Asian Games 2026: एशियन गेम्स में भारतीय क्रिकेटरों को मिलेंगे अलग होटल? IOA ने BCCI के सामने रखी ये शर्त

जापान के आइची-नागोया में होने वाले एशियन गेम्स 2026 से पहले भारतीय क्रिकेट टीमों के ठहरने और सुविधाओं को लेकर मामला चर्चा में है। आयोजकों ने दोनों टीमों के लिए होटल तय कर दिए हैं, लेकिन BCCI अभी इन व्यवस्थाओं को लेकर अंतिम फैसला नहीं किया है। वहीं इसी बीच भारतीय ओलिंपिक संघ (IOA) ने साफ किया कि भारतीय क्रिकेट टीम के लिए अलग से होटल की व्यवस्था नहीं किया जाएगा।

अगर BCCI अपने खिलाड़ियों के लिए अलग जगह चाहता है, तो खिलाड़ियों की पूरी व्यवस्था बोर्ड को खुद संभालनी होगी। इसमें होटल का खर्च, खाने-पीने, आने-जाने और मैच स्थल तक खिलाड़ियों को पहुंचाने जैसी जिम्मेदारियां शामिल होंगी। ये व्यवस्था जापान के आइची-नागोया में होने वाले एशियन गेम्स के दौरान लागू हो सकती है।

BCCI को लेनी होगा जिम्मेदारी

रिपोर्ट के अनुसार, IOA ने साफ किया कि वह एशियन गेम्स के दौरान क्रिकेट टीम के लिए अलग होटल की व्यवस्था नहीं करेगा। अगर BCCI को आयोजन समिति की ओर से दिया गया होटल सुविधाजनक नहीं लगता है, तो वह खिलाड़ियों के लिए अपनी पसंद की जगह बुक कर सकता है। लेकिन, होटल चुनने से लेकर खिलाड़ियों के खाने और आने-जाने जैसी सभी व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी BCCI को ही संभालनी होगी।

CEO रघुराम अय्यर ने क्या कहा

TOI से बात करते हुए IOA के CEO रघुराम अय्यर ने कहा, “BCCI के CEO हेमांग अमीन ने हमसे संपर्क किया और हमारी अच्छी बातचीत हुई। वे सुविधाओं का आकलन करने के लिए जापान में एक एडवांस टीम भेजने पर विचार कर रहे हैं। IOA को इससे कोई दिक्कत नहीं है। अपने आकलन के आधार पर, वे तय कर सकते हैं कि वे आयोजक की सुविधाओं का इस्तेमाल करना चाहते हैं या अपना इंतजाम खुद करना चाहते हैं।”

एक कमरे में होंगे दो खिलाड़ी

फिलहाल एशियन गेम्स के आयोजकों ने भारतीय पुरुष और महिला क्रिकेट टीमों के लिए होटल तय कर दिए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, पुरुष टीम को तीन स्टार APA होटल नागोया एकिमाए और महिला टीम को चार स्टार मेइतेत्सु ग्रैंड होटल में ठहराया जाएगा। दोनों होटलों में जरूरी सुविधाएं मौजूद हैं, लेकिन भारतीय क्रिकेटरों को आमतौर पर मिलने वाली पांच स्टार सुविधा के मुकाबले ये एक स्तर नीचे हैं। इसके अलावा खिलाड़ियों के लिए दो लोगों के एक कमरे में रहने की व्यवस्था की गई है, जिस पर भी सवाल उठ रहे हैं।

BCCI एक टीम भेजेगी नेपाल

हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली भारतीय महिला टीम के लिए एशियन गेम्स से पहले यात्रा और ठहरने से जुड़ी कुछ चुनौतियां सामने आ सकती हैं। टीम 13 सितंबर को दुबई में एशिया कप खत्म करने के बाद 14 सितंबर को जापान के नागोया के लिए रवाना होगी, जहां उसका अभियान 17 सितंबर से शुरू होना है। इससे पहले BCCI एक टीम को जापान भेजेगा, जो होटल, क्रिकेट मैदान और खिलाड़ियों के लिए उपलब्ध दूसरी सुविधाओं की जांच करेगी। इसके बाद ही खिलाड़ियों के ठहरने की व्यवस्था को लेकर अंतिम फैसला लिया जाएगा।

IND W vs PAK W: एशिया कप में आज भिड़ेंगी भारत-पाकिस्तान की टीम, जानें कब और कहां देखें लाइव मैच

IND vs PAK: महिला टी20 एशिया कप 2026 के 9वें मुकाबले भारत और पाकिस्तान की टीमें आमने-सामने होंगी। भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाला मुकाबला हमेशा से दर्शकों के लिए खास रहा हैं। दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में होने वाला ये मुकाबला टूर्नामेंट में भारत का आखिरी ग्रुप मैच है। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारतीय महिला क्रिकेट टीम एशिया कप में बेहतरीन प्रदर्शन कर रही है। भारत पहले ही अपने शुरुआती दोनों मुकाबले जीतकर सेमीफाइनल में जगह बना चुका है, ऐसे में टीम पाकिस्तान के खिलाफ भी अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखना चाहेगी। आइए जानते हैं कब और कहां पर देखें ये मुकाबला

भारत-पाकिस्तान के बीच होगा मुकाबला

भारतीय महिला टीम ने अब तक अपने दोनों मैच जीत लिए हैं और सेमीफाइनल में जगह बना ली है। अब पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबला भारत के लिए सेमीफाइनल से पहले अपनी तैयारी जांचने का अच्छा मौका होगा। भारत का प्रदर्शन अब तक मजबूत रहा है, इसलिए इस मैच में भी उसे जीत का दावेदार माना जा रहा है। वहीं, पाकिस्तान ने अपना पहला मैच थाईलैंड के खिलाफ जीता था और सेमीफाइनल की उम्मीद बनाए रखने के लिए उसे भारत के खिलाफ अच्छा खेलना होगा। भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच हमेशा से ही लोगों के बीच काफी चर्चा में रहते हैं। पिछले कुछ मैचों में दोनों टीमों के बीच ज्यादा कड़ा मुकाबला देखने को नहीं मिला है।

भारत और पाकिस्तान की रिकॉर्ड

टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में भारत का पाकिस्तान के खिलाफ रिकॉर्ड काफी मजबूत रहा है। दोनों टीमों के बीच अब तक कुल 17 मुकाबले खेले गए हैं, जिनमें भारतीय टीम ने 14 मैच जीते हैं, जबकि पाकिस्तान को सिर्फ 3 मैचों में जीत मिली है। दोनों टीमों के बीच अब तक कोई भी मुकाबला बिना नतीजे के खत्म नहीं हुआ है।

कब खेला जाएगा मुकाबला

भारत और पाकिस्तान की महिला टीमों के बीच एशिया कप का टी20 मुकाबला शनिवार, 5 सितंबर को खेला जाएगा। दोनों टीमें दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में आमने-सामने होंगी। क्रिकेट फैंस की नजरें इस मुकाबले पर रहेंगी, क्योंकि भारत-पाकिस्तान के बीच होने वाला मैच हमेशा खास माना जाता है।

कितने बजे शुरू होगा मुकाबला

भारत और पाकिस्तान की महिला टीमों के बीच एशिया कप टी20 मैच शनिवार को रात 8 बजे भारतीय समय के अनुसार शुरू होगा। मुकाबले से आधे घंटे पहले यानी शाम 7:30 बजे टॉस होगा। ऐसे में क्रिकेट फैंस शाम 7:30 बजे से मैच से जुड़ी अपडेट देख सकते हैं।

कहां पर लाइव देखें मुकाबला

भारत में भारत-पाकिस्तान महिला एशिया कप टी20 मैच को टीवी पर सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क के चैनलों पर देखा जा सकेगा। वहीं, जो फैंस मोबाइल या लैपटॉप पर मैच देखना चाहते हैं, वे SonyLIV ऐप और वेबसाइट के जरिए लाइव स्ट्रीमिंग का मजा ले सकते हैं।

भारत और पाकिस्तान की संभावित प्लेइंग 11

भारत की प्लेइंग 11 (संभावित): स्मृति मंधाना, शैफाली वर्मा, प्रतीक रावल, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), भारती फुलमाली, ऋचा घोष (विकेट कीपर), दीप्ति शर्मा, प्रेमा रावत, नंदनी शर्मा, श्री चरणी, क्रांति गौड़

पाकिस्तान की प्लेइंग 11 (संभावित): मुनीबा अली (विकेट कीपर), शवाल जुल्फिकार, गुल फिरोजा, आयशा जफर, सदफ शमास, फातिमा सना (कप्तान), इमान फातिमा, उम्म-ए-हानी, तुबा हसन, नशरा संधू, सादिया इकबाल

क्रिकेट में पहली बार भारत बनाम जापान का एतिहासिक मैच होगा इस तारीख को

जापान क्रिकेट एसोसिएशन (JCA) और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) को यह बताते हुए खुशी हो रही है कि दोनों देशों की पुरुष टीमें भारत-जापान डिप्लोमैटिक रिलेशन की 75वीं सालगिरह के जश्न को शुरू करने के लिए एक टी 20 इंटरनेशनल मैच खेलेंगी। सुज़ुकी कप मंगलवार, 22 सितंबर को टोचिगी प्रीफेक्चर के सानो इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड में होगा।

यह मैच “स्पोर्ट 75” का पहला कदम होगा, यह एक पहल है जो जापानी प्रधानमंत्री साने ताकाइची और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच एक समिट के दौरान हुए समझौते से निकली है और इसका मकसद खेल के क्षेत्र में भारत और जापान के बीच लोगों के लेन-देन और सहयोग को बढ़ावा देना है।

बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया ने कहा: “बीसीसीआई इस ऐतिहासिक मौके का हिस्सा बनकर बहुत खुश है, जब भारत और जापान की पुरुष टीमें जापान में एक खास टी 20 इंटरनेशनल मैच के लिए एक साथ आ रही हैं।” सैकिया ने कहा, “भारत और जापान के बीच एक मजबूत और लंबे समय से चले आ रहे रिश्ते और दोस्ती है, और हमें खुशी है कि क्रिकेट दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों के 75 साल पूरे होने के जश्न का हिस्सा होगा, और हम इस मैच को मुमकिन बनाने के लिए जापान क्रिकेट एसोसिएशन (जेसीए) को उनकी कोशिशों के लिए धन्यवाद देते हैं।

बीसीसीआई का मानना है कि क्रिकेट की ग्रोथ उसके पारंपरिक इलाकों से आगे बढ़नी चाहिए, और दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट बोर्ड के तौर पर, हम उस ग्रोथ में योगदान देने की अपनी ज़िम्मेदारी समझते हैं। बीसीसीआई जापान में क्रिकेट को और मजबूत करने और आने वाले सालों में इस रिश्ते को और मजबूत करने के लिए जेसीए के साथ मिलकर काम करेगा।” जेसीए के सीईओ नाओकी मियाजी ने कहा: “मौजूदा वर्ल्ड चैंपियंस को जापान में बुलाना हमारे एसोसिएशन के लिए एक अहम पल है। यह सच में एक यादगार मौका होगा।”

Vaibhav Sooryavanshi: ‘बनाएंगे अगला सचिन तेंदुलकर…’, वैभव सूर्यवंशी को लेकर BCCI कर रही बड़ी प्लानिंग

वैभव सूर्यवंशी का नाम, भारत में क्रिकेट को पसंद करने वाला हर कोई जानने लगा है। सिर्फ 15 साल की उम्र में वैभव ने बड़ी कामयाबी हासिल कर ली है। इंटरेनशनल क्रिकेट में कदम रखने के साथ ही उन्होंने सभी को अपना दीवाना बना लिया है। वहीं वैभव को लेकर बीसीसीआई भी अब काफी गंभीर है और वो इस युवा बल्लेबाज को सचिन तेंदुलकर जैसा बड़ा नाम बनते देखना चाहती है। गुरुवार को हुई बीसीसीआई की समीक्षा बैठक में इसकी भी चर्चा हुई। मीटिंग के बाद सचिव देवजीत सैकिया ने इसका खुलासा किया।

बीसीसीआई का बड़ा प्लान

दलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन के उप-कप्तान की जिम्मेदारी संभाल रहे वैभव सूर्यवंशी से उम्मीद की जा रही है कि वह महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर की तरह लंबा और शानदार क्रिकेट करियर बनाएं। बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने कहा कि बोर्ड इस युवा खिलाड़ी के प्रदर्शन और करियर पर लगातार नजर रख रहा है। उन्होंने बताया कि वैभव के भविष्य को लेकर बीसीसीआई की टीम हर जरूरी कदम पर उसका ध्यान रख रही है।

सचिन जैसे नाम बनाने की तैयारी!

सैकिया ने रिपोर्टर्स से कहा कि बीसीसीआई चाहता है कि वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा खिलाड़ी देश के लिए उसी तरह शानदार प्रदर्शन करें, जिस तरह सचिन तेंदुलकर और दूसरे महान खिलाड़ियों ने किया है। उन्होंने कहा कि बोर्ड वैभव को लेकर काफी गंभीर है और उसके प्रदर्शन के साथ-साथ इंटरनेशनल करियर में आगे बढ़ने वाले हर कदम पर नजर रख रहा है। बीसीसीआई उसके भविष्य को लेकर बेहद करीब से काम कर रहा है, ताकि वह आगे चलकर देश के लिए लंबे समय तक अच्छा प्रदर्शन कर सके।

वैभव पर है नजर

सैकिया ने रिपोर्टर्स से कहा, “हम चाहते हैं कि वैभव सूर्यवंशी या उनके स्तर का कोई भी खिलाड़ी देश के लिए उसी तरह खेले, जैसे सचिन तेंदुलकर और दूसरे महान खिलाड़ियों ने खेलकर अपनी पहचान बनाई।” उन्होंने आगे कहा, “इसी वजह से हम वैभव को काफी गंभीरता से लेते हैं। उसके खेल के हर पहलू और इंटरनेशनल करियर में आगे बढ़ने वाले हर कदम पर नजर रखी जा रही है। बीसीसीआई उसके भविष्य को लेकर बहुत करीब से नजर रख रहा है।”

वैभव के बल्लेबाजी के सभी फैन

बता दें कि, बिहार के समस्तीपुर के रहने वाले 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने अभी तक इंटरनेशनल क्रिकेट में सिर्फ पांच मैच खेले हैं, लेकिन उनके प्रदर्शन ने बीसीसीआई की उम्मीदें बढ़ा दी हैं। बाएं हाथ के इस युवा ओपनर ने आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स के लिए शानदार बल्लेबाजी की और 776 रन बनाए। उनके इस प्रदर्शन के दम पर उन्हें ऑरेंज कैप समेत कई पुरस्कार मिले और भारतीय टीम में जगह बनाने का मौका मिला।

इंटरनेशनल क्रिकेट में वैभव सूर्यवंशी की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। इंग्लैंड के खिलाफ शुरुआती तीन मैचों में वह बड़ी पारी नहीं खेल सके और पांचवें टी20 मुकाबले में उन्हें प्लेइंग इलेवन में भी जगह नहीं मिली। हालांकि, उन्होंने जल्द ही वापसी करते हुए अपनी बल्लेबाजी का दम दिखाया। जिम्बाब्वे के खिलाफ उन्होंने 200 से ज्यादा रन बनाए और शानदार प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द सीरीज का पुरस्कार अपने नाम किया।

एशिया कप में विस्फोटक शतक से स्मृति मंधाना ने तोड़े यह 3 बड़े रिकॉर्ड

Smriti Mandhana

मिताली राज को पीछे छोड़ महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाली बल्लेबाज बनने के बाद स्मृति मंधाना ने कहा कि उन्होंने “कभी कल्पना नहीं की थी” कि वह भारतीय क्रिकेट की इस दिग्गज बल्लेबाज को पीछे छोड़ पाएंगी।मंधाना ने अपने करियर का बड़ा हिस्सा मिताली राज की कप्तानी में खेला है। मिताली उनके लिए बचपन से ही आदर्श रही हैं।

दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम गुरुवार को भारतीय उपकप्तान ने मिताली के 10,868 अंतरराष्ट्रीय रनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। मंधाना के नाम अब तीनों प्रारूपों में कुल 10,880 रन हो गए हैं।मंधाना ने मैच के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘ जब तक मैं बल्लेबाजी कर रही थी, मुझे पता ही नहीं था कि मैं कौन सा रिकॉर्ड तोड़ने वाली हूं, क्योंकि मुझे रनों का सही आंकड़ा मालूम नहीं था।

उन्होंने कहा, ‘‘ मैं जब पीछे मुड़कर देखती हूं तो यह भारतीय क्रिकेट के लिए निश्चित रूप से बहुत अच्छा दिन था। मिताली दीदी ऐसी दिग्गज और आदर्श रही हैं, जिन्हें हम सभी ने बचपन से बल्लेबाजी करते हुए देखा है। उनके रनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ पाना मैंने कभी नहीं सोचा था। मुझे इस बात की खुशी है कि इस सूची में शीर्ष दो स्थानों पर भारतीय हैं।’’

हांगकांग के खिलाफ मंधाना ने शानदार शतक जड़कर एक और रिकॉर्ड अपने नाम किया। उन्होंने महिला टी20 एशिया कप में सर्वाधिक व्यक्तिगत स्कोर का नया रिकॉर्ड बनाया और श्रीलंका की चमारी अटापट्टू के नाबाद 119 रन के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा।उनकी पारी की बदौलत भारत ने पांच विकेट पर 193 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। जवाब में हांगकांग की टीम 16.2 ओवर में सिर्फ 56 रन पर सिमट गई और भारत ने महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय में रनों के लिहाज से अपनी दूसरी सबसे बड़ी जीत दर्ज की।

मंधाना ने महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक शतक लगाने वाली बल्लेबाज का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। उनके शतकों की संख्या अब 18 हो गई है, जिससे उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की दिग्गज मेग लैनिंग (17 शतक) को पीछे छोड़ दिया।

मंधाना ने कहा, “अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शतकों के रिकॉर्ड को पार करना खास है। 18 एक अच्छा आंकड़ा है।’’उन्होंने  कहा, ‘‘मेग लैनिंग और मिताली राज महिला क्रिकेट की दो ऐसी दिग्गज हैं, जिन्हें देखते हुए मैं बड़ी हुई हूं और बतौर बल्लेबाज उनसे बहुत कुछ सीखने की कोशिश की है।’’उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए खुशी है कि मैं इन दिग्गजों को पीछे छोड़ सकी, लेकिन फिर भी मैं इसे सिर्फ एक आंकड़ा ही मानूंगी।’’

भारत की लगातार दो बड़ी जीत के बावजूद मध्यक्रम के बल्लेबाज अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। मंधाना ने हालांकि अपनी साथी बल्लेबाजों का बचाव करते हुए कहा, “मध्यक्रम में सभी बल्लेबाज विश्वस्तरीय हैं और इसमें कोई संदेह नहीं है कि वे परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढाल लेंगी।”मंधाना ने यह भी माना कि दुबई की गर्मी और उमस में लंबे समय तक बल्लेबाजी करना शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने कहा, “आज ऐसा लग रहा था जैसे ‘स्टीम बॉक्स’ में बल्लेबाजी कर रही हूं। गर्मी और उमस के कारण लंबे समय तक बल्लेबाजी करना थोड़ा मुश्किल हो जाता है।’’

दलीप ट्रॉफी फाइनल खेलो, इन 3 खिलाड़ियों को मिली कोच गंभीर की हिदायत

सलामी बल्लेबाज केएल राहुल, श्रीलंका सीरीज के नायक देवदत्त पडिक्कल और अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज को चेन्नई में छह सितंबर से शुरू होने वाले दलीप ट्रॉफी फाइनल में पूर्वी क्षेत्र के खिलाफ दक्षिण क्षेत्र की ओर से खेलने के लिए कहा गया है।माना जा रहा है कि दक्षिण क्षेत्र के कप्तान तिलक वर्मा, उभरते हुए स्टार वैभव सूर्यवंशी और विकेटकीपर ईशान किशन (सभी भारत की टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम का हिस्सा हैं) का खेलना भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर की मंजूरी पर निर्भर करेगा।

इस घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले बीसीसीआई के सूत्र ने गोपनीयता की शर्त पर कहा, ‘‘राहुल, पडिक्कल और सिराज अभी कोई प्रतिस्पर्धी क्रिकेट नहीं खेल रहे हैं। राष्ट्रीय चयनकर्ता चाहते हैं कि जो भी भारतीय खिलाड़ी उपलब्ध हो, वह दलीप ट्रॉफी फाइनल खेले। इन तीनों ने आखिरी बार 27 अगस्त को मैच खेला था। अब वे 27 सितंबर को वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे मैच खेलेंगे। ’’उन्होंने कहा, ‘‘अब पडिक्कल वनडे टीम का हिस्सा नहीं हैं इसलिए हो सकता है कि वह भारत ए सीरीज खेलें। लेकिन अगर उन्हें दलीप ट्रॉफी के फाइनल में खेलने का मौका मिलता है, तो उन्हें खेलना चाहिए। ’’

पर सूर्यवंशी, किशन और तिलक के मामले में फैसला कोच गंभीर का होगा।सूत्र ने कहा, ‘‘भारतीय टीम नौ या 10 सितंबर को दिल्ली में जुटेगी। अगर मुख्य कोच चाहते हैं कि तीनों टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम के कार्यक्रम के हिसाब से रिपोर्ट करें तो वे नहीं खेल पाएंगे। लेकिन अगर मुख्य कोच चाहते हैं कि वे फाइनल खेलें और 10 सितंबर की देर शाम दिल्ली में रिपोर्ट करें तो वे ऐसा भी कर सकते हैं। 

 बीसीसीआई मयंक यादव, कार्तिक त्यागी और बाएं हाथ के गेंदबाज मोहसिन खान को जापान में होने वाले एशियाई खेलों में नेट गेंदबाज के तौर पर भारतीय टीम की ट्रेनिंग में मदद करने के लिए भेजने की योजना बना रहा है।बीसीसीआई नेट गेंदबाजों को साथ ले जाता रहा है और ये तीनों टी20 में अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी हैं।सूत्र ने कहा, ‘‘वे आधिकारिक भारतीय दल का हिस्सा नहीं होंगे और सिर्फ तब तक वहां रहेंगे जब तक भारतीय पुरुष टीम 26 सितंबर को अपना पहला मैच नहीं खेल लेती, बशर्ते बीसीसीआई 20 सितंबर को टीम के दिल्ली से रवाना होने से पहले उनके जापानी वीजा का इंतजाम कर ले। ’’

स्मृति मंधाना के रिकॉर्ड 124 रन के आधे रन भी नहीं बना पाई हॉंगकॉंग की टीम

Smriti Mandhana

सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना के तेजतर्रार शतक के बाद दीप्ति शर्मा की अगुआई में गेंदबाजों के उम्दा प्रदर्शन से भारत ने महिला एशिया कप टी20 क्रिकेट टूर्नामेंट के ग्रुप ए मैच में बृहस्पतिवार को यहां हांगकांग पर 137 रन की एकतरफा जीत के साथ सेमीफाइनल में प्रवेश किया।

भारत के 194 रन के कड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए हांगकांग की टीम ऑफ स्पिनर दीप्ति शर्मा (नौ रन पर तीन विकेट), तेज गेंदबाज नंदिनी शर्मा (छह रन पर दो विकेट), लेग लेग स्पिनर प्रेमा रावत (12 रन पर दो विकेट) और बाएं हाथ की स्पिनर श्री चरणी (16 रन पर दो विकेट) की धारदार गेंदबाजी के सामने 16.2 ओवर में सिर्फ 56 रन पर ढेर हो गई।

 हांगकांग ने अपने अंतिम छह विकेट सिर्फ चार रन पर गंवाए।हांगकांग की ओर से कप्तान नताशा माइल्स ने सर्वाधिक 15 रन बनाए। उनके अलावा सिर्फ मरीना लैमप्लो (14) और यास्मिन दसवानी (11) की दोहरे अंक में पहुंच सकी। स्मृति ने अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ पारी के दौरान 64 गेंद में 14 चौकों और सात छक्कों से 124 रन की पारी खेलने के अलावा शेफाली वर्मा (28) के साथ पहले विकेट के लिए आठ ओवर में 74 रन जोड़े जिससे भारत ने पांच विकेट पर 193 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया।

हांगकांग की ओर से ऑफ स्पिनर मरीना लैमप्लो सबसे सफल गेंदबाज रहीं जिन्होंने 46 रन देकर दो विकेट चटकाए। रुचिता वेंकटेश और जॉयलीन कौर ने भी एक-एक विकेट चटकाया।भारत अपना अंतिम ग्रुप मैच शनिवार को पाकिस्तान के खिलाफ खेलेगा।लक्ष्य का पीछा करने उतरे हांगकांग की शुरुआत बेहद धीमी रही और टीम पावर प्ले में मारिको हिल (00) का विकेट गंवाकर 16 रन ही बना सकी। मारिको को नंदिनी शर्मा ने बोल्ड किया।

पावर प्ले के छह ओवर में हांगकांग की ओर से सिर्फ दो बाउंड्री लगी जब यास्मिन ने छठे ओवर में श्री चरणी पर दो चौके मारे।नताशा ने सातवें ओवर में दीप्ति पर अपना पहला चौका जड़ा।दीप्ति ने दसवानी (11) को मिडविकेट पर भारती फुलमाली के हाथों कैच कराया जबकि प्रेमा ने नताशा (15) को विकेटकीपर ऋषा घोष के हाथों कैच कराके हांगकांग का स्कोर 10वें ओवर में तीन विकेट पर 31 रन किया।

लेग स्पिनर प्रेमा ने अपने अगले ओवर में कैरी चान (01) को भी शेफाली के हाथों कैच करा दिया।नंदिनी ने इसके बाद मरयम बिबी (07) को पवेलियन भेजा जिससे हांगकांग की आधी टीम 14वें ओवर में सिर्फ 52 रन तक पवेलियन लौट चुकी थी।श्री चरणी ने मरीना (14) को प्रतिका रावल के हाथों कैच कराके हांगकांग को छठा झटका दिया।

हांगकांग को अंतिम पांच ओवर में जीत के लिए 139 रन की दरकार थी और उसकी टीम इस स्कोर के आसपास भी नहीं पहुंच सकी।दीप्ति शर्मा ने एलिसन सियू (01) और इकरा सहर (00) को चार गेंद के भीतर आउट किया। इसी ओवर में जॉयलीन कौर (01) भी रन आउट हुईं।श्री चरणी ने शहजीन शहजाद (02) को ऋचा के हाथों के स्टंप कराके हांगकांग की पारी का अंत किया।

टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरे भारत को स्मृति और शेफाली की जोड़ी ने तेज शुरुआत दिलाई। दोनों ने पावर प्ले में 60 रन जोड़कर भारत के बड़े स्कोर का मंच तैयार किया।स्मृति ने पांचवें ओवर में तेज गेंदबाज मरयम बिबी पर तीन चौके मारे जबकि शेफाली ने मरीना लैमप्लो के अगले ओवर में दो चौके और दो छक्के जड़कर अपने तेवर दिखाए।स्मृति ने रुचिता वेंकटेश पर भी लगातार दो चौके मारे लेकिन इसी ओवर की अंतिम गेंद पर मरीना ने लॉन्ग ऑन पर शेफाली का शानदार कैच लपका। उन्होंने 17 गेंद की अपनी पारी में तीन चौके और दो छक्के मारे।

स्मृति ने इकरा सहर की लगातार गेंदों पर छक्के और चौके के साथ 40 गेंद में अर्धशतक पूरा किया और 11वें ओवर में टीम का स्कोर 100 रन के पार पहुंचाया।स्मृति ने कैरी चान पर भी छक्का जड़ा लेकिन प्रतिका रावल (10) ने तेज गेंदबाज जॉयलीन कौर की पहली ही गेंद पर प्वाइंट पर मरयम को कैच थमा दिया।ऑफ स्पिनर मरीना ने इसके बाद अपनी ही गेंद पर ऋचा घोष (11) का शानदार कैच लेकर भारत को तीसरा झटका दिया।

स्मृति ने मरीना पर चौके के साथ 57 गेंद में अपना दूसरा शतक पूरा किया। उन्होंने ऑफ स्पिनर रुचिता पर लगातार तीन छक्कों के साथ अपने करियर के पिछले सर्वश्रेष्ठ स्कोर को पीछे छोड़ा।कप्तान हरमनप्रीत कौर भी सिर्फ 10 रन बनाने के बाद मरीना की गेंद पर डीप स्क्वायर लेग पर जॉयलीन को कैच दे बैठीं।स्मृति भी पारी के अंतिम ओवर में स्ट्राइक पर आने के लिए तेजी से रन लेने की कोशिश में रन आउट हो गईं।

रोहित शर्मा को शामिल करने पर अड़ी BCCI इसलिए आगरकर ने चिढकर ज्वाइन नहीं की मीटिंग

बुधवार को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की रिव्यू मीटिंग में पूर्व कप्तान रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर बीसीसीआई और मुख्य चयनकर्ता एक राय पर नहीं दिखे। जब यह खबर आई कि चयनकर्ता 2027 वर्ल्ड कप के लिए रोहित को नहीं चाहते और लॉर्ड्स वनडे उनका आखिरी मैच होगा, तो बीसीसीआई ने तुरंत इसका खंडन किया। लगभग ऐसा ही जवाब बीसीसीआई सेक्रेटरी देवजीत सैकिया ने इस बार दिया है।

उन्होंने यह कहा कि रोहित शर्मा अभी औसत से बेहतर खेल रहे हैं और टीम की योजना को लेकर उनकी भूमिका पर कोई संशय नहीं है। मुख्य चयनकर्ता अजीत आगरकर इस मीटिंग में हीं थे। शायद उनको पहले ही बोर्ड का विचार पता लग गया होगा। यह अफवाह है कि रोहित की पैरवी के कारण ही वह इस मीटिंग में शामिल नहीं हुए थे। 

माना जा रहा था रोहित शर्मा ने अपने PR यानि कि जनसंपर्क के कारण अफगानिस्तान सीरीज में अपनी जगह बचा ली थी लेकिन इंग्लैंड उनकी अंतिम सीरीज मानी जा रही थी।रोहित शर्मा ने फिर जबरदस्त जनसंपर्क की बिसात बिछाकर अपनी जगह एक बार फिर बचा ली और आलोचकों के मुंह शतक लगाकर बंद कर दिए।

आगरकर से जुड़ी खबर में इस बात का भी जिक्र है कि कई चयनकर्ताओं को लगता है कि उनके साथ धोखा हुआ है क्योंकि उनको लगता है कि रोहित के रहते भारतीय टीम 2027 वनडे विश्व कप नहीं जीत सकती जबकि बीसीसीआइ के कुछ बड़े लोग सोशल मीडिया को देखकर अपनी रणनीति बदल रहे हैं।

मुख्य चयनकर्ता और चयनसमिती की पसंद यशस्वी जायसवाल 

एकदिवसीय विश्वकप 2027 के लिए मुख्य चयनकर्ता और चयन समिती की पहली पसंद यशस्वी जासवाल है जो 3 पारियो में दो एकदिवसीय शतक लगा चुके हैं। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका और अफगानिस्तान के खिलाफ शतक जमाया था। लेकिन बोर्ड संभवत प्रसारणकर्ता के दबाव के कारण बुरे फॉर्स से गुजर रहे रोहित शर्मा को बरकरार रखना चाहती है।

रोहित शर्मा का साल भर रहा बुरा फॉर्म, लॉर्ड्स पर मिली संजीवनी

गौरतलब है कि रोहित शर्मा खराब फॉर्म से जूझ रहे थे और इंग्लैंड के पहले दो एकदिवसीय मैच में फ्लॉप रहे थे। जिसके बाद उनकी संन्यास की अटकलें लगनी शुरु हो गई थी। हालांकि आज उन्होंने बेहतरीन पारी खेली। रोहित शर्मा ने 110 गेंदो में 138 रन बनाए। उन्हें जैकब बैथल ने बोल्ड किया।

रोहित शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले एकदविसीय मैच में 21 गेंदो में 11 रन बनाए थे।  दूसरे एकदिवसीय मैच में 47 गेंद में 1 चौका और छक्का मारने के बाद 26 रन बनाकर आउट हुए। उनका 5 रनों पर गस एटिंकसन ने कैच छोड़ा था।

अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे एकदिवसीय मैच को छोड़ दे तो इस साल रोहित का प्रदर्शन औसत से नीचे रहा है।पहले मैच में वह 16 रन बनाकर रनआउट हो गए और दूसरे मैच में वह 39 गेंदों में 48 रन बनाकर बोल्ड हो गए।

इससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली एकदिवसीय सीरीज में रोहित शर्मा फ्लॉप रहे और टीम को शुरुआत में बड़ा स्कोर नहीं दे सके। रोहित शर्मा 3 मैचों में 20 की औसत से 61 रन बना पाए। पूरी सीरीज में उन्होंने 9 चौके और 2 छक्के लगाए।पहले मैच में उन्होंने 29 गेंदो पर 26 रन, दूसरे मैच में उन्होंने 38 गेंदो में 24 रन और तीसरे मैच में 13 गेंदो में 11 रन बनाए।

‘हनुमान अंश’ देखकर भावुक हुए वीरेंद्र सहवाग, बोले- महाराज जी की कृपा को महसूस करना ही अपने आप में खास है [VIDEO]

महान संत बाबा नीम करौली के जीवन से प्रेरित फिल्म ‘हनुमान अंश’ इन दिनों लगातार चर्चा में है। करीब 2 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 60 करोड़ रुपये की कमाई का आंकड़ा पार कर लिया है। शुरुआत में फिल्म को भले ही धीमी प्रतिक्रिया मिली हो, लेकिन सोशल मीडिया पर दर्शकों की तारीफ के बाद इसकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ी।

 

अब भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने भी फिल्म देखने के बाद अपनी प्रतिक्रिया साझा की है। सहवाग ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर फिल्म की तारीफ की और बताया कि बाबा नीम करौली के प्रति उनकी आस्था करीब एक दशक पुरानी है।

 

करीब 10 साल से बाबा नीम करौली से जुड़ा है सहवाग का जुड़ाव

 

सहवाग ने अपने वीडियो की शुरुआत ‘सीता-राम’ के अभिवादन से की। उन्होंने बताया कि करीब 10 साल पहले एक दोस्त के जरिए उन्हें बाबा नीम करौली और उनकी लीलाओं के बारे में जानने का मौका मिला था। इसके बाद उन्होंने बाबा के बारे में पढ़ना और उनके बारे में सुनना शुरू किया।

 

सहवाग के मुताबिक, समय के साथ उनके मन में बाबा के प्रति गहरी श्रद्धा और आकर्षण पैदा हुआ। उन्होंने बाबा के व्यक्तित्व, उनकी करुणा और भक्तों के जीवन में आए बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी कृपा का प्रभाव आज भी लोगों के अनुभवों में देखने को मिलता है।



 

 ‘हनुमान अंश’ को बताया बाबा नीम करौली को खूबसूरत श्रद्धांजलि

 

फिल्म देखने के अपने अनुभव को साझा करते हुए सहवाग ने कहा कि बाबा नीम करौली जैसे संत के पूरे व्यक्तित्व और उनके प्रभाव को किसी एक फिल्म में समेटना आसान नहीं है। हालांकि, उन्हें लगा कि ‘हनुमान अंश’ ने बाबा के जीवन और उनकी आध्यात्मिक यात्रा को खूबसूरती से पर्दे पर पेश करने की कोशिश की है।

 

उन्होंने फिल्म को बाबा नीम करौली के लिए एक सुंदर श्रद्धांजलि बताया। सहवाग का कहना था कि फिल्म के जरिए दर्शकों को बाबा के व्यक्तित्व और उनके प्रभाव की एक झलक जरूर मिलती है।

 

उन्होंने लोगों से फिल्म देखने की अपील करते हुए कहा कि अगर कोई बाबा नीम करौली को जानता है और उनके जीवन से जुड़ा रहा है, तो उसे यह फिल्म जरूर देखनी चाहिए।

 

 फिल्म का सांप वाला सीन सहवाग के दिल को छू गया

 

सहवाग ने फिल्म के उस दृश्य का भी खास तौर पर जिक्र किया, जिसने उन्हें सबसे ज्यादा प्रभावित किया। इस सीन में बाबा नीम करौली के शरीर पर सांप लिपटे हुए दिखाई देते हैं।

 

इस दौरान फिल्म में बाबा के संवाद को भी सहवाग ने याद किया। उन्होंने बताया कि जब एक भक्त उन्हें शिव का स्वरूप बताता है, तो बाबा की ओर से बेहद गहरी बात कही जाती है। सहवाग के मुताबिक, इस पूरे प्रसंग ने उन्हें भावुक कर दिया और फिल्म का यह हिस्सा उनके मन में बस गया।

 

सहवाग ने कहा कि बाबा नीम करौली को पूरी तरह समझ पाना शायद संभव नहीं है, लेकिन उनकी कृपा और प्रभाव को महसूस किया जा सकता है।

 

सोशल मीडिया पर लिखा- ‘महाराज जी की लीला बहुत निराली है’

 

फिल्म देखने के बाद सहवाग ने सोशल मीडिया पोस्ट में भी अपनी भावनाएं जाहिर कीं। उन्होंने लिखा कि महाराज जी की लीला को समझना शायद संभव नहीं, लेकिन उनकी कृपा को महसूस जरूर किया जा सकता है।

 

उन्होंने ‘हनुमान अंश’ को एक महान संत की अद्भुत यात्रा से जुड़ी फिल्म बताते हुए लोगों से इसे देखने की अपील की। सहवाग की इस प्रतिक्रिया के बाद फिल्म को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा और तेज हो गई है।

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 अब विराट कोहली तक पहुंचाना चाहते हैं फिल्म

 

सहवाग की प्रतिक्रिया ने फिल्म के निर्माताओं के लिए इसे और खास बना दिया है। निर्माता ने बताया कि वह खुद सहवाग के बड़े प्रशंसक रहे हैं और क्रिकेट से सहवाग की विदाई के बाद उन्होंने क्रिकेट देखना तक छोड़ दिया था।

 

ऐसे में सहवाग का अपनी इच्छा से फिल्म देखना और फिर सार्वजनिक रूप से उसकी तारीफ करना उनके लिए बेहद भावुक पल बन गया। अब निर्माता की इच्छा है कि भारतीय क्रिकेट के एक और बड़े स्टार विराट कोहली भी ‘हनुमान अंश’ देखें।

 

विराट कोहली और अनुष्का शर्मा की बाबा नीम करौली के प्रति आस्था भी कई बार चर्चा में रही है। ऐसे में निर्माता दोनों को फिल्म दिखाना चाहते हैं। सहवाग के रिएक्शन के बाद उनकी यह इच्छा और भी खास हो गई है।

 

आज का एक्सप्लेनर:आसिम मुनीर ने गुपचुप ‘तख्तापलट’ कर दिया; कैसे पाकिस्तान में सबसे ताकतवर बने, आखिर हासिल क्या करना चाहते हैं

पाकिस्तान में 5वीं बार सेना के जनरल ने ‘तख्तापलट’ कर दिया है। फर्क बस इतना है कि इस बार ये टैकों के जरिए नहीं, संसद के रास्ते हुआ है। नए कानून से फील्ड मार्शल आसिम मुनीर पाकिस्तान के सबसे ताकतवर शख्स बन गए हैं। इससे जुड़े 5 जरूरी सवालों के जवाब, आज के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: आसिम मुनीर को कौन-सी नई ताकतें मिल गई हैं?
जवाब: नवंबर 2022 में आसिम मुनीर पाकिस्तान के 17वें आर्मी चीफ बने थे। उनका कार्यकाल खत्म होने से 6 महीने पहले, यानी मई 2025 में भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ लॉन्च कर दिया। पाकिस्तान ने जीत का झूठा दावा किया और आसिम मुनीर को ‘हीरो’ बताया। इसके बाद आसिम मुनीर की ताकत बढ़ती चली गई… 20 मई 2025 को मुनीर फील्ड मार्शल बने। ये पाकिस्तानी सेना की सबसे ऊंची रैंक होती है। आम बोलचाल में इसे ‘फाइव स्टार जनरल’ कहते हैं। इससे पहले पाकिस्तान में सिर्फ जनरल अयूब खान इस रैंक तक पहुंचे थे। नवंबर 2025 को पाकिस्तानी संविधान के आर्टिकल 243 में 27वां संशोधन करके सेना में नया चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज, CDF का पद बनाया गया। मुनीर देश के पहले CDF बने। वो 2030 तक इस पद पर रहेंगे। संशोधन के जरिए इसे बढ़ाया भी जा सकता है। 20 अगस्त 2026 को पाकिस्तानी संसद में 2 नए कानून पारित हुए, जिससे CDF को 5 बड़ी शक्तियां मिल गई हैं। डिफेंस फोर्सेज ऑफ पाकिस्तान एक्ट, 2026 के तहत 3 ताकतें… नेशनल कमांड अथॉरिटी एक्ट, 2026 के तहत 2 ताकतें… यानी आसिम मुनीर तीनों सेनाओं के प्रमुख हैं, न्यूक्लियर हथियारों से जुड़े फैसले लेने की भी ताकत है। सैन्य अफसरों से जुड़ा हर फैसला भी निर्णायक रूप से वही लेंगे और सबसे बड़ी बात- मुनीर पर कोई मुकदमा नहीं चल सकता। सवाल-2: मदरसे में पढ़े मुनीर पाकिस्तान के सबसे ताकतवर शख्स कैसे बन गए?
जवाब: मुनीर के पिता सैयद सरवर मुनीर 1947 में पंजाब के जालंधर से पलायन कर पाकिस्तान पहुंचे थे। वो रावलपिंडी के मशहूर एफजी टेक्निकल स्कूल के हेडमास्टर बने। साथ ही मस्जिद में इमामत करते और इस्लामिक उपदेश देते। गहरे धार्मिक झुकाव वाले इस घर में 1968 में आसिम मुनीर का जन्म हुआ। पाकिस्तानी जर्नलिस्ट एजाज सैयद के मुताबिक, घर वाले चाहते थे कि आसिम कुरआन हिफ्ज करे। मुनीर सातवीं तक मदरसे में पढ़े और कुरआन रटी। फिर कुछ दिन एफजी टेक्निकल स्कूल पढ़ने गए। इसके बाद रावलपिंडी के सर सैयद कॉलेज गए, जहां से पूर्व आर्मी चीफ कमर जावेद बाजवा ने पढ़ाई की थी। क्रिकेट के शौकीन मुनीर कॉलेज के दिनों में तेज गेंदबाज थे। स्कूल के बाद मुनीर ने जापान के फूजी स्कूल, क्वेटा के कमांड एंड स्टाफ कॉलेज और मलेशिया के आर्म्ड फोर्सेज कॉलेज से पढ़ाई की। उसके बाद इस्लामाबाद की नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी से पब्लिक पॉलिसी और स्ट्रेटेजिक सिक्योरिटी मैनेजमेंट में मास्टर्स किया। 1986 में मिलिट्री करियर शुरू हुआ, सऊदी में दोबारा कुरआन रटी 25 अप्रैल 1986 को मुनीर को पाकिस्तान आर्मी में के फ्रंटियर फोर्स रेजिमेंट की 23वीं बटालियन में पहली तैनाती मिली। जब मुनीर लेफ्टिनेंट कर्नल बने, तो उन्हें सऊदी अरब में पाकिस्तानी दूतावास में तैनाती मिली। वहां मुनीर को महसूस हुआ कि वे कुरआन भूल रहे हैं। ऐसे में लगातार 3 साल वह छुट्टियों में घर नहीं गए और इस दौरान दोबारा कुरआन रटी। इसके बाद आसिम सियाचिन ग्लेशियर में भी रहे। आसिम का काफी वक्त पाकिस्तान के कब्जाए कश्मीर यानी PoK में भी गुजरा। फिर 2014 में मेजर जनरल, 2016 में पाकिस्तान के मिलिट्री इंटेलिजेंस के डायरेक्टर जनरल और सितंबर 2018 में लेफ्टिनेंट जनरल की पोस्ट तक पहुंचे। सिर्फ 8 महीने ISI चीफ रहे मुनीर, पीएम इमरान से झगड़ा भारी पड़ा 25 अक्टूबर 2018 को मुनीर ISI के डीजी बने। 8 ही महीने बाद जून 2019 में उन्हें हटाकर लेफ्टिनेंट जनरल फैज हमीद को नया ISI डीजी बनाया गया। इसकी वजह थी- मुनीर का इमरान खान से झगड़ा। मुनीर ने इमरान खान की पत्नी बुशरा बीबी के करप्शन के एक मामले को उजागर कर दिया था। इसलिए इमरान खान के कहने पर तब के आर्मी चीफ बाजवा ने मुनीर को ISI से बाहर का रास्ता दिखाया था। इमरान पीएम पद से हटाए गए, तो मुनीर नए आर्मी चीफ बने मुनीर नवंबर 2022 तक करीब एक साल क्वार्टरमास्टर जनरल रहे। ये भी ISI चीफ के मुकाबले काफी छोटा पद होता है। हालांकि 2022 की शुरुआत में इस्लामाबाद का सियासी माहौल बदलने लगा। 10 अप्रैल को इमरान अविश्वास प्रस्ताव लाकर पीएम पद से हटाए गए। अगले ही दिन नवाज शरीफ के गुट वाली मुस्लिम लीग के नेता और नवाज के छोटे भाई शहबाज शरीफ पीएम बन गए। मुनीर शहबाज के करीबी थे। माना जाता है कि इमरान को सत्ता से हटाने के हथकंडों में मुनीर ने अंदरखाने साथ दिया। मुनीर को भी इसका ‘रिटर्न गिफ्ट’ मिला। 29 नवंबर को बाजवा को हटाकर मुनीर को नया आर्मी चीफ बना दिया गया। मुनीर पहले आर्मी चीफ बने, जो पाकिस्तान की दोनों खुफिया एजेंसियों- ISI और मिलिट्री इंटेलिजेंस के चीफ रहे थे। अब मुनीर पहले ऐसे आर्मी चीफ हैं, जिनके पास एक साथ 3 पद हैं- आर्मी चीफ के अलावा फील्ड मार्शल का मिलिट्री ओहदा और नया नवेला सबसे ताकतवर पद- CDF। सवाल-3: आसिम मुनीर आखिर हासिल क्या करना चाहते हैं?
जवाब: आसिम मुनीर खुद को ऐसे शासक के तौर पर स्थापित करना चाहते हैं, जिसके लिए कोई खतरा या चुनौती न पैदा हो सके। मुनीर ने अपने लिए ये शील्ड 3 तरह से बनाई है…. 1. मुनीर के आगे बेबस मौजूदा सरकार 2. चुनाव के जरिए आसिम को हटाना मुश्किल 3. सरकार के जरिए कोर्ट पर भी सेना कंट्रोल सवाल-4: पाकिस्तान के पुराने सैन्य तानाशाहों के साथ क्या हुआ था?
जवाब: पिछले सैन्य तानाशाहों ने इस्तीफा दिया, गिरफ्तार हुए या सबकुछ छोड़कर भागना पड़ा…. 1. जनरल अयूब खान: 27 अक्टूबर 1958 को राष्ट्रपति इस्कंदर मिर्जा का तख्तापलट किया। मिर्जा को इंग्लैंड भागना पड़ा और अयूब खुद राष्ट्रपति बने। 1965 की जंग में भारत से हार के बाद अयूब खान के बुरे दिन शुरू हो गए। मार्च 1969 में उन्हें इस्तीफा देना पड़ा। 2. जनरल याह्या खान: जनरल याह्या खान मार्शल लॉ लगाकर राष्ट्रपति बने। 1971 में भारत-पाकिस्तान जंग में पाकिस्तान की हार हुई और बांग्लादेश का जन्म हुआ। भारी बेइज्जती के बाद दिसंबर 1971 में याह्या को इस्तीफा देना पड़ा। नई सरकार ने उन्हें हाउस अरेस्ट कर दिया। 1980 में उनकी गुमनाम मौत हुई। 3. जनरल जिया-उल-हक: सेना प्रमुख जिया ने साल 1977 में पीएम जुल्फिकार अली भुट्टो का तख्तापलट किया। बाद में भुट्टो पर एक मर्डर केस चलाकर 1979 में उन्हें फांसी दे दी।
जिया ने पाकिस्तान में सबसे लंबे समय तक राज किया। 17 अगस्त 1988 को एक प्लेन क्रैश में उनकी मौत हो गई। 4. जनरल परवेज मुशर्रफ: 12 अक्टूबर 1999 को मुशर्रफ, पीएम नवाज शरीफ का तख्तापलट कर राष्ट्रपति बन बैठे। नवाज को जेल में डाल दिया। बाद में वे सऊदी अरब भाग गए। मुशर्रफ के खिलाफ विरोध हुए, उन्होंने इमरजेंसी भी लगाई, आखिरकार अगस्त 2008 में उन्हें इस्तीफा देना पड़ा। वे दुबई और फिर लंदन भाग गए। 2019 में उन्हें देशद्रोह के मामले में फांसी की सजा मिली। फरवरी 2023 में दुबई में उनकी मौत हो गई। सवाल-5: क्या मुनीर की सत्ता कायम होने से भारत को कोई खतरा है?
जवाब: मुनीर का रुख पूरी तरह एंटी इंडिया है… 7 अगस्त 2026 को पाकिस्तान, सऊदी और तुर्किये में एक डिफेंस डील हुई। इसके तहत किसी एक देश पर हमला, तीनों देशों पर हमला माना जाएगा। पाकिस्तान को इस पैक्ट का पहला जनरल सेक्रेटरी जनरल बनाया गया है। ताकतें बढ़ने से आसिम मुनीर को अपने एंटी इंडिया एजेंडे पर काम करना आसान हो जाएगा। ये भारत के लिए चिंता का सबब हो सकता है। ———————— ये खबर भी पढ़ें… आज का एक्सप्लेनर:पाकिस्तान पर हमला हुआ तो लड़ने आएंगे सऊदी-तुर्किये, आखिर क्या है मक्का एग्रीमेंट; भारत कैसे काउंटर करेगा पाकिस्तान पर हमला हुआ, तो सऊदी और तुर्किये भी साथ लड़ने आएंगे। 7 अगस्त 2026 को मक्का में तीनों देशों में बीच एक खास रक्षा समझौता हुआ है। अब किसी एक पर हमला, तीनों देशों पर हमला माना जाएगा। पूरी खबर पढ़ें…