बनाए थे। इसके बाद भी वह भारत के घरेलू सत्र की तैयारियों में जुटे थे लेकिन न्यूजीलैंड के खिलाफ अगस्त 2009 में होने वाली टेस्ट श्रृंखला के लिए टीम में चुने जाने के बावजूद उन्होंने 18 अगस्त को अचानक संन्यास लेने की घोषणा करके सभी को चौंका दिया था।

माना जा रहा था कि चयनकर्ताओं ने लक्ष्मण को कह दिया था कि यह उनकी आखिरी श्रृंखला होगी और इस कलात्मक बल्लेबाज ने इससे पहले टेस्ट क्रिकेट छोड़ना उचित समझा।भारत के लिए कई यादगार पारियां खेलने वाले लक्ष्मण ने अपना करियर 1996 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शुरू किया था। उन्होंने 134 टेस्टों में 8781 रन बनाए जिनमें 17 शतक और 56 अर्द्धशतक शामिल हैं। लक्ष्मण ने 86 वनडे में छह शतकों के साथ 2338 रन भी बनाए।

Indial Premiere League के शेर ऑस्ट्रेलिया की A टीम के सामने 149 पर ढेर

AUSAvsINDA IPL के नामचीन खिलाड़ी जिनको भारतीय क्रिकेट का भविष्य कहा जाता है उनकी कल ऑस्ट्रेलिया की ए टीम के गेंदबाजों के सामने कलई खुल गई जब यह टीम मात्र 149 रनों पर सिमट गई। टीम में प्रभसिमरन सिंह, देवदत्त पड्डीकल, सांई सुदर्शन, कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ जैसे बल्लेबाज थे लेकिन एकदिवसीय प्रारुप में वह कुछ ना कर सके। रजत पाटीदार ने अर्धशतक लगाकर थोड़ी बहुत इज्जत बचाई।

नाथन मैकस्वीनी के शानदार शतक और तेज गेंदबाज महली बियर्डमैन की चार विकेट की बेहतरीन गेंदबाजी की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ए ने मंगलवार को तीन मैचों की सीरीज के पहले वनडे में भारत ए को 125 रन से हरा दिया।सिचेम स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए ऑस्ट्रेलिया ए की टीम एक समय 87 रन पर पांच विकेट गंवा चुकी थी।

इसके बाद मैकस्वीनी ने 135 गेंदों पर 123 रन की शानदार पारी खेली। उन्होंने कप्तान विल सदरलैंड के साथ छठे विकेट के लिए 141 रन की साझेदारी की। सदरलैंड ने 68 गेंदों पर 77 रन बनाए। दोनों की पारियों की मदद से ऑस्ट्रेलिया ए ने 48.2 ओवर में 274 रन बनाए।

भारत ए के लिए सूर्यांश शेडगे ने 40 रन देकर चार विकेट चटकाए। यश ठाकुर ने 47 रन देकर तीन विकेट लिए जबकि अरशद खान को 48 रन पर दो विकेट मिले।लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारत ए की शुरुआत बेहद खराब रही। 21 वर्षीय बियर्डमैन ने साई सुदर्शन, देवदत्त पडिक्कल और विकेटकीपर बल्लेबाज प्रभसिमरन सिंह को आउट कर भारत ए का स्कोर चौथे ओवर तक 24 रन पर तीन विकेट कर दिया।

इसके बाद बाएं हाथ के तेज गेंदबाज स्पेंसर जॉनसन ने कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ को आउट कर भारत ए को 58 रन पर चौथा झटका दिया।भारत ए की टीम 31.4 ओवर में 149 रन पर ऑलआउट हो गई। उसकी ओर से रजत पाटीदार ने सर्वाधिक 53 रन बनाए। यह उनका लिस्ट-ए क्रिकेट में 14वां अर्धशतक था। निशांत सिंधू ने 31 रन का योगदान दिया।सीरीज का दूसरा वनडे नौ अक्टूबर और तीसरा मुकाबला 11 अक्टूबर को खेला जाएगा।