ऑस्ट्रेलियाई पिच पर इस बांग्लादेशी ने अभ्यास मैच में जड़ा लाल गेंद के खिलाफ नाबाद शतक (Video)

AUSvsBAN ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2 टेस्ट मैचों की सीरीज खेलने ऑस्ट्रेलिया गई बांग्लादेश के लिए क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया एकादश के खिलाफ अभ्यास मैच औसत से बेहतर रहा।  बांग्लादेश जो अभी जिम्बाब्वे के खिलाफ टेस्ट मैच हारकर आ रही है। उस टीम ने क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया एकादश के सामने बल्ले और गेंद से कुछ चुनौती पेश की।

डारविन के मरारा क्रिकेट ग्राउंड पर टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी बांग्लादेश की शुरुआत ठीक नहीं रही। टीम नियमति अंतराल पर विकेट गंवाती रही। एक समय बांग्लादेश के 6 विकेट 110 रनों पर गिर गए थे। लेकिन इसके बाद ऑलराउंडर मेहंदी हसन मिराज ने पुछल्ले बल्लेबाजों के साथ छोटी छोटी साझेदारी कर स्कोर को 263 रनों तक पहुंचाया।

मेहंदी हसन मिराज ने 141 गेंदों में नाबाद 109 रन बनाए जिसमें 11 चौके और 4 छक्के शामिल थे। मिराज के अलावा किसी बांग्लादेशी बल्लेबाज ने 50 रन भी नहीँ बनाए। उनके बाद कप्तान शांटो ही रहे जिन्होंने 37 रनों की पारी खेली। बांग्लादेश की पारी 75.5 ओवर्स में 263 रनों पर सिमट गई।

ऑस्ट्रेलिया का तेज गेंदबाजी आक्रमण अनुभवहीन था। फिर भी ऐसे शतक को मिराज लंबे समय तक याद रखेंगे। ऑस्ट्रेलिया की ओर से  कॉरी रोकीचोली को सर्वाधिक 6 विकेट मिले। अन्य गेंदबाजों को 1-1 विकेट मिला।

बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत भी ठीक नहीं रही। टीम ने सिर्फ 1 रन पर अने दोनों सलामी बल्लेबाज गंवा दिए। सैम कॉन्सटास एक और कैंबेल केलावे 0 पर आउट हो गए। इसके बाद कप्तान कुर्टिस पैटरसन और जोश फिलिप के बीच नाबाद 50 रनों की साझेदारी हुई। अभी ऑस्ट्रेलिया बांग्लादेश से 212 रन पीछे है।

घसियाली पिच पर अभ्यास मैच खिलाने पर भारतीय टीम हुई श्रीलंका पर नाराज (Video)

INDvsSL टेस्ट सीरीज से पहले अमूमन मेजबान टीमें मेहमान टीमों को अभ्यास मैच में वह स्थिति या पिच नहीं देती है जो मुख्य मैच में होती है। यह किसी भी मेजबान टीम की रणनीति का हिस्सा होता है। हालांकि पिच मुख्य मैच से थोड़ी बहुत मिलती जुलती है।

लेकिन श्रीलंका क्रिकेट ने मुख्य मैच से इतर स्पिन मुफीद पिच ना देकर अभ्यास मैच में भारत के खिलाफ घसियाली पिच देकर एक नया विवाद खड़ा कर लिया है। भारतीय टीम श्रीलंका आते साथ ही इस बात पर नाराज हो गई है। इस विवाद पर श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने सफाई दी है कि पिच पर भले ही घास हो लेकिन पिच बल्लेबाजी के लिए मुफीद है।

हाल के दिनों में घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट श्रृंखलाओं में भारतीय बल्लेबाजों की सबसे बड़ी कमजोरी बेहतर स्पिन गेंदबाजी के सामने उजागर हुई थी। श्रीलंका के खिलाफ भी परिस्थितियां कुछ अलग नहीं होंगी।श्रीलंका के पास विशेष रूप से घरेलू परिस्थितियों में प्रभावी स्पिन आक्रमण है। ऐसे में 15 अगस्त से गॉल में खेले जाने वाले पहले टेस्ट से पहले यह अभ्यास मैच भारतीय बल्लेबाजों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

ऐसे में जब टीम को अभ्यास मैच में अलग और पहले टेस्ट मैच में अगल पिच मिलेगी तो टीम के लिए अभ्यास ना के बराबर होगा।कप्तान शुभमन गिल, लोकेश राहुल और यशस्वी जायसवाल जैसे प्रमुख बल्लेबाज श्रीलंका रवाना होने से पहले अपने-अपने घरेलू अभ्यास केंद्रों पर स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ अभ्यास कर चुके हैं, लेकिन श्रीलंकाई पिचों पर मैच जैसी परिस्थितियों में खेलने का अनुभव उससे कहीं अधिक उपयोगी होगा।इस कारण पिच का बर्ताव महत्वपूर्ण हो जाता है।

गुरनूर बराड़ और सारांश जैन ने पिछले महीने गॉल में भारत ‘ए’ की ओर से श्रीलंका ‘ए’ के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया था। दोनों खिलाड़ी इस अभ्यास मैच में भी अच्छा प्रदर्शन कर अपनी तैयारी को और मजबूत करना चाहेंगे।

सिर्फ पिच ही नहीं बल्कि मौसम भी भारतीय टीम के लिए परेशानी का सबब बन सकता है। मौसम  भारत की तैयारियों में बाधा बन सकता है। मौसम विभाग ने शुक्रवार से शहर में रुक-रुक कर बारिश होने का अनुमान जताया है।

भारतीय टीम इस प्रकार है: शुभमन गिल (कप्तान), केएल राहुल (उपकप्तान), साई सुदर्शन, यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर),रविंद्र जडेजा , कुलदीप यादव, मानव सुथार, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, देवदत्त पडिक्कल, सारांश जैन


जानिए आखिरी बार भारत श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट और सीरीज कब हारा था

भारत की टीम श्रीलंका पहुंच चुकी है और वहां जाकर अभ्यास सत्र में पसीना भी बहा रही है। भारत की टीम श्रीलंका पर हमेशा भारी पड़ी है। इसका अंदाजा इस ही बात से लगाया जा सकता है कि श्रीलंका ने भारत को आखिरी बार टेस्ट मैचों में 11 साल पहले अपने मैदान पर हराया था। दिलचस्प बात यह है कि टीम को यह जीत 15 अगस्त 2015 को मिली थी और 15 अगस्त को ही पहला टेस्ट इस ही मैदान पर शुरु होने वाला है। यह टेस्ट भी सीरीज का पहला ही टेस्ट था। हालांकि भारत ने अगले 2 टेस्ट जीतकर सीरीज पर 2-1 से कब्जा बनाया था।इसके अलावा श्रीलंका टीम ने आखिरी बार भारत को 2001 में अपने घरेलू मैदान पर हराया था।

11 साल पहले 176 रनों का पीछा करते हुए 112 रनों पर सिमट गई थी भारत

टीम इंडिया के पास 69वें स्वतंत्रता दिवस के शुभ अवसर पर देशवासियों को जीत का शानदार तोहफा देने का मौका था, लेकिन शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों के शर्मनाक प्रदर्शन से भारत को श्रीलंका के खिलाफ पहले क्रिकेट टेस्ट के चौथे दिन 63 रन से पराजय का सामना करना पड़ा।भारत को जीत के लिये 176 रन का लक्ष्य मिला था लेकिन टीम इंडिया ने तत्कालीन सर्वश्रेष्ठ लेफ्ट आर्म स्पिनर रंगना हेरात के सामने घुटने टेक दिए और पूरी टीम 49.5 ओवर में 112 रन पर ढेर हो गई।

हेरात ने करिश्माई गेंदबाजी करते हुए अकेले अपने दम पर मैच का नक्शा पलट दिया और 21 ओवर की घातक गेंदबाजी मे 48 रन पर सात विकेट लेकर जीत श्रीलंका की झोली में डाल दी। ऑफ स्पिनर थारिंडू कौशल ने हेरात का बखूबी साथ निभाते हुए 17.6 ओर में 47 रन पर तीन विकेट लिए। हेरात को पहली पारी में कोई विकेट नहीं मिला था, लेकिन दूसरी पारी में उन्होंने भारतीय उम्मीदों पर कहर बरपा दिया।

भारत ने मैच के पहले तीन दिन अपना दबदबा बनाया था, लेकिन चौथे दिन की सुबह बाजी भारत के हाथ से निकल कर श्रीलंका के पास चली गई।लोकेश राहुल शुक्रवार को पांच रन बनाकर आउट हुए थे, जबकि चौथे दिन नाइट वाचमैन इशांत शर्मा दस, रोहित शर्मा चार, कप्तान विराट कोहली तीन, शिखर धवन 28, रिद्धिमान साहा दो, हरभजनसिंह एक, रविचंद्रन अश्विन तीन और अजिंक्य रहाणे 36 रन बनाकर निपट गए। रहाणे ने 76 गेंदों की अपनी पारी में चार चौके लगाए जबकि शिखर ने 83 गेंदों पर 28 रन में तीन चौके लगाए।

जीत का लक्ष्य मुश्किल नहीं था, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने खुद पर अनावश्यक दबाव बनाते हुए श्रीलंकाई स्पिनरों खासकर हेरात को हावी होने का मौका दे दिया। भारत ने कल के एक विकेट पर 23 रन से आगे खेलना शुरू किया, शिखर 13 और नाइटवाचमेन इशांत पांच रन पर नाबाद रहे।

हेरात ने सुबह इशांत को पगबाधा कर जो कहर बरपाना शुरू किया वह भारतीय पारी के शर्मनाक अंत तक जारी रहा। रोहित शर्मा दूसरी पारी में भी फ्लाप रहे, पहली पारी मे नौ रन पर सिमटने में रोहित दूसरी पारी में चार रन ही बना सके। हेरात ने उन्हें बोल्ड कर दिया।

पहली पारी में शानदार 103 रन बनाने वाले कप्तान विराट कोहली ऑफ स्पिनर कौशल की गेंद पर कौशल सिल्वा को कैच थमा बैठे। भारत का चौथा विकेट 45 के स्कोर पर गिरा। एक छोर पर टिककर खेल रहे शिखर ने आखिर कौशल की गेंद पर अपना धैर्य खोया और आगे बढ़कर खेलने की कोशिश में गेंदबाज को रिटर्न कैच थमा बैठै। विकेट कीपर सिद्धिमान साहा हेरात की गेंद को कतई समझ नहीं पाये और विकेटकीपर दिनेश चांडीमल ने उन्हें स्टम्प कर दिया। हरभजन को हेरात ने फारवर्ड शार्ट लेग पर सिल्वा के हाथों कैच करा दिया।

भारत के सात विकेट 68 रन पर गिर चुके थे और उसकी हार तय हो चुकी थी। भारतीय बल्लेबाजों ने एक भी साझेदारी करने की कोशिश नहीं की वर्ना मैच का परिणाम कुछ और ही होता। रहाणे एक छोर पर जैसे हारी हुई लड़ाई लड़ रहे थे और दूसरे छोर पर उनका साथ देने के लिये कोई बल्लेबाज मौजूद नहीं था। अश्विन ने हेरात की गेंद पर धमिका प्रसाद को कैच थमाया और भारत का आठवां विकेट 81 के स्कोर पर गंवा दिया।

रहाणे भारत के स्कोर को 100 के पार तक तो ले गये लेकिन फिर हेरात ने उनकी संघर्षपूर्ण पारी का काम तमाम कर दिया। रहाणे 97 गेंदों में 36 रन बनाकर टीम के 102 के स्कोर पर आउट हुए। अमित मिश्रा ने 15 रन बनाने के बाद जैसे ही कौशल की गेंद पर दिमुथ करुणारत्ने को कैच थमाया भारतीय पारी में 49.5 ओवर में 112 रन पर ढेर हो गई।

गाले टेस्ट इस परिणाम के बाद दो हिस्सों में बांटा जा सकता है। पहले हिस्से में भारत के लिए अश्विन के दस विकेट, शिखर और विराट के पहली पारी में शतक और मैच में रहाणे के आठ कैच के विश्व रिकॉर्ड को रखा जा सकता है तो दूसरी तरफ श्रीलंका की दूसरी पारी में चांडीमल के नाबाद 162 रन और हेरात के 48 रन पर सात विकेट को रखा जा सकता है।

मैच में नाबाद 162 रन की निर्णायक पारी खेलने वाले चांडीमल को मैन ऑफ द मैच घोषित किया गया। जिन्होंने श्रीलंका को पारी की हार के संकट से बाहर निकालकर मैच में लड़ने लायक स्थिति में पहुंचाया और फिर हेरात के करिश्मे ने टीम इंडिया की तीन दिन की तमाम मेहमन पर पानी फेर दिया। भारतीय कप्तान विराट ने भी मैच के बाद स्वीकार किया कि दबाव में टीम इंडिया अच्छा नहीं खेली और यही उसकी हार का सबसे बड़ा कारण रहा।

2001 में श्रीलंका दौरे पर गई टीम इंडिया ने 1-2 से गंवाई थी सीरीज

वहीं साल 2001 में तत्कालीन टेस्ट कप्तान सौरव गांगुली के नेतृत्व में श्रीलंका के खिलाफ टीम इंडिया को 1-2 से टेस्ट सीरीज गंवानी पड़ी थी। श्रीलंका ने पहला टेस्ट दस विकेटों से जीता था। दूसरे टेस्ट को 7 विकेट से जीतने के बाद टीम इंडिया ने वापसी की। तीसरे टेस्ट में श्रीलंका ने भारत को पारी से शर्मनाक हार थमाते हुए सीरीज जीती। इस सीरीज के मैन ऑफ द सीरीज मुथैया मुरलीधरन थे।

शाकिब अल हसन के घर पेट्रोल बम से हमला, फेंके गए पत्थर (Video)

Shakib al hasan

बांग्लादेश क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और दिग्गज ऑलराउंडर शाकिब अल हसन के बांग्लादेश के मगुरा जिले में स्थित उनके घर पर अज्ञात लोगों ने हमला कर दिया। इस हमले में ना केवल पेट्रोल बम बल्कि घरों पर पत्थर फेंके गए। इसके अलावा घर को आग लगाने की भी कोशिश हुई।

शेख हसीना के नेतृत्व वाली सरकार के सत्ता से हटने के बाद से सुरक्षा कारणों और अपने खिलाफ चल रहे कानूनी मामलों की वजह से अवामी लीग के सांसद शाकिब बांग्लादेश नहीं लौटे हैं।हालांकि बांग्लादेश के इस महान खिलाड़ी को उम्मीद है कि क्रिकेट से संन्यास लेने से पहले वह अपने देश के लिए एक आखिरी मैच जरूर खेलेंगे।

शाकिब का रहा भारत समर्थित विमर्श

पूर्व कप्तान शाकिब अल हसन ने इस साल की शुरुआत में भारत में हुए टी20 विश्व कप से बांग्लादेश के बाहर रहने को एक ‘बड़ी गलती’ करार किया और उम्मीद जताई है कि अगर दोनों टीम कुछ श्रृंखला खेलती हैं तो उनके बीच क्रिकेट के रिश्ते बेहतर हो सकते हैं।

बांग्लादेश ने अपने तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल टीम कोलकाता नाइट राइडर्स से बाहर किए जाने के बाद टी20 विश्व कप के लिए भारत का दौरा नहीं किया था जिसकी मेजबानी भारत और श्रीलंका ने मिलकर की थी। जिसके बाद बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को टूर्नामेंट में शामिल किया गया।शाकिब ने कोलकाता नाइट राइडर्स और सनराइजर्स हैदराबाद के लिए आईपीएल के नौ सत्र खेले हैं।


शाकिब  जनवरी 2024  से अगस्त तक अवामी लीग के सांसद थे, उसके बाद छात्रों के नेतृत्व वाली क्रांति में सरकार गिर गई थी। हसीना 5 अगस्त को भारत भाग गईं, जबकि शाकिब तब से अब तक घर नहीं लौटे हैं। उन्होंने  साल 2024 में पाकिस्तान और भारत के ख़िलाफ टेस्ट मैच खेले थे, लेकिन पिछले 24 महीनों में उन्हें राष्ट्रीय टीम में नहीं चुना गया है, जबकि वह अन्य जगहों पर फ्रेंचाइजी लीग में खेलते रहे हैं।

बांग्लादेशी क्रिकेटर शाकिब अल हसन के घर पर पेट्रोल बम से हमला, शेख हसीना की प्रेस कॉन्फ्रेंस में हुए थे शामिल

Attack on Shakib Al Hasan house: बांग्लादेश के मगुरा जिले में बुधवार (5 जुलाई) रात बांग्लादेश के पूर्व कप्तान और अवामी लीग के पूर्व सांसद शाकिब अल हसन के घर पर पेट्रोल बम से हमला हुआ। हसन के मगुरा स्थित घर पर कुछ लोगों ने कथित तौर पर अचानक से हमला कर दिया। इस दौरान उनके घर में आग लगाने की कोशिश की गई। यह हमला तब हुआ जब उन्होंने दिल्ली में सत्ता से हटाई जा चुकीं पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लिया था। पुलिस ने बताया कि अज्ञात उपद्रवियों ने घर में तोड़फोड़ की और आग लगाने की कोशिश की। स्थानीय खबरों के मुताबिक हमले के दौरान पेट्रोल बम भी फेंके गए।

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यह हमला बुधवार रात करीब 8:45 बजे (स्थानीय समय) शाकिब के घर पर हुई। स्थानीय लोगों ने बताया कि हमले के दौरान उन्हें पटाखे जैसी तेज आवाजें सुनाई दीं। स्थानीय मीडिया ने खबर दी कि घर पर पेट्रोल बम भी फेंके गए। हालांकि, पुलिस ने आधिकारिक तौर पर पेट्रोल बम के इस्तेमाल की पुष्टि नहीं की है। शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में 39 वर्षीय क्रिकेटर के घर के बाहर पटाखे जैसी आवाजें सुनाई दे रही थीं। शाकिब मगुरा-1 निर्वाचन क्षेत्र से अवामी लीग के पूर्व सांसद हैं।

पुलिस के अनुसार, कई अज्ञात लोगों ने घर पर ईंट और पत्थर फेंके। इससे खिड़कियां टूट गईं। फिर उन्होंने घर में आग लगाने की कोशिश की। फिलहाल किसी के घायल होने की खबर नहीं है।मगुरा सदर पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी अब्दुल्ला अल मामून ने ‘द डेली स्टार’ को बताया, “कई उपद्रवियों ने घर पर ईंट के टुकड़े फेंके और खिड़कियां तोड़ दीं। उन्होंने घर में आग लगाने की भी कोशिश की।” घटना के बाद घर के बाहर पुलिस बल तैनात कर दिया गया। हमलावरों की पहचान और हमले के मकसद का अभी तक पता नहीं चल पाया है।

हसीना की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद हुआ हमला

यह हमला तब हुआ जब शाकिब दिल्ली से शेख हसीना की वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए थे। यह कार्यक्रम ‘फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब ऑफ साउथ एशिया’ द्वारा आयोजित किया गया था। बातचीत के दौरान हसीना ने जुलाई-अगस्त 2024 के अशांति के दौरान अपनी सरकार के कामकाज का बचाव किया। पूर्व पीएम ने दावा किया कि छात्रों के नेतृत्व में हुआ विद्रोह कोई अचानक हुआ विरोध नहीं था। बल्कि सत्ता परिवर्तन का एक सोचा-समझा ऑपरेशन था।

राजनीतिक तनाव अभी भी बरकरार

यह घटना बांग्लादेश में हसीना के सत्ता से हटने के बाद जारी राजनीतिक तनाव के बीच हुई है। मीडिया से बातचीत से पहले बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP), जमात-ए-इस्लामी और नेशनल सिटिज़न पार्टी (NCP) के नेताओं ने इस कार्यक्रम की सार्वजनिक रूप से आलोचना की। कथित तौर पर मीडिया संगठनों को हसीना की प्रेस कॉन्फ्रेंस दिखाने के खिलाफ चेतावनी दी।

अवामी लीग के नेताओं और समर्थकों का आरोप है कि शाकिब के घर पर हुआ हमला इस कार्यक्रम में उनकी भागीदारी से जुड़ा था। हालांकि, बांग्लादेशी अधिकारियों ने हमले और मीडिया के साथ बातचीत के बीच कोई संबंध स्थापित नहीं किया है, और पुलिस ने इसके लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान नहीं की है।

शाकिब के राजनीतिक संबंध

बांग्लादेश के सबसे महान ऑलराउंडर क्रिकेटरों में से एक माने जाने वाले शाकिब अवामी लीग के साथ अपने राजनीतिक जुड़ाव के कारण हमेशा चर्चा और विवाद का विषय रहे हैं। उन्हें 2024 के आम चुनाव में मगुरा-1 निर्वाचन क्षेत्र से अवामी लीग के टिकट पर सांसद चुना गया था। विपक्षी दलों ने इस चुनाव की आलोचना करते हुए कहा था कि इसमें वास्तविक प्रतिस्पर्धा का अभाव था।

अगस्त 2024 में हुई राजनीतिक उथल-पुथल के बाद, बांग्लादेश में अवामी लीग की राजनीतिक गतिविधियों पर रोक लगा दी गई थी। बुधवार को अपने संबोधन में, हसीना ने अपनी पार्टी पर लगे प्रतिबंध को हटाने की मांग की और कई कानूनी चुनौतियों का सामना करने के बावजूद बांग्लादेश लौटने के अपने इरादे को दोहराया। इस कार्यक्रम में शाकिब की भागीदारी ने राजनीतिक तनाव के इस दौर में पूर्व सत्ताधारी पार्टी के साथ उनके निरंतर जुड़ाव को उजागर किया।

अभी तक घर नहीं लौटे हैं शाकिब

हसीना सरकार के गिरने के बाद से शाकिब बांग्लादेश नहीं लौटे हैं। राजनीतिक बदलाव के बाद उनके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें हत्या का एक मामला भी शामिल है जिसमें उन्हें कई आरोपियों में से एक के तौर पर नामजद किया गया है। बांग्लादेश के पूर्व कप्तान ने बार-बार कहा है कि अगर उन्हें अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा और उत्पीड़न से बचाव का भरोसा मिले, तो वे लौटने और कानूनी प्रक्रिया का सामना करने के लिए तैयार हैं।

यह अनुभवी ऑलराउंडर संयुक्त राज्य अमेरिका में अपने परिवार के साथ रहते हुए फ्रेंचाइजी क्रिकेट खेलना जारी रखे हुए है। उन्होंने कैरेबियन प्रीमियर लीग और लंका प्रीमियर लीग जैसे टूर्नामेंटों में हिस्सा लिया है। जबकि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने पहले संकेत दिया है कि राष्ट्रीय टीम में उनकी वापसी के लिए दरवाजे खुले हैं। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने बुधवार को ऐलान किया वह देश को सही राह पर लाने के वास्ते दिसंबर में स्वदेश लौटने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं।

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उन्होंने कहा कि इसके लिए गिरफ्तारी या मौत की सजा के जोखिम का सामना करने को भी तैयार हैं। हसीना ने यह बात भारत आने के बाद पहली बार डिजिटल तरीके से आयोजित प्रेसवार्ता में कही। वह 5 अगस्त, 2024 को ढाका छोड़कर भारत आई थीं। तब से वह भारत में ही हैं। इस डिजिटल प्रेसवार्ता में पत्रकारों को केवल उनकी आवाज सुनाई दे रही थी। वह नजर नहीं आ रही थीं।

बांग्लादेश में क्रिकेटर शाकिब अल-हसन के घर पर हमला:पत्थर-पेट्रोल बम फेंके; कट्टरपंथी शेख हसीना के इवेंट में शामिल होने से नाराज थे

बांग्लादेश क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और अवामी लीग के पूर्व सांसद शाकिब अल हसन के मगुरा शहर में बने घर पर हमला हुआ है। यह घटना पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में शाकिब के शामिल होने के कुछ घंटों बाद हुई। शाकिब के घर पर हमला रात 8.45 से 9 बजे के बीच हुआ। मगुरा सदर पुलिस के अफसर मोहम्मद अब्दुल्ला अल मामून ने बताया कि कुछ उपद्रवियों ने पत्थर फेंके और खिड़कियां तोड़ दीं। हमलावरों ने घर में आग लगाने की कोशिश की। यह दावा किया जा रहा है कि इसके लिए हमलावर कोल्डड्रिंक की बोतलों में पेट्रोल भरकर लाए थे। गनीमत यह रही कि हमले के वक्त घर खाली था, इसलिए किसी के घायल होने की खबर नहीं है। शाकिब इस वक्त श्रीलंका में हैं। घटना के बाद पुलिस फोर्स को तैनात कर दिया गया है। शाकिब के घर हमले के बाद के हालात, 4 तस्वीरें… सांसद बनने के बाद भी क्रिकेट खेलते रहे शाकिब शाकिब ने सांसद रहते हुए भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और टी-20 लीग में खेलना नहीं छोड़ा। अगस्त 2024 में जब बांग्लादेश में बगावत शुरू हुई, तब भी शाकिब की आलोचना हुई। सरकारी नौकरियों में आरक्षण के खिलाफ शुरू हुए छात्र आंदोलन के दौरान शाकिब पर आरोप लगे कि उन्होंने अवामी लीग के सांसद होने के कारण चुप्पी साधे रखी। हसीना सरकार गिरने के बाद बांग्लादेश में अवामी लीग नेताओं और सांसदों के घरों पर कई जगह हमले हुए। इनमें शाकिब का मगुरा वाला घर भी शामिल था। तब भी वे घर पर मौजूद नहीं थे। शेख हसीना की तरह ही शाकिब पर हत्या का केस दर्ज अगस्त 2024 में हुए तख्ता पलट के दौरान शाकिब अल हसन बांग्लादेश छोड़कर चले गए थे। उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई। बाद में उनके खिलाफ छात्र आंदोलन के दौरान एक व्यक्ति की मौत से जुड़े हत्या के मामले समेत कुछ आपराधिक मामले दर्ज हुए। उस समय वे विदेश में थे और बांग्लादेश पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर सकी। ———————————————— बांग्लादेश से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… शेख हसीना बोलीं- दिसंबर में बांग्लादेश लौटूंगी:2 साल बाद वर्चुअल भाषण दिया, कैमरा ऑफ था बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने दो साल बाद बुधवार को लोगों को वर्चुअली संबोधित किया। जब हसीना बोल रही थीं, उस दौरान उनका कैमरा बंद था। भाषण में उन्होंने कहा- “मुझे पता है कि वे मुझे जेल में डाल सकते हैं या मार भी सकते हैं, फिर भी मैं दिसंबर में बांग्लादेश वापस जाउंगी।” पढ़ें पूरी खबर…

‘IPL और इंटरनेशनल क्रिकेट अलग हैं’, वैभव सूर्यवंशी को लेकर अजिंक्य रहाणे ने दी बड़ी सलाह

आईपीएल के बाद से ही युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी काफी चर्चा में है। आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम में चुने जाने के साथ वैभव सबसे कम उम्र में भारत की टी20 टीम का हिस्सा बनने वाले खिलाड़ियों में शामिल हो गए। इंग्लैंड के खिलाफ उन्हें पहली बार भारत के लिए खेलने का मौका मिला, लेकिन तीन मैचों की सीरीज में वह पूरी तरह प्रभाव नहीं छोड़ पाए। वैभव सूर्यवंशी ने अपने शुरुआती अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 14, 13, 15, 50, 20 और 81 रन की पारियां ही खेल पाए। वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल में शानदार खेल दिखाया, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उन्हें अधिक चुनौती का सामना करना पड़ा।

वहीं हाल ही में पूर्व भारतीय क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे ने कहा कि वैभव सूर्यवंशी को अभी टेस्ट टीम में शामिल करने पर फैसला लेना जल्दबाजी होगी। अजिंक्य रहाणे ने माना कि, उन्हें अभी टेस्ट क्रिकेट के लिए तैयार मानना जल्दबाजी होगी। रहाणे ने कहा कि युवा खिलाड़ी को पहले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार अच्छा प्रदर्शन कर खुद को साबित करना चाहिए।

इंटरनेशनल क्रिकेट में ज्यादा चुनौती

अजिंक्य रहाणे ने स्टिक टू क्रिकेट पॉडकास्ट में कहा, “अभी इस बारे में कुछ कहना जल्दबाजी होगी। मैं उस युवा खिलाड़ी पर बेवजह दबाव नहीं डालना चाहता, क्योंकि उसके बारे में पहले से ही काफी चर्चा हो रही है। उसने अभी सिर्फ दो आईपीएल सीजन खेले हैं।” उन्होंने आगे कहा, “आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बड़ा अंतर होता है। जब आप देश के लिए खेलते हैं, तो दबाव कहीं ज्यादा होता है। आईपीएल में लक्ष्य का पीछा करना अलग बात है, जबकि इंटरनेशनल क्रिकेट में वही चुनौती कहीं कठिन हो जाती है। इसलिए उसे अपना खेल खेलने दीजिए, समय दीजिए और धीरे-धीरे आगे बढ़ने दीजिए।”

जिम्बाब्वे दौरे पर किया प्रदर्शन

जिम्बाब्वे दौरे पर वैभव सूर्यवंशी ने कुछ अच्छी पारियां जरूर खेलीं, लेकिन वह लगातार प्रभाव छोड़ने में सफल नहीं रहे। उन्होंने पहले टी20 मैच में अर्धशतक लगाया, दूसरे मुकाबले में 20 रन बनाकर आउट हो गए और आखिरी मैच में 81 रन की शानदार पारी खेली। लेकिन इस पारी के लिए उन्होंने 49 गेंदों का सामना किया, जो उनकी आक्रामक बल्लेबाजी शैली के मुकाबले थोड़ा धीमा माना गया। यही वजह है कि उनके प्रदर्शन को लेकर अभी भी चर्चा जारी है।

वनडे विश्वकप क्वालिफायर शुरु होंगे इस तारीख से, इस टीम की मुश्किल स्थिति

ODI World Cup Qualifiers 2027अगले साल 22 फ़रवरी से 23 मार्च के बीच खेले जाएंगे। एक अग्रणी क्रिकेट वेबसाइट के मुताबिक ICC ने प्रतियोगिता की तारीख़ों पर मुहर लगा दी है लेकिन मैदानों पर अभी फ़ैसला नहीं लिया गया है।

जुलाई में ICC द्वारा घोषित किए गए विश्व कप 2027 के नए प्रारुप  के मुताबिक़ क्वालीफ़ायर्स का विजेता सीधे प्रमुख ग्रुप में प्रवेश कर जाएगा। जबकि क्वालीफ़ायर्स में दूसरे, तीसरे और चौथे स्थान की टीम वनडे विश्व कप के पहले राउंड में पहुंचेगी। जिसे सुपर सीरीज़ का नाम दिया गया है, और फिर सुपर सीरीज़ के विजेता को 12 देशों के बीच प्रतिस्पर्धा का मौक़ा मिलेगा।

ICC वनडे विश्व कप 2027 दक्षिण अफ़्रीका, ज़िम्बाब्वे और नामीबिया के 12 शहरों में 4 अक्टूबर से 11 नवंबर 2027 के बीच खेला जाएगा।विश्व कप क्वालीफ़ायर्स में कुल 10 टीमें हिस्सा लेंगी। इनमें 30 सितंबर 2026 तक की वनडे रैंकिंग के आधार पर मेज़बान दक्षिण अफ़्रीका और ज़िम्बाब्वे को छोड़कर दो सबसे निचली रैंकिंग वाली पूर्ण सदस्य टीमें, CWC लीग-2 की शीर्ष चार टीमें और विश्व कप क्वालीफ़ायर्स प्लेऑफ़ से क्वालीफ़ाई करने वाली शीर्ष चार टीमें शामिल होंगी।

विश्वकप क्वालीफ़ायर्स प्लेऑफ़ में CWC लीग-2 की निचली चार टीमें और चैलेंज लीग की चार टीमें आमने-सामने होंगी। चैलेंज लीग को विश्व क्रिकेट का तीसरा स्तर माना जाता है। प्लेऑफ़ का प्रारूप अभी तय नहीं किया गया है, लेकिन इस आठ टीमों के टूर्नामेंट से शीर्ष चार टीमें 2027 वनडे विश्व कप क्वालीफ़ायर्स के लिए क्वालीफ़ाई करेंगी।

चैलेंज लीग में कुल 12 टीमें हिस्सा लेंगी, जिन्हें छह-छह टीमों के दो समूहों में बांटा जाएगा। प्रत्येक टीम इस पूरे चक्र के दौरान तीन राउंड-रॉबिन टूर्नामेंट खेलेगी। दोनों समूहों से शीर्ष दो-दो टीमें विश्व कप क्वालीफ़ायर्स प्लेऑफ़ के लिए क्वालीफ़ाई करेंगी।

वेस्टइंडीज़ को फिर क्वालिफाइंग टूर्नामेंट खेलना पड़ सकता है

वेस्टइंडीज़ इस समय वनडे रैंकिंग में 10वें स्थान पर है और सितंबर में भारत के ख़िलाफ़ होने वाले दो मैच ही उसे और खेलने हैं। इन मुक़ाबलों के नतीजों के साथ-साथ अफ़ग़ानिस्तान (8वें स्थान) और आयरलैंड (12वें स्थान) के बीच होने वाली आगामी सीरीज़ के परिणाम भी उसकी रैंकिंग पर असर डाल सकते हैं।

अगर आयरलैंड ने अफ़ग़ानिस्तान को 4-1 या 5-0 से हराकर सीरीज़ जीत ली, तो भारत के ख़िलाफ़ दो जीत वेस्टइंडीज़ को शीर्ष आठ में पहुंचाने के लिए पर्याप्त हो सकती है। लेकिन अगर अफ़ग़ानिस्तान सीरीज़ जीत जाता है, तो वेस्टइंडीज़ के लिए 2027 वनडे विश्व कप में जगह बनाने के लिए क्वालीफ़ायर्स खेलना लगभग तय हो जाएगा।

इससे पहले भी वेस्टइंडीज़ 2023 वनडे विश्व कप के लिए सीधे क्वालीफ़ाई करने में भी नाकाम रहा था। जिसके बाद हरारे में खेले गए क्वालीफ़ायर्स टूर्नामेंट में उसे नीदरलैंड्स के ख़िलाफ़ सुपर ओवर में हार का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद पहली बार वेस्टइंडीज़ विश्व कप से बाहर हो गया था।

अभ्यास मैच नहीं खेल पाएंगे सांई सुदर्शन पर श्रीलंका जाना लगभग तय

साई सुदर्शन इस सप्ताह के आखिर तक कोलंबो में भारतीय टीम के साथ जुड़ जाएंगे। मंगलवार को रवाना हुई टीम में वह शामिल नहीं थे। क्रिकबज की रिपोर्ट के अनुसार साई सुदर्शन ‘इस हफ्ते के आखिर तक श्रीलंका जा सकते हैं, जिसका मतलब है कि वह शुक्रवार (सात अगस्त) से शुरू होने वाले तीन दिवसीय वार्म-अप मैच में नहीं खेल पाएंगे।

माना जा रहा है कि वह 15 अगस्त से शुरू होने वाले पहले टेस्ट से काफी पहले टीम के साथ जुड़ जाएंगे। माना जा रहा है कि सुदर्शन के पैर के अंगूठे में हल्की चोट है। हालांकि, उन्होंने बेंगलुरु में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) में बल्लेबाजी शुरू कर दी है और उम्मीद है कि उन्हें सीओई के मेडिकल स्टाफ से श्रीलंका में टीम के साथ जुड़ने की मंजूरी मिल जाएगी।

सफेद क्रिकेट के शानदार बल्लेबाज सुदर्शन को शुभमन गिल की टेस्ट टीम का अहम सदस्य भी माना जाता है, खासकर नंबर 3 पर। तमिलनाडु और गुजरात के इस बल्लेबाज ने सात टेस्ट मैच खेले हैं और 39 की औसत से 383 रन बनाए हैं, जिसमें तीन अर्धशतक शामिल हैं।

25 जून को साई सुदर्शन (132) के शानदार शतक की बदौलत भारत ए ने श्रीलंका ए के खिलाफ गैर आधिकारिक टेस्ट के पहले दिन चार विकेट पर 333 रन का विशाल स्कोर बनाया था।साई सुदर्शन ने जमकर खेलते हुए 175 गेंदों में 19 चौकों की मदद से 132 रन ठोके थे और विकेटकीपर ध्रुव जुरेल ने 138 गेंदों में पांच चौकों के सहारे नाबाद 68 रन बनाये थे।

वहीं, श्रीलंका पहुंचने के एक दिन बाद बुधवार को भारतीय टीम ने NCC ग्राउंड पर अपना पहला अभ्यास सत्र किया। कोलंबो में 9 अगस्त को तीन दिवसीय वार्म-अप मैच खत्म होने के बाद, टीम पहले टेस्ट के लिए गाले जाएगी। दूसरा टेस्ट 23 अगस्त से कोलंबो में खेला जाएगा।

भारतीय टीम इस प्रकार है: शुभमन गिल (कप्तान), केएल राहुल (उपकप्तान), साई सुदर्शन, यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर),रविंद्र जडेजा , कुलदीप यादव, मानव सुथार, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, देवदत्त पडिक्कल, सारांश जैन

लॉर्ड्स वनडे अब भी साबित हो सकता है रोहित शर्मा का अंतिम अंतरराष्ट्रीय मैच

इंग्लैंड के खिलाफ खेला गया रोहित शर्मा का लॉर्ड्स वनडे तो दर्शकों को याद ही होगा।  प्रशंसकों को लगा होगा कि रोहित शर्मा ने 138 रन बनाए और संन्यास की अटकलों पर विराम लगा दिया। लेकिन ऐसा नहीं है। लॉर्ड्स वनडे अब भी रोहित का अंतिम वनडे हो सकता है जो कि कुछ पत्रकारों ने तीसरे एकदिवसीय मैच से पहले कहा था।

17 जुलाई (शुक्रवार) से मीडिया सूत्रों में यह अटकलें लग रही थी कि वह संन्यास के बारे में सोच रहे हैं और 19 जुलाई को (रविवार) को लॉर्ड्स पर खेला जाने वाला एकदिवसीय मैच उनका अंतिम मैच होगा। इस मैच से पहले या तो वह खुद संन्यास ले लेंगे या फिर ड्रॉप हो जाएंगे।लेकिन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के सचिव देवजीत सैकैया ने कहा है कि यह सब अफवाह है। वह जब तक चाहे क्रिकेट खेल सकते हैं।

माना जा रहा था रोहित शर्मा ने अपने PR यानि कि जनसंपर्क के कारण अफगानिस्तान सीरीज में अपनी जगह बचा ली थी लेकिन इंग्लैंड उनकी अंतिम सीरीज मानी जा रही थी।रोहित शर्मा ने फिर जबरदस्त जनसंपर्क की बिसात बिछाकर अपनी जगह एक बार फिर बचा ली और आलोचकों के मुंह शतक लगाकर बंद कर दिए।

लेकिन आज आई आगरकर से जुड़ी खबर में इस बात का भी जिक्र है कि कई चयनकर्ताओं को लगता है कि उनके साथ धोखा हुआ है क्योंकि उनको लगता है कि रोहित के रहते भारतीय टीम 2027 वनडे विश्व कप नहीं जीत सकती जबकि बीसीसीआइ के कुछ बड़े लोग सोशल मीडिया को देखकर अपनी रणनीति बदल रहे हैं।

अगर ऐसा विमर्श कायम होता है तो शायद रोहित शर्मा अब भी अपनी जगह एकदिवसीय टीम में नहीं बचा पाए क्योंकि मुख्य चयनकर्ता भी अपना निर्णय चयनकर्ताओं पर नहीं थोपता और वोटिंग के जरिए ही फैसला होता है।

साल भर रहा बुरा फॉर्म, लॉर्ड्स पर मिली संजीवनी

गौरतलब है कि रोहित शर्मा खराब फॉर्म से जूझ रहे थे और इंग्लैंड के पहले दो एकदिवसीय मैच में फ्लॉप रहे थे। जिसके बाद उनकी संन्यास की अटकलें लगनी शुरु हो गई थी। हालांकि आज उन्होंने बेहतरीन पारी खेली। रोहित शर्मा ने 110 गेंदो में 138 रन बनाए। उन्हें जैकब बैथल ने बोल्ड किया।

रोहित शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले एकदविसीय मैच में 21 गेंदो में 11 रन बनाए थे।  दूसरे एकदिवसीय मैच में 47 गेंद में 1 चौका और छक्का मारने के बाद 26 रन बनाकर आउट हुए। उनका 5 रनों पर गस एटिंकसन ने कैच छोड़ा था।

अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे एकदिवसीय मैच को छोड़ दे तो इस साल रोहित का प्रदर्शन औसत से नीचे रहा है।पहले मैच में वह 16 रन बनाकर रनआउट हो गए और दूसरे मैच में वह 39 गेंदों में 48 रन बनाकर बोल्ड हो गए।

इससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली एकदिवसीय सीरीज में रोहित शर्मा फ्लॉप रहे और टीम को शुरुआत में बड़ा स्कोर नहीं दे सके। रोहित शर्मा 3 मैचों में 20 की औसत से 61 रन बना पाए। पूरी सीरीज में उन्होंने 9 चौके और 2 छक्के लगाए।पहले मैच में उन्होंने 29 गेंदो पर 26 रन, दूसरे मैच में उन्होंने 38 गेंदो में 24 रन और तीसरे मैच में 13 गेंदो में 11 रन बनाए।