ऑस्ट्रेलिया बनाम न्यूजीलैंड रोज बाउल सीरीज में टी-20 भी हुआ शामिल

ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की महिला टीमों के बीच खेली जानी वाली रोज बाउल सीरीज में अब टी-20 मैचों को भी शामिल कर लिया गया है। इस सीरीज में पहले एकदिवसीय मैच खेले जाते थे।

न्यूजीलैंड का ऑस्ट्रेलिया दौरा, जिसमें तीन टी-20 मैच खेले जाएंगे और जिसकी शुरुआत रविवार को नॉर्थ सिडनी ओवल में होगी, यह रोज बाउल का पहला टी-20 संस्करण होगा। मार्च 2027 में, जब ये दोनों टीमें ऑस्ट्रेलिया में ही तीन वनडे मैचों के लिए फिर से आमने-सामने होंगी, तब उन्हें इस ट्रॉफी के लिए एक बार फिर मुकाबला करने का मौका मिलेगा। 1985 से ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड की महिला टीमों के बीच खेली जाने वाली एकदिवसीय सीरीज के विजेता को दिया जाता रहा है

ऐसी रोज बाउल सीरीज, जिसमें दोनों सफेद गेंद प्रारूप (एकदिवसीय और टी-20) के मैच शामिल हों, उसमें ट्रॉफी उस टीम को मिलेगी जो कुल मिलाकर सबसे अधिक मैच जीतेगी। अगर सीरीज ड्रॉ हो जाती है, तो ट्रॉफी मौजूदा विजेता के पास ही रहेगी।

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न्यूजीलैंड क्रिकेट (एनजेडसी) की चीफ क्रिकेट ऑपरेशंस ऑफिसर और पूर्व न्यूज़ीलैंड खिलाड़ी, कैथरीन कैंपबेल ने कहा, “रोज बाउल एक प्रतिष्ठित ट्रॉफी है, जिसका मौजूदा और पूर्व खिलाड़ियों के लिए बहुत महत्व है। हमें हमेशा से ही इस सीरीज़ में खेलने पर बहुत गर्व रहा है। उन्होंने कहा कि आजकल टी-20 क्रिकेट बहुत अधिक खेला जा रहा है, ऐसे में रोज बाउल को प्रासंगिक बनाए रखने और ऑस्ट्रेलिया के साथ हमारे ऐतिहासिक संबंधों को और मज़बूत करने का यह एक बेहतरीन मौक़ा है।

न्यूज़ीलैंड की कप्तान मेली केर, रोज बाउल के लिए प्रतिस्पर्धा करने को लेकर बेहद उत्साहित है। केर ने कहा हम सभी जानते हैं कि रोज बाउल किस बात का प्रतीक है और ‘व्हाइट फ़र्न्स’ (न्यूज़ीलैंड महिला टीम) के इतिहास में इसका कितना महत्व है। उन्होंने कहा कि सालों से कई महान खिलाड़ियों और टीमों ने इसके लिए संघर्ष किया है, और हम भी इस इतिहास का हिस्सा बनने और इसे जीतने का मौका पाकर बहुत खुश होंगे।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2000 में न्यूजीलैंड से रोज बाउल वापस छीनने के बाद से, ऑस्ट्रेलिया लगातार इस ट्रॉफी पर कब्जा जमाए हुए है। उस 3-0 की जीत के बाद से, ऑस्ट्रेलिया ने 18 सीरीज जीती हैं, जबकि 2008-09 में एक सीरीज 2-2 से ड्रॉ रही थी। कुल मिलाकर, रोज बाउल के लिए खेली गई 31 वनडे सीरीज में से ऑस्ट्रेलिया ने 26 जीती हैं, न्यूज़ीलैंड ने तीन जीती हैं, और तीन सीरीज ड्रॉ रही हैं। नॉर्थ सिडनी में आगामी रोज बाउल सीरीज के तीनों टी-20 मैच 18, 20 और 22 अक्टूबर को खेले जाएंगे।

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‘पदक लाओ, पद पाओ’ के तहत खिलाड़ियों की सीधी भर्ती: योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि प्रदेश में अब ‘पदक लाओ, पद पाओ’ के तहत खिलाड़ियों की सीधी भर्ती हो रही है।

मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर पिछली सरकार के कार्यकाल पर निशाना साधते हुये कहा वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में भय और अराजकता का ऐसा माहौल था, जहां बेटियों के सपनों पर पहरे थे, हौसलों पर बंदिशें थीं और प्रतिभा अवसर के अभाव में दम तोड़ने को मजबूर थी। खेल के मैदान माफिया के कब्जे में थे, संसाधन नदारद थे और बेटियों की उड़ान को पंख देने के बजाय, उनके सपनों को चारदीवारी में कैद कर दिया गया था।

उन्होने कहा कि विगत साढ़े 9 वर्षों में प्रदेश में बदलाव की नई गाथा लिखी गई है। भय का स्थान सुरक्षा ने लिया है, उपेक्षा का स्थान प्रोत्साहन ने लिया है और संसाधनों के अभाव का स्थान खेल सुविधाओं के विस्तार ने लिया है।

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गांव के खेल मैदानों और ब्लॉक स्तरीय मिनी स्टेडियम से लेकर जिला स्तरीय स्टेडियम, मंडल स्तरीय स्पोर्ट्स कॉलेज तथा मेरठ में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय तक, बेटियों को अपनी प्रतिभा निखारने का सशक्त आधार मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि ओलंपिक, कॉमनवेल्थ एवं एशियन गेम्स के पदक विजेताओं को लाखों-करोड़ों के पुरस्कार और ‘पदक लाओ, पद पाओ’ के तहत सीधी भर्ती जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। सरकार खिलाड़ियों की प्रतिभा को प्रोत्साहन, उपलब्धियों को सम्मान और भविष्य को सुरक्षा प्रदान कर रही है। इस परिवर्तन की गूंज अंतरराष्ट्रीय खेल मंचों पर भी सुनाई दे रही है।

एथलेटिक्स में पारुल चौधरी, प्रियंका गोस्वामी, प्राची चौधरी और अन्नू रानी, जूडो में अस्मिता डे, क्रिकेट में दीप्ति शर्मा और मेघना सिंह, हॉकी में वंदना कटारिया, कुश्ती में दिव्या काकरान ने कॉमनवेल्थ एवं एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश और प्रदेश का गौरव बढ़ाया है।

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‘रील के चक्कर में ठुक जाओगे’, वैभव सूर्यवंशी की पैपराजी को मजेदार अंदाज में वार्निंग, वीडियो वायरल

Vaibhav Sooryavanshi Viral Video: भारतीय क्रिकेटरों की देश में जबरदस्त फैन फॉलोइंग है, लेकिन इन दिनों एक नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है। यह नाम है वैभव सूर्यवंशी का। भले ही वैभव को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में आए ज्यादा समय नहीं हुआ है, लेकिन उनकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। भारत ही नहीं, दूसरे देशों में भी उनके चाहने वाले हैं। यही वजह है कि पैपराजी भी 15 साल के इस युवा बल्लेबाज की तस्वीरें खींचने के लिए काफी उत्सुक रहते हैं।

गुरुवार को भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला, जब भारतीय क्रिकेट टीम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने के लिए नई दिल्ली पहुंची। प्रधानमंत्री को राजधानी के मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में एशियन गेम्स के पदक विजेताओं से मुलाकात करनी थी। श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली पुरुष क्रिकेट टीम ने इन खेलों में गोल्ड मेडल जीता था। इस दौरान वैभव सूर्यवंशी को लेकर भी लोगों में खास उत्साह देखने को मिला।

“रील के चक्कर में ठुक जाओगे”: सूर्यवंशी का पैपराजी को मजाकिया अल्टीमेटम

नई दिल्ली पहुंचने पर, कई कैमरामैन ने सूर्यवंशी को अपने कैमरे में कैद करने की कोशिश की, जो कि कोई हैरानी की बात नहीं थी। लेकिन, पैपराजी के प्रति उनकी एक मजेदार टिप्पणी किसी ने नहीं सोची थी। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में, सूर्यवंशी मजाकिया अंदाज में उन्हें सावधान रहने और अपने आस-पास का ध्यान रखने की सलाह देते नजर आते हैं। उन्होंने पैपराजी से कहा, “रील के चक्कर में ठुक जाओगे।” यहां वह वीडियो क्लिप है:

बता दें कि IPL 2026 में शानदार प्रदर्शन करने के बाद, सूर्यवंशी ने इस साल की शुरुआत में इंग्लैंड के खिलाफ अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया। इसके साथ ही, वह भारत के लिए डेब्यू करने वाले सबसे युवा पुरुष क्रिकेटर बन गए और इस मामले में महान सचिन तेंदुलकर को भी पीछे छोड़ दिया। हालांकि, टीम के साथ लगातार यात्रा करने के बावजूद, मैनेजमेंट ने उन्हें बहुत कम मौकों पर ही खेलने का मौका दिया है। इस बात को लेकर कई विशेषज्ञों ने आलोचना भी की है।

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महिला टीम की दिग्गज ऑलराउंडर ने लिया संन्यास, खेले ODI और T20I विश्वकप फाइनल

पूनम राउत ने गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की। इसके साथ ही उनके एक दशक से अधिक लंबे करियर का समापन हो गया। दाएं हाथ की बल्लेबाज राउत ने 2009 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था और उन्होंने भारत के लिए अपना आखिरी मैच 2021 में खेला था।

राउत ने 73 वनडे मैचों में 2299 रन, 35 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 719 रन और भारत के लिए खेले गए चार टेस्ट मैचों में 264 रन बनाए। उन्होंने कुल चार अंतरराष्ट्रीय शतक लगाए – तीन वनडे में और एक 2014 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट मैच में। इसके अलावा, उन्होंने वनडे में 15 और टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में चार अर्धशतक भी जड़े। उनका आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच जून 2021 में इंग्लैंड के खिलाफ एक वनडे था।

राउत का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन 2017 महिला विश्व कप के दौरान देखने को मिला, जहां उन्होंने कुल 381 रन बनाए। इसमें लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल में खेली गई 86 रनों की पारी भी शामिल थी, हालांकि उस मैच में भारत को नौ रनों से हार का सामना करना पड़ा था। उसी टूर्नामेंट में, उन्होंने आयरलैंड के खिलाफ 109 रन बनाए और दीप्ति शर्मा के साथ मिलकर 320 रनों की रिकॉर्ड ओपनिंग साझेदारी की।

2021 में, वह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत के ऐतिहासिक पिंक-बॉल टेस्ट का हिस्सा थीं। उन्होंने पहली पारी में 36 रन बनाए। इस मैच में, अंपायर द्वारा ‘नॉट आउट’ दिए जाने के बावजूद, गेंद बल्ले के किनारे से लगने पर उन्होंने खुद ही मैदान से बाहर जाना स्वीकार किया, जिसके लिए उनकी काफी तारीफ हुई।

इंस्टाग्राम पर अपने संन्यास की घोषणा करते हुए, राउत ने अपने सफर को याद किया। “मुंबई की सड़कों से लेकर भारतीय जर्सी पहनने तक का यह सफर किसी वरदान से कम नहीं रहा। यह एक ऐसा सफर था जिसमें कई त्याग, संघर्ष, कभी न भूलने वाली जीतें, कड़े सबक और ऐसे पल शामिल रहे, जिन्हें मैं जीवन भर संजोकर रखूंगी।”
उन्होंने आगे कहा, ”भारत का प्रतिनिधित्व करना सिर्फ एक सपना पूरा होने जैसा नहीं था; यह एक ऐसा सौभाग्य था जिसे मैंने बहुत गर्व के साथ निभाया। अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर के इस अध्याय को समाप्त करते समय, मेरा दिल उन सभी लोगों के प्रति कृतज्ञता से भरा है जिन्होंने मुझ पर विश्वास किया, मेरा साथ दिया और मेरे सफर का हिस्सा बने। क्रिकेट ने मुझे सिर्फ एक करियर ही नहीं दिया, बल्कि मुझे एक मकसद, एक पहचान और एक परिवार भी दिया।”

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के बाद के जीवन के बारे में बात करते हुए, राउत ने कहा कि वह उस खेल को कुछ वापस देना चाहती हैं जिसने उनके जीवन को संवारा है। “हो सकता है कि मेरे अंदर का खिलाड़ी अब खेल से दूर हो जाए, लेकिन इस खेल के लिए मेरा प्यार कभी रिटायर नहीं होगा। मेरी अगली पारी उस खेल को कुछ वापस देने की है, जिसने मुझे सब कुछ दिया है।”

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Modi With Olympians

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को मेजर ध्यान चंद स्टेडियम में आइची-नागोया एशियाई खेलों में पदक जीतने वाले भारतीय खिलाड़ियों से मुलाकात करके कहा कि यह सफलता अकेले उनकी नहीं बल्कि करोड़ों देशवासियों की है।इस मौके पर एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय पुरूष और महिला हॉकी और क्रिकेट टीमों ने अपने हस्ताक्षर वाली जर्सी प्रधानमंत्री को भेंट की।

प्रधानमंत्री मोदी ने खिलाड़ियों की सराहना करते हुए कहा, ‘‘इतने सारे पदकवीर से एक साथ मिलना मामूली बात नहीं है। आप सभी युवा एथलीट इस बात का उदाहरण है कि जुनून जब जीत में बदलता है तो कैसे पदक के साथ चेहरे की चमक भी लेकर आता है। ’’प्रधानमंत्री मोदी ने महिला हॉकी टीम की प्रशंसा करते हुए कहा, ‘‘महिला हॉकी टीम ने एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक लाकर 44 साल के लंबे इंतजार को खत्म किया है। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘संकल्प और सपने एक दिन में पूरे नहीं होते बल्कि इसके लिए वर्षों का धैर्य और लगातार परिश्रम अनिवार्य होता है। देश में बदलाव उसी भावना से आया है जिसकी बदौलत आपने सफलता हासिल की है।’’

उन्होंने कहा,‘‘ बीते दस बारह वर्षों में देश ने लगन और निष्ठा से लगातार प्रयास किए हैं। आज हर खिलाड़ी को यह भरोसा रहता है कि उसके पूरे सफर में देश उसके साथ है और इसकी वजह से वह देश के लिए क्या करके दिखाता है, आप सभी इसके उत्तम उदाहरण हैं। ’’भारत ने आइची नागोया एशियाई खेलों में 21 स्वर्ण समेत 85 पदक जीतकर चौथा स्थान हासिल किया।

जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियाई खेलों में भारत ने पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया और 21 स्वर्ण, 27 रजत तथा 37 कांस्य सहित कुल 85 पदक जीते। यह एशियाई खेलों में लगातार दूसरी बार शीर्ष पांच देशों में जगह बनाने का प्रमाण है, जो विभिन्न खेल विधाओं में देश की बढ़ती प्रतिस्पर्धात्मकता को दर्शाता है।

24 साल में पहली बार वेस्टइंडीज भारत दौरे पर जीती 3 सीमित ओवर के मैच

वेस्टइंडीज ने हैदराबाद में खेले गए टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में भारतीय टीम को घुटने पर लाकर एक नया रिकॉर्ड बना लिया है। यह 24 सालों में पहली बार है जब वेस्टइंडीज ने भारत के खिलाफ भारतीय जमीन पर एक दौरे में 3 मैच जीते हों। गौरतलब है कि वेस्टइंडीज ने एकदिवसीय सीरीज में 352 रनों का पीछा करते हुए 5 विकेट से जीत अर्जित की थी।

वहीं  रांची टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में कैरिबियाई टीम ने 250 रनों का पीछा कर मेजबान टीम से 6 विकेट से मैच जीता इसके बाद कल हैदराबाद में मेहमान टीम को 24 रनों से सफलता मिली। इससे पहले वेस्टइंडीज ने साल 2002 में 7 मैचों की एकदिवसीय सीरीज में 4-3 से जीत हासिल की थी। उस वक्त टी-20 अंतरराष्ट्रीय खेला नहीं जाता था।

इसके अलावा भारतीय जमीन बीते सभी टेस्ट, वनडे या टी-20 दौरों पर कभी ऐसा नहीं हुआ जब वेस्टइंडीज तीन मैच भारत को हरा पाई हो।इन तीन मैचों में जिनमें वेस्टइंडीज ने जीत हासिल की है एक बात समान है। इन तीनों मैचों में कप्तान शाई होप का शतक आया है।

हैदराबाद में 24 रनों से जीता टी-20 मैच

शाई होप (नाबाद 102) के आतिशी शतक और कीमो पॉल के 19वें ओवर में तीन विकेट सहित कुल 41 रन पर पांच विकेट की बदौलत वेस्ट इंडीज ने भारत को चौथे टी 20 में बुधवार को 24 रन से हराकर पांच मैचों की सीरीज में 2-2 से बराबरी हासिल कर ली।

वेस्ट इंडीज ने तीन विकेट पर 247 रन का मजबूत स्कोर बनाने के बाद भारत की चुनौती को 19.3 ओवर में 223 रन पर रोक दिया। अब सीरीज का फैसला बेंगलुरु में आखिरी मैच से होगा। कीमो पॉल ने घातक गेंदबाजी करते हुए पांचवें ओवर में दो विकेट और 19वें ओवर में तीन विकेट लेकर भारत की आज ही सीरीज कब्जाने की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

रांची टी-20 में वेस्टइंडीज ने किया रिकॉर्ड 250 रनों का पीछा

झारखंड की राजधानी रांची के जेएससीए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में कैरेबियाई टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को छह विकेट से हरा दिया। भारत के 249 रनों के विशाल स्कोर के बावजूद वेस्टइंडीज ने दमदार बल्लेबाजी के दम पर लक्ष्य हासिल कर लिया।

वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप ने 45 गेंदों में शानदार शतक जड़कर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। इससे पहले टॉस के बाद बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवर में पांच विकेट के नुकसान पर 249 रन बनाए। भारत की ओर से संजू सैमसन ने 82 रनों की विस्फोटक पारी खेली।


शाई होप के शतक से वेस्टइंडीज ने एकदिवसीय सीरीज में बचाया वाइट वॉश

कप्तान शाई होप की नाबाद 162 रन की साहसिक शतकीय पारी की बदौलत वेस्ट इंडीज ने भारत को तीसरे वनडे में 10 गेंदें शेष रहते पांच विकेट से हराकर अपना सम्मान बचा लिया। यह मैच हारने के बावजूद भारत ने तीन मैचों की सीरीज 2-1 से जीती।

के एल राहुल (नाबाद 129) के आतिशी शतक और ओपनर रोहित शर्मा की 92 रन की बेहतरीन पारी की बदौलत भारत ने 50 ओवर में सात विकेट पर 351 रन का विशाल स्कोर बनाया लेकिन उसे बचा नहीं सके। वेस्ट इंडीज ने 48.2 ओवर में पांच विकेट पर 352 रन बनाकर जीत अपने नाम की। शाई होप ने 143 गेंदों पर नाबाद 162 रन में 17 चौके और तीन छक्के लगाए। इस पारी के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार मिला।


मुख्य चयनकर्ता के लिए पार्थिव पटेल ने नहीं किया आवेदन प्रज्ञान ओझा के लिए रास्ता साफ

Pragyan Ojha

सितंबर माह में ऐसी खबरें थी कि पूर्व विकेटकीपर पार्थिव पटेल अगले मुख्य चयनकर्ता बनने की दौड़ में सबसे आगे हैं। ऐसा माना जा रहा था  कि अजीत आगरकर ने अपने कार्यकाल को बढ़ाने की कोई सिफारिश नहीं की है। ऐसे में पूर्व विकेटकीपर पार्थिव पटेल मुख्य चयनकर्ता बनने के करीब थे।

लेकिन उन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड  के मुख्य चयनकर्ता की दौड़ से हटने का फैसला करते हुए आवेदन नहीं दिया। ऐसे में अंतिरम  मुख्य चयनकर्ता को पूर्णकालिक मुख्य चयनकर्ताबनाने का रास्ता साफ हो चुका है। हाल ही में प्रज्ञान ओझा ने न्यूजीलैंड दौरे के लिए भारतीय टी-20 टीम की घोषणा की थी और अब वह बतौर पूर्णकालिक मुख्य चयनकर्ता एकदिवसीय टीम की भी घोषणा जल्द करेंगें। ऐसा माना जा रहा है कि पार्थिव पटेल मुख्य चयनकर्ता बनने से ज्यादा गुजरात टाइटंस के लिए मेंटर करने में ज्यादा दिलचस्पी रखते हैं।

ऐसा रहा है करियर

ओझा ने 2013 में वेस्टइंडीज के खिलाफ मुंबई में सचिन तेंदुलकर के विदाई टेस्ट में आखिरी बार भारत के लिए खेला था।ओझा ने वेस्टइंडीज के खिलाफ इस टेस्ट की पहली पारी में 40 रन पर पांच विकेट और दूसरी पारी में 49 रन पर पांच विकेट लिए थे और वह ‘मैन ऑफ द मैच’ बने।उन्होंने 2009 से 2013 के बीच 24 टेस्ट में 113 विकेट लिए हैं।

उनका एकदिवसीय पदार्पण साल 2008 में हुआ था लेकिन 4 साल के करियर में उन्होंने उन्होंने 18 वनडे में 21 विकेट लिए।टी-20 अंतरराष्ट्रीय में उनको सबसे कम मौका मिला। उन्होंने कुल 6 मैच में 10 विकेट लिए।आईपीएल करियर की बात करें तो उन्होंने 92 मैचों में 89 विकेट लिए।आईपीएल में डेक्कन चार्जर्स और मुंबई इंडियंस के लिए खेल चुके ओझा के गेंदबाजी एक्शन की 2014 में शिकायत हुई थी। बाद में 2015 में उनके गेंदबाजी एक्शन को फिर वैध ठहराया गया।

बाएं हाथ के स्पिनर को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर गावस्कर टेस्ट सीरीज में वीवीएस लक्ष्मण के साथ साझेदारी के लिए जाना जाता है जब भारत को एक विकेट से करीबी जीत हासिल हुई थी।

रणजी मैच में घरेलू पिच पर सर जड़ेजा ने बल्ले और गेंद से जीता मैन ऑफ द मैच

Ravindra Jadeja

सौराष्ट्र की टीम के सबसे अनुभवी खिलाड़ी रविंद्र जड़ेजा ने अपने गृहनगर राजकोट के निरंजन शाह स्टेडियम में पहले शतक लगाकर और फिर 3 विकेट लेकर मैन ऑफ द मैच का अवार्ड पाया। उनके इस प्रदर्शन से सौराष्ट्र छत्तीसगढ़ से मैच ड्रॉ कराने में कामयाब हो पाई।

सौराष्ट्र ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 392 रन बनाए जिसमें रविंद्र जड़ेजा का 209 गेंदों में 7 चौके लगाकर 102 रनों का योगदान था। इसके बाद छत्तीसगढ़ 312 रनों पर सिमट गई। रविंद्र जड़ेजा ने सर्वाधिक 17 ओवरों में सिर्फ 40 रन देकर 3 विकेट लिए। हालांकि यह तीनों विकेट निचले क्रम के थे लेकिन इस प्रदर्शन से छत्तीसगढ़ की टीम सौराष्ट्र पर बढ़त नहीं ले पाई।

भारत के अनुभवी खिलाड़ी रविंद्र जडेजा टेस्ट ऑलराउंडरों की रैंकिंग में शीर्ष पर अपनी मजबूत स्थिति बनाए हुए हैं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अच्छे प्रदर्शन के बाद दक्षिण अफ्रीका के वियान मुल्डर एक स्थान ऊपर चढ़कर चौथे और साइमन हार्मर पांच पायदान की छलांग लगाकर संयुक्त रूप से 23वें स्थान पर हैं।

जडेजा हाल ही में वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत की 2-1 से वनडे सीरीज जीत का हिस्सा थे, जहां उन्होंने दो मैचों में दो विकेट लिए, लेकिन उन्हें बल्लेबाजी का मौका नहीं मिला। रणजी ट्रॉफी इस बाएं हाथ के स्पिन ऑलराउंडर को अगले महीने न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत के दो टेस्ट मैचों के दौरे से पहले अपनी लाल गेंद की क्रिकेट का फॉर्म हासिल करने का मौका देगी। टेस्ट सीरीज वेलिंग्टन में 19-23 नवंबर तक शुरू होगी, जिसके बाद दूसरा मैच क्राइस्टचर्च में 27 नवंबर से 1 दिसंबर तक खेला जाएगा।

ऐसा रहा है करियर

टेस्ट क्रिकेट में रविंद्र जड़ेजा की उपयोगिता को नकारा नहीं जा सकता। साल 2012 से शुरु हुआ रविंद्र जड़ेजा का क्रिकेट करियर अब ढलान पर है। 89 मैचों में उन्होंने 38.3 की औसत से 4095 रन बनाए हैं। जिसमें 6 शतक और 28 अर्धशतक लगाए हैं। गेंदबाजी की बात करें तो उन्होंने 25 की औसत से 348 विकेट चटकाए हैं। इस दौरान उन्होंने 17 बार 4 विकेट और 15 बार 5 विकेट चटकाए हैं।टेस्ट क्रिकेट में उनको कितना मौका मिलता है यह देखने वाली बात होगी।

श्रीलंका ने टी-20 सीरीज जीती

पाकिस्तान के कप्तान साहिबजादा फरहान ने दो ‘फुल मेंबर’ देशों के बीच तीन मैचों की टी-20 सीरीज में सबसे अधिक रन बनाने का रिकॉर्ड तोड़ा। हालांकि, रावलपिंडी में खेले गए तीसरे और आखिरी टी-20 मैच में उनकी टीम को श्रीलंका से आठ विकेट से हार का सामना करना पड़ा।

फरहान ने लगातार तीसरा अर्धशतक लगाया और सीरीज में अपने कुल रनों की संख्या 238 तक पहुंचाई। इसके बाद श्रीलंका ने रावलपिंडी क्रिकेट स्टेडियम में पाकिस्तान के आठ विकेट पर 168 के स्कोर को 17 गेंदें बाकी रहते हुए हासिल कर लिया। पाकिस्तान के लिए इस हार से कोई खास फर्क नहीं पड़ा, क्योंकि वे पहले ही शुरुआती दो मैचों में शानदार प्रदर्शन करके घरेलू मैदान पर सीरीज़ जीत चुके थे।

यह फरहान के लिए भी एक बड़ी उपलब्धि थी। उन्होंने तीनों मैचों में पाकिस्तान की शानदार कप्तानी की और दो ‘फुल मेंबर’ देशों के बीच पुरुषों की तीन मैचों की टी-20 सीरीज में सबसे ज़्यादा रन बनाने का पिछला रिकॉर्ड तोड़ दिया।

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इससे पहले यह रिकॉर्ड अभिषेक के नाम था, जिन्होंने इसी साल की शुरुआत में अफगानिस्तान के खिलाफ 229 रन बनाए थे। बुधवार को श्रीलंका के खिलाफ मैच के दौरान फरहान ने भारतीय ओपनर के इस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। सीरीज के आखिरी मैच में हार के बावजूद फरहान तीनों मैचों में अपनी टीम के प्रदर्शन से संतुष्ट थे।

मैच के बाद फरहान ने कहा, “जिस तरह से हमने पहले दो मैचों में शानदार टारगेट सेट किया था, आज भी हमारी योजना वैसी ही थी, लेकिन यह क्रिकेट है, कुछ भी हो सकता है। कोशिश लगातार अच्छा प्रदर्शन करने की होती है। जब मैं अच्छा खेलता हूँ, तो अगले मैच में भी अच्छा करने के लिए और ज़्यादा फोकस करता हूँ। यह क्रिकेट है, आप हमेशा फॉर्म में नहीं रहते। इसलिए मैं इस मौके का पूरा फायदा उठाने की कोशिश कर रहा हूं।

सीरीज के आखिरी मैच में मात्र 47 गेंदों पर 87 रनों की तेज़-तर्रार पारी खेलने के लिए कुसल मेंडिस को ‘प्लेयर ऑफ़ द मैच’ चुना गया और श्रीलंका के कप्तान अपनी टीम के प्रदर्शन से खुश थे।

मेंडिस ने कहा आज हमने बीच के ओवरों में बहुत अच्छी गेंदबाजी की। फ़ील्डिंग भी बेहतर थी और बल्लेबाजी शानदार रही। पावरप्ले के बाद कामिंदु (मेंडिस) ने बहुत अच्छी बल्लेबाजी की। उन्होंने अपना स्वाभाविक खेल खेला और मैंने भी। हमने तीनों विभागों में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया।

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IPL 2027 से पहले दिल्ली कैपिटल्स के सहायक और बल्लेबाज कोच बने युवराज सिंह

युवराज सिंह को IPL 2027 के लिए दिल्ली कैपिटल्स का सहायक और बल्लेबाजी कोच नियुक्त किया गया है। हाल के सालों में, युवराज ने अभिषेक शर्मा और प्रभसिमरन सिंह जैसे कई भारतीय क्रिकेटरों को मेंटर किया है, हालांकि दिल्ली कैपिटल्स में यह नियुक्ति उनका पहला फ़ॉर्मल कोचिंग असाइनमेंट होगा।

भारत के पूर्व ऑलराउंडर दिल्ली फ्रेंचाइज़ी के साथ फिर से जुड़ेंगे; उन्होंने 2015 सीज़न में इस टीम का प्रतिनिधित्व किया था, जब नीलामी में उन्हें 16 करोड़ रुपये में खरीदा गया था और वे उस समय आईपीएल इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ी बने थे। इस नियुक्ति से वे अपने पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली के साथ भी फिर से जुड़ेंगे, जिन्हें हाल ही में दिल्ली कैपिटल्स का हेड कोच बनाया गया है।

एक ऐसी टीम के लिए जो अभी भी अपने पहले आईपीएल खिताब की तलाश में है, युवराज बहुत सारा अनुभव लेकर आ रहे हैं। उन्होंने भारत की 2007 टी20 वर्ल्ड कप और 2011 वनडे वर्ल्ड कप जीत में अहम भूमिका निभाई थी। युवराज ने 132 आईपीएल मैच भी खेले, जिनमें उन्होंने 2750 रन बनाए और 36 विकेट लिए। उनका इंटरनेशनल करियर भी शानदार रहा, जिसमें उन्होंने 17 सालों में 40 टेस्ट, 304 वनडे और 58 टी 20 मैच खेले।

फ्रेंचाइज़ी के चेयरमैन पार्थ जिंदल ने कहा, “हम दिल्ली कैपिटल्स परिवार में युवी का स्वागत करते हुए बहुत उत्साहित हैं। युवी भारतीय क्रिकेट के सबसे बेहतरीन मैच-विनर्स में से एक हैं और उन्होंने आज भारतीय क्रिकेट के कई होनहार युवा टैलेंट को गाइड करने में अहम भूमिका निभाई है। उनका अनुभव, जीतने का जज़्बा और खिलाड़ियों के साथ घुलने-मिलने की काबिलियत हमारी टीम के लिए बहुत कीमती साबित होगी।”

वहीं, युवराज ने इस फ्रेंचाइज़ी के साथ एक नया सफ़र शुरू करने को लेकर उत्साह ज़ाहिर किया। उन्होंने कहा, “इस फ्रेंचाइज़ी के साथ मेरा पुराना नाता है और मैं मालिकों को अच्छी तरह जानता हूँ, इसलिए यह मेरे लिए एक खास मौका है। मैं ‘दादा’ के साथ मिलकर काम करने का भी बेसब्री से इंतज़ार कर रहा हूँ, इस बार कोच के तौर पर।” “कोचिंग मेरा जुनून है और मैं इस बेहद टैलेंटेड टीम के साथ काम शुरू करने के लिए बहुत उत्साहित हूँ।”