वेस्टइंडीज से फिर छूटी वनडे विश्वकप की सीधी एंट्री, खेलना पड़ेगा क्वालिफायर

दो बार के वनडे वर्ल्ड कप चैंपियन वेस्टइंडीज़ को 2027 में होने वाले क्रिकेट वर्ल्ड कप में जगह बनाने के लिए एक बार फिर क्वालिफ़ाइंग टूर्नामेंट का रास्ता अपनाना होगा। 30 सितंबर 2026 को जारी आईसीसी वनडे रैंकिंग में शीर्ष आठ स्थान पर रहने वाली टीमें सीधे 2027 वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफ़ाई करेंगी। हालांकि, मेजबान देशों में शामिल दक्षिण अफ़्रीका और ज़िम्बाब्वे के लिए रैंकिंग ज़रूरी नहीं।

आयरलैंड के ख़िलाफ़ बेलफ़ास्ट में रोमांचक जीत दर्ज करने के बाद अफ़ग़ानिस्तान ने भी टॉप आठ में अपनी जगह पक्की कर ली है। उसके साथ मौजूदा चैंपियन ऑस्ट्रेलिया, भारत, न्यूज़ीलैंड, पाकिस्तान, श्रीलंका, इंग्लैंड, बांग्लादेश, दक्षिण अफ़्रीका और ज़िम्बाब्वे भी 2027 वर्ल्ड कप में जगह बना चुके हैं।

वहीं, आईसीसी वनडे रैंकिंग में 10वें स्थान पर मौजूद वेस्टइंडीज़ के पास कटऑफ तारीख़ से पहले भारत के ख़िलाफ़ दो वनडे मैच खेलने हैं। लेकिन इन दोनों मैचों में जीत हासिल करने के बावजूद वेस्टइंडीज़ शीर्ष आठ में वापसी नहीं कर पाएगा।

इसका मतलब साफ़ है कि वेस्टइंडीज़ को एक बार फिर क्वालिफ़ायर टूर्नामेंट की कठिन राह से गुज़रना होगा। यह क्वालिफ़ायर अगले साल फ़रवरी में आयोजित किया जाना है और यहीं से वेस्टइंडीज़ के पास 2027 वर्ल्ड कप का टिकट हासिल करने का एक और मौक़ा होगा। वेस्टइंडीज़ के लिए यह स्थिति नई नहीं है।

2023 वनडे वर्ल्ड कप में भी वे सीधे क्वालिफ़ाई नहीं कर पाए थे और उन्हें क्वालिफ़ायर टूर्नामेंट में हिस्सा लेना पड़ा था। हालांकि, क्वालिफ़ायर के सुपर सिक्स चरण में वेस्टइंडीज़ पांचवें स्थान पर रहा और वर्ल्ड कप में जगह बनाने में नाकाम रहा। यह क्रिकेट इतिहास में पहली बार था जब वेस्टइंडीज़ वनडे वर्ल्ड कप का हिस्सा नहीं बना।

वर्ल्ड कप से बाहर होने का असर आगे भी देखने को मिला और इसी वजह से वेस्टइंडीज़ 2025 चैंपियंस ट्रॉफी के लिए भी क्वालिफ़ाई नहीं कर सका। वह 2013 के बाद पहली बार इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट से बाहर रहा। 2027 वर्ल्ड कप के क्वालिफ़ायर में कुल आठ टीमें हिस्सा लेंगी। इनमें 30 सितंबर 2026 की वनडे रैंकिंग के आधार पर दो सबसे निचली रैंक वाली गैर-मेज़बान फ़ुल मेंबर टीमें, आयरलैंड और वेस्टइंडीज़ शामिल होंगी।

इसके अलावा क्रिकेट वर्ल्ड कप लीग 2 की शीर्ष चार टीमें और वर्ल्ड कप क्वालिफ़ायर प्लेऑफ़ की शीर्ष चार टीमें भी क्वालिफ़ायर में जगह बनाएंगी। क्वालिफ़ायर का विजेता सीधे वर्ल्ड कप के दूसरे दौर में प्रवेश करेगा। वहीं दूसरे, तीसरे और चौथे स्थान पर रहने वाली टीमों को सुपर सीरीज़ से गुज़रना होगा। इस त्रिकोणीय सीरीज़ की विजेता टीम दूसरे दौर में पहुंचेगी।वेस्टइंडीज़ के लिए 2027 वर्ल्ड कप का सफ़र एक बार फिर आसान नहीं होने वाला है। दो बार की विश्व चैंपियन टीम को पहले क्वालिफ़ायर की परीक्षा पास करनी होगी और तभी वह क्रिकेट के सबसे बड़े मंच पर वापसी कर सकेगी।

इन दो असोसिएट देशों ने विश्वकप फॉर्मेट को लेकर खोला ICC के खिलाफ मोर्चा

क्रिकेट स्कॉटलैंड और रॉयल डच क्रिकेट एसोसिएशन ने पुरुषों के वनडे वर्ल्ड कप के फ़ॉर्मेट में आईसीसी के हालिया बदलावों पर गहरी निराशा जताते हुए एक कड़ा संयुक्त बयान जारी किया है।बयान के अनुसार, दोनों बोर्डों ने अन्य एसोसिएट सदस्यों के साथ मिलकर आईसीसी से दो बार मुलाक़ात की और बदलावों के बारे में आधिकारिक लिखित जानकारी और इस प्रक्रिया के बारे में ज़्यादा स्पष्टता की मांग की।

हालाँकि, उन्होंने दावा किया कि दूसरी बैठक के दो हफ़्ते से ज़्यादा समय बीत जाने के बाद भी आईसीसी की ओर से कोई जवाब नहीं मिला है, जिसे उन्होंने “निराशाजनक” और “अनादरपूर्ण” बताया। इन बदलावों को एसोसिएट सदस्यों के लिए एक झटका मानते हुए, बयान में कहा गया है कि नया फ़ॉर्मेट “हाल के वर्षों में वैश्विक स्तर पर खेल को आगे बढ़ाने में हुई प्रगति को कमज़ोर करने का जोखिम पैदा करेगा”।

बयान में कहा गया, “ऐसे समय में जब क्रिकेट अपनी पहुँच बढ़ाना चाहता है, नए दर्शकों को आकर्षित करना चाहता है और अंतरराष्ट्रीय खेल जगत में अपनी स्थिति मज़बूत करना चाहता है, उभरते देशों के लिए सार्थक मौकों को कम करना पूरी तरह से गलत संदेश देता है।”

बोर्डों ने यह भी कहा कि महत्वपूर्ण फ़ैसले, खासकर वे जो सीधे एसोसिएट सदस्यों को प्रभावित करते हैं, उनसे सलाह लेने और “पर्याप्त सूचना” देने के बाद ही लिए जाने चाहिए ताकि उनके असर को अच्छी तरह समझा जा सके। “इन बदलावों से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की अखंडता और विश्वसनीयता कमज़ोर होने का जोखिम है, और यह मज़बूत गवर्नेंस, पारदर्शी फ़ैसला लेने की प्रक्रिया और सदस्यों के साथ प्रभावी जुड़ाव के महत्व को उजागर करता है। सदस्य और उनके खिलाड़ी वर्ल्ड कप की तैयारी में सालों लगाते हैं, और उन रास्तों पर भरोसा इस बात पर निर्भर करता है कि बिना सलाह-मशविरे के क्वालिफ़िकेशन साइकल के बीच में उन्हें बदला न जाए।”

बयान में कहा गया, “कम समय में उन ढांचों को बदलने से काफी अनिश्चितता पैदा होती है, प्लानिंग में रुकावट आती है और उन संगठनों पर अतिरिक्त ऑपरेशनल और फाइनेंशियल दबाव पड़ता है जो पहले से ही सीमित संसाधनों के साथ काम कर रहे हैं।”

पिछले महीने शुरू किए गए वनडे वर्ल्ड कप के नए फॉर्मेट में टीमों की संख्या 10 से बढ़ाकर 14 कर दी गई है, लेकिन इसमें चार राउंड भी शामिल हैं, जिसमें ग्रुप स्टेज से पहले राउंड-रॉबिन “सुपर सीरीज़” होगी। 12, 13 और 14 नंबर की टीमों में से दो टीमें राउंड 2 में आगे बढ़ेंगी और एक टीम तुरंत बाहर हो जाएगी।

नीदरलैंड और स्कॉटलैंड दोनों ही वर्ल्ड कप क्वालीफायर में पहुंच गए हैं, जो फरवरी 2027 में खेला जाएगा। इसके लिए जगह अभी तय नहीं हुई है। वनडे वर्ल्ड कप के फॉर्मेट में बदलाव से तुरंत चिंताएं पैदा हो गई हैं, खासकर इसलिए क्योंकि अगला एडिशन अगले साल अक्टूबर में शुरू होने वाला है।

बयान में आगे कहा गया, “टूर्नामेंट में अठारह महीने से भी कम समय बचा है, ऐसे में इन बदलावों के समय ने प्रभावित सदस्यों को इस प्रक्रिया में योगदान देने या उसके अनुसार ढलने का बहुत कम मौका दिया है। हमारा मानना है कि एसोसिएट सदस्यों के साथ बेहतर जुड़ाव से एक अधिक प्रभावी और सहयोगी दृष्टिकोण को बढ़ावा मिलता और क्वालिफिकेशन प्रक्रिया में भरोसा बनाए रखने में मदद मिलती।”

सौरव गांगुली और पत्नी को मिले 2 धमकी भरे पत्र, CAB में मचा हड़कंप

भारतीय एकदिवसीय और टेस्ट टीम के पूर्व कप्तान और सलामी बल्लेबाज सौरव गांगुली और उनकी पत्नी डोना को जानलेवा धमकी भरे पत्र मिलने से क्रिकेट बंगाल के दफ्तर में हड़कंप मच गया। सूत्रों की मानें तो इस पत्र की भाषा काफी हिंसक थी। 

कोरियर द्वारा भेजे गए दो पत्र अंग्रेजी भाषा में लिखे गए थे। इसके साथ ही गांगुली की पत्नी डोना और स्टाफ को भी जान से मारने की धमकी दी गई थी। गांगुली परिवार की ओर से ठाकुरपुकुर पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। इसके साथ ही पुलिस ने  त्वरित कार्यवाही शुरु कर दी हैय़

पिछले 6 माह से मिल रहे थे धमकी भरे पत्र 

पुलिस की प्रथम दृश्या जांच में यह पता लगा है कि पिछले 6 महीने से ऐसे पत्र बंगाल क्रिकेट के दफ्तर में मिल रहे थे। इस मामले को परिवार ने किसी नाराज क्रिकेट फैन की कुंठा के तौर पर लिया गया। हालांकि यह सिलसिला नहीं रुकने पर गांगुली परिवार ने बंगाल पुलिस से संपर्क किया।. 

भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 38 शतक लगाए हैं।उन्होंने 311 एकदिवसीय और 113 टेस्ट मैच खेले।अगर गांगुली के आंकड़ों पर गौर करें तो पता चलता है कि वह 30 बार 80 या 90 रन की संख्या पार करने के बाद आउट हुए। अगर वह इन पारियों को भी शतक में बदलने में सफल रहते तो उनके नाम पर 50 से अधिक शतक दर्ज होते।गांगुली ने वनडे में 72 और टेस्ट क्रिकेट में 35 अर्धशतक लगाए हैं।

विराट पर ब्रेट ली का बड़ा खुलासा, जब कोहली की बल्लेबाजी देखकर रह गए थे हैरान…बताया ये किस्सा

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज ब्रेट ली ने भारत के दिग्गज खिलाड़ी विराट कोहली की जमकर तारीफ की है। ली के मुताबिक, कुछ खिलाड़ी शुरुआत में सबसे बेहतरीन नजर नहीं आते, लेकिन उनका मजबूत सोचने का तरीका उन्हें आगे चलकर सफल बनाता है। विराट कोहली भी ऐसे ही खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं। ली ने बताया कि कोहली के शुरुआती दौर में उनकी बल्लेबाजी से ज्यादा उनकी आंखों में दिखने वाला आत्मविश्वास और जोश उन्हें प्रभावित करता था। वहीं कोहली का आक्रामक और मुकाबला करने वाला अंदाज इंटरनेशनल क्रिकेट में शुरुआती दिनों से ही दिखाई देता था।

विराट के अंदर जीतने की जबरदस्त इच्छा

ब्रेट ली के मुताबिक, विराट कोहली के अंदर शुरू से ही जीतने की जबरदस्त इच्छा थी, जिसने उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग पहचान दिलाई। ब्रेट ली ने बीयर बाइसेप्स के पॉडकास्ट पर बात करते हुए कहा, “आप इसे उनकी आंखों में देख सकते हैं। कुछ खिलाड़ियों में यह खास बात होती है। हो सकता है कि शुरुआत में उनमें ज्यादा टैलेंट न दिखे, लेकिन उनका मानसिक रवैया मजबूत होता है। उनमें यह सोच होती है कि क्या वे बाकी खिलाड़ियों से ज्यादा फोकस कर सकते हैं।”

विराट की तारीफ की

ली ने कहा, “आपने उनकी आंखें देखी हैं। वह सीधे आपकी तरफ देखते हैं और ऐसा लगता है जैसे कह रहे हों, ‘गेम शुरू हो गया है और तुम मुझे आउट नहीं कर पाओगे।’ जब मैंने उनके खिलाफ खेला था, तब मैंने यह चीज उनमें देखी थी।” पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर ने आगे कहा, “आज आप देख सकते हैं कि उनका करियर कितना शानदार रहा है।” ब्रेट ली की बातों से विराट कोहली के करियर के पीछे की सोच और मेहनत की झलक मिलती है।

बड़े क्रिकेटरों में शामिल है

ली के मुताबिक, कोहली की सफलता को सिर्फ उनके रनों और रिकॉर्ड के आधार पर नहीं देखा जाना चाहिए। भारत जैसे क्रिकेट प्रेमी देश में बड़ा स्टार बनना अपने साथ काफी दबाव भी लेकर आता है। कोहली ने इस दबाव के बीच लगातार अच्छा प्रदर्शन किया और खुद को देश के सबसे बड़े क्रिकेट सितारों में शामिल किया। उन्होंने कहा, “दूसरी बात ये है कि आप अलग-अलग दौर के खिलाड़ियों की तुलना नहीं कर सकते। जरा सोचिए कि सनी भाई ने क्या किया था। सनी गावस्कर बहुत बड़े खिलाड़ी थे। इसके बाद सचिन तेंदुलकर आए, जिन्होंने उनकी जगह लेने और उस मुकाम तक पहुंचने की कोशिश की।”

ली ने आगे कहा, “उस समय सचिन के साथ करीब 1.5 अरब लोगों की उम्मीदें जुड़ी थीं। पूरा देश उन्हें सपोर्ट करता था और उन्हें इन उम्मीदों का दबाव अपने कंधों पर उठाना पड़ता था। इसके बाद विराट कोहली आए, जिन्होंने सचिन की जगह लेने की जिम्मेदारी संभाली।”

वर्ल्ड कप 2027 के फॉर्मेट से नाराज स्कॉटलैंड और नीदरलैंड बोर्ड, आईसीसी के फैसले उठाए सवाल

इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप के क्वालिफिकेशन के फॉर्मेट अचानक बदलाव कर दिया है। क्रिकेट स्कॉटलैंड और रॉयल डच क्रिकेट एसोसिएशन (KNCB) ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप के नए फॉर्मेट को लेकर नाराजगी जताई है। दोनों बोर्ड ने कहा कि टूर्नामेंट शुरू होने में अब 18 महीने से भी कम समय बचे हैं, ऐसे में फॉर्मेट में बदलाव करना उचित नहीं है। वनडे वर्ल्ड कप 2027 टूर्नामेंट 4 अक्टूबर से 21 नवंबर 2027 तक दक्षिण अफ्रीका , जिम्बाब्वे और नामीबिया में खेला जाएगा।

वनडे वर्ल्ड कप 2027 में कुल 14 टीमें हिस्सा लेंगी, वहीं 12वें, 13वें और 14वें नंबर की टीमों को पहले क्वालिफाइंग मुकाबले खेलने होंगे। इन तीन टीमों में से सिर्फ एक टीम मुख्य टूर्नामेंट में पहुंच पाएगी। इसके बाद 12 टीमों को दो ग्रुप में बांटा जाएगा, जिसमें हर ग्रुप में 6-6 टीमें होंगी। ये टूर्नामेंट 4 अक्टूबर से 21 नवंबर 2027 तक दक्षिण अफ्रीका , जिम्बाब्वे और नामीबिया में खेला जाएगा। क्रिकेट स्कॉटलैंड और रॉयल डच क्रिकेट एसोसिएशन ने सोमवार को साझा बयान जारी कर वर्ल्ड कप के फॉर्मेट में किए गए बदलाव पर आपत्ति जताई।

फॉर्मेट को लेकर जताई नाराजगी

दोनों बोर्ड ने संयुक्त बयान में कहा, “क्रिकेट स्कॉटलैंड और रॉयल डच क्रिकेट एसोसिएशन इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल के हाल के फैसले से बहुत निराश हैं। ICC ने 50 ओवर वर्ल्ड कप के क्वालिफिकेशन सिस्टम और टूर्नामेंट के फॉर्मेट में बड़े बदलाव किए हैं, जबकि टूर्नामेंट शुरू होने में 18 महीने से भी कम समय बचा है।” बोर्ड ने आगे कहा, “ये बदलाव एसोसिएट मेंबर क्रिकेट के लिए बड़ा झटका हैं और पिछले कुछ सालों में दुनिया भर में क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए हुई प्रगति को नुकसान पहुंचा सकते हैं।”

किस प्रक्रिया के तहत हुआ बदलाव

बयान में आगे कहा गया, “जब क्रिकेट अपनी पहुंच बढ़ाने, नए दर्शकों को जोड़ने और अंतरराष्ट्रीय खेलों में अपनी जगह मजबूत करने की कोशिश कर रहा है, तब उभरती हुई टीमों के लिए मौके कम करना बिल्कुल सही संदेश नहीं देता।” CS और KNCB ने यह भी कहा कि उन्हें इस बात पर चिंता है कि वर्ल्ड कप के फॉर्मेट में बदलाव किस प्रक्रिया के तहत किए गए हैं। उन्होंने कहा, “क्रिकेट स्कॉटलैंड और KNCB क्रिकेट को दुनिया भर में मजबूत बनाने के लिए ICC और दूसरे सदस्य देशों के साथ मिलकर काम करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। हालांकि, हमें इन बदलावों के असर के साथ-साथ इन्हें लागू करने के तरीके को लेकर भी गंभीर चिंता है।”

मिलना चाहिए पर्याप्त समय

CS और KNCB ने कहा कि एसोसिएट मेंबर्स को इन बदलावों को समझने और उनकी तैयारी करने के लिए पर्याप्त समय मिलना चाहिए था। दोनों बोर्ड ने पूरी प्रक्रिया को लेकर ज्यादा स्पष्टता की मांग की है। उन्होंने कहा, “बदलावों की घोषणा के बाद क्रिकेट स्कॉटलैंड, KNCB और दूसरे एसोसिएट मेंबर्स ने ICC से दो बार मुलाकात की। इन बैठकों में बदलावों को लेकर लिखित जानकारी और पूरी प्रक्रिया के बारे में ज्यादा स्पष्टता मांगी गई।”

ICC को देना होगा जवाब

बयान में आगे कहा गया, “हमने भविष्य में फैसले लेने की प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए पॉजिटिव कदम उठाने और फुल मेंबर्स के साथ अलग-अलग प्लानिंग मीटिंग करने का भी अनुरोध किया। दो हफ्ते से ज्यादा समय पहले हुई दूसरी बैठक के बाद से ICC की ओर से कोई और जवाब नहीं मिला है। उठाए गए मुद्दों की गंभीरता को देखते हुए यह स्थिति निराशाजनक है।”

ICC से की अपील

बोर्ड ने कहा कि ICC को एसोसिएट देशों के साथ फिर से बातचीत करनी चाहिए और उनकी चिंताओं और मांगों को गंभीरता से समझना चाहिए। बयान में आगे कहा गया, “हम ICC से अपील करते हैं कि वह एसोसिएट मेंबर्स और उनकी मांगों पर फिर से ध्यान दे। साथ ही, सभी सदस्य देशों के साथ खुलकर चर्चा करे, ताकि यह तय किया जा सके कि लंबे समय में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के हितों को सबसे बेहतर तरीके से कैसे आगे बढ़ाया जा सकता है।”

‘तुम चीटिंग करते हो…’ जब फिल्ड में संगकारा से भिड़ गए थे इरफान पठान, हुई थी तीखी बहस

क्रिकेट के मैदान पर खिलाड़ियों के बीच बहस या विवाद होना आम बात है। कई बार खिलाड़ियों के बीच हुए विवाद कैमरे में कैद हो जाते हैं। वहीं कुछ घटनाएं बाद में सामने आती हैं। हाल ही में भारत के पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान ने श्रीलंका के पूर्व दिग्गज विकेटकीपर कुमार संगकारा से जुड़ी एक घटना का शेयर किया है। ये घटना साल 2005 में दिल्ली में खेले गए टेस्ट मैच के दौरान हुई थी। इस टेस्ट मैच में इरफान पठान और कुमार संगकारा के बीच कहासुनी हो गई थी। आइए जानते हैं क्या थी पूरी घटना

क्या थी पूरी घटना

ये पूरा मामला साल 2005 में दिल्ली में खेले गए टेस्ट मैच के दौरान हुआ। जब इरफान पठान और गौतम गंभीर भारतीय पारी की शुरुआत करने मैदान पर उतरे थे। पठान ने उस पारी में 93 रन बनाए थे और बल्लेबाजी के दौरान उनका कुमार संगकारा से विवाद हो गया था। पठान के मुताबिक, श्रीलंका की पारी के दौरान अंपायरों ने गेंद बदल दी थी, जिससे संगकारा और उनकी टीम के खिलाड़ी नाराज हो गए थे। बाद में जब भारत बल्लेबाजी करने उतरा तो संगकारा ने इसी बात को लेकर पठान से बहस शुरू कर दी और उन्हें लगातार स्लेज करने लगे। इस दौरान संगकारा ने भारतीय खिलाड़ियों की परवरिश को लेकर भी टिप्पणी की, जिससे मैदान पर माहौल और गर्म हो गया।

मुकाबले में मुथैया मुरलीधरन की गेंदों पर पठान के कुछ छक्के लगाने के बाद स्लेजिंग और बढ़ गई। पठान ने भी उनकी बातों को नजरअंदाज नहीं किया और उसी अंदाज में जवाब दिया।

पठान ने किया खुलासा

JioHotstar के शो ‘Cheeky Singles’ में बात करते हुए इरफान पठान ने कहा, “दिल्ली में एक टेस्ट मैच था। मैंने उस मैच में ओपनिंग की और 93 रन बनाए। पहली पारी के बाद जब हम गेंदबाजी करने उतरे, तो गेंदों का बॉक्स बदल गया था या ऐसा ही कुछ हुआ था। इस वजह से श्रीलंकाई खिलाड़ी खुश नहीं थे और संगकारा इस बारे में सबसे ज्यादा बोल रहे थे। इसके बाद जब मैं बल्लेबाजी करने गया तो मुझे बिल्कुल नहीं पता था कि क्या हुआ है। मुझे ओपनिंग करने के लिए कहा गया और मैंने मुरलीधरन की गेंदों पर दो छक्के लगा दिए।”

तुम्हारे माता-पिता तुम्हें यह सब सिखाते हैं?

पठान ने आगे कहा, “अगर आप नई गेंद पर छक्के लगा रहे हैं, तो इसका मतलब है कि आपने विरोधी टीम की रणनीति को थोड़ा बिगाड़ दिया है। तभी संगकारा ने कहना शुरू किया, ‘तुम लोग चीटिंग करते हो, तुम्हारे माता-पिता तुम्हें यह सब सिखाते हैं’ और ऐसी ही कई बातें कहीं। वह बातों को पर्सनल ले गए और मैंने भी उन्हें जवाब दिया। उन्होंने ही इस बहस की शुरुआत की थी।” इस मैदान पर हुए विवाद के बाद दोनों खिलाड़ियों के रिश्ते में बड़ा बदलाव आया।

फिर साथ में खेला आईपीएल

कुछ साल बाद इरफान पठान और कुमार संगकारा एक ही आईपीएल टीम किंग्स XI पंजाब का हिस्सा बने, जिसके बाद दोनों के बीच अच्छी दोस्ती हो गई। उन्होंने कहा, “ऑक्शन के बाद मुझे पता चला कि मैं पंजाब में संगकारा के साथ खेलूंगा। कुछ समय बाद मैं उनके परिवार के साथ खाना खा रहा था और मुझे समझ नहीं आ रहा था कि उनसे कैसे बात करूं। आखिरकार मैं उनके पास गया और सॉरी कहा। उन्होंने भी मुझसे माफी मांगी और इसके बाद हम अच्छे दोस्त बन गए। उस समय भावनाएं काफी ज्यादा थीं और ऐसी स्थिति में इंसान से गलतियां हो जाती हैं। सबसे जरूरी बात यह है कि आप उस स्थिति को कितनी समझदारी से संभालते हैं।”

‘अगर मुझे कॉल आता है तो मैं मना…’ टीम इंडिया में वापसी की खबरों पर भुवनेश्वर कुमार ने तोड़ी चुप्पी

40 एकड़ की जमीन पर बने Centre of Excellence में है 3 क्रिकेट ग्राउंड 40 नेट पिच, 16 हजार Sq Ft का जिम (Video)

बीते कुछ दिनों में बैंगलूरू स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस अच्छी खबरों में नहीं रहा है। जिन खिलाड़ियों को फिटनेस सर्टिफिकेट बांटे जाते हैं वह मैदान पर आकर अनफिट हो जाते हैं। लेकिन 9 अगस्त को  भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने 2 साल पूरे किए और क्रिकेटर्स को दी जाने वाली तमाम सुविधाएं ही इसकी उपलब्धि है। इस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में 3 बड़े क्रिकेट ग्राउंड है जिसमें अंतरराष्ट्रीय अभ्यास मैच हो चुके हैं। 40 नेट पिच और 33 सेंटर विकेट्स हैं। 8 लेन का इनडोर प्रेक्टिस एरिया है और 16 हजार Sq Ft का जिम है।इसका वीडियो भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर अपलोड किया।

बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में मीडिया से बातचीत में सचिव देवजीत सैकिया ने कहा, ‘‘उन्होंने बीसीसीआई की शीर्ष परिषद के सभी सदस्यों को साथ लिया और दृढ़ निर्णय किया कि इस परिसर का निर्माण युद्धस्तर पर किया जाना चाहिए। हमें राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी की पुरानी और अस्थायी व्यवस्था से आगे बढ़ने की जरूरत थी।’’ काम शुरू करने के लिए जरूरी कानूनी अड़चनों को दूर करने के लिए शाह कई बार व्यक्तिगत रूप से यहां आए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘जब कोई बड़ी परियोजना शुरू करनी होती है तो कई नियमों का पालन करना पड़ता है। इसके अलावा जमीन को नियमित कराना भी जरूरी था। इन सभी कानूनी अड़चनों को दूर करने के लिए जय कई मौकों पर खुद यहां आए।’’ यह सबसे बड़ी चुनौती थी, क्योंकि 40 एकड़ की यह जमीन लंबे समय से खाली पड़ी थी और कई लोग इसे वापस लेना चाहते थे। इसलिए 14 फरवरी 2022 को काम शुरू होने से पहले हर चीज को मंजूरी दिलाना जरूरी था।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ बदलाव का दौर चुनौतीपूर्ण था। उस समय रोजर बिन्नी अध्यक्ष थे और हमने वीवीएस लक्ष्मण की भी मदद ली, जो उस समय इस पूरी योजना का हिस्सा बन चुके थे।’’

लक्ष्मण ने भी उस लंबे सफर को याद किया, जिसके लिए वह हैदराबाद से बेंगलुरु आए थे। उन्होंने बताया कि 2021 में जय शाह और तत्कालीन बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली ने उनसे संपर्क किया था। उस समय राहुल द्रविड़ भारतीय टीम के मुख्य कोच बनने जा रहे थे और बोर्ड राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी में निरंतरता बनाए रखना चाहता था।

लक्ष्मण ने कहा, ‘‘मेरे लिए यह कठिन फैसला था। लेकिन एक क्रिकेटर के तौर पर मेरा हमेशा मानना रहा है कि जिन पूर्व खिलाड़ियों को इस महान खेल से लाभ मिला है, उनकी जिम्मेदारी है कि वे खेल के लिए अपना योगदान वापस दें। इसी सोच के साथ मैं दिसंबर 2021 में बेंगलुरु आ गया।’’ पूर्व भारतीय बल्लेबाज ने पूरी परियोजना के दौरान शाह के मार्गदर्शन को याद करते हुए कहा, ‘‘करीब दो साल के भीतर पूरा बुनियादी ढांचा तैयार होकर काम करने लगा। इसका बड़ा श्रेय जय शाह को जाता है। वह उस समय बीसीसीआई सचिव थे और मैंने खुद देखा कि वह आर्किटेक्ट और L&T की टीम के साथ होने वाली हमारी विभिन्न बैठकों में कितनी दिलचस्पी लेते थे। उनका प्रयास रहता था कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के हर पहलू का ध्यान रखा जाए।’’

लक्ष्मण ने कहा, ‘‘यह देखकर अच्छा लगता है कि जो दृष्टिकोण था, उसे हकीकत में बदला गया। मेरा मानना है कि सभी नेतृत्व करने वालों के पास विजन होता है, लेकिन वह विजन तभी सार्थक होता है जब उसे वास्तविकता में बदला जाए। हमने नवंबर 2024 में उस विजन को वास्तविकता के रूप में देखा।’

जब गुरु ही बन जाएं विरोधी खेमे की ताकत! कभी टीम इंडिया को बनाया चैंपियन, अब उसी को हराने की तैयारी

भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट सीरीज का मंच तैयार है। पहला मुकाबला 15 अगस्त से गॉल इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाना है। इससे पहले भारतीय टीम ने तीन दिवसीय वार्म-अप मैच में श्रीलंका क्रिकेट XI को 6 विकेट से हराकर अपनी तैयारियों का अच्छा संकेत दिया। हालांकि इस मुकाबले में एक चेहरा ऐसा भी था, जिसने भारतीय फैंस का खास ध्यान खींचागैरी कर्स्टन। कभी टीम इंडिया को वर्ल्ड कप जिताने वाले कर्स्टन अब श्रीलंका के खेमे में हैं और आगामी टेस्ट सीरीज में भारत के खिलाफ रणनीति तैयार करेंगे।

 

बाउंड्री पर खड़े रहे कर्स्टन, भारतीय खिलाड़ियों पर रही पैनी नजर

 

रविवार को कर्स्टन एनसीसी ग्राउंड पहुंचे, जहां भारत अपना वार्म-अप मुकाबला खेल रहा था। वह काफी देर तक बाउंड्री के पास खड़े होकर भारतीय खिलाड़ियों की गतिविधियों पर नजर रखते दिखाई दिए।

 

वह मैदान पर ज्यादा सक्रिय नजर नहीं आए, लेकिन उनकी मौजूदगी अपने आप में चर्चा का विषय बन गई। कर्स्टन ने कुछ भारतीय खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ से बातचीत भी की। इस दौरान वह लगातार मैच और स्कोरबोर्ड पर नजर बनाए हुए थे।

 

भारतीय टीम के स्पिनर मानव सुथार और थ्रोडाउन स्पेशलिस्ट रघु से भी उनकी बातचीत हुई। कर्स्टन का सुथार और साई किशोर जैसे खिलाड़ियों से पुराना परिचय रहा है, खासकर गुजरात टाइटन्स के साथ उनके समय के कारण।

जिस टीम को वर्ल्ड कप जिताया, अब उसी के खिलाफ बनाएंगे रणनीति

 

गैरी कर्स्टन का भारतीय क्रिकेट से रिश्ता बेहद खास रहा है। 2008 से 2011 तक वह टीम इंडिया के हेड कोच रहे और उनके कार्यकाल में भारतीय टीम ने कई बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं। सबसे यादगार पल आया 2011 में, जब एमएस धोनी की कप्तानी वाली टीम इंडिया ने श्रीलंका को हराकर 28 साल बाद वनडे वर्ल्ड कप अपने नाम किया। उसी दौर में भारत पहली बार टेस्ट रैंकिंग में नंबर-1 भी बना।

 

अब कहानी पूरी तरह बदल चुकी है। जिस टीम की कमजोरियों और ताकत को समझना कभी कर्स्टन की जिम्मेदारी थी, अब उसी टीम के खिलाफ उन्हें श्रीलंका की रणनीति तैयार करनी है।

 

गैरी के सामने होंगे उनके पुराने खिलाड़ी और नया कोच

 

कर्स्टन के लिए यह मुकाबला इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि भारतीय टीम के मौजूदा हेड कोच गौतम गंभीर भी उनके पुराने खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं।एक समय कर्स्टन की कोचिंग में खेलने वाले गंभीर अब टीम इंडिया के ड्रेसिंग रूम की कमान संभाल रहे हैं। यानी एक तरफ पुराने गुरु कर्स्टन श्रीलंका को तैयार कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ उनका पुराना खिलाड़ी गंभीर भारत की रणनीति बनाएगा।

 

क्रिकेट में ऐसे रिश्ते मुकाबले को और दिलचस्प बना देते हैं।

 

207 रन का टारगेट, आखिरी ओवर में भारत ने मारी बाजी

 

वार्म-अप मैच के तीसरे दिन भारत के सामने 207 रन का लक्ष्य था। भारतीय बल्लेबाजों ने दबाव के बीच लक्ष्य का पीछा किया और दिन के आखिरी ओवर में 6 विकेट से मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस जीत से टीम इंडिया को टेस्ट सीरीज से पहले परिस्थितियों के साथ तालमेल बैठाने का अच्छा मौका मिला। वहीं श्रीलंका को भी भारत के खिलाफ अपनी तैयारियों को परखने का मौका मिला।

 

सरफराज की वापसी, सुदर्शन सीरीज से बाहर

 

टेस्ट सीरीज शुरू होने से पहले भारतीय टीम में बदलाव भी हुआ है। चोट के कारण साई सुदर्शन पूरी सीरीज से बाहर हो गए हैं, उनकी जगह सरफराज खान को टीम में शामिल किया गया है।

 

सरफराज ने नवंबर 2024 के बाद कोई टेस्ट मैच नहीं खेला है। ऐसे में उनके पास खुद को फिर से टेस्ट टीम में स्थापित करने का मौका होगा।

 

वहीं, शुभमन गिल को भी लेकर टीम के लिए राहत की खबर आई। अभ्यास के दौरान चोटिल होने के कारण वह शुरुआती दो दिन वार्म-अप मैच में नहीं उतरे थे, लेकिन तीसरे दिन उन्होंने बल्लेबाजी की।

 

WTC पॉइंट्स टेबल के लिहाज से भी अहम है सीरीज

 

भारत और श्रीलंका के बीच होने वाली यह टेस्ट सीरीज वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 के लिहाज से भी काफी महत्वपूर्ण है। टीम इंडिया फिलहाल टॉप-4 से बाहर है और दोनों टेस्ट जीतकर अपनी स्थिति मजबूत करना चाहेगी।

 

श्रीलंका के लिए भी यह सीरीज बड़ी चुनौती है। खास बात यह है कि भारत के खिलाफ श्रीलंका ने अब तक जो 7 टेस्ट जीते हैं, वे सभी अपनी घरेलू जमीन पर आए हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि गॉल में कर्स्टन की रणनीति भारी पड़ती है या फिर गंभीर की टीम पुराने गुरु को उनके ही घर में मात देने की कहानी लिखती है।

 

9 में से भारतीय टीम को कितने टेस्ट जीतने होंगे WTC Final में पहुंचने के लिए

Young Test Team

मौजूदा विश्व टेस्ट चैंपियनशिप चक्र में अभी भी 27 में से 15 सीरीज़ खेली जानी बाक़ी हैं। ऐसे में अगले कुछ महीनों में टेस्ट क्रिकेट केंद्र में रहेगा, क्योंकि टीमें 9 से 13 जून 2027 तक द ओवल में होने वाले फ़ाइनल में जगह बनाने की होड़ में जुटी होंगी।

पिछले दो डब्ल्यूटीसी चक्रों में चार फ़ाइनलिस्ट टीमों में से तीन ने 65 प्रतिशत से अधिक अंक प्रतिशत के साथ फ़ाइनल में जगह बनाई थी। एकमात्र अपवाद भारत था, जिसने 2023 में 58.8 फीसदी अंक प्रतिशत के साथ फ़ाइनल खेला था। 2025 में दोनों फ़ाइनलिस्ट टीमों के पास 67 से अधिक अंक प्रतिशत था।

भारत की स्थिति पर एक नजर:

टेस्ट 9
जीत 4
हार 4
ड्रॉ 1
अंक प्रतिशत 48.15

आगामी सीरीज़:

श्रीलंका (विदेशी धरती पर) 2 टेस्ट
न्यूज़ीलैंड (विदेशी धरती पर) 2 टेस्ट
ऑस्ट्रेलिया (घरेलू धरती पर) 5 टेस्ट

पिछले साल दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ घरेलू मैदान पर मिली 2-0 की हार ने भारत को मुश्किल स्थिति में डाल दिया है।60 अंक प्रतिशत तक पहुंचने के लिए भारत को बाक़ी नौ टेस्ट में 78 और अंक चाहिए। इसका मतलब है छह जीत और दो ड्रॉ (80 अंक) या सात जीत (84 अंक)। इनमें से पांच टेस्ट ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ होंगे, जिसके विरुद्ध भारत ने 2008 से अब तक घरेलू मैदान पर पिछली पांच सीरीज़ में 12-2 का रिकॉर्ड बनाया है।

हालांकि हालिया घरेलू प्रदर्शन चिंताजनक रहा है। भारत को न्यूज़ीलैंड और दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ क्रमशः 3-0 और 2-0 से सीरीज़ गंवानी पड़ी थी। ऐसे में ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध बेहतर प्रदर्शन अनिवार्य होगा।

पिछले WTC चक्र में फ़ाइनलिस्ट टीमों का अंक प्रतिशत 69.44 (दक्षिण अफ़्रीका) और 67.54 (ऑस्ट्रेलिया) था। सात जीत और दो हार भारत को 62.96 प्रतिशत तक ले जाएंगी, जबकि आठ जीत और एक हार के साथ वह 68.52 प्रतिशत पर पहुंचेगा।यानी भारत के पास अब ग़लती की बहुत कम गुंजाइश बची है।

त्रिकोणीय मुकाबले ने भारत को डाला मुश्किल में

न्यूजीलैंड अगर इंग्लैंड से 2-1 या 3-0 से टेस्ट सीरीज हार जाती तो भारत के फायदे की बात होती लेकिन न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड को 2-1 से सीरीज हराकर भारत की स्थिति थोड़ी और मुश्किल कर दी है। फिलहाल मुकाबला 3 टीमों ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड के बीच लग रहा है। भारत के लिए 9 में से जो 2 सबसे ज्यादा मुश्किल मुकाबले हैं वह न्यूजीलैंड के खिलाफ ही देखने को मिलेंगे। अन्य 7 में शायद भारत को उतनी मुश्किल ना हो क्योंकि श्रीलंका से भारत अभ्यास मैच जीता है और ऑस्ट्रेलिया भारतीय धरती पर बोर्डर गावस्कर ट्रॉफी खेलेगी।

छक्कों की हैट्रिक लगाकर DSP सिराज ने श्रीलंका को अभ्यास मैच में हराया (Video)

मोहम्मद सिराज श्रीलंका के खिलाफ उतरते साथ ही एक भिन्न गेंदबाज और एक भिन्न खिलाड़ी लगने लगते हैं। एशिया कप फाइनल में श्रीलंका के खिलाफ आधा दर्जन विकेट निकालकर मेजबान टीम को 50 रनों पर समेटने में अहम भूमिका निभाने वाले सिराज ने कल अभ्यास मैच में 3 लगातार छक्के और एक चौका मारकर भारतीय टीम को श्रीलंका के खिलाफ 3 दिवसीय अभ्यास मैच में जीत दिला दी।

जीत के लिए 207 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने 45 ओवर में चार विकेट पर 214 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम किया। सिराज ने महज 15 गेंदों में लगातार तीन छक्कों की मदद से नाबाद 32 रन ठोके।

पहली पारी में खाता खोले बिना आउट होने वाले जायसवाल ने दूसरी पारी में जोरदार वापसी की। उन्होंने केवल 46 गेंदों पर 61 रन की तेजतर्रार पारी खेली। लक्ष्य का पीछा करते हुए जायसवाल और गिल ने पहले विकेट के लिए 105 रन की आक्रामक साझेदारी कर भारत को तेज शुरुआत दिलाई। जायसवाल अर्धशतक पूरा करने के बाद रिटायर्ड हुए, ताकि टीम के अन्य बल्लेबाजों को भी अभ्यास का पर्याप्त मौका मिल सके।

अंगुली की चोट के कारण मैच के शुरुआती दो दिन मैदान से बाहर रहे कप्तान गिल ने वापसी करते हुए 44 रन बनाए। वह स्पिनर केशरा नुवांथा की गेंद पर आउट हुए। गिल की प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी भारत के लिए श्रीलंका के खिलाफ आगामी पहले टेस्ट से पहले बड़ी सकारात्मक खबर रही।

ध्रुव जुरेल ने 17 रन का योगदान दिया, जबकि ऋषभ पंत ने धैर्यपूर्ण 28 रन की पारी खेली। एक समय भारत का स्कोर तीन विकेट पर 155 रन हो गया था।निचले क्रम के बल्लेबाजों ने अंतिम सत्र में जीत की औपचारिकता पूरी की जहां सिराज के बल्ले से अंतिम ओवर में लगे लगातार तीन छक्कों ने भारतीय खेमे का पूरा मनोरंजन किया।

इससे पहले श्रीलंका क्रिकेट एकादश ने अपनी दूसरी पारी 45 ओवर में छह विकेट पर 200 रन बनाकर घोषित कर दी थी और भारत के सामने 207 रन का लक्ष्य रखा था।सलामी बल्लेबाज निशान मदुश्का ने 73 गेंदों पर 63 रन की सर्वाधिक पारी खेली। पहली पारी में भी उन्होंने अर्धशतक लगाया था। निपुन धनंजया ने 46 और अंजला बंडारा ने 35 रन बनाए।

भारत की ओर से रवींद्र जडेजा और गुरनूर बराड़ ने दो-दो विकेट लिए, जबकि मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा को एक-एक सफलता मिली।इससे पहले श्रीलंका क्रिकेट एकादश के आठ विकेट पर 363 रन घोषित करने के जवाब में भारत ने अपनी पहली पारी छह विकेट पर 357 रन बनाकर घोषित की थी।