वीवीएस लक्ष्मण बनने वाले थे टीम इंडिया के हेड कोच, इस वजह से ठुकराया था ऑफर

पूर्व भारतीय क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्मण ने हाल ही में बताया कि जय शाह ने उन्हें भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम का मुख्य कोच बनने का प्रस्ताव दिया था। लक्ष्मण ने बताया कि, वह इस जिम्मेदारी को संभालना चाहते थे, लेकिन कुछ पर्सनल रीजन की वजह से टीम से जुड़ने से मना कर दिया था। वहीं राहुल द्रविड़ के के बाद गौतम गंभीर टीम के मुख्य कोच बने। गंभीर 2027 तक टीम के हेड कोच बने रहेंगे।

लक्ष्मण ने क्या कहा

लक्ष्मण ने ये नहीं बताया कि उन्हें मुख्य कोच बनने का प्रस्ताव किस समय मिला था। लेकिन ऐसा माना जा रहा कि ये 2023 वनडे वर्ल्ड कप के बाद की बात है, जब राहुल द्रविड़ का कार्यकाल खत्म होने वाला था। उस समय द्रविड़ आगे भी कोच बने रहने को लेकर तैयार नहीं थे। बाद में BCCI ने उनका कार्यकाल 2024 टी20 वर्ल्ड कप तक बढ़ा दिया। भारत ने द्रविड़ की कोचिंग में यह टूर्नामेंट जीतकर लंबे समय बाद ICC ट्रॉफी अपने नाम की।

पर्सनल वजह से नहीं लिया पद

वीवीएस लक्ष्मण ने रविवार को कहा, “2023 में, मुझे हेड कोच बनना था।” उन्होंने आगे कहा, “पर्सनल वजहों से मैं यह काम नहीं कर पाया। मैं दो बार जय शाह से बात करने गया। वह मेरी वजहें समझ गए। जय और BCCI ने मुझे जो आजादी दी है, अपने विजन के साथ काम करने की, वह देवजीत और दूसरे अधिकारियों के साथ भी जारी है।” लक्ष्मण ने कहा कि हेड कोच बनने के बजाय उन्होंने बेंगलुरु में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के चेयरमैन का पद संभालने का फैसला किया, जो पहले राहुल द्रविड़ के पास था। उन्होंने इस जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी से निभाने का फैसला किया।

दो साल का लिया एक्सटेंशन

उन्होंने आगे कहा, “मैंने दो साल के लिए एक्सटेंशन लिया और BCCI से वादा किया कि मैं यहां हेड कोच का पद नहीं ले रहा हूं। लेकिन मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को बेहतर बनाऊं, इसके लिए सही स्ट्रक्चर, प्रोसेस और प्रोटोकॉल तैयार करूं, ताकि आगे बढ़ने से पहले यहां एक मजबूत व्यवस्था बन सके।”

गौतम गंभीर बने भारत के कोच

राहुल द्रविड़ ने 2024 टी20 वर्ल्ड कप के बाद भारतीय टीम के मुख्य कोच का पद छोड़ दिया था। इसके बाद वीवीएस लक्ष्मण का नाम एक बार फिर इस पद के लिए चर्चा में आया। लेकिन, उस समय BCCI ने गौतम गंभीर को मुख्य कोच की जिम्मेदारी सौंपी। गंभीर इससे पहले IPL में कोलकाता नाइट राइडर्स के मेंटर थे और उनकी अगुवाई में टीम ने खिताब जीता था। इसके बाद गंभीर के कार्यकाल में भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी और टी20 वर्ल्ड कप भी जीता।

खिलाड़ियों की बढ़ती चोटों से परेशान BCCI? CoE में बढ़ी इंजर्ड प्लेयर की भीड़

बेंगलुरु स्थित BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के कई खिलाड़ी चोट से उबर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, IPL के दौरान फ्रेंचाइजी और पैसों से जुड़ा दबाव खिलाड़ियों पर ज्यादा काम का बोझ डाल रहा है, जिससे चोटों की संख्या बढ़ी है। इस समय कम से कम 10 इंटरनेशलन खिलाड़ी छोटी या गंभीर चोटों के कारण सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में इलाज और रिहैब कर रहे हैं। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि कई बड़े खिलाड़ी IPL के दौरान चोटिल होने के बावजूद खेलते रहे। लगातार ज्यादा क्रिकेट खेलने से खिलाड़ियों के शरीर पर दबाव बढ़ रहा है, खासकर उम्रदराज खिलाड़ियों में चोट से वापसी का समय तय करना मुश्किल हो जाता है।

चोट के बाद भी खेलते हैं आईपीएल

सूत्र के अनुसार, IPL में टीम और पैसों से जुड़े दबाव के कारण कुछ खिलाड़ी चोट के बावजूद मैदान पर उतरते हैं, जिसके बाद उन्हें इलाज और फिटनेस के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भेजा जाता है। उन्होंने कहा कि, टीम और CoE के फिजियो खिलाड़ियों की सुरक्षा को सबसे ज्यादा महत्व दे रहे हैं, लेकिन लगातार बढ़ती चोटों से सेलेक्टर्सु, कोच और कप्तान के सामने भी मुश्किलें बढ़ रही हैं। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पर खिलाड़ियों की बढ़ती चोटों के साथ-साथ उनके खेलने के कार्यक्रम को लेकर भी दबाव बढ़ रहा है।

चोट की वजह से बाहर हुए बुमराह-साई

जसप्रीत बुमराह और साई सुदर्शन के श्रीलंका दौरे से बाहर होने के बाद BCCI के चयनकर्ताओं के साथ CoE के तालमेल पर भी सवाल उठ रहे हैं। इससे पहले खबर थी कि दोनों खिलाड़ी दो टेस्ट मैचों में से कम से कम एक मुकाबले में खेल सकते हैं, लेकिन बाद में उन्हें दौरे से बाहर कर दिया गया। भारत के पूर्व क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्मण फिलहाल दो साल के कॉन्ट्रैक्ट पर बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख हैं। मार्च 2025 में नितिन पटेल के जाने के बाद से यहां का स्पोर्ट्स साइंस विभाग अभी तक स्थायी प्रमुख के बिना चल रहा है। इसी बीच BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने रविवार को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का दौरा किया और मीडिया से बातचीत की।

लक्ष्मण ने क्या कहा

इस दौरान वीवीएस लक्ष्मण ने सेंटर की टीम और उसकी व्यवस्था का बचाव किया। उन्होंने कहा, “देखिए, CoE सिर्फ एक रिहैब सेंटर नहीं है, बल्कि क्रिकेटरों को बेहतर बनाने में मदद करने के लिए इसकी भूमिका इससे कहीं बड़ी है। इसलिए, हम (चोटों के लिए) ‘दोष’ शब्द का इस्तेमाल करना पसंद नहीं करते, क्योंकि जब आप इस शब्द का इस्तेमाल करते हैं, तो आप किसी को बलि का बकरा बना रहे होते हैं।” लक्ष्मण ने कहा, “लेकिन CoE और दोनों टीमों (पुरुष और महिला) के टीम मैनेजमेंट और दोनों टीमों के SSM स्टाफ के बीच शानदार तालमेल है। इसलिए यह बातचीत आसानी से हो रही है।”

क्या लक्ष्मण लेंगे अजीत अगरकर की जगह? अफवाहों पर खुद तोड़ी चुप्पी

भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर का कार्यकाल सितंबर 2026 में खत्म हो रहा है। वहीं अजीत अगरकर का कार्यकाल आगे नहीं बढ़ाया जाएगा या नहीं इस पर अभी स्थिति साफ नहीं है। अगरकर के लिए 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए टीम तैयार करना बड़ी जिम्मेदारी है। ऐसे में उनके कार्यकाल को लेकर BCCI का फैसला काफी अहम माना जा रहा है। वहीं कुछ समय पहले ऐसी खबरें थी कि, BCCI उनकी जगह पूर्व भारतीय बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण को मुख्य चयनकर्ता बनाने पर विचार कर रहा है। लक्ष्मण फिलहाल बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख हैं। वहीं हाल ही में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, लक्ष्मण ने इस पद को संभालने में फिलहाल रुचि नहीं दिखाई है।

कई खिलाड़ी कर सकते हैं दावेदारी

भारतीय क्रिकेट में चीजें कभी भी बदल सकती हैं। राहुल द्रविड़ पहले भारतीय टीम के मुख्य कोच नहीं बनना चाहते थे, लेकिन बाद में उन्होंने ये जिम्मेदारी संभाली। 2023 वर्ल्ड कप के बाद भी वह कोच पद छोड़ना चाहते थे, लेकिन रोहित शर्मा के कहने पर उन्होंने अपना कार्यकाल आगे बढ़ाया। इसी तरह मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर के पद को लेकर भी अभी स्थिति साफ नहीं है। अगर अजीत अगरकर का कार्यकाल आगे नहीं बढ़ता है, तो कई पूर्व भारतीय क्रिकेटर इस पद के लिए दावेदारी कर सकते हैं।

लक्ष्मण अभी COE की जिम्मेदारी संभाल रहे

वीवीएस लक्ष्मण 2024 में भारतीय टीम के मुख्य कोच बनने की दौड़ में शामिल थे, लेकिन उन्होंने ये जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया था। इसके बाद उन्होंने दो साल के लिए बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की जिम्मेदारी संभाली। रविवार को BCCI सचिव देवजीत सैकिया सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पहुंचे और लक्ष्मण से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने भारतीय पुरुष टीम में बढ़ रही चोटों की स्थिति और उससे जुड़े मामलों की जानकारी ली।

2027 वर्ल्ड कप में 2 बार की चैंपियन टीम को नहीं मिली डायरेक्ट एंट्री, अब खेलना होगा क्वालिफायर मुकाबला

2027 वर्ल्ड कप में 2 बार की चैंपियन टीम को नहीं मिली डायरेक्ट एंट्री, अब खेलना होगा क्वालिफायर मुकाबला

आईसीसी मेंस वनडे वर्ल्ड कप 2027 का आयोजन अगले साल साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की संयुक्त मेजबानी में खेला जाएगा। वनडे वर्ल्ड कप का टूर्नामेंट 4 अक्टूबर से 21 नवंबर 2027 के बीच खेला जाएगा। वहीं टूर्नामेंट में 2 बार की चैंपियन वेस्‍टइंडीज टीम सीधे क्‍वालिफाई नहीं कर पाई है। अब टीम को मुख्य टूर्नामेंट में पहुंचने के लिए क्वालिफायर मुकाबले खेलने होंगे। वहीं 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए मेजबान देशों साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे को सीधे जगह मिलेगी। इसके अलावा सात टीमों का चयन आईसीसी की वनडे रैंकिंग के आधार पर होगा। इन टीमों के लिए 30 सितंबर 2026 की रैंकिंग को आधार बनाया जाएगा। बाकी टीमों को वर्ल्ड कप में पहुंचने के लिए क्वालिफायर मुकाबले खेलने होंगे।

सीधे जगह बनाना मुश्किल

वेस्टइंडीज के लिए वनडे वर्ल्ड कप में सीधे जगह बनाना लगातार मुश्किल होता जा रहा है। आईसीसी की मौजूदा वनडे रैंकिंग में वेस्टइंडीज 10वें नंबर पर है। वहीं अफगानिस्तान आठवें और बांग्लादेश नौवें स्थान पर है। जिम्बाब्वे 11वें स्थान पर होने के बावजूद मेजबान होने के कारण उसे सीधे वर्ल्ड कप में जगह मिलेगी। ऐसे में वेस्टइंडीज को सीधे क्वालिफाई करने के लिए 30 सितंबर 2026 तक रैंकिंग में टॉप-9 में पहुंचना होगा, वरना उसे क्वालिफायर खेलना पड़ेगा।

तीसरी बार नहीं कर पाई सीधे क्वालिफाई

7 अगस्त को ब्रेडी क्रिकेट क्लब में खेले गए दूसरे वनडे मैच में अफगानिस्तान ने आयरलैंड को 92 रन से हरा दिया। बारिश के कारण प्रभावित इस मुकाबले में अफगानिस्तान की जीत काफी अहम रही। इस जीत के साथ अफगानिस्तान ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए सीधे क्वालिफाई कर लिया। वहीं वेस्टइंडीज की सीधी जगह बनाने की उम्मीद खत्म हो गई। टीम 2019 और 2023 के वर्ल्ड कप में भी सीधे क्वालिफाई नहीं कर पाई थी। 2019 में उसने क्वालिफायर मुकाबले जीतकर मुख्य टूर्नामेंट में जगह बना ली थी, लेकिन 2023 के क्वालिफायर में खराब प्रदर्शन के कारण टीम वर्ल्ड कप में नहीं पहुंच सकी थी।

भारत से हैं वेस्टइंडीज का सीरीज

वेस्टइंडीज को सितंबर-अक्टूबर में भारत के खिलाफ तीन वनडे मैचों की सीरीज खेलनी है। सीरीज के पहले दो मुकाबले 27 सितंबर को तिरुवनंतपुरम और 30 सितंबर को गुवाहाटी में होंगे। हालांकि, इन मैचों में भारत के खिलाफ जीत दर्ज करने के बावजूद वेस्टइंडीज के लिए सीधे वर्ल्ड कप में जगह बनाना मुश्किल रहेगा। टीम को रैंकिंग में टॉप-9 में पहुंचने के लिए अन्य टीमों के नतीजों पर भी निर्भर रहना होगा।

वेस्टइंडीज के साथ आयरलैंड की टीम को भी 2027 वनडे वर्ल्ड कप में जगह बनाने के लिए क्वालिफायर खेलना पड़ सकता है। आयरलैंड को सीधे क्वालिफाई करने की उम्मीद बनाए रखने के लिए अफगानिस्तान के खिलाफ घरेलू सीरीज में 5-0 से जीत जरूरी थी। लेकिन 5 अगस्त को ब्रेडी में खेला गया पहला मैच बारिश के कारण रद्द हो गया, जिससे आयरलैंड की सीधे क्वालिफाई करने की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा।

Vaibhav Sooryavanshi: ‘अगर वह 17 या 18 साल का है, तो…’ वैभव सूर्यवंशी की उम्र पर ब्रेट ली ने दिया अजीब बयान

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IPL में शानदार प्रदर्शन के बाद वैभव सूर्यवंशी को भारतीय टी20 टीम में जगह मिली। इंग्लैंड के खिलाफ शुरुआत भले ही उनके लिए खास नहीं रही, लेकिन जिम्बाब्वे दौरे पर उन्होंने दमदार वापसी की। यहां उनके बल्ले से लगातार अच्छी पारियां देखने को मिलीं और उनके प्रदर्शन के दम पर उन्हें सीरीज का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया। कम उम्र में दबाव से निकलकर इस तरह का प्रदर्शन करना वैभव की प्रतिभा और आत्मविश्वास को दिखाता है। वहीं वैभव की उम्र को लेकर अक्सर चर्चा होती रहती है।

वहीं हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज ब्रेट ली ने युवा भारतीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि इस समय वैभव की उम्र को लेकर काफी चर्चा हो रही है, लेकिन इससे ज्यादा जरूरी उनकी क्रिकेट प्रतिभा है।

वैभव को लेकर ली ने क्या कहा

बीयर बाइसेप्स YouTube चैनल पर बात करते हुए ब्रेट ली ने कहा, “वह जबरदस्त है। भारत से बाहर हर कोई यही सवाल पूछ रहा है कि क्या वह 15 साल का है? क्या वह 15 साल का है? शायद इस समय दुनिया भर में सबसे बड़ी चर्चा इसी बात को लेकर है। मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वह कितने साल का है।” ली ने आगे कहा, “अगर वह 15 साल का है, तो शानदार है, लेकिन अगर वह 17 या 18 साल का है, तो इससे क्या फर्क पड़ता है। यह बच्चा क्रिकेट खेलना जानता है। वह भारत के लिए एक बहुत बड़ी खोज है और आने वाले समय में वह इससे भी बड़ी और बेहतर उपलब्धियां हासिल करेगा।”

कम समय में मिली ज्यादा तारीफ

ली ने कहा, “उन्होंने इतने कम समय में IPL में धूम मचा दी है। SRH के खिलाफ उन्होंने जो 97 रन बनाए, वह ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों के खिलाफ थे। वे बहुत तेज गेंदबाजी कर रहे थे और वह उनके खिलाफ बेखौफ होकर हुक शॉट खेल रहे थे।” ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर ब्रेट ली ने वैभव सूर्यवंशी के खेल की तारीफ करते हुए कहा कि इतनी कम उम्र में उनका आत्मविश्वास और समझ काबिले तारीफ है। उन्होंने ये भी माना कि सूर्यवंशी ने IPL में तेज गेंदबाजों के खिलाफ बिना डरे जिस तरह बल्लेबाजी की, वह उनकी खासियत है। लेकिन, ली के मुताबिक आगे बढ़ने के साथ सूर्यवंशी पर लोगों की उम्मीदें और मीडिया का ध्यान भी बढ़ेगा, जिसे संभालना उनके लिए एक बड़ी चुनौती हो सकती है।

IND vs SL: जडेजा ने उतारी कुलदीप के बॉलिंग एक्शन की नकल, हंसी नहीं रोक पाए गंभीर, वीडियो वायरल

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भारत और श्रीलंका के बीच 2 मैचों की टेस्ट सीरीज की शुरुआत 15 अगस्त से होगा। वहीं इस सीरीज से पहले भारतीय टीम कोलंबो में श्रीलंका क्रिकेट XI के खिलाफ तीन दिवसीय प्रैक्टिस मैच खेल रही है। वहीं इस टेस्ट मैच का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। इस वीडियो में दिन का खेल खत्म होने के बाद जडेजा ने कुलदीप यादव के गेंदबाजी एक्शन की मजेदार नकल करते हुए नजर आए। जडेजा की इस हरकत पर हेड कोच गौतम गंभीर भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए।

जडेजा की टीम में हुई वापसी

प्रैक्टिस मैच के दूसरे दिन रवींद्र जडेजा ने शानदार बल्लेबाजी की और कप्तान शुभमन गिल की गैरमौजूदगी में नंबर-4 पर उतरकर नाबाद अर्धशतक लगाया। वहीं जून में अफगानिस्तान के खिलाफ खेले गए एकमात्र टेस्ट में रवींद्र जडेजा को टीम में जगह नहीं मिली थी। वहीं अब श्रीलंका के खिलाफ होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए उन्हें शामिल किया गया है। श्रीलंका के खिलाफ सीरीज में जडेजा टीम के लिए गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

कुलदीप ने किया शानदार प्रदर्शन

कुलदीप यादव ने श्रीलंका के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम में शामिल हैं। प्रैक्टिस मैच में उन्होंने नंबर-8 पर बल्लेबाजी करते हुए 15 गेंदों में एक रन बनाया और नाबाद रहे। कुलदीप यादव ने अभ्यास मैच के पहले दिन गेंद से अच्छा प्रदर्शन किया और 18 ओवर में 76 रन देकर दो विकेट हासिल किए। लेकिन श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में उनकी जगह अभी तय नहीं मानी जा रही है। प्लेइंग-11 में शामिल होने के लिए कुलदीप को राजस्थान के स्पिनर मानव सुथार से कड़ी प्रतिस्पर्धा मिल रही है। हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ तीन वनडे मैचों में भी कुलदीप को खेलने का मौका नहीं मिला था।

मानव सुथार का शानदार प्रदर्शन

मानव सुथार ने भी प्रैक्टिस मैच में अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया है। जून में अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट डेब्यू करने वाले सुथार ने उस मैच की पहली पारी में छह विकेट लिए थे। श्रीलंका क्रिकेट XI के खिलाफ अभ्यास मैच के पहले दिन उन्होंने दो विकेट हासिल किए, जबकि दूसरे दिन गेंदबाजी में 13 ओवर में 33 रन देकर 2 विकेट लिए। इसके अलावा उन्होंने बल्ले से भी योगदान दिया और 90 गेंदों पर 41 रन बनाए।

IPL 2027 में नहीं भाग लेंगे प्रमुख ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी, कोच ने दिए संकेत

ऑस्ट्रेलिया के हेड कोच एंड्रयू मैकडोनाल्ड ने संकेत दिया है कि अगले साल IPL 2027 में टीम के टेस्ट खिलाड़ियों की भागीदारी को लेकर कुछ कड़े फैसले लेने पड़ सकते हैं, क्योंकि शेड्यूल बहुत व्यस्त है और एशेज़ से पहले तेज़ गेंदबाजों का मैनेजमेंट खास तौर पर अहम है।

ऑस्ट्रेलिया गुरुवार को डार्विन और मैके में बांग्लादेश के खिलाफ़ मैच के साथ 12 महीनों में 20 टेस्ट और 14 व्हाइट-बॉल गेम का सिलसिला शुरू करेगा। इस दौरान ज़िम्बाब्वे और दक्षिण अफ्रीका में छह वनडे, दक्षिण अफ्रीका में तीन टेस्ट, घर पर इंग्लैंड के खिलाफ़ आठ व्हाइट-बॉल गेम, न्यूज़ीलैंड के खिलाफ़ चार घरेलू टेस्ट, भारत का पांच-टेस्ट का दौरा, मार्च में इंग्लैंड के खिलाफ़ 150वीं वर्षगांठ का एक घरेलू टेस्ट और फिर जून और जुलाई में इंग्लैंड का पांच-टेस्ट का दौरा शामिल है।

इस लिस्ट में वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल भी जुड़ सकता है। इसके बाद अगस्त के आखिर में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ़ घरेलू व्हाइट-बॉल सीरीज़ होने की संभावना है, जिसके बाद अक्टूबर और नवंबर में वनडे वर्ल्ड कप होगा।

ऑस्ट्रेलिया के मौजूदा पहली पसंद के टेस्ट और वनडे खिलाड़ियों में से पांच – पैट कमिंस, मिशेल स्टार्क, जोश हेज़लवुड, कैमरन ग्रीन और ट्रैविस हेड – आईपीएल लिस्ट में हैं, लेकिन रिटेंशन की समय-सीमा और इस साल के आखिर में होने वाली नीलामी के बाद यह बदल सकता है। वनडे विकेटकीपर और टेस्ट बैक-अप जोश इंग्लिस भी लखनऊ की मौजूदा टीम का हिस्सा हैं।

मैकडोनाल्ड ने एक अग्रणी क्रिकेट वेबसाइट से कहा, “मुझे पता है कि लोग आईपीएल और उस समय का इस्तेमाल कैसे किया जाए, इस बारे में बात करेंगे। मैंने पहले भी कहा है कि आईपीएल हमारे कई खिलाड़ियों के लिए हमारे मैनेजमेंट प्लान का हिस्सा है। टी20 क्रिकेट के लिहाज़ से सबसे अच्छे कॉम्पिटिशन में अपने सबसे अच्छे खिलाड़ियों को खेलने का मौका देने से उनके परफॉर्मेंस में भी फ़ायदा होता है। बस आपको इसमें बैलेंस बनाना होता है।”

उपलब्धता को लेकर पहले ही तनाव

भारत और ऑस्ट्रेलिया में आईपीएल के लिए उन खिलाड़ियों की उपलब्धता को लेकर पहले ही तनाव रहा है। पिछले सीज़न में दिल्ली कैपिटल्स, रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर और सनराइजर्स हैदराबाद तब निराश हुए थे जब स्टार्क, हेज़लवुड और कमिंस टूर्नामेंट में देर से पहुंचे थे, क्योंकि वे सीए की देखरेख में चोट की समस्याओं से निपट रहे थे।

ऑस्ट्रेलिया में तब हैरानी हुई थी जब नेशनल सेलेक्टर्स ने इन तीनों और हेड को पाकिस्तान और बांग्लादेश के दो व्हाइट-बॉल टूर से बाहर रखने का फ़ैसला किया, जबकि उन्हें आईपीएल खेलने की इजाज़त दी गई थी, ताकि वे आराम कर सकें और आगे के मुश्किल शेड्यूल के लिए तैयारी कर सकें।

IPL 2027 के दौरान आराम करने की योजना

ऑस्ट्रेलिया के उम्रदराज़ तेज़ गेंदबाज़ों के लिए बिना खेले, स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग के लिए शेड्यूल में आठ हफ़्ते का ब्रेक मिलना उनकी फ़िटनेस और 30 के दशक के बीच तक लंबे समय तक सफलता के लिए बहुत ज़रूरी रहा है। 2027 में आईपीएल का समय – जो जून में डब्ल्यूटीसी फ़ाइनल से पहले मार्च के बीच से मई के अंत तक चलने की संभावना है – एकमात्र ऐसा ब्लॉक है जब ऑस्ट्रेलिया के पास अभी से 2027 के अंत तक कोई इंटरनेशनल क्रिकेट नहीं होगा। आईपीएल ने उन विदेशी खिलाड़ियों के लिए दो साल का बैन लगाया है जो ऑक्शन के दौरान साइन करते हैं और फिर बिना किसी चोट के बाद में हट जाते हैं।

मैकडोनाल्ड ने कहा, “मुझे पता है कि लोग देश बनाम फ्रेंचाइज़ी और ऐसी बातें करते हैं, लेकिन इस समय का अहम हिस्सा यह है कि हम अपने तेज़ गेंदबाज़ों को अपने शरीर को रीसेट करने और सब कुछ ठीक करने का मौका दे रहे हैं, ताकि वे उन 20 या 21 मैचों में अपना बेस्ट दे सकें जिनकी हर कोई बात करता है।”

6 विकेट झटककर राशिद ने अफगानिस्तान को ODI विश्वकप क्वालिफायर खेलने से बचाया

AFGvsIRE इब्राहिम जदरान (84) रन की अर्धशतकीय पारी के बाद राशिद खान (छह विकेट) के बेहतरीन गेंदबाजी प्रदर्शन की बदौलत अफगानिस्तान ने बारिश बाधित दूसरे एकदिवसीय मुकाबले में आयरलैंड को 92 रनों से हराया। इसी के साथ उसने तीन मैचों की सरीज में बढ़त बना ली है। ब्रेडी क्रिकेट क्लब में शुक्रवार को आयरलैंड के खिलाफ दूसरे वनडे में अफ़गानिस्तान ने 92 रनों से शानदार जीत हासिल की।

बारिश की वजह से पहला वनडे बिना टॉस के ही रद्द हो गया था, और इस मैच की शुरुआत भी खराब मौसम के कारण देर से हुई, जिससे इसे घटाकर 47 ओवर का कर दिया गया। इब्राहिम जदरान की कप्तानी में अफगानिस्तान ने आठ विकेट पर 299 रन बनाए, जिसके बाद राशिद खान ने 6 विकेट लेकर आयरलैंड की टीम को 33.4 ओवर में 207 रनों पर समेट दिया।इसी के साथ अफगानिस्तान ने 2027 में होने वाले एकदिवसीय विश्वकप में सीधा प्रवेश पा लिया और अब उसको क्वालिफायर्स में खेलेने की जरुरत नहीं है।

बादल छाए होने के कारण पहले गेंदबाजी करने का फैसला करने के बाद, आयरलैंड के गेंदबाजों को नई गेंद से अच्छी मूवमेंट मिली। मार्क अडेयर ने मेडन ओवर के साथ शुरुआत की और उसके बाद तीन रन वाला ओवर डाला, लेकिन उनके साथी जय मूंड्रा को रहमानुल्लाह गुरबाज ने शुरुआत में ही निशाने पर ले लिया। यह बाएं हाथ का तेज गेंदबाज महंगा साबित हुआ। उसने अपने शुरुआती दो ओवरों में दो बार नो-बॉल की और चार बाउंड्री दीं। उसका तीसरा ओवर भी खराब रहा, जिसमें गुरबाज ने उस पर एक छक्का और फिर एक चौका जड़ा, लेकिन आख़िरकार मूंड्रा को सफलता मिली जब गुरबाज़ एक और आक्रामक शॉट खेलने की कोशिश में दो गेंद बाद कैच आउट हो गए।

मूंड्रा के शुरुआती स्पेल में महंगे साबित होने के बीच सेदिकुल्लाह अटल ने टीम की गति बनाए रखी। पावरप्ले के अंत तक अफगानिस्तान का स्कोर एक विकेट पर 65 रन था। हालांकि उसके बाद स्कोरिंग रेट थोड़ा धीमा हुआ, लेकिन इब्राहिम और अटल के बीच 116 रनों की साझेदारी ने उन्हें मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। धीमी शुरुआत करने वाले इब्राहिम ने पावरप्ले के बाद आक्रामक रुख अपनाया और 19वें ओवर में 52 गेंदों पर अपनी फ़िफ्टी पूरी की। यह साझेदारी 25वें ओवर में टूटी, जब अटल हैरी टेक्टर का शिकार बने।

आयरलैंड ने कुछ कसी हुई गेंदबाजी की, लेकिन कप्तान रहमत शाह और इब्राहिम के बीच 43 रनों की साझेदारी ने अफगानिस्तान की पारी को आगे बढ़ाया। इसके बाद दो ओवरों के अंतराल में दोनों आउट हो गए – इब्राहिम 34वें ओवर में कर्टिस कैम्फर पर हमला करने की कोशिश में और रहमत 36वें ओवर में गैविन होए के हाथों कैच आउट हुए – लेकिन अजमतुल्लाह ओमरजई और दरविश रसूली के बीच 43 रनों की तेज साझेदारी ने यह सुनिश्चित किया कि मेहमान टीम जीत की राह पर बनी रहे।

मैच के आखिर में आयरलैंड ने कुछ विकेट लेकर वापसी की, क्योंकि अफगानिस्तान ने 21 रन पर तीन विकेट गंवा दिए थे। फिर भी, हशमतुल्लाह शाहिदी की आक्रामक लेकिन सधी हुई 21 गेंदों में 36 रनों की पारी (जिसमें आखिरी दो ओवरों में चार बाउंड्री शामिल थीं) ने यह पक्का किया कि मेहमान टीम मजबूत स्थिति में रहे। जवाब में, पॉल स्टर्लिंग का विकेट जल्दी गिरने के बावजूद आयरलैंड ने अच्छी शुरुआत की और अफगानिस्तान के पावरप्ले स्कोर (1 विकेट पर 65 रन) की बराबरी की। एंडी बालबर्नी क्रीज़ पर सहज दिखे और खराब लाइन-लेंथ वाली गेंदों पर तेज़ी से रन बटोरे।

अपना केवल चौथा वनडे खेल रहे केड कारमाइकल ने 14वें ओवर में सलीम साफ़ी के खिलाफ़ 21 रन बनाकर अफगानिस्तान पर दबाव बनाया। यह आयरलैंड के लिए मोमेंटम हासिल करने वाला टर्निंग पॉइंट साबित नहीं हुआ, क्योंकि राशिद खान ने जल्दी-जल्दी बालबर्नी और टेक्टर के विकेट चटका दिए। लोर्कन टकर और कारमाइकल ने पारी को संभालने की कोशिश की और कारमाइकल ने 44 गेंदों में अपना पहला वनडे अर्धशतक पूरा किया। 38 रनों की इस साझेदारी का अंत टकर के लिए दुर्भाग्यपूर्ण रहा। पगबाधा की अपील के दौरान गेंद पर नजर न रहने के कारण वह रन-आउट हो गए। इसके ठीक अगले ओवर में कारमाइकल भी आउट हो गए, जिससे आयरलैंड का स्कोर पांच विकेट पर 152 रन हो गया।

इसके बाद बेन कैलिट्ज और कर्टिस कैम्फर ने अचानक आक्रामक रुख अपनाया और अगले तीन ओवरों में 41 रन (पांच चौके और दो छक्के) बनाए, लेकिन राशिद ने कैलिट्ज़ को बोल्ड करके इस साझेदारी को खत्म कर दिया। उस विकेट के बाद आयरलैंड की पारी लड़खड़ा गई और टीम ने चार ओवरों में सिर्फ़ नौ रन पर अपने आखिरी चार विकेट गंवा दिए। राशिद ने उन चार में से तीन विकेट लिए और 6-34 के शानदार आंकड़े के साथ मैच खत्म किया, जिससे अफगानिस्तान ने पांच मैचों की सीरीज में बढ़त बना ली। अगला एकदिवसीय मैच सोमवार को बेलफ़ास्ट के सिविल सर्विस क्रिकेट क्लब में खेला जाएगा।

India vs Sri Lanka: श्रीलंका टेस्ट सीरीज से पहले टीम इंडिया को लगा बड़ा झटका, जसप्रीत बुमराह के बाद ये खिलाड़ी हुआ बाहर

भारतीय टीम को श्रीलंका के खिलाफ होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज से पहले बड़ा झटका लगा है। चोट की वजह से बाएं हाथ के बल्लेबाज बी साई सुदर्शन इस सीरीज से बाहर हो गए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, साई सुदर्शन के पैर के अंगूठे में चोट लगी है और वह अभी पूरी तरह फिट नहीं हुए हैं। श्रीलंका के खिलाफ दोनों टेस्ट मैचों की टेस्ट सीरीज की शुरुआत 15 अगस्त से हो रही है। बीसीसीआई ने साई सुदर्शन के रिप्लेसमेंट प्लेयर का ऐलान नहीं किया है। वहीं इससे पहले जसप्रीत बुमराह चोट की वजह से श्रीलंका सीरीज से बाहर हो गए हैं।

साई सुदर्शन ने जून में अफगानिस्तान के खिलाफ खेले गए एकमात्र टेस्ट की पहली पारी में 81 रन की महत्वपूर्ण पारी भी खेली थी। साई को श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए भारत की 15 सदस्यीय टीम में जगह दी गई थी। लेकिन टीम में उनका शामिल होना पूरी तरह फिट होने और फिटनेस टेस्ट पास करने पर निर्भर था।

साई नहीं पहुंचे कोलंबो

साई सुदर्शन 4 अगस्त को भारतीय टीम के बाकी खिलाड़ियों के साथ श्रीलंका रवाना नहीं हुए थे और उनके 8 अगस्त को कोलंबो में टीम से जुड़ने की उम्मीद थी। लेकिन, अब सामने आई जानकारी के मुताबिक चोट के कारण वह श्रीलंका के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज में नहीं खेल पाएंगे। सुदर्शन का बाहर होना भारतीय टीम के लिए बड़ा नुकसान माना जा रहा है, क्योंकि वह शानदार फॉर्म में चल रहे थे। हाल ही में जून-जुलाई में इंडिया ए की ओर से श्रीलंका ए के खिलाफ खेले गए दो अनऑफिशियल टेस्ट मैचों में उन्होंने दोनों मुकाबलों की पहली पारी में शतक लगाया था।

ये खिलाड़ी ले सकता है जगह

साई सुदर्शन के बाहर होने के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड जल्द ही उनके विकल्प के नाम का ऐलान कर सकता है। सुदर्शन की जगह देवदत्त पडिक्कल को पहले टेस्ट में नंबर-3 पर बल्लेबाजी का मौका मिल सकता है। भारत और श्रीलंका के बीच पहला टेस्ट 15 अगस्त से गाले में खेला जाना है। पडिक्कल भी इस समय अच्छी लय में हैं और उन्होंने कोलंबो में श्रीलंका क्रिकेट XI के खिलाफ खेले जा रहे तीन दिवसीय प्रैक्टिस मैच की पहली पारी में शानदार शतक लगाया है। पडिक्कल ने नंबर-3 पर बल्लेबाजी करते हुए 121 गेंदों में 103 रन की शानदार पारी खेली। उन्होंने केएल राहुल और रवींद्र जडेजा के साथ अहम साझेदारियां भी कीं।

ये खिलाड़ी भी लिस्ट में

साई सुदर्शन के बाहर होने के बाद बीसीसीआई उनकी जगह लेने के लिए सरफराज खान, रजत पाटीदार और ऋतुराज गायकवाड़ में से किसी एक को टीम में शामिल कर सकता है। सरफराज भारत के लिए 6 टेस्ट खेल चुके हैं, जबकि पाटीदार 3 टेस्ट मैचों में टीम का हिस्सा रहे हैं। वहीं, ऋतुराज ने 47 फर्स्ट क्लास मैचों में 3,294 रन बनाए हैं। वह भारत के लिए वनडे और टी20 मैच खेल चुके हैं, लेकिन अभी तक टेस्ट डेब्यू नहीं किया है।

Rishabh Pant: ऋषभ पंत के जमीन ना खरीद पाने के पोस्ट पर सीएम धामी ने दिया रिएक्शन, कही ये बात

Rishabh Pant: ऋषभ पंत के जमीन ना खरीद पाने के पोस्ट पर सीएम धामी ने दिया रिएक्शन, कही ये बात

भारतीय क्रिकेटर ऋषभ पंत ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए उत्तराखंड में जमीन खरीदने को लेकर अपनी परेशानी बताई थी। उन्होंने कहा था कि जमीन खरीदने की कोशिश उनके लिए किसी बुरे सपने जैसी हो गई है। वहीं पंत की इस पोस्ट के कुछ घंटों बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनके पोस्ट पर अपना रिएक्शन दिया है। धामी ने कहा कि अपनी जन्मभूमि से जुड़ने और वहां लौटने की पंत की इच्छा सराहनीय है। मुख्यमंत्री ने ये भी भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार उनकी इस इच्छा को पूरा करने में हर संभव मदद और सहयोग करेगी। ऋषभ पंत इस समय भारतीय टीम के साथ श्रीलंका में हैं, जहां टीम को 15 अगस्त से दो मैचों की टेस्ट सीरीज खेलनी है।

धामी ने क्या कहा

देर रात X पर किए गए एक पोस्ट में ऋषभ पंत ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को टैग कर जमीन खरीदने में मदद की अपील की। पंत ने अपनी पोस्ट में कहा कि उन्हें उत्तराखंड को बढ़ावा देने के लिए जमीन देने का वादा भी किया गया था। धामी ने शनिवार सुबह सोशल मीडिया पर लिखा, “प्रिय ऋषभ, आप उत्तराखंड का गौरव हैं। अपने शानदार खेल और उपलब्धियों के जरिए आपने देश ही नहीं, बल्कि दुनियाभर में देवभूमि का नाम रोशन किया है। अपनी मातृभूमि के प्रति आपका प्रेम और वापस आकर राज्य के विकास में योगदान देने की आपकी इच्छा वाकई सराहनीय है।”

सीएम ने कहा जल्द करेंगें संपर्क

उन्होंने आगे कहा, “आपने जो मामला उठाया है, उसे लेकर संबंधित अधिकारियों को जरूरी कार्रवाई के निर्देश दिए जा रहे हैं। अधिकारी जल्द ही आपसे संपर्क करेंगे और नियमों व तय प्रक्रियाओं के तहत आपको हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।” उत्तराखंड से ताल्लुक रखने वाले भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत घरेलू क्रिकेट में दिल्ली की टीम का प्रतिनिधित्व करते हैं।अपने सोशल मीडिया पोस्ट में 28 वर्षीय ऋषभ पंत ने बताया कि वह दिल्ली छोड़कर उत्तराखंड में बसने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह वहां अपना घर बनाना चाहते हैं, लेकिन जमीन खरीदने में उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

दिल्ली से उत्तराखंड शिफ्ट होना चाहता हूं

अपने पोस्ट में पंत ने लिखा, “सीएम पुष्कर सिंह धामी हेलो सर, आप कैसे हैं??? मुझे बहुत समय हो गया है, खासकर उत्तराखंड का लोकल होने के नाते। मैं दिल्ली से उत्तराखंड शिफ्ट होने के लिए जमीन खरीदने की कोशिश कर रहा हूं, लेकिन यहां रहने के लिए कुछ आसान और बड़ा नहीं मिल पाया है। मुझे अपना उत्तराखंड बहुत पसंद है। मेरी आपसे विनम्र रिक्वेस्ट है कि प्लीज जमीन खरीदने में मेरी मदद करें, क्योंकि आजकल यह क्लैरिटी के साथ एक बुरे सपने जैसा बन गया है। मुझे एक और जमीन भी मिली थी, जो मुझे तब मिली थी जब मैं सब कुछ अंदर रखने से पहले राज्य का प्रचार कर रहा था।”

 

पंत ने लिखा, “मैं उत्तराखंड के आसपास मदद करने और इसे बनाने के लिए अपने मूल स्थान पर वापस जाना चाहता हूं और अपने पहाड़ी लोगों के पास लौटना चाहता हूं। प्लीज इस मामले को देखें। 3 साल हो गए हैं, आपके जवाब का इंतजार कर रहा हूं, लेकिन अभी तक कोई जमीन नहीं मिली है।”

एक अन्य पोस्ट में पंत ने कहा कि वह सरकार से जमीन खरीदना चाहते हैं, जिस पर वह उत्तराखंड में अपना पहला घर बना सकें। पंत ने लिखा, “इंटरनेशनल लेवल पर सबसे ऊंचे स्तर पर अपने राज्य को रिप्रेजेंट करने के लिए गिफ्ट मिलना बहुत अच्छा रहेगा, लेकिन अगर आप इजाजत दें तो मैं इसे सरकार से खरीदना चाहता हूं। सरकार के तय रेट पर जमीन लेकर कम से कम मैं अपने राज्य में अपना पहला घर बना सकूं। कृपया हमारे राज्य में मेरी मदद करें। सच में, मुझे नहीं पता था कि यह प्रक्रिया कैसे करनी है।”