IPL 2027 में दिखेगा युवराज सिंह का जलवा, दिल्ली कैपिटल्स ने दी ये नई जिम्मेदारी

युवराज सिंह और इंडियन प्रीमियर लीग को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। युवराज सिंह IPL में दिल्ली कैपिटल्स के असिस्टेंट और बैटिंग कोच बन गए हैं। दिल्ली कैपिटल्स ने अपने सोशल मीडिया पर इसका ऐलान किया। बता दें कि, टीम के हेड कोच सौरव गांगुली हैं। वहीं युवराज पहली बार किसी टीम की कोचिंग करेंगे। युवराज 2015 में दिल्ली डेयरडेविल्स के लिए खेले थे।

दिल्ली में युवराज की एंट्री 

युवराज इससे पहले दिल्ली कैपिटल्स के लिए खिलाड़ी के तौर पर खेल चुके हैं, लेकिन अब वह नई जिम्मेदारी संभालेंगे। उन्होंने अभिषेक शर्मा और प्रभसिमरन सिंह जैसे युवा खिलाड़ियों को भी तराशा है। अपनी नई जिम्मेदारी को लेकर युवराज सिंह ने कहा कि, वह दिल्ली कैपिटल्स के साथ अपनी जिंदगी की नई शुरुआत करने के लिए काफी उत्साहित हैं। उन्होंने बताया कि इस टीम के साथ उनका पुराना रिश्ता रहा है और वह फ्रेंचाइजी के मालिकों को भी अच्छी तरह जानते हैं। युवराज ने कहा कि इस बार वह भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली के साथ कोच के रूप में काम करने को लेकर भी उत्साहित हैं। उन्होंने बताया कि कोचिंग में उनकी काफी दिलचस्पी है और वह टीम के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के साथ काम शुरू करने का इंतजार कर रहे हैं।

टीम के साथ कोचिंग भी दमदार

युवराज को उम्मीद है कि यह सफर उनके लिए शानदार रहेगा और वह टीम की सफलता में अहम योगदान देंगे। वहीं दिल्ली कैपिटल्स के चेयरमैन पार्थ जिंदल ने युवराज सिंह का टीम में स्वागत करते हुए खुशी जताई। उन्होंने कहा कि युवराज भारतीय क्रिकेट के बेहतरीन खिलाड़ियों में से एक रहे हैं और उन्होंने कई युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने में मदद की है। जिंदल के मुताबिक, युवराज का अनुभव, जीत हासिल करने की सोच और खिलाड़ियों के साथ बेहतर तालमेल बनाने की क्षमता टीम के लिए काफी फायदेमंद साबित होगी। उन्होंने युवराज को उनकी पहली आधिकारिक कोचिंग की जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं भी दीं। जिंदल ने कहा कि युवराज की टीम में वापसी दिल्ली कैपिटल्स से जुड़े सभी लोगों के लिए खास है और उन्हें सौरव गांगुली व बाकी कोचिंग स्टाफ के साथ काम करते देखना दिलचस्प होगा।

IPL 2027 में मैदान पर खेलते दिखेंगे MS Dhoni? CSK के CEO ने दिया बड़ा अपडेट

भारत के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी चोट के कारण IPL 2026 में एक भी मैच नहीं खेल पाए थे। अब फैंस के मन में सबसे बड़ा सवाल है कि क्या धोनी IPL 2027 में मैदान पर वापसी करेंगे या नहीं। वहीं चेन्नई सुपर किंग्स के सीईओ कासी विश्वनाथन ने अगले साल धोनी के खेलने को लेकर बड़ा अपडेट दिया है। चेन्नई सुपर किंग्स के सीईओ को भरोसा है कि धोनी में अभी भी क्रिकेट खेलने की ताकत बाकी है।

45 साल के धोनी चोटों की वजह से इस साल आईपीएल का एक भी मैच नहीं खेल सके थे। इसके बावजूद टीम प्रबंधन को उम्मीद है कि धोनी मैदान पर वापसी करने और चेन्नई सुपर किंग्स के लिए एक और सीजन खेलने की पूरी कोशिश करेंगे। फैंस को भी उम्मीद है कि धोनी एक बार फिर पीली जर्सी में मैदान पर नजर आएंगे।

चेन्नई के लिए अहम खिलाड़ी है धोनी

आने वाले IPL ऑक्शन से पहले जब CSK के सीईओ कासी विश्वनाथन से महेंद्र सिंह धोनी के भविष्य को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने बताया कि खेलने या संन्यास लेने का फैसला धोनी पर ही छोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि धोनी जब भी चेन्नई आते हैं, तो अपने भविष्य को लेकर टीम को खुद जानकारी देते हैं।

कासी विश्वनाथन ने कहा कि, “धोनी के आगे खेलने या नहीं खेलने के बारे में उनसे ही सवाल करना चाहिए। उन्होंने बताया कि जब भी धोनी चेन्नई आते हैं, तो वह टीम को अपने फैसले के बारे में बताते हैं। हालांकि, CSK के सीईओ को उम्मीद है कि धोनी आगे भी टीम के लिए खेलते रहेंगे। उन्होंने कहा कि धोनी अभी भी एक खिलाड़ी हैं और उनके पास CSK के लिए खेलने का मौका है।”

साल 2026 में एक भी मैच नहीं खेले धोनी

IPL 2026 में चोट के कारण धोनी एक भी मैच नहीं खेल सके, लेकिन वह पूरे सीजन CSK के साथ रहे और खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाते रहे। पूर्व कोच स्टीफन फ्लेमिंग ने भी उनका समर्थन करते हुए कहा कि टीम में बदलाव के दौर में धोनी का अनुभव युवा खिलाड़ियों के लिए काफी मददगार रहा। भले ही वह मैदान पर नहीं उतरे, लेकिन टीम के साथ उनकी मौजूदगी अहम रही।

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टिकटों के लिए 1.5 करोड़ से ज्यादा आवेदन, एकदिवसीय विश्वकप 27 देखने के लिए फैंस में भारी उत्साह

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने पहले बताया था कि 2027 वनडे विश्व कप में खेले जाने वाले भारत बनाम पाकिस्तान मुकाबले के लिए प्रशंसकों में भारी उत्साह है औऱ इस मैच की टिकटों के  लिए 75 हजार से ज्यादा आवेदन आ चुके हैं। हालांकि हालिया बयान के अनुसार पूरे टूर्नामेंट को लेकर ही प्रशंसकों में भारी उत्साह दिख रहा है।

ICC के मुताबिक टिकटों के आवेदन की संख्या 1.5 करोड़ पार कर चुकी है।आईसीसी के इस 50 ओवर के शीर्ष टूर्नामेंट की मेजबानी दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया संयुक्त रूप से करेंगे और इसका आयोजन दो अक्टूबर से 21 नवंबर तक किया जाएगा।

ICC ने एक बयान में कहा, ‘‘अब तक टिकटों के लिए 1 करोड़ 50 लाख 83 हजार 752 आवेदन मिले हैं जिसके लिए 142 देशों के प्रशंसकों ने 44 लाख 23 हजार 417 पंजीकरण कराए हैं।’’टिकटों के लिए पंजीकरण 21 नवंबर 2026 तक कराया जा सकता है जिसके ठीक एक साल बाद जोहानिसबर्ग के वांडरर्स में फाइनल का आयोजन होगा।

आईसीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजोग गुप्ता ने कहा, ‘‘टिकटों की भारी मांग क्रिकेट विश्व कप की लोकप्रियता और प्रतिष्ठा, पर्यटन स्थल के रूप में अफ्रीका के आकर्षण तथा टूर्नामेंट के आगाज से पहले आईसीसी और उसके साझेदारों की प्रचार गतिविधियों से पैदा हुई उत्सुकता का प्रमाण है।’’

क्रिकेट विश्व कप 24 साल के अंतराल के बाद दक्षिण अफ्रीका लौट रहा है।गुप्ता ने कहा, ‘‘टूर्नामेंट शुरू होने में एक साल शेष है और आईसीसी ने इस दौरान व्यापक स्तर पर प्रचार गतिविधियों, विभिन्न मंचों पर अभियान और विशेष सामग्री की शृंखला की योजना बनाई है। इससे आईसीसी क्रिकेट विश्व कप 2027 को लेकर प्रशंसकों का उत्साह और बढ़ेगा।’’

सात नवंबर को होने वाले भारत-पाकिस्तान के सुपर-7 मुकाबले के लिए अब तक करीब 75 हजार आवेदन मिल चुके हैं। यह मांग के मामले में चौथे स्थान पर है।जोहानिसबर्ग के वांडरर्स में होने वाले विश्व कप फाइनल के लिए भी करीब 65 हजार आवेदन आ चुके हैं।

आईसीसी के अनुसार, ‘‘टिकटों की कीमत 9.62 डॉलर (लगभग 930 रुपये) से शुरू होकर सबसे महंगी श्रेणी के लिए 31.31 डॉलर (लगभग 3018 रुपये) तक है। परिवारों के लिए पैकेज, छात्रों और पेंशनभोगियों के लिए विशेष कीमत, स्थानीय लोगों के लिए शुरुआती टिकट और स्कूल-क्लब समूहों के लिए भी अलग व्यवस्था की गई है।

शुभमन गिल और शेफाली वर्मा ने जीता सितंबर माह का प्लेयर ऑफ द मंथ अवार्ड

Shubhman Gill

पिछले महीने भारतीय क्रिकेट टीम के लिए एशिया कप और एशियन गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन के बाद शेफाली वर्मा ने सितंबर के लिए महिला आईसीसी प्लेयर ऑफ द मंथ का पुरस्कार जीता जबकि भारत के कप्तान शुभमन गिल ने वेस्टइंडीज के खिलाफ एकदिवसीय श्रृंखला में शानदार प्रदर्शन के बाद रिकॉर्ड पांचवें आईसीसी प्लेयर ऑफ द मंथ का पुरस्कार जीता है।

शेफाली के साथ श्रीलंका की कप्तान चामरी अथापथु और भारतीय बाएं हाथ की स्पिनर श्री चरणी भी महिला सम्मान की दौड़ में थीं। वर्मा, जिन्होंने पिछले साल नवंबर में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ महिला एकदिवसीय विश्व कप फाइनल में अपनी मैच विजयी पारी के बाद पुरस्कार जीता था, ने बड़े मैचों में अपने प्रदर्शन के लिए सुर्खियों में आने के बाद दूसरी बार यह सम्मान हासिल किया।

आक्रामक सलामी बल्लेबाज अपनी टीम के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी थी क्योंकि भारत ने महिला एशिया कप जीता था। उन्होंने 184.61 की स्ट्राइक रेट से 360 रन बनाए और इस दौरान छह विकेट भी लिए। एशियाई खेलों में, उन्होंने सेमीफाइनल में बांग्लादेश के खिलाफ नाबाद 100 रन और फाइनल में श्रीलंका के खिलाफ 48 रन बनाये। वर्मा ने कहा, “आईसीसी प्लेयर ऑफ द मंथ का पुरस्कार फिर से जीतना एक अविश्वसनीय सम्मान है। एशिया कप और एशियाई खेलों में हमारी जीत में अपनी भूमिका निभाना बेहद संतोषजनक था और यह पुरस्कार जीतना उन जीतों को और भी खास बनाता है।”

उन्होंने कहा, “मैं आने वाले महीनों को लेकर उत्साहित हूं और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध हूं, अगले साल फरवरी में आईसीसी महिला चैंपियंस ट्रॉफी एक और टूर्नामेंट है। विश्व कप जीतने की यादें अभी भी ताजा और विशेष हैं, और मैं घरेलू धरती पर आईसीसी टूर्नामेंट के लिए मैदान पर वापस आने का इंतजार नहीं कर सकती। यह एक अविस्मरणीय अनुभव होने का वादा करता है।” इस बीच गिल ने वेस्ट इंडीज की कप्तान हेली मैथ्यूज का अनुकरण करते हुए पुरुषों के लिए अपना रिकॉर्ड बढ़ाने के लिए अपना पांचवां पुरस्कार जीता, जो पांच मौकों पर आईसीसी प्लेयर ऑफ द मंथ भी रहे हैं। उनके पिछले पुरस्कार जनवरी और सितंबर 2023 और फरवरी और जुलाई 2025 के महीनों में आए थे।

Shefali Verma

भारत के टेस्ट और एकदिवसीय कप्तान ने तिरुवनंतपुरम में वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले एकदिवसीय मैच में 110 रन बनाए, जिससे मेजबान टीम की आठ विकेट की जीत में योगदान हुआ जिसने उन्हें श्रृंखला में 1-0 से आगे कर दिया।इसके बाद उन्होंने अब तक का सबसे तेज दोहरा शतक जड़ा, 133 गेंदों पर 223 रनों की पारी खेलकर उनकी टीम ने 406 रन के विशाल लक्ष्य को आठ विकेट शेष रहते हासिल कर लिया और 39 गेंदें अभी बाकी थीं।

गिल ने कहा, “मेरा पांचवां आईसीसी प्लेयर ऑफ द मंथ अवॉर्ड जीतना शानदार लग रहा है। उन रनों को स्कोर करना बेहद संतोषजनक था और हमारे घरेलू प्रशंसकों के सामने सफल रन चेज़ का हिस्सा बनना और भी विशेष था, जिनके समर्थन से हमें हमेशा अतिरिक्त बढ़ावा मिलता है। एकदिवसीय क्रिकेट की गति काफी बढ़ गई है, और आपको अपने पैरों पर खड़े होकर सोचना चाहिए, परिस्थितियों का तुरंत आकलन करना चाहिए और पिच और लक्ष्य की मांगों के अनुसार खुद को ढालना चाहिए। अगले साल दक्षिणी अफ्रीका में आईसीसी पुरुष क्रिकेट विश्व कप के साथ, हम अपने मानकों को ऊपर उठाने और एक मजबूत और संतुलित टीम बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं जो आने वाली चुनौतियों का सामना करने में सक्षम हो।”

टेस्ट क्रिकेट में स्टीव स्मिथ बने सर्वाधिक कैच पकड़ने वाले फील्डर, तीसरे नंबर पर एक भारतीय

टेस्ट क्रिकेट के सफलतम बल्लेबाजों में से एक स्टीव स्मिथ ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ एक बेहतरीन कैच लेकर ना केवल चपलता लेकर बौद्धिक शक्ति बताई बल्कि वह टेस्ट के सर्वकालिक बेहतरीन फील्डर में शुमार हो गए। उनका यह कैच 221वां कैच था।

वह इंग्लैंड के कप्तान जो रूट से आगे निकल गए जिनसे फैब फोर में उनकी तुलना अक्सर होती रहती है।  164 टेस्ट मैचों में 210 कैच पकड़ने वाले राहुल द्रविड़ तीसरे स्थान पर हैं। हालांकि राहुल द्रविड़ ने कुछ टेस्ट मैचों में भारत के लिए विकेटकीपिंग की थी तब वह इस आंकड़े पर पहुंच पाए।

हालांकि बल्ले से स्टीव स्मिथ का संघर्ष जारी है और उनको एक बार फिर मौजूदा टेस्ट में सिर पर चोट लग चुकी है। ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी बल्लेबाज स्टीव स्मिथ को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले टेस्ट में तेज गेंदबाज एनरिच नॉर्किया की गेंद हेलमेट पर लगने के बाद कनकशन जांच के लिये भेजा जायेगा।

सैतीस वर्ष के स्मिथ को मैच के चौथे दिन सोमवार को नॉर्किया की शॉर्टपिच गेंद को खेलने के प्रयास में चोट लगी।वह दक्षिण अफ्रीका की दूसरी पारी में फील्डिंग के लिये नहीं आये।क्रिकेट आस्ट्रेलिया की सिर की चोट और कनकशन नीति के तहत स्मिथ को अगले 24 घंटे निगरानी में रखा जायेगा। कनकशन (सिर में चोट) होने पर उन्हें मेडिकल अधिकारी से हरी झंडी मिलने तक क्रिकेट से दूर रहना होगा।

स्मिथ को 2019 में एशेज टेस्ट के दौरान इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर की गेंद भी सिर पर लगी थी। उनके स्थान पर खेलने आए मार्नस लाबुशेन ने बेहतरीन पारी खेल अपनी जगह सुनिश्चित की थी और वह अब तक टीम की योजनाओं में शामिल है।

चुनाव हारकर भी तेलंगाना के मंत्री बने मोहम्मद अजहरुद्दीन ने मांगा ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा (Video)

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और वर्तमान में तेलंगाना राज्य में कांग्रेस के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ने भी केंद्रीय पार्टी लाइन पकड़ते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांगा है और S.I.R (Special Intensive revision) को धोखाधड़ी बताया है।यह बातचीत उन्होंने प्रदर्शन के दौरान कही जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

गौरतलब है कि 3 साल पहले मोहम्मद अजहरुद्दीन तेलंगाना में घरेलू पिच पर भी नहीं जीत सके। तेलंगाना की हाई प्रोफाइल जुबली हिल्स सीट पर  उनकी स्थिती मजबूत मानी जा रही थी। लेकिन वह इस सीट पर तब हार गए जब पूरे राज्य में कॉंग्रेस की आँधी चल रही थी।हार के बाद भी कांग्रेस आलाकमान ने मशहूर  और मुस्लिम चेहरा होने के कारण अल्पसंख्यक मंत्रालय थमा दिया।

कांग्रेस की आंधी में भी चुनाव हारे अजहर

इस सीट पर भारतीय क्रिकेट के पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन को कुल 26 राउंड की वोटिंग के बाद  62,343 वोट मिले। वहीं भारत राष्ट्र समिति के प्रतिद्वंदी मगांथी गोपीनाथ को 78282 वोट मिले थे। इस कारण मोहम्मद अजहरुद्दीन 15,939 वोटों से हार गए थे। तीसरे स्थान पर भारतीय जनता पार्टी के लंकाला दीपक रेड्डी रहे थे जिन्हें कुल 25,083 वोट हासिल हुए थे। साल 2018 में भी मगांथी गोपीनाथ की इस सीट पर जीत हुई थी लेकिन मोहम्मद अजहरुद्दीन को जीत का दावेदार बताया जा रहा था।

साल 2009 में कॉंग्रेस पार्टी से अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत करने वाले मोहम्मद अजहरुद्दीन ने इस ही साल लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की मुरादाबद सीट पर जीत अर्जित की थी।इसके बाद साल 2014 में वह राजस्थान के टोंक सवाई माधोपुर से लोकसभा चुनाव में  उतरे थे लेकिन यहां उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। भारतीय जनता पार्टी के  प्रत्याशी सुखबीर सिंह जौनपुरिया ने उनको मात दी थी।

शानदार करियर का फिक्सिंग के आरोप ने किया अंत

भारतीय क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ियों में से एक अजहर ने भारत का 99 टेस्टों और 334 वनडे में प्रतिनिधित्व किया था। वह 1992, 1996 और 1999 के विश्व कप में भारत के कप्तान रहे थे।अजहर ने अपने करियर में 99 टेस्टों में 22 शतकों की मदद से 6215 रन और 334 वनडे में 7 शतकों की मदद से 9378 रन बनाए थे। वह भारत के सफल कप्तानों में शुमार थे। उन्होंने 47 टेस्टों में भारत का नेतृत्व किया और 14 मैच जीते जबकि वनडे में उन्होंने 174 मैचों में भारत का नेतृत्व किया और 90 मैच जीते।

अपने शानदार करियर के दौरान अजहर का नाम मैच फिक्सिंग में आया था जिसके बाद बीसीसीआई ने उनपर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया था। हालांकि 2012 में आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने उनपर लगा प्रतिबंध हटा दिया।

ऋषभ पंत न्यूजीलैंड के खिलाफ ए मैचों से बाहर, यह कीपर हुआ शामिल

 

न्यूजीलैंड ए के खिलाफ पहले दो चार-दिन के मैचों के लिए ऋषभ पंत की जगह कुमार कुशाग्र इंडिया ए में शामिल किया गया है।ऋषभ पंत को बाईं पसली में खिंचाव से उबरने की प्रक्रिया के कारण न्यूजीलैंड दौरे पर इंडिया ए के पहले दो चार-दिन के मैचों से बाहर कर दिया गया है और उनकी जगह कुमार कुशाग्र को टीम में शामिल किया गया है।

गौरतलब है कि ऋषभ पंत टीम इंडिया के लिए सिर्फ लाल गेंद की क्रिकेट ही खेलते हैं ऐसे में यह उनके करियर के लिए ठीक संकते तो नहीं है। लेकिन विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के लिए फाइनल में जाने के लिए मेहनत करने वाली टीम इंडिया के लिए भी झटका है।

ईरानी कप में शेष भारत की अगुआई करने वाले पंत की मांसपेशियों में खिंचाव आ गया है जिसके कारण वह शुरुआती दो मैच से बाहर हो गए हैं।इस दौरे के लिए पंत की उपलब्धता उनकी फिटनेस पर निर्भर थी। बीसीसीआई ने कहा कि वह बोर्ड की चिकित्सा टीम की निगरानी में हैं और अच्छी तरह उबर रहे हैं।

बीसीसीआई ने बयान में कहा कि तीसरे मैच के लिए उनकी उपलब्धता पर फैसला बाद में लिया जाएगा। पंत की चोट शुरुआती अनुमान से अधिक गंभीर लग रही है।

पुरुष चयन समिति ने पहले दो मैच के लिए पंत की जगह कुशाग्र को टीम में शामिल किया है।भारत ए टीम की कप्तानी ध्रुव जुरेल करेंगे। वह विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी भी संभालेंगे। टीम में यशस्वी जायसवाल, लोकेश राहुल और वाशिंगटन सुंदर जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के अलावा देवदत्त पडिक्कल और साई सुदर्शन भी शामिल हैं।

पिछले 4 साल में सिर्फ 1 वनडे मैच खेलने वाले ऋषभ पंत, जो वेस्टइंडीज के खिलाफ एकदिवसीय श्रृंखला के लिए जगह बनाने में असफल रहे थे। ऋषभ पंत चैंपियन्स ट्रॉफी 2025 की विजयी टीम में भी शामिल थे लेकिन पूरे टूर्नामेंट में वह बैंच पर बैठे रहे थे।कुछ ऐसा ही दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारत की घरेलू सीरीज के दौरान हुआ जब चयनित हुए ऋषभ पंत को तीन मैचों की सीरीज में एक बार भी मौका नहीं मिला।

ऋषभ पंत को बीते कुछ सालों में लगभग हर दौरे में चोट लगी है। इंग्लैंड दौरे पर उनको पैर के अंगूठे और कोहनी में चोट लगी। इसके बाद उनको श्रीलंका में दूसरे टेस्ट में भी चोट लगी।

Dhruv Jurel

इंडिया A टीम:यशस्वी जयसवाल, केएल राहुल, देवदत्त पडिक्कल, रविचंद्रन स्मरण, ध्रुव जुरेल (कप्तान, विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, औकिब नबी, आकाश दीप, अंशुल कंबोज, मानव सुथार, मुकेश चौधरी, साई सुदर्शन, यश राठौड़, मुकेश कुमार और कुमार कुशाग्र (विकेटकीपर)।

टेस्ट क्रिकेट में हैट्रिक लेने वाले पहले बांग्लादेशी पेसर बने हसन महमूद (Video)

बांग्लादेश के तेज गेंदबाज हसन महमूद ने सोमवार को अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच में हैट्रिक ली। इसी के साथ वह यह उपलब्धि हासिल करने वाले अपने देश के पहले तेज गेंदबाज बने गये।

महमूद ने अबू धाबी में अफगानिस्तान के खिलाफ खेले जा रहे टेस्ट मैच में यह कारनामा किया। उन्होंने विरोधी टीम की बल्लेबाजी लाइन-अप को तहस-नहस करते हुए एक और बार पारी में पांच विकेट लिए। दाएं हाथ के यह गेंदबाज टेस्ट मैच में हैट्रिक लेने वाले बांग्लादेश के तीसरे खिलाड़ी और ऐसा करने वाले पहले तेज गेंदबाज बन गए हैं।

उनसे पहले आलोक कपाली (2003 में पाकिस्तान के खिलाफ) और सोहाग गाजी(2013 में न्यूजीलैंड के खिलाफ) ने यह उपलब्धि हासिल की थी। टेस्ट मैच में लगातार तीन विकेट लेने वाले खिलाड़ियों की सूची में अब महमूद भी शामिल हो गए हैं।

महमूद ने सबसे पहले इस्मत आलम को छकाया और उनका ऑफ़-स्टंप उखाड़ दिया, इसके बाद उन्होंने लगातार गेंदों पर क़ैस अहमद और ज़िया-उर-रहमान को आउट करके यह दुर्लभ हैट्रिक पूरी की।

महमूद ने टेस्ट के तीसरे दिन स्टंप्स के समय कहा, “यह बहुत ही शानदार एहसास है।” उस समय बांग्लादेश अपनी दूसरी पारी में 223/6 के स्कोर पर था और कुल मिलाकर 329 रनों की बढ़त बना चुका था। जब आप गेंदबाज़ी शुरू करते हैं और विकेट से गेंद को मूव होते देखते हैं, तो आप सीधा हाथ रखकर गेंदबाज़ी करने, गेंद को स्विंग कराने और विकेट लेने की कोशिश करते हैं। मैं बस यही कोशिश कर रहा था और अपनी प्रक्रिया का पालन कर रहा था। सुबह के समय गेंद को इस तरह से मूव होते देखकर मुझे खुशी हुई।”

अफगानिस्तान के खिलाफ यह मैच वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप चरण का हिस्सा नहीं है, लेकिन महमूद का फ़ॉर्म उतना ही शानदार रहा। उन्होंने तीसरे दिन कुल चार विकेट लिए और 21 किफायती ओवरों में 5/55 के आंकड़े के साथ अपना स्पेल पूरा किया। महमूद ने हैट्रिक लेने में मदद के लिए बांग्लादेश के कप्तान नजमुल हुसैन शांतो और अनुभवी बल्लेबाज लिटन दास को श्रेय दिया। इन दोनों ने ही उन्हें ज़िया-उर-रहमान के ख़िलाफ पगबाधा के फैसले पर रिव्यू लेने के लिए मनाया, जिससे वह यह कारनामा कर सके।

महमूद ने कहा, “पिछले दिन मुझे पूरे दिन में सिर्फ़ एक विकेट मिला था, लेकिन मैं बिल्कुल भी घबराया हुआ नहीं था। मैं बेसब्री से इंतज़ार कर रहा था। पहली पारी में हमने कुछ डीआरएस गंवा दिए थे, इसलिए हर कोई डीआरएस के बारे में सोच रहा था कि गेंद स्टंप्स पर लगेगी या नहीं। कप्तान और लिटन दास को इसका श्रेय जाता है। वे आपस में बात कर रहे थे और फिर उन्होंने मुझे बताया कि गेंद स्टंप्स पर लगेगी, इसलिए मैंने रिव्यू ले लिया। मुझे बस लगा कि मुझे सीधी गेंद डालनी चाहिए। बस इतना ही। गेंद को अपना काम करने दिया। इसलिए मैंने सही लाइन पकड़ी और स्टंप्स के ऊपरी हिस्से पर गेंद डाली।”

IND vs WI: ‘तूफान होकर भी वैभव सूर्यवंशी पिला रहा पानी’ खिलाड़ी को बेंच पर बैठाने को लेकर भड़के कोच

Vaibhav Sooryavanshi: भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज जारी है। पांच मैचों की T20I सीरीज में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को भी जगह दी गई है। वहीं उन्हें अभी प्लेइंग 11 में शामिल नहीं किया गया है। फैंस को वैभव को मैदान पर देखने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। 15 साल के वैभव ने जुलाई 2026 में इंग्लैंड दौरे पर भारत के लिए अपना अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया था। लेकिन भारत लौटने के बाद उन्हें लगातार खेलने का मौका नहीं मिल पाया। टीम में ओपनिंग के लिए अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन को प्राथमिकता मिलने के कारण वैभव को फिलहाल बेंच पर रहना पड़ रहा है।

वहीं हाल ही में एक इंटरव्यू में वैभव सूर्यवंशी के बचपन के कोच मनीष ओझा ने गौतम गंभीर की अगुवाई वाली टीम मैनेजमेंट पर युवा खिलाड़ी को संभालने के तरीके को लेकर सवाल उठाए। आइए जानते हैं कोच ने क्या कहा

बेंच पर बैठकर नहीं तैयार होते खिलाड़ी

सूर्यवंशी के बचपन के कोच मनीष ओझा ने स्पोर्ट्स नाउ से कहा, “मेरे हिसाब से, वैभव एक तूफान की तरह है। जो कोई भी उसे रोकने की कोशिश करेगा, वह आखिरकार टूट जाएगा, आज नहीं तो कल।” कोच ने आगे कहा, “मौजूदा भारतीय टीम मैनेजमेंट का मानना है कि खिलाड़ियों को बेंच पर बैठाकर तैयार किया जा सकता है। लेकिन क्रिकेट के कई दिग्गजों से बात करेंगे तो वे भी यही कहेंगे कि अगली पीढ़ी के खिलाड़ियों को तैयार करने के लिए उन्हें मुश्किल परिस्थितियों में उतारना जरूरी है। उन्हें खेलने का मौका देना होगा। बेंच पर बैठकर कोई खिलाड़ी न पहले कभी बना है और न आगे बनेगा। खासकर तब, जब आपके पास वैभव जैसा टैलेंट मौजूद हो।”

मैनेजमेंट के रवैये को “तानाशाही” बताया

ओझा ने टीम मैनेजमेंट के फैसलों पर सवाल उठाते हुए उनके रवैये को “तानाशाही” जैसा बताया। उन्होंने कहा, “ऐसा लगता है कि उन्होंने तय कर लिया है कि इस बच्चे को मौका नहीं देना है। उसे बाहर रखेंगे और परेशान करेंगे। वह अभी बेंच पर बैठकर पानी पिला रहा है। मुझे लगता है कि मौजूदा मैनेजमेंट का रवैया एक तरह की तानाशाही जैसा है, जहां वे वही कर रहे हैं जो उन्हें सही लग रहा है।”

एशियन गेम्स में मिला था मौका

2026 के एशियन गेम्स के दौरान टीम इंडिया के T20I की जिम्मेदारी वीवीएस लक्ष्मण के पास थी। उस समय गौतम गंभीर वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू वनडे सीरीज में व्यस्त थे। इसी दौरान टीम ने संजू सैमसन को बल्लेबाजी क्रम में नीचे भेजा और वैभव सूर्यवंशी को अभिषेक शर्मा के साथ पारी की शुरुआत करने का मौका मिला। इसके बाद वेस्टइंडीज के खिलाफ T20I सीरीज में टीम इंडिया ने बल्लेबाजी क्रम में फिर बदलाव किया। संजू सैमसन को दोबारा ओपनिंग की जिम्मेदारी दी गई और उन्होंने शुरुआती तीन मुकाबलों में पारी की शुरुआत की। वहीं, वैभव सूर्यवंशी को इन मैचों में प्लेइंग XI में जगह नहीं मिली और उन्हें बेंच पर बैठकर ही इंतजार करना पड़ा।

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