Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : भारतीय बाजारों के लिए आज नरम संकेत हैं। गिफ्ट निफ्टी में हल्की नरमी है। FIIs की कैश और वायदा मिलाकर करीब 4000 करोड़ रुपये की बिकवाली देखने को मिली है। FIIs ने इंडेक्स फ्यूचर्स में एक ही दिन में 10000 से ज्यादा नेट शॉर्ट कॉन्ट्रैक्ट जोड़े हैं। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

27 अगस्त को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में लगातार दूसरे दिन गिरावट देखने को मिली। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और फार्मा शेयरों में खरीदारी के बावजूद मीडिया, मेटल,ऑयल एंड गैस और PSU बैंकों के शेयरों में बिकवाली हावी रही। बाजार शुरुआती बढ़त को बनाए नहीं रख सका और पूरे सेशन के दौरान ज्यादातर समय गिरावट के साथ कारोबार करता रहा। कारोबार के अंत में निफ्टी 116.90 अंक या 0.48% गिरकर 24,090.85 पर बंद हुआ,जबकि सेंसेक्स 539.35 अंक या 0.70% की गिरावट के साथ 76,933.59 पर आ गया।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

27 अगस्त को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने ₹298 करोड़ के शेयर बेचे और वे नेट सेलर बन गए। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने खरीदारी का सिलसिला जारी रखते हुए ₹4,977 करोड़ के भारतीय शेयर खरीदे।

एशियाई करेंसी

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ज्यादातर एशियाई करेंसी में बढ़त के साथ कारोबार हो रहा है। अच्छी बात यह रही कि दक्षिण कोरियाई वॉन में 0.249% की बढ़त हुई है, जबकि ताइवान डॉलर में 0.19% और मलेशियन रिंगित में 0.124% की बढ़ोतरी हुई है। सिंगापुर डॉलर और चीनी रेनमिनबी में 0.055% और 0.036% की मामूली बढ़त हुई है। जबकि जापानी येन में 0.019% की बढ़त के साथ लगभग कोई बदलाव नहीं हुआ है।

उधर फिलीपीन पेसो में सबसे ज्यादा गिरावट आई है। यह 0.507% गिरा है। इसके बाद इंडोनेशियाई रुपिया 0.107% और थाई बाहत 0.03% नीचे आया है।

अमेरिकी बाजारों में जोरदार तेजी, एशिया में मिला-जुला कारोबार

अच्छे नतीजों के बाद Nvidia में 9% के उछाल ने अमेरिकी बाजारों का सेंटिमेंट सुधारा है। कल नैस्डैक करीब 1.5 फीसदी दौड़ा, S&P में भी रौनक रही। बाजार की अब आज शाम को आने वाले जैक्सन होल में फेड चेयरमैन के बयानों पर नजर रखेगा। वहीं एशियाई बाजार मिलेजुले हैं। जापान के निक्केई में 0.50 फीसदी की बढ़त है। लेकिन कॉस्पी करीब एक फीसदी नीचे कारोबार कर रहा है।

SEBI चेयरमैन का CAS पर बयान, CAS में कोई बदलाव नहीं

मार्केट रेगुलेटर सेबी ने साफ कर दिया है कि क्लोजिंग ऑक्शन सेसन यानी CAS में फिलहाल बदलाव नहीं किया जाएगा। सेबी चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने इस मुद्दे पर कहा कि इमें अभी कोई बदलाव नहीं होगा। सिस्टम वैसे ही चल रहा है। पार्टिसिपेशन बढ़ेगा और ब्रोकर्स इसे अपने ऐप्स में इनेबल करेंगे और लोग सीखेंगे और इस मार्केट में आएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि NSE IPO DRHP मंजूरी के बहुत करीब है।

Market view : इंट्राडे मार्केट का मिजाज कमजोर, चार्ट पर शानदार दिख रहे इन शेयरों पर रहे नजर

हॉर्मुज पर सस्पेंस जारी

हॉर्मुज पर सस्पेंस जारी है। ईरान हॉर्मुज खोलने के लिए शर्तें तैयार कर रहा है। उधर अमेरिका ने कहा कि ईरान से फिलहाल कोई बातचीत नहीं हो रही है। पुराने MoU पर लौटने का सवाल नहीं है। इसबीच क्रूड उछलकर 90 डॉलर के पास आ गया है।

आज लेंसकार्ट में 1,313 करोड़ रुपए की ब्लॉक डील संभव

आज लेंसकार्ट में 1,313 करोड़ रुपए की ब्लॉक डील संभव है। Alphawave 1.2% हिस्सा बेच सकती है। इस डील की फ्लोर प्राइस 630 रुपए प्रति शेयर तय की गई है।

Market cues : टेक्निकल इंडीकेटर दे रहे मिलेजुले संकेत, 24300-24400 की दीवार पार होने पर ही आएगी तेजी

Trade setup for today : ऊपरी स्तरों पर हुई मुनाफा वसूली के कारण निफ्टी क्लोजिंग बेसिस पर 24,300 के लेवल (20-डे EMA) को बनाए रखने में नाकाम रहा और 24 अगस्त को 0.14 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ। ट्रेडर्स 25 अगस्त को होने वाली मंथली F&O एक्सपायरी से पहले सतर्क नजर आए। मोमेंटम इंडिकेटर्स में बेयरिश क्रॉसओवर घबराहट का संकेत है,लेकिन घटता हुआ रेड हिस्टोग्राम बार बेयरिश मोमेंटम के कमजोर होने का संकेत है।

मार्केट एनालिस्ट्स का कहना है कि सोमवार के निचले स्तर के पास स्थित 24,150-24,100 का जोन निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता है। इसके बाद 24,000 पर बड़ा सपोर्ट होगा। ऊपर की तरफ,24,300-24,400 का जोन रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। इस दीवार को पार होने पर 24,500 की ओर बढ़ने का रास्ता खुल सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

निफ्टी 50 (24,219) के लिए अहम लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,161, 24,121 और 24,057

पिवट प्वांइट पर आधारित रेजिस्टेंस :24,290, 24,330 और 24,394

स्पेशल फॉर्मेशन : निफ्टी ने कल एक बेयरिश कैंडल बनाई जिसमें नीचे की तरफ एक साफ लोअर विक दिखी। इससे पता चलता है कि निचले स्तरों पर खरीदारी की दिलचस्पी के बावजूद बिकवाली का दबाव बना रहा। क्लोजिंग बेसिस पर इंडेक्स 20-डे EMA के नीचे रहा,लेकिन डे EMA के ऊपर बना रहा। RSI गिरकर 47.85 पर आ गया और अपनी सिग्नल लाइन के नीचे रहा,जबकि MACD रेफरेंस लाइन के नीचे बना रहा। हालांकि,लाल हिस्टोग्राम बार छोटा हो गया और स्टोकेस्टिक RSI लगातार तीसरे सेशन में भी बुलिश क्रॉसओवर बनाए रहा,जिससे कुल मिलाकर सतर्क रुख के बावजूद अंडरलाइंग मोमेंटम में कुछ सुधार का संकेत मिला।

बैंक निफ्टी (57,526) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,788, 57,937 और 58,176

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,309, 57,160 और 56,921

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 58,137, 58,714

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 57,400, 57,135

स्पेशल फॉर्मेशन : बैंक निफ्टी ने भी निफ्टी की तरह ही कैंडलस्टिक पैटर्न बनाया और अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से थोड़ा नीचे बंद हुआ। इंडेक्स की दो दिन की बढ़त का सिलसिला टूट गया और इसमें 0.41 प्रतिशत की गिरावट आई। हालांकि,यह अपने मीडियम और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से काफी ऊपर बना रहा जो शॉर्ट-टर्म में थोड़ी सावधानी के बावजूद इसके बेहतर स्ट्रक्चर का संकेत है। RSI गिरकर 50.53 पर आ गया और इसमें नेगेटिव क्रॉसओवर देखा गया,जबकि MACD अपनी सिग्नल लाइन के नीचे ही बना रहा। हालांकि,लाल हिस्टोग्राम बार छोटा होता गया और स्टोकेस्टिक RSI लगातार तीसरे सेशन में भी पॉजिटिव क्रॉसओवर बनाए रखने में कामयाब रहा। इससे मिले-जुले संकेत मिलते हैं। शॉर्ट-टर्म मोमेंटम को लेकर सावधानी के संकेत हैं,लेकिन अंदरूनी मजबूती में सुधार के संकेत भी दिख रहे हैं।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

24 अगस्त को विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) नेट खरीदार रहे और उन्होंने 1,181 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने भी लगातार 10वें सेशन में खरीदारी जारी रखी और 2,493 करोड़ रुपये का निवेश किया।

इंडिया VIX

मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाला India VIX सोमवार को 2.95% बढ़कर 11.525 पर पहुंच गया। यह लगातार दूसरे सेशन में भी ऊपर की ओर बढ़ा जो थोड़ी सावधानी बरतने का संकेत है। हालांकि,यह बढ़त तेजड़ियों के लिए अभी चिंता की बात नहीं है,क्योंकि यह इंडेक्स अभी भी अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज और 12 के लेवल से नीचे बना हुआ है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 24 अगस्त को गिरकर 0.83 हो गया,जबकि पिछले सेशन में यह 1.11 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: सेल (SAIL)

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : कच्चे तेल में नरमी से भारतीय बाजारों के सेंटिमेंट सुधरे हैं। गिफ्ट निफ्टी में करीब 70 प्वाइंट की बढ़त दिख रही है। FIIs की कैश और वायदा मिलाकर करीब 680 करोड़ की नेट खरीदारी देखने को मिली है। नेट शॉर्ट कॉन्ट्रैक्ट भी थोड़े कम हुए हैं। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

21 अगस्त को उतार-चढ़ाव भरे सेशन में मार्केट पिछले सेशन की जबरदस्त रिकवरी को आगे नहीं बढ़ा पाए और सपाट बंद हुए। मेटल,PSU बैंक और रियल्टी शेयरों में बढ़त का असर ऑटो,IT,मीडिया और फार्मा शेयरों में बिकवाली से खत्म हो गया। मिले-जुले ग्लोबल संकेतों के बावजूद,मार्केट बढ़त के साथ खुला लेकिन उस बढ़त को बनाए नहीं रख पाया और पूरे सेशन के दौरान एक सीमित दायरे में ही घूमता रहा। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और दुनिया भर में बनी अनिश्चितताओं के बीच इन्वेस्टर्स सतर्क नजर आए। कारोबार के अंत में,सेंसेक्स 3.11 अंक बढ़कर 77,540.83 पर और निफ्टी 20.15 अंक या 0.08 प्रतिशत बढ़कर 24,252 पर बंद हुआ।

ईरान के खिलाफ आर्थिक D-Day का एलान, ईरान की तेल निर्यात थामने की चेतावनी

वेस्ट एशिया में अब आर-पार की लड़ाई दिख रही है। अमरिका ने ईरान के खिलाफ सबसे बड़ी इकोनॉमिक स्ट्राइक शुरू कर दी है। US के वित्त मंत्री ने कहा है कि ईरान के खिलाफ वॉर अब आखिरी चरण में है। ईरान का भी पलटवार हुआ है। उसने कहा कि ये प्रतिबंध एक्ट ऑफ वॉर की कटेगरी में आते हैं। अमेरिका का साथ देने वाले देशो को भी निशाना बनाते हुए एक्सपोर्ट ठप करेंगे।

कच्चे तेल में मामूली नरमी, $91 के नीचे, सोना 4600 डॉलर के पार

वेस्ट एशिया तनाव बढ़ने के बावजूद कच्चे तेल में नरमी है। यह 91 डॉलर के नीचे है। इधर सोना-चांदी चमके हैं। सोना 4600 डॉलर के पार चला गया है। 10 साल की US बॉन्ड यील्ड भी 4.7 के अहम लेवल के ऊपर है। हलांकि डॉलर इंडेक्स 99 डॉलर के नीचे है।

अमेरिकी बाजारों में रही बढ़त, निक्केई और कॉस्पी में दबाव

शुक्रवार को अमेरिकी बाजारों में जोरदार तेजी दिखी। डाओ जोंस में 500 प्वाइंट से ज्यादा का उछाल आया। नैस्डैक और S&P में भी हल्की बढ़त रही। वहीं एशिया में मिला-जुला कारोबार देखने को मिल रहा है। कॉस्पी में करीब 1.25 फीसदी की गिरावट के साथ कारोबार हो रहा है। निक्केई फ्लैट कारोबार कर रहा है।

एशियाई करेंसी

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ज़्यादातर एशियाई करेंसी में बढ़त देख रही है। इसमें इंडोनेशियाई रुपिया सबसे आगे है, जिसमें 0.305% की बढ़त हुई है। इसके बाद दक्षिण कोरियाई वॉन (0.216%),ताइवान डॉलर (0.154%),थाई बाहत (0.141%),चीनी रेनमिनबी (0.051%),जापानी येन (0.044%) और मलेशियन रिंगित (0.017%)का नंबर है। सिंगापुर डॉलर में कोई बदलाव नहीं हुआ है। जबकि फिलीपींस पेसो में डॉलर के मुकाबले 0.092% की गिरावट आई है।

लेंसकार्ट और मीशो में बड़ी ब्लॉक डील संभव

लेंसकार्ट में आज 2800 करोड़ रुपये की ब्लॉक डील हो सकती है। 4% डिस्कउंट पर 635 रुपये फ्लोर प्राइस तय की गई है। इसके साथ मीशो में भी करीब 957 करोड़ रुपये की ब्लॉक डील हो सकती है। इसके लिए 4 फीसदी तक के डिस्काउंट पर 197 रुपये के करीब फ्लोर प्राइस तय है। दोनों में बड़े निवेशक हिस्सेदारी बेच रहे हैं।

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शुरू हुई मोबाइल PLI 2.0 स्कीम, सरकार ने जारी किया नोटिफिकेशन

डिक्सन और अंबर जैसी कंपनियों पर आज फोकस रखें। सरकार ने मोबाइल PLI 2.0 स्कीम का नोटिफिकेशन जारी किया है। सरकार 62500 करोड़ रुपये के इंसेंटिव देगी। यह स्कीम एक अप्रैल 2026 से ही लागू होगी और वित्त वर्ष 2031 तक चलेगी। इसके तहत सरकार 5% तक के इंसेंटिव देगीएफआईआई और

डीआईआई फंड फ्लो

21 अगस्त को घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार नौवें सेशन में भी खरीदारी जारी रखी और ₹2,124 करोड़ के शेयर खरीदे, जबकि विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) लगातार दूसरे सेशन में भी नेट सेलर बने रहे और ₹543 करोड़ के शेयर बेचे।

Top Stock Picks : निफ्टी कंपनियों के साथ ग्रोथ की दिक्कत, दीपन मेहता से जाने अब कहां नजर आ रहे कमाई के मौके

Top Stock Picks :मार्केट में इस समय इंडेक्स में पैसा बनना बंद हो गया है। स्टॉक स्पेसिफिक अच्छे मौके बन रहे हैं। लेकिन इंडेक्स तकलीफ में हैं। ऐसे में मार्केट आउटलुक पर चर्चा करते हुए एलिक्सिर इक्विटीज (Elixir Equities) के डायरेक्टर दीपन मेहता ने कहा कि अगर आपको स्टॉक प्राइस में रिटर्न्स चाहिए तो तीन चीजें खोजनी चाहिए और वो तीनों की चीजें हैं सिर्फ ग्रोथ। अब निफ्टी स्टक्स में ग्रोथ नहीं है। आप सॉफ्टवेयर सर्विज देख लीजिए, बैंक्स देख लीजिए या फिर आप सीमेंट कंपनीज देख लीजिए, कहीं पर भी ग्रोथ नहीं है। जहां ग्रोथ नहीं हैं वहां पर पैसा नहीं आएगा। इस समय लोकल इन्वेस्टर्स और एफआईआई का जितना भी पैसा है वह सिर्फ स्मॉल और मिड कैप स्टॉक, आईपीओ और प्राइवेट इक्विटी में जा रहा है। प्रॉब्लम निफ्टी के साथ है और यह स्ट्रक्चरल प्रॉब्लम है, निफ्टी में ग्रोथ नहीं है।

ऐसे में जब तक छोटी-छोटी कंपनियां बड़ी होकर निफ्टी में नहीं आएगी तब तक हमें बाजार में हिस्टोरिकल रिटर्न की तुलना में साइडवेज मूवमेंट या लो रिटर्न्स ही देखने को मिलेंगे। इन बातों को ध्यान में रखते हुए अगर आपको अगले कई सालों तक अपना पोर्टफोलियो बनाना है तो आपको मिड और स्मॉल कैप की अच्छी कंपनियों पर ही फोकस करना होगा। वहीं पर आपको अच्छे रिटर्न मिल सकते हैं। निफ्टी की कंपनियां काफी बड़ी और मैच्योर हो चुकी हैं, अब इनमें बहुत बड़ी ग्रोथ की उम्मीद नहीं है। हमें अब ग्रोथ के लिए क्वालिटी छोटी-मझोली कंपनियों पर नजर रखनी चाहिए।

उन्होंने आगे कहा कि जहां ग्रोथ होगी वहीं पैसा बनेगा और इस समय डिफेंस, इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट, रेलवे स्टक्स, प्लेटफार्म कंपनियों, प्रिसीजन मैन्युफैक्चरिंग, डेटा सेंटर और एआई रिलेटेड कंपनियों में ग्रोथ नजर आ रही है। हमें इन पर फोकस करिए। इस समय बाजार में बहुत सारी माइक्रो इन्वेस्टमेंट थीम्स हैं। एक ही इन्वेस्टमेंट थीम या एक इंडस्ट्री या एक ही ग्रुप में पैसा लगानें से बचें। आपके लिए बहुत सारी माइक्रो इन्वेस्टमेंट थीम में इन्वेस्ट करना जरूरी है। इससे थोड़ी कॉम्प्लेक्सिटी तो आ जाती है लेकिन पोर्टफोलियो में डाइवर्सिफिकेशन भी हो जाता है।

न्यू एज कंपनियों पर बात करते हुए दीपन मेहता ने कहा कि इन पर बहुत गहराई से रिसर्च करने की जरूरत है। इनको ट्रैक करना चाहिए क्योंकि ग्रोथ यहीं पर आ रही है। इनमें से कुछ कंपनियां घाटे में हैं। लेकिन जब ये मुनाफे में आएंगी तो उसके अगले 2-3 साल में इनके मुनाफे में सॉलिड ग्रोथ देखने को मिलेगा,क्योंकि उनकी ऑपरेटिंग लेवेज बहुत ही बढ़िया है। दीपन मेहता ने बताया कि पेटीएम और इटरनल में उनका निवेश है। इसके अलावा उनको इस सेगमेंट में फिजिक्स वाला,लेंस स्टार्ट और मीशो भी अच्छे लग रहे हैं। उनकी इन शेयरों को ट्रैक करने और इनमें बॉस्केट बना कर निवेश करने की सलाह है। उनका कहना है कि अगर इनमें दो-तीन मल्टीबैगर बन गए और बाकी 2-3 अगर अच्छा रिटर्न नहीं देते हैं तो भी बास्केट के रिटर्न काफी बढ़िया आ सकते हैं। इन कंपनियों में आपको कापी लॉन्ग टर्म नजरिए से निवेश करना चाहिए अगले कुछ दशक में इनमें से कुछ कंपनियां कमाल कर सकती हैं।

डिफेंस शेयरों पर बात करते हुए दीपन मेहता ने कहा कि हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स और भारत इलेक्टॉनिक्स तो उनकी कोर होल्डिंग में शामिल हैं, इसके अलावा ड्रोन बनाने वाली कंपनी आइडिया फोर्ज भी उनके पोर्टफोलियो में है। इस सेक्टर की एक और कंपनी पारस डिफेंस पर भी उनकी करीबी से नजर बनी हुई है। इस कंपनी की खास बात ये है कि जितने भी ड्रोन बनते हैं वहां पर इस कंपनी के कैमरे लगते हैं। इस समय यही तीन-चार कंपनियां अच्छी दिख रही हैं। लेकिन कुल मिला कर देखें तो इस समय डिफेंस स्पेस थोड़ महंगा दिख रहा है। हमें इस स्पेस में सही समय के लिए थोड़ा रुकना चाहिए।

शुगर शेयरों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह सेक्टर बहुत साइक्लिकल है। लेकिन अब लग रहा है कि अगले दो तीन क्वार्टर इसके लिए बहुत ही बढ़िया रहेंगे क्योंकि क्लाइमेटिक फैक्टर्स के कारण ब्राजील में आउटपुट कम हो गया है और यहां पर भी ज्यादातर डिप्लॉयमेंट एथेनॉल की ओर जा रही। ऐसे में अगले कुछ क्वार्टर्स इन कंपनियों के लिए बहुत ही अच्छे रहेंगे और अच्छे रिटर्न मिल सकते है। इन कंपनियों में इस समय एक बहुत ही शानदार ट्रेडिंग ओपोरर्चुनिटी दिख रही है।

दीपन मेहता को फार्मा,हेल्थकेयर और डायग्नोस्टिक में भी निवेश के मौके नजर आ रहे है। उनका मानना है कि अपोलो हॉस्पिटल में एक बहुत ही बढ़िया स्प्लिट होने वाला है जिसकी वजह से वैल्यू अनलॉक हो सकती है। इसके नतीजे भी काफी अच्छे आए हैं। यह स्टॉक लॉन्ग टर्म ग्रोथ के नजरिए से काफी बढ़िया दिख रहा है। कैंसर के इलाज के जानी जाने वाली हेल्थ केयर ग्लोबल भी अच्छी कंपनी है। इस पर नजर रहनी चाहिए। डॉक्टर अग्रवाल जिसका मर्जर हो रहा है, थोड़ा महंगा है अभी लेकिन इसके भी पोटेंशियल बहुत ही बढ़िया लगते हैं।

 

Market Insight : शुगर शेयरों में अभी भी गिरावट पर खरीदारी के मौके, दिवाली के आसपास करें मुनाफावसूली

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news :अमेरिका और एशिया से खराब संकेतों के बावजूद गिफ्ट निफ्टी में मजबूती है। यह करीब 70 अंक ऊपर दिख रहा है। इधर FIIs की कैश में हल्की बिकवाली देखने को मिली है लेकिन वायदा में खरीदारी हुई है। हालांकि FIIs के नेट शॉर्ट कॉन्ट्रैक्ट दो लाख 12 हजार के पार चले गए हैं। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

20 अगस्त को भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त वापसी देखने को मिली। US ट्रेज़री यील्ड में कमी और ग्लोबल स्तर पर अच्छे संकेतों के बीच प्रमुख सेक्टरों में खरीदारी हुई,जिससे निफ्टी की लगातार सात सत्रों की गिरावट का सिलसिला थम गया। बाजार की शुरुआत मजबूत रही,लेकिन शुरुआती घंटों में कुछ प्रॉफिट बुकिंग देखी गई। हालांकि,जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ा बाज़ार ने फिर से तेजी पकड़ी और मीडिया,फाइनेंशियल व रियल्टी शेयरों की अगुवाई में निफ्टी ने 24,265.15 का दिन का हाई छुआ। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 628.04 अंक या 0.82 प्रतिशत बढ़कर 77,537.72 पर और निफ्टी 153.55 अंक या 0.64 प्रतिशत बढ़कर 24,231.85 पर बंद हुआ।

US की ईरान पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध की तैयारी

अमेरिका की ईरान पर अब तक के सबसे सख्त प्रतिबंधो की तैयारी है। अमेरिकी वित्त मंत्री ने कहा है कि इतिहास के सबसे कड़े प्रतिबंधों का सोमवार को एलान होगा। ईरान ने कहा कि यह आर्थिक आतंकवाद है। चीन ने भी इसका विरोध किया है। क्रूड 93 डॉलर के पार निकल गया है। सोना-चांदी भी चमके हैं। सोना 4500 डॉलर के पार दिख रहा है।

अमेरिकी बाजारों में तेज गिरावट, बॉन्ड यील्ड फिर 4.7% पर पहुंची

अमेरिका-ईरान के बीच गहराते विवाद से US बॉन्ड यील्ड में फिर उछाल आया है। 10 साल की बॉन्ड यील्ड 4.7% पर पहुंचने से अमेरिकी बाजार नर्वस हो गया है। डाओ जोंस कल 700 प्वाइंट से ज्यादा फिसला। S&P और नैस्डैक भी एक परसेंट फिसले। उधर एशियाई बाजारों में भी नरमी है। निक्केई और कॉस्पी में करीब एक परसेंट का दबाव दिख रहा है।

HDFC बैंक ने बॉन्ड से जुटाए रिकॉर्ड 1.8 बिलियन डॉलर

HDFC बैंक ने तीन और पांच साल के डॉलर बॉन्ड के जरिये रिकॉर्ड पौने दो बिलियन डॉलर्स जुटाए हैं। किसी भारतीय वित्तीय कंपनी का ये सबसे बड़ा डेट इश्यू रहा। HDFC बैंक के बॉन्ड्स के लिए सात बिलियन डॉलर से ज्यादा की बोलियां मिलीं।

Market cues : 24300-24400 के ऊपर टिकने पर ही निफ्टी में आएगी तेजी, 24150 पर दिख रहा तत्काल सपोर्ट

सरकार ने 10 लाख टन चीनी इंपोर्ट को मंजूरी दी

चीनी के दाम काबू में करने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। 10 लाख टन चीनी आयात को मंजूरी दी गई है। 31 अक्टूबर तक बिना किसी ड्यूटी के इंपोर्ट हो सकेगा।

सेबी की नई रिपोर्ट में हुआ खुलासा, F&O में करीब 88% ट्रेडर्स को हुआ घाटा

F&O में रिटेल ट्रेडर्स को अब भी जमकर घाटा हो रहा है। सेबी की नई रिपोर्ट के मुताबिक FY26 में वायदा में करीब 88% ट्रेडर्स को घाटा हुआ। हालांकि F&O में ट्रेडिंग करने वाले भी घटे हैं। इनमें पिछले साल के मुकाबले 18% की कमी आई है। ऑप्शन बॉयर्स के मुकाबले ऑप्शन सेलर्स ने कम नुकसान झेला है।

सचिवों के साथ PM मोदी की हाई लेवल मीटिंग, इंफ्रा, डिफेंस, पोर्ट-लेड डेवलपमेंट पर चर्चा

सचिवों के साथ PM मोदी की हाई लेवल मीटिंग में इंफ्रा,डिफेंस और कनेक्टिविटी पर मंथन हुआ है। पोर्ट-लेड डेवलपमेंट को स्पीड देने के निर्देश दिए गए हैं। पीएम ने कहा कि डिफेंस को ग्लोबल स्टैंडर्ड पर प्रतिस्पर्धी बनाने की जरूरत है। AI के इस्तेमाल पर भी जोर दिया गया है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

20 अगस्त को विदेशी संस्थागत निवेशकों(FIIs)ने ₹583 करोड़ के शेयर बेचे और वे नेट सेलर बने रहे,जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने ₹3,537 करोड़ की नेट खरीदारी करके बाजार को सहारा देना जारी रखा।

Market cues : 24300-24400 के ऊपर टिकने पर ही निफ्टी में आएगी तेजी, 24150 पर दिख रहा तत्काल सपोर्ट

Trade setup for today : लगातार आठ सेशन में 20 अगस्त को पहली बार निफ्टी में बढ़त दिखी और यह 0.64 प्रतिशत बढ़कर 24,200 के लेवल पर पहुंच गया। इंडेक्स 50 डे EMA और हाल की रैली के 50 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल से ऊपर आ गया। मोमेंटम इंडिकेटर्स ने मंदी के रुझान (बेयरिश मोमेंटम) के कमजोर पड़ने के हल्के संकेत दिए। हालांकि,आने वाले सेशन में और खरीदारी के ज़रिए इसकी पुष्टि की जरूरत है। निफ्टी को 24500 और फिर अगस्त के स्विंग हाई तक ऊपर जाने के लिए 24,300-24,400 के रेजिस्टेंस जोन के ऊपर जाना होगा और वहां टिके रहना होगा। ऐसा होने तक कंसोलिडेशन और रेंजबाउंड ट्रेडिंग जारी रह सकती है। इसके लिए 24,150 पर तत्काल सपोर्ट दिख रहा है। इसके बाद 24000 पर दूसरा बड़ा सपोर्ट होगा।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

निफ्टी 50 (24,232) के लिए अहम लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,196, 24,177 और 24,147

पिवट प्वांइट पर आधारित रेजिस्टेंस : 24,258, 24,277 और 24,308

स्पेशल फॉर्मेशन : गैप-अप ओपनिंग और अच्छी बढ़त के बावजूद निफ्टी ने डेली चार्ट पर डोजि जैसा कैंडलस्टिक पैटर्न बनाया,जो बुल्स और बेयर्स के बीच असमंजस की स्थिति को दिखाता है। इंडेक्स ने 50 डे और 100 डे EMA के साथ-साथ 50 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल को तो वापस हासिल कर लिया, लेकिन अभी भी यह 20 डे और 200 डे के EMA से नीचे ही बना हुआ है। RSI बढ़कर 48.33 हो गया लेकिन रेफरेंस लाइन से नीचे ही रहा,जबकि पिछले लगातार छह सेशन में पहली बार रेड MACD हिस्टोग्राम बार हल्का पड़ गया,जिससे मंदी के मोमेंटम में कमी का संकेत मिलता है। हालांकि आने वाले सेशन में इसकी पुष्टि की जरूरत है।

बैंक निफ्टी (57,496) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,647, 57,711 और 57,815

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,440, 57,376 और 57,272

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,685, 58,137

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 57,400, 57,135

स्पेशल फॉर्मेशन : गैप-अप ओपनिंग के बावजूद,बैंक निफ्टी ने कल एक और सेशन में डेली टाइमफ्रेम पर डोजि जैसा कैंडलस्टिक पैटर्न बनाया,जो खरीदारों और विक्रेताओं के बीच अनिश्चितता का संकेत है। इसमें 0.45 प्रतिशत की बढ़त हुई और यह अपने मीडियम और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर बना रहा। यह हाल की तेजी के बाद 38.2 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल के ऊपर तो आ गया,लेकिन 20-डे EMA (57,505) के ऊपर मजबूती से बंद नहीं हो पाया,जो आगे की तेजी के लिए जरूरी है। RSI बढ़कर 50.45 पर पहुंच गया लेकिन सिग्नल लाइन से नीचे ही रहा,जबकि MACD रेफरेंस लाइन से नीचे बना रहा। हालांकि, पिछले लगातार छह सेशन में पहली बार लाल हिस्टोग्राम बार छोटा और हल्का हुआ है,जो मंदी के रुझान में संभावित कमी का संकेत है,लेकिन आने वाले सेशन में इसकी पुष्टि की जरूरत है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

20 अगस्त को विदेशी संस्थागत निवेशकों(FIIs)ने ₹583 करोड़ के शेयर बेचे और वे नेट सेलर बने रहे,जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने ₹3,537 करोड़ की नेट खरीदारी करके बाजार को सहारा देना जारी रखा।

Monetary Policy : अगर महंगाई ऊंचे स्तर पर रही तो RBI ब्याज दरों में कर सकता है बढ़ोतरी – MPC मेंबर

इंडिया VIX

मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाला India VIX 11 के स्तर से नीचे गिरकर 10.76 पर आ गया। इसमें 5.01 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 8 जनवरी,2026 के बाद अपने सबसे निचले क्लोजिंग स्तर पर पहुंच गया। इस महीने VIX अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे भी बना रहा,जो बाजार में कम उतार-चढ़ाव और अपेक्षाकृत कम अनिश्चितता का संकेत देता है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 20 अगस्त को बढ़कर 1.12 हो गया, जबकि पिछले सेशन में यह 0.81 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: बंधन बैंक,मणप्पुरम फाइनेंस,सेल

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : बॉन्ड यील्ड में नरमी से भारतीय बाजारों का भी मूड सुधरा है। गिफ्ट निफ्टी में करीब 100 प्वाइंट की तेजी है। FIIs की कैश में हल्की खरीदारी देखने को मिली है। लेकिन वायदा में बिकवाली दिखी है। उधर अमेरिका में सॉफ्टवेयर कंपनियों में जोरदार खरीदारी आई है। इंफोसिस और विप्रो के ADR दो फीसदी चढ़े हैं। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

19 अगस्त को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में गिरावट का सिलसिला जारी रहा। निवेशक कच्चे तेल की ऊंची कीमतों,ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और लगातार बनी हुई ग्लोबल अनिश्चितता को लेकर चिंतित नजर आए। इंडेक्स गिरावट के साथ खुले और उनमें और गिरावट आई। डिफेंस और एनर्जी सेक्टर के शेयरों में बड़े पैमाने पर बिकवाली के कारण निफ्टी और सेंसेक्स 24,050 और 77,000 के स्तर से नीचे आ गए। हालांकि,इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) शेयरों ने अच्छा प्रदर्शन किया,जिससे कुल गिरावट सीमित रही। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 325.78 अंक या 0.42 प्रतिशत गिरकर 76,909.68 पर और निफ्टी 76.60 अंक या 0.32 प्रतिशत गिरकर 24,078.30 पर बंद हुआ।

SEBI ने दो एंटिटीज पर लगाई रोक, गलत तरीके से कमाए 3.68 करोड़ जब्त किए

मार्केट रेगुलेटर सेबी ने 13 अगस्त को सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी पर हुई गड़बड़ी पर बड़ा एक्शन लिया है। सेबी ने Copthall Mauritius और Mansi Share पर शेयर बाजार में कामकाज पर रोक लगा दी है। मार्केट मैन्युपुलेशन से कमाए गए तीन करोड़ 68 लाख रुपये भी जब्त कर लिए गए हैं।

ईरान के खिलाफ ट्रंप की इकोनॉमिक स्ट्राइक

ईरान के खिलाफ ट्रंप की इकोनॉमिक स्ट्राइक हुई है। ट्रंप ने ईरान पर सबसे बड़े आर्थिक प्रतिबंधो का एलान करते हुए कहा है कि ईरान ने डील करने का मौका गंवा दिया है। ईरान के मददगारों के खिलाफ भी आर्थिक एक्शन होंगे। इस खबर के चलते क्रूड 92 डॉलर के पार चला गया है।

अमेरिका में डबल होगा बॉन्ड बायबैक

अमेरिका में ट्रेजरी डिपार्टमेंट के अगले महीने से बॉन्ड बायबैक दोगुना करने के एलान से अमेरिका बाजारों में तीन दिन की गिरावट पर ब्रेक लग गई। 10 साल और 30 साल की बॉन्ड यील्ड नरम पड़ी है। डाओ जोंस में 100 प्वाइंट से ज्यादा की तेजी दिखी। वहीं एशिया में भी रौनक है। निक्केई में एक परसेंट तो कॉस्पी में पांच परसेंट से ज्यादा का उछाल देखने को मिला है।

सोने और चांदी में जोरदार तेजी

बॉन्ड यील्ड में नरमी और डॉलर इंडेक्स के 99 के नीचे फिसलने से सोने और चांदी में जोरदार तेजी आई है। करीब तीन महीने बाद सोने के भाव 4500 डॉलर के ऊपर निकल गए हैं। चांदी के भाव भी 66 डॉलर के ऊपर आ गए हैं।

जापान के साथ बढ़ेगा रक्षा सहयोग, BEL की जापानी कंपनी से साझेदारी पर चर्चा संभव

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की आज जापान के डिफेंस मिनिस्टर के साथ अहम बैठक है। इसमें आपसी सहयोग बढ़ाने पर जोर होगा। जापानी कंम्यूनिकेशन सिस्टम UNICORN के तकनीक ट्रांसफर के लिए BEL के साथ साझेदारी पर चर्चा होगी।

LIC को HDFC बैंक में हिस्सेदारी बढ़ाने को मंजूरी

HDFC बैंक में आज एक्शन दिख सकता है। RBI ने LIC को बैंक में हिस्सेदारी बढ़ाकर करीब 10% करने की मंजूरी दे दी है। अभी LIC की बैंक में 4.11% हिस्सेदारी है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार दूसरे सेशन में भी खरीदारी जारी रखी और 19 अगस्त को 407 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार सातवें सेशन में भी खरीदारी का सिलसिला जारी रखा और भारतीय शेयरों में 3,973 करोड़ रुपये का निवेश किया।

 

 

Market cues : बाजार पर मंदड़ियों की पकड़ और मजबूत होने के संकेत, 23850-23600 तक गिर सकता है निफ्टी

जुलाई में विदेशी निवेशकों ने कंज्यूमर सर्विस,हेल्थकेयर और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में किया खूब निवेश, जानिए कहां से हुई इनकी निकासी

जुलाई महीने में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने कुछ खास सेक्टर में अपना निवेश बढ़ाया है। इस दौरान कंज्यूमर सर्विस,हेल्थकेयर और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में इनकी तरफ सबसे ज्यादा नेट इक्विटी निवेश किया गया है। वहीं,कैपिटल गुड्स और टेलीकम्युनिकेशन सेक्टर में इनकी सबसे अधिक बिकवाली देखने को मिली है।

 FPI की पोजीशनिंग में भी बदलाव

जुलाई में FPI की पोजीशनिंग में भी बदलाव आया है। महीने के दूसरे आधे हिस्से में इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में इनकी तरफ से जबरदस्त खरीदारी हुई है। वहीं, मेटल्स और माइनिंग सेक्टर में महीने के पहले हिस्से में हुई खरीदारी के विपरीत दूसरे हिस्से में बिकवाली देखने को मिली है।

कंज्यूमर सर्विस सेक्टर में हुआ सबसे ज्यादा नेट FPI निवेश 

जुलाई में कंज्यूमर सर्विस सेक्टर में सबसे ज्यादा नेट FPI निवेश रहा है। इस सेक्टर में इस दौरान 10,201 रुपए करोड़ की खरीदारी हुई है। इस सेक्टर में 1 से 15 जुलाई के बीच 7,361 करोड़ रुपए और महीने के दूसरे हिस्से में 2,840 करोड़ रुपए का FPI निवेश आया है।

हेल्थकेयर सेक्टर  पर भी आया FPI का दिल

हेल्थकेयर सेक्टर इस मामले में दूसरे नंबर पर रहा। इसमें FPIs का नेट निवेश 7,731 करोड़ रुपए रहा। इस सेक्टर में FPIs ने पहले हिस्से में 4,101 करोड़ रुपए और दूसरे हिस्से में 3,630 करोड़ रुपए का निवेश किया है।

कंज्यूमर ड्यूरेबल्स  भी आया पसंद

महीने के आगे बढ़ने के साथ ही कंज्यूमर ड्यूरेबल्स की खरीदारी में तेजी आई। FPIs ने 1-15 जुलाई के दौरान इस सेक्टर में 2,384 करोड़ रुपये और महीने के दूसरे हिस्से में 4,958 करोड़ रुपये का निवेश किया,जिससे इसमें महीने का कुल नेट निवेश 7,342 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

मेटल्स और माइनिंग में सेक्टर में भी हुई खरीदारी

मेटल्स और माइनिंग में सेक्टर में महीने के पहले हिस्से में 5,993 करोड़ रुपए का निवेश हुआ। जिसके बाद FPIs ने महीने के दूसरे आधे हिस्से में 1,056 करोड़ रुपए की नेट बिकवाली की,जिससे जुलाई में इस सेक्टर में 4,937 करोड़ रुपए का नेट निवेश देखने को मिला।

महीने के दूसरे पखवाड़े में इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बढ़ी खरीदारी 

महीने के दूसरे हिस्से में इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी सेक्टर में भी खरीदारी में तेजी देखने को मिली। जुलाई के पहले पखवाड़े में सिर्फ 60 करोड़ रुपये के नेट इन्वेस्टमेंट के बाद, FPIs ने दूसरे हिस्से में 3,298 करोड़ रुपये का निवेश किया,जिससे जुलाई में इस सेक्टर में होने वाला कुल निवेश 3,358 करोड़ रुपये हो गया।

इस महीने कंस्ट्रक्शन मटीरियल में 2,445 करोड़ रुपए का FPI निवेश आया,जिसमें से 1,574 करोड़ रुपए पहले पखवाड़े में और 871 करोड़ रुपए दूसरे पखवाड़े में आए।

जुलाई में सर्विस सेक्टर में 2,323 करोड़ रुपए की नेट खरीदारी देखने को मिली। FPIs ने पहले पखवाड़े में इस सेक्टर में 2,353 करोड़ रुपए का निवेश किया,जबकि दूसरे पखवाड़े में 30 करोड़ रुपए की मामूली बिकवाली की।

फाइनेंशियल सर्विसेज में हुई बिकवाली

असेट अंडर कस्टडी (AUC) के आधार पर FPI पोर्टफोलियो के सबसे बड़े सेक्टर,फाइनेंशियल सर्विसेज़ में जुलाई में 694 करोड़ रुपये की नेट बिकवाली हुई। FPIs ने महीने के पहले हिस्से में 1,975 करोड़ रुपये के फाइनेंशियल सर्विसेज़ स्टॉक्स खरीदे,लेकिन दूसरे हिस्से में 2,669 करोड़ रुपये के स्टॉक्स बेचे।

जुलाई के आखिर में इस सेक्टर का AUC 21.13 लाख करोड़ रुपए था। जबकि 15 जुलाई को यह 21.39 लाख करोड़ रुपए पर था। फिर भी FPI पोर्टफोलियो में यह सेक्टर सबसे बड़ा निवेश वाला सेक्टर बना रहा।

कई दूसरे सेक्टर में भी भारी बिकवाली हुई। जुलाई में कैपिटल गुड्स सेक्टर से 6,275 करोड़ रुपए की नेट FPI निकासी हुई,जबकि टेलीकॉम सेक्टर में 5,725 करोड़ रुपए की बिकवाली दर्ज की गई। पावर सेक्टर में 2,863 करोड़ रुपए की नेट बिकवाली हुई।

FPI AUC में फाइनेंशियल और ऑटो सेक्टर का हिस्सा सबसे ज्यादा रहा

फाइनेंशियल सेक्टर के अलावा,ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट्स का FPI AUC में 5.40 लाख करोड़ रुपये का हिस्सा रहा। इसके बाद हेल्थकेयर का नंबर आता है, जिसका हिस्सा 5.33 लाख करोड़ रुपये रहा। फिर कैपिटल गुड्स का हिस्सा 4.89 लाख करोड़ रुपये रहा।

जुलाई के आखिर में इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी का इक्विटी AUC 3.93 लाख करोड़ रुपये रहा जबकि कंज्यूमर ड्यूरेबल्स का AUC 1.98 लाख करोड़ रुपये रहा। रियल्टी सेक्टर का हिस्सा भी काफी बड़ा रहा,जो 1.54 लाख करोड़ रुपये पर रहा।

 

Market cues : निफ्टी के लिए 24200 पर तत्काल सपोर्ट, इसके नीचे जाने पर आ सकती है भारी गिरावट

Market cues : निफ्टी के लिए 24200 पर तत्काल सपोर्ट, इसके नीचे जाने पर आ सकती है भारी गिरावट

Trade setup for today : 17 अगस्त को निफ्टी में लगातार पांचवें ट्रेडिंग सेशन में भी गिरावट का सिलसिला जारी रहा और यह 0.32 फीसदी गिरकर बंद हुआ। हालांकि,ट्रेडिंग सेशन के दूसरे हिस्से में इसने कुछ रिकवरी की। निफ्टी के शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड करने और बेयरिश मोमेंटम के धीरे-धीरे मजबूत होने के कारण,ऐसा लगता है कि शॉर्ट टर्म में कंसोलिडेशन के बीच बाजार में कमजोरी बनी रहेगी। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 24,200 पर है। इस लेवल के नीचे जाने पर निफ्टी में भारी बिकवाली का दबाव बन सकता है और इंडेक्स 24,000 के लेवल की ओर फिसल सकता है। ऊपर की तरफ इसके लिए 24,400-24,500 के जोन में तत्काल रेजिस्टेंस दिख रहा है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

निफ्टी 50 (24,288) के लिए अहम लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,241, 24,209 और 24,158

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,342, 24,374 और 24,425

स्पेशल फॉर्मेशन : डेली टाइमफ्रेम पर निफ्टी ने लोअर शैडो के साथ एक बेयरिश कैंडल बनाई,जो निचले स्तरों पर खरीदारी आने के बावजूद कमजोरी का संकेत है। इंडेक्स अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज और बोलिंगर बैंड्स की मिडलाइन से नीचे गिर गया। हालांकि, यह अभी भी 50-डे और 100-डे EMA से ऊपर बना हुआ है,जो अगले सपोर्ट लेवल हैं। RSI गिरकर 49.26 पर आ गया,जबकि MACD का बेयरिश क्रॉसओवर और मज़बूत हुआ और हिस्टोग्राम बार लगातार तीसरे सेशन में बढ़ा। इन सबसे पता चलता है कि शॉर्ट-टर्म ट्रेंड कमजोर बना हुआ है और बेयरिश मोमेंटम धीरे-धीरे बढ़ रहा है।

बैंक निफ्टी (57,498) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,702, 57,852 और 58,096

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,215, 57,064 और 56,821

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,685, 58,137

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 57,135, 56,870

स्पेशल फॉर्मेशन : बैंक निफ्टी ने ट्रेडिंग सेशन के दूसरे हिस्से में अपने नुकसान को रिकवर किया और 7 पॉइंट ऊपर बंद होने में कामयाब रहा। डेली चार्ट पर इसने लॉन्ग अपर और लोअर शैडो वाली बुलिश कैंडल बनाई जो हाई वेव कैंडलस्टिक पैटर्न जैसी दिखती है और तेजड़ियों और मंदड़ियों के बीच असमंजस की स्थिति का संकेत है। इंडेक्स अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे आ गया,लेकिन मीडियम और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से काफी ऊपर ट्रेड करता रहा। इससे पता चलता है कि शॉर्ट-टर्म में सावधानी बरतने की ज़रूरत है। जबकि ओवरऑल स्ट्रक्चर पॉजिटिव बना हुआ है। मोमेंटम इंडिकेटर मार्केट के एक दायरे में रहने का संकेत दे रहे हैं। डेली RSI एक सीमित दायरे में ऊपर-नीचे हो रहा है,जिससे पता चलता है कि मार्केट में किसी खास दिशा की ओर कोई साफ झुकाव नहीं है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

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इंडिया VIX

मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाला India VIX लगातार चार सेशन तक गिरने के बाद 0.18 प्रतिशत बढ़कर 11.325 पर पहुंच गया,लेकिन यह अभी भी काफी निचले स्तर पर बना हुआ है। इससे पता चलता है कि हाल ही में उतार-चढ़ाव बढ़ने के बावजूद,मार्केट में निकट भविष्य की अनिश्चितता सीमित बनी हुई है।

Trading Plan:कमजोर शुरुआत के बाद बाजार में रिकवरी का मूड, जानिए कल के लिए क्या हो ट्रेडिंग रणनीति

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 17 अगस्त को बढ़कर 0.99 हो गया,जबकि पिछले सेशन में यह 0.98 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: बंधन बैंक,लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया,मनप्पुरम फ़ाइनेंस और SAIL

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।